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कहीं वो सब सपना तो नही complete



कामिनी भाभी ने एक लाइट ब्लू कलर का ढीला सा कुर्ता ऑर साथ मे उसी कलर का एक पयज़ामा पहना हुआ था ,,उनके बाल गीले थे जैसे अभी अभी वो शवर लेके बाहर आई थी ,,,उनके बालों के सिरे से पानी की ड्रॉप्स उके ढीले कुर्ते पर गिर रही थी ऑर उनका ढीला कुर्ता जो काफ़ी पतले कपड़े का था वो भीग कर उनकी चेस्ट से चिपक रहा था ,,,उनके बूब्स के उपर का हिस्सा कुर्ते के अंदर से सॉफ नज़र आ रहा था ऑर उनका हल्का सा क्लीवेज भी नज़र आ रहा था

कुर्ता थोड़ा भीग कर उनके बॉब्स के बीच क्लीवेज मे चिपक गया था ओर उनके गोरे गोरे छोटे बूब्स थोड़ा साफ तौर पर नज़र आने लगे थे ,,,सन्नी एक टक भाभी के बूब्स की तरफ देख रहा था तभी भाभी ने उसको अंदर आने को बोला ऑर खुद अपने एक हाथ को अपने बूब्स के उपर रख लिया ऑर हँसके सन्नी की तरफ देखने लगी,,,, सन्नी भी भाभी की तरफ हँसके देखता हुआ घर के अंदर आ गया ,,,पीछे से भाभी ने गेट बंद किया ऑर आगे बढ़ कर घर के अंदर का डोर खोला ऑर सन्नी के साथ खुद भी अंदर आ गई,,,,

भाभी ने सन्नी को सोफे पर बैठने का बोला ,,,,,,

तुम यहाँ बैठो सन्नी मैं तुम्हारे लिए कुछ चाइ कॉफी लेके आती हूँ,,,,इतना बोलकर भाभी किचन की तरफ जाने लगी,,,

नही भाभी मुझे कुछ नही चाहिए मैं ठीक हूँ,,,,लेकिन भाभी नही रुकी ऑर किचन की तरफ चली गई,,,

सन्नी भाभी की किचन की तरफ जाते देखता रहा ,,,,,,,भाभी ने किचन के पास जाके एक बार सन्नी की तरफ मूड कर देखा ऑर हँसके किचन के अंदर चली गई,,,,,

सन्नी इतना तो जान गया था कि भाभी की तबीयत बिल्कुल ठीक है तो फिर उन्होने उसको यहाँ क्यू बुलाया,,,,,,,,,,कहीं भाभी भी वही तो नही चाहती जो सन्नी चाहता है,,,,,सन्नी इतना सोच सोच कर खुश होने लगता है लेकिन उसको थोड़ा डर भी लग रहा है कहीं वो जो सोच रहा है वो ग़लत हुआ तो,,,

सन्नी कुछ देर वही सोफे पर बैठा रहता है लेकिन वासना जब दिल ऑर दिमाग़ पर हावी होने लगी तो सन्नी से रहा नही गया ऑर वो उठकर किचन मे चला गया,,,,,

किचन मे भाभी कॉफी बना रही थी,,,,,सन्नी को किचन मे आते देख वो थोड़ा डर गई और शरमाने भी लगी ,,लेकिन सन्नी नही डरा ऑर ना ही उसको किसी बात की टेन्षन थी वो भाभी के पास जाके खड़ा हो गया,,,,,

भाभी आप तो बोल रही थी आपकी तबीयत ठीक नही है लेकिन आपको देखने से तो ऐसा नही लगता ,,,,,,,,,,सन्नी इतना बोलकर भाभी के भीगे हुए कुर्ते मे से झलक रहे उनके बूब्स की तरफ देखने लगा,,,

भाभी ने भी सन्नी की नज़रो का पीछा करके जान लिया कि वो क्या देख रहा है तो भाभी ने जल्दी से उसकी तरफ पीठ करली ओर दूसरी तरफ मूड गई,,,,

हाँ सन्नी पहले तबीयत ठीक नही थी लेकिन तुम्हारे आने से पहले मैने घर पर कुछ मेडिसिन पड़ी थी वो खा ली है ऑर शवर भी लिया है जिस से अब थोड़ा बेटर फील हो रहा है अब कॉफी पी लूँगी तो बिल्कुल ठीक हो जाउन्गी,,,,,,,,,

वैसे हुआ क्या था भाभी आपको,,,,,,,सन्नी भाभी के चहरे की तरफ चला गया और फिर से भाभी को सामने से देखने लगा,,,,

भाभी अब हर बार तो उसकी तरफ पीठ नही कर सकती थी बस भाभी ज़मीन की तरफ देखती ऑर शरमाती हुई सन्नी की बात का जवाब देने लगी,,,,,कुछ नही सन्नी बस सर मे थोड़ा दर्द हो रहा था ,,,अब ठीक हूँ मैं,,,,

इतने मे सन्नी आगे बढ़ गया ऑर भाभी के बहुद करीब हो गया,,,,,,,,,,,अच्छा बस इतनी से बात थी ,,हल्के सर दर्द के लिए अपने मेरा कॉलेज मिस करवा दिया,, पता है कितनी इंपॉर्टेंट क्लास थी आज मेरी,,,ऑर आपने अपने हल्के सर दर्द के लिए मेरी क्लास मिस करवा दी,,,इतना बोल कर सन्नी हल्के गुस्से ऑर नाराज़गी से वहाँ से बाहर चला गया,,,

तब तक कॉफी बन चुकी थी ,,,,,,सन्नी के बाहर जाते ही भाभी ने कॉफी को कप मे डाला ऑर बाहर सन्नी के पास आ गई,,,सन्नी एक तरफ सिंगल सोफे पर बैठा हुआ था जबकि भाभी बड़े सोफे पर बैठ गई ऑर कप को बेच टेबल पर रख दिया,,,,,

सन्नी जान बूझ कर हल्का गुस्सा ऑर नाराज़गी दिखा रहा था,,,,

सॉरी सन्नी मेरी वजह से तुझे जल्दी आना पड़ा कॉलेज से बट मैं क्या करती तब मेरे सर मे बहुत तेज दर्द हो रहा था ,,मैने सूरज को पहले कॉल की थी लेकिन उसका कोई जवाब नही आया,,,कविता को मैं तंग नही करना चाहती थी क्यूकी वो गुस्सा करती ऑर बोलती की अगर तबीयत ठीक नही थी तो सुबह कॉलेज क्यू जाने दिया,,,,पहले बता देती,,,तुझे पता है ना वो स्टडी के मामले मे कितना गुस्सा करती है,,,,

इस से पहले भाभी कुछ बोलती मैं बोल पड़ा,,,,,,,,,,,,अपने सूरज भाई को कॉल की थी तो क्या वो ऑफीस मे बिज़ी थे,,,,,

हाँ सन्नी तभी तो कॉल पिक नही की सूरज ने,,,,,,,,,,

लेकिन मैने तो सुना था कि कल सूरज आपकी सास यानी अपनी माँ को अपने ससुर के पास छोड़ने गया है फिर वापिस कब आया वो,,,मैने थोड़ा शक करते हुए पूछा,,,,,कल सोनिया को तो यही बोला था ना अपने इसलिए वो यहाँ रहने आई थी,,,,

भाभी थोड़ी देर चुप रही,,,,,,हाँ वो सूरज सुबह जल्दी वापिस आ गये थे तो आते ही ऑफीस चले गये,,,,क्यू तुम्हे क्या लगा की सूरज कहीं नही गया था,,, कहीं तुमको ऐसा तो नही लग रहा कि मैं तुमसे झूठ बोल रही हूँ,,,इतना बोलके भाभी ने अपने सर पे हाथ रख लिया ऑर सर को तोड़ा नीचे झुका लिया,,,,

क्या हुआ भाभी ठीक हो ना आप,,,,,,,,,,,

भाभी चुप रही कुछ नही बोली,,,,

बोलो ना भाभी क्या हुआ ,,फिर से सर मे दर्द हुआ क्या,,,,

तुझे क्या लेना सर मे दर्द हो या कुछ भी,,,तुझे मेरी क्या फिकर,,,,अब भाभी हल्का नखरा करने लगी लेकिन सन्नी जानता था कि ये नखरा भी बिल्कुल वैसा ही झूठा है जैसी झूठी भाभी की कॉल की ,,,कि उनकी तबीयत ठीक नही,,,,

सन्नी कुछ नही बोला ओर भाभी एक पास जाके बैठ गया ऑर भाभी के हाथ को उनके सर से उठा कर अपने हाथ भाभी के सर पर रख दिया,,,ऑर हल्के से भाभी के सर को दबाने लगा,,,,,,,,,,,,,,,,,

आपकी फ़िक्र क्यू नही है मुझे भाभी एक आपकी वजह से तो कॉलेज से भाग कर आया हूँ वर्ना मुझे क्या

ज़रूरत थी यहाँ आने की,,सन्नी ने एक हाथ भाभी के फॉरहेड पर रखा ऑर एक हाथ भाभी की गर्दन पर रखके भाभी को सोफे पर पीछे की तरफ कर दिया ऑर भाभी के सर को सोफे की बॅक पर रख दिया ऑर हल्के हाथ से भाभी के सर को दबाने लगा,,,,

तभी भाभी ने सन्नी के हाथ को पकड़ लिया,,,,,ये क्या कर रहे हो सन्नी,,,,मत करो ऐसे ,,,,,,,

क्या कर रहा हूँ भाभी ,,,कुछ ग़लत कर रहा हूँ क्या ,,,,मैं तो जस्ट आपका सर दबा रहा हूँ ,,,,देने को तो मेडिसिन भी लाके दे सकता था बट अपने बोला कि आप मेडिसिन ले चुकी हो इसलिए सर दबा कर दर्द ठीक करने की कोशिश कर रहा हूँ,,,,

नही रहने दे मत दबा मेरा सर,,,,,,,,,,दुखने दे इसको,,तुझे तो लगता है कि मैं झूठ बोल रही हूँ,,,

नही मैने कब बोला कि आप झूठ बोल रही हो,,,,मैं तो मज़ाक कर रहा था भाभी,,,,वो रात को सोनिया ने जो बोला था मैं तो उसी की बात कर रहा था

नही नही तुहे लगता है कि मैं झूठ बोल रही हूँ ओर झूठ बोलके तुझे कोल्लेज से यहाँ बुलाया है,,,,,

नही भाभी मैं ऐसा नही बोल रहा,,,बोलते टाइम सन्नी अभी भी भाभी का सर दबा रहा था भाभी ने भी अपने हाथ से सन्नी के उस हाथ को पकड़ा हुआ था जिस से सन्नी भाभी का सर दबा रहा था,,,,सन्नी का दूसरा हाथ भाभी के शोल्डर के पास भाभी की नेक पर था ,,,,सन्नी ने सर दबाते हुए हल्के से अपनी फिंगर को भाभी के कुर्ते मे घुसा दिया ओर धीरे धीरे बातें करते हुए भाभी के कुर्ते को शोल्डर से खिसकने लगा ,,भाभी भी सन्नी की हरकत को भाँप गई थी लेकिन उसने सन्नी को मना नही किया ,,,जब भाभी का शोल्डर कुछ हद तक नंगा हो गया तो सन्नी ने आगे बढ़ कर भाभी के शोल्डर पर अपने लिप्स रख दिए ,,भाभी ने पीछे हटने की कोशिश की लेकिन सन्नी भाभी से ज़्यादा तेज था उसने अपने उस हाथ को भाभी के दूसरे शोल्डर पर रख दिया था जिस से वो भाभी का सर दबा रहा था ऑर भाभी को खुद से दूर जाने से रोक लिया था,,,

 


जब भाभी के शोल्डर पर सन्नी के लिप्स टिक गये तो सन्नी ने कोई देर किए बिना भाभी के शोल्डर के हल्के मास को मुँह मे भर लिया ऑर सक करने लगा,,,भाभी के मुँह से हल्की अह्ह्ह्ह निकल गई और उसने सन्नी को हल्का धक्का दिया ऑर सोफे से उठकर जल्दी से अपने रूम मे भाग गई,,,,सन्नी भी वहाँ से उठा ऑर भाभी के पीछे पीछे चला गया,,,

