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Guest
चारो एक दूसरे के अगल बगल बैठ गए और खाना खाने लगे। चाहत ने देखा वहा प्लेट रखी है और खाने को बीच में सजाया गया है। आज छोले और आलू की मसाले वाली सब्जी बनी थी। साथ में रोटी ,चावल , फ्राई दाल ,अचार और सलाद भी था। जिसे खुद से निकाल कर खाना था चाहत ने खाना निकाला और बाकी सब भी खाना निकाल कर खाने लगे ।
जैसे ही चाहत ने पहला निवाला मुंह में रखा उसके आंख बंद हो गई। इससे ज्यादा फिका खाना शायद ही उसने खाया होगा। उसने नजर इधर उधर हुई सारी लड़कियां खाना चुपचाप खा रही थीं। चाहत को ऐसे देख डॉली ने उसके हाथ पर हाथ रखा फिर नमक की डिब्बी उसकी तरफ बढ़ा दी। और आंखो के इशारे से उसे खाने में डालने को कहा । चाहत
ने भी खाने में नमक मिलाया फिर एक निवाला खाया ।
खाना अब थोड़ा खाने के लायक था उसने आंखो से डॉली की तरफ थैंक्यू का इशारा किया तो डॉली ने अपने पल्के झपका दी और बिना आवाज़ किए मुंह चला कर उसे "खाओ" कहा।
चाहत ने जैसे तैसे खाना ख़तम किया उसने अपने प्लेट उठाई ही थी तभी वहा मि. एंड मिसेज गर्ग आ गए चाहत वहीं रुक गई।
मि. गर्ग जबरदती मुस्कुराते हुए - अच्छा लगा खाना..
सबने बस हा में सिर हिला दिया।
मि. गर्ग शायद जानते थे सारे बच्चे झूठ बोल रहे है इसीलिए उन्होंने आगे पूछना जरूरी नहीं समझा उन्होंने सभी लड़कियों को देख कर कहा - तो बच्चो ... कल से आप सभी के कॉलेज स्टार्ट होने ....चुकीं आप सभी फर्स्ट ईयर वाले है....तो आप सभी की क्लासेज 9:40 से होगी तो आप सभी 8:30 तक रेडी हो जाना..तब तक यहां नाश्ता लग जाएगा...और ठीक 9:20 में हॉस्टल की बस आप सभी को कॉलेज छोड़ कर आयेगी...और ठीक 3:20 में आपको कॉलेज गेट पर लेने आ जायेगी.. तब तक आप सभी को अपने ब्लॉक के सामने आकर खड़े रहना है.. ये बोल मि. गर्ग
ने अपने बगल में देखा जहा राजू खड़ा था।
उसकी तरफ इशारा कर मि. गर्ग ने कहा - ये आप सभी को कॉलेज छोड़ेगा और वापस भी लाएगा... कल ये आप सभी को अपना नंबर दे देगा आप सभी को कभी कॉलेज लेट या जल्दी जाना होगा तो आप इससे कॉन्टैक्ट कर सकते है।
उनकी बात सुन सभी ने हा में सिर हिला दिया और तभी मिसेज गर्ग - आप सभी को सुबह नाश्ता मिलेगा साथ में यहां पराठा और सब्जी भी मिलेगी जो आप टिफिन में रख सकते है....साथ में चावल, दाल और सलाद भी होगा .. अगर आप चाहे तो यही खा सकते है....या फिर कॉलेज से आने के बाद खाए ये आप पर निर्भर करता है...ये बोल उन्होंने एक नजर सभी को देखा फिर मुस्कुराते हुए गुड नाईट बोल कर वहा से चले गई।
चाहत का खाना पूरा हो चुका था तो उसने अपनी प्लेट उठाई और वाशबेसिन की तरफ बढ़ गई वहा उसने अपनी प्लेट साफ़ की फिर हाथ धोकर खड़ी हो गई डॉली , निशा और शिखा खाना खा रहे थें। ये एक ऐसा होस्टल था जहा सारे स्टूडेंट फर्स्ट ईयर के थें । जिनका एडमिशन होने में लेट हुए था या फिर कॉलेज में होस्टल फूल हो चुका था। ऐसी ही सिचुएशन के चलते वो यहां पर थे। चाहत का एडमिशन लेट
हुआ था जिस कारण उसे होस्टल में जगह नहीं मिली थी इसीलिए उसे यहां रहना पड़ रहा था।
चाहत ने बाकी लड़कियों की तरफ देखा जो खाना खा रही थी चाहत सभी के चेहरे देख रही थी वो ऐसा इसीलिए कर रही थी क्यू की अब एक इंसान अकेले खड़े कर भी क्या सकता है इसीलिए वो उन लड़कियों को ताड़ रही थी।
चाहत ने देखा निशा , डॉली , और शिखा खाना खा चुके थे । वो तीनो चाहत के पास आए फिर तीनो सीढ़ियों से होते हुए अपने रूम आ गए। चाहत का मोबाइल बार बार रिंग हो रहा था। चाहत ने देखा कॉल रीमा जी का था।
उसने झट से मोबाइल उठा लिया और छत की तरफ चल दी छत में रात 11 बजे तक घुमा जा सकता था फिर मिसेज गर्ग राजू से कह कर छत पर ताला लगवा देती थी। ये बात चाहत को उसी दिन बताया गया था जब वो होस्टल देखने आईं थी।
जैसे ही चाहत ने पहला निवाला मुंह में रखा उसके आंख बंद हो गई। इससे ज्यादा फिका खाना शायद ही उसने खाया होगा। उसने नजर इधर उधर हुई सारी लड़कियां खाना चुपचाप खा रही थीं। चाहत को ऐसे देख डॉली ने उसके हाथ पर हाथ रखा फिर नमक की डिब्बी उसकी तरफ बढ़ा दी। और आंखो के इशारे से उसे खाने में डालने को कहा । चाहत
ने भी खाने में नमक मिलाया फिर एक निवाला खाया ।
खाना अब थोड़ा खाने के लायक था उसने आंखो से डॉली की तरफ थैंक्यू का इशारा किया तो डॉली ने अपने पल्के झपका दी और बिना आवाज़ किए मुंह चला कर उसे "खाओ" कहा।
चाहत ने जैसे तैसे खाना ख़तम किया उसने अपने प्लेट उठाई ही थी तभी वहा मि. एंड मिसेज गर्ग आ गए चाहत वहीं रुक गई।
मि. गर्ग जबरदती मुस्कुराते हुए - अच्छा लगा खाना..
