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कहीं वो सब सपना तो नही complete

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बुआ ने भी अपने उपर ली हुई चद्दर उठा कर साइड मे

फेंक दी ओर मेरे सामने नंगी हो गई,,,बुआ पहले ही तैयारी करके बैठी हुई थी ओर नंगी ही अपनी

चद्दर मे लेटी हुई थी,,शोभा ने वापिस मेरे लिप्स को अपने लिप्स मे क़ैद कर लिया ऑर मेरी पीठ

पर हाथ घुमाने लगी मैने भी अपने हाथ उसके बूब्स पर रख दिया,,नीचे बिस्तेर पर बैठी हुई

बुआ ने मेरे बर्म्यूडा के उपर से लंड को पकड़ लिया जो अपनी ओकात मे आ चुका था ऑर उसके

उपर से ही मेरे लंड की टोपी को हल्के दाँतों से काटने लगी,,फिर बुआ ने मेरे बर्म्यूडा को

नीचे करके ज़मीन तक पहुँचा दिया ओर मैने भी अपनी टाँगो को एक एक करके उपर उठाया

ऑर बुआ ने बर्म्यूडा को मेरे पैरो से निकाल कर साइड मे फेंक दिया ऑर मेरे लंड को अपने

लिप्स से लगा कर किस करने लगी,,फिर बुआ ने लंड की टोपी को अपने मूह मे लिया ऑर उसी को अपने

लिप्स मे दबा कर चूसने लगी ओर हल्के दाँतों से काटने लगी मुझसे रहा नही गया ऑर मैने

अपने लंड को हल्के से आगे की ओर धक्का मार दिया बुआ ने मेरा इशारा समझ कर अपने मूह को

खोल दिया ऑर मेरे लंड को अंदर जाने का रास्ता दे दिया,,,मेरा लंड बुआ के मूह मे समा चुका

था ऑर बुआ का हाथ मेरे लंड से हटके मेरी बॉल्स पे आ गया था,,मैने बुआ के मूह मे लंड को

आगे पीछे करना शुरू कर दिया ऑर इधर शोभा के लिप्स को किस करते हुए उसके बूब्स को प्यार से

सहलाने ओर मसल्ने लगा,,शोभा का हाथ भी मेरी पूरी पीठ पर घूम रहा था,

कुछ देर बाद शोभा भी बुआ के पास बिस्तेर पे घुटनो के बल बैठ गई ऑर बुआ ने मेरे लंड को

मूह से निकाल दिया ऑर शोभा ने जल्दी से उसको अपने मूह मे भर लिया,,,शोभा ने भी लंड पे अपना

हाथ नही रखा ऑर अपने मूह को ही मेरे लंड पे आगे पीछे करने लगी,,मेरा लंड पहले से ही

बुआ के थूक से चिकना हो गया था ऑर शोभा के गले तक फिसलता ही जाता ,,शोभा को हल्की सी कफ

आ जाती थी ऑर वो लंड को मूह से निकाल देती थी लेकिन जल्दी ही दोबारा उसको मूह मे ले लेती थी ऑर

अपने मूह को आगे पीछे करने लग जाती ,,इतनी देर मे बुआ ने शोभा की टाँगों को हल्का सा खोल

दिया ऑर खुद बिस्तेर पर लेट कर अपने सर को उसकी टाँगों मे फसा दिया जिस से बुआ का फेस

शोभा की चूत पर पहुँच गया ऑर बुआ ने नीचे लेट कर उसकी चूत को चाटना शुरू कर दिया

बुआ के चूत चाटने से शोभा को मस्ती आ गई ऑर वो तेज़ी से मेरे लंड पे अपना मूह चलाने लगी

ऑर अपनी चूत को बुआ के मूह पे दबा कर अपनी गान्ड को आगे पीछे करने लगी बुआ ने भी अपना

हाथ उसकी गान्ड पर रख दिया ऑर चूत को पागलो की तरह खाने लगी,,,अब मेरा हाल भी बुरा था

मैने भी शोभा के सर को पकड़ लिया ऑर लंड को तेज़ी से मूह मे पेलने लगा शोभा के मूह से थूक

बहता हुआ उसके बूब्स ऑर पेट पर गिरने लगा जिस वजह से उसके बूब्स भी चिकने हो गये ऑर शोभा

ने उसका फ़ायदा उठाते हुए अपने हाथ अपने बूब्स पर रख लिए ओर बूब्स को ज़ोर से मसल्ने लगी..

फिर बुआ उठी ऑर शोभा को भी मेरे लंड से हटा दिया ऑर उसको बिस्तेर पर लेटा दिया ऑर खुद उसके

मूह मे अपनी चूत रखने बैठ गई ऑर उसकी टाँगों को खोल कर मुझे वहाँ बैठने का इशारा

किया ओर मैं भी वहाँ अपनी टाँगे खोल कर उनको शोभा के दोनो तरफ करके बैठ गया ऑर लंड

को उसकी चूत मे घुसा दिया लंड काफ़ी चिकना हो गया था इसलिए पहली बार मे ही पूरा चूत की

जड़ तक समा गया ओर मैने धक्के मारने शुरू कर दिए,,मेरा लंड थूक से भरा हुआ था ऑर

शोभा की चूत भी बुआ के थूक से भरी हुई थी इसलिए हर धक्के के साथ रूम मे पच-पच

की आवाज़ होने लगी जैसे जैसे मेरी स्पीड तेज होती गई वो आवाज़ भी तेज होती गई,,,बुआ का फेस मेरी

तरफ था इसलिए बुआ ने मेरे हाथ पकड़ कर अपने बूब्स पर रख दिए ऑर खुद ही मेरे हाथों

से अपने बूब्स मसल्ने लगी,,फिर मुझे खीच कर अपने पास कर लिया ऑर मेरे लिप्स को किस करना

शुरू कर दिया,,बुआ पूरी मस्ती मे मुझे किस कर रही थी ऑर अपनी चूत को शोभा के मूह पे दबा

कर रगड़ रही थी ऑर नीचे लेटी हुई शोभा अपनी चूत मे मेरे मूसल के अंदर बाहर होने के

कारण मज़े मे पागलो की तरह बुआ की चूत को चाट रही थी,,,,बुआ मेरे लिप्स को अपने लिप्स मे

दबा कर चुस्ती हुई अपने हाथों से मेरी निपल की छोटी-2 कॅप को अपनी 2 उंगलियों मे दबा कर

खींच रही थी,,,,फिर कुछ देर बाद बुआ ने मेरे लिप्स को किस करना बंद कर दिया ऑर मुझे

पीछे हटा कर लंड को चूत से निकालने को कहा ,,मैने भी चूत मे से लंड बाहर निकाल लिया

ऑर बुआ ने शोभा की दोनो टाँगों को हाथ मे पकड़ा ऑर पीछे की तरफ मोड़ दिया ऑर मुझे एक

तकिया उठा कर शोभा की गान्ड क नीचे रखने को बोला,,जब एक तकिया शोभा की गान्ड के नीचे

आ गया तो उसको गान्ड भी खुल कर मेरे सामने हो गई उसकी गान्ड का होल हल्का सा खुला हुआ

था तभी बुआ ने अपने मूह से थोड़ा थूक उसकी गान्ड के होल पे थूक दिया जो सीधा गान्ड के

अंदर ही चला गया फिर मैने भी अपने लंड पर थूका ऑर थूक को लंड पर लगा कर अपने हाथ

से अच्छी तरह हर तरफ फेला दिया ओर लंड को गान्ड के होल पर रखा ऑर धक्का लगाया,,,लंड साइड

मे फिसल गया मैने फिर से कोशिश की ओर लंड फिर से फिसल गया फिर बुआ ने शोभा को उसकी

टाँगो को खुद अपने हाथ से पकड़ने को बोला ओर खुद झुक कर मेरे लंड को मूह मे ले लिया

ऑर चूस्ते हुए उसको थूक से सराबोर कर दिया,,जब लंड पूरी तरह थूक से भीग गया तो बुआ

ने अपने हाथ से मेरा लंड पकड़ कर शोभा की गान्ड पे रखा ओर मेरे धक्का लगते ही लंड

पहली बार मे पूरा अंदर घुस्स गया ऑर शोभा हल्का सा हवा मे उछल गई,,मैने पूरे लंड को आगे

पीछे करते हुए शोभा की गान्ड में पेलना शुरू कर दिया ऑर वापिस बुआ के लिप्स को किस करने लगा

शोभा की गान्ड बहुत टाइट थी जिस से मुझे बहुत मज़ा आ रहा था ऑर मस्ती भी चढ़ रही थी इसी

मस्ती मे मेरी स्पीड तेज होने लगी,,लेकिन बुआ ने मुझे स्पीड कम करने के लिए मेरे लंड को

अपने हाथ मे पकड़ लिया ऑर मुझे रोक दिया,,फिर खुद मेरी कमर को पकड़ कर हल्के से आगे

पीछे करने लगी,,वो चाहती थी कि मैं थोड़ा आराम से शोभा की गान्ड मारू ऑर शायद ये भी कि

मैं जल्दी झड नही जाउ,,,,फिर बुआ ने अपनी उंगलिया शोभा की चूत मे घुसा दी ऑर तेज़ी से अंदर

बाहर करने लगी,,,कुछ ही देर मे शोभा का बदन अकड़ने लगा ऑर उसने तेज़ी से झटपटाते हुए

पानी निकाल दिया,,,,ऑर बुआ को अपने उपर से उठने को बोला ,,,मैने अभी तक अपना लंड उसकी गान्ड

से नही निकाला था ऑर धीरे धीरे अंदर बाहर कर रहा था,,तभी शोभा ने खुद को उपर उठा

लिया ऑर मेरा लंड उसकी गान्ड से निकल गया शोभा उठी ऑर साइड में हो गई ऑर तभी बुआ उसकी जगह लेट

गई ओर अपनी टाँगो को बिल्कुल वैसे ही उठा कर गान्ड को तकिये पर रख दिया ऑर अपनी खुली गान्ड

को मेरे सामने पेश कर दिया,,मैने भी कोई देर नही की ओर लंड को गान्ड की जड़ तक उतार दिया

बुआ की गान्ड तो थी ही बहुत खुली पहली बार मे मेरा लंड उसकी गान्ड मे पूरा घुस गया था ऑर

मैने तेज़ी से उसको अंदर बाहर करना शुरू कर दिया था,,,अब तक शोभा सोफे पर बैठ चुकी थी

ऑर थोड़ा शांत हो चुकी थी लेकिन मेरी ऑर बुआ की चुदाई देख कर उसको फिर से मस्ती चढ़ने

लगी थी ऑर उसी मस्ती मे उसका हाथ उसकी चूत तक पहुँच गया था ऑर उसने अपनी चूत मे उंगली

डालके आगे पीछे करनी शुरू कर दी थी,,,तभी बुआ का ध्यान भी उसकी तरफ गया ऑर बुआ ने उसको

एक ड्रॉयर की तरफ इशारा किया ऑर शोभा उठ कर उस ड्रॉयर की तरफ चली गई ऑर उसमे से स्टार्पो

निकाल कर पहन लिया ऑर बुआ के पास आके बैठ गई,,,बुआ ने उस स्ट्रापान पर लगे नकली लंड को

अपने मूह मे लिया ओर असली लंड के जैसे चूसने लगी,,ऑर अपनी उंगली शोभा की चूत मे घुसा दी ,,

 


मैं बुआ की गान्ड मार रहा था बुआ स्ट्रापान वाले नकली लंड को चुस्ती हुई शोभा की चूत मे

उंगली कर रही थी ऑर शोभा खुद अपने ही बूब्स को अपने हाथों से मसल रही थी,कुछ देर बाद

बुआ उठने लगी ऑर मैने भी लंड को गान्ड से निकाल लिया फिर बुआ सोफे की तरफ बढ़ने लगी ऑर

अपनी एक टाँग उठा कर सोफे पर रख दी ऑर शोभा को अपने सामने खड़ा करके उसके नकली लंड

को अपनी चूत मे ले लिया ऑर मुझे पीछे से उनकी गान्ड मारने को बोला,,मैने भी बुआ के पीछे

