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कहीं वो सब सपना तो नही complete

करण ने गेट खोला ऑर हम अंदर चले गये ,,दीदी तो गेट के अंदर आते ही करण से लिपट गई ऑर किस करने लगी,,,,तभी

अंदर से करण की माँ की आवाज़ आई ऑर दीदी एक दम से करण से अलग हो गई ऑर थोड़ी निराश भी हो गई,,,,उसने सोचा था को करण की माँ घर पर नही होगी तो मस्ती कर लेंगे लेकिन वो तो घर पर थी,,,,इसलिए दीदी निराश हो गई,,,

हम लोग घर के अंदर चले गये ,,,शिखा भी अपने रूम से बाहर आ गई ऑर करण की माँ भी किचन से बाहर आ गई,,,

मैं तो करण की माँ को देखता ही रह गया साली एक दम मस्त माल थी,,,,पंजाबी औरत भरे हुए बदन की मालकिन साला

जो भी देखे उसको एक बार तो ज़रूर चोदने की तमन्ना करेगा,,,वही तमन्ना मैं कर रहा था,,,,,

मैने ऑर दीदी ने आंटी को ही बोला ,,,

शिखा ने पास आके दीदी की हॅग किया ऑर फिर हम सब सोफे पर बैठ गये,,,,,,

आज कैसे आना हुआ शोभा बेटी ,,तुम तो बहुत बिज़ी हो गई कभी आती ही नही,,,,

वो क्या है ना आंटी पहले कॉलेज ऑर उसके बाद बुटीक पर जाना होता है,,,टाइम ही नही मिलता कहीं आने जाने का,,,आज तो शिखा की वजह से आई हूँ,,,,,,,,,,

शिखा की वजह से,,,,वो क्यूँ बेटी ,,,,,,,,,,,क्या तुम शिखा से मिलने आई हो अपनी आंटी से नही,,,,,,,,

अरे नही आंटी ऐसी बात नही है वो शिखा बोल रही थी घर मे टाइम पास नही होता तो मैने सोचा कि क्यूँ ना इसको अपने

साथ बुटीक पे ले जाया करूँ वैसे भी ये स्टिचिंग अच्छी कर लेती है ,,मेरे साथ बुटीक पर रहेगी तो टाइम भी पास

हो जाया करेगा ऑर दिल भी बहाल जाया करेगा,,,,दीदी ने इतनी बात बोलके शिखा की तरफ हंस कर देखा,,,,,मैं समझ गया कि दोनो साथ रेखा चाहती है ,,,जब काम हुआ तो काम वरना मस्ती तो कर ही लेंगी दोनो,,,,,

हाँ ये बात तो ठीक है बेटी ,,,मैं तो खुद इसको कहती रहती हूँ कि घर से बाहर जाया करो लेकिन ये है कि मेरी सुनती ही

नही,,,बस एक फ्रेंड है उसके साथ कभी कभी बाहर चली जाती है,,,,,,,,,,,मुझे याद आया कि आंटी उसी कॉलेज वाली फ्रेंड

की बात कर रही होगी जो उस दिन शिखा दीदी के साथ आई थी,,,,,साला क्या मस्त माल थी वो ,,,एक पल के लिए सोचा उसके बारे मे तो लंड खड़ा होने लगा ऑर शिखा का ध्यान मेरे लंड पर पड़ गया,,,,,,,,

अरे मोम बातें ही करती रहोगी या कुछ चाइ कॉफी भी बनाओगी इनके लिए,,,,,,,,,,,

ओह मैं तो भूल ही गई,,,,तुम लोग बातें करो मैं चाइ लेके आती हूँ,,,,,,,,,,,,,,,आंटी किचन की तरफ जाने लगी ऑर मैं

पीछे से आंटी की मटकती गान्ड देखने लगा तभी शोभा का ध्यान मेरी तरफ आ गया उसने मुझे अलका आंटी की गान्ड

की तरफ घूरते पकड़ लिया था,,,,,

दीदी ये क्या अपने मुझे बताया क्यूँ नही आप शोभा दीदी के साथ उनके बुटीक पर जाने वालो हो,,,,अब हम लोगो मस्ती

कर करेंगे,,,,,,,,करण ने उदास होके बोला,,,,,

तुम टेन्षन मत लो करण,,,बुआ यहाँ नही है ,,,,कुछ दिनो के लिए बाहर गई है अब बुटीक मे मैं ऑर शिखा ही होंगे

तुम जब चाहो आओ ऑर मस्ती करो,कोई परेशानी नही होगी,,,,,करण तो इतनी बात सुनते ही खुश हो गया,,,,

हाँ करण फिर जब दिल करे तब मस्ती काने आ जाना तुम,ऑर वैसे भी मैं भी तो शिखा को इसलिए लेके जा रही हूँ अपने

साथ ताकि ज़्यादा से ज़्यादा टाइम स्पेंड कर सकूँ इसके साथ,,इतना बोलके दीदी ने शिखा के बूब्स को मसल दिया ऑर हल्की किस भी करदी शिखा के लिप्स पर,,,,,,

क्या करती हो शोभा माँ आ जाएगी,,,,,दीदी आंटी का नाम सुनते ही जल्दी से शिखा से दूर हो गई,,,,

अरे वो स्टिचिंग मशीन कहाँ है शिखा उसको कार मे रखवा दो,,,,

करण तुम जाओ सन्नी के साथ ऑर मेरे रूम से स्टिचिंग मशीन उठा कर कार मे रख दो,,,,,

मैं ऑर करण उठकर दीदी के रूम मे गये ऑर स्टिचिंग मशीन उठाकर कार मे रखके वापिस आ गये,,,,तब तक अलका आंटी

भी चाइ लेके आ गई थी,,,,हम लोगो ने चाइ पी ऑर कुछ इधर उधर की बातें की फिर वापिस घर की तरफ आ गये,,,

ये सब क्या हो रहा था सन्नी,,,,दीदी ने मेरे से पूछा,,,,,

क्या- क्या हो रहा था दीदी,,,,,मैं कुछ समझा नही,,,,

तुम अलका आंटी की गान्ड को इतना क्यूँ घूर रहे थे,,क्या अब तुम्हारी नज़र उनकी गान्ड पर है,,,,

मैं हँसने लगा,,,,,,सही सोचा अपने दीदी,,,,,,,क्या आप कुछ हेल्प कर सकती हो इस बारे मे,,,,

तू सच मे बहुत बड़ा कमीना है सन्नी किसी को तो बख्स दे अब,,,,,,,,,,

क्या करूँ दीदी आंटी की मस्त मोटी गान्ड देख कर लंड मे तूफान उठने लग जाता है ऑर मैं कॉन्सा अकेला हूँ जो उनकी

गान्ड देख रहा था आप भी तो घूर रही थी उनकी गान्ड को,,,,आप क्या सोच रही हो मैने आपको नोटीस नही किया था

जब आप चाइ पी रही थी तब भी आंटी के बड़े बड़े बूब्स को घूर रही थी आप,,,,

दीदी हँसने लगी,,,,,क्या करूँ मेरे भाई मैं भी तेरी बेहन हूँ ,,,आज जबसे माँ के बड़े बड़े बूब्स मुँह मे भरके चूसे

है तबसे बड़े बूब्स अच्छे लगने लगे है ऑर मोटी मस्त गान्ड भी तभी तो अलका आंटी की तरफ घूर रही थी मैं,,,,

तो कुछ करो ना दीदी,,,,,,,,,कोई प्लान बनाओ ताकि हम मस्ती कर सके आंटी के साथ ऑर उनको भी अपने खेल मे शामिल कर सके फिर वक़्त रहते कारण ऑर शिखा को भी शामिल कर लेंगे उनकी माँ के साथ मस्ती करने के लिए,,ऑर उसके बाद करण ऑर शिखा कोई टेन्षन नही होगी वो जब चाहे अपने घर मे मस्ती कर सकते है,,,,ऑर वैसे इस काम के लिए करण भी तैयार है उसका भी दिल करता है अपनी माँ की गान्ड मारने को लेकिन वो डरता है अपनी माँ से ऐसी बात करने से ,,,,,

अच्छा तो करण भी तेरी तरह पक्का कमीना है जो अपनी माँ की गान्ड लेना चाहता था,,,,,इतना बोल कर दीदी हँसने लगी फिर कुछ सोचने लगी,,,,,,,,,,,,,देख सन्नी अगर बात होती शिखा को तैयार करने की तो मैं हेल्प कर सकती थी लेकिन अलका आंटी को तैयार करना मेरे बस की बात नही इसके लिए तुझे किसी ऑर की हेल्प की ज़रूरत है,,,,

किसकी दीदी,,,,,,,,,,,,,कॉन करेगा मेरी हेल्प,,,,

तू टेन्षन मत ले तेरा काम हो जाएगा ,,तुम ऑर करण मिलकर अलका आंटी की चुदाई कर सकते हो ,,बाद मे मैं ऑर शिखा भी मिलकर उसकी माँ के साथ मस्ती कर सकते है,,,,,मैं तो कुछ नही कर सकती लेकिन कोई है जो हम दोनो की हेल्प कर सकता है,,,

कॉन है वो मुझे भी तो बता दो दीदी,,,,,,

आज नही कल बताउन्गी तेरे को,,,,,,थोड़ा सबर करो,,,

मैने दीदी से फिर पूछा लेकिन दीदी कुछ नही बोली,,,,,फिर ना मैने कोई बात की ऑर ना दीदी ने हम लोग ऐसे ही घर आ गये लेकिन मैने दीदी की तरफ देखा तो ऐसा लग रहा था वो कुछ सोच रही है,,,,

हम लोग घर पहुँच गये ,,,,,,

मैं कार को घर के अंदर करके मेन डोर तक चला गया जबकि दीदी कार से उतर कर किसी को फोन करने लगी,,,,

मैने बेल बजाई तो मामा ने आके दरवाजा खोला ऑर वापिस पलट कर अंदर चला गया मैं दीदी की तरफ देखा कर दीदी को बुलाने लगा तभी दीदी ने फोन कट करके मुझे अंदर जाने को बोला ,,,,मैं अंदर जाने लगा तो दीदी ने फिर किसी का नंबर डायल किया ऑर बात करने लगी,,,खैर मैं घर के अंदर चला गया ऑर हाथ मुँह धोके डाइनिंग टेबल पर आ गया

माँ खाना लगा चुकी थी ,,,मामा पहले से वहीं बैठा हुआ था ऑर सोनिया भी ,,,,,,मैने सोनिया की तरफ कोई खास ध्यान नही दिया ऑर जाके मामा की साथ वाली चेयर पर बैठ गया,,,,कुछ देर मे मामा ने सारा खाने का समान टेबल पर रख दिया ऑर खुद भी हमारे साथ बैठ गई,,,2 मिनट बाद शोभा दीदी भी अंदर आ गई ,,,,,,,,,,हम सब खाना खाने लगे ऑर बातें करने लगे ,,लेकिन शोभा ऑर मामा बार बार एक दूसरे की तरफ़ देख रहे थे ,,,,दोनो के जिस्म मे आग लगी हुई थी,,लेकिन अभी कुछ नही कर सकते थे बस एक दूसरे को देख कर ही मन शांत कर रहे थे,,,

खाना ख़त्म होने के बाद सोनिया उपर आने रूम एम चली गई जबकि माँ ऑर शोभा बर्तन किचन मे रख कर माँ के रूम मे चली गई,, मैं भी उनके पीछे पीछे चला गया ,,,

माँ ऑर शोभा रूम मे जाते ही किस करने लगे,,

बेटी अभी कुछ मत कर जो करना है कल सुबह करते है,,,,माँ उसको मना कर रही थी लेकिन शोभा है कि माँ की बात ही नही सुन रही थी,,,

सुबह क्यू माँ अभी क्या है,,,,

बेटी अभी सोनिया हाँ ना घर पर,,,,,,,,,तो माँ उसको भी शामिल कर लेते है खेल मे ,,,फिर तो कोई टेन्षन नही होगी,,,,

अच्छा कॉन करेगा उसको राज़ी ये खेल खेलने के लिए,,,किसके मे है इतनी हिम्मत ,,,,,माँ ने हँसते हुए बोला,,,,

ये सन्नी है ना माँ ये कोशिश करेगा,,,,,इतना बोलकर माँ ऑर शोभा हँसने लगी,,,

मेरी तो गान्ड ही फॅट गई ये सुन कर,,,,

अरे बेटी क्यू इस मासूम को मरवाना है सोनिया के हाथों ,,जब तेरी बुआ ऑर मामा कुछ नही कर सके तो ये क्या कर लेगा,,,,

मैं हैरान हो गया ,,,,,,मामा ऑर बुआ ने कोशिश की थी सोनिया को खेल मे शामिल करने की लेकिन कब,,,,