भाभी भाग कर गई थी इसलिए सन्नी भी भाभी के पीछे भाग कर गया,,भाभी ने रूम मे जाते ही दरवाजे को अंदर से बंद करने की कोशिश की लेकिन सन्नी ने जल्दी से आगे बढ़ कर अपने हाथ को दरवाजे पर रख दिया ऑर भाभी के दरवाजा बंद करने से पहले ही भाभी को रोक दिया,,,लेकिन तब तक भाभी भी अपनी तरफ से पूरा ज़ोर लगा चुकी थी जिस से सन्नी का हाथ दरवाजे के बीच मे अटक गया,,,

दरवाजा हल्का सा खुला हुआ था सन्नी दरवाजे को खोलने के लिए ज़ोर नही लगा रहा था बस अपने हाथ को दरवाजे के बीच मे दबने से रोकने के लिए थोड़ा ज़ोर लगा रहा था,,लेकिन अंदर से भाभी अपना पूरा ज़ोर लगा रही थी,,,,

सन्नी तुम जाओ यहाँ से,,,,,

ऐसे कैसे जा सकता हूँ मैं भाबी,,,,आपकी तबीयत ठीक है ,,आपको ऐसी हालत मे छोड़ कर कैसे जा सकता हूँ मैं,,,,

नही सन्नी तुम जाओ यहाँ से अब मैं बिल्कुल ठीक हूँ,,,,कुछ नही हुआ है मुझे,,,,

नही भाभी अब तो जब तक आपको पूरी तरह से ठीक नही कर देता ऑर जब तक आपकी बीमारी को जड़ से उखाड़ कर नही फेंक देता मैं यहाँ से जाने वाला नही,,,,सन्नी हल्का ज़ोर लगाता है ,,भाभी का कोई ज़ोर नही चलता सन्नी के ज़ोर के सामने ऑर भाभी पीछे हट जाती है ,,,सन्नी दरवाजा खोले कर अंदर चला जाता है,,,

भाभी दरवाजे से हल्के उल्टे कदमो से पीछे की तरफ जाने लगती है,,,,

सन्नी जाओ यहाँ से प्लीज़ अब मैं ठीक हूँ,,,,कुछ नही हुआ है मुझे

मैं जानता हूँ आपको कुछ नही हुआ है आप बिल्कुल ठीक हो लेकिन यहाँ आके मेरी तबीयत ठीक नही रही ,,,,मुझे कुछ हो गया है ,,,

क्या हो गया है तुमको सन्नी,,भाभी ने नज़रे झुकाते हुए शरमाते हुए पूछा,,,,

पता नही भाभी क्या हो गया है,,,

बातें करते हुए भाभी हल्के कदमो से पीछे की तरफ जा रही थी जबकि सन्नी आगे बढ़ता जा रहा था,,,,

बोलो ना क्या हुआ है सन्नी तुमको,,,,,तबीयत खराब हो गई क्या तुम्हारी,,,,

हाँ भाभी अब मेरी तबीयत खराब हो गई,,,

भाभी हँसने लगी लेकिन अभी भी भाभी शरमाते हुए ज़मीन की तरफ देख रही थी,,,,,,,देखो तो मेरा इलाज करने आया था ऑर खुद बीमार हो गया,,,

हाँ भाभी ,,,अब मैं बीमार हो गया अब आप मेरा इलाज करो,,,,,क्यूकी पहला मैं ठीक था ऑर आपका इलाज करने आ गया था लेकिन अब आप ठीक हो इसलिए आप मेरा इलाज करो,,,,

तुझे किसने बोला दिया कि मैं ठीक हूँ सन्नी,,,,,

सन्नी रुक गया ऑर भाभी की बात को समझने की कोशिश करने लगा,,,,,

क्या बोला भाभी फिर से बोलो ज़रा,,,,,,

लेकिन भाभी ने कुछ नही बोला ऑर जल्दी से भाग कर ड्रेसिंग टेबल की तरफ चली गई ओर जल्दी से एक ड्रॉयर खोल कर उसमे से कोई समान निकाला ऑर वापिस सन्नी के पास आ गई,,,,लेकिन भाभी के हाथ उनकी पीठ के पीछे थे सन्नी कुछ देख नही सका कि उनके हाथ मे क्या है,,,,,

सन्नी ने भाभी से पूछने के लिए अपना मुँह खोला ही था कि भाभी ने अपने हाथ से सन्नी को बोलने से मना कर दिया,,,,,

कुछ मत बोलो सन्नी बस अपनी आँखें बंद कर लो,,,,

सन्नी के मुँह पर भाभी के सॉफ्ट सॉफ्ट हाथ लगते ही सन्नी को एक मस्ती भरा तेज झटका लगा ओर भाभी की बातें सुनकर एक पल से भी पहले सन्नी की दोनो आँखें बंद हो गई,,,,

तभी भाभी का हाथ सन्नी के फेस से हट गया ,,,,,,ऑर सन्नी को कुछ अजीब महसूस हुआ भाभी सन्नी के पीछे की तरफ चली गई थी ऑर पीछे जाके सन्नी को बोली,,,,,,अब तुम आँखें खोल सकते हो सन्नी,,,,,

भाभी के कहने पर सन्नी ने आँखें तो खोल ली लेकिन फिर भी उसको कुछ नज़र नही आया,,,,,क्यूकी पीछे जाके भाभी ने सन्नी की आँखें पर पट्टी बाँध दी थी,,,,,,

ये सब क्या है भाभी,,,,,इतना बोलकर सन्नी ने पट्टी खोलने की कोशिश की,,,,,,,,,,,

भाभी ने जल्दी से सन्नी का हाथ पकड़ लिया,,,,,,नही सन्नी पट्टी मत खोलो,,,,इसको ऐसे ही रहने दो,,मेरे पास तुम्हारे लिए एक सर्प्राइज़ है,,,

सन्नी को कुछ नही पाया था कि भाभी क्या कर रही है ऑर क्या करने वाली है लेकिन सर्प्राइज़ का नाम सुनके सन्नी का दिल खुश हो गया उसको एक अजीब से मस्ती चढ़ने लगी,,,,

ऑर तभी कुछ पल बाद ???????????

ऑर तभी कुछ पल बाद भाभी ने सन्नी को पकड़ा ऑर उसके करीब होके सन्नी के बदन से चिपक

गई ,भाभी ने सन्नी को अपनी बाहों मे भर लिया ऑर सन्नी ने भी भाभी को अपनी बाहों मे

भरने की कोशिश की लेकिन भाभी ने उसके हाथों को अपने जिस्म से हटा दिया ऑर अपने लिप्स को सन्नी के कान

के पास ले गई ऑर धीरे से सन्नी एक कान मे बोलने लगी,,,,,,,,,,,,,,,,आज्ज तुउंम ककुउक्च्छ न्ंहिी

कारूगगीयी ससुउउन्नययी आअज्ज मीरीइ बार्रीि हहाइईइ ,,यूयेसेस ददीन्न्न त्तुउम्न्नी आपपननीी

मांणम्मांंनीी क्कीिई टहीी म्मामिन्नी तुउम्मक्कू न्नाहहीी रूकका तहा आज म्मामिन्न्न

आपपननीी म्माँणमामणी कारूउन्नगगीइ तूऊ बभीी म्मूउज़्झहही न्नाहहिि रूक्कन्ना प्पल्लज़्ज़्ज़्ज़

इतना बोलकर भाभी हल्का पीछे हट गई ऑर सन्नी से दूर हो गई लेकिन ज़्यादा देर के

लिए नही जल्दी ही भाभी फिर आगे बड़ी ऑर सन्नी के करीब होके सन्नी के लिप्स को अपने लिप्स

मे भर लिया लेकिन कोई जल्दबाज़ी नही की भाभी सन्नी को बड़े प्यार से ऑर आराम से किस करने लगी ,,

अपने लिप्स पर भाभी के लिप्स लगते ही सन्नी ने भी अपने लिप्स को हल्का सा खोल दिया लेकिन उसने भी

कोई जल्दबाज़ी नही की ऑर भाभी को हल्के से किस का रेस्पॉन्स देने लगा ,,,,भाभी ने सन्नी के लोवर

लिप्स को अपने दाँतों से पकड़ा ऑर अपने मुँह मे भरके चूसने लगी ,,भाभी के ऐसा करने से

भाभी का उपर वाला लिप्स सन्नी के लिप्स मे आ गया ओर सन्नी ने हल्के से भाभी के उपर वाले लिप्स

को चूसना शुरू कर दिया,,सन्नी को कुछ ही पल मे जबरदस्त मस्ती चढ़ने लगी उसने फिर से भाभी

को बाहों मे भरने की कोशिश की लेकिन भाभी ने उसको हाथ लगाने से मना कर दिया ऑर सन्नी से

थोड़ा पीछे हट गई,,,,,,कुछ देर तक भाभी सन्नी से दूर खड़ी रही सन्नी को कुछ ठीक नही लगा

उसने अपनी आँखों से पट्टी खोलने की कोशिश की लेकिन भाभी ने आगे बढ़ कर उसके हाथ को पकड़ लिया

ऑर वापिस सन्नी को किस करने लगी,,,सन्नी ने अपने हाथ को नीचे कर लिया ऑर पट्टी नही निकली ऑर ना

ही भाभी को दोबारा से टच किया ,,अब वो भी भाभी को किस करने लगा,,,भाभी का एक हाथ सन्नी

की पीठ पर फिरने लगा जबकि भाभी ने एक हाथ मे अभी भी सन्नी के हाथ को पकड़ा हुआ था लेकिन

जल्दी से भाभी ने उस हाथ से सन्नी के हाथ को छोड़ा ऑर उस हाथ को भी सन्नी की पीठ पर ले गई ऑर

दोनो हाथों से सन्नी की पीठ का जायज़ा लेने लगी,,,,सन्नी मस्ती मे भरने लगा था लेकिन उसने भाभी

को हाथ लगाने की कोशिश नही की,,,वो तो बस भाभी को किस करते हुए मस्ती मे खोने लगा,,,,फिर भाभी

ने अपने एक हाथ को सन्नी के लंड पर रख दिया ऑर पॅंट के उपर से हल्के से मसल्ने लगी ऑर साथ ही

दूसरे हाथ से सन्नी के एक हाथ को पकड़ कर अपने बूब्स पर रख दिया,,,सन्नी ने भी मोका देख कर

मस्ती मे भाभी के बूब को ज़ोर से मसल दिया तो भाभी ने जल्दी से उसके हाथ को अपने बूब से हटा दिया

ऑर सन्नी को किस करते हुए उसके लंड को हल्के से मसल्ने लगी,,,कुछ पल बाद भाभी ने सन्नी

के हाथ को वापिस अपने बूब पर रखा तो इस बार सन्नी ने भाभी के बूब को ज़ोर से नही मसला बल्कि

हल्के से मसला तो भाभी ने उसके दूसरे हाथ को भी पकड़ कर अपने बूब पर रख दिया,,,सन्नी समझ

गया कि भाभी ज़ोर से नही प्यार से मसलवाना चाहती है अपने बूब्स को,,सन्नी ने भी अपनेआप ज़ोर नही

लगाया ऑर बड़े प्यार से भाभी के दोनो बूब्स को मसल्ने लगा,,,भाभी भी किस करते हुए सन्नी के

लंड को मसल्ति रही लेकिन ज़्यादा देर तक नही ,,,

 
भाभी ने सन्नी की पॅंट की ज़िप को खोल दिया ऑर सन्नी का पूरी ओकात मे आ चुका लंड एक झटके मे पॅंट

से बाहर निकल आया क्यूकी सन्नी को अब आदत नही थी पॅंट के नीचे अंडरवेार पहनने की,,,,सन्नी का नंगा

लंड हाथ मे आते ही भाभी ने उसको प्यार से आगे से पीछे तक सहलाना शुरू कर दिया ऑर साथ ही सन्नी को किस

करती रही ,,फिर भाभी ने सन्नी के लंड को हाथ से छोड़ दिया ऑर सन्नी की टी-शर्ट को अपने हाथ मे लेके उपर

उठाने लगी,,,सन्नी ने भी कोई देर नही की ऑर जल्दी से अपने दोनो हाथ हवा मे उठा दिए जिस से भाभी को कोई

