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Incest विदाउट रूल्स फैमिली लव अनलिमिटेड
कुछ देर मे तरुण वापस आता है.. ऑर अपने रूम की ऑर चल
देता है.. अपने रूम मे पहुच कर उसे याद आता है कि आज कामिनी ऑफीस जाने वाली है.. मतलब उसके बाद तरुण ऑर
तन्नू घर मे अकेले रहेंगे. तरुण के पास अभी अच्छा
मोका है की वो तन्नू से सारी बात क्लियर करके उसे मना
सकता है.. वो भाग कर नीचे आता है… ऑर टीवी के सामने बैठ
जाता है.. तरुण वेट करने लगता है की कामिनी कब ऑफीस के
लिए निकलेगी..
ऐसे ही टाइम बीत रहा है,.. कामिनी अपनी कमरे मे है. तन्नू
किचन मे काम कर रही है.. तरुण से अब वेट नही हो रहा
है.. वो कामिनी से ये पूछने की वो कब ऑफीस जाएँगी.
कामिनी के रूम मे चला जाता है.. वहाँ कामिनी नही है..
तरुण को तुरंत अंदाज़ा लग जाता है. की कामिनी बाथरूम मे
है. लेकिन तरुण के घुसते ही शवर की आवाज़ बंद हो जाती
है.. शायद कामिनी बाथरूम से बाहर आने वाली है.. तरुण
तुरंत वहाँ से बाहर भाग जाता है.. कामिनी टवल मे बाहर
निकलती है..
तरुण अभी गेट पर खड़ा है. उसकी आखे फटी की
फटी रह जाती है. कामिनी को ऐसे देख कर कामिनी अभी स्वर्ग
से उतरी हुई अप्सरा लग रही है.. तरुण का मन डोल रहा है..
लेकिन तरुण अपने आप को कंट्रोल मे रखता है. ऑर वहाँ से
घूम कर वापस सोफे पर आ कर बैठ जाता है. कुछ देर बाद
कामिनी ऑफीस यूनिफॉर्म मे बाहर आती है..
कामिनी- “ तन्नू मैं ऑफीस जा रही हू.. लेट आउन्गी.. तुम घर
का सारा काम संभाल लेना..”
तन्नू- “ जी मोम “
कामिनी- “ ऑर तरुण तुम टाइम पर टिया को स्कूल से ले आना..
लेट मत करना “
तरुण- “ ओके मोम “
इतना कह कर कामिनी वहाँ से दोनो बच्चो को बाइ बोल कर
निकल जाती है… तरुण गेट पर जाता है ऑर कामिनी के जाने को
कनफॉर्म करता है.. कामिनी की कार की आवाज़ आती है.. तरुण
समझ जाता है की कामिनी चली गयी है..
अभी तन्नू ऑर तरुण घर मे अकेले है…अब तरुण ऑर तन्नू घर मे अकेले है.. तन्नू किचेन मे
बर्तन साफ कर रही है. तरुण वहाँ किचन मे आता है.. ऑर
तन्नू के साइड मे खड़ा हो जाता है.. तन्नू एक नज़र तरुण
पर डालती है. उसके फेस पर कोई एक्सपीरियंस नही है.. वो
वापस बर्तन साफ़ करने मे बिज़ी हो जाती है.. तरुण अब तरसी
हुई नज़रों से तन्नू की ऑर देख रहा है.
तरुण को लग रहा है की तन्नू अभी उस पर गुस्सा करेगी..
उसे डाँटेगी.. ऑर अपने दिल का सारा दर्द बाहर निकाल देगी..
लेकिन तरुण ग़लत है.. तन्नू अंदर से काफ़ी स्ट्रॉंग है.. उसने
अपने दर्द को बाहर जाहिर होने नही दिया.. ऑर अपने काम मे
बिज़ी रही… तरुण कुछ देर तक तन्नू के कुछ बोलने का वेट
करता है.. लेकिन तन्नू कुछ नही बोलती.
अभी तन्नू ने अपना काम ख़त्म कर लिया है. ऑर वो वहाँ से
बाहर जाने लगती है. लेकिन तरुण रास्ते मे खड़ा है.
तरुण के फेस पर तन्नू की नाराज़गी का दर्द है.. लेकिन तन्नू को
इससे कोई फ़र्क नही पड़ रहा है.
तन्नू तरुण को साइड मे धक्का देती है.. ऑर वहाँ से जाने
लगती है… तरुण तन्नू का हाथ पकड़ लेता है.. तन्नू अपना
हाथ छुड़ाने की कोशिश कर रही है.
तन्नू- “ भाई मेरा हाथ छोड़ो “
तरुण- “ नही दी पहले आप मेरी बात सुनो “
तन्नू- “ भाई मेरा हाथ छोड़ो.. वरना अच्छा नही होगा. “
अब तरुण तन्नू को घुमा कर सामने खड़ा करता है.. ऑर
उसके कंधो को पकड़ कर..
तरुण- “ वरना आप मुझे मारेंगी.. जैसे सुबह मारा था..”
इतना कह कर तरुण रुकता है..
