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छोटी-छोटी रसीली कहानियां, Total 18 stories Complete

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नीरा ने डेस्क से उतरकर अपनी फटी हुई पैंटी मुश्कुराते हुए उठाकर रोहित को यह कहकर पकड़ा दी कि वोह उनकी आज की चुदाई की यादगार है। रोहित ने भी मुश्कुराते हुए नीरा की पैंटी अपनी जेब में भर ली। रोहित का लण्ड अभी भी पैंट के बाहर लटक रहा था। नीरा ने नीचे बैठकर उसके लण्ड को मुँह में लेकर चूसते हुए साफ किया और फिर उसके लण्ड को पैंट में डालकर उसका ज़िप्पर बँद कर दिया। फिर बिना किसी शरम के अपने होंठों पे चपचपाते हुए जीभ फिरा कर उसके लण्ड का स्वाद लेने लगी और मुश्कुराती हुई बड़े आरम से अपनी ब्रा पहनने लगी। फिर बगैर पैंटी के ही अपनी सलवार पहनते हुए दो अँगुलियों से अपनी चूत में से रोहित के लण्ड का रस निकालकर शरारत से मुश्कुराते हुए चाटने लगी। फिर सलवार पहनकर अपनी फटी कमीज़ को जितनी ढँग से हो सकता था पहन लिया।

“आय एम सारी… मैंने आपके कपड़े फाड़ दिए…” रोहित बोला।

“तू चिंता मत कर… मैं सम्भाल लूँगी पर अगली बार ध्यान रखना…”

“अगली बार मैडम?”

“तू इसे आखिरी बार तो नहीं समझ रहा है ना? अभी तो तुझे एनाटामी और बहुत से लैसन देने बाकी हैं…”

“उम्म… मुझे पता नहीं था कि आप क्या सोचेंगी…”

जवाब में नीरा ने पास आकर अपने होंठ रोहित के होंठों पे रख दिये। रोहित ने भी नीरा को पकड़कर अपनी जीभ नीरा के पहले से खुले होंठों के बीच से उसके मुँह में घुसा दी। दोनों कुछ देर इसी तरह एक दूसरे के मुँह में अपने जीभ डालकर पागलों की तरह चूमते रहे और फिर नीरा साँस लेने के लिए पीछे हटी।

“वाह… मैं तो भूल ही गयी थी कि इस तरह से किस करना कैसा लगता है…” नीरा हाँफती हुई बोली।

फिर दोनों अपने-अपने घर के लिए निकल गये। घर जाते हुए नीरा रोहित से अपनी चुदाई के बारे में ही सोच रही थी और उसे ताज्जुब हुआ कि उसने खुद पहले ऐसा करने का क्यों नहीं सोचा। क्यों वोह सिर्फ अपनी शोखियां और दिल्लगी करके लड़कों को और साथ में खुद को तड़पाती रही। शायद वोह यह सब करके अन्जाने में लोगों को लुभाकर रोहित जैसा कदम उठाने के लिए ही उक्साती थी। पर अब नीरा बहुत खुश थी और उसे इस बात की भी खुशी थी कि वोह स्कूल छोड़ के कालेज में पढ़ाने लगी थी। क्योंकी जो आज हुआ वोह तो कभी ना कभी होना ही था और अगर ऐसा स्कूल के किसी ना-बालिग लड़के साथ हो जाता तो वोह काफी मुसीबत में पड़ सकती थी।


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सेक्सी स्कूल टीचर – भाग 2

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अगले दिन भी नीरा ने क्षात्रों को अपना शबाब दिखा-दिखाकर सतना ज़ारी रखा और वोह भी पहले से ज्यादा। नीरा सारा दिन बे-सब्री से आखिरी क्लास का इंतज़ार करती रही और जब उस क्लास में रोहित नहीं दिखा तो बहुत मायूस हुई। लेकिन जल्दी ही जब उसने रोहित को क्लास में देर से भाग के अंदर आते देखा तो नीरा का चेहरा खिल उठा। “रोहित… देर से इस तरह क्लास में घुसकर मेरी क्लास को डिस्टर्ब करने का क्या मतलब है…” नीरा अपनी खुशी छिपाते हुए गुस्से से बोली।

रोहित का चेहरा शर्मिंदगी से लाल हो गया और वोह हकलाते हुए बोला- “सारी मैडम, मैं कहीं उलझ गया था…”

नीरा को रोहित की परेशानी से मज़ा आ रहा था। पिछले दिन जब रोहित ने उसकी चूत में अपनी अँगुलियां घुसाई थीं तो वोह उसके हाथ का खिलोना बनी हुई थी लेकिन इस समय नीरा का कंट्रोल था।

“कल भी तुम कहीं और उलझ तो नहीं गये थे?” यह सुनकर रोहित अपनी जगह पे ही जम गया क्योंकी उसे लगा कि नीरा उनकी चुदाई की तरफ इशारा कर रही थी पर उसने राहत की साँस ली जब नीरा आगे बोली- “क्या तुम अपना एसाइनमेंट करके लाये हो?”

“येस मैडम, मैंने एसाइनमेंट के सब सवाल किए हैं…”

“तो फिर क्या तुम दरवाजा बँद करके यहाँ ब्लैक-बोर्ड पे लिख के क्लास के साथ डिसकस करोगे…” नीरा अपना स्टूल टेबल के पीछे खिसकाती हुई बोली।

रोहित ने अपनी किताबें अपने डेस्क पे रखीं और दरवाजा बंद करके अपनी एसाइनमेंट की कापी लेकर क्लास के सामने आ गया। वोह समझ नहीं पा रहा था कि नीरा मैडम आज उसके पीछे क्यों पड़ी है। क्षात्र अक्सर क्लास में देर से आते थे पर कोई टोकता नहीं था। आखिर यह कालेज था कोई स्कूल नहीं। उसे लगा शायद नीरा पिछले दिन की चुदाई के लिए नाराज़ थी पर वोह तो बोली थी कि उसे मज़ा आया था और वोह थैंक यू भी बोली थी, पर अब… बेचारा रोहित बहुत परेशान था, उसे कुछ समझ में नहीं आ रहा था।

