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Thriller आख़िरी सबूत

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Thriller story आख़िरी सबूत

1

अगर अर्न्स्ट सिमेल को पता होता कि वो फ़रसामार का दूसरा शिकार बनने वाला है, तो उसने ब्लू शिप पर एक-दो पैग और चढ़ा लिए होते ।

बहरहाल, उसने बार में कॉफ़ी के साथ ब्रांडी और बर्फ़ के साथ व्हिस्की ली थी, साथ ही दूर कोने में मौजूद ब्लीच-ब्लांड औरत से निगाहें चार करने की भी कोशिश करता रहा, मगर बेदिली से। बजाहिर, वो कैनिंग फ़ैक्टरी की कोई नई कर्मचारी थी। उसने उसे पहले कभी नहीं देखा था, जबकि उसे शहर में मौजूद हसीनाओं का अच्छा ख़ासा अंदाज़ा था।

उसके दाएं डी जरनल का रिपोर्टर हरमैन शाल्क था जो कैलिनिन्ग्राद जैसी किसी जगह पर सस्ते वीकएंड के लिए उसे पटाने की कोशिश कर रहा था, और फिर जब उसकी पिछली शाम की तफ़्तीश का समय आया, तो ऐसा लगा कि इस ज़िंदगी में सिमेल से बात करने वाला आख़री आदमी शायद शाल्क ही रहा होगा।

मतलब, ये मानते हुए कि उसका काम तमाम करने से पहले फ़रसामार ने उसे कोई संदेश नहीं दिया था। जिसकी बहुत संभावना नहीं थी, क्योंकि पिछले केस की तरह, इस बार भी वार पीछे से और थोड़ा नीचे से तिरछा पड़ा था, इसलिए इसकी संभावना कम ही थी कि थोड़ी-बहुत बातचीत हुई होगी।

“आह, तो!" अपने गिलास की आख़री बूंद खाली करने के बाद सिमेल ने कहा था। मुझे बुढ़िया के पास वापस जाना चाहिए।"

यानी, अगर शाल्क को ठीक से याद था। जो भी हो, उसने उसे इससे बाज रखने की कोशिश की थी। उसने कहा था कि अभी मुश्किल से ग्यारह बजे हैं और कि रात अभी जवान है। लेकिन सिमेल दृढ़ था।

ये सही शब्द था। दृढ़। वो बार स्टूल से उतरा। उसने अपना चश्मा दुरुस्त किया और हमेशा की तरह अपने गंजे सिर पर बालों की उस दयनीय सी कूची पर हाथ फेरा-जैसे उससे कोई बेवकूफ बन जाएगा-कुछेक शब्द बड़बड़ाया और चल पड़ा। शाल्क ने आखरी बार उसकी पीठ की सफेद आकृति को देखा था जब वो दरवाज़े में थोड़ा ठिठका था और शायद इस सोच में हिचकिचा रहा था कि किधर जाए।

अब सोचने पर ये बात अजीब सी लगती थी। सिमेल को अपने घर का रास्ता तो पता था।

लेकिन हो सकता है वो वहां कुछ सैकंड खड़े रहकर अपने फेफड़ों को रात की ताज़ा हवा देना चाहता हो। ये एक गर्म दिन रहा था; गर्मियां अभी गई नहीं थीं और शामों में एक सौम्यता सी पैदा हो गई थी जिसे कई महीनों के गर्मियों के सूरज ने और भी समृद्ध कर दिया था। समृद्ध और परिष्कृत।

किसी ने कहा था, जैसे बड़े-बड़े घूटों में पीने के लिए बनी हों। ये रातें ।

वास्तव में, दूसरी ओर के सफ़र के लिए भी ये रात बुरी नहीं थी, अगर किसी को ऐसा सोचने की इजाज़त हो। डी जरनल में शाल्क का कॉलम मूल रूप से खेल और थोड़े से लोक-साहित्य से संबंधित था, लेकिन सिमेल से मिलने वाला आख़री आदमी होने के नाते, उसे इस प्रॉपर्टी डेवलपर के लिए मृत्युलेख लिखना था, जिसे अचानक हमारे बीच से छीन लिया गया था... जिसे हमारे समाज का एक स्तंभ कहा जा सकता था जो कई साल तक विदेश (प्रभावी टैक्स प्रबंध की समान सोच वाले अन्य नागरिकों के साथ कोस्टा डेल सोल में, लेकिन ये उस बारे में बात करने का मौका नहीं था) में रहने के बाद अभी अपने वतन वापस लौटा था, और जो अपने पीछे एक पत्नी और दो बड़े बच्चे छोड़कर गया था, पचास साल का हो गया था लेकिन अभी भी ज़िंदगी के पूरे शबाब पर था |

शाम की महक ज़िंदगी से भरपूर लग रही थी; वो हिचकिचाते हुए दरवाजे पर ठिठका।

क्या फिशरमैन्स स्क्वेयर और फिर आगे बंदरगाह तक टहलने का आइडिया अच्छा रहेगा?

इतनी जल्दी घर जाने का भी क्या फायदा? बेडरूम की मीठी सी महक और ग्रीट का भारी शरीर उसके दिमाग में कौंधा, और उसने टहलने के लिए बढ़ जाने का फैसला कर लिया। बस एक छोटी सी टहल के लिए। भले ही और कुछ हासिल न हो, लेकिन रात की गुनगुनी हवा ही अपने आपमें काफी होगी।

वो लांगवेज तक चला गया और फिर बंजेसकर्क की ओर मुड़ गया। उसी समय, हत्यारे ने लाइजनर पार्क में नींबू के पेड़ों की छाया से निकलकर उसका पीछा करना शुरू कर दिया। खामोशी से और सावधानी से, एक सुरक्षित दूरी बनाकर रखते हुए और अपने रबर के तलवों से बिना आवाज किए। आज की रात उसकी तीसरी कोशिश थी, लेकिन फिर भी, बेसब्री का कोई चिह्न नहीं था। वो जानता था उसे क्या करना है और उसके दिमाग में जल्दबाजी का नामो-निशान तक नहीं था।

सिमेल हॉयस्ट्राट पर चलता रहा और फिर बंदरगाह की ओर उतरने लगा। फिशरमैन्स स्क्वेयर पर वो थोड़ा धीमा हुआ और रास्ते पर जड़े निर्जन पत्थरों पर धीरे-धीरे चलता हुआ कवर्ड मार्केट की ओर बढ़ गया। दो महिलाएं डूम्स एली के नुक्कड़ पर बातों में मसरूफ थीं, लेकिन उसने उन पर कोई ध्यान नहीं दिया। शायद वो उनके मुकाम के बारे में ठीक से नहीं जानता था, या शायद उसके दिमाग में कुछ और चल रहा था।

या बस उसकी इच्छा ही नहीं थी। जब वो घाट पर पहुंचा, तो सिगरेट पीने के लिए कुछ मिनट को रुका और गोदी में नावों को डोलते हुए देखने लगा। हत्यारे ने भी मौका देखकर चौक के दूसरी ओर गोदाम की छाया में सिगरेट सुलगा ली। वो सिगरेट को अपने हाथों की कटोरी में अच्छी तरह छिपाए रहा ताकि उसके शोले की वजह से वो दिखाई न दे जाए और इस पूरे समय में उसने अपनी नजर शिकार से एक सैकंड को भी नहीं हटाई।

जब सिमेल ने अपनी सिगरेट को पानी में फेंका और जंगल की ओर बढ़ा, तो हत्यारा जान गया कि आज की रात ही वो रात है।

बेशक यहां एस्प्लेनेड और शहर के उस भाग-रिकेन-के बीच सिर्फ तीन सौ गज में पेड़ थे जहां सिमेल रहता था, और रास्ते में बहुत सी लाइटें थीं; लेकिन सारी ही लाइटें काम नहीं कर रही थीं और तीन सौ गज एक बहुत लंबी दूरी साबित हो सकती थी। जो भी हो, जब सिमेल ने अपने पीछे एक आहिस्ता से कदम की आवाज सुनी, तो वो जंगल के अंदर बमुश्किल पचास गज गया होगा और चारों ओर घना अंधेरा था।

गर्म और उम्मीदों से भरपूर, लेकिन जैसा कि कहा गया, घना।

उसे शायद डर महसूस करने का भी समय नहीं मिला था। और अगर मिला भी था, तो बस आखरी सैकंड के अंश में। रेजर जैसी तीखी धार पीछे से घुसी, दूसरी और चौथी वर्टिबरा के बीच और तीसरी वर्टिबरा के पार रीढ़ की हड्डी, ग्रासनली और कैरोटिड धमनी को काटती हुई निकल गई। वार अगर आधा इंच और गहरा होता तो शायद उसके सिर को शरीर से पूरी तरह अलग कर गया होता।

जो शायद दर्शनीय होता, लेकिन उससे नतीजे पर शायद ही कोई फर्क पड़ता।

किसी भी कल्पनीय मानदंड के अनुरूप, अर्न्स्ट सिमेल जमीन पर गिरने से पहले ही मर चुका होगा। उसका चेहरा पूरी ताकत से काफी चलते-फिरते कंकरीले रास्ते पर गिरा जिससे उसका चश्मा टूटा और अनगिनत गौण घाव दे गया। खून उसके गले से, ऊपर से और नीचे से, बह रहा था, और जब हत्यारे ने सावधानीपूर्वक उसे झाड़ियों में घसीटा, तब भी वो एक हल्की सी घरघराहट सुन सकता था। वो वहां खामोशी से बैठा रहा जबकि इस दौरान चार-पांच नौजवान वहां से गुजरे, फिर उसने घास में अपने हथियार को पोंछा और बंदरगाह की दिशा में वापस चल दिया।
 
बीस मिनट बाद, वो एक भाप देते चाय के कप के साथ अपनी किचन टेबल पर बैठा बाथटब को धीरे-धीरे भरते सुन रहा था। अगर उसकी पत्नी अभी उसके साथ रह रही होती, तो वो यकीनन पूछती कि क्या उसका दिन मुश्किल रहा, और कि क्या वो थका हुआ है।

वो जवाब देता कि कुछ खास नहीं। बस कुछ समय तो लग रहा है, लेकिन हर चीज योजना के हिसाब से चल रही है।

सुनकर अच्छा लगा, वो शायद उसके कंधे पर हाथ रखकर कहती। सुनकर अच्छा लगा...

उसने सिर हिलाया, और कप उठाकर मुंह से लगा लिया।
 
2

दूर-दूर तक रेत ही रेत थी।

दूर तक पसरी, हमेशा की तरह ही। फीके से आसमान के नीचे शांत, धूसर समुद्र। पानी के बगल में ठोस, नम रेत की एक पट्टी जिस पर वो स्थिर गति बनाए रख सकता था। साथ में चलता एक ज़्यादा सूखा, धूसर-सफेद मैदान, जहां तटीय घास और हवा से त्रस्त झाड़ियां फैली हुई थीं। खारी दलदलों के अंदर पक्षी अलसाए से बड़े-बड़े दायरों में उड़ते हुए हवा को अपनी उदास चीखों से भर रहे थे।

वान वीटरेन ने अपनी घड़ी देखी और रुक गया। वो एक लम्हे को ठिठका। दूर धुंध में वो सग्रेजविन के चर्च के शिखर को पहचान रहा था, लेकिन वो काफी दूर था। अगर वो चलता रहे, तो चौक के कैफे में एक बीयर लेकर बैठने में उसे यकीनन एक घंटा लगने वाला था।

ये कोशिश किए जाने लायक था, लेकिन अब जबकि वो रुक गया था, तो उसके लिए खुद को राजी कर पाना मुश्किल हो रहा था। तीन बज रहे थे । वो लंच के बाद निकला था-या ब्रंच के बाद; जो इस पर निर्भर करता है कि इसके बारे में आपका क्या नजरिया है। जो भी हो, एक बजे, एक और ऐसी रात के बाद जब वो लेट तो जल्दी गया था लेकिन भोर होने तक सो नहीं पाया था। जब सवेरे की सफेदी रेंगती हुई बढ़ती आ रही थी, तो अपने ढीले से डबल बेड पर करवटें बदलते हुए उसके लिए ये समझ पाना मुश्किल हो रहा था कि उसकी चिंताओं और बेचैनी का मूल कारण क्या है... बहुत मुश्किल था।

वो तीन हफ़्ते से छुट्टी पर था, जो उसके स्टैंडर्ड से काफी लंबा समय तो था लेकिन असाधारण नहीं था और जैसे-जैसे दिन गुजरते गए, कम से कम पिछले हफ्ते में, उसके रोजाना के रुटीन में थोड़ा सा विलंब होता गया। बस चार दिन के बाद वो फिर अपने ऑफिस को लौट जाएगा और उसे पूरा अहसास था कि जब वो ऑफिस को लौटेगा, तो उसकी चाल में बहुत उछाह नहीं होगा। हालांकि उसने आराम के अलावा कुछ खास नहीं किया था। बीच पर लेटा पढ़ता रहा था। सग्रेजविन में कैफे में बैठा रहा था, या नजदीक ही हैलेन्सरॉट में। इस अंतहीन रेत पर इधर से उधर टहलता रहा था |

एरिच के साथ यहां पहला हफ़्ता एक गलती रहा था। दोनों को पहले ही दिन इसका अहसास हो गया था, लेकिन इस व्यवस्था को आसानी से बदला नहीं जा सकता था। एरिच को पेरोल पर इस शर्त के साथ बाहर आने दिया गया था कि वो अपने पिता के साथ तट के इस सुदूर टुकड़े पर ही रहेगा। उसकी सजा के अभी दस महीने बाकी थे, और पिछली बार जब वो पेरोल पर बाहर आया था तो नतीजा बहुत अच्छा नहीं रहा था।

उसने समुद्र की ओर देखा। समुद्र उतना ही शांत और अथाह था जितना पिछले पूरे सप्ताह में रहा था। जैसे कोई भी चीज कोई प्रभाव डाल ही नहीं सकती थी, हवा भी नहीं। तट पर आकर प्राकृतिक मौत मरती लहरें ऐसी लगती थीं जैसे बिना जीवन और आशा के लंबी दूरियां तय करके आई हों।

ये मेरा समुद्र नहीं है, वान वीटरेन ने मन ही मन सोचा।

जुलाई में, जब उसकी छुट्टी के दिन नजदीक आ रहे थे, तो उसे एरिच के साथ के इन दिनों का बेचैनी से इंतजार था। और जब ये दिन आ गए, तो वो इनके खत्म होने के लिए बेचैन था, ताकि वो शांति से रह सके और अब, तन्हाई के एक दर्जन दिन और रात के बाद उसे वापस काम पर पहुंचने से ज्यादा किसी चीज की इच्छा नहीं थी।

या बात इतनी ही सीधी थी? या शायद ये एक सुविधाजनक तरीका था। ये बताने का कि क्या हो रहा था - वो सोचने लगा। था कि क्या कोई ऐसा बिंदु आता है जिसके आगे हम किसी चीज के आने का नहीं, बल्कि जो गुजर गया है उससे बच निकलने का इंतजार करते हैं? बच निकलने का। सब कुछ बंद करके आगे बढ़ जाना चाहते हैं, लेकिन फिर से शुरू करने का इंतजार नहीं करते। एक ऐसे सफर की तरह जिसका मजा प्रारंभिक बिंदु से तय कर ली गई दूरी के अनुपात में कम होता जाता है, जिसकी मिठास लक्ष्य के नजदीक आने के साथ-साथ कड़वाहट में बदलती जाती हो...

