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ज़िंदगी भी अजीब होती है Restart



2 मिनट किस करने के बाद मैं नीचे आया और उसके पेट को चूमने लगा उसकी स्किन बहुत ही ज़्यादा सॉफ्ट थी तो वो गुदगुदी से उछलने लगी कुछ देर उसकी नवल को चूमा फिर पैंटी के उपर से ही चूत पर दाँत गाढ़ने लगा वो तो जल बिन मछली की तरह से बेड पर काम वासना मे जलती हुई तड़प रही थी और आहे भर रही थी पद्मिेनी के बदन की गर्मी से कमरा भी जैसे सुलग ही उठा था मैं उसके उपर से हटा और जल्दी से पूरा नंगा हो गया खुली हवा मे आते ही लंड महाराज अपना रोद्ररूप दिखाने लगे मैने उसकी पैंटी को सरकाने की कोशिश की तो उसने अपने कुल्हो को थोड़ा सा उपर कर लिया और मैने आसानी से पैंटी को भी उतार कर फेंक दिया अब हम दोनो नंगे ही बेड पर थे मैने उसकी टाँगो को फैलाया और चूत पर जीभ फिराने लगा पद्मि नी की चूत बेहद गरम हो रही थी कुछ देर चाटने के बाद मैने आइस बॉक्स से एक कूब निकाली और चूत पर रख दी पद्मिननी तो जैसे पागल ही हो गयी थी उस टाइम मैने क्यूब को चूत पर रगड़ना चालू किया चूत की गर्मी से वो पिघलने लगी और पद्मिोनी अपनी टाँगे पटाकने लगी थी जब क्यूब थोड़ी सी छोटी हुवी तो मैने उसको चूत के छल्ले मे फसा दिया और दाने को चूमने लगा पद्मि नी का पूरा बदन काम वासना से भर चुका था तो कुछ देर उसकी चूत के साथ मस्ती करने के बाद मैने अपने लंड को चूत पर टिका दिया और वही पर हौले हौले रगड़ने लगा पद्मिननी अपनी आखे फाडे मुझे ही देख रही थी तो मैं उस पर झुकते हुए उसके कान मे बोला भाभी डालु क्या तो वो बस इतना ही बोली कि हूंम्म्मममममममममममम और अगले ही पल मेरा लंड उसकी चूत को फाड़ते हुए अंदर जाने लगा उसका पूरा बदन एक दम से टाइट हो गया वैसे तो वो भी एक्सपीरियेन्स होल्डर थी ही वो बोली अम्म्म्मममममममममममममाआआआआआआआआआआ कितना मोटा है तुम्हारा मेरी चूत तो छिल गयी लगता है मैने कहा भाभी कुछ नही होता बस एक मिनट और , और अगले झटके के साथ मैं पूरी तरह से उसमे समाता चला गया चूत का छल्ला मेरे लंड पर बुरी तरह से कसता चला गया बेहद ही गदराई हुवी चूत थी पद्मिलनी की तो मैने उसकी मोरनी सी गर्दन को चूमना शुरू किया और उसको चोदने लगा कुछ मिनट बाद उसने भी रफ़्तार पकड़ ली और मेरा साथ देने लगी बेड पर मैने आज तक इतनी हॉट औरत कभी नही चोदि थी अब वो मेरे होंठो को चूस रही थी और लगातार नीचे से सुर मे सुर मिलाते हुए चुद रही थी कुछ मिनट बाद उसने अपनी टाँगे उठा कर मेरे कंधो पर रख दी और फिर से चुदवाने लगी मैं बुरी तरह से उसकी चूत को पीट रहा था हम दोनो एक दूसरे मे समाए हुए जिंदगी के सबसे बड़े सुख की तलाश कर रहे थे

हमारी सांसो की सरगोशिया एक गीत सा गाने लगी थी थप थप मेरा लंड उसकी चूत से टकरा रहा था आज मैने पद्मि नी को पा ही लिया था काफ़ी देर तक मैं उसको वैसे ही चोदता रहा फिर मैं एक बार फिर से उसपे सवार हो गया और दबा दबा उसकी चूत मारने लगा आधे घंटे से भी उपर हो चला था पर हम दोनो लगे हुए थे फिर आख़िर पद्मिेनी की चूत ने दम तोड़ दिया और वो एक तेज आह भरते हुए झड़ने लगी लंड उसके पानी से और भी ज़्यादा गुस्से मे आ गया और मैं तेज तेज स्ट्रोक लगाने लगा और थोड़ी देर बाद मैने भी उसकी चूत को अपने पानी से लबा लब भर दिया बेशक मैं झड गया था पर लंड का तनाव बिल्कुल कम नही हुआ था और ना मेरा जोश ठंडा हुआ था तो मैने दुबारा धक्के लगाने शुरू किए कुछ देर बाद वो बोली कि हटो मुझे छोड़ो अब मुश्किल हो रहा है तो मैने चूत पर थोड़ा थूक लगाया और फिर से उसको चोदने लगा अब वोहैईईईईईईईईईईईई आहियीईईईईईईईईई उफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफ्फ़ करने लगी और छोड़ने को कहने लगी पर मैं लगातार उसको चोदे जा रहा आ था

 


