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आंटी और माँ के साथ मस्ती complete

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मम्मी:हाँ भाभी आपने ही तो कहा था कि मेरी जमकर गान्ड मारे

मामी:क्या करें तेरी गान्ड ही ऐसी है,तो बता मोहित ने अच्छी गान्ड मारी

मम्मी:भाभी क्या बताऊ ,मोहित ने तो मेरी हालत खराब कर दी इतनी बुरी तरह गान्ड मारी,अभी भी दर्द कर रही है गान्ड

मामी:पहली बार गान्ड मरवाते है तब दर्द होता है ,अब देख तेरी गान्ड खुल गयी है इसलिए अब आगे से दर्द नही होगा,

मम्मी:मोहित ने आपकी भी तो गान्ड मारी थी

मामी मम्मी की गान्ड के छेद के उपर उंगलियो को घुमा घुमा कर मालिश करते हुए "" हाँ मारी तो थी,लेकिन बहुत दिनो बाद गान्ड मरवाई थी इसलिए थोड़ा दर्द हुआ,लेकिन मोहित ने बहुत मस्त गान्ड मारी थी,पूरी गान्ड की अकड़ निकाल दी थी

मामी धीरे धीरे एक उंगली गान्ड के अंदर डालकर अंदर से मालिश करने लगी

मामी:मोहित ने गान्ड तो मस्त मारी होगी,एक तो तेरा बेटा ऑर उपर से इतनी मस्त कुवारि गान्ड ,इसलिए मार मार कर सूजा दी,देख अभी भी सूज़ी पड़ी हुई है

मामी की गान्ड मालिश से मम्मी की चूत ने पानी छोड़ना शुरू कर दिया था

मम्मी के मुँह से भी सिसकारियाँ निकलनी शुरू हो गयी

मामी:सुधा तेरी चूत ने तो पानी छोड़ना शुरू कर दिया,ऑर चुदना चाह रही है क्या

ऑर ये कहकर मामी मम्मी की उंगली से ही गान्ड चुदाई करने लगी

मामी मम्मी की गान्ड मे उंगली अंदर बाहर करने लगी,

मामी द्वारा उंगली की गान्ड चुदाई से मम्मी गरम हो गयी ऑर चूत पानी छोड़ने लगी

मामी: सुधा तेरी चूत तो पानी छोड़ने लग गयी

मम्मी:हाँ भाभी ,आपके जमाई तो काम मे ही मस्त रहते है ,मुझे चोदते ही नही,बहुत दिनो बाद चुदाई का मज़ा लिया है

मामी:चुदाई का मज़ा भी लिया तो बेटे से,बुलाऊ क्या उसे

मम्मी:नही भाभी,मुझे इस हालत मे आपके सामने शरम आएगी

मामी:कल जब अपनी गान्ड मरवा रही थी तब तो शरम नही आई

मम्मी:तब मे बहक गयी थी ऑर अकेली भी थी

मामी:अरे तेरा बेटा ने दोनो को चोद चुका है,ऑर तू शरमा रही है

मम्मी:लेकिन अभी मत बुलाओ,मुझे शर्म आती है

मामी:शर्म करेगी तो मज़े कहाँ से लेगी,तेरे भैया मुझे कहाँ चोदते थे ,तो मेने अपने हिसाब से लंड ढूँढ लिया,शर्म करती तो अब तक मे ही चुदाई की आग मे जलती रहती

मम्मी:तो भाभी आप किससे चुदती थी

मामी:हाई गाँव मे बहुत सारे ठरकी बैठे हैं,जो चोदने को तैयार रहते है

मम्मी:अच्छा है

मामी:अगर तुझे अपने बेटे से चुदने मे शर्म आती है ,तो मे लंड का इंतज़ाम करूँ

मम्मी:रहने दो भाभी

मामी:मे तुझे चुदते हुए देखना चाहती हूँ,तू कहे तो तेरे भैया पे चढ़वा दूं तुझे,बहुत मस्त चुदाई करेंगे,बहुत दम है उनमे

मम्मी:अरे नही भाभी

मामी:देख अब तू चुदे बिना रहेगी नही,या तो सीधे सीधे बोल दे नही तो मे ऐसे बहुत से ठरकीयो को जानती हूँ जो मेरे एक इशारे मे तुझे ज़बरदस्ती चोद देगे

