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Thriller आख़िरी सबूत

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9

बियाटे मोएर्क बाथटब में घुसी और उसने लाइट बंद कर दी। उसने खुद को गर्म पानी में समा जाने दिया और कल्पना करने लगी कि वो एक कोख के अंदर है। ये विचार उसे बार-बार आता था, और इसकी निश्चित रूप से कुछ अहमियत थी।

उसने अपनी कमर और कूल्हों को स्पर्श किया, और उसने महसूस किया कि उसका वजन नहीं बढ़ा है। एक सौ बीस पाउंड । वो पांच मील दौड़ी थी, आखरी मील काफी तेजी से। बेशक कुछ विशेषज्ञों का कहना था कि कैलोरी जलाने के लिए सबसे अच्छी गति अधिकतम गति की साठ प्रतिशत होती है, पर क्या हुआ! अगर आप ज़्यादा मेहनत करें तो कुछ आउंस अतिरिक्त ही तो कम होंगे।

अभी के लिए इतना गुमान ही काफी है। उसने अपना सिर टब के किनारे टिकाया और अपनी थकान को बढ़ने और सारे शरीर में फैल जाने दिया। मैं इकत्तीस साल की हूं, उसने सोचा। मैं एक इकत्तीस वर्षीय महिला पुलिसकर्मी हूं। ना पति। ना बच्चे। ना परिवार, घर, नाव...

ये विचार भी बार-बार आता था। वो घर या नाव को लेकर बहुत परेशान नहीं थी। वो बिना पति के भी काम चला सकती थी, कम से कम अभी तो। लेकिन बच्चों का मामला भिन्न था। बिल्कुल भिन्न।

वास्तव में, वो एक अलग ही दुनिया में जी रही थी। शायद उसी भावना से बचने के लिए वो एक कोख में लेटने की कल्पना करती थी। कौन जाने? उसकी किशोरावस्था से अभी तक रही उसकी सात या आठ बेहतरीन दोस्तों में से कम से कम पांच या छह के ढेर सारे बच्चे हो चुके थे; वो ये अच्छी तरह जानती थी। बल्कि, पति और नावें भी थीं। फिर भी, शुक्र है कि वो अभी तक फ़्राइसेन में नहीं रही है; ये एक जरूरी शर्त थी। अगर उसे वहां रहने के दौरान हर मोड़ पर होने वाली चीजों को सहन करना पड़ता तो वो जी नहीं सकती थी। अगर उसे हर किसी को और हर चीज को हर समय अपने ऊपर सवार रहने देना पड़ता, तो उसकी आजाद और मुक्त जिंदगी मुरझा जाती एक... एक इस्तेमालशुदा कंडोम की तरह। जबकि उसके मां-बाप और बचपन की शरारतें और जवानी की गलतियां उसके माथे पर जातिचिह्न की तरह मौजूद होतीं। बड़े-बड़े अक्षरों में लिखी एक विषय-सूची की तरह जिसे वो खुद से कभी अलग नहीं कर सकती थी! उफ, नहीं, उसने सोचा |

लेकिन वहां भी उसे देर-सवेर उस बच्चे को जन्म देना ही होता, देर-सवेर उसे स्वीकृत जीवनशैली के हिसाब से चलना पड़ता। वो कई साल से ये बात जानती थी, लेकिन हर साल, जनवरी के शुरू में अपना जन्मदिन मनाते समय वो खुद को बस एक साल और दे देती थी। बारह महीने का स्थगन। एक राउंड और। ये जन्मदिन का बुरा तोहफा नहीं था, और ये एक साल और उसकी इच्छा सूची पर रहेगा, कम से कम...

उसने साबुन टटोला और वो उसे मिल गया, फिर उसने विषय बदल दिया। अभी पति और बच्चों के बारे में सोचने का समय नहीं था। और फिर, हकीकत शायद ये थी कि सिर्फ एक पुलिसवाला ही एक पुलिसवाली से शादी करने का सोच सकता था, इसलिए विकल्प सीमित ही थे। बैंग, मूजर, क्रोप्के... निकालो इस विचार को! उसने अपनी छातियों पर साबुन मलना शुरू किया... अभी भी कसी और उछालदार; बार-बार आने वाला एक ख़्याल ये भी था कि जल्दी ही उसे अपनी छातियां बुरी लगने लगेंगी – बल्कि पूरा शरीर ही। लेकिन जाहिर है ये एक ऐसा आघात था जो सभी औरतों को झेलना होता था। शायद जिंदगी का एक तथ्य, जिसे स्वीकार किया ही जाना था... बहरहल, क्रोप्के और मूजर दोनों पहले ही शादीशुदा थे। शुक्र खुदा का।

लेकिन आज रात वो इनमें से किसी के बारे में नहीं सोचना चाहती थी। क्यों सोचे? अगले कुछ घंटे उसे अपना ध्यान जिस शख़्स पर लगाना था वो कोई पुलिसवाला नहीं था। बल्कि इसके उलट। ये वो दूसरा आदमी था...

फरसामार। सिर्फ और सिर्फ वही।

मुझे बस वही चाहिए।

वो इस विचार पर मुस्कुराई। मुस्कुराई और उसने जल्दी में लाइट ऑन कर दी, जो उसे थोड़ा ज़्यादा अचानक सा लगा।

अभी वो अपनी डेस्क पर बैठी ही थी कि टेलीफोन की घंटी बजने लगी। उसके पास रश्यन चाय का एक कप रखा था, और कमरे में जल रही एकमात्र लाइट ने एक छोटा सा अंडे का आकार बनाया हुआ था, जिसमें उसकी नोटबुक्स चमक रही थीं।

यकीनन, उसकी मां थीं। आह, ठीक है, बाद में परेशान करें, उससे तो ये कॉल अभी लेना बेहतर होगा।

क्या बियाटे इस इतवार को घर आएगी? वो ये जानना चाहती थीं। डैड को बहुत खुशी होगी। वो पूरे हफ़्ते उदास रहे थे और डॉक्टरों ने कहा था कि... लेकिन इस पर वो बाद में बात कर सकते हैं। वो क्या कर रही थी? काम! निश्चय ही उसे उस भयानक कत्ल के मामले में पड़ने की जरूरत नहीं है; वो तो मर्दों का काम है, है ना? क्या कालब्रिंजेन पुलिसबल में कोई मर्द नहीं है? कैसी जगह है ये?

दस मिनट बाद कॉल खत्म हुई और उसका जमीर उसे दांत के दर्द की तरह कचोट रहा था। वो खिड़की के बाहर सूर्यास्त की आखरी अवस्थाओं को देख रही थी जबकि सूरज अपना प्रतीकात्मक प्रकाश सारे आसमान में फैला रहा था और उसने सोच लिया कि वो इतवार की शाम को कुछ घंटों के लिए घर चली ही जाएगी। शायद रात भी वहीं बिता ले और सोमवार की सुबह पहली ट्रेन से वापस आ जाएगी... हां, और कोई चारा नहीं था।

उसने टेलीफोन का प्लग निकाल दिया। बस ऐहतियातन। क्योंकि ये नामुमकिन नहीं था कि जानोस का फोन आ जाए, और वो एक पूरी शाम जमीर की उस टीस के नाम नहीं करना चाहती थी... कम से कम अभी कुछ समय तक तो नहीं।

फरसामार |

उसने दो नोटपैड खोले और उन्हें पास-पास रख दिया। फिर वो बाएं वाले को ध्यान से पढ़ने लगी।

हेन्ज एगर्स, ऊपर लिखा था, जिसे दो लाइनों द्वारा रेखांकित किया गया था।

जन्म अप्रैल 23, 1961, सैल्स्टाट में ।

मृत्यु जून 28, 1993 कालब्रिंजेन में।

जाहिर है। इसमें तो शक की कोई गुंजाइश ही नहीं थी। नीचे नोट्स की एक लंबी श्रृंखला थी। माता-पिता और भाई-बहन। स्कूली शिक्षा। विभिन्न पते। औरतों के नाम की एक सूची। ये इंगित करने वाली कई तारीखें कि एगर्स कब विभिन्न दंड संस्थाओं, खासकर जेलों में गया, दोषसिद्धि और सजा सुनाए जाने की तारीखें...

अलग-अलग औरतों से दो बच्चे। पहली, एक लड़की, 2 अगस्त, 1985 को वोड्ज में पैदा हुई। मां, कोई क्रिस्टीन लॉजर। दूसरा, एक लड़का, जो 23 दिसंबर को पैदा हुआ था, यानी, जैसा कि उसने पहले भी ध्यान दिया था, क्रिसमस की पूर्व संध्या से एक दिन पहले, 1991 में - जिसका मतलब था कि वो अभी दो साल का भी नहीं हुआ था। मां का नाम मैटिल्ड फक्स, पता और आवास अनजान। वो कुछ देर इस औरत के बारे में सोचती रही कि किस तरह उसने वो हासिल कर लिया था जिसे पाने के लिए बियाटे अभी संघर्ष ही कर रही थी। बिना बाप का बच्चा - तो क्या वो वाकई इसी के लिए संघर्ष कर रही थी? और फिर, कौन जाने कि फक्स एक नशेड़ी और वेश्या रही हो, जिसने अनचाहे बेटे को ज़्यादा उपयुक्त अभिभावकों को दे दिया हो। हां, ये बात ज्यादा संभव थी।

तो? कल रात वो अपने विचारों में कहां तक पहुंची थी? बेशक ये एक अहम सवाल था... उसने कुछ पन्ने पलटे। ये रहा!

हेन्ज एगर्स उस आहाते में क्या कर रहा था? ये सबसे अहम बात थी! या बल्कि, ये समाज का निर्वासित 28 जून, 1993 को रात एक बजे (या इसके बाद) 24 बर्जिस्लान के अहाते में क्यों था?

वो जानती थी कि ये एक अच्छा सवाल था और हालांकि इसका अभी कोई निश्चित जवाब दे पाना संभव नहीं था, मगर वो तर्क की सीमाओं से परे जाए बिना और अंदाजों की दलदल में धंसे बिना कुछ निष्कर्ष तो निकाल ही सकती थी। कोई भी ऐसा कर सकता था |

पहला, अगर एगर्स पक्का नशेड़ी था, तो भी इतना तो माना ही जा सकता था कि वो कुछ हद तक तो सही सोच सकता था – उस रात उसकी नसों में बहुत ज़्यादा जहर नहीं था; मरते समय वो कमोबेश शांत और सुध में था (जो उम्मीद की जा सकती थी, कि एक अच्छे ईसाई के रूप में दूसरी ओर उसकी सांसारिक जिंदगी के आंके जाने के समय उसके काम आएगा)। जो भी हो, एगर्स यूंही तो बर्जिस्लान में नहीं रहा होगा। वो वहां किसी न किसी कारण से ही गया होगा। आधी रात को। 28 जून को। अकेला।

उसने चाय का एक घूंट लिया।

दूसरा, जिन आपराधिक लोगों के साथ एगर्स रहता था-और उसने उन सभी से बड़ी सावधानी से पूछताछ की थी-उनमें से किसी को जरा सा भी अंदाजा नहीं था कि ये चक्कर क्या था, यहां तक कि उसकी तथाकथित गर्लफ्रेंड को भी नहीं, जोकि पिछले दिन या पिछले कई दिन से ढेर सारी वाइन पीने के बाद उस रात बेसुध पड़ी सो रही थी। जब उसने और क्रोप्के ने कोई अंदाजा लगाने के लिए उन पर ज़्यादा दबाव डाला, तो वो बस इतना ही सोच सके कि हेन्ज को कोई खबर मिली होगी। कोई संकेत । कोई जानकारी कि कोई कुछ बेचने वाला है... कुछ सामान। किसी किस्म के ड्रग्स... हेरोइन या एंफिटामीन या फिर शायद हशीश। कुछ भी हो सकता था। वो सारी चीजें लेता था। और जो वो अपने अंदर नहीं ठूंस पाता था, उसे वो छोटे बच्चों को बेच देता था।

इसलिए, तीसरा, निष्कर्षः फरसामार ने ही उससे मिलना तय किया था। एगर्स ही शिकार था, कोई और नहीं। इस काम की योजना और तैयारी सावधानी के साथ की गई थी। पागल, दीवाने या ऐसे किसी शब्द की गुंजाइश नहीं थी जैसा कि कुछ लोग बोल रहे थे। अपराध की एकमात्र संभव श्रेणी पहले दर्जे की हत्या है! जो अचानक नहीं की गई, किसी फालतू वजह से नहीं हुई, ना ये किसी नशेड़ी द्वारा दूसरे नशेड़ी के सिर पर किया गया वार था।

पहले दर्जे की। इसमें कोई शक नहीं था, या इसमें कि फरसामार किस किस्म का आदमी था – एक कुशल, बेहद आत्मविश्वासी अपराधी जो अच्छी तरह जानता था कि वो क्या कर रहा है। जो कुछ भी चांस पर नहीं छोड़ना चाहता था, और जो...

चौथा, जिसके पास एक उद्देश्य था!

उसने अपनी पीठ कुर्सी पर टिकाई और चाय का एक बड़ा सा घूंट लिया।

एक बहुत ही एकचित्त हत्यारा। वो दूसरी नोटबुक की ओर मुड़ गई।

अन्सर्ट लियोपोल्ड सिमेल ।

यहां बहुत ज़्यादा डाटा नहीं था। बस कुछ पेज। उसमें इतनी ताकत नहीं थी कि वो उस ढेर सारी जानकारी को लिख सके जो क्रोप्के ने स्थानीय परीषद रिकार्डों, नेशनल रजिस्ट्ररों, कंपनी पंजीकरणों, दिवालियापनों, शैल कंपनियों के सौदों, कमिशनों, टैक्स रिट्रर्न, बिजनेस दौरों जैसे स्रोतों और न जाने कहां-कहां से खोदकर निकाली थी। उसने जल्दी से एक नजर उस पर डाली जो उसने लिखा था और फिर उसने अपना ध्यान अंत में लिखे सवालों पर केंद्रित कर दिया, जो उसने कल रात सोने से पहले लिखे थे। अहम चीज थी सही सवाल पूछना, जैसा कि जेनशेन के पुलिस कॉलेज में उसके पसंदीदा, वृद्ध वंडरमास, हमेशा जोर देकर कहा करते थे। उन्हें नए-नए ढंग से पूछते रहो! वो बड़ी बेसब्री से गुर्राते हुए, अपनी तीखी नजरों से देखते हुए कहते थे। जवाब निकालना भूसे के ढेर में से सूई निकालने से ज्यादा मुश्किल हो सकता है! इसलिए कम से कम इतना पक्का करो कि तुम सही भूसे के ढेरों में तलाश कर रहे हो!

तो, सिमेल के बारे में क्या सवाल पूछे जा सकते थे? सही सवाल? उसने चाय का एक और घूंट लिया और सोचने लगी।

जब वो पिछले मंगलवार की शाम को बाहर गया था तो वो क्या कर रहा था? वो ये जानती थी।

वो फिशरमैन्स स्क्वेयर होते हुए क्यों गया? वो इस बारे में काफी यकीन से बता सकते थे।

उसने नगरपालिका के जंगल वाला रास्ता क्यों लिया? स्पष्ट था ।

फरसामार ने उसका पीछा करना कब शुरू किया? शायद ये शुरुआत के लिए अच्छा था? लेकिन जवाब?

