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Guest
डॉली तो राज के सामने शर्त रख के जा चुकी थी, अब राज का दिमाग खराब हो रहा था ।
एक तो साला मुँह फुला कर गई , और ऊपर से शादी के बाद वाली शर्त भी रख के चली गई ,,,,,,
अपनी तो साला कुछ समझ में ही नहीं आ रहा कि अपन करेगा क्या
कितनी मुश्किल से उसको सब कहने के वास्ते ,,,अपन ने खुद को रेडी किया था।
इस काकी को भी अभी आना था ,और उस पे भी सोने पर सुहागा,,,,
बुआ को साथ लाने की जरूरत थी।
अरे अपन यहां रहता महारानी के साथ
तो बिंदास उसको वह सब बोलता न
जो उसने अपन के गाल पे किया था ,,,,
तो वह भी अपन उसके साथ करता,,,
अपन उससे बात करने ही वाला था
अपन की तो किस्मत ही खराब है,,,,
जब शहज़ादी ये सब करना चाहती थी
तो अपन के भेजे में कुछ नहीं था।
और जब अपन ये सब चाहता है ,तो यह सब करने के लिए महारानी ही अपने पास नहीं है ऊपर से उसकी वो शादी से पहले कि तो ठीक है, बाद में भी शर्त रख दी,,,,कि पूरे आठ महीने तक वो अपने रूम में नहीं आएगी ,,,,,और अपन तो अच्छी तरह से जानता है,,, नंबर वन की जिद्दी लड़की है अगर कल उसने कह दिया कि वी अपन के रूम में नही आएगी,,,,,
तो काकी भी कुछ नहीं कर पाएगी ।
अब तो अपन को कोई मस्त प्लान बनाना ही होगा ,महारानी जो जो चाहती है ,अपन उसके साथ सेम टू सेम वो सब कुछ करे तो ही उसका मूड अच्छा होगा ,वरना सगाई और शादी में भी वो मुँह फुला के बैठी रहेंगी अपनी शादी के एल्बम का कचरा होगा वह अलग, ऊपर से उसकी शर्त,अब तो एक ही उपाय है,,,,
कल अपन को वी सगाई के वास्ते तो मिलेगी ना, जब यहां से शिवमंदिर जाएंगे, तो में शहज़ादी को अपने साथ अपुन की जीप में बैठा लेगा ,,,,,,और सबके लिए किसी दूसरी गाड़ी इंतजाम करेगा,,,
और फिर अपनी जीप को मस्त डेकोरेट करके उस के वास्ते गिफ्ट भी ले लेगा,
और रास्ते मे ही सब कुछ बोल भी देगा
और गाड़ी में साला अपुन के आगे पीछे कौन लगा होगा,,, तो अपन उसको अच्छी सी रसगुल्ले के माफिक ,मीठी और बड़ी-बड़ी किश भी कर लेगा,,,, //cdn.jsdelivr.net/gh/twitter/twemoji@latest/assets/svg/1f60d.svg//cdn.jsdelivr.net/gh/twitter/twemoji@latest/assets/svg/1f60d.svg
हां यही सही रहेगा, शहज़ादी भी खुश हो जाएगी ,और अपन ने जो आज से पहले ज़िंदगी कभी किया नहीं ,,,,,
तो अपन को भी एक्सपीरियंस होना चाहिए यह सब करने का ,,,,,,,
सच में मुंह फुला कर महारानी कितनी क्यूट लग रही थी ,सच बात तो यह है, कि महारानी कुछ कहे ,न कहे ,अपन खुद भी उससे मिलना मांगता है ।
ये काकी कायको नई समझती,,,
कि अपुन भी हीरो के माफिक महारानी के साथ अकेले में टाइम स्पेंड करना मानता है उसे अपनी बाहों में भर के उसे किस करना मांगता है ।
ये बुड्ढे लोग भी ना,,,,पता नही क्यों, थोड़ी सरके हुए होते हैं ,अपनी काकी को ही देख लो पहले कितनी अच्छी थी ।
जब से पता चला है ,कि अपन शहज़ादी को प्यार करता है ,तो अपन को उससे दूर कर दिया ,,,,,,अरे यह कइको फटे में टांग अढ़ाती है।
अपन जो मांगता है ,अपन को करने दे ना। एक काम करता हूं, काकी के आने से पहले ही ,मैं अपने कमरे में जाकर सोने का नाटक करता हूं ।
वो समझेगी कि अपन सो गया है ।
तो वो भी जल्दी सो जाएंगी, और फिर अपन रात को महारानी से मिलने जाएगा ।
और वो कमला बुआ के घर की दीवाल तो इतनी है ,कि अपन आराम से दूसरी साइड जंप करेगा ना ,तो
भी उसके आंगन में पहुँच जाएगा,,,,,
कमला बुआ और फूफा जी तो सोते हैं नीचे के कमरे में ,,,,उनकी बहू का छोटा सा बेटा होगा ,और ज़रूर महारानी भी उसी के साथ ऊपर सो रही होगी,,,,
अपुन शहज़ादी से मिलेगा और अपना काम फिनिश कर के पीछे के दरवाजे से बापस!
