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आंटी और माँ के साथ मस्ती complete

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सब लोगो को गुस्सा तो बहुत आया,पर कोई कुछ नही कर सकता था

मुझे भी बहुत गुस्सा आया,तब मेरे सहर के बहुत से दोस्त थे मेरे एक से संपर्क किया ऑर बोला मुझे इसका इलाज़ चाहिए,तब उसने मुझे ये गोली दी थी, उसने मुझे दवा लेने की सारी शर्ते बता दी थी,

बस अब लोग अपनी ताक़त बढ़ाने के लिए जितना हो सके सेक्स करते थे,

पर जब एक महीने बाद मोका आया ,तो हमारे गाओं के जो दमदार लोग थे ,उन्होने शुरुआत की,किसी ने 1घंटा चोदा तो किसी ने 2 घंटे,लेकिन कोई उस रंडी की चीख नही निकाल सका,उल्टा वो ऑर हस्ती थी,

गाओं वालो ने सब ने हार मान थी,सब बोल रहे थे ,आज के बाद तो हमे इस रंडी के नीचे दबकर रहना होगा,

सबको अपने आप पे शर्म आ रही थी,कोई अपनी पत्नी से आखे नही मिला पा रहा था

रंडी ""है कोई माई का लाल,जिसने अपनी माँ को दूध पिया हो,

सब लोग नीचे देख रहे थे कोई भी रंडी की आँखों मे नही देख पा रहा था ,

बस मुझसे रहा नही गया,मेने 2 गोली ली ऑर चला गया रंडी के पास

उसके बाद 3 घंटे की घमासान चुदाई चली ,उसके बाद रंडी की एक जिरदार चीख आई,सब गाव वाले खुश हो गये,सब ख़ुसी ने झूम उठे,

रंडी की चीख निकालने के बाद ,मुझमे ऑर जोश आ गया था,उसके बाद 1 घंटे तक इतनी बुरी तरह चोदा ,ऑर रंडी दर्द के मारे चीख निकालते निकालते बेहोश गयी,ऑर उसकी चूत से खून निकल रहा था

मे खुद से "क्या बात है,रंडी की चूत से खून""

उसके बाद ,मेरा शरीर अकड़ गया ऑर मेने अपना वीर्य रंडी की चूत मे डाल दिया

ऑर जब मेने उठने की कॉसिश की तो मैं हिल नही पा रहा था

कुछ देर मे ऐसे ही पड़ा रहा,गाव वाले इंतज़ार करके मुझे देखने आए

मेरी हालत देखते हुए उन्होने हकीम को बुलाया,

हकीम ने कुछ देर देखने के बाद बोला,इसका पूरा शरीर अकड़ गया है,अब ये इसका शरीर तय करेगा कि कितना समय लगेगा वापस ठीक होने मे

मुझे तकरीबन 10 दिन लगे थे वापस ठीक होने मे,उसके बाद मेने इस गोली को कभी भी काम मे ना लेने की कसम खाई

तो ये था मेरा किस्सा"""

अब तू देख ले ,ख़तरा तो है इस गोली लेने का,लेकिन मजबूरी मजबूरी होती है,अगर उस दिन मुझे इसका परिणाम पता होता तो भी मे गोली लेता

अब तू जिससे चुदाई करना चाहता है,उससे अपनी मर्दानी ताक़त दिखाना चाहता है,तो गोली लेना वरना

मत लेना

अगर तुझे ताक़त ही बढ़ानी है,तो किसी को ऐसे को पटा जिससे तेरी कम समय की चुदाई का कोई फ़र्क नही पड़े,ऑर जब भी मोका मिले चुदाई कर,धीरे धीरे तेरा स्टॅमिना बढ़ जाएगा

अब मे गोली लेकर वापस घर आ गया

अब मे घर आकर ये सोच रहा था कि मे गोली लूँ या नही

मेरी माँ काम कर रही थी,मे उनकी गान्ड देख रहा था,माँ की देखते देखते ही मेरा लंड खड़ा हो गया ,मे गोली की तरफ देख रहा था,वो गोली तकरीबन 1सेमी लंबी ऑर 0.4 सेमी चौड़ी होगी,ऑर कलर भूरा था

मेरे मन मे ये चल रहा था कि माँ की गान्ड जोरदार तरीके से मारु या फिर बिना गोली माँ की गान्ड मारू,कभी इच्छा हो रही थी कि 4 गोली एक साथ लेकर माँ पे चढ़ जाउ ऑर 8 घंटे तक जमकर गान्ड मारू,

लेकिन क्या ये सही होगा,जब मनोहर बता रहा था,कि 2 गोली लेकर उस रंडी की चूत से खून निकल सकती है