तरुण- “ दी आप मुझे कितना भी मार ले. लेकिन मैं आपको
जब तक नही छोड़ूँगा.. जब तक आप मेरी बात नही मान लेती
है.. “
तन्नू- “ मुझे तुमसे कोई बात नही करनी है..”
तरुण- “ प्लीज़ दी… एक बार मेरी बात सुन लो.. उसके बाद जो
भी आप का फ़ैसला होगा मैं मान लूँगा. “
अब तन्नू का गुस्सा कम हो रहा है लेकिन उसका दर्द बढ़
रहा है.. वो तरुण को धक्के से अलग करती है.
तन्नू- “ मैने एक बार बोल दिया ना.. मुझे तुमसे कोई बात
नही करनी.. ऑर तुम भी मुझसे कभी बात करने की कोशिश
मत करना..”
ये कहते हुए तन्नू की आखो से आसू बह रहे है.. तन्नू
के आसुओ का बाँध अब टूट चुका है..
तरुण- “ दी……”
तरुण कुछ ऑर बोलता.. इससे पहले ही तन्नू फिर से रोते हुए..
चिल्लाति है..
तन्नू- ( रोते हुए उची आवाज़ मे) “ भाई तुम ने मेरे विश्वास
को थोड़ा है.. मेरे प्यार की इन्सल्ट की है.. . मैं इसके लिए
तुम्हे कभी माफ़ नही करूँगी..”
इतना कहते हुए.. तन्नू रोने लगती है.. ऑर ऑर नीचे मुँह कर
अपने दोनो हाथ से मुँह को छुपा लेती है…
तब तरुण उसके पास आता है.. ऑर तन्नू के कंधे पर हाथ रखता है..
तभी एक चटाक तेज जोरदार थप्पड़ तरुण के गाल पर पड़ता
है.. ये तन्नू ने दिया है ऑर तन्नू थोड़ा दूर हो जाती है..
तन्नू- “ डॉन’ट यू डेर टू टच मी …… तुम एक करेक्टरलेस
लड़के हो.. जो किसी भी लड़की के साथ कुछ भी कर सकता है…
तुम किसी के प्यार के काबिल नही हो…”
इतना कह कर तन्नू अपने आसू पोंछ लेती है.. ऑर अब तन्नू ने
अपने दर्द को दोबारा कंट्रोल कर लिया है..
तरुण अभी वही सर झुकाए खड़ा है.
तन्नू- “ ऑर तुम्हारे लिए मैं आसू बाहर कर खुद की ऑर इन्सल्ट
नही करूँगी.. तुम्हारे लिए बहने वाले आसू सिर्फ़ वेस्ट है..
ऑर कभी मुझसे बात करने की कोशिश भी मत करना.”
इतना कह कर तन्नू वहाँ से अपने रूम की ऑर चली जाती है..
तरुण अभी भी अपनी सफाई मे कुछ नही कह पाया.. वो बस
तन्नू की बातो को सुन रहा था. उसे वो सब बाते काटो की
तरह चुबी है.. उसे अब तन्नू के दर्द का अहसांस हुआ है..
तरुण का दिल भी अब रो रहा है.. उसकी आखो मे आंसुओं की धार
बहने लगी है..तरुण अभी भी वही खड़ा रो रहा है. उसे सोचा हुआ प्लान
उसी पर उल्टा पड़ गया. उसने कभी नही सोचा था ऐसा
होगा…
उसके दिल दिमाग़ मे तन्नू की बोली हुई बाते घूम रही है,..
इससे उसे ऑर दर्द ऑर शर्मिंदगी हो रही है.. लेकिन तरुण
अपनी आखो के आसू पोछता है. ऑर तन्नू के रूम की ऑर
देखता है. तरुण खुद के इमोशंस को कंट्रोल करता है.
ऑर तन्नू के बारे मे सोचता हुआ.. तन्नू के रूम की ऑर चल
देता है.
तन्नू का रूम अंदर से लॉक है. तरुण डोर पर नॉक करता
है. लेकिन अंदर से कोई रेस्पॉन्स नही आता.. तरुण फिर से
नॉक करता है.. इस बारे अंदर से तन्नू की आवाज़ आती है..
तन्नू- “ भाई यहा से चले जाओ मुझे तुमसे कोई बात नही
करनी.. “
तरुण को अब समझ नही आ रहा है की क्या करे.. तरुण वही
दरवाजे पर अपना सर टिका कर खड़ा हो जाता है…
अंदर तन्नू भी दरवाजे के पास खड़ी है.. तरुण अपने
आसू पोछता है.. ऑर एक लंबी साँस लेता है..
तरुण- (धीरे से) “ दी “
तन्नू कुछ नही बोलती
तरुण- “ दी मुझे पता की मुझे बहुत बड़ी ग़लती हुई है..
शायद मैं माफी के काबिल भी नही हू.. लेकिन हर मुज़रिम को
अपनी बात रखने का एक चान्स दिया जाता है.. “
इतना कह कर तरुण रुक जाता है..
