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आज सुबह से राज जो ढाबे पर गया तो सीधा रात को ही आया ,डॉली काफी दिनों से बीमार थी, और फिर का काकी से तो इतना काम बनता नहीं था
तो आज डॉली ने धीरे-धीरे सारे घर की अच्छे से सफाई कर ली थी, और रात का खाना बनाकर राज का इंतजार कर रही थी
राज ने आते साथ ही बाहर से ही डॉली को आवाज लगाई ,सहजादी अपुन को बहुत तेज भूख लग रही है, जल्दी से खाने की थाली लेकर आ ,,,राज की भूख का तो पता नहीं ,पर जल्दी से इसका मतलब यही था जिससे उसे डॉली के साथ कम से कम टाइम बिताना पड़े
राज ने हाथ मुंह धो कर कपड़े बदले तब तक डॉली खाने की थाली लगाकर बाहर आ गई ,दोनों ने खाना खाया
खाने के दौरान राज कुछ भी नहीं बोला खाना खाकर जैसे ही डॉली ने टीवी ऑन किया ,तो टीवी पर गाना भी डॉली के मतलब का ही चलता हुआ मिला
बाहों में चले आओ
हमसे सनम क्या पर्दा ,,,,,,
डॉली ने राज की तरफ देखा
और कहा पुराने गाने भी कितने अच्छे लगते थे ना
और यह तो मेरा सबसे फेवरेट गाना है
अभी तक राज का ध्यान गाने पर नहीं था पर डॉली के कहने के बाद ,जैसे ही उसने टीवी पर निगाहें डाली डॉली कि बात समझते उसे देर नहीं लगी
और उसने लापरवाही से डॉली की तरफ बिना देखे ही कहा, अपुन को ये सब पसंद नहीं है ,,यह साले पुराने गाने
पुरानी फिल्में भी बेकार ,,,,
साले रोते ज्यादा है
बात कम करते हैं
अपुन को तो साउथ की मूवी ही मस्त लगती है ,इससे पहले कि डॉली कुछ और कहे अपने कमरे की तरफ बढ़ गया
सहजादी तू टीवी का बोलियम जरा कम कर ले ,अपुन को नशे वाली नींद आ रही है
ढाबे पर 2 मिनट के लिए भी चैन नहीं मिला सारा दिन आना जाना लगा रहा
अपन सोएगा !,
डॉली ने राज के पास आते हुए बड़ी मासूमियत से कहा !
आप थक गए हैं
आपको सच में नींद आ रही है
हां हां तो क्या अपन झूठ कह रहा है
नहीं मेरे कहने का मतलब था कि अगर आप थक गए हैं, तो मैं आपकी चंपी कर दूं नारियल के तेल से आपके बालों में अच्छे से मालिश कर देती हूं
आपकी थकान भी दूर हो जाएगी ,और नींद भी अच्छी आएगी ,,,,,
नहीं नहीं राज को जैसे 440 वोल्ट का करंट लग गया हो,,,
तू अपन से दूर रह, अपन अपने कमरे में जाकर दरवाजा बंद करके सोने वाला है
और सुन तू अपन को डिस्टर्ब ना करते हुए जल्दी ही सो जाना ,ज्यादा देर तक जागना तेरी सेहत के लिए ठीक नहीं है
हां राज तभी तो मैं आपसे कह रही हूं
जब से काकी गई है
मुझे पिछले 2 दिनों से ठीक से नींद ही नहीं आई ,और एक आप है कि समझते ही नहीं राज जल्दी से अपने कमरे के अंदर गया और कुंडी लगाकर लेट गया
नींद तो राज को भी नहीं आ रही थी
पर डॉली से पीछा छुड़ाने का उसे बस एक ही रास्ता नजर आया था
सच में तो उसे भी डॉली की बहुत चिंता हो रही थी ,कि अगर ये ठीक से सोई नहीं तो उसे फिर से कमजोरी आ सकती है
