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Guest
इधर रिचा के घर..........
सुबह-सुबह रिचा ने अपनी बेटी को कॉलेज भेजा और गेट बंद कर ही रही थी कि अचानक से गेट पर धक्का पड़ा जिससे रिचा पलट कर अंदर गिर गई...और वो उठ ही रही थी कि किसी ने उसे पीछे से दबोच लिया.....
रिचा की चीख निकलने ही वाली थी पर उस सक्श ने रिचा का मुँह दबा लिया....
रिचा- ग्गगूवंम्म...उउउम्म्म्म...
""श्हहीयीययी.....मैं हूँ...चिल्ला मत...""
और उस सक्श ने रिचा का मुँह छोड़ दिया.....
रिचा(पलट कर)- तुम...तुम इस तरह क्यो आए...मेरी तो जान ही निकाल दी....
"" अरे नही मेरी जान...तेरी जान बहुत कीमती है मेरे लिए....समझी....""
रिचा- जानती हूँ...मैं ना होती तो तुम अब तक फस चुके होते....
""ह्म्म...और तुम...तुमने भी तो कांड किए है...और साजिश ऐसी रचाई कि सफ़राज़ ने हथियार उठा लिया...और वो फँसता ही चला गया...गुड...""
रिचा- पर तुम यहाँ कैसे...कही सरफ़राज़ को भनक भी लग गई कि तुम मुझे जानते हो तो हम दोनो गये....
"" सरफ़राज़ की छोड़ो...उसे तो अंकित निपटा देगा...और अंकित निपट गया तो भी वो हमारा कुछ नही कर पाएगा....""
रिचा(बैठते हुए)- वैसे मानना पड़ेगा....सोनू के बाप को किडनॅप तुमने किया...और इल्ज़ाम आएगा सरफ़राज़ पर...
"" ह्म्म...पर साले ने ग़लती कर दी...उस लड़की को मार दिया...""
रिचा- ह्म्म..पर दूसरी बार ये नही होगा...अंकित बेड पर पहुँच जायगा....
"" और साथ मे सोनू का बाप और वो रश्मि भी उपर जाएँगे....हाहाहा....""
उस सक्श के साथ रिचा भी ठहाका मारने लगी कि तभी उन्हे एक आहट सुनाई दी...और उस तरफ देख कर दोनो की गान्ड फट गई...
सामने वाला- तो तुम हो...तुम हो असली दुश्मन.....मैं तुम्हे अंकित के सामने...आआआआअहह...
बात पूरी होती उससे पहले ही उसके सीने मे एक खंजर उतर गया...और उसकी आवाज़ हमेशा के लिए शांत हो गई....
पहाड़ी रास्ते पर रात के अंधेरे मे एक कार बहुत तेज़ी से चल रही थी...और उससे भी बड़ी कार उसके पीछे लगी हुई थी...
पीछे वाली कार बार-2 आगे वाली कार को टक्कर मारती रही...जैसे तैसे ड्राइवर उसे संभाल रहा था...
पर एक टक्कर ऐसा लगा कि ड्राइवर कार के नीचे गिर गया और वो कार नीचे खाई मे जा गिरी...जिसकी पिछली शीट पर कोई बैठा हुआ था.....
कार खाई मे गिरी और दूसरी कार उपेर रुकी...उसमे से रफ़्तार सिंग बाहर निकला और किसी को कॉल किया....
रफ़्तार- कार तो गई...और उसमे बैठने वाला भी उपेर गया....पर वो था कौन...??
सामने- तुम सिर्फ़ आम खाओ...गुठलियाँ मत गिनो...ओके..अब निकलो वहाँ से...और जब तक मैं ना कहूँ मुझे कॉल मत करना....
रफ़्तार(फ़ोन रख कर)- ये पैसो की भूख भी क्या-क्या करायगी....चलो...भगवान मरने वाले को शांति दे....
इधर अंकित के घर................
पूरा दिन पारूल के साथ बिताने के बाद ...मैं शाम को रेडी हुआ और धूम नाइट क्लब निकल गया.....
क्लब मे कुछ देर बिताने के बाद ही वो लेडी आ गई...जिसके इंतज़ार मे मैं वहाँ आया था....
उसने मुझे देखा नही था और वो अपनी फ्रेंड्स के साथ टेबल पर आ कर टकीला लगाने लगी...
मैं काफ़ी देर तक बार काउंटर पर खड़ा हुआ ये नज़ारा देखता रहा और फिर उसके सामने वाली टेबल पर बैठ गया....
थोड़ी देर बाद ही उसकी नज़र मुझ पर पड़ी...पर मैने उसे इग्नोर किया और उसके चेहरे पर गुस्सा छा गया....
