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Guest
उन दोनों के बीच में ऐसा ही चलता रहा करीब दो तीन महीने और गुजर गए थे
एक दिन अचानक विकी अपनी टीम के साथ गांव में आगनबाडी चेक करने के लिए आ गया ,वह जैसे ही डॉली की आगनबाडी पर गया , डॉली अपनी सहायिका के साथ
आंगनवाड़ी पर बच्चों को खिलाने के साथ साथ पढ़ाई करवा रही थी
उसकी आंगनबाड़ी भी काफी साफ सुंदर और स्वच्छ थी, और आंगनवाडी के बच्चे भी काफी है ,हेल्दी दिख रहे थे
आंगनबाड़ी की रसोई ,गुसलखाना ,पार्क हर चीज
व्यवस्थित ,और साफ़ सुथरी थी
अभी बच्चों का खाना शुरु नहीं हुआ था रसोई में पक रहा था ,वो भी सरकार के दिए राशन के अनुसार ही ,हेल्दी व प्रचुर मात्रा में ही था, विकी को सारी चीजें अपनी सोच के अनुसार उपस्थित मिली,वह तो डॉली को देखते ही पहचान गया था
पर शायद डॉली का ध्यान उस पर नहीं गया वह पहले से काफी बदल चुका था
उसका कद ऊँचा,और शरीर भरा हुआ लग रहा था , जहां पहले क्लीन सेब रहता था वही अब फ्रेंच कट स्टाइल में वह काफी स्मार्ट लग रहा था
सब कुछ चेक करने के बाद उसने डॉली की तरफ़ मुस्कुराते हुए देखा,,,
हाय डॉली मैं विकास, विकी,
डॉली उसके चेहरे की तरफ देख कर रह गई
उसने हंसते हुए कहा, डॉली क्या मुझे भूल गई हो
पुरे एक साल तक आपने मुझसे मैथ्स की ट्यूशन ली थी, और मेरे ख्याल से आपने पूरे मन लगाकर पढ़ाई भी की ,,,
और आज ये उसी का नतीजा है
कि आपकी आंगनबाड़ी को इस जिले में सबसे ज्यादा पॉइंट मिले हैं
चाहे वो साफ सफाई की व्यवस्था हो
या बच्चों की हैल्थ की , मैंने पिछले 2 सालों के सारे रिकॉर्ड चेक किये है
उनमें कहीं भी ,कोई भी गलती नहीं है
और यह हमारा आखिरी राउंड था
तो इसमें भी आपकी आंगनबाड़ी को परफेक्ट पाया गया है
सारी फाइल बन चुकी है, और आपके लिए गुड न्यूज़ है,कि आपको कलेक्टर द्वारा
बेस्ट आंगनवाड़ी कार्यकर्ता का सर्टिफिकेट दिया जाएगा ,,15 अगस्त आने वाला है
तो 15 अगस्त को जिले कलेक्टर के हाथों
ये सर्टिफिकेट आपको सौंपा जाएगा
और इसके लिए कोंग्रेचुलेशंस !!!//cdn.jsdelivr.net/gh/twitter/twemoji@latest/assets/svg/1f60a.svg
यह सुनकर तो डॉली सच में खुश हो गई
उसे तो अपने सपना पूरा होता दिख रहा था और उसका सपना था ,कि वह अपने काम को पूरे मन और लगन से करे
और यह मन लगा कर काम करने का ही नतीजा था ,विकास ने एक बार फिर आगे हाथ बढ़ाया,,, मिस डॉली अब तो हाथ मिला ही लीजिए ,आपको इतना बड़ा सम्मान मिलने वाला है
डॉली ने विकास से हाथ मिलाया ,और थैंक्यू कहते हुये , घर चलकर कॉफी पीने के लिए भी कहा ,वैसे तो विकास लेट हो रहा था लेकिन फिर भी वह डॉली के साथ जाने को तैयार हो गया......