तो मे अगर 4 गोली मे माँ की गान्ड मरूगा तो माँ की तो शायद मरने की हालत हो जाएगी

फिर मेने सोचा एक गोली लेकर ही माँ की 2 घंटे तक चुदाई करूगा,ऑर मुझे संतुष्टि नही हुई तो एक ले लुगा

मुझे ये बात सही लगी

मेरी जैसे ही प्लॅनिंग ख़तम हुई ,मेरा ध्यान मेरे लंड पे गया जो झटके खा रहा था,मेने अपने लंड से कहा ,"बस अब वो दिन ज़्यादा दूर नही जब तू माँ की मखमली गान्ड के अंदर होगा,बस मुझे धोका मत देना,मे चाहता हूँ ,कि मे सलीम से ज़्यादा देर तक गान्ड मारू

 
अब मुझे आज चुदाई करने की बहुत इच्छा हो रही थी,ऑर मे माँ की गान्ड की लचक देखकर पागल हो चुका ,मुझे गान्ड का खुमार चढ़ चुका था,इसलिए आज चाची के आने पहले ही मे चाची के पास चला गया

चाची:क्या बात है मोहित,दो तीन दिन चूत नही मिली इसमे ही परेशान हो गया,

चल आज़ा जल्दी से अपनी आग शांत कर ,क्योकि तेरी माँ की आग भी तो शांत करनी है,ऑर उससे मनाना है चुदने के लिए

मे:तो चाची,माँ को मुझसे चुदने के लिए राज़ी करने की प्लॅनिंग कहाँ तक पहुचि

चाची:बस होने वाली है,बहुत जल्द तेरी माँ तेरे लंड पे होगी

((( मन मे,मुझे चूतिया बना रही है,खुद मेरी माँ की गान्ड अपने बेटे से चुदवाना चाह रही है,ऑर मुझे बेवकूफ़ बना रही है,

चाची तेरी हालत तो मे खराब करूगा,बस एक बार मेरी माँ मुझसे चुद जाए ,फिर तुझे मनोहर के यहाँ फसाकर ,ऐसी चुदाई करवाउन्गा कि तुमने कभी अपनी जिंदगी मे ऐसी चुदाई नही करवाई होगी )))

मेने अंदर आते ही,चाची को पीछे से पकड़ लिया,ऑर अपने लंड चाची की गान्ड की दरार मे डाल दिया ऑर उपर से ही झटके देने लगा

ऑर एक हाथ से चाची की सलवार के उपर से ही बूबे दबाने लगा

ऑर एक हाथ चूत पे रखकर मसल्ने लगा,चाची भी गरम होने लगी इसका अहसास मुझे तब हुआ जब चाची की चूत गीली होने लग गयी,ऑर चाची से सासे तेज होने लगी थी

अब मेने एक हाथ कपड़ो के अंदर डाल कर चुचि को कस कर दबाने और एक हाथ से चूत सहलाने लगा

मुझसे अब रहा नही जा रहा था,मेने चाची का नाडा खोला, चाची को जब तक समझ मे आता,नाडा खुल चुका था ऑर चाची ने पैंटी नही पहनी थी इसलिए ,नंगी गान्ड मेरे सामने थी,

मेने ज़ोर लगाकर चाची को आगे की तरफ़ नीचे झुकाया ऑर अपना मुँह चाची की गान्ड के अंदर घुसा दिया,ऑर अपनी जीब निकालकर चाची की गान्ड के छिद्र को चाटने लगा,चाची की चूत ने पानी छोड़ना शुरू कर दिया था,मे वापस खड़ा हुआ,ऑर अपने हाथ मे थूक लगाकर अपने लंड पे लगाया ,ऑर चाची की गान्ड मे लगाया,

मेने बहुत जल्दी से ,अपने लंड को चाची की गान्ड के छेद पे रखा,ऑर एक जोरदार झटका दिया,

मुझे खुद विस्वास नही हो रहा था कि मेरा लंड चाची की गान्ड के छल्ले को एक ही बार मे खोलने मे कामयाब रहेगा

चाची के मुँह ,आआआआआहह, एक जोरदार चीख निकली

चाची *दर्द शायद इसलिए हुआ था कि चाची को बिल्कुल उमीद नही थी कि मेरा लंड एक ही बार मे गान्ड मे चला जाएगा,

अबकी बार मेरा लंड तकरीबन 3 इंच घुस चुका था

चाची:मोहित,तूने फाड़ दी मेरी गान्ड,इतना दम कहाँ से लाया,मेने बहुत बार गान्ड मरवाई है,लेकिन इतना तेज झटका आज तक किसी ने नही दिया जितना तूने दिया है,