एक बात तो सच है...एक औरत की खूबसूरती पर सवाल उठा दो...फिर वो खुद पीछे आयगी....उस सवाल का जवाब ढुड़ने....
मुझे देखते ही वो लेडी गुस्से से भर गई और अपनी फ्रेंड्स के साथ कुछ डिस्कस करने लगी...
पर मैं उसे अभी भी इग्नोर ही कर रहा था....थोड़ी देर बाद वो उठ कर मेरे सामने खड़ी हो गई और मुझे घूर्ने लगी....
लेडी(गुस्से से)-एक्सक्यूज मी....
मैं- यस प्लीज़....
लेडी- तुम मेरा पीछा कर रहे हो...???
मैं- व्हाट...पीछा..वो भी तुम्हारा...नो वे...
लेडी- झूट मत बोलो...तुम वही हो ना..जिसने आज सुबह मेरी इन्सल्ट की थी...
मैं- ह्म्म..तो ये याद है...पर ये याद नही कि मैने तुम्हे बचाया भी था...रिमेंबर...
लेडी- याद है..इसलिए ही तो तुमसे आराम से बात कर रही हूँ, वरना...
मैं- वरना...वरना क्या....भूल गई...मेरा कोई कुछ नही कर सकता..समझी...
लेडी(लंबी सास ले कर)- ओह्ह्ह....ओके...ये बताओ कि मेरा पीछा करते यहाँ क्यो आए...
मैं- ग़लतफहमी है तुम्हारी...मैं कोई पीछा नही कर रहा...और करूँ भी क्यो...हाँ ..अगर कोई सेक्सी लेडी होती तो ज़रूर करता...
लेडी(गुस्से से)- सेक्सी..सेक्सी...सेक्सी....क्या मैं सेक्सी नही...हाँ...
मैने उसे उपेर से नीचे तक गौर से देखा...उसने एक 1 पीस ड्रेस पहनी हुई थी...जो जाँघो तक जाती थी...और इतनी टाइट थी की बूब्स ड्रेस को फाड़ने को तैयार थे...साथ मे उसके गोरे बाजू भी लाइट की रोशनी मे दमक रहे थे....होंठो पर लिपस्टिक और खुले हुए बाल उसकी खूबसूरती को और भी बढ़ा रहे थे...
मैं(सिर हिला कर)- उम हूँ...तुम सेक्सी नही...मेरे लिए तो नही...
सुबह-सुबह रिचा ने अपनी बेटी को कॉलेज भेजा और गेट बंद कर ही रही थी कि अचानक से गेट पर धक्का पड़ा जिससे रिचा पलट कर अंदर गिर गई...और वो उठ ही रही थी कि किसी ने उसे पीछे से दबोच लिया.....
रिचा की चीख निकलने ही वाली थी पर उस सक्श ने रिचा का मुँह दबा लिया....
रिचा- ग्गगूवंम्म...उउउम्म्म्म...
""श्हहीयीययी.....मैं हूँ...चिल्ला मत...""
और उस सक्श ने रिचा का मुँह छोड़ दिया.....
रिचा(पलट कर)- तुम...तुम इस तरह क्यो आए...मेरी तो जान ही निकाल दी....
"" अरे नही मेरी जान...तेरी जान बहुत कीमती है मेरे लिए....समझी....""
रिचा- जानती हूँ...मैं ना होती तो तुम अब तक फस चुके होते....
""ह्म्म...और तुम...तुमने भी तो कांड किए है...और साजिश ऐसी रचाई कि सफ़राज़ ने हथियार उठा लिया...और वो फँसता ही चला गया...गुड...""
रिचा- पर तुम यहाँ कैसे...कही सरफ़राज़ को भनक भी लग गई कि तुम मुझे जानते हो तो हम दोनो गये....
"" सरफ़राज़ की छोड़ो...उसे तो अंकित निपटा देगा...और अंकित निपट गया तो भी वो हमारा कुछ नही कर पाएगा....""
रिचा(बैठते हुए)- वैसे मानना पड़ेगा....सोनू के बाप को किडनॅप तुमने किया...और इल्ज़ाम आएगा सरफ़राज़ पर...
"" ह्म्म...पर साले ने ग़लती कर दी...उस लड़की को मार दिया...""
रिचा- ह्म्म..पर दूसरी बार ये नही होगा...अंकित बेड पर पहुँच जायगा....
"" और साथ मे सोनू का बाप और वो रश्मि भी उपर जाएँगे....हाहाहा....""
उस सक्श के साथ रिचा भी ठहाका मारने लगी कि तभी उन्हे एक आहट सुनाई दी...और उस तरफ देख कर दोनो की गान्ड फट गई...