मुझ पर एक जुनून सा चढ़ गया था मैने उसकी चूची को मुँह मे लिया और पीते पीते लंड को अंदर बाहर करने लगा पद्मिूनी पर इसका जादुई असर हुआ और वो भी दुबारा से गरम होने लगी उसके बाल बिखर गये थे होंठो की लिपीसटिक उड़ चुकी थी कुछ मेरे होंठो पर लगी पड़ी थी एसी चल रहा था तब भी हमारे पसीने आ रहे थे बेड पर चोद्ते चोद्ते कई देर हो गयी थी तो मैने उसको फर्श पर घोड़ी बना दिया और चूत को चाटने लगा चूत से मेरे वीर्य और उसके पानी का मिला जुला टेस्ट आ रहा था जल्दी ही उसके चुतड फडक उठे तो मैने लंड को चूत मे डाला और दे दना दान दे दना दान घोड़ी बनी पद्मिमनी को स्वर्ग की सैर करवाने लगा पद्मिेनी तो अब पागला ही गयी थी और तमिल मे कुछ कुछ बड़बड़ा रही थी पसीने से हमारा शरीर बुरी तरह चिप चिप कर रहा था पर मैं उसकी पतली कमर को थामे लगातार उसको चोदे जा रहा था और वो भी मस्ती मे चुदे जा रही थी कभी मैं उसके बोबो को मसलता कभी चुतड़ों पर थपकी लगाता तो कभी उसकी पूरी पीठ को चूमता पता नही कितना टाइम बीत गया था वो फर्श पर घोड़ी बनी हुई थी फिर वो ज़ोर से बोली कि मैं जाने वाली हू तो मैने उसको लिटाया और और भी तेज़ी सी उसको चोदने लगा वो बार बार अपनी मुत्ठियो को खोल बंद कर रही थी तभी मेरे सारे बदन का ज़ोर लंड की नसों मे इकट्ठा होने लगा और फिर जैसे ही उसकी चूत से काम रस का बाँध टूटा मेरा लंड भी पिघल गया और हम दोनो के रस आपस मे मिलने लगे हम दोनो आज धन्य हो गये थे आज की रात एक ना भूलने वाली रात थे मेरे लिए डिसचार्ज होने के बाद भी मैं उसके उपर ही पड़ा रहा और फिर ना जाने कब हमारी आँख लग गयी

अगले दिन जब मेरी आँख खुली तो मैने देखा कि मासूम पद्मियनी मेरे सीने पर अपना सर रखे सो रही थी मैने उसको जगाया तो खुद को नंगी देख कर वो शर्मा गयी और कपड़े पहन ने लगी तो मैने उसका हाथ पकड़ लिया और कहा भाभी कल आपने जो मुझे दिया उसके लिए थॅंक्स तो वो बोली कि कल रात जो भी हमारे बीच हुआ हम दोनो की सहमति से हुआ था और ये राज हमारे बीच ही रहना चाहिए तो मैने कहा आप इस बात की टेन्षन मत लो तो वो नंगी ही शीशे की तरफ गयी और बाहर देखने लगी तो मैने उनके पीछे जाके उनको बाहों मे ले लिया और उनके उभारों को दबाने लगा तो वो बोली उठते ही चालू तो मैने कहा कि आप हो ही इतनी स्वीट तो कैसे रुकु वो अपनी गान्ड को पीछे करके हिलाने लगी तो मेरे लंड मे तनाव आना शुरू हो गया मैं लगातार उसकी भारी भारी चूचियो को दबाए जा रहा था जैसे ही लंड अपने रोल मे आया मैने उसको वही पर घुटनो के बल झुका दिया और एक ही झटके मे उसकी गीली चूत मे लंड को घुसा दिया पद्मििनी ने एक गहरी सांस भरी और मैं उसकी कमर को थामे लगा लंड आगे पीछे करने पद्मि नी की पूरी पीठ पर हाथ फेरते हुए मैं उसको चोदे जा रहा था वो उफफफफफफफफ्फ़ उफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफ्फ़ हाईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई ओह ऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊओह ईईईईईईईईईईईईईईईईसस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स ईईसस्सययययययययययययययययययययययययययययययययययययययसस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स कोँम्म्मममममममममममममममममममममममममममममममममम्मूऊऊऊन्न्नमनननननननननननननणणन् फुउऊुऊउक्कककककककककककक मीईईईईईई फुउऊुुुुऊउक्ककककककककककककककक मिईीईईईईईईईईईईईई किए जा रही थी वो थोड़ा ज़ोर ज़ोर से मोनिंग कर रही थी जिस से मुझे और भी मज़ा आ रहा था पद्मिोनी को चोदने मे ऐसे ही काफ़ी देर तक उसको चोदने के बाद मैने उसको बेड पर लिटाया और फिर से घमासान शुरू हो गया वो किसी गुड़िया की तरह से मुझ से चिपक गयी थी आधे घंटे तक दबा के उसकी चूत मारी फिर हम ढेर हो गये चुदाई के बाद वो बाथरूम मे घुस गयी और मैं वही बेड पर ही लेट गया पूरे एक घंटे बाद नो नहा धोकर बाहर आई

 


अब मेरी बारी थी तैयार होने मे ही दोपहर हो गयी थी फिर हम नीचे रेस्टोरेंट मे लंच के लिए गये पद्मिोनी ने नम्रता को बता दिया था कि आज हम मुंबई घूमने जा रहे है तो फिर लंच करके सीधा बंद स्टॅंड की तरफ निकल गये