जाके लंड को गान्ड में डाल दिया ऑर तेज़ी से गान्ड को चोदने लगा,,उधर बुआ ऑर शोभा किस

करने लगे इधर मैने अपने हाथ बुआ के बूब्स पर रख दिया ऑर उसको पकड़ कर अपनी स्पीड

तेज करदी,,शोभा की हाइट बुआ से थोड़ी छोटी थी उसकी बुआ की चूत चोदने मे परेशानी हो

रही थी बुआ को भी इस बात का अहसास था इसलिए बुआ ने उसको ज़मीन पर बिठा दिया ऑर उसको

उनकी चूत मे उंगली डाल,ने को बोला ऑर खुद हल्का सा झुक गई जिस से उनकी गान्ड ठीक जगह पर

आ गई ऑर मेरे लंड की स्पीड तेज हो गई,,बुआ ने झुक कर फिर से शोभा के लिप्स को किस करना

शुरू कर दिया ऑर शोभा ने भी अपनी उंगली से बुआ को चूत को चोदना जारी रखा,,,कुछ देर

बाद मुझे लगा कि अब मेरा काम होने लगा है ऑर मैने स्पीड ऑर ज़्यादा तेज करदी ऑर अपने हाथों

को भी बुआ की कमर पे कस दिया शायद बुआ को भी इस बात का अंदाज़ा हो गया था इसलिए उन्होने

शोभा के हाथ को अपने हाथ मे पकड़ा ऑर तेज़ी से उसकी उंगली को अंदर बाहर करने लगी,,बुआ ने अब

उसके लिप्स को किस करना छोड़ दिया ऑर सिसकियाँ लेने लगी,,,,,,,आआआआआआआआहह

उउउउउउउउउउउउउउउउउह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह लेकिन बुआ बहुत स्लो आवाज़ कर रही थी,,,,,आहह

उउउउउउउउउउउउउउउह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह त्तहूद्ददडाअ ऊओररर्र ट्टीएजज्ज़ कककारर्र्रूऊऊ

स्शूवब्बाआ बबबीत्तीईइ ,,ततुउउम्म्म्म बभिि स्स्पप्पीडड़ ट्टीएज हहिी रृाकक्ूओ सुउन्न्ञनी

ब्बीत्टता म्माऐईयईईन्न्न्न् ब्बासस्स ज्ज्जाहछदद्ड़नन्नईए हहिईिइ वव्वाालल्ल्ल्लीइीई हहूऊंणन्न्.....

अभी बुआ किस सिसकियाँ शुरू ही हुई थी उन्होने पानी छोड़ दिया इधर मेरा भी पानी निकलने

लगा था ऑर बुआ को इस बात का पता था इसलिए वो जल्दी से शोभा के साथ ज़मीन पर बैठ गई ऑर

मेरे लंड को हाथ से तेज़ी से आगे पीछे करने लगी ऑर अपना मूह खोलो दिया तभी मेरे लंड ने

पानी की पिचकारी मारी ऑर पानी को बुआ के मूह मे डाल दिया मेरे लंड ने 8-10 पिचकारी मारी ऑर

सारा पानी बुआ के मूह मे गया ऑर बुआ ने उसको पी लिया कुछ पानी बुआ के मूह से बाहर निकल

आया ऑर उनके लिप्स से होते हुए उनकी चिन पर आ गया जिसको शोभा ने अपने लिप्स ऑर ज़ुबान से चाट

लिया ऑर फिर मेरे लंड को भी अपने मूह मे लेके अच्छी तरह चाट कर सॉफ कर दिया,,,,,,,,,,,

हम लोग बिस्तेर पर गिर गये ऑर तेज तेज साँसे लेने लगे फिर कुछ देर बाद जब सांसो की रफ़्तार

ठीक हुई तो बुआ बोली ,,,आज तो मज़ा आ गया बहुत टाइम बाद किया है,,

शोभा-,हाँ बुआ बहुत मज़ा आया इतने दिनो बाद मूसल को गान्ड मे लिया है ,,इतने दिन से तो छोटी सी गाजर से काम चला रहे थे साली उस छोटी गाजर से प्यास ही नही भुजती है,,अब तो सन्नी के मूसल ने सारी प्यास भुजा दी

है ,,,

बुआ--,हां शोभा बेटी ठीक कहा तूने अब तो सन्नी के मूसल की आदत हो गई है यही है जो हम

दोनो की प्यास भुजा देता है,,,उस छोटी गाजर से कुछ नही होता अब,,,दिल तो करता है इसके मूसल

को गान्ड मे लेके सोती ही रहूं कब ना उठू ऑर ना कभी मूसल को गान्ड से बाहर निकालु,,,,,

शोभा--हाँ हाँ बुआ अभी तो बहुत रात है जितना दिल करे ले लो सन्नी की मूसल को अपनी गान्ड मे जितना

मर्ज़ी मज़ा करो,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

मैं--,अरे नही बुआ मुझे जाना है बाकी कल करते है अगर कोई आ गया तो बड़ा पंगा हो जाना है,,,,,,,

बुआ--,कुछ नही होता बेटा तू डर मत मैं हूँ ना ,,,\

मैं--,नही बुआ मुझे तो डर लगता है प्लीज़ अभी जाने दो बाकी कल करते है,,,

,लेकिन बुआ ने कुछ नही बोला ऑर जल्दी से लंड को फिर से मूह मे भर लिया बुआ के मूह मे जाते ही मेरे लंड ने अंगड़ाई लेना शुरू कर दिया ऑर मेरा भी खुद पे क़ाबू नही रहा ऑर ना चाहते हुए मैं फिर से अपने लंड के हाथों मजबूर हो गया ऑर चुदाई के लिए मान ही गया,,,,,,,,,,,,,,,,,उस रात मैने बुआ ऑर शोभा को 2 बार ऑर चोदा ऑर जब वापिस

अपने रूम मे गया तो देखा सुबह के 5 बज रहे थे,,सोनिया सो रही थी मैं भी बहुत थक गया था रात भर चुदाई करके ,,,बेड पर गिरते ही नींद आ गई,,,,,,,,,,,,,,,

 


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आज कॉलेज मे बैठा हुआ था तो करण मेरे पास आ गया,,,,,,मैं गहरी सोच मे था कि अब तो मैं अपने

घर की सभी औरतों को चोद चुका हूँ लेकिन सोनिया बची हुई है मेरे से उसको चोदु भी तो कैसे,,वो बहुत

गुस्से वाली है इतना डर मुझे माँ के पास जाने मे नही लगा था जितना सोनिया के पास जाने से,,,,लेकिन मेरा दिल

भी बहुत कर रहा था क्योंकि सोनिया थी ही इतनी खूबसूरत,,,,वैसे भी आज तक खुली चूत मिली थी मुझे ऑर अब

मेरा दिल किसी वर्जिन चूत की सील खोलने को कर रहा था,,,सुना था बहुत मज़ा आता है सील खोलने मे,अरे

मज़ा आए भी क्यू ना एक दम टाइट चूत जो होती है ,,,वैसे पक्का पता भी नही था कि वो सील बंद है या

उसकी भी चूत का उद्घाटन हो चुका है,,,,,नही नही वो ऐसी लड़की नही थी 100% वो सील बंद थी,,लेकिन

हो भी सकता था कि वो सील बंद ना हो,,,,,,क्योंकि कुछ दिन पहले तक मेरी फॅमिली भी तो कितनी डीसेंट ऑर कितनी

शरीफ फॅमिली थी मेरी नज़रो मे लेकिन अब पता चला कि घर की हर औरत एक घरेलू रंडी थी ओर मर्द दलाल

था,,साला भाई बहन को चोद रहा था ओर बेटा माँ को ऐसे मे सोनिया कैसे बची रह सकती थी,,,लेकिन आज

तक सोनिया की ऐसी कोई हरकत ना देखी थी ऑर ना सुनी थी,,,अब तो एक ही तरीका था ये जान-ने का कि वो सील बंद

वर्जिन है या उसकी चूत भी किसी लंड का सेवन कर चुकी है,,,,,,,,,,,,,,,

करण-अबे कहाँ खोया हुआ है तू सन्नी भाई,,,,

मेरा ध्यान एक दम से कारण की तरफ़ गया,,,,,ओह सॉरी यार मैं कुछ सोच रहा था,,,,,,

करण-अबे इतना भी क्या गहरी सोच मे था जो मेरी आवाज़ भी नही सुन रहा था पीछे 5 मिनिट से तुझे बुला रहा था

ऑर तू पता नही किस दुनिया मे पहुँचा हुआ था कोई टेन्षन है क्या तेरे ऑर तेरी गर्लफ्रेंड के बीच मे,,,,,,,

मैं--साले जब देखो गर्लफ्रेंड -गर्लफ्रेंड करता रहता है कितनी बार बोला कि मेरी कोई गर्लफ्रेंड नही है,,एक बार समझ नही आता तेरे को,,,

करण-क्या करू भाई आज कल तू मेरे घर का बहाना लगा कर कहीं बाहर रात गुज़ारता है,,,जब देखो पता नही किस

के ख़यालों मे खोया रहता है इतना मसरूफ़ हो गया है कि भूल ही गया है कि तेरा कोई दोस्त भी है ,,,,,

मैं-सॉरी करण यार मैं ज़रा ,,उूओ,मैं'

करण-अबे ये क्या वू मैं वू ,,,लगा रखा है कोई प्रॉब्लम है तो बता ,,,,,आख़िर दोस्त किस लिए होता है,,

मैं-जानता हूँ यार लेकिन अभी नही फिर कभी,,,,वैसे भी तेरे को नही बताउन्गा तो किसको बताउन्गा,,,,

करण--चल अब बोल कुछ खाएगा पिएगा या बस ऐसे ही फालतू मे बोलता रहगा,,,,,,,,

हम दोनो ने कॅंटीन मे कॉफी पी ओर यहाँ वहाँ की बातें करते रहे,,,,,

कॉलेज से छुट्टी हुई तो हम लोग घर की तरफ चल पड़े,,,,,तभी कविता की कॉल आ गई सोनिया को,,,,

सोनिया-,सन्नी तुम मुझे कविता के घर छोड़ दो प्लज़्ज़्ज़ मुझे थोड़ा काम है,,,,,,,

मैं-,ठीक है लिट्ल सिस,,,,मैने सोनिया को कविता के घर के बाहर उतारा ऑर खुद जाने लगा तो देखा कि कविता रोते हुए गेट की तरफ़ आई फिर सोनिया को लेके अंदर चली गई,,,मैने सोचा कि मैं भी जाता हूँ देखु तो सही आख़िर पंगा क्या है लेकिन सोनिया ने मुझे आँखों ही आँखों मे वहाँ से जाने का इशारा कर दिया,,,,मैं भी चुप चाप से घर की तरफ चल पड़ा,,

आख़िर सोनिया जैसी जंगली बिल्ली से पंगा भी कोन लेता,,,,,लेकिन फिर भी मुझे कविता की नम आँखों की टेन्षन हो

रही थी,,,,,कविता रो क्यू रही थी ऑर आज वो कॉलेज भी नही आई थी,,,,कुछ तो पंगा है,,,,,चलो जब सोनिया

घर आएगी तो उसी से पूछ लूँगा,,,,,,मैं घर पहुँचा तो डोर लॉक था ऑर आज मेरे पास चाबी भी नही

थी,,,,,10 मिनिट बेल बजाने के बाद मोम ने डोर खोला,,,,,,

मैं-अरे मोम कहाँ बिज़ी रहती हो डोर तो जल्दी खोल दिया करो,,,,,,,मोम के बॉल बिखरे हुए थे ऑर वो जस्ट पेटिकोट ब्लाउस मे थी,,