खैर वोह बोर्ड पे चाक से लिखने लगा। थोड़ा लिखने के बाद इस आश्वासन के लिए कि वोह सब ठीक कर रहा है, रोहित ने अपनी टीचर की तरफ मुड़कर देखा। नीरा को अपनी टाँगें चौड़ी करके बैठे देख रोहित का कलेजा मुँह को आ गया। नीरा ने अपनी सलवार घुटनों तक नीचे खिसका ली थी और अपने हाथ से पैंटी को एक तरफ किया हुआ था। रोहित की नज़र नीरा के चेहरे पे गयी तो वोह मुश्कुरा रही थी। रोहित ने जल्दी से बाकी क्लास की तरफ देखा तो उसे एहसास हुआ कि आज नीरा डेस्क के सामने बैठने कि बजाय डेस्क के पीछे बैठी थी और इतना बड़ा डेस्क नीरा की इस हरकत को बाकी क्लास से छिपाए हुए था। सिर्फ़ वो ही नीरा की कमर की नीचे का हिस्सा देख सकता था।

रोहित ने नीरा की चूत पे से अपनी नज़र हटाई और एक बार फिर बोर्ड पे लिखने लगा। उसके हाथ जाहिर तौर से काँप रहे थी जो कि उसकी लिखावट से भी पता लग रहा था। साथ ही उसका लण्ड भी खड़ा हो गया था और रोहित को डर था कि कहीं और लोगों को इस बात का पता ना चल जाये पर फिर भी वोह मुड़-मुड़कर अपनी टीचर की नंगी चिकनी चूत निहारने से खुद को रोक नहीं पा रहा था। इस बार जब उसने देखा तो उसकी साँस ही अटक गयी।

नीरा ने अपनी दो अँगुलियां अपनी चूत में घुसेड़ दी थीं और उन्हें चूत में अंदर-बाहर कर रही थी। रोहित ने एक नज़र बाकी क्षात्रों की तरफ देखा जिन्हें इस बात का बिल्कुल अन्दाज़ा नहीं था कि क्या चल रहा है। उसने वापिस घूमकर बोर्ड पे लिखना शुरू किया तो घबड़ाहट में उसका चाक बोर्ड से टकराया और उसके हाथ से छूट के नीचे गिर गया।

क्लास में एक जोर से हँसी का ठाहका गूँजा और शर्मिंदगी से रोहित का चेहरा लाल हो गया। उसने चाक को नीरा की तरफ लुढ़कते देखा तो वोह उसे उठाने के लिए झुका और उसने खुद को नीरा की खुली टाँगों के बीच में पाया। रोहित नीरा की गुलाबी-सी गोरी चूत और उसमें घुसी अँगुलियों को देखने लगा। उसे अपनी टीचर की चूत की खुशबू तक आ रही थी।


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***** *****To be contd... ...

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क्लास में एक जोर से हँसी का ठहाका गूँजा और शर्मिंदगी से रोहित का चेहरा लाल हो गया। उसने चाक को नीरा की तरफ लुढ़कते देखा तो वोह उसे उठाने के लिए झुका और उसने खुद को नीरा की खुली टाँगों के बीच में पाया। रोहित नीरा की गुलाबी-सी गोरी चूत और उसमें घुसी अँगुलियों को देखने लगा। उसे अपनी टीचर की चूत की खुशबू तक आ रही थी।

रोहित ने फिर साइड पे देखा तो उसे एहसास हुआ कि वोह अब डेस्क के पीछे छिपा हुआ था और फिर वापिस गर्दन घुमायी तो उसे अपनी टीचर की चूत-रस में भीगी हुई चमकती अँगुलियां अपने चेहरे के नज़दीक दिखीं। रोहित ने अपना मुँह खोला तो नीरा ने अपनी चूत-रस में भीगी अँगुलियां उसके मुँह में घुसेड़ दी। पूरी क्लास के सामने, हालाँकि डेस्क के पीछे छिप कर, रोहित ने अपनी टीचर की अँगुलियां चूसकर साफ कीं और फिर चाक उठाकर जल्दी से खड़े होकर बोर्ड पे जाकर अपना काम खतम किया।

“थैंक यू, रोहित… तुम्हारा काम तारीफ के काबिल था। अब तुम बैठ सकते हो…” नीरा अपनी हँसी रोकते हुए बोली।

रोहित अपनी कापी से अपने लण्ड को छिपाता हुआ अपनी सीट पे जा के बैठ गया। उसने क्लास-रूम का निरीक्षण किया पर किश्मत से किसी का भी ध्यान उसकी तरफ नहीं था। सब लोगों का ध्यान नीरा की तरफ था जो अब आगे का लेक्चर दे रही थी।

क्लास के अंत में, जो कि उस सप्ताह की आखिरी क्लास थी, नीरा ने रोहित को अपनी किताबें समेटते हुए देखा। जब सब क्षात्र बाहर जा रहे थे तो रोहित कुछ तय नहीं कर पा रहा था। नीरा भी मन ही मन रोहित के रुक जाने की प्रार्थना कर रही थी। जब सब क्लास के बाहर चले गये तो रोहित क्लास के पीछे अपनी सीट पे ही बैठा था। यह जानते हुए कि रोहित उसे ही निहार रहा है, नीरा धीरे-धीरे अदा से अपनी हाई हील सैंडल खटखटाती हुई दरवाजे की तरफ गयी और दरवाजा बंद करके सिटकनी लगा दी। फिर घूम के धीरे-धीरे अपने डेस्क की तरफ जाती हुई नीरा ने अपना दुपट्टा हटाकर नीचे गिरा दिया। फिर अपनी सलवार अपने चूतड़ों से नीचे खिसकाकर अपने डेस्क पे उछलकर अपनी टाँगें चौड़ी करके बैठ गयी और अपनी ओर ताकते रोहित की तरफ देखने लगी।