ये क्या बोल रही हो माँ ,,,,मामा ऑर बुआ ने कब कोशिश की सोनिया को शामिल करने की अपने साथ,,,,,

तभी मामा अंदर आ गया,,,,,,बेटा मैने कोशिश नही कि बस कोशिश करने ही वाला था ऑर हिम्मत जुटा रहा था लेकिन जो कुछ देखा वो देख कर हिम्मत जुड़ने से पहले ही टूट गई,,,,

ऐसा क्या देखा मामा ,,,,,,,,,

देखा एक गाल ऑर एक थप्पड़,,,,,,,,,जिसकी वजह से गाल लाल हो गया था,,,,,,,,,,,,,मामा ने इतना बोला ओर हँसने लगा साथ मे माँ भी हँसने लगी,,,लेकिन शोभा चुप रही,,,,,

मेरी गान्ड फटने लगी कहीं माँ ऑर मामा ने मेरे थप्पड़ लगते तो नही देख लिया था गाओं मे जब सोनिया ने मुझे मांरा था,,,,

क्या देखा मामा ऑर कहाँ देखा,,,,,,,,,

यहीं देखा बेटा किचन मे,,,,,,,,,,,,,,सोनिया का थप्पड़ ऑर तेरी बुआ का गाल ,,,,,,,,,,,,,इतना कस्के थप्पड़ लगा था कि एक ही पल मे तेरी बुआ का मुँह लाल हो गया था,,,,ऑर ये देख कर मेरी बॉल्स मेरे गले मे अटक गई थी,,,,

क्या बोल रहे हो मामा खुल कर बोलो ना,,,,,,,,,

तभी शोभा बोलने लगी,,,,

सन्नी जब पापा ने गीता को मुझे उनके साथ खेल मे शामिल होने के लिए तैयार करने को बोला तो उसके कुछ दिनो बाद पापा की नज़रें सोनिया पर टिक गई ,,वो सोनिया के साथ भी चुदाई करना चाहते थे ,,गीता बुआ ने पापा की बात मान ली ऑर सोनिया को साथ मिलने का खेल शुरू हो गया लेकिन पहले तो गीता बुआ को सोनिया को अपने लिए पटाना था बाद मे पापा के सामने पेश करना था ,,लेकिन बुआ की कोशिश बेकार गई ऑर बदले मे एक कस्के थप्पड़ मिला सोनिया के हाथ का,,,,तभी तो सोनिया बुआ से कुछ खफा रहती है ऑर बुआ भी ज़्यादा बात नही करती सोनिया से,,,,,

मेरे तो गान्ड दोबारा फॅट गई ये सुनकर की सोनिया ने बुआ को थप्पड़ मारा था,,,,अगर वो बुआ को थप्पड़ मांर सकती है तो मेरे को तो गोली भी मांर सकती है,,,,शोभा की बात सुनके आज सोनिया मुझे अपने हाथ से रेत की तरह फिसलती हुई नज़र आ रही थी,,,,,,,,

हाँ बेटा ,,,मैं उस टाइम किचन के डोर के पास खड़ा हुआ था,,,कुछ दिनो मे मैं भी कोशिश करने वाला था सोनिया को क़ाबू करने की लेकिन गीता का हाल ऑर लाल गाल देख कर मेरी हिम्मत नही हुई,,,,वो है ही इतने गुस्से वाली,,,,,,,,,,,

साला अब समझा क्यू शोभा ने भी मुझे मना कर दिया था मेरे लिए सोनिया को तैयार करने के लिए,,,,साला अब तो जितना हो सके दूर रहना होगा उस हिट्लर सोनिया से,,,,ग़लती से भी करीब चला गया तो कच्चा चबा लेगी मुझे,,,,,

अरे आप लोग किन बातों मे उलझ गये,,,,,बात तो ये करनी है कि आज सोनिया घर पर है तो मस्ती कैसे कर सकते है हम्सब लोग मिलकर,,,

उसकी टेन्षन आप मत लो मों,,,,मैने सब बंदोबस्त कर दिया है बस कुछ देर रूको,,,,

क्या बंदोबस्त किया है मुझे भी बता दो बेटी,,,,माँ ने अभी पूछा ही था कि माँ के रूम के दरवाजे पर सोनिया आके खड़ी हो गई,,,,,

दीदी अक्तिवा की चाबी देना ज़रा,,,सोनिया ने रूम मे आते ही बोला,,,,

सोनिया को दरवाजे पर खड़ा देख कर एक दम से सबका रंग उड़ गया ,,,,,सब लोग डर गये,,रूम मे एक दम से सन्नाटा हो गया,,,,

सबको यही डर लग रहा था कहीं सोनिया ने वो सब बातें तो नही सुन ली थी जो अभी हम लोग कर रहे थे,,,,,,

तभी शोभा की आवाज़ के साथ रूम का सन्नाटा दूर हुआ,,,,,,,,,,अक्तिवा क्या करनी है तूने इतनी रात को,,,,,,कहाँ जाना है,,,,,

दीदी वो कामिनी भाभी का फोन आया था उन्होने मुझे घर पे बुलाया है अभी,,,,,सोनिया ने जवाब दिया,,,,,,,,

अरे बेटी अभी तो कुछ देर पहले तू कविता के घर से आई है ऑर अभी फिर जा रही है,,,कोई खास वजह,,,,,,माँ ने सोनिया से पूछा,,,,,

माँ अभी कामिनी भाभी का फोन आया था ,,,,उनकी सास यानी कविता की मोम अभी कुछ देर पहले कविता के डॅड के पास चली गई है,,,वो जिस फॅक्टरी मे काम करते है वहीं उनको एक नया फ्लॅट मिला है ,,,,,कविता का भाई सूरज भी उनको छोड़ने के लिए उनके साथ गया है,,घर मे कविता ऑर भाभी है बस,,इसलिए उन लोगो ने मुझे वहाँ बुलाया है,,,मैं अब कल सुबह ही वापिस आउन्गी,,,,

इतनी देर तक शोभा रूम से निकल कर उपर अपने रूम मे चली गई अक्तिवा की चाबी लेने ऑर उसके बाहर जाते ही मामा भी माँ के रूम से निकल गया,,,,मैं ऑर माँ वहीं थे,,,,,,,,,,,,,,

तभी माँ बोली,,,,,तुम अब रात वहीं रहने वाली हो सुबह वापिस आओगी,,,,

हाँ माँ मैं रात वहीं रहने वाली हूँ,,,,,,,,,,,लेकिन ऐसा क्यू पूछ रही हो आप,,,,,,

कुछ नही बेटी ये सन्नी मेरे साथ सोने वाला था ,,बोल रहा था उपर तुम्हारे साथ नही सोना,,,,लगता है तुम लोगो का झगड़ा अभी तक ख़तम नही हुआ है इसलिए ये उपर नही सोने जा रहा था लेकिन मुझे इसको अपने साथ नही सुलाना था रात को बहुत हिलता जुलता रहता है ये बेड पर,,,,सोते टाइम बहुत हाथ पैर चलाता है ,,,ना खुद सोता है ना मुझे सोने देता है,,,,,अब तुम अगर रात वहीं रहने वाली हो तो ये उपर जाके उस रूम मे सो जाएगा,,,,इसलिए पूछा था बेटी,,,,,

सोनिया कोई बात करती इस से पहले शोभा दीदी चाबी लेके आ गई ऑर सोनिया कुछ बोले बिना ही वहाँ से चली गई,,,शोभा दीदी उसको दरवाजे तक छोड़ने गई ऑर फिर दरवाजा बंद करके वापिस आ गई,,,,,

रूम मे मैं ऑर माँ बेड पर बैठ गये थे ,,,जबकि मामा बाहर सोफे पर बैठा हुआ टीवी देख रहा था,,,टीवी देख नही रहा था बस सोनिया के सामने टीवी देखने का नाटक करने लगा था ऑर सोनिया के जाने का वेट कर रहा था,,,,सोनिया के जाते ही वो भी शोभा के पीछे पीछे रूम मे आ गया,,,,,,,,,

अच्छा हुआ चली गई,,,,अब वापिस आएगी या रात वहीं रुकने वाली है,,,,,,,मामा ने अंदर आते ही पूछा,,,,,

वो रात वहीं रुकने वाली है मामा,,,ऐसा मुझे दरवाजे पर बोलकर गई है,,,अब सुबह ही वापिस आएगी,,,,,शोभा ने मामा की बात का जवाब दिया,,,,

इतने मे मामा ने शोभा को अपने करीब किया ऑर किस करने लगा,,,अच्छा हुआ चली गई अब रात भर तेरी चूत ऑर गान्ड मारूँगा मैं,,,,

मामा दीदी को किस करने ही लगा था कि दीदी ने मामा को रोक दिया,,,,,,,,,,,,,

अभी नही मामा कुछ देर रूको मुझे थोड़ा काम है,,,,तब तक तुम माँ के साथ मस्ती करो ,,,मैं अभी आई 15-20 मिनट मे,,,,

मामा ने दीदी को छोड़ दिया ,,,,,अच्छा जल्दी अपना काम ख़तम करके आ जाओ बेटी तब तक मैं तेरी माँ को थोड़ा खुश करता हूँ सन्नी के साथ मिलकर लेकिन ज़्यादा टाइम मत लगाना वरना मेरे लंड का बुरा हाल हो जाना है,,,मामा ने पयज़ामे के उपर से अपने लंड को मसल्ते हुए सब बात बोली ऑर बेड पर हम लोगो के पास आ गया ,,आते आते मामा अपने कपड़े उतारने लगा,,,,मामा को देख माँ भी जल्दी से नंगी होने लगी लेकिन मुझे कुछ अजीब लग रहा था,,,सोनिया इतनी रात को कभी नही गई कविता के घर ऑर भला ऐसा क्या काम होगा कि भाभी ने उसको फोन करके बुला लिया है,,,,

 
अभी मैं कुछ सोच ही रहा था कि तभी मेरे लंड को निक्केर के उपर से माँ ने मसलना शुरू कर दिया,,,,,मैं भी एक दम से मस्ती मे आने लगा ऑर जल्दी ही अपने कपड़े निकालने लगा ,,,,,कुछ देर मे हम तीनो बेड पर नंगे थे,,,,माँ बीच मे थी जबकि मैं ऑर मामा माँ के दोनो तरफ लेटे हुए थे,,,,मैं माँ के एक बूब्स को चूस रहा था ऑर मामा दूसरे बूब को ,,माँ हम दोनो के लंड को हाथ मे लेके प्यार से मसल रही थी ,,,मामा के हाथ माँ की चूत की तरफ गया लेकिन तभी मेरा हाथ भी माँ की चूत पर चला गया तो मामा ने जल्दी से माँ की टाँग को उपर उठा कर पीछे की तरफ मोड़ दिया जिस से माँ की गान्ड थोड़ी उपर की तरफ हो गई ऑर मामा ने अपने हाथ पर थूक लगा कर अपने हाथ को माँ की गान्ड पर रखा ऑर शायद 2 उंगलियाँ माँ की गान्ड मे घुसा दी,,,तब तक मेरी 2 उंगलियाँ माँ की चूत मे अंदर बाहर होने लगी थी,,,,माँ की चूत ऑर गान्ड मे उंगलियाँ अंदर बाहर होने से माँ को मस्ती कुछ ज़्यादा ही छोड़ने लगी थी ऑर उसी मस्ती मे माँ के हाथों की स्पीड थोड़ी तेज हो गई थी मेरे ऑर मामा के लंड पर,,,हम दोनो के लंड पूरी ओकात मे सर उठा कर खड़े हुए

थे ,,,,मामा तो मस्ती लेटा हुआ माँ के एक बूब को चूस रहा था ऑर माँ की गान्ड मे आराम से उंगली कर रहा था लेकिन मेरा हाथ माँ की चूत पर कुछ ज़्यादा ही तेज़ी से चल रहा था मेरे से अब ऑर ज़्यादा इंतजार नही हो रहा था ,,,,,माँ की एक टाँग तो मामा के हाथ मे थी ऑर मामा ने उस टाँग को उपर उठा कर माँ के सर की तरफ मोड़ दिया था मैने भी जल्दी से अपने हाथ को माँ की चूत से निकाला ऑर माँ की दूसरी टाँग को पकड़ कर उसको भी उठाकर माँ के सर की तरफ मोड़ दिया जिस से माँ की गान्ड थोड़ी ऑर उपर की तरफ हो गई ऑर मैने जल्दी से आगे की तरफ खिसक कर अपने लंड को माँ की गान्ड की तरफ बढ़ा दिया मेरे ऐसा करते ही मामा ने अपनी उंगलियाँ माँ की गान्ड से निकाल ली ऑर हाथ को माँ की चूत पर रख दिया,,,,,,,,,,