मुझे भी पता नही इतनी ताक़त कहाँ से आई,मेने सेक्स की ताक़त बढ़ाने वाली भी नही ली,

शायद ये माँ की गान्ड जोरदार तरीके से मारने की इच्छा ही थी जिसने मुझे इतनी ताक़त दी

पहले झटके से मुझे इतना जोश आया,कि मेने एक बार फिर ताक़त लगाकर एक झटका मारा ,ऑर मेरा लंड 2 इंच ऑर घुस गया

चाची की एक बार फिर दर्दभरी चीख निकली आआआअहह, मोहित बस कर ,बहुत दर्द हो रहा है

मे इस चाची की इस चीख से डर गया था,मुझे पहले तो लगा कि चाची नाटक कर रही है,लेकिन इस बार वाली चीख बहुत तेज थी

हालाँकि इस झटके से मुझे भी बहुत दर्द हुआ था,मुझे यूँ लगा ,मेरे लंड की चमड़ी खिसक गयी हो

मेने अपना लंड चाची की गान्ड से बाहर निकाला,बाहर निकालते ही चाची ने दर्द से राहत ली,ऑर मुझे लंड मे दर्द होना शुरू हो गया था

चाची गुस्से मे साले कोई बिना तैयार किए इतनी ज़ोर से गान्ड मारता है,बस केवल बाहर बाहर से थूक लगाकर लंड डाल दिया अंदर,गान्ड अंदर से सुखी हुई थी,इसमे दोनो को दर्द होता है,तूने तो मुझे वो दर्द दिया जो किसी को चोट लगने पे दर्द होता है ,मज़े वाला वाला दर्द जब मज़े देता है जब शरीर ऑर मन दोनो की इच्छा होती है

खेर इसका बुरा परणाम मुझसे ज़्यादा तुझको होगा,तेरा लंड झेल गया है ऑर जैसे समय बीतेगा तुझे ऑर दर्द होगा,मुझे जो दर्द होना था हो गया

मेने अपने लंड की ऑर देखा,उसका आगे को टोपा पूरा लाल पड़ चुका था,उसकी उपर की चमड़ी निकल चुकी थी,ऑर मुझे वहाँ हाथ लगाने मे जलन होने लगी थी

मे वापस घर आ गया,उस दिन चाची मेरे घर नही आई

 
शाम होते होते मुझे दर्द होने लगा,मुझसे रहा नही गया,मे चाची के घर किसी बहाने से गया ऑर उन्हे छत पर घूमने का बहाना बनाने के लिए कहा

चाची कुछ देर मे छत पे आई,मेने बोला चाची अब लंड का दर्द बर्दास्त नही हो रहा,प्लीज़ कुछ करो,मे आपके सामने हाथ जोड़ता हू

चाची:हाथ जोड़ने से कुछ नही होगा,बोल तू 12 तारीख से पहले अपनी माँ को नही चोदेगा ऑर सौदा ख़तम जिसमे तेरी माँ को तुझसे से चुदवाना था

मे:हाँ ठीक है

चाची:तो ठीक है,थोड़ा कच्चा दूध से मालिश कर आराम आ जाएगा

मे:ठीक है चाची ,

मे घर जाकर कच्चा दूध लगाया ,मुझे आराम आया,

लेकिन मुझे ख़ुसी हो रही थी कि मेने चाची की गान्ड मारी ,

फिर मे घर आके सो गया

मे अगले दिन फिर पहुच गया चाची के घर ,चाची बोली

चाची:मुझे तेरी माँ की मालिश करने जाना है

मे:आज माँ बाहर गयी है,अपनी सहेली से मिलने

चाची:अच्छा,मुझे बताया नही

मे:कुछ देर पहले ही फोन आया था

मे फिर टूट पड़ा चाची को लेकर बेड पे गिर गया ऑर बड़े प्यार से चाची चुचि को मसल्ते हुए किस करने लगा,

अब मे चाची के होंठो को चूस रहा था,एक हाथ से चुचि मसल रहा था ऑर एक हाथ चूत पे चला रहा था

10 मिनट बाद जब किस तोड़ा तो चाची,क्या बात है,आज बड़े रोमॅंटिक हो रहे हो

मे:चाची,आपके शरीर को पाने के लिए आपकी सहमति चाहिए ,नही तो मुझे नुकसान हो जाता है

चाची:तो कल की गान्ड मारने वाली घटना की बात कर रहा है

कुछ नही एक बार औरत की गान्ड अंदर तक गीली कर दो,ऑर शुरू मे धीरे धीरे लंड पूरा अंदर घुसा दो,हाँ कुवारि गान्ड मे तो तेज मारना ही पड़ेगा नही तो लंड अंदर ही नही जाने देगी कुवारि गान्ड