क्योंकि वह जब डॉली को ट्यूशन पढ़ाने जाता था ,तो काकी एक बेटे की तरह ही उसकी देखरेख ,करती , कभी पकौड़ी
कभी आलू के पराठे ,तो कभी हलवा
हमेशा कुछ न कुछ उसको बनाकर खिलाती और उसको भी काकी में अपनी मां नजर आती थी ,विकास की मां बचपन में ही गुजर गई थी , उसने अपनी बुआ के यहां रह कर पढ़ाई की , ट्यूशन पढ़ा कर अपनी पढ़ाई के खर्चे पूरे किए, और आज ये उसकी मेहनत का ही नतीजा था , कि वह इतनी अच्छी पोस्ट पर पोस्टेड हो गया था
तो बस उसने डॉली को कॉफी के लिए हां कह दिया ,जिससे कि वह काकी से भी मिल सके , डॉली विकास के साथ ही उसकी गाड़ी में बैठ कर घर पर आ गई
जब गाड़ी ढावे के बाहर आकर रुकी तो राज काम मे व्यस्त था
पर जैसे ही उसने डॉली और विक्की को गाड़ी से उतरते देखा, तो भाग कर गाड़ी के पास आ गया ,और खुशी-खुशी विकास को अंदर ले जाकर काकी से मिलवाया
काकी खुश हो गई ,सबने मिल बैठकर चाय नाश्ता किया ,और डॉली के बारे में खुशखबरी सुनकर विकास शहर चला गया जाते जाते उसने दुबारा 15 अगस्त के दिन सब को मिलने के लिए बोल दिया था
काकी तो विकास की तारीफ करते नहीं थक रही थी ,कि कितना अच्छा लड़का है
अपनी मेहनत लगन के बल पर कहां से कहां पहुंच गया ,तब राज ने डॉली को देखते हुए कहा, कि हमारी महारानी भी किसी से कम नहीं है ,,यह भी
अपनी मेहनत की दम पर आगे बढ़ी है ,और देखना एक दिन बहुत आगे जाएगी ,विकास की तरह ही बड़ी ऑफिसर बनेगी ,इसके लिए भी चार पहिए की गाड़ी आएगी ,और जब उसकी गाड़ी अपुन के ढावे के सामने आकर रुकेगी
ना तो अपुन सलूट करेगा,,,
डॉली तू बिंदास 15 अगस्त की तैयारी कर मैं तुझे और काकी को लेकर चलूंगा
और हां जब कलेक्टर साहब तुझे प्रमाण पत्र देंगे ,,अपुन तेरी लाइव शूटिंग भी करवाएगा तेरा वीडियो बनाएगा
और उस वीडियो को पूरे गांव को दिखाएगा की ये अपुन की डॉली ,है राज की डॉली
काकी तुझे पता है ,अपनी डॉली को पूरे गांव में पहली बार कलेक्टर के द्वारा सर्टिफिकेट मिल रहा है ,डॉली तेरी पेपर में भी फोटो निकलेगी ,राज डॉली के उज्जवल भविष्य के सपने देखता जा रहा था
और डॉली राज की आंखों में देखते हुये राज से यही कहना चाहती थी
कि राज तुम मेरी आंखों में सब कुछ देख सकते हो ,लेकिन तुम यह क्यों नहीं देख पा रहे ,कि मेरा भविष्य तुम हो
मेरी सारी खुशियां तुमसे ही जुड़ी हैं
विकास को यहाँ से गये हुये छः सात दिन बीत गए थे, बस एक महीने बाद थी 15 अगस्त आने वाला था ,,,,
आज अचानक डॉली के फोन पर विकास का फोन आया , डॉली ने विकास का नंबर सेव किया ही नहीं था ,पर शायद विकास ने फाइल में से डॉली का नम्बर देखकर उससे कांटेक्ट किया
विकास में थोड़ी से हालचाल पूछते हुए डॉली से कुछ बात की ,और उसे बताया कि सर्टिफिकेट बनाने के लिए डॉली के कुछ फोटो और कुस जरूरी पेपर्स की नीड है