मम्मी:भाभी थोड़ा मोका तो दो

मामी:कोई मोका वॉका नही है,तू हाँ कर नही तो मे बुलाती हूँ किसी को

मम्मी:ठीक है भाभी आप ज़िद कर रही हो तो ठीक है,लेकिन अभी थोड़ा मज़ा लेने दो

मामी हँसते हुए ठीक है मेरी सुधा रानी,ऑर ये कहकर मामी दो उंगलिया गान्ड मे घुसा के अंदर बाहर करने लगती है

मम्मी गान्ड चुदाई से झड गयी

मामी:चल अब तू मेरी चूत चूस मे तेरी चुस्ती हूँ

ऑर देखते देखते ही मामी ने भी अपना घाघरा उतार दिया ऑर मम्मी के घाघरे का नाडा खोल दिया

दो औरतो के भारी शरीर देखकर मेरा सिर घूम गया

मे खुद से बोला:इन दोनो औरतो को एक साथ चोदने मे तो मज़ा आ जाएगा,ऐसी चुदाई करूगा कि दोनो मस्त हो जाएगी

ऑर

मामी ऑर मम्मी उल्टा हो गयी एक दूसरे की चूत चूसने लगी

मुझसे रहा नही गया मे अपना लंड निकाल के

मे उपर से ये नज़ारा देख पागल हुए जा रहा था

मुझसे रहा नही गया मे अपना लंड निकाल कर हिलाने लगा

मामी ऑर मम्मी दोनो गरम हो गयी दोनो की चूत बहुत पानी छोड़ रही थी

मम्मी:भाभी अब रहा नही जा रहा ,कुछ करो

मामी:अभी करती हूँ ऑर मामी ने मुझे इशारा किया

मे तुरंत नीचे आ गया

मम्मी को पता था कि मे आ गया हूँ लेकिन शर्म के मारे अपना ध्यान मामी की चूत चूसने मे लगाया

मामी ने मम्मी को उपर ले लिया था ऑर मुझे इशारे से बोली लंड घुसा दे

मामी का मुँह मम्मी की चूत मे था इसलिए मेने अपना मुँह मम्मी की गान्ड पे रखा ऑर चाटने लगा

मम्मी शर्म के मारे कुछ नही कर पा रही थी,जब मेने देखा कि मम्मी गान्ड गीली हो गयी है तो मैने अपने लंड पे थूक लगाया ऑर लंड मम्मी की गान्ड पे रख दिया ऑर एक जोरदार झटका दिया,मम्मी के मुँह आह निकल गयी,मम्मी की रातभर गान्ड ठुकाई की थी इसलिए मुझे ज़्यादा परेशानी नही हुई लंड घुसाने मे ऑर मम्मी को भी ज़्यादा दर्द नही हुआ

मामी आँख मार कर इशारो मे कहती है बहुत बढ़िया ऑर आगे लंड घुसाने को कहती है

मामी की आँखो के सामने मम्मी की गान्ड मे मेरा लंड घुसा हुआ था

मामी आँखे फाड़ फाड़ के मेरे लंड को गान्ड से अंदर बाहर होते देख रही थी,मे जल्द ही धुआँधार गान्ड मारने लग गया,

अगले 15 मिनट बाद मेने मम्मी की गान्ड से लंड निकाला ऑर मामी के मुँह मे डाल दिया,मामी मेरे लंड को प्यार से चूसने लगी ,

 
मे:मामी अब आप पलट जाओ ऑर मम्मी की चूत चूसो मे आपकी गान्ड मारता हूँ

मामी ने पलट कर मम्मी को अपने आगे ले लिया ऑर मम्मी की चूत चूसने लगी

मेने मामी की गान्ड पे ढेर सारा थूक लगाया ऑर लंड रखकर एक जोरदार झटका दिया,मेरा लंड माम्मी की गान्ड फाड़ता हुआ आधा अंदर घुस गया

मामी:àआाआआईयईईईईईईई बेटा

इससे पहले ही मेने एक ऑर जोरदार झटका दिया ऑर मेरा पूरा लंड मामी की गान्ड मे उतर गया

