Hello Friends You can Register on the Forum and by posting you can earn money too.
JavaScript is disabled. For a better experience, please enable JavaScript in your browser before proceeding.
You are using an out of date browser. It may not display this or other websites correctly.
You should upgrade or use an
alternative browser .
गुलाम
Thread starter
Thread starter
StoryPublisher
Start date
Start date
Jun 5, 2026
जय की तरफ देखते हुए
तू जा और कही नशा करके पड़ जाना
क्यूकी वोही काम तुझसे ढंग से होता है है ना
ज़ाआाआ
ठाकुर चिल्लाया
जय हमेशा की तरह बिना कुछ बोले वहाँ से चला गया
शिवानी- डॅड तो हमें बता ही दीजिए ना की क्या रीज़न है इसका
आज के टाइम मे कोई इतनी बेज़्जती नही सहता
डॅड- टाइम आने पर सब पता चल जाएगा
निशा- नही हमें अभी जानना है
प्रिया- हा हमें अभी जानना है
ठाकुर- अभी के लिए बस इतना जान लो की वो एक इंसान नही शैतान है
उसे खून की प्यास है
मैने जितनी कोशिश की शहर मे खून ख़राबा कम करने की उसने उतना ही ज़्यादा खून बहाया
तुम सब के मुझे छोड़ जाने के बाद मैं बुरी तरह से टूट गया था और कसम लेली थी की शहर को जितना मैला मैने किया है उसे सॉफ भी मैं ही करूँगा
पर फिर एक दिन शैतान का रूप लेके ये आ गया और इतना खून बहाया इतना खून की शहर की सड़कें आज भी लाल है
उसे दूसरो को दर्द देकर खुशी मिलती है वो उस दर्द और उससे मिलने वाली खुशी के लिए ही जिंदा है
प्रिया- पर लोग तो उसे पूजते है(मंदिर वाला सीन)
ठाकुर- लोग पूजा उसी की करते है जिससे उन्हे डर लगता है
ये जनता भोली है
कोई एक जान बचा लेता है उसे ही अपना सब कुछ मान लेती है पर उन्हे ये नही पता की उससे पहले कितनी जाने गई हैं
मुझे नही पता की आज इसने उन लड़को को जिंदा क्यू जाने दिया क्यूकी माफ़ करना इसकी फितरत मे नही
ये वो मॉन्स्टर है जिसे मैने बनाया है और अब मैं ही भुगत रहा हू.....
निशा- मुझे कुछ समझ नही आ रहा आख़िर यहाँ चल क्या रहा है
वो( जय) तो बोल रहे थे की बचपन से यहाँ है डॅड बोल रहे है की जब आया तब तबाही मचा दी इसका मतलब बचपन से तो यहाँ नही थे
आई ऐम टोटली कन्फ्यूज़्ड
शिवानी- मैं भी मुझे भी कुछ समझ नही आ रहा
लोगो को देख कर तो ये नही लग रहा था की वो सब डर की वजह से रेस्पेक्ट कर रहे हो
डॅड कुछ अलग ही बोल रहे है
दिमाग़ पूरा खराब हो चुका है
प्रिया- कुछ भी हो पता तो मैं लगा कर ही रहूंगी
वो कौन है क्या चाहता है और यहाँ क्यू है
कुछ तो बात है उसमे
निशा- क्या वो सच मे इतना नशा करते है जितना डॅड बोल रहे थे
मुझे तो नही लगता
शिवानी- क्यू तू प्यार करने लगी है उससे
निशा- अच्छा दीदी और आप?
शिवानी- मैं क्या??
प्रिया- तुम दोनो पागल हो गये हो
देखा नही कैसे उसने अपना हाथ काट लिया था वहाँ
वो तो तुमसे भी बड़ा पागल निकाला
निशा- वैसे प्यार तो आपको भी बहुत आ रहा था उसपर
पर भाई कौन बनता है दीदी
आप भी ना अपने साथ साथ हमारे भी काम बिगाड़ देती
प्रिया- अच्छा...
एक बात बताओ अगर तुम दोनो मे से उसने एक को चूज़ कर लिया तो??
शिवानी- ऐसे कैसे एक को कर लेगा
माना गुड़िया ज़्यादा सुंदर है पर मेरा भी फिगर अच्छा है
हम दोनो बहने मिल बाँट कर खा लेंगे
निशा- सही बोला दीदी ने
प्रिया- हा वो तो कोई खाने की चीज़ है ना
जो मिल बाँट कर खा लोगे
तुम्हे तो शरम ही नही है
निशा- दी वैसे आपका मन है तो आप भी आ जाओ
तीनो बहनें एक ही घर मे रहेंगे एक ही इंसान से प्यार करेंगे
कितना मज़ा आएगा ना
प्रिया- ओये बहुत ज़ुबान चलने लग गई है तेरी
एक बार सोच तो लिया कर क्या बोल रही है
निशा- मैं तो बस दिल की बात बता रही थी
वैसे भी बचपन से आपने ही हमारा मा बनकर ख़याल रखा है
वहाँ भी आप रहोगे तो कितना अच्छा होगा
प्रिया- बेटा अभी ना तुम पढ़ाई पर ध्यान दो
एन सब बतो मे कुछ नही रखा समझी
शिवानी- अच्छा दी एक बात तो बता दो
प्रिया- हा तुम भी पूछ ही लो
शिवानी- ये आप एक्सरसाइज़ तो कभी करते नही हो फिर भी आपने इतना अच्छा फिगर कैसे मेनटेन कर रखा है
थोड़ा टिप्स दे दो प्लीज़
प्रिया ने भी सोचा लेक्चर तो हमेशा देती है आज थोड़े मज़े कर लिए जाए
प्रिया- ये ना राज की बात है किसी को बता नही सकती
निशा- और ये राज कौन है दीदी
हहेहेहेहेहेहेहेहहे
प्रिया- है कोई
निशा- अच्छा इतना इंपॉर्टेंट है की हमें भी नही बताओगे
प्रिया- जिस दिन मिलेगा उस दिन सबसे पहले तुझे ही बताउन्गी
निशा- और उसके लिए अभी से फिगर मेनटेन करना शुरू कर दिया है दीदी ने
आप तो बहुत फास्ट निकली दी
प्रिया- तू ना मार खाएगी मुझसे
कुछ भी बोल देती है
निशा- अच्छा दीदी आपको कैसा लड़का चाहिए?