हां यह सही है ,अब मुझे सो जाना चाहिए इससे पहले की काकी घर आए,,,,,,
राज अपने कमरे में पड़ा हुआ ,यह सारी बातें सोच रहा था ।
नींद का नामोनिशान तो आंखों से कोसों दूर था।
अब तो उसे बस डॉली से मिलने की तड़प थी ,,,,,जब उसे दरवाजे पर आवाज़ आई और काकी ने दरवाजा बंद किया ।
तो वह बिल्कुल चुप हो गया, खाना तो खा ही चुका था ।
काकी ने अंदर आकर राज के कमरे में झांका, तो वह गहरी नींद में सोया था ।
काकी जाने के लिए मुड़ी ,लेकिन उसे आज अपने राज पर कुछ ज्यादा ही प्यारा आ रहा था ।
उसे महसूस हो रहा था ,कि राज की खुशी तो डॉली ही थी, लेकिन वह डॉली के लिए यह सब कुछ छोड़ रहा था ।
भगवान ना करे ,अगर ऐसा होता डॉली की शादी विकास से हो जाती, तो मेरा राज एक बार फिर पूरी
ज़िंदगी अकेला रह जाता।
कान्हा जी तेरा लाख-लाख शुक्र है!//cdn.jsdelivr.net/gh/twitter/twemoji@latest/assets/svg/1f60a.svg
तूने सब कुछ ठीक कर दिया ,इतना सोचते हुए काकी राज के सिरहाने बैठ गई
और उसका सिर सहलाने लगी ।
राज किसी मासूम बच्चे की तरह दिख रहा था ,जिसका मन बिल्कुल साफ था ।
काकी उसके सर पर हाथ फेरते हुए उसकी आने वाली जिंदगी की खुशियों के बारे में सोच रही थी।
कितना अच्छा लगेगा, जब डॉली घर में राज की दुल्हन बनकर आएगी ।
तो छोटे-छोटे बच्चे होंगे ,मेरा राज भी घर गृहस्थी के सुख भोगेगा ।
बरसो की दबी हुई मेरी इच्छा पूरी होगी ।
डॉली के आने से यह मकान घर बन गया था लेकिन अब यह घर स्वर्ग बन जाएगा।
राज के साथ-साथ भगवान ने एक डॉली जैसी अच्छी बेटी भी दे दी मुझे ,हम तीनों का भले ही आपस में कोई रिश्ता ना ही ।
पर ऊपर वाले ने कितनी मजबूती से बांध रखा है ,हम तीनो ही एक दूसरे को कितना प्यार करते हैं ,और भगवान करें यह प्यार हमेशा ऐसे ही बना रहे ,,,,,,,,
यह सब सोचते हुए जब ख़ुशी के दो आंसू काकी की आँखों से ढरक कर राज के गाल पर गिरे ,,,,
तो उसने आंखें खोली ,,,,
वह जग तो बैसे भी रहा था।
उसने काकी को देखा तो वह अपने पल्लू से अपनी आंखें पोछती नजर आई,,,,,
राज जल्दी से उठ कर बैठ गया और काकी को देखते हुए पूछा
काकी क्या हुआ, तू कायको रोती है
जरूर उस बुआ ने ही कुछ कहा होगा
अरे ,,,नहीं ,,राज तू तो पागल है ,,,
बेमतलब बेचारी बुआ के पीछे पड़ा है ।
राज बुदबुदाया बेमतलब कहां!
