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राज ने हाथ मुंह धोये और नजर इधर उधर डालते हुए रसोई में आ गया,,,थोड़ा रुक कर काफी से पूछा काकी वह कहां गई
काकी उसकी बात का जवाब दिए बिना ही राज के खाने की तैयारी में लगी रही, राज काकी के पीछे रसोई में गया और फिर पूछा लगता है चली गई, अच्छा ही हुआ एक और आफत अपने गले पड़ जाती, अपुन को वैसे भी कुछ सरकी हुई लग रही थी वह ,काकी ने थाली लगाकर राज के हाथ में पकड़ाई और अपनी थाली लेकर बाहर बड़े कमरे में आकर जमीन पर बैठकर खाना खाने लगी, राज को उन्होंने किसी बात का जबाब नही दिया था ,,,,,बस खाना शुरू करने के लिए बोला रात के 1030 बज चुके थे ,,रोज की तरह काकी बोलती जा रही थी, और राज चुपचाप रोटियां खत्म करने में लगा था,
ढाबे में चाहे लाख तरह के अच्छे व्यंजन बनते थे, पर जब तक काकी के हाथ की रोटी न खा ले उसका पेट नहीं भरता ,,,, काकी ने देखा जब राज खाना खत्म कर चुका है ,और सोने की तैयारी में था, उससे पहले ही काकी ने डॉली के बारे में चर्चा छेड़ दी,,,, डॉली पर तरस खाते हुए उसकी कहानी राज को बताने लगी,, जब राज ने सारी बात सुन ली,,,
तो बड़े गौर से काकी के चेहरे को देखते हुए उसने सवाल किया
काकी तू भी बड़ी भोली है तुझसे कोई कुछ भी कहेगा तो मान लेगी ,अरे क्या भरोसा उसके साथ कोई हो कुछ ऐसा जो हमें नहीं दिख रहा हो ,,आजकल लोगों को लूटने के और नए नए तरीके के बहाने बनाने में देर नहीं लगती,,, देख अपुन का सीधा साधा काम है ढाबे का ,,,अपना ढाबा ,,,
ठरकी द ढावा
के नाम से वर्ल्ड फेमस है और अपुन नहीं चाहता कि उस पर कोई भी उंगली उठाए,,, अपुन किसी लफड़े में पढ़ने वाला नहीं है, अरे छोरी के पीछे क्या लफड़ा है ,साला कुछ समझ में नहीं आ रहा,,,, काकी तू इतनी जल्दी किसी की बात पर विश्वास कैसे कर सकती है,,, अगर कहीं वह लड़की झूठी निकली तो साला पुलिस का लफड़ा बहुत ही खतरनाक होता है ,,,,तू जेल जाएगी और साथ-साथ मेरे को भी ले। जाएंगी,,,
काकी ने राज की पीठ पर एक चपत लगाते हुए कहा !!!तू जैसे उल्टी खोपडी का है ,,,वैसे ही उल्टे
खयाल तेरे दिमाग में आते हैं ,,,,अरे तूने कभी किसी की आंखों में ठीक से देखा है,,,, राज मेरी बूढ़ी आंखें किसी की आंखों में देखकर धोखा कभी नहीं खा सकती ,,,
वह मासूम इतना में भरोसे के साथ कह सकती हूं, कि उसने जो भी कहा वह सच है लेकिन फिर भी तू अपनी तसल्ली के लिए एक बार जाकर बस्ती में पता लगा,,, तेरे मन की तसल्ली हो जाएगी तो अच्छा ही होगा ,,,,बात तो तू किसी की मानने वाला है नहीं,,,,,
ठीक है कल मुझे वेसे भी बस्ती मैं जाना है कुछ काम है ,,तो इस बारे में भी पता कर लूंगा ,लेकिन तू यह बता कि अभी वह छोरी है कहा,,,,
