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आंटी और माँ के साथ मस्ती complete

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चाची:अब बहुत देर हो गयी है,तू जब तक तेरी माँ को सेक्स के लिए नही बोल सकता जब तक मेरा बेटा तेरी माँ के साथ सेक्स नही कर लेता,ऑर मेरा बेटा तो है ही गान्ड का दीवाना,जब से तेरी माँ की गान्ड देखी है,तब से पागल है गान्ड मारने को,तेरी माँ की गान्ड है ही ऐसी,इतनी बड़ी गान्ड मे बड़ा लंड डालकर दमदार चुदाई ना करो ये डूब मरने वाली बात है

मे:चाची ,कुछ करो मुझे भी गान्ड खोलनी है

चाची:अभी तेरी उमर ही क्या है,एक दो बार सेक्स किया है मेरे से ऑर तेरा लंड अभी सही नही हुआ,अभी सेक्स करेगा तो घाव पड़ सकता है,

मे:मे तो आपकी गान्ड मारने आया था

चाची:प्यार से,चल तेरा लंड मे शांत करती हूँ,ऑर चाची नीचे बैठ गयी ,मेरा लंड पाजामे से बाहर निकाला ,ऑर मूह मे ले लिया

मे:आह चाची,(मे सब कुछ भूल गया)मज़ा आ गया ,

अब मे आगे पीछे करने काग़ा तो चाची ने लंड बाहर निकाल के बोला अभी घाव भरा नही है ,10-15 दिन बाद तेरी मर्ज़ी हो तब सब कर लेना

ऑर फिर चाची फिर से लंड चूसने लगी ,ऑर मे उनके अनुभव के सामने नही टिक पाया ऑर मेरे लंड ने पानी छोड़ दिया,जिसे चाची पी गयी,

चाची:मज़ा आया

मे:हाँ चाची, ऑर फिर मे वापस घर आके सो गया

मुझे बहुत मज़ा आया कारेब 20 दिन बिना मूठ मारे कैसे रहा ये मे ही जानता हूँ,हालाँकि इसी बीच बहुत सारी ग़लतियाँ हुई,(जो मे यहाँ बता नही सकता ,अल्लाउ नही है,ऑर कुछ लोग को पसंद नही है)

अगले दिन जब उठा तो मे खुश था लेकिन इतना खुश नही था क्योकि मुझे आज पता चला चाची कैसे मेरी माँ की गान्ड खुलवाएगी अपने बेटे से ऑर मे कुछ नही कर पा रहा था सच ये था मे चाची की सहायता के बिना माँ से सेक्स नही कर सकता ,मे इस बात से भी दुखी नही था कि चाची का बेटा सलीम मेरी माँ के साथ चुदाई करेगा,दुखी था तो बस केवल इस बात से कि मुझे गान्ड पसंद है ,ऑर जिस गान्ड को मे दुनिया से सबसे जाड़ा पसंद करता हूँ,उसी गान्ड को कोई ऑर खोले ,मुझे ये मंजूर नही था,

अब केवल एक ही काम रह गया था ,कैसे सलीम से पहले माँ की गान्ड मारी जाए,लेकिन ये होगा कैसे मुमकीन,क्योकि चाची ही एक रास्ता है मुझे मेरी माँ तक पहुचाने के लिए,ऑर चाची के बिना ये संभव नही था,

मेरा माइंड बहुत तेज़ी से काम कर रहा था ,अब जानता था चाची की मदद की ज़रूरत पड़ेगी ,अब मे सोच रहा था कैसे चाची को बेवखूफ़ बनाया जाए कि मे माँ के साथ सेक्स कर लूँ सलीम से पहले ,इसके लिए पहले मुझे ये बात माँ को बिना बताए कैसे भी बतानी होगी कि उनका बेटा उनके साथ सेक्स करना चाहता है,उस दिन बस मे यही सोचता रहा ऑर कब पूरा दिन निकल गया ,पता नही चला

अगले दिन

मुझे मेरी माँ को मेरी सेक्स इच्छा के बारे मे बताने के लिए मुझे किसी ऐसे की ज़रूरत होगी जो मेरी मदद कर सकता है

मेरा दिमाग़ तेज़ी से दौड़ने लगा कि कॉन हो सकता है,तब मुझे याद आया सलीम किसी की बात कर रहा था ,नाम था मनोहर रेगर,वो हमारे कॉंपाउंड मे सॉफ सफाई करने का काम करता है ऑर अपनी फॅमिली के साथ रहता था,

ऑर कुछ दिन पहले उसका सलीम के साथ उसका झगड़ा हो गया था ,ऑर उनके बीच बोल चाल बंद थी

सलीम ने बताया था कि वो उसकी माँ ऑर बहन को जमकर चोदता है,ऑर उसका लंड उस से मोटा ऑर लंबा है ऑर दिन भर मेहनत करने के कारण कई घटे तक वो बिना झड़े चोद सकता है,

ऑर उसने कई मालकिनो को चोदा है,क्योकि अधिकतर मालिक काम पे चले जाते है ऑर वो अपनी बीवी को संतुष्ट नही कर पाते ,इस मोके का फ़ायदा उठा कर वो बहुत सी औरतो को अपनी गुलाम बना चुका है

मुझे इस बात की खुशी थी कि वो गान्ड को ज़्यादा पसंद नही करता था,लेकिन कभी कभार मार लेता था,वो बिल्कुल बेशर्म था,वो अपने ऑर अपनी माँ के बीच सेक्स को खुलकर बताता था,यही चीज़ दिखाने मुझे सलीम उसके पास ले गया था,(जब हम एक दूसरे को थोड़ा बहुत जानते थे)