मोम-बेटा मेरी आँख लग गई थी पता नही चला,,

मैं-तो मामा कहाँ गया है मोम वो डोर खोल देते ,,,,,

मोम--अरे बेटा तेरे मामा का तो तेरे को पता ही है चल छोड़ ये बातें अब अंदर आजा,,,,,,,,,,,मैं अंदर गया तो देखा मामा मोम के रूम से ही निकल रहा था मैं समझ गया कि प्रोग्राम चालू था लेकिन मैं चुप रहा ओर सीधा अपने रूम मे चला गया,,,,कुछ देर बाद मोम मेरे रूम मे आई,,,,,,बेटा खाना लगा दूं क्या,,,,,,,,,

मैं--,नही मॉम मुझे भूख नही है मैं ख़ाके आया हूँ,,,,,,,,

मोम-ऑर कुछ चाहिए क्या बेटा इतना बोलते ही मोम मेरे बेड पेर बैठ गई ऑर मेरे लंड

के करीब मेरी टाँग पर हाथ रख दिया,,,

मैं समझ गया कि मोम ऑर मामा का खेल मेरे आने की वजह से पूरा नही हो सका था इसलिए मोम अभी भी प्यासी थी,,,मैने भी मोका देख कर मोम को अपने बेड पर लेटा दिया ,,,,,

मैं-मामा कहाँ है मोम,,,,,,

मोम--,बेटा वो तो गया अपनी चरस लेने,,,,,

मैं-ऑर घर पर कोई नही है क्या,,

मोम--,नही बेटा डॅड ने तो बहुत लेट आना है अभी ऑर शोभा ऑर तेरी बुआ तो रात को ही आते है एक सोनिया है जो तेरे साथ आती है बट आज तो वो भी नही है,,,,,,,,

मैं-मोम वो कविता क घर रुक गई है वो भी शाम से पहले नही आती,,

मोम--,तो फिर हम दोनो के पास तो बहुत टाइम है बेटा,,,,

मैं बेड से उठा ऑर डोर की तरफ जाने लगा,,,,,,

मोम-कहाँ जा रहे हो बेटा,,,,,,,,,,,,

मैं-मोम मैं बाहर वाला डोर लॉक करने जा रहा हूँ,,,,,,,,,,,,

मोम--,बेटा वो तो पहले ही मैं लॉक करके आई थी उपर आते टाइम,,इतना बोलते ही माँ ने अपने पेटिकोट के बटन खोलने शुरू कर दिए ऑर मैने भी अपने कपड़े उतारने शुरू कर दिए ,,,,मैं बेड पर मोम के पास चला गया तब तक मोम नंगी हो चुकी थी ऑर मैं भी अपने कपड़े उतार चुका था,,,,मैं मोम के पास गया ऑर बेड के नीचे खड़ा हो गया मोम बेड

पर लेट गई ऑर अपना मूह खोल कर मेरे लंड को मूह मे ले लिया लंड जो पहले ही कुछ हार्ड हो चुका था वो

मोम के नरम नरम होंठों ऑर गर्म ज़ुबान के टच से पूरी ओकात मे आ गया था मोम ने अपने सर के नीचे

एक तकिया रखा ऑर सर को थोड़ा उपर करके खुद को अड्जस्ट किया ऑर लंड को चूसना शुरू कर दिया,,,,मैने

भी मस्ती मे खुद की कमर को आगे पीछे करते हुए लंड को मोम के मूह मे पेलना शुरू कर दिया मोम की

नज़रे मेरी तरफ थी ऑर मैं भी उनको देख रहा था तभी मैने खुद को मोम के पास कर दिया ऑर उनके उपर

से होते हुए अपने हाथ बेड पर रख दिए ऑर हाथों का सहारा लेके उपर होके मोम के मूह मे थोड़ी तेज़ी से

लंड पेलना शुरू कर दिया मोम ने भी खुद को सीधा कर दिया ऑर लंड को आराम से अंदर जाने का रास्ता दिया,,

मैं तो आराम से लंड मोम के मूह मे पेल रहा था लेकिन मोम ने अपने हाथ मेरी गान्ड पर रखके मुझे

तेज़ी से उपर नीचे होने का इशारा किया ओर मैने भी स्पीड थोड़ी तेज करदी,,,मोम ने भी अपने हाथों को तेज़ी

से उपर नीचे करना शुरू कर दिया ऑर अपनी ज़ुबान को बाहर निकाल कर अपने मूह मे ऑर ज़्यादा जगह बना दी

मेरे लंड के लिए ओर मैने भी तेज़ी से लंड को पूरा मोम के मूह मे घुसना शुरू कर दिया ऑर लंड को मोम

के गले से टकराना शुरू कर दिया,,,,मेरा लंड मोम के गले से हल्का नीचे उतर रहा था जिस से लंड की टोपी

मोम के गले के अंदर जा रही थी ऑर मुझे चूत की चुदाई जितना मज़ा आ रहा था करीब 10 मिनिट मोम के

मूह की चुदाई करने के बाद मेरा पानी निकलने वाला हो गया ऑर मैने लंड को मोम के मूह के अंदर उनके गले

से नीचे तक उतार दिया ऑर वही रुक कर सारा पानी सीधा उनके गले से नीचे ही निकाल दिया जब लंड के पानी की लास्ट

ड्रॉप भी मोम के गले के अंदर तक चली गई तो मैने लंड को बाहर किया लेकिन मोम ने लंड को मूह से बाहर

नही निकलने दिया ऑर मेरे लंड पर लगे स्पर्म को चूस ऑर चाट कर लंड को सॉफ करने लगी,,,,,

मोम--,आहह कितना मीठा है तेरा पानी बेटा ऑर कितने दिनो बाद पिया है तेरा पानी ,,,अब तो टाइम ही नही मिलता तेरा लंड चूस कर तेरा पानी पीने के लिए दिन मे तू कॉलेज होता है ऑर रात को सब लोग होते है घर पे,,,

मैं--,मोम तुम बोलो तो मैं कॉलेज से जल्दी आ जाया करूँगा लेकिन मामा का क्या करेंगे मोम,,,,,,

मोम--नही बेटा तुम कॉलेज से जल्दी मत आना,,,हम जब टाइम मिले तब अपना काम कर लिया करेंगे,,,

मैं-,ठीक है मोम जैसे आपकी मर्ज़ी,,इतना बोल कर मैं बेड पर लेट गया,,,,मोम भी मेरे साइड पर नंगी ही लेटी रही,,,,

फिर करीब 10 मिनिट बाद मोम ने फिर से मेरे लंड को हाथ मे पकड़ा ऑर हल्के से सहलाने लगी ऑर मेरे

लिप्स को अपने लिप्स मे जाकड़ कर हल्के से किस करने लगी मैने भी अपने हाथ मोम के बूब्स पर रख दिए ऑर

बूब्स को मसल्ते हुए मोम की किस का रेस्पॉन्स देने लगा मोम ने अपने एक टाँग मेरी टाँगो के उपर रख दी

ऑर आधे हार्ड हो चुके लंड को ही अपनी चूत के पास कर दिया मैने भी खुद को अड्जस्ट किया ऑर लंड को मोम

की चूत के करीब ले गया ऑर मोम की टाँग को पकड़ कर थोड़ा ऑर उपर किया फिर लंड को चूत मे घुसा

दिया लंड अब तक कुछ ऑर मस्ती मे आ चुका था पहले से ज़्यादा हार्ड हो चुका था मैने लंड को मोम की

चूत मे घुसा कर धक्के लगाना शुरू कर दिया मोम ने भी मस्ती मे मेरे लिप्स को अपने लिप्स मे जाकड़ कर

थोड़ा पागलपन के साथ चूसना शुरू कर दिया मोम अपनी ज़ुबान को मेरे मूह मे घुसा कर मुझे उनकी ज़ुबान

छूने को बोल रही थी मैने भी मोम की ज़ुबान को मूह मे भर कर चूसना शुरू कर दिया ऑर अपने हाथ को

मोम के बूब्स पर रख दिया ऑर ज़ोर से दबाने लगा मोम झटके लगने से मोम कुछ ज़्यादा ही हिलने लगी थी

क्योंकि मेरा लंड फुल ओकात मे आ चुका था ऑर स्पीड भी तेज हो चुकी थी इसलिए मोम की टाँग जो मेरे उपर

थी बार बार नीचे को जा रही थी मोम ने उसके पकड़ा हुआ था लेकिन कोई फ़ायदा नही हो रहा था तो मेने मोम

के बूब्स से अपना हाथ हटा कर उनकी टाँग पर रखा ओर उसको उठा कर ओर उपर कर दिया फिर अपने हाथ को

मोम की गान्ड पर रखके उसको पकड़ कर टाँग को चौड़ा दिया इतने मे मेरा हाथ मोम की गान्ड पर होते

हुए उनकी गान्ड के सुराख पर चला गया ऑर मेरी उंगलिया गान्ड के सुराख पर टच होने लगी मैने भी

मोका देख कर अपनी 2 उंगलियाँ मोम की गान्ड मे घुसा दी मोम ने मेरे लिप्स को अपने लिप्स से हटा कर एक

तेज सिसिकि ली,,,,

मोम--आआआआआआहह ज़रा आराम से बेटा ,,,,आहह

मैने उंगलियों को मोम की गान्ड मे घुसा कर अंदर बाहर करना शुरू कर दिया,,,,बेटा वउूओ त्तेरेरा

द्दुउस्स्र्रा व्वाल्ला न्नाककल्लीइी ल्लुउन्न्ड्ड़ क्काहहन्न हहाइी ,,,,क्क्य्यू म्मूम्म आज्ज बभीी 2 ल्लुउन्न्ड्ड़ ईकक

ससात्तह ल्लेन्‍नई क्का ददिल्ल क्कार्र र्राहहा हहाीइ क्क्य्या,,,,,,,,,,,हहन्न ब्बीतता 2 ल्लुउन्न्ड्ड़ ससी ईककक सतत

कच्छुउऊऊउद क्काररर बभ्हुत्त्त ंमाज़्जा आत्ता हहाइी,,,,,,,,,,,,,,,,,मूंम्म ककब्भीी अस्सल्लीी 2 ल्लुउन्ण

ईकक स्साटतह ल्ल्लीइययईए हहाइईइ क्क्य्या,,,,,,,,,,न्नाहहिी ब्बीतता एआसेआ ककब्भीी न्नाहहीी हहूउआ ऊवार

न्ना ककब्ब्भहिि हहूओ सस्ककाट्टटा हहाइी टतेरेरी स्साटतह हहिि 2 ल्लुउन्न्ड्ड़ क्का ंमाज़्जा ल्ल्ल्लीइय्या

हहाइी ईकक तततेरेरी ल्ल्लुउन्न्ड्ड़ का र द्दूऊस्सररी न्नककल्लीी ल्लुउन्न्ड्ड़ क्काअ,,,,,,,,,मम्मूओंम ककब्भीी

ददिल्ल क्काररत्ता हहाइईइ क्क्य्या 2 आस्सल्लीइी ल्लुउउन्न्ड्ड़ ईईएकक स्साटतह ल्लीन्‍नी कककूऊ ,,,,,,हहन्न ब्बेटा

ददिल्ल्ल त्तूओ बभ्हउुूथत् क्काररत्ता हहाइी ब्बुउथत् यईी क्काईससी हहू सस्ककाट्ता आहहिि,,,,,,,,,,म्मूम्म

हहूऊंनी क्कूव त्तूओ ककुउक्च बभिि हहूओ स्साककत्ता हहााई,,,,,,,,,,मैं हँसने लगा ऑर मोम

मेरे मूह की तरफ देखने लगी,,,,,,,,,,,,क्क्य्या ब्बूल्ल र्राहही हहूओ त्तुउम्म म्माईन्न ककुउक्च्छ सम्मजी

न्नाहहीी,,,,,,,,,,,,स्सांमाज़्ज़ ज्जाऊओगगीइ म्मूओम्म त्थ्हूर्रा व्व88 क्काररो,,,,,,,मैने लंड के साथ -साथ

चूत मे लंड की स्पीड को ऑर तेज कर दिया,,,,,बेटा अब जज़ार्रा ईईसस म्मोस्सल्ल कककक्कूव कच्छूत्त ससी

