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Thriller आख़िरी सबूत

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"कुछ पक्का नहीं है," वान वीटरेन ने कहा। "लेकिन अगर आप एक बढ़िया-देखते हैं-एक बढ़िया मरलॉट लाते हैं, तो आपकी गैरहाजरी में मैं बिसात सजा दूंगा। निस्संदेह हम एक शुरुआत करेंगे।"

बॉजेन मुस्कुराया।

"घर की बनी?" उसने खड़े होते हुए पूछा।

"वो आमतौर पर बेहतरीन होती हैं।"

बॉजेन अपने वाइन सैलर की दिशा में गायब हो गया।

एक बूढे ईमानदार पुलिस चीफ को बेवकूफ बनाना कितना आसान है, वान वीटरेन ने सोचा। मैं आखिर यहां कर क्या रहा हूं?

26

"लेकिन अगर..." बियाटे मोएर्क ने मेजपोश से मोमबत्ती के मोम को खुरचते हुए कहा। "अगर र्यूमे ने इसलिए दरवाजा खोला कि वो कातिल को जानता था, तो इसका मतलब होना चाहिए कि उसका नाम हमारे पास सूची में कहीं है।"

"अच्छा दोस्त या सहकर्मी, हां," मुंस्टर ने कहा। तुम्हारे दिमाग में कोई है?"

"मैं जाकर अपने पेपर लाती हूं। तुम खाना खा चुके?"

"अब एक दाना और नहीं खा सकता," मुंस्टर ने कहा। "वाकई स्वादिष्ट... बहुत बुरी बात है कि तुम अकेले रहती हो।"

"तुम्हारा मतलब, इस तथ्य को देखते हुए कि मैं टोस्टेड सैंडविच बना सकती हूं?"

मुंस्टर झेंप गया।

"नहीं... नहीं, आमतौर पर, बेशक। बुरी बात है कि आदमियों... कि तुम किसी के पास नहीं हो।"

"बकवास," बियाटे मोएर्क ने अपनी स्टडी की ओर बढ़ते हुए कहा।

मैं भी कितनी गजब की बातें करता हूं, मुंस्टर ने सोचा।

"अगर हम कहते हैं कि वो आदमी है, तो इसका मतलब, वास्तव में, निश्चित रूप से दस संभावनाएं हैं।"

“और ज़्यादा नहीं?" मुंस्टर ने कहा। "अगर हम मानते हैं कि वो यहां कालब्रिजेन में रहता है तो कितने बचते हैं।"

बियाटे मोएर्क ने उन्हें गिना ।

"छह," उसने कहा। "छह पुरुष दोस्त या सहकर्मी। थोड़ा कम हुआ, मैं कहूंगी।"

"वो हाल ही में यहां आए थे," मुंस्टर ने कहा। "अभी उनके दोस्तों का बहुत बड़ा दायरा तो नहीं हो सकता। छह कौन-कौन हैं?"

"तीन सहकर्मी जिनसे वो कभी-कभार सामाजिक तौर पर मिलते थे... और लगता है तीन दंपती।" नाम, मुंस्टर ने कहा।

"गैनर, सोपिंस्की और क्रयुट्ज-ये डॉक्टर हैं। दोस्त हैं एरिच मीसे, इत्तेफाक से ये भी डॉक्टर है, और... जरा रुको। कैंसरलिंग और ट्युवर्स। हां, यही हैं। क्या ख़्याल है तुम्हारा? मीसे लिंस्क्स का सहकर्मी है शायद ।"

"मैं इन सबसे मिल चुका हूं, अलावा ट्युवर्स और मीसे के। मुझे नहीं लगता कि इनमें से कोई होगा, मगर किसी बात की कोई गारंटी नहीं है। फिर भी, क्या हम मान लें कि ये... ट्युवर्स होगा?"

"ठीक है," बियाटे मोएर्क ने कहा। "तब तो ये हल हो गया। मगर एक छोटी सी दिक्कत है--"

"वो क्या?"

"वो तीन हफ़्ते से गया हुआ है। दक्षिण अमेरिका में कहीं, अगर मैं बहुत गलत नहीं हूं तो। "ओह, धत," मुंस्टर ने कहा।

"क्या ये मान लें कि वो कोई ऐसा था जिसे वो नहीं जानता था?"

"ऐसा भी हो सकता है। इनमें से कोई नहीं है, कम से कम । वो कोई मशहूर हस्ती भी हो सकता है। मेरा मतलब, कोई ऐसा जिसे सब पहचानते हैं। वित्त मंत्री या मैरिल स्ट्रीप या कोई..."

"क्या तुम मैरिल स्ट्रीप के लिए दरवाजा खोल देते?" बियाटे मोएर्क ने पूछा।

"मैं ऐसा सोचता हूं," मुंस्टर ने कहा।

बियाटे मोएर्क ने गहरी सांस भरी।

"हम कहीं नहीं पहुंच रहे हैं। कॉफी पीओगे?"

"हां, प्लीज," मुंस्टर ने कहा। "अगर तुम कॉफी बनाओगी तो मैं बरतन धो दूंगा।"

"वाह," बियाटे मोएर्क ने कहा। "उम्मीद है तुमने ये नहीं सोचा होगा कि मैं मना कर दूँगी।" "पल भर को भी नहीं," मुंस्टर ने कहा।

"क्या तुम इस तरह की चीजों के आदी हो?"

"ये इसपे है कि आदी से तुम्हारा क्या मतलब है," मुंस्टर ने कहा।

"हर साल तुम आमतौर पर कितने कातिलों को खोजते हो?" मुंस्टर ने पल भर को सोचा।

"दस से पंद्रह शायद... हालांकि ज़्यादातर को हमें मुश्किल से ही तलाशना पड़ता है। वो कमोबेश अपनी मर्जी से ही आ जाते हैं। आकर आत्मसमर्पण कर देते हैं, ये बस जाकर उन्हें पकड़कर लाने की बात होती है--कुछ-कुछ सेब उठाने की तरह। ये कहना ठीक होगा कि ज़्यादातर मामले तो कुछ ही ह्फ़्तों में हल हो जाते हैं।"

"मगर इस जैसे केस? ये कितनी जल्दी-जल्दी आते हैं?" मुंस्टर हिचकिचाया।

"बहुत जल्दी नहीं। शायद साल में एक-दो"

"मगर तुम उन सबको हल कर लेते हो।"

"कमोबेश। वान वीटरेन को अनसुलझे केस पसंद नहीं हैं। अगर कोई केस बहुत लंबा खिंच जाता है तो उनके साथ रहना नामुमकिन सा हो जाता है। जहां तक मुझे पता है, ऐसा केवल एक ही केस है जिसे उन्हें छोड़ना पड़ा था--जी-फाइल। अब तो उसे करीब पांच-छह साल हो गए होंगे। मुझे लगता है वो अभी भी उन्हें परेशान करता है।"

बियाटे मोएर्क ने हामी भरी।

"तो तुम्हें लगता है कि इसे भी हल करने वाले वही रहेंगे।" मुंस्टर ने कधे उचकाए।

"बहुत मुमकिन है। मेरे ख़्याल से अहम तो ये है कि हम उसे पकड़ लें। हम सबके लिए इसमें काफी शोहरत होगी। तुम्हें ऐसा नहीं लगता?"

बियाटे मोएर्क झेंप गई। उसने अपना सिर घुमा लिया और बालों में हाथ फेरने लगी, लेकिन मुंस्टर ने उसकी प्रतिक्रिया देख ली थी।

अहा, उसने सोचा। महत्वाकांक्षी युवा इंस्पेक्टर। शायद खुद को प्राइवेट डिटेक्टिव के रूप में देखती है? "क्या तुम्हारी अपनी कोई थ्योरी है?"

"मेरी अपनी? नहीं, बिल्कुल नहीं। जाहिरी तौर पर मैं इस बारे में बहुत सोचती रही हूं, लेकिन कहीं पहुंचती नहीं लग रही।"

"आमतौर पर ऐसा ही दिखता है," मुंस्टर ने कहा।

"मतलब?"

"कि तुम्हें लगता है कि तुम बस समय खराब कर रही हो और कहीं नहीं पहुंच रहीं; फिर अचानक, सब होने लगता है--कुछ छोटी-छोटी तफ़्सीलें बड़ी होने लगती हैं और महत्वपूर्ण हो जाती हैं, और फिर ये बहुत जल्दी होता है।"

"हम्म," बियाटे मोएर्क ने कहा। उसने अपनी कॉफी मिलाई और नाखून से मोमबत्ती के मोम का एक और टुकड़ा खरोंचा।
 
"तुम्हें ऐतराज न हो तो एक इकरार करूं?" उसने थोड़ा ठहरने के बाद कहा।

"जरूर," मुंस्टर ने कहा।

"मैं सोचती हूं... सोचती हूं कि ये बहुत रोमांचक है, इस सबके बीच में होना। मेरा मतलब--"

"जानता हूं," मुंस्टर ने कहा।

“--मैं जानती हूं कि मेरा पहला विचार ये होना चाहिए कि ये बहुत बुरा और भयानक है, और मुझे बाहर इस पागल फरसामार की खोज करनी चाहिए क्योंकि वो खतरनाक मुजरिम है, और क्योंकि ईमानदार लोगों को रात में आराम से सोना चाहिए। और मैं ऐसा सोचती हूं, बेशक, लेकिन... लेकिन मुझे मानना होगा कि मै इसमें काफी आनंद भी ले रही हूं। ये बहुत विकृत है, तुम्हें नहीं लगता?"

मुंस्टर मुस्कुराया।

"मुझे तो ऐसा नहीं लगता," उसने कहा।

"तुम भी ऐसा ही सोचते हो!" बियाटे मोएर्क चहक उठी, और अचानक क्षणांश को मुंस्टर के सिर के अंदर कुछ हुआ--ये कहते बालसुलभ भाव-सच्चा, पवित्र; वो वाकई नहीं जानता था क्यों, लेकिन, जो भी हो, इसने उसे एक झटका सा दिया था, और उसे कुछ याद दिला दिया था जो... जो उसकी जिंदगी के एक और अध्याय से जुड़ा था। कुछ ऐसा जिसे वो पहले ही पढ़ चुका था। उसका आनंद लिया था और उसे जिया था। बेशक, उसे इसकी उम्मीद होनी चाहिए थी और, कहना बेकार है, उसे थी। शहर की उस टहल में, ब्लू शिप में बीयर पीने, पूछताछों के बीच उनकी बातचीतों में--चुलबुली और लगभग चंचल सी--कुछ तो था, कुछ ऐसा जो इतना सामान्य और इतना स्पष्ट था कि वो बस उसे शब्दों में बांधने की हिम्मत नहीं कर पाया था।

"हां," उसने कहा। मैंने ऐसा सोचा है... शुरू में, मेरा मतलब। आप अपनी उंगलियां जला लेते हैं।"

ऐसा नहीं था कि वो उसे बहकाने की कोशिश कर रही थी। वास्तव में, इसका उलट था। संभवतः, उसने खुद को आश्वस्त करने की कोशिश की थी, इस जानकारी ने कि वो शादीशुदा था, इस जानकारी ने कि सिन मौजूद थी बियाटे मोएर्क को थोड़ा सा सहज हो जाने, उसे अपने करीब आने देने की छूट दे दी थी-क्योंकि वो जानती थी कि वो सुरक्षित है।

सुरक्षित? लेकिन वो खुद?

"क्या सोच रहे हो?"