 
कुछ महीने पहले की घटना

मे ऑर सलीम बियर की बोतल के साथ उसके घर चले गये थे,हमने एक एक बॉटल पी ,ओर फिर मनोहर उठा,अपनी माँ को पुकारा,जैसे ही माँ उस कमरे मे आई जहाँ हम थे ,माँ को बाहों मे पकड़ लिया,ऑर उठा के साइड के कमरे मे ले गया

उसके बाद उसकी माँ ने जो चीखे निकाली वो अगले घंटे तक निकलती रही,मे सलीम की ओर देखे जा रहा था,कि कोई इतना चोद सकता है क्या बस यही सोचकर मेरा सिर चकरा रहा था

अंदर से आवाज़ आ रही थी,,""आह ,मार डाला रे,साले कमिने ,मुझे दारू पी के मत चोदा कर ,तू दारू पीने के बाद जानवर बन जाता है,कोई ऐसे चोदता है अपनी माँ को

मनोहर:मुझे माफ़ कर दो माँ,तुम मुझे बहुत अच्छी लगती हो,मुझे पता नही क्या हो जाता है दारू पीने के बाद,मुझे बस अपनी माँ की चूत ही दिखाई देती

मनोहर की माँ- अच्छा मस्का लगाता है,कोई अपनी माँ को पटाना, तुझसे से जाने,साले कैसे प्यार प्यार से मेरे करीब आकर कब तूने उस चूत मे लंड डाल दिया जहाँ से तू निकला था पता ही नही चला

हर माँ को तेरे जैसा बेटा हो चाहिए, तो चोद दिया,मे कहाँ मूह मारती ,लेकिन तूने मेरा ख़याल रखा,मेरी ज़रूरत को पूरा किया

मनोहर:माँ मे तेरे लिए जान भी दे सकता हूँ,ऑर फिर माँ के होंठो पे अपने होठ रख के कुछ देर तक किस करता रहता है,ऑर फिर बाहर आने लगता है तब

मनोहर की माँ:पूरा कचूमर निकाल दिया तूने मेरी चूत का,देख मुझे चला भी नही जा रहा,

मे:कोई इतना कैसे चोद सकता है,मेने सलीम की ओर देखते हुए धीरे से कहा

सलीम :बेटा जब बात अपनी माँ की हो ,रात भर चोदने के बाद भी मन नही भरता

जब मेने अपनी माँ को चोदा था ,तो मेने भी माँ की रातभर जमकर चुदाई की थी,ऑर अगले दिन तक बेड से माँ की उठने की हालत नही थी,

ऑर तू मनोहर से भी पूछ सकता है,जब उसने पहली बार अपनी माँ की चुदाई की थी तो कितना चोदा था

मे:बाद मे पूछ लूँगा

ऑर हम कुछ देर ऐसे ही बात करते रहे ऑर फिर मनोहर आ गया

उसके आने के बाद हमने ऑर बियर पी ,फिर सलीम एक सिगरेट लाया,(मे कभी कभी सिगरेट पी लेता था) ऑर बोला देख जन्नत का मज़ा दिलाने वाली चीज़ लाया हूँ,

मे:क्या है,केवल सिगरेट ही तो है

सलीम:मनोहर की ओर देखकर मुस्कुराता हुआ,एक बार पी तो सही

मे:सिगरेट देखने मे अलग थी,उपर से मोटी थी नीचे से पतली,ओर उसमे भरा जरदा अलग ही दिखाई दे रहा था

जैसे ही मेने पिया मेरा सिर घूम गया ,उसके बाद मुझे पता नही चला ऑर शाम को नींद खुली

नींद खुलते ही मे घर गया ,जहाँ माँ ने पूछा कहाँ गया था

मे:सलीम के यहाँ गया था पढ़ने के लिए

माँ:ठीक है,आगे से बता कर जाया कर

अब मे सोच से बाहर निकला

 
अब मुझे यूँ लग रहा था ,कि मनोहर के पास जाउ ऑर पुछु कि यार कैसे पटाऊ मे अपनी माँ को,

लेकिन पता नही मेरा मन यही कह रहा था उस समय के हालात देखते हुए ,कि मुझमे इतनी हिम्मत नही कि मे अपने दम पे माँ को पटा सकूँ ऑर माँ को चोद सकूँ,मुझे किसी मदद चाहिए थी

ऑर मुझे इससे फ़र्क नही पड़ता था कि कोई मेरी माँ को मेरे से पहले चोदे,मे बस अपनी माँ की गान्ड को खोलके उस पर ठप्पा लगाना चाहता था कि ये गान्ड उसके बेटे की लिए है,यानी कि मेरी माँ की गान्ड को चोदने वाला मे पहला इंसान बनना चाहता था

तो मेरे प्लान मे अब माँ की चूत को किसी से चुदवाना शामिल था,लेकिन मुझे ये डर था कहीं चूत चोदने वाला माँ की गान्ड ना मार दे,जहाँ मुझे सलीम का बिल्कुल भरोसा नही था क्योकि वो तो मेरी माँ की गान्ड के पीछे हाथ धो के पड़ा है,जैसे ही मोका मिलेगा वो अपने लंड को मेरी माँ की गान्ड मे डालने का कोई अवसर नही छोड़ेगा

ऑर वही मनोहर ,जो की दमदार चुदाई करता है,मे नही चाहता कि कोई रेगर मेरी माँ की उस चूत मे अपना लंड डाले जहाँ से मे निकला हूँ,ऑर दूसरी बात जब से मेने मनोहर ऑर उसकी माँ के बीच की चुदाई देखी है तब से मेरे मन मे संकोच है कि चाहे कुछ भी हो किसी को मेरी माँ को इस तरह नही चोदने दूँगा जैसे मनोहर ने अपनी माँ की हालत खराब कर दी थी