,एक बार पूरा अंदर चला जाए फिर कुछ देर रुक कर फिर चुदाई करो,तुममे जितनी ताक़त हो उतनी ताकत से चुदाई करो,उस गान्ड की ठुकाई मे जो दर्द उसमे दोनो को मज़ा आता है,

तो चाची मे आपकी गान्ड मारु इस बार जो आपने बताया है उस तरीके से

ठीक है,आज़ा,ऑर चाची खड़ी होकर अपना नाडा ढीला करके नंगी हो गयी ऑर पेट के बल लेट गयी बेड पे ,अब मे भी नंगा हो गया ओर ऑर मेने अपना मुँह चाची की गान्ड मे लगा लिया

चाची:मेरे बेटे को भी गान्ड का बहुत शौक है,जब भी मोका मिलता है अपना मुँह गान्ड मे घुसा देता है

मे:पता नही चाची,गान्ड ने ही तो परेशान कर रखा है,भले ही चूत ना मारू,इसका कोई दुख नही,लेकिन अगर गान्ड नही मारी तो बहुत अफ़सोस होगा

चाची:हाँ हाँ मे जानती हूँ,इस उमर मे चुदाई का चस्का बहुत जोरो से लगता है,ऑर आजकल के बच्चे गान्ड मारना बहुत पसंद करते है

मे अब चाची की गान्ड के छेद को अपनी जीब से कुरेद रहा था,

थोड़ी देर बाद मेने एक उंगली पे थूक लगाया ऑर चाची की गान्ड मे घुसा दिया

चाची ने सेक्सी आह निकाली,चाची की आवाज़ इतनी सेक्सी थी क़ी मेरा लंड फुल जोश मे आ गया

बस इसी तरह मे थूक लगा लगा कर चाची की गान्ड को गीली कर रहा था,

मे: हाँ चाची,अब घुसा दूं

चाची:नही,अभी नही थोड़ा देर ऑर रुक

मे:मुझे मजबूरी मे ऐसे ही उंगली आगे पीछे करनी पड़ रही थी,

मे:अब,डाल दूं चाची

चाची:बड़ी जल्दी लगी है,चल डाल दे

चाची के ये शब्द कहते ही मेने उंगली गान्ड से निकाली ऑर अपना लंड लेकर चाची की गान्ड के पास ले आया,अब मेने अपने हाथो मे थूक लिया ऑर लंड पे लगाया

अब मेने लंड को गान्ड के छेद पे रखा ऑर बोला --चाची रेडी हो

चाची:हाँ ,,आईईईईईईईई

चाची के हाँ कहते ही मेने ज़ोर का झटका लगा दिया था ,जिससे मेरा लंड 3 इंच घुस गया

चाची:बस बोलते ही घुसा दिया लंड थोड़ी देर तो रुकता

मे:चाची,जब इतनी मस्त गंद हो ,ओर मरवाने को तैयार हो,तो कों रुकेगा

मे: चाची आपको कब से गान्ड मरवाने मे दर्द होने लगा,आप तो अपने बेटे से रोज गान्ड मरवाति हो

ऑर मे ये कहकर अपना लंड चाची की गान्ड मे धकेलने लगा

चाची:क्या बात है आज तेरा लंड बिना पानी निकाले गान्ड मे घुसा जा रहा है

मे:जब किसी को किसी चीज़ से प्यार होता है उसमे उसको पाने की ताक़त आ जाती है

(शायद ये मेरा प्यार ही था ,जो मुझे इतनी ताक़त दे रहा था)

मेने चाची की गान्ड मे धीरे धीरे पूरा लंड घुसा दिया

 
मे:हुरर्रीईए,मेने पूरा घुसा दिया,मेने पूर घुसा दिया

चाची:अच्छा है,चल अब मार ले,इससे पहले की तेरा पानी निकल जाए

बस फिर क्या था,

इतना सुनते ही मेने भी आगे झुक कर चाची की चुचि पकड़ कर गान्ड पे धक्के लगाने शुरू किए ,मेने पूरी ताक़त से चाची की गान्ड मारना शुरू किया,अब मेरा पूरा लंड चाची की गान्ड के छल्ले तक आ रहा था ऑर फिर जा था

चाची:सीख गया मोहित तू गान्ड मारना

बहुत जल्दी सीखा

मुझे बहुत अच्छा लग रहा था ये देखकर कि कैसे मेरा लंड एक पिस्टन की तरह चाची की गान्ड मे अंदर बाहर हो रहा है

मे पिछले 10 मिनट से चाची की गान्ड मारे जा रहा था

अब मेने अपना लंड चाची की गान्ड से निकाला ,ऑर अपने दोनो हाथो से चाची की कुल्हो को एक दूसरे के विपरीत खिचा ,इससे चाची के गान्ड का छेद खुल गया ऑर मुझे गुफा जैसा नज़ारा दिखाई दिया