ब्लू शिप के पास से? पूरी संभावना है कि हां। फिर उसने तकरीबन पूरे शहर में उसका पीछा किया होगा। हां, वो और क्या कर सकता था?

इसका क्या मतलब हुआ?

उसने अपना सिर उठाया और खिड़की के पार देखा। शहर उसके आगे पसरा हुआ था। उसने अपनी डेस्क का लैंप बुझाया और अचानक कालब्रिंजेन जगमगा उठा, ढेर सारे रंग-बिरंगे लैंपों से जो रात ढलने पर अपने आप जल जाते हैं। प्रमुख रास्ते और आकृतियां स्पष्ट दिखने लगीं - बंजेसकर्क, हॉयस्ट्राट, ग्रांड प्लेस, टाउन हॉल, डूनिंजेन में टॉवर ब्लॉक्स... फिशरमैन्स फ़्रेंड। हां, वो चोटी के किनारे लटका हुआ सा यही रेस्तरां होगा; उसने इसके बारे में पहले सोचा ही नहीं था। वो इस सबके पास से गुजरा था; कातिल ब्लू शिप से इस सारे रास्ते पर चला था, जबकि मकतूल उससे सिर्फ कुछ गज आगे था, और जरूर...

गवाह भी रहे होंगे ।

ये उतना ही स्पष्ट था जितना कि हो सकता था। लोगों ने फरसामार को जरूर देखा होगा जब वो लांगवेज और हॉयस्ट्राट के पास दीवारों की छायाओं में छिपा हुआ होगा, जब वो तेजी से सीढ़ियों से उतरा होगा, जब वो चोरी-छिपे फिशरमैन्स स्क्वेयर से गुजरा होगा. .. और कोई संभावना है ही नहीं। वो जो कोई भी है, अदृश्य नहीं है। इससे क्या पता चलता है?

उतना ही स्पष्ट ये था कि कल वो अपने दरवाजे खोलेंगे और वो मशहूर जासूस आम जनता बड़ी तादाद में पुलिस स्टेशन आएगी; और देर-सवेर कोई न कोई-शायद कई लोग-आएगा और साबित करेगा कि उन्होंने उसे देखा है। जाहिर है वो ये नहीं जानते थे कि वो वही था, लेकिन फिर भी उन्होंने उसे देखा जरूर था और अब वो इस बारे में बता रहे हैं। उन्होंने उसे आमने-सामने देखा था, बल्कि उन्होंने उसे हैलो भी कहा था!

जरूर ऐसा ही रहा होगा। उसने लाइट फिर से जला दी। कुछ दिनों में फरसामार का नाम उनके सामने पूरी तरह अप्रासंगिक जानकारी के ढेर के बीच छिपा होगा; और कोई नहीं जान सकेगा कि वो क्या है, और गेहूं को भूसे से अलग करने का कोई तरीका नहीं होगा। या ये सब छान-फटक करने लायक है? क्या कोई इसे इतना कष्ट उठाने लायक मानेगा? शायद क्रोप्के ।

धत्! उसने सोचा। क्रोप्के के लिए सही काम है। अगर ऐसा ही होने वाला है, तो हमें पहले ही हार मान लेनी चाहिए।

लेकिन कोई शॉर्टकट तो जरूर होगा? कोई सहारा? अप्रासंगिक आंकड़ों को छांटने का कोई तरीका? जरूर होगा। तो अगले पन्ने पर चार लाइनों से रेखांकित करके वो कौन सा सवाल लिख सकती है?

वो वहां पहले ही मौजूद था।

"संबंध???" वहां लिखा था। वो कुछ देर उसे घूरकर देखती रही। फिर उसने एक त्रिकोण बनाया। दो कोनों पर उसने एगर्स और सिमेल के नाम लिखे। और कुछ देर हिचकिचाने के बाद उसने तीसरे कोने पर फरसामार लिख दिया। फिर उसने अपनी कारीगरी को ध्यान से देखा।

मैं ये कर क्या रही हूं? उसने सोचा। ये क्या बकवास है? बचकाना शौक!

जो भी हो, ये ड्रॉइंग संभाव्य तो लगती थी। काश मेरे पास एक कंप्यूटर होता, वो सोचने लगी, तो मैं एक छोर पर सिमेल फीड करती और दूसरे पर एगर्स। स्क्रीन पर आने वाले पैटर्न देर-सवेर एक बिंदु दिखाते, या लाइनों का एक बंडल दिखाते जिनसे कुछ स्पष्ट हो रहा होता। उस ढेर या गणितीय समीकरण से एक अकेला नाम उभरकर आता और ये फरसामार का नाम होता। ये इतना ही आसान होता!

ओह, बस भी करो, बियाटे मोएर्क ने सोचा। मेरा दिमाग खराब हो रहा है! दुनिया में अगर एक चीज है जो मेरी समझ में नहीं आती है, तो वो कंप्यूटर है।

उसने अपनी नोटबुकें बंद की और घड़ी में देखा कि अब टीवी पर आने वाली उस इटैलियन फिल्म के लिए बहुत देर हो चुकी है जिसे देखने का वैसे भी उसका कोई इरादा नहीं था। नहीं, वो परिमाणात्मक दृष्टिकोण वाली नहीं थी। वो एक के बाद एक भूसे के ढेरों में तलाश नहीं कर सकती थी; ये काम, मूजर और बैंग की मदद से क्रोप्के कर सकता था। खुद उसे इससे बेहतर काम करने थे।

उसने फिर से सिर उठाया और ठीक उसी समय चांद तैरता हुआ उसकी खिड़की के चौखटे में आ गया। पूरा और गोल... जूनो! ये एक संकेत था, इसमें कोई शक नहीं था। इस केस में और भी मापदंड लागू किए जाने थे। विभिन्न मान्यताएं। सहजबोध! औरत! इनमें से कोई भी मस्तिष्क के बाएं भाग को भौचक्का नहीं करता था। यिन, न कि यैंग! वो बैठी हुई मुस्कुराकर चांद को देखने लगी। मैं मूर्ख हूं उसने सोचा। पक्की मूर्ख! अब सोने का समय है। हां, बेशक। अच्छा हुआ कि कोई और नहीं जानता कि मैं अपने दिमाग का उपयोग किस तरह कर रही हूं। या बल्कि दुरुपयोग कर रही हूं!

वो खड़ी हुई और हॉल में चली गई। उसने अपना ड्रेसिंग गाउन उतारा और खुद को आईने में निहारा। हम्म, बहुत बुरा नहीं है, उसने सोचा | आसानी से पच्चीस, छब्बीस के आसपास का है। अफसोस कि कोई मर्द मेरे बेड में मेरा इंतजार नहीं कर रहा है।

पर वो ये कतई नहीं चाहती थी कि वो कल सुबह भी वहां उसके साथ हो!

और जब पंद्रह मिनट बाद उसे ऊंघ आनी शुरू हुई, तो अंधेरे में उसके अवचेतन में सिर्फ हत्यारे की काल्पनिक छवियां आ रही थीं। यानी, अगर कोई काल्पनिक छवियां होती हैं...

फरसामार?

क्या वो विश्वास से इतना भी कह सकते हैं कि वो एक मर्द है?

अपनी आखरी पकड़ छोड़ते और नींद के असीम आलिंगन में समाते हुए ये सवाल उसके मस्तिष्क में दर्ज हो गया था। ये सोचने का समय नहीं था कि वंडरमास उसे किसी संभावित फलदायक भूसे के ढेर में लगा सकते थे या नहीं।
 
10

"सब कुछ के बावजूद, मुझे कभी-कभी लगता है जैसे कोई मार्गदर्शक हाथ है," बॉजेन ने वान वीटरेन को गिलास पकड़ाते हुए कहा।

"ईश्वर की उंगली?"

"या दूसरे की। चीयर्स! ये तेज नहीं है, आपका स्वाद बुझाना नहीं चाहता था। मैंने सोचा हम बाद में कुछ लजीज चीजें चख सकते हैं।"

वो पीते रहे और बांस की कुर्सियां हमदर्दी से चरमराती रहीं। वान वीटरेन ने एक सिगरेट सुलगाई। प्रलोभन के आगे उसने हार मान ली थी और अपने होटल के बाहर न्यूज स्टैंड से एक पैकेट खरीद ही लिया। एरिच के उसे छोड़ने के बाद से ये पहला था, इसलिए वो इसका हकदार था।

"बहरहाल," बॉजेन ने तंबाकू का एक गंदा सा पाउच निकालते हुए कहा जो वान वीटरेन को अन्सर्ट सिमेल के हलक में देखी किसी चीज की धुंधली सी याद दिला रहा था। "यहां हमारी जिंदगी काफी शांत है। कुछेक शराबियों को बंद करना, कभी-कभार मारपीट के केस हल करना, पूर्व से आ रही नावों से कुछ शराब की बोतलें जब्त करना और अब अचानक हमारे सामने ये आ गया है। ठीक तब जब मैं रिटायर होने वाला हूं। अब ये मत कहना कि ये कोई संकेत नहीं है!"

"कुछ पैटर्न होते हैं," वान वीटरेन ने कहा।

बॉजेन ने अपने पाइप में आग डाली।

"मैंने तो नस्लवादियों तक को ठीक किया है।"

"ओह, हां। अगर मुझे सही याद है, तो टॉब्लिट्ज में एक शरणार्थी कैंप है ना," वान वीटरेन ने कहा।

"बिल्कुल। इन लोगों ने कुछ साल पहले यहां हंगामा करना शुरू किया था और पिछले साल नवंबर में एक गैंग ने चीजों को आग लगाना शुरू कर दिया। उन्होंने दो झोंपड़ियां जलाकर राख कर दीं। मैंने आठ को गिरफ़्तार किया।"

"बहुत खूब," वान वीटरेन ने कहा।

"आप सोच सकते हैं, उनमें से चार केबिन बनाने में व्यस्त हैं? वो शरण मांगनेवालों के साथ काम कर रहे हैं! उन्हें दो साल की जेल या सामुदायिक सेवा में से एक को चुनने को कहा गया था। जबरदस्त जज था। हाइन्राइक हाइन नाम था, वही कवि वाला। और अब उन्हें सबक मिल गया है।"

"बहुत खूब," वान वीटरेन ने कहा।

"मैं सहमत हूं। शायद किसी को भी इंसान बनाना संभव है, बशर्ते कि आप पूरी कोशिश करें। वैसे, उनमें से चार ने जेल को तरजीह दी।"

"तो क्या आपका इरादा पहली अक्टूबर को ही जाने का है, चाहे जो हो जाए?" वान वीटरेन ने पूछा। "आपसे आगे रुकने के लिए नहीं कहा जा रहा है?"

बॉजेन गुर्राया।

"पता नहीं। वैसे, मुझे अभी तक कोई संकेत नहीं मिले हैं। मुझे लगता है वो उम्मीद कर रहे हैं कि आप इस मामले को जल्दी ही सुलझा देंगे ताकि वो उस दिन के आने पर मुझे सामान्य ढंग से भेज सकें। वास्तव में, मैं भी यही उम्मीद कर रहा हूं।"

में भी, वान वीटरेन ने सोचा । उसने अपना गिलास उठाया और आसपास देखने लगा। बॉजेन ने मेज साफ करके उस पर एक कपड़ा बिछा दिया था, लेकिन इसके अलावा बरामदा बिल्कुल पिछली बार जैसा ही दिखता था - हर तरफ किताबें, अखबार और कबाड़। टेढ़े-मेढ़े घुमावदार गुलाब और पौधे और घास से भरा बगीचा अपने अलावा हर शोर और प्रभाव को खत्म कर रहे थे; ऐसा लगता था जैसे आप ग्रीन या कॉनरैड की किसी चौकी में पहुंच गए हैं। किसी अछूते महाद्वीप में किसी नदी के मुहाने पर मैनग्रोव की दलदल में। शायद अंधकार के केंद्र में। एकाध टोपियां, कुनैन की गोलियों का एक जार और कुछेक मच्छरदानियां इस दृश्य को बिगाड़ नहीं पातीं। लेकिन जो भी हो, वो यूरोप के बीच में था। एक यूरोपीय समुद्र के बीच एक छोटा सा खिलौना जंगल। वान वीटरेन ने अपनी ड्रिंक की एक चुस्की ली, जिसमें दालचीनी की हल्की सी महक आ रही थी और उसे एक संक्षिप्त सा संतोष महसूस हुआ।

"आपकी पत्नी...?" उसने कहा। देर-सवेर ये सवाल पूछना तो था ही।

"दो साल पहले मर गईं। कैंसर।"

"बच्चे?"

बॉजेन ने इंकार में सिर हिलाया।

और आप?" उसने पूछा।

"तलाक हो गया। इसे भी लगभग दो ही साल हुए हैं।"

"ओह, तो," बॉजेन ने कहा। "आप तैयार हैं?"

"किस चीज के लिए?"

बॉजेन मुस्कुराया।

"अंडरवर्ल्ड के एक छोटे से दौरे के लिए। मैंने सोचा था मैं आपको अपना खजाना दिखाऊंगा।"

उन्होंने अपने गिलास खाली किए और बॉजेन उसे नीचे कोठरी में ले गया। सीढ़ियों से होकर एक बॉयलर कक्ष और दो अन्य भंडार कक्षों में होते हुए जहां और भी कबाड़ मौजूद था – साइकिलें, फर्नीचर, बेकार हो चुके घरेलू उपकरण, जंग लगे बागबानी के पुराने औजार,अखबार (कुछ बंडलों में, कुछ खुले हुए), बोतलें, पुराने जूते और बूट...

"मेरे लिए किसी भी चीज को फेंकना बड़ा मुश्किल है," बॉजेन ने कहा। "सिर बचाकर! ये जगह थोड़ी नीची है।"

कुछ और सीढ़ियां नीचे उतरकर और मिट्टी की महक से भरे एक संकरे गलियारे से गुजरने के बाद, वो एक ठोस से दिखने वाले दरवाजे पर पहुंचे जहां डबल बोल्ट थे और एक ताला लगा हुआ था |

"लीजिए पहुंच गए!" बॉजेन ने कहा। उसने दरवाजे का ताला खोला और एक लाइट जलाई। "होश उड़ जाने के लिए तैयार हो जाइए!"

