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सिटी हॉस्पिटल
भिलाई
अध्यन के सारे टेस्ट हो चुके थे। हाथ में रिपोर्ट पकड़े अध्यन डॉक्टर के केबिन के बाहर बैठा था। देव जी इधर उधर चहल कदमी करते हुए केबिन के तरफ देख रहे थे। अध्यन भी उन्हे ऐसे करते देख रहा था। वो अपने चेयर से उठा और देव जी के पास गया । अध्यन ने देव जी का हाथ पकड़ा फिर उन्हे अपने साथ चेयर के पास ले आया।
अध्यन ने देव जी को कंधों से पकड़ कर चेयर पर बैठाया फिर वो उनके बगल में बैठ गया। देव जी ने बैठते ही अध्यन की तरफ देखा अध्यन ने पलकें झपका कर सब ठीक है कहा। अब अध्यन सामने देखने लगा।
तभी रिसेप्शन पर बैठी लड़की ने अध्यन के तरफ देखते हुए कहा - your turn..
अध्यन और देव जी ने उसकी आवाज़ सुनी दोनो चेयर से उठे फिर केबिन कि तरफ चले गए।
अंदर केबिन में डॉक्टर किसी से फोन पर बात कर रहे थे। देव जी ने उन्हें बात करते देखा तो दरवाजे पर ही रुक गए। डॉक्टर की नजर जब उन पर पड़ी तो उन्होंने रिसीवर रखा फिर देव जी और अध्यन को अंदर आने का इशारा किया।
देव जी और अध्यन अंदर आ गए तो डॉक्टर ने उन्हें बैठने का इशारा किया। दोनों बैठ गए। अध्यन और देव जी ने डॉक्टर को गुड मॉर्निंग विश किया । डॉक्टर ने भी सिर झुकाते हुए उनका अभिवादन किया।
कुछ बातो के बाद देव जी ने अध्यन की रिपोर्ट्स डॉक्टर को दे दी। डॉक्टर ने रिपोर्ट्स ली फिर उसे पढ़ने लगे अध्यन वहा बैठे बस डॉक्टर के चेहरे पर आने जाने वाले भावो को पढ़ रहा था। वहीं देव जी के चेहरे पर परेशानी के भाव थे। जैसे जैसे अध्यन की रिपोर्ट्स पढ़ी जा रही थी देव जी की टेंशन बढ़ती जा रही थी।
अध्यन बस डॉक्टर को देख रहा था पर पता नहीं उसे अचानक क्या हुआ उसने पलट कर देव जी की तरफ देखा। अध्यन ने देव जी के परेशानी से भरे चेहरे को देखा तो वो
समझ गया इस परेशानी का कारण है उसकी रिपोर्ट्स । अध्यन ने कुछ नहीं कहा बस अपना हाथ देव जी के हाथ पर रख दिया। देव जी ने हाथो का अहसास पाते ही अध्यन की तरफ देखा तो अध्यन मुस्कुरा दिया।
डॉक्टर रिपोर्ट्स देखते हुए बोले - रिपोर्ट्स तो ठीक है.. पर..
अध्यन ने ये सुनते ही देव जी का हाथ छोड़ दिया। देव जी ने अध्यन का हाथ छूटते हुए महसूस किया तो उन्होंने अध्यन की तरफ देखा जो किसी हारे हुए खिलाड़ी की तरह सिर झुकाए नीचे देख रहा है। देव जी को उसका ऐसे नीचे देखना नागवार गुजरा उन्होंने एक बार फिर उसका हाथ मजबूती से पकड़ते हुए बोले - पर क्या डॉक्टर.. डर तो देव जी को भी काफी लग रहा था पर वो अध्यन के सामने दिखाना नहीं चाहते थे। वहीं अध्यन ने अपने हाथो में देव जी की पकड़ को महसूस किया जिससे उसे हिम्मत मिली और वो भी डॉक्टर को देखने लगा।
"एक पिता के लिए उसके बच्चे चाहे कितने भी बड़े क्यों ना हो जाए.. वो उनके लिए छोटे ही होते है.. जिनकी फिक्र उन्हे उम्र भर होती है... एक पिता हमेशा अपने बच्चो के सामने खुद को मजबूत बना कर रखने की कोशिश करता है.. क्युकी वो जनता है.. ये बच्चे ही उसकी ताकत है.. और साथ साथ कमजोरी भी... क्युकी अगर वो कमजोर पड़ा तो ये उनके
बच्चो के लिए सही नहीं होगा .. उनके बच्चे भी कमजोर पड़ जाएंगे "
देव जी बस अध्यन को कमजोर पड़ते देखना नहीं चाहते थे। डॉक्टर ने देव जी और अध्यन के आंखो में देखा फिर मुस्कुराते हुए बोले - पर .. अब आप दोनों को यहां आने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी..