ननीककालल्ल्ल ऊओररर्र गगाणन्ंदड़ म्मी ग्घुउस्सा टतेरेरी उउन्नगगल्लिइयून्‍न सससी ककुउक्च्छ ज्जय्याददाा

क्क्ुउजज़ल्लीी हहूननी ल्लाग्गीइ हहाइी गगाणन्ंदड़ म्मीई,,,,,,,,,,,मैने लंड को चूत से निकाल लिया ऑर मोम

भी उठ कर बैठ गई,,,,,,,,,,

 


फिर मैने मोम को बेड से नीचे उतार दिया ऑर खुद भी बेड से नीचे उतर गया ऑर मोम को बेड पर हाथ रख

कर बेड पर आगे की तरफ़ झुका दिया ऑर खुद उनके पीछे खड़ा हो गया ऑर लंड पर खूब सारा थूक लगा कर

मोम की गान्ड पर रखा ऑर झटका मार कर अंदर कर दिया,,,,,,,,,,,आहह क्क्कीत्त्न्नाआअ

ब्बॅड्डया हहाइी त्तेर्रा ससुउन्नयी ब्बेटया ज़्जब्ब बहीी उउन्नड़दीर्र ज्जात्ता हहाइी ट्टू ंमज़्ज़जे क स्सत

ईककक ममित्तहा ददार्र्र्दद्द बभीी क्काररत्ता हहाइईइ ज्जििस्स ससीए ंमाज़्ज़जा द्दूऊगज्नना हहूओ ज्जात्ता

हहाईईइ आहह उूुुुुुुुुुुउऊहह एआईसी हहिि त्तहूड्दा ऊररर

तहूऊकक्क ल्लाग्गा क्काररर त्टीजजिि ससी प्पपूररा उउन्नड़दीर्र ब्बहहारर क्कर्रक्की द्ड़हाक्का म्मार

आहह ,,,मैने लंड को बाहर निकाला ऑर मोम को थोड़ा ओर बेड पर झुका दिया जिस से मोम की गान्ड का होल

भी उपर की तरफ आ गया मैने गान्ड को दोनो हाथों से फेला दिया ऑर उसके होल मे थूक दिया फिर अपने

लंड पर भी थूक लगा लिया ओर तेज़ी से धक्का लगा कर पहली ही बार मे पूरा लंड गान्ड मे घुसा दिया,,,,,,

आहह उूुुुुुुुुुउऊहह हहयईी म्मार्र गगगययईीीई आअहह

क्कीिट्त्न्ना ंमाज़्ज़जा द्दीतता हहाइी तूऊ आपपनन्ी म्म्मा्आ क्कू ब्बीतता तटूउज़्झहही बहिि ंमाज़्जाअ

आत्ता हहाइी न्ना ससुउन्नयी ब्बीतता,,,,,,,,,,,,,,हहानं म्मूम्म ब्भ्हुउत्त ंमाज़्जा आत्ता हहाइईईईईई

,,,,,,,,,,,,,,,मैने लंड को पूरी तेज़ी से अंदर बाहर करते हुए हाथ आगे बढ़ा कर मोम के बूब्स को पकड़ लिया

ऑर तेज़ी के साथ ज़ोर ज़ोर से मसल्ने लगा

मोम ने भी अपने हाथ बेड से उठा लिए ऑर सर को बेड पर रख दिया ऑर

अपने हाथ मेरे हाथ पर रख कर तेज़ी से अपने बूब्स को मसलवाने लगी,,,,,

,,,मेरी स्पीड अब बहुत तेज थी ऑर मस्ती भी 7वे आसमान पेर थी,,,मैं लंड को पूरा गान्ड मे घुसा कर मोम की गान्ड चोद रहा था मेरी बॉल्स गान्ड पर टकरा रही थी ऑर लंड पर लगा थूक बॉल्स के पास जमा हो रहा था इसलिए जब भी धक्का मार रहा था जो थूक से गीली हो चुकी बॉल्स गान्ड पर ज़ोर से टकराती तो पॅच की आवाज़ आती जैसे जैसे स्पीड तेज

होने लगी थी रूम मे पॅच पाअछ्ह की आवाज़ भी तेज होने लगी थी ऑर साथ मे मोम की सिसकियाँ भी तेज़ी

से रूम मे गूँज रही थी घर पर कोई नही था इसलिए मोम पूरे ज़ोर शोर मस्ती से सिसकियाँ ले रही थी जिस से

मेरी भी मस्ती बढ़ने लगी थी कब्रीब 10 मिनिट सिसकियों ऑर पच पच के शोर मे मैं मोम की गान्ड को

पूरी तेज़ी से चोदता रहा ऑर तभी मेरा पानी निकलने वाला हो गया मैने मोम को बोला कि मेरा पानी निकलने

वाला है मोम बोली बेटा गान्ड मे डालके वेस्ट मत करना इतना बोल कर मोम जल्दी से पलट गई ऑर लंड को

मूह मे ले लिया तभी लंड ने ज़ोर से पिचकारियाँ मारना शुरू कर दिया ऑर मोम ने भी पिचकारी के साथ निकलने

वाले पानी को पीना शुरू कर दिया ऑर फिर लंड को भी चाट कर सॉफ कर दिया,,,,फिर हम ऐसे ही लेटे रहे,,,,,,

कुछ देर बाद मैने मोम की एक बार ऑर चूत ऑर गान्ड मारी थी ,,,जब तक कि डॅड नही आ गये थे,,,,,,,,

 


33

________________________________________

रात को डिन्नर करते टाइम मैं,,सोनिया,,,मामा,,,मोम ऑर डॅड नीचे थे जबकि बुआ ऑर शोभा ने अपना डिन्नर

उपर वाले किचन मे बनाया था ऑर वही बैठ कर डिन्नर कर रही थी मेरा डिन्नर जल्दी हो गया ऑर मैं

उपर अपने रूम की तरफ चल पड़ा,,,,,,,,,,,,,

बुआ-कहाँ जा रहे हो सन्नी कभी हमारे साथ भी डिन्नर कर लिया करो,,,,,बुआ ने हँसते हुए मज़ाक मे बोला,,,

मैं-अरे बुआ आपके साथ डिन्नर किया या मोम के साथ मुझे कोई फ़र्क नही पड़ता,,,,,

--,अच्छा कोई फ़र्क नही पड़ता मोम ऑर बुआ के साथ डिन्नर करने मे लेकिन मेरे साथ तो फ़र्क पड़ता है ना ,,शोभा ने किचन से निकलते हुए बोला ऑर हँसने लगी,,,,बुआ भी उसके साथ हँसने लगी,,,,,,,,,,,

शोभा-कुछ मीठा खाएगा सन्नी ,,,,,,,,,,

मैं--,क्या है मीठे मे शोभा दीदी,,,,,,,,,,

शोभा--,मैं हूँ भाई क्या बोलता है मेरे को खाएगा,,,,,,,,,,,,

मैं--अरे क्या करती हो दीदी कोई सुन लेगा कुछ तो होश किया करो बुआ आप तो समझाया करो इसको,,,,,,,,,,

बुआ--,क्या करूँ बेटा तेरे लिए पागल रहती है हरटाइम मेरी तो कोई बात ही नही सुनती इसका बस चले तो रात को सोनिया के जगह खुद सोना शुरू कर्दे तेरे रूम मे,,,,,,,,,,

तभी पीछे से सोनिया भी आ गई मैं चुप चाप रूम की तरफ चल पड़ा,,,,,रूम मे जाके मैं बेड पर लेट गया ऑर सोनिया भी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

सोनिया--भाई बड़े हँस कर बात कर रहे थे बुआ से कोई खास बात,,,

मैं--कुछ नही पगली वो तो बस ऐसे ही हसी मज़ाक कर रहे थे,,,,मैने लाइट बंद करदी,,,,,,,लेकिन सोनिया ने

अपने तरफ की लाइट बंद नही कि क्योंकि वो लाइट जला कर सोती थी,,,अब तो मेरे को भी आदत हो गई थी करीब

6 साल से हम एक रूम मे सो रहे थे ऑर तभी से वो लाइट जला कर सोती थी,,,,पहले पहले मुझे नींद नही

आती थी लाइट मे बट अब तो सोना ही पड़ता था एक तो आदत हो गई थी ऑर दूसरा उस जंगली बिल्ली से पंगा कॉन लेता अगर लाइट बंद करने को बोलो तो मुझे रूम से बाहर जाके सोने को बोलती,,,,,मुझे नींद नही आ रही थी,,

क्योंकि अब चुदाई की आदत पड़ चुकी थी सोने से पहले अगर एक बार चुदाई हो जाए तो नींद अच्छी आती थी,,आज

ना तो बुआ ऑर शोभा ने रात को बुलाया था ,,,,,ऑर ना ही मैं खुद उनके पास या मोम के पास जा सकता था,,

बुआ का रूम साथ मे था इसलिए डर लगता था ऑर मों के रूम मे डॅड होते है इसीलिए वहाँ जाना बेवकूफी थी

,,,,,ऐसे ही तड़प तड़प के रात गुज़री मेरी,,,,,,,,एक कमसिन ऑर जवान चूत साथ वाले बेड पर मेरे से बस 2

या 3 फीट दूर थी लेकिन उसको भी हाथ लगाना मतलब मौत को दावत देना था,,,,,

नेक्स्ट डे कॉलेज जाने का मूड नही किया सोचा क्यू ना मोम ऑर मामा की चुदाई का लाइव प्रोग्राम देखा जाए

वैसे भी बहुत दिन हो गये थे,,,,सोनिया को कॉलेज छोड़ कर कुछ देर बाद मैं वापिस घर आ गया,,,अब मैं

डॅड ऑर बुआ के जाने के बाद ही आया था वेर्ना जल्दी आके पार्क मे वेट करना पड़ता था,,घर गया तो डोर लॉक था

जो हमेशा ही होता था,,,लेकिन आज चाबी मेरे पास भी थी,,,,डोर अनलॉक करके बड़े आराम से घर के अंदर

चला गया ऑर अंदर घुसते ही आहह उूुुुुउऊहह की हल्की सिसकियाँ सुन कर दिल मचल

गया ,प्रोग्राम शुरू हो चुका था,,,,,,मोम के रूम का डोर ओपन था ऑर वही से लाइव प्रोग्राम की लाइव सिसकियाँ

सुनने को मिल रही थी,,,,हल्के कदमो से मैं रूम के पास पहुँच गया,,,,,अंदर देखा तो मामा नंगा

होके बेड पर लेटा हुआ था ऑर माँ उसके उपर बैठ कर खुद को उपर नीचे उछाल रही थी ऑर लंड को चूत

मे ले रही थी ,,,,,,माँ की स्पीड बहुत तेज थी ऑर उतनी ही तेज उनके बूब्स भी उच्छल रहे थे,,ऑर सिसकियाँ तो

पूरे रूम मे गूँज रही थी,,,,,,,,,,आहह उउउहह,,,,,,,तभी मामा ने

मोम की कमर को पकड़ा ऑर स्पीड तेज करके खुद उपर उच्छल कर माँ को चोदने लगा ,,शायद उसका पानी

निकलने वाला था,,,,मेरा शक़ सही निकला कुछ ही देर मे मामा ने पानी छोड़ दिया ऑर तभी माँ ने भी तेज

आवाज़ के साथ अपना पानी निकाल दिया,,,,,,माँ मामा के उपर ऐसे ही बैठी रही फिर अपने सर को मामा के सर के

करीब करके मामा के लिप्स को किस करने लगी,,पीछे से मैं देख रहा था कि मामा का लंड अभी भी माँ की

चूत मे था लेकिन कुछ छोटा हो चुका था ऑर लंड की साइड से चूत का पानी ऑर लंड का पानी मिलकर बाहर

निकल रहे थे,,,,,,,,,,,,,,,

मामा--मज़ा आया बहना,,,,,,,,,,,,

माँ-हाँ भाई मज़ा आया,,,,,,,,,,

मामा--क्या हुआ बहना इतनी उदासी से क्यू बोला लगता है तेरे को आज मज़ा नही आया,,,,,,,