परेशानी नही हुई सन्नी की टी-शर्ट निकालने मे ,,,,सन्नी ने टी-शर्ट ने नीचे भी कुछ नही पहना हुआ था इसलिए

उसका उपर वाला जिस्म नंगा हो गया था ,,,भाभी ने सन्नी के लिप्स पर हल्की किस करते हुए सन्नी की पॅंट को

खोलना शुरू कर दिया ओर कुछ ही पल मे सन्नी बिल्कुल नंगा हो गया लेकिन बूट पहने होने की वजह से सन्नी

की पॅंट उसके पैरो के पास जाके अटक गई,,,भाभी ने सन्नी का हाथ पकड़ा ओर सन्नी को बेड की तरफ़ ले गई ऑर

बेड के पास जाके भाभी ने सन्नी को बेड पर बैठा दिया ऑर खुद ज़मीन पर बैठ कर सन्नी के बूट को

उतारने लगी ,,,जब सन्नी के बूट भी उतार गये तो भाभी ने उसकी पॅंट की भी निकाल कर एक साइड पर रख दी,,

अब सन्नी पूरा नंगा हो गया था,,,,भाभी ने उसकी चेस्ट पर हाथ रखा ऑर उसको बेड पर पीछे की तरफ झुका

दिया ,,सन्नी भी आराम से पीछे की तरफ लेट गया,,,,

फिर कुछ देर तक कोई हरकत नही हुई ना की कोई आवाज़ हुई,,,,सन्नी बेड पर लेटा हुआ सोचने लगा कि आख़िर हो क्या

रहा है ,,,जब करीब 2-3 मिनट तक कुछ नही हुआ तो सन्नी से रहा नही गया उसने अपनी आँखों पर लगी

पट्टी खोलने के लिए अपने हाथ उपर किया लेकिन तभी भाभी ने उसके हाथ को पकड़ लिया इस से पहले सन्नी

कुछ ऑर करता भाभी ने उसके हाथ पर एक रस्सी बाँधी ओर उसके हाथ को बेड से बाँध दिया,,,सन्नी कुछ

घबरा गया कि आख़िर हो क्या रहा है उसने अपने दूसरे हाथ से पट्टी खोलने की कोशिश की लेकिन भाभी ने उसके

दूसरे हाथ को भी अपने हाथ मे पकड़ा ऑर सन्नी के लिप्स पर किस करदी जिस से सन्नी थोड़ा शांत हो गया तब

तक भाभी सन्नी के एक हाथ को बेड से बाँध चुकी थी ऑर अब किस करने के बाद दूसरे हाथ को भी बाँधने

लगी थी,,,,

जब सन्नी के दोनो हाथ बेड से बँध गये तो फिर कुछ देर तक कोई हरकत नही हुई लेकिन अब सन्नी

कुछ कर भी नही सकता था क्यूकी उसके हाथ बँधे हुए थे ,,,तभी सन्नी के लिप्स पर फिर भाभी के लिप्स

टच हो गये ऑर भाभी सन्नी के जिस्म के उपर लेट गई,,सन्नी को एहसास हो गया कि भाभी भी नंगी हो गई है

क्यूकी अपने जिस्म पर वो भाभी के नंगे जिस्म को महसूस कर पा रहा था,,अब सन्नी को कोई डर नही लगा ऑर

वो भाभी के साथ मस्ती करने लगा,,,,भाभी सन्नी को किस करती हुई उसके सर पर ऑर कभी कमर की दोनो तरफ

हाथ फेरने लगी थी करीब 5-8 मिनट तक दोनो ऐसे किस करते रहे ओर भाभी फिर से सन्नी के बदन से

उपर उठके बेड की एक तरफ बैठ गई ऑर अपने एक हाथ से सन्नी की चेस्ट को सहलाने लगी ,,,भाभी का सर सन्नी

के सर के करीब था ,,सन्नी को भाभी की साँसे अपने फेस पर महसूस हो रही थी इसलिए सन्नी ने अपने सर को

थोड़ा उपर उठा कर भाभी के सर के करीब कर दिया भाभी ने भी सन्नी की बात समझ कर सन्नी के लिप्स

पर फिर से किस करनी शुरू करदी ऑर साथ ही एक हाथ से सन्नी की चेस्ट को सहलाने लगी फिर कुछ देर बाद

भाभी ने सन्नी के लिप्स से अपने लिप्स अलग किए ऑर सन्नी की गर्दन पर किस करने लगी ऑर किस करते हुए सन्नी

की चेस्ट पर छोटी छोटी निपल्स पर अपनी उंगलियाँ घुमाने लगी ऑर बीच बीच मे निपल्स की कॅप को अपनी

उंगलियों मे दबा कर हल्के से मसल्ने लगी,,,,

 


अक्सर सन्नी औरतों के मुँह से अह्ह्ह निकलवाता था लेकिन अब

भाभी ने सन्नी के मुँह से अह्ह्ह्ह निकलवा दी थी,,,,,भाभी ने थोड़ा ज़ोर से निपल की कॅप को मसला तो सन्नी

की अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह निकल गई ,,भाभी ने सन्नी की चेस्ट पर किस करना शुरू कर दिया ऑर एक निपल पर किस करते

हुए दूसरी को हाथ से सहलाने लगी फिर दूसरी को किस करते हुए पहले वाली को हाथ से सहलाने लगी,,भाभी बारी

बारी से दोनो निपल को किस करती ऑर हाथ से सहलाती,,,सन्नी बस आराम से लेटा हुआ मस्ती के समंदर मा गोते

लगाने लगा था,,

कुछ देर बाद भाभी सन्नी की चेस्ट पर किस करते हुए अपने हाथ को सन्नी के लंड पर ले गई ऑर लंड को

हाथ मे लेके मसल्ने लगी जो लंड अपनी पूरी ओकात मे सर उठा कर खड़ा हुआ था,,,भाभी ने अपने हाथ

मे बड़े प्यार ऑर नज़ाकत से पकड़ा सन्नी के लंड को ऑर उपर से नीचे तक लंड की पूरी लंबाई जितना हाथ

उपर नीचे करने लगी ऑर साथ ही सन्नी को चेस्ट पर किस करते हुए उसकी निपल्स को हल्के हल्के किस करते हुए

दाँतों से काटने लगी,,,सन्नी भाभी की इस हरकत से थोड़ा हैरान हो गया था,,,,क्या ये वही भाभी है जो उस

दिन इतना शरमा रही थी इतना घबरा रही थी जो मेरे से नज़रे नही मिला रही थी ऑर आज मुझे बेड से बाँध

कर मेरे साथ ऐसी हरकते कर रही है,,,सन्नी अभी हैरत मे था कि जल्दी ही उसकी हैरत थोड़ी ज़्यादा बढ़ गई

ऑर उसने महसूस किया कि उसका लंड भाभी के मुँह मे चला गया है ,,,पहले तो भाभी ने हल्के से लंड की

टोपी पर किस की ऑर जल्दी ही लंड को मुँह मे भर लिया ऑर अपने मुँह को लंड पर उपर नीचे करने लगी ,,भाभी

पूरे लंड को मुँह मे नही ले रही थी बस आधे को मुँह मे लेके चूस रही थी,,वो कोशिश तो कर रही थी लेकिन

उसकी कोशिश नाकाम साबित हो रही थी क्यूकी अभी वो लंड चूसने मे थोड़ी कम अनुभवी थी ऑर इस बात का

सबूत था उसके दाँत जो बार बार सन्नी के लंड पर लग रहे थे लेकिन फिर भी सन्नी को मज़ा आ रहा था

क्यूकी वो इस बात से खुश था कि उस दिन तो भाभी ने उसके लंड को ज़्यादा चूसा ही नही था जिस दिन उसने भाभी

को शोभा दीदी के साथ मिलके बुटीक पर चोदा था लेकिन आज वो खुद अपनी मर्ज़ी से उसके लंड को चूस रही थी

इसी बात से सन्नी की मस्ती बढ़ती जा रही थी ऑर कुछ पल बाद सन्नी को ऑर ज़्यादा मस्ती चढ़ने लगी क्यूकी भाभी

ने अपने मुँह को थोड़ा ज़्यादा खोल लिया था जिस से सन्नी के लंड पर भाभी के दाँत लगने कम हो गये थे

ऑर भाभी ने लंड को थोड़ा ज़्यादा मुँह मे लेना शुरू कर दिया था,,,

कुछ देर बाद भाभी ने सन्नी के लंड को मुँह से निकाला ऑर सन्नी के उपर चढ़ गई ऑर अपनी टाँगे खोल

कर सन्नी के लंड के करीब अपनी चूत करके अपने हाथ से सन्नी के लंड को पकड़ा ऑर अपनी चूत मे घुसा

लिया ,,,,,,लंड अंदर जाते ही भाभी की एक तेज सिसकी निकल गई वो मस्ती मे आआआआहह अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह

करने लगी ऑर हल्के से सन्नी के लंड पर अपनी कमर को आगे पीछे करने लगी लेकिन भाभी इस खेल मे नई थी

शायद उस से खुद अपनी चूत चुदवाइ नही जा रही थी ,,,सन्नी भी इस बात को भाँप गया था उसने खुद अपनी

कमर को बेड से उपर उठाना शुरू कर दिया ऑर भाभी की चूत को चोदने लगा,,,भाभी ने भी रेस्पॉन्स

देते हुए अपनी कमर को हल्के से उपर नीचे करके सन्नी का साथ देना शुरू कर दिया ऑर सन्नी की चेस्ट पर

अपने हाथ रखकर सन्नी के निपल्स को मसल्ने लगी साथ ही अपने लिप्स को सन्नी के लिप्स पर रख कर किस करने

लगी,,सन्नी भी मस्ती मे अपनी स्पीड तेज करके अपनी कमर को बेड से उपर उठा कर भाभी की चूत चोदने

लगा ,,,,

सन्नी को मज़ा तो आ रहा था लेकिन ज़्यादा नही ,,क्यूकी उसके हाथ बढ़े हुए थे ऑर वो भाभी को

अपनी बाहों मे भरके चोदना चाहता था उसने नंगे जिस्म को टच करके महसूस करना चाहता था

इसलिए वो अपने हाथों को ज़ोर से झटके लगा ताकि उसके हाथ खुल जाए लेकिन भाभी ने उसके हाथ बड़ी मजबूती

से बाँध रखे थे जिसको खोल पाना सन्नी के बस मे नही था ,सन्नी बँधे हाथों से अपनी स्पीड को ऑर

ज़्यादा तेज नही कर पा रहा था ऑर ना ही भाभी को अपनी स्पीड तेज करने मे कोई कामयाबी मिल रही थी ,,जल्दी ही

सन्नी ने भी अपनी स्पीड स्लो करदी ऑर जब भाभी को इस बात का एहसास हुआ ऑर उनकी मस्ती कम होने लगी तो

भाभी ने अपने हाथ को आगे बढ़ा कर सन्नी के एक हाथ को खोल दिया ऑर सन्नी ने अपने हाथ के खुलते ही

उस हाथ को भाभी की पीठ पर रख दिया ,,तभी भाभी ने सन्नी के दूसरे हाथ को भी खोल दिया लेकिन सन्नी

ने उस हाथ को भाभी की पीठ पर नही रखा बल्कि उस से अपनी आँखों पर लगी पट्टी खोलने लगा ,,लेकिन

भाभी ने जल्दी से उसके हाथ को पकड़ लिया ऑर उसको पट्टी खोलने से मना कर दिया ,,,,,,,,सन्नी ने भी दोबारा

कोशिश नही की पट्टी खोलने की ओर अपने हाथ को भाभी की पीठ पर रख दिया ऑर भाभी को अपनी बाहों मे

भरके तेज़ी से अपनी कमर को उपर नीचे करने लगा ,,

 


हाथ खुलते ही सन्नी ने एक दम से अपनी स्पीड को तेज कर दिया था जिस से भाभी को फुल मस्ती चढने लगी ऑर

उनके मुँह से सिसकियाँ निकलने लगी,,,,,,,,,,,,,,,अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह उउह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह

हहयययययययययययययईईईईईईईई वो सिसकियाँ तो ले रही थी लेकिन कुछ बोल नही रही थी लेकिन सन्नी