अभी तन्नू की आखो से आसू निकलने लगे है.. वो सुबक़ सुबक़ कर रो रही है…उसकी ये
आवाज़ तरुण को सुनाई दे रही है.. इससे तरुण की आखो से भी
2 आसू निकल आते है..
तरुण एक लामिबी साँस लेता है.. ऑर बोलना स्टार्ट करता है.
तरुण- “ दी मैने जो किया शायद वो ग़लत है.. लेकिन एक बात
जो मैं आपको बताना चाहता हू.. वो ये है की जितना प्यार मैं
आपसे करता हू. उतना ही प्यार मैं टीना दी से भी करता हू. “
तरुण-( थोड़ा रुक कर) “ टीना दी ने मुझे बचपन से प्यार
किया है.. .. शायद ये प्यार तब से है जब हमें पता भी
नही था की प्यार होता क्या है……. लेकिन दूसरी ये बात भी
सच है.. की जब से मुझे पता चला है की प्यार क्या होता
है.. तब से मैं सिर्फ़ आप के सपने देख रहा हूँ.. मैं आपको
ही अपना जीवनसाथी मानता हू.. लेकिन मैं टीना दी के प्यार को
भी नही नकार सकता … मैं उनके साथ अन्याय नही कर सकता
है.. मेरी ग़लती ये है की.. मैने आपको पहले नही बताया..
लेकिन जो मुझसे हुआ है.. वो एक ऐसी सिचुयेशन थी.. जब मैं
एमोसनल्ली बहुत वीक था.. इसलिइए मुझसे वो ग़लती हो
गयी..“
अभी तन्नू अंदर खड़ी हुई रो रही है.. वो अपने बचपन
के बारे मे सोच रही है.. उसे टीना ऑर तरुण के बचपन के
मीठे पल याद आते है.. तन्नू भी ये बात समझ चुकी है
की तरुण पर पहला हक़ टीना का ही है… लेकिन उसका दिमाग़ ये
मानने को तैयार नही है.. तन्नू के दिल ने तरुण को माफ़
कर दिया है.. तन्नू चाहती है की वो डोर ओपन करके तरुण
को अपने गले से लगा ले.. लेकिन उसका दिमाग़.. उसे ऐसा करने
से रोक रहा है.
तरुण- “ दी मैं आप दोनो से बहुत प्यार करता हू.. ऑर मैं
आप दोनो की आखो मे आसू भी नही देख सकता… आप
प्लीज़ मुझे माफ़ कर दो..”
इतना सुन कर तन्नू झट से डोर का लॉक ओपन करने ही वाली थी
की.. वो रुक गयी.. वो अभी कन्फ्यूज़ हो गयी है. उसका दिमाग़
उसका साथ नही दे रहा है.. वो ऐसे ही वहाँ खड़ी रो रही है..
तरुण- “ दी आप जब तक मुझे माफ़ नही कर देती.. मैं यही
बैठा हू. आपके गेट पर..”
इतना बोल कर तरुण वही दीवार पर अपनी कमर लगा कर बैठ जाता
है.. ऑर अपनी सिचुयेशन के बारे मे सोचने लगता है..
अंदर तन्नू ये सुन कर सोच रही है की तरुण कुछ देर मे
थक कर अपने रूम मे चला जाएगा.. इसलिए वो वापस अपने
बेड पर आ कर लेट जाती है.. ऑर एक तकिया को टाइट पकड़ कर रोनेलगती है.. ऐसे ही कुछ देर मे तन्नू को नींद आ जाती है..
अंदर तन्नू ये सुन कर सोच रही है की तरुण कुछ देर मे
थक कर अपने रूम मे चला जाएगा.. इसलिए वो वापस अपने
बेड पर आ कर लेट जाती है.. ऑर एक तकिया को टाइट पकड़ कर रोने
लगती है.. ऐसे ही कुछ देर मे तन्नू को नींद आ जाती है.
कुछ घंटो के बाद तन्नू की नींद खुलती है. तन्नू उठ कर
बैठ जाती है. अब तन्नू अपने गालो पर पड़े आसुओ के निसानो
को पोछते हुए. मिरर के सामने खड़ी हो जाती है.. तन्नू
अपनी आप को ठीक कर रही है.. तभी उसकी नज़र घड़ी पर पड़ती
है. उसमे 1:30 हो रहा है… तन्नू को तरुण के बारे मे
याद आता है. वो जल्दी से अपना डोर ओपन करके देखती है..
वहाँ तरुण दीवार का सहारा लिए बैठा है. वो अभी नींद
मे है.. ऐसे ही बैठा हुआ नींद की झपकी ले रहा है.. ये
देख कर तन्नू का सारा गुस्सा गायब हो जाता है ऑर उसके मन
मे तरुण के लिए प्यार ऑर ज़्यादा बढ़ गया.. तन्नू तरुण के
पास जा कर बैठ जाती है.. ऑर तरुण के एक गाल पर अपना हाथ
रखती है..
तरुण इस हरकत से जाग जाता है.. क्योंकि अभी उसकी नींद बहुत
कच्ची थी.. तरुण जैसे ही तन्नू को देखता है.. तरुण फिर से
तन्नू को माफी माँगने वाले एक्सप्रेशन से देखता है..