माँ-क्या करू भाई 2 लंड एक साथ लेने की आदत पड़ चुकी है इसलिए एक लंड से ज़्यादा मज़ा नही आता जबसे विशाल गया है मैं तो तरस गई हूँ 2 लंड एक साथ लेने के लिए ऑर एक तुम हो कि मेरे लिए दूसरे लंड का बंदोबस्त ही नही कर रहे ,,,,,,,,,,,

माँ--क्या करू बहना सन्नी के साथ बात करने को टाइम ही नही मिलता एक तो वो कॉलेज से आते ही अपने रूम मे लॅपटॉप पर गेम खेलना शुरू कर देता है तो कभी अपने दोस्तो के साथ बाहर चला जाता है,,,बात करने का मोक़ा ही नही मिलता,,,,,,,,

 


माँ--भाई जल्दी कुछ करो वर्ना मुझे कुछ करना पड़ेगा अब बर्दाश्त नही होता ,,,,,,,

मामा--ठीक है बहना मैं कुछ करता हूँ तू थोड़ा टाइम दे मुझे,,,,,,,,,

माँ ने हँसते हुए,,,,,,जब तक सन्नी ऑर सोनिया नही आते तेरे पास टाइम ही टाइम

है भाई ऑर फिर से दोनो किस करने लगे,,,,,,,,,

फिर 2 मिनिट बाद ही माँ मामा के उपर से उतरी ऑर लंड को ऐसे ही मूह मे भर लिया उस टाइम लंड पर माँ ऑर

मामा का पानी मिक्स होके लगा हुआ था माँ ने उसको ऐसे ही मूह मे भरके चूसना शुरू कर दिया ऑर सारा पानी

चाट कर सॉफ कर दिया ऑर लंड को अपने थूक से पूरी तारह चिकना कर दिया तब तक मामा का लंड भी पूरी

ओकात मे आ चुका था ,,मामा ने माँ को बेड पर लेटा दिया ऑर खुद माँ के उपर चढ़ गया ऑर लंड माँ की

चूत मे घुसा कर चुदाई शुरू करदी ,,,,मामा पूरी स्पीड से शुरू हो गया था ऑर साथ ही माँ के बूब्स

को भी चूसने मे लगा हुआ था माँ भी मामा के सर ऑर पीठ पर पागलो की तरह हाथ घुमा रही थी,,,बाहर

खड़े मेरी हालत खराब होने लगी थी ऑर मेरा हाथ मेरे लंड पर पहुँच गया था मैने पैंट को खोलकर

ज़मीन पर गिरा दिया था ऑर लंड को पकड़ कर मूठ मारने लगा था,,,,

माँ ऑर मामा अब ऐसे पोज़ मे थे कि उन दोनो का सर मेरी तरफ था ऑर वो मुझे देख सकते थे इसलिए मैं ज़रा सम्भल कर कर्टन के पीछे से बड़े आराम से छुप कर देख रहा था,,,,माँ का सर बेड से नीचे लटका हुआ था ऑर मामा का सर माँ के बूब्स पर था,,,मामा माँ के बड़े बड़े बूब्स को बड़ी बेरेहमी से मसल ऑर चूस रहा था माँ भी उसको ओर

ज़ोर से काटने मसल्ने ऑर चूसने को बोल रही थी,,,अब मेरे से बर्दाश्त करना मुश्किल हो रहा था मेरा भी

लंड पूरी मस्ती मे था मैं भी माँ को चोदना चाहता था,,पता नही कब मस्ती मस्ती मे मेरे पैर रूम

के अंदर की तरफ बढ़ने लगे ऑर कुछ ही देर मे मैं रूम मे अंदर पहुँच गया,,तभी एक दम से माँ ऑर

मामा की नज़रे मुझ पर पड़ी लेकिन वो रुके नही ,,,,माँ बेड से नीचे झुकी गर्दन से उल्टी होके मुझे देख

रही थी जबकि मामा तेज़ी से मोम को चोदता हुआ उनके बूब्स को मूह मे भरके मेरी तरफ देख रहा था ऑर

यहाँ मैं पॅंट को ज़मीन पर गिरा कर अपने मूसल को हाथ मे लेके मूठ मार रहा था तभी मैने

लंड को छोड़ा ऑर अपनी टी-शर्ट निकाल दी ऑर बेड की तरफ बढ़ने लगा,,माँ तो चुप चाप मुझे देख रही थी

जबकि मामा के चेहरे पर मुस्कान खिली हुई थी वो हँसते हुए माँ के बूब्स को चूस रहा था ऑर मेरी तरफ

देख रहा था मेरी पैंट मेरे पैरो मे गिरी हुई थी इसलिए मैं हल्के कदमो से चल रहा था फिर मैने

अपनी पॅंट को अपने पैरो से दबा कर नीचे से निकाल दिया ऑर माँ के पास पहुँच कर अपने मूसल को माँ के

मूह के पास कर दिया जो बेड से नीचे लटका हुआ था ,,माँ के सर के पास पहुँच कर मैं अपने घुटनो के बल

ज़मीन पर बैठ गया जिस से मेरा लंड माँ के मूह के बराबर आ गया था ऑर उनके लिप्स को टच कर रहा

था माँ ने भी अपनी रज़ामंदी देते हुए मूह को खोल दिया था ऑर मेरे लंड को मूह मे घुसने की अनुमति

दे दी थी ,,,मेरा लंड माँ के मूह मे घुसते ही मैने हल्के से माँ के मूह को चोदना शुरू कर दिया था माँ

ने भी अपने मूह को पूरा खोला हुआ था जिस से लंड भी आसानी से पूरा अंदर घुस रहा था ओर उनके गले से

टकरा रहा था मैने अपने हाथ माँ के बूब्स की तरफ किए तो मामा ने मेरी तरफ मुस्कुरा कर देखा ऑर

अपने सर को माँ के बूब्स से उपर उठा लिया ऑर खुद माँ की टाँगो के बीच मे बैठ गया ऑर लंड को फिर से

माँ की चूत मे डाल दिया ऑर माँ की टाँगो को उठा कर अपने शोल्डर्स पर रख लिया ,,मामा माँ की टाँगो

को पकड़ कर माँ की चूत को फिर से चोदने लगा ऑर मैने अपने हाथ माँ के बूब्स पर रख दिए ऑर बूब्स

को हाथों मे लेके मसल्ने लगा ऑर साथ ही बूब्स पर पकड़ बना कर अपने लंड से माँ के मूह को चोदने

लगा ,,,माँ का मूह पूरा थूक से भर गया था ऑर कुछ थूक तो उनके मूह से बाहर निकल कर ज़मीन पर

गिरने लगा था,,माँ का मूह थूक से भरा हुआ था ऑर मेरा लंड भी थूक से काफ़ी चिकना हो गया था ,,,अब

मेरा पूरा लंड माँ के मूह मे घुस रहा था ऑर लंड की टोपी माँ के गले से नीचे उतर रही थी ,,मैं ऑर

मामा माँ के मूह ऑर चूत को तेज़ी से चोद रहे थे मामा की नज़रे मेरी तरफ़ ही थी ऑर मैं भी उनकी तरफ

ही देख रहा था,,,,,,,

फिर कुछ देर बाद मामा उठ गया ऑर माँ को भी हाथ से पकड़ कर उठा दिया तभी मैने भी अपने लंड को

माँ के मूह से निकाल दिया ताकि माँ उठा सके,,,,मामा बेड पर लेट गया ऑर फिर से माँ को अपने उपर बिठा

लिया ऑर लंड माँ की चूत मे घुस्सा दिया ,,,मामा ने माँ के सर को पकड़ा ऑर अपनी छाती से लगा लिया ऑर

तभी माँ ने मेरा हाथ पकड़ा ऑर मुझे उनके पीछे जाने को बोला,,मैं भी माँ का इशारा समझ गया ऑर

माँ के पीछे जाके अपने लंड को माँ की गान्ड पेर रख दिया ऑर धक्का लगा कर अंदर घुस्सा दिया मैने भी

अपने स्पीड मामा की तरह लंड घुसने के एक दम बाद ही तेज करदी थी ऑर हम दोनो माँ की चूत ऑर गान्ड

को बड़ी तेज़ी से चोद रहे थे,,,माँ बस सिसकियाँ ले रही थी लेकिन कुछ बोल नही रही थी,,,माँ की सिसकियों से

मेरी मस्ती बढ़ती जा रही थी ऑर मस्ती के साथ मेरी स्पीड भी,,मैने माँ की गान्ड को कस्के पकड़ लिया ऑर तेज़ी

से धक्के मारने शुरू कर दिए,,मामा भी नीचे से तेज़ी से माँ की चूत मे लंड पेल रहा था लेकिन मेरी

स्पीड मामा से तेज थी,,

 


,मामा ने माँ के सर को अपनी छाती से लगा रखा था ऑर साइड से मेरी तरफ देख रहा

था तभी मेरा दिल माँ के बूब्स पकड़ने को किया ऑर मैं माँ की पीठ पर आगे की तरफ बढ़ गया ऑर अपने

हाथ माँ के बूब्स पर रखकेर खुद हल्का सा झुक कर माँ के बूब्स पर पकड़ बना ली ऑर स्पीज़ तेज करते

हुए माँ के बूब्स को ज़ोर से दबाने लगा तभी मामा ने भी अपना हाथ मेरे हाथ पर रख दिया ऑर मेरे

हाथों को ज़ोर से दबाते हुए माँ के बूब्स को दबाने लगा ,,,तभी मामा ने मेरी तरफ देखते हुए माँ के

कान के पास शोल्डर को अपने दाँतों से काटना शुरू कर दिया ऑर एक दम से माँ की सिसकियाँ तेज हो गई ऑर

माँ ने मामा के लंड को तेज़ी से अपनीचूत मे लेने के लिए नीचे की तरफ धक्के लगाना शुरू कर दिया मैने

भी मामा को देखते हुए अपने दाँतों से माँ की पीठ को काटना शुरू कर दिया ऐसा करने से एक अजीब सी

नई मस्ती चढ़ने लगी ऑर मैं पागलो की तरह माँ की पीठ पर अपने दाँत गढ़ाते हुए तेज़ी से माँ की गान्ड

को चोदने लगा ,,,माँ की सिसकियाँ पूरे ज़ोर पर थी जब तो मामा अकेला चोद रहा था माँ को तब तो माँ की

सिसकियाँ सिर्फ़ रूम मे गूँज रही थी लेकिन अब एक साथ 2 लंड की चुदाई ने माँ को पागल कर दिया था इसलिए

उनकी सिसकियाँ बहुत तेज हो गई जो शायद पूरे घर मे गूँज रही थी कमरे मे तो शोर सा होने लगा था,,,फिर

मैने देखा की मामा ने अपनी स्पीड ऑर तेज करदी ऑर तेज़ी से खुद को उपर करते हुए माँ की चूत को चोदने

लगे माँ भी समझ गई कि मामा का काम होने वाला है तभी माँ ने मामा के लिप्स को अपने लिप्स मे जाकड़

लिया ऑर खुद को नीचे की तरफ़ करते हुए मामा के लंड को ऑर अंदर तक लेने लगी,,,फिर 2 मिनिट बाद ही मामा

ने पानी छोड़ दिया ओर धीरे धीरे मामा की स्पीड कम हो गई जब तक कि मामा के स्पर्म की लास्ट बूँद तक

माँ की चूत मे नही गिर गई थी,,जब मामा का लंड छोटा हो गया ऑर माँ की चूत से शायद बाहर भी निकल

गया था लेकिन मामा ऐसे ही माँ ऑर मेरे नीचे लेटा रहा ऑर मैं माँ की गान्ड को चोदता रहा

फिर माँ ने मुझे हटने को बोला ऑर मैं हट गया फिर माँ मामा के उपर से हटके बेड पर पीठ के बल लेट गई ऑर मैं

माँ के उपर चढ़ गया ऑर लंड को माँ की चूत मे घुसा दिया ,,,,माँ ने भी मेरे सर को पकड़ा ऑर मेरे