मेरे सारे प्लान का कचरा तो, उस बुआ की वजह से ही हुआ है।
सारा गुड़ गोबर कर के गई , डॉली आज यहाँ होती ,तो अपन ऊपर के कमरे में अपनी शहज़ादी को प्रपोज कर रहा होता ।
राज तू क्या बोल रहा है
अरे कुछ नहीं काकी,,,,
अपुन तो पूछ रहा था ,कि तू क्यों रो रही है जरुर तुझे महारानी के जाने का बुरा लग रहा होगा,,,, तू एक बार बोल अभी के अभी लेकर आता है उसे,,,,,,
ये बात नही है राज,,,8 दिन बाद तो वह आने ही वाली है ।
हां काकी और आते ही उसकी बकवास शुरु हो जाएगी ,,,तुझे रोने का नहीं ,,,
राज बेटा ये आंसू तो तेरी और डॉली की खुशी के लिए है, जो सालों बाद भगवान ने मुझे दिए हैं ।
राज तू भी कितना भोला है
तू अपने प्यार को समझ नहीं पाया
अरे वो मासूम सी बच्ची सबकुछ समझ गई वी इतनी छोटी है तुझसे !
उसे तो अपने प्यार का एहसास हो गया था तेरी बुद्धि कहां गई थी
कि तू उसके समझाने के बाद भी क्यों समझना नहीं चाहता था बेटा
आखिर ऐसी कौन सी मजबूरी थी
राज के चेहरे का सारा गुस्सा जा चुका था उसके चेहरे पर एक हल्की की सी मुस्कान थी
उसने काकी की तरफ देखते हुए कहा
काकी हमने उसे सहारा दिया ,,तूने उसकी हिम्मत बढ़ाई,,,,और वो अपनी मेहनत से इतने आगे गई ,काफी अपन नहीं चाहता था
वो इस बस्ती में अपन के साथ रहकर अपना
फ़्यूचर बर्बाद करे ।
सभी तो थी कहते कि, अपन ने उसको सहारा दिया तो ,उसकी मजबूरी का फायदा उठाकर उससे शादी कर ली।
अरे अपन तो कहीं से भी उसके लायक ही नहीं है, न अपन पढ़ा लिखा है ,ना उस की उम्र का है ,अपने तो साले खानदान का भी अता-पता नहीं है।
महारानी के मां बाप का नाम पता तो है। और इससे अपन ने महारानी के वास्ते विकास को चुना था।
कि विकास का साथ उसे मिलेगा तो वह बहुत ऊपर तक जाएगी ,बहुत तरक्की करेगी ।
राज की मासूमियत देख कर काकी का दिल और भी पिघल गया था ।
उसने राज के गाल पर हाथ रखते हुये समझाया ,,,,,,
बेटा सिर्फ पढ़ने लिखने से ,या नौकरी करने से हम किसी के लायक नहीं बन जाते
पूरे गांव के साथ-साथ ,भगवान भी जानता है , कि तू डॉली की हिम्मत है ।
उस का सहारा तू बना है ,तेरी वजह से डॉली आगे बढ़ी है ,तूने देखा नहीं था
जब परीक्षा देने जाती थी ,तो कैसे घबरा जाती थी ,और तू उससे पत्थर नहर में फेकने को देता था ।
और तब उसके चेहरे पे मुस्कान आ जाती थी जब डॉली का रिजल्ट आया था, तो पूरे गांव में मिठाई बाँटी थी तूने ।
जब उसकी नौकरी लगी थी ,तो पूरे ढाबे को दावत दी थी ,उसके लिए नई किताबें लाना नए कपड़े लाना ,उसके साथ स्कूल जाकर उसका हौसला बड़ाना।
बेटा डॉली को तूने आगे बढ़ाया है
विकास ने नहीं ,तेरी वजह से आज डॉली इस जगह पर है ,विकास की वजह से नहीं!