बच निकलो, उसने सोचा। अंत कर दो इसका। दफ़्न कर दो इसे ।

इसी को शिखर से उतरना कहते हैं। आगे हमेशा एक और समुद्र होता है।

उसने एक आह भरी और अपना स्वेटर उतार लिया। उसे अपने कंधों पर बांधा और पीछे लौटने लगा। अब वो हवा के खिलाफ चल रहा था और उसे अहसास हुआ कि वापस घर पहुंचने में उसे ज्यादा समय लगेगा... अच्छा ही है कि इस तरह उसे इस शाम कुछ अतिरिक्त घंटे मिल जाएंगे। घर को दुरुस्त करना था, फ्रिज खाली करना था, टेलीफोन का प्लग निकालना था। वो कल सुबह जल्दी निकल जाना चाहता था। बिना बात पड़े रहने का कोई फायदा नहीं था ।

उसने ठोकर मारकर एक खाली पड़ी प्लास्टिक की बोतल को रेत पर उछाल दिया।

कल से पतझड़ शुरू हो जाएगा, उसने सोचा।

जब वो गेट पर पहुंचा तो उसे टेलीफोन की आवाज सुनाई देने लगी। इस उम्मीद में कि उसके घर में घुसने तक टेलीफोन बजना बंद हो जाएगा, आप ही आप वो और धीरे चलने लगा, उसने अपने कदम छोटे कर दिए, अपनी चाबियों से खेलने लगा। पर कोई फायदा नहीं। उदास खामोशी को पूरे जिद्दीपन से काटती हुई आवाज अब भी आ ही रही थी। उसने रिसीवर उठा लिया।

"हैलो?"

"वान वीटरेन?"

"ये तो निर्भर करता है।"

"हा हा... हिलर हूं। कैसा चल रहा है?"

वान वीटरेन ने रिसीवर को पटक देने की इच्छा को किसी तरह दबाया ।

"बहुत अच्छा, शुक्रिया। बस मेरा कुछ ऐसा ख्याल था कि मेरी छुट्टी सोमवार से पहले खत्म नहीं हो रही है।"

"बिल्कुल सही! मैंने सोचा कि तुम शायद कुछ दिन और लेना चाहो?"

वान वीटरेन कुछ नहीं बोला।

"मुझे यकीन है कि अगर मौका मिले तो तुम कुछ समय और तट पर रहना चाहोगे, है ना?"

"..."

"शायद एक हफ़्ता और? हैलो?"

"अगर आप मुद्दे पर आ जाएं तो बड़ी मेहरबानी होगी, सर," वान वीटरेन बोला ।

पुलिस चीफ को खांसी का दौरा सा पड़ गया और वान वीटरेन ने ठंडी सांस भरी ।

"हां, दरअसल कालब्रिंजेन में कुछ हुआ है। वो उस कॉटेज से बीस या तीस मील है जहां तुम ठहरे हुए हो; पता नहीं तुम उस जगह से परिचित हो या नहीं। बहरहाल, हमसे मदद करने को कहा गया है।"

"मामला क्या है?"

"हत्या। दो हत्याएं। कोई पागल फरसे या ऐसी किसी चीज से लोगों के सिर काटता घूम रहा है। आज के अखबार इससे भरे पड़े हैं, लेकिन शायद तुमने--"

"मैंने तीन हफ्ते से अखबार नहीं देखा है," वान वीटरेन ने कहा।

"आखरी-यानी दूसरी हत्या-कल हुई, बल्कि परसों। हमें उन्हें कुछ कुमुक भेजनी पड़ी है, और मैंने सोचा कि चूंकि तुम उसी इलाके में हो, तो..."

"बहुत-बहुत शुक्रिया।"

"फिलहाल मैं ये तुम पर छोड़ रहा हूं। अगले हफ्ते मैं मुंस्टर या राइनहार्ट को भेजूंगा। अगर तब तक तुम इसे नहीं सुलझा पाए तो।"

"पुलिस चीफ कौन है? मेरा मतलब, कालब्रिंजेन में।"

हिलर फिर से खांसा ।

"उसका नाम बॉजेन है। मेरे ख़्याल से तुम उसे नहीं जानते होगे। बहरहाल, उसके रिटायर होने में कुल एक महीना बाकी है और इस वक़्त अपने सामने ये केस आ जाने से वो बहुत खुश नहीं लगता है।"

"कितनी अजीब बात है," वान वीटरेन ने कहा ।

"तो मैं मान रहा हूं कि तुम कल सीधे वहीं जाओगे?" हिलर बात को खत्म कर रहा था। इस तरह तुम्हें अनावश्यक रूप से दो बार सफर नहीं करना पड़ेगा। वैसे क्या पानी अभी भी इतना गर्म है कि तैरा जा सके?"

"मैं सारे-सारे दिन छपाके ही तो मारता रहता हूं।"

"वाकई... वाकई। खैर, मैं उन्हें फोन करके बता दूंगा कि तुम कल दोपहर तक पहुंच रहे हो। ठीक है?"

"मुझे मुंस्टर चाहिए," वान वीटरेन ने कहा।

"मैं देखता हूं क्या कर सकता हूं," हिलर ने कहा।

वान वीटरेन ने रिसीवर रखा और कुछ देर वहीं खड़ा टेलीफोन को घूरता रहा और फिर उसने प्लग निकाल दिया। अचानक उसे याद आया कि वो खाना खरीदना तो भूल ही गया। धत!

उसे अभी ये क्यों याद आया? उसे तो भूख भी नहीं लगी थी, शायद इसका ताल्लुक जरूर हिलर से होगा। उसने फ्रिज से एक बीयर निकाली और बरामदे में जाकर एक डैक चेयर पर बैठ गया।

फरसा हत्यारा?

उसने कैन खोली और एक लंबे से गिलास में बीयर पलटते हुए सोचने लगा कि क्या उसने इस तरह की हिंसा पहले भी कभी देखी है। वो तीस साल-इससे भी ज़्यादा-से एक पुलिस अफसर था लेकिन दिमाग की पूरी तलाशी और छानबीन के बाद भी, वो अपनी यादों की मटमैली गहराइयों से किसी फरसा हत्यारे को नहीं निकाल सका।

शायद समय आ चुका है, उसने बीयर की एक चुस्की लेते हुए सोचा ।
 
3

"मिसेज सिमेल?"

स्थूलकाय औरत ने दरवाजा पूरा खोल दिया।

"प्लीज अंदर आएं।"

बियाटे मोएर्क ने वही किया जो उससे कहा गया था और उसने सहानुभूतिपूर्ण दिखने की पूरी कोशिश की। उसने अपना हल्का ओवरकोट मिसेज सिमेल को पकड़ाया, जिन्होंने उसे पूरी औपचारिकता के साथ हॉल में एक हैंगर पर टांग दिया। फिर वो अपनी मेहमान को घर में ले गईं। साथ ही वो अपनी तंग काली ड्रेस को भी, जिसने यकीनन कभी बेहतर दिन देखे होंगे, घबराहट में खींचती जा रही थीं। बड़े से लिविंग रूम में भारी-भरकम सोफों के बीच रखी स्मोक्ड-ग्लास की टेबल पर कॉफी पेश की गई। मिसेज सिमेल एक सोफे में धंस गई थीं।

"मेरा ख़्याल है कि आप पुलिस अफसर हैं?"

बियाटे मोएर्क बैठ गई और अपना ब्रीफकेस उसने सोफे पर अपने पास ही रख लिया। वो इस सवाल की आदी थी। बल्कि उसे इसकी उम्मीद थी। बजाहिर लोगों को एक वर्दीधारी पुलिसवाली को स्वीकार करने में दिक़्कत नहीं होती थी, लेकिन इस तथ्य से समझौता करना एक अलग बात लगती थी कि वर्दी पहनना काम का जरूरी भाग नहीं है। ऐसा कैसे हो सकता था कि एक महिला फैशनेबल और सुंदर कपड़े पहने और फिर भी पुलिस की ड्यूटी करे?

क्या अभी भी अहम बात यही है? कि औरतों से पूछताछ करना ज़्यादा मुश्किल है? मर्द अक्सर शर्माते हैं, लेकिन खुल जाते हैं। औरतें सीधे मुद्दे पर आ जाती हैं, लेकिन साथ ही खुलकर कुछ नहीं बताती हैं।

जो भी हो, उसे विश्वास था कि मिसेज सिमेल समस्या नहीं होंगी। वो सोफे पर बैठी बुरी तरह हांफ रही थीं। वो विशाल और बेडौल थीं, उनकी आंखें सूजी हुई थीं लेकिन उनमें भोलापन था।

"जी हां, मैं एक पुलिस इंस्पेक्टर हूं। मेरा नाम बियाटे मोएर्क है। मुझे अफसोस है कि मुझे... जो कुछ हुआ उसके इतने जल्दी बाद ही आपको कष्ट देना पड़ रहा है। क्या आपके साथ कोई और रहता है?"

"मेरी बहन," मिसेज सिमेल ने कहा। "वो अभी स्टोर तक गई है।"

बियाटे मोएर्क ने सिर हिलाया और अपने ब्रीफकेस से एक नोटबुक निकाली। मिसेज सिमेल ने कॉफी पलटी ।

“चीनी?"

"नहीं, शुक्रिया। क्या आप बता सकती है कि पिछले मंगलवार की शाम को क्या हुआ था?"

"मैं पहले ही... मैं इस बारे में कल एक और पुलिस अफसर से बात कर चुकी हूं।"

"हां, चीफ इंस्पेक्टर बॉजेन से। लेकिन अगर आप एक बार फिर से बता सकें तो मैं आभारी रहूंगी।"

"मैं समझ नहीं पा रही कि क्यों... मेरे पास कहने को कुछ खास नहीं था।"

"शायद आपने बताया था कि आपके पति लगभग आठ बजे बाहर गए थे।"

मिसेज सिमेल के मुंह से एक सुबकी निकली, लेकिन फिर उन्होंने खुद को संभाल लिया।

"हां।"

"वो किसलिए बाहर गए थे?"

"उन्हें बिजनेस से संबंधित एक आदमी से मिलना था। शायद ब्लू शिप में।"

"क्या वो अक्सर वहां बिजनेस करते थे?"

"कभी-कभार । वो रियल एस्टेट में हैं... थे।"

"लेकिन हमें लगता है कि आपके पति ब्लू शिप में अकेले थे।"

"वो नहीं आ सका होगा।"

"कौन?"

"उनका बिजनेस संपर्क।"

"नहीं, शायद नहीं। लेकिन जब ये शख़्स नहीं आया, तो आपके पति घर नहीं आए?"

"नहीं... नहीं, शायद उन्होंने सोचा होगा कि अब जबकि वो वहीं हैं तो डिनर भी कर ही लें।"

"उन्होंने पहले नहीं खाया था?"

"नहीं, डिनर नहीं खाया था।"

"आप जानती हैं वो कौन था?"

"मैं समझी नहीं।"

"जिनसे वो मिलने वाले थे।"

"नहीं... नहीं, मैं अपने पति के बिजनेस में कभी हस्तक्षेप नहीं करती हूं।"

"मैं समझ सकती हूं।"

मिसेज सिमेल ने केक डिश की ओर इशारा किया और खुद एक चॉकलेट बिस्कुट उठा लिया।

"आपको किस समय उनके घर आने की उम्मीद थी?"

"लगभग... शायद, कोई आधी रात को।"

"आप खुद किस समय सोई थीं?"

"आप ये क्यों जानना चाहती हैं?"

"माफ करना, मिसेज सिमेल, लेकिन आपके पति की हत्या हुई है। हमें सभी तरह के सवाल पूछने होंगे। अगर हम ऐसा नहीं करेंगे, तो हम उस व्यक्ति को कभी नहीं ढूंढ़ सकेंगे जिसने ये किया है।"

"मेरे ख़्याल से ये वही है।"

"वही कौन?"

"जिसने जून में एगर्स को मारा था।"

बियाटे मोएर्क ने सिर हिलाया।

"हां, साक्ष्य ऐसा दर्शाते तो हैं। लेकिन ऐसा भी हो सकता है कि उसी से कोई प्रेरित हुआ हो।"

"प्रेरित?”

"हां, कोई ऐसा जिसने वही तरीका अपनाया हो। कुछ नहीं पता, मिसेज सिमेल ।"

मिसेज सिमेल ने थूक निगला, और एक और बिस्कुट उठा लिया।

"आपके पति के कोई दुश्मन थे?"

मिसेज सिमेल ने इंकार में सिर हिला दिया।

"दोस्त और परिचित बहुत थे?"