मेरे कुछ समझ मे नही आ रहा था कि क्या करूँ,यही भी डर प्लान बनाने मे ज़्यादा डर हो गया तो कहीं चाची अपने प्लान मे शामिल ना हो जाए,ऑर मेरी माँ की गान्ड अपने बेटे सलीम के द्वारा खुलवा दे

क्योकि मे सलीम की ताक़त को जानता था ,वो अगर मेरी माँ को चोदेगा तो मेरी माँ की हालत बहुत बुरी होने वाली थी ऑर जहाँ वो माँ की गान्ड के पीछे पड़ा है,उस हिसाब से माँ 2 दिन तक अपने बेड से नही उठने वाली थी,

मुझे ये सोचकर ही मुझे बहुत गुस्सा आने लगा ,ओर मेने खुद से कहा """"मेरी माँ की गान्ड पे मेरा हक है,ऑर मे इससे लेकर रहूँगा,चाहे मुझे कुछ भी करना पड़े""""

लेकिन मेरे पास चुदाई का एक्सपीरियेन्स नही था,मेने चाची को ज़्यादा देर तक नही चोद पाया था ,मुझे अपने आप को दमदार बनाना था ,इस हद तक कि किसी को भी चोदु तो वो हाथ जोड़ने लग जाए

सच कहूँ तो मे अपनी माँ को मनोहर जैसे ही चोदना चाहता था,लेकिन मेरे पास दम नही था,

चुदाई का अनुभव लेने के लिए मुझे चुदाई करनी थी,मेरे पास 2 ही ऑप्षन थे,चाची के साथ सेक्स,जहाँ मुझे अपनी माँ गान्ड पे दाव लगाना पड़ता है,ऑर ये डर रहता है,कि कही मे माँ की गान्ड हार ना जाउ

ऑर दूसरी ओर मनोहर की माँ के साथ चुदाई,लेकिन इसके लिए पैसे देने पड़ते हैं,जो मेरे पास है नही

मुझे पता था मनोहर ने उसकी माँ के साथ चुदाई के 1500 रात भर के लिए,ऑर मुझे कम से कम चुदाई मे दमदार होने के लिए बहुत सेक्स की ज़रूरत पड़ेगी,,मे निराश हो गया कि क्या करूँ,ले दे कर चाची ही एक मात्र सहारा दिख रही थी*

मेरी ये सोच थी अगर मे चुदाई मे दमदार नही हो पाया तो क्या मतलब मेरी माँ की गान्ड को चोदने का जहाँ मेरा 2 मिनिट मे निकल जाएगा,ऐसे मे मुझे ऑर मेरी माँ को भी दुख हो सकता है कि ""नामर्द बेटा पैदा किया है"" मे यही सोच कर घबरा गया,

क्योकि अगर मेरी माँ ये कह दे कि मे नामर्द हूँ ,इससे बढ़िया मे मर जाना पसंद करूगा ,ऑर मर जाने से अच्छा है मे मेरी माँ की गान्ड का पीछा करना छोड़ दूं,ऑर सलीम को गान्ड मारने दूं कम से कम माँ की गान्ड तो मार पाउन्गा

मे बहुत ही निराश होने लगा,क्योकि मुझे अपनी माँ की गान्ड खोने का डर लगने लगा था,ऑर मे अपनी माँ की गान्ड को अपने से दूर जाते हुए देख रहा था

मे सोच रहा था कि मे अपनी मदद के लिए किसके पास जाउ , चाची के पास या मनोहर के पास.

मे हर चीज़ बहुत बारीकी से सोच रहा था ,कि कही कोई रास्ता मिल जाए

अगर मे मनोहर के पास जाता हूँ मदद के लिए,तो हो सकता है सलीम चाची को मुझ से हमेशा के दूर कर दे,ऑर मनोहर का भरोसा नही है कि वो मेरी माँ को चोद पाए या नही,अगर नही चोद पाता है तो मेरी वॉट लग गयी वही अगर बात चाची की है तो ,मुझे चाची का शरीर हमेशा हाजिर रहेगा,मे जब चाहूं ,मे चाची की चूत मार सकता हूँ,चाची की गान्ड मार सकता हूँ,मूह चोद सकता हूँ,ऑर चाची ने माँ के साथ लेज़्बीयन सेक्स करने के कारण पूरी संभावना है कि मे माँ को चोद सकूँ,इसके बाद पास चाची ऑर माँ दोनो के शरीर पे पूरा हक होगा,बस बदले मे माँ की सबसे पहले गान्ड नही मार पाउन्गा,मुझे बस यही बात अखर रही थी कि मे ना चाहते हुए भी अपनी माँ की गान्ड को सलीम के देनी पड़ रही है

 
अब मुजसे ओर बर्दास्त नही हो रहा था,मुझे मेरी मा को जल्दी से छोड़ना था,इसलिए मेने हार मान कर ये पक्का कर लिया कि कल मे चाची के पास जा रहा हूँ कि मुझे मंजूर है,सलीम को जल्दी भेज दो मेरी माँ की गान्ड मारने ,ऑर फिर मुझसे चुदवा दो ,मे ये सोचकर सो गया

जब सुबह उठा ,माँ ने मुझे चाइ दी,ऑर फिर मुड़कर जाने लगी,माँ की बड़ी गान्ड मॅक्सी मे बहुत ही शानदार लग रही थी,मेने सोचा ,सलीम भी बेचारा क्या करे ,इतनी मस्त गान्ड को कॉन सबसे पहले नही चोदना चाहेगा