शिवानी- ये तो मुझे भी जानना है
प्रिया- ऑनेस्ट,काइंड,केरिंग
निशा- मुझे तो हॉट और हॅंडसम चाहिए
जिसे कभी बेड से उठने ही नही दूँगी
प्रिया- गुड़िया तू बिगड़ती जा रही है पूरी
निशा- अब क्या मैं आपसे भी दिल की बात नही कर सकती
बहुत भोला फेस बना कर बोलती है
प्रिया- तो तेरे दिल मे ये सब है
इनके अलावा कुछ है क्या
निशा- ह्म अभी तो नही है
शिवानी- मैं तो अब सो रही हूँ
निशा- मैं तो जय के पास जा रही हूँ थोड़ी बात करने
शिवानी- मेरी तरफ से गुड नाइट क़िस्सी दे देना
निशा- वो मैं दे दूँगी सबकी तरफ से
प्रिया- वैसे जाना क्यू है तुझे
निशा- ऐसे ही आपको भी नींद आ रही होगी मैं अकेले बोर हो जाउन्गी इसलिए उनसे ही बात कर लूँगी
प्रिया- अगर डॅड ने देख लिया तो तेरा तो कुछ नही होगा उसके हाथ पैर टूट जाएँगे
निशा- डॅड को कुछ पता नही चलेगा और अगर चल भी गया तो आप हो ना हमें बचाने के लिए
हिहिहिहिहिहिहिहिहिहीही करते हुए निशा वहाँ से भाग गई और प्रिया भी मुस्कुराते हुए सोने चली गई
……………………………………
जय किसी फोटो मे खोया हुआ था जब उसे अपने डोर पर नॉक की आवाज़ आई उसने फोटो छुपाए और गेट खोलने चला गया
सामने निशा को देख कर अजीब एक्सप्रेशन दिया पर बोला कुछ नही और रास्ता छोड़ कर वापस रूम मे आ गया
निशा भी मुस्कुराते हुए उसके रूम मे घुस गई
निशा ने सोचा था की जय कुछ बोलेगा और फिर वो बात आगे बढ़ाएगी पर यहाँ तो आज जय कुछ बोला ही नही
तो निशा भी सोच मे पड़ गई की बात कैसे करे फिर थोड़ी देर सोच कर कुछ भी बोल दिया
निशा- आप सोए नही अभी तक
जय- आपका इंतज़ार कर रहा था
निशा को तो यकीन ही नही हुआ जो अभी जय ने बोला वो हवा मे उड़ाते हुए
निशा- तो फोन कर देते मैं भागी चली आती
जय- उसकी ज़रूरत नही पड़ी आप वैसे भी आ ही गई
निशा- अगर आप मुझे निशा बुलाओ तो ज़्यादा अच्छा लगेगा मुझे
जय- वो मैं नही कर सकता
आप मालिक हो नाम लेके नही बुला सकता
निशा- मैं मालिक नही हू मेरे डॅड है
मैं तो फ्रेंड हो सकती हू अगर आप चाहे तो
जय- मैं तो नही चाहता
निशा- क्यउउुुुुउउ
जय- आप यहाँ क्यू आए हो?
निशा- बस कुछ जानना था
जय उसको अजीब तरीके से देखता है जैसे कहना चाह रहा हो की क्या
निशा- आप कौन है?
जय- एक गुलाम
निशा- मुझे बेवकूफ़ बनाने की कोशिश मत कीजिए
मैने तो कभी इंग्लीश बोलने वाला गुलाम नही देखा
किस एंगल से आप गुलाम लगते हो बताना
पढ़े लिखे हो, लोग इज़्ज़त करते है
दीदी के बिज़्नेस जाय्न करने पर डॅड के सामने बोल गये
आपका रूम मेरे रूम से डबल से भी बड़ा है
ऐसा गुलाम तो मैने कभी नही देखा
जय- ठीक है अगर आपको मेरे रूम से प्राब्लम है तो मैं सर्वेंट क्वॉर्टर मे शिफ्ट हो जाउन्गा
फिर आपका रूम मेरे रूम से बड़ा रहेगा
निशा- मैने ये तो नही बोला
मैं बस सच जानना चाहती हू
जय- यही सच है की मैं गुलाम हू
निशा- अच्छा तो आप गुलाम हो
फिर तो सारे ऑर्डर मानने पड़ेंगे ना
जय- ह्म
निशा- ये अच्छा है अभी पता चल जाएगा
किस मी
जय- बच्चों को नशा नही करना चाहिए
निशा- मैं पूरे होश मे हू
अगर आप गुलाम हो ना मैने ऑर्डर दे दिया है पूरा करो
जय- आप यहाँ से जा सकती है
निशा- बिना सच जाने तो नही जाउन्गी आज मैं
जय- आप क्या चाहती है मुझसे
आपका और मेरा कोई रिश्ता नही है फिर भी आप क्यू मेरे पीछे पड़ी है
मैं अपनी ग़लती सुधारने की कोशिश कर रहा हू
प्लीज़ मुझे करने दीजिए
अगर अब कुछ हुआ तो मैं संभाल नही पाउन्गा और उसका रिज़ल्ट मासूम लोगो को भुगतना पड़ेगा
निशा- मुझे सच बता दीजिए या फिर ऑर्डर पूरा करे
अब जय को आ गया गुस्सा उसने झट से निशा की कमर पकड़ी और अपनी तरफ खेच लिया
निशा बिचारी एक गुड़िया जैसी लड़की एक सेकेंड मे जय की बाहों मे झूल गई
जय के चेहरा का एक्सप्रेशन बिल्कुल बदल गया था
जय- अब आई डॉन’ट केर अवाउट दा रिज़ल्ट्स
यू गेव मी दा ऑर्डर्स हा ओके
जय की साँसों को निशा बहुत अच्छे से महसूस कर पा रही थी
जो बस जय की आँखों मे ही देखे जा रही थी मानो उन्हे पढ़ने की कोशिश कर रही हो
जय और करीब आ गया निशा के
निशा की धड़कने इतनी तेज हो गई थी की बस....