सामने वाला- तो तुम हो...तुम हो असली दुश्मन.....मैं तुम्हे अंकित के सामने...आआआआअहह...
बात पूरी होती उससे पहले ही उसके सीने मे एक खंजर उतर गया...और उसकी आवाज़ हमेशा के लिए शांत हो गई....
पहाड़ी रास्ते पर रात के अंधेरे मे एक कार बहुत तेज़ी से चल रही थी...और उससे भी बड़ी कार उसके पीछे लगी हुई थी...
पीछे वाली कार बार-2 आगे वाली कार को टक्कर मारती रही...जैसे तैसे ड्राइवर उसे संभाल रहा था...
पर एक टक्कर ऐसा लगा कि ड्राइवर कार के नीचे गिर गया और वो कार नीचे खाई मे जा गिरी...जिसकी पिछली शीट पर कोई बैठा हुआ था.....
कार खाई मे गिरी और दूसरी कार उपेर रुकी...उसमे से रफ़्तार सिंग बाहर निकला और किसी को कॉल किया....
रफ़्तार- कार तो गई...और उसमे बैठने वाला भी उपेर गया....पर वो था कौन...??
सामने- तुम सिर्फ़ आम खाओ...गुठलियाँ मत गिनो...ओके..अब निकलो वहाँ से...और जब तक मैं ना कहूँ मुझे कॉल मत करना....
रफ़्तार(फ़ोन रख कर)- ये पैसो की भूख भी क्या-क्या करायगी....चलो...भगवान मरने वाले को शांति दे....
इधर अंकित के घर................
पूरा दिन पारूल के साथ बिताने के बाद ...मैं शाम को रेडी हुआ और धूम नाइट क्लब निकल गया.....
क्लब मे कुछ देर बिताने के बाद ही वो लेडी आ गई...जिसके इंतज़ार मे मैं वहाँ आया था....
उसने मुझे देखा नही था और वो अपनी फ्रेंड्स के साथ टेबल पर आ कर टकीला लगाने लगी...
मैं काफ़ी देर तक बार काउंटर पर खड़ा हुआ ये नज़ारा देखता रहा और फिर उसके सामने वाली टेबल पर बैठ गया....
थोड़ी देर बाद ही उसकी नज़र मुझ पर पड़ी...पर मैने उसे इग्नोर किया और उसके चेहरे पर गुस्सा छा गया....
एक बात तो सच है...एक औरत की खूबसूरती पर सवाल उठा दो...फिर वो खुद पीछे आयगी....उस सवाल का जवाब ढुड़ने....
मुझे देखते ही वो लेडी गुस्से से भर गई और अपनी फ्रेंड्स के साथ कुछ डिस्कस करने लगी...
पर मैं उसे अभी भी इग्नोर ही कर रहा था....थोड़ी देर बाद वो उठ कर मेरे सामने खड़ी हो गई और मुझे घूर्ने लगी....
लेडी(गुस्से से)-एक्सक्यूज मी....
मैं- यस प्लीज़....
लेडी- तुम मेरा पीछा कर रहे हो...???
मैं- व्हाट...पीछा..वो भी तुम्हारा...नो वे...
लेडी- झूट मत बोलो...तुम वही हो ना..जिसने आज सुबह मेरी इन्सल्ट की थी...
मैं- ह्म्म..तो ये याद है...पर ये याद नही कि मैने तुम्हे बचाया भी था...रिमेंबर...
लेडी- याद है..इसलिए ही तो तुमसे आराम से बात कर रही हूँ, वरना...
मैं- वरना...वरना क्या....भूल गई...मेरा कोई कुछ नही कर सकता..समझी...
लेडी(लंबी सास ले कर)- ओह्ह्ह....ओके...ये बताओ कि मेरा पीछा करते यहाँ क्यो आए...
मैं- ग़लतफहमी है तुम्हारी...मैं कोई पीछा नही कर रहा...और करूँ भी क्यो...हाँ ..अगर कोई सेक्सी लेडी होती तो ज़रूर करता...
लेडी(गुस्से से)- सेक्सी..सेक्सी...सेक्सी....क्या मैं सेक्सी नही...हाँ...
मैने उसे उपेर से नीचे तक गौर से देखा...उसने एक 1 पीस ड्रेस पहनी हुई थी...जो जाँघो तक जाती थी...और इतनी टाइट थी की बूब्स ड्रेस को फाड़ने को तैयार थे...साथ मे उसके गोरे बाजू भी लाइट की रोशनी मे दमक रहे थे....होंठो पर लिपस्टिक और खुले हुए बाल उसकी खूबसूरती को और भी बढ़ा रहे थे...
मैं(सिर हिला कर)- उम हूँ...तुम सेक्सी नही...मेरे लिए तो नही...