तरुण के जागते ही. तन्नू तरुण से हट कर थोड़ा दूर खड़ी हो
जाती है.
अभी तरुण कुछ बोलने ही वाला था. की तन्नू उसे दाता देती
है.
तन्नू- “ तुम को टिया को स्कूल से ले कर आना है ना.. जल्दी
जाओ.. तुम लेट हो गये हो..”
तरुण- “ दी पहले आप बताओ आपने मुझे माफ़ किया या नही.. “
तन्नू- “ हम नाइट मे उस बारे मे बात करेंगे. “
ये सुन कर तरुण को थोड़ी राहत मिली.. ऑर तरुण अपने रूम की
ऑर भागा. वहाँ से ड्रेस चेंज करके.. जल्दी से बाहर बाइक ले कर टिया के स्कूल की ऑर निकल गया
अभी जाते टाइम तरुण के मन में टिया को ले कर टेंशन हो रही
है.. बेकोज़ वो 30 मिंट्स से ज़्यादा लेटा हो गया है. तरुण
ऐसा सोचते हुए ही.. अपनी बाइक की स्पीड ऑर बढ़ा देता है..
कुछ ही देर मे तरुण टिया के स्कूल पहुच जाता है..
तरुण साइड मे बाइक खड़ी करता है.. टिया वहाँ स्कूल गेट
के पास खड़ी रो रही है तरुण जल्दी से बाइक से उतरता है. ऑर
भागता हुआ टिया के पास जाता है.. ऑर टिया को अपने सीने से
लगा लेता है..
टिया की आखो से आसू बह रहे है.. वो बहुत डरी हुई है.
थोड़ी देर मे टिया तरुण से अलग होती है. ऑर तरुण की छाती मे
मुक्के मारने लगती है.. तरुण ऐसे ही वो मुक्के ख़ाता
रहता है.. ऑर थोड़ी देर मे टिया रुक कर वापस तरुण को अपने
गले से लगा लेती है.. तरुण टिया को ऐसे ही अपनी गोद मे
उठाता है. ऑर बाइक की ऑर चल देता है.. टिया अब शांत हो गयी
है. तरुण टिया को बाइक पर बैठा देता है.. टिया थोड़ा
कंफर्टेबल हो कर बैठ जाती है..
टिया- “ भाई तुम ने इतनी देर लगा दी.. मुझे बहुत डर लग
रहा था. मैने सोचा तुम मुझे लेने ही नही आओगे. “
तरुण टिया के आँसुओं के निसानो को पोछता हुआ..
तरुण- “ अरे ऐसे कैसे नही आता.. मेरी प्यारी बहन के लिए
तो मैं जहन्नुम से भी वापस आ जाउन्गा “
टिया- “ ह्म तो इतना लेट कैसे हो गये.. मुझे लगा तुम
मुझे भूल गये. “
तरुण- “ अले मैं अपनी छोटी बहन को कैसे भूल सकता हू. “
टिया- “ तो लेट कैसे हो गये “
तरुण- “ वो बाइक पन्चर हो गयी थी. अब चल घर चलते है
काफ़ी लेट हो गये “
इतना कह कर तरुण बाइक स्टार्ट करता है ऑर घर की ऑर चल देता
है. कुछ दूर चलने पर
टिया- “ भाई आज मुझे आइस-क्रीम नही खिलाओगे “
तरुण- “ टिया हम बहुत लेट हो गये है. तुम घर चल कर
आइस-क्रीम खा लेना
“टिया- “ भाई तुम्हारी वजह से मैं वहाँ इतनी गर्मी मे धूप
मे खड़ी थी. ऑर तुम ऐसा बोल रहे हो.. मुझे अभी खानी
है. “
तरुण- “ ओके बाबा ओके “
कुछ दूर चलने पर
टिया- “ भाई आगे तो कोई आइस-क्रीम की शॉप नही है.. आप आइस
क्रीम पार्लर की ऑर चलो जल्दी. “
तरुण- “ चल रहा हू “
कुछ देर बाद तरुण आइस-क्रीम पार्लर के पास बाइक रोकता
है.. ऑर दोनो बाइक से उतरते है
तरुण- “ टिया तुम यही रूको मैं आइस-क्रीम ले कर आता हू. फिर
घर चलते है. “
टिया- “ भाई यही खा कर चलते है “
तरुण- “ नही इतना टाइम नही है.. तुम रूको मैं आता हू “
इतना बोल कर तरुण अंदर चला जाता है..वहाँ तरुण काउंटर
आइस-क्रीम का ऑर्डर देता है.. ऑर वही खड़ा चारो ऑर नज़रे
घुमा रहा है…. तभी उसे वहाँ तानिया कुछ लोगो के
साथ बैठी नज़र आती है.. वहाँ तानिया ऑर उसके साथ एक
लड़की.. ऑर 3 लड़के बैठे है.. तानिया का फेस दूसरी ऑर है.. वो
तरुण को नही देख पा रही है..