तो विकास के whatsapp नंबर पर सेंड कर दे ,डॉली ने फोटो और पेपर्स विकास के कहे अनुसार उसके नंबर पर सेंड कर दिये अब तो डॉली को विकास का नंबर सेव करना ही था ,जिससे वह ज़रूरी बात कर सके, ज़रूरी बातों के साथ-साथ विकास कभी-कभी डॉली को गुड मॉर्निंग या
गुड नाईट भी बोल देता, और बीच ,बीच मे कुछ मैसेज भी कर देता
बदले में कभी-कभी डॉली भी उसका जवाब दे देती
15 अगस्त आते आते विकास और डॉली के बीच काफी बातें हो चुकी थी
आज 14 अगस्त था ,और बस कल ही डॉली काकी और राज के साथ जिले में कलेक्टर के द्वारा सर्टिफिकेट लेने जा रही थी
जब रात को सोने से पहले डॉली ने अपना मोबाइल चेक किया, तो विकास का मैसेज पढ़ा हुआ था
डियर डॉली
रैयली आई एम सो हैप्पी
कि कि तुम्हें कलेक्टर के द्वारा यह सर्टिफिकेट दिया जा रहा है ,तुम्हारी सारी इच्छाएं पूरी हो ,और भगवान तुम्हें खूब तरक्की दे ,मैं कल तुम्हारा वेट करूंगा
विकास
इस तरह से विकास का मैसेज पहली बार आया था, डॉली को देखकर कुछ अजीब लगा ,पर उसने इस बात को ज्यादा सोचा नहीं ,और इसका आंसर भी नहीं दिया
बह सो गई ,सुबह से जल्दी उठना था
सुबह राज ,डॉली ,और काकी तीनों अच्छी तरह से तैयार हो चुके थे
राज ने पहले ही डॉली को केसरिया हरा और सफेद तीनों कलर का एक मिलाजुला खूबसूरत सा सलवार सूट दिला दिया था जिसमें तिरंगे के तीनों रंग एक साथ थे
राज ने भी सफेद कुर्ता पजामा और काकी ने हरी बॉर्डर की सफेद रंग की कॉटन साड़ी पहनी हुई थी
तीनों जाने के लिए तैयार होकर जीप में बैठ गए ,और टाइम से मुख्यालय पर पहुंच चुके थे ,डॉली काकी और राज के साथ सामने डली कुर्सियों पर बैठ गई
नाम अनाउंस होने के साथ ही डॉली को स्टेज पर जाना था, प्रोग्राम शुरू हो गया भव्य स्टेज बनाई गई थी ,उस पर मुख्यालय के गणमान्य व्यक्ति बैठे हुए थे
झंडारोहण हुआ, सलामी दी गई, और उसके बाद शुरू हुआ सबके नाम का एनाउंसमेन्ट सबके नाम अनाउंस किए जा रहे थे
और सभी एक एक कर स्टेज पर जाते हुए अपने-अपने चेक, सर्टिफिकेट और शील्ड लेते जा रहे थे ,यह सारी चीजें कई क्षेत्रों मे दीं जा रही थी
आखिरकार 1 घंटे इंतजार करने के बाद डॉली का नाम भी स्टेज पर लिया गया
कुछ देर के लिए तो डॉली घबरा गई
क्योंकि वह पहली बार किसी इतने बड़े समारोह में आई थी, राज डॉली के चेहरे की घबराहट देख चुका था
उसने डॉली के हाथ पर अपना हाथ रखते हुए उसकी आंखों में देखा
और समझाया कि घबराने की जरूरत नहीं है ,मैं हर कदम पर तुम्हारे साथ हूं
डॉली ने एक बार राज की आंखों में देखा और हल्की सी कपकपाहट के साथ स्टेज की तरफ बढ़ने लगी ,,,
जब डॉली स्टेज पर गई तो वहां बैठे लोगों ने देखा कि, इतनी छोटी सी लड़की जिसकी उम्र यही कोई 20 ,21 साल है