उसने दरवाजा खोला और पहले वान वीटरेन को अंदर जाने दिया।

वाइन। एक कोठरी भर।

धुंधली रोशनी में वो बस दीवार से टिके रैकों में लगी बोतलों की हल्की सी चमक को देख पाया। फर्श से छत तक साफ-सुथरी कतारों में। निस्संदेह हजारों बोतलें। उसने भारी हवा को अपने नथुनों में खोंचा |

"आह!" वो बोला। "मेरी नजरों में आपकी कद्र बढ़ती जा रही है, मि. पुलिस चीफ । ये यकीनन सभ्यता के चरम का प्रतीक है।" बॉजेन खिलखिलाया।

"यहां जो आप देख रहे हैं, वो रिटायरमेंट के बाद मेरा प्रमुख व्यवसाय बनने वाला है। मैंने हिसाब लगाया है कि अगर मैं खुद को तीन बोतल प्रति सप्ताह तक सीमित कर लूं, तो ये दस साल चलेंगी। मुझे शक है कि मैं इससे ज़्यादा रहना चाहूंगा।"

वान वीटरेन ने सिर हिलाया। मैंने अभी तक ऐसा कुछ क्यों नहीं किया है? उसने सोचा। मुझे घर पहुंचते ही खुदाई शुरू कर देनी चाहिए!

बेशक इसमें थोड़ी समस्या हो सकती है क्योंकि वो एक अपार्टमेंट ब्लॉक में रहता है, लेकिन वो सामान खरीदना शुरू करके इसकी शुरुआत तो कर सकता था। शायद वो कोई जगह किराए पर ले सकता है? उसने फैसला कर लिया कि वो वापस पहुंचते ही राइन्हार्ट या डोरीग्स से इस बारे में बात करेगा।

"प्लीज हमारे पीने के लिए कोई दो चुन लें," बॉजेन ने कहा। "मेरे ख़्याल से, एक व्हाइट और एक रेड।"

"म्युरसॉल्ट," वान वीटरेन ने कहा। "आपके पास व्हाइट म्युरसॉल्ट है?"

"मेरे ख़्याल से कुछ दर्जन। और रेड?"

"उसका फैसला मैं जांच टीम के बॉस पर छोड़ता हूं," वान वीटरेन ने कहा ।

"हा हा। ठीक है, तो मैं एक सेंट एमीलियन 71 का प्रस्ताव दूंगा। अगर मेरे दोस्त चीफ इंस्पेक्टर को नापसंद न हो तो।"

"मेरा ख़्याल है मैं इसे गटक सकूंगा," वान वीटरेन बोला।

"कुल मिलाकर बहुत बुरी शाम नहीं रही," दो घंटे बाद उसने कहा। "बुरा नहीं रहेगा अगर जिंदगी को इस तरह की चीजों से और बेहतर बना लिया जाए - अच्छा खाना; समझदारी भरी बातचीत; उच्चकोटि की वाइन और ये चीज ।" उसने अपनी उंगलियां चाटीं और एक नाशपाती का टुकड़ा मुंह में डाला। "वैसे मुझे बदले में क्या करना है?"

बॉजेन खुशी से खिलखिलाया।

"आप अभी तक नहीं समझे? बस खुदा के लिए फरसामार को सलाखों के पीछे पहुंचा दें, ताकि मैं गरिमा के साथ बूढ़ा हो सकूं!"

"मैं जानता था इसमें कोई पेंच होगा," वान वीटरेन ने कहा।

बॉजेन ने बोरडॉ के आखरी कतरे पलटे ।

"चिंता मत कीजिए," वो बोला। "हम बाद में इसे पूरा करने के लिए व्हिस्की लेंगे। सही?"

"हम्म," वान वीटरेन ने कहा। "बेहतर ये होगा कि पहले आपको जो कहना है हम उसे सुन लें। आखिर आप शुरू से ही इसे देख रहे हैं।"

उसके मेजबान ने सिर हिलाया और कुर्सी की पुश्त से टिक गया। उसने अपने जूते उतारे और अपने पैर खाली मर्तबानों की लकड़ी की क्रेट पर रख लिए। कुछ देर तक अपने पंजों को कुलबुलाते हुए, वो किसी सोच में डूबा सा लगा।

"भगवान ही जाने," उसने एक-दो मिनट बाद कहा। "मेरे दिमाग में कितने ही विचार और खुले सिरे भिनभिना रहे हैं और मेरी समझ में नहीं आ रहा कि मैं शुरू कहां से करूं। मैंने आज के दिन का अधिकतर हिस्सा इसी सोच में बिताया है कि क्या वाकई कोई कड़ी है।"

"समझाइए!" वान वीटरेन ने कहा।

"इतना तो मुझे यकीन है कि हमारे सामने एक ही हत्यारा है - ये बिल्कुल साफ सी बात लगती है। एक ही हत्यारा, एक ही तरीका, एक ही हथियार। लेकिन मकतूलों के बीच कड़ी - इसमें मुझे कुछ संदेह है। मुझे ऐसा कुछ पा लेने का डर है जिस पर हम सिर्फ इसलिए न झपट पड़ें कि हमने उसे पाया है कि वो 1988 में सिसिली में एक ही हॉलिडे पैकेज पर थे, या 1979 में एक ही अस्पताल में थे, या ऐसी ही और कोई चीज ।"

"दो लोग कभी न कभी तो एक-दूसरे के रास्ते में आते ही हैं," वान वीटरेन ने कहा।

"हां, ऐसा ही कुछ और ये कि ये जरूरी नहीं कि उनके इस तरह एक-दूसरे के रास्ते में आने का कुछ मतलब हो ही। हो भी सकता है, लेकिन जरूरी कतई नहीं है।"

"ये मत भूलिए कि यहां हम तीन रास्तों की बात कर रहे हैं," वान वीटरेन ने कहा। "हत्यारे के रास्ते की भी।"

"हां, बिल्कुल सही; अगर हमें कोई कामयाबी हासिल करनी है तो हमें किसी तीसरी कड़ी की तलाश करनी होगी। लेकिन बस मुझे कुछ ऐसा लग रहा है कि इस केस में ये भिन्न हो सकता है।"

"आपका मतलब कि एगर्स और सिमेल को बस ऐसे ही चुन लिया गया होगा?"

"शायद," बॉजेन ने अंधेरे में घूरते हुए कहा। "बेशक उसने एगर्स और सिमेल को जानबूझकर चुना है, लेकिन ये निश्चित नहीं है कि उनका निजी रूप से उससे कुछ संबंध होगा ही। शायद कोई ज़्यादा हल्की कड़ी रही हो।"

"फोन बुक से यूं ही ली गई कोई सूची?" वान वीटरेन ने सुझाव दिया। "जैसा कि आप जानते हैं, ऐसा पहले भी हुआ है। हैरिज, अगर आपको याद हो। वो आंखें बंद करके टेलीफोन डाइरेक्टरी के कॉवेंट्री संस्करण में एक पिन चुभोता था। और फिर एक के बाद एक उनका गला घोंट देता था।"

"मैं जानता हूं," बॉजेन ने कहा। हर शनिवार को... पकड़े जाने से पहले वो पांच को खत्म कर चुका था। आप जानते हैं वो किस तरह फंसा था?"

वान वीटरेन ने इंकार में सिर हिलाया।

"अगर मुझे सही याद है, तो एमरसन क्लार्क नाम का एक आदमी जिसे उसने चुना था, भूतपूर्व बॉक्सिंग चैंपियन था। हैरिज उसे नहीं संभाल सका ।"

"उसकी बदकिस्मती," वान वीटरेन ने कहा। "लेकिन उसे शुरुआत करने से पहले अपनी फेहरिस्त से बॉक्सरों को निकाल देना चाहिए था।"

"उसके लिए ठीक ही हुआ," बॉजेन ने कहा।

दोनों ने सिगरेट जलाई और खामोशी से बैठे गुलाबों के बीच धीमी-धीमी सरसराहट को सुनते रहे। कुछ सेही आ गए थे और इधर-उधर सूंघते फिरने के बाद पिछले दरवाजे के बाहर रखी तश्तरी से दूध पी गए थे, और कुछेक अबाबीलें अभी भी ढीली पड़ चुकी टाइलों के नीचे से आ-जा रही थीं। इन्हें शायद जंगली जीवों की आवाजें तो नहीं कहा जा सकता, लेकिन वान वीटरेन को फिर भी एक अनोखा सा अहसास हो रहा था।

"बेशक अगर वो किसी और का सिर काट दे, तो हम एक भिन्न ही स्थिति में आ जाएंगे," बॉजेन ने कहा।

"इसमें कोई शक नहीं है," वान वीटरेन ने कहा।

अचानक बगीचे में ठंडी सी हवा चली।

"आप अंदर चलना चाहेंगे?" बॉजेन ने पूछा।

"नहीं।"

"और आपको किसी पर संदेह नहीं है?"

बॉजेन ने सिर हिलाया और अपनी व्हिस्की और पानी को चखा ।

"पानी ज़्यादा है?"

"नहीं। संदेह की... कोई हल्की सी किरण तक नहीं?"

बॉजेन ने एक आह भरी।

"मुझे इस नौकरी में पच्चीस साल से ज़्यादा हो चुके हैं। आधी आबादी को मैं नाम से जानता हूं, और मैं जानता हूं कि वो अपनी जिंदगी कैसे बिताते हैं – बाकी को मैं शक्ल से पहचानता हूं। शायद कुछ एक-दो हजार लोग ऐसे होंगे जिनके बारे में मैं कुछ नहीं जानता, लेकिन इसके अलावा... उफ! मैं शायद उनमें से एक-एक के बारे में सोच चुका हूं, लेकिन मुझे कुछ नहीं मिला। कुछ भी नहीं!"

"लोगों की हत्यारों के रूप में कल्पना करना आसान नहीं है," वान वीटरेन ने कहा। "जब तक आप उनसे आमने-सामने न मिलें । और फिर, जरूरी नहीं है कि वो यहीं का हो, नहीं?"

बॉजेन ने एक क्षण को सोचा।

"शायद आपकी बात सही हो, लेकिन मुझे शक है। मैं शर्त लगा सकता हूं कि वो हमारे बीच से ही है। बहरहाल, अच्छा होगा अगर हम कुछ उपयोगी सोच सकें। इस कम्बख़्त एगर्स पर हम हजारों घंटे खर्च कर चुके हैं!"

"इस नौकरी में इंसाफ नहीं है," वान वीटरेन ने मुस्कुराकर कहा। "कोई चिह्न तक नहीं," बॉजेन ने कहा। "इससे तो बेहतर होगा कि हम आम जनता पर भरोसा कर लें। वो हमेशा कुछ न कुछ निकाल ही लाते हैं।"

"आपकी बात सही हो सकती है," वान वीटरेन ने कहा ।

बॉजेन ने अपने पाइप को घिसना शुरू कर दिया था; ऐसा लगता था जैसे उसके दिमाग में कुछ चल रहा हो।

"आप शतरंज खेलते हैं?" उसने पूछा।

वान वीटरेन ने खुशी से आंखें बंद कर लीं। केक पर आइसिंग, उसने सोचा |

बेहतर होगा कि जो कुछ मिल रहा है उसका पूरा फायदा उठाया जाए। बजाहिर ऐसा लग रहा था कि हालात और मुश्किल होने वाले हैं।
 
11

पुलिस चीफ बॉजेन के आदेशों को सिर्फ रेडियो स्टेशन और स्थानीय प्रेस ने ही गंभीरतापूर्वक नहीं लिया था। इतवार को, राष्ट्रीय प्रेस ने भी कालब्रींजेन के कर्तव्यनिष्ठ नागरिकों से गंभीर आग्रह किया कि वो बिना देर किए पुलिस के पास जाकर मामूली से मामूली जानकारी दें ताकि फरसामार को जल्दी से जल्दी पकड़ा जा सके।

जब इंस्पेक्टर क्रोप्के और कांस्टेबल मूजर ने आम जनता की पहले दिन की जासूसी के नतीजों का संकलन किया, तो कई चीजें एकदम स्पष्ट थीं। ये सच है कि उस शाम कॉन्फ़्रेंस रूम में अपने सहयोगियों को संबोधित करने से पहले क्रोप्के को ट्रांसपेरेंसीज तैयार करने का समय नहीं मिल सका था, लेकिन हर चीज उसकी नोटबुक में बड़ी सफाई से तैयार थी, डिटैचेबल पन्नों और गहरे नीले रंग के चमड़े के कवर्स के साथः

1) पूरे दिन के दौरान, अड़तालीस लोग पुलिस स्टेशन आए और उन्होंने हत्या वाली शाम के विभिन्न पक्षों के बारे में गवाही दी। उनमें से ग्यारह से पहले भी बात हुई थी। शेष सैंतीस में से छह को अप्रासंगिक माना गया क्योंकि वो या तो शहर के गलत भाग में थे (तीन), या गलत समय पर थे (दो) या उन्होंने तारीख ही गलत समझी थी (एक-बूढ़ी मिसेज लोइवे, एक विधवा, जो सोमवार की सुबह को बिल्ली का खाना खरीदने निकली थीं और उन्होंने कई रहस्यमय लोगों को देखा था जो अपने ओवरकोटों के नीचे फरसे छिपाए हुए थे)।

2) बाकी चवालीस गवाह, 2300 और 2400 बजे के बीच किसी न किसी समय निस्संदेह उस इलाके में थे-लांगवेज, हॉयस्ट्राट, मिचेल्स स्ट्रैप्स, फिशरमैन्स स्क्वेयर, हार्बर एस्लेनेड, नगरपालिका का जंगल। हर किसी के नाम, पते और टेलीफोन नंबर को सावधानीपूर्वक नोट कर लिया गया था, और क्रोप्के ने उन्हें आने वाले हफ़्तों में शहर और आसपास से बाहर जाने से मना भी कर दिया था, क्योंकि आगे की पूछताछ के लिए उनकी जरूरत पड़ सकती थी। (इस उपाय से शक्ति के दुरुपयोग की बू आती थी, लेकिन वान वीटरेन ने अपनी आपत्ति को दबाए रखा। जाहिर है, वो जांच का इंचार्ज नहीं था।)

3) एक बेहद पेचीदा और उससे भी ज़्यादा संभावित रूप से टेढ़े पैटर्न में जिसे क्रोप्के बार-बार प्रयास करने के बावजूद अपने पीसीबी 4000 में प्रोग्राम करने में नाकाम रहा था, सारे गवाहों ने किसी न किसी समय और विभिन्न स्थानों पर एक-दूसरे को देखा था। (इसके नतीजे में होने वाली हताशा और चिढ़ को, पुलिस के पदानुक्रम को मद्धेनजर रखते हुए, कांस्टेबल मुजर ने शाम के समय देखा था।)

4) मिस डीव्यूट्ज और मिसेज आलगर द्वारा दिए गए पिछले साक्ष्य, जो डूम्स एली में बातचीत कर रही थीं और जिन्होंने अनर्स्ट सिमेल को स्क्वेयर से गुजरते देखा था, की अब चार नए गवाहों द्वारा पुष्टि कर दी गई थी। दो जोड़ों ने, जो भिन्न दिशाओं में, स्क्वेयर से लगभग 11:20 पर गुजरे थे, एक अकेले व्यक्ति को पैदल जाते देखा था, जो अब याद करने पर उन्हें लगता था कि दिवंगत प्रॉपर्टी डेवलपर हो सकता था।

5) स्कूटर पर दो नवयुवक (ऐसी परिस्थितियों में जिससे वो किसी हद तक कानूनी पचड़े में पड़ सकते थे) एक मिनट बाद स्क्वेयर के पास एस्प्लेनेड की ओर गए थे और उनका कहना था कि वो एक आदमी के पास से गुजरे थे, जो शायद सिमेल ही था।