तरुण तानिया को ज़्यादा लाइक नही करता है.. इसलिए उसने उन्हे
इग्नोर करना ही सही समझा. लेकिन तरुण उन्हे इग्नोर नही कर
पा रहा है.. उसे याद आता है की तानिया की लाइफ मे कुछ
प्रॉब्लम चल रही है. शायद यहा उसे कुछ पता चल
सकता है.. इसलिए वो एक कोल्ड ड्रिंक ले कर वही टेबल पर बैठ
जाता है.. तानिया अभी भी उसे नही देख पर रही है.
वहाँ तानिया ऑर वो लड़की ऐसे बैठे है. जैसे कोई उनकी
रैगिंग ले रहा है. तरुण अपना फेस दूसरी ऑर घुमा लेता है.
तभी एक तेज चटाक थप्पड़ की आवाज़ आती है..
तरुण अपना फेस घुमा कर देखता है. ये थप्पड़ तानिया ने
वहाँ बैठे एक लड़के को मारा है.. इससे वहाँ बैठी लड़की ऑर
बाकी दो लड़के भी खड़े हो गये… वो तानिया को गुस्से से
देख रहे है. वो लड़की तानिया को वहाँ से चलने के लिए बॉलरही है.
वो लड़की तानिया का हाथ पकड़ कर वहाँ से खिचती
हुई ले जाने लगती है. तभी वहाँ खड़े एक लड़के ने तानिया का
हाथ पकड़ लिया ऑर उसे झटके से टेबल की ऑर गिराने की कोशिश
की… लेकिन तानिया ने खुद को संभाल लिया.
तभी तरुण तेज बोल पड़ता है
तरुण- “ तानिया कुछ हेल्प चाहिए क्या. “
वहाँ खड़े तीनो लड़के तरुण की ऑर देखता है.. उन 3 लड़को
में से एक लड़के की आखो मे तरुण को देख कर ही डर दिखाई
देने लगता है..
लेकिन उनमे से एक लड़का जिसे तानिया ने थप्पड़ मारा था.. वो
तरुण से
लड़का1- अबे तू हेल्प करेगा… साले को इतना मारूँगा
कि पहचान नही पाएगा..”
इतना बोल कर वो लड़का वहाँ से खड़ा होने तरुण को ऑर आता
है. लेकिन डरा हुआ लड़का हम से रोकने के लिए बोल रहा है
लड़का 2- “ अरे यार चल चलते है.. इससे पंगा मत ले..यार… “
लड़का 1- “ चल बे ये क्या टॉप है “
जैसे ही वो लड़का तरुण के पास आता है तरुण कोल्ड्रींक की
बॉटल उसके सर पर फोड़ देता है. उसके बाद उसके गाल पर एक
जोरदार थप्पड़ मारता है ..ये थप्पड़ इतना जोरदार था की लड़के
का सर दूर टेबल मे जा कर लगता है.. अब उसमे दोबारा उठने की
हिम्मत नही है.. तरुण बाकी दो लड़को की ऑर देखता है.. ..
जिसमे से जो लड़का डरा हुआ था.. वो वहाँ से भाग गया.. ऑर
दूसरा भी सिचुयेशन को देख कर भाग गया..
तानिया वही खड़ी शोक मे है.. ऑर तरुण को आखे फाड़ फाड़
कर देख रही है.. तरुण वापस काउंटर पर जाता है ऑर वहाँ
पेमेंट करके आइस-क्रीम ले कर बाहर चला जाता है. तानिया
वही खड़ी तरुण को जाते हुए देख रही है.. तानिया के साथ
जो लड़की है वो कभी तरुण की ऑर देखती कही तानिया की ऑर..
तरुण वहाँ से बाहर आ जाता है… टिया भागती हुई तरुण के
पास आती है
टिया - “ भाई देखो तानिया दी की कार.. वो भी यही है. “
तरुण- (थोड़ा रूड होते हुए ) “ हा यही है “
कुछ देर मे तानिया ऑर वो लड़की साथ मे वहाँ आते है..
तानिया की आखे नम है तरुण उन्हे देखता है
तरुण- “ तानिया अभी घर जा रही हो क्या “
तानिया हा मे सर हिला देती है
लड़की – “ हाई आई आम पारिया. मैं तानिया की कॉलेज फ्रेंड हू “
तरुण- “हैल्लो “
पारिया- “ तुम ने जो किया ना उन लड़को के साथ बिल्कुल ठीक किया. “
इतना सुनते ही तरुण पारिया को चुप होने का इशारा करता है..
ऑर टिया की ऑर इशारा करता है.. पारिया चुप हो जाती है..
तरुण- “ तानिया तुम घर जा रही हो तो टिया को भी ले जाओ..
मुझे अभी कुछ काम है “
टिया- “ नही मैं तुम्हारे साथ ही जाउन्गी “
तरुण – “ टिया मेरी बात मानो वरना मैं कभी तुम्हे लेने
नही आउन्गा.”