लिप्स मे अपने लिप्स को जाकड़ लिया ऑर पागलो की तरफ चूमने लगी मामा का ध्यान अभी भी हम दोनो की तरफ था

ऑर वो तेज तेज साँसे लेते हुए हल्की मुस्कान से मेरी ऑर माँ की तरफ देख रहा था,,मैने अपनी फुल स्पीड से

माँ की चूत की चुदाई जारी रखी ऑर माँ ने अभी मेरे लिप्स को पागलो की तरह चूसना ओर काटना जारी रखा

साथ ही माँ ने अपने हाथों ऑर पैरो को मेरी पीठ पर कस्के मुझे अपने आप से चिपका लिया ऑर पूरे ज़ोर से

अपने आगोश मे जाकड़ लिया,,,अब माँ की मस्ती ऑर ज़्यादा हो गई थी शायद माँ का भी काम होने वाला था ऑर

तभी माँ ने मुझे ऑर तेज़ी से अपनी चूत चोदने के लिया बोला ऑर मेरी पीठ को पकड़ कर तेज़ी से ऊपर नीचे

करते हुए अपनी चूत चुदवाने लगी,,,,अब तो पक्का था कि माँ का काम भी होने वाला है इसलिए अब वो कुछ

ज़्यादा ही पागल हो गई थी ऑर तभी माँ ने तेज ऑर ज़ोर से सिसकियाँ लेते हुआ पानी छोड़ दिया ऑर मुझे अपने उपर

से हटने को बोलने लगी लेकिन मेरा अभी तक नही हुआ था इसलिए मैं नही हटा पूरी तेज़ी से माँ की चूत की

चुदाई करता रहा ,,,माँ मुझे थोड़े ज़ोर से अपने उपर से हटाने की कोशिश कर रही थी तभी मैने माँ

के हाथों को पकड़ कर बेड से लगा दिया ऑर उनको हिलने का मोक़ा नही दिया ऑर तेज़ी से चूत की ठुकाई करता

रहा माँ की आँखों मे हल्के आँसू थे ओर माँ बेचैनी मे अपने सर को इधर उधर पटक रही थी

मैने मामा की तरफ देखा तो उसके चेहरे पर एक शैतानी मुस्कान थी ऑर मामा ने अपने लंड को हाथ मे

लेके मसलना शुरू कर दिया था ,

मैने माँ के हाथों को पूरे ज़ोर से बेड पर दबा रखा था ऑर पूरी तेज़ी से माँ की चूत को चोद रहा था

लेकिन माँ कुछ बोल नही रही थी बस मेरे से छूटने के लिए खुद की एधर उधर हिला रही थी ऑर बेड पर

अपने सर को भी यहाँ वहाँ पटक रही थी ,,,उधर मामा का लंड भी पूरा ओकात मे आ गया था मामा

उठा ऑर माँ के पास आ गया ऑर लंड माँ के मूह मे डालने लगा लेकिन माँ ने मामा के लंड को मूह मे लेने

से इनकार करते हुए अपने सर को दूसरी तरफ कर लिया तभी मामा ने माँ के सर को पकड़ा माँ के लिप्स मे उंगली

डालके माँ के मूह को खोला जैसे ही माँ का मूह थोड़ा खुला मामा ने जल्दी से लंड की टोपी को माँ के मूह मे

घुस्सा दिया ऑर हल्के से लंड को ऑर अंदर घुसा दिया माँ इस सब के लिए तैयार नही थी इसलिए सर को हिलाने की

कोशिश करने लगी लेकिन मामा ने माँ के सर को कस्के पकड़ा हुआ था ऑर मैने माँ के हाथों को कस्के बेड

से लगाया हुआ था ,,,माँ पूरा ज़ोर लगा कर भी छूट नही सकती थी मामा ने अपने लंड को हल्के से माँ के

मूह मे अंदर बाहर करना शुरू कर दिया अभी मामा अपने आधे लंड को ही माँ के मूह मे घुसा रहा

था लेकिन माँ को ये सब नही करना था वो अभी भी अपने मूह को हिलाने की कोशिश कर रही थी ,,इधर मैं

भी पूरी तेज़ी से माँ की चूत का बाजा बजा रहा था मेरा लंड पूरी तेज़ी से ऑर पूरी लंबाई जितना अंदर बाहर

हो रहा था ,,

 


तभी मामा ने भी अपने लंड को माँ के मूह मे थोड़ा ऑर अंदर डालना शुरू कर दिया था ऑर

माँ की ज़ुबान ऑर आँखें बाहर निकलने लगी थी लेकिन मामा ने मेरी तरह माँ को अनदेखा कर दिया ऑर अपने

लंड को पूरा माँ के मूह मे घुसाने लगा ,,,मामा का लंड माँ के गले से अंदर तक जा रहा था ऑर मेरा

लंड माँ की चूत मे पूरा अंदर तक तेज़ी से जा रहा था

कुछ देर बाद मामा ने अपने लंड को माँ के मूह से निकाला ऑर मुझे माँ के उपर से हटा दिया ऑर माँ को भी

हाथ पकड़ कर उठा दिया माँ ने उठते ही अपने सर को नीचे किया ऑर मूह खोल दिया माँ के मूह से खूब

सारा थूक बेड पर गिरने लगा तभी मामा बेड पर लेट गया ऑर माँ को अपने उपर पीठ के बल बिठा लिया ,,

माँ की हालत बहुत बुरी थी अब वो कुछ नही करना चाहती थी लेकिन मामा ने ज़ोर ज़बरदस्ती से माँ को अपने उपर बिठा

लिया ऑर लंड को माँ की गान्ड मे घुस्सा दिया मामा का लंड माँ के थूक से पूरी तरह चिकना हो चुका था

जो पहली ही बार मे पूरा का पूरा माँ की गान्ड मे घुस्स गया था मामा के हाथ माँ की पीठ पर थे ऑर

तभी मामा ने अपने हाथ हटा लिए ऑर माँ ने खुद को गिरने से बचाने क लिए अपने हाथ बेड पर रख दिए

मैं माँ के सामने की तरफ आ गया माँ की टाँगें खुली हुई थी ऑर उनकी चूत ठीक मेरे सामने थी मैं आगे

बढ़ा लेकिन माँ ने आँखों ही आँखों मे मुझे मना किया लेकिन मैं कहाँ रुकने वाला था मैने आगे होके

लंड को माँ की चूत पे रखा ऑर तेज़ी से धक्का लगा कर पूरा लंड माँ की चूत मे घुसा दिया तभी माँ

की एक तेज चीख निकली ऑर साथ ही आँखों से कुछ आँसू भी लेकिन मुझे ऑर मामा पर माँ की चीख का

कोई असर नही हुआ मामा ने अपनी स्पीड कायम रखी और मैने भी लंड घुसाते ही स्पीड तेज करदी ,,माँ

मुझे रोकना चाहती थी लेकिन खुद को गिरने से बचाने के लिए उसने अपने हाथ बेड पर लगा रखे थे

ऑर अब उन हाथों को मामा ने अपने हाथों से पकड़ रखा था ...मैं ऑर मामा पागलो की तरह माँ को

रंडी बना कर चोद रहे थे ना तो मुझे कोई तरस आ रहा था माँ पर ऑर ना मामा को जबकि माँ की सारी

सिसकियाँ चीखों मे बदल चुकी थी ओर शायद यही चीखें मुझे ऑर मामा को ऑर पागल कर रही थी ऑर

हम लोग बिना रुके तेज़ी से माँ की चुदाई कर रहे थे,,, तभी माँ ने तेज़ी से चिल्लाते हुए पानी छोड़ दिया

ऑर उनको आँखों से भी पानी बहने लगा था लेकिन मेरे को कोई फ़र्क नही पड़ा ऑर मैं वैसे ही तेज़ी से माँ की

चूत को चोदता रहा ,,,अब तो माँ की आवाज़ ऑर भी तेज होने लगी थी चीखों मे दर्द सॉफ सुनाई दे रहा

ऑर आँखों से बहते आँसू भी दर्द को बयान कर रहे थे तभी मामा ने मुझे इशारा किया ऑर मैने

अपने लिप्स माँ के लिप्स से लगा कर उनकी आवाज़ को बंद कर दिया माँ बुरी तरह से झटपटाने लगी ऑर मैं माँ

को किस नही कर पा रहा था ,,तभी मैने माँ के बोब्बस को मूह मे भर लिया ऑर तेज़ी से काटने ऑर चूसने

लगा जिस से माँ की सिसकियाँ ऑर दर्द भरी चीखे ऑर तेज हो गई ऑर मुझे वो सब सुनके मस्ती कुछ ज़्यादा ही

चढ़ने लगी ऑर मैने माँ के बूब्स को तेज़ी से काटना शुरू कर दिया था माँ के बूब्स पर मेरे दाँतों के

निशान पड़ने लगे थे ऑर मस्ती मे मेरी स्पीड भी तेज होने लगी थी,,,

मैं ऑर मामा माँ को ऐसी पोज़ मे करीब 20 मिनिट से चोद रहे थे तभी माँ ने तेज़ी से चिल्लाते हुए एक

बार फिर पानी छोड़ दिया तभी मुझे भी लगा कि मेरा भी होने वाला है ऑर मैने जल्दी से लंड को माँ की

चूत से निकाला ऑर खड़े होके लंड को माँ के मूह मे डाल दिया ऑर तेज़ी से अंदर बाहर करने लगा माँ ने अपने

फेस को साइड करने की कोशिश की लेकिन मैने माँ के सर को उनके बालों से कस्के पकड़े रखा ऑर तेज़ी से लंड

को माँ के मूह मे घुसाने लगा मेरा लंड माँ के गले से अंदर तक जा रहा था करीब 1 मिनिट बाद मैने

माँ के गले के अंदर तक लंड घुसा कर पानी छोड़ दिया जो सीधा माँ के गले से अंदर ही गया ज़रा सा भी

माँ की ज़ुबान पर नही गिरा ,,,फिर मैने लंड माँ के मूह मे थोड़ी देर ऑर पेला जब तक लंड के पानी की लास्ट

बूँद तक नही निकल गई ,,जब लंड छोटा हो गया तो मैने उसको माँ के मूह से निकाल दिया ऑर साइड मे हट गया

तभी मामा ने भी माँ को छोड़ दिया ऑर माँ बेड पर बेसूध होके गिर गई शायद मामा का भी पानी निकल

'गया था.......हम तीनो बेड पर नंगे लेटे हुए तेज़ी से हाँफ रहे थे लेकिन माँ की अहलत कुछ ज़्यादा ही

खराब थी,,,,,,,,,मेरी ऑर मामा की हालत कुछ देर मे ठीक हो गई थी लेकिन माँ तो हिल भी नही रही थी ,,

मामा ने माँ को हिलाया बात माँ हिली भी नही तभी मामा जल्दी से बाथरूम मे गया ऑर जग मे पानी लेके

आया ओर पानी के छीन्टे माँ के मूह पर मारे तो माँ को कुछ टाइम बाद होश आया,,,,होश मे आते ही माँ ने एक

बार मेरी ऑर मामा की तरफ गुस्से से देखा जैसे हमे गोली मारना चाहती हो लेकिन बाद मे चुप चाप साइड होके

लेट गई,,,,,हम मे से कोई कुछ नही बोल रहा था करीब 10 मिनिट ऑर रूम मे सन्नाटा ही रहा,,,,,,,,,,

आज तो मेरी जान ही निकाल दी तुम दोनो ने मिलकर,,ऐसे चोदा जैसे मैं तुम्हारी माँ ओर बेहन नही कोई गली

की रंडी हूँ,,,,कोई ऐसे चोदता है क्या अपनी माँ ऑर बेहन को,,,,,,,,,,मैं ऑर मामा चुप रहे,,,,,,,,,,,,

माँ--एक बात तो है चाहे रंडी बना कर चोदा लेकिन आज ज़िंदगी मे पहली बार इतना मज़ा आया है,,,,,,,,,,,,फिर

