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नैना ने बड़े प्यार से उसके आंसुओं को पोंछा और उसके बिखरे हुए बालों को अपने हाथों से सँवारते हुए बोली - तुम्हें पता है, तुम एक बहुत अच्छे इंसान हो और एक बहुत अच्छे बेटे भी जिसने अपने पिता के कंधे से कंधा मिला उनकी सारी जिम्मेदारियां हल्की कर दी और उनका सहारा बने । तुम एक बहुत ही अच्छे भाई हो जो हर वक्त अपनी बहन की खुशियों के बारे में सोचता है। तुम एक सच्चे दोस्त हो , जो हर वक्त अपने दोस्तों के साथ उनके अच्छे बुरे में उनके साथ खड़ा रहता है । अगर गुस्सा करते हो तो प्यार भी करते हो , अगर डांटते भी हो तो संभालते भी हो । तुम से बेहतर इंसान मैंने आज तक नहीं देखा । सच कहूँ तो मुझे जलन होती है उन सब से जिनके पास तुम्हारा साथ है - कहते हुए नैना चुप हो गई । दोनों एक दूसरे को बस चुपचाप देखे जा रहे थे, उनके पास लफ्ज ही नहीं थे कुछ कहने को क्योंकि प्यार लफ्जों मे बयाँ होने वाली चीज ही नहीं है।
गाना अब दोबारा बज उठा था -
" हमको मिली है आज यह घड़ियां नसीब से
जी भर के देख लीजिए हमको करीब से
फिर आप के नसीब में यह बात हो ना हो
शायद फिर इस जन्म में मुलाकात हो ना हो
लग जा गले "
, नैना ने अब राजेश के चेहरे को अपने हाथों में बडे प्यार से थाम लिया - राजेश तुम ही हो जिसने मुझे प्यार करना सिखाया। मै कभी भी इस प्यार के खूबसूरत एहसास को समझ ही नहीं पाती अगर तुम मुझे प्यार करना नही सिखाते - कहते हुए नैना अब राजेश के करीब बढने लगी।
राजेश ने जब नैना को खुद के करीब आते देखा तो एकदम से सोफे से उठ खड़ा हुआ और हडबडाते हुए बोला -म.. मैं ठीक हूं , चलो तुम्हें तुम्हारे घर छोड़ देता हूं - कहते हुए वह जैसे ही चलने को हुआ कि नैना ने उसका हाथ पकड़ उसे वापस झटके से सोफे पर बैठा दिया । नैना की यह हरकत देख राजेश हैरान सा उसे देखता रह गया ।
नैना (मुस्कुराते हुए) - मेरी बात अभी पूरी नहीं हुई है ।
राजेश की बोलती नैना के इस बदले रूप को देख बंद हो गई, उसने सपने में भी नैना का यह अंदाज नहीं सोचा था। आज वह बदली बदली सी नजर आ रही थी । वह अब हिम्मत कर बोला - नैना ,तुम ठीक तो हो ?
नैना - तुम्हें कैसी नजर आ रही हूं मैं ? क्या हुआ है मुझे ? मैं बिल्कुल ठीक हूं - कहते हुए नैना ने अपने दोनों हाथों को राजेश के कंधों पर रख दिया और मुस्कराते हुए बड़े प्यार से उसे देखने लगी ।
, राजेश नैना के इस बदले रूप को देख सोच मे पड गया - जब कभी मैं नैना के करीब जाने की कोशिश करता था तो वह शादी के बाद कह कर दूर हो जाती थी पर आज जब वह दूर जा रहा है तो वह खुद ही करीब आने की कोशिश कर रही है।
नैना - तुम ही वो इंसान हो जिसने मुझे समझाया कि सच्चा प्यार बहुत खुशनसीबो को ही मिलता है और मैं उनमें से एक हूं लेकिन शायद मैं तुम्हारे लायक नहीं थी पर फिर भी मेरे लिए तुम बेस्ट हो । तुम खुद को मेरी नजरों से देखोगे तो तुम्हें पता चलेगा कि मेरी नजरों में दुनिया के सबसे अच्छे इंसान हो - कहते हुए नैना ने राजेश के चेहरे को एक बार फिर अपने दोनों हाथों से थाम लिया - तुम्हें पता है , मैं आज बहुत खुश हूं क्योंकि आज आखिरकार तुमने वह बात मुझसे शेयर की जो तुम आज तक किसी से नहीं कर पाए । इस भरोसे के लिए शुक्रिया - कहते हुए नैना अब राजेश के थोड़ा और करीब आ उसकी आँखों में देखने लगी।