मामी की फिर चीख निकली

लेकिन मम्मी ने मामी का सिर अपनी चूत मे दबा रखा था इसलिए काफ़ी हद तक मामी की चीख दब गयी लेकिन फिर भी एक दबी दबी चीख निकली

इसके बाद तो मेने मामी की गान्ड की ऐसी ठुकाई कि मेरे लंड की मार से मामी की गान्ड लाल पड़ गयी ,मेने फिर मम्मी को अपने निशाने पे लिया ऑर इस बार मेने मम्मी की गान्ड ठोकी

पूरा कमरे मे ठप ठप की आवाज़े सुनाई दे रही थी,दोनो बड़ी गान्ड की औरतो को अपनी गान्ड ठुकाई का अहसास बड़ा मोहक लग रहा था पर अब दर्द भरा होता जा रहा था

,मेरे लंड की मार से दोनो औरते की गांडे लाल पड़ गयी थी ,ऑर बचने की कोशिश करते हुए अपनी गान्ड पे पड़ रहे धक्कों को अपनी गान्ड इधर उधर हिलाकर बचने की कॉसिश करती

जब मे मम्मी की गान्ड मार रहा होता तो मामी को थोड़ा चैन मिलता ऑर जब मे मामी की गान्ड मार रहा होता तो मम्मी को चैन मिलता

बहुत देर हो गयी थी ,मुझे समझ नही आ रहा इतनी मस्त बड़ी बड़ी 2 गान्ड होने के वाबजूद मेरा पानी नही निकल रहा,मे बस अपनी ही धुन मे मामी ऑर मम्मी की गान्ड की ठुकाई कर रहा था

मम्मी:बेटा ऑर कितना मारेगा ,अब गान्ड भी जलने लगी है

मे:बस हो गया मम्मी

उसके बाद मे जितना दम था उतनी तेज़ी से धक्के मार रहा था,ऑर 10 मिनट बाद मेने थोड़ा थोड़ा पानी मम्मी ऑर मामी को पिला दिया

मामी:बेटा जबरदस्त गान्ड ठुकाइ की तूने तो ,क्यो सुधा

मम्मी:हाँ भाभी ,आज तो जबरदस्त ठुकाई हुई है गान्ड की

मे:मज़ा आ गया,मस्त गान्ड है तुम दोनो की

अब तूने दोनो की गान्ड की ठुकाई कर दी ,हमसे तो खेतो पे नही जाया जाएगा ,अब खेतो पे कॉन जाएगा,

मे:मे जाउन्गा

मामी:अकेला

मे:हाँ

मे थोड़ी देर वहाँ रुका ,फिर खेतो की तरफ निकल गया

रास्ते मे मुझे बदाहूर चाचा मिले

चाचा:अरे मोहित ,तुम्हारी माँ की हालत कैसी है

मे:ठीक है

चाच्चा:अच्छा,चलो कोई नही मे उधर ही जा रहा था देखता जाउन्गा

मे:ठीक है कह कर आगे बढ़ गया,तभी कालू मिला

कालू:ऑर दोस्त क्या हाल है ,चल आज़ा सिगरेट पीके आते है ,

मे:नही यार खेतो मे जाना है

कालू:तो मेरे पास है सिगरेट,तेरे खेतो मे चल कर पी लेंगे

खेतो मे बैठ कर सिगरेट पीने लगे ,ऑर इधर उधर की बाते करने लगे

तभी कालू ने पूछा

कालू:ये चाचा से क्या बात कर रहा था

मे:कुछ नही यार वो कल मम्मी को मोच आ गयी थी ,इसलिए पूछ रहा था

कालू:घर तो नही गया

मे:हाँ घर ही गया है

कालू:घर पे मम्मी अकेली है

मे:नही मामी है

कालू:मामा नही है

मे:नही

कालू:अबे भाग,इससे पहले कि चाचा तेरी मम्मी को भी अपना शिकार बना ले

मे थोड़ा घबराते हुए "क्या मतलबा है तुम्हारा"