ये मुंबई के प्रेमियो का एक जबरदस्त अड्डा है तो हम वहाँ पहुच गये बड़े बड़े पत्थरों के बीच प्रेमी जोड़े घुसे पड़े थे तो थोड़ी देर घूमने के बाद हम ने भी एक शांत सी जगह चूज़ की और बैठ गये भाभी कुलफी खा रही थी तो मैं भी उनकी कुलफी ही खाने लगा मैं कुलफी कम खा रहा था और उनके होंठो को ज़्यादा खा रहा था मैने उनकी चूचियो पर हाथ रखे तो उन्होने मना किया थोड़ी देर चूमा चाटी के बाद हम वहाँ से निकल लिए अब बांद्रा स्टॅंड थे तो सलमान का घर भी देख लिए रोड के किनारे खड़े होके फिर थोड़ा कुछ खाया पिया तो मैने सिद्धि विनायक के बारे मे बड़ा सुना था तो शाम को हम आरती मे गये वहाँ पर बड़ा ही अच्छा लगा प्रभु की शरण मे आकर काफ़ी टाइम उधर ही बिताया रात तो हो ही गयी थी पर ये ही तो टाइम था मुंबई विज़िटिंग का फिर मूर्ति सर का फोन आया तो वो उनसे बात करने मे बिज़ी हो गयी मैं थोड़ा साइड मे खड़ा हो गया तभी एक लड़की मेरे पास आई और बोली कि चलता है क्या तो मैं बोला कहाँ चलना है तो वो बोली अरे नही समझा क्या मैं बोला ना तू ही बता तो वो मराठी मे कुछ बोली पर अपने पल्ले ना पड़ा वो फिर डाइरेक्ट्ली बोली की चूत मारेगा 1000 रेट है तू 800 दे दियो तो मैने कहा चल भाग इधर से साली रंडी चूतिया समझा है क्या तो वो मुझसे उलझने लगी तबी पद्मिेनी आ गयी और उसने बात को संभाला फिर हम वहाँ से चल पड़े थोड़ा और घूमने के बाद हम वापिस होटेल आ गये अगले दिन नम्रता की शादी थी तो वहाँ भी जाना था रूम मे आते ही मैने पद्मििनी को पकड़ लिया और मसल्ने लगा वो बोली दो मिनट तो रूको ना ऐसा भी क्या है मुझमे जो तुम इतने बेसब्रे हो जाते हो तो मैने कहा आप को नही पता आप तो एक दीया हो अब औरत कोई भी हो अपनी तारीफ़ सुनकर खुश ही हो जाती है उसकी तारीफ़ करते करते ही मैने उसको नंगी कर दिया तो वो नीचे बैठ गयी और मेरी पॅंट को खिसकाते हुए मेरे लंड को बाहर निकाल लिया और अपने मुँह मे भर के चूसने लगी सुपाडे पर उनकी जीभ की थिरकन ने मेरे बदन मे आग लगा डाली वो बड़ी ही कुशलता ही आहिस्ते आहिस्ते लंड को अपने मुँह मे अंदर बाहर करते हुए चूसे जा रही थी फिर उन्होने लंड को बाहर निकाल दिया और टट्टो पर टूट पड़ी उनको दाँतों से काट ते हुए वो मुझे एक अलग प्रकार का ही मज़ा दे रही थी मैं बस अपनी आँखे बंद किए मस्ती से आहे भरता हुआ उनको लंड चुस्वाए जा रहा था 10-12 मिनट तक चुसवाने के बाद मैने थूक से सने हुए लंड को उनके मुँह से बाहर निकाला और उनको बेड पर उल्टी लिटा दिया और उनके छोड़े छोड़े चुतड़ों को फैलाते हुए गान्ड के भूरे भूरे छेद को उंगलियो से सहलाने लगा जैसे ही मैने उनकी गान्ड मे थोड़ी सी उंगली को घुसाया उन्होने अपने कुल्हो को भींच लिया और बोली आराम से पेन होता है तो मैने कहा भाभी थोड़ा सा पेन सह लो मैने अपना मुँह गान्ड पर लगा दिया और गान्ड को चाटने लगा उनका बदन हल्के हल्के से काँपने लगा 5-7 मिनट बाद मैने अपना मुँह उनके कुल्हो से हटा लिया और बॅग से वसलीन निकाल कर गान्ड के छेद पर अच्छे से मल दी उसके बाद मैने लंड को वहाँ सटा ते हुए एक धक्का मारा तो गान्ड का रास्ता अपने आप खुल ता चला गया और सुपाडा बड़ी ही शान से उस प्रवेश द्वार को चीरते हुए गान्ड मे घुस गया उन्होने एक दर्द भरी चीख मारी तो मैने उनको टाइट पकड़ लिया वो बोली प्लीज़ आराम आराम से करना तो मैने कहा ओके और आहिस्ता आहिस्ता करते हुए लंड को गान्ड मे आगे करने लगा इस तरह थोड़ी मेहनत के बाद मैने जड़ तक लंड को गान्ड मे पहुचा दिया और फिर कोई 10 मिनट बाद जब पद्मि्नी थोड़ी सी सामान्य हुई तो मैं लंड को आगे पीछे करने लगा पर वो फिर से दर्द भरी सिसकारिया लेने लगी मुझे उसकी गान्ड मारने मे चूत से भी ज़्यादा मज़ा आ रहा था कुछ देर बाद मैने उसको बेड के सिरहाने पर झुका दिया और गान्ड मे दना दान लंड पेलने लगा पद्मिेनी हाई हाई करती हुए लंड के झटको पर नाचने लगी गान्ड मारते मारते मैं अपना हाथ उसकी चूत पर ले गया और दाने को मसल्ने लगा अब वो और भी ज़्यादा मस्त हो गयी और उसकी सिसकारियो ने पूरे रूम के तहलका ही मचा दिया जैसे मैं आगे से उसकी चूत मे लगातार उंगली कर रहा था और पीछे से गान्ड मे लंड डाले था तो उसको एक तरह से दोहरा मज़ा प्राप्त हो रहा था उसके मुँह से निकलती हर एक आह मुझे बेकाबू कर रही थी अब उसको गान्ड के दर्द की कोई परवाह नही थी वो तो बस उस मज़े को लूट रही थी और मैं तो खुश था ही मुझे पद्मिीनी जैसे माल से संससर्ग करने का मौका मिल रहा था फिर अचानक से उसने अपनी दोनो टाँगो को भीच लिया और एक गहरी आह भरते हुए झड़ने लगी उसकी चूत से रिस्ते पानी से मेरी उंगलिया पूरी तारह से भीग गयी थी और ठीक उसी टाइम मैने लंड ने गान्ड मे ही पिचकारी मारी और मेरे लंड से भी सफेद गाढ़े रस की धारा बह चली पद्मिपनी की लिए ये एक दम नया एक्सपीरियेन्स था कुछ तो दिन भर की थकान थी और कुछ इस चुदाई ने बदन तोड़ डाला था तो फिर ना जाने कब नींद ने अपने आगोश मे ले लिया

