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गंजी लड़की की चीखें, सुनकर डॉली और दूसरी लड़कियां भी जाग उठी।
डॉली ने झट बत्ती जलाई और जैसे ही उसकी निगाहें गंनी लड़की पर पड़ी, वह दोनों कानों पर हाथ रखकर बुरी तरह चिल्लाई
.
.
'भूत...भूत...!
जो भी लड़की गंजी लड़की को देखती, वही चिल्ला पड़ती।
गंजी लड़की ने डॉली को झकझोरकर हांफतें हुए कहा 'अरे...वह भूत नहीं...चोर था चोर..!'
-
डॉली और दूसरी लड़कियों को अचानक होश आया क्योंकि उन्होंने ही मिलकर उस लड़की को । गंजा किया था डॉली ने तेज-तेज सांसों के बीच कहा 'कहां था चोर ? किधर से आया था?'
'छत पर से आया था । मुझे देखकर चीख मारकर भाग गया।'
'भाग गया...तूने उसे रोका नहीं?'
.
गंजी ने रोआंसी आवाज में कहा 'तुम लोगों ने मुझे इस योग्य छोड़ा है कि कोई हैंडसम भूत, मेरा मतलव मेरा हैंडसम फेवर...उफ्फोह...हैंडसम लड़का मुझे दिखकर टिक सके?'
डॉली ने दुखी स्वर में कहा 'मुझे क्या मालूम था कि वह आज ही आ जाएगा, वरना मैं तुझे कल सुबह गंजा करती ।'
'कहे कू...?'
.
.
'अरे वह चोर ही तो आंटी का बेटा है।'
'ऊई, मां! मैं तो भूल ही गई थी।'
दूसरी लड़की ने कहा
'लो बोलो...हाथ आते-आते निकल गया ।'
'अब तो -वह रुपये लेने भी लौटकर नहीं आएगा । कैसी रही?'
डॉली ने उसे चपत मारकर कहा 'ऐसी रही । अबे गधी, अगर इस समय वह रुक जाता तो फिर हमें सारे शहर में उसे ढुंढ़ने की
जरूरत न पेश आती।'
गंजी ने कहा 'तुम्हारा मतलब है, वह अब लौटकर नहीं आएगा।'
-
'डरकर भागा है । अब क्या आएगा ?'
गंजी ने चापलूसी से कहा 'तो फिर वह रुपयों का बैग मुझे दे दो ना । जरा सोचो तो मैंने कितनी बड़ी भेंट दी है उनके लिए | गंजी भी हो गई ।'
डॉली ने झट बत्ती जलाई और जैसे ही उसकी निगाहें गंनी लड़की पर पड़ी, वह दोनों कानों पर हाथ रखकर बुरी तरह चिल्लाई
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'भूत...भूत...!
जो भी लड़की गंजी लड़की को देखती, वही चिल्ला पड़ती।
गंजी लड़की ने डॉली को झकझोरकर हांफतें हुए कहा 'अरे...वह भूत नहीं...चोर था चोर..!'
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डॉली और दूसरी लड़कियों को अचानक होश आया क्योंकि उन्होंने ही मिलकर उस लड़की को । गंजा किया था डॉली ने तेज-तेज सांसों के बीच कहा 'कहां था चोर ? किधर से आया था?'
'छत पर से आया था । मुझे देखकर चीख मारकर भाग गया।'
'भाग गया...तूने उसे रोका नहीं?'
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गंजी ने रोआंसी आवाज में कहा 'तुम लोगों ने मुझे इस योग्य छोड़ा है कि कोई हैंडसम भूत, मेरा मतलव मेरा हैंडसम फेवर...उफ्फोह...हैंडसम लड़का मुझे दिखकर टिक सके?'
डॉली ने दुखी स्वर में कहा 'मुझे क्या मालूम था कि वह आज ही आ जाएगा, वरना मैं तुझे कल सुबह गंजा करती ।'
'कहे कू...?'
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'अरे वह चोर ही तो आंटी का बेटा है।'
'ऊई, मां! मैं तो भूल ही गई थी।'
दूसरी लड़की ने कहा
'लो बोलो...हाथ आते-आते निकल गया ।'
'अब तो -वह रुपये लेने भी लौटकर नहीं आएगा । कैसी रही?'
डॉली ने उसे चपत मारकर कहा 'ऐसी रही । अबे गधी, अगर इस समय वह रुक जाता तो फिर हमें सारे शहर में उसे ढुंढ़ने की
जरूरत न पेश आती।'
गंजी ने कहा 'तुम्हारा मतलब है, वह अब लौटकर नहीं आएगा।'
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'डरकर भागा है । अब क्या आएगा ?'
गंजी ने चापलूसी से कहा 'तो फिर वह रुपयों का बैग मुझे दे दो ना । जरा सोचो तो मैंने कितनी बड़ी भेंट दी है उनके लिए | गंजी भी हो गई ।'