नीरा ने अपनी कमीज़ उतार के एक तरफ उछाल दी और अपनी ब्रा के हुक खोलकर उसे भी साईड में फेंक दिया। नीरा अब कमर से ऊपर बिल्कुल नंगी अपनी टाँगें फैलाकर अपने डेस्क पे बैठी थी और उसकी सलवार उसकी टाँगों में नीचे खिसकी हुई थे। यह नीरा के आज तक की सबसे कामुक परफोर्मेंस थी और नीरा ने रोहित को ही घूरते हुए अपनी सलवार अपनी टाँगों से खींचकर निकाली और एक तरफ फेंक कर अपनी चूचियां मसलने लगी।

फिर नीरा ने अपनी पैंटी उतारने के लिए अपने हाथ अपनी चूचियों से हटाए और अपनी गाण्ड को डेस्क से ऊपर उचका कर अपनी पैंटी अपनी टाँगों पे नीचे खींची और सिर्फ़ एक टाँग से निकालकर पैंटी को दूसरे पैर पे लटकते हुए छोड़ दी। अब वोह सिर्फ डार्क ब्राऊन रंग के हाई हील सैंडल पहने हुए फिर से अपनी चूचियां मसलने लगी। लेकिन उसकी चूत में दहक रही आग भी नीरा का ध्यान अपनी और खींच रही थी। इसलिए उस चुदास टीचर ने अपना एक हाथ अपनी चूची से हटाकर अपने चूत पे रख लिया और लगतार अपने स्टूडेंट की आँखों में देखती हुई अपनी क्लिट रगड़ने लगी।

रोहित भी कब से अपनी पैंट के ऊपर से ही अपना लौड़ा सहला रहा था। फिर वोह भी खड़ा होकर अपनी टीचर के पास गया और झुक के अपने होंठ नीरा की चूची पे रख दिये। नीरा ने सिसकारी भरते हुए रोहित का सिर पीछे से पकड़कर अपनी चूँची पे दबा दिया। फिर रोहित ने पीछे हटकर नीरा की जाँघों पे हाथ रखा। नीरा की अँगुलियां अभी भी अपनी फूली हुई क्लिट रगड़ रही थीं। रोहित ने नीचे झुक कर अपनी जीभ नीरा की चूत पे एक बार फिरायी और फिर खड़ा हो गया। रोहित ने ऐसा कई बार किया पर हर समय सिर्फ एक बार ही अपनी जीभ फिरा कर रुक जाता था।

“रोहित… प्लीज़… मुझे ऐसे तड़पा नहीं… चाट मेरी चूत… अब नहीं रुका जाता…” नीरा बेचैनी से बोली।

खुद अपनी हरकतों से लड़कों को हर समय तड़पाने वाली टीचर के मुँह से यह बात सुनकर रोहित मुश्कुरा दिया। पर वोह नीरा की बात मान कर झुकते हुए नीरा की चूत चाटने लगा। रोहित के मुँह को ठीक से जगह देने के लिए नीरा ने अपना हाथ अपनी क्लिट पे से हटा लिया। रोहित पूरे जोश में नीरा की चूत अपने जीभ से चाट रहा था और नीरा अपनी चूचियां मसल रही थी।

रोहित के चाटने से नीरा मदहोश सी होने लगी और उसे लगा की वोह गिर जायेगी। इसलिए उसने खुद को सहारा देने के लिए अपने हाथ डेस्क पे अपने पीछे टिका लिए। रोहित की जीभ नीरा को अपनी चूत में इतनी अच्छी लग रही थी कि उसने अपनी टाँगें उठाकर रोहित के कँधों पे रख दीं और उसका सिर अपनी मखमली माँसल जाँघों में कस लिया। अब नीरा मस्ती से तिलमिला उठी और आगे-पीछे होकर अपनी चूत रोहित की जीभ पे दबाती हुई धक्के मारने लगी। रोहित भी पूरी मस्ती में अपनी जीभ नीरा की चूत में अंदर-बाहर करके सटासट चोदने लगा।

“आआआहहह… ऊईईईई… चाट मेरी चूत… हाय… उफफ्फ… पूरे बदन में नशा छा रहा है। हाय मैं झड़ने वाली हूँ…” चिल्लाती हुई नीरा अपने चूतड़ आगे ढकेल कर झड़ने लगी और चीखते हुए अपनी चूत का रस रोहित के चेहरे पे छोड़ दिया।


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रोहित ने फिर भी नीरा की चूत को चाटना उस समय तक जारी रखा जब नीरा ने अपनी टाँगें फैलाकर रोहित के बाल पकड़कर उसका मुँह अपनी चूत से हटाया। उसकी चूत उस समय और उत्तेजना सहन नहीं कर सकती थी। नीरा डेस्क से नीचे खिसकती हुई और रोहित को पीछे ढकेलती हुई नीचे उतरी। अपने घुटनों के बल बैठकर नीरा ने अपने स्टूडेंट की बेल्ट और पैंट खोली और उसका ज़िप्पर नीचे किया। फिर रोहित की पैंट और अंडरवीयर एक साथ नीचे खींचकर नीरा ने उसके तने हुए मोटे लण्ड को आज़ाद कर दिया। अगले ही क्षण रोहित का लण्ड उसकी टीचर के मुँह में था।

“ओह, ढिल्लो मैडम…” रोहित सिसका।

नीरा को जो मज़ा और तृप्ति रोहित से मिली थी वही मज़ा नीरा उसे वापिस देना चाहती थी। नीरा ने उसके लण्ड को नीचे से पकड़कर अपने रसीले होंठों में भर लिया। नीरा अपना सिर आगे-पीछे हिलाकर उसके लण्ड पे अपने होंठ और जीभ फिराती हुई चूसने लगी। फिर रोहित के लौड़े को मुँह से निकालकर नीरा ने अपने पूरे चेहरे पे रगड़कर उसके स्पर्श का मज़ा लिया और फिर से अपने मुँह में डालकर जोर-जोर से चूसने लगी। रोहित ने नीरा के सिर पे अपने हाथ रखकर खुद को सहारा देने की कोशिश की पर नीरा का सिर बहुत जोर-जोर से हिल रहा था। इसलिए रोहित ने आगे झुक कर डेस्क पे अपने हाथ रख लिए और अपने चूतड़ आगे पीछे करके अपनी टीचर का मुँह चोदने लगा।