कालू:अबे रास्ते मे बताउन्गा,चल आज़ा

ऑर हम दोनो घर की तरफ भागने लगे

 
कालू भागते हुए:तेरे घर पे पीछे से कोई रास्ता है अंदर घुसने का

मे:हाँ बाडे मे से,है

कालू:ठीक है

हम जल्दी ही घर पहुच गये,दरवाज़ा बंद था

हम बाडे मे से घर के अंदर घुसे,अंदर घुसते ही हमे आआअहह आआअहह की आवाज़ सुनाई दी,हमारे कान खड़े हो गये कि ये क्या चल रहा ,जबकि दोनो जानते कि ये चुदाई की आवाज़ है

हम ने चुप के से देखा तो चाचा मामी को चोद रहे थे ऑर मम्मी वही बैठी हुई थी

चाचा मामी को अलग अलग आसन मे चोद रहे थे

चाचा:सुधा तेरी सारी थकान मिटा दूँगा ,एक बार कर लेने दे

मम्मी:नही मुझे ज़रूरत नही ऐसी इलाज की

चाचा मामी को चोदते हुए"एक बार मेरा इलाज लेके तो देख ,मैने ऐसे ही औरतो को अपना गुलाम नही बनाया विस्वास नही आता तो तेरी भाभी से पूछ ले

मामी:हाँ सुधा ,अलग अलग आसन मे चोदने से शरीर की नसें खुल जाती है,जिससे अच्छा महसूस होने लगता है

चाचा:अगर तुझे मेरे से नही चुदना तो मसाज तो करवा ले

मम्मी कुछ नही बोलती

मामी:हाँ सुधा मसाज तो करवा ले,मज़ा नही आए तो मत करवाना

मम्मी फिर कुछ नही बोलती ऑर बस चाचा के लंड को मामी की चूत से अंदर बाहर होते देख रही थी

कालू:मे कहता था ना ,ये चाचा बहुत ठरकी है,इसने गाँव की ज़्यादातर औरतो को चोद रखा है,तुझे पता नही चाचा गाँव की 100 से उपर औरतो को चोद चुका है जिसमे 50 -60 तो इसके खेत मे काम करने वाली मजदूर है

मे:क्या बात कर रहा है

कालू:चाचा इतने अनुभवी हो गये है कि एक बार किसी औरत पे इस का दिल आ जाए तो उसे चोदे बिना नही रहते ,अब तेरी माँ पे आया है ,अब तो तेरी माँ चुदि

मे:नही नही यार,कुछ कर

कालू:अगर मुझसे चुदवाये तो बात कर,हमारी शर्त थी,हम एक दूसरे को एक दूसरे की माँ चुदवायेगे

मेने यही ठीक समझा

कालू:मेरे साथ आ,मे जैसा कहता हूँ वैसा कर

फिर कालू ने मुझे कुछ बाते समझाई

कालू ऑर मेने घर के बाहर जाकर दरवाज़ा बजाया

मम्मी ने गेट खोला

मम्मी:क्या हुआ बेटा ,वापस कैसे आ गया

मे:वो कालू मिल गया था

कालू:नमस्ते आंटी

मे:मे बोल रहा था कि कालू के साथ मे थोड़ा घूम आउ,उसके बाद खेतो मे जाउन्गा,जब तक तुम खाना बना तो जिससे शाम को नही आउगा मे

ऑर ये कह कर मे निकल गया ,मेरी बात सुनकर चाचा को ख़तरा महसूस हुआ इसलिए वो भी भाग खड़े हुए

मे ऑर कालू छिपकर देख रहे थे

कालू:देखा मेरा कमाल

मे:हाँ यार

कालू:अब तू एक काम कर ,शाम को तो मामी को खेतो पे ले जा ऑर जमकर चुदाई कर ,उसकी अधूरी चुदाई हुई है इसलिए अभी आराम से चोद सकता है ऑर तेरी मम्मी भी गरम है आज शाम को जाकर पटाने की सोचता हूँ

मे अपने मन मे ,साला मम्मी को चाचा से बचाया तो कालू आ गया ,इससे बचा पाना मुस्किल है