के लिए तो उनकी सिसकियाँ ही काफ़ी थी क्यूकी भाभी की सिसकियाँ सुनकर सन्नी ऑर भी ज़्यादा मस्त हो गया ऑर पूरी

रफ़्तार से भाभी की चूत को चोदने लगा,,,,अब भाभी को भी एहसास हो गया कि उसके हाथ बँधे रहते तो

वो इतनी दमदार चुदाई नही कर सकता था ,,भाभी को अपनी ग़लती का एहसास हो गया क्यूकी भाभी को ऐसा कुछ

करना नही आता था कैसे उपर बैठ कर चुदाई करवाते है शायद उन्होने सूरज के साथ कभी ऐसा नही किया

था सन्नी को भी इस बता का पता चल गया था क्यूकी तभी तो भाभी उसके उपर बैठ कर खुद को चुदवा

नही पा रही थी,,

सन्नी भाभी की पीठ पर हाथ रखके अपनी कमर को बेड से उपर उठा उठा कर भाभी की चूत मे तेज

झटके मारता हुआ अपने लंड को भाभी की चूत की जड़ तक घुसा रहा था ऑर भाभी को पूरा मज़ा दे रहा

था ,,भाभी भी बदले मे अपने हाथों से सन्नी की निपल्स को अपनी उंगलियों मे दबा कर कभी हल्के से तो

कभी ज़ोर से मसल कर सन्नी को मस्त कर रही थी साथ ही सन्नी के लिप्स मे अपने लिप्स जकड कर किस कर रही थी,,

आज भाभी का अंदाज़ कुछ अलग लग रहा था सन्नी को ऑर इसी बात से सन्नी ज़्यादा ही मस्त हो रहा था क्यूकी

आज भाभी उसका पूरा साथ दे रही थी जबकि उस दिन बुटीक पर सारी मेहनत सन्नी को खुद ही करनी पड़

रही थी,,,,काफ़ी टाइम सन्नी ऐसे ही बेड से कमर उछाल उछाल कर भाभी की चूत मारता रहा फिर कुछ देर बाद

सन्नी उपर उठने लगा ऑर भाभी को पीठ से पकड़ कर सहारा देते हुए उठकर बैठ गया लेकिन इस दौरान ना

तो उसका लंड भाभी की चूत से बाहर निकला था ऑर ना भाभी ने अपने लिप्स सन्नी के लिप्स से दूर किए थे,,

सन्नी उठकर बैठ गया ऑर अपने हाथों को भाभी की पीठ से हटा कर भाभी की कमर पर रख दिए ऑर

भाभी की कमर को तेज़ी से आगे पीछे करके भाभी की चूत को अपने लंड पर आगे पीछे करने लगा,,,भाभी

ने भी उसका साथ देते हुए अपनी दोनो टाँगों को सन्नी की पीठ पर कस दिया ऑर खुद को सन्नी के लंड पर'

आगे पीछे करने की कोशिश करने लगी ऑर भाभी की ये कोशिश कामयाब भी हो गई ,,,सन्नी की पीठ पर

टाँगों की मजबूत पकड़ से भाभी को सन्नी के लंड पर अपनी चूत आगे पीछे करने मे सफलता प्राप्त

हो गई ,सन्नी भी भाभी की इस हरकत से खुश हो गया ऑर भाभी को उनकी गान्ड से पकड़ कर तेज़ी से आगे पीछे

करते हुए भाभी को पागलो की तरह किस करने लगा,,भाभी भी मस्ती मे उसी अंदाज़ से सन्नी को किस का

रेस्पॉन्स देने लगी ऑर साथ ही अपने हाथ सन्नी की निपल्स से हटा कर सन्नी की पीठ पर ले गई ऑर सन्नी को

बाहों मे भरके एक तो सन्नी की पीठ पर हाथ से सहलाने लगी ऑर उपर से हल्की पकड़ बना कर खुद को

ऑर भी ज़्यादा तेज़ी से सन्नी के लंड पर आगे पीछे करने की कोशिश करने लगी ऑर ये कोशिश भी कामयाब हो गई

अब तक सन्नी फुल मस्ती मे आ चुका था ऑर अब उस से ज़्यादा रुका नही जा रहा था उसने भाभी को पीठ

से पकड़ा ऑर बेड पर पीछे की तरफ झुकने लगा ,,कुछ पल मे ही भाभी पीठ के बल बेड पर लेट गई थी ऑर

सन्नी उसके उपर था लेकिन इस दौरान भी सन्नी का लंड भाभी की चूत से नही निकला था ऑर ना ही भाभी

के लिप्स सन्नी के लिप्स से दूर हुए थे वो अभी भी एक दूसरे को किस कर रहे थे ऑर एक दूसरे के लिप्स को चूस

चूसने का उसका स्वाद ले रहे थे लेकिन अब सन्नी भाभी के उपर आ गया था ऑर उपर आते ही सन्नी ने खुद

भाभी को चोदना शुरू कर दिया था जिस वजह से उसकी स्पीड चरम रफ़्तार तक पहुँच गई थी ऑर उसकी

मस्ती भी बहुत ज़्यादा हो गई थी उसी मस्ती मे उसने भाभी को खा जाने वाले अंदाज़ मे किस करना शुरू

कर दिया था अब वो कुछ ज्याद ही पागल हो गया था ऑर उसके पागलपन ने भाभी को भी कुछ ज़्यादा मस्त कर

दिया था भाभी ने भी उसको कस्के अपनी बाहों मे भर लिया ओर जबरदस्त तरीके से उसको किस करने लगी थी,,

भाभी मस्ती मे इस कदर पागल हो गई थी कि सन्नी की पीठ पर नाख़ून से खुरचने लगी थी जिस वजह से

सन्नी को हल्का दर्द होने लगा था लेकिन उसको इस दर्द मे ऑर भी ज़्यादा मज़ा आने लगा था क्यूकी ये दर्द कुछ

मीठा मीठा ऑर मस्त करने वाला था,,,,सन्नी ने अपने हाथ बेड पर टिका दिए ऑर भाभी के बदन से थोड़ा

उपर उठ गया जिस वजह से भाभी ऑर सन्नी के लिप्स एक दूसरे से दूर हो गये थे लेकिन भाभी के हाथ अभी

भी सन्नी की पीठ पर थे ,,,,लेकिन सन्नी के उपर उठने की वजह से वो हाथ पीठ से खिसक कर सन्नी की

कमर पर दोनो तरफ आ गये थे,,भाभी ने अपने हाथ सन्नी की कमर से हटा कर उसकी चेस्ट पर रख

दिए ऑर उसकी निपल्स को मसल्ने लगी ,,,

 


सन्नी के हाथ बेड पर थे ऑर उसका बदन भाभी के बदन से उपर उठ गया था जिस वजह से सन्नी को अपनी

स्पीड तेज करने मे आसानी हो गई थी ऑर उसके ऐसा ही किया उसने अपने लंड को पूरी तेज़ी से भाभी की चूत मे

पेलना शुरू कर दिया ऑर देखते ही देखते वो पूरी रफ़्तार पर आ गया ,,,बार बार पोज़ बदलने से सन्नी की

आँखों पर बँधी हुई पट्टी वहाँ से खिसक कर थोड़ी उपर हो गई लेकिन भाभी ने जल्दी से उसकी पट्टी को

फिर से सही जगह पहुँचा दिया ,,सन्नी को अब पट्टी की कोई फ़िक्र नही थी उसको भाभी को देखना भी नही

था क्यूकी अब तो वो फुल मस्ती मे आ चुका था ऑर पूरी तेज़ी से भाभी को चोद रहा था भाभी भी काफ़ी

टाइम से चुद रही थी ऑर अब उनकी सिसकियाँ भी तेज हो गई थी पहले तो सन्नी लगातार चुदाई करते हुए उनके

लिप्स पर किस कर रहा था इसलिए उनकी सिसकियाँ नही निकल रही थी लेकिन अब सन्नी ऑर भाभी के लिप्स आज़ाद थे

ऑर भाभी तेज़ी से सिसकियाँ ले रही थी तभी कुछ टाइम बाद भाभी की सिसकियाँ कुछ ज़्यादा ही तेज हो गई ऑर एक ही

पल बाद भाभी की चूत ने पानी निकालना शुरू कर दिया जिसका गर्म गर्म एहसास सन्नी को अपने लंड पर

होने लगा ऑर सन्नी की मस्ती बढ़ने लगी ऑर साथ ही उसकी स्पीड भी,,अब सन्नी ने स्पीड के साथ अपने धक्के

को भी तेज ऑर जोरदार कर दिया था भाभी की चूत से अभी भी पानी निकल रहा था जिस वजह से चूत काफ़ी

चिकनी हो गई थी सन्नी के तेज धक्के से जब भी सन्नी का लंड चूत पर टकराता तो पकच्छ पकच की आवाज़

होने लगती जिसका एक अलग ही शोर पेदा होने लगा था रूम मे ऑर सन्नी को मस्त करने लगा था ,,तभी सन्नी

की सिसकियाँ भी निकलने लगी ऑर उसकी स्पीड स्लो हो गई लेकिन धक्का ऑर भी ज़्यादा जबरदस्त हो गया उसका लंड

पूरे ज़ोर से भाभी की चूत की जड़ तक घुसने लगा भाभी की सिसकियाँ तो निकल रही थी लेकिन उसमे अब एक हल्का

मीठा दर्द भी शामिल हो गया था ,,अच्छी बात थी सन्नी झड़ने वाला हो गया था अगर कहीं उसको अभी ज़्यादा

टाइम लगने वाला होता तो भाभी की जान निकल जाती यहॉ सोच सोच कर भाभी खुश होने लगी ऑर सन्नी की

निपल्स को थोड़ा ज़ोर से अपने हाथ मे लेके दबाने लगी सन्नी को भी दर्द तो हो रहा था लेकिन अब वो मस्ती

के सातवे आसमांं तक पहुँच गया था जहाँ दर्द को कोई जगह बाकी नही रह गई थी अह्ह्ह्ह अह्ह्ह करते हुए

तेज सिसकियों के साथ ही सन्नी ने अपने लंड का पानी भाभी की चूत मे छोड़ना शुरू कर दिया जिस का गर्म

एहसास भाभी को दिल ही दिल मे खुश करने लगा जब तक सन्नी के लंड से निकलने वाले पानी की लास्ट ड्रॉप तक नही

गिर गई भाभी की चूत मे तब तक सन्नी हल्के हल्के धक्के लगाता रहा ऑर जब सन्नी का काम हो गया तो वो

बेड पर एक साइड गिर गया ऑर तेज़ी से हाँफने लगा ,,,उधर भाभी के भी यही हाल था वो भी पूरी तेज़ी से हाँफ रही

थी ऑर अपनी सांसो को स्थिर करने की कोशिश कर रही थी,,,

मैं बेड पर नंगा लेटा हुआ था साथ मे भाभी भी लेटी हुई थी लेकिन जब साँसे थमी ऑर हालत कुछ ठीक हुई

तो मुझे बेड पर किसी ऑर के होने का एहसास नही हो रहा था ,,,,रूम मे सन्नाटा था यहाँ तक कि भाभी की

साँस लेने की आवाज़ भी नही आ रही थी ,,,मैने अपनी आँखों पर लगी पट्टी नही उतारी बस अपने हाथ को बेड

पर आगे की तरफ ले गया ऑर बेड पर भाभी को टटोलने लगा लेकिन मेरा हाथ किसी चीज़ को टच नही हो रहा

था मतलब भाभी बेड पर नही थी ,,,तभी मेरे हाथ पर कुछ गीला गीला लग गया ऑर चिपचिपा भी हो ना हो

ये मेरा स्पर्म होगा जो भाभी की चूत से निकल कर बेड पर गिर गया होगा,,,मैं उठकर बैठ गया ऑर अपनी

एक आँख से पट्टी को थोड़ा उपर उठा दिया ऑर बेड की तरफ देखने लगा लेकिन मुझे कुछ भी नज़र नही आ रहा

था हर तरफ अंधेरा ही अंधेरा था क्यूकी मेरी आँखों पर काफ़ी टीएम से पट्टी बँधी हुई थी ,,,

