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अंजू की चूत की सुगन्ध
सलोनी रानी से सम्बंध बने हुए हैं और जब भी अवसर मिलता है हम मिलकर खूब चुदाई
कर लेते हैं।
सलोनी रानी की ही तरह एक और पाठिका की मेल आई जो उसने नीलम रानी की चुदाई की
कहानी पढ़ कर लिखी थी। उसने लिखा- चूतनिवास जी, मैं भी नीलम रानी जैसे जॉब के बदले
में चुदवाना चाहती हूँ। उसका नाम अंजू शर्मा है मैंने पूछा कि तुम सिर्फ जॉब लेने के लिये
चूत मरवाना चाहती हो या तुम्हें वैसे भी चुदास बहुत तेज़ उठा करती है।
उसने कहा- नहीं चूतनिवास जी, मेरा बहुत दिल करता है कि मैं रोज़ रोज़ चुदूं… अगर चुदाई
के साथ साथ जॉब भी मिल जाये तो एक पंथ दो काज…
मैंने पूछा- अंजू रानी, तुम पहले कभी चुदाई है?
बोली- हाँ, मैंने कई बार अपने बॉय फ्रेंड को चोदा है लेकिन अब उसकी शादी हो गई है किसी
और लड़की से, तो मैं पिछले तीन महीनों से सूखी पड़ी हूँ, उसने शादी के बाद दुबारा मिलने
की कोशिश की थी लेकिन मैंने उस धोखेबाज़ को गालियाँ देकर भगा दिया।
मैंने पूछा- क्या तुम सेक्रेटरी का काम कर सकोगी?
उसने जवाब दिया- हाँ, वैसे कभी किया तो नहीं है लेकिन मेरा वर्ड और एक्स्सेल में अच्छा
हाथ सेट है तो कर लूँगी।
मैंने फिर पूछा- रानी, तुमको मुझसे भी चोदना होगा और मेरे उस फ्रेंड से भी जो तुम्हें जॉब
देगा।
उसने कहा- मैं तो इतनी प्यासी हूँ कि जितना भी चोदी जाऊँगी उतना ही आनन्द आयेगा
मुझे… आप दोनों खुशी से मेरी चूत मारिये!
उसकी इतनी रंगीली और लंड, चूत जैसे शब्दों से भरी हुई भाषा सुन कर मैं दंग रह गया।
आमतौर पर लड़की ऐसे शब्दों का प्रयोग नहीं करती हैं, और यदि करती भी हैं तो चुदाई के
वक्त ना कि आम बोलचाल में…
अंजू रानी तो सलोनी रानी से भी एक कदम आगे थी।
उसके मुख से ये शब्द सुन कर बेहद मज़ा भी आया, खासकर जब कि उसकी आवाज़ ही
बहुत मीठी थी, बिल्कुल यूं लगता था कि कोई दूर कहीं बांसुरी बजा रहा है। पलक झपकते ही
ये चूतनिवास मस्ता गया।
मैंने अपने कुछ सहयोगियों से मालूम किया तो तीन लोगों को सेक्रेटरी की ज़रूरत थी और
जब पता चला कि यह सेक्रेटरी काम के साथ साथ चूत भी देगी तो सभी फौरन मान गये
और एक ने तो सबसे आगे बढ़ते हुए बिना किसी इंटरव्यू के उसे जॉब का ऑफर भेज दिया,
तनख्वाह भी बढ़िया लगा दी, Rs 18000 प्रति माह…
जॉब मिल जाने के बाद अंजू रानी ने फोन किया- चूत निवास जी, बताईये कहाँ और कैसे
मिलेंगे? आपने मेरी जॉब लगवाई है उसका आपसे चुद कर धन्यवाद देना है आपको…
मैंने अंजू रानी को गुड़गाँव अपने घर का पता देकर वहीं पर ही आने को कहा।
मेरी पत्नी जूसी रानी चार पांच दिन के लिये अपनी बहन के घर फ़रीदाबाद गई हुई थी।
अपनी बीवी के बिस्तर पर दूसरी लड़की को भोगने में मज़ा ही कुछ अलग होता है।
अंजू रानी अगले दिन सुबह 11 बजे मेरे घर पर पहुँच गई।
उसे मैंने ड्रॉइंग रूम में बिठा दिया। वो सिकुची सी सोफे के सिरे पर बैठ गई।
अंजू एक फैशनेबल लड़की है, सांवला रंग, बड़ी बड़ी सुन्दर सी आँखें, झक सफेद दांत और
कंधों पर लहराते हुए गहरे काले बाल। मस्त फिगर जिसमें बड़ी बड़ी चूचियाँ ऐसी कि बंदा
टकाटक घूरे ही जाये। उसकी चूचियाँ कम से कम 36C साइज़ की होंगी। गोल गोल मदमस्त
उसकी टॉप को फाड़ के बाहर कूदने को तैयार !