उसे अहसास हुआ कि वो फिर से उसे देख रही है, और कि उसका दिमाग जरूर कुछ पलों के लिए भटक गया होगा।

"मैं... मुझे वाकई पता नहीं," उसने कहा। "फरसामार, शायद।"

"तुम्हारी पत्नी तुम्हारे काम के बारे में क्या सोचती हैं?"

"क्यों पूछ रही हो?"

"पहले बताओ ।"

"सिन मेरे काम के बारे में क्या सोचती है?"

"हां। कि तुम्हें घर से दूर रहना पड़ता है। जैसे, अभी।"

"कुछ खास नहीं।"

"यहां के लिए निकलने से पहले क्या तुम्हारा झगड़ा हुआ था?" वो झिझका ।

"हां, हम झगड़े थे।"

बियाटे मोएर्क ने गहरी सांस ली।

"मैं जानती थी," उसने कहा। "मैं इसलिए पूछ रही हूं कि मैं जानना चाहती हूं कि क्या पुलिस अफसर होना और साथ ही शादीशुदा भी होना वाकई मुमकिन होता है।"

"मुमकिन?"

"तो, सहनीय?”

"ये घिसीपिटी बात है," मुंस्टर ने कहा।

"जानती हूं," बियाटे मोएर्क ने कहा। "मगर, क्या तुम मुझे सही जवाब दे सकते हो, क्योंकि तुम तो अब काफी समय से इस नौकरी में हो?"

मुंस्टर ने इस पर सोचा।

"हां," उसने कहा। "ये मुमकिन होना चाहिए।"

"इतना ही आसान है ये, वाकई?"

"ये इतना ही आसान है।"

"ठीक है," बियाटे मोएर्क ने कहा। "तुमने मेरे सीने से बोझ उतार दिया।"

मुंस्टर खांसा, वो चाह रहा था कि वो कोई समझदारी की बात बोलने के लिए सोच सके। बियाटे मोएर्क उसे ही देख रही थी।

"शायद हमें कुछ और बात करनी चाहिए?” कुछ देर बाद उसने कहा।

"वो शायद सबसे सुरक्षित होगा," मुंस्टर ने कहा।

"क्या हम मेरे निजी विचारों को और बारीकी से देखें? मतलब, फरसामार के बारे में।"

"क्यों नहीं?"

"हां, अगर तुम्हें ऐसा न लग रहा हो कि बहुत देर हो चुकी है।"

"बहुत देर?" मुंस्टर ने कहा।

वो इकलौती चीज जो इसे मुझे लुभाने से रोक रही है वो ये खुद है, उसने सोचा। उम्मीद करूंगा कि ये इतनी ही मजबूत हो... वरना कल सुबह मैं खुद से आंख नहीं मिलाना चाहूंगा।

"क्या तुम और वाइन लोगे?"

"अरे, नहीं," मुंस्टर ने कहा। "ब्लैक कॉफी।"
 
27

"मैल्निक को गॉलस्टोन हो गए हैं," क्रोप्के ने कहा।

“अब ये साला क्या...?" वान वीटरेन ने कहा। "वास्तव में, मुझे हैरानी नहीं हुई।"

"इसीलिए रिपोर्ट में देर हो गई है," बॉजेन ने खुलासा किया। "उसने अस्पताल से फोन किया था।"

"उसने खुद फोन किया था?" वान वीटरेन ने पूछा। "अच्छा है उसके लिए... खैर, फिर आज हम क्या करें?"

पुलिस चीफ ने गहरी सांस भरी।

"आप बताएं..." उसने कहा। "मेरे ख़्याल से, जानकारी ही इकद्वा करते रहें। कुछ ही समय में कालब्रिंजेन का हर नागरिक इस केस के बारे में अपनी राय दे चुकेगा। दस्तावेज का बुरा संग्रह नहीं है। जब हमारा काम हो जाएगा, तो शायद हम उन्हें किसी लोककथा अभिलेखागार को बेचने की कोशिश कर सकते हैं--"

"अगर कभी खत्म हुआ तो," क्रोप्के बड़बड़ाया। "फरसे के बारे में क्या चल रहा है?"

वान वीटरेन ने मेज पर एक सिगरेट और एक टूथपिक रख दी।

"बहुत अच्छा नहीं," उसने कहा। "हालांकि मुझे नहीं लगता इससे कुछ खास फर्क पड़ता है। मुझे शक है कि हम उस दुकान को ढूंढ़ पाएंगे जिसने इसे बेचा होगा--अगर इस तरह के औजार वो दुकानों पर बेचते हैं तो। और जहां तक किसी दुकानवाले से ये याद करने को कहना है कि दस-पंद्रह साल पहले किसने एक फरसा खरीदा था, वो भी ये मानते हुए कि उसी आदमी ने इसे खरीदा होगा, नहीं, मेरा ख़्याल है कि फरसे की खोज को तो रहने ही दें।" "सिमेल के बच्चों का क्या रहा?" इंस्पेक्टर मोएर्क ने अपने कागजों पर से नजर उठाते हुए कहा।

"कोई बात नहीं बनी," बॉजेन ने कहा। "करीब पिछले दस साल से उनका अपने माता-पिता से कोई खास संपर्क नहीं रहा है, न मां से न बाप से--क्रिसमस और जन्मदिन, बस इतना ही। आप कह सकते हैं कि ये उन्हें सकारात्मक स्थिति में रखता है। स्पेन में भी बस एक बार ही उनसे मिलने गए थे।"

वान वीटरेन ने सिर हिलाया और टूथपिक अपनी जेब में रख ली। क्रोप्के खड़ा हो गया।

"खैर," उसने कहा, "मेरे ख़्याल से मैं अपने दफ़्तर में जाता हूं और कुछेक रिपोर्ट लिखता हूं। जब तक कि बॉस के पास मेरे करने के लिए कुछ और काम न हो।"

बॉजेन ने कंधे उचकाए।

"हम तो बस घसीटते ही रहेंगे शायद," उसने वान वीटरेन की ओर नजर डालते हुए कहा।

"हां," वान वीटरेन ने सिगरेट सुलगाते हुए कहा। "भगवान के लिए, ये मत सोचें कि ये कुछ असामान्य है। ये मुश्किल है, हमारे पास कोई काम का सुराग नहीं है, कोई वास्तविक संदिग्ध नहीं है, बस ढेरों जानकारी है, लेकिन देर-सवेर हालात सुधरने लगेंगे। अगर हम थोड़ा सा सब्र रखें तो ये होगा।"

या तो होगा या नहीं होगा, उसने सोचा।

"क्या मैल्निक ने बताया कि वो रिपोर्ट कब तक तैयार कर लेगा?" मोएर्क ने पूछा।

"ठीक से तो नहीं," क्रोप्के ने कहा। "उसका ख़्याल था कुछ दिन और। वो साला बड़ी बारीकी से काम करने वाला लगता है।"

"तुम ये फिर कह सकते हो," वान वीटरेन ने कहा।

‘ओके," बॉजेन ने कहा। "तो चलो जुट जाते हैं... जो भी करने में हम मसरूफ हैं!"

हम्म, मैं क्या करने में मसरूफ हूं? मुंस्टर ने सोचा।

कर्केनाउ गांव बड़ा नहीं था। एक रेलवे स्टेशन, ग्यूस नदी के पास घाटी में घरों का झुंड, जिसने उपजाऊ पहाड़ी देहात के इस हिस्से में एक लंबी सी झील बना दी थी। वान वीटरेन को कोई दुकान या पोस्टऑफिस या स्कूल दिखाई नहीं दिया और सड़क किनारे स्थित उदास सा दिखता पत्थर का चर्च बाकी गांव की तरह ही वीरान नजर आता था।

सैल्डन हॉस्पिस की सड़क दूसरी दिशा में थी, घाटी से ऊपर छितरे हुए शंकुधारी जंगलों के टुकड़े से होते हुए; कार से तकरीबन दस मिनट, और जब उसने दीवार के बाहर कार पार्क की, तो उसे कुछ हैरानी हुई कि क्या ये वाकई कोई पुराना सैनेटोरियम था। हवा बहुत ताजा और ऑक्सीजन से भरपूर थी और गेट के अंदर दाखिल होने से पहले एक सिगरेट पीने के लालच को दबाने में उसे कोई दिक़्कत नहीं हुई।

एरिच मीसे लंबा और पतला था, और गंजापन उस पर कुछ जल्दी आ गया था, जिससे उसकी उम्र का अंदाजा लगाना मुश्किल हो रहा था। जो भी हो, शायद पैंतीस से ज़्यादा नहीं होगा, वान वीटरेन ने सोचा; अगर ये किसी महत्व का सा साबित होता लगा तो सही उम्र कहीं न कहीं तो दर्ज होगी ही। मीसे ने हाथ मिलाया, डिटेक्टिव चीफ इंस्पेक्टर की ओर बड़ी सी मुस्कुराहट फेंकी और उसे फ्रेंच विंडोज के सामने पड़ी एक क्रेमर आरामकुर्सी पर बैठने की दावत दी।

"चाय या कॉफी?" उसने पूछा।

"कॉफी, प्लीज," वान वीटरेन ने कहा।

डॉक्टर कमरे से निकल गया। वान वीटरेन बैठ गया और मैदान को देखने लगाः एक बड़ा सा, अच्छी देखरेख पाया और थोड़ा सा लहरदार लॉन जहां बहुत पुराने फलदार पेड़ यहां-वहां लगे हुए थे, ढलवां बजरी के रास्ते थे और ठोस सी दिखने वाली सफेद पेंट की हुई लकड़ी की बेंचे पड़ी हुई थीं। दीवार के पास कुछ छोटे-छोटे ग्रीनहाउस थे; एक माली या ऐसा ही कोई खाद या ऐसी ही किसी चीज से भरे एकपहिए के ठेले को धकेल रहा था, और कुछ दूर पर, बाईं ओर काले कपड़े पहने दो नर्स एक भिन्न सा वाहन, कुछ-कुछ वैगन जैसा लिए एक निचली छत के लकड़ी के पीले पवेलियन से निकलीं ।

उसने थूक गटका।

वैगन में दो प्राणी बैठे हुए थे, और ये समझ आने में उसे कई मिनट लगे कि वो, वास्तव में, दो इंसान हैं।

"हम यहां किसी भी मरीज को स्वीकार नहीं करते हैं," डॉ. मोसे ने बताया। "हम केवल सबसे खराब केस ही लेते हैं। हमें किसी को ठीक करने का कोई भ्रम नहीं है; हम बस उन्हें समुचित ढंग से सम्मानजनक जिंदगी देने की कोशिश करते हैं। जितना मुमकिन वान हो सके..."

वान वीटरेन ने सिर हिलाया।

"मैं समझ सकता हूं," उसने कहा। "यहां आपके पास कितने रोगी हैं?"

"ये बदलता रहता है," मोसे ने कहा। "अंदाजन पच्चीस-तीस के बीच । इनमें से ज़्यादातर अपनी जिंदगी के शेष दिन यहीं बिताते हैं; यही नजरिया है, वाकई..." "आप अंतिम सहारा हैं?"

"आप इस तरह से भी कह सकते हैं, हां। हमारा एक दर्शन है... मुझे पता नहीं कि आप प्रोफेसर सैल्डन के विचारों से परिचित हैं या नहीं?"