और इसलिए बीच-बीच में एकाध बार धीरे से दरवाजा
खोल कर झांक लेता था
डॉली सो रही है ,या नहीं ,और राज को भी अच्छी तरह पता था ,कि डॉली सच में रात को डर जाती है
चाहे वह मेंढक की टर्र टर्र की आवाज हो या दीवाल पर चिपकी हुई छिपकली
और फिर चिल्लाकर रात को ही पूरे घर में हंगामा मचा देती है
यह सोचकर राज को भी नींद नहीं आ रही थी ,तकरीबन एक डेड घंटे बाद जब राज ने फिर से दरवाजा खोल कर देखा की टीवी चल रही है ,पर डॉली अच्छे से चादर से ओढ़कर सोफे पर सोई हुई है
वह दबे पांव कमरे से बाहर निकला और रिमोट से टीवी बंद कर दी
अब तक डॉली सच में सो चुकी थी
जब राज ने देख लिया कि डॉली सो गई है तो अपने कमरे का दरवाजा धीरे से बंद करके ,ऐसे ही लटका दिया और वह भी सो गया
सुबह जब राज सोकर उठा फ्रेस होने के बाद राज ने अपनी एक्सरसाइज शुरू की और डॉली घर के दूसरे काम देखने लगी
कुछ देर बाद देखा तो काकी दरवाजे से अंदर आती जा रही थी
राज अभी भी अपनी एक्सरसाइज में बिजी था ,काकी ने आते साथ ही कहा उठ गया तू जब राज
ने देखा कि काकी उसके सामने खड़ी है ,तो खुश हो गया ,उसके चेहरे पर इक निश्चिंतता दिखने लगी थी
वहीं से चिल्लाते हुए डॉली को आवाज लगाई ,सहजादी देख काकी आ गई
इसके लिए भी चाय बना लेना
क्या
डॉली भी हाथ पोछते हुए रसोई से बाहर निकली ,और काकी के गले लग गई
काकी ने डॉली के सिर पर हाथ फेरते हुए कहा ,,,क्या हुआ मेरी बिटिया को
तेरी काकी सिर्फ दो ही दिन के लिए तो गई थी ,,,पहले यह बता कहीं राज ने तुझे डाटा तो नहीं
तखत पर बैठते हुए राज की तरफ देख कर कहा!
राज तूने मेरी डॉली को परेशान तो नहीं किया ,मैं जानती हूं वो सीधी सादी बच्ची तेरे आगे एक शब्द भी नहीं बोल पाती
और तू है इस पर बिना वजह चिल्लाता ही रहता है ,,,,
डॉली मुस्कुराते हुए राज के मजे ले रही थी बहुत भोलेपन से काकी से कहा
नहीं काकी ऐसी कोई बात नहीं है
मैं ठीक हूं ,बस आपकी बहुत याद आ रही थी ,,कुछ ही देर में डॉली चाय लेकर भी आ गई ,तीनों एक साथ बैठकर चाय पीने लगे काकी ने फिर से राज को ही सुनाते हुए कहा ,,,राज देखा दो दिन में मेरी बच्ची कितनी उदास हो गई है
इसमें जरूर तेरी ही गलती रही होगी
तुझे तो इतना समय ही नहीं रहता होगा कि डॉली के पास बैठकर उससे चार बातें कर सकें ,,,,
बिचारी घर में अकेली परेशान हो जाती होगी काकी की तरफ देखते हुए कहा
ओ,,, ओ,,, ओ ,,काकी यह बेचारी नहीं है किस एंगल से तुझे बेचारी लगती है
अरे इसने तो,,,,,,,,,,
यहीं पर राज का मुंह बन्द हो गया था काकी ने राज की तरफ देखा और कहा इसने तो ,,,,,
अरे इसने क्या किया,,,,,
काकी तुझे क्या बताऊं उसने क्या
अरे तू जितना समझती है ना इसको कि यह सीधी है ,यह सबकी दादी अम्मा है
इसके बारे में आपको बहुत बड़ी गलतफहमी है ,,,,