अरे रुक ना बेटा,इतनी भी क्या जल्दी है पहले शोभा को तो आने दे फिर मिलकर मस्ती करेंगे सब लोग,,,,,थोड़ा सबर कर अभी,,,

माँ मुझे रुकने को बोल रही थी लेकिन मेरे से सब्र नही हो रहा था जब माँ ने देखा कि अब मैं नही रुकने वाला तो माँ ने मेरे लंड को अपने हाथ से अलग कर दिया ऑर मैं तेज़ी से माँ की गान्ड की ओर ज़्यादा करीब हो गया ऑर अपने हाथ पर थूक लगा कर लंड की टोपी पर लगा लिया ऑर लंड को गान्ड पर रख दिया लेकिन जैसे ही मैने आगे होके लंड को गान्ड मे डालना चाहा तो माँ भी खिसक कर उपर हो गई ऑर मुझे लंड गान्ड मे नही डालने दिया,,,,,,,,मैने माँ की तरफ देखा तो माँ हँसने लगी,,,,,माँ की इस बात से मामा भी थोड़ा हँसने लगा लेकिन मेरे से बर्दाश्त नही हो रहा था तो मैने फिर से माँ की गान्ड पर लंड रखा ऑर अंदर डालने लगा ,,,,,,,

माँ फिर थोड़ा उपर खिसक गई,,,,,,,,,अभी रुकजा थोड़ी देर इतनी भी क्या जल्दी है तुझे शोभा को आने दे फिर मिलकर मस्ती करते है,,,,कुछ देर सबर नही कर सकता क्या इतनी खुजली हो रही है लंड पर,,,,

हाँ माँ बहुत खुजली हो रही है अब सबर नही होता ,,अब डालने दो लंड को गान्ड मे ,,इतना बोलकर मैं फिर आगे हुआ तो लंड पहले से गान्ड के होल पर टिका हुआ था ,,लंड पर मेरा थूक लगा हुआ था ऑर माँ की चूत मे उंगली करने से आई मस्ती की वजह से थोड़ा पानी निकला था जो बहता हुआ माँ की गान्ड पर लग गया था जिस से गान्ड का होल ऑर भी ज़्यादा चिकना हो गया मेरे आगे होते ही लंड एक दम सरक कर माँ की गान्ड मे घुस्स गया ,,,माँ ने उपर होने की कोशिश की थी लेकिन मैने माँ के शोल्डर को कस्के पकड़ लिया था जिस से माँ उपर की तरफ नही खिसक सकी

ऑर लंड माँ की गान्ड मे घुस गया,,,लंड अंदर घुसते ही माँ की अह्ह्ह्ह निकल गई ,,,,

क्यू माँ मज़ा आया ना,,,मैने हँसते हुए बोला,,,,,अब बोलो लंड अंदर रहने दूं या बाहर निकाल लूँ,,,,मैने हल्के से लंड को अंदर बाहर करते हुए बोला तो माँ के मुँह से कोई अल्फ़ाज़ नही निकला बस माँ हल्की हल्की सिसकियाँ लेने लगी,,,,,,अहह उहह हयययययययययययईई

माँ की सिसकियाँ मामा पर भी असर कर गई इसलिए मामा जल्दी से उठकर बैठ गया ऑर पल भर मे मामा ने अपने खड़े लंड को माँ के मुँह के करीब कर दिया,,सिसकियाँ लेने की वजह से माँ का मुँह थोड़ा खुला हुआ था लेकिन गान्ड मे लंड जाने की मस्ती मे ऑर मुँह के करीब मामा के लंड के एहसास ने माँ को ऑर भी ज़्यादा मस्त कर दिया जिस वजह से माँ का मुँह थोड़ा ज़्यादा खुल गया ऑर मामा ने लंड को आगे करते हुए माँ के मुँह मे घुसा दिया ,,,माँ का सर बेड की लास्ट मे पिल्लो के उपर था जिस वजह से माँ का सर थोड़ा उपर उठा हुआ था मामा के लिए ये सही मोका था मामा ने लंड अंदर घुसते ही माँ के सर को हाथ मे पकड़ा ऑर तेज़ी से माँ के मुँह को चोदने लगा माँ भी अब तक मस्ती की लहर

मे बहती चली गई ऑर उससी मस्ती मे अपने सर को मामा के लंड पर आगे पीछे करने लगी,,,,

मैने भी खुद को थोड़ा अड्जस्ट किया ऑर माँ की दोनो टाँगों को अपनी तरफ मूड कर माँ के सर की तरफ उपर उठा दिया ऑर उन्ही टाँगों से नीचेसे अपने हाथ को माँ के बूब्स की तरफ कर दिया,,,अब मेरा एक हाथ माँ के शोल्डर पर था ओर दूसरा हाथ माँ की टाँगों को पकड़े हुआ माँ के बूब्स पर था ,,मैने माँ के शोल्डर पर कस्के पकड़ बना ली ऑर तेज़ी से माँ की गान्ड मारने लगा साथ साथ ज़ोर ज़ोर से माँ के बूब्स को मसल्ने लगा ,,,तभी मामा का भी एक हाथ माँ के बूब्स पर आ गया तो मैने भी दूसरे बूब्स पर क़ब्ज़ा कर लिया ,,मैं ऑर मामा अपने एक एक हाथ से माँ के एक एक बूब को मसल रहे थे,,मामा का लंड माँ के मुँह मे पूरा अंदर तक घुसता हुआ तेज़ी से आगे पीछे हो रहा था जबकि मेरा लंड माँ

की गान्ड मे जड़ तक घुसता हुआ तेज़ी से अंदर बाहर हो रहा था,,,माँ की मस्ती कुछ ज़्यादा हो गई थी इसलिए मुँह मे लंड होने का बावजूद माँ की सिसकियाँ काफ़ी तेज़ी से निकल रही थी,,,,

 
करीब 4-5 मिनट तक मैं ऑर मामा माँ के मुँह ऑर गान्ड को ऐसे ही चोदते रहे फिर माँ ने मामा के लंड को मुँह से निकाला ऑर मुझे भी हटने को बोला,,,,मैने लंड को माँ की गान्ड से निकाल लिया ऑर मामा ने अपने लंड को माँ के मुँह से निकाल लिया,,माँ ने उठकर मामा की बेड पर लेटा दिया ऑर खुद जल्दी से टाँगे खोल कर मामा के उपर चढ़ गई ओर जल्दी से मामा के लंड को पकड़ कर अपनी चूत मे ले लिया ओर आगे की तरफ झुक कर मामा को लिप्स पर किस करते हुए अपनी गान्ड को थोड़ा उपर उठा लिया मैने भी पीछे से माँ की गान्ड मे अपना लंड घुसा दिया ऑर हल्के से लंड को आगे पीछे करने लगा ,,,,माँ मामा के जिस्म पर पूरी तरह से झुकी हुई थी ऑर मामा के लिप्स को किस कर रही थी मामा भी अपनी कमर को उपर नीचे करके माँ की चूत चोद रहा था ऑर माँ को किस करता हुआ माँ की पीठ पर अपने हाथ घुमा रहा था,,दोनो की मस्ती देख कर मैने भी लंड की स्पीड थोड़ी तेज करते हुए तेज़ी से माँ की गान्ड को चोदना शुरू कर दिया ,,अभी मेरी स्पीड थोड़ी तेज हुई थी कि मेरी पीठ पर किसी का हाथ लगा तो मैने मूड कर देखा तो खुश हो गया ,,,मेरे पीछे शोभा दीदी नंगी होके खड़ी हुई थी ,,,,

लेकिन फिर जो मैने देखा उस से मैं थोड़ा हैरान ऑर परेशान हो गया,,,,शोभा दीदी के साथ कोई ऑर भी था मेरे पीछे खड़ा हुआ जिसके बदन पर एक भी कपड़ा नही था,,,,,,,पहले तो मैं उस नंगे बदन को देख हैरान हो गया लेकिन दूसरे ही पल मेरे फेस पर हल्की खुशी आ गई,,,

मेरे पीछे शोभा दीदी नंगी खड़ी हुई थी ऑर उनके साथ खड़ा हुआ था करण,,जो दीदी की तरह

बिल्कुल नंगा था,,उसको देख कर मैं थोड़ा डर गया था,,,थोड़ा हैरान ऑर परेशान भी हो

गया था लेकिन शोभा दीदी ने मेरी तरफ हंस कर देखा ऑर साथ ही करण भी मुझे मेरी ही माँ की गान्ड मारते

देख कर हँसने लगा,,,,मामा तो माँ को किस कर रहा था इसलिए माँ ऑर मामा किसी का भी ध्यान

शोभा या करण पर नही गया था ,तभी शोभा दीदी ने मुझे अपने लंड को माँ की गान्ड से बाहर

निकालने का इशारा किया ऑर फिर मुझे इशारा किया करण के लंड की तरफ जो अपनी पूरी ओकात मे

सर उठा कर खड़ा हुआ था,,,

शोभा दीदी उसके लंड को पहले से तैयार करके लाई थी शायद ,,,या फिर

मुझे मेरी ही माँ की गान्ड मारते देख कर उसका लंड मस्ती मे खड़ा हो गया था ,,,लेकिन जब

मैने गौर से देखा तो करण का लंड काफ़ी चिकना लग रहा था ,,शायद शोभा उसके लंड को चूस कर

तैयार करके लेके आई थी ,,लंड पर थूक लगा होके की वजह से रूम की लाइट मे करण का लंड चमक

रहा था,,,दीदी ने अपने मुँह से थोड़ा थूक निकाला ऑर करण के लंड पर लगाते हुए मुझे माँ की गान्ड

से लंड निकालने का बोला ,,मैने लंड को माँ की गान्ड से निकाला ऑर पीछे हो गया तभी

करण ने आगे बढ़ कर अपने लंड को मेरी माँ की गान्ड के होल पर रख दिया लेकिन आगे नही किया

शायद वो थोड़ा डर रहा था लेकिन शोभा दीदी ने आगे बढ़के उसके लिप्स पर किस को ऑर उसको हिम्मत

देते हुए उसका डर कम किया ऑर खुद करण की पीठ पर हाथ रखके उसको आगे की तरफ धक्का दिया जिस

से उसका लंड मेरी माँ की गान्ड मे घुस गया

लंड काफ़ी चिकना था ऑर मेरे लंड की तुलना मे थोड़ा

पतला भी था,उसका लंड एक दम से मामा के लंड की तरह मोटा ऑर लंबा था लेकिन मामा ऑर करण

का लंड मेरे लंड क मुक़ाबले थोड़ा पतला था,,,अभी कुछ देर पहले मेरा लंड था माँ की

गान्ड मे जिस वजह से माँ की गान्ड थोड़ी खुली हुई थी उपर से करण के पतले लंड पर शोभा

का थूक लगा हुआ था जिस वजह से उसका लंड काफ़ी चिकना हो गया था जो एक ही झटके मे पूरा

अंदर चला गया था ,,करण के मुँह से हल्की आह निकल गई जिसको शोभा ने क़ाबू करते हुए करण के लिप्स

को कस्के अपने लिप्स मे जकड लिया ,,करण ने हल्के हल्के मेरी माँ की गान्ड मारना शुरू कर दी ,

,जब शोभा ने देखा कि करण ने माँ की गान्ड को चोदना शुरू कर दिया है तो उसने करण के

लिप्स को अपने लिप्स से अलग किया ऑर करण से थोड़ा दूर हट गई,,,दूर हटा कर उसने मेरा हाथ पकड़ा ऑर माँ

के सामने की तरफ हो गई,,,माँ का ध्यान शोभा पर आया तो माँ खुश हो गई लेकिन जैसे ही माँ का

ध्यान मेरी तरफ आया तो माँ थोडा परेशान हो गई ऑर आँखों ही आँखों मे मेरे से ऑर शोभा

से पूछने लगी कि सन्नी तो यहाँ खड़ा हुआ है फिर उसकी गान्ड कॉन मांर रहा है,,मैने ऑर

शोभा ने माँ की बात को समझते हुए माँ को पीछे मूड कर देखने को बोला तो माँ ने पीछे

मूड कर देखा ,,जैसे ही माँ ने पीछे मूड कर देखा करण ने डर से अपना फेस दूसरी तरफ टर्न

कर लिया लेकिन माँ की गान्ड मे झटके मारना बंद नही किया ,,,माँ कुछ देर उसकी तरफ देखती रही ऑर

फिर वापिस हम लोगो की तरफ देख कर हँसने लगी ,,इतनी देर मे मामा ने भी माँ की एक साइड से माँ