वान वीटरेन ने सिर हिलाकर इंकार किया।

“आह, ठीक है," मीसे ने मुस्कुराते हुए कहा, "शायद इस बारे में हम फिर कभी बात करेंगे। मुझे नहीं लगता आप यहां गंभीर मनोरोगियों के इलाज के बारे में चर्चा करने आए हैं।"

"नहीं," वान वीटरेन ने गला साफ किया और अपने ब्रीफकेस से अपनी नोटबुक निकाली। "आप मॉरिस र्यूमे के अच्छे मित्र थे... तब भी जब आप आरलाक में थे, अगर मैं सही समझ रहा हूं तो?"

"हां, मेरी उससे जान-पहचान तकरीबन पांच साल पहले हुई थी, अपनी पत्नी के जरिए। वो और बीट्रिस--बीट्रिस लिंस्क्स--बचपन की दोस्त हैं, स्कूल की दोस्त।"

"आप मॉरिस र्यूमे से पहली बार कब मिले थे?"

डॉ. मोसे ने पल भर सोचा ।

"मुझे पूरी तरह यकीन नहीं है कि मुझे पहली बार उससे कब मिलवाया गया था, लेकिन 1988-89 की सर्दियों से हमने सामाजिक स्तर पर मिलना शुरू किया था, जब-तब।"

"मिस लिंरक्स भी यहां काम करती हैं, ये सही है?"

"हां, वो लगभग छह महीने से हमारे साथ हैं।"

वान वीटरेन रुका ।

"ये नौकरी उन्हें आपने दिलवाई थी?"

लेकिन मोसे बस हंस दिया।

"अरे, नहीं," उसने कहा। मुझे अफसोस है, बदकिस्मती से इन मामलों में मेरा कोई जोर नहीं है। मेरे ख़्याल से मैंने बस उनकी सिफारिश की थी। आप क्यों पूछ रहे हैं?"

वान वीटरेन ने कंधे झटके मगर कुछ कहा नहीं।

"र्यूमे जब आरलाक में था तब उसकी कोकीन की लत के बारे में आप कया जानते हैं?"

मीसे फिर से गंभीर हो गया और अपने गंजे सिर पर हाथ फिराने लगा।

"बहुत ज़्यादा नहीं," उसने कहा। "तफ़्सील नहीं। मॉरिस इस बारे में बात करना पसंद नहीं करता था। एक रात जब हमने काफी शराब पी ली थी तो उसने मुझे थोड़ा-बहुत बताया था; मेरे ख़्याल से वही एक बार थी जब इसका जिक्र हुआ था। वैसे भी, वो इससे बाहर निकल आया था। मेरा मानना है कि उसे इसे रेखांकित करने का हक था।"

"क्या आप अर्न्स्ट सिमेल और हेन्ज एगर्स को जानते थे?"

डॉक्टर चौंक गया।

"कौन...? बाकी दोनों को? नहीं, बिल्कुल नहीं। मैं समझा नहीं--"

डॉ. मीसे ने रुमाल निकाला और इस पर सोचते हुए अपना माथा पॉछा ।

"नहीं," कुछ समय बाद उसने कहा। "मैंने इस बारे में सोचा है, बेशक, लेकिन मैं किसी किस्म की कड़ी तक नहीं पहुंच पाया हूं।"

वान वीटरेन ने गहरी सांस ली और फिर खिड़की के बाहर देखा। वो सोच रहा था कि क्या वो इस युवा डॉक्टर से कोई तर्कसम्मत बात पूछ सकता है, जबकि वो बिल्डिंग से निकलकर ग्रीनहाउसों की दिशा में जाते तीन लोगों को देख रहा था। एक आदमी और एक औरत एक झुकी हुई आकृति के दोनों ओर, उसे सहारा देते हुए चल रहे थे--वो एक लड़की थी; अब वो ये देख सकता था--उसकी झुकी हुई पीठ के गिर्द पड़ी उनकी बांहों के साथ।

बजरी पर वो अपने पैर घसीटती सी मालूम दे रही थी, और कभी-कभी तो ऐसा लग रहा था जैसे उसके मददगार उसे उठाकर ले जा रहे हों। अचानक उसे स्पष्ट हुआ कि वो उस आदमी को पहचानता है। लंबी, पतली आकृति, घने काले बाल--डॉ. मैंड्रीन, इसमें कोई शक नहीं था। डॉ. मीसे की ओर वापस मुखातिब होने से पहले कुछ देर वो उन तीनों को देखता रहा।

"डॉ. मैंड्रीन यहां क्या करते हैं?"

"डॉ. मैंड्रीन?"

वान वीटरेन ने इशारा किया।

"ओह, हां, मैंड्रीन। वो उनकी रिश्तेदार है... भानजी, अगर मुझे ठीक से याद है तो। ब्रिगिट केर। यहां हाल ही में आई मेहमान । वो कोई एक महीने पहले आई होगी, बेचारी लड़की--"

"क्या हुआ है उसे?"

डॉक्टर ने माफी मांगने की मुद्रा में अपनी बांहें उचकाईं।

"माफी चाहूंगा। मुझे अफसोस है कुछ चीजें ऐसी होती हैं जिन पर मैं बात नहीं कर सकता। व्यवसायिक गोपनीयता, आप तो जानते हैं, न केवल--"

"बकवास," वान वीटरेन ने फिर उसकी बात काट दी। “ये सच है कि मेरे पास कागज नहीं हैं, लेकिन अगर मैं आपको इस गोपनीयता की वचनबद्धता से मुक्त करना चाहूं तो इसमें बस कुछ ही देर लगेगी। क्या मैं आपको याद दिलाऊं कि ये कत्ल की तफ़्तीश है?"

मीसे हिचकिचाया ।

"बस मुझे कोई संकेत दे दें." वान वीटरेन ने कहा। "उतना काफी होगा। मिसाल के लिए, क्या इसमें ड्रग्स शामिल हैं?" डॉक्टर ने छत को देखा ।

"हां," उसने कहा। "काफी हद तक। लेकिन वो मेरे ग्रुप में नहीं है, इसलिए इस बारे में मुझे बहुत ज़्यादा पता नहीं है।"

वान वीटरेन ने कुछ देर तक कुछ नहीं कहा। फिर उसने अपनी घड़ी को देखा और खड़ा हो गया। "आपके समय के लिए बहुत, बहुत शुक्रिया," उसने कहा। "मैं मिस लिंस्क्स से भी बात करूंगा। क्या मैं आपसे एक आखरी सवाल पूछ सकता हूं?"

"जरूर," मीसे ने कहा, जो अपनी कुर्सी पर टिककर बैठ गया था और एक बार फिर मुस्कुरा रहा था।

वान वीटरेन प्रभाव पैदा करने के लिए रुका।

"आपके ख़्याल से मॉरिस र्यूमे को किसने मारा होगा?"

मुस्कुराहट गायब हो गई।

"क्या...?" मीसे ने कहा। किसने...? मुझे तो कुछ पता नहीं है। अगर मुझे जरा सा भी आइडिया होता कि फरसामार कौन है, तो मैं बहुत पहले ही पुलिस को बता चुका होता!"

"जाहिर है," वान वीटरेन ने कहा। "माफी चाहूंगा मुझे आपका इतना समय लेना पड़ा।"

इस जगह में लोगों को अपनी ओर खींचने की अदभुत क्षमता जान पड़ती है, डॉ. मीसे को सुकून से छोड़ने के बाद और मिस लिंस्क्स का ऑफिस ढूंढ़ते हुए वो सोच रहा था। वास्तव में, वो ऐसे कितने लोगों से मिल चुका था जिनका इस उदास, एकाकी संस्थान से कोई न कोई वास्ता था?
 
उसने गिनना शुरू किया, लेकिन वो बहुत दूर जाता, इससे पहले ही कॉरीडोर में वो मिस लिंस्क्स से टकरा गया और उसने इस विचारक्रम को उससे पूछताछ कर चुकने के बाद तक के लिए टाल दिया।

तकरीबन एक घंटे बाद जब वो पार्किंग लॉट से बाहर निकला तो वो ज़्यादातर इस बारे में सोच रहा था कि मिस लिंस्क्स ने उस पर किस तरह का प्रभाव छोड़ा था। खूबसूरत बीट्रिस लिंस्क्स। और अगर ऐसा ही था जैसा वो कह रही थी कि मॉरिस र्यूमे से उसका संबंध सच में उस सबसे मजबूत और ठोस त्रयी पर आधारित था जिसका वो दावा कर रही थी--सम्मान, ईमानदारी और प्यार।

जो भी हो, ये बहुत बचकाना भी नहीं लग रहा, उसने सोचा, और अपनी खुद की टूटी शादी के बारे में सोचने लगा।

लेकिन वो बमुश्किल इतनी दूर गया होगा कि रीनेट का नाम याद कर पाए कि तभी उसकी कार एक बादल के फटने में घुस गई और उसे अपना सारा ध्यान विंडशील्ड के पार देखने और सड़क पर बने रहने की कोशिश में लगा दिया।

28

इकरार सुबह-सुबह हासिल हुआ। बजाहिर, मि. वॉल्नर छह बजे से पहले से पुलिस स्टेशन के बाहर बूंदाबांदी में इंतजार कर रहे थे, लेकिन सात बजे से कुछ पहले जब क्लर्क मिस डीविट ने स्टेशन खोला तब जाकर वो अंदर आ पाए थे।

"आप किस सिलसिले में आए हैं?" कैनवस के ब्राउन कुशन वाले आगंतुकों के सोफे पर उन्हें बिठाने, अपना हैट और कोट टांगने और कैंटीन में केतली चढ़ाने के बाद उन्होंने पूछा था।

"मैं इकरार करना चाहता हूं," मि. वॉल्नर ने फर्श को घूरते हुए कहा।

मिस डीविट ने अपने फ्रेमलैस चश्मे के ऊपर से उन्हें तका ।

"किस बात का इकरार?"

"कत्लों का," मि. वॉल्नर ने कहा।

मिस डीविट ने पल भर सोचा।

"कैसे कत्ल?"

"फरसे के कत्ल ।"

"ओह," मिस डीविट ने कहा। अचानक उन्हें चक्कर आने लगे। जो उन्हें ऐसा नहीं लगा कि उनके मेनोपॉज के आवेगों से जुड़े थे जिनसे वो कुछ समय से जूझ रही थीं। उन्होंने मेज पकड़ ली और कसकर आंखें बंद कर लीं।

फिर उन्होंने खुद पर काबू पाया। साढ़े सात से पहले तो कोई पुलिस अफसर नहीं आने वाला, इसका तो उन्हें यकीन था। उन्होंने

सोफे पर बैठी झुकी हुई आकृति को देखा और इस नतीजे पर पहुंचीं कि कम से कम उसने अपने कपड़ों के अंदर तो कोई फरसा नहीं छिपा रखा है। फिर वो काउंटर के पीछे से निकलीं, एक हाथ उनके कधे पर रखा और अपने साथ चलने को कहा।

उन्होंने बिना किसी विरोध के वही किया जैसा उनसे कहा गया था, और खुद को संकरे गलियारों में से होते हुए दो कोठरियों में से सबसे अंदर वाली में जिस पर ताला लगाया जा सकता था, ले जाने दिया।

"यहां इंतजार करें," मिस डीविट ने कहा। "कोई अफसर जल्दी ही आपसे बात करने आएंगे। आप जो भी कहेंगे वो आपके खिलाफ साक्ष्य में इस्तेमाल किया जा सकता है।"

उन्हें हैरानी हुई कि वो आखरी वाक्य उन्होंने क्यों कहा। मि. वॉल्नर बेंच पर बैठ गए और अपने हाथ मरोड़ने लगे, और मिस डीविट ने फैसला किया कि उन्हें उनकी किस्मत के सहारे छोड़ दिया जाए। उन्होंने मूजर को फोन करने का सोचा, जो ड्यूटी अफसर था, लेकिन फिर ये विचार त्याग दिया। इसके बजाय उन्होंने कॉफी बनाई और इंस्पेक्टर क्रोप्के का इंतजार करने लगीं, जो नियमानुसार ठीक साढ़े सात बजे हाजिर हो गया था।

"फरसामार ने इकरार कर लिया है," उन्होंने कहा ।

"क्या है साला...?" क्रोप्के ने कहा ।

"मैंने उसे कोठरी में बंद कर दिया है," मिस डीविट ने कहा। "क्या है साला?" इंस्पेक्टर क्रोप्के ने दोहराया। "कौन... कौन है वो?"