नीरा को बीच-बीच में साँस लेने में परेशानी हो रही थी क्योंकि रोहित के धक्कों के कारण उसका लौड़ा नीरा के गले में टकरा रहा था पर नीरा भी मस्ती में गोंगियाती हुई रोहित के लण्ड के धक्के अपने मुँह में खाती हुई अपना सिर स्थिर रखे हुए थी। सिर्फ एक बार जब रोहित ने बहुत ही तेज झटका दिया तो नीरा का सिर असावधानी के कारण पीछे से डेस्क पे टकराया। नीरा चाहती थी कि रोहित धक्के ना मारे ताकि वोह उसका लौड़ा इतमीनान से चूस सके पर वोह जानते थी कि रोहित बहुत मस्ती में था और इसीलिए इतनी बे-रहमी से अपनी टीचर का मुँह चोद रहा था। साथ ही यह खयाल इस चुदासी टीचर को बहुत उत्तेजित कर रहा था कि वोह घुटनों के बल बैठी है और डेस्क पे झुका हुआ उसका स्टूडेंट अपना लण्ड उसके मुँह में जोर-जोर से गले तक ठाँस रहा है। अचानक फिर नीरा को अपने मुँह में रोहित का गरम चिपचिपा रस महसूस हुआ।

“ओहहहह… आहहहह… मैडम… साली… चूस… आह्हह…” रोहित के मुँह से चीख निकली और उसका बदन सर से पाँव तक काँप गया। नीरा को गाली सुन के अच्छा लगा और वो बड़ी खुशी से अपनी मेहनत का इनाम समझकर रोहित के लण्ड का मलाईदार रस अपने मुँह में लेने लगी। रोहित तेजी से अपना गाढ़ा रस का फुहारा नीरा के गले में छोड़ रहा था और नीरा भी उतनी ही तेज़ी से उसका रस गटकने लगी। पर रोहित के लण्ड से इतनी अधिक मात्रा में रस निकल रहा था कि नीरा उसका मुकाबला नहीं कर पा रही थी। जब नीरा का मुँह लबालब भर गया तो रोहित का गाढ़ा रस नीरा के लिपिस्टक लगे लाल-लाल होठों से किनारे से बाहर निकलकर बहने लगा।


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जब रोहित का रस निकलना बँद हो गया तो नीरा खड़ी हो गयी रोहित ने भी हाँफते हुए खुद को सहारा देने के लिए डेस्क को पकड़ लिया। बहुत ही हसीन नज़ारा था। टीचर सिर्फ हाई हील के सैंडल पहने बिल्कुल नंगी थी और उसकी पैंटी अभी भी उसके एक पैर और सैंडल के हील में अटकी हुई थी। स्टूडेंट ने शर्ट पहनी हुई थी पर उसकी पैंट उसके पैरों तक नीचे खिसकी हुई थी और अंडरवीयर घुटनों पे था। दोनों क्लास-रूम में बिल्कुल अकेले, डेस्क पर झुके हुए जोर-जोर से हाँफ रहे थे।

रोहित का लौड़ा उसकी टीचर के थूक से सना हुआ चमक रहा था और थूक की एक बूँद लण्ड के छोर से लटक रही थी, जबकि नीरा अभी भी अपने मुँह में भरा अपने स्टूडेंट का काम-रस चटखारे मारती हुई निगल रही थी। नीरा की ठुड्डी पे भी रोहित का रस चिपका हुआ था।

“वाह… ढिल्लो मैडम, यह दुनियां की सबसे अच्छी लण्ड-चुसाई थी…” रोहित बोला।

“तूने भी तो मेरी चूत अच्छी तरह से चूसकर मुझे जन्नत का मज़ा दिया, डार्लिंग, पर अब मुझे चूत में तेरी जीभ की जगह तेरा मस्त लौड़ा चाहिए…” नीरा बोली।

तो रोहित जोर से मुश्कुरा दिया। रोहित ने अपनी शर्ट फटाफट उतारकर एक तरफ उछाल दी और फिर झुक कर अपनी पैंट और अंडरवीयर भी अपनी टाँगों से निकाल दिये। अपने आधे खड़े लण्ड को उसने अपने हाथ में लिया और कुछ ही क्षणों में उसका लण्ड तनकर सीधा खड़ा हो गया। चुदाई की प्रतीक्षा में नीरा लार टपकाती हुई लण्ड-मार नज़रों से रोहित को यह सब करते देख रही थी।

रोहित जब नीरा के करीब आया तो नीरा निश्चित नहीं थी कि उसके मन में क्या है पर रोहित ने नीरा को कमर से पकड़कर बड़े प्यार से डेस्क पे आगे झुका दिया। नीरा ने भी झुक कर डेस्क पे अपने हाथ रख दिए। रोहित ने अपने एक पैर से नीरा के एक सैंडल पर हल्के से ठोंक कर उसका पैर बाहर को खिसकाया और फिर वैसा ही नीरा के दूसरे पैर के साथ किया जैसे कि कोई पुलिस वाला किसी कि तालाशी करने की तैयारी कर रहा हो। फिर रोहित ने नीरा की फैली टाँगों के बीच में खड़े होकर पीछे से अपना मूसल जैसा तना हुआ लण्ड नीरा की चूत पे दबा दिया। जब नीरा ने भी उसका लण्ड अंदर लेने के लिए अपने चूतड़ पीछे को ढकेले तो रोहित ने पीछे हटकर नीरा की गाण्ड पे एक चपत लगा दी।

“ओए… यह क्यों किया तूने?” नीरा ने पूछा, हालांकि चपत जोर से नहीं लगी थी।

“अरे मैडम… तुम मत हिलो… मुझे ही करने दो…”