मे कुछ नही बोल सका

मे खाना लेकर निकल गया

चाचा मेरे खेतो मे खड़े थे

चाचा:सच सच बता तुझे कालू ले गया था ना घर

मे:हाँ तो

चाचा :तो मतलब तुझे पता है मे वहाँ चुदाई करने गया था

मे:हाँ मेने देखा तुम मामी को चोद रहे थे ऑर मम्मी को चोदने की कॉसिश कर रहे थे

चाचा:देख तू कालू का साथ छोड़ दे ,मे तुझे इसके बदले मेरी खेत मे काम करने वाली जो भी औरत है उसपे चढ़वा दूँगा

मे:मुझे मंजू चाहिए

चाचा हक्का बक्का देखता हुआ

चाचा :तुझे कैसे पता कि मे उसे चोद चुका हूँ

मे:कल ही उसके खेतो मे उसी की कुटिया मे तुम उसे चोद रहे थे

चाच्चा:वो नही मानेगी

मे:मनाना पड़ेगा

चाचा थोड़ा सोचते हुए""ठीक है"" ऑर तुम तैयार हो

मे:मेरे मन मे ख़याल आया मेने सब कुछ मम्मी पे छोड़ दिया ऑर मेने अपनी सोची मेने चाचा को हाँ कर दी

मुझसे रहा नही गया ऑर मैं तुरंत घर भाग कर गया मेने मामी ऑर मम्मी को ये बात बताई

 
मुझसे रहा नही गया ऑर मैं तुरंत घर भाग कर गया मेने मामी ऑर मम्मी को ये बात बताई

मे:मम्मी मे सब कुछ आप पे छोड़ता हूँ,अगर आपकी इच्छा है किसी से चुदवाने की तो मे नही रोकुँगा क्योकि मेरा कोई अधिकार नही बनता कि मे किसी को भी चोदु ऑर तुम्हे किसी से चुदने से रोकू

मम्मी:नही मेरी इच्छा न्ही है किसी से चुदवाने की

मे:आपकी मर्ज़ी,मेने सब कुछ आपे छोड़ दिया है

ऑर मे खेतो की तरफ वापस निकल गया

शाम को चाचा आए

चाचा:मेने सब कुछ मामला सेट कर दिया है,रात को तुम मंजू के खेत मे चले जाना

मे:क्या बात है ,मतलब मंजू मान गयी

चाचा:ऐसा हो नही सकता कि मेरी बात को कोई औरत मना कर्दे

मे:अच्छा है

चाचा:ऑर अब तू मंजू को चोदना ऑर मे तेरे घर जाता हूँ तेरी माँ को चोदने

मे:ठीक है ऑर मेने भगवान पे छोड़ दिया

.................................

रात होते ही मे मंजू के खेत पे भागा

खेत पहुचने पे देखा कि मंजू अपनी कुटिया मे खाट पे बैठी थी

मे मंजू को देखकर मुस्कुराया ,मंजू भी मुझे देखकर मुस्कुराइ

मे:आंटी कैसी है आप

मंजू:ठीक हूँ

मे:आंटी आप,अच्छी लग रही है

मंजू शरमा जाती है

मे मंजू की चुचिया देख रहा था जहाँ मुझे ब्लाउज का कटाव नज़र आ रहा था ,ऑर पसीने मे होने के कारण ऐसी लग रही थी जैसे कामदेव की अप्सरा हो

मंजू जब उपर देखती है तो मुझे अपनी चुचियो की ओर देखता पाते वो शरमा जाती है ऑर वापस नीचे देखने लग जाती है

मे थोड़ा मंजू के पास खिसकता हुआ

मे:आंटी आज आप वाकई मे बहुत सुंदर लग रही हो ,जैसे कोई स्वर्ग की अप्सरा ज़मीन पे आ गयी हो

मंजू हँसते हुए"चल हट,आंटी को मस्का लगाता है"

मे:नही आंटी मुझे आपकी कसम ऑर मे ये कहते हुए अपना हाथ मंजू के सिर पे रख देता हूँ

मे:आंटी आप बहुत काम करती हो ,आज भी शायद बहुत काम किया है,देखो कितना पसीना निकल रहा है ,ऑर मे ये कहते हुए मंजू के गले की ओर इशारा करता हूँ जहाँ से पसीना बहता हुआ ब्लाउस मे जा रहा था ऑर जिस कारण ब्लाउस गीला हो गया था