"मैं नहीं जानती," मिस डीविट ने कहा। "लेकिन शायद उसका नाम वॉल्नर है।"

बहुत सोच-विचार करने के बाद, क्रोप्के ने तय किया कि बेहतर यही होगा कि किसी डीसीआई के आने तक इंतजार किया जाए, और इस तरह नौ, बजने में बीस मिनट थे जब संभावित कातिल से पहली पूछताछ हो सकी। क्रोप्के और पुलिस चीफ के अलावा इंस्पेक्टर मोएर्क और कॉन्स्टेबल मूजर भी मौजूद थे।

एहतियात बरतते हुए उन्होंने सारी कार्रवाई को दो टेपरिकॉर्डरों पर रिकॉर्ड कर लिया था, कुछ तो इस संभावित आवश्यकता के मद्देनजर कि केस आखिरकार अदालत में जाएगा और कुछ इसलिए ताकि दोनों विशेषज्ञों जिन्हें बाहर से बुलाया गया था, वान वीटरेन और मुंस्टर को हालात के बारे में सही राय बनाने का मौका मिल सके।

बॉजेनः तुम्हारा पूरा नाम, प्लीज ।

वॉल्नरः पीटर मैथियाज वॉल्नर ।

बॉजेनः जन्म?

वॉल्नरः 15 फरवरी, 1936 ।

बॉजेनः पता?

वॉल्नरः मॉर्गेनस्ट्राट 16 ।

बॉजेनः कालब्रिंजेन?

वॉल्नरः हां।

बॉजेनः तुम शादीशुदा हो?

वॉल्नरः नहीं।

बॉजेनः जो भी तुम कहोगे वो तुम्हारे खिलाफ सुबूत के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर तुम चाहो तो तुम्हें चुप रहने का अधिकार है। क्या तुम चाहोगे कि कोई वकील मौजूद रहे?

वॉल्नरः नहीं।

बॉजेनः तुम यहां क्यों आए हो?

वॉल्नरः कत्लों का इकरार करने।

बॉजेनः हेन्ज एगर्स, अर्न्स्ट सिमेल और मॉरिस र्यूमे के कत्ल?

वॉल्नरः हां ।

बॉजेनः तो हमें बताओ कि ये तुमने कैसे किए।

वॉल्नरः मैंने उन्हें अपने फरसे से मारा था।

बॉजेनः वो किस किस्म का फरसा था?

वॉल्नरः मेरे पास वो कई साल से रहा है। कसाइयों का औजार, शायद ।

बॉजेनः तुम उसका ब्योरा दे सकते हो?

वॉल्नरः धारदार। बेहद हल्का। फल बहुत आसानी से घुस गया था | बॉजेन तुम्हें वो मिला कहां से था?

वॉल्नरः खरीदा था जब पांच साल पहले मैं विदेश गया था।

बॉजेनः कहां से?

वॉल्नरः इटली। मुझे याद नहीं आ रहा कि उस शहर का नाम कया था |

बॉजेनः तुमने एगर्स, सिमेल और र्यूमे को क्यों मारा? कोई जवाब नहीं।

क्रोप्केः सवाल का जवाब क्यों नहीं दे रहे हो? कोई जवाब नहीं।

बॉजेनः तुम हमें कुछ और तफ़्सील में बता सकते हो कि तुमने ये किया कॅसे था?

वॉल्नरः कौन सा?

बॉजेनः मॉरिस र्यूमे, मसलन।

वॉल्नरः मैंने घंटी बजाई और उसने दरवाजा खोला... मैंने उसे मार डाला।

बॉजेनः क्यों? वॉल्नरः इसीलिए तो मैं वहां गया था।

बॉजेनः ठीक-ठीक बताओ तुमने क्या किया था।

वॉल्नरः मैंने कहा कि मेरी पीठ में चोट है। मैंने फर्श पर अपनी घड़ी गिरा दी। चूंकि मैं उसे उठाने के लिए झुक नहीं सकता था, तो डॉक्टर उसे उठाने के लिए झुका... मैंने फरसे से उसके सिर के पीछे वार कर दिया।

बॉजेनः क्या तुम डॉ. र्यूमे को जानते थे?

वॉल्नरः मैं उसका मरीज था।

बॉजेनः उन्हें पता था कि तुम आने वाले हो?

वॉल्नरः हां।

बॉजेनः तुम कह रहे हो कि वो रात के उस वक़्त भी घर पर मरीजों को देखा करते थे?

वॉल्नरः मैंने जिद की थी।

बॉजेनः र्यूमे ने क्या पहन रखा था?

वॉल्नरः पोलो शर्ट... ग्रेइश-हरी। काली पैंट, गहरे रंग के मोजे...

बॉजेनः बजा कया था?

वॉल्नरः लगभग ग्यारह ।

बॉजेनः अन्स्र्ट सिमेल को जब तुमने मारा था, तो उसने क्या पहना हुआ था?

वॉल्नरः सफेद शर्ट और टाई। कोट और पैंट। ब्राउन जूते, शायद । वहां अंधेरा था।

बॉजेनः ठीक है, धत्त साला... तुम क्या कहती हो, मोएर्क?

मोएर्कः मुझे तुम पर यकीन करने में मुश्किल हो रही है, मि. वॉल्नर। तुमने कत्ल क्यों किए?

वॉल्नरः मैं अपनी सजा भुगतने के लिए तैयार हूं। ठहराव। टेप में छोटा सा अंतराल।

बॉजेनः तुम्हारा दावा है कि तुमने तीन लोगों का कत्ल किया है, मि. वॉल्नर। अब तुम साला ये भी बता दो तो अच्छा होगा कि कत्ल क्यों किए! हमारे पास यहां बैठकर थोड़ा सा ध्यान खींचनेकी हसरत रखने वाले, खुद को सजा देने के शौकीनों की बात सुनने से कहीं बेहतर काम हैं।

मोएर्क; लेकिन...

वॉल्नरः मैंने उन्हें इसलिए मारा कि वो बुरे लोग थे।

बॉजेनः बुरे? वॉल्नरः बुरे लोग।

बॉजेनः क्या बस यही एक वजह थी?

वॉल्नरः यही वजह काफी है।

क्रोप्कोः यहो तीन क्यों? कोई जवाब नहीं।

बॉजेनः जब तुमने अर्न्स्ट सिमेल को मारा तब तुमने क्या पहना हुआ था?

वॉल्नरः मैंने क्या पहना हुआ था?

बॉजेनः हां। तुमने कैसे कपड़े पहन रखे थे?

वॉल्नरः मुझे ठीक से याद नहीं आ रहा... हैट और कोट, शायद। मोएर्क: और जब तुमने र्यूमे को मारा था?

वाँल्नरः द्रैकसूट।

बॉजेनः डॉ. र्यूमे की लाश में फरसा क्यों छोड़ दिया था?

वॉल्नरः वो आखरी था।

बॉजेनः आखरी? क्या और बुरे लोग नहीं हैं? वॉल्नर: जहां तक मेरा सवाल है नहीं। मैं अपनी सजा भुगतने के लिए तैयार हूं।

बॉजेनः तुम और किसी का कत्ल करने की नहीं सोच रहे हो?

वॉल्नरः नहीं। क्रोप्के: इतने दिनों में तुम आज ही क्यों यहां आए हो?

वॉल्नरः मुझे मजबूर किया गया था।

बॉजेनः मजबूर? तुम करते क्या हो, मि. वॉल्नर?

वॉल्नर मैं चौकीदार हूं।

बॉजेनः कहा?

वॉल्नरः द लाइट ऑफ लाइफ में।

बॉजेनः तुम्हारा मतलब, चर्च?

वॉल्नरः हां ।

ठहराव। फुसफुसाहटें और कुर्सियों की किरकिराहट।

बॉजेनः क्या ऐसा कोई है जिसने तुम्हें ये कत्ल करने के लिए कहा हो, मि. वॉल्नर?

वॉल्नरः मेरा एक मिशन है।

बॉजेनः किसने दिया है वो तुम्हें?

कोई जवाब नहीं।

मोएर्कः भगवान ने, शायद?

वॉल्नरः हां ।

खामोशी ।

बॉजेनः हम जरा ब्रेक लेंगे यहां। मूजर, इस कमीने को हटाओ और फिर से लॉकअप में डाल दो। बाद में हम इस टेप को भी मिटा देंगे।

"तो," बॉजेन ने कहा। "क्या ख़्याल है?"

"सिरफिरा है," क्रोप्के ने कहा।

"झूठ बोल रहा है वो," मोएर्क ने कहा।

"मगर वो सारी तफ़्सील?" क्रोप्के ने कहा। "उसे इतनी सारी तफ़सील कॅसे पता हो सकती हैं?"

बियाटे मोएर्क ने कंधे उचका दिए।

"मीडिया से, शायद..."

"क्या अखबारों ने कपड़ों के बारे में कुछ छापा था?" मूजर हैरान

था |

"पता नहीं। हमें पता लगाना होगा। लेकिन यकीनन उन्होंने छापा तो बहुत कुछ है"

"अगर यही वो निकला तो मुझे जरा भी हैरानी नहीं होगी," क्रोप्के ने कहा। "लाइट ऑफ लाइफ के लोग बहुत ही सनकी होते हैं।"

"बेशक," बॉजेन ने कहा। "लेकिन कितने सनकी? वो लोगों की जान लेते फिरने के आदी तो नहीं होते हैं न?" "आज हमारे मेहमान कहां हैं?"

क्रोप्के ने जानकार सा दिखने की कोशिश करते हुए कहा।
 
"डीसीआई वान वीटरेन तो र्यूमे के कुछ रिश्तेदारों से पूछताछ कर रहे हैं, शायद," बॉजेन ने कहा। "बेशक मुंस्टर जल्दी ही आ जाएंगे।"

बियाटे मोएक को खांसी आ गई।

"मैं पचास गिल्डर की शर्त लगा सकता हूं कि कपड़ों के बारे में एक शब्द भी नहीं छापा गया है," क्रोप्के ने कहा।

"तुम्हें क्या लगता है कि मैंने उससे क्यों पूछा था," बॉजेन फुफकारा।

मजहबी पागल है," बियाटे मोएर्क बुदबुदाई। "नहीं, मुझे इस पर यकीन नहीं है। वैसे भी, पागलों के लिए इस तरह चले आना आम नहीं है क्या? किसी भी चीज का इकरार करते हुए?"