"हां..."

"शायद बिजनेस से संबंधित बहुत से ऐसे संपर्क हों जिन्हें आप बहुत अच्छी तरह न जानती हों?"

"हां, बहुत।"

बियाटे मोएर्क खामोश हुई और उसने कॉफी का एक घूंट लिया। कॉफी बड़ी कमजोर सी थी। उसमें चीनी के दो ढेले और मिला दिए जाते तो कहना मुश्किल हो जाता कि ये है क्या।

"मुझे आपसे कहना होगा कि मुझे कुछ ऐसे सवाल पूछने दें जो आपको थोड़े धृष्ट से लग सकते हैं। उम्मीद करती हूं कि आप समझती हैं ये मामला कितना गंभीर है और कि आप इनके जवाब पूरी ईमानदारी से देंगी।"

घबराहट में मिसेज सिमेल ने अपना कप तश्तरी से रगड़ दिया।

"आप अपनी शादी के बारे में क्या कहेंगी?"

"मतलब?"

"आपकी शादीशुदा जिंदगी किस तरह की थी? अगर मैं गलत नहीं हूं, तो आपकी शादी को तीस साल हो चुके हैं।"

"बत्तीस ।"

"बत्तीस, हां। आपके बच्चे घर छोड़कर जा चुके हैं। अभी भी आपका काफी संपर्क था?"

"आपका मतलब बच्चों से?"

"नहीं, आपके पति से।"

"हां... मतलब, मुझे तो ऐसा ही लगता है।"

"आपके सबसे करीबी दोस्त कौन हैं?"

"दोस्त? बोडेलसेन परिवार और लेजने परिवार, और हां, क्लिंगफोर्ट परिवार। और जाहिर है, परिवार । मेरी बहन और उसका पति । अर्न्स्ट का भाई और बहन... और कहने की जरूरत ही नहीं कि हमारे बच्चे। आप उनके बारे में क्यों जानना चाहती हैं?"

"क्या आप जानती हैं कि आपके पति का किसी और औरत के साथ संबंध था?"

मिसेज सिमेल चबाते-चबाते रुककर ऐसे देखने लगीं जैसे वो सवाल को समझ ही नहीं पाई हों।

"किसी और औरत के साथ?"

"या कई औरतों के साथ। मतलब, वो बेवफा रहे हों।"

"नहीं..." उन्होंने धीरे-धीरे सिर इंकार में हिलाया। "वो कौन हो सकती है? उन्हें कौन स्वीकार करता?"

बेशक ये चीजों को देखने का एक नजरिया था। बियाटे मोएर्क ने अपनी मुस्कुराहट को दबाने के लिए कॉफी का घूंट लिया।

"पिछले कुछ समय में किसी चीज पर आपका ध्यान गया ? मेरा मतलब, आपके पति के बर्ताव में कुछ असामान्य सा?"

"नहीं।"

"या और कुछ ऐसा जो आपको ध्यान आता हो?"

"नहीं। ऐसा क्या हो सकता है ?"

“पता नहीं, मिसेज सिमेल, लेकिन अगर आप पिछले कुछ हफ़्तों के बारे में सोच सकें, तो इससे बड़ी मदद मिल सकती है। शायद आपको कुछ याद आ जाए। मसलन, क्या आप इन गर्मियों में बाहर गई थीं?"

"बस जुलाई में दो हफ़्ते को। एक पैकेज हॉलिडे पर, लेकिन... लेकिन हम अलग-अलग जगहों पर गए थे। मैं एक दोस्त के साथ कोस गई थी। अर्न्स्ट अपने एक दोस्त के साथ गए थे।"

"कोस?"

"नहीं, कोस नहीं।"

"तो फिर कहां?"

"मुझे याद नहीं।"

"समझी... और उसके अलावा आप घर पर ही थे?"

"हां, अलावा ऐसे एकाध दिन के जब हम वैनेसा-हमारी नाव-पर गए थे। हम कभी-कभी नौकायन के लिए जाते हैं और रात को वहीं कहीं रुक जाते हैं।"

बियाटे मोएर्क ने सिर हिलाया।

"मैं समझ सकती हूं। लेकिन पिछले कुछ समय में ऐसा कुछ नहीं था जिसे लेकर आपके पति परेशान रहे हों?"

"कोई नए दोस्त या परिचित नहीं?"

"नहीं..."

"उन्होंने आपको किसी असामान्य चीज के बारे में बताया या इशारा नहीं दिया?"

"नहीं।"

बियाटे मोएर्क ने एक गहरी सांस ली और अपना पैन रख दिया। वो सोफे पर पीछे टिक गई।

"और बिजनेस कैसा चल रहा था?"

"ठीक था," मिसेज सिमेल ने थोड़ा चकित होते हुए पूछा। "ठीक ही था, शायद..."

जैसे और कुछ संभव ही नहीं था, बियाटे मोएर्क ने अपनी स्कर्ट से कुछ टुकड़े झाड़ते हुए सोचा।

"आप काम करती हैं, मिसेज सिमेल?"

वो हिचकिचाने सी लगीं।

"मैं कभी-कभी अपने पति के ऑफिस में उनकी मदद करती हुं।"

"क्या करने में?"

"इधर-उधर की चीजें... जगह को दुरुस्त करना। फूल और सफाई, वगैरा..."

"मैं समझ गई। ऑफिस ग्रोट प्लेन में है ना?"

मिसेज सिमेल ने इकरार में सिर हिलाया।

"आप आखरी बार वहां कब गई थीं?"

"आखरी बार? मेरा ख़्याल है मई में।"

बाप रे, आप तो बड़ी व्यस्त रहती हैं! बियाटे मोएर्क ने सोचा।

उसने घर में भी चारों तरफ एक नजर डाली थी, खासकर इसलिए कि बॉजेन ने उससे ऐसा करने को कहा था। हांफती-कांपती मिसेज सिमेल उसे घर दिखा रही थीं और बियाटे मोएर्क को उनके लिए थोड़ा अफसोस हो रहा था कि उन्हें इतने बड़े-बड़े कमरों की देखभाल करनी पड़ती है। भले ही वहां उनकी मदद के लिए एक सफाई वाली मौजूद थी।

समझ पाना आसान नहीं था कि इससे क्या फायदा होगा, लेकिन कत्ल की तफ़तीशों में तो ऐसा ही होता था। मकसद होता था हर संभव किस्म के तथ्य और जानकारियां इकट्ठा करना-जितने ज़्यादा हों उतना अच्छा-और उन्हें किसी किस्म का सुराग मिलने के समय के समय के लिए फाइल करके तैयार रखना, क्योंकि उस समय एक छोटी सी बारीकी भी पूरी पहेली... केस... राज, या आप इसे जो भी कहना चाहें... की चाबी हो सकती है।

बियाटे मोएर्क छह साल से ज्यादा से – जब वो गोएरलिच में प्रोबेशन पर थी - किसी हत्या के केस का भाग नहीं रही थी, और तब भी वो एक संदेशवाहक से ज़्यादा कुछ नहीं थीः दरवाजों पर दस्तक देना, संदेश पहुंचाना, जमा देने वाली ठंडी कारों में बैठकर कुछ होने का इंतजार करना जो कभी नहीं होता था।

लेकिन अब उनके सामने एक फरसा हत्यारा था। उसके, क्रोप्के के और डिटेक्टिव चीफ इंस्पेक्टर बॉजेन के। जाहिर है ये सब बड़ा अजीब लग रहा था। शायद किसी बड़ी तोप को उनकी मदद के लिए भेजा जा रहा था लेकिन मूल रूप से ये उन्हीं का केस था। स्थानीय लोग उम्मीद करते थे कि वो इसे हल करेंगे।

इस पागल को गिरफ़्तार करेंगे।

और जब उसने क्रोप्के और बॉजेन के बारे में सोचा, तो उसे लगा कि कामयाबी के लिए बहुत कुछ खुद उस पर निर्भर करता है।

"आप बेसमेंट भी देखना चाहेंगी?"

उसने हां में सिर हिलाया और मिसेज सिमेल हांफती-कांपती सीढ़ियां उतरने लगीं।

जून में, जब पहली हत्या हुई थी, तब वो टैट्राबर्जेन में एक

कॉटेज में जानोस के साथ छुट्टी पर थी। अब वो उससे संबंध तोड़ चुकी थी, या कम से कम, उससे फासला बनाए हुए थी। वो केस के पहले कुछ दिन चूक गई थी, और भले ही वो इसे कभी स्वीकार नहीं करेगी, लेकिन वो इसे लेकर बहुत परेशान रही थी।

हेन्ज एगर्स। उसने इसके बारे में सब कुछ पढ़ा था और उसने खुद को इसका भाग बना लिया था। उसने बाकी की गर्मी भर पूछताछ और छानबीन में हिस्सा लिया, खाके बनाए और पहेलियां बूझती रही। लेकिन वो सबसे पहले ये मानने को तैयार थी कि उन्हें बहुत कामयाबी नहीं मिली थी। घंटों की पूछताछ और सोच-विचार के बाद, वो किसी पर हल्का सा संदेह तक नहीं कर सके थे। वो और क्रोप्के दोनों अभी तक ओवरटाइम के इतने घंटे लगा चुके थे कि उन्हें एक महीने की अतिरिक्त छुट्टी मिलनी चाहिए थी और वो शायद इसकी कीमत जरूर वसूलेगी, बशर्ते कि पहले वो कम्बख़्त फरसामार मिल जाए।

अखबारों में उसे यही कहा जा रहा थाः फरसामार ।

और अब उसने फिर से हमला बोला था ।

उसका दिमाग कहीं और था और वो मिसेज सिमेल के पीछे-पीछे पूरे घर का दौरा कर रही थी। छह कमरे और एक रसोई, अगर उसने सही गिनती की थी, दो लोगों के लिए। अब बस एक बचा था। और बेसमेंट में एक पूलकक्ष और एक सॉना। बरामदा और जंगल के सामने एक बड़ा बाग। रियल एस्टेट? बॉजेन ने क्रोप्के को सिमेल की कंपनी की खोजबीन करने का काम सौंपा था। वैसे ये बहुत बुरा आइडिया नहीं था। उन्हें जरूर कुछ न कुछ मिलेगा।

लेकिन साला हेन्ज एगर्स और अर्न्स्ट सिमेल में कौन सी चीज समान हो सकती थी?

कहने की जरूरत नहीं थी कि सिमेल की लाश मिलने के बाद से ही ये सवाल लगातार उसके अंदर कुलबुला रहा था, लेकिन अभी तक वो अंदाजे जैसी कोई चीज तक नहीं सोच पाई थी।

या कोई कड़ी थी ही नहीं?

क्या कोई बस ऐसे ही लोगों को मार रहा था?

बिना किसी उद्देश्य के और हमलों के बीच एक महीने का अंतराल ।

जब भी उसका दिल करता। क्या उनके सामने वाकई कोई पागल था, जैसा कि कुछ लोगों का मानना था? कोई उन्मादी?

वो कांप गई और उसकी बांहों के बाल खड़े हो गए।

खुद को संभाल, बियाटे! उसने सोचा।

उसने गैराज तक जाने वाली पक्की ड्राइव पर ग्रीट सिमेल से इजाजत ली और साफ-सुथरे लॉन से शॉर्टकट लेकर नकली जैकारैंडा की नीची बाड़ को फलांग गई। अपनी कार की व्हील के पीछे बैठने के बाद उसने एक सिगरेट पीने का सोचा लेकिन फिर इच्छा को दबा लिया। उसे सिगरेट पिए हुए चार हफ़्ते हो चुके थे और अब उसकी इच्छाशक्ति को तोड़ने के लिए एक फरसामार काफी नहीं होगा।

गमों का ढेर बनी, अचानक दस लाख डॉलर के घर, एक नाव और एक रियल एस्टेट कंपनी की जिम्मेदारी के बोझ तले आ गई मिसेज सिमेल ड्राइव पर खड़ी उसे जाते देख रही थीं।

और भी न जाने कितनी चीजों के बोझ तले।

लेकिन इस दौरे ने कई चीजें तो स्पष्ट कर दी थीं।

जंगल में फरसा लेकर इंतजार करने वाली ग्रीट सिमेल तो नहीं थीं; बियाटे मोएर्क को इस बात का सौ फीसदी विश्वास था।

लगभग इतना ही विश्वास उसे इस बात का भी था कि मकतूल की बीवी ने हमला कराने के लिए किसी और की सेवाएं भी नहीं ली थीं और कि वो किसी और भी तरह लिप्त नहीं थी। बेशक इन नतीजों पर पहुंचने के लिए कोई ठोस साक्ष्य मौजूद नहीं थे, लेकिन जब आपके पास आभास और सहजबोध दोनों ही प्रचुर मात्रा में मौजूद हों, तो इन पर भरोसा क्यों न किया जाए?

आखिर क्यों नहीं?

उसने अपनी घड़ी देखी। अभी इतना समय था कि उस तोप चीज से मिलने जाने से पहले घर जाकर नहा ले ।
 
4

वान वीटरेन ने पेड़-पौधों और झाड़-झंखाड़ से भरे बाग के बाहर गाड़ी पार्क की। उसने देखा कि गेट के पास लगे मेलबॉक्स पर, जिससे पपड़ियां उतर रही थीं, वही पता था जो उसने अपनी जेब में रखे कागज के पुर्जे पर नोट किया था।

हां। इसमें कोई शक नहीं था।

"आपको वो आराम से मिल जाएगा," पुलिस चीफ बॉजेन ने कहा था। "शहर में इस जैसी दूसरी कोई जगह नहीं है!"