राजेश ने अब अपनी आंखें बंद कर ली क्योंकि वह नहीं चाहता था कि नैना के लिएउसके दिल में जो नाराजगी है , वह सब खत्म हो जाए और नैना कहीं उसकी आंखों के जरिए उसके दिल में ना झांक ले कि वह आज भी सिर्फ और सिर्फ नैना से ही प्यार करता है । वह खुद को समझाने लगा कि कमजोर नहीं पडना राजेश।
, नैना - थैंक्स मुझे समझाने के लिए कि रिश्ते चाहे कैसे भी हो पर उन्हें पूरी ईमानदारी के साथ ही जीना चाहिए । मेरी तरफ देखो राजेश ।
अब नैना के खुद के करीब होने के एहसास से ही राजेश की धड़कन तेज होने लगी , उसका दिल उसे दिमाग पर हावी होने लगा ( जो वह नहीं चाहता था) जो उसे बार-बार कह रहा था कि अपने दिल की बात कह भी दो राजेश, नैना को माफ कर दो । उस पर एक बार फिर भरोसा करो ।
नैना - आँखें खोलो ना।
राजेश अब आंखें खोल कर नैना को देखने लगा। नैना ने देखा कि उसके चेहरे पर अजीब सी कश्मकश थी - क्या बात है , लगता है तुम्हारा दिल तुम्हारा साथ नहीं दे रहा ? नैना ने अब अपने एक हाथ को उसके सीने पर रख दिया - अगर तुम मुझसे प्यार नहीं करते हो तो फिर तुम्हारा दिल इतने जोरो से क्यों धड़क रहा है ?
राजेश अब अलग हटने को हुआ कि नैना ने उसे फिर वहीं रोक लिया - तुम्हें याद है , तुमने कॉलेज में कहा था कि तुम मुझसे प्यार करते हो और जब भी मेरे पास होते हो तो तुम्हारा दिल जोरो से धड़कने लगता है फिर आज ऐसा क्यों हो रहा है तुम्हारे साथ?
, राजेश अब इधर उधर देखने लगा क्योंकि नैना की और देखना नहीं चाहता था। वह जानता था कि अगर उसने अब नैना की ओर देखा तो बहुत जल्द कमजोर पड़ जाएगा ।
उसे यूँ देख नैना मुस्कुराते हुए बोली - क्या हुआ ? मेरी तरफ देखोगे भी नहीं या फिर तुम्हें डर है कि मेरे लिए जिस प्यार को तुम अपने अंदर छुपा कर बैठे हो, कहीं वह बाहर ना आ जाए।
राजेश - नैना ऐसा कुछ....
नैना - तुम रिचा से शादी करने जा रहे हो पर क्या सच में तुम्हें कभी भी उसके लिए ऐसा एहसास महसूस हुआ है जो आज और अभी तक मेरे साथ महसूस करते हो ? राजेश अब एक बार फिर खामोश हो गया ।
नैना - तुमसे एक बात कहूं - हाँ,पहले तुम हैंडसम थे लेकिन अब वक्त के साथ साथ तुम और भी हैंडसम हो गए हो और हाँ, मुझे पहले वाले राजेश से ज्यादा यह वाला अकड़ू राजेश ज्यादा पसंद है - कहते हुए नैना हँसने लगी।
राजेश को अब लगने लगा कि किसी भी वक्त उसका दिल उसके दिमाग पर हावी हो सकता है, जो वह होने नहीं देगा - सोचकर उसने नैना को एक झटके से खुद से दूर किया और , खड़ा हो जैसे ही केबिन से बाहर जाने को हुआ कि नैना ने आकर उसे पीछे से गले से लगा लिया ।
राजेश ने जब नैना को अलग करने की कोशिश की तो उसने पकड और मजबूत कर दी । राजेश चाहता तो थोड़ी ताकत लगा नैना से अलग हो सकता था पर वह नैना पर ताकत आजमाकर उसे चोट नहीं पँहुचाना चाहता था।
राजेश को अब नैना की धड़कने महसूस होने लगी। उसका दिल भी जोरों से धडक रहा था । राजेश खुद को संभालते हुए बोला - नैना, तुम शायद भूल रही हो कि जल्द ही मेरी शादी रिचा से .....