6) एक प्रेमी जोड़ा, जिनमें से लड़की कुछ खास कारणों से गुमनाम रहना चाहती थी और इसलिए उसने खुद थाने आने के बजाय टेलीफोन द्वारा लड़के के बयान की पुष्टि करने को तरजीह दी थी, बंदरगाह के पास 11:00 और 01:00 के बीच एक कार में बैठा, या बल्कि अधलेटा था और उन्होंने कोई 11:30 के आसपास उनकी कार से मुश्किल से दस गज की दूरी पर घाट के किनारे एक आदमी को सिगरेट पीते देखा था। दोनों लगभग विश्वस्त थे कि वो अर्न्स्ट सिमेल था।

7) उधर हॉयस्ट्राट में तीन नए गवाहों ने (पिछले दो के अलावा) मकतूल को ब्लू शिप से जाते देखा था। तीनों ने ही एक या संभवतः दो अकेले पुरुषों को देखा था, पूरी संभावना थी कि ये गवाहों का एक-दूसरे को देखे जाने का मामला था।

8) एक गवाह ने एक अकेले आदमी को-संभवतः अनर्स्ट सिमेल को-11:10 और 11:15 के बीच हॉयस्ट्राट से आते और मिचेल्स स्टैप्स की ओर जाते देखा था। बेशक गवाह और देखे गए व्यक्ति के बीच की दूरी कोई बीस गज थी, लेकिन चूंकि वो आदमी उस समय एक स्ट्रीटलाइट के नीचे था, इसलिए वो गवाह को काफी अच्छी तरह याद था। जिसकी सबसे विशेष बात ये थी कि उस आदमी ने एक चौड़े किनारे वाला हैट पहना हुआ था जिससे उसके चेहरे पर छाया पड़ रही थी। ये उन तथ्यों में से एक था कि ये नजारा हत्यारे का था; अगर ऐसा ही था, तो ये अभी तक का पहला नजारा था। रात को शहर में घूमने वाले कालब्रिंजेन के नागरिकों में से किसी ने भी अभी तक दी गई किसी रिपोर्ट में हैट पहने किसी पुरुष का जिक्र नहीं किया था।

गवाह का नाम विंसेंट पीयरहूवेन्स था और दुर्भाग्य से वो उस रात थोड़ा नशे में था, और इसलिए उस पर पूरा भरोसा नहीं किया जा सकता था – एक ऐसा तथ्य जिसे उसने खुलकर स्वीकार किया और जिसकी कई अन्य गवाहों ने भी पुष्टि की। जो भी हो, उसके बयान को आगे की जांच के लिए बेहद दिलचस्प माना जा सकता था।

9) शायद इस इतवार को सामने आने वाला सबसे महत्वपूर्ण साक्ष्य-जोकि क्रोप्के द्वारा सारी सामग्री को संक्षेप में बताए जाने के बाद, कम से कम चीफ इंस्पेक्टर बॉजेन का विचार था-चार किशोरों का था जो जंगल में बंदरगाह से रिकेन की ओर टहल रहे थे - दूसरे शब्दों में, ठीक उसी रास्ते पर जिससे जांच को सरोकार था। वो शायद हत्या स्थल से 11:40 के कुछ ही बाद गुजरे थे। चूंकि गवाह नंबर छह के मुताबिक अनर्स्ट सिमेल दस मिनट पहले घाट पर सिगरेट पी रहा था और चूंकि किशोरों में से किसी ने उसे नहीं देखा था, इसलिए माना जा सकता था कि जब ये लोग अपराध स्थल से गुजरे, तब हत्यारा हमला कर चुका था और शायद झाड़ियों में अपने शिकार के ऊपर झुका उनके जाने का इंतजार कर रहा था। (ये जानने के बाद, एक लड़की बुरी तरह सुबक-सुबककर रोने लगी थी-वही लड़की जिसकी खातिर उन्होंने अभी तक पुलिस से संपर्क नहीं किया था। उसका बाप स्थानीय एसेंबली ऑफ गॉड में पादरी था और उस समय उसे लड़कों की एक टोली के साथ जंगल में होने के बजाय अपनी एक दोस्त (इसी टोली की एक और लड़की) के घर पर बिस्तर में होना चाहिए था।) जो भी हो, इस साक्ष्य से पता चलता था कि हत्या का समय

संभवतः 11:40 माना जा सकता था - एकाध मिनट इधर-उधर ।

"तो बस, लगभग इतना ही है," क्रोप्के ने अपनी नोटबुक बंद करते हुए कहा।

"हमें म्युरिट्ज को एक सिगार देना चाहिए," वान वीटरेन ने कहा। "लगता है कि मौत के समय के बारे में उसका अनुमान सही था। मैं दरअसल ये जानना चाहता हूं कि खूनी ने स्क्वेयर को कैसे पार किया। मेरा मतलब, वहां उस समय-कितने-छह या सात लोग मौजूद थे।"

"आठ," क्रोप्के ने कहा। "कम से कम आठ। वो शायद आर्केड के साथ-साथ चलता गया। स्क्वेयर के पश्चिम में स्तंभों की एक कतार है-वाल्स्का विल्डिंग-पता नहीं आपका ध्यान उन पर गया या नहीं, चीफ इंस्पेक्टर। वहां रोशनी काफी कम है। हमारा कोई भी गवाह उधर नहीं गया था।

"जैसे वो किसी हत्यारे के लिए ही बनाई गई हो," बॉजेन ने आह भरी। "तो, जैंटलमेन, आपका क्या ख़्याल है? अच्छा दिन रहा?"

मूजर ने एक पेंसिल से अपने कान के पीछे खुजाया और उबासी ली। क्रोप्के ने अपने नोट्स को देखा। वान वीटरेन ने अपने गत्ते के कप से आखरी बूंदें खाली कीं और ध्यान दिया कि बासी, गुनगुनी कॉफी और व्हाइट म्युरसॉल्ट में जमीन-आसमान का फर्क है।

"कहना मुश्किल है," वो बोला। "कम से कम हमें काफी जानकारी जरूर मिल गई है। और कल एक नया दिन है।"

"सोमवार," मूजर ने एकदम स्पष्ट कर दिया।

"हो सकता है वो जंगल में इंतजार ही कर रहा हो," क्रोप्के ने कहा, जो शायद अपनी ही थ्योरी बनाए हुए था। "हमें इस संभावना को नहीं भुलाना चाहिए।"

"जो भी हो," वान वीटरेन ने कहा, "मेरा ख़्याल है कि अब मैं खुद बातचीतों की एक श्रृंखला करना चाहूंगा। बशर्ते कि हमारे लीडर ने मेरे लिए कुछ और काम नहीं सोच रखा हो?"

"कोई नहीं," बॉजेन ने कहा। "अच्छे पुलिस अफसर जानते हैं कि खुद को उपयोगी रूप से कैसे व्यस्त रखें।"

मूजर ने फिर से उबासी ली।
 
12

"आप उनके कानूनी सलाहकार थे, है ना?” वान वीटरेन ने अपनी ऊपर की जेब से एक टूथपिक निकालते हुए पूछा।

"एक अच्छा पारिवारिक दोस्त ज़्यादा था," वकील मुस्कुराया।

"एक रिश्ते की वजह से दूसरा रिश्ता तो बंद नहीं हुआ ना?"

"कतई नहीं।"

यूजेन क्लिंगफोर्ट के ऑफिस में एक लग्जरी केबिन जैसा भाव था। टीक के चमकदार पैनल, जिनमें यहां-वहां पीतल की फिटिंग्स थीं। दीवार में बने बुककेस जिनमें लैदर में मढ़ी किताबों की पंक्तियां थीं, जिनमें से किसी को भी प्रिंटर के यहां से निकलने के बाद कभी खोला नहीं गया था। लैदर के कवर वाली फाइलिंग कैबिनेट, एक बार काउंटर जिसे बंद करके डेस्क बनाया जा सकता था, एक वैसरमान्रफ़िश सेफ ।

बुरी रुचि का साक्षात रूप, वान वीटरेन ने सोचा। इसे शांत करने के लिए लोगों के पास जितना पैसा होता है, ये उतनी ही वीभत्स हो जाती है।

"और कितने समय से?" उसने पूछा।

"कितने समय से? ओह, आपका मतलब... देखते हैं, बीस-पच्चीस साल या ऐसे ही कुछ। मेरे ख़्याल से ये कहना ठीक होगा कि जब से मैंने कालब्रिंजेन में अपना काम शुरू किया है। आप सिगार लेंगे, चीफ इंस्पेक्टर?"

"नहीं, शुक्रिया," वान वीटरेन ने कहा। "उनका कारोबार किस हाल में था?"

"उनका कारोबार? आपका क्या मतलब है?"

"मैं जानना चाहता हूं कि अनर्स्ट सिमेल का कारोबार किस हाल में था। आप उनके वित्तीय सलाहकार थे, आखिर; मेरे ख़्याल से हम इस बात पर सहमत हो गए थे।"

क्लिंगफोर्ट अपनी कुर्सी पर आराम से बैठ गया और उसने अपनी ठोड़ी अपने सीने पर टिका ली। थोड़ा मुटापे की ओर है, वान वीटरेन ने सोचा। "उनका कारोबर बहुत बढ़िया हाल में था।"

"और उनकी वसीयत?"

"कोई वसीयत नहीं है। उन्हें जरूरत ही नहीं थी। ग्रेट और बच्चों को उनकी संपत्ति का एक-एक हिस्सा मिलेगा; कोई असामान्य परिस्थितियां नहीं हैं।"

"हम कितने की बात कर रहे हैं?"

"देखिए, मेरी बात सुनिए, मि. वीटरेन--"

"वान वीटरेन ।"

"-वान वीटरेन | इंस्पेक्टर क्रोप्के के साथ मैं पहले ही इस पर काफी समय बर्बाद कर चुका हूं। अगर आप सोचते हैं कि एक बार फिर इस सबसे गुजरने का मेरा कोई इरादा है, सिर्फ इसलिए कि आप एक रैंक वरिष्ठ हैं, तो...”

"तो क्या?" वान वीटरेन ने पूछा।

"तो, आप खुद को भुलावा दे रहे हैं।"

"शुक्रिया, मि. क्लिंगफोर्ट। मैं समझ गया कि कोई गड़बड़ है जिसे छिपाया जा रहा है, मगर निस्संदेह हम आपकी मदद के बिना भी उसे खोज निकालेंगे।"

यूजेन क्लिंगफोर्ट घुरघुराया और उसने एक सिगार जलाया।

"मैं एक बात बिल्कुल साफ कर दूं," गहरे धुएं के कुछ बादल उड़ा चुकने के बाद उसने कहा। "अनर्स्ट के कारोबार या उसकी संपत्ति के संदर्भ में किसी अनियमितता का रत्ती भर भी अंश नहीं है।"

"यानी आप ऐसी किसी भी संभावना को दरकिनार करते हैं कि कातिल का कोई वित्तीय मकसद हो सकता है?" वान वीटरेन ने पूछा।

"जी हां।"

"लेकिन क्या ऐसे लोग नहीं थे जिन्हें उनका पैसा देना था?"

"बेशक उनके कर्जदार थे। लेकिन उस तरह के कर्जदार नहीं जैसे आप कहना चाह रहे हैं।"

"मैं क्या कहना चाह रहा हूं?" वान वीटरेन ने टूथपिक को कुर्सी की बांह पर रखते हुए पूछा। "मुझे बताइए!"

क्लिंगफोर्ट ने जवाब नहीं दिया, लेकिन उसका चेहरा कुछ लाल सा होने लगा था।

"कातिल के बारे में आप क्या सोचते हैं?" वान वीटरेन ने पूछा।

"कोई पागल है," क्लिंगफोर्ट ने बेझिझक जवाब दिया। "मैंने तो शुरू से ही ये कहा है। आप उसे जरूर पकड़ लें, ताकि कानून पसंद लोग हमले के डर के बिना रात में भी सड़कों पर घूम सकें।"

"आप उनके साथ वेश्याओं के पास जाते थे?" वान वीटरेन ने पूछा।

सवाल उस वक़्त किया गया था जब क्लिंगफोर्ट कश ले रहा था और वकील को खांसी का ऐसा दौरा पड़ा जो वान वीटरेन समझ रहा था कि बहुत तकलीफदेह होगा। क्लिंगफोर्ट का विशाल शरीर जितनी जल्दी उसे खड़ा होने देता, उतनी जल्दी वो उठ खड़ा हुआ, और लड़खड़ाता हुआ खिड़की की ओर चला गया। जब वो वापस आया, तो उसने बार शैल्फ से सोडा वाटर का एक घूंट भरा।

"इससे आपका क्या मतलब है आखिर?" हालत सुधरने पर उसने गुर्राने की कोशिश करते हुए पूछा। "ये स्पष्ट रूप से शक्ति के दुरुपयोग से कम नहीं है।"

"ये आम जानकारी है कि सिमेल वेश्याओं के पास जाते थे," वान वीटरेन ने बिना फिक्र किए कहा। "मैं बस सोच रहा था कि क्या आप मुझे कुछ नाम बता सकते हैं।"

"मेहरबानी करके अब आप जाएंगे और मुझे शांति से रहने देंगे?"

"ऐसा सपना भी मत देखना। बैठिए और मेरे सवालों का जवाब दें। ये कत्ल की तफ़्तीश है और मुझे अधिकार है कि अगर मैं चाहूं तो आपको पुलिस स्टेशन ले जाऊं। इतने घमंड में मत रहिए, मि. क्लिंगफोर्ट। मैं जितने यहां देख रहा हूं उससे कहीं ज्यादा ऊंचा उड़नेवालों को मार गिराने का आदी हूं।"

यूजेन क्लिंगफोर्ट अपनी ठोड़ी सीने में धंसाए कमरे के बीचोबीच खड़ा रहा। ये बीमार वालरस जैसा दिखता है, वान वीटरेन सोच रहा था |

"आप कालीन पर राख गिरा रहे हैं," उसने कहा। "तो? मैं उनमें से कुछ औरतों के नामों का इंतजार कर रहा हूं।"

"मेरा... मेरा अनर्स्ट की जिंदगी के उस पहलू से कोई ताल्लुक नहीं है," क्लिंगफोर्ट ने अपनी डेस्क की कुर्सी पर वापस जाते हुए कहा। "कुछ नहीं! मेरा ख़्याल है वो... कभी-कभार... किसी खास के साथ... आमतौर वालियों के साथ जाता होगा। मुझे यकीन है कि पुलिस चीफ के पास उनके नाम होंगे।"

"मुझे उनके नाम चाहिए जो पुलिस को पता नहीं हैं," वान वीटरेन ने कहा। "आप सुकून भरी शादीशुदा जिंदगी जी रहे हैं, मि. क्लिंगफोर्ट। बीवी, बच्चे, अपना घर - क्या आप समझ नहीं रहे हैं कि आप जिद पर अड़े रहे तो मैं आपके लिए जिंदगी कितनी मुश्किल बना सकता हूं?"