"मेरा यही अनुमान है," बॉजेन ने कहा। "हमारे विशेषज्ञ जब भी तशरीफ लाते हैं तब उनसे पूछेगे।"

"गुड मॉर्निंग," मुंस्टर ने दरवाजे से अंदर आते हुए कहा।

"कुछ हुआ है क्या?" "कुछ खास नहीं," बियाटे मोएर्क ने कहा। "एक फरसामार हवालात में बंद है, बस।"

"ये वो नहीं है," दो घंटे बाद वान वीटरेन ने कहा। "इसे जाने दें या पागलखाने भेज दें। लेकिन पुलिस का समय बर्बाद करने का बिल भी सौंप देना।"

"आप इतने यकीन से कैसे कह सकते हैं?" क्रोप्के ने पूछा।

"मैं काफी समय से इस काम में हूं," वान वीटरेन ने कहा। "इन चीजों का पता लग जाता है। लेकिन अगर तुम कुछ प्रेक्टिस करना चाहो तो ठीक है, उसकी हवा कर दो। पुलिस चीफ क्या सोचते हैं?"

"मेरे ख़्याल से मैं आपसे सहमत हूं," बॉजेन ने कहा। "लेकिन मैं सौ फीसदी आश्वस्त नहीं हूं..."

"उसे कुछ ज़्यादा ही तफ़्सील मालूम लगती हैं," मोएर्क ने कहा। "उसे ये कैसे पता हो सकता है कि र्यूमे ने क्या पहना हुआ था?"

वान वीटरेन ने कंधे उचका दिए।

"मैं नहीं जानता। इसकी बहुत सारी संभावनाएं हो सकती हैं।"

"क्या, मसलन?” क्रोप्के ने पूछा।

"बहुत ज़्यादा बातें बनाने की आम आदत। मिसाल के लिए, मिस लिंस्क्स ने किसी से गणपें मारी हों।"

“शक है,” क्रोप्के बड़बड़ाया। “मेरा अभी भी मानना है कि हमें इसे पहले थोड़ा और ध्यान से देखना चाहिए। अब इस केस पर हमें कई महीने हो चुके हैं, और जब आखिरकार कोई संदिग्ध आया है, तो मुझे नहीं लगता कि हमें उसे झटपट दरकिनार कर देना चाहिए।”

"जैसा चाहो वैसा करो," वान वीटरेन ने कहा। "वैसे भी मुझे दूसरे कहीं ज़्यादा अहम काम करने हैं।"

"ठीक है, ठीक है," बॉजेन ने कहा। “तो हम एक बार और उससे पूछताछ करेंगे।"

"हाइ!" बैंग ने कहा। "ओह, माफ करें। मुझे पता नहीं था कि किसी से पूछताछ चल रही है। हाइ, पीएम!"

"हैलो," वॉल्नर ने कहा।

"क्या बकवास है?" क्रोप्के ने आह भरी ।

"तुम दोनों एक-दूसरे को जानते हो?" बॉजेन ने पूछा।

"निर्भर करता है," बैंग ने कहा। "पड़ोसी हैं, बस। ये यहां क्या कर रहे हैं?"

वॉल्नर फर्श को घूरने लगा।

"बैंग," बॉजेन ने अपनी आवाज पर काबू रखने की कोशिश करते हुए कहा। "हमसे ये मत कहना कि तुम हाल ही के दिनों में अपने काम के बारे में इस, अरर, जनाब से चर्चा करते रहे हो?"

कॉन्स्टेबल बैंग ने अटपटे ढंग से पहलू बदला और चिंतित सा दिखाई देने लगा।

"आपका मतलब फरसामार के बारे में?"

"हां, मेरा मतलब फरसामार से है," बॉजेन ने कहा ।

"शायद मैंने की हो सकती है," बैंग ने कहा। "क्या ये अहम है?"

"साला घोंचू," क्रोप्के ने कहा।

"आह," बॉजेन ने कहा। "इसने हमारे दिन का अहम हिस्सा खा लिया। आपके फैसले पर भरोसा न करने के लिए मैं शर्मिदा हूं।"

"बेहतर यही है कि किसी के फैसले पर भरोसा न करें," वान वीटरेन ने कहा ।

"एक दिन यहां-वहां होने से बहुत फर्क नहीं पड़ता है," क्रोप्के ने कहा। "वैसे भी हम यही कर रहे हैं-समय की बर्बादी ।"

"तुम कुछ और रचनात्मक सुझा सकते हो?" बॉजेन ने पूछा।

क्रोप्के ने जवाब नहीं दिया।

"क्या बजा है?" मूजर ने पूछा।

"करीब चार," बॉजेन ने कहा। "शायद अब आज का काम खत्म करने का समय हो गया है। या किसी के पास कोई और विचार है?"

वान वीटरेन ने एक टूथपिक तोड़ी। मूजर अपनी गर्दन खुजाने लगा। मुंस्टर छत को घूरने लगा। ये तहकीकात भी कैसी सड़ी हुई है! उसने सोचा। अपनी बाकी की जिंदगी मैं यहीं फंसा रहने वाला हूं। मैं फिर कभी सिन और बच्चों को नहीं देख पाऊंगा। मुझे तो अभी के अभी इस्तीफा दे देना चाहिए। आज रात मैं वापस घर पहुंच जाऊंगा, और बस।

इंस्पेक्टर मोएर्क हाथ में कागजों का एक बंडल लिए कमरे में आई।

"क्या बात है? मातम हो रहा है क्या?" उसने पूछा। "ये आ गया ।"

"क्या आ गया?" क्रोप्के ने पूछा।

"आरलाक से रिपोर्ट। उसका क्या नाम है? मैल्निक? जबरदस्त काम किया है, देखने से ही पता चलता है-पैतीस पन्ने।"

"बस इतना ही है?" वान वीटरेन को हैरानी हुई।

"मुझे देखने दो जरा," बॉजेन ने दस्तावेज को पकड़ते हुए कहा। उसने उन्हें पलटकर देखा।

"मेरे ख़्याल से ये एक मौका है," वो बुदबुदाया। "शायद हम इसे होमवर्क की तरह मान सकते हैं। मैं इसकी कॉपी करता हूं, और फिर कल सुबह की मीटिंग से पहले हम सब इसे पढ़ सकेंगे।"

"अच्छा है," वान वीटरेन ने कहा।

"आपका मतलब हम इस इतवार को भी काम कर रहे हैं?" मूजर ने पूछा।

"हम कल सुबह इस पर बात करेंगे," बॉजेन ने तय किया।

"जो भी फरसामार को ढूंढ़ेगा उसे तमगा मिलेगा। आधे घंटे में सबको कॉपी मिल जाएगी।"

" इसमें मैं भी शामिल हूं?" मूजर ने पूछा।

"बिल्कुल," बॉजेन ने कहा। यहां हम सब एक ही क्लब में हैं।"

"वो कौन सा क्लब है?" मूजर ने पूछा।

"बिना सिर वाले चूजों का गठबंधन," बॉजेन ने कहा।

29

"शायद मुझे थोड़ा टहलने की जरूरत है," स्पोर्ट्स हॉल से निकलते

हुए वान वीटरेन ने कहा। "तुम मेरा बैग वापस होटल ले जा सकोगे?"

"जरूर, "मुंस्टर ने कहा। मैल्निक रिपोर्ट के बारे में आपका क्या ख़्याल है?"

"जब तक मैं इसे पढ़ नहीं लेता, कुछ नहीं," वान वीटरेन ने कहा। "अगर आज रात तुम बार में मुझे बीयर पिलवाओ, तो हम इस बारे में तब बात कर सकते हैं--ग्यारह बजे करीब रात का जाम, मंजूर है?"

"शायद," मुंस्टर ने कहा।

"गर्म हवा," वान वीटरेन ने हवा को सूंघते हुए कहा। हालांकि उत्तर की ओर से आ रही है। असामान्य है... कहीं कुदरत थोड़ा लीक से हट गई है। मेरे ख़्याल से मैं बीच पर थोड़ा टहलूंगा।"

"बाद में मिलते हैं," मुंस्टर ने कार में समाते हुए कहा।

प्रतीक्षाकक्ष में वो क्रुइकशैंक से टकरा गया, जो बगल में शाम के कुछ अखबार दबाए बार की ओर जा रहा था। दूसरे रिपोर्टर तो कुछ दिन पहले ही गायब हो चुके थे; केवल क्रुइकशैंक ही अभी तक टंगा हुआ था, किसी वजह से।

"गुड ईवनिंग। कोई नई-ताजी?"

मुंस्टर ने अपना सिर हिला दिया।

"तुम दिन ब दिन यहीं क्यों पड़े हुए हो?" उसने पूछा। "मुझेतो नहीं लगता कि हफ्ते भर से तुमने कुछ लिखा भी है।"

"ये मेरी ही दरख़्वास्त पर है; क्रुइकशैंक ने कहा। "घरेलू मोर्चे पर हालात जरा खराब चल रहे हैं।"

"वाकई?" मुंस्टर ने कहा।

"मेरी बीवी मुझे घर आने ही नहीं दे रही है। उसे भी दोष नहीं दे सकता, हालांकि दिन-रात इस कबाड़घर में पड़े रहना जरा भी मजेदार नहीं है। मैं कोशिश कर रहा हूं कि शरणार्थियों पर लेखों की एक श्रृंखला लिखूं, लेकिन वो भी खुद को हताशा से बचाने भर के लिए है।"

"ओह, यार," मुंस्टर ने कहा।

"तुम सुनाओ?” क्रुइकशैंक ने कहा। मेरे ख़्याल से तुम भी यहां बहुत मजे नहीं कर रहे हो?"
 
जवाब देने से पहले मुंस्टर ने पल भर सोचा।

नहीं। मैं कहूंगा कि मजा सही शब्द नहीं है।"

क्रुइकशैंक ने आह भरी और कधे उचका दिए।

"सोच रहा था कि कुछ देर बार में बैठूं। तुम आना चाहो तो तुम्हारा स्वागत है।"

"शुक्रिया," मुंस्टर ने कहा। पहले मुझे कुछ पढ़ना है, शायद बाद में आऊं ।"

क्रुइकशैंक ने उसकी पीठ पर धौल मारा और बार की तरफ बढ़ गया। ब्रांडी का साफ झोंका आया, मुंस्टर ने पास से निकलते हुए महसूस किया। निस्संदेह,जीवित रहने की अनिवार्यता। वो रिसेप्शन पर गया और अपनी चाबी ली।

"जरा रुकिए," लड़की ने काउंटर के पीछे झुकते हुए कहा।

"आपके लिए एक मैसेज भी है।"

उसने एक सफेद लिफाफा उसे थमा दिया जिसे उसने अपनी जेब में डाल लिया। जब वो अपने कमरे में पहुंचा तो एक पैन सेउसने उसे खोला और संदेश पढ़ाः

हाइ!

अभी आरलाक रिपोर्ट पढ़कर चुकी हूं। कोई बात अचानक मुझे खटकी है।

बहुत अजीबोगरीब है, लेकिन मुझे इसकी जांच करनी है।

जॉगिंग पूरी करके करीब आठ बजे मैं घर पहुंच जाऊंगी। तब मुझे फोन करना।

प्यार,

बी

उसने अपनी घड़ी देखी। सात-बीस। क्या रिपोर्ट में वाकई कुछ हो सकता है? अपनी बेडसाइड टेबल पर रखे कागजों के ढेर पर उंगली फिराते हुए वो सोचने लगा। ये तो मन्नत मांगने लायक वरदान होगा।

जो भी है, अच्छा होगा मैं इसे पढ़ लूं। लेकिन पहले सिन को फोन कर लूं।

वान वीटरेन एस्प्लेनेड पर आगे बढ़ता रहा और रेत पर कदम रखने से पहले उसने पश्चिमी घाट को पार किया। धुंधलका घिरने लगा। था, लेकिन शायद अभी कोई आधे घंटे की रोशनी बची थी, लगातार कमजोर पड़ती, ये सच था, लेकिन फिर भी इतनी थी कि उसे रास्ता दिखता रहेगा, उसने सोचा। गर्म हवा बीच पर और ज़्यादा महसूस हो रही थी, और उसने एक पल को अपने जूते उतारने और रेत पर नंगे पांव चलने का सोचा-दूर तलक गर्म रेत। लेकिन फिर उसने इस ख़्याल को छोड़ दिया। समुद्र बेपरवाह सा दिख रहा था, जैसा उन हफ्तों के दौरान था जो उसने कॉटेज में गुजारे थे; लहरें अस्थिर, मगर उदासीन, बेजान थीं...