ये देखकर मुझे मज़ा आ गया,बड़ा ही मस्त सीन था,

चाची के गान्ड का छेद अंदर से बिल्कुल लाल था,मेने अपनी जीब चाची की गान्ड के अंदर डालकर ,अंदर ही घुमाने लगा

मेरी इस हरकत ने चाची की चूत से पानी छुड़वा दिया था ऑर चाची को सिसकारी लेने पे मजबूर कर दिया था

चाची:आआहह,बस बेटे ऐसा ही चाट ता रह,बहुत अच्छा लग रहा है,आआआआआअहह आआआआआआहह

अब मेने वापस लंड छेद पे रखा,एक जोरदार धक्का दिया,पूरा लंड एक ही बार मे अंदर घुस गया

चाची:आआआआआआईयईईईईईईईईईई,मारेगा क्या कुत्ते,जाकर अपनी माँ की गान्ड मारना ऐसे

मे:पता नही मुझे इस बात पे गुस्सा आ गया,अब मेने चाची की गान्ड चुदाई की स्पीड बढ़ा दी ,ऑर ज़ोर ज़ोर से थप्पड़ कुल्हों पे लगाने लगा

मे चाची को गान्ड चुदाई मे इतना दर्द नही दे सकता जितना सलीम देता होगा,पर में बाकी कसर

चाची के कुल्हों पे थप्पड़ मारके निकाल रहा था

मे बहुत ज़ोर ज़ोर से थप्पड़ मार रहा था,मेरा हर थप्पड़ इतना तेज था कि मेरी उंगलिया चाची की सुडोल गान्ड पे छप रही थी ऑर चटाक़ की तेज आवाज़ आ रही थी ऑर चाची की आआआआआआईयईईईईईईईईईईई ,की आवाज़ निकालने पे मजबूर कर रही थी

चाची:मार दिया मोहित बेटे,इतना कोई मारता है क्या

मे: मे बस अपनी ही धुन मे चाची की गान्ड मारे जा रहा था

ऑर चाची की चीखे निकलती जा रही थी ऑर अपनी गान्ड को इधर उधर मटका कर मेरे थप्पड़ से बचाने की नाकाम कॉसिश कर रही थी

मेने अगले 5 मिनट ऑर चाची की गान्ड बजाई,ऑर फिर मेने चाची की गान्ड मे ही पानी निकाल दिया

चाची की गान्ड मारने के बाद,मे वापस घर आकर बिस्तर पे लेट गया ऑर खुशी महसूस करने लगा फिर

मेने रूम का दरवाजा लगाकर नंगा हो गया ऑर अपने लंड को देखा,मेरा लंड अभी भी झटके खा रहा था

ये देखकर मे खुद से बोला वाह बेटा अभी अभी गान्ड बजा कर आ रहे हो ऑर अभी भी झटके खा रहे हो

ये कहकर मेने लंड को पकड़ा,मुझे जलन सी महसूस हुई,मेने देखा कि मेरा लंड जोरदार गान्ड की घिसाई के कारण छिल गया है,फिर मेने चाची की बातो को याद किया,ऑर मलाई लगा कर सो गया

 
सोते हुए भी मुझे ख़ुसी थी,कैसे आज मेने चाची की गान्ड मारी,चाची ने कभी भी नही सोचा होगा इतना दम होगा मुझमे

बस अब तो माँ की गान्ड पे चढ़ जाने की इच्छा है,मे माँ की गान्ड इतनी आरामी से नही चोदुन्ग,जब तक मेरे अंदर थोड़ी भी हिम्मत होगी,मे माँ को चोदता रहुगा

लेकिन क्या मे सलीम का मुकाबला कर पाउन्गा

सलीम का ध्यान आते ही मुझे गोली की याद आई

मेने तुरंत गोली निकाली ऑर हाथ मे रख दी ऑर अब मे गोली को घूर्र रहा था

क्या मुझे ये गोली लेनी चाचिए

लेकिन क्या ज़रूरत है गोली की ,बस मुझे थोड़े दिन ही तो ऑर प्रॅक्टीस करनी है फिर मे शायद में सलीम को टक्कर दे सकुगा,ऑर मेने सोचा कोन्सि सलीम के साथ जीत ऑर मौत की रेस लगी हुई है कि अगर हार गया तो मरना पड़ेगा

लेकिन मेरे पास वक्त भी तो कम है,आज 6 तारीख हो गयी,ऑर सलीम 12 को आ रहा है,ये डर लगा रहता है कि अगर कही मेने इस सिचुयेशन मे ढील दे दी तो कहीं चाची सलीम के द्वारा मेरी माँ की गान्ड मरवा दे

