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थोड़ी देर बाद राजेश जब रिया के पास से केबिन से बाहर निकला तो देखा कि साहिल अभी भी नैना, सारा के पास ही बैठा उनके साथ हंसी मजाक कर रहा है । राजेश ने एक बार उन्हें देखा और अपने कैबिन में जाकर बैठ गया ।
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राजेश के चुपचाप चले जाने पर नैना परेशान हो गई - इसे क्या हुआ? मुझे तो लगता था कि गुस्सा करेगा।
सारा - लगा तो मुझे भी यही था पर यह तो चुपचाप चले गए।
नैना (खड़े होकर) - मैं अभी जाकर देखती हूं , शायद कुछ परेशान है ।
साहिल - नहीं , उसे दिखाओ कि तुम्हें उससे फर्क नहीं पड़ता। दूर रहो उससे
नैना अब उदासी से राजेश को देखने लगी ।
साहिल - अगर तुम ऐसे ही करोगी तो फिर मिल गया तुम्हें राजेश ?
नैना वापस सीट पर बैठ गई।
कुछ वक्त तक राजेश खामोश बैठा रहा फिर अपने काम में लग गया । उसने साहिल से प्रेजेंटेशन मंगवाई और काम लग रहा था कि नैना वहां किसी काम से आई । वह जब जाने लगी तो राजेश बोला - साहिल के साथ तुम कुछ ज्यादा ही , खुश नहीं रहती?
नैना ( मुस्कुराते हुए ) - हां क्योंकि वह मेरा बहुत ख्याल रखता है और सबसे अच्छी बात है कि वह औरों की तरह (राजेश) बात बात पर मुंह नहीं फुलाता ।
राजेश ने अब नैना की ओर देखा - अच्छा ? यह तो बहुत अच्छी बात है वैसे यह तुम्हारे गले में स्कार्फ सुबह तो नहीं था?
नैना - अच्छा है ना ? साहिल ने ला कर दिया । उसकी पहली गिफ्ट है , यह तो संभाल कर रखूंगी ।
राजेश - अच्छी बात है पर मुझे जहां तक याद है त कि तुम्हें तो ऐसे गिफ्ट लेना देना पसंद ही नहीं थी।
नैना - वक्त के साथ सब कुछ बदल जाता है ।
राजेश - सही कह रही हो,आजकल वक्त के साथ लोगों की पसंद तो क्या वह खुद ही बदल जाते हैं ।अच्छा दिखाओ तो देखने में तो काफी सॉफ्ट लग रहा है ।
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नैना हैरानी से -तुम्हें पसंद आया?
राजेश (मुस्कुराते हुए ) - हां बिल्कुल।
नैना अब मन ही मन सोचने लगी - क्या राजेश भूल गया है कि मुझे यह वाला शेड पसंद ही नहीं है , यह तो तारीफ कर रहा है ।
राजेश - दिखाओ तो , मैं भी तो देखूं कैसा है ?अगर अच्छा हुआ तो रिचा के लिए भी ऐसा ही लूंगा कहते हुए उसने हाथ आगे बढ़ा दिया ।
नैना ने हैरानी से राजेश को देखते हुए अपने गले से स्कार्फ निकाल राजेश के हाथ में थमा दिया ।
राजेश स्कार्फ को देखते हुए - कपड़ा तो कॉफी साफ्ट है सच में पर एक बात समझ में नहीं आई ?
नैना - क्या?
राजेश - तुम्हें तो यह शेड पसंद ही नहीं है फिर ....अच्छा समझ गया कि वक्त के साथ सब बदल जाता है ।
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नैना - हां वही, अब पसंद है मुझे यह।
राजेश - अच्छी बात है वैसे तुम ने इसको टेस्ट किया?
नैना (सवालिया नजरों ) - किसका टेस्ट ?
राजेश - इस स्कार्फ का
राजेश खड़े होकर नैना के पास आ गया और टेबल पर बैठ गया - अरे यही कि यह सुंदर तो है पर क्या टिकाऊ भी है? ज्यादा दिनों तक चलेगा भी या फिर कुछ ही दिनों में फट जाएगा ?
नैना - इस बात काे चैक कैसे कर सकते हैं हम भला?