में अपनी एकआँख को हल्के हाथ से मलने लगा ऑर बीच बीच मे थोड़ा झपकाने भी लगा फिर कुछ देर बाद मुझे

हल्का हल्का नज़र आने लगा,,,मैने बेड पर देखा तो भाभी वहाँ नही थी ,,मैने अपने हाथ की तरफ देखा

तो उसमे मेरा स्पर्म लगा हुआ था ,,मैने बेडशीट पर देखा तो बेड शीट काफ़ी गीली हो गई थी सिर्फ़ मेरे स्पर्म

की वजह से नही भाभी की चूत का पानी भी तो निकला था,,,मैने अपनी एक आँख से रूम मे इधर उधर देखा

बट रूम मे मेर अलावा कोई ऑर नही था ,,,ज़मीन पर मेरे ऑर भाभी के कपड़े बिखरे पड़े थे,,,मैने

अपने हाथ से दूसरी आँख से भी पट्टी हटाने की कोशिश की लेकिन तभी बाथरूम का दरवाजा खुला ऑर भाभी

बाहर आ गई ,,वो एक दम नंगी थी,,वो बाथरूम से खुद को सॉफ करके बाहर निकल रही थी तभी उनकी नज़र

मेरे पे पड़ी मैं उनको एक आँख से देख रहा था ,,,,वो जल्दी से शरमा कर वापिस बाथरूम मे भाग गई ,,

अब दूसरी आँख से पट्टी मत निकालना सन्नी,,,,,,,,,,,बाथरूम के अंदर से भाभी ने मुझे आवाज़ दी,,,,

मैं चुप रहा ऑर बाथरूम की तरफ एक आँख से देखने लगा ,,,

 


तभी कुछ देर बाद भाभी फिर बाथरूम से बाहर निकल आई लेकिन इस बार वो नंगी नही थी उनके जिस्म

पर एक टवल था जिसको उन्होने अपने बूब्स से लेके चूत के थोड़ा सा नीचे तक बँधा हुआ था लेकिन फिर

भी वो शरमा रही थी,,,,,

मैं अभी भी उनको एक आँख से देख रहा था लेकिन मैने दूसरी आँख से पट्टी नही उठाई थी,,,,

तुझे कहा था ना पट्टी मत उतारना,,,भाभी ने मेरे पास आके मेरी आँख पर लगी पट्टी को वापिस नीचे किया ऑर

मेरे गाल पर हल्के से थप्पड़ मारा,,,,

अरे भाभी अब इतना क्यूँ शरमाती हो ,,मैं पहले भी तो आपको ऐसी हालत मे देख चुका हूँ ऑर आपके साथ

सब कुछ कर चुका हूँ फिर भला अब ये शर्म कैसी,,,,,,,,,

तब हालात कुछ ऑर थे उस दिन सन्नी मैं मजबूर थी वो सब करने को,,,भाभी ने मेरे पास बैठ

कर मेरे हाथ को अपने हाथ मे ले लिया,,,,वैसे थोड़ी मजबूर भी थी तेरी वजह से

अच्छा तो आज भी आप मजबूर थी ऑर वो भी मेरी वजह से,,,,

हाँ आज भी मजबूर थी ऑर मजबूर नही भी थी,,,,,आज तो मेरा दिल कर रहा था तेरे से मिलने को ,,,तभी तो,,,

तभी तो क्या भाभी,,,,

तभी तो तुझे झूठ बोल कर यहाँ बुलाया था ,,तबीयत ठीक नही होने का बहाना किया था,,,इतना बोलकर

भाभी हँसने लगी,,,,

मैं भी दिल ही दिल मे हँसने लगा,,,,,लेकिन उपर उपर से नाटक करने लगा,,,,

क्या भाभी अपने झूठ बोलकर मुझे यहाँ बुला लिया ऑर वहाँ पता है कितनी इंपॉर्टेंट क्लास मिस हो गई मेरी

अच्छा कॉलेज की क्लास इंपॉर्टेंट थी ऑर मैं इंपॉर्टेंट नही हूँ क्या तेरे लिए,,,,क्या वहाँ क्लास मे ही मज़ा

आता तेरे को ओर यहाँ मज़ा नही आया क्या,,,,

ऐसी बात नही है भाभी कॉलेज की क्लास से ज़्यादा इंपॉर्टेंट तो आपकी क्लास है जिसमे कॉलेज से ज़्यादा मज़ा आया

मुझे लेकिन अपने मज़ा थोड़ा किरकिरा भी कर दिया आज,,,,

मज़ा किरकिरा कर दिया,,भाभी थोड़ा उदास हो गई,,,लेकिन मैने तो तेरे को ससप्राइज़ दिया तुझे सर्प्राइज़ अच्छा

नही लगा क्या,,,भाभी सच मे उदास होके बोल रही थी,,,

कॉन्सा सुरप्राइज़ भाभी,,,,

कॉन्सा सर्प्राइज़,,ये भी बताना पड़ेगा क्या अब मुझे सन्नी,,,

मैने भाभी के फेस की तरफ अपना फेस किया ऑर भाभी के गाल पर किस करदी ,,

इतने प्यार से मैने आज तेरा लंड चूसा ऑर तुझे सर्प्राइज़ दिया ऑर तू पूछता है कॉन्सा सर्प्राइज़,,,,उस दिन तो

मैं तेरा लंड ठीक से चूस नही पाई थी क्यूकी अंजान थी इन सब बातों से इसलिए आज मोका देख कर तुझे

झूठ बोलके यहाँ बुलाया ताकि तेरा लंड चूस सकूँ ऑर तुझे उस दिन के लिए थन्क्ष्क्ष्क्ष बोल सकूँ लेकिन तू है

की पूछता है कॉन्सा सर्प्राइज़,,,,,भाभी ने फिर से थोड़ा उदास होके बोला,,,,

अच्छा तो आप उस सर्प्राइज़ की बात कर रही हो मुझे लगा कि ये आँखों पर पट्टी वाली बात को आप सर्प्राइज़ बोल

रही हो ,,,,मैं तो इस पट्टी वाली बता को बोरिंग बोल रहा था भाभी इसी ने तो सारा मज़ा किरकिरा किया है जिस

वजह से मैं आपके खूबसूरत ऑर नंगे जिस्म को जी भरके नही देख पाया,,,आपका वो लंड चूसने वाला

सर्प्राइज़ तो बहुत अच्छा लगा मुझे ओर आज तो अपने बहुत अच्छे से चूसा मेरे लंड को भाभी सच मे बहुत

मज़ा आया मुझे,,,,

तभी भाभी खुश हो गई ऑर मेरे सीने से लग गई,,सच मे सन्नी तुझे मज़ा आया जब मैने तेरा लंड चूसा

मुझे तो लगा था आज मैं ठीक से नही कर पाउन्गी थोड़ा दर भी रही थी क्यूकी कभी ऐसा नही किया मैने

आज तक,,,सबसे पहला लंड तेरा है जिसको मैने मुँह मे लिया,,,,

क्यू भाभी सूरज भाई का लंड नही लिया क्या कभी मुँह मे ,,,,,

नही सन्नी वो ऐसा कुछ नही करते बस मैं नीचे लेट जाती हूँ ऑर वो उपर आके 2 मिनट मे अपना काम

करते है ऑर सो जाते है ,,ना तो कभी मेरी चूत को चाटते है ऑर ना कभी आज तक उन्होने मुझे अपना लंड

चुस्वाया है ऑर मैं भी इन सब बातों से अंजान थी अभी तक ,,वो तो उस दिन तुझे ऑर शोभा को ऐसा करता

देख एक अलग ही मज़ा आया मुझे,,,इसलिए तो तुझे यहाँ बुलाया है मैने,,,ताकि तेरा लंड चूस सकूँ ऑर तुझे

खुश कर सकूँ,,,

भाभी मुझे खुशी तो हुई पर इस पट्टी ने मज़ा खराब कर दिया,,,,क्या अब इसको उतार दूं मैं,,,,

नही सन्नी इसको मत उतरना प्लीज़ इस पट्टी की वजह से मैं तुम्हारे साथ हूँ इसी पट्टी ने तो मेरी हिम्मत

बढ़ाई है आज ऑर मैं इतना सब कुछ कर सकी हूँ,,,वर्ना मेरी तो कभी हिम्मत ही नही होती तेरे सामने यू

कपड़े उतारने की,,,, ऑर अगर ये पट्टी उतर गई तो मैं यहाँ से चली जाउन्गी ऑर तुझे तेरा दूसरा सर्प्राइज़ भी

नही दूँगी,,,,इतना बोलकर भाभी थोड़ा हँसने लगी,,,

कॉन्सा दूसरा सर्प्राइज़ भाभी,,,मैने एक्सिट्मंट मे पूछा,,

क्यू बताऊ कॉन्सा सर्प्राइज़ ,,तूने तो पट्टी उतारनी है ना आँखों से तो उतार दे ,,,

नही उतारता इस पट्टी को भाभी लेकिन जल्दी बताओ ना कॉन्सा दूसरा सर्प्राइज़,,

तभी भाभी बेड से उठी ऑर शायद खड़ी हो गई थी उन्होने ने मेरा हाथ पकड़ा ऑर अपनी गान्ड पर रख दिया

मैं तो एक दम से खुश हो गया था क्या मस्त गान्ड थी उनकी ऑर उसके उपर आयिल भी लगा हुआ था जो भाभी

शायद बाथरूम से लगा कर आई थी ,,मैने भाभी की चिकनी आयिल लगी गान्ड पे हाथ घमाया ऑर हलके से अपनी

एक उंगली भाभी की गान्ड के हॉल के करीब करदी गान्ड पर बहुत ज़्यादा आयिल लगा हुआ था जिस से उंगली फिसल कर

गान्ड मे घुस गई ऑर भाभी के मुँह से हल्की अयाया निकल गई,,,,,,,,ऑर इधर मेरा लंड फिर से ओकात मे आ

गया,,,,,

क्यू कैसा लगा दूसरा सर्प्राइज़ ,,इतना बोलकर भाभी ने मेरा हाथ गान्ड से हटा दिया ऑर मेरे लिप्स पर किस

करने लगी,,,,किस करते हुए भाभी ने मुझे वापिस बेड पर लेटा दिया ऑर खुद मेरे उपर आ गई जब मैं

बेड पर लेट गया तो भाभी ने फिर से मेरे हाथ बाँधने की कोशिस की,,,,

अरे भाभी आँखों पर पट्टी तो ठीक है लेकिन ये हाथ क्यू बाँध रही हो,,इनको तो खुले रहने दो,,,,

नही सन्नी हाथ भी बाँधने ज़रूरी है क्यूकी इसका भी एक अलग ही मज़ा है ऑर वैसे भी अब मैं काफ़ी कुछ

सीख चुकी हूँ तेरे ऑर शोभा से अब मैं सब ठीक से कर लूँगी,,,

लेकिन भाभी पहली बार भी ठीक से नही हुआ था आपसे तो अब कैसे होगा ,,पहले भी आपको मेरे हाथ खोलने

पड़े थे,,,,

ठीक है अगर इस बार भी मेरे से सही से नही हुआ तो मैं तेरे हाथ खोल दूँगी लेकिन अभी तो बाँधने दे

फिर मैं कुछ नही बोला ऑर आराम से लेट गया भाभी ने मेरे हाथ फिर से बाँध दिए ऑर एक पल के लिए मेरे

से दूर हट गई ऑर वापिस मेरे करीब होके मुझे किस करने लगी ऑर किस करते हुए मेरे उपर लेट गई,,,

भाभी अब फिर से नंगी हो गई थी उन्होने टवल निकाल दिया था ,,उनका नंगा जिस्म मेरे नंगे जिस्म पर

महसूस करके मैं फिर से मस्त हो गया था लंड तो पहले से ओकात मे आ गया था जब हाथ भाभी की आयिल

वाली चिकनी गान्ड पर रखा था लेकिन अब तो लंड मे हल्का दर्द होने लगा था मैं बस जल्दी से अपने लंड

को भाभी की गान्ड मे घुसा देना चाहता था,,,

लेकिन भाभी को कोई जल्दी नही थी जबकि मुझे डर लग रहा था कहीं खेल ख़तम होने से पहले कविता नही