इसमें जरा भी अतिशयोक्ति नहीं थी। कार से बाहर निकलने के बाद उसने स्पायरिया की उलझी हुई बाड़ के परे झांकने की कोशिश की। अंदर अंधेरा सा लगता था। फलों के पेड़ों की बिना छंटी भारी-भरकम, झुकी हुई शाखें लगभग छाती की ऊंचाई पर झाड़-झंखाड़ से आकर मिल रही थीं-तीन फुट ऊंची घास, बेतरतीब गुलाब की झाड़ियां और अनजान मूल की अनगिनत कांटेदार लता-तंतु-जिन्होंने एक अभेद्य जंगल सा बना रखा था। सड़क से किसी घर का नामो-निशान नहीं दिखता था, लेकिन एक काफी चलते-फिरते रास्ते को देखकर लगता था कि शायद किसी घर की संभावना थी यहां। एक कुल्हाड़ी यहां कारगर रहती, वान वीटरेन ने सोचा। ये शख़्स पागल होगा।

उसने गेट खोला, झुका और अंदर घुस गया। सिर्फ दस गज के बाद उसे एक घर की दीवार दिखाई दी और एक गठीला सा आदमी उससे मिलने आया। उसका चेहरा खुरदुरा, झुर्रीदार और धूप में अच्छी तरह पका हुआ था-ये बड़ी गर्म गर्मियां रही थीं। उसके बाल कम और लगभग सफेद थे और वान वीटरेन सोचने लगा कि ये तो कुछ समय पहले ही रिटायर हो चुका लगता है। उसे अंदाजा लगाना पड़ता, तो वो उसे साठ के बजाय सत्तर से ज़्यादा करीब बताता। लेकिन फिर भी वो काफी फिट और मजबूत था। उसके कपड़ों से अंदाजा होता था कि वो अपने घर में था-स्लिपर, पुरानी कॉर्डरॉय पैंट और फलालेन की चेकदार शर्ट जिसकी आस्तीनें चढ़ी हुई थीं।

"आप शायद चीफ इंस्पेक्टर वान वीटरेन हैं?"

उसने अपना मांसल हाथ आगे बढ़ाया। वान वीटरेन ने हाथ मिलाया और अपनी पहचान की स्वीकृति दी।

"बाग की हालत के लिए माफ करना! मैंने कोई दो साल पहले गुलाब और कुछ दूसरी चीजें उगाना शुरू की थीं लेकिन फिर मैं बोर हो गया। हैरत है कि हर चीज कितनी तेजी से बढ़ती है! मेरी समझ में नहीं आता कि इसे कैसे सुलझाऊं।

वो अपने हाथ फैलाते हुए खेदपूर्वक मुस्कुराया।

"कोई बात नहीं," वान वीटरेन ने कहा।

"बहरहाल, स्वागत है! इस तरह आ जाइए; मैंने पीछे कुछ आरामदेह कुर्सियां रखी हुई हैं। मेरा ख़्याल है आप बीयर तो पीते होंगे?"

"ढेरों," वान वीटरेन ने कहा ।

बॉजेन ने अपने गिलास के ऊपर से उसे ध्यान से देखा और एक भौंह उठाई।

"उम्मीद है आप मुझे माफ कर देंगे," उसने कहा। "मुझे लगा। कि पहले देख लूं कि मुझे किस किस्म के हरामजादे के साथ फंसाया जा रहा है। मेरा मतलब, बाकी सबके मिलने से पहले। चीयर्स!"

"चीयर्स," वान वीटरेन ने कहा।

वो बेंत की कुर्सी पर पसर गया और उसने आधी बोतल एक ही घूंट में खाली कर दी। धूप बड़ी तेज पड़ रही थी; अभी एक ही घंटा हुआ था, लेकिन उसे अपनी शर्ट पीठ पर चिपकती महसूस होने लगी थी।

"मुझे लगता है कि गर्मियां अभी और चलेंगी।"

पुलिस चीफ आगे झुका और शाखाओं के जाल में से आसमान के किसी टुकड़े को ढूंढ़ने की कोशिश करने लगा।

"हां, वान वीटरेन ने कहा। "आपका घर बहुत अच्छा है।"

"बुरा नहीं है," बॉजेन बोला। "एक बार आप जंगल में निकल जाएं, तो आपको सुकून हासिल हो जाता है।"

ऐसा ही लगता था। इसमें कोई शक नहीं था कि ये एक अच्छी तरह ढका-छुपा छोटा सा घर था। गंदी सी पीली तिरपाल; जंगले पर चढ़ती झाड़ियों और गुलाब के उलझे से झुंड; घनी, लंबी घास; गर्मियों के आखिर की तेज गंध, मधुमक्खियों का भिनभिनाना... खुद ये बरामदाः नौ या दस वर्ग गज का, जमीन में जड़ी पत्थर की सिलें और एक पुरानी सी मोटे धागों की मैट, बांस की दो पुरानी कुर्सियां, अखबारों, किताबों, एक पाइप और तंबाकू से भरी एक टेबल । घर की दीवार के बगल में एक असंतुलित सा खड़ा बुककेस जिस पर पेंट के टिन, ब्रश, पौधों के पॉट, कई मैगजीनें और अल्लम-गल्लम चीजें रखी थीं...एक शतरंज की बिसात खाली बोतलों के कुछ क्रेटों के पीछे से झांक रही थी। हां, बिल्कुल, इस जगह के बारे में कुछ खास तो था। वान वीटरेन ने एक टूथपिक निकाली और उसे अपने सामने के दांतों के बीच फंसा लिया।

"सैंडविच?" बॉजेन ने पूछा।

"अगर उसे नीचे उतारने के लिए कुछ मिल सके। ये तो शायद खाली हो चुकी है।"

उसने बोतल मेज पर रख दी। बॉजेन ने पाइप फेंका और खड़ा हो गया।

"देखते हैं इस बारे में क्या किया जा सकता है।"

वो घर के अंदर चला गया और वान वीटरेन उसे रसोई में चलते-फिरते और कोई गाना गाते सुनता रहा जो द पर्ल फिशर्स के बेस गीत की याद दिलाता सा लगता था।

कोई बात नहीं, उसने अपने हाथ सिर के पीछे बांधते हुए सोचा। शुरुआत इससे भी बदतर हो सकती थी। बुढ़ऊ में अभी जिंदगी बाकी है!

फिर अचानक उसे याद आया कि उन दोनों में मुश्किल से आठ-दस साल का फर्क ही होगा।

उसने वहां रहने के बॉजेन के प्रस्ताव को बड़ी अनिच्छा से ऐसा संकेत देते हुए ठुकराया कि वो बाद में इरादा बदल सकता है। जो भी हो, उसे उम्मीद थी कि उसका माननीय सहकर्मी उसके लिए अपने दरवाजे खुले रखेगा... यानी, अगर ये केस ज़्यादा लंबा चल जाए तो...

उसने सी वार्फ में एक कमरा ले लिया। चौथे फ़्लोर पर बालकनी और शाम में धूप आने वाला। बंदरगाह, घाटों और आगे खुले समुद्र के साथ खाड़ी का नजारा। उसे मानना पड़ा कि ये जगह भी बहुत बुरी नहीं है। बॉजेन ने समुद्र की ओर इशारा किया।

"ठीक सामने आप लाइटहाउस, लांग पीर्स, देख सकते हैं, लेकिन सिर्फ तभी जब सुबहें साफ हों। पिछले साल ऐसा चार दिन हुआ था। वहां पहाड़ी के ऊपर एक बेहतरीन रेस्तरां, द फिशरमैन्स फ्रेंड, है। किसी दिन शाम को अगर और कुछ करने को न हुआ, तो हम वहां चल सकते हैं।"

वान वीटरेन ने हामी भरी ।

"मेरे ख़्याल से अभी तो थोड़ा काम कर लेने का वक्त है?"

बॉजेन ने कंधे उचका दिए।

"अगर आप कहते हैं, चीफ इंस्पेक्टर।" उसने अपनी घड़ी देखी। "ओह, धत! मेरा ख़्याल है वो आधे घंटे से हमारा इंतजार कर रहे होंगे!"

कालब्रिंजेन का पुलिस थाना ग्रांड प्लेस में एक दोमंजिला इमारत थी। एक फ़्रंट ऑफिस, कैंटीन, कपड़े बदलने के कमरे और बेसमेंट में कुछ कोठरियां; ऊपरी मंजिल पर एक कॉन्फ्रेंस रूम और चार ऑफिस । पुलिस चीफ होने के नाते, बॉजेन का ऑफिस सबसे बड़ा था जिसमें एक डेस्क और स्याह ओक के बने बुककेस थे, लैदर का पुराना सोफा था और चौराहे का नजारा दिखता था। इंस्पेक्टर मोएर्क और इंस्पेक्टर क्रोप्के दोनों के पास दालान के सामने वाले छोटे ऑफिस थे और चौथा ऑफिस कॉन्स्टेबल बैंग और कॉन्स्टेबल मूजर का था।

"मैं आप लोगों का परिचय चीफ इंस्पेक्टर वान वीटरेन से कराना चाहूंगा, जो इस केस को हल करने के लिए यहां आए हैं," बॉजेन ने कहा।

मोएर्क और क्रोप्के खड़े हो गए।

"बॉजेन ही इंचार्ज हैं," वान वीटरेन ने कहा। "मैं तो बस मदद करने आया हूं... जब भी जरूरत पड़ेगी।"

"आपकी जरूरत तो पड़ेगी ही," बॉजेन ने कहा। "ये कालब्रिंजेन की कुल फोर्स है। इनके अलावा नीचे के रैंक वाले भी हैं, हालांकि मैं आपकी जगह होता तो उनसे बहुत उम्मीदें नहीं लगाता।"

"इंस्पेक्टर क्रोप्के," क्रोप्के ने सावधान की मुद्रा में खड़े होते हुए कहा।

बेवकूफ, बियाटे मोएर्क ने सोचा, और अपना परिचय दिया।

"हमारे पास जितनी भी सुंदरता और सहज बोध है उसके लिए इंस्पेक्टर मोएर्क जिम्मेदार हैं," बॉजेन ने कहा। "मेरी सलाह है कि इन्हें कम मत आंकना।"

"मैं ऐसा सोच भी नहीं सकता," वान वीटरेन ने कहा।

"ठीक है, तो शुरू करें?" बॉजेन अपनी आस्तीनें चढ़ाने लगा। "कॉफी है क्या?"

बियाटे मोएर्क ने कोने में एक मेज पर रखी ट्रे की ओर इशारा किया। क्रोप्के ने अपने खूबसूरत, छोटे-छोटे बालों में हाथ फिराया और अपनी टाई की गांठ के पीछे वाले ऊपरी बटन से खेलने लगा। बजाहिर बातचीत करने की जिम्मेदारी उसी की थी।

शायद नौसिखिया सबसे ऊपर है, वान वीटरेन ने सोचा | शायद बॉजेन उसे काम के गुर सिखा रहा है।

इसकी जरूरत भी थी, अगर वो ईमानदार है तो।
 
5

"मैंने सोचा कि मैं पहले एगर्स वाले केस को लूं," क्रोप्के ने कहा और ओवरहेड प्रोजेक्टर को ऑन कर दिया। "चीफ इंस्पेक्टर वान वीटरेन को तफ़्सील बताने और बाकी सबके लिए भी स्थिति का खुलासा करने के लिए। मैंने इसे आसान बनाने के लिए कुछ ट्रांसपेरेंसी बनाई हैं..."

प्रशंसापूर्ण प्रतिक्रिया पाने की उम्मीद में उसने पहले बॉजेन को और फिर वान वीटरेन को देखा ।

"बहुत खूब," बियाटे मोएर्क ने कहा।

क्रोप्के खांसा।

“अठाईस जून को, सवेरे-सवेरे, हेन्ज एगर्स नाम का एक आदमी रेलवे स्टेशन के पीछे एक चौक में मृत पाया गया था। उसे सिर के पीछे किसी किस्म के फरसे के वार से मारा गया था। फलका कशेरुका, धमनी हर चीज को काटता चला गया था। लाश एक अखबार वाले लड़के को छह बजे के कुछ बाद मिली थी और उसे मरे हुए चार से पांच घंटे हो चुके थे।"

"एगर्स किस किस्म का आदमी था?" वान वीटरेन ने पूछा।

क्रोप्के ने एक नई ट्रांसपेरेंसी लगाई, और वान वीटरेन खुद पढ़ सकता था कि मकतूल उस समय चौंतीस साल का हो चुका था, जब उसकी जिंदगी का अचानक अंत कर दिया गया। वो तट से कुछ मील अंदर सैल्स्टाट में पैदा हुआ था और वहीं का स्थायी निवासी था लेकिन इस साल के अप्रैल से वो कालब्रिंजेन में रह रहा था। उसके पास कोई नियमित काम नहीं था, न तो कालब्रिंजेन में, न सैल्स्टाट में और न ही कहीं और। उसका एक लंबा आपराधिक रिकॉर्ड थाः ड्रग-संबंधित अपराध, हमला और मारपीट, चोरी, सैक्स-संबंधित अपराध, धोखाधड़ी। कुल मिलाकर, सोलह साल की उम्र के बाद से, उसने दस साल विभिन्न जेलों और संस्थाओं में बिताए थे। स्थानीय प्रशासन को नहीं पता था कि वो कालब्रिंजेन में है; एगर्स आंद्रेज़्स्ट्राट में अपने एक दोस्त के दो कमरे के अपार्टमेंट में रह रहा था जो फिलहाल बलात्कार और धमकी भरे व्यवहार के लिए तुलनात्मक रूप से छोटी सजा काट रहा था। उसका इरादा था कि वो सुधरकर कालब्रिंजेन में सैटल हो जाएगा, एक स्थिर नौकरी करेगा, लेकिन उसे अभी तक इस मोर्चे पर ज़्यादा सफलता नहीं मिली थी।

"ये जानकारी कहां से मिली?" वान वीटरेन ने पूछा।

"कई स्रोतों से," बियाटे मोएर्क ने कहा। “ज़्यादातर गर्लफ़्रेंड से।"

"गर्लफ़्रेंड ?"