और मुझे पूरा विश्वास हमारी डॉली को तेरा साथ मिलेगा, तो वह बहुत आगे जाएगी।
तू तो डॉली की हिम्मत है, उस की ताकत है तेरे साथ बिखरेगी नहीं ,,,,
बल्कि निखर जाएगी ,,जैसे अभी तक निखर रही है।
राज तू बहुत भोला है, तूने सोचा भी केसे कि विकास
के साथ शहर में रहने से या नौकरी में तरक्की करने से डॉली का भविष्य बन जाएगा,,,,,
उसका भविष्य तू है ,तेरे साथ उसकी खुशियां है ,अगर डॉली खुश ही नहीं रहेगी तो उसकी तरक्की का क्या मतलब ,,,,
तू वो बात भूल गया ,जब डॉली इस घर में आई ,तो सिर्फ 16 साल की एक दरी सहमी और मासूम लड़की थी ।
उसका विश्वास इस दुनिया से उठ चुका था उसे तू मिला ,मैं मिली और धीरे-धीरे वह हम दोनों में ही रह गई,,, हम दोनों उसके लिए पूरी दुनिया है ।
हमसे मिलकर उसने सीखा कि विश्वास किसे कहते हैं
डॉली हमारे साथ रहने लगी,और 5 सालों में ही , 50 साल की तरह इस का रिश्ता हमसे बन गया है ।
क्या ये सब छोड़ के वह खुश रह पाएगी और से सबसे बड़ी बात ,उसे तुझसे अपने प्यार की अनुभूति का एहसास हो गया है और इस बात का एहसास डॉली के कान्हा जी ने उसे करवाया है, जो कभी गलत नहीं हो सकता ,,,,,
राज तू डॉली के रास्ते की रुकावट नहीं उसका सहारा है।
डॉली का भविष्य ,उसकी तरक्की तेरे साथ ही है ,,,,
क्या तू जानता है
अरे कैसे जानता होगा ,तुझे तो हमने कुछ बताया ही नहीं ,,,
काकी क्या
राज काकी को देखने लगा,,,
एक तो साला मुँह फुला कर गई , और ऊपर से शादी के बाद वाली शर्त भी रख के चली गई ,,,,,,
अपनी तो साला कुछ समझ में ही नहीं आ रहा कि अपन करेगा क्या
कितनी मुश्किल से उसको सब कहने के वास्ते ,,,अपन ने खुद को रेडी किया था।
इस काकी को भी अभी आना था ,और उस पे भी सोने पर सुहागा,,,,
बुआ को साथ लाने की जरूरत थी।
अरे अपन यहां रहता महारानी के साथ
तो बिंदास उसको वह सब बोलता न
जो उसने अपन के गाल पे किया था ,,,,
तो वह भी अपन उसके साथ करता,,,
अपन उससे बात करने ही वाला था
अपन की तो किस्मत ही खराब है,,,,
जब शहज़ादी ये सब करना चाहती थी
तो अपन के भेजे में कुछ नहीं था।
और जब अपन ये सब चाहता है ,तो यह सब करने के लिए महारानी ही अपने पास नहीं है ऊपर से उसकी वो शादी से पहले कि तो ठीक है, बाद में भी शर्त रख दी,,,,कि पूरे आठ महीने तक वो अपने रूम में नहीं आएगी ,,,,,और अपन तो अच्छी तरह से जानता है,,, नंबर वन की जिद्दी लड़की है अगर कल उसने कह दिया कि वी अपन के रूम में नही आएगी,,,,,