जय थोड़ा नीचे झुका क्यूकी निशा की हाइट कम थी
और जैसे ही उसके होंठ निशा के होंठ से मिलने वाले थे निशा की आँखें अपने आप बंद हो गई और अगले ही सेकेंड जय धडाम से पीछे वाली दीवार पर गिरा
ऐसा लगा किसी अंदरूनी ताक़त ने जय को ये करने से रोका हो
निशा भी आवाज़ की वजह से अपनी आखें खोल ली
जय उठा और चिल्लाया
गेट आउट
निशा वही खड़ी रही
जय- आई सेड गेट आउट फ्रॉम हियर
निशा- बिना सच जाने नही जाउन्गी
जय- सच
सच जानना है ना तुम्हे
तो सच यही है की तुम्हे सब पता है
और अगर नही पता तो मैं बताना भी नही चाहता
अगर तुम इतनी आसानी से भूल सकती हो तो बताने का फ़ायदा क्या है
कुछ तो एटलिस्ट कुछ तो धुंधली यादें होंगी कुछ तो
जय गुस्से मे अपना चस्मा निकालता है(पहले हमेशा काले रंग के ग्लासस लगाए रहता था)
याद आया कुछ
याद आया क्या कुछ
अभी भी नही आया कुछ याद
तो फिर कभी आएगा भी नही याद
एक बार भूली हुए चीज़ें याद करने की कोशिश करो क्या पता सच अपने आप पता चल जाए और अगर नही भी पता चला ना तो मेरे पास आना फिर मैं बताउन्गा की सच क्या है
नाउ आई वान्ट यू टू गेट दा फक आउट ऑफ हियर....
ठाकुर- एलेक्ट्रॉनिक्स वाली फॅक्टरी मे गड़बड़ लग रही है
वहाँ का प्रॉफिट दिन ब दिन काम हो रहा है पर सेल्स तो पहले से भी ज़्यादा है
तू एक काम कर प्रिया को लेके जा और उसे सारा काम दिखा दे
अब वो एलेक्ट्रॉनिक्स का बिज़्नेस देखेगी
जय कुछ बोलने वाला होता है तभी ठाकुर उसे बीच मे ही रोकते हुए
ये मेरा फ़ैसला है
जय अब आगे कुछ बोल नही पाता और हा मे गर्दन हिल्ला कर वहाँ से चला जाता है जिसे देख कर निशा मुस्कुराने लगती है
फिर कुछ देर बाद सब ब्रेकफास्ट करते हैं और उसके बाद प्रिया और जय कंपनी के लिए निकल जाते है
प्रिया- ओके टेल मी अवाउट दा प्राब्लम
जय- आई डॉन’ट नो
ई जस्ट किल पीपल
प्रिया- ओके टेल मी अवाउट युवर ओपीनियन
जय-आईथिंक समबडी टर्न्ड हिज़ बॅक ऑन अस
प्रिया- वी विल फाइंड इट बट नो किलिंग्स
जय- किल्लिंग इज जस्ट आ स्माल पनिशमेंट
आई विल लेट देम लिव आंड दे विल रिग्रेट एवेरितिंग
प्रिया- कल तुमने निशा को क्या बोला
जय चुप रहा
प्रिया- बताओ
जय- आई ऐम सॉरी गुस्से मे बोल दिया
प्रिया- कुछ ज़्यादा गुस्सा नही आता तुम्हे
जय- सॉरी आगे से ध्यान रखूँगा
प्रिया- आगे से तो तुम मेरे साथ रहोगे और मुझे पसंद नही किसी का गुस्सा
जय प्रिया की तरफ देखता है जैसे उसकी बात का मतलब समझने की कोशिश कर रहा हो
प्रिया- डॅड इतनी आसानी से नही माने मेरे बिज़्नेस जाय्न करने के लिए
वो तो निशा ने बोला की तुम्हे एज ए बॉडी गार्ड साथ रखू तब जाके डॅड माने
जय का जैसे एक दम बल्ब जला हो दिमाग़ मे उसे सब समझ आ गया की ज़रूर कुछ तो लोचा है पर बोला कुछ नही तब तक वो लोग फॅक्टरी पहुच गये
जब वो लोग फॅक्टरी मे पहुँचे तो बहुत चहल कदमी थी पर जैसे ही वर्कर्स ने जय को देखा वहाँ एक दम सन्नाटा छा गया
सब बिल्कुल शांति से अपना अपना काम करने लगे और जय प्रिया को फॅक्टरी दिखाने लगा