"हां, उसने खुद को यही बताया था," बॉजेन ने कहा। "वो अपार्टमेंट में उसके साथ ही रहती थी। लेकिन उसने उसे नहीं मारा, हालांकि वो उसके मरने से कोई खास दुखी भी नहीं दिखाई देती थी।"

"दुखी तो कोई भी नहीं था," मोएर्क बोली।

"वैसे भी उसके पास एलिबाइ थी," बॉजेन ने बताया। "मजबूत एलिबाइ।"

"आपने अभी तक किस तरह तफ़्तीश की है?" वान वीटरेन ने टूथपिक को पलटकर फिर से दांतों में फंसाते हुए पूछा।

क्रोप्के मदद के लिए बॉजेन की ओर घूमा, लेकिन उसे इससे ज़्यादा कुछ नहीं मिला कि बॉजेन ने उसका उत्साह बढ़ाने के लिए सिर हिला दिया।

"हमने करीब पचास लोगों से बात की है," वो बोला, "जिनमें से ज़्यादातर उसी तरह के समाज की तलछट किस्म के लोग हैं जैसा कि एगर्स खुद था। उसके दोस्त और जानकार ज़्यादातर मामूली चोर और ड्रग्स के लती किस्म के लोग हैं। कालब्रिंजेन में उसके दोस्तों का दायरा बहुत बड़ा नहीं था क्योंकि उसे यहां आए हुए कुछ महीने ही हुए थे। शायद कोई दर्जन भर लोग, जो सारे के सारे हमारे पहचाने हुए थे। वही नाकारा किस्म के लोग जो अपने दिन किसी पार्क की बेंचों पर बीयर पीते हुए गुजारते हैं। एक-दूसरे के घरों में नशा करते हैं और अपनी औरतों को हैम्नेसप्लानाडेन और फिशरमैन्स स्क्वेयर में बेचते हैं। इसके अलावा हमने गुमनाम जानकारियों पर बहुत से लोगों से बात की, लेकिन उनका इस केस से कोई संबंध स्थापित नहीं हो सका।"

वान वोटरेन ने सिर हिलाया।

"कालब्रिंजेन की आबादी कितनी है?"

"कमोबेश पैंतालीस हजार," बियाटे मोएर्क ने कहा। "जो गर्मी के महीनों में कुछ हजार बढ़ जाती है।"

"अपराध का क्या स्तर है?"

"ज़्यादा नहीं है," बॉजेन ने कहा। "कभी-कभार घरेलू हिंसा के केस, गर्मियों में नावों की चार-पांच चोरियां। कभी-कभार कोई झगड़ा और थोड़ी बहुत ड्रग डीलिंग। मेरे ख़्याल से आपको वित्तीय अपराधों में तो दिलचस्पी नहीं होगी?"

"नहीं," वान वीटरेन ने कहा। "अभी तो नहीं। बहरहाल, इस एगर्स के बारे में आपकी क्या राय है? आपको मुझे सारी जानकारी आज ही देने की जरूरत नहीं है। मैं चाहूंगा कि इस बारे में पढूं और फिर मुझे कुछ पूछना हो तो पूछूं।"

इसका जवाब बियाटे मोएर्क ने देना मुनासिब समझा।

"कुछ नहीं," वो बोली। "हम कतई कुछ नहीं जानते। शायद हम सोचने लगे थे-मतलब, सिमेल के मामले से पहले-कि ये अंदर का काम है। कि एक नशेड़ी ने किसी वजह से एक दूसरे नशेड़ी को मार डाला है। मदहोशी में, या कर्ज या इसी तरह के किसी चककर—"

"उसे कोई नहीं मारता जिस पर पैसा उधार हो," क्रोप्के ने कहा। "अगर उसे मार दिया, तो पैसा कभी वापस नहीं मिलेगा।"

"इसका उलट है, इंस्पेक्टर" मोएर्क ने गहरी सांस लेकर कहा। क्रोप्के ने भौंहें सिकोड़ीं।

ओह, यार, वान वीटरेन ने सोचा ।

"कॉफी?” कॉफी के मग बढ़ाते हुए बॉजेन का सवाल औपचारिक सा था |

"अगर इंस्पेक्टर मोएर्क की बात सही है," वान वीटरेन ने कहा, "तो इस बात की पूरी संभावना है कि आप हत्यारे से बात कर भी चुके हों। मेरा मतलब, अगर आपने... तलछट को छाना है?"

"हो सकता है," बॉजेन बोला। "लेकिन अब सिमेल का मामला सामने आ गया है। मुझे लगता है कि इससे स्थिति थोड़ी बदल गई है।"

"यकीनन," मोएर्क ने कहा।

क्रोप्के ने एक नई ट्रांसपेरेंसी लगाई। ये बजाहिर उस जगह की तस्वीर थी जहां एगर्स पाया गया था - एक ऐसे अपार्टमेंट ब्लॉक के पीछे के हिस्से में कुछ कूड़ेदानों के पीछे, जिसे जल्दी ही ढहाया जाना था ।

"क्या उसे इसी जगह मारा गया था?" वान वीटरेन ने पूछा।

"लगभग," क्रोप्के बोला। "ज़्यादा से ज़्यादा कुछ गज हटाया गया होगा।"

"यहां वो क्या कर रहा था?"

"कोई आइडिया नहीं," बॉजेन ने कहा। "शायद ड्रग डीलिंग।"

"उस समय क्या बजा होगा?"

"शायद रात के एक, दो बजे होंगे।"

"नशे में था?"

"कुछ खास नहीं।"

"एक ऐसे अपार्टमेंट ब्लॉक के बाहर कूड़ेदान क्यों रखे हुए हैं जिसे जल्दी ही ढहाया जाना है?"

बॉजेन ने एक क्षण को कुछ सोचा।

"पता नहीं... मुझे कोई आइडिया नहीं ।"

वान वीटरेन ने सिर हिलाया। क्रोप्के ने थोड़ी कॉफी पलटी और बियाटे मोएर्क ने बेकरी से आया डेनिश पेस्ट्रीज से भरा एक कार्टन खोला।

"बहुत खूब," वान वीटरेन ने कहा।

"सिल्वीज की हैं, जो कि बेहतरीन बेकरी एंड कैफे है," बॉजेन ने कहा। "मैं एक बार जाने का सुझाव दूंगा। आप उन्हें बता दें कि आप पुलिस अफसर हैं तो वो आपको बीस प्रतिशत छूट भी देंगे। यहां से पास में नुक्कड़ पर ही है।"

वान वीटरेन ने अपनी टूथपिक निकाली और एक पेस्ट्री उठा ली।

"जो भी हो," क्रोप्के ने कहा, "जहां तक एगर्स का सवाल है, हमारी नाव बहाव के खिलाफ चल रही है।"

"हथियार के बारे में?" भरे मुंह के साथ वान वीटरेन बोला। "डॉक्टर का क्या कहना है?"

"एक मिनट ।"

क्रोप्के ने एक और ट्रांसपेरेंसी लगाई-एक स्केच कि किस तरह फरसे का, या ये जो कुछ भी था, फलका एगर्स की गर्दन को काटकर उसकी कशेरुका, धमनी, ग्रासनली सबको काटता चला गया था।

"जबरदस्त वार?" वान वीटरेन ने पूछा।

"जरूरी नहीं है," बियाटे मोएर्क बोली। "ये इस पर निर्भर करता है कि फरसा कैसा था, और शायद ये बेहद धारदार और पतला रहा होगा।"

"जिसका मतलब है कि बहुत ज़्यादा ताकत लगाने की जरूरत नहीं पड़ी होगी," क्रोप्के ने आगे कहा।

"आप ये भी देख सकते हैं," बियाटे मोएर्क ने कहा, "कि ये अच्छे खासे कोण पर आया, लेकिन इसके कोई खास मायने नहीं हैं। इसका मतलब हो सकता है कि हत्यारा काफी छोटा था या फिर बहुत लंबा। सब इस पर निर्भर करता है कि उसने हथियार को किस तरह पकड़ा हुआ था। और कि हथियार देखने में कैसा है।"

"जरा सोचिए कि टेनिस की एक बॉल को मारने के कितने सारे भिन्न तरीके हो सकते हैं," क्रोप्के ने कहा।

वान वीटरेन ने एक और डेनिश पेस्ट्री उठा ली।

“और इस बात की संभावना है कि हथियार फरसा था?" उसने पूछा।

"किसी किस्म का फरसा," बॉजेन बोला। "मेरे ख़्याल से अब हमें सिमेल की बात करनी चाहिए। शायद इंस्पेक्टर मोएर्क हमें कुछ बता सकेंगी?"

बियाटे मोएर्क ने अपना गला खंखारा और अपनी नोटबुक के पन्ने पलटे ।

“अभी हमें बहुत ज़्यादा कामयाबी नहीं मिली है। ये परसों सुबह आठ बजे की बात है जब एक जॉगर ने उसे नगरपालिका के जंगल में पड़ा पाया। उसने पहले रास्ते पर खून देखा और जब वो तफ़्तीश करने को रुका, तो उसने कुछ ही गज पर लाश देखी। हत्यारे ने शायद उसे छिपाने की बहुत कोशिश नहीं की थी। जॉगर ने तुरंत ही पुलिस को कॉल किया। चीफ इंस्पेक्टर बॉजेन और मैं मौके पर साथ गए और हम समझ गए कि हमारा सामना शायद पिछली बार वाले हत्यारे से ही है।"

"पीछे से काटा गया," बॉजेन ने कहा। "वार थोड़ा और जोर से होता तो शायद गर्दन अलग ही हो जाती। लाश बहुत बुरे हाल में थी।"

"वही हथियार?" वान वीटरेन ने पूछा।

"निन्यान्वे प्रतिशत पक्का है," क्रोप्के ने कहा।

"सौ प्रतिशत बेहतर रहता," वान वोटरेन बोला।

"बजाहिर," बॉजेन ने कहा, "ये कोई आम फरसा नहीं है। इसका फलका गहरे से ज़्यादा चौड़ा लगता है। छह या शायद आठ इंच तक। कम से कम पैथॉलोजिस्ट के मुताबिक, फलके के किसी भी छोर के एगर्स या सिमेल के अंदर होने के कोई चिह्न नहीं हैं। जबकि सिमेल की गर्दन बहुत मोटी थी।"

"शायद कुल्हाड़ी रही हो?" वान वीटरेन ने सुझाव दिया।

"मैंने इस पर गौर किया है," बॉजेन ने कहा। "मुझे लगा था कि शायद चाकू या बहुत मजबूत फलके वाली तलवार रही हो, लेकिन धार सीधी है, कुल्हाड़ी की तरह घुमावदार नहीं है।"

"हम्म," वान वीटरेन ने कहा। "शायद अभी ये चीज उतनी अहम नहीं है। एगर्स और सिमेल के बीच क्या लिंक है?"

कोई कुछ नहीं बोला।

"ये अच्छा सवाल है," बॉजेन ने कहा ।

"हमें अभी तक कोई लिंक नहीं मिला है," क्रोप्के ने कहा। "लेकिन हम इस पर—"

"दोनों बदमाश थे," बॉजेन ने कहा। लेकिन भिन्न क्षेत्रों में। मुझे लगता है कि सिमेल के बिजनेस के मामले बहुत साफ-सुथरे नहीं थे, लेकिन वो टैक्स वकीलों का काम है, हम जैसे मामूली इंसानों का नहीं। वो कभी किसी स्पष्ट रूप से आपराधिक मामले में लिप्त नहीं रहा। मेरा मतलब, जिस तरह एगर्स था।"

"या कम से कम, वो पकड़ा नहीं गया," मोएर्क बोली।

"ड्रग्स?" वान वीटरेन ने पूछा। "ड्रग्स राजकुमार और भिखारी को एक कर देते हैं।"

"इस तरह के किसी मामले के कोई संकेत नहीं मिले," क्रोप्के बोला ।

अगर हम एक नए पुलिस चीफ के कार्यभार संभालने से पहले इसे सुलझा सकें, तो बुरा नहीं रहेगा, वान वीटरेन ने सोचा।

"वो जंगल में कर क्या रहा था?"

“घर जा रहा था," बियाटे मोएर्क ने कहा।

"कहां से?"

"ब्लू शिप रेस्तरां से। वो साढ़े आठ बजे से लगभग ग्यारह बजे तक वहां था। इस बात के कई गवाह हैं। फिर वो शायद शहर में टहलने को निकल गया। उसे देखने वाली आखरी फिशरमैन्स स्क्वेयर में दो औरतें थीं - लगभग ग्यारह बजकर बीस मिनट पर।"

"मौत के समय के बारे में पैथॉलोजिस्ट की रिपोर्ट क्या कहती है?"

"अंतिम रिपोर्ट कल आनी है," बॉजेन बोला। "बजाहिर लगता है, ग्यारह और एक के बीच । बल्कि, मेरे ख़्याल से साढ़े ग्यारह और एक के बीच।"

वान वीटरेन पीछे को झुका और छत की ओर देखने लगा।

"इसका मतलब दो संभावनाएं हैं," उसने कहा और किसी प्रतिक्रिया का इंतजार करने लगा।

"बिल्कुल सही", बियाटे मोएर्क बोली। "या तो हत्यारा रास्ते के पास इंतजार में था, और किसी भी आने वाले पर हमला करने को तैयार था, या फिर उसने रेस्तरां से ही सिमेल का पीछा किया।"

"शायद वो यूंही उससे टकरा गया हो, क्रोप्के ने कहा। "दूसरे शब्दों में, इतफाक से--"

"और उसके पास एक फरसा था-इतफाक से ?" मोएर्क ने कहा।

बहुत खूब, वान वीटरेन ने सोचा। पता नहीं बॉजेन ने एक महिला उत्तराधिकारी के बारे में कभी सोचा या नहीं। भले ही ये उसका काम नहीं है।
 
6

फ़्रंट डेस्क के पास रिपोर्टर इंतजार कर रहे थे, लेकिन स्पष्ट था कि बॉजेन उन्हें वापस भेज देने का आदी था ।

"प्रेस कॉन्फ़्रेंस कल सुबह ठीक ग्यारह बजे। उससे पहले हम एक शब्द भी नहीं बोलेंगे!"