माँ की गान्ड उपर नीचे हो रही थी जब माँ चल रही थी,मेने कल्पना कि कैसे सलीम का 10 इंच का लंड माँ की गान्ड के अंदर बाहर हो रहा है,यही सोचकर मेरा भी खड़ा हो गया,ऑर अपने लंड से बोला,बस थोडा सब्र रख ,बहुत जल्द तू भी माँ गान्ड मे होगा,मे नही चाहता कि माँ की गान्ड मे बिना सेक्स अनुभव के डालकर जल्दी पानी निकालने मे माँ को हीन भावना हो महसूस हो कहीं उनका बेटा नामर्द तो नही ,इससे बढ़िया है थोड़ा अनुभव लेकर माँ की गान्ड मस्त तरीके से मारी जाए जिससे माँ भी खुश मे भी खुश,

11 बजे मे फिर चाची के पास पहुँच गया

मे:चाची,आज मे आपकी गान्ड मारूगा,चाहे कुछ भी हो जाए

चाची:अरे क्या हुआ,इतना उत्सुक क्यो है गान्ड मारने मे,ज़रूर माँ की गान्ड देखकर आया होगा,

मे:कुछ भी हो आज तो आपकी गान्ड मरूगा ही

चाची:ऐसा क्या हुआ ,बता तो सही

मे:मे चाहता हूँ कि जब मे माँ की गान्ड मारु ,तो दमदार तरीके से मारु,

चाची:अच्छा तो ये बात है,अच्छा पहले चाइ पी लेते है

मे:नही चाची ,मुझे बस गान्ड मारनी है

चाची:अरे बेटा मार लेना,मे कब मना कर रही हूँ,पहले चाइ पी लेते है(ये कहकर चाची किचन की ओर जाती है)

मे:मुझसे रहा नही जाता,मे चाची के पीछे किचन मे चला जाता हूँ,ऑर सीधा उन्हे पीछे से पकड़ लेता हूँ,चाची ने अभी तक मॅक्सी पहनी हुई थी ऑर अंदर पैंटी नही पहन रखी थी ,मेरा लंड सीधा माँ की गान्ड के सुराख पे लग जाता है,ऑर मे चाची को अपने दोनो हाथ आगे करके जकड लेता हूँ जिससे मेरे बुरी तरह गान्ड मे फस जाता है,

मेरा लंड चाची की गान्ड मे इतना दबाव बना रहा था कि अगर मॅक्सी नही होती तो चाची की गान्ड मे घुस जाता

चाची:इतनी जल्दी किसलिए कर रहे हो

मे:मुझे गान्ड मारनी है

चाची:कहीं पागल तो नही हो गये

मे:हो गया अभी माँ की गान्ड के लिए,आपकी गान्ड के लिए

मेने चाइ भी नही बनाने दी चाची ने केवल दूध ही डाला था ,लेकिन मेरी उत्सुकता के सामने उन्होने हार मान ली ऑर गॅस बंद कर दिया ऑर अपने आप को ढीला छोड़ दिया,मेने तुरंत चाची की मॅक्सी उपर की,जिससे उनकी गान्ड मुझे दिख गयी ,मेरा लंड तो पानी छोड़ने ही वाला था ,बस मेने कैसे भी करके रुक लिया,ऑर मेने अपना मूह गान्ड मे डाल दिया,

मज़ा आ गया था जब मेने अपना मूह चाची की गान्ड मे डाला,चाची के मूह से भी आह निकल गयी थी मेने सोचा भी नही कि मे कभी जिंदगी मे किसी गान्ड के छेद मे मूह रखुगा,मुझे अपने आप पे विस्वास नही हो रहा था कि मे चाची की गान्ड मे अपना मूह डाल दूँगा,मुझे मेरे शरीर पे कंट्रोल नही था,मुझे नही पता था कॉन क्या करवा रहा है मुझसे,मे बस करे जा रहा हूँ जो मन कह रहा था

मेने अपनी जीब चाची की गान्ड के छेद पे लगाई

चाची-- आह मोहित बहुत अच्छा लग रहा है

मे चाची के छेद को चाटे जा रहा था,चाची की गान्ड का छेद अब बिल्कुल चिकना हो गया था, अब मेने एक उंगली डाली ,मेरी उंगली बिना किसी परेशानी के चाची की गान्ड के छेद मे चली गयी,चाची ने हल्की की आह निकाली

मे:चाची ,क्या गान्ड है तुम्हारी,उंगली डालने मे ही इतना मज़ा आ रहा है,जब लंड डालुगा तो कितना मज़ा आएगा

चाची:मोहित,गान्ड चीज़ ही ऐसी होती है,एक बार जिसको चस्का चढ़ जाए वो बिना गान्ड मारे नही रहता,जैसे मेरे बेटे सलीम को देखो ,जब भी मेरे साथ सेक्स करता है तो मेरी गान्ड ज़रूर मारता है,

मे:चाची फिर भी आपकी गान्ड टाइट है,वो कैसे

चाची:वो मे थोड़े भरे शरीर की हूँ ऑर सलीम ने 3 दिन से मेरी गान्ड भी नही मारी

ऑर तू जानता क्या है गान्ड के बारे मे,तुझे कैसे पता कि मेरी गान्ड टाइट है या नही

मे:वो चाची उंगली डाली तो गान्ड मे

चाची:तो क्या,मेरी गान्ड को सलीम ने चोद चोद कर पूरा खोल दिया है,तू क्या जाने कुवारि गान्ड के बारे मे,

कुवारि गान्ड मे तो एक उंगली डालने मे पानी आ जाता है

वो कुवारि गान्ड को यूही कोई लंड नही खोल सकता,उसके लिए तगड़ा लंड चाहिए होता है,जैसे मेरे बेटे सलीम का है,तेरा लंड तो घुस भी ना पाए ,

 
मे:मे भी कोई कम नही हूँ,ऐसी बहुत सी कुवारि गान्ड को खोल सकता हूँ,

चाची:अच्छा ये बात है,तो लगी शर्त

मे:हाँ बिल्कुल

चाची:अगर तू मेरी गान्ड मे पूरा लंड डालकर मेरी गान्ड मार सकता है तो मे वादा करती है तेरी माँ की गान्ड मे सबसे पहला लंड तेरा ही जाएगा