चाय पीते हुये काकी ने कहा
राज तू यह क्या बोले जा रहा है
कुछ साफ-साफ भी बताएगा
कि क्या हुआ है ,थोड़ी देर बाद जब राज को समझ आया ,कि वह काकी से क्या कहता जा रहा है ,तो चुप हो गया ,काकी अपने बैग में से कुछ निकाल रही थी
इसी बात का फायदा उठाते हुए डॉली ने राज की तरफ देख कर कहा
हां राज अब बताइए ना काकी को क्या हुआ आखिर मैंने ऐसा क्या किया है जिससे आप इतना गुस्सा है
किस बात में परेशान किया है मैंने आपको आज आप काकी को बता ही दीजिए
अब राज के पास बोलने के लिए शब्द ही नहीं थे ,जब उसे लगा की डॉली पर इस बात का कोई फर्क नहीं पड़ रहा
वह खुद ही काकी से सब कुछ बताने के लिए कह रही है ,तो राज की बोलती बंद हो गई क्योंकि वह अच्छी तरह से इस बात को समझ रहा था, कि अगर उसने काकी के सामने सब कुछ बता दिया ,फिर तो डॉली को काकी का भी डर नहीं रहेगा,फिर वह और भी निडर होकर उसे परेशान करेगी
कम से कम जब तक काकी को इस बात का पता नहीं है, तब तक उसे काकी की आड़ है
और राज ने अपने मुंह से निकलने निकलते बात को वही रोक लिया
लेकिन डॉली इतनी आसानी से राज का पीछा छोड़ने वाली नहीं थी
राज भले ही चुप रह गया था ,लेकिन डॉली ने काकी के सामने फिर से बात शुरू की काकी आपको याद है
मैंने आपसे एक बात पूछी थी
कौन सी
अरे काकी एक बात पूछी थी ना आपसे
अरे डॉली तू दिन भर मुझसे कितनी ही बातें पूछती है ,मुझे कैसे याद होगा कौन सी
कुछ बताएगी भी ,,,,,
काकी वह अपनी सहेली के बारे में पूछा था ना कि वह किसी लड़के को पसंद करती है लेकिन उससे अपने दिल की बात नहीं कह पा रही ,,,,,
और आप ही ने मुझे बताया था कि उस लड़की को उस लड़के से सब कुछ साफ-साफ कह देना चाहिए
काकी आपको पता है ,मेरे कहने पर मेरी उस सहेली ने उस लड़के से सब कुछ साफ-साफ कह दिया है
काकी डॉली की तरफ देख कर मुस्कुराई फिर क्या हुआ
अरे काकी होना क्या था ,वह लड़का ना एकदम बुद्धू है, डरपोक ,नंबर वन का फट्टू राज डॉली को देखकर गुस्से में बुरे बुरे मुंह बना रहा था ,और चिल्लाते हुए डॉली पर बरस पड़ा ,,,
काकी यह सब क्या फालतू की बातें करती रहती है ,और तू उसे रोकती भी नहीं
तू भी ना ,,,तू ने ही इसे सर पर चढ़ा रखा है इसलिए इतनी बिगड़ गई है
काकी ने कहा!!!! राज यह सब बातें करने से तेरे ऊपर कौन सी आफत टूट पड़ी
अरे मेरे बीच की बात है ,,,
हां काकी पता। क्या हुआ
काकी मेरी सहेली ने उसे सब कुछ साफ-साफ कह दिया, यहां तक कि आपने बोला था ना, कि अंग्रेजी वाला आई लव यू वो भी बोल दिया,,,
अच्छा फिर क्या हुआ डॉली की तरफ देखते हुए काकी ने कहा
काकी वह लड़का बुरी तरह से डर गया
यहां तक कि डर के मारे कांपने लगा
और जमीन पर लुढ़क गया
राज बीच मे ही बोल पड़ा, भला ऐसे कोई नहीं डरता ,मेरे ख्याल से जरूर उस लड़की ने कोई हरकत की होगी