राज अभी वह मेरे कमरे में सोई हुई है और तू उससे कुछ नहीं कहेगा,,, कितनी भूखी थी बेचारी अरे इतना तो सोचो उसके कान्हा जी उसके साथ है ,,और चाहे कुछ भी हो भगवान जी झूठ का साथ कभी नहीं दे सकते, तू अभी जाकर आराम कर सुबह अपनी तसल्ली के लिए पता कर लेना,
पर सच कहूं मुझे तो उसमें अपनी बेटी ही दिख रही है ,मैं छोरी को घर से जाने के लिए कभी नहीं कहूंगी,, पर एक बात अच्छी तरह से सोच ले अगर उसकी बताई हुई सारी बात सही निकली ,और तुझे उस बात से तसल्ली हो गई तो फिर तू उसको इस घर में रहने से मना नहीं करेगा,,,
क्या !!!!कहते हुए राज इस बात पर बुरी तरह से चौक गया था , इस घर में रहेगी क्या मतलब छोरी
यहां क्यों रहेगी अरे अगर सारी बात सही हुई तो उसकी मदद करके पुलिस स्टेशन में बता देंगे,,, फिर उनकी जो मर्जी वो करें ,,,,अरे गरीब लड़कियों के लिए तमाम अनाथ आश्रम खुले रहते हैं ,,,सरकार उनकी मदद करती हैं ,तो फिर वो यहां क्यों रहेगी,,,,
देख राज एक बात अच्छी तरह से सुन ले अगर सच्चाई जानने के बाद तूने डॉली को घर से निकाला तो तेरी काकी भी उसके साथ जाएगी, अब तुझे जो हो मंजूर हो तू बता देना ,,,,,
काकी तेरा दिमाग सटक गया है क्या
अरे 1 दिन की आई छोरी के लिए तू मुझे छोड़कर जाएगी ,,,,अरे 20 साल से तू मेरे साथ रह रही है,, हां राज मैं तेरे साथ रह रही हूं ,और इसी अधिकार से तुझसे कह रही हूं ,,,एक अनाथ बच्ची को हम अपने घर में पनाह देंगे तो पूण्य का काम भी होगा और फिर हो सकता भगवान ने उसे इसीलिए आज तेरे ट्रक में भेजा हो ,कि उसे हमारे घर पर आसरा मिल जाए ,,,अरे तेरी ढावे में रोज 5,,,10 गरीब खाना खाते हैं ,,अगर ये बच्ची दो टाइम की रोटी खा लेगी तो तेरे यहां किसी चीज की कमी नहीं हो जाएगी,,,और फिर तुझे क्या तू तो सुबह से लेकर रात तक ढाबे में रहता है, मैं यहां अकेली घर पर दीवारों से बातें करूं क्या, अरे अब बुढ़ापे में इतना काम भी नहीं होता,,, बच्ची के रहने से घर में रौनक हो जाएगी और काम में भी मेरा हाथ बटा दिया करेंगी, अगर बुढ़ापे में मुझे थोड़ी सी खुशी मिल जाएगी तेरा क्या चला जाएगा अब तू जा,,,,,
मुझसे सुबह बात करना,,,, इतना कहकर काकि आई और डॉली के बगल में उसको अच्छे से रजाई उड़ाते हुए उसके ऊपर हाथ रख कर सोने लगी,,, काकी को ना जाने क्यों उसके भोले चेहरे से एक दिन में ही बड़ा प्रेम हो गया था उधर राज अपने कमरे में जाकर यही सोच रहा था कि ये काकी भी ना जिद पर आ जाए तो अपनी बात मनवा के ही रहती है ,,और बस रोज की तरह घोड़े बेच के सो गया,,,,