लगभग दो घंटे के बाद जब पूरी फॅक्टरी अच्छे से घूम ली तब जाके प्रिया अपने डॅड के ऑफीस मे जाके बैठ गई
प्रिया- ओह्ह्ह गॉड कितना टफ काम है ये मैं तो बहुत थक गई
जय ने बेल बजा कर पिओन को बुलाया और कुछ पीने के लिए लाने को बोला
थोड़ी देर मे पिओन कुछ पीने के लिए जूस वग्रा लाया वो सब ख़तम करने के बाद प्रिया को थोड़ी रहट मिली
जय अभी भी खड़ा था जिसे देख कर प्रिया बोली
तुम क्यू खड़े हो बैठ जाओ
तो जय भी एक चेर पकड़ कर बैठ गया
प्रिया- यहाँ के वर्कर्स जिन पर तुम ट्रस्ट करते हो और जिन पर ट्रस्ट नही करते मुझे उनकी लिस्ट चाहिए और पिछले सारे ऑर्डर्स की डीटेल्स भी
जय- शाम तक मिल जाएगी
बट मैं किसी पर ट्रस्ट नही करता
प्रिया- तो पूरे स्टाफ की लिस्ट ले आओ
और सारे मॅनेजर की मीटिंग्स अरेंज कराओ
जय- हो जाएगा
प्रिया- आज के लिए इतना काफ़ी है
बाकी कल देखेंगे
अभी कही जाके लंच करते है बहुत भूख लग रही है
उसके बाद दोनो फॅक्टरी से निकल जाते है और पहुच जाते है एक रेस्टोरेंट मे
प्रिया ऑर्डर देती है फिर जय से पूछती है की उसे क्या चाहिए
जय- ब्लॅक कॉफी विदाउट शुगर
प्रिया- खाना नही है कुछ
सुबह से तुमने भी कुछ नही खाया है
जय- भूख नही है
प्रिया- अच्छा जय कुछ बताओ अपने बारे मे
जय- कुछ भी नही है बताने के लिए
प्रिया- मतलब कुछ तो होगा
जय ना मे सर हिला देता है
प्रिया- कोई लड़की तो आई होगी जिंदगी मे
जय कुछ सेकेंड्स तो कही खो गया फिर वापस होश मे आकर मुस्कुराया
प्रिया- ओह्ह्ह यू स्माइल्ड
यू स्माइल्ड
प्रिया एग्ज़ाइट्मेंट मे लगभग चिल्लाई
तो तुम हँसते भी हो फिर तो पक्का कोई ना कोई स्पेशल ज़रूर है
जय- "कैसे यकीन करे हम उसकी मोहब्बत का,
जब बिकती है बेवफ़ाई उसी के नाम से"
प्रिया जब ये सुना तो उससे कुछ बोला ही नही गया
और तभी उनका ऑर्डर भी आ गया
प्रिया ने एक बाइट खाते हुए
प्रिया- तो एक ये रीज़न है तुम्हारे इस रूड बिहेवियर का
यू शुड गिव युवरसेल्फ आ सेकेंड चान्स
हर कोई एक जैसा नही होता
जय-आईथिंक आई ऐम हॅपी और बस ऐसे ही जीने की आदत बन गई है
प्रिया- अच्छा तो भाई....(मैं तुम्हे भाई बुला सकती हू ना)
जय ने एक बहुत प्यारा सा लुक दिया प्रिया को
प्रिया- तो भाई बात ऐसी है की तुम खुश तो बिल्कुल भी नही हो
तन्हा बहुत ज़्यादा हो तुम्हारा कुछ करना पड़ेगा
लगता है अब मुझे ही हेल्प करनी पड़ेगी तुम्हारी
जय- आप कैसे हेल्प करोगे मेरी
प्रिया- तुम्हारे लिए लड़की देख कर
जय- इस शहर की हर बदनाम गलियों मे बस मेरे नाम के चर्चे है
कही नही मिलेगी मेरे लिए लड़की
प्रिया- अच्छा तो अगर मिल गई तो?
जय- नही मिलेगी और मिल भी गई तो मुझे नही चाहिए
प्रिया- और मैं ज़बरदस्ती करू तो तुम्हारे साथ
अब तुम मेरे भाई हो तो हक बनता है मेरा
जय- अगर भाई मान रहे हो तो भाई की खुशी भी देखोगे और मैं अब किसी के साथ खुश नही रह पाउन्गा और ना किसी को खुश रख पाउन्गा
प्रिया- और कोई तुम्हे चेंज कर दे तो?