नीरा मुश्कुरा कर उसके लण्ड का इंतज़ार करने लगी। उसे एक बार फिर रोहित का गरम लण्ड अपनी टाँगों के बीच रगड़ता हुआ अपनी चूत में घुसता हुआ महसूस हुआ। नीरा अपनी गाण्ड पीछे ढकेल के उस सख्त लौड़े को जल्दी से अपनी चूत में लेना चाहती थी पर उसने खुद को रोके रखा। नीरा थोड़ा रुकी और फिर रोहित एक झटके में पूरा लण्ड उसकी चूत में घुसेड़कर रुक गया। नीरा ने डेस्क पे झुके हुए अपनी आँखें बँद करके जोर से साँस अंदर खींची। नीरा ने पीछे के तरफ धक्का तो नहीं लगाया पर उतावलेपन में अपनी चूत को रोहित के लण्ड पे कस के जकड़ लिया। रोहित ने अपनी टीचर की पीठ पे झुक कर उसकी चूचियां पकड़ लीं और अपना आधा लण्ड चूत से बाहर निकाल के फिर अंदर ठेल दिया। घों…ओंओंओं… नीरा के मुँह से आनन्द भरी सितकार निकली। नीरा को वैसे ही और धक्कों की उम्मीद थी पर रोहित नहीं हिला और नीरा की चूचियां मसलते हुए उसके कान कुतरने लगा।

“अरे रुका क्यों है? चोदता क्यों नहीं?” नीरा ने पूछा।

“मैडम तुम तो बहुत उतावली हो रही हो। क्या चूत में इतनी आग लगी है?”

“हाँ साले… अगर तूने मुझे जल्दी नहीं चोदा तो मेरी चूत अपने गरमी में जल कर राख हो जायेगी…”

रोहित नीरा की कमर से थोड़ा पीछे हटा और अपनी अँगुलियां नीरा की कमर पे फिराने लगा। रोहित की अँगुलियों के स्पर्श से नीरा को पूरे शरीर पे रोंगटे खड़े होते महसूस हुए। रोहित फिर से नीरा की पीठ पे आगे झुक गया और उसके चूतड़ सहलाने लगा। नीरा से अब रहा नहीं गया और उसने रोहित के लण्ड को हरकत में लाने के लिए अपनी गाण्ड पीछे ढकेल दी। उसे रोहित की दबी हुई हँसी सुनायी दी और वोह जान गयी कि वोह रोहित को इस समय एक राँड लग रही होगी। रोहित ने नीरा की गाण्ड पे फिरते अपने हाथ रोक कर अपना लण्ड नीरा की चूत से बाहर निकालकर एक जोरदार धक्के से वापस अंदर ठेल दिया।

“हाँ… ऐसे ही चोद मुझे… रोहित प्लीज़… मुझे ऐसे तड़पा मत… चोद मुझे…”

रोहित ने फिर लण्ड थोड़ा बाहर खींच के अंदर ठेल दिया और फिर बार-बार ऐसा करते हुए हर धक्के के साथ अपनी गति बढ़ाने लगा।

नीरा भी अपनी आँखें बँद करके अपनी गाण्ड आगे-पीछे करती हुई रोहित के धक्कों का जवाब देने लगी। “ऊन्घ… ओहहह… चोद दे… ओहहहह…” नीरा कराह उठी।

चुदाई की आशा और रोहित के सताने के आगे चुदाई की भूखी नीरा टिक नहीं पायी और कुछ ही देर में नीरा झड़ गयी। पर नीरा की खुशकिस्मती से रोहित ने बिना रुके धक्के मारते हुए अपना मूसल लण्ड उसकी चूत में कूटना जारी रखा। नीरा जल्दी ही और दो बार झड़ी। नीरा की लार उसके निचले होंठ से लटकते हुए डेस्क पे टपक रही थी। उसके बाल भी उसके पसीने से भरे चेहरे पे चिपके हुए थे और नीरा की मुट्ठियां भी बँद-खुल रही थीं। चुदाई के आलौकिक सुख की लहरें नीरा के सुलगते बदन को बहाए लिए जा रही थीं। नीरा मस्ती में खुद को ऊपर नहीं रख पा रही थी और डेस्क पे अपनी बाँहें फैलाकर पूरी झुक गयी। रोहित नीरा की गाण्ड पकड़कर लगातार जोर-जोर से धक्के मारते हुए अपना लण्ड नीरा की चुदासी चूत में पेल रहा था।

“ओहहह… मैं… मैं फिर से आईई… ओंओं… आँआँआँईईईईई…” नीरा झड़ते हुए चिल्लायी।

रोहित को विश्वास ही नहीं हुआ कि उसकी टीचर इतनी उत्तेजित थी। वोह जानता था कि नीरा बहुत ही खूबसूरत और सेक्सी औरत है जो क्लास में लड़कों को अपनी कामुक अदाओं से तड़पाती थी पर वोह इतनी गरम और चुदासी होगी, इस बात का रोहित को अंदाज़ा नहीं था।

नीरा को रोहित से चुदवाने में बहुत आनन्द आया था।

रोहित तब तक अपनी टीचर की चूत में पूरे जोश से अपना लण्ड पेलता रहा जब तक वोह खुद नहीं झड़ गया।


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रोहित तब तक अपनी टीचर की चूत में पूरे जोश से अपना लण्ड पेलता रहा जब तक वोह खुद नहीं झड़ गया। रोहित ने झड़ते हुए आगे झुक कर नीरा के इर्द-गिर्द अपनी बाँहें लपेट दीं। नीरा आखिर में झुक के डेस्क पे सपाट पसर गयी जिससे उसकी चूचियां लकड़ी के डेस्क पे पिचक गयीं। रोहित भी नीरा की पीठ पे झुक कर हाँफने लगा और उसका लण्ड अभी भी नीरा की चूत में फड़क रहा था। आखिरकार रोहित ने पीछे हटकर अपनी टीचर की चूत में से अपना लण्ड बाहर निकाला और लड़खड़ाता हुआ एक कुर्सी पे जा के बैठ गया। नीरा डेस्क पे ही पड़ी हाफ रही थी।