आ जाए कॉलेज से,,,,

भाभी मेरे उपर लेट कर मुझे किस करते हुए मेरे जिस्म पर हाथ फेरने लगी,,,,मैं भी भाभी को पूरी

मस्ती से किस का रेस्पॉन्स देने लगा ,,,,,

हाई कितना मज़ा आता है तेरे साथ ऐसे नंगे होके लेटने मे सन्नी ,,जी करता है सारा दिन तेरे साथ ऐसे ही बेड

पर लेटी रहूं ऑर तेरे जिस्म से खेलती रहूं,,,तेरे मूसल लंड को चूत मे लेके बेड पर सोती रहूं सारा दिन,,,

जो दिल करता है करो भाभी ऑर जितना टाइम मेरे साथ सोना है आराम से सोती रहो मुझे कोई प्राब्लम नही है,,

तुझे नही है लेकिन मुझे तो है ना,,,,कभी भी कोई भी आ सकता है ,,

कों आ सकता है भाभी,,,,,कविता अभी कॉलेज मे होगी ऑर सूरज भाई ऑफीस मे,,,अपनी सास ऑर ससुर तो बाहर सिटी

मे है तो फिर कॉन आ सकता है,,,,

उनमे से तो कोई नही आ सकता बट कोई ऑर भी तो आ सकता है ना,,,जैसे कोई पड़ोसी या कोई ऑर,,,

अरे भाभी पड़ोसी घर के अंदर तो नही आएगा ना ऑर वो कॉन्सा रोज रोज आएगा,,,रोज रोज का डर तो घरवालो का

होता है,,,,,

हाँ सन्नी ठीक कहा तूने ,,,,काश कुछ ऐसा हाल हो जाए इस मुश्किल का कि हम दोनो जब दिल करे तब मस्ती कर

सके किसी घर वाले के आने का भी डर नही हो,,,काश किसी तरह से ये मसला हल हो जाए तो हम दोनो जब दिल

करे तब मस्ती कर सकते है वो भी बिना किसी डर के,,,,लेकिन इतनी किस्मत कहाँ इतनी जल्दी ऑर इतनी आसानी से ये मसला हल होने वाला कहाँ,,,,

मैने दिल ही दिल मे सोचा कि भाभी आप कविता को इस खेल मे शामिल कर लो फिर सब ठीक हो जाएगा क्यूकी वही

है जो कॉलेज से जल्दी आ जाती है सूरज भाई तो रात को ही आता है,,अगर कविता खेल मे शामिल हो गई तो हम सूरज

भाई के आने तक तो मस्ती कर ही सकते है ऑर वो भी सारा दिन,,बिना किसी डर के,,,,

हाँ भाभी ये मुश्किल इतनी जल्दी ऑर आसानी से हल होने वाली कहाँ है,,,ओर वैसे भी इस मुश्किल को आपको ही हल करना होगा ,,मैं इसमे कोई हेल्प नही कर सकता आपकी,,,,

जानती हूँ सन्नी लेकिन मुझे समझ नही आता कैसे हल होगी ये मुश्किल ,,,,

चलो छोड़ो भाभी जब हल होगी तब होगी अभी तो हम लोग मस्ती करते है अब भला क्यू फालतू की टेन्षन लेके

टाइम वेस्ट करना,,,,मैने अभी इतना बोला ही था कि भाभी फिर से मेरे लिप्स पर किस करने लगी ऑर अब भाभी

ने मेरे लंड को भी हाथ मे ले लिया था जो पूरी ओकात मे आ गया था,,,

 


भाभी कुछ देर ऐसे ही मुझे किस करती रही और लंड को हाथ मे लेके मसल्ति रही फिर कुछ देर बाद भाभी

मेरे जिस्म से उपर उठ गई ऑर मेरे लिप्स से अपने लिप्स दूर करके मेरी चेस्ट पर किस करने लगी ऑर साथ ही मेरे

लंड को मसलती रही ,,,,फिर भाभी मेरी चेस्ट से नीचे की तरफ बढ़ने लगी ऑर नीचे बढ़ती हुई अपने लिप्स को मेरी

चेस्ट पर टच करने लगी ऑर हल्की हल्की किस करके नीचे बढ़ती रही,,,,कुछ देर बाद भाभी फिर से मेरे लंड

के करीब पहुँच गई ऑर लंड पर अपने लिप्स रख कर हल्की किस करने लगी,,,,ऑर जैसे ही भाभी मे अपना मुँह

खोला ऑर मेरे लंड को मुँह मे लेने लगी तभी बाहर डोर बेल बजी,,,,

मेरो तो गान्ड ही फॅट गई ऑर शायद भाभी की भी,,,,,,,

मुझे लगा कि शायद कविता आ गई ऑर अगर कविता आई है तो पक्का साथ मे सोनिया भी होगी ऑर अगर उसने मुझे

इस हालत मे देख लिया तो मेरी मौत पक्की है आज,,मेरे को तो पसीना आने लगा ऑर शायद रंग भी पीला पड़ गया

था मेरा,,,,

तभी भाभी एक दम से बेड से उठी,,,,तुम यही रूको मैं देखती हूँ कॉन है,,,

मेरे हाथ तो खोल दो भाभी ताकि मैं जल्दी से कपड़े पहन सकूँ ,,,,,

तुम टेन्षन मत लो आराम से यहीं लेटे रहो ऑर कोई आवाज़ मत करना मैं देखती हूँ कॉन है बाहर ,,,

लेकिन भाभी,,,,,मैं अभी बोलने ही लगा था कि भाभी ने मेरे मुँह पर हाथ रख दिया,,,,बोला ना चुप करके

लेटे रहो को आवाज़ मत करना मैं देख कर आती हूँ कॉन है बाहर,,,,,,,,,

इतना बोलकर भाभी पीछे हट गई ओर फिर कोई 2-3 मिनट बाद मुझे भाभी के रूम का दरवाजा खुलने ऑर

बंद होने की आवाज़ आई,,,,,,भाभी रूम से बाहर चली गई थी,,,,ऑर मैं यहाँ बेड पर लेटा हुआ डर से काँप

रहा था ,,मेरी गान्ड फटी हुई थी मेरी बॉल्स मेरे गले मे अटकी हुई थी,,,मैं उठकर कपड़े पहनना चाहता

था लेकिन मेरे हाथ बँधे हुए थे मैं कुछ नही कर सकता था बस दुआ ही कर सकता था कि बाहर जो कोई

भी है वो इस रूम मे नही आए,,,

मैं अंदर बेड पर लेटा हुआ था दोनो हाथ बेड से बँधे हुए थे आँखों पर भी पट्टी बँधी हुई थी,,बाहर

डोर बेल बजी ऑर भाभी बाहर चली गई,,,,अंदर मेरी बेड पर लेटे हुए ही गान्ड फटी हुई थी ये सोच सोच कर

कि बाहर गेट पर कॉन आया होगा,,,सबसे ज़्यादा डर था मुझे कविता के आने का लेकिन उस से भी कहीं ज़्यादा डर

था मुझे कविता के साथ सोनिया के आने का क्यूकी अगर कविता मुझे ऐसी हालत मे देख लेती तो मुझे इतना फ़र्क

नही पड़ने वाला था ,वैसे पंगा तो तब भी बहुत होना था लेकिन अगर सोनिया मुझे ऐसी हालत मे यहाँ देख

लेती तो मेरी मौत आज पक्की थी ,,,,,,यही बिस्तेर मे मेरी लाश मिलनी थी आँखों पर पट्टी ऑर हाथ बँधे हुए,,

मैं बेड पर लेटा पता नही क्या क्या सोच रहा था तभी रूम का दरवाजा खुला ऑर कोई अंदर आ गया,,मेरी

गान्ड अभी भी फटी हुई थी लेकिन जल्दी ही मैं शांत हो गया क्यूकी अंदर आते ही भाभी की आवाज़ मेरे कानो

मे पड़ी थी,,,,,

इतना पसीना क्या आ गया है तुमको सन्नी ,,,,,,,एसी ऑन है फिर भी तुमको गर्मी लग रही है क्या,,,,इतना बोलके

भाभी हँसने लगी,,,,

आग लगाओ एसी को भाभी आपको मज़ाक सूझ रहा है यहाँ मेरी गान्ड फटी हुई थी,,कॉन आया था गेट पर,,,,

अच्छा तेरी भी फटी है क्या ,,मुझे तो लगा था तू ही सब्की फाड़ता है,,भाभी फिर हँसने लगी,,,,

आज भाभी कुछ ज़्यादा ही खुल कर बातें कर रही थी ,,,,या तो मेरे साथ मस्ती का असर था या फिर मेरी आँखों

पर बँधी हुई पट्टी का असर जिस वजह से भाभी बिल्कुल भी शर्म नही रही थी,,,,

हाँ भाभी ऐसे मोके पर मेरी भी कभी कभी फॅट जाती है,,,बोलो ना कॉन आया था गेट पर,,,,

इतना मत डरो कोई नही था तुम टेन्षन मत लो,,,,

कोई नही था फिर डोर बेल अपने आप बजने लगी थी क्या,,,,

अरे मेरा मतलब घर का कोई सदस्य नही था,,पोस्टमॅन था,,,,अब चला गया है,,,,

अच्छा पोस्टमॅन था,,,,,,पोस्टमॅन का सुनकर मेरी जान मे जान आ गई,,,

अच्छा तो पोस्टमॅन से आपका कोई चक्कर वक्कर है क्या,,,मैने हँसते हुए भाभी से पूछा,,,मेरा डर अब

कहीं उड़ गया था इसलिए मैं भी भाभी से मस्ती करने लगा था,,,,

चक्कर ???????कैसा चक्कर सन्नी,,,,,,,,,,

अरे आप पोस्ट मॅन को मिलने बिना कपड़ो के बाहर भाग गई थी इसलिए पूछा,,,,

चल बेशरम मैं बिना कपड़ो के थोड़ी गई थी,,कपड़े पहन कर गई थी,,नही यकीन तो ये देख ले,

भाभी मेरे पास आई ओर अपने बूब्स मेरे मुँह पर रख दिए,,,,मुझे भाभी के जिस्म पर कपड़ो का एहसास हुआ

देख कुछ महसूस हुआ मेरे जिस्म पर कपड़े है या नही,,,,इतना बोलकर भाभी भी हँसने लगी

मैने भी अपना मुँह खोला लेकिन हँसने के लिए नही ,,मैने भाभी के एक बूब को उनके कुर्ते के उपर से ही मुँह

मे भर लिया ओर हल्के से काट दिया,,,,

भाभी एक मुँह से आह्ह्ह्ह्ह्ह निकल गई,,,,,,,,,,थोड़ा आराम से करले मैं कहीं भागी जा रही हूँ क्या,,इतना बोलके

भाभी पीछे हट गई ,,शायद फिर कपड़े उतारने लगी थी,,,,,,

भाभी ये पट्टी खोल दो ना मुझे आपके नंगे ऑर खूबसूरत जिस्म को देखना है,,,,

नही सन्नी अगर पट्टी खोल दूँगी तो कुछ नही कर सकूँगी मैं ,,,बस शरमाती रह जाउन्गी ,,,अब पट्टी की वजह

से शरम दूर हुई है मेरी ऑर मस्ती करने की हिम्मत आई है,,,प्लीज़ इस पट्टी को ऐसे ही रहने को ऑर मस्ती करो

मेरे साथ मिलकर,,,इतना बोलकर भाभी बेड पर आ गई ऑर आते ही मुझे किस करने लगी,,किस करते हुए मेरे जिस्म

से एक दम सट गई थी मुझे पता चल गया था कि भाभी फिर से नंगी हो गई है जिस से मुझे मस्ती से छेड़ने

लगी थी ऑर मेरा लंड फिर से ओकात मे आने लगा था भाभी ने भी जल्दी से मेरे लंड को हाथ मे ले लिया ऑर

किस करते हुए लंड की मूठ मारने लगी,,,फिर कुछ देर बाद भाभी उठकर बैठ गई क्यूकी बेड बहुत ज़्यादा हिला

था,,,भाभी ने उठकर मेरे लंड को तेज़ी से हाथ मे लेके मूठ मारना शुरू कर दिया,,,,

अब देख मैं क्या हाल करती हूँ तेरा सन्नी,,,इतना बोलकर भाभी मेरे लंड पर झुक गई ऑर मेरे लंड को