जय- आई डॉन’ट थिंक की कोई कर पाएगी
प्रिया- अगर कोई कर दे तो
जय- देन आई विल थिंक अवाउट दट
प्रिया- तुम थोड़ा निशा और शिवानी के साथ टाइम स्पेंड करा करो
जय लंबी सास छोड़ते हुए
ऐसा तो नही लगता मुझे की आपके डॅड ने मेरे बारे मे कुछ बताया नही आपको
फिर भी आप ये बोल रहे हो
उन्होने कम वर्ड्स मे ही मुझे एक्सप्लेन कर दिया होगा
जय- लेट मी मेक दिस वेरी क्लियर
मैं आपका भाई नही हू
मैं एक गुलाम हू
और गुलाम की लव स्टोरी नही होती
और मैं आपसे यही एक्सपेक्ट करूँगा की आप मुझे काम के अलावा किसी चीज़ के लिए फोर्स ना करे और जीतना कम बात करोगे उतना अच्छा होगा मेरे लिए
अब आपका खाना ख़तम होगया हमें चलना चाहिए
प्रिया मन में इसको दौरे पड़ते है क्या
अभी तो अच्छे से बात कर रहा था एक दम से क्या होगया
पर वो बोलती कुछ नही है और चुप चाप उठ कर चल देती है
पूरे रास्ते उनके बीच कोई बात नही होती
प्रिया बस जय के फेशियल एक्सप्रेशन्स को चेंज होते हुए देखती रहती है
और वो घर पहुच जाते है
ठाकुर- कैसा रहा पहला दिन?
प्रिया- टाइयर्ड बट आई विल मॅनेज
ठाकुर- मैने तो पहले ही कहा था इसकी कोई ज़रूरत नही है
अभी एंजाय करो लाइफ को
जय-आईवाना टॉक टू यू अलोन
जय बीच मे ही बोल पड़ा और अलोन वर्ड पर कुछ ज़्यादा ही ज़ोर दिया
प्रिया और ठाकुर ने जय की तरफ एक लुक दिया क्यूकी प्रिया ने पहली बार जय को ठाकुर के सामने बोलते देखा था और ठाकुर ने जय की ऐसी आवाज़ काफ़ी बरसो बाद सुनी
प्रिया- डॅड मैं थोड़ा रेस्ट कर लेती हू बहुत थक गई हू
ये बोल कर प्रिया जय की तरफ देखते हुए वहाँ से चली गई
फिर जय और ठाकुर के बीच मे क्या बात हुए ये जानना अभी ज़रूरी नही है बाद मे याद रहा तो ज़रूर बताउन्गा
अभी के लिए थोड़ा स्किप मारते है और आजाते है सीधे रात पर
जहा निशा जय के रूम मे जाती है पर वहाँ कोई नही था काफ़ी देर वेट करने के बाद भी जय नही आया तो मायूष अपने रूम मे लॉट आती है
सुबह भी जय कही दिख नही रहा था तो हर कर उसने अपने डॅड से पूछ ही लिया
निशा- डॅड जय कहा है?
ठाकुर- कही जाना था क्या?
निशा- पहले बताओगे?
ठाकुर- उसको पता नही क्या हुआ कल रात को ही सर्वेंट क्वॉर्टर मे शिफ्ट होगया
निशा- क्यू
हालाँकि उसको रीज़न पता था पर फिर भी पूछ ही लिया
ठाकुर- ना मैने पूछा और ना उसने बताया
निशा- आप उसको बोलो अपने रूम मे वापस शिफ्ट होने के लिए
ठाकुर- पहले ये बताओ हुआ क्या है
निशा- बस मुझे अच्छा नही लगता वो सर्वेंट क्वॉर्टर मे रहे
आप उससे बोलो अभी के अभी अपने रूम मे शिफ्ट होने के लिए
ठाकुर- मुझ पर क्यू गुस्सा हो रही है
मैने थोड़ी बोला है उसको जाने के लिए
वैसे भी उसके दिमाग़ मे कब क्या चल रहा होता है वो किसी को नही पता रहता
निशा- आपको कैसे नही पता होगा
आपके लिए तो काम करता है वो
आपके सारे ऑर्डर्स मानता है
ठाकुर- हा बेटा पर...
निशा- पर वर कुछ नही उससे अभी के अभी अपने रूम मे शिफ्ट होने को बोलो
ठाकुर भी मुस्कुराते हुए अपना फोन निकालता है और कुछ टाइप करने लग जाता है
ठाकुर- अब क्या हुआ बोल तो दिया
पूरे दिन गुस्से मे यहाँ वहाँ घूमती रहती हो
कुछ सीख लो अपने दीदी से(हँसते हुए बोलता है)
निशा चिडते हुए वहाँ से चली जाती है
ठाकुर अपने ही ख़यालों मे खो जाता है
वही दूसरी तरफ
अहह भैय्ाआआअ धीरीईईईई अहह दर्द्द्दद्ड हजूऊऊ रहहाअ हााईयईई भज्जाआइयईईई
अहह अहह माआसस्स्सस्साआआआअ माआररर्र्ररर गाआययययययईई
अहह भ्ााईयईईययय्याआअ द्ड़हीएरररीई रांद्द्द्द्ददडिईईई नाहहिईीईई हहुउऊुउउ माआऐययईईन्न्णणन्
अहह गणंनननन्न्ँद्द्द्द्द्दद्ड नाआहहिईीईईईईईई
भ्ााईयईईययय्याआअ गणंनननन्न्ँद्द्द्द्द्दद्ड नाहहिईीईई
पिछली बाअरर्र्र्ररर बाआाआआहहुउऊुउउत्त्त्तत्त दिनों तक आअहह दर्द्द्दद्ड राहा त्ााआ
ओह माआआआआआआ मररर्र्र्ररर ग्ाआयययययययययईईरएर
भ्ााईयईईययय्याआअ भगगज्गगवववाअनन्नणणन् ककककककक्क्ीईई लीइीईईईईययययययई चचोद्द्दद्ड डूऊऊऊऊऊ
अहह अहह हा हा ऐसे ही प्यार से
ह भ्ााईयईईययय्याआअ हाअ
ढ़हरररीईए द्ड़हीएरररीई द्ड़हीएरररीई
ह
भैय्ाआआआ माआऐययईईन्न्णणन् आआआईईए अहह भ्ााईयईईययय्याआअ माऐन्न्नणणन् आआआईईए अहह माआसस्स्सस्साआआआअ
और वो लड़की झड़ गई और थोड़ी ही देर मे वो लड़का भी
लड़की- भाई आप पूरा तोड़ देते हो मुझे
थोड़ा प्यार से नही कर सकते
रंडी थोड़ी ना हू मैं
लड़की अपने सास कंट्रोल करते हुए बोलती है