ये सुन अध्यन और देव जी ने चौक कर डॉक्टर की तरफ देखा तो डॉक्टर ने अध्यन की तरफ देखते हुए कहा - अब बस आपको एक महीने के लिए ही दवाई लेनी होगी.. फिर आप पूरी तरह से ठीक .. डॉक्टर की बात सुन अध्यन के चेहरे पर मुस्कुराहट आ गई वहीं देव जी की आंखे नम हो गई जिसे सफाई से छुपाते हुए उन्होंने मुस्कुराहट अपने चेहरे पर ला लिया ।
डॉक्टर ने अध्यन की तरफ देखते हुए देव जी से कहा - अब बिल्कुल ठीक है अध्यन.. अब आपको ज्यादा टेंशन लेने की जरुरत नहीं.. बस एक महीने की दवाई.. और लेनी है... और रही एक्सरसाइज की तो .. वो तो हर हेल्थी इंसान को करनी चाहिए.. इससे बॉडी फीट रहती है.. और आप बीमारियों से भी दूर रहते है..
अध्यन ने मुस्कुराते हुए हा में सिर हिला दिया वहीं देव जी ने अपना हाथ आगे किया और डॉक्टर से हाथ मिलाते हुए बोले - थैंक्यू.. डॉक्टर .. आपने बहुत हेल्प की..
डॉक्टर ने भी मुस्कुराते हुए कहा - मैंने कुछ खास नहीं किया.. ये तो मेरा फ़र्ज़ था.. जो भी हुआ है.. वो आपकी और अध्यन की मेहनत के कारण हुआ है.. हमने तो बस आपको रास्ता दिखाया है.. चलने वाले तो आप थे..
देव जी ने भी मुस्कुराते हुए हा में सिर हिला दिया।
अब डॉक्टर ने अध्यन की तरफ देखा फिर उन्होंने कहा - तुम मेरे पहले ऐसे पेशेंट थे.. जिसने मुझसे सीधा ये क्वेश्चन किया था.. की उसके पास कितने दिन है.. मैंने कभी भी ऐसा इंसान नहीं देखा था.. जो इतनी कम उम्र का होते हुए .. भी मौत से नहीं डरता.. मैंने तुमसे पहले भी कहा था.. आज भी कहता हू.. तुम बहुत ब्रेव हो.. हमेशा ऐसे ही रहना..
अध्यन बस मुस्कुरा दिया। थोड़ी फॉर्मेलिटी के बाद अध्यन और देव जी बाहर आए।
देव जी को कार पार्क से बाहर लेनी थीं इसीलिए वो पार्किंग के साइड आ गए। अध्यन मेडिकल शॉप चला गया। उसने मेडिसिंस ली फिर मूड कर देखा तो सामने वहीं मंदिर था। अध्यन उस मंदिर की तरफ चला गया।
ये मंदिर हनुमान जी का छोटा सा मंदिर था अध्यन ने अपने शूज मंदिर के बाहर उतारा फिर मंदिर के अंदर आ गया उसने घंटी बजाई और हाथ जोड़ कर आंखे बंद कर के खड़ा हो गया। उसने हाथ जोड़े हुए कहा - थैंक्यू.. बस यही है मेरे पास.. इससे ज्यादा कुछ नहीं है मेरे पास.. जो मै आपसे कह सकूं.. गुस्सा था मै आपसे .. और क्यों नहीं होता.. मेरे साथ जो हुआ.. उस टाइम मुझे उसमे आपकी ही गलती लगी थी.. पर अब सब ठीक है
.. अपने किया है है ये.. सो थैंक्यू.. थैंक्यू..आगे मुझे आपसे कुछ नहीं मांगना.. बस आपका साथ चाहिए.. जिससे मै अपनी फैमिली और अपनी चाहत को खुश रख पाऊ.. बस इतना ही दे दीजियेगा.. ये बोल अध्यन ने आंखे खोली फिर आगे बढ़ उसने दान पेटी में कुछ पैसे डाले। एक बार फिर हाथ जोड़ा और मूड कर मंदिर से बाहर आ गया।