राजेश ( मुस्कुराते हुए ) - बहुत सिंपल है , देखो मैं दिखाता हूं कहते हुए उसने स्कार्फ के दो कोनों को पकड़ा और जोर से उन्हें अलग-अलग दिशा में खींच दिया जिससे उस स्कार्फ के दो टुकड़े हो गए ।
राजेश ( हँसी को दबाते हुए ) - ओह, मै तो बस चैक कर रहा , था पर ये तो फट गया। घटिया क्वालिटी का निकला ।
स्कार्फ के फटते ही नैना गुस्से में राजेश से बोली - यह क्या किया तुमने? इसे फाड़ दिया? आज ही साहिल ने गिफ्ट किया था और आज ही फाड़ दिया ? उसे कितना बुरा लगेगा।
राजेश (गुस्से में ) - बुरा लगे तो लगे , मुझे इसकी परवाह नहीं और क्या मतलब है तुम्हारा आज ही ? तो क्या मैं बैठ कर इंतजार करता कि तुम रोज इसे गले में डाल कर घूमती रहो?
नैना गुस्से में राजेश को देखने लगी ।
राजेश - ऐसे क्या देख रही हो ? यह याद रखो कि अगर तुमने साहिल के साथ रिश्ता बढ़ाने की कोशिश की तो उसका भी यही हाल करूंगा और यूं ही टुकड़े-टुकड़े कर दूंगा क्योंकि ना तो तुम्हारे रिश्ते की और ना ही इस कपड़े की अच्छी क्वालिटी है।
नैना - तुम्हारी परेशानी क्या है ? तुम ...तुम जलते हो मेरे और साहिल के रिश्ते से ।
राजेश - हां , क्योंकि यह रिश्ता बेमेल है और एक ही बात , बार-बार नहीं कहूंगा कि साहिल लड़का सही नहीं है । जितना जल्दी हो यह सब खत्म करो वरना फिर मैं अपने तरीके से तो खत्म कर ही लूंगा ।
नैना - मै ऐसा कुछ नहीं करूंगी । मुझे साहिल पसंद है और उसे मैं , बाकी दुनिया इस बारे में क्या सोचती है मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता - कहते हुए राजेश की हाथ से स्कार्फ के टुकड़े ले लिए । सच तो यह है कि तुम जलते हो मेरी खुशियों से क्योंकि मैं खुश हूं पर तुम चाहते हो कि मैं बस तुम्हारी याद में रोती रहूं पर मैं ऐसा कुछ नहीं करूंगी, तुम्हारी चाल कामयाब नहीं होने दूंगी । मैं आज रात साहिल के साथ डिनर पर जा रही हूं और तुम अपनी शादी की तैयारियां करो - कहते हुए नैना वहां से बाहर निकल गई।
राजेश गुस्से में नैना को जाते हुए देखने लगा - इतनी जिद्दी लड़की मैंने कभी नहीं देखी । जिस काम की मना करो , जानबूझ कर वही काम करती है ।
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राजेश के चुपचाप चले जाने पर नैना परेशान हो गई - इसे क्या हुआ? मुझे तो लगता था कि गुस्सा करेगा।
सारा - लगा तो मुझे भी यही था पर यह तो चुपचाप चले गए।
नैना (खड़े होकर) - मैं अभी जाकर देखती हूं , शायद कुछ परेशान है ।
साहिल - नहीं , उसे दिखाओ कि तुम्हें उससे फर्क नहीं पड़ता। दूर रहो उससे
नैना अब उदासी से राजेश को देखने लगी ।
साहिल - अगर तुम ऐसे ही करोगी तो फिर मिल गया तुम्हें राजेश ?
नैना वापस सीट पर बैठ गई।
कुछ वक्त तक राजेश खामोश बैठा रहा फिर अपने काम में लग गया । उसने साहिल से प्रेजेंटेशन मंगवाई और काम लग रहा था कि नैना वहां किसी काम से आई । वह जब जाने लगी तो राजेश बोला - साहिल के साथ तुम कुछ ज्यादा ही , खुश नहीं रहती?
नैना ( मुस्कुराते हुए ) - हां क्योंकि वह मेरा बहुत ख्याल रखता है और सबसे अच्छी बात है कि वह औरों की तरह (राजेश) बात बात पर मुंह नहीं फुलाता ।
राजेश ने अब नैना की ओर देखा - अच्छा ? यह तो बहुत अच्छी बात है वैसे यह तुम्हारे गले में स्कार्फ सुबह तो नहीं था?
नैना - अच्छा है ना ? साहिल ने ला कर दिया । उसकी पहली गिफ्ट है , यह तो संभाल कर रखूंगी ।
राजेश - अच्छी बात है पर मुझे जहां तक याद है त कि तुम्हें तो ऐसे गिफ्ट लेना देना पसंद ही नहीं थी।
नैना - वक्त के साथ सब कुछ बदल जाता है ।
राजेश - सही कह रही हो,आजकल वक्त के साथ लोगों की पसंद तो क्या वह खुद ही बदल जाते हैं ।अच्छा दिखाओ तो देखने में तो काफी सॉफ्ट लग रहा है ।
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नैना हैरानी से -तुम्हें पसंद आया?