हम, समुद्र और मैं एक-दूसरे से उकता चुके हैं, उसने सोचा, और उसे उस मानसिकता का अहसास हुआ जिसे वो अपने बचपन की गर्मियों से पहचानता था। जब वो घर वापस जाने की तरसता था, समुद्र से दूर शहर में जाने को तरसता था, जैसा कि उन दिनों वो कहा करता था। जब वो अनंत के सिकुड़ने के सपने देखता था ताकि उसे पूरा का पूरा देख सके। वो हर उस चीज के चारों ओर एक फ़्रेम खींचना चाहता था जो कालातीत और अनंत थी और तटीय क्षेत्र के साथ-साथ आसमान के नीचे लगातार बढ़ती ही जाती मालूम देती थी...

क्या ये वही अहसास था जो वो इस समय भी महसूस कर रहा था?

क्या मुख़्तसर सी बात ये थी कि समुद्र के पास हालात को संभालना ज़्यादा मुश्किल होता है? क्या इस अंतहीन स्लेटी आईने ने हर चीज को अबोध और उसे बस में करने को नामुमकिन बना दिया था? इस केस को इतनी बुरी तरह से निराशाजनक बना दिया था? राइनहार्ट दावा करता था कि खास इसी जगह पर--जहां धरती, समुद्र और आसमान एक होते हैं--सब चीजें अपना असली वजन और महत्व हासिल करती हैं।

अपना नाम और गुण।

कहना मुश्किल है। शायद इसका उलट ही था। जो भी हो, उसे अहसास था कि विचार और धारणाएं बहक गए और धुंधले पड़ गए थे। जब उसने ठीक सामने की हल्की सी घुमावदार तटीयरेखा पर नजर डाली, जो अंततः पश्चिमी घाट के पार एक स्याह होती धुंध में घुल रही थी, तो किसी खास चीज पर ध्यान केंद्रित करना और फोकस कर पाना कहीं ज़्यादा मुश्किल लगा। मानो सब कुछ निगला जा रहा था, अनंत और कालातीत अंधकार में लुप्त हो रहा था। हां, राइनहार्ट गलत था, इसमें कोई शक नहीं था। ये, ये मनहूससमुद्र एक बाधा है।

दूसरी ओर, ये आपकी संवेदनशीलता को बढ़ा देता है, ये तो मानना ही होगा। प्रक्रिया दोनों दिशाओं में खुली थी... प्रयोजनों या निष्कर्षों को रोकने के लिए कोई गतिरोध नहीं था। इनपुट और आउटपुट। उसके लिए ये अनुभूतियों और प्रभावों को इतनी देर तक रोके रखने का विषय था कि वो उन्हें दर्ज कर सके, कम से कम पल भर के लिए |

और केस का क्या? फरसामार? वो विचार कया थे जो गर्म हवाओं के साथ उड़ गए थे?

हवा वापस सामने आ गई थी। कुछ तो गलत था। कुछ समय से उसे ये अहसास हो रहा था और यहां खामोश, सख्त रेत पर ये और भी ज्यादा मुखर हो रहा था। जब उसने फिर सोचा, तो ध्यान आया कि बीट्रिस लिंस्क्स से बातचीत के दौरान कोई बात निकली थी। उसे ठीक से याद नहीं आ रहा था कि वो क्या थी, उस समय भी नहीं पता था--कोई जुमला जो उसने बोला था, ऐसे ही बेध्यानी में कुछ कहा था, शायद खुद शब्दों के बीच का बुनियादी रिश्ता। एक असामान्य संबंध। जो काफी था, और उसने कुछ भांप लिया था।

कुछ जो शतरंज की आखरी बिसात के दौरान बॉजेन ने भी कहा था--पुलिस चीफ ने एक प्यादा हटाया था और अपने लिए फायदा हासिल किया था, इस सच के बावजूद कि ये असल में वही चाल थी जिसे वान वीटरेन ने पहले ही जान लिया था और वो चाहता था कि चीफ उसे चले ।

उन्होंने अपना पाइप जलाया था और कुछ कहा था।

वो भी अस्पष्ट था। बहुत अस्पष्ट-अचानक आए किसी झोंके की तरह जो आने के साथ ही फौरन बिखरकर गायब हो गया था, मगर फिर भी उसकी याददाश्त में एक अंश रह गया था।

कैसी मुश्किल है! उसने सोचा, और चबाई हुई टूथपिक को थूक दिया। ये किस तरह की अस्पष्ट सोच थी? कैसी सूक्ष्मता! जब अल्जाइमर रोग पूरी तरह पैठ बना लेता है तब ऐसा ही लगता होगा।

लेकिन दूसरी ओर--अब वो चरम स्थितियों के बीच बिजली के से तेज पुल बना रहा था--बुढ़ापे के मतिभ्रम का सबसे महत्वपूर्ण चिह्न ये नहीं था कि आपने अपनी याददाश्त खो दी है। बल्कि इसका उलट है! याददाश्त के द्वार चौपट खुले थे और हर चीज को अंदर आने दे रहे थे। बिना काट-छांट के। हर चीज को ।

समुद्र की तरह। लहरों की तरह। और इसलिए ये चुनने का विषय था। सब कुछ या कुछ नहीं।

तो फिर ये कौन था? फरसामार कौन था? उसे इस मनहूस जगह पर और कितनी देर पड़े रहना पड़ेगा तब जाकर वो इस शातिर खिलाड़ी को हथकड़ियां पहना पाएगा? वो क्या शब्द थे जो बीट्रिस लिंस्क्स के मुंह से निकल गए थे? बॉजेन ने क्या कहा था?

और लॉरिड्स रेजिन? कहीं अपने घर में बैठा उस दिलासे को तौल रहा होगा जो पुलिस की ओर से उसकी बीवी ने उसे दिया होगा। क्या वो भरोसा करने लायक था? उसने क्या वादा किया था? छह से आठ दिन? वो कब की बात थी? क्या वो, वास्तव में, उस सीमा को पार कर भी चुका था?

बिला शक, वान वीटरेन ने गहरी सांस ली।

बीस गज आगे एस्प्लेनेड से बाहर निकली। उसके काले बाल उसकी जैकेट जैसे रंग के रिबन से बंधे हुए थे। वो पानी के किनारे-किनारे, सख़्त रेत पर जॉग करती रही, फिर पश्चिम की ओर मुड़ गई और कुछ ही सैकड में उनके बीच की दूरी दोगुनी हो गई। उसमें कुछ बहुत जाना-पहचाना सा था, और ये समझने में कि वो कौन है, उसे कुछ पल लग गए।इंस्पेक्टर मोएक, बेशक!

पहले दिन पुलिस स्टेशन में बॉजेन ने उसके बारे में क्या कहा था?

खूबसूरती और सहजबोध? ऐसा ही कुछ; किसी भी सूरत में, वो जो भी रहा हो, वो उससे तहेदिल से सहमत था।

उसने गहरी सांस ली और अपने हाथ जेबों में डाल लिए। सिगरेट के पैकेट को छुआ और कुछ देर अपने आपसे तर्क-वितर्क किया। अरे, ठीक है, उसने तय किया, और जब तक उसने सिगरेट जलाई बियाटे मोएर्क अंधकार में गुम हो चुकी थी।

निगल ली गई थी।

अंधकार, उसने सोचा, और एक गहरा कश लिया। वो इकलौती इतनी बड़ी चीज जो समुद्र को भी ढक सकती है।

बुरा विचार नहीं है। किसी दिन राइनहार्ट के सामने इसका जिक्र करने का उसे याद रखना होगा।

लेकिन शायद समुद्र ही ज़्यादा बड़ा है, लगभग तुरंत ही उसे अहसास हुआ। निस्संदेह किसी दूसरे किनारे पर अभी सुबह होगी। दूसरा किनारा तो हमेशा होता है।
 
30

उसने स्मोकहाउस के दूसरी ओर हमेशा वाली जगह पर कार पार्क की। कार को लॉक किया और अपने ट्रैकसूट की जिप थोड़ी सी खोली। दिन में उसे जितना लग रहा था, अभी उससे ज्यादा गर्मी थी; यकीनन उसे बहुत पसीना आ जाएगा।

उसने जॉगिंग शुरू कर दी और तुरंत ही वो गर्म उत्तेजना जो उसे अपने दिमाग में महसूस हो रही थी, उसके सारे शरीर में, उसकी टांगों और पांवों तक उतर गई। अपने लिए जो गति उसने तय की थी, वो दौड़ के इतने शुरू के लिए एकदम पागलपन थी। उसे इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा, मगर पता नहीं क्यों ये सम्मोहक सा था। अब उसे बस तेज दौड़ना था। तेज दौड़ना और खुद को इस सीमा नर्वसनेस और बेतहाशा तनाव खत्म हो जाए--जीत की ओर पहुंचने का ये ताकतवर, लगभग उन्माद भरा अहसास। हल लगभग उसकी मुट्टी में होने का अहसास।

सफलता आ पहुंची थी। खैर, ये कहना अतिशयोक्ति हो सकता था, शायद, लेकिन अगर वो अपने विचारों की श्रृंखला को पूरा कर सके, उसे जिसने मैलिनक रिपोर्ट से आकार पाया था और जो अब, पहली जांच के बाद, साबित हुई थी... क्या?

उसकी काट करने के लिए कुछ नहीं था, कम से कम--कुछ भी नहीं। हालांकि इसके जो निहितार्थ थे वो बिल्कुल ही एक अलग विषय था।

वो बीच पर उतर गई और पानी के किनारे-किनारे दौड़ती रही। यहां नीचे हवा बहुत गर्म थी और उसने चाहा कि उसने कुछ पतले कपड़े पहने होते।

तो इसकी काट करने को कुछ नहीं था। बल्कि उलटा ही था। इसका समर्थन करने को बहुत कुछ था--सब कुछ, शायद । अगर आज रात मुंस्टर के सामने, शांति से, होशो-हवास में वो अपने विचारों को व्यक्त कर सकी, तो निस्संदेह सब कुछ शीशे की तरह साफ हो जाएगा।

धुंधलका छा रहा था, और वो सोच रही थी कि क्या उसे आज भी पूरा रास्ता दौड़ना चाहिए। वापस लौटने तक शायद जंगल में बहुत अंधेरा हो जाएगा, लेकिन फिर, अब तक तो वो चप्पे-चप्पे को पहचान चुकी थी... हर जड़ और हर शाख को जान चुकी थी; अगर वो अपनी दौड़ को छोटा करती है तो ये कच्चा काम होगा और कच्चे काम बियाटे मोएर्क को पसंद नहीं थे।

और मुंस्टर भी आठ बजे से पहले फोन नहीं करेगा। तब तक बहुत समय था।

लैक्टिक एसिड जल्दी काम करने लगा था। कोई हैरानी नहीं, उसने सोचा, और आखिर अपनी गति थोड़ी कम कर दी। खुद को इतना थकाने की जरूरत नहीं थी कि उसे जंगल से लड़खड़ाते हुए जाना पड़े। उसके दिमाग के फलक पर अखबार की सुर्खी उभरीः

महिला पुलिस इंस्पेक्टर ने फरसामार को पकड़ा!

