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नैना को खोया देख रिया बोली - उम्मीद करती हूं कि अभी तुम्हारे पैर दर्द में थोड़ा आराम पड़ा होगा ।
नैना - थैंक्स रिया।
रिया (मुस्कुराते हुए) - अगर मैं आपसे कुछ मांगू तो क्या आप मुझे वह देंंगी?
नैना यह सुनकर थोड़ा घबरा गई कि पता नहीं रिया क्या मांग रही है मगर फिर मुस्कुरा कर बोली - मैं पूरी कोशिश करूंगी।
रिया - मैं अपने भाई से बहुत प्यार करती हूं और मेरे भाई तुमसे बहुत प्यार करते थे । मैं नहीं जानती कि ऐसा क्या हुआ , कि तुमने मेरे भाई को छोड़ दिया लेकिन अगर तुमने कभी भी मेरे भाई से प्यार किया हो तो तुम यहाँ से कहीं दूर चली जाओ और कभी दोबारा भाई से नहीं मिलना।
रिया की बात सुन नैना के आश्चर्य का ठिकाना ना रहा , वह ठगी हुई सी रिया को देखने लगी ।
रिया की आंखों में आंसू थे ,वह बोली - मेरे भाई को 3 साल हो गए हैं खुद को संभालते हुए और अब जब वह सँभलना सीख रहे थे कि तुम फिर उनके सामने आ गई। मैं उन्हें हर रोज तकलीफ से गुजरते नहीं देख सकती । जानती हूं कि तुम्हारेे जाने के बाद भाई को बहुत दुख होगा पर धीरे-धीरे वह समझ जाएंगे लेकिन तुम उनके सामने रही तो वह कभी अपनी जिंदगी में सुकून से नहीं रह पाएंगे ।
नैना रिया को एकटक देखे जा रही थी, रिया अब उठ कर जाने लगी । उसने नैना की ओर मुड़ कर देखा और बोली - हो सके तो मुझे माफ कर देना। मैं जानती हूं कि इस वक्त मैं तुम्हारे सामने स्वार्थी बन रही हूं लेकिन कर भी क्या सकती हूं? अपने भाई की खुशियों के लिए मैं किसी भी हद तक जा सकती हूं ।
तुम आज ही जितनी जल्दी हो सके , यहां से दूर निकल , जाओ जिससे मेरा भाई भी सुकून से रह सके और तुम्हें भी हर रोज उनके गुस्से का शिकार ना होना पड़े । उम्मीद करती हूं कि कल सुबह तक तुम यहां से बहुत दूर जा चुकी होगी -कहते हुए रिया वहां से निकल गई।
नैना आप सोफे पर निढाल सी हो कर लेट गई , सही तो कह रही है रिया, मुझे राजेश के लिए यहां से जाना ही होगा । कम से कम उसके लिए मैं इतना तो कर ही सकती हूं लेकिन मैं... मेरा क्या ? इतने सालों बाद राजेश को सामने देख सोचा था कि अपनी बाकी की जिंदगी राजेश को यूं ही अपनी नजरों के सामने देख गुजार लूंगी लेकिन मेरी किस्मत में तो इतना भी नहीं है । क्या करूं , कुछ समझ नहीं आ रहा । काफी देर तक नैना ने सोचने रे बाद तय किया कि वह राजेश कि जिंदगी से हमेशा के लिए चली जाएगी ।
नैना अपना सामान पैक करने के लिए उठी लेकिन उसे वहां कुछ भी अपना नहीं लगा , अगर कुछ उसका अपना था तो वह था राजेश की मां का पेंडेंट चैन और उनकी साडी ।
नैना ने अपने बेड के पास रखी टेबल की रैक से वह दोनों बेशकीमती चीजें निकाल अपने बैग में रखी और घर से निकल पड़ी । आज फिर एक बार नैना राजेश को धोखा देने निकल पड़ी लेकिन इस बार धोखा राजेश की खुशी की , खातिर था ।
दूसरी ओर रिया जब घर पहुंची तो राजेश उसका इंतजार कर रहा था ।
राजेश - कहां चली गई थी तुम बिना बताए ? कब से फोन कर रहा हूं , उठाया क्यों नही?
रिया - वह भाई मैं बस यूं ही पास में ही घूमने गई थी ।
राजेश ने देखा कि रिया उसे नजर चुरा रही थी , वह समझ गया कि रिया उससे कुछ छुपा रही है क्योंकि वह राजेश से जब भी झूठ बोलती थी तो नजरें चुराती थी ।
राजेश - बात क्या है रिया ? तुम झूठ बोल रही हो , बताओ कहां गई थी ?
रिया - गई थी बस किसी काम से ,आप खामँखा ही परेशान हो रहे हैं ।कुछ नहीं है ऐसा।
राजेश को अब डर सताने लगा कि कहीं रिया नैना के पास तो नहीं गई थी उसे बुरा भला कहने ।
, रिया - भाई , मुझे नींद आ रही है ।कल बात करते हैं , मैं अब सोने जा रही हूं ।
राजेश अब परेशान सा बोला - मैं कुछ पूछ रहा हूं तुमसे ?कहीं तुम नैना के पास तो नहीं गई थी?