माँ हँसने लगी ऑर माँ को खुश देख कर मैं ऑर मामा भी हँसने लगे,,,,,,,,,,

मैं--सच मे मा मज़ा आया ,,,,,,

माँ--हाँ बेटा बहुत मज़ा आया लेकिन जान भी निकल गई ,,,,,,,,,,,,,

मैं--कितना मज़ा आया माँ,,,,,,,,

माँ--बहुत मज़ा आया बेटा,,,,

मैं--विशाल भाई जितना मज़ा आया या उस से भी ज़्यादा,,,,,,,,,,,,,,,,,,मेरी बात सुनकर माँ ऑर माँ मामा दोनो के

होश उड़ गये दोनो आँखे फाड़ फाड़ कर मुझे देखने लगे,,,,,,,,,,बोलो ना माँ विशाल भाई जितना मज़ा

आया या उस से भी ज़्यादा,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,माँ ऑर मामा दोनो चुप थे,,,,,,,,,,,,अरे माँ बोलो ना डरो

नही ,मुझे सब पता है माँ ऑर आज से नही करीब 2 मंत्स पहले से,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,फिर मैने माँ

को सारी बात बता दी,,कैसे माँ को भाई के साथ ,,,,,फिर भाई ऑर मामा के साथ ओर कैसे देल्ही मे मुझे मामा

ने मुझे दूध मे नींद की गोली दी,सब कुछ बता दिया,,,,,,,,,,,,,,,,,,कैसे मैं उनकी चुदाई देखता हूँ

कॉलेज से घर आके,मेरे पास घर की दूसरी चाबी है,,,,,,,,,,,,माँ ऑर मामा बड़ी हैरानी से मेरी बात

सुन रहे थे,,,,,,,,,,,,,,,मेरी बातें सुन कर मामा तो मुस्कुरा रहा था लेकिन मैने गौर किया माँ की

आँखें थोड़ी नम होने लगी थी उनकी आँखों मे हल्के हल्के आँसू आ रहे थे,,,,,,,,,,,

 


मामा--तू तो बड़ा कमीना निकला सन्नी,,,,,,,,,,,,

मामा--,हाँ मामा आख़िर भांजा किसका ऑर बेटा किसका हूँ.........,,माँ

की आँखों मे हल्के आँसू थे लेकिन अभी भी वो चुप थी ऑर कुछ परेशान भी,,,,,,,,,,,,,,,माँ तुम टेन्षन

मत लो ये बात मैने किसी को नही बोली है ऑर ना कभी बोलूँगा,,,,,,,,,,जैसे मामा ऑर वॉशल भाई आपकी

चुदाई करते है वैसे आज से मैं ऑर मामा मिलकर अपनी चुदाई करेंगे,,,,,,,,आपको मैं विशाल भाई की

याद भी नही आने दूँगा,,,,,,,,ये बात सुनकर माँ के आँसू थोड़े कम हुए लेकिन चेहरे पर परेशानी

के भाव अभी भी झलक रहे थे,,,,,

मामा--क्यू बेहन क्या बोलती हो एक बार ऑर हो जाए,,,,,,,,,माँ कुछ नही बोली

बस नम आँखों से उठकर अपने कपड़े लेके वॉशरूम मे चली गई,,,,,,मुझे बहुत अजीब लगा ऑर मैने

भी अपने कपड़े पहने ऑर वहाँ से चला गया,,,,,,,,,,,ना तो माँ ने अभी तक मामा को ये बताया था कि वो

मेरे से पहले भी चुद चुकी थी ऑर ना ये बात मैने मामा को बताई कि मैं पहले भी माँ को चोद चुका

हूँ,,,,,,,माँ रोने क्यू लग गई थी,,,,क्या उनको मेरा वहाँ आना अच्छा नही लगा था ,,,,या मेरी वजह से

उनको विशाल भाई की याद आ गई थी,,,,,,,,,पता नही क्या बात थी लेकिन माँ को आँखों के आँसू देख कर

मेरा मज़ा थोड़ा कम हो गया था,,,,,,,,मुझे इस बात की बड़ी खुशी थी कि मैने आज मामा के साथ मिलकर

माँ को चोदा था लेकिन अब थोड़ा अजीब भी लग रहा था,,,,,,,,,,,,

_____________________________________

मामा के साथ माँ की चुदाई के मज़े को माँ की नम आँखों ने थोड़ा कम कर दिया था लेकिन फिर भी

आज मैं बड़ा खुश था माँ को मामा के साथ मिलकर जो चोदा था,,,ये खुशी भी बिल्कुल वैसी थी जब एक ही

बेड पर बुआ शोभा ऑर पूजा को चोदा था,,,,,,,,आज भी वैसे ही मस्त चुदाई हुई थी शायद उसी मस्ती की वजह

से मेरा पानी काफ़ी देर बाद निकला था,,,,,,,,,,,आज की टाइमिंग सबसे ज़्यादा रही मेरी.........एक तो आज घर मे

खुशी मिली ऑर दूसरू खुशी मिली घर से निकलते ही,,,,,,,,,,,,,घर से बाइक लेके निकला तभी हल्की बारिश शुरू

हो गई,,,,,,,,,,आइ लव बारिश ,,,बारिश मे भीगने का कोई मोका हाथ से नही जाने देता मैं,,,,,फिर चाहे

मुझे जुखाम या भूखार ही क्यू ना हो जाए,,,,जब पहली बारिश की पहली बूँद आपके चेहरे पर गिरती है तो

उस एक पल की खुशी भी बहुत अच्छी लगती है,,,,मैं हल्की बारिश का लुफ्त उठाता हुआ बाइक पर कॉलेज की तरफ

जा रहा था अभी कॉलेज से 2-3 मिनिट की दूरी पर था तभी एक दम से बारिश तेज हो गई उस टाइम कॉलेज से

भी छुट्टी हो चुकी थी जब तक कॉलेज के गेट पर पहुँचा तो सभी लोग भीगते हुए कॉलेज से बाहर आ रहे

थे,,,,,कुछ तो अपनी बुक्स को सर पे रखके भाग रहे थे ऑर बारिश का लुफ्त उठा रहे थे ऑर एंजाय कर

रहे थे ,,,,,,,कुछ लड़कियाँ सूट मे थी ऑर उनका भीगा हुआ बदन कयामत लग रहा था सूट पूरा उनके

बदन से चिपका हुआ था मैं उन लड़कियों को देख कर आँखें गर्म कर रहा था तभी देखा कि कुछ 10-15

लड़के एक तरफ बड़ी गौर से टकटकी बाँध कर देख रहे थे मैने उन लड़को की नज़रों का पीछा किया तो

मेरे होश उड़ गये,,,,,सामने से एक कयामत चली आ रही थी ,,एक ---साल की लड़की ब्लू जीन्स ऑर वाइट कुर्ते

मे पूरी तारह भीगी हुई फिर भी बारिश से बचने के लिए अपनी बुक्स को सर पर रखे नाकाम कोशिश कर रही

थी लेकिन पहले से ही पूरी तारह भीग चुकी थी,,,,,,उसका टाइट फिटिंग जीन्स ऑर साथ मे कॉटन का वाइट कुर्ता

जो भीग कर उसकी छाती से चिपका हुआ था ऑर नीचे से उसकी वाइट ब्रा को सबके सामने खुली तरह से दिखा

रहा था,,,,उसके छोटे छोटे बूब्स उस कुर्ते मे कयामत लग रहे थे ,,,पेट तो बिल्कुल भी नही था एक दम

स्लिम थी ,,,बड़ी बड़ी आँखें गोरा रंग,,,,,काले बाल जो खुले हुए थे ऑर पूरी तरह भीगे भी हुए थे,,

चलती फिरती अंगार लग रही थी,,,,कसम से बोलता हूँ अगर वहाँ 200 लड़के थे तो कम से कम 195 लड़को

का ध्यान उसकी तरफ ही था ,,,,,,,,,ऑर कुछ लड़कियाँ भी जलन के मारे उसकी तरफ देख रही थी,,,,वो थी ही

सबसे अलग ओर सबसे ज़्यादा खूबसूरत,,,,,मैं भी बस उसकी तरफ़ ही देख रहा था ऑर ना जाने किस दुनिया मे

खो गया था,,,,,आस पास इतने लोग थे फिर भी नज़रे उसपे टिकी हुई थी,,,,तभी एक दम से वो लड़की मेरे पास

आ गई ओर बोली,,,,,,,,,,,कहाँ चला गया था तू ब्लककी,,,,,मैं तो जैसे नींद से जागा वो मिस वर्ल्ड मेरे ही

पास खड़ी हुई थी ऑर जल्दी से मेरी बाइक पेर बैठ कर मेरे सर पे हल्के से थप्पड़ मारा ,,,,,,,,,अब घर भी

जाना है सन्नी या यही रुक कर बारिश मे भीगना है,,,,,,,,तभी मैने पीछे मूड कर सोनिया की तरफ देखा

ऑर बाइक चलाना शुरू कर दिया,,,वो भीगी हुई अप्सरा मेरी ही बाइक पर बैठी हुई थी जिसको मैं नज़रों ही नज़रों

मे पूरा का पूरा निगल गया था,,,,,मैने बाइक चला शुरू किया तभी सोनिया ने अपना हाथ मेरे शोल्डर

पर रख दिया ,,,,,मैने बारिश मे भीगता हुआ एंजाय करता हुआ बाइक को बहुत स्लो स्पीड पर चला रहा था

 


सोनिया--,सन्नी जल्दी चलो भाई बारिश बहुत तेज है,,,,,,,,,,,,,

मैं--अच्छी बात है बारिश तेज है मुझे तो बड़ा मज़ा आरहा है बारिश मे भीगने मे,,-क्या तुमको मज़ा नही आ रहा सोनिया--मज़ा तो आ रहा है भाई बट ठंड भी बहुत लग रही है,,,,,,,

तभी मैने सोनिया की तरफ़ मूडकर देखा ऑर उसको आगे होके मेरे को हग करने को बोला,,,,,,,,,,,,,मेरे साथ लग जाओ ठंड कम लगेगी,,,,,,,,,,,,उसने भी जल्दी से आगे होके आपने दोनो हाथ मेरी कमर की साइड से मेरे पेट पर रख दिया ऑर मुझे हग कर लिया,,,क्या एहसास था ये ,,,एक कमसिन पूरी तरह से भीगा हुआ जवान बदन मेरे साथ चिपका हुआ था ,,,उसके बूब्स मेरी पीठ पर दबे हुए थे ऑर मुझे इस बारिश मे भी गर्मी का एहसास हो रहा था,,,,ऐसे लग रह था जैसे बारिश की बूंदे मेरे जिस्म पर गिर कर भाप बनके हवा मे उड़ रही थी,,,,उसका चहरा भी मेरे राइट शोल्डर के उपर मेरे कान के पास

था,,इतना पास कि उसकी साँसे मेरे कान मे गुदगुदी कर रही थी ऑर अजीब से मस्ती भर रही थी मेरे दिल मे,,

\

तभी मैने बाइक के मिरर को सोनिया की तरफ सेट किया ऑर मिरर मे सोनिया को देखा तो उसका मासूम सा भोला

भला क्यूट सा भीगा हुआ फेस जिसपे बारिश की बूँद गिर रही थी ऑर उसके रूप को ऑर ज़्यादा निखार रही थी,,

उसके पिंक कलर के लिप्स पर जब बारिश की बूंदे गिरती तो वो अपनी ज़ुबान को बाहर निकाल कर अपने लिप्स पर

घुमाती ऑर बारिश की बूँदों को अपनी ज़ुबान से चाटने लगती,,,तभी मैं मिरर मे उसको देख रहा था ऑर

एक दम से उसका ध्यान भी मेरी तरफ हुआ उसने मुझे देखा तो झट से अपनी ज़ुबान को अंदर कर लिया लेकिन

एक टक से मेरी तरफ देखती रही मैं भी मिरर मे उसकी तरफ देख रहा था मुझे बाइक चलाने का भी होश

