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Guest
जय की तरफ देखते हुए
तू जा और कही नशा करके पड़ जाना
क्यूकी वोही काम तुझसे ढंग से होता है है ना
ज़ाआाआ
ठाकुर चिल्लाया
जय हमेशा की तरह बिना कुछ बोले वहाँ से चला गया
शिवानी- डॅड तो हमें बता ही दीजिए ना की क्या रीज़न है इसका
आज के टाइम मे कोई इतनी बेज़्जती नही सहता
डॅड- टाइम आने पर सब पता चल जाएगा
निशा- नही हमें अभी जानना है
प्रिया- हा हमें अभी जानना है
ठाकुर- अभी के लिए बस इतना जान लो की वो एक इंसान नही शैतान है
उसे खून की प्यास है
मैने जितनी कोशिश की शहर मे खून ख़राबा कम करने की उसने उतना ही ज़्यादा खून बहाया
तुम सब के मुझे छोड़ जाने के बाद मैं बुरी तरह से टूट गया था और कसम लेली थी की शहर को जितना मैला मैने किया है उसे सॉफ भी मैं ही करूँगा
पर फिर एक दिन शैतान का रूप लेके ये आ गया और इतना खून बहाया इतना खून की शहर की सड़कें आज भी लाल है
उसे दूसरो को दर्द देकर खुशी मिलती है वो उस दर्द और उससे मिलने वाली खुशी के लिए ही जिंदा है
प्रिया- पर लोग तो उसे पूजते है(मंदिर वाला सीन)
ठाकुर- लोग पूजा उसी की करते है जिससे उन्हे डर लगता है
ये जनता भोली है
कोई एक जान बचा लेता है उसे ही अपना सब कुछ मान लेती है पर उन्हे ये नही पता की उससे पहले कितनी जाने गई हैं
मुझे नही पता की आज इसने उन लड़को को जिंदा क्यू जाने दिया क्यूकी माफ़ करना इसकी फितरत मे नही
ये वो मॉन्स्टर है जिसे मैने बनाया है और अब मैं ही भुगत रहा हू.....
तू जा और कही नशा करके पड़ जाना
क्यूकी वोही काम तुझसे ढंग से होता है है ना
ज़ाआाआ
ठाकुर चिल्लाया
जय हमेशा की तरह बिना कुछ बोले वहाँ से चला गया
शिवानी- डॅड तो हमें बता ही दीजिए ना की क्या रीज़न है इसका
आज के टाइम मे कोई इतनी बेज़्जती नही सहता
डॅड- टाइम आने पर सब पता चल जाएगा
निशा- नही हमें अभी जानना है
प्रिया- हा हमें अभी जानना है
ठाकुर- अभी के लिए बस इतना जान लो की वो एक इंसान नही शैतान है
उसे खून की प्यास है
मैने जितनी कोशिश की शहर मे खून ख़राबा कम करने की उसने उतना ही ज़्यादा खून बहाया
तुम सब के मुझे छोड़ जाने के बाद मैं बुरी तरह से टूट गया था और कसम लेली थी की शहर को जितना मैला मैने किया है उसे सॉफ भी मैं ही करूँगा
पर फिर एक दिन शैतान का रूप लेके ये आ गया और इतना खून बहाया इतना खून की शहर की सड़कें आज भी लाल है
उसे दूसरो को दर्द देकर खुशी मिलती है वो उस दर्द और उससे मिलने वाली खुशी के लिए ही जिंदा है
प्रिया- पर लोग तो उसे पूजते है(मंदिर वाला सीन)
ठाकुर- लोग पूजा उसी की करते है जिससे उन्हे डर लगता है
ये जनता भोली है
कोई एक जान बचा लेता है उसे ही अपना सब कुछ मान लेती है पर उन्हे ये नही पता की उससे पहले कितनी जाने गई हैं
मुझे नही पता की आज इसने उन लड़को को जिंदा क्यू जाने दिया क्यूकी माफ़ करना इसकी फितरत मे नही
ये वो मॉन्स्टर है जिसे मैने बनाया है और अब मैं ही भुगत रहा हू.....