तुझे कैसे पता डॉली की सहेली की बात है जो कुछ बता रही है ,वही सही होगा
तू क्यों बीच बीच में बोल रहा है
काकी क्योंकि अपुन जानता है
कि वह लड़का सही होगा ,यह लड़कीयां ही ना कुछ उटपटांग हरकतें कर रही होगी
अरे लड़कियां तो होती ही ऐसी हैं
डॉली ने भोला चेहरा बनाते हुए राज की तरफ देख कर कहा
अच्छा राज आप बताइए एक लड़की एक लड़की को बहुत प्यार करती है
और उससे आई लव यू भी बोल दिया
अगर फिर भी वह लड़का उस लड़की की बात नहीं मान रहा ,तो उसे क्या करना चाहिए ,,,,,
राज ने खुश होते हुए कहा
यह हुई ना बात, अब आई है ना तू सही पॉइंट पर ,अरे क्या करना चाहिए
उसे अपने काम में मन लगाना चाहिए अपनी पढ़ाई लिखाई में मन लगाना चाहिए यह सब फालतू के काम है ,यह सब तो जो लुच्चे लफंगे लड़कियां होती है ना
वह करते हैं ,तू अपनी सहेली को समझा कि वह अपनी पढ़ाई में मन लगाए
अच्छा राज आपको कैसे पता कि मेरी सहेली अभी
पढ़ रही है,,,,,
अरे मतलब मेरे कहने का मतलब है
कि जब वह तेरी सहेली है ,तो तेरे बराबर ही होगी ना ,तो वह भी पढ़ रही होगी
तब काकी ने बीच में बोलते हुए कहा
राज तू यह क्या फालतू की बातें कर रहा है सबको अपने जैसा समझता है क्या
कि एक बार काम धंधे में मन लगा लिया तो सारी चीजों से मुंह मोड़ लिया
अरे कब की उमर हो गई है तेरी ,इस समय तक तो मुझे 4,4 पोते पोतियो का मुंह देखने को मिल जाता ,पर तू तो सिर्फ अपने काम धंधे में ही रमा हुआ है
अरे पढ़ाई के साथ-साथ और भी चीजें ऐसी होती हैं ,जहां मन लगाना चाहिए
और सुन डॉली को ये उल्टी-सीधी बातें मत समझा वह पढ़ लिख गई है, समझदार है और उसकी उम्र हो गई है प्यार को समझने की ,और प्यार करने की
उसे अपने जैसा मत बना दें ,कि 24 घंटे काम के अलावा तुझे कुछ दिखता ही नहीं डॉली ने राज की तरफ मुंडी हिलाते हुए कहा,,,,
देखिए राज काकी क्या कह रही है
काकी की बात तो आप मानते ही हैं ना
वह तो हमसे बड़ी हैं ,सच ही कह रही होंगी
जैसी तू और वैसे ही तेरी काकी
ये काकी भी ना इस उमर में सठिया गई है उल्टी-सीधी
बातें करती है
अरे डॉली को समझाना तो दूर उसे उल्टी पट्टी पढ़ा रही है ,देख सहजादी तू अपने काम से काम रख ज्यादा फालतू की बातें करने की जरूरत नहीं है तुझे
काकी अभी भी अपने बैग को टटोलते हुए उसमें वहां का बंधा हुआ नाश्ता और गिफ्ट निकालने में लगी थी ,और बीच-बीच में ब्याह की बातें भी बताती जा रही थी
काकी की नजरे बचाते हुए डॉली राज के पास आई और जोर से उसके पैर में चिकोटी काट ली,,, जैसे ही राज की चीख निकली और काकी ने देखा,,,,
तो डॉली ने झट से कहा
काकी लगता है राज को किसी चींटी ने काट लिया ,,क्यों राज ,,,आपको चींटी ने ही काटा है ना
राज डॉली का चेहरा देखते हुए बिल्कुल चुप था......