और इतनी जिम्मेदारी का ,और इतना अच्छा काम किया है ,सब आश्चर्य से डॉली को देख रहे थे ,कलेक्टर साहब ने अपनी कुर्सी से उठते हुए शील्ड और प्रमाण पत्र डॉली के हाथ पर रखा ,और उसकी पीठ ठोकते हुए बहुत ही गर्व के साथ तालियां बजाना शुरू किया ,उसके बाद एक जोरदार तालियों की आवाज ग्राउंड में गूंज उठी
कलेक्टर साहब ने माइक अपने पास लिया और कहां ,,,,
डॉली जैसी लड़की को देखकर हमें बहुत कुछ सीखना चाहिए, एक इतनी छोटी बच्ची जिसकी अभी पढ़ाई भी पूरी नहीं हुई है नौकरी लगने के साथ ही 2 साल में अपनी आंगनबाड़ी को नंबर वन पर ला दिया है अगर हम सभी इसी तरह ईमानदारी
और पूरी मेहनत के साथ अपना काम करते रहे ,तो वह दिन दूर नहीं ,जब हमारे देश के भविष्य ,हमारे नन्हे मुन्ने बच्चे ,एक अच्छी ग्रोथ के साथ आगे बढ़ेंगे
कलेक्टर साहब एक उम्रदराज व्यक्ति थे
डॉली ने सर्टिफिकेट को टेबल पर रखते हुए दोनों हाथों से उनके पैर छुए
और धन्यवाद कहते हुए अपने सर्टिफिकेट लेकर स्टेज से नीचे आ गई
राज इकटक, लगातार ,बेसब्री से डॉली को देख रहा था ,एक एक पल उसे रोमांचित कर रहा था ,डॉली को आगे बढ़ता देख राज का सीना खुशी से चौड़ा हो गया था
डॉली जैसे ही स्टेज से उतरी राज अपनी कुर्सी से खड़ा हुआ ,और उसे हाथ देते हुए नीचे उतार लिया
डॉली वापस अपनी कुर्सी पर बैठ गई
डॉली और राज ,दोनों की ही आंखें भीगी हुई थी ,लेकिन वह एक दूसरे से कुछ बोल नहीं पा रहे थे,,,,,,
एक दिन अचानक विकी अपनी टीम के साथ गांव में आगनबाडी चेक करने के लिए आ गया ,वह जैसे ही डॉली की आगनबाडी पर गया , डॉली अपनी सहायिका के साथ
आंगनवाड़ी पर बच्चों को खिलाने के साथ साथ पढ़ाई करवा रही थी
उसकी आंगनबाड़ी भी काफी साफ सुंदर और स्वच्छ थी, और आंगनवाडी के बच्चे भी काफी है ,हेल्दी दिख रहे थे
आंगनबाड़ी की रसोई ,गुसलखाना ,पार्क हर चीज
व्यवस्थित ,और साफ़ सुथरी थी
अभी बच्चों का खाना शुरु नहीं हुआ था रसोई में पक रहा था ,वो भी सरकार के दिए राशन के अनुसार ही ,हेल्दी व प्रचुर मात्रा में ही था, विकी को सारी चीजें अपनी सोच के अनुसार उपस्थित मिली,वह तो डॉली को देखते ही पहचान गया था
पर शायद डॉली का ध्यान उस पर नहीं गया वह पहले से काफी बदल चुका था
उसका कद ऊँचा,और शरीर भरा हुआ लग रहा था , जहां पहले क्लीन सेब रहता था वही अब फ्रेंच कट स्टाइल में वह काफी स्मार्ट लग रहा था
सब कुछ चेक करने के बाद उसने डॉली की तरफ़ मुस्कुराते हुए देखा,,,
हाय डॉली मैं विकास, विकी,
डॉली उसके चेहरे की तरफ देख कर रह गई
उसने हंसते हुए कहा, डॉली क्या मुझे भूल गई हो
पुरे एक साल तक आपने मुझसे मैथ्स की ट्यूशन ली थी, और मेरे ख्याल से आपने पूरे मन लगाकर पढ़ाई भी की ,,,