कुछ दूर चलने के बाद उसने देखा देव जी कार के बाहर उसका वेट कर रहे थे। वो उनके पास गया तो उनका मोबाइल बजने लगा कॉल गौरी जी का था तो देव जी साइड में चले गए। अध्यन ने कार का गेट खोला फिर अंदर आ गया । कार नीम के पेड़ के नीचे खड़ी थी तो अध्यन को कार के अंदर बैठना ही ठीक लगा वैसे भी मौसम ठंडा था तो कार में बैठना उसके लिए कंफर्टेबल था ।
अध्यन कार के अंदर बैठा ही था उसे बोरियत होने लगी तो उसने अपना मोबाइल निकाल लिया मोबाइल को उसने अनलॉक किया तो उसे चाहत की फोटो दिखी। उस फोटो को उसने मुस्कुराते हुए देखा फिर मोबाइल को सिर से लगा उसने कहा - बस अब कुछ दिन और.. फिर तुम मेरे पास होगी.. मेरे साथ होगी... तभी कार का गेट खुला और देव जी अंदर आ गए। देव जी ने कार निकली और फिर कार अपनी मंजिल की तरफ चलने लगी।
अध्यन ने देखा बहुत शांति है तो उसने music system ऑन कर दिया .. एक प्यारी सी धुन अध्यन के कानों में पड़ी। जिसे सुन अध्यन के चेहरे पर मुस्कुराहट आ गई।
ना जानूं मैं, कैसी ये बेकरारी है
शायद दिल के, जाने की अब तैयारी है...
तू दिल का ठिकाना, हूँ तेरा दीवाना
दीवाना तेरा..
तुझे ही बुलाए ये मर्ज़ी तेरी..
तू आए ना आए दीवाना तेरा..
तुझे ही बुलाए ये मर्ज़ी तेरी,
तू आए ना आए ऊऊ..
दीवाना दीवाना दीवाना दीवाना दीवाना दीवाना दीवाना है..
अध्यन ये सॉन्ग सुन खुद भी गुनगुनाने लगा.. देव जी ने ड्राइव करते हुए उसे एक नजर देखा और मुस्कुरा दिए। फिर सामने देखने लगे। अब अध्यन थोड़ा जोर से गाने लगा। ये सुन देव जी भी अध्यन को देखने लगे। जो अपने में मस्त होकर गा रहा था ।
पूछे निगाहें मेरी.. है कहा राहे तेरी..
जाने क्यों ना जाने तू.. तन्हा है बाहें मेरी ...
नींदों बिन, रात भी गुज़ारी है ..
जो उतरे ना, तेरी ही तो खुमारी है .. मुश्किल है भुलाना, हूँ तेरा दीवाना
दीवाना तेरा.. तुझे ही बुलाए ये मर्ज़ी तेरी, तू आए ना आए ...
अध्यन ने गाना ख़तम किया फिर उसने पलट कर देव जी की
तरफ देखा जो उसे ही देख रहे थे। ये देख अध्यन थोड़ी देर के लिए डर गया । इसी डर से वो चुप हो गया और उसने अपना सिर सीट से टिका दिया । फिर आंखे बंद कर वो बैठ गया। ऐसे ही उसे कब नींद आ गई उसे भी पता नहीं चला ।
रायपुर...
चाहत क्लास रूम में बैठे अपनी लास्ट क्लास अटेंड कर रही थी। तभी ma'am ने टॉपिक ख़तम कर के कहा - आपको कुछ नोटिस मिला..