तो आज डॉली ने धीरे-धीरे सारे घर की अच्छे से सफाई कर ली थी, और रात का खाना बनाकर राज का इंतजार कर रही थी
राज ने आते साथ ही बाहर से ही डॉली को आवाज लगाई ,सहजादी अपुन को बहुत तेज भूख लग रही है, जल्दी से खाने की थाली लेकर आ ,,,राज की भूख का तो पता नहीं ,पर जल्दी से इसका मतलब यही था जिससे उसे डॉली के साथ कम से कम टाइम बिताना पड़े
राज ने हाथ मुंह धो कर कपड़े बदले तब तक डॉली खाने की थाली लगाकर बाहर आ गई ,दोनों ने खाना खाया
खाने के दौरान राज कुछ भी नहीं बोला खाना खाकर जैसे ही डॉली ने टीवी ऑन किया ,तो टीवी पर गाना भी डॉली के मतलब का ही चलता हुआ मिला
बाहों में चले आओ
हमसे सनम क्या पर्दा ,,,,,,
डॉली ने राज की तरफ देखा
और कहा पुराने गाने भी कितने अच्छे लगते थे ना
और यह तो मेरा सबसे फेवरेट गाना है
अभी तक राज का ध्यान गाने पर नहीं था पर डॉली के कहने के बाद ,जैसे ही उसने टीवी पर निगाहें डाली डॉली कि बात समझते उसे देर नहीं लगी
और उसने लापरवाही से डॉली की तरफ बिना देखे ही कहा, अपुन को ये सब पसंद नहीं है ,,यह साले पुराने गाने
पुरानी फिल्में भी बेकार ,,,,
साले रोते ज्यादा है
बात कम करते हैं
अपुन को तो साउथ की मूवी ही मस्त लगती है ,इससे पहले कि डॉली कुछ और कहे अपने कमरे की तरफ बढ़ गया
सहजादी तू टीवी का बोलियम जरा कम कर ले ,अपुन को नशे वाली नींद आ रही है
ढाबे पर 2 मिनट के लिए भी चैन नहीं मिला सारा दिन आना जाना लगा रहा
अपन सोएगा !,
डॉली ने राज के पास आते हुए बड़ी मासूमियत से कहा !
आप थक गए हैं
आपको सच में नींद आ रही है
हां हां तो क्या अपन झूठ कह रहा है
नहीं मेरे कहने का मतलब था कि अगर आप थक गए हैं, तो मैं आपकी चंपी कर दूं नारियल के तेल से आपके बालों में अच्छे से मालिश कर देती हूं
आपकी थकान भी दूर हो जाएगी ,और नींद भी अच्छी आएगी ,,,,,
नहीं नहीं राज को जैसे 440 वोल्ट का करंट लग गया हो,,,
तू अपन से दूर रह, अपन अपने कमरे में जाकर दरवाजा बंद करके सोने वाला है
और सुन तू अपन को डिस्टर्ब ना करते हुए जल्दी ही सो जाना ,ज्यादा देर तक जागना तेरी सेहत के लिए ठीक नहीं है
हां राज तभी तो मैं आपसे कह रही हूं
जब से काकी गई है
मुझे पिछले 2 दिनों से ठीक से नींद ही नहीं आई ,और एक आप है कि समझते ही नहीं राज जल्दी से अपने कमरे के अंदर गया और कुंडी लगाकर लेट गया
नींद तो राज को भी नहीं आ रही थी
पर डॉली से पीछा छुड़ाने का उसे बस एक ही रास्ता नजर आया था
सच में तो उसे भी डॉली की बहुत चिंता हो रही थी ,कि अगर ये ठीक से सोई नहीं तो उसे फिर से कमजोरी आ सकती है
और इसलिए बीच-बीच में एकाध बार धीरे से दरवाजा
खोल कर झांक लेता था
डॉली सो रही है ,या नहीं ,और राज को भी अच्छी तरह पता था ,कि डॉली सच में रात को डर जाती है
