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Guest
मेरी बीबी मेरे दोस्त से चुदने की बात कह कर शायद उतनी ही उन्मादित हो रही थी, जितना मैं उसकी बात सुनकर हो रहा था। उसने कहा, “बस फिर तो राज मुझमें ऐसे जोर जोर से अपना लन्ड पेलने लगा की जैसे वह मुझे आखरी बार चोद रहा हो। मुझे भी आज इतना नशा चढ़ा हुआ था की मैं भी उसके साथ पूरी तरह अपनी चुदाई करवाने के लिए उछल उछल कर उसका लन्ड मेरी फुद्दी में उससे डलवा रही थी। हम दोनों चुदाई में इतने बदहोश हो कर कराह रहे थे की मुझे डर था की कहीं कोई सुन न ले। आज तो तुम्हारे दोस्त ने हद ही कर दी। वह मुझे ऐसे चोदता रहा ऐसे चोदता रहा की आज तो उसने मुझे भी थका दिया। बीच में मैंने उसे एकाध बार रोका भी, क्योंकि मैं बाथरूम जाना चाह रही थी।“
“मैं उठ खड़ी हुई और जब मैंने अपने ऊपर एक चद्दर डाली तो वह भी उसने निकाल दी। जैसे तैसे मैं नंगी ही बाथरूम की और भागी तो वह मेरे पीछे पीछे बाथरूम तक भी पहुँच गया। वह मेरे साथ बाथरूम के अंदर आना चाहता था। शायद वह मुझे पेशाब करते हुए देखना चाहता था। जब मैं उसे पीछे की और हटा ने लगी तब उसने मुझे बाथरूम के बाहर ही जकड लिया।
वहाँ भी मुझे आगे से नीचे की और झुका कर जैसे वह मुझे पीछे से चोदना चाहता था। हाय माँ! उसका लन्ड कड़क खड़ा लहराता देख कर में शर्म से मर रही थी की क्या करूँ। बड़ी मुश्किल से मैंने अपने आपको उससे छुड़ाया और उसे बाथरूम के दरवाजे पर ही रोका और तब मैं बाथरूम गयी।“
मेरी प्यारी बीबी मेरे दोस्त के साथ अपनी काम क्रीड़ा की कहानी सुनाते सुनाते शर्म से लाल हो रही थी। पर मैं भी तो पूरी कहानी सुनने पर अड़ा हुआ था। एक गहरी सांस ले कर रुखसार फिर से बोलने लगी, “पर पेशाब कर लेने के बाद मैंने जब दरवाजा खोला तो वह वहीँ खड़ा था। उसने मुझे उसी हालात में अपनी बाहों में उठा लिया और फिर मुझे बिस्तर पर लिटा कर मेरे पर चढ़ गया और मेरे पाँव अपने कन्धों पर रखवा कर तुम्हारे दोस्त ने मुझे दुबारा चोदना शुरू किया।” पता नहीं पर शायद आधे घंटे तक हम चुदाई करते रहे। बीच में मैं तो दो बार झड़ चुकी थी। आखिर में एक जोर सी कराह देते हुए उसने अपना पूरा वीर्य मेरी फुद्दी में उंडेल दिया। उसने इतना अपना माल छोड़ा की एक बार तो मैं डर ही गयी की मैं कहीं उस से गर्भवती न बन जाऊं।”
फिर थोड़ा रुक कर वह बोली, “खैर, ऐसा कुछ भी नहीं होगा क्योंकि मैं गोलियां ले रही हूँ। जानूँ, तुमने मुझे एक तरह से पागल बना दिया है। आज तक मैं चुदाई में इतना उन्मादित नहीं हुई जितना तुम दोनों ने मिलकर मुझे बना दिया है। अब जब तुम या राज मुझे चोदते हो तो मुझे क्या होता है पता नहीं, पर मेरे पुरे बदन में ऐसा नशा फ़ैल जता है की मेरे हर अंग में बिजली की तरह झटके लगने लगते है। मैं उसका वर्णन करने में असमर्थ हूँ।”
राज द्वारा मेरी बीबी की चुदाई की कहानी मुझे पागल कर रही थी। मैंने भी रुखसार की फुद्दी पर मेरा कड़ा लन्ड रगड़ा। रुखसार उसकी फुद्दी पर मेरे लन्ड की रगड़ से उन्मादित हो रही थी। एक तो राज से चुदाई की यादेँ और बातें, ऊपर से मेरे से चुदाई की तैयारी दोनों और की मार से जैसे वह इतनी उत्तेजित हो रही थी की जैसे मैंने उसे पहले नहीं देखा।