सब ने ना में सिर हिला दिया जिसे देख मैम ने कहा - आपके सेकंड ct होने वाले है.. टाइम टेबल आपको नोटिस बोर्ड में मिल जाएगा.. तो टाइम टेबल आ गए है.. ये आपका सेकंड ct ( क्लास टेस्ट ) है.. तो आप सभी ठीक से prepare कर ले.. एग्जाम में बेस्ट ऑफ टू ही जाएगा.. तो जिसका पहला ct ठीक नहीं गया है.. वो अभी भी कवर कर सकता है.. so all the best.. इतना कहते ही सभी ने एक साथ चिल्लाया - थैंक्यू.. मैम..
ये बोल ma'am मुस्कुराते हुए बाहर आ गई।
सारी क्लासेज अब ख़तम हो गई थी। चाहत भी क्लास से बाहर आ गई। वो सीधा नोटिस बोर्ड के पास पहुंची जहां उसे ct टाइम टेबल दिखा । उसने मोबाइल से उसकी फोटो क्लिक की और मूड गई। उसने जब पीछे देखा तो डॉली खड़ी उसे ही देख रही थी। चाहत ने उसकी तरफ देखा फिर मुस्कुरा दी।
दोनों अपने ब्लॉक से बाहर आए । दोनों बस में चढ़ गए। दोनों चलते हुए बस की पिछली सीट पर दोनों बैठ गए और बस ने रफ्तार पकड़ ली।
डॉली सीट पर बैठ बैग गोद में रखते हुए - ct के बारे में सुना..
चाहत - हा.. रश्मि मैम ने बताया था.. ये बोल उसने अपना मोबाइल डॉली कि तरफ बढ़ा दिया। जिसमे टाइम टेबल था।
डॉली उसे देखते हुए - बाकी सारे सब्जेक्ट तो हो जाएंगे पर.. fme ( fundamental of mechanical engineering ) का क्या करें..
चाहत ने ये सुनते ही झट से कहा - हा यार.. उसमे तो बहुत सारे डाउट है..
ये सुन डॉली ने भी सिर पकड़ लिया।
डॉली सीरियस होकर - अब क्या करे..
चाहत ने उसे देख मुंह बना लिया फिर सिर नीचे कर लिया।
दोनों सोच में पड़ गए।
तभी डॉली ने सिर उठा कर देखा तो बस चौक क्रॉस कर रही थी। डॉली ने ऐसे ही देखा तो उसे इशांत दिखा।
भिलाई
अध्यन के सारे टेस्ट हो चुके थे। हाथ में रिपोर्ट पकड़े अध्यन डॉक्टर के केबिन के बाहर बैठा था। देव जी इधर उधर चहल कदमी करते हुए केबिन के तरफ देख रहे थे। अध्यन भी उन्हे ऐसे करते देख रहा था। वो अपने चेयर से उठा और देव जी के पास गया । अध्यन ने देव जी का हाथ पकड़ा फिर उन्हे अपने साथ चेयर के पास ले आया।
अध्यन ने देव जी को कंधों से पकड़ कर चेयर पर बैठाया फिर वो उनके बगल में बैठ गया। देव जी ने बैठते ही अध्यन की तरफ देखा अध्यन ने पलकें झपका कर सब ठीक है कहा। अब अध्यन सामने देखने लगा।
तभी रिसेप्शन पर बैठी लड़की ने अध्यन के तरफ देखते हुए कहा - your turn..
अध्यन और देव जी ने उसकी आवाज़ सुनी दोनो चेयर से उठे फिर केबिन कि तरफ चले गए।
अंदर केबिन में डॉक्टर किसी से फोन पर बात कर रहे थे। देव जी ने उन्हें बात करते देखा तो दरवाजे पर ही रुक गए। डॉक्टर की नजर जब उन पर पड़ी तो उन्होंने रिसीवर रखा फिर देव जी और अध्यन को अंदर आने का इशारा किया।
देव जी और अध्यन अंदर आ गए तो डॉक्टर ने उन्हें बैठने का इशारा किया। दोनों बैठ गए। अध्यन और देव जी ने डॉक्टर को गुड मॉर्निंग विश किया । डॉक्टर ने भी सिर झुकाते हुए उनका अभिवादन किया।
कुछ बातो के बाद देव जी ने अध्यन की रिपोर्ट्स डॉक्टर को दे दी। डॉक्टर ने रिपोर्ट्स ली फिर उसे पढ़ने लगे अध्यन वहा बैठे बस डॉक्टर के चेहरे पर आने जाने वाले भावो को पढ़ रहा था। वहीं देव जी के चेहरे पर परेशानी के भाव थे। जैसे जैसे अध्यन की रिपोर्ट्स पढ़ी जा रही थी देव जी की टेंशन बढ़ती जा रही थी।
अध्यन बस डॉक्टर को देख रहा था पर पता नहीं उसे अचानक क्या हुआ उसने पलट कर देव जी की तरफ देखा। अध्यन ने देव जी के परेशानी से भरे चेहरे को देखा तो वो
समझ गया इस परेशानी का कारण है उसकी रिपोर्ट्स । अध्यन ने कुछ नहीं कहा बस अपना हाथ देव जी के हाथ पर रख दिया। देव जी ने हाथो का अहसास पाते ही अध्यन की तरफ देखा तो अध्यन मुस्कुरा दिया।
डॉक्टर रिपोर्ट्स देखते हुए बोले - रिपोर्ट्स तो ठीक है.. पर..