नैना ने अब पीछे हट राजेश से अलग हो उसे अपनी ओर घुमाया - पर हुई तो नहीं है ना ।
राजेश - होश मे आआे नैना, ये....
नैना - श्शश.... तुम बस मेरी बात सुनो और कहीं ध्यान मत दो राजेश । मैं जानती हूं कि तुम आज भी मुझसे ही प्यार करते हो। तुम बस एक बार हां कर दो फिर रिचा को पीछे हटने के लिए मैं मना लूंगी । पहले कॉलेज में तो तुम कहते थे कि तुम मुझसे बहुत प्यार करते हो , मैं जिंदगी हूं तुम्हारी और अब कहते हो नफरत करते हो । आज बोल भी दो अपने दिल की बात और कुछ मत सोचो। जो भी है जैसा भी है , कह दो , बस एक बार । राज सिर्फ एक बार बता दो कि तुम मुझसे प्यार करते हो या नफरत ?
कहते हुए नैना राजेश के बहुत करीब आ गई। राजेश कुछ समझ पाता कि उसे नैना के होठों का एहसास अपने माथे पर हुआ । नैना के उस प्यार में एक अपनापन, भरोसा और सम्मान था ।
अब राजेश पिघल गया, उसके दिमाग पर उसका दिल पूरी तरह हावी हो गया । रही सही कसर नैना के उसे पुराने दिनों की तरह प्यार से राज बुलाने और उसके प्यार भरे स्पर्श से पूरी हो गई ।
राजेश अब भावनाओं में बह चला - नैना मैं ...
नैना (मुस्कुराकर ) - हां बोलो , बस एक बार बता दो कि तुम्हारे दिल में मेरे लिए प्यार है या नफरत?
नैना को अब लग रहा था कि आज उसने राजेश को उसके दिल की आवाज सुनने के लिए इस तरह प्यार से मनाया है, वह बस अपने दिल की बात बोल दे जिससे सारा नाटक यहीं खत्म हो जाए । नैना को यह सब करते हुए बहुत ही अजीब लग रहा था पर वह राजेश के लिए कुछ भी कर सकती थी। उसे पूरा भरोसा था कि राजेश अपनी मर्यादा को कभी नहीं , तोड़ेगा इसलिए उसने इतना बडा कदम उठाया।
नैना (उसका दिल अब घबराहट में जोरों से धडकने लगा कि पता नहीं वह अपने काम में सफल रही या नही ) - बोलो राजेश , क्या है तुम्हारे दिल में?
राजेश - नैना मैं तुमसे बहुत....,
गाना अब दोबारा बज उठा था -
" हमको मिली है आज यह घड़ियां नसीब से
जी भर के देख लीजिए हमको करीब से
फिर आप के नसीब में यह बात हो ना हो
शायद फिर इस जन्म में मुलाकात हो ना हो
लग जा गले "
, नैना ने अब राजेश के चेहरे को अपने हाथों में बडे प्यार से थाम लिया - राजेश तुम ही हो जिसने मुझे प्यार करना सिखाया। मै कभी भी इस प्यार के खूबसूरत एहसास को समझ ही नहीं पाती अगर तुम मुझे प्यार करना नही सिखाते - कहते हुए नैना अब राजेश के करीब बढने लगी।
राजेश ने जब नैना को खुद के करीब आते देखा तो एकदम से सोफे से उठ खड़ा हुआ और हडबडाते हुए बोला -म.. मैं ठीक हूं , चलो तुम्हें तुम्हारे घर छोड़ देता हूं - कहते हुए वह जैसे ही चलने को हुआ कि नैना ने उसका हाथ पकड़ उसे वापस झटके से सोफे पर बैठा दिया । नैना की यह हरकत देख राजेश हैरान सा उसे देखता रह गया ।
नैना (मुस्कुराते हुए) - मेरी बात अभी पूरी नहीं हुई है ।
राजेश की बोलती नैना के इस बदले रूप को देख बंद हो गई, उसने सपने में भी नैना का यह अंदाज नहीं सोचा था। आज वह बदली बदली सी नजर आ रही थी । वह अब हिम्मत कर बोला - नैना ,तुम ठीक तो हो ?