ऑर अगर तू हार जाता है,तो तेरे ही सामने मेरा बेटा तेरी माँ की गान्ड खोलेगा,

मे:मे अब फस चुका था,मुझे कोई चाल नज़र आ रही थी ,ऑर मे उसमे फसना नही चाहता था,लेकिन अब बाज़ी मेरी हाथ से निकल चुकी थी,मजबूरी मे मुझे हाँ कहना पड़ा

चाची:तो ले आज़ा ,चाची घोड़ी बन गयी

मुझे मेरा सपना पूरा होता नज़र आ रहा था,मेने लंड पे थूक लगाया ऑर चाची की गान्ड के छेद पे भी थूक लगाया,ऑर कहा चाची रेडी हो

मेरा 8 इंच का लंड मुझे बहुत बड़ा दिख रहा था,ऑर इतना फूल गया था जैसे अब ही फट पड़ेगा

चाची:हाँ आज़ा ,मेरी गान्ड तेरे लंड का इंतज़ार कर रही है

मेने लंड के टोपे को चाची की गान्ड के छेद पे रखा,ऑर एक झटका दिया,मेरा लंड फिसल कर उपर चला गया

चाची:क्या हुआ(हँसते हुए)

मेने एक बार फिर झटका दिया,लंड फिर फिसल गया

चाची :तेरे बस की बात नही हार मान ले

मे:नही ,इस बार मेने उंगलियो से टोपे को पकड़ा ऑर एक जोरदार झटका लगाया

पुख्ह्ह्ह की आवाज़ के साथ मेरा टोपा चला गया

चाची के मूह से आह निकल गयी ऑर बूली चलो अपना लंड तो अंदर घुसा पाया

लेकिन जैसे ही मेरा अंदर गुसा मुझे ऐसा लगा कि मेरे टोपे को किसी ने बहुत जोरदार तरीके से भीच दिया हो,चाची की गान्ड ने इतना दबाव बनाया कि मेरा लंड झेल नही सका,ओर पानी छोड़ दिया

चाची :बस हो गया तेरा,इतना ही दम,मे कहती हूँ ना ,तुझे अभी बहुत चुदाई करनी है,मेरे बेटे को आज करीब 3 साल हो गये,अब जाकर वो किसी भी औरत की कई घंटे तक गान्ड मार सकता है

तू रोज आया कर ,मुझे जी भर कर चोदा कर ,ऑर अभी तेरा लंड अभी पूरी ताक़त मे नही आया है,अभी थोड़ा वक्त लगेगा,ऑर अभी कुछ वक्त के लिए माँ की गान्ड को भूल जा

मे वापस घर आ गया

ऑर बेड पे आकर सोचने लगा

मे:ये क्या हो गया,मे चाची की कई बार चुदि हुई गान्ड नही चोद पाया,माँ की गान्ड कैसे चोदता अच्छा हुआ ,अगर माँ होती तो बोलती कैसा बेटा पैदा किया है

लेकिन तब तक मेरा लंड दमदार होगा जब तक तो सलीम मेरी माँ की गान्ड फाड़ चुका होगा

मुझे कुछ करना होगा ,कुछ ना कुछ तो करना होगा

ये सोचते सोचते मुझे नींद आ गयी

अगले दिन मे जब उठा ,फिर यही सोचने लग गया कि क्या किया जाए

मुझे फ़ैसला बहुत जल्दी लेना था कि क्या मे माँ की गान्ड के फाडू या फिर जाने दूं,

एक तरफ तो ये मन मे आ रहा था कि ,चाहे कुछ भी हो जाए किसी ऑर को माँ की गान्ड नही मारने दूँगा,ऑर दूसरी तरफ़ ये था कि जिसकी किस्मत मे होगा उसी को मिलेगी

मेरा माइंड भी दूसरे की तरफ जा रहा था कि सब कुछ किस्मत मे छोड़ दिया जाए,अगर सलीम को मारनी होगी गान्ड तो मार लेने दो,कम से कम मुझे भी माँ की गान्ड ऑर चूत मिलेगी,ऑर फिर बाद मे तो मेरी ऐश ही ऐश ,जब भी मन करेगा माँ की चूत मार लुगा ,फिर तो हर दिन मज़े से निकलेगा बस ज़्यादा से ज़्यादा हो सकता है कि मुझे चुदि हुई गान्ड मिले

ऑर बिना चुदि गान्ड मारने की इच्छा है तो वो मे निकिता जी को पटा कर पूरी कर लुगा

मेने फ़ैसला कर लिया था सब कुछ किस्मत पे छोड़ दूँगा,लेकिन फिर भी कॉसिश करूगा कि माँ पे पहला हक मे जमा पाऊ

मे चाची के पास गया

 
चाची:आ गया बेटे,इस उम्र मे सेक्स का चस्का ही अलग होता है,बिल्कुल सब्र नही होता

आजा अंदर आ जा

मे:मेने सीधा बूब्स पे अटॅक किया ऑर उन्हे कुरती के उपर से ही दबाने लगा,चाची इससे पहले की कुछ बोल पाती मेने अपने होठ उनके होंठो पे रख दिए,ऑर चूसने लगा

चाची भी साथ देने लग गयी थी

एक तरफ होंठों की चुसाइ ,दूसरी तरफ़ बूब्स को दबाने से चाची गरम हो रही थी ऑर बहुत जल्द चाची की चूत ने पानी छोड़ दिया,