तो काकी भी कुछ नहीं कर पाएगी ।
अब तो अपन को कोई मस्त प्लान बनाना ही होगा ,महारानी जो जो चाहती है ,अपन उसके साथ सेम टू सेम वो सब कुछ करे तो ही उसका मूड अच्छा होगा ,वरना सगाई और शादी में भी वो मुँह फुला के बैठी रहेंगी अपनी शादी के एल्बम का कचरा होगा वह अलग, ऊपर से उसकी शर्त,अब तो एक ही उपाय है,,,,
कल अपन को वी सगाई के वास्ते तो मिलेगी ना, जब यहां से शिवमंदिर जाएंगे, तो में शहज़ादी को अपने साथ अपुन की जीप में बैठा लेगा ,,,,,,और सबके लिए किसी दूसरी गाड़ी इंतजाम करेगा,,,
और फिर अपनी जीप को मस्त डेकोरेट करके उस के वास्ते गिफ्ट भी ले लेगा,
और रास्ते मे ही सब कुछ बोल भी देगा
और गाड़ी में साला अपुन के आगे पीछे कौन लगा होगा,,, तो अपन उसको अच्छी सी रसगुल्ले के माफिक ,मीठी और बड़ी-बड़ी किश भी कर लेगा,,,, //cdn.jsdelivr.net/gh/twitter/twemoji@latest/assets/svg/1f60d.svg//cdn.jsdelivr.net/gh/twitter/twemoji@latest/assets/svg/1f60d.svg
हां यही सही रहेगा, शहज़ादी भी खुश हो जाएगी ,और अपन ने जो आज से पहले ज़िंदगी कभी किया नहीं ,,,,,
तो अपन को भी एक्सपीरियंस होना चाहिए यह सब करने का ,,,,,,,
सच में मुंह फुला कर महारानी कितनी क्यूट लग रही थी ,सच बात तो यह है, कि महारानी कुछ कहे ,न कहे ,अपन खुद भी उससे मिलना मांगता है ।
ये काकी कायको नई समझती,,,
कि अपुन भी हीरो के माफिक महारानी के साथ अकेले में टाइम स्पेंड करना मानता है उसे अपनी बाहों में भर के उसे किस करना मांगता है ।
ये बुड्ढे लोग भी ना,,,,पता नही क्यों, थोड़ी सरके हुए होते हैं ,अपनी काकी को ही देख लो पहले कितनी अच्छी थी ।
जब से पता चला है ,कि अपन शहज़ादी को प्यार करता है ,तो अपन को उससे दूर कर दिया ,,,,,,अरे यह कइको फटे में टांग अढ़ाती है।
अपन जो मांगता है ,अपन को करने दे ना। एक काम करता हूं, काकी के आने से पहले ही ,मैं अपने कमरे में जाकर सोने का नाटक करता हूं ।
वो समझेगी कि अपन सो गया है ।
तो वो भी जल्दी सो जाएंगी, और फिर अपन रात को महारानी से मिलने जाएगा ।
और वो कमला बुआ के घर की दीवाल तो इतनी है ,कि अपन आराम से दूसरी साइड जंप करेगा ना ,तो
भी उसके आंगन में पहुँच जाएगा,,,,,
कमला बुआ और फूफा जी तो सोते हैं नीचे के कमरे में ,,,,उनकी बहू का छोटा सा बेटा होगा ,और ज़रूर महारानी भी उसी के साथ ऊपर सो रही होगी,,,,
अपुन शहज़ादी से मिलेगा और अपना काम फिनिश कर के पीछे के दरवाजे से बापस!