और आज ये उसी का नतीजा है
कि आपकी आंगनबाड़ी को इस जिले में सबसे ज्यादा पॉइंट मिले हैं
चाहे वो साफ सफाई की व्यवस्था हो
या बच्चों की हैल्थ की , मैंने पिछले 2 सालों के सारे रिकॉर्ड चेक किये है
उनमें कहीं भी ,कोई भी गलती नहीं है
और यह हमारा आखिरी राउंड था
तो इसमें भी आपकी आंगनबाड़ी को परफेक्ट पाया गया है
सारी फाइल बन चुकी है, और आपके लिए गुड न्यूज़ है,कि आपको कलेक्टर द्वारा
बेस्ट आंगनवाड़ी कार्यकर्ता का सर्टिफिकेट दिया जाएगा ,,15 अगस्त आने वाला है
तो 15 अगस्त को जिले कलेक्टर के हाथों
ये सर्टिफिकेट आपको सौंपा जाएगा
और इसके लिए कोंग्रेचुलेशंस !!!//cdn.jsdelivr.net/gh/twitter/twemoji@latest/assets/svg/1f60a.svg
यह सुनकर तो डॉली सच में खुश हो गई
उसे तो अपने सपना पूरा होता दिख रहा था और उसका सपना था ,कि वह अपने काम को पूरे मन और लगन से करे
और यह मन लगा कर काम करने का ही नतीजा था ,विकास ने एक बार फिर आगे हाथ बढ़ाया,,, मिस डॉली अब तो हाथ मिला ही लीजिए ,आपको इतना बड़ा सम्मान मिलने वाला है
डॉली ने विकास से हाथ मिलाया ,और थैंक्यू कहते हुये , घर चलकर कॉफी पीने के लिए भी कहा ,वैसे तो विकास लेट हो रहा था लेकिन फिर भी वह डॉली के साथ जाने को तैयार हो गया......
क्योंकि वह जब डॉली को ट्यूशन पढ़ाने जाता था ,तो काकी एक बेटे की तरह ही उसकी देखरेख ,करती , कभी पकौड़ी
कभी आलू के पराठे ,तो कभी हलवा
हमेशा कुछ न कुछ उसको बनाकर खिलाती और उसको भी काकी में अपनी मां नजर आती थी ,विकास की मां बचपन में ही गुजर गई थी , उसने अपनी बुआ के यहां रह कर पढ़ाई की , ट्यूशन पढ़ा कर अपनी पढ़ाई के खर्चे पूरे किए, और आज ये उसकी मेहनत का ही नतीजा था , कि वह इतनी अच्छी पोस्ट पर पोस्टेड हो गया था
तो बस उसने डॉली को कॉफी के लिए हां कह दिया ,जिससे कि वह काकी से भी मिल सके , डॉली विकास के साथ ही उसकी गाड़ी में बैठ कर घर पर आ गई
जब गाड़ी ढावे के बाहर आकर रुकी तो राज काम मे व्यस्त था
पर जैसे ही उसने डॉली और विक्की को गाड़ी से उतरते देखा, तो भाग कर गाड़ी के पास आ गया ,और खुशी-खुशी विकास को अंदर ले जाकर काकी से मिलवाया
काकी खुश हो गई ,सबने मिल बैठकर चाय नाश्ता किया ,और डॉली के बारे में खुशखबरी सुनकर विकास शहर चला गया जाते जाते उसने दुबारा 15 अगस्त के दिन सब को मिलने के लिए बोल दिया था
काकी तो विकास की तारीफ करते नहीं थक रही थी ,कि कितना अच्छा लड़का है
अपनी मेहनत लगन के बल पर कहां से कहां पहुंच गया ,तब राज ने डॉली को देखते हुए कहा, कि हमारी महारानी भी किसी से कम नहीं है ,,यह भी
अपनी मेहनत की दम पर आगे बढ़ी है ,और देखना एक दिन बहुत आगे जाएगी ,विकास की तरह ही बड़ी ऑफिसर बनेगी ,इसके लिए भी चार पहिए की गाड़ी आएगी ,और जब उसकी गाड़ी अपुन के ढावे के सामने आकर रुकेगी