चाहे वह मेंढक की टर्र टर्र की आवाज हो या दीवाल पर चिपकी हुई छिपकली
और फिर चिल्लाकर रात को ही पूरे घर में हंगामा मचा देती है
यह सोचकर राज को भी नींद नहीं आ रही थी ,तकरीबन एक डेड घंटे बाद जब राज ने फिर से दरवाजा खोल कर देखा की टीवी चल रही है ,पर डॉली अच्छे से चादर से ओढ़कर सोफे पर सोई हुई है
वह दबे पांव कमरे से बाहर निकला और रिमोट से टीवी बंद कर दी
अब तक डॉली सच में सो चुकी थी
जब राज ने देख लिया कि डॉली सो गई है तो अपने कमरे का दरवाजा धीरे से बंद करके ,ऐसे ही लटका दिया और वह भी सो गया
सुबह जब राज सोकर उठा फ्रेस होने के बाद राज ने अपनी एक्सरसाइज शुरू की और डॉली घर के दूसरे काम देखने लगी
कुछ देर बाद देखा तो काकी दरवाजे से अंदर आती जा रही थी
राज अभी भी अपनी एक्सरसाइज में बिजी था ,काकी ने आते साथ ही कहा उठ गया तू जब राज
ने देखा कि काकी उसके सामने खड़ी है ,तो खुश हो गया ,उसके चेहरे पर इक निश्चिंतता दिखने लगी थी
वहीं से चिल्लाते हुए डॉली को आवाज लगाई ,सहजादी देख काकी आ गई
इसके लिए भी चाय बना लेना
क्या
डॉली भी हाथ पोछते हुए रसोई से बाहर निकली ,और काकी के गले लग गई
काकी ने डॉली के सिर पर हाथ फेरते हुए कहा ,,,क्या हुआ मेरी बिटिया को
तेरी काकी सिर्फ दो ही दिन के लिए तो गई थी ,,,पहले यह बता कहीं राज ने तुझे डाटा तो नहीं
तखत पर बैठते हुए राज की तरफ देख कर कहा!
राज तूने मेरी डॉली को परेशान तो नहीं किया ,मैं जानती हूं वो सीधी सादी बच्ची तेरे आगे एक शब्द भी नहीं बोल पाती
और तू है इस पर बिना वजह चिल्लाता ही रहता है ,,,,
डॉली मुस्कुराते हुए राज के मजे ले रही थी बहुत भोलेपन से काकी से कहा
नहीं काकी ऐसी कोई बात नहीं है
मैं ठीक हूं ,बस आपकी बहुत याद आ रही थी ,,कुछ ही देर में डॉली चाय लेकर भी आ गई ,तीनों एक साथ बैठकर चाय पीने लगे काकी ने फिर से राज को ही सुनाते हुए कहा ,,,राज देखा दो दिन में मेरी बच्ची कितनी उदास हो गई है
इसमें जरूर तेरी ही गलती रही होगी
तुझे तो इतना समय ही नहीं रहता होगा कि डॉली के पास बैठकर उससे चार बातें कर सकें ,,,,
बिचारी घर में अकेली परेशान हो जाती होगी काकी की तरफ देखते हुए कहा
ओ,,, ओ,,, ओ ,,काकी यह बेचारी नहीं है किस एंगल से तुझे बेचारी लगती है
अरे इसने तो,,,,,,,,,,
यहीं पर राज का मुंह बन्द हो गया था काकी ने राज की तरफ देखा और कहा इसने तो ,,,,,
अरे इसने क्या किया,,,,,
काकी तुझे क्या बताऊं उसने क्या
अरे तू जितना समझती है ना इसको कि यह सीधी है ,यह सबकी दादी अम्मा है
इसके बारे में आपको बहुत बड़ी गलतफहमी है ,,,,
चाय पीते हुये काकी ने कहा
राज तू यह क्या बोले जा रहा है
कुछ साफ-साफ भी बताएगा