हां यह सही है ,अब मुझे सो जाना चाहिए इससे पहले की काकी घर आए,,,,,,
राज अपने कमरे में पड़ा हुआ ,यह सारी बातें सोच रहा था ।
नींद का नामोनिशान तो आंखों से कोसों दूर था।
अब तो उसे बस डॉली से मिलने की तड़प थी ,,,,,जब उसे दरवाजे पर आवाज़ आई और काकी ने दरवाजा बंद किया ।
तो वह बिल्कुल चुप हो गया, खाना तो खा ही चुका था ।
काकी ने अंदर आकर राज के कमरे में झांका, तो वह गहरी नींद में सोया था ।
काकी जाने के लिए मुड़ी ,लेकिन उसे आज अपने राज पर कुछ ज्यादा ही प्यारा आ रहा था ।
उसे महसूस हो रहा था ,कि राज की खुशी तो डॉली ही थी, लेकिन वह डॉली के लिए यह सब कुछ छोड़ रहा था ।
भगवान ना करे ,अगर ऐसा होता डॉली की शादी विकास से हो जाती, तो मेरा राज एक बार फिर पूरी
ज़िंदगी अकेला रह जाता।
कान्हा जी तेरा लाख-लाख शुक्र है!//cdn.jsdelivr.net/gh/twitter/twemoji@latest/assets/svg/1f60a.svg
तूने सब कुछ ठीक कर दिया ,इतना सोचते हुए काकी राज के सिरहाने बैठ गई
और उसका सिर सहलाने लगी ।
राज किसी मासूम बच्चे की तरह दिख रहा था ,जिसका मन बिल्कुल साफ था ।
काकी उसके सर पर हाथ फेरते हुए उसकी आने वाली जिंदगी की खुशियों के बारे में सोच रही थी।
कितना अच्छा लगेगा, जब डॉली घर में राज की दुल्हन बनकर आएगी ।
तो छोटे-छोटे बच्चे होंगे ,मेरा राज भी घर गृहस्थी के सुख भोगेगा ।
बरसो की दबी हुई मेरी इच्छा पूरी होगी ।
डॉली के आने से यह मकान घर बन गया था लेकिन अब यह घर स्वर्ग बन जाएगा।
राज के साथ-साथ भगवान ने एक डॉली जैसी अच्छी बेटी भी दे दी मुझे ,हम तीनों का भले ही आपस में कोई रिश्ता ना ही ।
पर ऊपर वाले ने कितनी मजबूती से बांध रखा है ,हम तीनो ही एक दूसरे को कितना प्यार करते हैं ,और भगवान करें यह प्यार हमेशा ऐसे ही बना रहे ,,,,,,,,
यह सब सोचते हुए जब ख़ुशी के दो आंसू काकी की आँखों से ढरक कर राज के गाल पर गिरे ,,,,
तो उसने आंखें खोली ,,,,
वह जग तो बैसे भी रहा था।
उसने काकी को देखा तो वह अपने पल्लू से अपनी आंखें पोछती नजर आई,,,,,
राज जल्दी से उठ कर बैठ गया और काकी को देखते हुए पूछा
काकी क्या हुआ, तू कायको रोती है
जरूर उस बुआ ने ही कुछ कहा होगा
अरे ,,,नहीं ,,राज तू तो पागल है ,,,
बेमतलब बेचारी बुआ के पीछे पड़ा है ।
राज बुदबुदाया बेमतलब कहां!
मेरे सारे प्लान का कचरा तो, उस बुआ की वजह से ही हुआ है।
सारा गुड़ गोबर कर के गई , डॉली आज यहाँ होती ,तो अपन ऊपर के कमरे में अपनी शहज़ादी को प्रपोज कर रहा होता ।
राज तू क्या बोल रहा है
अरे कुछ नहीं काकी,,,,
अपुन तो पूछ रहा था ,कि तू क्यों रो रही है जरुर तुझे महारानी के जाने का बुरा लग रहा होगा,,,, तू एक बार बोल अभी के अभी लेकर आता है उसे,,,,,,
ये बात नही है राज,,,8 दिन बाद तो वह आने ही वाली है ।
हां काकी और आते ही उसकी बकवास शुरु हो जाएगी ,,,तुझे रोने का नहीं ,,,
राज बेटा ये आंसू तो तेरी और डॉली की खुशी के लिए है, जो सालों बाद भगवान ने मुझे दिए हैं ।
राज तू भी कितना भोला है
तू अपने प्यार को समझ नहीं पाया
अरे वो मासूम सी बच्ची सबकुछ समझ गई वी इतनी छोटी है तुझसे !