और शुरुआती पैराग्राफ कुछ ऐसा होगाः "बाहर से आए अपराध विशेषज्ञों की मौजूदगी के बावजूद, कालब्रिंजेन की अपनी बियाटे मोएर्क ने फरसा-हत्यारे के मामले को हल कर दिया है जो देशभर के अखबारों की सुखीं बना हुआ है। हमारा शहर उनका बहुत आभारी है किअब हमारे नागरिक एक बार फिर सड़कों पर अपनी मर्जी से घूम सकेंगे और रात को अपने विस्तरों पर शांति से सो सकेंगे।"

संतोष की लहरों को काबू करना मुमकिन नहीं था और उसने फिर से अपनी गति बढ़ा दी।

मगर, वो ज़्यादा देर अपने बारे में लिखी गई तारीफों का लुत्फ नहीं ले पाई और उसके दिमाग में एक और सुख काँध गई. एकदम अप्रत्याशित सी। इस बार ये एक किताब का शीर्षक था, एक किताब जो उसने कभी पढ़ी नहीं थी, लेकिन उसे याद था कि बहुत साल पहले अपने गृहनगर फ्रीसेन में लगी किताबों की एक सेल में उसने उसे हाथ में लिया था। वो अंग्रेजी की किताब थी।

द लोनलीनेस ऑफ द लांग-डिस्टेंस रनर ।

वो एक ओर को लहरा गई और लगभग रेत पर गिर ही पड़ी थी।

आखिर ऐसा क्यों हुआ कि उसके दिमाग में इस किताब का शीर्षक इस समय कौधा?

उसने इस ख्याल को दरकिनार किया और पीछे नजर डाली। बीच सुनसान था। उसके पीछे भी उतना ही सुनसान था जितना उसके आगे था। उसने समय देखा। सात-पच्चीस-कुछ मिनट और, और फिर वो बड़ी चट्टान के पास और सड़क के नीचे की सुरंग तक पहुंच जाएगी। फिर जंगल में थोड़ी चढ़ाई, और वापस घर.

बियाटे मोएर्क ने फरसा-हत्यारे की पहेली हल कर ली थी!

द लोनलीनेस ऑफ द लाग-डिस्टेंस रनर ।

जब वो आखरी पहाड़ी के शिखर पर पहुंचने वाली थी तो उसे बहुत थकान सी महसूस होने लगी। लैक्टिक एसिड उसकी जांघों में दर्द कर रहा था, और उसका दिल गले में धाड़-धाड़ खून पहुंचा रहा था. अब वो लगभग शिखर पर थी। विशुद्ध इच्छाशक्तिः अपनीके लिए खुद को मजबूर करो। फिर एक बार ऊपर पहुंचने के बाद ढलान है--एक मौका इसे आसानी से लेने का, अपने शरीर को स्वस्थ होने देने का, आखरी चक्कर के लिए तैयार होने का, हल्की सी ढलान से बीचवृक्षों के जंगल से होकर नीचे स्मोकहाउस और फिर पार्किंग...

आसान अंत, इंतजार करती कार और गर्म शॉवर के बारे में सोचने ने उसे शिखर पर पंहुचा दिया और नीचे ढलान पर उसे एक अच्छी शुरुआत दी; लेकिन अगर उसकी टांगें थोड़ा सा कम भी थकी होतीं, और अगर सितंबर की उस गर्म शाम को रोशनी थोड़ी ज़्यादा भी होती, तो भी ये बहुत ज़्यादा असंभाव्य ही था कि वो समय रहते लोहे के काले तार को देख पाती।

वो पहाड़ी की एकदम तली में--ठीक वहां जहां एक नीबू के पेड़ की पत्तियां घिरते आ रहे अंधेरे में एक परत और जोड़ रही थीं--घुटने की ऊंचाई के ठीक नीचे ट्रैक के आरपार जा रहा था। वो सिर के बल जमीन पर जा गिरी, और इससे पहले कि वो समझ भी पाती कि हुआ क्या था, वो उसके ऊपर आ गया था।
 
31

"मेरे ख़्याल से हमें प्रेस से कहना होगा कि कुछ समय के लिए हमें अकेला छोड़ दे," वान वीटरेन ने क्रुइकशैंक के कंधे पर हाथ रखते हुए कहा। "मगर मैं तुम्हारी कुर्सी ले सकता हूं।"

मुंस्टर ने नजर उठाकर देखा। वान वीटरेन की बगल में मैल्निक की रिपोर्ट दबी थी और वो दृढ़ दिख रहे थे। तड़की हुई शिराओं का जाल लाल से नीला हो गया था। उनकी आंखों के नीचे के फूले हिस्सों के काले किनारे स्पष्ट थे। सकारात्मक चिह्न, इसमें कोई शक नहीं था।

"धत साले की!" क्रुइकशैंक ने कहा। "यानी सात मुश्किल सालों के बाद कामयाबी हाथ लग गई है? क्या मैं सबसे पहले आपको बधाई दे सकता हूं। क्या नाम है उसका?"

"किसका?" मुंस्टर ने पूछा।

"फरसामर का, बेशक," क्रुइकशैंक ने कहा।

"कल सुबह तुम्हें आगे की सीट का इंटरव्यू मिल सकता है," वान वीटरेन ने उससे वादा किया। "बशर्ते अभी अच्छे बच्चे बनो और सोने चले जाओ।"

क्रुइकशैंक ने अपनी बची हुई व्हिस्की और पानी को गटका और खड़ा हो गया। साफतौर पर लहराते हुए और ऐसा दिखते हुए मानो उसे कुर्सी पर फिर से आकस्मिक लैंडिंग करनी पड़ सकती है, मगर किसी तरह वो संभाला। उसने अपना सिर हिलाया और गला साफ किया। "ठीक है," उसने कहा। "भलेमानसों का वादा ।

गुडनाइट, जैंटलमेन। तुम्हें मेरा कमरा नंबर तो पता ही है।"

उसने मुंस्टर को अपना साथ देने के लिए धन्यवाद दिया और लड़खड़ाते हुए बार से निकल गया।

"बेचारा," मुंस्टर ने कहा।

"क्यों?" वान वीटरेन ने पूछा। "मैं एक बड़ी बीयर लूंगा, प्लीज।"

"तो?" वान वीटरेन ने अपने मग के ऊपर भरे झागों को पीते हुए कहा। "खूबसूरती से पहले जवानी। तुम्हें क्या मिला?"

मुंस्टर ने कागजों का बंडल उठाया और पन्ने पलटे।

"तो," उसने कहा। "एक है ये पॉडवस्की--"

वान वीटरेन ने हामी भरी ।

"यूजीन पॉडवस्की, हां। उसका क्या?"

"मैं उसके बारे में कुछ नहीं जानता हूं," मुंस्टर ने कहा। "मगर, जो भी हो एक कड़ी तो है। मेरा मानना है कि बाकी लोग, बॉजेन और इंस्पेक्टर्स, बेहतर फैसला ले पाएंगे। अगर कालब्रिंजेन में वो मशहूर है, तो...

वान वीटरेन ने एक सिगरेट सुलगाई।

"मैंने अभी बॉजेन से बात की थी," उसने कहा। "वो कहते हैं। कि ये नामुमकिन तो नहीं है, कम से कम। सही टाइप का लगता है--एकाकी जो लिंडेन के रास्ते में वीराने में रहता है। तट से एक सीधी रेखा में करीब चार मील अंदर। वो कत्ल के आरोप में अंदर भी गया है, हालांकि वो साल भर पहले की बात है। हां, ये एक शुरुआत हो सकती है, वो हो सकता है।" "हिंसक है?" मुंस्टर ने पूछा।

"लंबी याददाश्त है, बॉजेन के मुताबिक। दिमागी तौर पर भी बहुत ठीक नहीं है, ऐसा लगता है। दूसरे लोगों से कुछ खास मेलजोल नहीं रखता है। 1975 में पहले ही रिटायरमेंट ले लिया था, शायद यही साल था। खैर, कल इस पर नजर डाल सकते हैं-उसे धरनेसे पहले अपनी थोड़ी तैयारी कर लेना बेहतर होगा। अगर वो हत्यारा नहीं निकला तो वो बहुत बखेड़ा खड़ा कर सकता है, बॉजेन का कहना है।"

मुंस्टर ने हामी भरी। वान वीटरेन ने एक बड़ा सा घूट भरा, और संतुष्टि से चटखारा लिया।

"धत साले की, मुंस्टर," वान वीटरेन ने कहा। "मुझे बस उसे नजर भर देखना है, और मैं बता दूंगा कि कत्ल उसने किए हैं या नहीं। अब समय आ गया है कि हम वापस घर जाएं, तुम्हें नहीं लगता?"

मुंस्टर अपनी कुर्सी पर कसमसाया।

"बात क्या है?" वान वीटरेन ने पूछा। "तुम क्या अंडा देने वाले हो?

"एक छोटी सी बात है, बस," मुंस्टर ने झिझकते हुए कहा। "बेशक ये महत्वपूर्ण नहीं है। मुझे इंस्पेक्टर मोएर्क का एक संदेश मिला था। उन्हें कुछ मिला था और उन्होंने मुझसे फोन करने को कहा था--"

"और?"

"उन्होंने उठाया नहीं। उन्हें आठ बजे के करीब तक घर पहुंच जाना चाहिए था। मैं कई बार फोन कर चुका हूं।"

वान वीटरेन ने अपनी घड़ी देखी।

"ग्यारह बजकर पांच मिनट," उसने कहा । "सोने जाने से पहले एक बार और कोशिश कर ली। शायद कोई आदमी साथ होगा, निस्संदेह ।"

हां, मुंस्टर ने सोचा। कोई आदमी ही होगा, बिल्कुल।
 
तृतीय

24-27 सितंबर

बॉजेन बिना दाढ़ी बनाए मगर चुस्त दिख रहा था। उसने अपनी मटमैले भूरे रंग की जैकेट अपनी कुर्सी की पीठ पर टांग दी और आस्तीनें कोहनियों के ऊपर तक चढ़ा लीं।

"यूजीन पॉडवसर्की," उसने एक पीली पेंसिल से क्रोप्के की ओर इशारा करते हुए कहा। "उसके बारे में हम क्या जानते हैं?"

"बहुत कुछ," क्रोप्के जोश में भरकर बोला। "शुरू से शुरू करें, या—-"

"हां", बॉजेन ने कहा। "मुझे नहीं लगता कि किसी ने इस तथ्य को चूका होगा कि वो दो मामलों में शामिल था, लेकिन आगे बढ़ने से पहले उसकी पूरी कुंडली खंगाल लेना शायद बेहतर होगा।"

"एक मिनट," वान वीटरेन ने कहा। "मेरे ख़्याल से हमें पहले इंस्पेक्टर मोएर्क पर बात करनी चाहिए।"

बॉजेन ने मेज पर निगाह डाली, मानो उसे अभी पता लगा हो कि सब लोग मौजूद नहीं थे।

"मोएर्क के साथ क्या मसला है? वो यहां क्यों नहीं है?"