मेरी नाक मे मंजू के पसीने से भीगे हुए शरीर की खुसबू जाते ही मेरे लंड मे हलचल होना शुरू हो गयी ऑर मेरे पाजामे के अंदर से ही तंबू बन ने लग गया

मंजू भी मेरे लंड को खड़ा होता देख थोड़ा हिचकिचा जाती है

मे अब अपना हाथ मंजू के बाजू मे लेजा कर मंजू को अपने शरीर की तरफ खींचने लगता हूँ ,जिससे मंजू की एक साइड से चुचिया मेरी छाती से अड़ने लग जाती है ,जिससे मंजू का दिल ज़ोर ज़ोर से धड़कने लग जाता है

मंजू की साँसे ज़ोर से चलने के कारण मंजू की चुचिया उपर नीचे हो रही थी ,जिसे देखकर मेरा लंड बेकाबू हो जाता है

मेने भी बात को इधर उधर घुमाने की जगह सीधे मुद्दे पे आने की सोची क्योकि अब मुझसे रहा नही जा रहा था,जिस औरत को चोदने का ख्वाब मे देखा करता था वो मेरे सामने बैठी है ऑर चुदने को तैयार है

मे:आंटी आपका पसीना देखा कर लगता है आज आपने बहुत काम किया है ,आप लेट जाओ मे आपके पेर दबा देता हूँ

मंजू भी चुदने को तैयार थी ,क्यो कि बहादुर चाचा ने बता दिया था कि आज रात मे उसे चोदने आ रहा हूँ

इसलिए मंजू आंटी कुछ नही कहा ऑर सीधी लेट गयी

मेने मंजू आंटी के पाव दबाने शुरू किए,मे पहले घाघरे के उपर से ही पाँव दबा रहा था ,लेकिन धीरे धीरे मेने घाघरे को उपर करना शुरू कर दिया ,ऑर मंजू मेरी इस हरकत का कोई विरोध नही कर रही थी जो मेरी हिम्मत बढ़ा रहा था

धीरे धीरे घाघरा घुटनो तक ले गया ,मंजू की चिकनी टांगे देखकर ही मेरा दिल ज़ोर ज़ोर से धड़कने लगा

मे अपने मन "इसकी टांगे ही इतनी चिकनी है तो तो अंदर के आइटम मे तो मज़ा ही जाएगा""

मे:आंटी कुछ आराम मिला

मंजू:हाँ थोड़ा थोड़ा मिल रहा है

मे अब मंजू आंटी के पाँव धीरे धीरे उपर तक दबाने लग गया था ,जल्दी ही मे ऐसी इस्थिति मे पहुँच गया था जहाँ से मेरा हाथ चूत से बस कुछ इंच ही दूर रह जाता

मुझे घाघरे के उपर से ही महसूस हो रहा था कि मंजू की कितनी मांसल जांघे है,मुझे तो दबाने मे ही मज़ा आने लगा,

अब मेरी उंगलियों ने चूत को छूना शुरू कर दिया था,मुझे पता चला कि मंजू की चूत गीली है

मे:आंटी एक बात कहूँ

मंजू:हाँ बोल

मे:मुझे आपकी जांघे बहुत पसंद आई

मंजू :अच्छा

मे:मे एक बार इन्हे बिना कपड़ो के देखना ऑर छूना चाहता हूँ

मंजू:तेरी मर्ज़ी है बेटा,तू जो करना चाहता है कर ले

ये बात सॉफ इशारा कर रही थी कि मंजू चुदना चाह रही थी

 
मेने मंजू के घाघरा को उपर करना शुरू किया,जैसे जैसे मंजू का घाघरा उपर होता जा रहा था ,मंजू की चिकनी जांघे दिखने लगी,बिल्कुल ढूढ़ जैसे कलर की ,जिसकी नसें भी मुझे दिखाई दे रही थी,मन तो कर रहा था चाट जाउ,मेने घाघरा चूत के पास तक उपर कर दिया,मुझे अभी तक चूत नही दिखाई दी थी