वकील ने अपनी मेज की दराज खंगाली। उसने एक कागज का टुकड़ा निकाला और कुछ लिखा, फिर उसे वान वीटरेन की ओर खिसका दिया।

"लेकिन मैं आपको आश्वस्त कर सकता हूं कि इसका कत्ल से कतई कोई वास्ता नहीं है।" उसने अपनी भौंह से पसीने की बूंदें पोंछीं। "बिल्कुल कुछ नहीं।"

मैंने पल भर के लिए भी नहीं सोचा था कि ऐसा होगा, वान वीटरेन ने सड़क पर बाहर निकलते हुए सोचा। मगर कमीनों को जब-तब याद दिलाते रहना चाहिए कि वो कमीने हैं।

"आज तो तुम होश में हो?" बॉजेन ने मेज पर कॉफी की ट्रे रखकर बैठते हुए कहा।

"सोमवार को मैं हमेशा होश में रहता हूं," पीयरहूवेन्स ने कहा। "मुझे काम करना होता है ना?"

"मेयर्क के यहां किराने की स्टॉल संभालते हो?"

"हां। आजकल तो जो मिल जाए वही करना पड़ता है।"

बॉजेन ने सिगरेट का पैकेट आगे बढ़ाया और पीयरहूवेन्स जो ले सका वो उसने ले लिया।

"कॉफी और सिगरेट-जैसा मैं हमेशा कहता हूं। पुलिसवालों के साथ ताल्लुक बनाकर रखना अच्छा रहता है।"

"उम्मीद है कभी-कभार... काम निकालने के लिए तुमने ये गढ़ा नहीं है!" बॉजेन ने मेज पर आगे की ओर झुकते हुए कहा। पीयरहूवेन्स उछल गया और नर्वस सा दिखने लगा।

"नहीं, नहीं, भगवान के लिए, चीफ इंस्पेक्टर। मैं तो सपने में भी पुलिस से झूठ नहीं बोलूंगा! मैंने उसे इतना साफ देखा था जैसे अभी मैं आपको देख... रहा हूं। क्लारमान के यहां से आते हुए... मतलब मैं। मैं वॉटर्स और एगॉन श्मिट से बात कर रहा था, अगर आपको पता हो–-"

बॉजेन ने सिर हिलाया ।

"घर के रास्ते में मैं बुकस्टोर से गुजरा ही था। मैं पैम्पास में रहता हूं, अगर आपको पता हो—"

"पता है," बॉजेन ने कहा।

"खैर, जैसे ही मैं नुक्कड़ पर पहुंचता हूं, यानी हॉयस्ट्राट में, मैं बाएं मुड़ता हूं और मैं एक आकृति को तेजी से सीढ़ियां उतरते देखता हूं। वो ब्लू शिप की ओर से आया था और वो जल्दी में दिख रहा था।"

"जल्दी में?"

"हां, वो तकरीबन सीढ़ियों से दौड़ते हुए उतर रहा था--"

"उसका ब्योरा दो!" बॉजेन ने कहा।

"ये सब कुछ बहुत जल्दी में हो गया, मगर वो उन पतले ओवरकोटों जैसा पहने हुए था जो थोड़ा फड़फड़ाते हैं। और एक हैट, हां, फ्लॉपी हैट जैसा, और वो इतना नीचे खींचा हुआ था कि मैं जरा नहीं देख पाया साले... माफ करें... उसके चेहरे को। "

"उसके कोट का क्या रंग था?"

"रंग? हां, ब्राउन। या नीला जैसा। जो भी था, बहुत गहरे रंग का था।"

"और उसका हैट?"

“और भी गहरे रंग था। लेकिन काला नहीं। ये सब बहुत जल्दी में हुआ था, जैसा मैंने कहा। और तब इस बारे में मैंने वाकई सोचा नहीं था... कूवी के मुझे ये बताने तक नहीं कि किसी ने सिमेल को मार दिया है।"

"कूवी?"

"कोवाल्स्की... रैडन कोवाल्स्की। वो बंदा जो मेरे नीचे रहता है। एकदम सही बंदा है।"

"इसके बारे में तुमने कब सुना था?"

"कब? मेरे ख़्याल से ये अगले दिन की बात रही होगी... हां, सही है... दोपहर देर गए। हम सीढ़ियों पर मिल गए थे और तभी उसने मुझे बताया था। तुमने सुना फरसामार ने अनर्स्ट सिमेल को मार दिया है?" उसने कहा था।"

"और फिर भी पुलिस के पास जाने के लिए तुम कल तक इंतजार करते रहे," बॉजेन ने सख़्ती से कहा। "क्यों?"

पीयरहूवेन्स अपने कॉफी के कप में देखता रहा।

"वो... मैं...," उसने कहा। "मुझे वाकई नहीं पता। मुझे लगता है मैंने सोचा था कि ये कोई खास बात नहीं है। और मैं कुछ बीमार भी रहा था, लेकिन फिर मैंने रेडियो पर सुना—-

"पिछले मंगलवार की शाम को तुमने कितनी पी थी?"

"कहना मुश्किल है... कहना आसान नहीं है," पीयरहूवेन्स ने कहा। "मेरा मतलब, मैं क्लारमान में कुछ घंटे रहा था, तो शायद मैंने काफी पी ली होगी। वॉटर्स अपनी बोतल भी लाया था।"

"मैं मान लेता हूं," बॉजेन ने कहा। "और अगर तुम उस आदमी को दोबारा देखोगे तो पहचान नहीं पाओगे?"

पीयरहूवेन्स ने सिर हिला दिया।

"मगर वैसे, वो दिखता कैसा था? बड़ा या छोटा... हट्टा-कट्टा या पतला?"

"नहीं, नहीं, मुझे इतना मौका ही नहीं मिला कि दे... ये देख पाता। शायद बीच में कहीं नहीं, मैं उसे नहीं पहचान पाऊंगा।"

बॉजेन ने हामी भरी ।

"और उसका हैट और कोट? उन्हें भी नहीं?"

पीयरहूवेन्स झिझका और उसे एक सिगरेट दी गई।

"शुक्रिया। नहीं," आखिरकार उसने कहा। "मैं वाकई नहीं कह सकता कि मैं पहचान लूंगा।"

बॉजेन ने लंबी सांस ली। वो उठ गया और पीयरहूवेन्स को उसकी किस्मत के सहारे छोड़ गया। कम से कम वो इतना तेज तो था ही कि ये देख ले कि वो किसी जोखिम में है, उसने सोचा।

मतलब, फरसामार को देखने के बाद।

"मेरी जैल्निक?" बियाटे मोएर्क ने पूछा।

वो देख सकती थी कि लाल सोफे पर बैठी औरत वास्तव में उसके अपने मुकाबले कई साल छोटी होगी और इस बात ने उसे असुरक्षा के अस्पष्ट से अहसास से भर दिया। एक ओर, इसने एक दबी सी सुरक्षात्मक इच्छा को जगाया; मगर दूसरी ओर, वो अपनी चिढ़ और नापसंदगी को रोकने के लिए भी मजबूर थी। अपनी घृणा को दबाने के लिए।

ये वैरभाव दोनों तरफ मालूम देता था। मेरी जैल्निक एक के ऊपर एक टांग रखकर इस तरह टेक लगाकर बैठी कि उसकी लैदर की स्कर्ट ने उसकी जांघ के बड़े हिस्से को उभार दिया। वो सिगरेट पी रही थी और अपने नाखून देख रही थी।

"मैं आपसे बस कुछेक सवाल पूछना चाहूंगी।"

"शौक से पूछिए। "

"आप बतौर वेश्या अपनी आजीविका कमाती हैं, क्या ये सही है?"

"बाकी चीजों के साथ, हां। "

"आप और क्या करती हैं?"

कोई जवाब नहीं।

"मैं चाहूंगी आप मुझे अनर्स्ट सिमेल के बारे में कुछ बताएं। मेरे ख़्याल से वो आपके ग्राहकों में से थे, है ना?"

"आप क्या जानना चाहती हैं?"

"वो सब कुछ जो जांच के लिए उपयोगी हो। जैसे, आप कब से... उनके संपर्क में थीं?"

"तकरीबन छह महीने से... जबसे वो वापस आया था।"

"कितनी बार?"

उसने कंधे उचकाए।

"बहुत ज्यादा नहीं। महीने में एक बार, या और कम। वो अक्सर कैटजा के साथ जाता था।"

"कैटजा सिमोन?"

"हां।"

"इसके बारे में तो हमें पता है। क्रोप्के उससे बात कर चुके हैं।"

"मैंने भी सुना था।"

उसने अपनी सिगरेट का टोटा बुझाया और फौरन ही दूसरी जला ली। छी, बियाटे मोएर्क ने सोचा।

"वो कैसे थे?"

"सिमेल? आम किस्म का सा।"

बियाटे मोएर्क ने दर्ज किया।

"वो आमतौर पर कैसे संपर्क करते थे?"

मेरी जैल्निक ने इस पर जरा सोचा।

"ज़्यादातर तो उसी दिन," उसने कहा। "कभी पहले से समय तय नहीं करता था... पब से फोन करता और पूछता कि क्या वो आ सकता है।"

"और वो आ सकते थे?"

"कभी-कभी। "

बियाटे मोएर्क पूछने के लिए सवाल ढूंढ़ रही थी। पहली बार उसे अहसास हुआ कि उसे बेहतर तैयारी करनी चाहिए थी और उसे हैरानी हुई कि वो असल में क्या जानने की कोशिश कर रही है।

"आपकी आखरी मुलाकात कब हुई थी?"

"उसके मरने से एक हफ़्ते, या ऐसे ही कुछ पहले।"

"वो कैसे लग रहे थे?"

"हमेशा जैसा... बुरी तरह कामुक, मगर ज़्यादा दम के बिना।"

बियाटे मोएर्क को ये जानकर हैरानी हुई कि वो शर्मा रही है।

"वो आपको कुछ बातें बताते थे?"

"कैसी बातें?"

"अपनी जिंदगी के बारे में - मसलन, अपने परिवार की? अपनी पत्नी की?"

"कभी नहीं।"

"आपने पूछा भी नहीं।"

"मैं क्यों पूछूंगी?"

"और वो... बिना दिक़्कत पैसा देते थे?"

कैसा बेवकूफाना सवाल है! बियाटे मोएर्क अब अपना नियंत्रण खोते महसूस कर रही थी। अच्छा होगा कि कोई बेवकूफी का काम किए बिना वो यहां से निकल ले।

"बेशक वो पैसा देता था।"

मेरी जैल्निक ने कुछ कौतुक से उसे देखा। बियाटे मोएर्क ने एक कोशिश और की।

“और उनके बारे में कुछ भी विशेष नहीं था? कुछ भी जो आप सोचती हों... जो उनके कत्ल से जुड़ा हो सकता हो? जिसके बारे में हमें जानना चाहिए?"

“जैसे?"

"मुझे नहीं पता," बियाटे मोएर्क ने माना। "आप कितना पैसा लेती हैं?" वो खुद को रोकती इससे पहले ये सवाल उसके होंठों से बाहर आ गया था।

"ये तो निर्भर करता है?"

"किस पर निर्भर करता है?"

"कि वो मुझसे किस तरह संबंध बनाते हैं। सब तरह के लोग होते हैं, लेकिन शायद आप इस बारे में नहीं जानती हैं, इंस्पेक्टर ।

वैसे, मैं सिर्फ आदमियों को ही लेती हूं।"

घटिया कमीनी कहीं की! बियाटे मोएर्क ने सोचा। अपने सितारों की खैर मना कि मैंने तेरे ऊपर बॉजेन को नहीं लगाया था! वो कुछ देर वहां बैठी इस घमंडी वेश्या से पूछने के लिए और सवाल सोचने की कोशिश करती रही, लेकिन उसके दिमाग में कुछ नहीं आया |
 
"बहुत, बहुत शुक्रिया," उसने उठते हुए कहा। "ये बहुत ज़्यादा दिलचस्प बातचीत रही। बहुत दिलचस्प। अगर मैं ड्यूटी पर नहीं होती, तो शायद आपके इस नकली कालीन पर उल्टी ही कर देती।"

कम से कम इसने किसी हद तक तो संतुलन को वापस बनाया होगा, उसने खुद से कहा।

13

मंगलवार को वो देर तक सोया ।

वो इसका हकदार था। जंगल में अनर्स्ट सिमेल को मौत के घाट उतारने के बाद से एक हफ़्ता बीत चुका था और ऐसा कोई संकेत नहीं था कि पुलिस उसके पीछे पड़ी थी। कोई भी संकेत नहीं।

उसने कभी सोचा भी नहीं था कि पुलिस उसके पीछे पड़ेगी। वो शुरू से ही जानता था कि पहले दो कत्लों में उसे तुलनात्मक रूप से बहुत कम परेशानियां आएंगी। मगर नंबर तीन एक बिल्कुल ही अलग मामला था। लोग जान गए थे कि क्या हो रहा है। ये महज एक गाया वाली बात नहीं थी, जैसा उन्होंने तब सोचा था जब एगर्स की लाश मिली थी। ये कोई ऐसा आवेगी कातिल नहीं था जो बस एक बदकिस्मत शिकार के पीछे गया था, बल्कि इसकी फेहरिस्त में तो कई नाम थे।

कइयों को अपने सिर कटवाने होंगे तब जाकर इंसाफ होगा।

उसके सपनों में अभी भी छवियां दिखती थीं, और जैसी कि उसे उम्मीद थी, वो नंबर तीन था जो अब अलग से दिखता था। — वो आदमी जो अभी भी जिंदा था और जिसकी अगली बारी थी। मगर ये बहुत स्पष्ट छवि नहीं थी: उसकी ऐसी प्रबल यादें नहीं थीं, ना कोई मौके का फोटो था। शायद सोफे का वो कोना, जहां जब वो अपने बेपरवाह, कुछ-कुछ घमंड भरे अंदाज में बैठा था - नौजवान, सुवेशित, उच्चवर्गीय पिल्ला जो हमेशा अपनी नस्ल और सामाजिक स्तर की मेहरबानी से बच निकलता था। जो तैरकर सतह पर आ जाता था जबकि दूसरों को नीचे खींच लिया जाता था। सूखे जूते और सफाई से संवरे बाल लिए।

जो अपने पैरों पर खड़ा हो गया था जबकि दूसरे गिरकर मारे गए थे। उफ, इस आत्मसेवी उच्चवर्ग से उसे कितनी नफरत है! उन सबमें सबसे बुरा... जब वो इसकी तुलना दूसरों से करता था, तो वो इसे आग से लिखे अक्षरों में देखता था। उकसाने वाला तो वही था। सबसे ज़्यादा दोष तो उसी का था; उसे सबसे भयंकर सजा मिलेगी। ये एक और वजह थी कि इस बार उसे और अधिक सावधान रहना होगा। उसे कुछ ऐसा करना होगा कि उसकी अहमियत बिना किसी शको-शुबहे के सामने आ जाए – कुछ अतिरिक्त, जो शुरू से ही उसकी योजना का हिस्सा रहा था। लोगों को समझाने की खातिर नहीं-वो तो वैसे भी नहीं समझेंगे-वो डर जाएंगे, शायद, मगर समझेंगे नहीं। नहीं, ये तो उसके अपने लिए था।