सुबह जब उठा उसके दिमाग में एक ही बात घूम रही थी, कि वह बस्ती जाए और जाकर पता करें कि यह बात सच है या झूठ और सच कहूं तो उसके मन में यही चल रहा था कि काश यह लड़की झूठ बोल रही हो तो इससे पीछा छूटे,,,उठकर हाथ मुँह धोया चाय पी और जीप लेकर चल पड़ा बस्ती की तरफ़,,, 1 दिन बाद ही बस्ती पूरी तरह से उजड़ी हुई लग रही थी, पुलिस ने बहुत सारी कच्ची झोपड़ियां क्रेन से तूड़वा दी थी, कुछ लोग कहीं बैठकर नारेबाजी कर रहे थे, तो कुछ अपॉजिट पार्टी के लोग उनके खिलाफ लड़ रहे थे,, पुलिस का पहरा अब भी वहां पर सख्त था,,, कुल मिलाकर पूरी बस्ती उजड़ी और वीरान लग रही थी, जब उसने कुछ लोगों से जाकर पूछा की बस्ती में रहने वाले लोग कहां है ,,,,तो सब ने यही जवाब दिया कि अब कुछ नहीं पता ,,,अचानक से जिसको जहां जगह मिली, जो जैसे भाग पाया भाग गया वहीं पास में 8,10
औरते बैठी थी ,जो बस्ती की लग रही थी ,,,राज ने
उनके पास जाकर ,,,डॉली का नाम लेकर डॉली के बारे में जानना चाहा ,,,पहले तो वो चुप हो गई ,लेकिन फिर उल्टा राज से सवाल किया,,, आप उसके बारे में क्यों पूछ रहे हैं ,,,,राज ने कहा कि वह मेरे यहां सफाई का काम करती थी ,और 2 दिन से आई नहीं बस इसलिए पता करने आया हूं,, तो एक औरत ने डॉली के बारे में दया दिखाते हुए उसकी परेशानी बताइ,,,,,
आप तो जानते ही होंगे कि वह अपनी सौतेली मां के साथ रहती थी मैं तो कहती हूं अच्छा ही हुआ वह आजाद हो गई , तो अच्छा है अरे उसके जैसी गन्दी औरत तो कोई दूसरी नहीं होगी,,, सुनने में तो यह भी आया था कि वह डॉली का सौदा करना चाहती थी,,,पर आगे का भगवान जाने उसके साथ क्या हुआ कहां गई हम कुछ नहीं जानते,,,, राज ने यही बात वहां पर तीन चार जगह जाकर पता कि ,,और हर जगह उसे यही उत्तर मिला,, एक जगह तो उसने डॉली की फोटो तक दिखाइ जो मोबाइल में खींचकर लाया था,,, यही जवाब मिला और उसे पूरा यकीन हो गया कि जो भी कह रही है वह सच है,,,, जब घर गया और काकी ने पूछा लगा लिया पता क्या हुआ ,,,
तव वह कुछ बोल नहीं पाया लेकिन आज उसकी आंखों में उस लड़की के लिए दया और , उसकी मां के लिए गुस्सा साफ झलक रहा था ,,,,उसने गाली देते हुए कहा साली अपन को उसकी मां मिल जाए तो अभी के अभी उसको जेल की चक्की पिसवा दूं,,,, काकी ने
राज को शांत करते हुए उसे पानी पिलाया ,,,,और हंस कर बोली राज अब इसको रहने की इजाजत है कि नहीं,,,
राज ने कहा कि क्यों तू अपन को शर्मिंदा करती है,,,,
अपन अपनी हरकत के लिए पहल ही बहुत ,,,,,,,
काकी जैसा तू चाहती है वैसे ही होगा पर कल के दिन अगर पुलिस आकर पूछती है यह पता करती है उसके बारे में तो हम क्या कहेंगे ,कि कौन है लड़की कहां से आई है,,, बेटा इसकी चिंता तू मत कर, बस तूने हां कह दी है ,,
डॉली को कैसे अपने पास रखना है यह मैंने अच्छी तरह से सोच लिया है ,,,अरे वह जो महिला मोर्चा की बहन जी है ना ,अपने यहां कभी-कभी आती रहती हैं,, तो आज सुबह ही वह हमारे घर पर आई थी ,और मैंने उन्हें डॉली की सारी कहानी बता दी ,,डॉली के बारे में सब कुछ बता दिया, और उन्होंने कहा है कि हमें पुलिस में जाकर सब बताना होगा सारी सच्चाई जो भी है ,,और फिर हमें डॉली को अपने पास रखने की इच्छा बताकर हम इसकी जिम्मेदारी ले लेंगे,,,,,