 


अगले दिन जब मैं उठा तो मेरा पूरा बदन दर्द कर रहा था मैने देखा कि पद्मिदनी बेड पर नही थी मैने बाथरूम का डोर नॉक किया तो पता चला कि वो अंदर है तो मैने कहा गेट खोलो ना तो उसने गेट खोल दिया मैने जब उसको देखा तो देखता ही रह गया साबुन के झाग मे लिपटा उसका गोरा भरा हुआ बदन बड़ा ही सेक्सी लगा मुझे पर मुझे मूतना था तो मैं पेशाब करने लगा वो मेरे लंड से निकलते हुए पेशाब की धार को देखने लगी फिर मैं वही कॅमोड पर बैठ गया और उसको नहाते हुए देखने लगा उसने शवर ऑन कर दिया और अपने बदन को रगड़ते हुए साबुन को हटाने लगी वो भी आज कुछ अलग ही मूड मे थी तो नहाते नहाते वो अपनी चूत पर उंगली फिराने लगी और अपने निचले होंठो को दाँतों से काट ते हुए मेरी ओर देखने लगी और फिर उसने दो उंगलिया अपनी चूत मे घुसा ली और तेज तेज उनको अंदर बाहर करने लगी मुझे उसको ऐसा करते हुए देख कर बड़ा ही मज़ा आ रहा था थोड़ी देर वो तेज तेज उंगलिया चलाती फिर वो उन उंगलियो को अपने मुँह मे डाल कर चाटने लगती वो मुझे तडपा रही थी अपनी अदाए दिखा कर पर मैं बिल्कुल शांत कॅमोड पर बैठे उसको ही देखे जा रहा था फिर वो चल कर मेरे पास आई और अपनी चूत से उंगली निकाल कर मेरे मुँह मे डाल दी मैं उसकी चूत के रस से सनी उंगली को किसी आइस-क्रीम स्टिक की तरह चूसने लगा उसने एक आह भरी और फिर से चूत मे उंगली करने लगी उसका पूरा बदन बेहद गोरा था पर उसकी चूत एक दम काली थी जिस से वो बड़ी ही प्यारी लगती थी

मुझे पर उसका इरादा समझ नही आ रहा था तो मैने कहा कि डार्लिंग आज क्या प्लान है तो उसने अपनी उंगली मेरे होंठो पर रख दी और बोली कि तुम बस शांत रहो फिर उसने मुझे खड़ा किया और बाथरूम के बीच मे ले जाकर खड़ा कर दिया और बॉडी वॉश की बॉटल लेकर मेरे पूरे शरीर पर रगड़ने लगी उसे कोमल कोमल हाथ जब मेरे शरीर पर रेंग रहे थे तो मुझे एक बेहद ही अच्छा महसूस हो रहा था मैं अपनी सारी चिंता सब कुछ भूल गया था और बस मेरे सामने थे पद्मि नी वो बड़े ही प्यार से मेरे शरीर के प्रत्येक अंग को बॉडी वॉश से सॉफ किए जा रही थी आधे घंटे तक वो मेरी शरीर को रगड़ती रही फिर उसने मुझे नहलाना शुरू किया मैं जैसे कही खो गया था मुझे नही पता वो क्या कर रही थी क्या नही कर रही थी मुझे अच्छे से नहलाने के बाद वो नीचे बैठी और मेरी गोलियो पर जीभ फेरने लगी उसकी लंबी जीभ का लिज़लीज़ा स्पर्श से मेरे अंडकोष टाइट होने लगे और लंड मे खून ज़ोर मारने लगा तो लंड उत्तेजित होकर उसकी नाक से टकराने लगा वो सुपाडे को सूंघने लगी काफ़ी देर तक वो बस गोलियो को ही चूस्ति रही फिर उसने कुछ ऐसा किया कि मैं तो एक दम हैरान ही हो गया और उसकी अदा का दीवाना हो गया