ना तो अपुन सलूट करेगा,,,
डॉली तू बिंदास 15 अगस्त की तैयारी कर मैं तुझे और काकी को लेकर चलूंगा
और हां जब कलेक्टर साहब तुझे प्रमाण पत्र देंगे ,,अपुन तेरी लाइव शूटिंग भी करवाएगा तेरा वीडियो बनाएगा
और उस वीडियो को पूरे गांव को दिखाएगा की ये अपुन की डॉली ,है राज की डॉली
काकी तुझे पता है ,अपनी डॉली को पूरे गांव में पहली बार कलेक्टर के द्वारा सर्टिफिकेट मिल रहा है ,डॉली तेरी पेपर में भी फोटो निकलेगी ,राज डॉली के उज्जवल भविष्य के सपने देखता जा रहा था
और डॉली राज की आंखों में देखते हुये राज से यही कहना चाहती थी
कि राज तुम मेरी आंखों में सब कुछ देख सकते हो ,लेकिन तुम यह क्यों नहीं देख पा रहे ,कि मेरा भविष्य तुम हो
मेरी सारी खुशियां तुमसे ही जुड़ी हैं
विकास को यहाँ से गये हुये छः सात दिन बीत गए थे, बस एक महीने बाद थी 15 अगस्त आने वाला था ,,,,
आज अचानक डॉली के फोन पर विकास का फोन आया , डॉली ने विकास का नंबर सेव किया ही नहीं था ,पर शायद विकास ने फाइल में से डॉली का नम्बर देखकर उससे कांटेक्ट किया
विकास में थोड़ी से हालचाल पूछते हुए डॉली से कुछ बात की ,और उसे बताया कि सर्टिफिकेट बनाने के लिए डॉली के कुछ फोटो और कुस जरूरी पेपर्स की नीड है
तो विकास के whatsapp नंबर पर सेंड कर दे ,डॉली ने फोटो और पेपर्स विकास के कहे अनुसार उसके नंबर पर सेंड कर दिये अब तो डॉली को विकास का नंबर सेव करना ही था ,जिससे वह ज़रूरी बात कर सके, ज़रूरी बातों के साथ-साथ विकास कभी-कभी डॉली को गुड मॉर्निंग या
गुड नाईट भी बोल देता, और बीच ,बीच मे कुछ मैसेज भी कर देता
बदले में कभी-कभी डॉली भी उसका जवाब दे देती
15 अगस्त आते आते विकास और डॉली के बीच काफी बातें हो चुकी थी
आज 14 अगस्त था ,और बस कल ही डॉली काकी और राज के साथ जिले में कलेक्टर के द्वारा सर्टिफिकेट लेने जा रही थी
जब रात को सोने से पहले डॉली ने अपना मोबाइल चेक किया, तो विकास का मैसेज पढ़ा हुआ था
डियर डॉली
रैयली आई एम सो हैप्पी
कि कि तुम्हें कलेक्टर के द्वारा यह सर्टिफिकेट दिया जा रहा है ,तुम्हारी सारी इच्छाएं पूरी हो ,और भगवान तुम्हें खूब तरक्की दे ,मैं कल तुम्हारा वेट करूंगा
विकास
इस तरह से विकास का मैसेज पहली बार आया था, डॉली को देखकर कुछ अजीब लगा ,पर उसने इस बात को ज्यादा सोचा नहीं ,और इसका आंसर भी नहीं दिया
बह सो गई ,सुबह से जल्दी उठना था
सुबह राज ,डॉली ,और काकी तीनों अच्छी तरह से तैयार हो चुके थे
राज ने पहले ही डॉली को केसरिया हरा और सफेद तीनों कलर का एक मिलाजुला खूबसूरत सा सलवार सूट दिला दिया था जिसमें तिरंगे के तीनों रंग एक साथ थे