मैं अब मंजू की जाँघो को सहला रहा था,बहुत ही नरम जांघे थी ,मेने अपना मुँह वहाँ रखकर जीब से जाँघो को चाटने लगा,

मे मंजू की जांघे चाट रहा था ऑर मेरा हाथ चूत के आस पास के हिस्से पर चल रहा था,मेने एक हाथ घाघरे के उपर से चूत पे रखकर मसलना शुरू किया ऑर मे भी जांघे चाटते हुए उपर आने लगा

मंजू की चूत लगा तार पानी छोड़ रही थी,जिस वजह से घाघरा भी गीला हो गया था

मे चूत के बहुत पास तक पहुच गया था,कि मुझे चूत की खुसबु आने लगी,मुझसे रहा नही गया ऑर मेने अपना मुँह घाघरे के अंदर घुसा के चूत पे रख दिया

मंजू:ऊऊऊऊहह बेटा,मर गयी

ऑर मेरा सिर पकड़ कर सहलाने लगी

मुझे मंजू की चूत का पानी बहुत अच्छा लग रहा था,मंजू की चूत बहुत पानी छोड़ रही थी

,इतना पानी छोड़ रही थी कि मेरा चेहरा गीला हो गया

कुछ देर मे यूही ही मंजू आंटी की चूत चाट्ता रहा ,कुछ देर बाद मेने अपना मुँह घान्घरे के बाहर निकाला ,

ऑर मंजू के उपर लेट गया और बोला

मे:कैसा लगा आंटी

मंजू :बहुत अच्छा लगा,अब मुझसे रहा नही जा रहा ,मुझे चोद डाल बेटा

मे घुटनो के बल खड़ा हुआ पाजामा नीचे किया ,मेने अंडरवेर नही पहना था,इसलिए लंड बाहर आ गया,मेने लंड मे थूक लगाया ऑर चूत के मुँह पे रखकर मंजू के उपर लेट गया

मे एक झटका दिया,मेरा लंड गुप्प्प से अंदर घुस गया

मंजू:आआहह बेटा,मज़ा आ गया ,बाहर मत निकालना ,अंदर घुसा

मेने एक ऑर झटका दिया,ये वाला झटका जोरदार था,इस झटके मे मेरा लंड लगभग पूरा ही घुस गया

मंजू ने अपने नाख़ून मेरी पीठ पे घुसा दिए

मंजू:आआआआआअहह,मर गयी रे,चोद डाल बेटा मुझे

मेने देखा कि मंजू बहुत गरम हो चुकी थी ,ऑर मुझे चोदने को बोल रही थी

मेने भी झटके लगाने शुरू किए,धीरे धीरे मे ज़ोर ज़ोर से झटके लगाने लगा ,मेरा लगभग पूरा लंड अंदर बाहर हो रहा था,

कुछ ही देर मे मंजू को किस करते हुए चूत की कुटाई करने लग गया था,मंजू की चूत बहुत पानी छोड़ रही थी इसलिए पूरी कुटिया मे पच पच की आवाज़े आ रही थी ,यू लग रहा था कि मे कोई चूत मे लंड पेलकर कोई तेल निकाल रहा हो

मेरा लंड बहुत आसानी से फिसल रहा था,मे जबरदस्त तरीके से मंजू की चूत चोद रहा था,

कुछ ही देर मे मेरे लंड ने पानी छोड़ दिया ,मेने अपना पानी मंजू की चूत मे ही निकाल दिया

मेने जैसे ही लंड बाहर निकाला ,मंजू की चूत से मेरा वीर्य ऑर चूत का पानी निकल कर ज़मीन पे गिरने लगे

मंजू:मज़ा आ गया मोहित,मस्त चोदा है तूने तो

मे:आपको जब भी ज़रूरत हो मुझे बता देना ,आपकी मस्त चुदाई करा करूगा

आंटी आप पलट जाओ ,मुझे आपकी गान्ड देखनी है

मंजू:हँसते हुए,आजकल के लड़को को गान्ड मे पता नही क्या मज़ा आता है,बस गान्ड के पीछे पड़े रहते है

 
मंजू:हँसते हुए,आजकल के लड़को को गान्ड मे पता नही क्या मज़ा आता है,बस गान्ड के पीछे पड़े रहते है