रिया - हाँ, गई थीं उसके पास क्योंकि वो लड़की आज तक आपके दिमाग से नहीं निकल पाई। जब वह नहीं थी, तब आप उसे खोजने में परेशान रहे । अब वह मिल गई है तो आप उसे परेशान करने के चक्कर में खुद ही परेशान रहते हैं। आपको बस हर हाल में खुश देखना चाहती हूं मैं जो कि उस लड़की के होते हुए कभी नहीं हो सकता इसलिए मुझे जो सही लगा , मैंने वही किया।
राजेश (घबराकर ) - क्या.... क्या किया तुमने ? बताओ मुझे।
रिया - क्या बात है भाई ? कल ही तो आप कह रहे थे कि नफरत है आपको नैना से , अब उसकी इतनी चिंता क्यों सता रही है ?
राजेश खींझते हुए बोला - मेरे सवाल का जवाब दो, क्या कहा तुमने उसे ? मना किया था मैंने वहां जाने को फिर क्यों , गई वहां ?
रिया - मैंने उसे साफ-साफ कह दिया कि वह जब तक आपके सामने रहेगी , आप कभी खुश नहीं रह पाओगे इसलिए वो हमेशा के लिए आपके जिंदगी से दूर चली जाए और जहां तक मुझे लगता है , नैना तो अब तक निकल भी गई होगी ।
राजेश यह सुनकर एक क्षण को स्तब्ध सा खड़ा रह गया, वह गुस्से में चिल्लाते हुए बोला - यह क्या कर दिया तुमने? मैं नैना को 3 साल से ढूंढ रहा था ,अब वह मिली तो तुमने फिर से उसे मुझसे दूर भेज दिया ? मैंने कहा था तुमसे कि मेरे और नैना के बीच मत आना फिर क्यों किया तुमने यह सब ?
आज पहली बार राजेश ने रिया से इतने गुस्से में बात की थी, यह देख रिया की आंखों से आंसू बहने लगे और वह रोते हुए बोली - मैंने जो भी किया , आपकी खुशी के लिए किया भाई।
राजेश (गुस्से में ) - मेरी खुशी के लिए? देखो मुझे , क्या मैं तुम्हें खुश नजर आ रहा हूं ? जवाब दो ? अगर आज नैना मुझे नहीं मिली तो याद रखना, मैं तुम्हें कभी माफ नहीं करूंगा , कभी नहीं - कह कर राजेश अपनी कार की चाबी ले दरवाजे की ओर भागा।
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नैना - थैंक्स रिया।
रिया (मुस्कुराते हुए) - अगर मैं आपसे कुछ मांगू तो क्या आप मुझे वह देंंगी?
नैना यह सुनकर थोड़ा घबरा गई कि पता नहीं रिया क्या मांग रही है मगर फिर मुस्कुरा कर बोली - मैं पूरी कोशिश करूंगी।
रिया - मैं अपने भाई से बहुत प्यार करती हूं और मेरे भाई तुमसे बहुत प्यार करते थे । मैं नहीं जानती कि ऐसा क्या हुआ , कि तुमने मेरे भाई को छोड़ दिया लेकिन अगर तुमने कभी भी मेरे भाई से प्यार किया हो तो तुम यहाँ से कहीं दूर चली जाओ और कभी दोबारा भाई से नहीं मिलना।
रिया की बात सुन नैना के आश्चर्य का ठिकाना ना रहा , वह ठगी हुई सी रिया को देखने लगी ।
रिया की आंखों में आंसू थे ,वह बोली - मेरे भाई को 3 साल हो गए हैं खुद को संभालते हुए और अब जब वह सँभलना सीख रहे थे कि तुम फिर उनके सामने आ गई। मैं उन्हें हर रोज तकलीफ से गुजरते नहीं देख सकती । जानती हूं कि तुम्हारेे जाने के बाद भाई को बहुत दुख होगा पर धीरे-धीरे वह समझ जाएंगे लेकिन तुम उनके सामने रही तो वह कभी अपनी जिंदगी में सुकून से नहीं रह पाएंगे ।
नैना रिया को एकटक देखे जा रही थी, रिया अब उठ कर जाने लगी । उसने नैना की ओर मुड़ कर देखा और बोली - हो सके तो मुझे माफ कर देना। मैं जानती हूं कि इस वक्त मैं तुम्हारे सामने स्वार्थी बन रही हूं लेकिन कर भी क्या सकती हूं? अपने भाई की खुशियों के लिए मैं किसी भी हद तक जा सकती हूं ।
तुम आज ही जितनी जल्दी हो सके , यहां से दूर निकल , जाओ जिससे मेरा भाई भी सुकून से रह सके और तुम्हें भी हर रोज उनके गुस्से का शिकार ना होना पड़े । उम्मीद करती हूं कि कल सुबह तक तुम यहां से बहुत दूर जा चुकी होगी -कहते हुए रिया वहां से निकल गई।