मैंने एक ही धक्के में मेरा पूरा लन्ड मेरी बीबी की फुद्दी में घुसेड़ दिया। एकदम लन्ड घुसने से रुखसार को थोड़ा कष्ट हुआ और वह धीमे आवाज में “हाय रे” बोल पड़ी। जब मैंने धीरे से अपनी रफ़्तार बढ़ाई तो रुखसार कामुक आवाज में कराहने लगी। उसकी कामुक कराहट मेरी उत्तेजना को और भड़का रही थी। रुखसार भी धीरे धीरे मेरा साथ देने लगी। मैं उसे चोदता रहा और उतनी ही फुर्ती से रुखसार भी मेरे धक्के के मुकाबले मुझे ऊपर धक्के मारती रही।
उस रात मेरी बीबी मेरे साथ तीन बार झड़ गयी। दिन में राज के साथ वह कितनी बार झड़ गयी थी वह पता नहीं।
“मैं उठ खड़ी हुई और जब मैंने अपने ऊपर एक चद्दर डाली तो वह भी उसने निकाल दी। जैसे तैसे मैं नंगी ही बाथरूम की और भागी तो वह मेरे पीछे पीछे बाथरूम तक भी पहुँच गया। वह मेरे साथ बाथरूम के अंदर आना चाहता था। शायद वह मुझे पेशाब करते हुए देखना चाहता था। जब मैं उसे पीछे की और हटा ने लगी तब उसने मुझे बाथरूम के बाहर ही जकड लिया।
वहाँ भी मुझे आगे से नीचे की और झुका कर जैसे वह मुझे पीछे से चोदना चाहता था। हाय माँ! उसका लन्ड कड़क खड़ा लहराता देख कर में शर्म से मर रही थी की क्या करूँ। बड़ी मुश्किल से मैंने अपने आपको उससे छुड़ाया और उसे बाथरूम के दरवाजे पर ही रोका और तब मैं बाथरूम गयी।“
मेरी प्यारी बीबी मेरे दोस्त के साथ अपनी काम क्रीड़ा की कहानी सुनाते सुनाते शर्म से लाल हो रही थी। पर मैं भी तो पूरी कहानी सुनने पर अड़ा हुआ था। एक गहरी सांस ले कर रुखसार फिर से बोलने लगी, “पर पेशाब कर लेने के बाद मैंने जब दरवाजा खोला तो वह वहीँ खड़ा था। उसने मुझे उसी हालात में अपनी बाहों में उठा लिया और फिर मुझे बिस्तर पर लिटा कर मेरे पर चढ़ गया और मेरे पाँव अपने कन्धों पर रखवा कर तुम्हारे दोस्त ने मुझे दुबारा चोदना शुरू किया।” पता नहीं पर शायद आधे घंटे तक हम चुदाई करते रहे। बीच में मैं तो दो बार झड़ चुकी थी। आखिर में एक जोर सी कराह देते हुए उसने अपना पूरा वीर्य मेरी फुद्दी में उंडेल दिया। उसने इतना अपना माल छोड़ा की एक बार तो मैं डर ही गयी की मैं कहीं उस से गर्भवती न बन जाऊं।”
फिर थोड़ा रुक कर वह बोली, “खैर, ऐसा कुछ भी नहीं होगा क्योंकि मैं गोलियां ले रही हूँ। जानूँ, तुमने मुझे एक तरह से पागल बना दिया है। आज तक मैं चुदाई में इतना उन्मादित नहीं हुई जितना तुम दोनों ने मिलकर मुझे बना दिया है। अब जब तुम या राज मुझे चोदते हो तो मुझे क्या होता है पता नहीं, पर मेरे पुरे बदन में ऐसा नशा फ़ैल जता है की मेरे हर अंग में बिजली की तरह झटके लगने लगते है। मैं उसका वर्णन करने में असमर्थ हूँ।”
राज द्वारा मेरी बीबी की चुदाई की कहानी मुझे पागल कर रही थी। मैंने भी रुखसार की फुद्दी पर मेरा कड़ा लन्ड रगड़ा। रुखसार उसकी फुद्दी पर मेरे लन्ड की रगड़ से उन्मादित हो रही थी। एक तो राज से चुदाई की यादेँ और बातें, ऊपर से मेरे से चुदाई की तैयारी दोनों और की मार से जैसे वह इतनी उत्तेजित हो रही थी की जैसे मैंने उसे पहले नहीं देखा।
मैंने एक ही धक्के में मेरा पूरा लन्ड मेरी बीबी की फुद्दी में घुसेड़ दिया। एकदम लन्ड घुसने से रुखसार को थोड़ा कष्ट हुआ और वह धीमे आवाज में “हाय रे” बोल पड़ी। जब मैंने धीरे से अपनी रफ़्तार बढ़ाई तो रुखसार कामुक आवाज में कराहने लगी। उसकी कामुक कराहट मेरी उत्तेजना को और भड़का रही थी। रुखसार भी धीरे धीरे मेरा साथ देने लगी। मैं उसे चोदता रहा और उतनी ही फुर्ती से रुखसार भी मेरे धक्के के मुकाबले मुझे ऊपर धक्के मारती रही।
उस रात मेरी बीबी मेरे साथ तीन बार झड़ गयी। दिन में राज के साथ वह कितनी बार झड़ गयी थी वह पता नहीं।