मे:आंटी गान्ड मे ही तो मज़ा है

मंजू:हाँ मज़ा तो है ,इस बात के लिए मे इनकार नही करूगी

मे:तो आपने कभी मरवाई है

मंजू:अब तुझसे क्या छिपाऊ, तू तो जानता है मेरा पति है नही ,मुझे भी अपनी आग शांत करनी पड़ती है

मे:हाँ आगे बताओ

मंजू:दीनू हलवाई को जानता है

मे:हाँ

मंजू:वो मेरे बहुत सालो से पीछे पड़ा था,मेने पहले सोचा था कि बिना कोई ग़लत काम किए बिना जिंदगी निकाल लूँगी पर चूत की आग ने मुझे ये काम करने पे मजबूर किया

वो अक्सर मेरे पीछे पड़ा रहता था ऑर जब आस पास कोई नही होता तो अक्सर बोलता रहता "अपनी जवानी क्यो बर्बाद कर रही हो,एक बार मेरे पास आ जाओ"

उसकी ये बाते मेरी चूत गीला कर देती थी,

तो एक दिन मेने उससे चुदने की सोची,मेने उससे हाँ कर दी ऑर रात को अपने खेत की कुटिया पे बुलाया,जहाँ उसने मुझे रात भर चोदा,बहुत बुरी तरह चोदा,

उसके बाद वो अक्सर मेरी चुदाई करने लगा गया,कुछ दिनो बाद वो मेरी गान्ड के पीछे लग गया मेने बहुत मना किया पर वो मेरी बात कहाँ सुनता था,ऑर उसने ज़बरदस्ती मेरी गान्ड मार दी,बहुत दर्द हुआ था,साले ने अपना लंड ज़बरदस्ती घुसा दिया था,खून भी निकला ,कुछ दिनो तक मे चल नही पाई

मे:सरसो का तेल काम मे लेना चाहिए था

मंजू:साला उसको क्या पड़ी थी ,दर्द तो मुझे होना था

उसके बाद वो थूक लगाकर गान्ड मारने लगा,ऐसे करते करते अब गान्ड मरवाने में मज़ा आता है

मे:तो फिर बदादुर चाचा को क्यो चोदने दिया

मंजू:उस ठरकी से कोई औरत बच नही सकती ,वो हर औरत को पटा लेता है,

मे:मे भी गान्ड मारना चाहता हूँ

मंजू:वो तो तूने मुझे पलटने के लिए बोला था तभी समझ गयी थी ऑर ये कहते हुए मंजू पलट गयी ऑर अपनी गान्ड को फैला दिया,मुझे मंजू की गान्ड का छेद देखकर अंदाज़ा हो गया था कि बहुत मारी गयी है गान्ड

मुझे दीनू हलवाई पे बहुत गुस्सा रहा था ,क्योकि उसने उस औरत की गान्ड खोल दी जिसे मुझे मारना था

पर अब मे क्या कर सकता था ,मेने फिर अपने लंड पे थूक लगाया ऑर मंजू की गान्ड पे रखकर एक झटका दिया,मेरा लंड बिना किसी दिक्कत के घुस गया

मंजू:हाँ ऑर ज़ोर से घुसा

मेने एक ऑर झटका दिया ,अबकी बार आधा लंड अंदर घुस चुका था,

मंजू:हाँ शाबाश बेटा ऐसे ही

अधिकतर औरते तो गान्ड मरवाने के दोरान चिल्लाती है पर मंजू तो मुझे ऑर उकसा रही थी उसकी गान्ड चोदने को

मेने एक आखरी झटका दिया ऑर पूरा लंड अंदर घुस गया ,मेने अब अपनी जोरदार चुदाई शुरू की

मंजू:हाँ बेटा ऐसी ही मार ,ऑर ज़ोर से मार ,बहुत खुजली हो रही है ,ऑर मार

मुझे लगा कि मुझे मनोहर द्वारा दी गोली का ईस्तमाल करना चाहिए ऑर इस रंडी की बच्ची मंजू को अपनी औकात दिखानी चाहिए पर मे भी कितना मूर्ख था मे गोली ही नही लाया

 
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