सबने बस हा में सिर हिला दिया।
मि. गर्ग शायद जानते थे सारे बच्चे झूठ बोल रहे है इसीलिए उन्होंने आगे पूछना जरूरी नहीं समझा उन्होंने सभी लड़कियों को देख कर कहा - तो बच्चो ... कल से आप सभी के कॉलेज स्टार्ट होने ....चुकीं आप सभी फर्स्ट ईयर वाले है....तो आप सभी की क्लासेज 9:40 से होगी तो आप सभी 8:30 तक रेडी हो जाना..तब तक यहां नाश्ता लग जाएगा...और ठीक 9:20 में हॉस्टल की बस आप सभी को कॉलेज छोड़ कर आयेगी...और ठीक 3:20 में आपको कॉलेज गेट पर लेने आ जायेगी.. तब तक आप सभी को अपने ब्लॉक के सामने आकर खड़े रहना है.. ये बोल मि. गर्ग
ने अपने बगल में देखा जहा राजू खड़ा था।
उसकी तरफ इशारा कर मि. गर्ग ने कहा - ये आप सभी को कॉलेज छोड़ेगा और वापस भी लाएगा... कल ये आप सभी को अपना नंबर दे देगा आप सभी को कभी कॉलेज लेट या जल्दी जाना होगा तो आप इससे कॉन्टैक्ट कर सकते है।
उनकी बात सुन सभी ने हा में सिर हिला दिया और तभी मिसेज गर्ग - आप सभी को सुबह नाश्ता मिलेगा साथ में यहां पराठा और सब्जी भी मिलेगी जो आप टिफिन में रख सकते है....साथ में चावल, दाल और सलाद भी होगा .. अगर आप चाहे तो यही खा सकते है....या फिर कॉलेज से आने के बाद खाए ये आप पर निर्भर करता है...ये बोल उन्होंने एक नजर सभी को देखा फिर मुस्कुराते हुए गुड नाईट बोल कर वहा से चले गई।
चाहत का खाना पूरा हो चुका था तो उसने अपनी प्लेट उठाई और वाशबेसिन की तरफ बढ़ गई वहा उसने अपनी प्लेट साफ़ की फिर हाथ धोकर खड़ी हो गई डॉली , निशा और शिखा खाना खा रहे थें। ये एक ऐसा होस्टल था जहा सारे स्टूडेंट फर्स्ट ईयर के थें । जिनका एडमिशन होने में लेट हुए था या फिर कॉलेज में होस्टल फूल हो चुका था। ऐसी ही सिचुएशन के चलते वो यहां पर थे। चाहत का एडमिशन लेट
हुआ था जिस कारण उसे होस्टल में जगह नहीं मिली थी इसीलिए उसे यहां रहना पड़ रहा था।
चाहत ने बाकी लड़कियों की तरफ देखा जो खाना खा रही थी चाहत सभी के चेहरे देख रही थी वो ऐसा इसीलिए कर रही थी क्यू की अब एक इंसान अकेले खड़े कर भी क्या सकता है इसीलिए वो उन लड़कियों को ताड़ रही थी।
चाहत ने देखा निशा , डॉली , और शिखा खाना खा चुके थे । वो तीनो चाहत के पास आए फिर तीनो सीढ़ियों से होते हुए अपने रूम आ गए। चाहत का मोबाइल बार बार रिंग हो रहा था। चाहत ने देखा कॉल रीमा जी का था।
उसने झट से मोबाइल उठा लिया और छत की तरफ चल दी छत में रात 11 बजे तक घुमा जा सकता था फिर मिसेज गर्ग राजू से कह कर छत पर ताला लगवा देती थी। ये बात चाहत को उसी दिन बताया गया था जब वो होस्टल देखने आईं थी।