हुआ कुछ यू कि वो मेरी गोलियो को चाट ते चाट ते वो थोड़ा सा और नीचे की तरफ गयी और मेरी गान्ड पर अपना मुँह लगा कर उसको चाटने लगी मेरा पूरा बदन हिल गया उसकी इस हरकत से मान गया बॉस सुना तो था कि औरत मे इतनी आग होती है आज देख भी लिया था वो मेरे कुल्हो पर अपनी जीभ फेरे जा रही थी मुझे थोड़ा सा अजीब भी लग रहा था पर मैने उसको रोका नही जब तक उसका मन नही भरा वो अपनी मन मानी करती ही रही फिर हम रूम मे आ गये उसने मुझे बेड पर लिटाया और पास रखी हनी के बोतल से कुछ हनी अपने हाथ मे लिया और मेरे चेहरे पर गिराने लगी आज पद्मि नी का एक नया रूप देखने को मिला था मुझे मेरे होंठो गालो और गर्दन पर शहद लगाने के बाद उसने कुछ सहद मेरी चेस्ट पर गिराया और फिर ढेर सारा मेरे लंड और गोलियो पर भी गिरा दिया और वो मेरे उपर चढ़ बैठी और लगी मेरे होंठो और गालो को खाने बड़ी ही वाइल्ड हरकते कर रही थी वो आज पर मैने उसको एक सेकेंड के लिए भी नही टोका कमरे मे बेहद शांति थी बस कभी कभी सांसो की आवाज़ भूले-भटके सुनाई दे जाती थी चेहरे को चाटने के बाद वो मेरी चेस्ट पर झुक गयी और मेरी निप्प्लस पर लगे हनी को जीभ फिरा फिरा कर मज़े से खाने लगी जब उसके दाँत मेरी चेस्ट मे धंसते तो मैं मस्ती मे भर उठा आज तक मैने ना जाने कितनी औरतो की चूची निचोड़ निचोड़ कर पी थी पर आज पद्मिमनी मेरी चेस्ट के साथ खिलवाड़ कर रही थी

मैने अपनी आँखे बंद कर ली और खुद को उसके हवाले कर दिया 5-7 मिनट बाद वो अब लंड पर पहुच गयी पर लंड को एक छोटा सा किस करके साइड से गोलियो पर आ गयी और उनको मुँह मे भर के खाने लगी मैं सोच रहा था कि शूकर है कि इसके पास लंड नही है वरना आज तो गान्ड ही मर्वानी पड़ती फिर उसने मेरी टाँगे खोली और गान्ड पर लगे हनी को भी चाटने लगी अब मेरी उत्तेजना इतनी बढ़ गयी थी कि बस अब मैं उसको पटक कर चोदने ही वाला था कि तभी वो मेरे लंड पर आ गयी और उसको अपने गले तक ले जाते हुए खप खप मुँह मे ले के अंदर बाहर करने लगी लंड अब भरा तो बैठा ही था लंड चूस्ते चुस्ते ही वो 69 मे आ गयी और बोली कि चलो तुम भी मुझे थोड़ा सा आनंद दो तो मैने अपनी गर्दन थोड़ा सा उठाई और उसकी टपकती चूत को अपने मुँह मे लेके उसके रस को निचोड़ने लगा दूसरी तरफ वो मेरे लंड पर अपने होंठो का जादू दिखा रही थी आज उसकी चूत से कुछ ज़्यादा ही पानी बह रहा था और लग भी बड़ा टेस्टी रहा था तो दोस्तो 10-15 मिनट तक हम दोनो एक दूसरे की तस्सल्ली करते रहे फिर हम लगभग साथ साथ ही झाड़ गये और बेड पर पसर कर अपनी अपनी सांसो को दुरुस्त करने लगे

 