जय- कोई तुझे फोर्स नही कर रहा समझी
अगर नही झेल सकती तो आगे से मत आना मेरे पास
अब भाग यहाँ से
लड़की- आप तो बुरा मान गये
मैं आपके लिए एक पेग बना के लाती हू
आहह जैसे ही वो उठने लगी उसकी गान्ड मे ज़ोर का दर्द हुआ जिससे वो कराह उठी और वापस बेड पर गिर गई
जय ने उसकी तरफ कोई ध्यान तक नही दिया
वो वापस खड़ी हुई और अपने कपड़े पहन कर वापस चली गई
तो ये लड़की थी हवेली मे ही काम करले वाली एक लड़की
वैसे तो जय पता नही कितनी लड़कियो को चोद चुका है पर इसमे कुछ और ही बात थी
वो भी जय के रफ सेक्स को बहुत पसंद करती थी इसलिए हर बार मोका देखते ही अपनी गान्ड मराने चली आती थी
उसे ये भी पता था की जय को उसके लिए कोई फीलिंग्स नही है पर किसको फ़र्क पड़ता है जब तक अच्छा सेक्स मिल रहा हो
जय वैसे ही नंगा पड़ा पड़ा सोगया.....
हवेली का गेट खुला और पोलीस कमिशनर अंदर आया
ठाकुर और उसकी बेटियाँ हवेली के बाहर बने छोटे से पार्क मे बैठे चाय पी रहे थे
कमिशनर ठाकुर को देख कर हाथ जोड़ कर प्रणाम करते है पर जैसे ही उनके पास पहुचने वाला होता है बीच मे ही जय उसे रोक लेता है और उसकी तलाशी लेने लगता है
उसकी सर्विस रिवॉलवर की मॅगज़ीन खाली करके उससे वापस दे देता है और सेकेंडरी गण को अपने पैंट मे डाल लेता है
पोलीस कमिशनर- ठाकुर साहब इतने साल हो गये आज भी हम पर विश्वास नही हुआ है आपको
और वैसे भी जब एक यमराज आपके आगे खड़ा है तो किसकी हिम्मत होगी कुछ करने की
ठाकुर- ये थोड़ा प्रोटेक्टिव है
आप बताए कैसे आना हुआ
कमिशनर को एक कप चाय देते हुए
पोलीस कमिशनर- थोड़ी मदद चाहिए आपकी शहर को सॉफ करने के लिए
ठाकुर- कभी आप लोग हमें गुंडे कहते हो और कभी हमारी मदद के लिए आजाते हो
इसलिए ये( जय) ट्रस्ट नही करता आप लोगो पर
कमिशनर- ठाकुर साहब
ये सब जानते है की आपने हमेशा शहर मे शांति रखने की कोशिश की है
पर कुछ लोग ( जय की तरफ देख कर)
की नादानियो की वजह से शहर की हालत बहुत खराब हो चुकी है
ठाकुर कमिशनर का इशारा बहुत अच्छे से समझ गया था
ठाकुर-आपने बताया नही क्या मदद करे आपकी
कमिशनर- ठाकुर साहब अभी कुछ दिन पहले शहर मे कुछ नये गेंग के लड़के आए है
और उन्होने पूरे शहर की नाक मे दम कर रखा है
हमने दो तीन पर उनको पकड़ा भी पर उनके पोलिटिकल कनेक्षन बहुत स्ट्रॉंग है
मिनिट्स मे छूट जाते है
शहर की पब्लिक को बहुत प्राब्लम हो रही है
ऐसी सिचुयेशन मे आप ही कुछ कर सकते हो
ठाकुर- कमाल करते हो कमिशनर साहब
हमारे हाथ गंदे करवा दो फिर पॉलिटिशियन्स को भी हमारे पीछे लगवा दो
सही प्लान है
वो सब छोड़ो मुझे क्या फ़ायदा मिलेगा
कमिशनर- हम आपको क्या दे सकते है ठाकुर साहब
ठाकुर- तो मैं अपने हाथ क्यू गंदे करू
मेरी बेटियाँ आई है सालो बाद उनकी लाइफ को ख़तरे मे नही डाल सकता ना
कमिशनर- ठाकुर साहब आपकी फॅमिली पर कौन हाथ डालेगा
कैसी बात कर रहे हो आप
और हम है ना हमारी तरफ से आपको पूरी छूट
ठाकुर- वो तो अभी भी है तुम्हारा काम हो जाएगा
कमिशनर- बहुत धन्यवाद ठाकुर साहब
ठाकुर- पर एक शर्त है
कमिशनर- मंजूर है
ठाकुर- सुन तो ले
कमिशनर- बोलिए
ठाकुर- जिसे तूने अभी नादान और यमराज बोला है ना उससे माफी माँग
कमिशनर- ठाकुर साहब मैं कमिशनर हू
मैं एक गुलाम से माफी नही माँगूंगा
ठाकुर- ज़बान संभाल कर कमिशनर
ये मत भूल तू क्या बोल रहा है और किसको बोल रहा है उससे गुलाम कहने का हक सिर्फ़ मेरा है समझा सिर्फ़ मेरा
अगर दुबारा तेरे मूह से इसके लिए कुछ ग़लत निकाला तो शरीर के छोटे छोटे टुकड़े करके गंदे नाले मे फेक दूँगा
ठाकुर की ऐसी आवाज़ से कमिशनर के साथ साथ निशा प्रिया और शिवानी की भी गान्ड फट गई
कमिशनर- माफ़ कर दीजिए ठाकुर साहब ग़लती हो गई
माफ़ कर दीजिए जय भाई आगे से ध्यान रखूँगा
कमिशनर ने एक सेकेंड का भी टाइम नही लगाया जय से माफी माँगने मे
ठाकुर- जय रात होने से पहले कमिशनर के चेहरे पर स्माइल होनी चाहिए
जय हा मे सर घुमा कर वहाँ से चला गया
उसके पीछे पीछे ही कमिशनर चला गया
प्रिया- डॅड वो तो लोगो की हेल्प करने के लिए आए थे आपने ऐसा क्यू बोला उनको
ठाकुर- बेटा पोलीस वाला है बिना फ़ायदे के कुछ नही करता वो अपना हाथ सॉफ रखना चाहता है
ये मानता हू की वो लोगो की हेल्प करना चाहता है पर इसमे उसका भी फ़ायदा है इसलिए करना पड़ा
……………………………………………………………….