कि क्या हुआ है ,थोड़ी देर बाद जब राज को समझ आया ,कि वह काकी से क्या कहता जा रहा है ,तो चुप हो गया ,काकी अपने बैग में से कुछ निकाल रही थी
इसी बात का फायदा उठाते हुए डॉली ने राज की तरफ देख कर कहा
हां राज अब बताइए ना काकी को क्या हुआ आखिर मैंने ऐसा क्या किया है जिससे आप इतना गुस्सा है
किस बात में परेशान किया है मैंने आपको आज आप काकी को बता ही दीजिए
अब राज के पास बोलने के लिए शब्द ही नहीं थे ,जब उसे लगा की डॉली पर इस बात का कोई फर्क नहीं पड़ रहा
वह खुद ही काकी से सब कुछ बताने के लिए कह रही है ,तो राज की बोलती बंद हो गई क्योंकि वह अच्छी तरह से इस बात को समझ रहा था, कि अगर उसने काकी के सामने सब कुछ बता दिया ,फिर तो डॉली को काकी का भी डर नहीं रहेगा,फिर वह और भी निडर होकर उसे परेशान करेगी
कम से कम जब तक काकी को इस बात का पता नहीं है, तब तक उसे काकी की आड़ है
और राज ने अपने मुंह से निकलने निकलते बात को वही रोक लिया
लेकिन डॉली इतनी आसानी से राज का पीछा छोड़ने वाली नहीं थी
राज भले ही चुप रह गया था ,लेकिन डॉली ने काकी के सामने फिर से बात शुरू की काकी आपको याद है
मैंने आपसे एक बात पूछी थी
कौन सी
अरे काकी एक बात पूछी थी ना आपसे
अरे डॉली तू दिन भर मुझसे कितनी ही बातें पूछती है ,मुझे कैसे याद होगा कौन सी
कुछ बताएगी भी ,,,,,
काकी वह अपनी सहेली के बारे में पूछा था ना कि वह किसी लड़के को पसंद करती है लेकिन उससे अपने दिल की बात नहीं कह पा रही ,,,,,
और आप ही ने मुझे बताया था कि उस लड़की को उस लड़के से सब कुछ साफ-साफ कह देना चाहिए
काकी आपको पता है ,मेरे कहने पर मेरी उस सहेली ने उस लड़के से सब कुछ साफ-साफ कह दिया है
काकी डॉली की तरफ देख कर मुस्कुराई फिर क्या हुआ
अरे काकी होना क्या था ,वह लड़का ना एकदम बुद्धू है, डरपोक ,नंबर वन का फट्टू राज डॉली को देखकर गुस्से में बुरे बुरे मुंह बना रहा था ,और चिल्लाते हुए डॉली पर बरस पड़ा ,,,
काकी यह सब क्या फालतू की बातें करती रहती है ,और तू उसे रोकती भी नहीं
तू भी ना ,,,तू ने ही इसे सर पर चढ़ा रखा है इसलिए इतनी बिगड़ गई है
काकी ने कहा!!!! राज यह सब बातें करने से तेरे ऊपर कौन सी आफत टूट पड़ी
अरे मेरे बीच की बात है ,,,
हां काकी पता। क्या हुआ
काकी मेरी सहेली ने उसे सब कुछ साफ-साफ कह दिया, यहां तक कि आपने बोला था ना, कि अंग्रेजी वाला आई लव यू वो भी बोल दिया,,,
अच्छा फिर क्या हुआ डॉली की तरफ देखते हुए काकी ने कहा
काकी वह लड़का बुरी तरह से डर गया
यहां तक कि डर के मारे कांपने लगा
और जमीन पर लुढ़क गया
राज बीच मे ही बोल पड़ा, भला ऐसे कोई नहीं डरता ,मेरे ख्याल से जरूर उस लड़की ने कोई हरकत की होगी