फिर पद्मिचनी उठी और मुझे पानी का गिलास भर के दिया एक के बाद एक करके मैं तीन चार गिलास पानी खीच गया जैसा कि मैं पहले भी बता चुका हू कि सेक्स के बाद मेरा गला कुछ ज़्यादा ही सूख जाता है फिर हम दुबारा से बाथरूम मे घुस गये और फटाफट तैयार होने लगे आज नम्रता की शादी थी तो दोपहर तक हमे वेन्यू पर पहुचना था पद्मिमनी ने टिपिकल साउत इंडियन साड़ी पहनी थी तो मैने जीन्स पर ब्लेज़र लगा लिया था जल्द बाजी मे कुछ थोड़ा बहुत खाया और फिर जो भी ज़रूरी सामान लेना था कॅरी किया और चल पड़े हम वहाँ जाकर देखा तो सभी मेहमान आ गये थे चूँकि शादी दिन मे थी तो मुझे थोड़ा अजीब सा लगा क्योंकि हमारे यहाँ तो रात मे शादी होती है पर अपने को क्या तो मेरे पास उस दिन वाले लड़के लड़किया आ गये और बोली भैया चलो ना डॅन्स करते है मैने कहा आप करो मेरा मूड नही है तो बोले भैया प्लीज़ तो मैने कहा ठीक है पर थोड़ी देर तो वो बोले ओके भैया जैसे जैसे टाइम बीत रहा था धमाल मच रहा था और मेरी नज़र तो बस पद्मिानी पर ही थी अब वो नम्रता की खास दोस्त थी तो वो उसके ही साथ थी तो मैने उसको इशारे से बुलाया और उसका हाथ पकड़ कर डॅन्स फ्लोर पर ले गया और ड्ज को बोला एक मस्त गाना लगा पंजाबी तो वो बोला कि सर यहाँ तमिल गाने चलाने को ही बोला गया है तो मैने कहा अबे तू बिंदास बजा मैं देख लूँगा तो भाई लगवा के गाना मैं लगा ड्ज पर नाचने जब एक बार फोजी का पैर खड़क गया तो फिर चाहे तमिल सोन्ग हो या और कुछ अपन तो लगे कुछ और लोग भी आ गये जो उस दिन मेरे साथ डॅन्स कर रहे थे मैने पद्मि नी को कहा आपके दोस्त की शादी है लगा दो दो चार ठुमके तो वो भी आ गयी फिर भाई मैं ना रुका ना वो रुकी पूरे डॅन्स फ्लोर पर अपना ही कब्जा था 20-25 मिनट तक जम के डॅन्स किया सभी लोग पूरा एंजाय कर रहे थे फिर मैं वहाँ से हट गया और एक कुर्सी पर जा कर बैठ गया गर्मी लगने लगी थी तो ब्लेज़र को निकाल कर रख दिया तो पद्मिगनी मेरे लिए कोल्ड ड्रिंक ले आई और मेरे साथ वाली कुर्सी पर ही बैठ गयी मेरा ध्यान कोल्ड ड्रिंक से ज़्यादा उसकी उपर नीचे होती चूचियो पर था तो मैने कहा भाभी चलो कुछ तूफ़ानी करते है वो बोली अब क्या करोगे तो मैंन हौले से कहा कि चुदाई और क्या तो वो बोली यहाँ पे पागल हो क्या तो मैने कहा ये भी एक अड्वेंचर ही है आप किसी तरह से टाय्लेट मे घुस जाओ बाकी मैं देख लूँगा तो वो बोली कि शादी का माहौल है कही कुछ प्राब्लम ना हो जाए अभी रहने दो रात को कर लेना जो भी करो तो मैने कहा अरे कुछ नही होगा आप ये बताओ कि लॅडीस टाय्लेट कॉन सी साइड है तो वो बोली कि उपर वाले फ्लोर पर लेफ्ट साइड मे तो मैने कहा कि आप मोका देख कर वहाँ खिस्को और फिर मुझे मिस कॉल करना मैं आ जाउन्गा तो वो बोली ठीक है मैं करती हू अड्जस्ट चलो तुम्हारे साथ ये एक्सपीरियेन्स भी हो जाएगा तो दस मिनट बाद उनकी मिस कॉल आई मैं नज़र बचाते बचाते उपर के फ्लोर पर पहुच गया वहाँ तो सन्नाटा पसरा पड़ा था क्यों कि सभी शादी मे बिज़ी थे मैं झट से अंदर घुस गया और डोर को बंद कर लिया और पद्मिीनी को अपनी बाहों मे ले लिया वो डरते हुए बोली कि जल्दी से ही करना कही कोई आ ना जाए मैने कहा आप अभी कुछ मत बोलो अब किस भी नही कर सकता था कही लिपीसटिक ना खराब हो जाए तो झट से पॅंट को नीचे किया और भाभी को भी थोड़ा सा झुका दिया साड़ी और पेटिकोट को उपर किया और पैंटी को नीचे सरका दिया लंड के टोपे पर थूक लगाया और लंड को चूत मे पेल दिया और दना दन पद्मिोनी की ठुकाई शुरू कर दी पद्मिचनी गहरी साँसे लेने लगी मैने उनकी कमर को कस के पकड़ लिया और तूफ़ानी चुदाई शुरू कर दी मैं भी जल्दी से ही काम निपटाना चाहता था पर ये काम जल्दी से निपट ता ही नही है पद्मि नी अपने दाँत भीचे बार बार कह रही थी कि जल्दी करो जल्दी करो मैने कहा दो मिनट चुप रहो और दना दन चूत को फाड़ने लगा मस्ती का रंग तो उस पर भी था पर वो थोड़ा सा घबरा रही थी इसलिए तो 15-20 फिर भी लग ही गये और एक बार फिर से मैने उसकी चूत को वीर्य से भर दिया उसने अपनी पैंटी से ही चूत को पोन्छा और फिर उसको पहन लिया फिर उसने थोड़ा सा अपने कपड़े ठीक किए और इधर उधर देख कर निकल गयी

 
कुछ देर बाद मैं भी नीचे आ गया शादी मे टाइम बहुत लग रहा था तो मैं एक साइड मे बैठे बैठे एंजाय करने लगा पद्मिमनी मंडप मे चली गयी थी खैर जैसे तैसे उनका विवाह हो ही गया फिर चला फोटो सेशन तो हम भी अपने गिफ्ट देने उन्हे चले गये खाना वाना खाते रात के 12 से उपर का टाइम ही हो गया था तो मैं थोड़ा सा थक भी गया था और अगली रात हमारी वापसी की ट्रेन भी थी तो मैने पद्मिगनी से कहा कि अभी चलते है तो वो बोली कि बस कुछ देर तो फिर वो सभी से मिली कुछ बाते नम्रता से की और फिर हम होटेल के लिए निकल गये