राजेश (मुस्कुराते हुए ) - हां बिल्कुल।
नैना अब मन ही मन सोचने लगी - क्या राजेश भूल गया है कि मुझे यह वाला शेड पसंद ही नहीं है , यह तो तारीफ कर रहा है ।
राजेश - दिखाओ तो , मैं भी तो देखूं कैसा है ?अगर अच्छा हुआ तो रिचा के लिए भी ऐसा ही लूंगा कहते हुए उसने हाथ आगे बढ़ा दिया ।
नैना ने हैरानी से राजेश को देखते हुए अपने गले से स्कार्फ निकाल राजेश के हाथ में थमा दिया ।
राजेश स्कार्फ को देखते हुए - कपड़ा तो कॉफी साफ्ट है सच में पर एक बात समझ में नहीं आई ?
नैना - क्या?
राजेश - तुम्हें तो यह शेड पसंद ही नहीं है फिर ....अच्छा समझ गया कि वक्त के साथ सब बदल जाता है ।
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नैना - हां वही, अब पसंद है मुझे यह।
राजेश - अच्छी बात है वैसे तुम ने इसको टेस्ट किया?
नैना (सवालिया नजरों ) - किसका टेस्ट ?
राजेश - इस स्कार्फ का
राजेश खड़े होकर नैना के पास आ गया और टेबल पर बैठ गया - अरे यही कि यह सुंदर तो है पर क्या टिकाऊ भी है? ज्यादा दिनों तक चलेगा भी या फिर कुछ ही दिनों में फट जाएगा ?
नैना - इस बात काे चैक कैसे कर सकते हैं हम भला?
राजेश ( मुस्कुराते हुए ) - बहुत सिंपल है , देखो मैं दिखाता हूं कहते हुए उसने स्कार्फ के दो कोनों को पकड़ा और जोर से उन्हें अलग-अलग दिशा में खींच दिया जिससे उस स्कार्फ के दो टुकड़े हो गए ।
राजेश ( हँसी को दबाते हुए ) - ओह, मै तो बस चैक कर रहा , था पर ये तो फट गया। घटिया क्वालिटी का निकला ।
स्कार्फ के फटते ही नैना गुस्से में राजेश से बोली - यह क्या किया तुमने? इसे फाड़ दिया? आज ही साहिल ने गिफ्ट किया था और आज ही फाड़ दिया ? उसे कितना बुरा लगेगा।
राजेश (गुस्से में ) - बुरा लगे तो लगे , मुझे इसकी परवाह नहीं और क्या मतलब है तुम्हारा आज ही ? तो क्या मैं बैठ कर इंतजार करता कि तुम रोज इसे गले में डाल कर घूमती रहो?
नैना गुस्से में राजेश को देखने लगी ।
राजेश - ऐसे क्या देख रही हो ? यह याद रखो कि अगर तुमने साहिल के साथ रिश्ता बढ़ाने की कोशिश की तो उसका भी यही हाल करूंगा और यूं ही टुकड़े-टुकड़े कर दूंगा क्योंकि ना तो तुम्हारे रिश्ते की और ना ही इस कपड़े की अच्छी क्वालिटी है।
नैना - तुम्हारी परेशानी क्या है ? तुम ...तुम जलते हो मेरे और साहिल के रिश्ते से ।
राजेश - हां , क्योंकि यह रिश्ता बेमेल है और एक ही बात , बार-बार नहीं कहूंगा कि साहिल लड़का सही नहीं है । जितना जल्दी हो यह सब खत्म करो वरना फिर मैं अपने तरीके से तो खत्म कर ही लूंगा ।
नैना - मै ऐसा कुछ नहीं करूंगी । मुझे साहिल पसंद है और उसे मैं , बाकी दुनिया इस बारे में क्या सोचती है मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता - कहते हुए राजेश की हाथ से स्कार्फ के टुकड़े ले लिए । सच तो यह है कि तुम जलते हो मेरी खुशियों से क्योंकि मैं खुश हूं पर तुम चाहते हो कि मैं बस तुम्हारी याद में रोती रहूं पर मैं ऐसा कुछ नहीं करूंगी, तुम्हारी चाल कामयाब नहीं होने दूंगी । मैं आज रात साहिल के साथ डिनर पर जा रही हूं और तुम अपनी शादी की तैयारियां करो - कहते हुए नैना वहां से बाहर निकल गई।
राजेश गुस्से में नैना को जाते हुए देखने लगा - इतनी जिद्दी लड़की मैंने कभी नहीं देखी । जिस काम की मना करो , जानबूझ कर वही काम करती है ।