काकी उसकी बात का जवाब दिए बिना ही राज के खाने की तैयारी में लगी रही, राज काकी के पीछे रसोई में गया और फिर पूछा लगता है चली गई, अच्छा ही हुआ एक और आफत अपने गले पड़ जाती, अपुन को वैसे भी कुछ सरकी हुई लग रही थी वह ,काकी ने थाली लगाकर राज के हाथ में पकड़ाई और अपनी थाली लेकर बाहर बड़े कमरे में आकर जमीन पर बैठकर खाना खाने लगी, राज को उन्होंने किसी बात का जबाब नही दिया था ,,,,,बस खाना शुरू करने के लिए बोला रात के 1030 बज चुके थे ,,रोज की तरह काकी बोलती जा रही थी, और राज चुपचाप रोटियां खत्म करने में लगा था,
ढाबे में चाहे लाख तरह के अच्छे व्यंजन बनते थे, पर जब तक काकी के हाथ की रोटी न खा ले उसका पेट नहीं भरता ,,,, काकी ने देखा जब राज खाना खत्म कर चुका है ,और सोने की तैयारी में था, उससे पहले ही काकी ने डॉली के बारे में चर्चा छेड़ दी,,,, डॉली पर तरस खाते हुए उसकी कहानी राज को बताने लगी,, जब राज ने सारी बात सुन ली,,,
तो बड़े गौर से काकी के चेहरे को देखते हुए उसने सवाल किया
काकी तू भी बड़ी भोली है तुझसे कोई कुछ भी कहेगा तो मान लेगी ,अरे क्या भरोसा उसके साथ कोई हो कुछ ऐसा जो हमें नहीं दिख रहा हो ,,आजकल लोगों को लूटने के और नए नए तरीके के बहाने बनाने में देर नहीं लगती,,, देख अपुन का सीधा साधा काम है ढाबे का ,,,अपना ढाबा ,,,
ठरकी द ढावा
के नाम से वर्ल्ड फेमस है और अपुन नहीं चाहता कि उस पर कोई भी उंगली उठाए,,, अपुन किसी लफड़े में पढ़ने वाला नहीं है, अरे छोरी के पीछे क्या लफड़ा है ,साला कुछ समझ में नहीं आ रहा,,,, काकी तू इतनी जल्दी किसी की बात पर विश्वास कैसे कर सकती है,,, अगर कहीं वह लड़की झूठी निकली तो साला पुलिस का लफड़ा बहुत ही खतरनाक होता है ,,,,तू जेल जाएगी और साथ-साथ मेरे को भी ले। जाएंगी,,,
काकी ने राज की पीठ पर एक चपत लगाते हुए कहा !!!तू जैसे उल्टी खोपडी का है ,,,वैसे ही उल्टे
खयाल तेरे दिमाग में आते हैं ,,,,अरे तूने कभी किसी की आंखों में ठीक से देखा है,,,, राज मेरी बूढ़ी आंखें किसी की आंखों में देखकर धोखा कभी नहीं खा सकती ,,,
वह मासूम इतना में भरोसे के साथ कह सकती हूं, कि उसने जो भी कहा वह सच है लेकिन फिर भी तू अपनी तसल्ली के लिए एक बार जाकर बस्ती में पता लगा,,, तेरे मन की तसल्ली हो जाएगी तो अच्छा ही होगा ,,,,बात तो तू किसी की मानने वाला है नहीं,,,,,
ठीक है कल मुझे वेसे भी बस्ती मैं जाना है कुछ काम है ,,तो इस बारे में भी पता कर लूंगा ,लेकिन तू यह बता कि अभी वह छोरी है कहा,,,,
राज अभी वह मेरे कमरे में सोई हुई है और तू उससे कुछ नहीं कहेगा,,, कितनी भूखी थी बेचारी अरे इतना तो सोचो उसके कान्हा जी उसके साथ है ,,और चाहे कुछ भी हो भगवान जी झूठ का साथ कभी नहीं दे सकते, तू अभी जाकर आराम कर सुबह अपनी तसल्ली के लिए पता कर लेना,