मुँह मे ले लिया,,,पहले तो हल्के हल्के अपने सॉफ्ट लिप्स से मेरे लंड की टोपी पर किस करने लगी फिर लंड की टोपी

पर अपनी ज़ुबान घुमाने लगी ऑर लंड की टोपी को अपनी ज़ुबान से चाटने लगी फिर कुछ देर बाद मुँह को थोड़ा

ज़्यादा खोलकर लंड को मुँह मे भर लिया ऑर हल्के हल्के सर को उपर नीचे करने लगी ,,,,कुछ देर तो मुँह को

उपर नीचे करती रही फिर रुक कर आधे से ज़्यादा लंड को मुँह मे लेके अपने मुँह मे मेरे लंड पर अपनी

ज़ुबान घुमाने लगी ,,भाभी मुँह मे अंदर अपनी ज़ुबान से मेरे लंड के साथ खेलने लगी,,,मुझे बड़ा

मज़ा आने लगा था क्यूकी अब भाभी बहुत कुछ सीख गई थी,,अब तो लंड चूसने का अंदाज़ भी बिल्कुल मस्ती

भरने वाला हो गया था,,,भाभी मेरे लंड को पूरा मुँह मे लेने की कोशिस करने लगी लेकिन इतना बड़ा लंड

मुँह मे लेना अभी भाभी के बस की बात नही थी इसलिए वो आधे से थोड़ा ज़्यादा लंड को मुँह मे भरके चूसने

लगी थी,,जिस तरह से पहली बार उन्होने मेरा लंड चुसाइ था उस अंदाज़ से तो आज का अंदाज़ काफ़ी बेहतर लग

रहा था उनका,,मेरा आधे से ज़्यादा लंड उनके मुँह मे था जो उनके लिए बहुत बड़ी बात थी ऑर मेरे लिए भी

क्यूकी पहली बार तो वो आधा लंड भी मुँह मे नही ले पा रही थी ऑर आज तो आधे से भी ज्याद लंड मुँह मे ले

रही थी,,,भाभी आधे से ज़्यादा लंड को मुँह मे लेके चूस रही थी ऑर बाकी बचे लंड पर अपने हाथ से मूठ

मार रही थी भाभी के लंड चूसने का अंदाज़ बहुत निराला हो गया था ऑर नये खिलाड़ी से लंड चुसवाने की

एक्सिट्मांट ने मुझे कुछ ज़्यादा ही मस्त कर दिया था मुझे लगने लगा था कि मेरा लंड अब पानी छोड़ने

वाला है ऑर छोड़ता भी क्यू नही भाभी पीछे 10-15 मिनट से मेरे लंड को बड़े मस्त अंदाज़ मे चूस

रही थी ऑर साथ ही मूठ भी मार रही थी मुझे लगा कि अब मेरा होने ही वाला है लेकिन तभी भाभी ने

मेरे लंड को मुँह से निकाल दिया,,,,

 


भाभी म्मूउहह सीई क्क्यययूउ ननीककाल्ल्ला चुउस्स्त्ती र्राहहू नाआ म्मेरेरा हहूननी हहीी व्वाल्ला

हहाइईईईई,,,,,,,,,,,

नही सन्नी अभी नही होने देना अपना कम अभी तो मुझे तेरे को दूसरा सर्प्राइज़ देना है इतना बोलकर भाभी

मेरे उपर आने लगी,,,,

भाभी आपकी पहली बार गान्ड मारनी है मुझे आप उपर मत आओ मेरे हाथ खोल दो ताकि मैं खुद आपकी गान्ड

मार सकूँ आप से पहली बार मे नही होगा प्लाज़्ज़्ज़ मेरे हाथ खोल दो मेरा वैसे भी होने ही वाला है ,,

ठीक है लेकिन अपनी पट्टी मत खोलना ऑर तेरा हाथ भी एक ही खोलूँगी मैं दूसरा नही,,,,

ठीक है भाभी एक हाथ खोल दो लेकिन जल्दी खोलो अब रुका नही जाता मेरे से ,,जल्दी से अपना मूसल आपकी

गान्ड मे घुसाने को दिल कर रहा है ,,,,,,भाभी आगे बढ़ी ऑर मेरा एक हाथ खोल दिया ,,,,,,

मैं उठकर बैठ गया इतने मे भाभी मेरे सामने झुक कर कुतिया बन गई क्यूकी उनकी गान्ड मेरे करीब

थी ऑर मेरा हाथ उनकी पीठ पर आ गया था मैने हाथ को उनकी गान्ड की तरफ ले जाना शुरू किया इतने मे उन्होने

मेरे हाथ को अपने हाथ मे पकड़ लिया ऑर अपनी गान्ड पर रख दिया,,उनकी गान्ड पर अभी भी थोड़ा आयिल लगा हुआ

था कुछ आयिल कपड़े पहनने की वजह से कपड़ो पर लग गया होगा बहभही के लेकिन थोड़े आयिल से भी भाभी की

गान्ड काफ़ी चिकनी लग रही थी ओर इधर मेरा लुडन भी भाभी के थूक की वजह से काफ़ी चिकना हो गया था मैने

लंड को हाथ मे लिया ऑर भाभी की गान्ड के होल पर रखा ऑर हलके से ज़ोर लगाया लेकिन लंड गान्ड मे नही गया

मैने फिर कोशिस की ऑर थोड़ा थूक गान्ड पर लगा दिया जिस से गान्ड का होल ज़्यादा चिकना हो गया एक तो

पहले से गान्ड पर आयिल लगा हुआ था उपर से मेरा थूक लगने से गान्ड ज़्यादा चिकनी हो गई थी ,,,मैने अपने

लंड को हाथ मे लिया ऑर हल्के से ज़ोर लगाया तो लंड गान्ड मे घुस गया तभी भाभी की दबी हुई सिसकी निकल्ने

लगी लेकिन भाभी ने मुँह पर हाथ रखके सिसकी को दबा दिया इसलिए हल्की सी आवाज़ निकली भाभी के मुँह से लेकिन

वो आवाज़ मुझे कुछ ठीक नही लगी खैर मैने लंड को पीछे किया ऑर फिर से हल्का ज़ोर लगा कर आगे किया तो

इस बार आधा लंड भाभी की गान्ड मे चला गया भाभी की फिर दबी हुई आवाज़ निकली ,,मैने ऑर ज़्यादा लंड

घुसाना मुनासिब नही समझा क्यूकी भाभी की पहली गान्ड चुदाई थी इसलिए लेकिन मुझे भाभी की गान्ड इतनी भी

ज़्यादा टाइट नही लग रही थी हालाकी उनकी पहली गान्ड चुदाई थी उनकी गान्ड तो टाइट होनी चाहिए थी फिर मुझे

याद आया कि शोभा ने भाभी की गान्ड मे नकली लंड देके इसको थोड़ा खोल दिया था हो सकता है भाभी ने भी अपनी

गान्ड मे कुछ लिया हो ताकि वो अपनी गान्ड को थोड़ा खुली कर सके मेरे बड़े मूसल के लिए ,,,,

भाभी की गान्ड भले ही थोड़ी खुल गई थी लेकिन फिर भी मेरा बड़ा मूसल पूरा टाइट होने अंदर बाहर हो रहा था

क्यूकी एक तो भाभी की गान्ड मे पहली बार असली लंड गया था दूसरा मेरा लंड था ही इतना मोटा की खुली गान्ड मे भी

पूरी रगड़ ख़ाता हुआ अंदर जाता था ऑर ये तो नई नवेली गान्ड थी,मुझे ऐसा लग रहा था मैं अपने दोनो हाथों

पर आयिल लगा कर अपने लंड को माजब्बूती से पकड़ कर मूठ मार रहा हूँ मुझे सच मे भाभी की गान्ड मारने

बहुत मज़ा आ रहा था ,,,,इतना मज़ा आ रहा था कि मुझे बीच बीच मे एक ज़ोर का मस्ती भरा झटका लगा रहा

था ,,,

मैं अपना एक हाथ भाभी की पीठ पर रख कर तेज़ी से भाभी की गान्ड मार रहा था कि तभी मुझे एक

जबरदस्त झटका लगा ,,कुछ देर बाद मैने अपनी स्पीड थोड़ी तेज करदी लेकिन अभी भी मैं आधे लंड से ही भाभी

की गान्ड मार रहा था पूरा लंड घुसने का दिल तो कर रहा था लेकिन डर भी लग रहा था कहीं पूरा लंड एक

झटके मे घुसा दिया तो भाभी को दर्द होगा ऑर कहीं दर्द ज़्यादा हो गया तो भाभी मुझे मस्ती नही करने देगी

फिर अपना हाथ जगन-नाथ करके ही पानी निकालना पड़ेगा इसी बात से डर कर मैं आधे लंड से ही भाभी की गान्ड

मारने लगा लेकिन मेरी स्पीड तेज थी,,मेरी स्पीड तेज होने से भाभी की सिसकियाँ शुरू हो गई लेकिन साथ ही मुझे एक

दबी दबी आवाज़ सुनाई दे रही थी शायद भाभी अपने मुँह पर हाथ रख लेती थी सिसकियाँ लेते टाइम,,मेरा हाथ

भाभी की पीठ पर था ,,हाई क्या मस्त कोमल पीठ थी उनकी हाथ फिसलता ही जा रहा था एक दम पतली कमर ऑर

वो भी संगमरमर की तरह एक दम चिकनी,,हाथ घुमाने की ज़रूरत नही हाथ रखते खुद ही अपने आप फिसलने

लग जाता था लेकिन मेरा हाथ उनकी पूरी पीठ तक नही आ पा रहा था,,मैने अपने हाथ को भाभी के बूब्स तक ले जाने

की कोशिश की लेकिन नाकाम रहा क्यूकी मेरा एक हाथ अभी भी बेड से बँधा हुआ था ,,ऐसी हालत मे मेरा हाथ

उनकी आधी पीठ तक ही जा रहा था उनके बूब्स तक भी नही पहुँच रहा था ,,,लेकिन उनकी आधी नंगी पीठ पर ही

हाथ घुमा घुमा कर मेरी मस्ती बढ़ने लगी थी बीच बीच मे मेरा हाथ उनकी कमर तक भी चला जाता था

जो एक दम पतली थी ,,,

मैने सोचा कि मेरा हाथ भाभी के बूब्स तक नही जा रहा तो क्या हुआ मैं भाभी की चूत पर हाथ रख लेता हूँ

क्यूकी वैसे भी कुछ ही देर मे मेरा होने वाला था तो सोचा क्यू ना भाभी की चूत मे भी उंगली करनी शुरू कर

दूँ ताकि भाभी का काम भी जल्दी हो जाए ऑर वो मेरे साथ ही झड जाए ,,,मैने जैसे ही अपना हाथ भाभी की

चूत पर ले जाना चाहा तभी भाभी ने अपने हाथ से मेरे हाथ को पकड़ लिया ऑर वापिस अपनी पीठ पर रख दिया,,

मैं वापिस अपने हाथ को भाभी की चूत पर ले जाने लगा तभी मुझे महसूस हुआ कि भाभी कुछ ज़्यादा ही हिलने

जुलने लगी थी मैं समझ गया कि भाभी खुद अपने हाथ से अपनी चूत मे उंगली करने लगी थी ,,उनको खुद चूत मे

उंगली करके मज़ा लेना था तभी मेरा हाथ चूत तक नही जाने दिया भाभी ने,,,यही सोच कर मैने अपने हाथ को

चूत की तरफ नही ले जा कर वापिस भाभी की पीठ पर रख दिया ,,भाभी की हल्की हल्की सिसकियाँ अब थोड़ा तेज हो

गई थी लेकिन बीच बीच मे दबी दबी आवाज़ मे भी भाभी अह्ह्ह्ह्ह्ह अहह कर रही थी,,,,भाभी की मस्ती भरी

सिसकियाँ सुनकर मैने लंड को थोड़ा ज़्यादा अंदर कर दिया क्यूकी भाभी की सिसकियों से सॉफ ज़ाहिर हो गया था कि