मेरे पास 6 दिन है माँ की गान्ड का उद्घाटन करने के लिए,एक बार माँ का उद्घाटन हो जाए फिर तो माँ की गान्ड मे पूरे दिन मेरा ही लंड पड़ा रहेगा

तो मे इस गोली का क्या करूँ, फैंक दूं

मेने गोली को फेकना सही नही समझा,यह गोली किसी के लिए बहुत ज़रूरी हो सकती है,जैसे मेरे लिए थी

तो क्या इस गोली को वापस मनोहर के पास छोड़ आउ

लेकिन वो कहेगा कि मे सौदे के मुकर रहा हूँ,मे चाची को उससे नही चुदवाना चाहता,लेकिन उसको ये कॉन बताए कि मे खुद चाची की गान्ड मनोहर से मरवाना चाह रहा था

फिर मेने सोचा गोली मे ही रख लेता हूँ जब किसी को ज़रूरत होगी उसे दे दूँगा

ऑर यह सोचते सोचते मे सो गया

उस दिन मे इतना थक गया था दिन मे 3 बजे सोया था ,रात को 10 बजे उठा

मम्मी ने मुझे जगाया ऑर बोली

मम्मी:क्या बात है बेटा आज बहुत सोया ,रोज़ तो शाम 5 बजे तक उठ जाता था,आज क्या हुआ

मे:मेरी बोलती बंद,मे क्या बोलता कि मे आज चाची की गान्ड मार कर आया हूँ

मम्मी:लगता है चाची के यहाँ कोई काम करके आया है ऑर मम्मी मुस्कुराइ

फिर मेरा ध्यान आया कि मेरा लंड खड़ा है,मेने तुरंत चद्दर से छुपाया ऑर बोला

मे:नही मम्मी ऐसी कोई बात नही है,वो बस

मम्मी:वो बस क्या,हाँ बता क्या काम करके आया है

मे:मुझे तुरंत एक आइडिया आया,मे बोला वो चाची का बदन दुख रहा था,इसलिए मुझे मालिश करने बुलाया था

मम्मी:तू कब्से मालिश करने लग गया

मे:मेने बताया तो था ,मे मालिश बहुत अच्छी करता हूँ

ऑर आपको भी बोला था ,आपकी कभी मालिश करनी हो तो मुझे बोलना

मम्मी:अच्छा बड़ा आया मालिश करने वाला,चल उठ खाना खाले

ऑर ये कहकर मम्मी चली गयी

जाते समय,मे मॅक्सी मे उपर नीचे हो रहे भारी गान्ड को देख रहा था

गान्ड देखते ही मेरा लंड फिर से झटके खाने लगा,मेने देख कर कहा बस बहुत जल्द तुझे ये गान्ड दिलवाता हूँ,इस गान्ड ने मुझे भी पागल कर रखा है

फिर मेने खाना खाया,ऑर वापस कमरे मे आकर लेट गया,आज गान्ड जोरदार मारने के कारण मेरा शरीर अकड़ गया था,ऑर मेने सोने की सोची,लेकिन नींद नही आई,आख बंद करते ही माँ की गान्ड सामने आ रही थी

मेने सोचा क्या मे पागल हो रहा हूँ या फिर ये मेरा खुमार है गान्ड के लिए जो मुझे सोने नही दे रहा

मन: (भेन्चोद ये क्या बकवस्स है,आज दिन भर सो रहा था,अब घंटा आएगी नींद)

सही बात है,चलो कुछ पढ़ लेते है

मे पढ़ने बैठा,लेकिन मन नही लगा ,फिर देखा ब्लू फिल्म देख लेता हूँ

मेने कुछ देर सर्च किया लेकिन कोई मजेदार नही मिली जिससे देख कर मे लंड हिला सकूँ

इसी बीच मे मम्मी के कमरे के बाहर भी जा आया था यही सोचकर कि मम्मी की सेक्सी बात सुनने को मिल जाए ऑर लंड हिला कर पानी निकाल कर सो जाउ

लेकिन ऐसा कुछ नही हुआ,ऐसे ही करते करते मुझे रात के 1 बज गये ,ऑर बहुत ही कॉसिषो के बाद मे सो गया

फिर मम्मी सुबह आकर मुझे जगाई,ऑर चाइ देकर चली गयी

अब ये ओ रोज़ को नियम हो गया था मम्मी की जाती हुई पीछे से गान्ड को देखना

 
आज मम्मी पिंक कलर की साड़ी पहनकर कहर ढा रही थी,मम्मी पता नही क्यो तैयार हो रखी थी,