अंजु रानी ने एक हलके नीले रंग का स्लीवलेस टॉप और उसके नीचे एक बड़े घेरेदार प्रिंट
वाली स्कर्ट पहन रखी थी जो उसके घुटनों के नीचे तक पहुंच रही थी। पैरों में ऊंचे हील की
खूबसूरत सैंडल थी। सैंडल और स्कर्ट के बीच में अंजु रानी की सुडौल, चिकनी टांगें और
सुन्दर से पैर दीख रहे थे। उसके एक हाथ में एक बढ़िया बैग और दूसरे हाथ में एक फोल्डर
था।
अंजु रानी का चेहरा बहुत सुन्दर तो नहीं था लेकिन दिलकश ज़रूर है। उसे देख कर अच्छा
लगता था और नज़र हटाने को बिल्कुल भी दिल नहीं करता।
कद था कोई 5 फुट 5 इंच…
ज़्यादा खूबसूरत ना होते हुए भी अंजू रानी बहुत आकर्षक और सेक्सी लगती है।
मैंने कहा- रानी ज़रा चल के तो दिखाओ? बोली- क्या देखना चाहते हो? मैं लंगड़ी तो नहीं हूँ?
मैं बोला- नहीं अंजू रानी, मैं तो तुम्हारे गोल गोल नितम्ब चलते हुए कैसे झूमते हैं, ये देखना
चाहता था।
अंजु रानी खिलखिला कर हंसी… क्या मनलुभावनी हंसी है इस सेक्स बम की !!!
उठ के अंजु रानी हँसते हँसते एक मॉडल की तरह कमर लहरा लहरा के चल के दिखाने लगी।
मैं भी हंसा लेकिन साथ साथ उसके मदमस्त चूतड़ों के उछल कूद से मैं मोहित भी हो गया।
चूतनिवास… साले चोदू, कितना मज़ा आयगा जब ये मस्त नितम्ब चाटने को, हाथ फेरने और
चूमने को मिलेंगे !!!
दस कदम चल कर अंजु रानी ने मुझे मंत्रमुग्ध कर डाला। वो वापिस आकर सोफे पर बैठ
गई. इस बार वो सिकुची सिकुची नहीं बल्कि ठीक से आराम से बैठी, मुस्कराते हुए बोली-
चूत निवास जी आपसे मिलने के लिये मैंने काफी तैयारी की है।
मैं बोला- रुक ज़रा… सबसे पहले तो मुझे चूत निवास जी कहना बंद कर.. मेरे दोस्त मुझे
राजे कहते हैं और तू कह के संबोधित करते हैं। तू भी राजे कह और तू से बात कर!
अंजु रानी ने इतरा के मेरे कान में शहद घोला- मैं ना कहूँगी राजे… मैं तो राजा कहूँगी…हाँ तू
कह सकती हूँ।
मैंने पूछा- अंजू रानी, तो बता क्या तैयारी की है?