राज ने भी सफेद कुर्ता पजामा और काकी ने हरी बॉर्डर की सफेद रंग की कॉटन साड़ी पहनी हुई थी
तीनों जाने के लिए तैयार होकर जीप में बैठ गए ,और टाइम से मुख्यालय पर पहुंच चुके थे ,डॉली काकी और राज के साथ सामने डली कुर्सियों पर बैठ गई
नाम अनाउंस होने के साथ ही डॉली को स्टेज पर जाना था, प्रोग्राम शुरू हो गया भव्य स्टेज बनाई गई थी ,उस पर मुख्यालय के गणमान्य व्यक्ति बैठे हुए थे
झंडारोहण हुआ, सलामी दी गई, और उसके बाद शुरू हुआ सबके नाम का एनाउंसमेन्ट सबके नाम अनाउंस किए जा रहे थे
और सभी एक एक कर स्टेज पर जाते हुए अपने-अपने चेक, सर्टिफिकेट और शील्ड लेते जा रहे थे ,यह सारी चीजें कई क्षेत्रों मे दीं जा रही थी
आखिरकार 1 घंटे इंतजार करने के बाद डॉली का नाम भी स्टेज पर लिया गया
कुछ देर के लिए तो डॉली घबरा गई
क्योंकि वह पहली बार किसी इतने बड़े समारोह में आई थी, राज डॉली के चेहरे की घबराहट देख चुका था
उसने डॉली के हाथ पर अपना हाथ रखते हुए उसकी आंखों में देखा
और समझाया कि घबराने की जरूरत नहीं है ,मैं हर कदम पर तुम्हारे साथ हूं
डॉली ने एक बार राज की आंखों में देखा और हल्की सी कपकपाहट के साथ स्टेज की तरफ बढ़ने लगी ,,,
जब डॉली स्टेज पर गई तो वहां बैठे लोगों ने देखा कि, इतनी छोटी सी लड़की जिसकी उम्र यही कोई 20 ,21 साल है
और इतनी जिम्मेदारी का ,और इतना अच्छा काम किया है ,सब आश्चर्य से डॉली को देख रहे थे ,कलेक्टर साहब ने अपनी कुर्सी से उठते हुए शील्ड और प्रमाण पत्र डॉली के हाथ पर रखा ,और उसकी पीठ ठोकते हुए बहुत ही गर्व के साथ तालियां बजाना शुरू किया ,उसके बाद एक जोरदार तालियों की आवाज ग्राउंड में गूंज उठी
कलेक्टर साहब ने माइक अपने पास लिया और कहां ,,,,
डॉली जैसी लड़की को देखकर हमें बहुत कुछ सीखना चाहिए, एक इतनी छोटी बच्ची जिसकी अभी पढ़ाई भी पूरी नहीं हुई है नौकरी लगने के साथ ही 2 साल में अपनी आंगनबाड़ी को नंबर वन पर ला दिया है अगर हम सभी इसी तरह ईमानदारी
और पूरी मेहनत के साथ अपना काम करते रहे ,तो वह दिन दूर नहीं ,जब हमारे देश के भविष्य ,हमारे नन्हे मुन्ने बच्चे ,एक अच्छी ग्रोथ के साथ आगे बढ़ेंगे
कलेक्टर साहब एक उम्रदराज व्यक्ति थे
डॉली ने सर्टिफिकेट को टेबल पर रखते हुए दोनों हाथों से उनके पैर छुए
और धन्यवाद कहते हुए अपने सर्टिफिकेट लेकर स्टेज से नीचे आ गई
राज इकटक, लगातार ,बेसब्री से डॉली को देख रहा था ,एक एक पल उसे रोमांचित कर रहा था ,डॉली को आगे बढ़ता देख राज का सीना खुशी से चौड़ा हो गया था
डॉली जैसे ही स्टेज से उतरी राज अपनी कुर्सी से खड़ा हुआ ,और उसे हाथ देते हुए नीचे उतार लिया
डॉली वापस अपनी कुर्सी पर बैठ गई
डॉली और राज ,दोनों की ही आंखें भीगी हुई थी ,लेकिन वह एक दूसरे से कुछ बोल नहीं पा रहे थे,,,,,,