होटेल पहुचने मे भी आधा पोना घंटा लगना था तो पद्मिछनी मेरे कंधे पर अपना सर रख कर लेट सी गयी और एक झपकी सी लेने लगी सोते हुए वो बेहद ही मासूम लगती थी खैर हम होटेल पहुच गये और अपने रूम मे जाते ही वो मेरे सीने से लग गयी और बोली कि आइ’म रियली थॅंकफुल टू यू बिकॉज़ यू गेव मे सच आ प्लेषर यू सॅटिस्फाइड मी विद आ न्यू फ्लेवर तुम्हारे साथ रहकर मैने सेक्स को एक नये तरीके से महसूस किया है मूर्ति तुम्हारा जैसा नही कर सकता वो बहुत ट्रडीशनल है थॅंक्स फॉर कमिंग इन माइ लाइफ फिर वो बोली कि आज मैं तुमसे एक चीज़ मांगती हू तो मैने कहा सब कुछ ही आपका है जो माँग ना हो माँग लो तो वो बोली कि क्या तुम मेरे लाइफ टाइम फ्रेंड बनॉगे आइ मीन ट्रैनिंग के बाद जब तुम्हारी पोस्टिंग कहीं ओर हो जाएगी तब भी क्या तुम मुझे कभी कभी मिलोगे तो मैने कहा मॅम ये दोस्ती बड़ी ही अलग सी चीज़ होती है क्या आप निभा पाओगे तो वो बोली कि आइ प्रॉमिस टू यू तो मैने कहा ठीक है हमारा ये रिश्ता हमेशा रहे गा जब भी आप बुलाओगे मैं आउन्गा और अगर मैं बुलाउन्गा तो आप को भी आना पड़ेगा तो वो बोली कभी भी आजमा कर देख लेना मैने कहा थॅंक्स फॉर युवर फ्रेंड शिप मैं उसके चुतड़ों को मसल्ते हुए बोला कि चलो इसी बात पे गान्ड मर्वाओ तो वो बोली कि मार लो तुम्हे किसने रोका है सब कुछ तुम्हारा ही है जैसे चाहो उसे करो तो मैने कहा कि भाभी आपकी यही अदा तो मुझे दीवाना कर देती है तो मैने उनकी साड़ी का पल्लू पकड़ लिया और वो गोल गोल घूमते हुए अपनी साड़ी को उतरवाने लगी बिल्कुल फिल्मी अंदाज मे जैसे ही साड़ी उतरी वो फिर से मेरे सीने से आ लगी उनकी ढोंकनी सी उपर नीचे होती हुवी छातिया मेरे सीने मे दबने लगी उनकी गरम सांस मेरे चेहरे पर पड़ रही थी तो मुझे एक नशा सा चढ़ने लगा उनकी सांसो किखुश्बू से मुझे मदहोशी छाने लगी तो मैने पेटिकोट के नाडे मे हाथ फसाया और उसके नाडे को खोल दिया और उनकी मक्खन सी चिकनी जाँघो पर मेरा हाथ रेंगने लगा पद्मि नी मेरी बाहों मे समाने को आतुर थी तो मैने उसको बेड पर पटक दिया और उसकी ब्रा और पैंटी को भी उतार कर उसको पूरा नंगा कर दिया और अपने कपड़े भी उतार दिए तो पद्मि नी मेरी गोद मे आकर सिमट गयी तो मैं उसकी गर्दन पर अपने दाँतों से काट ते हुए उसके बोबो से खेल ने लगा फिर उन्होने अपना मुँह मेरी ओर घुमाया और हमारे होंठो एक दूसरे से जुड़ गये माहौल बड़ा ही रस से भर चुका था सरगोशिया दौड़ ने लगी थी वातावरण मे रात भी अपने पूरे शबाब पर थी तो मैने बिना देर करते हुए उनको उल्टी लिटाया और अपने लंड को पद्मि नी की मोटी गान्ड पर लगा दिया और एक धक्का लगा दिया पद्मि नी ने अपने बदन को टाइट कर लिया पर लंड गान्ड मे आधा चला गया उनको थोड़ा दर्द भी हो रहा था पर उन्होने एक उफ्फ भी ना की उन्होने अपने बदन को पूरी तरह से मुझे समर्पित कर दिया था मैने थोड़ी पेल और मारी और लंड को जड़ तक पद्मिझनी की मस्तानी गान्ड मे उतार दिया और हिचकोले खाते हुए पद्मिदनी की गान्ड को मारने लगा थोड़ी देर बाद उसको भी मज़ा आने लगा तो उसने भी अपने शरीर को ढीला कर दिया और मुझसे बाते करते हुए अपनी गान्ड मे लंड लेने लगी पद्मियनी बोली कि बस तुम ऐसे ही मुझे अपनी बाहों मे लेकर प्यार करते रहो मैं चाहती हू कि ये टाइम यही पर रुक जाए और हम दोनो यू ही एक हुए पड़े रहे तो मैने कहा डार्लिंग हम तो अब एक ही है ना तो मैं उनके गोलगप्पे जैसे गालो को खाते हुए गान्ड मारने लगा

 