अध्यन ने ये सुनते ही देव जी का हाथ छोड़ दिया। देव जी ने अध्यन का हाथ छूटते हुए महसूस किया तो उन्होंने अध्यन की तरफ देखा जो किसी हारे हुए खिलाड़ी की तरह सिर झुकाए नीचे देख रहा है। देव जी को उसका ऐसे नीचे देखना नागवार गुजरा उन्होंने एक बार फिर उसका हाथ मजबूती से पकड़ते हुए बोले - पर क्या डॉक्टर.. डर तो देव जी को भी काफी लग रहा था पर वो अध्यन के सामने दिखाना नहीं चाहते थे। वहीं अध्यन ने अपने हाथो में देव जी की पकड़ को महसूस किया जिससे उसे हिम्मत मिली और वो भी डॉक्टर को देखने लगा।
"एक पिता के लिए उसके बच्चे चाहे कितने भी बड़े क्यों ना हो जाए.. वो उनके लिए छोटे ही होते है.. जिनकी फिक्र उन्हे उम्र भर होती है... एक पिता हमेशा अपने बच्चो के सामने खुद को मजबूत बना कर रखने की कोशिश करता है.. क्युकी वो जनता है.. ये बच्चे ही उसकी ताकत है.. और साथ साथ कमजोरी भी... क्युकी अगर वो कमजोर पड़ा तो ये उनके
बच्चो के लिए सही नहीं होगा .. उनके बच्चे भी कमजोर पड़ जाएंगे "
देव जी बस अध्यन को कमजोर पड़ते देखना नहीं चाहते थे। डॉक्टर ने देव जी और अध्यन के आंखो में देखा फिर मुस्कुराते हुए बोले - पर .. अब आप दोनों को यहां आने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी..
ये सुन अध्यन और देव जी ने चौक कर डॉक्टर की तरफ देखा तो डॉक्टर ने अध्यन की तरफ देखते हुए कहा - अब बस आपको एक महीने के लिए ही दवाई लेनी होगी.. फिर आप पूरी तरह से ठीक .. डॉक्टर की बात सुन अध्यन के चेहरे पर मुस्कुराहट आ गई वहीं देव जी की आंखे नम हो गई जिसे सफाई से छुपाते हुए उन्होंने मुस्कुराहट अपने चेहरे पर ला लिया ।
डॉक्टर ने अध्यन की तरफ देखते हुए देव जी से कहा - अब बिल्कुल ठीक है अध्यन.. अब आपको ज्यादा टेंशन लेने की जरुरत नहीं.. बस एक महीने की दवाई.. और लेनी है... और रही एक्सरसाइज की तो .. वो तो हर हेल्थी इंसान को करनी चाहिए.. इससे बॉडी फीट रहती है.. और आप बीमारियों से भी दूर रहते है..
अध्यन ने मुस्कुराते हुए हा में सिर हिला दिया वहीं देव जी ने अपना हाथ आगे किया और डॉक्टर से हाथ मिलाते हुए बोले - थैंक्यू.. डॉक्टर .. आपने बहुत हेल्प की..
डॉक्टर ने भी मुस्कुराते हुए कहा - मैंने कुछ खास नहीं किया.. ये तो मेरा फ़र्ज़ था.. जो भी हुआ है.. वो आपकी और अध्यन की मेहनत के कारण हुआ है.. हमने तो बस आपको रास्ता दिखाया है.. चलने वाले तो आप थे..