के पीछे खड़े हुए करण की तरफ देखा ऑर खुश हो गया,,,,

माँ ऑर मामा खुश थे साथ मे मैं ऑर शोभा भी लेकिन करण थोड़ा डरा हुआ था अभी भी,,,,,

शोभा,,,,,,,,,,माँ तुम एक साथ तीन लंड से चुदना चाहती थी ना ,,सन्नी ने मुझे बताया था,,,आज

मैने तुम्हारी दिली तमन्ना पूरी करदी है,,

इतना बोलकर दीदी ने मुझे माँ के करीब कर दिया ऑर घुटनो के बल बेड पर बिठा दिया ,,,माँ

ने भी जल्दी से अपने दोनो हाथ मामा की एक तरफ बेड पर मेरे करीब रख लिए ऑर खुद के जिस्म

को मेरी तरफ कर दिया ऑर जल्दी से मेरे खड़े लंड को मुँह मे ले लिया,,,मुझे एक दम से मस्ती का तेज

झटका लगा ऑर मेरी कमर हल्के से आगे पीछे हिलने लगी ,,मैने करण की तरफ देखा तो वो मेरे

लंड को माँ के मुँह के अंदर बाहर होते देख रहा था ऑर खुश था उसका डर भी काफ़ी कम हो

गया था ऑर उसकी स्पीड भी थोड़ी तेज हो गई थी,,,वो माँ को कस्के पीठ से पकड़ कर तेज़ी से अपने

लंड को माँ की गान्ड मे अंदर बाहर कर रहा था,,,,

,करण की स्पीड की तरह मामा की स्पीड

भी नीचे से माँ की चूत चोदने के लिए तेज हो गई था ,,,,माँ अब पूरी मस्ती मे थी करण का लंड

गान्ड मे था मामा का लंड चूत मे ओर मेरा लंड मुँह मे था ,,,,,मामा नीचे से चूत मारते

टाइम माँ के बड़े बड़े बूब्स को ज़ोर से मसल रहा था ,,,,हयीईई ब्बेतताअ आईसीए हहिईीईईईईईई

त्त्त्त्त्तीईईएज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज त्त्त्त्त्त्त्तीईईईज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज चहूऊओदददूव आपपनन्ी ऑवुन्न्टीयीईयियै ककूऊऊ

माँ ने कुछ देर क लिए मेरा लंड मुँह से निकाला ऑर करण की तरफ देखने लगी,,माँ को

कुछ ज़्यादा ही मस्ती चढ़ने लगी थी क्यूकी आज नया जवान ऑर जोशीला लंड जो मिल गया था,,,,,

हहान्णन्न् ब्बेट्टया आईसीई हहिईीईई ऊरर त्तीज्ज्ज्ज्ज्ज क्कार्रूऊऊऊ ऊओररर्र स्स्पपीद्दद्ड

ससीए गगाणन्ंदड़ म्माम्र्रूऊ आप्प्पनन्िईीई ओउुुउउन्न्ञत्तयययययी क्क्कीईईईईईईई हयीईई आहह

इतनी देर मे शोभा ने मेरे लंड को मुँह मे भर लिया ऑर चूसने लगी ,,,,,,,,,,,,,

म्मामज़्जजाअ एयेए र्राहहा हहाइी ब्बीत्टता अओउन्नतयययी क्कीईइ गगाणन्ंदड़ म्मांरर्न्नी म्मीई

हहयययय ब्बूल्लूऊ ब्बीतत्त्त्ताअ आहह म्मामज़्जज़ा आ र्राहहा हहाइी नाआ ,,,,,,,,करण चुप

रहा क्यूकी वो अभी भी थोड़ा परेशान था लेकिन डरा हुआ नही था लेकिन फिर भी उसने

अपने सर को उपर नीचे करके माँ को इशारा कर दिया कि उसको उनकी गान्ड मार कर मज़ा आ रहा

है,,,,,,माँ ने हसके एक बार देखा ऑर फिर करण को तेज़ी से गान्ड मारने को बोलने लगी,,,,फिर माँ

ने वापिस अपने सर को आगे की तरफ मोड़ लिया ऑर तभी शोभा ने मेरे लंड को मुँह से निकाल दिया ,,,माँ ने

वापिस मेरे लंड को मुँह मे भर लिया ,,तभी मामा ने शोभा को पकड़ा ऑर अपने उपर कर लिया शोभा

ने भी अपनी टाँगो को खोला ऑर मामा के सर के उपर बैठ कर अपनी चूत को मामा के लिप्स पर रख

दिया मामा ने भी जल्दी से अपने मुँह को खोला ऑर शोभा की चूत को मुँह मे भर लिया ,

,शोभा अपनी कमर को मामा के मुँह पर आगे पीछे करके अपनी चूत को मामा क लिप्स पर रगड़ने

लगी ऑर साथ ही अपने हाथों से अपने बूब्स को मसल्ने लगी ,,,ऑर मुँह खोल कर हल्की सिसकियाँ लेने

लगी लेकिन जल्दी ही उसकी सिसकियाँ बंद हो गई क्यूकी उसने आगे बढ़ कर मुझे लिप्स पर किस करना शुरू कर दिया

 


,,,क्या सीन चल रहा था रूम मे एक ही बेड पर 5 लोग मस्ती कर रहे थे,,,किसी पॉर्न मूवी जैसा लग

रहा था जो अपने सामने ही चल रही थी जिसको देख कर मस्ती बढ़ती ही जा रही थी,,,,,माँ मामा पर झुकी

हुई थी मामा का लंड माँ की चूत मे था पीछे से करण बेड पर घुटनो के बल बैठ कर माँ की गान्ड

मांर रहा था ,,,मामा नीचे से माँ की चूत मारता हुआ माँ के बूब्स को मसल रहा था ऑर माँ मामा

के उपर से एक तरफ हटके मेरे लंड को मुँह मे लेके चूस रही थी जबकि शोभा अपनी तंगीन खोलकर

मामा के सर पर बैठ कर अपनी कमर को तेज़ी से आगे पीछे करती हुई

मामा के लिप्स पर अपनी चूत रगड़ रही थी ऑर साथ ही मुझे लिप्स पर किस कर रही थी,,,,,

मैं शोभा को किस करता हुआ करण की तरफ देखने लगा तो करण ने हल्की मुस्कान से मुझे

जवाब दिया ऑर तेज़ी से मेरी माँ की गान्ड मारता रहा,,,,,,,करीब 8-10 मिनट सब ऐसे ही मस्ती

करते रहे फिर माँ ने मेरे लंड को मुँह से निकाला ऑर मामा के जिस्म से उपर उठने लगी ,,,,करण

ने भी पीछे हटके अपने लंड को माँ की चूत से निकाल लिया,,,,लेकिन शोभा मामा के उपर से

नही उठी ऑर अपनी कमर को ऐसे ही आगे पीछे करती हुई अपनी चूत को मामा के लिप्स पर रगड़ती

रही,,,,माँ ने मामा के उपर से उत्ख कर एक दम से करण को पकड़ा ऑर बेड से नीचे ले गई फिर वापिस करण

को बेड पर बिठा दिया ऑर खुद ज़मीन पर बैठ गई ,,करण भी बेड पर बैठा हुआ था लेकिन उसके

पैर ज़मीन पर लगे गये था माँ उसके घुटनो के बीच मे ज़मीन पर बैठ गई ऑर करण के

खड़े लंड को हाथ मे लेके चूसने लगी ,,,करण बड़े प्यार से उसकी तरफ देखता है ऑर लंड चुसाइ का

मज़ा लेने लगता है,,सरिता भी करण के लंड को बड़े प्यार से पूरा का पूरा मुँह मे लेती है ऑर गले

से अंदर तक निगल लेती है ऑर फिर से पूरे लंड को बाहर निकाल कर अपने मुँह मे जमा थूक को

करण के लंड पर उगल देती है ऑर अपने हाथ से हल्के से थूक को करण के लंड पर लगा कर मसल देती

है,,,

सरिता के लिए करण का लंड किसी लोलीपोप से कम नही क्यूकी करण एक जवान लड़का है ऑर उसका

लंड भी बहुत जोशीला है ऑर सरिता जैसी औरत के लिए करण एक दम मस्त चीज़ है इसलिए सरिता बड़े

प्यार से करण के लंड को चुस्ती है,,,,,अब तक करण का डर ख़तम हो चुका है ऑर वो अपने हाथ को

आगे बढ़ा कर सरिता के बड़े बड़े बूब्स को हाथों मे पकड़ लेता है करण की इस हरकत से सरिता

खुश हो जाती है ऑर करण के हाथों पर अपने हाथ रख कर करण को ज़ोर ज़ोर से अपने बूब्स मसल्ने

को बोलती है करण भी सरिता के बूब्स को हाथ मे पकड़ कर मसल्ने लग जाता है लेकिन वो ज़्यादा ज़ोर नही

लगा पता क्यूकी सरिता के बूब्स बहुत बड़े है करण के एक हाथ मे एक बूब पूरा नही आता इसलिए करण

अपने 2 हाथों मे एक बूब्स को पकड़ लेता है ऑर मसल्ने लगता है ,,करण के एसा करने से सरिता हँसने

लगती है ऑर करण की तरफ देखने लगती है करण भी खुश हो जाता है ऑर थोड़ा शरमा भी जाता है ,,,,

इधर शोभा अपने माँ के मुँह पर अपनी चूत को रग़ाद रही होती है तभी मामा उसको पीठ से पकड़

कर अपने लंड की तरफ झुका देता है ऑर शोभा भी जल्दी से मामा के लंड पर टूट पड़ती है ,,,,शोभा मामा

के लंड को मुँह मे लेके जल्दी जल्दी उपर नीचे होने लगती है ऑर तेज़ी से अपनी कमर को आगे

पीछे करने अपनी चूत को मामा के लिप्स पर रगड़ने लगती है ,,मामा भी शोभा की गान्ड को कस्के अपने

हाथों मे जकड लेता है ऑर शोभा की चूत को अपने मुँह पर दबा लेता है फिर चूत के दोनो लिप्स को

मुँह मे भरके चूसने लगता है,,,,

शोभा मस्ती मे सिसकियाँ लेने की कोशिश करती है लेकिन मुँह

मे मामा का लंड घुसा हुआ है जिस वजह से वो खुल कर सिसकियाँ भी नही ले पा रही लेकिन चूत

पर माँ की ज़ुबान ऑर लिप्स कुछ ऐसी मस्ती करने लगते है कि शोभा से रहा नही जाता ऑर वो कुछ पल

के लिए मामा के लंड को मुँह से निकाल देती है ऑर ज़ोर से सिसकियाँ लेने लगती है,,,,आहह मम्माम

ऊओररर म्माीसत्त्तिईइ ससी छुउस्सूओ म्मीरीइ चहूवतत कक्कूव आहह मम्मामाआ क्क्हाअ

ज्जाऊओ म्मीरीइ चूत कककूऊ शोभा कुछ ज़्यादा ही तेज आवाज़ मे बोलती है तो करण लंड चुस्वाते

हुए पीछे मूड कर शोभा की तरफ देखता है ,,इधर मैं बेड पर बैठा हुआ अपने लंड को अपने

हाथ मे लेके मसल रहा हूँ ऑर जब करण शोभा की तरफ देखता है तो फिर मेरी तरफ देखकर खुश

हो जाता है वो नज़रो ही नज़रो मे मुझे थॅंक्स्क्स्क्स बोलता है कि आज मेरी वजह से उसको मेरी माँ की मस्त गान्ड

ऑर चूत चोदने का मोक़ा मिल रहा है,,,,,इतने मे सरिता ज़मीन से उठ जाती है ऑर करण को

बेड पर पीछे की तरफ लेटा देती है ऑर जल्दी से करण के उपर चढ़ कर अपने टाँगों को खोल कर करण

के लंड को अपनी चूत मे लेता है ऑर एक ही पल मे करण के लंड को उछालने लगती है ,,वो प्यार से करण

के चहरे को देखती है फिर करण को किस करने के लिए अपने लिप्स को करण के लिप्स पर रख देती है

 
इस से पहले करण उसको किस करता वो खुद करण के लिप्स पर टूट पड़ती है ऑर करण को खा जाने वाले

अंदाज़ मे किस करते हुए तेज़ी से करण के लंड पर उछलने लगती है,,फिर उसका ध्यान सन्नी की तरफ

जाता है तो वो सन्नी को अपने हाथ से अपने लंड को सहलाते देख हसके सन्नी को अपने पास बुलाती

है ,,,सन्नी भी बेड पर खिसक कर अपनी माँ के करीब चला जाता है ,सरिता जल्दी से करण के लिप्स से