नैना - तुम्हें कैसी नजर आ रही हूं मैं ? क्या हुआ है मुझे ? मैं बिल्कुल ठीक हूं - कहते हुए नैना ने अपने दोनों हाथों को राजेश के कंधों पर रख दिया और मुस्कराते हुए बड़े प्यार से उसे देखने लगी ।
, राजेश नैना के इस बदले रूप को देख सोच मे पड गया - जब कभी मैं नैना के करीब जाने की कोशिश करता था तो वह शादी के बाद कह कर दूर हो जाती थी पर आज जब वह दूर जा रहा है तो वह खुद ही करीब आने की कोशिश कर रही है।
नैना - तुम ही वो इंसान हो जिसने मुझे समझाया कि सच्चा प्यार बहुत खुशनसीबो को ही मिलता है और मैं उनमें से एक हूं लेकिन शायद मैं तुम्हारे लायक नहीं थी पर फिर भी मेरे लिए तुम बेस्ट हो । तुम खुद को मेरी नजरों से देखोगे तो तुम्हें पता चलेगा कि मेरी नजरों में दुनिया के सबसे अच्छे इंसान हो - कहते हुए नैना ने राजेश के चेहरे को एक बार फिर अपने दोनों हाथों से थाम लिया - तुम्हें पता है , मैं आज बहुत खुश हूं क्योंकि आज आखिरकार तुमने वह बात मुझसे शेयर की जो तुम आज तक किसी से नहीं कर पाए । इस भरोसे के लिए शुक्रिया - कहते हुए नैना अब राजेश के थोड़ा और करीब आ उसकी आँखों में देखने लगी।
राजेश ने अब अपनी आंखें बंद कर ली क्योंकि वह नहीं चाहता था कि नैना के लिएउसके दिल में जो नाराजगी है , वह सब खत्म हो जाए और नैना कहीं उसकी आंखों के जरिए उसके दिल में ना झांक ले कि वह आज भी सिर्फ और सिर्फ नैना से ही प्यार करता है । वह खुद को समझाने लगा कि कमजोर नहीं पडना राजेश।
, नैना - थैंक्स मुझे समझाने के लिए कि रिश्ते चाहे कैसे भी हो पर उन्हें पूरी ईमानदारी के साथ ही जीना चाहिए । मेरी तरफ देखो राजेश ।
अब नैना के खुद के करीब होने के एहसास से ही राजेश की धड़कन तेज होने लगी , उसका दिल उसे दिमाग पर हावी होने लगा ( जो वह नहीं चाहता था) जो उसे बार-बार कह रहा था कि अपने दिल की बात कह भी दो राजेश, नैना को माफ कर दो । उस पर एक बार फिर भरोसा करो ।
नैना - आँखें खोलो ना।
राजेश अब आंखें खोल कर नैना को देखने लगा। नैना ने देखा कि उसके चेहरे पर अजीब सी कश्मकश थी - क्या बात है , लगता है तुम्हारा दिल तुम्हारा साथ नहीं दे रहा ? नैना ने अब अपने एक हाथ को उसके सीने पर रख दिया - अगर तुम मुझसे प्यार नहीं करते हो तो फिर तुम्हारा दिल इतने जोरो से क्यों धड़क रहा है ?
राजेश अब अलग हटने को हुआ कि नैना ने उसे फिर वहीं रोक लिया - तुम्हें याद है , तुमने कॉलेज में कहा था कि तुम मुझसे प्यार करते हो और जब भी मेरे पास होते हो तो तुम्हारा दिल जोरो से धड़कने लगता है फिर आज ऐसा क्यों हो रहा है तुम्हारे साथ?
, राजेश अब इधर उधर देखने लगा क्योंकि नैना की और देखना नहीं चाहता था। वह जानता था कि अगर उसने अब नैना की ओर देखा तो बहुत जल्द कमजोर पड़ जाएगा ।
उसे यूँ देख नैना मुस्कुराते हुए बोली - क्या हुआ ? मेरी तरफ देखोगे भी नहीं या फिर तुम्हें डर है कि मेरे लिए जिस प्यार को तुम अपने अंदर छुपा कर बैठे हो, कहीं वह बाहर ना आ जाए।
राजेश - नैना ऐसा कुछ....