देव जी ने भी मुस्कुराते हुए हा में सिर हिला दिया।
अब डॉक्टर ने अध्यन की तरफ देखा फिर उन्होंने कहा - तुम मेरे पहले ऐसे पेशेंट थे.. जिसने मुझसे सीधा ये क्वेश्चन किया था.. की उसके पास कितने दिन है.. मैंने कभी भी ऐसा इंसान नहीं देखा था.. जो इतनी कम उम्र का होते हुए .. भी मौत से नहीं डरता.. मैंने तुमसे पहले भी कहा था.. आज भी कहता हू.. तुम बहुत ब्रेव हो.. हमेशा ऐसे ही रहना..
अध्यन बस मुस्कुरा दिया। थोड़ी फॉर्मेलिटी के बाद अध्यन और देव जी बाहर आए।
देव जी को कार पार्क से बाहर लेनी थीं इसीलिए वो पार्किंग के साइड आ गए। अध्यन मेडिकल शॉप चला गया। उसने मेडिसिंस ली फिर मूड कर देखा तो सामने वहीं मंदिर था। अध्यन उस मंदिर की तरफ चला गया।
ये मंदिर हनुमान जी का छोटा सा मंदिर था अध्यन ने अपने शूज मंदिर के बाहर उतारा फिर मंदिर के अंदर आ गया उसने घंटी बजाई और हाथ जोड़ कर आंखे बंद कर के खड़ा हो गया। उसने हाथ जोड़े हुए कहा - थैंक्यू.. बस यही है मेरे पास.. इससे ज्यादा कुछ नहीं है मेरे पास.. जो मै आपसे कह सकूं.. गुस्सा था मै आपसे .. और क्यों नहीं होता.. मेरे साथ जो हुआ.. उस टाइम मुझे उसमे आपकी ही गलती लगी थी.. पर अब सब ठीक है
.. अपने किया है है ये.. सो थैंक्यू.. थैंक्यू..आगे मुझे आपसे कुछ नहीं मांगना.. बस आपका साथ चाहिए.. जिससे मै अपनी फैमिली और अपनी चाहत को खुश रख पाऊ.. बस इतना ही दे दीजियेगा.. ये बोल अध्यन ने आंखे खोली फिर आगे बढ़ उसने दान पेटी में कुछ पैसे डाले। एक बार फिर हाथ जोड़ा और मूड कर मंदिर से बाहर आ गया।
कुछ दूर चलने के बाद उसने देखा देव जी कार के बाहर उसका वेट कर रहे थे। वो उनके पास गया तो उनका मोबाइल बजने लगा कॉल गौरी जी का था तो देव जी साइड में चले गए। अध्यन ने कार का गेट खोला फिर अंदर आ गया । कार नीम के पेड़ के नीचे खड़ी थी तो अध्यन को कार के अंदर बैठना ही ठीक लगा वैसे भी मौसम ठंडा था तो कार में बैठना उसके लिए कंफर्टेबल था ।
अध्यन कार के अंदर बैठा ही था उसे बोरियत होने लगी तो उसने अपना मोबाइल निकाल लिया मोबाइल को उसने अनलॉक किया तो उसे चाहत की फोटो दिखी। उस फोटो को उसने मुस्कुराते हुए देखा फिर मोबाइल को सिर से लगा उसने कहा - बस अब कुछ दिन और.. फिर तुम मेरे पास होगी.. मेरे साथ होगी... तभी कार का गेट खुला और देव जी अंदर आ गए। देव जी ने कार निकली और फिर कार अपनी मंजिल की तरफ चलने लगी।
अध्यन ने देखा बहुत शांति है तो उसने music system ऑन कर दिया .. एक प्यारी सी धुन अध्यन के कानों में पड़ी। जिसे सुन अध्यन के चेहरे पर मुस्कुराहट आ गई।
ना जानूं मैं, कैसी ये बेकरारी है
शायद दिल के, जाने की अब तैयारी है...
तू दिल का ठिकाना, हूँ तेरा दीवाना
दीवाना तेरा..
तुझे ही बुलाए ये मर्ज़ी तेरी..