नही था तभी सामने से आ रही कार ने हॉर्न बजाया ऑर सोनिया ने एक दम से चिल्ला कर बोला,,,,,भाई सामने

देखो,,,,,,,,मेरा ध्यान एक दम से सामने से आ रही कार पर गया ओर मैं बाइक को टर्न कर दिया वरना हम

लोग कार से टकरा जाते,,,,,,,,मैं कुछ डर सा गया ऑर शर्मिंदा हो गया मुझे लगा अब सोनिया मुझ पर गुस्सा

होगी लेकिन उसने तो मिरर मे मुझे हंस कर देखा ऑर बोली,,,,,भाई ड्राइव पर ध्यान दो प्लीज़ ऑर ज़्यादा एंजाय

मत करो बारिश को,,,,,,,मैने भी हल्की सी स्माइल दी ऑर बाइक की तरफ ध्यान देने लगा लेकिन बीच बीच मे

मैं मिरर की तरफ से सोनिया को एक नज़र देख लेता वो भी मुझे देखती ऑर स्माइल कर देती,,वो अभी मेरे से पूरी

तरह से चिपकी हुई थी उसके बूब्स मेरी पीठ पर दबे हुए थे ऑर बारिश के ठंडे अहसास मे भी मुझे

उसके बूब्स की गर्मी का हल्का हल्का अहसास्स हो रहा था ऑर मेरे कान पर पड़ने वाली उसकी गर्म साँसे भी

मुझे उत्तेजित कर रही थी,,,,,हम लोग स्लो ड्राइव करते हुए घर आ गये,,,,,घर आते ही मैं जल्दी से बाइक से

उतरा ऑर सोनिया भी उतार गई,,,,मैं तो भाग कर छत की तरफ जाना चाहता था लेकिन माँ ने मुझे ऑर सोनिया को

नीचे ही रोक दिया,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,कहाँ जा रहे हो तुम दोनो,,,,हे भगवान तुम लोग पता नही कब बड़े होगे

कैसे बच्चों की तरह भेग कर आए हो बारिश तेज थी तो कुछ टाइम रुक जाते वही इतनी क्या जल्दी थी,,,,मैने माँ

की बात को अनसुना किया ऑर उपर की तरफ चलने लगा,,,,,,,,,,,,,,,

माँ--,रूको सन्नी कोई ज़रूरत नही है उपर जाने की यही रुक जाओ ,,,,मैं तुम दोनो के लिए कपड़े यही लेके आती हूँ मुझे पता है तुम दोनो छत पर जाके फिर से बारिश मे भीगने लग जाओगे,,,,,,,,,,,,,,

सोनिया--,नही मॉम हम तो अपने रूम मे जाके चेंज करेंगे ऑर वापिस नीचे आ ज्जाएँगे,,,,,,,,,,,,,,

माँ--मैं जानती हूँ बेटी तुम दोनो को तुम बारिश मे भीगने का कोई मोक़ा अपने

हाथ से नही जाने देते आख़िर मैं तुम्हारी माँ हूँ,,,,,,,,,,,अब चुप चाप यही बैठ जाओ मैं तुम दोनो

के रूम से कुछ कपड़े लेके आती हूँ,,,,,,,,,,,,

मजबूरन हमे वही रुकना पड़ा हमारा दिल तो यही कर रहा

था कि छत पर जाके थोड़ी देर ओर बारिश मे एंजाय करे,,लेकिन माँ ने हमे नही जाने दिया,,,,,माँ कपड़े

लेके आई ओर हम दोनो को चेंज करने को बोला,,,,,,ऑर खुद किचन मे चली गई,,,हम दोनो ने चेंज किया

ऑर तब तक माँ खाना लगा चुकी थी,,,,,,,,,,हम दोनो का खाना खाने को बिल्कुल भी मन नही हो रहा था ऑर

हल्का सा गुस्सा भी आ रहा था माँ पर,लेकिन हम कुछ कर भी नही सकते थे ऑर चुप चाप से खाने लगे

ऑर खाना ख़तम करके वही बैठ कर टीवी देखने लगे,,,,,,

तभी डोर की बेल बजी माँ ने डोर खोला तो सामने बुआ थी इसलिए माँ पलट कर वापिस आ गई ऑर अपनी जगह

पर बैठ गई,,,,,,,,,,

बुआ--अच्छा हुआ सन्नी बेटा तुम घर पर हो देखो मैं क्या लेके आई हूँ,,,,,,,,,

मैं-क्या है बुआ,,,,,,,,,,,,,,

बुआ--बाहर चलो ऑर खुद देखो तुम भी चलो सोनिया,,,,,,,

लेकिन माँ ने हम दोनो को इशारे से मना कर दिया सोनिया तो वही रुक गई लेकिन बुआ मेरा हाथ पकड़ कर बाहर ले गई,,,,,,बाहर एक न्यू कार खड़ी हुई थी ,देखो सन्नी कैसी लगी मेरी न्यू कार,,,,,,,,

मैं--ओह माइ गॉड बुआ ये तो------------ कार है ,,मुझे सबसे ज़्यादा यही कार अच्छी लगती है चलो फिर ड्राइव पर चलते है ये लो कीस ऑर ड्राइव करो,,,बुआ ने मुझे कार की चाबी दी ,,,,,,,,,,

मैं--लेकिन बुआ मेरे पास तो लाइसेन्स नही है,,,,,,,,,,,

बुआ--बेटा लाइसेंस नही है फिर भी बाइक तो ड्राइव करते हो ना तो कार ड्राइव करने मे क्या है,,,,,,,,,,

मैं कार की ड्राइव सीट पेर बैठ गया ऑर बुआ मेरे साथ वाली सीट पर,,,,,,,,,,,कैसे लगी कार सन्नी बेटा,,,,,,,,,,

मैं-बहुत अच्छी है बुआ ,,,,कब ली ये कार बुआ,,,,,,,

बुआ--अभी जस्ट भाई के साथ जाके लेके आई हूँ भाई को बॅंक छोड़ा ऑर सीधा घर आ गई मुझे पता था तू अब तक कॉलेज से घर आ गया होगा,,,,,,,

मैने कार स्टार्ट की ऑर हम लोग चल पड़े शोभा कहाँ है बुआ,,,,,,,,,

बुआ--,बेटा वो कॉलेज से ज़रा लेट आने वाली है एक्सट्रा क्लासस है उसकी,,,,,,,,,

मैं-,बुआ अब तो पार्टी होनी चाहिए न्यू कार की,,,,,,,,,

बुआ-पार्टी कर देती हूँ बेटा बोलो क्या खाना है,,,,,,,,,

मैने बुआ के बूब्स की तरफ़ इशारा कर दिया,,,,,,,,,,

बुआ--तू बहुत ही ज़्यादा शरारती हो गया है सन्नी बेटा लेकिन मैने तो तेरे लिए कोई ओर पार्टी तैयार की है लेकिन अभी नही आज रात के लिए तुम बस आज रात को बुटीक पर रहने आ जाना ,,,,,,,,,,

मैं--,कोन्सि पार्टी है बुआ,,,,,,,,,,

बुआ-ये तो आज रात को ही पता चलेगा,,,,,,,,,

मैं-ठीक है बुआ आ जाउन्गा लेकिन अभी के लिए तो कुछ होना चाहिए,,,,,,,

मैं-नही अभी कुछ नही अभी जस्ट ड्राइव करो फिर कुछ देर बाद मुझे कहीं जाना है ,,,,

मैं--नही बुआ कुछ हल्की सी पार्टी तो अभी करनी ही पड़ेगी,,,,,,,,

बुआ--,ठीक है बेटा जैसा तुम चाहो इतना बोल कर बुआ ने अपना हाथ मेरे बर्म्यूडा के उपर

से मेरे लंड पर रख दिया ऑर हल्के से दबाने लगी,,,,,,मेरा लंड तो पहले से ही बातों बातों मे हार्ड हो

चुका था ऑर बुआ के हाथ लगते ही उछलने लगा था बुआ ने मेरे बर्म्यूडा को थोड़ा नीचे किया ऑर मैने

भी खुद को सीट से उठाकर बुआ की हेल्प की जिस से मेरा बेदमूदा नीचे हो गया ऑर लंड बाहर निकल आया,,

मैने कार को घर से थोड़ी दूर एक कॉलोनी की तरफ मोड़ दिया उस कॉलोनी मे अभी जस्ट 5-7 घर ही बने थे

ऑर बाकी एरिया खाली पड़ा था ना बंदा ना बंदे की ज़ात,,,,,वैसे भी इतनी बारिश मे किसने होना था बाहर

रोड पर,,,,मैने हल्की स्पीड मे ड्राइव कर रहा था ऑर बुआ मेरे लंड को सहला रही थी तभी मैने कार

एक घर की पिछली दीवार के साथ खड़ी करदी जहाँ से हमे कोई नही देख सकता था ऑर कार बंद करके बुआ

की तरफ देखा ऑर तभी बुआ भी मेरी तरफ देखते हुए आगे बढ़ी ,,हम लोगो ने एक दूसरे के लिप्स को चूमना

शुरू कर दिया,,,,मेरी तो वैसे ही बारिश मे भीगने की वजह से हालत खराब थी क्योंकि बाइक पर सोनिया जो

मेरे साथ थी,,,,,,,,,,अच्छा हुआ बुआ आ गई वर्ना आज तो मूठ मार कर काम चलाना पड़ता क्योंकि लंड तो मस्ती

मे पूरा भरा हुआ था स्पर्म को नही निकालता तो फॅट जाता ये साला,,,,,,,,,,

मैने बुआ के लिप्स को अपने लिप्स मे जकड़ा ऑर हल्के से किस करने लगा ऑर साथ ही बुआ के ब्लाउस के बटन को

खोलने लगा,,,,,

बुआ--सन्नी मत करो बेटा अभी जस्ट थोड़ा बहुत करते है ना कोई आ जाएगा मत खोलो इसको ,,,,,,,,

मैं--अरे बुआ डरो नही कोई नही आता यहाँ आप बस एंजाय करो ,,,,,,,,,,,,,

बुआ--लेकिन सन्नी,,,

इस से पहले बुआ कुछ ऑरबोलती मैने बुआ के लिप्स को फिर से अपने लिप्स मे जाकड़ लिया ऑर चूसने लगा साथ ही अब तक मैने बुआ के ब्लाउस को भी खोल दिया था ऑर ब्रा के उपर से उनके बूब्स को सहलाने लगा था बुआ का हाथ भी मेरे लंड पर उपर नीचे हो रहा था तभी मैने बुआ के सर को पकड़ा ऑर अपने लंड की तरफ कर दिया ऑर बुआ ने भी अपने मूह को खोल कर लंड को मूह मे ले लिया ऑर मूह को उपर नीचे करते हुए लंड चूसने लगी बुआ ने अपने हाथ

को भी लंड से हटा दिया था ,,मैने अपनी सीट को पीछे की तरफ मोड़ दिया ऑर आराम से लेट गया ऑर अपने हाथ

बुआ के बूब्स पर रखके उनको मसल्ने लगा,,,,,,,बुआ ने भी अपने हाथ को हटा लिया था ऑर मूह को उपर-

नीचे करते हुए पूरा लंड मूह मे लेने की कोशिश करने लगी थी वो भी अब बहुत मस्त हो चुकी थी ऑर पूरी

तेज़ी से सर को उपर नीचे कर रही थी,,,मेरा लंड पूरा थूक से भीग गया था ऑर काफ़ी चिकना हो गया था,,

बुआ उसको अपने होंठों मे दबा कर उपर नीचे हो रही थी मुझे तो किसी चूत से भी ज़्यादा मज़ा आ रहा

था ऑर मैं भी मस्ती मे बुआ के बूब्स को ज़ोर ज़ोर से मसल रहा था तभी बुआ ने अपनी ब्रा को उपर कर दिया

ऑर अपने बूब्स को आज़ाद कर दिया अब मैं बुआ के नंगे बूब्स को मसल्ने लगा ऑर बुआ भी लस्ति मे लंड

को मूह मे तेज़ी से अंदर बाहर करने लगी,,,,

 
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