अंजू रानी बोली- राजा…मैंने तेरी सब कहानियाँ पढ़ी हैं… उन्हें पढ़ के मैंने यह अन्दाज़ लगाने
की कोशिश करी कि तू किन किन हरकतों से खुश होकर चुदासा होता है… लड़की क्या क्या
करे जिससे तेरी ठरक अंधाधुंध बढ़े… इस पर मैंने बड़े ध्यान से रिसर्च की और उसी हिसाब
से तैयारी की।
सलोनी रानी से सम्बंध बने हुए हैं और जब भी अवसर मिलता है हम मिलकर खूब चुदाई
कर लेते हैं।
सलोनी रानी की ही तरह एक और पाठिका की मेल आई जो उसने नीलम रानी की चुदाई की
कहानी पढ़ कर लिखी थी। उसने लिखा- चूतनिवास जी, मैं भी नीलम रानी जैसे जॉब के बदले
में चुदवाना चाहती हूँ। उसका नाम अंजू शर्मा है मैंने पूछा कि तुम सिर्फ जॉब लेने के लिये
चूत मरवाना चाहती हो या तुम्हें वैसे भी चुदास बहुत तेज़ उठा करती है।
उसने कहा- नहीं चूतनिवास जी, मेरा बहुत दिल करता है कि मैं रोज़ रोज़ चुदूं… अगर चुदाई
के साथ साथ जॉब भी मिल जाये तो एक पंथ दो काज…
मैंने पूछा- अंजू रानी, तुम पहले कभी चुदाई है?
बोली- हाँ, मैंने कई बार अपने बॉय फ्रेंड को चोदा है लेकिन अब उसकी शादी हो गई है किसी
और लड़की से, तो मैं पिछले तीन महीनों से सूखी पड़ी हूँ, उसने शादी के बाद दुबारा मिलने
की कोशिश की थी लेकिन मैंने उस धोखेबाज़ को गालियाँ देकर भगा दिया।
मैंने पूछा- क्या तुम सेक्रेटरी का काम कर सकोगी?
उसने जवाब दिया- हाँ, वैसे कभी किया तो नहीं है लेकिन मेरा वर्ड और एक्स्सेल में अच्छा
हाथ सेट है तो कर लूँगी।
मैंने फिर पूछा- रानी, तुमको मुझसे भी चोदना होगा और मेरे उस फ्रेंड से भी जो तुम्हें जॉब
देगा।
उसने कहा- मैं तो इतनी प्यासी हूँ कि जितना भी चोदी जाऊँगी उतना ही आनन्द आयेगा
मुझे… आप दोनों खुशी से मेरी चूत मारिये!
उसकी इतनी रंगीली और लंड, चूत जैसे शब्दों से भरी हुई भाषा सुन कर मैं दंग रह गया।
आमतौर पर लड़की ऐसे शब्दों का प्रयोग नहीं करती हैं, और यदि करती भी हैं तो चुदाई के
वक्त ना कि आम बोलचाल में…
अंजू रानी तो सलोनी रानी से भी एक कदम आगे थी।
उसके मुख से ये शब्द सुन कर बेहद मज़ा भी आया, खासकर जब कि उसकी आवाज़ ही
बहुत मीठी थी, बिल्कुल यूं लगता था कि कोई दूर कहीं बांसुरी बजा रहा है। पलक झपकते ही
ये चूतनिवास मस्ता गया।
मैंने अपने कुछ सहयोगियों से मालूम किया तो तीन लोगों को सेक्रेटरी की ज़रूरत थी और
जब पता चला कि यह सेक्रेटरी काम के साथ साथ चूत भी देगी तो सभी फौरन मान गये
और एक ने तो सबसे आगे बढ़ते हुए बिना किसी इंटरव्यू के उसे जॉब का ऑफर भेज दिया,
तनख्वाह भी बढ़िया लगा दी, Rs 18000 प्रति माह…
जॉब मिल जाने के बाद अंजू रानी ने फोन किया- चूत निवास जी, बताईये कहाँ और कैसे
मिलेंगे? आपने मेरी जॉब लगवाई है उसका आपसे चुद कर धन्यवाद देना है आपको…
मैंने अंजू रानी को गुड़गाँव अपने घर का पता देकर वहीं पर ही आने को कहा।
मेरी पत्नी जूसी रानी चार पांच दिन के लिये अपनी बहन के घर फ़रीदाबाद गई हुई थी।
अपनी बीवी के बिस्तर पर दूसरी लड़की को भोगने में मज़ा ही कुछ अलग होता है।
अंजू रानी अगले दिन सुबह 11 बजे मेरे घर पर पहुँच गई।
उसे मैंने ड्रॉइंग रूम में बिठा दिया। वो सिकुची सी सोफे के सिरे पर बैठ गई।
अंजू एक फैशनेबल लड़की है, सांवला रंग, बड़ी बड़ी सुन्दर सी आँखें, झक सफेद दांत और
कंधों पर लहराते हुए गहरे काले बाल। मस्त फिगर जिसमें बड़ी बड़ी चूचियाँ ऐसी कि बंदा
टकाटक घूरे ही जाये। उसकी चूचियाँ कम से कम 36C साइज़ की होंगी। गोल गोल मदमस्त
उसकी टॉप को फाड़ के बाहर कूदने को तैयार !