अपने लिप्स अलग करती है ऑर सन्नी के लंड को मुँह मे भरके चूसने लगती है लेकिन वो ज़्यादा देर नही

चुस्ती सन्नी के लंड को वो बस लंड को थूक से चिकना करके अपने मुँह से निकाल देती है ऑर सन्नी

को बेड से नीचे जाने को बोलती है सन्नी भी जल्दी से अपने चिकने लंड को हाथ मे लेके बेड से नीचे

उतर जाता है ऑर करण की टाँगों के बीच ज़मीन पर खड़ा होके अपने लंड को अपनी माँ की गान्ड

के होल पर रखता है और एक ही झटके मे पूरा लंड घुसा देता है अपनी माँ की गान्ड मे ,,सरिता को हल्का

दर्द होता है ऑर हल्के दर्द भरी मस्ती मे वो चिल्ला देती है ,,,शोभा का ध्यान अपनी माँ की चीख से

उसकी तरफ जाता है तो वो जल्दी से अपने मामा के लंड को मुँह से निकाल देती है ऑर खुद भी मामा के

उपर से उतर जाती है ,,,,,मामा उसको सवालिया अंदाज़ से देखता है तभी शोभा मामा का हाथ

पकड़ कर उसको अपनी माँ की तरफ कर देती है ,,,शोभा आज अपनी माँ को एक साथ 3 लंड का सुख

देना चाहती है इसलिए वो खुद अपनी चूत मे उंगली करने लग जाती है जबकि मामा को अपनी माँ

के करीब कर देती है ,,,,उसकी माँ भी अपनी बेटी की इस हरकत से खुश हो जाती है ,,,

सुरिंदर जैसे ही सरिता के करीब जाता है सरिता अपने मुँह को खोल कर सुरिंदर के लंड का स्वागत

करती है ऑर एक ही पल मे सुरिंदर का लंड सरिता के मुँह मे होता है ऑर सुरिंदर जल्दी से मस्ती मे सरिता

के सर को हाथों मे पकड़ लेता है ऑर तेज़ी से अपने लंड को सरिता के मुँह मे अंदर बाहर करने

लगता है ,,,सरिता के मुँह से थूक निकल कर करण की चेस्ट पर गिरने लगता है तो शोभा जल्दी से आगे

बढ़ कर करण की चेस्ट से थूक को अपने हाथों मे लेके अपनी माँ के लटक रहे बूब्स पर लगा देती है

ऑर करण के हाथ को सरिता की पीठ से उठा कर अपनी माँ के बूब्स पर रख देती है ,,,,करण भी

जल्दी से सरिता के बूब्स को फिर से मसल्ने लगता है,,,सरिता के बूब्स पर उसी के मुँह के थूक लगा

हुआ है जिस से उसके बूब्स काफ़ी चिकने हो गये है ऑर करण उसके बूब्स को ज़ोर से मसलता है लेकिन बार

बार उसका हाथ उसके बूब्स से फिसल जाता है ऑर ऐसी फिसल्न भरी पकड़ से सरिता को कुछ अलग ही मज़ा

आने लगता है ,,,जब करण को नज़र आता है कि सरिता को ऐसा करने से ज़्यादा मज़ा आ रहा है तो वो अपने

हाथों से सरिता के मुँह से निकलने वाले थूक को अपने हाथों पर लगा कर फिर से उसके बूब्स को

मसल्ने लगता है ऑर ऐसे ही ज़ोर ज़ोर से दबाने लगता है ,,,,,शोभा अपनी चूत मे उंगली करती हुई अपने

मामा को किस करने लग जाती है ऑर मामा भी अपनी बेहन को लंड चुस्वाता हुआ शोभा को जबरदस्त

तरीके से किस करने लग जाता है,,,

सब लोग ऐसे ही करीब 10-15 मिनट से मस्ती कर रहे होते है तभी करण की सिसकियाँ शुरू हो जाती

है पहले तो करण कुछ शरमा रहा था ऑर डरा ही हुआ था लेकिन अब ना तो उसको किसी बात का डर

है ऑर ना ही शरम है इसलिए उसको मस्ती चोदने से उसकी सिसकियाँ निकलने लगती है लेकिन शोभा समझ

जाती है कि करण झड़ने वाला है ऑर तभी करण तेज़ी से चिल्लाने लगता है ऑर अपने लंड का पानी सरिता की

चूत मे छोड़ने लगता है,,,,सरिता करण के लंड से निकाने वाले गर्म स्पर्म को अपनी चूत मे गिरता

हुआ महसूस करती है ऑर खुद जल्दी से अपनी कमर को आगे पीछे करने लगती है ,,,पहले वो अपनी कमर

को उपर नीचे करके करण के लंड को पानी चूत मे अंदर बाहर करती है लेकिन अब करण झड चुका

है तो वो अपनी कमर को आगे पीछे करके सन्नी के लंड को अपनी गान्ड मे लेने लगती है ,,सन्नी भी

समझ जाता है कि अब करण का हो चुका है ऑर अब उसको भी जल्दी करनी होगी इसलिए वो अपनी स्पीड तेज

कर देता है,,,,,,,,,,करण सरिता के नीचे बेसूध पड़ा हुआ है उसका लंड सिकुड कर छोटा हो गया है

ऑर सरिता की चूत से बाहर निकल गया है ,लेकिन उसने सरिता के बूब्स को मसलना बंद नही किया अभी

तक ऑर ऐसे ही ज़ोर ज़ोर से सरिता के बूब्स को मसलता रहता है ,,,सरिता सुरिंदर का लंड चुस्ती हुई उसको

करण की जगह लेटने को बोलती है लेकिन सुरिंदर मना कर देता है क्यूकी अब वो भी झड़ने ही वाला है

ऑर एक ही पल मे वो अपना पानी सरिता के मुँह मे निकलना शुरू कर देता है, जब तक उसके पानी की लास्ट ड्रॉप

तक नही निकल जाती वो अपने लंड को हलके हल्के सरिता के मुँह मे आगे पीछे करता रहता है जब

उसका लंड सिकड़ने लगता है तो वो पीछे हटके अपने लंड को सरिता के मुँह से निकाल लेता है ऑर तभी

शोभा जल्दी से अपने मामा को किस करना बंद करके मामा के छोटे हो चुके लंड को मुँह मे लेके

चूसने लगती है वो उन लास्ट स्पर्म ड्रॉप्स को मामा के लंड से चूस ऑर चाट कर सॉफ कर देती है जो सरिता

के मुँह से बच निकली थी,,,,मामा भी करण की तरह बेड पर गिर जाता है लेकिन सन्नी अभी तक लगा हुआ है

अपनी माँ की गान्ड मारने ऑर सरिता भी अभी तक अपने बेटे का साथ दे रही है,,,

 


कुछ देर ऐसे ही अपनी माँ की गान्ड मारने के बाद सन्नी अपने लंड को माँ की गान्ड से बाहर निकाल लेता

है ऑर सरिता को करण के जिस्म से अलग करके बेड पर लेटा लेता है ऑर फिर से अपनी माँ की टाँगों को उसके

सर की तरफ मोड़ कर उसकी गान्ड को उपर उठा लेता है ऑर ज़मीन पर खड़ा होके एक टाँग

बेड पर रखता है ऑर आगे बढ़ कर अपने लंड को फिर से अपनी माँ की गान्ड मे घुसा देता है ऑर एक

ही पल मे लंड को पूरी रफ़्तार से अपनी माँ की गान्ड मे पेलने लगता है,,,इतने मे करण वहाँ से

उतज़ता है रो सुरिंदर के पास जाके लेट जाता है कार्न के साइड होते ही शोभा आगे बड़के अपनी टाँगों को

खोलकर अपनी माँ के मुँह के उपर चढ़ के अपनी चूत को माँ के लिप्स पर रख देती है ऑर सरिता भी एक

पल मे शोभा की चूत को मुँह मे भर लेती है,, शोभा अपने एक हाथ से अपने माँ की टाँग को सन्नी के

हाथ से पकड़ लेती है ऑर सन्नी अपने फ्री हाथ को अपनी माँ के बूब्स पर ले जाता है ऑर मसालने

लगता है,,शोभा एक हाथ से अपनी माँ की टाँग को पकड़ लेती है ऑर दूसरे हाथ को माँ की चूत पर ले

जाती है ऑर अपनी माँ की चूत को तेज़ी से सहलाने लगती है ,,सरिता भी अपने हाथों को शोभा के बूब्स

पर रख देती है ऑर दोनो हाथों मे एक एक बूब लेके मसल्ने लगती है,,,,,वो लोग ऐसे ही एक दूसरे को

मस्त करने लगते है ऑर करीब 5-7 मिनट ऐसे ही लगे रहते है ,,,

,तभी सन्नी की स्पीड तेज हो जाती है

जिस से शोभा ऑर सरिता को पता चल जाता है कि सन्नी भी अब छूटने ही वाला है इसलिए शोभा सरिता की

चूत मे तेज़ी से उंगली करने लगती है जबकि सरिता अपने हाथों से शोभा के बूब्स को ज़ोर ज़ोर से

मसल्ति हुई शोभा की चूत को पूरा का पूरा मुँह मे भर लेती है ऑर हल्के हल्के दाँतों से काटते

हुए चूसने लगती है ,,,,कोई 2-3 मिनट बाद सन्नी ज़ोर से चिल्लाता हुआ अपनी माँ की गान्ड मे झड जाता

है ऑर तभी उसकी माँ चूत भी पानी छोड़ने लगती है जो उसकी चूत से निकाल कर गान्ड से होता हुआ बेड

पर गिरने लगता है ,,,इतने मे शोभा की चूत भी उसकी माँ के मुँह पर पानी छोड़ने लगती है जिसको उसकी

माँ पीने लगती है लेकिन मस्ती मे शोभा की चूत कुछ ज़्यादा ही पानी निकाल देती है जिसको पी पाना

सरिता के बस मे नही इसलिए काफ़ी पानी सरिता के गालो से होता हुआ बेड पर गिर जाता है ,

,सन्नी अपनेलंड को अपनी माँ की गान्ड से निकाल लेता है ऑर ज़मीन पर लेट जाता है ,,,इतने मे शोभा भी माँ के

सर से अपनी चूत हटा कर बेड पर माँ के करीब लेट जाती है ऑर अपनी माँ के फेस से अपनी चूत के पानी

को चाटने लगती है उसकी माँ भी अपनी चूत पर हाथ लगा कर अपनी चूत के पानी को ऑर फिर अपनी

गान्ड पर हाथ लगा कर गान्ड से निकलने वाले सन्नी के लंड के पानी को अपने हाथ पर लगा लेती है ,,

,जिसको वो थोड़ा सा आप चाटने लगती है ऑर थोड़ा सा शोभा की चटा देती है ,,करण ये सब देख कर

बहुत खुश हो रहा होता है ऑर प्यार से अपने लंड को मसल रहा होता है,,,उसके लिए ये सब एक अलग

ही अनुभव था जिसमे एक ही परिवार के इतने लोग एक ही बेड पर चुदाई का सुख ले रहे थे,,,,,

क्यू माँ मज़ा आया आज एक साथ तीन असली लंड लेके,,,,शोभा की बात के साथ रूम का सन्नाटा टूट गया,,,,

जहाँ शोभा अभी भी नंगी लेटी हुई थी बेड पर अपनी नंगी माँ को अपनी बाहों मे भरके,,,वहीं सन्नी ज़मीन

पर नंगा लेटा हुआ था जबकि उसका मामा ऑर करण बेड पर नंगे लेटे हुए थे,,,,शोभा ऑर उसकी माँ का बाकी बदन

तो बेड पर था लेकिन दोनो की टाँगें बेड से नीचे ज़मीन पर लटक रही थी,,,,

हाँ बेटी बहुत मज़ा आया,,,,काफ़ी लंबे अरसे से दिल मे ख्वाहिश थी एक साथ 3 बड़े बड़े मूसल से चुदवाने की आज

तूने मेरी वो दिल्ली ख्वाहिश दिली तमन्ना पूरी करदी है ,,,मेरी प्यारी बेटी इतना बोलकर सरिता ने शोभा के लिप्स पर

हल्की किस करदी,,,,,

माँ ये तो मेरा फ़र्ज़ था ,,मेरी माँ की चूत ऑर गान्ड मे इतनी खुजली होती है जिसको एक लंड शांत नही कर सकता ऑर

एक साथ 3 लंड से आपको खूजलि दूर करवानी थी ये मुझे सन्नी ने बताया था इसलिए आज करण को यहाँ बुलाया था

मैने,,,,,बोलो माँ मज़ा आया करण के साथ चुदाई करने मे या नही,,,,,

हाँ बेटी सही बोला तूने मेरी चूत ऑर गान्ड मे कुछ ज़्यादा ही खुजली होती है ,,,लेकिन तेरा मामा ऑर सन्नी हमेशा