और उसके लिए।

सुबह उसने व्यावहारिक होने में बिताई थी। काटने वाले फल को इतना चमकाया जब तक कि वो अविश्वसनीय रूप से धारदार नहीं हो गया। फिर उसे मलमल के कपड़े में लपेटा और उसकी जगह पर छिपा दिया। खुली आग में कोट और हैट जला दिया; अब भिन्न वेष धरने का वक़्त था। देर तक किचन की मेज पर बैठा रहा, सिगेरट फूंकते और सोचते हुए कि इसे कैसे अंजाम दिया जाए और आखिरकार इस बार को कुछ खास बनाने के लिए उसने कलात्मक पुट देने को फैसला किया। इसमें कुछ हद तक खतरा तो था, लेकिन बहुत कम, उसने खुद से कहा। बहुत कम, और समाचार-मूल्य के नजरिए से ये सबसे ज़्यादा आकर्षक था। उसे पल भर को भी संदेह नहीं था कि इस बार वो टेलीविजन और अखबारों पर छाया नहीं रहेगा- एक दिन के लिए कम से कम । शायद कई दिन तक ।

हैरतअंगेज ख़्यालात हैं, ये। ये कतई उसका मकसद नहीं था, बल्कि शायद ये वो था जैसा किसी ने कहा है: आदमी घर पर बिस्तर में मरने की अपेक्षा रणभूमि में मरना पसंद करता है! तो बहुत कुछ खुद लड़ाई पर निर्भर करता है। एक्शन और ड्रामा।

या कुछ ऐसा था जो अंतिम फैसला लेते हुए वो गलत समझ बैठा था? चाहे जो हो, इससे इंकार नहीं किया जा सकता था कि इस सारे मामले ने एक ऐसा आयाम ले लिया था जिसे वो शुरू में नहीं देख पाया था... जिस पर ध्यान ही नहीं दिया था। एक स्वैच्छिक उत्तेजना और प्रलोभन का मीठा स्वाद जिनका स्वाभाविक रूप से बुनियादी समस्याओं से कतई कोई लेना-देना नहीं था।

जिंदगी से । मौत से।

जरूरत से।

शाम को वो टहलने निकला। कुछ हद तक उस इलाके की टोह लेने जो उसके दिमाग में था और कुछ हद तक शहर में घूमने की अस्पष्ट सी जरूरत को शांत करने और उसके साथ तालमेल बिठाने के लिए। उसका अपना शहर।

कालब्रिंजेन। समुदाय सपाट मैदानी इलाके से तिरछे जाते हुए और पूर्व में ऊंचे तटवर्ती इलाके तक सीमित था। घुमावदार खाड़ी, खुले समुद्र को उंगली दिखाता भूमि का छोटा सा टुकड़ा, घाटों और बांधों के साथ बंदरगाह का व्यस्त प्रवेशद्वार, जेटी और लंगर चौकियों से टकराते बेसब्र विलासितापूर्ण याटों और केबिन क्रूजर से भरा घाट... उसने सेंट हैन्स मठ के खंडहर में काफी समय बिताया, हवाएं और सीगल उसके चारों ओर चिल्ला रही थीं, नृत्य कर रही थीं, उसने नीचे सड़कों, चौकों और मकानों के जमघट को देखा। चर्चः सेंट बंज, सेंट एना और सेंट पीटर कॉपर, कॉपर और लाल ईंट।

भूमि की ओर पीठ किए और समुद्र की ओर सीना ताने दो होटलः सी वार्फ और ओल्ड बैंडिक्स; किसी तीखी धार वाली तलवार की तरह इमारतों के बीच से कटते नगरपालिका के जंगल; रिकेन और वर्डिंगेन के निजी मकान। दूसरी ओर, दोपहर की धुंध में मुश्किल से नजर आते पैम्पस, व्रेज़्स्बाक के अपार्टमेंट ब्लॉक और नदी के दूसरी ओर मिनिएचर मॉडल जैसे दिखते औद्योगिक क्षेत्र।

उसका कालब्रिंजेन। अचानक कौंधी अंतर्दृष्टि में उसे अहसास हुआ कि बहुत समय से उसने इस शहर से इतना करीबी जुड़ाव महसूस नहीं किया है जितना वो अब कर रहा है। इन परिस्थितियों में। शायद इसमें कुछ निहितार्थ और सुकून छिपा था... वो फरसामार था। नीचे मौजूद शहर उसकी मजबूत गिरफ़्त में था। नीचे मौजूद लोग अब शाम को समूहों में बाहर निकल रहे थे, या घरों में बंद हो रहे थे। उसकी छाया भारी और स्याह महसूस हो रही थी। अगर शहर का नाम सारे देश के लोगों की जबान पर था, तो ये बेशक उसकी मेहरबानी से था ।

और ये अप्रत्याशित आयाम था। इस सबके पीछे मौजूद वास्तविक बल से बहुत दूर। मकसद।

क्या उसके मन में इसके खिलाफ कुछ हो सकता था? उसे ऐसा नहीं लगता था। शायद वो खुश ही था, किसी रहस्यमय तरीके से।

ब्रिग्रिट। बिटी ।

जब नीचे की रोशनियां जल गईं तब जाकर उसका ध्यान धुंधलके के छाने की ओर गया। उसने हाथ अपनी जेबों में डाले और धीरे-धीरे वापस शहर की ओर बढ़ने लगा। उसने कुछ पल के लिए अपने टाइम शेड्युल के बारे में सोचा... खुद को दो दिन दिए, इससे ज़्यादा नहीं। कल शाम, या परसों; लय महत्वहीन नहीं थी।

अपने अंदर की आवाज को सुनना भी अहम था।
 
14

"एक बहुत छोटी सी कड़ी है," बियाटे मोएर्क ने कहा, "मगर इतनी खास कुछ नहीं है कि आगे बढ़ा जाए।"

"वो है क्या?” क्रोप्के ने अपने कंप्यूटर से सिर घुमाए बिना पूछा।

"एगर्स और सिमेल दोनों हाल ही में कालब्रिंजेन आए थे। सिमेल तो बेशक फिर से वापस आ रहा था। लेकिन जो भी हो, साल भर पहले दोनों में से कोई भी यहां नहीं था।"

वान वीटरेन ने अपना अखबार तह किया और खिड़की के पास वाली अपनी सीट से उठ गया।

"एगर्स कब आया था?" उसने पूछा। "वो मई थी, या—"

"शायद अप्रैल का शुरू था और पहले वो थोड़ा आता-जाता रहा था। सिमेल अपने घर पर फरवरी में वापस आया था।"

"और इससे तुम क्या नतीजा निकाल रही हो?" क्रोप्के ने पूछा।

"कुछ नहीं," बियाटे मोएर्क ने कहा। "मैंने बस सोचा कि ये शायद नोट करने लायक हो सकता है, और कुछ नहीं।"

वान वीटरेन ने टूथपिक की तलाश में अपनी जेब को टटोला, मगर नाकाम रहा। "शायद ये बुरा विचार न हो," वो बुदबुदाया। "मेरे ख़्याल से मैं हाउस कॉल पर जाता हूं।"

हाउस कॉल? क्रोप्के सोच रहा था जबकि चीफ इंस्पेक्टर के निकलने के बाद दरवाजा बंद हो चुका था। हाउस कॉल से आखिर इनका क्या मतलब है?

बाहर जाते हुए वो बॉजेन से मिलने चला गया जो अपनी मेज की दराजें खाली करने में लगा हुआ था।

"अपनी चीजें नष्ट कर रहे हैं, है ना?"

"हां। मैं कोई भी संवेदनशील चीज नहीं छोड़ना चाहता। क्रोप्के बहुत खुराफाती हो सकता है।"

"कोई नया समाधान नहीं?"

बॉजेन ने सिर हिला दिया।

"दस दिन हो चुके हैं। लोग कहते हैं कि अगर आप दो हफ़्ते में कोई केस नहीं सुलझा पाते हैं तो उसे कभी नहीं सुलझा पाएंगे।"

"ज़्यादातर," वान वीटरेन ने कहा। "आपने उस शख़्स मैंड्रीन से बात की?"

"मैंड्रीन? हां, बिल्कुल। क्यों?"

"बस कुछ था जो मैं सोच रहा था", वान वीटरेन ने कहा। "उम्मीद है आप भूले नहीं होंगे कि आपने आज रात मुझे बदला लेने का मौका देने का वादा किया है।"

"आपका बिल्कुल स्वागत है," बॉजेन ने कहा। "निम्जो-इंडियन सुरक्षा आजमाकर देखना; फिर आप यकीनन जीतेंगे।"

"मैं एक बोतल ले आऊंगा। मैं आपकी पेंशन से और चोरी नहीं करना चाहता।"

बॉजेन ने अपनी बांहें झटकारीं ।

"जैसी आपकी मर्जी, चीफ इंस्पेक्टर।"

वान वीटरेन ने गला साफ किया और डोरबैल बजा दी।

अगर मैं इधर-उधर मंडराता रहा और बेतरतीबी से लोगों पूछताछ करता रहा, उसने सोचा, तो देर-सवेर उससे मुलाकात हो। ही जाएगी।

मतलब, ये मानते हुए कि वो कोई स्थानीय आदमी ही होगा, और बॉजेन को पूरा विश्वास था कि ऐसा ही है और जब अंततः वो उसके रूबरू होगा, तो वो समझ जाएगा, इसमें शक की रत्ती भर भी गुंजाइश नहीं थी। आमतौर पर ऐसे ही होता था। इसी चीज ने उसे उसकी ताकत और मजबूत स्थिति दी थी - ये जानने की उसकी क्षमता ने कि कब वो मुजरिम के रूबरू है। उसकी सहज बुद्धि किसी औरत के समान ही थी और वो शायद ही कभी गलत निकलता था।

शायद ही कभी...

उसने फिर से बैल बजाई। नए बने घर के अंदर कदमों की आहट सुनाई दी और फिर धुंधले कांच के दरवाजे से एक आकृति नजर आई।

"बस एक सैकंड!"

दरवाजा खुला। ऐसा लगता था कि डॉ. मैंड्रीन सो रहे थे। या शायद दोपहर बाद की प्रेमक्रीड़ा में रत थे। उनके काले बाल बिखरे हुए थे, ड्रेसिंग गाउन खुला था, वाइन जैसे लाल संगमरमर के फर्श पर उनके नंगे पांव अलग नजर आ रहे थे।

करीब पैंतीस बरस, वान वीटरेन का फौरी अनुमान था। सफल डॉक्टर और परिवार का प्रमुख। बुद्धिमान आंखें। एथलेटिक टाइप नहीं, कंधे कुछ झुके हुए थे। शायद पास की नजर कमजोर थी? उसने अपना पहचानपत्र निकाला।

"चीफ इंस्पेक्टर वान वीटरेन। क्या आप दस मिनट दे सकते हैं?"

"ये किस सिलसिले में है?"

उन्होंने अपने बालों में हाथ फिराए और अपनी बेल्ट कसी।

"कत्ल," वान वीटरेन ने कहा।

"क्या... ओह, हां," मैंड्रीन ने खांसते हुए कहा। "फिर फरसामार? भयंकर काम है। अंदर तो आएं।"

वान वीटरेन ने ऊंची छत वाले और सफेद पेंट किए कमरे में चारों तरफ देखा। नए-नवेले लॉन के सामने कांच की एक बड़ी सी खिड़की। कमरे में फैली धूप की किरणों में धूल के कण तैर रहे थे। उसे दिख रहा था कि बाग आखिरकार बहुत सुंदर दिखेगा।

"आपने ये खुद बनाया था?"

"मैंने इसे डिजाइन किया था और कम से कम सारी फिटिंग्स तो लगाई ही हैं। अभी पूरा नहीं हुआ है, जैसा आप देख सकते हैं, लेकिन रहने लायक हो गया है। सारी रात मैं छतों पर पेंट करता रहा था। इसीलिए दोपहर में सो गया था। आज रात अस्पताल में ड्यूटी पर हूं। आप क्या जानना चाहते हैं? पिछले हफ़्ते एक और अफसर से मेरी बात हुई थी--"

हां, पुलिस चीफ बॉजेन से। मैं बस कुछेक जुड़े हुए सवाल पूछना चाहूंगा।"

मैंड्रीन ने कमरे में पड़ी दो आरामकुर्सियों में से एक की ओर इशारा किया और वान वीटरेन बैठ गया।

"मेरा ख़्याल है कि जब सिमेल परिवार स्पेन गया हुआ था तब आपने उनका घर किराए पर लिया था," उसने कहना शुरू किया। "देखता हूं, ये रहा होगा... 1988 से, ये सही है?"

"अगस्त 1988, हां। हम दोनों को एक ही वक़्त में अस्पताल में नौकरी मिली थी, कैट्रीन और मुझे; वो मेरी पत्नी है। हम दोनों मेडिकल स्कूल से नए-नए निकले थे, और बेशक, हम नहीं जानते थे कि हम यहां रहना चाहेंगे या नहीं । तो यही सही लगा कि घर खरीदने, या नया बनाने की जगह किराए पर ले लिया जाए।"

"आपके कोई बच्चे हैं?"

"दो हैं। वो डे नर्सरी में हैं," उसने कुछ माफी मांगने के से अंदाज में कहा। आज कैट्रीन ड्यूटी पर है। क्या मैं आपको कुछ पेश कर सकता हूं?"

वान वीटरेन ने सिर हिला दिया।

"तो आपने कालब्रिंजेन में ही रहने का फैसला कर लिया है।"

"यकीनन कर लिया है। हमें लगता है ये जगह अच्छी है। बस एक बात है, हमें भरोसा था कि सिमेल परिवार के मकान में हम छह महीने और रह लेंगे।"

"यानी वो उम्मीद से पहले वापस आ गए?"

"हां। इरादा तो ये था कि वो कभी वापस नहीं आएंगे, मगर उन्होंने कहा था कि हम पांच साल के लिए उनका घर ले सकते हैं। मेरा अनुमान है कि उन लोगों का इरादा ये था कि जब वो वहां बस जाएंगे तो इस घर को बेच देंगे।"

"कहां?"

"कहा? स्पेन में, बेशक ।"

"आपके पास सिमेल दंपती का स्पेन का पता है?"

"नहीं... नहीं, संपर्क में रहने वाला व्यक्ति वकील क्लिंगफोर्ट था। आप क्यों पूछ रहे हैं?"

वान वीटरेन ने जवाब नहीं दिया। इसके बजाय उसने एक और सवाल किया।

"मि. और मिसेज सिमेल के बारे में आपकी क्या राय थी?"

मैंड्रीन ने खिड़की के बाहर देखा।

"ये आपके और मेरे बीच रहेगा ना?" कुछ देर बाद उसने पूछा।

"हां।"

"मुझे कहना होगा कि मैं बिल्कुल प्रभावित नहीं हुआ था। मुझे नहीं लगता कि वो कोई नुकसान चाहते थे, लेकिन वो बहुत अच्छे नहीं थे... बल्कि कुछ बेहूदा ही थे, मेरे ख़्याल से आप ये कह सकते हैं। अमीर मगर घटिया। कोई क्लास नहीं थी, अगर आजकल ये कहने की छूट है तो। खासकर सिमेल में।"

"वो वापस क्यों आए थे?"