तू आए ना आए दीवाना तेरा..
तुझे ही बुलाए ये मर्ज़ी तेरी,
तू आए ना आए ऊऊ..
दीवाना दीवाना दीवाना दीवाना दीवाना दीवाना दीवाना है..
अध्यन ये सॉन्ग सुन खुद भी गुनगुनाने लगा.. देव जी ने ड्राइव करते हुए उसे एक नजर देखा और मुस्कुरा दिए। फिर सामने देखने लगे। अब अध्यन थोड़ा जोर से गाने लगा। ये सुन देव जी भी अध्यन को देखने लगे। जो अपने में मस्त होकर गा रहा था ।
पूछे निगाहें मेरी.. है कहा राहे तेरी..
जाने क्यों ना जाने तू.. तन्हा है बाहें मेरी ...
नींदों बिन, रात भी गुज़ारी है ..
जो उतरे ना, तेरी ही तो खुमारी है .. मुश्किल है भुलाना, हूँ तेरा दीवाना
दीवाना तेरा.. तुझे ही बुलाए ये मर्ज़ी तेरी, तू आए ना आए ...
अध्यन ने गाना ख़तम किया फिर उसने पलट कर देव जी की
तरफ देखा जो उसे ही देख रहे थे। ये देख अध्यन थोड़ी देर के लिए डर गया । इसी डर से वो चुप हो गया और उसने अपना सिर सीट से टिका दिया । फिर आंखे बंद कर वो बैठ गया। ऐसे ही उसे कब नींद आ गई उसे भी पता नहीं चला ।
रायपुर...
चाहत क्लास रूम में बैठे अपनी लास्ट क्लास अटेंड कर रही थी। तभी ma'am ने टॉपिक ख़तम कर के कहा - आपको कुछ नोटिस मिला..
सब ने ना में सिर हिला दिया जिसे देख मैम ने कहा - आपके सेकंड ct होने वाले है.. टाइम टेबल आपको नोटिस बोर्ड में मिल जाएगा.. तो टाइम टेबल आ गए है.. ये आपका सेकंड ct ( क्लास टेस्ट ) है.. तो आप सभी ठीक से prepare कर ले.. एग्जाम में बेस्ट ऑफ टू ही जाएगा.. तो जिसका पहला ct ठीक नहीं गया है.. वो अभी भी कवर कर सकता है.. so all the best.. इतना कहते ही सभी ने एक साथ चिल्लाया - थैंक्यू.. मैम..
ये बोल ma'am मुस्कुराते हुए बाहर आ गई।
सारी क्लासेज अब ख़तम हो गई थी। चाहत भी क्लास से बाहर आ गई। वो सीधा नोटिस बोर्ड के पास पहुंची जहां उसे ct टाइम टेबल दिखा । उसने मोबाइल से उसकी फोटो क्लिक की और मूड गई। उसने जब पीछे देखा तो डॉली खड़ी उसे ही देख रही थी। चाहत ने उसकी तरफ देखा फिर मुस्कुरा दी।
दोनों अपने ब्लॉक से बाहर आए । दोनों बस में चढ़ गए। दोनों चलते हुए बस की पिछली सीट पर दोनों बैठ गए और बस ने रफ्तार पकड़ ली।
डॉली सीट पर बैठ बैग गोद में रखते हुए - ct के बारे में सुना..
चाहत - हा.. रश्मि मैम ने बताया था.. ये बोल उसने अपना मोबाइल डॉली कि तरफ बढ़ा दिया। जिसमे टाइम टेबल था।
डॉली उसे देखते हुए - बाकी सारे सब्जेक्ट तो हो जाएंगे पर.. fme ( fundamental of mechanical engineering ) का क्या करें..
चाहत ने ये सुनते ही झट से कहा - हा यार.. उसमे तो बहुत सारे डाउट है..
ये सुन डॉली ने भी सिर पकड़ लिया।
डॉली सीरियस होकर - अब क्या करे..
चाहत ने उसे देख मुंह बना लिया फिर सिर नीचे कर लिया।
दोनों सोच में पड़ गए।
तभी डॉली ने सिर उठा कर देखा तो बस चौक क्रॉस कर रही थी। डॉली ने ऐसे ही देखा तो उसे इशांत दिखा।