कुछ देर बाद जब उनकी साँसें नियंत्रित हुईं तो दोनों एक दूसरे की चुदाई की प्रशंसा करते हुए कपड़े पहनने लगे। नीरा ने रोहित से पूछा कि वोह सप्ताहाँत में क्या कर रहा है। जब रोहित ने कहा कि वोह दोनों दिन फ्री है तो नीरा ने उससे पूछा कि क्या वोह किसी होटल में उससे मिलना चाहेगा। यह सुनकर रोहित खुशी से कूद पड़ा। फिर दोनों किस करके अपने घरों को निकल गए।

अगले दिन के लिए नीरा ने एक पाँच सितारा होटल में कमरा बुक कर दिया था और नीचे लाबी में ही रोहित का इंतज़ार करने लगी। नीरा ने बहुत ही खूबसूरत लहँगा चोली पहना हुआ था जो बहुत भड़किला नहीं था। लहंगे के उप्युक्त ही उसके माथे पे बिंदी, कानों में झुमके, हाथों में चूड़ियां, और पैरों में लाल रंग के बहुत ही सेक्सी हाई हील के सैंडल थे। जब उसने रोहित को आते देखा तो हाथ हिलाकर उसे इशारा किया।


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***** *****To be Contd... ...

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अगले दिन के लिए नीरा ने एक पाँच सितारा होटल में कमरा बुक कर दिया था और नीचे लाबी में ही रोहित का इंतज़ार करने लगी। नीरा ने बहुत ही खूबसूरत लहँगा चोली पहना हुआ था जो बहुत भड़किला नहीं था। लहंगे के उप्युक्त ही उसके माथे पे बिंदी, कानों में झुमके, हाथों में चूड़ियां, और पैरों में लाल रंग के बहुत ही सेक्सी हाई हील के सैंडल थे। जब उसने रोहित को आते देखा तो हाथ हिलाकर उसे इशारा किया।

रोहित नीरा के पास आकर नीरा को किस करने के लिए झुका तो नीरा ने पीछे हटकर घबड़ाहट से अपने आस-पास देखा और फिर दोनों लिफ्ट में आ गये। लिफ्ट का दरवाजा बँद होते ही नीरा ने अपने होंठ अपने युवा स्टूडेंट के होंठों पे रखकर उसे अपनी बाँहों में जकड़ लिया। चूमते वक्त रोहित के हाथ नीरा की गाण्ड पे थे। रोहित धीरे से नीरा का लहँगा ऊपर उठाने ही वाला था कि लिफ्ट का दरवाज़ा खुल गया और नीरा फिर उससे छूट कर अलग हो गयी।

कमरे में आकर दरवाजा बँद करते ही दोनों फिर एक दूसरे को बाँहों में जकड़कर एक दूसरे के मुँह में जीभ डालकर चूमने लगे। इस बार रोहित ने नीरा का लहँगा पीछे से ऊपर उठाकर अपने हाथ अपनी टीचर की पैंटी में डालकर उसके मुलायम पर भारी चूतड़ों को मसलने लगा। नीरा रोहित को चूमते हुए उसके मुँह में ही सिसक रही थी। उसे विश्वास ही नहीं हो रहा था कि वोह इतनी जल्दी उत्तेजित हो गयी थी और उसकी चूत भी गीली हो गयी थी। नीरा धीरे-धीरे कदम बढ़ाती हुई आगे बढ़ रही थी और रोहित को पीछे खिसका रही थी। रोहित ने भी अपने हाथ नीरा की पैंटी के अंदर से निकाले नहीं थे और दोनों अपने होंठ एक दूसरे से चिपकाये हुए दीवानों की तरह चूम रहे थे।

जब रोहित की टाँगें पीछे से पलँग से टकराईं तो वोह पीछे लुढ़क गया। नीरा की गाण्ड को अपने हाथों से दबोचे हुए उसने नीरा को भी अपने साथ अपने ऊपर गिरा लिया। फिर भी दोनों ने चूमना बँद नहीं किया और बिस्तर पर लोटने लगे। कभी रोहित नीरा के ऊपर होता तो कभी नीरा रोहित के ऊपर। आखिरकार नीरा ने चूमना छोड़ा और अपने स्टूडेंट की आँखों में शरारत से देखती हुई बोली- “रोहित आज खूब मस्ती करेंगे। अब तू नंगा हो जा जल्दी से…”

जैसे ही नीरा रोहित के ऊपर से हटी, रोहित ने अपने कपड़े उतारने शुरू कर दिए। नीरा ने पहले से ही एक ब्लैक लेबल स्काच और नमकीन इत्यादि मँगवा रखे थे। नीरा ने उठकर दो पैग बनाए और फिर एक ग्लास को चूम के रोहित को पकड़ा दिया। नीरा ने पूछा- “क्या पहले कभी पी है तूने?”

“नहीं मैडम, पर तुम इतने प्यार से दे रही हो तो मना कैसे करूँगा…”

“पहली बार पी रहा है तो यह एक ही पैग से तुझे अच्छा शुरूर हो जायेगा और फिर चोदने में ज्यादा मज़ा आयेगा। चीयर्स डार्लिंग…” नीरा रोहित के ग्लास से अपना ग्लास टकराती हुई बोली।

रोहित बिस्तर पर आधा लेटा हुआ धीर-धीरे चुस्कियां लेने लगा पर नीरा जल्दी से अपना पैग खतम करके खड़ी हो गयी। नीरा ने धीरे से अपनी चोली के हुक खोलकर चोली उतारी और फिर धीरे से अपना लहँगा खोलने लगी। नीरा ने ब्रा नहीं पहनी थी। रोहित अपने पैग की चुस्कियां लेते हुए अपनी टीचर को नंगा होते देख रहा था और जब नीरा का लहँगा ज़मीन पर गिरा तो रोहित अपने होंठ चाटने लगा। उसकी टीचर अब अब सिर्फ पैंटी और हाई हील सैंडल पहने उसके सामने खड़ी थी।