उनका पाजामा गीला महसूस होते ही मेने किस करना छोड़ दिया

चाची ने नीचे हाथ लगाकर देखा ऑर मुस्कुराइ ऑर बूली,बड़ा जल्दी सीख रहा है

मे:आप जैसे मस्त औरत होगी तो सीखुगा क्यो नही

ये कहकर मेने चाची की सलवार उतारना शुरू किया

बातो ही बातो मे मैं ऑर चाची दोनो नंगे हो गये,

मेने चाची को पीठ के बल बिस्तेर पे लिटाया,ऑर उपर चढ़ गया,मेने अपना लंड सीधा उनकी चूत पे रखा ऑर हल्का सा दबाया,चाची के मूह से सिसकारियाँ निकलनी शुरू हो गयी,मेरा लंड आराम से चाची की चूत पे घुस गया था,

मे धीरे धीरे पूरा लंड अंदर घुसा कर ,अपने होठ चाची के होंठो पे रखकर चूसना शुरू किया,आज हम दोनो के बीच बहुत नॉर्मल सेक्स हो रहा था,मुझे याद आया ,आख़िर मनोहर कैसे चोद रहा होगा अपनी माँ ,कि उसकी चीखे बाहर तक जा रही थी,जब हमारे बीच ,मेरा लंड बड़े आराम से चाची की चूत के अंदर बाहर हो रहा था,ऐसा कुछ देर तक चलता रहा रहा फिर मेरे लंड ने हथियार डाल दिए,आज फिर मुझे निराशा हुई,लेकिन मुझे ख़ुसी भी थी ,कि आज थोड़ी देर टिक पाया,लेकिन मेने ये कह कर अपने आप को संतुष्ट किया कि मे अभी नया खिलाड़ी हूँ,ऑर एक दिन मे सलीम ऑर मनोहर से भी आगे जाउन्गा ,चाहे उसके लिए कितना ही चोदना क्यो ना पड़े,

मेरी इच्छा थी एक बार ऑर सेक्स करने की लेकिन मेरा पूरे ज़ोर पे फिर से खड़ा नही हो पाया,मेने सेक्स ना करने मे ही भलाई समझी,क्या पता एक बार फिर बेज़्जती हो जाए सामने

मे फिर घर आ गया,जब से मेने माँ को चोदने का मन बनाया है तब से मुझे माँ के नज़दीक जाने मे डर लगने लगा है,इसलिए आजकल मेरी माँ से कम मुलाकात होती है,मे सीधा अपने कमरे मे चला जाता हूँ

मे ये सबसे बड़ी ग़लती कर रहा था,लोग तो माँ को पटाने के लिए माँ से चिपके रहते है,उल्टा मे तो दूर भाग रहा हूँ,मुझे कल से माँ से चिपकना चालू करना होगा

बस इस तरह करते करते मेरा पूरा दिन निकल गया,थोड़ी पढ़ाई की ऑर खाना खाकर सो गया

अगला दिन

मुझे बहुत अच्छा लग रहा था,जो भी कल हुआ,कैसे मेने चाची की चूत चोदि,कैसे मेने चाची को गरम होने के लिए मजबूर किया कैसे उनके चूत ने पानी छोड़ा

अब तकरीबन अगले 10 दिन तक यही चल रहा था,मेरा स्टॅमिना भी बढ़ गया था,अब मैं बिना रुके आधा घंटा किसी को भी छोड़ सकता था

हालाँकि इन दिनो मे मुझे गान्ड नही मारने दी

शायद ये उनकी चाल थी ,उन्होने सोचा होगा कही मे गान्ड मारना सीख गया ,ऑर मेरे अंदर गान्ड मारने का स्टॅमिना भी आ जाए तो हो सकता है सलीम के हाथो से मेरी माँ की गान्ड निकल जाए

मेने बहुत बार रिक्वेस्ट की ,लेकिन हर बार चाची ने यह कहकर मना कर दिया कि उन्हे गान्ड मराना पसंद नही

फिर अगले कुछ दिनो तक ऐसा ही चलता रहा,फिर एक दिन चाची ऑर मे दोनो सेक्स करके बेड पे आराम कर रहे थे,तब चाची ने कहा कि

मोहित बेटा,आज 1 दिसंबर है,12 को मेरा बेटा सलीम आ रहा है,ऑर 13 को तेरी माँ ऑर सलीम को हम अपने फार्महाउस पे भेज देंगे जिससे मेरा बेटा तेरी माँ को चोद सके,बहुत दिन से सपने देख रहा है मेरा बेटा,ऑर हम यही रह कर रातभर चुदाई करेगे

मे:सोचते हुए(ओह नो,मतलब मेरे पास 12 दिन है अपनी माँ की गान्ड को सलीम से चुदने से बचाने के लिए,चाची सलीम ऑर माँ को फार्महाउस पे इसलिए भेज रही है,जिससे सलीम जी भर कर कैसे भी माँ को चोद सके,क्योकि यहाँ तो माँ की चीखे सुनकर सब आ जाएगे,वहाँ कोई नही आने वाला ,वो माँ को बहुत भयंकर तरीके से चोद्ने वाला है)ये सोचकर मे निराश हुआ

चाची:इसी बीच मेरे हाव भाव देखकर उन्हे ये समझते ज़्यादा देर नही लगी कि मे अपनी माँ की गान्ड बचाना चाहता हूँ,क्योकि वो ये जानती थी कि मे भी माँ की गान्ड सबसे पहले मारना चाहता हूँ

तो मुझे अपने जाल मे फसाने के लिए कहा ,देख एक बार तेरी माँ मेरे बेटे से चुद जाए फिर तुझे भी तेरी माँ पे चढ़वा दूँगी,फिर चोदते रहना अपनी माँ को जब मर्ज़ी आए जब