अंजु रानी ने एक हलके नीले रंग का स्लीवलेस टॉप और उसके नीचे एक बड़े घेरेदार प्रिंट
वाली स्कर्ट पहन रखी थी जो उसके घुटनों के नीचे तक पहुंच रही थी। पैरों में ऊंचे हील की
खूबसूरत सैंडल थी। सैंडल और स्कर्ट के बीच में अंजु रानी की सुडौल, चिकनी टांगें और
सुन्दर से पैर दीख रहे थे। उसके एक हाथ में एक बढ़िया बैग और दूसरे हाथ में एक फोल्डर
था।
अंजु रानी का चेहरा बहुत सुन्दर तो नहीं था लेकिन दिलकश ज़रूर है। उसे देख कर अच्छा
लगता था और नज़र हटाने को बिल्कुल भी दिल नहीं करता।
कद था कोई 5 फुट 5 इंच…
ज़्यादा खूबसूरत ना होते हुए भी अंजू रानी बहुत आकर्षक और सेक्सी लगती है।
मैंने कहा- रानी ज़रा चल के तो दिखाओ? बोली- क्या देखना चाहते हो? मैं लंगड़ी तो नहीं हूँ?
मैं बोला- नहीं अंजू रानी, मैं तो तुम्हारे गोल गोल नितम्ब चलते हुए कैसे झूमते हैं, ये देखना
चाहता था।
अंजु रानी खिलखिला कर हंसी… क्या मनलुभावनी हंसी है इस सेक्स बम की !!!
उठ के अंजु रानी हँसते हँसते एक मॉडल की तरह कमर लहरा लहरा के चल के दिखाने लगी।
मैं भी हंसा लेकिन साथ साथ उसके मदमस्त चूतड़ों के उछल कूद से मैं मोहित भी हो गया।
चूतनिवास… साले चोदू, कितना मज़ा आयगा जब ये मस्त नितम्ब चाटने को, हाथ फेरने और
चूमने को मिलेंगे !!!
दस कदम चल कर अंजु रानी ने मुझे मंत्रमुग्ध कर डाला। वो वापिस आकर सोफे पर बैठ
गई. इस बार वो सिकुची सिकुची नहीं बल्कि ठीक से आराम से बैठी, मुस्कराते हुए बोली-
चूत निवास जी आपसे मिलने के लिये मैंने काफी तैयारी की है।
मैं बोला- रुक ज़रा… सबसे पहले तो मुझे चूत निवास जी कहना बंद कर.. मेरे दोस्त मुझे
राजे कहते हैं और तू कह के संबोधित करते हैं। तू भी राजे कह और तू से बात कर!
अंजु रानी ने इतरा के मेरे कान में शहद घोला- मैं ना कहूँगी राजे… मैं तो राजा कहूँगी…हाँ तू
कह सकती हूँ।
मैंने पूछा- अंजू रानी, तो बता क्या तैयारी की है?
अंजू रानी बोली- राजा…मैंने तेरी सब कहानियाँ पढ़ी हैं… उन्हें पढ़ के मैंने यह अन्दाज़ लगाने
की कोशिश करी कि तू किन किन हरकतों से खुश होकर चुदासा होता है… लड़की क्या क्या
करे जिससे तेरी ठरक अंधाधुंध बढ़े… इस पर मैंने बड़े ध्यान से रिसर्च की और उसी हिसाब
से तैयारी की।