वान वीटरेन ने हल्के खाने और होटल तक लिफ़्ट के बॉजेन के प्रस्ताव को टुकरा दिया।

बॉजेन ने सिर हिलाया।

"अगर इरादा बदले तो ये मेरा फोन नंबर है। मैं शायद सारी शाम घर पर ही रहूंगा।"

उसने वान वीटरेन को एक बिजनेस कार्ड दिया,जो उसने अपनी छाती वाली जेब में रख लिया। पुलिस चीफ अपनी थोड़ी पुरानी सी टोयोटा में बैठा और चल दिया। वान वीटरेन उसे जाते देखता रहा।

अच्छे आदमी हैं, उसने सोचा | पता नहीं ये शतरंज भी खेलते होंगे या नहीं।

उसने अपनी घड़ी देखी। साढ़े पांच। अपने कमरे में दो घंटे काम और फिर डिनर । ये समय बिताने का ठीक तरीका लगता था । इतने सालों में उसने शायद इसी एक हुनर-समय काटने-में महारत हासिल की थी।

और, हां, हिंसक मुजरिमों को ढूंढ़ने का कौशल।

उसने अपना ब्रीफकेस उठाया और बंदरगाह की ओर चल पड़ा। चौदह कैसेट और तीन फोल्डर।

एगर्स केस के लिए उसके पास बस यही सामग्री थी। उसने उन्हें बेड पर टिकाया और एक क्षण को ठिठका। फिर उसने रिसेप्शन पर फोन करके एक बीयर ऑर्डर की। फोल्डर्स को बगल में दबाकर वो बालकनी में बैठने के लिए चल दिया।

छतरी को इस तरह एडजस्ट करने में उसे कई मिनट लग गए कि शाम का सूरज उसे परेशान न करे, लेकिन एक बार जब उसने ये काम पूरा कर लिया और लड़की उसकी बीयर ले आई, तो वो तब तक वहां बैठा रहा जब तक कि उसने एक-एक शब्द पढ़ नहीं लिया।

जिस नतीजे पर वो पहुंचा वो एकदम सीधा और साफ था, या शायद इंस्पेक्टर मोएर्क ने इसे बिल्कुल सही शब्दों में व्यक्त किया थाः "हम कतई कुछ नहीं जानते।"

उसका इरादा सारी बातचीतों की रिकॉर्डिंग सुनने का नहीं था। सामान्य परिस्थितियों में, अगर वो अपने इलाके में होता तो, वो उन्हें टाइप कराता; लेकिन अभी की स्थिति में बेहतर यही था कि वो हालात का डटकर सामना करे और ईयरफोन लगा ले। बहरहाल, उसने इस काम को भी बाद के या शायद कल तक के लिए टालने का फैसला किया। इसके बजाय, उसने अभी दूसरी हत्या पर ध्यान देने का फैसला किया, जैसा कि उसके बारे में अखबारों में छापा गया था। वो चार अखबार ले आया था - दो राष्ट्रीय और दो स्थानीय घटिया अखबार, आज के और कल के।

राष्ट्रीय अखबारों की सुर्खियां खूब मोटी-मोटी थीं, लेकिन खबर में कुछ खास नहीं था। लगता था कि उन्होंने अभी तक कालब्रिंजेन में कोई रिपोर्टर नहीं भेजे थे। बेशक वो प्रेस कॉन्फ्रेंस में जरूर आते । केस के इंचार्ज, चीफ इंस्पेक्टर बॉजेन ने एक बयान जारी किया था लेकिन उसमें सिर्फ इतना ही कहा गया था कि पुलिस कई कोणों से जांच कर रही है।

ओह, वाकई? वान वीटरेन ने सोचा।

स्थानीय अखबार का नाम डी जरनल था और उसका कवरेज ज़्यादा विस्तृत थाः बॉजेन की तस्वीर, उस जगह की तस्वीर जहां लाश पाई गई थी और मृतक-हालांकि यह तस्वीर तबकी थी जब वो जिंदा था। और एगर्स का एक फोटो। मुखपृष्ठ की सुर्खी थी 'फरसामार का फिर से हमला। शहर दहशत में,' और अंदर के पन्ने पर दो सवाल हाइलाइट किए गए थेः "अगला शिकार कौन होगा?" और "क्या हमारी पुलिस सक्षम है?"

उसने लेखों पर नजर मारी और अर्न्स्ट सिमेल के मृत्युलेख को पढ़ा, जो बजाहिर एक स्थानीय हस्ती और इज़्जतदार नागरिक था – रोटरी क्लब का सदस्य, लोकल फुटबॉल क्लब का डाइरेक्टर और एक बैंक का बोर्ड सदस्य। पहले भी वो कई पद संभाल चुका था, यानी स्पेन जाने से पहले... और वो जैसे ही वापस लौटा, उसकी बेरहम ढंग से हत्या कर दी गई।

डी मॉर्दुइस... वान वीटरेन ने सोचा और अखबार को फर्श पर फेंक दिया। मैं यहां कर क्या रहा हूं?

उसने अपनी शर्ट उतारी और बाथरूम की ओर बढ़ गया। क्या नाम था उस रेस्तरां का?

ब्लू शिप?

ये अंदाजा कि राष्ट्रीय प्रेस के प्रतिनिधि आएंगे, सही साबित हुआ। जब वो होटल के प्रवेश कक्ष से निकल रहा था, तो दो अधेड़ उम्र के आदमी तेजी से बार से निकले। उनकी सुर्ख रंगत उनके पेशे की कलई खोल रही थी और वान वीटरेन एक आह भरकर रुक गया ।

"चीफ इंस्पेक्टर वान वीटरेन! टेलीग्राफ से क्रुइकशैंक!"

"ऑलगमइना से मुलर!" दूसरे ने ऐलान किया। "मेरा ख़्याल है हम मिल चुके हैं--"

"मेरा नाम रोलिंग है," वान वीटरेन ने कहा। मैं एक घुमक्कड़ सेल्समैन हूं और मेरी विशेषता ग्रांडफादर क्लॉक है। आपको कोई गलतफहमी हुई है।"

"हा हा," मुलर ने कहा।

"हम कब बात कर सकते हैं?" क्रुइकशैंक ने पूछा।

"कल सुबह ग्यारह बजे पुलिस थाने में प्रेस कॉन्फ्रेंस में," वान वीटरेन ने सामने का दरवाजा खोलते हुए कहा।

"जांच के इंचार्ज बॉजेन हैं या आप?" मुलर ने पूछा।

"कैसी जांच?" वान वीटरेन ने कहा ।

ब्लू शिप के इंटीरियर डेकोरेशन में इस्तेमाल किया गया प्रमुख रंग लाल था। अभी बार आधी से ज़्यादा नहीं भरी थी और डाइनिंग रूम में बहुत सी मेजें खाली थीं। वान वीटरेन एकदम पीछे बैठा था, जहां उसके आसपास कोई नहीं था; लेकिन फिर भी, अभी जबकि उसने मेन कोर्स भी शुरू नहीं किया था कि चमकदार आंखों और नर्वस सी मुस्कुराहट वाला एक दुबला सा आदमी उसके सामने आ खड़ा हुआ।

"माफ करें। डी जरनल से शाल्क। आप वही चीफ इंस्पेक्टर हैं ना?"

वान वीटरेन ने कोई जवाब नहीं दिया।

"उससे बात करने वाला आखरी आदमी मैं था। मुझसे बॉजेन और क्रोप्के बात कर चुके हैं; पर अगर आप बात करना चाहें, तो मुझे बात करके खुशी होगी।"

उसने अर्थपूर्ण ढंग से चीफ इंस्पेक्टर के सामने वाली खाली कुर्सी पर एक नजर डाली।

"क्या मेरे खाना खा चुकने के बाद हम बार में मिल सकते हैं?" वान वीटरेन ने प्रस्ताव दिया।

शाल्क ने इकरार में सिर हिलाया और चला गया। वान वीटरेन ने अनमने से ढंग से मेन्यु में कुछ गूढ़ ढंग से "शैफ़्स प्राइड विद फंगी एंड मोत्जरेला" बताई गई चीज पर काम करना शुरू कर दिया। खाना खाने और बिल चुकाने के बाद तक भी उसे पता नहीं था कि उसने खाया क्या था।

"वो इसी कुर्सी पर बैठा था जिस पर अभी आप बैठे हैं," शाल्क ने कहा। "एकदम जिंदा। एक चीज तो पक्की है। उसे जरा भी अंदाजा नहीं था कि वो अपना सिर कटवाने वाला है। उसका बतार्व हमेशा जैसा ही था।"

"और उसका बर्ताव हमेशा कैसा होता था?" वान वीटरेन ने अपनी बीयर के झाग चूसते हुए पूछा।

"उसका बर्ताव हमेशा कैसा होता था? सच कहूं तो थोड़ा अलग-थलग और नकचढ़ा सा । उससे बात करना आसान नहीं था। वो हमेशा से ऐसा ही था। जैसे उसका दिमाग कुछ... कहीं और ही हो।"

इससे मुझे कोई आश्चर्य नहीं हुआ, वान वीटरेन ने सोचा।

"ऐसा लगा था जैसे वो वहां बैठी एक लड़की के साथ थोड़ा सा फ़्लर्ट कर रहा हो।"

उसने इशारे से बताया।

"फ़्लर्ट?"

"हो सकता है ये कुछ ज़्यादा हो। लेकिन वो उसे घूर जरूर रहा था।"

वान वोटरेन ने सिर हिलाया।

"क्या आपका मतलब है कि अर्न्स्ट सिमेल... औरतबाज था?"

शाल्क हिचकिचाया, लेकिन बस एक क्षण को।

"नहीं, शायद ऐसी बात तो नहीं थी। मैं उसे इतनी अच्छी तरह नहीं जानता था, और वो कई साल बाहर भी रहा था... कभी-कभी नियंत्रण खो बैठता था, लेकिन गंभीर कुछ नहीं।"

"फिर तो मेरे ख़्याल से उसकी शादी भी बहुत गंभीर नहीं रही होगी," वान वीटरेन ने कहा ।

"हां... मेरे ख़्याल से, आप ऐसा कह सकते हैं।"

"और वो यहां से लगभग ग्यारह बजे निकला था?"

"ग्यारह के कुछ मिनट बाद।"

"वो किस तरफ गया था?"

"उस तरफ ।" शाल्क ने फिर से इशारा किया। “चौराहे और बंदरगाह की तरफ ।"

"मगर वो तो दूसरी दिशा में रहता था ना?"

"दरअसल रास्ता दोनों ओर से है। बस बंदरगाह की ओर से थोड़ा लंबा है।"

"आपने किसी को उसका पीछा करते नहीं देखा?"

"नहीं।"

"आपके ख़्याल से उसने लंबा रास्ता क्यों लिया होगा?"

"मैं नहीं जानता। शायद औरतों के चक्कर में।"

"वेशयाओं के?"

"जी... यहां एक-दो हैं। वो आमतौर पर उधर ही घूमती हैं।"

"आपने सिमेल के जाने के बाद किसी को बार से जाते देखा?"

"नहीं... मैंने इस बारे में काफी सोचा है, लेकिन मुझे नहीं लगता कोई गया था।"

वान वीटरेन ने आह भरी ।

"आप मेरी जगह होते तो क्या सवाल पूछते?"

शाल्क सोचने लगा।

"खुदा ही जाने! सच कहूं, तो मुझे कतई अंदाजा नहीं है।"

"जो हुआ उसके बारे में आपकी कोई थ्योरी नहीं है?"

शाल्क फिर से सोच में पड़ गया। स्पष्ट था कि उसे कोई ठोस थ्योरी बता पाना अच्छा लगता, लेकिन कुछ देर बाद उसने हार मान ली।

"नहीं, ईमानदारी से कहूं, तो कोई नहीं है," वो बोला। मुझे लगता है ये किसी पागल का काम है... शायद किसी फनी फार्म से भागे किसी शख़्स का।"

फनी फार्म? ? वान वीटरेन ने सोचा। मानना पड़ेगा, ये एक पत्रकार के बोलने के लिए अच्छा शब्द है।

"बॉजेन इस पर काम कर रहा है," वो बोला। "भागने वाला एकमात्र व्यक्ति नब्बे साल से ऊपर की एक भ्रांत सी बूढ़ी औरत है। उसे अल्जाइमर है और वो व्हीलचेयर में चलती है..."

"फिर तो ये काम उसका नहीं लगता," शाल्क ने कहा।

वान वीटरेन ने अपनी बीयर निबटाई और फैसला किया कि अब घर जाना चाहिए। वो अपने बार स्टूल से उतरा और उसने शाल्क की मदद के लिए उसका शुक्रिया अदा किया।

"क्या ये जगह हमेशा इतनी ही खाली रहती है?" उसने पूछा।

"अरे, नहीं!" शाल्क ने कहा। "ये आमतौर पर एकदम भरी रहती है। मेरा मतलब, आज शुक्रवार भी है... लोग बुरी तरह डरे हुए हैं। घर से निकलने की हिम्मत नहीं कर पा रहे हैं!"

बुरी तरह डरे हुए हैं? बाहर फुटपाथ पर खड़े वान वीटरेन ने सोचा। हां, वाकई वो बुरी तरह डरे हुए हैं।

शहर दहशत में?