मे:लेकिन चाची ,चुदने के बाद अगर माँ ने मना कर दिया तो,

चाची:नही करेगी ,मे कह रही हूँ

मे:लेकिन चाची मेरे पास एक बेहतर प्लान है

चाची: क्या प्लान है

(मेरा प्लान ये था,देखा जाए तो मेरा कोई प्लान नही था मे चाची के प्लान को फैल करना चाहता था,माँ की गान्ड चोद्ने का विचार तो मे छोड़ चुका था,क्यो कि मेरे पास इतना स्टॅमिना नही था कि मे माँ की गान्ड अच्छे तरीके से सकूँ,लेकिन मे ये नही चाहता था कि चाची मुझसे बाद मे बोले कि देख कैसे मेने तेरी माँ को फसाया,ऑर मेरे बेटे से गान्ड मरवा दी,इसलिए चाहे कुछ भी हो जाए पहला लंड तो माँ की गान्ड मे मैं ही डालुगा ,भले ही मेरा 2 सेकेंड मे निकल जाए)

 
मेने कहा चाची सलीम 12 की रात को आएगा,ऑर तुम माँ के साथ सेक्स कर सकती हो,तो माँ को गरम करो ऑर बताओ कि मे उन्हे चोदना चाहता हूँ,अगर चाची तुमने मुझे 12 से पहले मुझे मेरी माँ से चुदवा दिया तो 13 को मेरी माँ सलीम के साथ फार्महाउस पे अकेली होगी,ऑर सलीम जो भी चाहे कर सकता है(मेरा मतलब गान्ड मारने से था,जो चाची समझ गयी थी)

चाची:लेकिन अगर तूने गान्ड मार ली ,तेरी माँ की गान्ड पहले मेरा बेटा ही मारेगा

मे:चाची मेरे पास इतनी ताक़त कहाँ कि मैं माँ की गान्ड मार सकूँ,मेने तो आपकी भी गान्ड मारने की कॉसिश की थी,मेरे लंड ने तो टोपा घुसते ही हार मान ली थी ऑर आपकी तो खुली हुई गान्ड है,मे कैसे माँ की बिना चुदि हुई गान्ड मार सकता हूँ,ऑर मेरा कोई अनुभव भी नही है गान्ड मारने का

अगर मे माँ की गान्ड मारने की कॉसिश करता हूँ तो मेरी बेज़त्ती होगी क्यो कि मेरा तो आधा लंड भी नही घुसेगा और मेरा पानी निकल जाएगा,कॉन ऐसा बेटा अपनी माँ के सामने बेज़्जती कराएगा

चाची:बात तो सही कह रहा है

मे(मन मे चाची अब फस रही है मेरे जाल मे)

मे:तो चाची सौदा पक्का ,अगर तुम मुझे मेरी माँ दिला दो तो मेरी माँ को 13 को फार्महाउस पे जाना

चाची :ठीक है,पक्का

कल से दो दिन तक तुम दिनभर घर से बाहर रहना,मे आउगि तेरी माँ के पास

मे:अब जाकर कुछ प्रोगेस नही हुई तो साला समझ मे नही आ रहा था कि माँ को चोद पाउगा भी या नही,सब मेरी माँ को चोदने के लिए कॉसिश कर रहे है मेरे लिए कोई कॉसिश नही कर रहा

अब मे संतुष्ट था ,क्योकि अब मेरे मन को भरोसा हुआ था कि मेरी माँ मुझसे बहुत जल्दी चुदने वाली है

हमारा सौदा पक्का हो गया कि चाची मेरी माँ को मुझसे चुदवायेगी,

ऑर चाची इस काम को पूरा करने कॉसिश करेगी इसलिए मे घर मे बेड के नीचे छुप गया जबकि चाची ने कहा था कि कहीं बाहर जा आउ,लेकिन मुझे चाची पे भरोसा नही था

माँ ने मुझे 11:45 पे आवाज़ लगाई,ऑर मुझे घर मे ढूँढा ,मे कही नाही मिला

माँ:ये मोहित भी ना जब देखो बिना बताए चला जाता है

ऑर माँ अपने काम मे मस्त हो गयी

डोर बेल बजी

चाची:ऑर सुधा(मेरी माँ का नाम) कैसी हो

माँ:बहुत दिनो बाद आना हुआ,

चाची मन मे,तेरा बेटा रोज मुझे चोदने आता है,उसको छोड़कर यहाँ आउ),नही थोड़ी बिज़ी थी अब फ्री हूँ

माँ:चलो अच्छा है,मेरा भी मन लगता,तेरे आने से समय कट जाता है

चाची:मोहित कहाँ गया

माँ:पता नही,बिना बताए कहीं भी चला जाता है,आज भी बिना बताए चला गया

चाची:अच्छा है,ऑर सूनाओ,बहुत दिनो से पति बाहर था,अपनी आग कैसे शांत करती हो(चाची माँ पहले लेज़्बीयन सेक्स करते है,मुझे रूल पता नही थे इसलिए मेने उस पार्ट को इग्नोर किया है)

माँ:हाँ क्या करूँ,बस उंगली डाल कर शांत कर लेती हूँ,तू भी तो ऐसे ही करती है

चाची:हाँ ज़्यादातर समय तो ऐसे ही करती हूँ,पर कभी कभी पति का मूड हो जाता है तो चोद देते है

माँ:हाँ तेरे तो मज़े है,तेरा पति तो है भी बड़ा चोवडा,मस्त चोदता होगा

चाची:चोद्ने का दम तो है पर अभी उतना मज़ा नही दे पाते ,बिना इच्छा के चोदते है

माँ:तो अब कर भी क्या सकते है

चाची:कर सकते है,बहुत कुछ कर सकते है

माँ:क्या कर सकते है

चाची:किसी लंड का इंतज़ाम कर लेते है

माँ:नही नही ये सही नही होगा

 
इसी बीच चाची ओर माँ ने एक दूसरे के कपड़े उतार दिए,मे केवेल आवाज़ सुन सकता था ,नही तो माँ का शरीर देखने के किए कुछ भी कर सकता था लेकिन केवक ये सोच सोचकर रुक गया अगर अभी कुछ गड़बड़ कर दी तो हो सकता है माँ के शरीर की कभी भोग ना कर सकूँ