नैना - तुम रिचा से शादी करने जा रहे हो पर क्या सच में तुम्हें कभी भी उसके लिए ऐसा एहसास महसूस हुआ है जो आज और अभी तक मेरे साथ महसूस करते हो ? राजेश अब एक बार फिर खामोश हो गया ।
नैना - तुमसे एक बात कहूं - हाँ,पहले तुम हैंडसम थे लेकिन अब वक्त के साथ साथ तुम और भी हैंडसम हो गए हो और हाँ, मुझे पहले वाले राजेश से ज्यादा यह वाला अकड़ू राजेश ज्यादा पसंद है - कहते हुए नैना हँसने लगी।
राजेश को अब लगने लगा कि किसी भी वक्त उसका दिल उसके दिमाग पर हावी हो सकता है, जो वह होने नहीं देगा - सोचकर उसने नैना को एक झटके से खुद से दूर किया और , खड़ा हो जैसे ही केबिन से बाहर जाने को हुआ कि नैना ने आकर उसे पीछे से गले से लगा लिया ।
राजेश ने जब नैना को अलग करने की कोशिश की तो उसने पकड और मजबूत कर दी । राजेश चाहता तो थोड़ी ताकत लगा नैना से अलग हो सकता था पर वह नैना पर ताकत आजमाकर उसे चोट नहीं पँहुचाना चाहता था।
राजेश को अब नैना की धड़कने महसूस होने लगी। उसका दिल भी जोरों से धडक रहा था । राजेश खुद को संभालते हुए बोला - नैना, तुम शायद भूल रही हो कि जल्द ही मेरी शादी रिचा से .....
नैना ने अब पीछे हट राजेश से अलग हो उसे अपनी ओर घुमाया - पर हुई तो नहीं है ना ।
राजेश - होश मे आआे नैना, ये....
नैना - श्शश.... तुम बस मेरी बात सुनो और कहीं ध्यान मत दो राजेश । मैं जानती हूं कि तुम आज भी मुझसे ही प्यार करते हो। तुम बस एक बार हां कर दो फिर रिचा को पीछे हटने के लिए मैं मना लूंगी । पहले कॉलेज में तो तुम कहते थे कि तुम मुझसे बहुत प्यार करते हो , मैं जिंदगी हूं तुम्हारी और अब कहते हो नफरत करते हो । आज बोल भी दो अपने दिल की बात और कुछ मत सोचो। जो भी है जैसा भी है , कह दो , बस एक बार । राज सिर्फ एक बार बता दो कि तुम मुझसे प्यार करते हो या नफरत ?
कहते हुए नैना राजेश के बहुत करीब आ गई। राजेश कुछ समझ पाता कि उसे नैना के होठों का एहसास अपने माथे पर हुआ । नैना के उस प्यार में एक अपनापन, भरोसा और सम्मान था ।
अब राजेश पिघल गया, उसके दिमाग पर उसका दिल पूरी तरह हावी हो गया । रही सही कसर नैना के उसे पुराने दिनों की तरह प्यार से राज बुलाने और उसके प्यार भरे स्पर्श से पूरी हो गई ।
राजेश अब भावनाओं में बह चला - नैना मैं ...
नैना (मुस्कुराकर ) - हां बोलो , बस एक बार बता दो कि तुम्हारे दिल में मेरे लिए प्यार है या नफरत?
नैना को अब लग रहा था कि आज उसने राजेश को उसके दिल की आवाज सुनने के लिए इस तरह प्यार से मनाया है, वह बस अपने दिल की बात बोल दे जिससे सारा नाटक यहीं खत्म हो जाए । नैना को यह सब करते हुए बहुत ही अजीब लग रहा था पर वह राजेश के लिए कुछ भी कर सकती थी। उसे पूरा भरोसा था कि राजेश अपनी मर्यादा को कभी नहीं , तोड़ेगा इसलिए उसने इतना बडा कदम उठाया।
नैना (उसका दिल अब घबराहट में जोरों से धडकने लगा कि पता नहीं वह अपने काम में सफल रही या नही ) - बोलो राजेश , क्या है तुम्हारे दिल में?
राजेश - नैना मैं तुमसे बहुत....,