पर सच कहूं मुझे तो उसमें अपनी बेटी ही दिख रही है ,मैं छोरी को घर से जाने के लिए कभी नहीं कहूंगी,, पर एक बात अच्छी तरह से सोच ले अगर उसकी बताई हुई सारी बात सही निकली ,और तुझे उस बात से तसल्ली हो गई तो फिर तू उसको इस घर में रहने से मना नहीं करेगा,,,
क्या !!!!कहते हुए राज इस बात पर बुरी तरह से चौक गया था , इस घर में रहेगी क्या मतलब छोरी
यहां क्यों रहेगी अरे अगर सारी बात सही हुई तो उसकी मदद करके पुलिस स्टेशन में बता देंगे,,, फिर उनकी जो मर्जी वो करें ,,,,अरे गरीब लड़कियों के लिए तमाम अनाथ आश्रम खुले रहते हैं ,,,सरकार उनकी मदद करती हैं ,तो फिर वो यहां क्यों रहेगी,,,,
देख राज एक बात अच्छी तरह से सुन ले अगर सच्चाई जानने के बाद तूने डॉली को घर से निकाला तो तेरी काकी भी उसके साथ जाएगी, अब तुझे जो हो मंजूर हो तू बता देना ,,,,,
काकी तेरा दिमाग सटक गया है क्या
अरे 1 दिन की आई छोरी के लिए तू मुझे छोड़कर जाएगी ,,,,अरे 20 साल से तू मेरे साथ रह रही है,, हां राज मैं तेरे साथ रह रही हूं ,और इसी अधिकार से तुझसे कह रही हूं ,,,एक अनाथ बच्ची को हम अपने घर में पनाह देंगे तो पूण्य का काम भी होगा और फिर हो सकता भगवान ने उसे इसीलिए आज तेरे ट्रक में भेजा हो ,कि उसे हमारे घर पर आसरा मिल जाए ,,,अरे तेरी ढावे में रोज 5,,,10 गरीब खाना खाते हैं ,,अगर ये बच्ची दो टाइम की रोटी खा लेगी तो तेरे यहां किसी चीज की कमी नहीं हो जाएगी,,,और फिर तुझे क्या तू तो सुबह से लेकर रात तक ढाबे में रहता है, मैं यहां अकेली घर पर दीवारों से बातें करूं क्या, अरे अब बुढ़ापे में इतना काम भी नहीं होता,,, बच्ची के रहने से घर में रौनक हो जाएगी और काम में भी मेरा हाथ बटा दिया करेंगी, अगर बुढ़ापे में मुझे थोड़ी सी खुशी मिल जाएगी तेरा क्या चला जाएगा अब तू जा,,,,,
मुझसे सुबह बात करना,,,, इतना कहकर काकि आई और डॉली के बगल में उसको अच्छे से रजाई उड़ाते हुए उसके ऊपर हाथ रख कर सोने लगी,,, काकी को ना जाने क्यों उसके भोले चेहरे से एक दिन में ही बड़ा प्रेम हो गया था उधर राज अपने कमरे में जाकर यही सोच रहा था कि ये काकी भी ना जिद पर आ जाए तो अपनी बात मनवा के ही रहती है ,,और बस रोज की तरह घोड़े बेच के सो गया,,,,
सुबह जब उठा उसके दिमाग में एक ही बात घूम रही थी, कि वह बस्ती जाए और जाकर पता करें कि यह बात सच है या झूठ और सच कहूं तो उसके मन में यही चल रहा था कि काश यह लड़की झूठ बोल रही हो तो इससे पीछा छूटे,,,उठकर हाथ मुँह धोया चाय पी और जीप लेकर चल पड़ा बस्ती की तरफ़,,, 1 दिन बाद ही बस्ती पूरी तरह से उजड़ी हुई लग रही थी, पुलिस ने बहुत सारी कच्ची झोपड़ियां क्रेन से तूड़वा दी