मैंड्रीन ने कंधे उचकाए।

"मुझे कुछ पता नहीं है। उन्होंने दिसंबर के शुरू में ही हमसे कह दिया था कि उनका घर वापस आने का इरादा है, और वो चाहते थे कि हम पहली फरवरी तक घर खाली कर दें। वास्तव में, बहुत कम नोटिस था। साफ कहूं तो ये बहुत गलत तरीका था, लेकिन हम बात का बतंगड़ नहीं बनाना चाहते थे। हम जमीन तो खरीद ही चुके थे, इसलिए हमें बस मकान बनाना शुरू करना था।"

वान वीटरेन ने पल भर सोचा |

"क्या आपकी अपनी कोई थ्योरी है कि अनर्स्ट सिमेल क्यों मारा गया होगा?"

अगर ये कहता है कि वो कोई पागल था या पता नहीं, तो लगातार पचासवां होगा, वो सोच रहा था। मैंड्रीन ने समय लिया, और कान की लौ को खुजाता रहा।

"हां," उसने वान वीटरेन को हैरान करते हुए कहा। "मैंने इस बारे में बहुत सोचा है। मुझे एकदम सीधी सी बात लगती है कि वो कोई ऐसा व्यक्ति होगा जो उसे कालब्रिंजेन में दोबारा देखना बर्दाश्त नहीं कर सकता था। वो पक्का हरामी था, चीफ इंस्पेक्टर। पक्का हरामी।"

ऐसा मत कहो, वान वीटरेन ने कहा।

____
 
उसने घर जाते हुए लंबा रास्ता लिया। उसे टांगें फैलाने की और अपने और केस के बीच कुछ दूरी बनाने की जरूरत महसूस हो रही थी। शायद पलायन की भी... शायद ये इतना हैरतअंगेज भी नहीं था। उत्तेजित होने जैसा कुछ नहीं। उसने कुछेक सड़कों का जायजा लिया जिन पर वो पहले कभी नहीं गया था - बेशक, यहां इतना मुश्किल भी नहीं था, उसने खुद को अनजान और शहर से दूर खूबसूरत जगहों पर पाया और अंततः एक पहाड़ी पर पहुंचा जहां से नीचे स्थित सारा शहर दिखता था।

ये देहात था, शहरी वातावरण नहीं। वो जंगल के किनारे-किनारे पूर्व दिशा में उस रेस्तरां की ओर बढ़ा जिसका बॉजेन ने जिक्र किया था। तन्हा बादल की तरह यहां अकेले भटकते, पीठ के पीछे बंधे हाथ और चेहरे से टकराती हवा। सूखी गर्मियों की बदौलत कुछ पेड़ों ने पत्ते गिराने शुरू भी कर दिए थे और अचानक उसे लगा जैसे हवा में किसी किस्म का कोई वादा है, या शायद कोई चेतावनी । बेशक कोरी कल्पना है, लेकिन पूर्वानुमान ऐसे ही होते हैं। जब वो मठ के खंडहर पर पहुंचा तो एक सिगरेट सुलगाकर कुछ अस्पष्ट से सवालों के साथ वहां बैठ गया और फिर जब दूर कहीं उसने किसी कुत्ते के भौंकने की आवाज सुनी तब जाकर वो उठा और पहाड़ी की सीढ़ियों से नीचे उतरने लगा - जिन्हें सीधे चूना पत्थर पर बनाया गया था, जो फिसलनी और चलने के लिए आसान नहीं थीं।

कोई हादसा होने के लिए ये एकदम सटीक जगह रहेगी, वान वीटरेन ने सोचा ।

जब वो नीचे पहुंचा तो उसने खुद को कब्रिस्तान के पास पाया-सेंट पीटर्स चर्च, अगर उसे ठीक याद था तो-कब्रिस्तान जिसका रुख समुद्र की ओर था। विगत में कभी जब लोगों ने इसे इस्तेमाल करना शुरू किया होगा तो इसे समतल और सीढ़ीदार बनाया गया होगा, उसने सोचा और कुछ देर सोचता रहा कि उन सारे ताबूतों और गढ्डों के बीच इस ढीली, कृत्रिम मिट्टी के नीचे कैसा लगता होगा। उसका ध्यान कब्रों के दूसरी ओर नजर आ रहे सी वार्फ की रूपरेखा पर गया, और उसने सबसे सीधा रास्ता पकड़ने का निश्चय किया।

कब्रिस्तान से होते हुए, बजरी की ढलवां पगडंडियों पर टेढ़े-मेढ़े चलते हुए वो आगे बढ़ गया। कब्र के पत्थरों के पास से निकलते हुए कहीं वो साल पढ़ता, तो कहीं कोई नाम; लेकिन जब वो उन सबके बीच से गुजर चुकने के बाद गेट खोलकर कब्रिस्तान के दूसरी ओर निकलने वाला था, तब जाकर उसकी नजर उस पर पड़ीः एक स्मृति पत्थर के पास सिर झुकाए खड़ी चीफ इंस्पेक्टर बॉजेन की हट्टी-कट्टी आकृति।

उन्होंने क्या कहा था? दो साल पहले?

उसे निश्चित नहीं था कि पुलिस चीफ प्रार्थना कर रहे हैं या नहीं। उसे ये विश्वास करना मुश्किल लगा, मगर जो भी हो, उनके हावभाव में कुछ इतना गंभीर और आध्यात्मिक-शांत सा-था कि पल भर के लिए उसके अंदर ईर्ष्या की टीस सी महसूस हुई। तुरंत ही उसने तय कर लिया कि वो अपनी मौजूदगी जाहिर नहीं करेगा। अपनी पत्नी की कब्र के पास चीफ इंस्पेक्टर को शांति से छोड़ देगा।

मैं ऐसे आदमी से ईर्ष्या कैसे कर सकता हूं जो अपनी पत्नी की मृत्यु का शोक कर रहा है? गेट से बाहर निकलते हुए वो सोच रहा था। कभी-कभी मैं खुद भी अपने को समझ नहीं पाता हूं।

अपने होटल के कमरे में वापस पहुंचकर वो पैरों को पलंग के पायदान पर टिकाकर लेट गया। दिमाग में सिगरेट पीने के अलावा और कुछ लिए बिना और अपने ख़्यालों को बेलगाम छोड़कर वहीं लेटा रहा और छत को तकता रहा।

उसकी आदत फिर लौट आई थीः सिगरेट पीने की, हमेशा की तरह, जब काम उस पर सवार हो जाता है। जब कोई तहकीकात उस राह पर नहीं बढ़ती जो उसने बनाई थी, या जो उसने चाही थी। जब सब कुछ एक ठोस दीवार पर आकर ठहर जाता है, जब सफलता नहीं मिलती।

मगर, वास्तव में ऐसा महसूस नहीं हो रहा था।

उसने बॉजेन के दो हफ़्ते के नियम के बारे में सोचा। अगर ये सही था, तो उनके पास पांच दिन बचे थे। अब तक वो कालब्रिंजेन में पांच दिन बिता चुका था और जब उसने अब तक की तफ़्तीश के निचोड़ पर पहुंचने की कोशिश की, तो एक बड़े शून्य के अलावा कुछ नजर नहीं आया।

शून्य, सिफर।

मैं और पांच दिन यहां पड़ा नहीं रह सकता, उसने सोचा। मैं तो इतवार को घर जा रहा हूं ! हिलर को किसी और को भेजना होगा - रूथ को या डीब्रीस या साले और किसी को जिसे वो चाहे। मेरे यहां और देर तक पड़े रहने से किसी को कुछ फायदा नहीं होने वाला!

होटल में खानाबदोशों की तरह रहना। पुलिस चीफ की शराब पीना और शतरंज में मात खाना! मशहूर चीफ इंस्पेक्टर वान वीटरेन!

एक चीज जो हालात को बदल सकती थी, उसने खुद से कहा, वो थी वो संभावना जो कुछ दिन पहले बॉजेन ने जताई थी।

अगर वो फिर हमला करता है। फरसामार।

उन विशेषज्ञों के अनुसार जिनसे उन्होंने बात की थी, इसकी बहुत संभावना नहीं थी। अगर वो फिर हमला करता है, तो हम उसे पकड़ लेंगे!

मगर फिर... इसी के साथ, उसके अंदर ये अजीब सा अहसास था कि उन्हें अगर कुछ करना है तो बस इंतजार। यहीं रहना है कि ये विलक्षण केस हल कर लिया जाएगा, या खुद ही हल हो जाएगा किसी ऐसे तरीके से कि सारे नियम ताक पर रखे रह जाएंगे, और जिसे न वो और न कोई और ही रोक या प्रभावित कर पाएगा...

इन बिखरे हुए विचारों पर सोचने और चार (या पांच थीं?) सिगरेटें पीने के बाद वान वीटरेन बाथटब में आराम पाने चला गया। वो करीब घंटे भर सोचता रहा कि किसी रूसी या निम्जो-इंडियन शुरुआत को किस तरह विकसित किया जाए। बेशक, ये कहीं ज़्यादा वास्तविक था, मगर इस पर भी वो किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाया।
 
15

जब बीट्रिस लिंस्क्स ने लाइजनर एली में अपनी कार पार्क की और उसे लॉक किया, तब बंगेस चर्च के घंटे में ग्यारह बजे थे। कॉन्फ्रेंस के अंतिम मूल्यांकन सत्र को छोड़कर, शाम चार बजे वो सड़क पर आ गई थी और अब बस उसे तीन चीजों की ही लालसा हो रही थी।

एक गिलास रेड वाइन, गर्म स्नान, और मॉरिस ।

उसने तीसरी मंजिल के अपने अपार्टमेंट पर नजर डाली, देखा किचन की लाइट जल रही थी और नतीजा निकाला कि वो उसके इंतजार में जगा होगा। ये सच था कि जब घर आते हुए बीट्रिस ने उसे फोन करने की कोशिश की तो वो उससे संपर्क नहीं कर पाई थी, मगर वो जानता था कि आज रात उसे वापस आना है। इसमें शक नहीं है कि उसने कोई बोतल खोल रखी होगी और हो सकता है कि उसने कुछ टोस्टेड सैंडविच वगैरा भी तैयार रखे हुए हों। प्याज के छल्ले, मशरूम, ताजा बेसिल और चीज... उसने डिग्गी से अपने बैग निकाले और सड़क पार की, इतने लंबे सफर की अकड़न के बावजूद उसके लिए बेताब जो आगे होने वाला था... अपार्टमेंट में पहुंचने के लिए उत्सुक। घर आने के लिए।

मगर बीट्रिस को इस बात का जरा सा भी अंदाजा नहीं था कि किचन की लाइट चौबीस घंटे से भी ज़्यादा से जल रही थी और कि हालांकि मॉरिस वास्तव में वहां था तो, लेकिन वो उस हालत में कतई नहीं था जिसकी उसने उम्मीद की थी। न तो कोई टोस्टेड सैंडविच थे, न वाइन की बोतल खोलकर रखी हुई थी - और कि वो अभी कई घंटों तक उस गर्म बाथटब में नहीं घुस पाएगी। जब आखिरकार वो बाथटब में जाएगी तो वो पड़ोसी का बाथटब होगा, और वो भी ऐसी हालत में जिसके बारे में वो कभी सोच भी नहीं सकती थी।

दरवाजा खुला था। उसने हैंडल घुमाया और अंदर चली गई।

बाद में, बहुत से लोगों को उसके बर्ताव पर हैरानी हुई। उसे भी हुई। हालात को देखते हुए, लगभग किसी भी चीज को सामान्य समझा जा सकता था; लेकिन फिर भी सवाल तो पूछने ही थे।

उसने हॉल की लाइट जलाई। कुछ सैकंड मॉरिस को घूरती रही, फिर दोबारा अपने बैग उठाए और दरवाजे से बाहर निकली। उसे बंद किया और सीढ़ियां उतरकर नीचे चली गई। जब फुटपाथ पर निकली तो पल भर को झिझकी, फिर उसने सड़क पार की और वापस कार में बैठ गई।

वहां स्टीयरिंग व्हील से लिपटी बैठी रही और अपनी चेटनता के मुहाने पर विस्मृति के भारी पत्थर को रखने की कोशिश करती रही। समय को पीछे ले जाने की कोशिश, बस कुछ घंटे पीछे... जब वो खुश और अनजान थी...घंटों पहले, बेदाग समान्यता... सड़क कारें, सामने से आती हैडलाइट्स, उसके लाउडस्पीकर्स पर वाल्टश्टाइन सोनाटा, विंडशील्ड पर पड़ती बारिश, उसके पास खाली सीट पर रखे पर्स में पड़ी मिंट की गोलियां... घर आने का इंतजार ।

उसने कुछ नहीं देखा था। अभी तक अपार्टमेंट में नहीं गई थी। वो कार में बैठी थी और कुछ देर आराम कर रही थी मॉरिस से मिलने से पहले... सैंडविच और वाइन; उसका गर्म लाल ड्रेसिंग गाउन; सोफा और चौखाने का दोहर, हेमैन का स्ट्रिंग क्विंटेट; डिजाइनर कैंडलस्टिक में मोमबत्तियां... यहां बैठी इंतजार करती...

____

करीब दो घंटे बाद उसने खिड़की का शीशा नीचे किया। रात की हवा और एक फुहार अंदर आई और उसे हकीकत में वापस ले आई। दूसरी बार उसने अपने बैग उठाए और सड़क पार की। अब उसने अपार्टमेंट पर नजर नहीं डाली। जानती थी कि उसे अगर वहां कुछ पाने की अपेक्षा थी तो वो मॉरिस था, और एक बजकर दस मिनट पर वो इतनी शांत हो चुकी थी कि पुलिस को फोन कर पाती और उन्हें बता पाती कि फरसामार ने एक और शिकार भेजा है।

दो

सितंबर 10 - 24
 
16

"ये ऊंट गलत जगह पर है," बॉजेन ने कहा ।

"वो तो मुझे दिख रहा है," वान वीटरेन बोला।

"एफ 6 बेहतर रहता। अब जैसी हालत है, आप कभी इससे बाहर नहीं निकल पाएंगे। आपने निम्जो-इंडियन सुरक्षा इस्तेमाल क्यों नहीं की, जैसा मैंने कहा था?"

"मैं उस पर ठीक से महारत नहीं कर पाया हूं," वान वीटरेन बुदबुदाया। "रुसी में ज्यादा मजा है--"

"मजा, हां," बॉजेन ने कहा। "इतना मजा कि ये साला तूफान ला दे और आपकी अपनी रेखाओं में बड़े-बड़े छेद कर दे। हार मानते हैं?"

"नहीं," वान वीटरेन ने कहा। "मैं अभी खत्म नहीं हुआ हूं।" उसने अपनी घड़ी देखी। "हे भगवान! सवा बजने वाला है!"