इतना सुन कर टिया तरुण को जीभ दिखाती है.. ऑर तानिया कार की
ऑर चल देती. तानिया भी कार की ऑर चल देती है. ऑर पारिया को
इशारा करती है…
पारिया टू तरुण
पारिया- “आई थिंक अब मुझे भी चलना चाहिए “
तरुण भी हा मे सर हिला देता है.. ऑर पारिया तानिया की कार मे
बैठ जाती है ऑर तानिया कार से वहाँ से निकल जाती है.
तरुण वापस पार्लर मे चला जाता है.
वो लड़का अभी भी मार खा कर वही एक चेयर के बगल मे
बैठा हुआ है.. तरुण उस लड़के के पास चला जाता है,. वो
लड़का तरुण को अपने पास आते देख कर डर से कापने लगता
है..
लड़का – “ भाई माफ़ कर दे… आगे से ऐसी ग़लती नही होगी “
तरुण- “ मैं जानता हू “
तरुण उसे उठा कर चेयर पर बैठाता है..
तरुण- “ वेटर आइस एंड एक कपड़ा लाना “
वो लड़का अभी भी डरा हुआ है.. तरुण आइस को कपड़े मे लपेट कर
उसे जख़्मो पर लगाता है.. फिर वो लड़का खुद उसे
पकड़ कर अपने ज़ख़्मों पर लगाने लगता है.. तरुण एक कोल्ड
ड्रिंक पीता हुआ उसके सामने चेयर पर बैठ जाता है..
उस लड़के को समझ मे नही आ रहा है की अब तरुण क्या
करने की सोच रह है..
तरुण- “ तेरा नाम क्या है “
लड़का- “ रजत “
तरुण- “ तेरे साथ जो 2 लड़के थे वो कौन थे “
रजत- “ मेरे दोस्त है.. मणि ऑर समीर “
तरुण- “ उनको कॉल कर ऑर यहा बुला…. बोल की तू अकेला है.. ऑर
तेरी हेल्प के लिए बुला “
इतना बोल कर तरुण कंफर्टेबल हो कर बैठ गया. ऑर कोल्ड ड्रिंक
पीने लगा.. ऑर रजत मोबाइल निकाल कर कॉल काटता है. कुछ देर
बाद
रजत- “ भाई समीर का फोन नही लग रहा है “
तरुण – “ तो दूसरे को लगा..”
रजत मणि को कॉल करता है
रजत- “ हेलो मणि … भाई तुम मुझे छोड़ कर भाग गये..
अभी जल्दी आ मुझे बहुत चोट लगी..”
थोड़ा रुक कर
रजत- “ हा मैं अकेला हू.. वो चले गये”
इतना कह कर रजत फोन कट कर देता है.. ऑर नीचे मुँह करके
बैठ जाता है..
तरुण- “ मैं वहाँ उस वॉल के पीछे जा रहा हू.
ताकि वो लड़का मुझे देख कर भाग ना जाए… ओके “
इतना बोल कर वहाँ से उठ जाता है.. ऑर एक वॉल के पीछे चेयर
डाल कर बैठ जाता है..
कुछ देर मे मणि वहाँ आता है. ऑर चारो ऑर नज़रे
घुमाता हुआ. रजत कर सामने वाली चेयर पर आ कर बैठ जाता
है.
मणि - “ अबे मैं तुझे बोल रहा था ना.. उसे पंगा मत ले …
पड़ गया ना भारी “
रजत- “ अबे तू क्या उसे पहले से जानता है “
ये सब बाते तरुण को सुनाई दे रही है.
मणि - “ हा जानता हू. वो कॉलेज मे बहुत बड़ा गुंडा था..
वो ट्रिपल थ्री के नाम से फेमस था.. मेरे हॉस्टिल के बगल मे
उसका हॉस्टिल था. “
रजत- “ ट्रिपल थ्री मतलब “
मानी- “ तरुण दा टेरर “
इतना कहते ही उसके कंधे पर किसी का हाथ आता है. ये तरुण
है.. मणि की गान्ड फट जाती है. ऑर पसीने छूटने लगते है..
तरुण उसे रिलेक्स हो कर बैठे रहने का इशारा करता है. ऑर
वही पर खुद भी बैठ जाता है..
रजत ऑर मणि दोनो के चेहरे पर डर साफ दिखाई दे रहा
है.. दोनो की गान्ड फटी हुई है.
तरुण- “ मुझे तुमसे कुछ सवालो के जवाब चाहिए…
अगर जवाब नही मिले तो.. तुम जानते हो मैं क्या करूँगा “
रजत ऑर मणि हा मे सर हिला देते है.
तरुण- “ तानिया काफ़ी दिनों से परेशान है.. प्राब्लम क्या है.
“
मणि ऑर रजत एक दीसरे के फेस की ऑर देखते है.
रजत- “ भाई कॉलेज के लड़को का ग्रूप उसकी ऑर उसकी
सहेलियो की रोज़ रैगिंग लेते है.. उनमे से एक लड़के का भाई
बहुत बड़ा गुंडा है इसलिए उन्हे कोई कुछ नहीं कहता. “
तरुण- “ ह्म तुम दोनो का क्या पंगा है.. तानिया के साथ.