मेरी खुजली दूर कर देते थे लेकिन आज करण भी आ गया साथ मे तो मज़ा कुछ ज़्यादा ही हो गया,,मेरा बरसो का

सपना पूरा हो गया,,,,बहुत मज़ा आया मुझे,,,,,,,,,लेकिन उस से भी पूछ ज़रा जिसके साथ मुझे मज़ा आया है,,,क्या

उसको भी मेरे साथ मज़ा आया या नही,,,,,,,,

सरिता ऑर शोभा दोनो ने करण की तरफ देखा तो करण ने शरमा कर फेस दूसरी तरफ टर्न कर लिया,,,,,,,,,,सरिता ऑर

शोभा करण की इस हरकत से हँसने लगी,,इतने मे मैं भी उठकर ज़मीन पर बैठ गया ऑर सबकी तरफ देखने लगा,,,

 
देखो अब कैसे लड़की की तरह शरमा रहा है जब मेरी गान्ड मार रहा था तब कहाँ गई थी तेरी ये शर्म करण

बेटा,,तब तो बड़ी दमदार चुदाई कर रहा था खूब ज़ोर से बजा बजा रहा था मेरी गान्ड का ,,अब क्यू शर्मा

रहा है,,,बोल मज़ा आया क्या आंटी की गान्ड मार के,,,,

सरिता करण से सवाल कर रही थी लेकिन करण चुप था ऑर थोड़ा डर भी रहा था,,,,

अब क्यू डर रहे हो करण ,,शोभा ने बोला,,,,,,अब तो सब हो गया अब डरने की क्या बात बोलो मेरी माँ की गान्ड

मार के मज़ा आया या नही,,,बोलो ना शरमा क्यू रहे हो,,,,,

इतने मे सरिता उठ कर करण के पास चली जाती है ऑर करण के पास जाके लेट जाती है,,,,शोभा भी उसके पास जाती है तो शोभा का मामा थोड़ा पीछे हटके अपने ओर करण के बीच जगह बना लेता है जहाँ शोभा जाके लेट जाती है,,,,

उन चार लोगो को बेड छोटा पड़ रहा था सब एक दूसरे से चिपके हुए थे,,,,

शोभा जब मामा के पास जाके लेटी तो मामा ने उसके बूब्स को अपने हाथ मे पकड़ लिया ओर पीछे से अपने आधे खड़े

लंड को उसकी गान्ड पर रगड़ने लगा,,,

उधर सरिता ने करण के पास लेट कर करण की चेस्ट पर हाथ फेरते हुए बोला,,,,,,बोलो बेटा मज़ा आया या नही आंटी

की गान्ड मार कर,,,करण ने शरमा कर अपने फेस को शोभा की तरफ कर लिया लेकिन शोभा ने उसके फेस को वापिस अपनी माँ की तरफ मोड़ दिया,,,

शरमा क्यू रहे हो बेटा बोलो ना मज़ा आया नही नही आंटी के साथ चुदाई करके,,,

करण अभी भी डर रहा था तभी सरिता ने उसके फेस को अपने हाथ मे पकड़ा ओर उसके लिप्स पर किस करने लगी ,,

करण वैसे तो डर रहा था लेकिन सरिता के किस का रेस्पॉन्स देने मे उसको एक पल का भी टाइम नही लगा बल्कि वो तो

सरिता से भी ज़्यादा उतावला होके किस का रेस्पॉन्स देने लग गया था,,,,,

किस करने से नही डरता तो जवाब देने से क्यू डरता है,,,,बोल ना मज़ा आया या नही,,,,,

हां आंटी म्मांज़्जा आय्या म्मूुझही,करण ने डरते हुए सहमी आवाज़ मे बोला,,,,,

डरते क्यू हो ज़रा खुल कर बोलो,,,इतना बोलकर सरिता ने करण के हाथ को अपने बूब्स पर रख दिया जिस से करण की

हिम्मत थोड़ी बढ़ गई,,,,,,,,,,,,,,,,,,

हाँ आंटी मज़ा आया मुझे ,,,

सिर्फ़ मज़ा आया ,ऑर कुछ नही,,,,,,,,,,,

मज़ा नही आंटी बहुत मज़ा आया,,,,,

अच्छा कहाँ मज़ा आया बता ज़रा,,,,,,,,,सरिता ने हँसते हुए पूछा,,,,,

उूओ वूऊ आंटी,,,

देख अभी फिर से डरने लगा तू,,,,बोल ना डर मत जैसे सन्नी है वैसे ही तू भी मेरा बेटा है,,,अब डर मत बोल

कितना मज़ा आया ऑर कहाँ ज़्यादा मज़ा आया ,,,,,,,,,,

वू वूऊ आंटी मुझे बहुत मज़ा आया ,,,

अच्छा कहाँ मज़ा आया ज़्यादा ये तो बता,,,,,सरिता फिर हँसने लगी,,,,

अरे माँ क्यू तंग कर रही हो बच्चे को,,,,इतना परेशान मत करो,,,,शोभा भी हँसने लगी,,,

अरे परेशान कहाँ कर रही हूँ मैं तो पूछ रही हूँ कहाँ ज़्यादा मज़ा आया इसको,,ये है कि बता ही नही रहा,,,,

तभी सरिता ने करण के लंड को हाथ मे पकड़ लिया ऑर सहलाने लगी,,कारण का लंड जो अभी तक सो रहा था सरिता के हाथ लगते ही फुल मस्ती मे आने लगा,,,,,,,,,,,,,

देखा लंड खड़ा करने से नही डर रहा लेकिन बोलने से डर लग रहा है इसको,,,,,

मुझे आपकी गान्ड मार के ज़्यादा मज़ा आया,,,करण एक दम से मस्ती मे बोल गया,,,,,,

सिर्फ़ गान्ड मे मज़ा आया चूत मे नही,,,,सरिता ने फिर हँसके पूछा,,,,

नही आंटी दोनो तरफ मज़ा आया,,,,चूत मे भी ऑर गान्ड मे भी लेकिन ज़्यादा मज़ा गान्ड मे आया,,,,

अच्छा ऑर क्या करने मे मज़ा आया,,,,,ज़रा खुलके बता बेटा,,,,,,

आपके बड़े बड़े बूब्स को मसल्ने मे भी मज़ा आया,,,,

करण बोलता जा रहा था ऑर सरिता मस्तीमे उसकी बातें सुनती हुई उसके लंड को हाथ मे लेके मसल्ति जा रही थी ऑर उसी मस्ती मे करण ऑर ज़्यादा बोलने लगा था उसका डर अब तक छू मंतर हो गया था,,,,

पहले कभी इतना मज़ा आया है किसी के साथ,,,,,,,,,,,,,

नही आंटी पहले इतना मज़ा कभी नही आया,,,,

तभी शोभा बोल पड़ी,,,,कमिने जब मेरी ऑर शिखा की चुदाई करता है तब भी यही बोलता है तू ऑर आज मेरी माँ को खुश करने क लिए भी झूठी तारीफ कर रहा है,,,,,,,,

नही दीदी तारीफ नही कर रहा आप जवान हो खूबसूरत हो जबकि आंटी पुरानी खिलाड़ी है ऑर उनके बूब्स ऑर गान्ड

काफ़ी भारी ऑर मस्त है आपकी ऑर शिखा दीदी की तुलना मे ,,इसलिए बोल रहा हूँ इनके साथ ज़्यादा मज़ा आया,,,,लेकिन आपके साथ भी कम मज़ा नही आता,,,,,,,,

करण अभी बोल ही रहा था तभी सरिता बीच मे बोलने लगी,,,,,,,,हे राम तू शिखा को भी चोद चुका है,,,अपनी

बेहन को,,,,,,,,,

हाँ माँ ये शिखा ऑर मुझे पहले चोद चुका है ,,,अब तो ये अपनी माँ को चोदना चाहता है,,,,,

सच मे करण बेटा अब तू अलका की यानी अपनी माँ की गान्ड मारना चाहता है क्या,,,,

करण चुप रहा कुछ नही बोला,,,,,

शोभा ये लड़का तो बड़ा हो गया है ऑर कमीना भी जो अपनी ही माँ की गान्ड मारने की तमन्ना रखता है,,,,इतना बोलकर सरिता हँसने लगी ऑर साथ ही शोभा भी,,,,,

हँसते हँसते सरिता बोली,,,,,,,,ये सब तो ठीक है लेकिन मुझे तेरे पे गुस्सा है शोभा बेटी तू पहले से इस मूसल का मज़ा ले चुकी है तो अपनी माँ को इतना लेट दर्शन क्यू करवाए इस जवान ओर जोशीले मूसल के,,,,,ओर तुझे कैसे पता चला कि ये अपनी ही माँ के बारे मे ऐसा सोचता है,,,,,,

अरे माँ मुझे तो अभी कुछ देर पहेल ही पता चला था ,,,,फिर शोभा ने सारी बात बता दी माँ को कैसे मेरा ऑर

करण का प्लान था उसकी माँ को पटाने का कैसे मैने शोभा को सब कुछ बता दिया था,,,,

अच्छा तो ये बात है ,,करण को भी अपनी बेहन क साथ साथ अपनी माँ की चुदाई करनी है,,,,,सरिता इतना बोलके हँसने लगी,,,,

हां आंटी मैं भी सन्नी की तरह अपने घर मे अपनी माँ बेहन के साथ बिना किसी डर के चुदाई करना चाहता हूँ,,,,,,,,,,जैसे आपके बूब्स बड़े बड़े है ऑर मस्त गान्ड है वैसे मेरी माँ के बड़े बूब्स ऑर मस्त गान्ड है जो मुझे बहुत अच्छी लगती है,,,,इस कमिने सन्नी ने मेरे से मेरी माँ के बारे मे तो बात करली पर ये नही बताया कि ये आपको चोदता रहता है घर पे,,,,साले ने एक बार भी जिकर नही किया इस बात का,,ये तो अच्छा हुआ आज शोभा दीदी ने मुझे फ़ोन करके बुला लिया ऑर आपकी मस्त गान्ड चोदने का मोका मिला मुझे वर्ना इस सन्नी ने तो पता नही कब मोका देना था मुझे आप तक पहुँचने का,,,,

मैं समझ गया कि जब मैं दीदी को घर लेके आया था तब दीदी ने अपने मोबाइल से 2 कॉल की थी,,,एक काल की थी कामिनी भाभी को ताकि वो सोनिया को अपने घर पे बुला ले ऑर जब सोनिया एक जाने का पक्का हो गया तो दीदी ने फोन करके करण 'को यहाँ बुला लिया ,,,,

 


चल कोई बात नही बेटा अब तो तू मेरे पास आ गया है अब देख कितना मज़ा देती हूँ मैं तेरे को,,,,इतना मज़ा दूँगी

कि तेरा दिल ही नही करना वापिस घर जाने को,,,,तू यही रुक जाएगा मेरे पास,,,,

लेकिन माँ आपका तो हो गया अब मुझे भी तो कुछ मिलना चाहिए ,,,,मैं बीच मे बोल पड़ा,,,

क्या चाहिए अब तेरे को,,सरिता ने सन्नी से पूछा,,,,

माँ अब ये आपकी ,,मेरा मतलब है मेरी माँ की चुदाई कर चुका है अब मेरा भी तो हक बनता है इसकी माँ की मेरा मतलब अलका आंटी की चुदाई करने का,,,,,

हाँ बेटा मैं समझ गई अब मैं कुछ करती हूँ ताकि तुझे करण की माँ से चुदाई करवा सकूँ फिर करण का भी नंबर

लगवा दूँगी इसकी माँ के साथ ताकि करण भी अपने घर मे अपनी माँ बेहन क साथ फुल मस्ती कर सके जैसे हम लोग करते है,,,लेकिन वो सब बाद मे पहले तो आज मैं ज़ी भरके मज़ा लूँगी इस करण के जवान ओर जोशीले लंड का,,

तभी मामा बोल पड़ा,,,,,,,,,,अरे सबको अपनी अपनी पड़ी है कोई मेरे बारे मे भी सोच लो,,,,,

अब आपको क्या चाहिए मामा ,शोभा ने मामा की तरफ फेस किया ओर मामा को किस करने लगी,,,,

अरे बेटी मुझे भी तो शिखा की चूत दिलवा दो मेरा भी दिल करता है जैसे मेरी बेहन एक बेड पर 2 जवान ओर जोशीले लंड

का मज़ा लेगी मैं भी उसी तरह एक ही बेड पर 2 जवान ओर रसीली चूत का मज़ा लेना चाहता हूँ,,,,,,,,,,