मे चाइ पीते पीते मम्मी के पीछे गया

मे:मम्मी ,आज तो बड़ी जच रही हो,क्या बात है

मम्मी:क्या मतलब तेरा ,बाकी दिन मे तुझे खराब लगती थी

मे:दुनिया मे ऐसा कोई बेटा नही जिससे अपनी माँ खराब लगती हो

मम्मी:कहाँ से लाया ये डाइलॉग

मे:मम्मी ये कोई डाइलॉग नही है ये एक बेटे द्वारा अपनी माँ के लिए दिल से निकले हुए शब्द है

मम्मी:मुस्कुरा जाती है,अच्छा ऑर क्या कहना चाहता है मेरे बारे मे

(((मुझे लग रहा था मम्मी अपनी बधाई सुनना चाहती है ))

मे:आप तो है ही बहुत सुंदर,आपके जैसा दुनिया मे कोई नही,आपका ये मामाक्खह,,,,,,,,,,,,,,,,,,

मम्मी: क्या हुआ

मे:वो शब्द नही मिल रहे कि क्या बोलूं

मम्मी:तुझे मेरी कसम,नही बोला तो मे तुझसे कभी बात नही करूगी

मे:वो मे आपका मखमली बदन देखकर कोई भी पागल हो सकता है

मम्मी:तुझे शर्म नही आती ये बात करते हुए

मे:आप ही मुझे फोर्स कर रही थी(उदास सा चेहरा बनाते हुए)

मम्मी की ममता जाग उठी बोली अरे मेरा लाल,क्यो नाराज़ होता है

कोई बेटा अपनी माँ की बातो से नाराज़ होता है क्या,ऑर मम्मी मेरे पास आकर गाल खिचकर मस्का लगाने लगी

मम्मी के बदन की खुसबु पाते ही मेरा लंड खड़ा होने लग गया जो मम्मी की नज़रों से छिप नही सकता था

मम्मी ने एक नज़र पाजामे के लंड वाले हिस्से को देखा ,फिर मुस्कुरा कर खड़ी होकर बोली

मे चाइ बनाके लाती जब तक फ्रेश होले

मे:कोई ज़रूरत नही है

मम्मी: नीचे देख ,ज़रूरत है

(मम्मी का इशारा मेरे लंड की तरफ था)

मे बस कुछ नही बोला और सीधा बाथरूम मे जाकर सोचने लगा कि मम्मी क्या सोच रही होगी

फिर मे बाहर आया मम्मी चाइ लेकर खड़ी थी ,हमने चाइ पी ओर फिर मे खेलने निकल गया(आउटडोर खेलने जाता नही था,पर आज की घटना के बाद मुझे शर्म आ रही थी)

अगली सुबह फिर मम्मी ने आवाज़ लगाकर मुझे उठाया ऑर चाइ रखकर जाने लगी

अब तो मेरी आदत सी पड़ गयी थी मम्मी की जाते हुए गान्ड देखना ,ऑर पता नही मेरे लंड को भी क्या आदत हो गयी थी,बस मम्मी की गान्ड देखने की ज़रूरत थी ऑर लंड खड़ा हो जाता था

कुछ तो बात थी मम्मी की गान्ड मे,इतना परेशान किसी ऑर की गान्ड ने नही किया जितना मम्मी की गान्ड ने कर रखा है

बस एक बार मिल जाए मम्मी की गान्ड ,माँ कसम इतना चोदुन्गा कि नानी याद आ जाएगी

मुझे पता ही नही चला की कब मेरा हाथ मेरे लंड पे चला गया ऑर मे मसल्ने लगा

मुझे माँ की गान्ड की कल्पना करते हुए लंड मसल्ने मे इतना मज़ा आ रहा था कि पता ही नही चला ऑर कब मम्मी वापस आकर दरवाज़े का सहारा लगाकर खड़ी होकर मुझे देख रही थी

मम्मी:क्या हुआ

मे:हड़बड़ाहट मे ,अपने हाथ पाजामे से निकालते हुए,कुछ नही मम्मी

मम्मी:तुझे कोई बीमारी तो नही हो गयी

मे:कोन्सि बीमारी,मे ठीक हूँ

मम्मी:तो फिर क्यो खुजलाता है वहाँ

(मम्मी का इशारा मेरे लंड वाले हिस्से की ओर था)

मे:बस खुजली होती है

मम्मी: कोई कारण तो होगा,बिना कारण खुजली नही होती,साबुन नही लगाता क्या वहाँ

मे:लगाता हूँ ना मम्मी,वो बस आजकल से होने लगी है

मम्मी:चल कोई नही,दिक्कत आए तो बता देना(मुस्कुराते हुए)

मे:ठीक है मम्मी

फिर मम्मी चली गयी

 
मे फिर सोच मे सब गया,आख़िर मम्मी कहना क्या चाह रही थी,क्यो वो सीधी लाइन दे रही थी कि मम्मी मुझसे चुद्ना चाहती है