दूसरी तरफ जय पहुच गया उन लोगो के अड्डे पर
और अंदर घुसते हुए धाय की आवाज़ आई और एक गोली सीधे सामने वाले इंसान का सर फाड़ते हुए निकल गई जिससे सब लोगो का ध्यान जय की तरफ चला गया
पर इतना काफ़ी नही था उनके कुछ रिएक्ट करने से पहले ही दो तीन आदमी और मर चुके थे
फिर जो गोलियों की बरसात हुए दोनो तरफ से
जब तक गोलियों चलते रही जब तक सबकी मॅगज़ीन ख़तम ना हो गई हो और यही सबसे बड़ी ग़लती थी उन लोगो की क्यूकी वो सिर्फ़ गोलियों से हमला कर सकते थे और जय मार्षल आर्ट्स मे ट्रेंड था
जय अपनी गन फैंकते हुए उनके पास आया उन लोगो ने भी जो हाथ मे आया उसको हथियार के तौर पर उठा लिया
एक मोटा तकड़ा आदमी हथौड़ा लेके जय की तरफ भगा
पर जय के शरीर को छूने से पहले ही उसके गले मे जय की तरफ से फेके गये चाकू ने उसका गॅला काट दिया और वो वही ज़मीन पर गिर गया
फिर क्या था एक एक करके सब मरते गये और अजीब बात ये थी की उन्मे से किसी ने ये भी जानने की कोशिश नही की की आख़िर जय कौन है और उन्हे क्यू मार रहा था
ये मूवी ज़्यादा लंबी नही चली
जय वहाँ खून बहा कर वापस हवेली चला गया
जहा पर सबसे पहले उसने ठाकुर को बताया की काम होगया और फिर वहाँ से अपने रूम मे चला गया
ऐसे ही रात हो गई और सब नॉर्मल अपने अपने काम करने लगे
लगभग आधी रात को
शिवानी- यू शुड नोट स्मोक
शिवानी रात मे जय को टेरेस पर बीड़ी फूकते हुए देख कर बोली
जय बेचारा क्या करता उसने बिना कुछ बोले बीड़ी बुझा दिया
शिवानी- थॅंक यू
मेरी बात मानेने के लिए
जय- मालिक हो आप मुझे ऑर्डर मानना पड़ेगा
शिवानी- यू शुवर अवाउट दट?
बिकॉज़ मैं इन आँखों को पहचानती हू
जय एक बार शिवानी की तरफ देखता है और फिर कुछ सोच कर
जय-आईकॅन रेड पोकर फेस
शिवानी- ओके मैं झूठ बोल रही थी पर बता तो दो की आँखों का राज क्या है
जय- सही टाइम पर पता चल जाएगा
और आपको इस टाइम यहाँ नही आना चाहिए
शिवानी- मेरा घर मैं कही भी किसी भी टाइम आ जा सकती हू
जय- ठीक है मैं ही चला जाता हू
शिवानी- रूको ना प्लीज़ थोड़ी देर
गुड़िया और दीदी सो गई और मुझे नींद नही आ रही थी इसलिए टहलने आ गई और यहाँ तुम मिल गये
शिवानी- थोड़ी देर बात नही कर सकते क्या
आई प्रॉमिस मैं बिल्कुल परेशान नही करूँगी आपको
जय बिना कुछ बोले अपनी जगह पर वापस बैठ जाता है
शिवानी- आपसे कुछ पूछ सकती हू
जय- मैं गुलाम हू
शिवानी- आप लोगो को क्यू मारते हो
जय-आईजस्ट फॉलो माइ ऑर्डर्स
शिवानी- ये सच नही है
मैं ने सुना है आपके बारे मे( शिवानी ने लोगो से जय के बारे मे पता किया )
वो तो कुछ और ही बता रहे थे
जय- क्या बताया उन्होने
शिवानी- की डॅड यहाँ पूरी कोशिश कर रहे थे की शांति बने रहे और वो लगभग सक्सेस भी हो गये थे फिर आप आउट ऑफ नोवेर से आए और सब तबाह कर दिया
एक के बाद एक लाषे बिछाते चले गये और डॅड के सपने और फिर से एक सपना बना दिया
क्या ये सच हैक्या तुमने सच मे ऐसा किया
जय- हा ये सच है मैं ही सबका ज़िम्मेदार हू
मैने ही यहाँ तबाही मचाई और फिर उसके बाद सब बिगड़ता चला गया
शिवानी- पर क्यू
और अगर तुमने ये सब किया तो डॅड ने तुम्हे रोका क्यू नही और ये सब होने के बाद तुम्हे अपने पास क्यू रखा और तुम्हारे लिए आज पोलीस कमिशनर तक से माफी मंगवा दी
क्यू आख़िर क्यू
क्या रिश्ता है तुम्हारा उनके साथ
जय- गुलाम और मालिक का
और जय वहाँ से उठ कर चला जाता है....