तभी शोभा हँसने लगी,,,,,,,,,,,ठीक है मामा कल तुम मेरे साथ बुटीक पर चलना तुम्हारा भी काम करवा दूँगी,,,लेकिन

अब तो मेरी चूत की खुजली दूर करो पहले,,,,,

नही बेटी यहाँ नही यहाँ बेड छोटा है हम लोग उपर चलते है तेरी बुआ के ड्रॉयिंग रूम मे ऑर वहाँ जाके आराम से

सब लोग मिलकर मस्ती करते है,,,,

मामा के इतने बोलने की देर थी कि सब लोग खड़े हो गये ओर उपर की तरफ चलने लगे,,,,मामा ने तो दीदी को गोद मे उठा लिया था जबकि सरिता ऑर करण बाहों मे बाहें डालके उपर की तरफ चल रहे थे ऑर मैं पीछे खुद अपने हाथ से अपने लंड को सहलाता हुआ चल रहा था,,,,

उस रात करण ऑर सरिता एक साथ मस्ती करते रहे क्यूकी सरिता को एक जवान जोशीला लंड मिल गया था जबकि करण को एक मस्त ऑर मोटी गान्ड मिल गई थी,,,,,, वहीं मामा ऑर शोभा आपस मे लगे रहे उन लोगो का हाल भी सरिता ऑर करण वाला था फ़र्क बस ये था यहाँ करण का जोशीला लंड था ऑर वहाँ माँ की रसीली चूत ऑर मोटी गान्ड थी ,,,आज दोनो पक्के खिलाड़ियों के पास नये खिलाड़ी थे जो बहुत दमदार खेल खेलने मे महारत हासिल कर चुके थे,,,,,,बचा सन्नी ,,सन्नी उस रात कभी मामा ऑर शोभा का साथ देने लग जाता तो कभी सरिता ऑर करण का,,,,,,,वो जानता था ये 2 दिन की मस्ती है फिर तो सन्नी ने ही चोदना है अपनी माँ ऑर बेहन को,,,,फिर कहाँ रोज रोज मामा ने शोभा को ऑर करण ने उसकी माँ को चोदना है,,,एक बात ऑर थी जिस से सन्नी को कोई टेन्षन नही हो रही थी,,आज अपनी माँ करण के हवाले करके सन्नी को करण की माँ यानी अलका आंटी अपने बेड पर नंगी लेटी हुई नज़र आने लगी थी ,,जिसको वो दमदार चुदाई कर रहा था यही सोच सोच कर सन्नी खुशी से पागल हुआ जा रहा था,,,,

रात भर सब लोग जमकर चुदाई करने लगे रहे ऑर सब लोग ही खुश थे,,,,मामा शोभा का साथ लगा रहा ऑर माँ करण के साथ ऑर मैं बीच मे बीचोला बनकर कभी इधर मस्ती करता तो कभी उधर,,,,मैने गौर किया कि माँ करण की दीवानी हो गई थी

जबकि मामा शोभा का दीवाना ,,,करण ऑर शोभा भी मामा ऑर माँ के दीवाने हो गये थे इसलिए मेरे को कोई पूछ ही नही रहा था ये तो माँ बेटी को 2 लंड से ऑर आज तीन लंड से चुदना था इसलिए मेरे को साथ रख रही थी वर्ना मुझे तो शायद रूम से बाहर निकाल देती ये दोनो,,,,मुझे थोड़ा गुस्सा तो आ रह था लेकिन एक बात से मेरा दिल खुश हो रहा था मुझे अब करण की माँ नंगी लेटी हुई मेरे सामने नज़र आ रही थी जिसकी मोटी ऑर मस्त गान्ड की मैं चुदाई कर रहा था,,,,

सुबह सोनिया कविता के घर से ही कॉलेज चली गई थी जबकि करण का मूड नही था कॉलेज जाने का ऑर ना ही आज शोभा का दिल था कॉलेज जाने का लेकिन कल रात शोभा ने मामा को बोला था कि वो बुटीक पर जाके मामा को शिखा की चूत दिलवाएगी इसलिए सुबह मामा ऑर दीदी बुटीक पर चले गये नाश्ता करने के बाद,,,, उनके जाने के बाद माँ ऑर करण का प्रोग्राम फिर से शुरू हो गया मेरा दिल नही कर रहा था इसलिए मैं कोई बहाना करके वहाँ से चला गया,,,,माँ ऑर करण ने मुझे रोकने की कोशिश की लेकिन मैं ज़रूरी काम है बोलकर वहाँ से चला गया,,,,ऑर मैं जाता भी क्यू नही रात भर मामा शोभा से चिपका रहा ऑर अब शोभा के साथ बुटीक पर चला गया इधर मेरी माँ भी तो सारी रात करण से चिपकी रही मेरी तो कोई एहमियत ही नही रह गई थी,,,मैने सोचा क्यू ना इसको तडपाया जाए करण से मस्ती करनी है तो ठीक है उसके पतले लंबे मूसल से मस्ती करने दो मैं भी देखता हूँ कितना टाइम खुजली दूर कर सकता है वो मेरी माँ की,,चार दिन की चाँदनी है फिर तो काली रात है आज माँ करण से चिपकी हुई है बाद मे तो मेरे बड़े मूसल क पास वापिस आएगी क्यूकी कितना भी चुद ले कारण के लंड से उसकी खुजली दूर नही होनी ये तो एक नई एग्ज़ाइट्मेंट है बस ओर कुछ नही ऑर मैं भी ऐसा इसलिए होने दे रहा था क्यूकी मुझे भी तो अलका आंटी की गान्ड मारनी थी

,,,

अब घर से तो बाहर निकल आया था सो क्या कर सकता था टाइम पास करने क लिए कॉलेज ही चला गया ,,,कॉलेज के गेट से एंटर हुआ तो सामने देखा सारा कोल्लेज एक जहग पे इकट्ठा हुआ था बहुत भीड़ लगी हुई थी ,,,आगे जाके देखा तो पोलीस के जीप खड़ी हुई थी पास मे ही कलाज का प्रिन्सिपल खड़ा हुआ था जो पोलीस वाले से बात कर रहा था तभी मेरा ध्यान पड़ा एक साइड खड़े हुए सुमित पर जिसके हाथ पर प्लास्टर लगा हुआ था,,,मैं जाके सुमित के पास खड़ा हो गया लेकिन बोला कुछ नही ऑर पोलीस वाले की ऑर प्रिन्सिपल की बातें सुनने लगा,,,,तभी मेरा ध्यान सोनिया ऑर कविता की तरफ गया ,,कविता तो मुझे देख कर खुश हो गई लेकिन सोनिया की नाक पर अभी तक गुस्सा था इसलिए वो कविता का हाथ पकड़ कर उसको वहाँ से एक साइड पर ले गई,,,,,,मैने वापिस अपना ध्यान प्रिन्सिपल ऑर पोलीस वाले की बातों पर केंद्रित कर दिया,,,

प्रिन्सिपल,,,,,,,,,,,नही सर अमित ऐसा नही कर सकता वो तो बहुत होनहार ऑर ब्रिलियेंट स्टूडेंट है आप उसके बारे मे कॉलेज के किसी भी स्टूडेंट से पूछ सकते हो,,,,

पोलीस,.,,,,,,,,,,,,लेकिन इस लड़के ने तो कंप्लेंट की है कि अमित ऑर उसके दोस्तो ने मारा है इसको,,,,ये भला झूठ क्यू बोलने लगा,,,,देखो इसका तो हाथ भी टूट गया है इतना बुरा मारा उन लोगो ने इसको,,,, ओर आप बोल रहे हो वो शरीफ लड़के है इस कॉलेज के,,,

प्रिन्सिपल,,,,,,आपको कोई ग़लत फहमी हो रही है वो लोग ऐसे नही है वो लड़के तो बहुत होनहार स्टूडेंट है कॉलेज के ,,,इतना बोलकर प्रिन्सिपल पोलीस वाले के शोल्डर पर हाथ रखके उसको अपने साथ एक साइड की तरफ ले गया ,,,

ये किसने किया है तेरे साथ सुमित,,,,,,,,,,,क्या अमित ओर उसके दोस्तो ने ,,,,मैने गुस्से से पूछा,,,,

हाँ सन्नी भाई कल मैने उन लोगो से दोस्ती करली थी सारा दिन हम घूमते रहे रात को ड्रिंक करने के बाद वो लोग मुझे मेरे घर छोड़ने गये थे ,,उन लोगो को पूरा यकीन हो गया था कि मैं झूठ मूठ आपकी गॅंग मे शामिल हुआ था दिल से तो मैं उन लोगो का ही दोस्त था फिर पता नही रात को उनलोगो को क्या हो गया मेरे घर के पास जाके खाली ऑर सुनसान जगह पर कार रोक कर उनलोगो ने मुझे कार से नीचे उतरा ऑर मारना शुरू कर दिया,,1-2 लोग होते तो मैं संभाल लेता लेकिन वो लोग 4 थे ,,,3 लोगो ने मुझे पकड़ लिया और अमित ने मुझे बहुत मारा ,,,उसकी कार मे हॉकी स्टिक थी जिस से उसने मेरे सर ऑर हाथ पे मारा ऑर मेरा हाथ तोड़ दिया,,,,इतना बोलकर वो रोने लगा,,,,,,,,,,

 
उसकी हालत देख कर मुझे उसपे तरस आ रहा था लेकिन उसके आँसू देख कर गुस्सा आने लगा,,,,,,,,,,साले लड़की की तरह क्यू रोता है उनलोगो ने तेरे को इतना मारा तू भी एक आध तो लगा देता उनके या खाली छोड़ दिया उन लोगो को,,,,,,

भाई वो 4 थे ऑर मैं अकेला ऑर उपर से ड्रिंक भी किया हुआ था इसलिए कुछ नही कर सका,,,,

मैने दिल ही दिल मे बोला साले तूने ड्रिंक ना भी की होती तब भी तेरी यही हालत करनी थी उन लोगो ने ,,,मैं उसको झूठा दिलासा देता हुआ उनलोगो के पास चला गया ऑर उनकी बात सुनने लगा,,,,

प्रिन्सिपल पोलीस वेल से,,,,,,,,,,,,,,आपको नही पता जनाब ये सुमित इस कॉलेज का 1 नंबर का नशेड़ी लड़का है कई बार जैल जा चुका है ड्रस लेने की वजह से ,,सारा दिन नशा करके यहाँ वहाँ घूमता रहता है कभी कोई क्लास भी अटेंड नही करता ,,आप चाहो तो किसी से भी पूछ लो,,,,,,,

पोलीस वाला,,,,,,,,,अगर वो ड्रग्स के चक्कर मे इतनी बार जैल गया तो अपने इसको कॉलेज से निकाला क्यू नही,,,,

प्रिन्सिपल,,,,,,,जनाब ये अमित का अच्छा दोस्त था ऑर अमित इस कॉलेज का होनहार स्टूडेंट उसके कहने पर ही मैने इसको यहाँ रखा हुआ था वर्ना कबका कॉलेज से निकाल देता,,,,,,

पोलीस वाला,,,,,,,मैं इसके बारे मे जानता हूँ सर लेकिन अब इसके चहरे के निशान ऑर टूटा हुआ हाथ देखिए क्या ये जखम इसने खुद बनाए है ,क्या अपना हाथ इसने खुद तोड़ा है,,

प्रिन्सिपल,,,,,,,,,,,,,जनाब ये लड़का पहले उन लोगो का ही दोस्त था जिन लोगो पर ये मार पीट का झूठा इल्ज़ाम लगा रहा है अब उनलोगो से किसी बात पर झगड़ा हो गया है इसका इसलिए उनलोगो को बदनाम कर रहा है,,,,

पोलीस वाला,.,,,,,,ठीक है आप मुझे उन लोगो से मिलवा दो मैं कुछ पूछ ताछ करना चाहता हूँ पता चल जाना है सच क्या है झूठ क्या,,,,,,,,,

प्रिंसीपल,,,,,,,,,,,,वो लोग तो आज कॉलेज नही आए ,,,,ऑर वैसे कल किस टाइम की बात है जब उनलोगो ने सुमित से मारपीट की थी,,,,

पोलीस वाला,,,,,,,,,,,यही कोई रात के 10-11 बजे के आस पास,,,,,,,जैसा इस लड़के ने ब्यान दिया है,,,

प्रिन्सिपल,,,,,,,रात को 10-11 बजे के करीब ,लेकिन ऐसा तो नही हो सकता उस टाइम तो वो सब मेरे साथ थे,,,,