उसे टहलते हुए ब्लू शिप से बंदरगाह और सी वार्फ तक पहुंचने में मुश्किल से दस मिनट लगे। कई कारें दिखाई दीं, लेकिन पैदल चलते लोग दर्जन भर से ज़्यादा नहीं दिखाई दिए और वो भी समूहों में। पैलेडियम सिनेमा ने अभी अपना देर शाम का शो शुरू किया था, लेकिन उसे लग रहा था कि सिनेमा भी अंदर खाली ही होगा। भले ही कालब्रिंजेन की रात की जिंदगी कोई बहुत जबरदस्त नहीं थी, लेकिन अभी ये रुझान साफ दिखाई दे रहा था।

हत्यारे... जल्लाद... फरसामार ने किसी को भी अप्रभावित नहीं छोड़ा था।

हैरत की बात भी नहीं थी। अपने होटल के बाहर खड़े होकर वो सोचने लगा कि क्या उसे नगरपालिका के जंगल में जाकर एक नजर डालनी चाहिए लेकिन फिर उसने रुकने का फैसला किया। ये दिन की रोशनी में करना ही बेहतर रहेगा।

कल बहुत सी चीजों पर काम करना था, लेकिन बिस्तर पर लेटते और कैसेट प्लेयर को ऑन करते समय, उसके कानों में इंस्पेक्टर मोएर्क के शब्द गूंज रहे थे।

कुछ नहीं। हम कतई कुछ नहीं जानते।

वैसे बड़ी सुंदर औरत है, उसने सोचा। अफसोस मेरी उम्र पच्चीस साल कम नहीं है।

लगभग डेढ़ इंटरव्यू सुनने तक, वो नींद की वादियों में उतर चुका था।
 
चुका था।

7

पुरानी छवियां फिर से उसके सपनों में मंडराने लगीं। वही छवियां । कुछ करने की वही हताश अक्षमता, वही बेजान तीक्ष्ण रोष – सोफे के पास कोने में बिटी जिसकी बांहें सूइयों के निशानों से भरी और आंखें काले, खाली कुंओं जैसी थीं । दांतेदार पंजे जैसा दुबला दलाल, एकदम काले, बिखरे बालों वाला, उसे घृणा और उपहास से देखता हुआ। हाथ उठाए, हथेलियां ऊपर किए और सिर हिलाता। और दूसरा आदमी-लड़की का चेहरा नंगे आदमी के कंधे के ऊपर। पसीने और बालों से भरी पीठ, भारी-भरकम चूतड़ लड़की के अंदर धकियाते और उसे दीवार से लगाए, उसकी टांगें फैली हुई और लड़की की आंखों में उसकी ही आंखों का अक्स था, वो वही देख रही थीं जो वो देख रहा था... उसके अचानक पलटने और चले जाने से बस एक सैकंड पहले।

वही छवियां... और उन पर चिपकी, उन्हें बेधती छवि एक दस साल की बच्ची की, ब्लांड चोटियां, जोर-जोर से हंसती, बीच पर उसकी ओर दौड़ती। बाहें फैली, आंखें चमकती। बिटी...

वो जाग गया। हमेशा की तरह ठंडे पसीने में, और उसे कई सैकंड लग गए इससे पहले कि वो याद कर पाता, हावी हो पाता... हथियार... आनंद का वो गहरा अहसास जब उसने उसे हवा में लहराया और उनकी गर्दनों को बेधने की वो धीमी सी आवाज ।

बेजान शरीर और खदबदाकर बहता खून...

वो खून।

काश कि वो खून ही सपनों की उन छवियों पर बह जाए। उन्हें धब्बों से भर दे, उन्हें अबोध्य, अचीन्हा बना दे। उन्हें नष्ट कर दे। सारे बिल एक बार में चुका दे, सारे उधारों को शून्य पर ला दे... लेकिन फिर भी, बात उसकी अपनी यातना की नहीं थी। बात छवियों की भी नहीं थी, बात तो थी कि छवियां किस चीज पर आधारित हैं। उनके पीछे की हकीकत । हकीकत ।

उस बच्ची का बदला, खुद उसका नहीं। उसकी ओर दौड़ती वो दस साल की बच्ची, जिसकी जिंदगी अचानक थम गई थी। जिसके उठे हुए कदमों को बीच में ही रोक दिया गया था, उतने ही अचानक और अनवरत रूप से जैसे कि तस्वीर में। बात सिर्फ उसकी थी, किसी और की नहीं।

वो अपनी सिगरेटें टटोलने लगा। वो लाइट नहीं जलाना चाहता था। उसे जरूरत अंधेरे की थी; अभी वो कुछ भी देखना नहीं चाहता था। उसने एक तीली जलाई। सिगरेट जलाई और एक गहरा और भरपूर कश लिया। उसे तुरंत ही वो गर्म सी सनसनी अपने शरीर में फैलती महसूस हुई, उसके सिर तक फैलती एक ज़्वारीय लहर जिसने उसे मुस्कुराने को मजबूर कर दिया। उसने फिर से अपने हथियार के बारे में सोचा। वो अंधेरे में उसे अपने सामने देख सकता था। वो अचानक एक आनंदित मैकबैथ बन गया, और वो सोचने लगा कि इसे फिर से जबान देने से पहले उसे अभी कितना इंतजार और करना होगा...
 
8

सुबह की साफ रोशनी में जबकि समुद्र की ओर से ताजी हवा बह रही थी, कालब्रिंजेन ये भूल गया सा लगता था कि वो आतंकित है। वान वीटरेन ने अपनी बालकनी में देर से नाश्ता किया था और नीचे फिशरमैन्स स्क्वेयर में लोगों की कुलबुलाती भीड़ को देखता रहा था। वहां रंग-बिरंगे तिरपालों के नीचे स्टॉलों पर समुद्र की गहराइयों से निकले हुए स्वादिष्ट व्यंजनों से ज़्यादा कुछ बिक रहा था-वहां आसमान के नीचे मिलने वाली लगभग हर चीज मौजूद थी। शनिवार की सुबह बाजार का दिन था; सूरज चमक रहा था और जिंदगी जारी थी ।

चर्च की नीची चूना पत्थर की इमारत के घंटे ने दस बजाए, और वान वीटरेन को अहसास हुआ कि वो लगभग ग्यारह घंटे सोया था ।

ग्यारह घंटे? क्या इसका वाकई ये मतलब था, उसने खुद से पूछा कि रातभर आराम से सोने के लिए उसे किसी कातिल की तलाश करना जरूरी था? अंडे के ऊपरी भाग को थपथपाते हुए वो इस थ्योरी पर गौर कर रहा था। ये बकवास बात लगती थी। और ये कैसी घातक भावना है जो इस शांत सुबह को उसके ऊपर सवार हो गई है? उसका ध्यान इस पर तब गया था, जब वो नहा रहा था, उसने इसे धो डालने की कोशिश की थी, लेकिन यहां इस नमकीन हवा के बीच ये एक नई ताकत के साथ फिर से लौट आई थी। ये आलस के गूढ़ धागे उसकी आत्मा पर लपेट रही थी और उसके कानों में मादक शब्द फुसफुसा रही थी...

कि उसे खुद को ज़्यादा कष्ट देने की जरूरत नहीं है।

इस केस का हल खुद-ब-खुद उसके पास आएगा। किसी इत्तफाक के तौर पर उसके सामने आ धमकेगा। आसमान से एक तोहफे की तरह। एक दैवीय समाधान ।

एक कृपा जिसकी पूरी लगन से इच्छा की जा सकती है, वान वीटरेन ने सोचा | कम ही चांस है! लेकिन ये विचार फिर भी उसके साथ टंगा रहा।

क्रुइकशैंक और मुलर प्रवेश कक्ष में बैठे उसका इंतजार कर रहे थे। अब उनके साथ एक फोटोग्राफर भी था, एक दाढ़ीवाला आदमी जो उसके लिफ़्ट से निकलते ही उसके चेहरे के सामने एक फ़्लैश गन ले आया।

"गुड मॉर्निंग, चीफ इंस्पेक्टर" मुलर ने कहा।

"लगता तो ऐसा ही है," वान वीटरेन बोला।

"क्या हम प्रेस कॉन्फ़्रेंस के बाद कुछ बात कर सकते हैं?" क्रुइकशैंक ने पूछा।

"अगर आप वही लिखें जो मैं आपसे लिखने को कहूं। एक शब्द भी ज़्यादा लिखा तो आप पर दो साल की पाबंदी लगा दी जाएगी!"

"बिल्कुल," मुलर ने एक मुस्कुराहट के साथ कहा। "पुराने नियम।"

"मैं बारह से साढ़े बारह बजे तक सिल्वीज में मिलूंगा," वान वीटरेन ने रिसेप्शन पर अपने कमरे की चाबी देते हुए कहा।

"सिल्वीज? ये क्या है?" फोटोग्राफर ने एक नई तस्वीर खींचते हुए पूछा।

"ये आपको खुद पता करना होगा," वान वीटरेन ने कहा। डिटेक्टिव चीफ इंस्पेक्टर बॉजेन ने जमा हुए पत्रकारों का चार्ज संभाला और तुरंत ही कार्रवाई पर अपनी छाप छोड़ दी। पहले उसने कई मिनट तक इंतजार किया जब तक कि भरे हुए कॉन्फ़्रेंस रूम में इतनी खामोशी न हो गई कि पसीने की बूंद गिरने की आवाज को भी सुना जा सके। फिर उसने बोलना शुरू किया, लेकिन जैसे ही कोई फुसफुसाता या खांसता, तो वो रुक जाता और चमकती निगाह से दोषी को घूरने लगता। अगर कोई उसे टोकने की कोशिश करता, तो वो चेतावनी देता कि दूसरी बार ऐसी हरकत करने के नतीजे में गुनाहगार को तुरंत क्रोप्के और मूजर द्वारा उठाकर कमरे से बाहर कर दिया जाएगा। और जरूरत पड़ी तो वो इसमें खुद भी मदद करेगा।

लेकिन वो सारे सवालों के शांतिपूर्वक और विधिपूर्वक जवाब देता रहा, लेकिन साथ में अपनी श्रेष्ठता का ऐसा भाव भी अपनाए रहा, जो सवाल पूछने वाले की सीमित बौद्धिक क्षमता की पोल खोल देती थी। ये मानते हुए कि अगर उसमें कोई बौद्धिक क्षमता थी।

ये बंदा जरूर एक अभिनेता होगा, वान वीटरेन ने सोचा।

"आपके ख़्याल से आप हत्यारे को कब ताले में बंद कर पाएंगे?" लोकल रेडियो स्टेशन के एक लाल नाक वाले रिपोर्टर ने पूछा।

"जब वो हमें मिलेगा उसके लगभग दस मिनट बाद," बॉजेन ने कहा।

"आपके पास कोई खास थ्योरी है जिस पर आप काम कर रहे हैं?" डी जरनल के चीफ रिपोर्टर मेलविच ने पूछा।

"आपके ख़्याल से हम और किस तरह काम करते होंगे?" बॉजेन ने पूछा। "हम किसी अखबार के लिए काम नहीं कर रहे हैं।"

"जांच का इंचार्ज वास्तव में कौन है?" न्यू ब्लाट द्वारा भेजे गए आदमी ने पूछा। "आप या डीसीआई वान वीटरेन?"

"आपके ख़्याल से कौन होगा?" एक अच्छी तरह चबे हुए टूथपिक से ध्यान से देखते हुए वान वीटरेन ने जवाब दिया। उसने और किसी बात का जवाब नहीं दिया और बॉजेन की दिशा में सिर हिलाकर सारे सवालों को उसके पाले में डालता रहा। अगर वो अंदर ही अंदर मुस्कुरा रहा था, तो उसके चेहरे के भाव से कोई ऐसा समझ नहीं सकता था।

लगभग बीस मिनट बाद शायद सारे सवाल पूछे जा चुके थे और बॉजेन ने निर्देश जारी करना शुरू कर दिए।

"मैं चाहूंगा कि स्थानीय अखबार और रेडियो लोगों से कहें कि जो भी मंगलवार की रात को ग्यारह बजे और आधी रात के बीच ब्लू शिप, हॉयस्ट्राट, फिशरमैन्स स्क्वेयर के पास और नगरपालिका के जंगल को जाने वाले एस्प्लेनेड पर रहा हो, वो कल से पुलिस से संपर्क करे। उनसे मिलने वाली सारी जानकारी जमा करने के लिए हम थाने में दो पुलिस अफसरों को हर समय तैनात रखेंगे, और हम ऐसे किसी भी व्यक्ति की ओर से बेपरवाह नहीं रहेंगे जो तब वहां मौजूद था लेकिन उसने पुलिस से संपर्क नहीं किया। ये मत भूलें कि हमारे सामने एक बेहद हिंसक हत्यारा है।"

"लेकिन क्या इस तरह आपको बहुत ज़्यादा प्रतिक्रियाएं नहीं मिलेंगी?" किसी ने पूछा।

"जब आप एक कातिल की तलाश कर रहे हों, मिस म्युलिच," बॉजेन ने कहा, "तो आपको कुछ मामूली परेशानियों को स्वीकार करना पड़ता है।"

"आपका क्या ख़्याल है, चीफ इंस्पेक्टर?" क्रुइकशैंक ने पूछा। "बस आपके और मेरे बीच ।"

"अगर मैं गलत नहीं हूं, तो आपके, मेरे और दो अन्यों के बीच," वान वीटरेन ने कहा। "मेरा कोई ख़्याल नहीं है।"

"ऐसा लगता है कि इस बॉजेन का रवैया कुछ ज़्यादा ही आक्रामक है," मुलर ने कहा। "आपको लगता है आप उनके साथ काम कर सकेंगे?"

"आप पूरा भरोसा रख सकते हैं," वान वीटरेन ने कहा।

"आपके पास कोई सुराग है?"

"आप लिख सकते हैं कि है।"

"लेकिन वास्तव में है नहीं, है ना?"

"मैंने ऐसा नहीं कहा।"

"पिछली बार ऐसा कब हुआ था कि आपको कोई केस हल हुए बिना छोड़ना पड़ा हो?" क्रुइकशैंक ने पूछा।

"छह साल," वान वीटरेन ने कहा।

"वो क्या केस था?" उत्सुक फोटोग्राफर ने पूछा।

"जी-फाइल..." वान वीटरेन चबाते-चबाते रुककर खिड़की के बाहर देखने लगा।

"ओह, हां, मुझे याद है," क्रुइकशैंक ने कहा। "मैंने उसके बारे में लिखा था--"

दो महिलाएं अंदर आईं और पास की टेबल पर बैठने ही वाली थीं, लेकिन मुलर ने उन्हें भगा दिया।

"कोने में बैठ जाइए," उसने उनसे कहा। "यहां बहुत बदबू है!"

"तो," क्रुइकशैंक शुरू हुआ, "क्या हमारा सामना किसी पागल से है, या ये पूर्वनियोजित है?"