**चारो तरफ लाषे ही लाषे पड़ी हुई है और उसके बीच मे एक लड़का हाथ मे चाकू और आक्स जो खून मे बिल्कुल सने हुए है खड़ा है
उसका चेहरा ठीक से दिख नही रहा क्यूकी चेहरा भी पूरा खून से लथपथ है
अपने बाजू से मूह पर लगा खून सॉफ करते हुए वो आगे चलने लगा वहाँ इतनी ज़्यादा लाषे थे की उससे चलने मे भी प्राब्लम हो रहा थी
बड़ी मुस्किलो से लाषो पर पैर रखते रखते वो बिल्कुल सामने पहुच गया जहा पर एक आदमी बुरी तरह ज़ख्मी हालत मे पड़ा हुआ था
उसके चेहरे पर दर्द और डर सॉफ दिख रहा था
आदमी- क्या सोच रहा है अब
सब को तो तूने मार दिया
ये काम ख़तम कर दे अब
लड़का ज़ोर ज़ोर से हँसते हुए
इतनी भी क्या जल्दी है
इसी मे तो मज़ा है
जब दूसरे लोग दर्द और डर दिखाते है तभी तो दिल को खुशी मिलती है
वोही तो मैं चाहता हू
आदमी- तू इंसान नही हैवान है
लड़का- सही पहचाना और तूने उस हैवान को जगाया है
अब ये हैवान तेरी जिंदगी मे ऐसी हैवानियत लाएगा की लोग आगे से हज़ार बार सोचेंगे मेरी हैवानियत जगाने के लिए
वो अभी और कुछ बोल पाता वही धाय धाय की आवाज़ हुई और उस आदमी ने आपने आपको गोली मार ली**
इस के साथ जय झटके के साथ अपनी नींद से उठा और शरीर पर आए पसीने को पोछते हुए
जय- ये सपने साले एक दिन जान लेलेंगे
मेरी नही रे किसी और की
अब नींद उसकी आँखों से कोसों दूर थी इसलिए उठ कर बाहर आया और हॉल मे बने बार से एक दारू की बॉटल उठाए और वहाँ से चलने लगा
डॅड को पसंद नही कोई उनकी चीज़ें बिना पूछे ले
पीछे से एक आवाज़ आई
जय आवाज़ को अच्छे से पहचानता था इसलिए बिना मुड़े ही
जय- ये मेरे लिए ही बनाया गया है
और वहाँ से चल दिया और वो आवाज़ भी उसके साथ साथ चलने लगी
और रुकी उसके कमरे मे
निशा हा ये आवाज़ निशा की ही थी
निशा- तो मैने बहुत सोचा की आप कौन हो सकते हो
सबसे पहले ख़याल आया भाई का
पर हमारा कोई भाई नही था
फिर सोचा स्टेप ब्रदर हो सकता है पर मेरे से बड़े हो मतलब नही
क्यूकी आपने बोला था की मैं जानती हू तो वो भी नही हो सकते
फिर दिमाग़ पर ज़्यादा ज़ोर दिया तो कुछ नही पता चला और दिमाग़ खराब हुआ वो अलग
हमारे मोस्ट्ली रिलेटिव्स जिंदा नही है और जो जिंदा है उनका कुछ आता पता नही है तो रिलेटिव्स भी नही हो सकते
अब बारी आती है कोई बचपन का दोस्त
पर मैं तो यहाँ कभी रही नही और बचपन की कोई यादें भी नही है तो मुझे नही पता चला
एंड मे मैं इस नतीजे पर पहुचि की आई ऐम सॉरी मुझे नही पता और मासूम चेहरा बना कर जय के बेड पर बैठ गई
जय जो अपना दूसरा पेग ख़तम करने वाला था
जय- तो तुम्हे अपने बचपन के बारे मे कुछ याद नही है ये कैसे हो सकता है
सबको अपना बचपन ही सबसे ज़्यादा प्यारा होता है
निशा- हा पर किसी को कुछ याद नही रहता
वैसे उस दिन जिस तरीके से आपने मुझसे बात की मुझे बिल्कुल अच्छा नही लगा
जय-आई ऐम सॉरी गुस्सा आ गया था आगे से ऐसा नही होगा
अगर तुम चाहो तो अपने डॅड से बोल सकती हो उनके दो चार थप्पड़ शायद तुम्हे खुशी दे
निशा- मुझे क्यू खुशी मिलेगी अगर वो आपको मारे तो
मुझे तो बहुत दुख होगा मैं बस सॉरी से ही काम चला लूँगी
जब जय की तरफ से कोई रिप्लाइ नही आया तब
निशा- तो आप नही बताओगे की आप कौन है
जय- एक ही सवाल को बार बार नही पूछा जाता जब आपको आन्सर पता हो
निशा- आन्सर कहाँ पता है
और जो पता है वो सही नही है