पोलीस वाला,,,,,,,,,,,आप झूठ क्यू बोल रहे हो इस लड़के ने तो बोला है कि रात 10-11 बजे के आस पास ये उन्ही लोगो के साथ ड्रिंक करके घर जा रहा था तो बीच सड़क पर उनलोगो ने कार से बाहर निकाला इसको ऑर मारना शुरू कर दिया,,,,आप बोल रहे हो तब वो लड़के आपके साथ थे,,,

प्रिन्सिपल,,,,,,,,,,,जी जनाब वो लड़के करीब 8 बजे से रात 1 बजे तक मेरे साथ थे हमरे कॉलेज के एक प्रोफेसर भी हमारे साथ थे ,,उनलोगो का कोई ज़रूरी प्रॉजेक्ट थे जिसपे वो लोग काम कर रहे थे,,,,

पोलीस वाला,,,,,,,,उनका प्रॉजेक्ट था तो प्रोफेसर उनके साथ होता पर आप उनके साथ क्या कर रहे थे,,,,चलो अप मुझे उनलोगो का अड्रेस दे दो मैं खुद उनके घर जाके बात कर लेता हूँ,,,,,,,,

प्रिन्सिपल कुछ देर के लिए चुप हो जाता है,,,,,,,,लगता है जनाब आप जानते नही वो लोग किसके बेटे है,,,,तभी प्रिन्सिपल पोलीस वाले को उन लोगो के बाप के बारे मे बताता है ,,जिनमे से कोई बड़ा इंडस्ट्रियलिस्ट है ऑर कोई बड़ा

पॉलिटीशियन,,,उनलोगो के नाम सुनकर पोलीस वाला भी थोड़ा डर जाता है,,,,ऑर जल्दी से प्रिन्सिपल को सॉरी बोलके वहाँ से चला जाता है वो जाते टाइम सुमित से भी कोई बात नही करता ,,,

सुमित पोलीस वाले से बात करने के लिए उसको रोकता है लेकिन वो पोलीस वाला नही रुकता ऑर जीप मे बैठ कर वहाँ से चला जाता है

,,,,सुमित समझ जाता है कि प्रिन्सिपल ने पोलीस वाले को डरा कर यहाँ से भगा दिया है ,,

सुमित,,,,प्रिन्सिपल सर अपने पोलीस वाले को झूठ क्यूँ बोला ,,,,आपको अच्छी तरह पता है कि अमित ऑर उसके दोस्तो ने मारा ये हाल किया है फिर भी अपने पोलीस से ये बात छुपाई,,,,

प्रिन्सिपल गुस्से मे,,,,,,,,दफ़ा हो जा यहाँ से,,शरीफ लोगो पर इल्ज़ाम लगता है शरम नही आती,,आगे से कभी झूठ बोलकर उन लोगो को बदनाम किया तो कॉलेज से निकाल दूँगा,,,,चल जा अब यहाँ से,,,,

प्रिन्सिपल वहाँ से चला जाता है,,,,मुझे तो पहले से पता था कि कुछ नही होने वाला ,,जब उनलोगो ने इतने बड़े बड़े जुलम किए है कि उन लोगो की वजह से कॉलेज की लड़कियों ने अपनी जान दे दी थी और भला छोटी से मारपीट के लिए कोई क्या उखाड़ लेता उनका,,,

देखा सन्नी भाई प्रिन्सिपल भी उन लोगो का साथ दे रहा है,,पोलीस ने भी कुछ नही किया,,,,सुमित रोने लगा ,,लेकिन मैं बदला लेके रहूँगा सुमित भाई सुमित रोते हुए हल्के गुस्से मे बोला,,,

क्या करेगा अब तू लड़ेगा क्या अमित के साथ,,,,वो भी इस टूटे हुए हाथ के साथ,,,,

हां भाई लडूँगा मैं,,,,इतना टाइम उन लोगो की गुलामी की उन लोगो का हर काम मे साथ दिया ये नही सोचा कि वो काम सही है या ग़लत ऑर आज उनलोगो ने मेरा ये हाल किया,,

अच्छा तो अब क्या करेगा तू बता मुझे,,,,,

सुमित रोते हुए,,,,मैं क्या कर सकता हूँ भाई अब तो आपको कुछ करना होगा ,,अब मैं आपकी ऑर करण की गॅंग मे हूँ क्या आप लोग मेरी हेल्प नही करोगे अमित को सबक सिखाने मे,,,

मैने सोचा हेल्प तो करूँगा लेकिन जैसा मैं सोचता हूँ वैसा होता नही,,पहले सोचा था तुझे अमित की गॅंग मे वापिस भेज

दूँगा तो प्लान काम करेगा लेकिन सारा प्लान खराब हो गया,,,अब क्या कर सकता हूँ मैं,,,,,,,,,

चल ठीक है मैं तेरी हेल्प करूँगा ,,लेकिन हमे लड़के या मारपीट करके बदला नही लेना,,,हमे कोई ऐसी तरकीब ढूँढनी है

कि साँप भी मार जाए ऑर लाठी भी नही टूटे,,,

वो क्या भाई,,क्या करना होगा हम लोगो को,,,,

देख सुमित भाई तुझे कैसे भी करके वो सीडी हासिल करनी है कहीं से भी ,,अब कैसे हासिल करनी है ये तू देख ,,एक बार सीडीज़ हाथ मे आ गई फिर तू जैसा चाहे अमित ऑर उसके दोस्तो को उंगली पर नचा सकता है ,,,इसके अलावा ऑर कोई रास्ता नही है अपने पास,,,

सुमित वहीं बैठ गया ओर सोचने लगा,,,,लेकिन भाई ऐसा कैसे हो सकता है,,,भला मैं वो सीडीज़ कैसे हासिल कर सकता हूँ,,,

ये तू सोच भाई तेरी टेन्षन है लेकिन एक बार सीडीज़ हाथ लग गई तो तू कुछ भी कर सकता है,,,ज़रा सोच कर देखा,,,आज जिस प्रिन्सिपल ने पोलीस को वापिस भेजा है अमित के डर से कल वही प्रिन्सिपल तेरे कदमो मे होगा क्यूकी सीडीज़ की वजह से अमित भी तेरा गुलाम हो जाएगा,,,,,,,

लेकिन भाई सीडीज़ उनलोगो के पास है ऑर अगर मैं दोबारा उनलोगो के पास गया तो उनलोगो ने फिर मारना है मुझे,,,,,

चल एक काम कर तू,,,,आगे कभी अमित ने या उसके दोस्तो ने तुझे हाथ भी लगाने की कोशिश की तो तू बोल देना कि तेरे पास वो सीडीज़ की एक कॉपी है ऑर अगर उनलोगो ने कोई पंगा किया तो तो सीडीज़ को सबके सामने खोल कर रख देगा ,,

लेकिन भाई मेरे पास तो सीडीज़ नही है ऑर ना उनकी कॉपी है कोई फिर भला कैसे बोलू उनलोगो को,,,

देख भाई जैसे आज तेरे को मारा है कल फिर मार सकते है लेकिन सीडीज़ के डर से वो तुझे हाथ नही लगा सकते बस तो झूठ-मूठ का बोल देना सीडीज़ की कॉपी तेरे पास है फिर देखना वो लोग तेरे पास से भी नही गुजरने वाले,,,,

सुमित मेरी बात सुनके थोड़ा खुश हो गया ऑर वहाँ से चला गया,,,

लेकिन मैं खुश नही था,,एक तो रात से मैं थोड़ा गुस्से मे था माँ ,मामा करण ऑर शोभा की वजह से ऑर आज कॉलेज मे

आके भी मुझे निराशा हाथ लगी ,,,प्लान बनाया था कि सुमित को अमित की गॅंग मे शामिल करवा दूँगा लेकिन प्लान उल्टा ही हो गया,,साला ये सब मेरे साथ ही क्यू हो रहा है ,,मैं बैठा बैठ गुस्से से भरा हुआ था ऑर बहुत ज़्यादा निराश भी था,,,,

तभी मेरा मोबाइल बजने लगा,,किसी अननोन नंबर से कॉल आ रही थी मेरा दिल नही किया कॉल उठाने के लिए लेकिन फोन दोबारा बजने लगा तो मैने हल्के से गुस्से से फोन उठाया ऑर बात करने लगा,,,,

मैने फोन तो गुस्से मे उठाया था लेकिन सामने वाले की मीठी ऑर मधुर आवाज़ सुनके मेरा दिल खुश हो गया ,,

ये फोन था?????

कामिनी भाभी का,,,,,,,

भाभी,,,,,,,,,,,हेलो,,,,,,,,

सन्नी ,,,,,,,,हेलो भाभी,,,,

भाभी,,,,,,,,,अरे बड़ी जल्दी पहचान लिया तुमने,,,, मुझे तो लगा था नही पहचानोगे पहली बार जो फोन पर बात हो रही है,,,,

सन्नी,,,,,,भाभी आपकी आवाज़ को तो मैं 1000 लोगो की आवाज़ मे भी पहचान सकता हूँ,,,

भाभी,,,,,,,अच्छा जी इतनी बुरी आवाज़ है क्या मेरी,,,,

सन्नी,,,नही भाभी आपकी आवाज़ तो बहुत मीठी है ,,,,आपकी एक हेलो सुनके ही दिल खुश हो गया मेरा,,,,

भाभी,,,,,बस बस अब ज़्यादा झूठी तारीफ मत करो,,,,कहाँ है तू ये बता पहले,,,

सन्नी ,,,,झूठी तारीफ नही कर रहा भाभी जो सच है वही बोल रहा हूँ,,,,वैसे मैं कॉलेज मे हूँ,,,

भाभी,,,,,क्या कर रहा है कॉलेज मे,,,,,,

सन्नी,,,,,कुछ नही भाभी बस बोर हो रहा था,,,वैसे आज आपको मेरी याद कैसे आ गई ,,,आज हमारी किस्मत इतनी अच्छी कैसे हो गई कि अपने हमे फोन किया,,,,कोई ख़ास काम था क्या,,,,

भाभी,,,,वो मैं वूऊ

सन्नी ,,,,अरे वू उूओ क्या कर रही हो भाभी,,,तबीयत तो ठीक है ना,,,,

भाभी,,,,नही सन्नी तबीयत ठीक नही तभी तुझे कॉल की है,,,

सन्नी,,,,,मुझे क्यू कॉल की सूरज भाई को करती वो आपको डॉक्टर के पास ले जाता,,,,

भाभी,,,,सूरज को कॉल की थी लेकिन वो ऑफीस मे बिज़ी था उसने फोन नही उठाया,,इसलिए तेरे को फोन किया,,,,क्या तू घर आ सकता है अभी,,,

मैने मन ही मन सोचा नेकी ऑर पूछ पूछ,,,,मैं तो उड़के आने को तैयार हूँ आप बस बोलो एक बार,,,

सन्नी,,,,भाभी मेरी क्लास है अभी थोड़ी देर मे,,मुश्किल है मेरा आना,,,,लेकिन अगर आपकी तबीयत ज़्यादा खराब है तो मैं कविता को बोल देता हूँ वो घर आ जाएगी ,,,,,

भाभी,,,,,नही सन्नी उसको क्यू परेशान करना वैसे भी वो गुस्सा करेगी मेरे पे कि अगर तबीयत खराब थी तो पहले बोलना था कॉलेज से फोन करके वापिस क्यू बुलवाया,,तू नही जानता स्टडी के मामले मे कितनी गुस्से वाली है वो,,,, वैसे भी उसको बुलाना होता तो मैं खुद कॉल कर देती उसको,,,,,

अगर तू आ सकता है तो आजा,,,,

सन्नी,,,,,वैसे तो क्लास है मेरी लेकिन आपकी तबीयत ज़्यादा खराब है तो मैं आ जाता हूँ,,,

भाभी,,,,थन्क्ष्क्ष्क्ष सन्नी ऑर प्लीज़ थोड़ा जल्दी आना,,,,

सन्नी ,,,,आप पहले फोन तो कट करो फिर ही आउन्गा मैं,,,,,इतना बोलके सन्नी हँसने लगा ऑर उधर से भाभी भी हँसने लगी,,,

भाभी,,,,ठीक है जल्दी आओ मैं तुम्हारा वेट कर रही हूँ,,,इतना बोलके भाभी फोन कट कर देती है,,,,

सन्नी जल्दी से फ़ोन को पॉकेट मे डालता है ऑर वहाँ से बाइक लेके तेज़ी से चलाता हुआ भाभी के घर चला जाता है,,,,उसको भाभी से मिलने की बहुत जल्दी होती है,,,

कुछ देर बाद सन्नी कामिनी भाभी के घर के बाहर पहुँच जाता है ऑर बेल बजा देता है,,,,

तभी कामिनी भाभी बाहर आती है ऑर गेट खोल देती है,,सन्नी तो जैसे पागल ही हो जाता है भाभी को देख कर,,,

 
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