"कौन कहता है कि पागल योजना नहीं बनाते हैं?" वान वीटरेन ने कहा ।

"क्या मकतूलों के बीच कोई कड़ी है?"

"हां।"

"क्या?"

"..."

"आपको कैसे मालूम?"

"मुझे एक डेनिश पेस्ट्री दीजिए!"

"क्या और बड़े अधिकारी भी आएंगे?"

"अगर जरूरत पड़ी।"

"आपको फरसामार हत्यारों का कोई पूर्व अनुभव है?" फोटोग्राफर ने पूछा।

"मैं हत्यारों के बारे में काफी कुछ जानता हूं," वान वीटरेन ने कहा। "और हर कोई जानता है कि एक फरसा कैसे काम करता है। आपके सम्मानित जरनल कब तक आपकी सेवाओं के बिना काम कर सकते हैं और आपको यहां कालब्रिंजेन में छोड़ सकते हैं? छह महीने?"

"हा हा," मुलर ने कहा। "मेरे ख़्याल से कुछ दिन। मतलब, बशर्ते कि ऐसा दोबारा नहीं हो जाए।"

"इसमें यकीनन कुछ समय लगेगा।"

"आपको कैसे पता?"

"कॉफी के लिए शुक्रिया," वान वीटरेन ने खड़े होते हुए कहा।

"मेरा ख़्याल है अब मुझे जाना होगा। ज़्यादा देर तक मत जागना, और कोई बकवास मत लिखना!"

"क्या हमने कभी बकवास लिखी है?" क्रुइकशैंक ने पूछा।

"हम यहां साला क्या कर रहे हैं?" वान वीटरेन के इस तरह उन्हें अकेला छोड़ जाने के बाद फोटोग्राफर ने कहा।

साला मैं यहां क्या कर रहा हूं? वान वीटरेन ने सोचा और बॉजेन के पास पैसेंजर सीट पर बैठ गया।

____

"वो बहुत सुंदर दृश्य नहीं है," बॉजेन ने कहा। "मेरे ख़्याल से मैं यहीं रुककर थोड़ी प्लानिंग करता हूं।"

वान वीटरेन लंगड़ाते हुए पैथॉलोजिस्ट के पीछे हो लिया।

"म्युरिट्ज," कमरे में प्रवेश करते हुए उसने कहा। "मेरा नाम म्युरिट्ज है। मैं दरअसल ऊस्टवरडिंगेन में रहता हूं लेकिन आमतौर पर हफ़्ते में एक दिन यहां भी लगाता हूं। कुछ समय से ये थोड़ा ज़्यादा हो रहा है।"

उसने डीप फ़्रीजर से ट्रॉली खींची और जोर से लहराकर चादर हटा दी। वान वीटरेन को एक बार राइनहार्ट की कही हुई बात याद आ गई: पेशा तो बस एक ही है। मैटाडोर। बाकी सब तो विकल्प और छायाएं हैं।

बॉजेन ने वाकई ठीक कहा था। भले ही अर्न्स्ट सिमेल अपनी जिंदगी में कोई बहुत खूबसूरत आदमी नहीं रहा था, लेकिन उसकी हालत को सुधारने के लिए फरसामार के साथ-साथ म्युरिट्ज ने भी कुछ नहीं किया था। वो पेट के बल लेटा हुआ था, और कुछ कारणों से जो पूरी तरह वान वीटरेन की समझ में नहीं आए और जो निश्चित रूप से शैक्षणिक थे, म्युरिट्ज ने उसके सिर को गर्दन के साथ ऊपरी दिशा में नब्बे डिग्री पर रखा था ताकि कटाव स्पष्ट दिखाई दे सके।

"बड़ा महारत भरा वार किया है, ये तो स्वीकार करना पड़ेगा," वो एक बॉलपॉइंट पेन से उसके जख़्म को चुभोते हुए बोला।

"महारत भरा?" वान वीटरेन ने पूछा।

"ये देखिए!"

म्युरिट्ज ने उसके सामने एक एक्स—रे फिल्म कर दी।

"ये एगर्स है। प्रवेश का कोण देखिए! सिर्फ दो डिग्री का फर्क है। और इत्तफाक से गहराई बिल्कुल बराबर है..."

वान वीटरेन ने काली पृष्ठ्भूमि में हिंसा की शिकार सफेद हड्डियों की तस्वीरों का मुआयना किया।

"...ऊपर से आया है, दाएं से तिरछा।"

"दाएं हाथ वाला?" वान वीटरेन ने पूछा।

"बजाहिर । या बाएं हाथ का बैडमिंटन खिलाड़ी। जो अपने फोरहैंड के शॉट बैकहैंड पर काफी आगे खेलने का आदी है। अगर आप मेरी बात समझ रहे हों।"

"मैं हफ़्ते में तीन बार खेलता हूं," वान वीटरेन ने कहा।

वो कौन था जिसने कुछ ही समय पहले टेनिस बॉल के बारे में कुछ कहा था?

म्युरिट्ज ने सिर हिलाया और अपना चश्मा माथे पर लगा लिया।

"क्या हथियार एक ही है ?" वान वीटरेन ने पूछा। "बुरा न मानें तो ये बॉलपॉइंट इसकी गर्दन से निकाल लें।"

म्युरिट्ज ने पैन को अपने सफेद कोट से पोंछा और सीने की जेब में लगा लिया।

"यकीनन," उसने कहा। "मैं तो उसके बारे में तफ़सील से बताने का भी दावा कर सकता हूं – बहुत तेज धारवाला फरसा जिस पर यकीनन किसी माहिर ने धार रखी होगी। पांच इंच गहरा और काफी चौड़ा। शायद छह इंच, संभवतः इससे भी ज़्यादा ।"

"आप ये कैसे जानते हैं ?"

"ये दोनों मामलों में बराबर की दूरी तक घुसा और फिर ये हैंडल द्वारा रुका। अगर फलका और गहरा होता, तो खोपड़ी यकीनन अलग हो गई होती। आपने वो चीजें देखी हैं जो कसाई हड्डियां काटने के लिए रखते हैं?"

वान वीटरेन ने सिर हिलाया। उसे पछतावा होने लगा था कि उसने सिल्वीज लग्जरी कैफे में तीन डेनिश पेस्ट्री खा ली थीं।

"मौत का समय?"

अंदाजन, रात साढ़े ग्यारह और साढ़े बारह के बीच ।"

"आप और स्पष्ट बता सकते हैं?"

"साढ़े ग्यारह के ज़्यादा करीब - बारह बजने में बीस मिनट, अगर आप जोर ही देते हैं तो ।"

“आपने पहले कभी ऐसा कुछ देखा है?" वान वीटरेन ने हल्की नीली पड़ गई लाश की तरफ इशारा करते हुए कहा।

“नहीं। इस काम में सीखना कभी बंद नहीं होता।”

____
 
हालांकि अर्न्स्ट सिमेल की लाश मिले साढ़े तीन दिन और उसकी हत्या हुए लगभग चार दिन हो चुके थे, लेकिन वारदात की जगह का आकर्षण अभी तक कम नहीं हुआ था। पुलिस ने इसे लाल और सफेद रंग के टेप और चेतावनी नोटिसों से सील कर दिया था, लेकिन कालब्रिंजेन के कुछ ऐसे लोग अभी भी इस जगह पर आ जाते थे जो झाड़ियों के बीच लगे सफेद मार्कर और रास्ते पर लगातार गहरा रंग लेते इंसानी खून के धब्बों के नजारे को चूकना नहीं चाहते थे।

कांस्टेबल एरविन बैंग को व्यवस्था बनाए रखने और जिज्ञासुओं को दूर रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी और वो इस मुहिम को अपने एक सौ साठ पाउंड के जिस्म के बावजूद जहां तक हो सकता था पूरी गरिमा और ध्यान से निभा रहा था। जैसे ही वहां दो से ज़्यादा लोग जमा होते, वो उन्हें वहां से हटा देता ।

“चलिए! हटिए! आगे बढ़िए!”

वान वीटरेन को ऐसा लगा जैसे बैंग उस जगह को किसी ट्रैफिक की जगह की तरह संभाल रहा है। लेकिन, जाहिर है, ये कोई अहम चीज नहीं थी ।

“क्या तुम तमाशबीनों को दूर रख सकते हो ताकि मैं और चीफ इंस्पेक्टर शांति से मौके की जांच कर सकें?" बॉजेन ने पूछा।

“जरूर। आगे बढ़िए!” बैंग गरजा, और कौओं और कबूतरों के झुंड घबराकर उड़ गए। “जल्दी! यहां मौका-ए-वारदात की जांच हो रही है!”

"तुम जाकर एक कप कॉफी पी सकते हो," सबके चले जाने के बाद बॉजेन ने कहा। "हम यहां लगभग आधे घंटे तक रहेंगे। फिर हम टेप वगैरा हटा सकते हैं। तुम ये सब वापस थाने ले जा सकते हो।"

"जरूर!" बैंग ने एक स्मार्ट सा सैल्यूट मारते हुए कहा। वो अपनी नई ड्यूटी बजाने के लिए चल दिया, और एस्प्लेनेड और हार्बर कैफे की ओर बढ़ गया।

"तो," बॉजेन ने अपनी जेबों में हाथ डालते हुए कहा। "ये कांस्टेबल बैंग था।"

वान वीटरेन आसपास देखने लगा।

"हम्म," वो बोला।

बॉजेन ने अपनी जेब से सिगरेट का एक पैकेट निकाला।

"आप एक लेना चाहेंगे?"

नहीं," वान वीटरेन ने कहा, "लेकिन मैं फिर भी एक लूंगा। क्या हम एक प्रयोग कर सकते हैं?"

"आपका शब्द मेरे लिए आदेश है," बॉजेन ने दो सिगरेट जलाकर, उनमें से एक वान वीटरेन को देते हुए कहा। "आप क्या करना चाहते हैं?"

"बीस-तीस गज तक चलते हैं। फिर आप मेरा पीछा करते हुए वापस आना। मैं देखना चाहता हूं क्या मैं आपको सुन सकूंगा।"

"ठीक है," बॉजेन ने कहा। "लेकिन मैं ये पहले ही आजमाकर देख चुका हूं। रास्ता आवाजाही से इतना दब चुका है कि ये बेहद सख़्त हो गया है। आपको कुछ सुनाई नहीं देगा।"

उन्होंने प्रयोग किया, और बॉजेन की भविष्यवाणी एकदम सही निकली। दूर से आ रही समुद्र की गड़गड़ाहट और पेड़ों में हवा की सरसराहट किसी भी दूसरी आवाज को दबाने के लिए काफी थी। बॉजेन इतने नजदीक था कि वो अपना हाथ वान वीटरेन के कंधे पर रख सकता था लेकिन वान वीटरेन को उसका आभास तक नहीं हुआ।

“और ये इसी तरह हुआ है," बॉजेन ने कहा।

वान वीटरेन ने सिर हिलाया।

"मेरा ख़्याल है आपने अच्छी तरह तलाशी ले ली होगी?" उसने कहा।

"मौका-ए-वारदात की? बिल्कुल! हमने घास का एक-एक तिनका हटाकर देखा है। कुछ नहीं मिला! सिर्फ खून, और बस खून। सब सूखा हुआ है। तीन हफ़्ते से बारिश नहीं हुई है। न कहीं नर्म जमीन है, न कदमों के निशान हैं। नहीं, मुझे नहीं लगता कि हमें इस तरह के कोई सुराग मिल सकेंगे। लगता है कि उसने अपने हथियार को एक जगह पोंछा है, लेकिन बस और कुछ नहीं।"

"और एगर्स केस में?"

"यही कहानी। हम काफी समय तक एक सिगरेट के टुकड़े में लगे रहे, लेकिन पता चला कि वो दो दिन पुराना था। कई अफसर उसमें एक हफ़्ते तक लगे रहे।"

"वैसे क्या म्युरिट्ज के साथ फॉरेंसिक अफसर भी थे?" वान वीटरेन ने पूछा।

"चार अफसर। वैसे मेरे ख़्याल से उसे उनकी जरूरत नहीं थी। वो बड़ा योग्य डॉक्टर है, भले ही उसके साथ काम करना थोड़ा मुश्किल है।"

वान वीटरेन नीचे झुककर धब्बे लगी घास की जांच करने लगा। "आपने हीलियोगैबालस के बारे में सुना है?" उसने पूछा।

"वो घास पर खून वाला?"

"वही। रो मन सम्राट, 218-222 । वो लोगों को इसलिए मारता था कि उसे हरे रंग के साथ लाल रंग देखना पसंद था। बेशक पक्का सौंदर्यवादी था। हालांकि खून अपना रंग बहुत समय तक नहीं बनाए रखता है--"

"नहीं," बॉजेन ने कहा। "लेकिन ये इस केस का उद्देश्य नहीं हो सकता। पिछले मंगल की रात को यहां घुप्प अंधेरा रहा होगा। रास्ते पर दोनों लाइटें बंद थीं।"

"हम्म," वान वीटरेन ने कहा। “तो हीलियोगैबालस को हटा देते हैं। लिस्ट से एक नाम को हटाना हमेशा अच्छा लगता है।"

रिकेन की दिशा से आम जनता के कुछ भावी जासूस बढ़ रहे थे। बैंग ने जरूर हार्बर पर किसी किस्म का कोई अवरोध लगा दिया होगा, क्योंकि वो लगभग दस मिनट तक शांति से काम करते रहे थे। बॉजेन ने अपनी घड़ी देखी।

"साढ़े चार," वो बोला। "मेरे पास फ़्रीजर में मटन की एक टांग पड़ी है। बस थोड़ा सा रोस्ट करना होगा। क्या ख़्याल है?"

वान वीटरेन हिचकिचाया ।

"अगर आप मुझे पहले दो घंटे के लिए होटल जाने दें।"

"बिल्कुल," बॉजेन ने कहा। "सात बजे के करीब घोंसले में आपका स्वागत है। उम्मीद करता हूं हम बाहर बैठ सकेंगे।"
 
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