“ढिल्लो मैडम, तुम बहुत ही सेक्सी हो…” रोहित फुसफुसाया। रोहित पे व्हिस्की का हल्का-हल्का शुरूर छा रहा था।

“हाँ… दिख रहा है कि तुझे मेरा हुश्न पसंद आया…” नीरा ने हँसते हुए रोहित के खड़े लण्ड की तरफ इशारा किया। नीरा ने हाथ बढ़ाकर पास की टेबल से व्हिस्की की बोतल उठाई और सीधे मुँह लगाकर दो-तीन घूँट पीये। फिर बोतल वापस रखकर बहुत ही धीरे-धीरे, एक-एक इंच करके अपनी पैंटी नीचे खिसकाने लगी। नीरा की नज़रें रोहित के चेहरे पर ही टिकी थीं और उसे रोहित की आँखों में हवस साफ-साफ दिख रही थी। नीरा को इतनी धीरे-धीरे छेड़खानी के साथ पैंटी खिसकाते देखकर रोहित का मन हुआ कि बिस्तर से लपक के उठकर खुद ही नीरा की पैंटी खींच दे पर वोह खुद पे काबू रखते हुए नीरा को देखता रहा। जब नीरा ने पैंटी चूत से नीचे खिसकायी तो पैंटी उसकी गीली चूत पे चिपकती हुई हटी।


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एक बार जब पैंटी जाँघों तक आ गयी तो नीरा ने जल्दी उतारकर सूँघने के बाद रोहित की तरफ उछल दी। अब नीरा का बिल्कुल नंगा कामुक बदन रोहित के सामने था। नीरा सिर्फ लाल रंग के हाई हील सैंडल पहने हुए बिल्कुल नंगी किसी अपसरा से कम नहीं लग रही थी। रोहित ने भी नीरा की पैंटी पकड़कर अपने चेहरे पे दबा ली। नीरा ने मुश्कुराते हुए फिर से व्हिस्की की बोतल उठायी और बिस्तर पर आ गयी। वोह सीधे बोतल से ही पीती हुई रोहित का लण्ड पकड़कर सहलाने लगी।

“मैडम… तुम तो बहुत बड़ी पियक्कड़ लगती हो।…” रोहित अपना खाली ग्लास किनारे रखता हुआ बोला।

“मैं आज खूब मज़ा लेना चाहती हूँ। खूब मदहोश होकर चुदाई का आनन्द लूँगी…” नीरा बोली और फिर एक घूँट पीकर रोहित का लण्ड अपने मुँह में ले लिया। रोहित का लण्ड चूसते हुए नीरा जोर-जोर से अपना सिर ऊपर-नीचे करने लगी और पूरा कमरा नीरा के मुँह से निकलती चूसने और सुड़कने की अवाज़ों से भर गया। रोहित जल्दी ही सिसकारी लेते हुए अपने चूतड़ ऊपर उठाकर नीरा के मुँह में झड़ने लगा और नीरा ने भी जल्दी-जल्दी उसका सारा वीर्य पी लिया।

“मम्म्म्म्म्म… अब तेरा उतावलापन कुछ कम हुआ कि नहीं…” नीरा मुश्कुराते हुए अपने होंठ चाटने लगी।

“वाह… मैडम तुम तो बिल्कुल रंडी की तरह लण्ड चूसती हो…”

नीरा को रोहित की यह टिप्पणी काफी उत्तेजक लगी। वोह होटल के कमरे में नशे में मदहोश, बिस्तर पे सिर्फ अपने सैंडल पहने अपने नंगे स्टूडेंट के साथ थी जिसका लण्ड चूसकर उसने अभी-अभी वीर्य पिया था और अभी तो उसे बहुत कुछ करना था। नीरा ढिल्लो को अपने बारे में यह बात पता लग गयी थी कि उसे चुदाई बहुत प्यारी थी और जब भी उसे चुदवाने का मौका मिलेग वोह छोड़ेगी नहीं। नीरा के चेहरे पे बहुत ही कुटिल भाव आ गये। रोहित के ऊपर चढ़कर नीरा उसके सिर के पास अपने टाँगें फैलाकर बैठ गयी और अपनी चूत रोहित के मुँह पे रख दी।

जब नीरा को रोहित की जीभ अपनी चूत पे महसूस हुई तो वोह रोहित के मुँह पे अपनी चूत आगे-पीछे करके झूलने लगी। अपनी चूत चटवाती हुई भी नीरा बोतल मुँह से लगाकर शराब पी रही थी और अब वोह काफी नशे में मदहोश थी। नीरा को उम्मीद नहीं थी कि वोह भी रोहित की तरह इतनी जल्दी झड़ने लगेगी। नीरा जोर-जोर से अपनी चूत रोहित के चेहरे पे रगड़ने लगी और काँपती हुई झड़ गयी।

जैसे ही नीरा के जिश्म के धधकते शोले ठंडे पड़ने लगे तो रोहित के ऊपर से हटकर नीरा घूमकर उसकी बगल में लेट गयी। उसे नशे में मदहोश देखकर रोहित ने नीरा के हाथ से आधी भरी बोतल लेकर पलंग के किनारे ज़मीन पे रख दी। फिर नीरा के ऊपर झुक कर रोहित उसकेी चूचियों से खेलते हुए उन्हें मसलने लगा और बीच-बीच में कभी नीरा के निप्पल अपनी अँगुलियों से मरोड़ देता। नीरा के निपल सख्त बनकर सीधे खड़े हो गये तो रोहित अपने मुँह, होंठ और जीभ से अपनी टीचर की चूचियां और निप्पलों को चूमने-चाटने लगा।

नीरा जोर-जोर से सिसकारियां लेती हुए कालेज के इस युवा कड़के के शरीर पे जहाँ भी हाथ पहुँच रहे थे, मसलने लगी। कभी उसकी पीठ या बाँहें होती तो कभी रोहित की गाण्ड पकड़कर उसके चूतड़ सहलाती और कभी रोहित के लौड़े को पकड़कर रग्ड़ने और निचोड़ने लगती।