“
मणि - “ भाई. वो समीर ने तानिया को प्रपोज किया था..
वही था.. “
तरुण को ये सुन कर ज़्यादा फ़र्क नही पड़ा.
तरुण- “ आगे से तानिया से दूर रहना ऑर उसे भी बोल देना..
वरना अगली बार जान से ही मार डालूँगा.. “
इतना कह कर तरुण वहाँ से निकल गया. ऑर अपनी बाइक को तानियाके कॉलेज की ऑर घुमा दिया..
कुछ ही देर मे वो तानिया के कॉलेज पहुच गया.. तरुण
ने कॉलेज अंदर एंटर ही किया था की.. पीछे से एक आवाज़ आती
है
“ तरुण “
ये पारिया की आवाज़ है.. तरुण पलट कर देखता है..
पारिया- “ तरुण तुम यहा क्या कर रहे हो. “
तरुण- “ मुझे पता लगा है की तानिया को कोई परेशान कर
रहा है.. कहाँ है वो सब “
पारिया को ये सुन कर थोड़ी राहत महसूस करती है.. की अब कोई
उन लोगो की हेल्प के लिए है..
पारिया- “ आज तो वो लोग नही आए.. लेकिन ये सब तुम को किसने
बताया “
तरुण- “ वो सब छोड़ो// अभी तुम यहा घर नही गयी. “
पारिया- “ नही तानिया ने कहा की सारी क्लासस ख़त्म करके ही
वापस जाएँगे.. इसलिए कॉलेज आ गये “
तरुण- “ ओके तो तानिया कहाँ है. “
पारिया- “ वो क्लास मे है “
तरुण- “ ओके तो मैं चलता हू.. ऑर अगर वो लड़के परेशान
करे तो मुझे कॉल कर देना..”’
‘
पारिया - “ ओके “
इतना कह कर दोनो अपने नंबर एक्सचेंज करते है.. ऑर तरुण
बाइक स्टार्ट करके घर की ऑर चल देता है..कुछ देर मे तरुण
तरुण घर पहुच जाता है..
अंदर तन्नू अपने ख़यालो मे खोई हुई है की.. तरुण उसे
कितना प्यार करता है.. ऑर उसने तरुण की एक ग़लती के लिए उसे
इतनी ग़लत बाते बोल दी.. लेकिन आज नाइट मे सब ठीक हो
जाएगा…
तभी तरुण डोर बेल बजाता है.. ऑर तन्नू अपने ख़यालो से
बाहर आती है. टिया गेट खोलती है. तरुण अंदर सोफे पर जा कर
बैठ जाता है..तभी तरुण का फोन बजता है.. ये पारिया का कॉल है..
पारिया- “ तरुण.. जल्दी यहा आओ.. आज उन लड़को का तानिया के
साथ गंदी हरकते करने का प्लान है. “
तरुण – “ ओके मैं आ रहा हू “
पारिया- “ जल्दी आओ.. अभी कॉलेज छूटने मे थोड़ी ही देर है “
तरुण – “ ओके “
इतना सुन कर तरुण वहाँ से उठ कर गेट की ऑर भागता है..
पीछे से तन्नू तरुण को आवाज़ देती है..
तन्नू- “ भाई सुनो .. मुझे तुमसे कुछ बात करनी है “
तरुण- “ अभी मेरे पास टाइम नही है “
इतना बोल कर तरुण गेट से बाहर निकल जाता है. ऑर तेज स्पीड
मे अपनी बाइक को भगा कर ले जाता है.
……………….
तरुण गेट से बाहर निकल जाता है. ऑर तेज स्पीड मे अपनी बाइक
को भगा कर ले जाता है.,
कुछ ही देर मे तरुण तानिया के कॉलेज के सामने पहुच
जाता है.. वहाँ पारिया उसका वेट कर रही है… तरुण ठीक पारिया
के सामने बाइक रोकता है..
तरुण- “कहाँ है वो लोगो. “
पारिया- “ वो तानिया को पकड़ कर पीछे वाले रोड पर ले कर
गये. है.. वो सुनसान रास्ता है “
इतना बोल कर पारिया तरुण की बाइक के पीछे बैठ जाती है.. ऑर
तरुण बाइक को आगे बढ़ा देता है..
सामने तानिया की कार दिखाई देती है.. उसके बोनट पर तानिया
को आधा लिटा कर एक लड़का उसे थप्पड़ मार रहा है.. तरुण
तुरंत बाइक रोकता है ऑर तेज़ी से आगे बढ़ता है..
तरुण उस लड़के को गले से पकड़ कर हवा मे उछाल देता
है.. ऑर फिर तेज़ी से ज़मीना पर पटक देता है.. इससे उस लड़के
के सर से खून निकलने लगता है.. ऑर वो आधी बेहोसी की
हालत मे चला जाता है.वहाँ 3 लड़के ऑर खड़े है.. वो तरुण को ऐसे ही देखते ही
रह जाते है.. तरुण की आखो मे सैलाब फुट रहा है.. तरुण
खड़ा होता है.. ऑर तानिया की ऑर घूमता है
तरुण- “ तुम गाड़ी मे बैठो “
लेकिन तानिया इतना शॉक मे थी की उसे कुछ सुनाई नही दे
रहा है..