तुझे कैसे पता डॉली की सहेली की बात है जो कुछ बता रही है ,वही सही होगा
तू क्यों बीच बीच में बोल रहा है
काकी क्योंकि अपुन जानता है
कि वह लड़का सही होगा ,यह लड़कीयां ही ना कुछ उटपटांग हरकतें कर रही होगी
अरे लड़कियां तो होती ही ऐसी हैं
डॉली ने भोला चेहरा बनाते हुए राज की तरफ देख कर कहा
अच्छा राज आप बताइए एक लड़की एक लड़की को बहुत प्यार करती है
और उससे आई लव यू भी बोल दिया
अगर फिर भी वह लड़का उस लड़की की बात नहीं मान रहा ,तो उसे क्या करना चाहिए ,,,,,
राज ने खुश होते हुए कहा
यह हुई ना बात, अब आई है ना तू सही पॉइंट पर ,अरे क्या करना चाहिए
उसे अपने काम में मन लगाना चाहिए अपनी पढ़ाई लिखाई में मन लगाना चाहिए यह सब फालतू के काम है ,यह सब तो जो लुच्चे लफंगे लड़कियां होती है ना
वह करते हैं ,तू अपनी सहेली को समझा कि वह अपनी पढ़ाई में मन लगाए
अच्छा राज आपको कैसे पता कि मेरी सहेली अभी
पढ़ रही है,,,,,
अरे मतलब मेरे कहने का मतलब है
कि जब वह तेरी सहेली है ,तो तेरे बराबर ही होगी ना ,तो वह भी पढ़ रही होगी
तब काकी ने बीच में बोलते हुए कहा
राज तू यह क्या फालतू की बातें कर रहा है सबको अपने जैसा समझता है क्या
कि एक बार काम धंधे में मन लगा लिया तो सारी चीजों से मुंह मोड़ लिया
अरे कब की उमर हो गई है तेरी ,इस समय तक तो मुझे 4,4 पोते पोतियो का मुंह देखने को मिल जाता ,पर तू तो सिर्फ अपने काम धंधे में ही रमा हुआ है
अरे पढ़ाई के साथ-साथ और भी चीजें ऐसी होती हैं ,जहां मन लगाना चाहिए
और सुन डॉली को ये उल्टी-सीधी बातें मत समझा वह पढ़ लिख गई है, समझदार है और उसकी उम्र हो गई है प्यार को समझने की ,और प्यार करने की
उसे अपने जैसा मत बना दें ,कि 24 घंटे काम के अलावा तुझे कुछ दिखता ही नहीं डॉली ने राज की तरफ मुंडी हिलाते हुए कहा,,,,
देखिए राज काकी क्या कह रही है
काकी की बात तो आप मानते ही हैं ना
वह तो हमसे बड़ी हैं ,सच ही कह रही होंगी
जैसी तू और वैसे ही तेरी काकी
ये काकी भी ना इस उमर में सठिया गई है उल्टी-सीधी
बातें करती है
अरे डॉली को समझाना तो दूर उसे उल्टी पट्टी पढ़ा रही है ,देख सहजादी तू अपने काम से काम रख ज्यादा फालतू की बातें करने की जरूरत नहीं है तुझे
काकी अभी भी अपने बैग को टटोलते हुए उसमें वहां का बंधा हुआ नाश्ता और गिफ्ट निकालने में लगी थी ,और बीच-बीच में ब्याह की बातें भी बताती जा रही थी
काकी की नजरे बचाते हुए डॉली राज के पास आई और जोर से उसके पैर में चिकोटी काट ली,,, जैसे ही राज की चीख निकली और काकी ने देखा,,,,
तो डॉली ने झट से कहा
काकी लगता है राज को किसी चींटी ने काट लिया ,,क्यों राज ,,,आपको चींटी ने ही काटा है ना
राज डॉली का चेहरा देखते हुए बिल्कुल चुप था......