मुझे भी आगे कॉसिश करनी चाहिए

आज 7 तारीख है ,अब बस 5 दिन बचे है मेरे पास माँ की गान्ड का उद्घाटन करने के लिए,नही तो सबसे शानदार कुवारि गान्ड की ओपनिंग मेरे हाथो से निकल जाएगी

बस ये सोचते सोचते मे बाथरूम मे गया,माँ की गान्ड की कल्पना करते हुए लंड हिलाया ऑर वापस आकर पढ़ाई करने लग गया

पढ़ते पढ़ते मुझे पता ही नही चला कब 11 बज गये

डोर बेल बजी

मुझे पता था कॉन होगा

चाची ने सोचा होगा मे बाहर चला गया हुंगा,जैसा सौदा हुआ था,पर मेरा आज बाहर जाने का मन था नही शायद मुझे इतना कॉन्फिडेन्स आ गया था कि माँ को अब मे अकेले ही पटा लुगा,चाची की मदद की कोई ज़रूरत नही है

मम्मी किचन मे काम कर रही थी,मेने जाकर दरवाजा खोला,मुझे देखते ही चाची का मुँह उतर गया,ऑर मुझे बोला

चाची:तू बाहर गया नही

मे:नही चाची,आज मन नही हो रहा था

चाची:चल बाहर जा,मुझे तेरी मम्मी से काम है

मे:मे जानता था कि मम्मी तक आवाज़ नही पहुचेगी,मेने कहा क्या काम है,तुम मेरा काम तो कर नही रही,अपना काम निकाले जा रही हो(आगे भी बोलता पर मे चुप हो गया,मे जानता था अगर चाची नाराज़ हो गयी तो मुझे बेवजह ही एक चूत ऑर गान्ड से हाथ धोना पड़ सकता है)

चाची मुझे आश्चर्य से देखती हुई

मेने अपने आपको कंट्रोल किया ऑर बात घुमा के बोला

मे:चाची आपने कहा था कि आप मुझसे माँ को चुदवाओगि,लेकिन आप कोई कॉसिश नही कर रही

चाची:मे कॉसिश कर रही हूँ,तेरी माँ इतनी जल्दी थोड़े ही मान जाएगी

मे:फिर मे,आज मे बाहर नही जाउन्गा,मेरे सिर दर्द हो रहा था

चाची:तो मेरे घर चला जा,ले चाबी

मे:आज रहने दो ना

चाची:फिर मत बोलना,मेने कॉसिश नही की

मे मन मे-- आप मुझे धोका दे रही हो ऑर मुझे बोल रही हो कॉसिश कर रही हूँ

मे:बेमंन से,ओर सोचा कुछ फ़ायदा ही हो जाएगा

मेने चाची से चाबी ली ऑर मम्मी से बोला ,मम्मी मे बाहर जा रहा हूँ

मम्मी:किचन से,कहाँ जा रहा है,ऑर दरवाज़े पे कॉन है

मे:दोस्त के यहाँ पढ़ाई करने जा रहा हूँ,ऑर चाची आई हुई है

चाची भी मुझे देख मुस्कुरा गयी

मम्मी:अच्छा ,जल्दी आ जाना

मे:2 बजे तक आ जाउन्गा

मम्मी ठीक है

उसके बाद क्या हुआ मे नही जानता,चाची ऑर माँ ने लेज़्बीयन सेक्स किया होगा ऑर वही गान्ड मे उंगली डालकर माँ की चूत से पानी निकाला होगा,ऑर माँ को उल्टी पट्टी पढ़ाई होगी

मे 2 बजे वापस आकर खाना खाकर सो गया

मे सो रहा था,मुझे लगा कोई मेरे पास बैठा है,मेरी नाक ने मेरी मम्मी के शरीर से आ रही गंध को पहचान लिया,मे जान गया था मेरी मम्मी मेरे पास बैठी है

पर मेरे लंड पे मेरा वश नही था,मेरी नाक तक मम्मी के शरीर की भीनी भीनी गंध पहुच रही थी ऑर मेरे लंड ने खड़ा होना शुरू कर दिया

था

अब तक मे भी होश मे आ चुका था

मेरा लंड बिल्कुल सख़्त हो गया,ऑर लंड खड़ा हो कर इतना लंबा हो गया कि माँ के शरीर को टच हो गया

मेने अपनी पलके बहुत थोड़ी सी खोली ,जिससे मम्मी को पता चल नही पाए कि मे जाग गया हूँ

मम्मी मेरे लंड का स्पर्श पाकर मस्त हो गयी, और मैं अपने मन मे मम्मी की नंगी कल्पना कर रहा था,काश अभी चोद पाता मम्मी को

फिर मे अपने आप को नींद का नाटक करने से नही रोक पाया ऑर उठने लगा

 
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