तरुण वापस उन लड़को की ऑर देखता है. वहाँ से एक लड़का
तरुण को मारने के लिए तेज़ी से तरुण की ऑर बढ़ता है.. … तरुण
तुरंत अपने घुटनों पर बैठता है ऑर एक तेज गुस्सा उसके मैंन
पॉइंट (लंड पर) पर मारता है..
वो लड़का वही अपना लंड पकड़े गिर जाता है.. ऑर दर्द से
चिल्लाने लगता है ..बाकी खड़े दो लड़के भी तरुण की ऑर बढ़ते
है..
एक लड़का तरुण के मुँह पर घुसा मारने के लिए हाथ उठाता
है.. लेकिन तरुण उसका हाथ पकड़ लेता है.. ऑर उसके हाथ के
नीचे से घूम कर उसके पीछे खड़ा हो जाता है. ऑर पीछे
खड़े हुए ही.. उसके टाँगो के बीच मे लात मारता है ..
अभी बाकी बचे हुए एक लड़के ने भाग कर तानिया को पकड़
लिया है ऑर उसके गले पर चाकू रख लिया है.. इससे वो तरुण
को डराने की कोशिश कर रहा है.
लेकिन तरुण की आखो मे अब भी डर नही गुस्सा के ज्वाला
मुखी फट रहे है. तरुण ने जिस लड़के का हाथ पकड़ा हुआ
है.. उसे तेज चिल्लाते हुए अपने घुटने का सहारा ले कर तोड़
देता है.. इससे उस लड़के की दर्द से चीख निकल जाती है.. ऑर वो
दर्द से तड़पता हुआ नीचे गिर जाता है..
तभी वहाँ चीख सुन कर 3 लड़के ऑर आ जाते है वो तानिया के
पीछे की साइड से आते है..तरुण गुस्से मे इधर उधर देखता है.. वहाँ साइड फुटपाट
पर एक लोहे की रोड लगी हुई है.. तरुण उसे पकड़ कर तेज़ी
से खिचता है.. ऑर वो उखड़ कर तरुण के हाथ मे आ जाती है..
तरुण उसे एक हाथ से घुमाते हुए.. उन दोनो लड़को की ऑर
देखता है. ऑर एक डेंजर्स स्माइल करता है.. इससे उनके
चेहरो पर थोड़ा डर आ जाता है..
उनमे से एक लड़का तरुण की ऑर भागता हुआ आता है.. तरुण दो
कदम आगे बढ़ता है ऑर घुटनो पर बैठ कर लोहे की रोड को
उस लड़के की टाँगो की ऑर घुमा देता है.. वही वो लड़का
हवा मे घूमता हुआ,. नीचे गिर जाता है.. तरुण उसका एक
हाथ पकड़ता है.. ऑर उसमे रोड का एक जोरदार वॉर करता है..
जिससे उस लड़के का हाथ टूट जाता है. ऑर वो दर्द से चिल्ला
चिल्ला कर रोने लगता है.. बाकी सब लड़को की तरहा
जिस लड़के ने तानिया को पकड़ा हुआ है.. वो अपने साथी को
आगे जाने के लिए कहता है. लेकिन वो तरुण से डर रहा है..
वो नही जाता है.. तभी वो लड़का तानिया को छोड़ कर चाकू ले
कर तरुण की ऑर आता है.. तरुण लोहे की रोड का वॉर उस के
हाथ पर करता है.. इससे चाकू उसके हाथ से छूट कर नीचे गिर
जाता है.. तभी वो लड़का भागने के लिए पीछे मुड़ा ही था की
तरुण ने रोड घुमा कर उसके सर के पीछे दे मारी.. इससे
खून की धार बहने लगी.. जिसकी कुछ चीते तरुण की टी-शर्ट पर
भी आ लगी..
वो लड़का वही ढेर हो गया.. तरुण ने उसका हाथ पकड़ कर
उसे भी तोड़ दिया.. अब तरुण उस बाकी बचे हुए लड़के की
ऑर देख रहा है.. उसकी गान्ड फटी हुई है..
तरुण उसे गुस्से घूरते हुए.. रोड के 3-4 वॉर नीचे पड़े
हुए लड़के के सर पर करता है.. उसका सर बिल्कुल फट चुका था..
ज़मीन पर खून ही खून फैल गया है.. तरुण की पेंट ऑर
जुतो पर भी खून की छींटे लग गयी है..वो लड़का दर्द से
चिल्ला रहा है.. चीख रहा है..
तानिया तरुण का ये रूप देख कर बहुत डर गयी./..
तरुण की आखो मे बिल्कुल भी इंसानियत, दया.. कुछ नही
है..
उसके चेहरे मे शैतान के चेहरे की छोटी सी झलक दिखाई
दे रही है. जैसे वो ये लोगो के खून बहाने को एंजाय कर
रहा है…