थी, कुछ लोग कहीं बैठकर नारेबाजी कर रहे थे, तो कुछ अपॉजिट पार्टी के लोग उनके खिलाफ लड़ रहे थे,, पुलिस का पहरा अब भी वहां पर सख्त था,,, कुल मिलाकर पूरी बस्ती उजड़ी और वीरान लग रही थी, जब उसने कुछ लोगों से जाकर पूछा की बस्ती में रहने वाले लोग कहां है ,,,,तो सब ने यही जवाब दिया कि अब कुछ नहीं पता ,,,अचानक से जिसको जहां जगह मिली, जो जैसे भाग पाया भाग गया वहीं पास में 8,10
औरते बैठी थी ,जो बस्ती की लग रही थी ,,,राज ने
उनके पास जाकर ,,,डॉली का नाम लेकर डॉली के बारे में जानना चाहा ,,,पहले तो वो चुप हो गई ,लेकिन फिर उल्टा राज से सवाल किया,,, आप उसके बारे में क्यों पूछ रहे हैं ,,,,राज ने कहा कि वह मेरे यहां सफाई का काम करती थी ,और 2 दिन से आई नहीं बस इसलिए पता करने आया हूं,, तो एक औरत ने डॉली के बारे में दया दिखाते हुए उसकी परेशानी बताइ,,,,,
आप तो जानते ही होंगे कि वह अपनी सौतेली मां के साथ रहती थी मैं तो कहती हूं अच्छा ही हुआ वह आजाद हो गई , तो अच्छा है अरे उसके जैसी गन्दी औरत तो कोई दूसरी नहीं होगी,,, सुनने में तो यह भी आया था कि वह डॉली का सौदा करना चाहती थी,,,पर आगे का भगवान जाने उसके साथ क्या हुआ कहां गई हम कुछ नहीं जानते,,,, राज ने यही बात वहां पर तीन चार जगह जाकर पता कि ,,और हर जगह उसे यही उत्तर मिला,, एक जगह तो उसने डॉली की फोटो तक दिखाइ जो मोबाइल में खींचकर लाया था,,, यही जवाब मिला और उसे पूरा यकीन हो गया कि जो भी कह रही है वह सच है,,,, जब घर गया और काकी ने पूछा लगा लिया पता क्या हुआ ,,,
तव वह कुछ बोल नहीं पाया लेकिन आज उसकी आंखों में उस लड़की के लिए दया और , उसकी मां के लिए गुस्सा साफ झलक रहा था ,,,,उसने गाली देते हुए कहा साली अपन को उसकी मां मिल जाए तो अभी के अभी उसको जेल की चक्की पिसवा दूं,,,, काकी ने
राज को शांत करते हुए उसे पानी पिलाया ,,,,और हंस कर बोली राज अब इसको रहने की इजाजत है कि नहीं,,,
राज ने कहा कि क्यों तू अपन को शर्मिंदा करती है,,,,
अपन अपनी हरकत के लिए पहल ही बहुत ,,,,,,,
काकी जैसा तू चाहती है वैसे ही होगा पर कल के दिन अगर पुलिस आकर पूछती है यह पता करती है उसके बारे में तो हम क्या कहेंगे ,कि कौन है लड़की कहां से आई है,,, बेटा इसकी चिंता तू मत कर, बस तूने हां कह दी है ,,
डॉली को कैसे अपने पास रखना है यह मैंने अच्छी तरह से सोच लिया है ,,,अरे वह जो महिला मोर्चा की बहन जी है ना ,अपने यहां कभी-कभी आती रहती हैं,, तो आज सुबह ही वह हमारे घर पर आई थी ,और मैंने उन्हें डॉली की सारी कहानी बता दी ,,डॉली के बारे में सब कुछ बता दिया, और उन्होंने कहा है कि हमें पुलिस में जाकर सब बताना होगा सारी सच्चाई जो भी है ,,और फिर हमें डॉली को अपने पास रखने की इच्छा बताकर हम इसकी जिम्मेदारी ले लेंगे,,,,,