भाभी अब फुल मस्ती मे आ गई है ,,लेकिन अभी भी मैने पूरा लंड अंदर नही किया था कुछ देर ऐसे ही स्पीड

नॉर्मल रखी ओर कुछ देर बाद पूरा लंड अंदर कर दिया ,,,जब भाभी ने पूरा लंड ले लिया गान्ड मे तो मैने

स्पीड थोड़ी तेज करदी मेरी स्पीड से पूरा बेड हिलने लगा ,,लेकिन बेड हिलने मे मैं अकेला ज़िम्मेदार नही था जितनी

स्पीड से मैं भाभी की गान्ड मे लंड पेल रहा था उतनी ही तेज़ी से भाभी अपनी चूत मे खुद उंगली कर रही थी

कभी कभी तो उनका हाथ मेरे लंड के नीचे बॉल्स पर ऑर कभी जाँघो पर टच होने लगता था,,भाभी सच मे

काफ़ी तेज़ी से अपनी चूत मे उंगली कर रही थी,,ऑर उतनी ही तेज़ी से सिसकियाँ भी ले रही थी ,,सिसकियाँ ज़्यादा तेज नही हो जाए इस बात का ख्याल रखते हुए भाभी कभी कभी अपने मुँह पर हाथ भी रख लेती थी इसलिए दबी दबी आवाज़ मे भी

उनके मुँह से अह्ह्ह्ह निकल जाती तो काफ़ी स्लो होती मैं भी मुश्किल से ही सुन पा रहा था उस दबी दबी आवाज़ को,,

अब मेरी स्पीड पूरी रफ़्तार पर थी ऑर मेरा लंड भी भाभी की गान्ड मे पूरा अंदर तक घुसा हुआ था सीधी भाषा

मे बोलू तो मेरा मूसल भाभी की गान्ड की जड़ तक समा गया था ,,,अब भाभी को भी मेरा पूरा मूसल गान्ड मे

लेने मे कोई दिक्कत नही हो रही थी बल्कि भाभी तो मस्ती मे सिसकियाँ लेती थक ही नही रही थी,,,,कभी कभी तो उनकी

आवाज़ इतनी तेज होती कि पूरे कमरे मे गूंजने लगती ऑर कभी कभी इतनी स्लो होती कि मेरे कानो तक पहुँचने मे

मुश्किल होती,,भाभी की टाइट गान्ड मे मेरा लंड अच्छी तरह रगड ख़ाता हुआ अंदर बाहर हो रहा था वो भी पूरी

रफ़्तार पर उपर से कुछ देर पहले भाभी ने मेरे लंड को इते ज़्यादा मज़े से चूसा था कि मेरा पानी निकलने वाला

हो गया था ऑर आज मुझे भी एक नई टाइट गान्ड मारने की एग्ज़ाइट्मेंट कुछ ज़्यादा हो गई थी कि मेरा लंड अभी झड़ने

के करीब आ गया था इसलिए मैने एक हाथ से ही भाभी की कमर को उनकी टाँग के पास से कस्के पकड़ा ऑर अपनी स्पीड को ओर भी ज़्यादा तेज कर दिया इतना तेज कि अब मैं अपनी पूरी रफ़्तार पर आ आ गया था अब बस किसी भी पल मेरा लंड पानी छोड़ने ही वाला था ,,मेरा बदन रह रह कर झटके खाने लगा था वो भी टाइट गान्ड मार कर की मस्ती भरे

तेज झटके जिसका अपना ही अलग मज़ा था ऑर तभी मेरे लंड ने भाभी की गान्ड मे पिचकारी मारना शुरू कर दिया

ऑर मैने अपने स्पर्म से भाभी की गान्ड को भरना शुरू कर दिया मैं अभी भी तेज़ी से भाभी की गान्ड मार

रहा था ऑर स्पर्म निकलते टाइम मेरा बदन मस्ती भरा झटके खा रहा था लेकिन तभी मुझे एक तेज झटका लगा

वो झटका भाभी की गान्ड की मस्ती से भी कहीं ज़्यादा तेज था,,,

किस ने मेरे पास आके मेरे सर को अपने हाथों मे पकड़ लिया था ऑर मेरे सर को अपनी तरफ मोड़ कर मुझे किस

करने लगा था मैं भी मस्ती मे किस का रेस्पॉन्स तो देने लगा था क्यूकी मेरा लंड अभी भी पानी निकाल रहा था

ऑर ऐसी हालत मे किसी भी मर्द को बहुत ज़्यादा मस्ती चढ़ि होती है वो चाह कर भी रुक नही पाता मेरा भी यही हाल

था मैं लंड से पानी निकलता हुआ किस का रेस्पॉन्स दे रहा था लेकिन थोड़ा हैरान भी हो गया था कि अगर मैं

भाभी की गान्ड मार रहा हूँ तो मेरे को किस कॉन कर रहा है यही सोच कर मुझे झटके पे झटका लग रहा

था,,,,,

 


लेकिन फिर जो झटका मुझे लगा वो सब से ज़्यादा तेज था अब तक मुझे इतनी तेज झटका कभी नही लगा था मेरे

लंड से सारा पानी निकल चुका था लेकिन लंड अभी भी भाभी की गान्ड मे था ऑर तभी मैने किसी के झड़ने

की आवाज़ सुनी जिस आवाज़ ने मेरे होश उड़ा दिए ,,,,,,,,वो आवाज़ इतनी तेज थी कि कमरे मे गूंजने लगी थी लेकिन वो गूँज मेरे दिल ऑर दिमाग़ पर हावी हो गई थी,,,,,उस गूँज से दिल मे एक डर पेदा हो गया था ऑर दिमाग़ मे एक उलझन,,,,

तभी मेरी पास खड़ा शक्स जो मुझे किस कर रहा था उसने मेरी आँखों से पट्टी उतार दी ,,मेरी आँखों के सामने

अभी बहुत अंधेरा था उपर से वो शक्स मुझे किस कर रहा था ऑर मेरे बहुद करीब होने की वजह से मुझे उसका

चेहरा भी सॉफ नज़र नही आ रहा था लेकिन उसको किस करने से मुझे एक मज़ा ज़रूर आ रहा था क्यूकी उसका किस

करने का अंदाज़ ही निराला था,,तभी कुछ देर बाद मेरा लंड भाभी की गान्ड से निकल गया ऑर मेरी आँखों से सामने

से अंधेरा भी हट गया ऑर मेरी नज़र पारी मेरे सामने खड़े शक्स पर जो मुझे किस कर रहा था वो शक्स थी

कामिनी भाभी मैं उनको अपने पास देख कर डर गया ,,,फिर मेरा दिमाग़ ठनका ऑर मुझे याद आया कि अभी किसी

के झड़ने की आवाज़ सुनी थी मैने उस आवाज़ के डर ऑर उपर से मैं ये सोच रहा था कि अगर भाभी मेरे पास खड़ी

किस कर रही थी तो मेरा लंड किसकी गान्ड मे था इसलिए मैने भाभी की अपने से थोड़ा दूर किया ऑर बेड पर अपने

सामने की तरफ़ देखने लगा तो मैं देख कर दंग रह गया मेरे सामने सूरज था ,,कामिनी का पति ओर कविता का भाई

इस से पहले मैं कुछ बोलता या कुछ करता सूरज ने मेरे लंड को मुँह मे ले लिया ,,,मैं तो ये देख कर दी दंग रह

गया ,,मैं पीछे हटना चाहता था मैं नही चाहता था कि सूरज मेरे लंड को मुँह मे भरे लेकिन मुझे हैरत

का इतना जबरदस्त झटका लगा था कि मेरा जिस्म एक दम सुन्न हो गया था मैं बड़े आराम से बिना हिले जुले सूरज के

मुँह मे जाते अपने लंड को देख रहा था जो अभी भी आधा खड़ा हुआ था जिस पर मेरा स्पर्म लगा हुआ था ,,सूरज

ने मेरे लंड को मुँह मे भर लिया ऑर अच्छी तरह चूसने लगा ऑर हाथ मे लेके अपनी ज़ुबान से चाटने भी लगा,,,उसने

2 मिनट मे मेरे लंड को मुँह मे रखके चूसा ऑर चाटा फिर जब लंड अच्छी तरफ सॉफ हो गया तो उसने लंड को मुँह

से निकाल दिया ऑर आराम से बेड पर लेट गया ओर मेरी तरफ देख कर हँसने लगा,,,लेकिन मेरे फेस पर कोई भाव नही

था ना हैरत ना ना खुशी का ना मस्ती का ,,,मैं तो बस चुप चाप सूरज की तरफ देख रहा था ,,तभी मेरे पास

खड़ी कामिनी भाभी ने मेरे सर को अपने हाथ मे पकड़ा ऑर अपनी तरफ टर्न करके वापिस मुझे किस करने लगी ,,वो

तो मस्ती मे मुझे किस कर रही थी लेकिन मैं उनकी किस का रेस्पॉन्स नही दे रहा था ,,मेरा जिस्म ऐसा हो गया था कि

जैसे अब मेरे मे जान ही नही बची हो,,,मैं कुछ सोच समझ भी नही पा रहा था दिमाग़ साला एक दम गुम्म

हो गया था कहीं,,,

भाभी भी इस बात को समझ गई ऑर मेरे लिप्स से अपने लिप्स हटा कर बेड पर सूरज के पास चली गई,,मैं वहीं घुटनो

पर बैठा हुआ भाभी ऑर सूरज की तरफ़ देखने लगा ,,मेरा एक हाथ अभी भी बेड से बँधा हुआ था ,,,मैं भी बेड

पर गिर गया ,,मुझे कोई होश नही था दुनिया की कोई खबर नही थी,,जो कुछ अभी हुआ था बस वही सब मेरे दिमाग़

मे घूम रहा था जिसको समझ पाना मेरे लिए बहुत मुश्किल हो रहा था,,,,मैं सोच सोच कर हैरान हो रहा था

कि कैसे मेरा स्पर्म से भीगा हुआ लंड सूरज के मुँह मे था ऑर वो कितने प्यार से मेरे लंड को चाट कर सॉफ कर

रहा था ,,तभी मैं ऑर ज़्यादा हैरान रह गया क्यूकी जब भाभी मेरे को किस कर रही थी तो मेरा लंड किसी की

गान्ड मे था तो क्या उस टाइम मेरा लंड सूरज की गान्ड मे ,,ओह्ह नो ये कैसे हो सकता है ,,मेरा दिमाग़ हैरत

से फटा जा रहा था कुछ समझ नही आ रहा था मुझे,,,,टेन्षन के मारे मेरी आँखें बंद हो गई शायद मुझे

नींद आ गई थी या मैं ज़्यादा टेन्षन से बेहोश हो गया था,,,,

कुछ देर बाद मेरे कानो मे एक आवाज़ पड़ी,,,,,,,,सन्नी उठो क्या हुआ तुमको ,,सन्नी ,,,सन्नी,,,,,

मैने हल्के से आँखें खोलते हुए देखा तो कामिनी भाभी मुझे उठा रही थी,,,मेरे आँखों के सामने अभी भी

अंधेरा था ऑर दिमाग़ भी काफ़ी भारी भारी लग रहा था ,,,,मेरा उठने को दिल नही कर रहा था लेकिन भाभी मुझे

बार बार उठा रही थी मेरा नाम पुकार रही थी,,,मैं अपने हाथों से अपनी आँखों को मलते हुए उठकर बैठ

गया ,,,,आँखें मलने से अंधेरा कुछ कम हुआ तो मुझे कामिनी भाभी की शक्ल सॉफ सॉफ नज़र आने लगी,,,मैने

देखा कि बेड पर मैं ओर कामिनी भाभी ही थे ,,

क्या हुआ सन्नी ,,तुम ठीक तो हो,,,,भाभी ने मेरे से पूछा,,,

तभी मुझे याद आई सूरज की ,,,मैने कमरे मे हर तरफ उसको ढूँढने लगा लेकिन वो वहाँ नही था ,,,

क्या हुआ सन्नी कुछ बोलो ना,,,,तुम चुप क्यू हो,,तबीयत तो ठीक है ना,,,भाभी लगातार बोलती जा रही थी

लेकिन मेरी नज़रे सूरज की तलाश रही थी ,,,,पर सूरज कहीं नज़र नही आ रहा था,,,

 
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