उसे तो अपने प्यार का एहसास हो गया था तेरी बुद्धि कहां गई थी
कि तू उसके समझाने के बाद भी क्यों समझना नहीं चाहता था बेटा
आखिर ऐसी कौन सी मजबूरी थी
राज के चेहरे का सारा गुस्सा जा चुका था उसके चेहरे पर एक हल्की की सी मुस्कान थी
उसने काकी की तरफ देखते हुए कहा
काकी हमने उसे सहारा दिया ,,तूने उसकी हिम्मत बढ़ाई,,,,और वो अपनी मेहनत से इतने आगे गई ,काफी अपन नहीं चाहता था
वो इस बस्ती में अपन के साथ रहकर अपना
फ़्यूचर बर्बाद करे ।
सभी तो थी कहते कि, अपन ने उसको सहारा दिया तो ,उसकी मजबूरी का फायदा उठाकर उससे शादी कर ली।
अरे अपन तो कहीं से भी उसके लायक ही नहीं है, न अपन पढ़ा लिखा है ,ना उस की उम्र का है ,अपने तो साले खानदान का भी अता-पता नहीं है।
महारानी के मां बाप का नाम पता तो है। और इससे अपन ने महारानी के वास्ते विकास को चुना था।
कि विकास का साथ उसे मिलेगा तो वह बहुत ऊपर तक जाएगी ,बहुत तरक्की करेगी ।
राज की मासूमियत देख कर काकी का दिल और भी पिघल गया था ।
उसने राज के गाल पर हाथ रखते हुये समझाया ,,,,,,
बेटा सिर्फ पढ़ने लिखने से ,या नौकरी करने से हम किसी के लायक नहीं बन जाते
पूरे गांव के साथ-साथ ,भगवान भी जानता है , कि तू डॉली की हिम्मत है ।
उस का सहारा तू बना है ,तेरी वजह से डॉली आगे बढ़ी है ,तूने देखा नहीं था
जब परीक्षा देने जाती थी ,तो कैसे घबरा जाती थी ,और तू उससे पत्थर नहर में फेकने को देता था ।
और तब उसके चेहरे पे मुस्कान आ जाती थी जब डॉली का रिजल्ट आया था, तो पूरे गांव में मिठाई बाँटी थी तूने ।
जब उसकी नौकरी लगी थी ,तो पूरे ढाबे को दावत दी थी ,उसके लिए नई किताबें लाना नए कपड़े लाना ,उसके साथ स्कूल जाकर उसका हौसला बड़ाना।
बेटा डॉली को तूने आगे बढ़ाया है
विकास ने नहीं ,तेरी वजह से आज डॉली इस जगह पर है ,विकास की वजह से नहीं!
और मुझे पूरा विश्वास हमारी डॉली को तेरा साथ मिलेगा, तो वह बहुत आगे जाएगी।
तू तो डॉली की हिम्मत है, उस की ताकत है तेरे साथ बिखरेगी नहीं ,,,,
बल्कि निखर जाएगी ,,जैसे अभी तक निखर रही है।
राज तू बहुत भोला है, तूने सोचा भी केसे कि विकास
के साथ शहर में रहने से या नौकरी में तरक्की करने से डॉली का भविष्य बन जाएगा,,,,,
उसका भविष्य तू है ,तेरे साथ उसकी खुशियां है ,अगर डॉली खुश ही नहीं रहेगी तो उसकी तरक्की का क्या मतलब ,,,,
तू वो बात भूल गया ,जब डॉली इस घर में आई ,तो सिर्फ 16 साल की एक दरी सहमी और मासूम लड़की थी ।
उसका विश्वास इस दुनिया से उठ चुका था उसे तू मिला ,मैं मिली और धीरे-धीरे वह हम दोनों में ही रह गई,,, हम दोनों उसके लिए पूरी दुनिया है ।
हमसे मिलकर उसने सीखा कि विश्वास किसे कहते हैं
डॉली हमारे साथ रहने लगी,और 5 सालों में ही , 50 साल की तरह इस का रिश्ता हमसे बन गया है ।
क्या ये सब छोड़ के वह खुश रह पाएगी और से सबसे बड़ी बात ,उसे तुझसे अपने प्यार की अनुभूति का एहसास हो गया है और इस बात का एहसास डॉली के कान्हा जी ने उसे करवाया है, जो कभी गलत नहीं हो सकता ,,,,,
राज तू डॉली के रास्ते की रुकावट नहीं उसका सहारा है।
डॉली का भविष्य ,उसकी तरक्की तेरे साथ ही है ,,,,
क्या तू जानता है
अरे कैसे जानता होगा ,तुझे तो हमने कुछ बताया ही नहीं ,,,
काकी क्या
राज काकी को देखने लगा,,,