"हम्म," वान वीटरेन ने कहा। "शायद मुंस्टर का बताना ठीक होगा।"

मुंस्टर ने एक गहरी सांस ली।

"ठीक है," उसने कहा, "कल रात मुझे होटल पर एक मैसेज मिला था... इंस्पेक्टर मोएर्क का। उन्होंने मुझसे उन्हें फोन करने को कहा था। मैल्निक रिपोर्ट के संदर्भ में उन्हें कुछ खटका हुआ था, नोट में लिखा था, लेकिन लगता है कल शाम से वो घर नहीं पहुंची हैं। मैं उनसे संपर्क नहीं कर पाया हूं।"

"क्या है साला?" बॉजेन ने कहा। "उसे कुछ खटका था... आपका मतलब पॉडवर्स्की?"

मुंस्टर ने अपनी बांहें फैला दीं।

"मुझे नहीं पता। अंदाजा लगा सकते हैं, लेकिन कुछ पक्का नहीं है। वो इसकी जांच करने वाली थीं, मैसेज में लिखा था।"

"जांच करने वाली थी?"

"हां।"

"क्या?"

"मुझे जरा भी आइडिया नहीं है," मुंस्टर ने कहा।

"वो नोट अभी भी आपके पास है?" बॉजेन ने कहा ।

मुंस्टर ने हामी भरी और अंदर की जेब से लिफाफा निकाला। कनखियों से उसने देखा कि वान वीटरेन बहुत बारीकी से उसे देख रहा था और वो जानता था कि वो लाल पड़ गया है। इस बारे में वो कुछ नहीं कर सकता था, बेशक, और स्वाभाविक ढंग से इन हालात में इसका कोई मतलब भी नहीं था। वो यकीनन दो घंटे से ज़्यादा नहीं सोया होगा और जब से उसकी आंख खुली थी, उसके दिमाग में कॉन्फ़्रेंस रूम की यही छवि तैर रही थी। या तो वो हमेशा की तरह बुककेस के सामने की अपनी जगह पर बैठी होगी... या नहीं बैठी होगी। या तो कोई आदमी रहा होगा, या वो. . किसी और किस्म का आदमी रहा होगा। वो ये मानने की हिम्मत नहीं कर पा रहा था, अपने आप से भी, कि ये जानकर उसे राहत का धुंधला सा अहसास हुआ था कि पहला विकल्प नहीं था। कोई आदमी! बेशक उस प्रतिक्रिया पर तुरंत ही दूसरे विकल्प के संभावित निहितार्थों ने पानी डाल दिया था, लेकिन वो यकीनन मौजूद थी, और उसने निस्संदेह उसे सोचने के लिए कुछ दे दिया था।

बॉजेन ने नोट पढ़ा। आगे बढ़ा दिया।

"मैं पहले ही इसे देख चुका हूं," जब वो वान वीटरेन के पास आया तो उसने कहा। मुंस्टर ने उसे वापस ले लिया।

“आठ बजे तक घर," बॉजेन ने कहा। "धत साला! तुम्हें ये तो नहीं लगता कि—?"

"इसमें क्या लिखा है?" क्रोप्के ने कहा। "'कुछ अजीबोगरीब'?"

"‘बहुत अजीबोगरीब है, लेकिन मुझे इसकी जांच करनी है," मुंस्टर ने कहा।

बॉजेन ने अपना पाइप उठाया और उसे अपने हाथ में लेकर बैठ गया। कमरे की खामोशी लगभग मूर्त हो गई थी। बैंग चुइंगम चबा रहा था। वान वीटरेन दो टूथपिकों को बहुत गौर से परख रहा था, बारीकी से उनकी तुलना करते हुए, फिर एक को उसने अपनी ऊपर की जेब में डाला और दूसरी को आगे के दांत में दबा लिया। क्रोप्के अपनी उंगलियों को बजा रहा था, और मुंस्टर खिड़की से बाहर देख रहा था।

हे भगवान! मुंस्टर सोचने लगा। ये सब अपने मन में उसे देख रहे हैं! उसने थूक गटका और अपने गले में कुछ ठंडी और गीली सी सरसराहट महसूस की। उसके डायफ़्राम में उमेठ सी हो रही थी ।

से टॉयलेट की ओर बढ़ गया।

"क्रोप्के," बॉजेन ने कहा, "अपने दफ़्तर में जाकर उसे फोन करो।"

क्रोप्के से जैसा कहा गया था, उसने वैसा ही किया। वान वीटरेन ने टूथपिक हटाई।

"कुछ नहीं होगा," उसने कहा। "हम होटल से दो बार कोशिश कर चुके हैं। मेरे ख़्याल से आपने संबोधन का ढंग तो देखा ही होगा?"

बॉजेन ने हामी भरी और खिड़की की ओर चला गया। पीछे के अहाते को देखकर और गहरी सांसें लेते हुए वो अपनी बढ़ी हुई दाढ़ी को खुजाता सोचता रहा। मुंस्टर और क्रोप्के लौट आए थे। क्रोप्के ने अपना सिर हिला दिया।

"कोई जवाब नहीं," उसने कहा। "सबका क्या ख़्याल है?"

"पॉडवर्स्की?" बॉजेन ने कमरे की ओर चेहरा करते हुए कहा।

"तुम्हें वाकई लगता है कि उसके दिमाग में पॉडवर्स्की के घर जा धमकने की बात आई होगी?

क्रोप्के ने गला साफ किया।

"नहीं," उसने कहा। "ये कतई उसका अंदाज नहीं है, वास्तव में--"

"घोर पागलपन है," मूजर ने कहा। "कोई भी सही दिमाग वाला अपनी मर्जी से वहां नहीं जाएगा। इसके अलावा अगर आपको ये शक हो कि वो फरसामार है, तो मैं नहीं समझ सकता कि क्यों--"

लेकिन अब तक मुंस्टर के सब्र का पैमाना भर चुका था।
 
"बस करें!" मेज पर हाथ मारकर वो चिल्ला पड़ा। "उफ, अब समय है कि यहां बैठे जुगाली करते रहने की जगह हम कुछ करें हमें करना बस इतना है कि कार में बैठे और इस हरामजादे के यहां पहुंच जाएं! हम इंतजार क्या कर रहे हैं?"

बॉजेन ने त्यौरियां चढ़ाकर उसे देखा।

"मेरा वाकई मानना है--" उसने कहना शुरू किया।

"शाबाश, मुंस्टर!" वान वीटरेन ने बात काटी। "मैं तुमसे सहमत होने को तैयार हूं। कुछ कार्रवाई करना तो बनता है।"

मुंस्टर अपनी कुर्सी पर ढह गया और उसने गहरी सांस भरी।

"मुझे अफसोस है," उसने कहा।

"कोई बात नहीं," बॉजेन ने कहा। "ये वाकई बुरा है। अगर हमें--"

"एक मिनट बस," वान वीटरेन ने मेज पर झुकते हुए कहा। "हम कोई एक्शन लें इससे पहले मेरे ख़्याल से हमें कुछेक बातें साफ करनी हैं। पहली बात, मुझे नहीं लगता कि ये खासतौर से हुआ होगा कि इंस्पेक्टर मोएर्क, वास्तव में, ड्राइव करके पॉडवर्स्की के घर गई होंगी। वास्तव में, मैं तो यहां तक कहूंगा कि इसका सवाल ही नहीं उठता ।"

"क्यों? क्रोप्के ने पूछा।

"समय," वान वीटरेन ने कहा। "उनके पास इतना समय ही नहीं था। वो यहां से तभी चली गई थीं जब हम सब गए थे, है न? लगभग साढ़े चार, या इसी के आसपास?"

क्रोप्के और मूजर ने हामी भरी।

"उनके ब्रीफकेस में मैल्निक रिपोर्ट थी, ठीक वैसे ही जैसे हम सब गए थे। रिसेप्शनिस्ट के मुताबिक छह बजकर बीस मिनट पर उन्होंने सी वार्फ पर वो मैसेज सौंपा था। उसमें लिखा था कि उन्हें कुछ जांच करनी है। ध्यान दें कि उन्होंने अभी तक जांच की नहीं थी-साढ़े चार और छह बजकर बीस मिनट के बीच रिपोर्ट पढ़ने और अपना ट्रैकसूट पहनने के अलावा उनके पास और कुछ करने का समय ही नहीं रहा होगा।"

"सच है," बॉजेन ने कहा।

"वो जो भी था जिसकी वो जांच करना चाहती थीं, वो उन्होंने होटल से जाने के बाद की होगी--साढ़े छह और सवा सात के बीच, मोटे तौर पर। दूसरे लफ़्जों में पैंतालीस मिनट ।"

"सवा सात बजे? आपको ये कैसे मालूम?” क्रोप्के ने कहा।

"क्योंकि मैंने उन्हें देखा था," वान वीटरेन ने कहा।

"उसे देखा था?" बॉजेन गरजा । "कहां?"

वान वीटरेन ने टूथपिक काटी।

"मैंने उन्हें बीच पर देखा था... सवा सात बजे ।"

"वो वहां क्या कर रही थी?" मूजर हैरान था।

"दौड़ रही थीं?" वान वीटरेन ने कहा। "पश्चिम की ओर।"

फिर खामोशी छा गई।

"उन्हें आठ बजे तक घर आ जाना था, मुंस्टर ने कहा।

"वो अकेली थी?" क्रोप्के ने पूछा।

वान वीटरेन ने कंधे उचकाए और मुंस्टर को देखा।

"हां," उसने कहा। "बिल्कुल अकेली थी--मेरे ख़्याल से ये अच्छा रहेगा कि मुंस्टर और मैं जाकर एक नजर देखें। शायद मूजर को हम अपने साथ ले जा सकते हैं?"

बॉजेन ने हामी भरी ।

"दो घंटे में वापस मिलें?" उसने राय दी। "मेरे ख़्याल से क्रोप्के और मैं इस बीच पॉडवर्स्की के घर का चक्कर लगा आते हैं--और कुछ नहीं तो यही देख लेंगे कि जगह कैसी है।"

"यही है?" वान वीटरेन ने पूछा।

मूजर ने सिर हिलाया।

“पक्का?"

"बिल्कुल पक्का," मूजर ने कहा। ये उसी की है। माज़्दा 323--मैंने तो इसकी फैन बेल्ट में उसकी मदद भी की है।"

"ये उन्हीं की है," मुंस्टर बड़बड़ाया।

"हम्म," वान वीटरेन ने कहा। "मैंने भी वहीं-कहीं ही उन्हें देखा था, यहां से कोई दो-तीन सौ गज पर, मेरा अंदाजा है।"

उसने बीच की ओर इशारा किया। अब ये रेत का वो सुनसान इलाका नहीं रहा था जैसा पिछली शाम को था। शनिवार था, और आदमी, औरतों और बच्चों के झुंड के झुंड नीचे मटरगश्ती कर रहे थे। लंबे बालों वाले नौजवानों का एक ग्रुप फुटबॉल खेल रहा थ, कुते धींगामस्ती कर रहे थे, और एकदम साफ नीले आसमान में मक्खन की थरथराती पीली डेलियों सी ढेरों पतंगें हवा में अठरखेलियां कर रही थीं। पिछले कुछ दिनों से जारी बादल, धुंध, बारिशें मानो रात में गुल हो गई थीं; सीगल एक बार फिर आसमान में ऊंचे उड़ रही थीं और हवा एकदम शुद्ध थी। खारी और स्फूर्तिदायक।
 
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