जब रोहित का लण्ड नीरा के हाथ में था तो रोहित उसके ऊपर ही लेट गया। नीरा ने अपनी टाँगें फैलाकर रोहित का लण्ड अपनी चूत पे रख दिया और रोहित ने भी बिना देर किए धक्का मारकर लण्ड नीरा की चूत में पेल दिया। चुदाई चालू हुई तो दोनों के चूतड़ एक स्वर में चलने लगे। और उनकी घमासान चुदाई तब तक चलती रही जब तक दोनों झड़ नहीं गये।

“ओह, रोहित, वादा कर कि तू कभी मुझे चोदना बँद नहीं करेगा…” नीरा प्यार से रोहित का लण्ड पुचकारती हुई बोली।

“हमारे पास और कितना समय है?” रोहित ने पूछा।

“आज पूरा दिन और पूरी रात…” रोहित को अचिम्भत देखकर नीरा आगे बोली- “मेरे हसबैंड बाहर गये हैं। तुझे रात को रुकने में कोई दिक्कत तो नहीं?

“मैं तो होस्टल में रहता हूँ। मुझे क्या दिक्कत हो सकती है…” रोहित बोला।

दोनों फिर से चिपट गये और जब रोहित का लण्ड खड़ा हुआ तो उन्होंने फिर से चुदाई की। बाद में नीरा ने अपनी चूत-रस और रोहित के वीर्य के मिश्रण से भीगे रोहित के लण्ड को अपने मुँह में लेकर चूसा। उसे इसका स्वाद बहुत अच्छा लगा और उसे ऐसा एहसास हुआ कि वोह उसका सत्कार कर रही हो। साथ ही एक और कारण भी था - चूसने से रोहित का लण्ड दोबारा खड़ा हो जाता था। इस तरह, सोने से पहले दोनों ने पाँच बार चुदाई की।


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अगले दिन सुबह जब रोहित की आँख खुली तो उसने अपनी टीचर को अपना लण्ड चूसते पाया। नीरा अभी भी केवल हाई हील सैंडल पहने हुए बिल्कुल नंगी थी। जब रोहित के साथ-साथ उसका लौड़ा भी जाग गया तो नीरा ने उसके ऊपर चढ़कर उसका लण्ड अपनी चूत में घुसेड़ लिया और अपने झड़ने तक उसके खम्बे जैसे लण्ड पे ऊपर-नीचे उछलती हुई अपने चूत चुदवाती रही। फिर रोहित के ऊपर से हटकर नीरा ने उसका लण्ड अपने मुँह में भर लिया। नीरा के अभ्यस्त मुँह और जीभ ने जल्दी ही रोहित के लण्ड को स्खलित कर दिया और उसका सारा वीर्य गटक गयी।

वो दोनों बाथरूम में जाकर शावर के नीचे एक दूसरे को नहलाने लगे। नहाना खतम करने के पहले नीरा दीवार के सहारे झुक कर अपनी गाण्ड बाहर निकालकर खड़ी हो गयी। रोहित ने पीछे से अपना लण्ड नीरा की चूत में घुसेड़ दिया और धीरे-धीरे चोदने लगा जिसने बाद में धुँआ-धार चुदाई का रूप ले लिया। नीरा इस चुदाई के दौरान दो बार झड़ी और उसके बाद रोहित भी स्खलित हो गया। उसके बाद दोनों ने आपस में मस्ती करते हुए नहाना ज़ारी रखा, पर यह नहाना कम और आपस में खिलवाड़ ज्यादा था। जब पानी ठंडा होने लगा तो दोनों स्कूल के बच्चों की तरह हँसते हुए शावर से निकलकर गीले बदन ही होटल के फर्श पे पानी की धार टपकाते हुए बाथरूम से बाहर भागे।

दोनों बिस्तर पे कूद के एक दूसरे से लिपटते-चिपकते चूमा-चाटी करने लगे और जल्द ही रोहित का लण्ड एक बार फिर उसकी टीचर की चूत में जड़ तक घुसा हुआ था। उन्होंने उस दिन की आखिरी चुदाई की और फिर एक बार जल्दी से नहाने के बाद तैयार हो गए। दोनों का ही होटल से जाने का मन नहीं था पर अन्त में दोनों अपने-अपने घर चले गए।

नीरा इन दिनों बहुत ही खुश और उत्साहित थी। उसने पहले जैसे ही कालेज में अपनी कामुक हरकतों से लड़कों को तड़पाना जारी रखा और रोहित से जब भी मौका मिलता खूब चुदवाती। नीरा को एक दिन अपने पति के साथ एक फार्म-हाऊस पे पार्टी में जाना पड़ा। नीरा का मूड तो नहीं था पर पति और पति के बिज़नेस-रिलेशंस की वजह से जाने को तैयार हो गयी।

यह पार्टी भी बाकी पाटिर्यों जैसी ही थी। वही पीना-पिलाना और लोगों का छोटे-छोटे झुँड बनाकर चर्चायें करना। नीरा ने उस दिन बहुत ही सेक्सी पार्टी गाऊन पहना हुआ था जिसमें उसके कँधे बिल्कुल नंगे थे। नीरा पहले तो अलग-थलग खड़ी ड्रिंक पीती रही पर जल्दी ही लोगों में घुल-मिल गयी और उसे थोड़ा अच्छा भी लगने लगा। अपनी आदत से मजबूर नीरा का अपने ड्रिंक्स पे कोई नियंत्रण नहीं था और वोह काफी नशे में थी। ऐसी पार्टियों में लोगों का नशे में धुत्त होना अनुचित नहीं समझा जाता था। नीरा अपना चौथा पैग पकड़े दीवार से टिक कर खड़ी हुई थी और चार-पाँच औरतों के साथ उनकी गपशप सुन रही थी कि तभी उसे विक्रम दिखायी दिया। वोह कमरे के दूसरी तरफ एक दम्पति से बातें कर रहा था।


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