नैना आप सोफे पर निढाल सी हो कर लेट गई , सही तो कह रही है रिया, मुझे राजेश के लिए यहां से जाना ही होगा । कम से कम उसके लिए मैं इतना तो कर ही सकती हूं लेकिन मैं... मेरा क्या ? इतने सालों बाद राजेश को सामने देख सोचा था कि अपनी बाकी की जिंदगी राजेश को यूं ही अपनी नजरों के सामने देख गुजार लूंगी लेकिन मेरी किस्मत में तो इतना भी नहीं है । क्या करूं , कुछ समझ नहीं आ रहा । काफी देर तक नैना ने सोचने रे बाद तय किया कि वह राजेश कि जिंदगी से हमेशा के लिए चली जाएगी ।
नैना अपना सामान पैक करने के लिए उठी लेकिन उसे वहां कुछ भी अपना नहीं लगा , अगर कुछ उसका अपना था तो वह था राजेश की मां का पेंडेंट चैन और उनकी साडी ।
नैना ने अपने बेड के पास रखी टेबल की रैक से वह दोनों बेशकीमती चीजें निकाल अपने बैग में रखी और घर से निकल पड़ी । आज फिर एक बार नैना राजेश को धोखा देने निकल पड़ी लेकिन इस बार धोखा राजेश की खुशी की , खातिर था ।
दूसरी ओर रिया जब घर पहुंची तो राजेश उसका इंतजार कर रहा था ।
राजेश - कहां चली गई थी तुम बिना बताए ? कब से फोन कर रहा हूं , उठाया क्यों नही?
रिया - वह भाई मैं बस यूं ही पास में ही घूमने गई थी ।
राजेश ने देखा कि रिया उसे नजर चुरा रही थी , वह समझ गया कि रिया उससे कुछ छुपा रही है क्योंकि वह राजेश से जब भी झूठ बोलती थी तो नजरें चुराती थी ।
राजेश - बात क्या है रिया ? तुम झूठ बोल रही हो , बताओ कहां गई थी ?
रिया - गई थी बस किसी काम से ,आप खामँखा ही परेशान हो रहे हैं ।कुछ नहीं है ऐसा।
राजेश को अब डर सताने लगा कि कहीं रिया नैना के पास तो नहीं गई थी उसे बुरा भला कहने ।
, रिया - भाई , मुझे नींद आ रही है ।कल बात करते हैं , मैं अब सोने जा रही हूं ।
राजेश अब परेशान सा बोला - मैं कुछ पूछ रहा हूं तुमसे ?कहीं तुम नैना के पास तो नहीं गई थी?
रिया - हाँ, गई थीं उसके पास क्योंकि वो लड़की आज तक आपके दिमाग से नहीं निकल पाई। जब वह नहीं थी, तब आप उसे खोजने में परेशान रहे । अब वह मिल गई है तो आप उसे परेशान करने के चक्कर में खुद ही परेशान रहते हैं। आपको बस हर हाल में खुश देखना चाहती हूं मैं जो कि उस लड़की के होते हुए कभी नहीं हो सकता इसलिए मुझे जो सही लगा , मैंने वही किया।
राजेश (घबराकर ) - क्या.... क्या किया तुमने ? बताओ मुझे।
रिया - क्या बात है भाई ? कल ही तो आप कह रहे थे कि नफरत है आपको नैना से , अब उसकी इतनी चिंता क्यों सता रही है ?
राजेश खींझते हुए बोला - मेरे सवाल का जवाब दो, क्या कहा तुमने उसे ? मना किया था मैंने वहां जाने को फिर क्यों , गई वहां ?
रिया - मैंने उसे साफ-साफ कह दिया कि वह जब तक आपके सामने रहेगी , आप कभी खुश नहीं रह पाओगे इसलिए वो हमेशा के लिए आपके जिंदगी से दूर चली जाए और जहां तक मुझे लगता है , नैना तो अब तक निकल भी गई होगी ।
राजेश यह सुनकर एक क्षण को स्तब्ध सा खड़ा रह गया, वह गुस्से में चिल्लाते हुए बोला - यह क्या कर दिया तुमने? मैं नैना को 3 साल से ढूंढ रहा था ,अब वह मिली तो तुमने फिर से उसे मुझसे दूर भेज दिया ? मैंने कहा था तुमसे कि मेरे और नैना के बीच मत आना फिर क्यों किया तुमने यह सब ?
आज पहली बार राजेश ने रिया से इतने गुस्से में बात की थी, यह देख रिया की आंखों से आंसू बहने लगे और वह रोते हुए बोली - मैंने जो भी किया , आपकी खुशी के लिए किया भाई।
राजेश (गुस्से में ) - मेरी खुशी के लिए? देखो मुझे , क्या मैं तुम्हें खुश नजर आ रहा हूं ? जवाब दो ? अगर आज नैना मुझे नहीं मिली तो याद रखना, मैं तुम्हें कभी माफ नहीं करूंगा , कभी नहीं - कह कर राजेश अपनी कार की चाबी ले दरवाजे की ओर भागा।
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