चाची:हाँ सही नही है लेकिन ये बात बाहर ना जाए तो

माँ:फिर भी ग़लत है

चाची:अरे मेरी सुधा रानी ये सोच जब कोई अपना लंड चूत मे डालकर बड़े प्यार से चुदाई करेगा तो कितना मज़ा आएगा ऑर ये बात बाहर नही जाने वाली तो डरने की क्या बात है

माँ:थोड़ी उत्तेजित होते हुए ,बात तो ऐसे कर रही है जैसे पहले ही इंतज़ाम कर रखा हो

चाची:वो तो तेरे घर मे भी है मेरे घर मे भी

माँ:थोड़ा कन्फ्यूज़ होते होते हुए ,कों है जो तेरे घर मे है मेरे घर मे भी

चाची:तेरा बेटा मोहित ऑर मेरा बेटा सलीम

माँ:क्या,ये क्या बोल रही हो तुम होश मे तो हो

इसी बीच चाची अपनी उंगली माँ की चूत मे घुसाते हुए बोली

माँ:आ...

चाची:देखो सुधा रानी,जब इस चूत मे आग लगती है तो केवेल ये लंड देखती है कोई रिस्ता नही

माँ:नही मे ये नही कर सकती

चाची:चल ठीक है,अगर तुझे तेरे बेटे से नही चुदना ,मेरे बेटे सलीम से अपनी आग शांत करवा ले

माँ:थोड़ी ऑर संतुष्ट होते हुए,कुछ बोली नही लेकिन चाची समझ जाती है ,कि चिड़िया फस रही है जाल मे

माँ:ऑर मेरा बेटा,

चाची :मुझे मेरे बेटे से चुदने मे कोई ऐतराज नही अगर तू अपने बेटे को इन सब से दूर रखना चाहती है तो

माँ:हाँ ये ठीक रहेगा ,12 को तेरा बेटा सलीम आ रहा है,तू मे ऑर सलीम अपने फार्महाउस पे चेलेगे ,वहॉ खूब चुदाई करेगे

मुझे बहुत गुस्सा आ रहा था कि चाची ने मेरे साथ धोका किया

चाची:हो सके तो मोहित को ले चलेंगे,आज के लड़को को चोदना बहुत पसंद है खास कर जब बात बड़ी उमर की औरत हो ऑर गान्ड मस्त हो

अगर उसे अभी चूत नही मिली तो हो सकता है बिगड़ जाए,हम लोग 12 को चुदाई कर लेगे ओर फिर 13 को मोहित को बुला लेगे

मे मन अच्छा चाची,कितनी चालक हो तुम,मेरी माँ को चोदने का प्लान 12 को ही बना लिया

माँ:नही नही मोहित को मत बुलाना

चाची:मेरी प्यारी सुधा रानी ,इस उमर मे बच्चे सबसे अपनी माँ पर ही मरते है,

तू एक बार मौका तो दे मोहित को ,मोहित ने अगर अपना लंड तेरी चूत मे नही डाल दिया तो मेरा नाम बदल देना

माँ:क्या बात करती हो,मेरा बेटा ऐसा नही है

चाची:अब मे कैसे समझाऊ,अगर मे साबित कर दूं,कि मोहित तुझे चोदना चाहता है तो??

माँ:करके बताओ

चाची:तुम्हे नही पता तुम्हारा बेटा कितना हरामी है,वो रोज़ सुबह मेरे पास ही आता है पता है क्या करने

माँ:क्या

चाची:मुझे चोदने,तुम्हारा बेटा रोज़ मुझे चोदता है,अगर बिस्वास नही आता तो कल आ जाना

माँ:तुम झूठ बोल रही हो

चाची:कल खुद आकर अपनी आखो से देख लेना

माँ:ऐसा नही हो सकता,मेरा बेटा ,तुम्हे चोदता है ओर मुझे भी भी चोदना चाहता है

चाची ने माँ को नंगी करके ,माँ के शरीर पे तेल लगाना शुरू किया

चाची:वो तो तुम पे मरता है,तुम पे कॉन नही मरता,मेरा बेटा तुम्हारे लिए पागल है

माँ:शरमाते हुए,मुझ मे ऐसे क्या बात कि सब मुझ पर मरते है

चाची:तुम्हारा ये भारी शरीर (( ये कहते हुए चाची ने तेल से सना हुआ हाथ को मसल दिया) ऑर तुम्हारी ये बड़ी गान्ड

माँ:आह,,थोड़ा धीरे दबाओ,चाची अब पूरे सरीर पे तेल की मालिश कर रही थी

चाची ने अब अपनी उंगलिया माँ की चूत मे डालनी शुरू की,

माँ:कह तू सही रही है,चूत को केवेल लंड चाहिए होता है ,चाहे वो किसी का भी हो,पर मे मोहित से नही चुदवा सकती,मुझे शर्म आती है

चाची:तुम एक बार मेरे बेटे चुदवा लोगि तो अगले दिन तुम मोहित से भी चुदवा लोगि,

माँ:तुमहरे बेटे से भी तो चुदवाने मे शर्म आएगी

चाची:मे हूँ ना तुम्हारे साथ मे,ऑर मेरा बेटे तो बातो ही बातो मे कब तुम्हे नीचे ले लेगा तुम्हे पता भी नही चलेगा

ऑर फिर तुम्हे इतना मस्त चोदेगा कि वो चुदाई तुम जिंदगी भर याद रखोगी

 
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