"कोई बात नहीं। रात तो दिन की जननी है।"

"वैसे आपके पास भी मुझसे ज़्यादा गोटियां नहीं हैं--"

"इस चरण तक जरूरी नहीं हैं। ज़्यादा से ज़्यादा तीन-चार चालों में मेरा एच-प्यादा राजा बन जाएगा।"

टेलीफोन बजने लगा और बॉजेन उसे सुनने अंदर चला गया।

"क्या मुश्किल है?" वो बड़बड़ाया। "रात के इस वक़्त..."

वान वीटरेन आगे को झुका और उसने हालात का जायजा लिया। इसमें कोई शक नहीं। बॉजेन सही था। हालत निराशाजनक थी। काला दोनों किलों और मुख्य प्यादों के लेन-देन को मजबूर कर सकता था, और फिर एच-फाइल खुला खेल होगा। उसका बचा हुआ ऊंट राजा के पास अपने ही प्यादों के पीछे अटका पड़ा था। बुरा खेल, वाकई घटिया खेल-अगर उसके पास काली गोटियां होतीं तो वो हार मान चुका होता, लेकिन जब उसके पास सफेद गोटियां थीं और वो रूसी रणनीति का इस्तेमाल कर पाया था, तो कोई बहाना नहीं चल सकता था। कोई भी बहाना। बॉजेन तेजी से भागता बाहर आया।

"भगवान के लिए इसे बराबरी पर मान लें!" वो चिल्लाया। "उसने फिर कांड कर दिया है!"

वान वीटरेन उछलकर खड़ा हो गया।

“कब?"

"पता नहीं। पांच मिनट पहले फोन आया था। भगवान के लिए चलें! ये इमर्जेंसी है!"

वो झाड़-झंखाड़ को रौंदता चल दिया, वान वीटरेन उसके पीछे था. मगर गेट पर रुक गया।

"उफ, साला! कार की चाबी..."

"आप सच में ड्राइव करने का सोच रहे हैं?" वान वीटरेन ने कहा। "आप कम से कम तीन पिंट पी चुके हैं!"

बॉजेन हिचकिचाया ।

"पैदल चलेंगे," उसने कहा। बस कुछ सौ गज दूर ही है।"

"चलिए!" वान वीटरेन ने कहा।

कॉन्स्टेबल बैंग सबसे पहले मौके पर पहुंचा था और कुछ ही मिनट के अंदर सारे अपार्टमेंट ब्लॉक को जगाने में कामयाब रहा था। जब बॉजेन और वान वीटरेन नुक्कड़ पर पहुंचे, तब तक हर खिड़की की लाइट जल चुकी थी और सीढ़ियों और चबूतरों पर लोगों के झुंड जमा हो गए थे।

बैंग संबद्ध दरवाजे पर जम गया था, हालांकि किसी अनाधिकृत व्यक्ति द्वारा मौका-ए-वारदात को तहस-नहस करने का खतरा नहीं था। दृढ़ मगर दोस्ताना तरीके से बॉजेन ने पड़ोसियों को उनके घरों में वापस भेजना शुरू कर दिया, जबकि वान वीटरेन ने अपना ध्यान बैंग के पैरों के पास फर्श पर बैठी, कांपती युवती की ओर मोड़ा। ऐसा मालूम देता था जैसे उसी ने लाश को देखा और पुलिस को बुलाया हो।

"मेरा नाम वान वीटरेन है," उसने कहा। "क्या आप कुछ पीना चाहेंगी?"

उसने अपना सिर हिला दिया। वान वीटरेन ने उसके हाथ थामे और पाया कि वो बर्फ से ठंडे पड़े थे और कांप रहे थे। "आपका क्या नाम है?"

"बीट्रिस लिंस्क्स। हम साथ रहते हैं। इसका नाम मॉरिस र्यूमे है।"

"मैं जानता हूं," बॉजेन ने कहा, जिसने सारे पड़ोसियों को वापस भेज दिया था। "आप कुछ समय के लिए मिसेज क्लॉजविट्ज के साथ चली जाएं, वो आपको कुछ गर्म चीज पीने को दे देंगी।"

एक गदबदी सी औरत उसके पीछे से झांक रही थी।

"आ जाओ, नन्ही बीट्रिस,"उसने एक पीला कंबल फैलाते हुए कहा। "आओ। आंटी एना तुम्हारा ध्यान रखेंगी।"

मिस लिंस्क्स किसी तरह अपने पैरों पर खड़ी हुई और कहे अनुसार मिसेज क्लॉजविट्ज के साथ चली गई, अलबत्ता लड़खड़ाते हुए।

"दुनिया में अभी भी अच्छाई मौजूद है," बॉजेन ने कहा। "हमें ये नहीं भूलना चाहिए। एक नजर देखें? मैंने बैंग से कहा है कि जमघट को दूर ही रखे।"

वान वीटरेन ने थूक गटका और दरवाजे से बाहर झांका।

"हे भगवान!" चीफ इंस्पेक्टर बॉजेन ने कहा।

मॉरिस र्यूमे की लाश दरवाजे के ठीक अंदर पड़ी थी और पहली नजर में ऐसा लग रहा था मानो खून का एक-एक कतरा शरीर से निकल गया हो। हॉल के पूरे फर्श पर पड़ा कालीन, कोई तीन-चार वर्ग गज का, इस कदर खून में भीग गया था कि उसके मूल रंग को पहचान पाना लगभग नामुमकिन सा था। वान वीटरेन और बॉजेन ड्योढ़ी पर ही खड़े रहे।

"मौका-ए-वारदात के लोगों का इंतजार करना ठीक रहेगा," वान वीटरेन ने कहा ।

"वहां पैरों के कुछ निशान हैं," बॉजेन ने इशारा करते हुए कहा।

"हां, मैं देख रहा हूं।"

ये सही मालूम देता था। र्यूमे पेट के बल पड़ा था, उसकी बांहें उसके नीचे दबी थीं।, मानो वो आगे को गिरा हो लेकिन खुद को रोकने की कोशिश न कर पाया हो। उसका सिर अभी भी जुड़ा हुआ था, लेकिन ऐसा भी लगता था जैसे उसे लगभग अलग कर दिया गया हो। उसका चेहरा एक ओर को मुड़ा और थोड़ा सा ऊपर की ओर था और उसकी खुली आंखें कमोबेश बॉजेन के घुटनों की ऊंचाई पर तकती मालूम हो रही थीं। उसकी गर्दन के कटे हिस्से से केवल खून ही नहीं निकला था, बल्कि अनपचे खाने जैसा भी कुछ था... और कुछ मांस सा था जो अभी भी कहीं जुड़ा हुआ था। वान वीटरेन ने अनुमान लगाया कि वो उसकी जीभ होगी।

"ये काफी समय से यहां पड़ा होगा," बॉजेन ने कहा। "आपने गध पर ध्यान दिया?"

"कम से कम चौबीस घंटे से," वान वीटरेन ने कहा । "अब तक फॉरेंसिक टीम को आ जाना चाहिए था न?"

"पांच मिनट में, मेरा अंदाजा है," बॉजेन ने अपनी घड़ी देखते हुए कहा। "लगता है हथियार के बारे में तो कम से कम मैं सही था।"

इस बार ये नयापन था। मॉरिस र्यूमे के मामले में कातिल एक वार में ही शांत नहीं हुआ था-उसकी गर्दन काटने और तुरंत उसे मार डालने के बाद उसने उस पर एक और वार किया था। इस बार उसकी रीढ़ की हड्डी के आधार पर और हथियार वहीं अटका छोड़ गया था।

ऐसा लगता था मानो वो मजबूती से गड़ा हुआ हो। हत्था आगे की ओर तिरछा झुका हुआ था जैसे किसी तरह का विकृत शिश्न हो, पीछे से सामने की ओर, और उसके फलक से जो थोड़ा-बहुत समझा जा सकता था, उससे कमोबेश वही लगता था जो बॉजेन और म्युरिट्ज ने सोचा था।

छोटा हत्था। चौड़ा मगर उथला फल। बजाहिर, बहुत ही उम्दा किस्म का कसाई का औजार।

"हे भगवान!" बॉजेन ने फिर कहा । "क्या आप सच में यहां खड़े रहकर इसे देखना बर्दाश्त कर सकते हैं?"

"नहीं," वान वीटरेन ने कहा।
 
17

एक्सप्रेसवे अंतहीन था।

अंतहीन, और अंतहीन ग्रे। वैसे तो, बॉकेनहाइम से कालब्रिंजेन सहायक सड़क से बस चालीस मील और दूर था, मगर फिर भी, वो चाह रहा था कि उसे अगला आधा घंटा अपनी जिंदगी से निकाल फेंकने का मौका मिल जाए। उसे यहां स्टीयरिंग व्हील के पीछे बैठना और मील दर मील, मिनट दर मिनट ड्राइव न करना पड़े जबकि उदसी और थकान उसकी आंखों के पीछे बदलों के झुंड की तरह जमा हुई जा रही थी। काले और घातक बादल।

वो जल्दी उठ गया था। जब वो निकला तो सिन और बच्चे सो ही रहे थे। पिछली रात उनके बीच हुए झगड़े ने उसे सिन को उठाने से रोक दिया था। जब वो कार बाहर निकाल रहा था तब भी उसे पता था कि ये गलत है।

मगर, मुमकिन था कि वो भी ऐसा ही कर रही हो। जब वो दबे पांव बेडरूम में अपना सूटकेस पैक कर रहा था तो बस सोने का बहाना कर रही हो। वो कैसे जान पाता?

जो भी हो, जैसे ही वो पहुंचेगा तो स्पष्ट रूप से उसे सिन को फोन करना होगा। वो इसे इस तरह नहीं रहने देना चाहता था। वो इस झगड़े के साथ, हर चीज पर असहमति, अनकहे मनमुटाव के साथ नहीं जी सकता था-अपने और सिन के बीच तो नहीं। वो और उसकी प्यारी सिन...

शायद वो सही कह रही थी, आखिर। शायद उसे इंकार कर देना चाहिए था।

"कालब्रिंजेन में उन्हें एक और लाश मिली है," हिलर ने कहा था। "वीवी को चिल्लाने के लिए कोई चाहिए, वरना वो इस केस को हल नहीं कर पाएगा। अच्छा होगा तुम चले जाओ, मुंस्टर!"

उसे वास्तव में ऐसा कोई एतराज भी नहीं था और यही चूक थी। उसे होना चाहिए था। समान ओहदे के कम से कम तीन डिटेक्टिव और थे, सब के सब कुंआरे थे – राइनहार्ट, रूथ और स्टॉफ: हिलर उसकी जगह उनमें से किसी को भी भेज सकता था।

मगर उसने मुंस्टर को चुना था।

जो बिना पलक झपकाए मान गया था। इस बात की चिंता किए बिना कि वो सिन और बच्चों से अलग हो जाएगा... कब तक? कोई नहीं कह सकता था। कुछ दिन? एक हफ़्ता? और भी ज़्यादा? जब तक वो इस फरसामार को जेल में नहीं डाल देते?

बेशक, एक बार जब वो हां कह चुका था, तो उसके लिए इससे पीछे हटना कहीं ज्यादा मुश्किल था। आखिर में सिन ने भी ये मान लिया था, मगर बेशक उसे शुरू से ही इस बारे में सोचना चाहिए था। पिछली रात वो लोग यहीं तक पहुंच पाए थे और फिर यही गतिरोध बन गया। सिन सोने चली गई, वो जगा रहा, दिल में गहरे कहीं वो जानता था कि वो सही कह रही थी। जो भी हो, अब कार में बैठे हुए तो जानता ही था, उसे बुरा लग रहा था और वो इस नाकाबिलेबर्दाश्त ग्रे निरथर्कता में बहुत तेज ड्राइव कर रहा था |

मैं उससे दूर नहीं जाना चाहता, उसने सोचा। मैं उसके नजदीक जाना चाहता हूं। वापस जाना, पीछे हटना नहीं।

इस सच को कि वान वीटरेन ने अपनी मदद के लिए निस्संदेह खासतौर पर उसे ही चुना था, किन्हीं दूसरी परिस्थितियों में स्वाभाविक रूप से उसकी तारीफ माना जा सकता था, मगर फिलहाल नहीं, ये कोई खास दिलासा नहीं था।

मैं जानता हूं कि मैं अच्छा पुलिस अफसर हूं, उसने सोचा। बस मैं ये चाहता हूं कि मैं उतना ही अच्छा पति और पिता भी बन सकूं। यकीनन, ये बहुत दयनीय लग रहा था और उसने अपनी पैंट की जेब से रुमाल निकालकर अपनी नाक साफ की ।

बॉकेनहाइम, कालब्रिंजेन 29, बोर्ड पर लिखा था। उसने पांच मील और पार कर लिए थे।

रास्ता पूछने की जरूरत पड़े बगैर उसे सी वार्फ मिल गया था। चीफ इंस्पेक्टर वान वीतरने उस समय वहां मौजूद नहीं थे, उसे बताया गया, मगर मुंस्टर के नाम पर एक कमरा आरक्षित था। चीफ इंस्पेक्टर के बगल में। क्या वो उस नवीनतम भयानक कत्ल के सिलसिले में आया था? उन्होंने पूछा।

उसने इतना स्वीकार कर लिया। और अपना बैग उठाकर तेजी से सीढ़ियों की ओर बढ़ गया।

अपने पीछे दरवाजा बंद करने के साथ ही वो टेलीफोन की ओर झपट पड़ा। स्विचबोर्ड द्वारा उसे बाहर की लाइन प्रदान किए जाने तक जैसे उसे सदियों इंतजार करना पड़ा था, मगर जब आखिरकार उसने घर पर घंटी जाने की आवाज सुनी तो ये देखकर उसे हैरानी हुई कि उसका दिल जोरों से उछल रहा था। इससे उसे अपनी किशोरावस्था की याद हो आई, जब वो अपने फ़्रेंच के होमवर्क में मदद लेने के लिए फार्मासिस्ट की बेटी, सुर्ख बालों वाली मैरी को फोन किया करता था। बहुत अजीब... लेकिन फिर, शायद नहीं था?

बार्ट ने फोन उठाया था। मॉम बाहर गई हैं, उसे बताया गया। नहीं, बार्ट को पता नहीं था कि वो कहां गई हैं या कब वापस आएंगी; आंट एलिस उनका ध्यान रख रही हैं। डैड कब घर वापस आएंगे?

"जल्दी से जल्दी," उसने कहा। "मैरियैक और अपनी मॉम को हाइ बोलना। मॉम से कहना कि मैं बाद में उन्हें फोन करूंगा और मैं उन्हें प्यार करता हूं।"

"छी, गंदी बात!" उसके छह साल के बेटे ने कहा और फोन रख दिया।

मुंस्टर ने गहरी सांस भरी, लेकिन उसे थोड़ा सा बेहतर लग रहा था। अब तो नतीजा भुगतना ही था, उसका ख़्याल था।

लेकिन अगर दोपहर में अपनी पत्नी के गिर्द बांहें डालकर में एकाध घंटे सो लेता तो कहीं ज़्यादा उपयोगी हो पाता, वो ये भी सोच रहा था।
 
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