गान्ड मेरे लंड पर बहुत ज़्यादा दबाव डाल रही थी जिस कारण मैं तेज तेज धक्के नही लगा पा रहा था पर फिर भी मज़ा आ रहा था कभी कभी जब उसके मुँह से एक दर्द भरी आवाज़ निकल पड़ती तो मेरा जोश और भी ज़्यादा हो जाता था पूरे आधे घंटे तक दबा कर मैने पद्मि नी की गान्ड मारी जब मेरा होने वाला था तो उसने कहा कि तुम अपना वीर्य मेरी नाभि मे गिराना तो मैने तुरंत ही उसको पलटा और उसकी नाभि को लंड से निकलते पानी से भरने लगा और फिर उसकी बगल मे जाके लेट गया पद्मिकनी लेटी लेटी नाभि मे पड़े वीर्य मे उंगली गोल गोल घुमाने लगी और फिर उस उंगली को अपने मुँह मे डाल के चूसने लगी फिर मैं पेशाब करने चला गया थोड़ा पानी पिया और वापिस उसके पास आ गया तो वो बोली कि एक काम करो मेरी चूत मे उंगली करके मुझे भी शांत करदो तो मैने कहा थोड़ी देर रुक जाओ तो चोद ही दूँगा पर वो बोली नही अभी तो तुम उंगली से ही मुझे शांत कर दो तो मैने दो उंगलिया पद्मिोनी की प्यासी फूली हुई चूत मे डाल दी और बड़े ही प्यार से चूत को मसल्ने लगा उसकी चूत तो पहले से ही काफ़ी पानी बहा रही थी और फिर मैं तेज तेज उंगली को अंदर बाहर कर रहा था पद्मिबनी लंबी लंबी सांस ले रही थी और मुस्कुराते हुए अपनी चूत मे उंगली करवा रही थी 8-10 मिनट तक मैने खूब ज़ोर से चूत को दबाया मसला और फिर पद्मिहनी ने भी अपना पानी मेरी हथेली मे गिरा दिया और फिर मेरी बाहों मे पसर गयी मैं उसको लिए लिए उसकी बाहों मे सो गया

जब मेरी आँख खुली तो पद्मिेनी मेरी बाहों मे लिपटी सोई पड़ी थी हमारी ट्रेन रात की थी तो पूरा दिन हमें होटेल मे ही स्पेंड करना था तो मैं उसको डिस्टर्ब नही करना चाहता था तो मैंन आहिश्ता से खड़ा हुआ और बाथरूम मे घुस गया और फ्रेश होकर वापिस आ गया पद्मिसनी सो ही रही थी तो मैने घर फोन कर दिया और सब का हाल चाल पूछने लगा कई दिन बाद घर फोन किया था तो बात थोड़ी ज़्यादा लंबी हो गयी मैने फोन कट किया और मूड कर देखा तो पद्मितनी जाग गयी थी और मुझे बड़े ही प्यार से देख रही थी मैने कहा आप सो रहे थे तो मैने सोचा क्यों ना घर पे ही फोन कर लू फिर उन्होने पूछा कि घर पे सब ठीक है तो मैने कहा सब भले चन्गे है फिर उन्होने मुझे एक प्यारी सी किस दी और बाथरूम मे घुस गयी

मैं उसकी मटकती गान्ड को घूर घूर कर देखता रहा आधे घंटे बाद जब वो बाहर आई तो सिर्फ़ ब्रा और पैंटी मे ही थी तो मेरा लंड फिर से उत्तेजित होने लगा तो मैने अपना कच्छा उतार दिया और पद्मिरनी को लंड चूसने का इशारा किया वो मटकते हुए मेरे पास आई और घुटनो के बल बैठ कर मेरे लंड को चूसने लगी अबकी बार वो तेज तेज मुँह चला रही थी और लंड चूस्ते चूस्ते अपने हाथ से मेरे टट्टो को भी मसल्ने लगी तो मैं उत्तेजना से भर उठा पद्मितनी की होंठो से थूक बहकर उसकी चूचियो और उसकी जाँघो पर पड़ रहा था पर उसे कोई परवाह नही थी वो अपनी बड़ी बड़ी आँखो से मुझे देखते हुए मेरे लंड पर कहर ढा रही थी तो करीब 5 मिनट तक उसको लंड चुसवाने के बाद मैने उसको बेड पर लिटा दिया और उसकी टाँगो को उठा ते हुए उनकी कच्छि को उतार दिया मैने बड़े ही प्यार से उनकी पैंटी को अपने मुँह मे दबा कर चूमा और फिर साइड मे एक दिया और उसकी काली काली चूत पर अपने चेहरे को झुका लिया और अपनी जीभ को गोल गोल करके घुमाने लगा पद्मिकनी की नस नस मे वासना की तरंग दौड़ उठी और वो अपनी मस्त जाँघो को बेड पर पटाकने लगी उसके तन बदन मे जैसे भूचाल सा आ गया था पद्मिपनी काँपते हुए लहजे मे बोली कि यार तुम इसको लीक बहुत ही अच्छा करते हो तो मैं और भी मस्ती से चूत के खारे पानी को चाटने लगा थोड़ी देर बाद मैं बेड पर लेट गया और अपने खड़े लंड को दिखाते हुए पद्मिीनी को लंड पर बैठने का इशारा किया तो वो मुस्काई और झट से मेरे उपर आते हुए लंड को पकड़ कर चूत के मुंहाने पा रख दिया और उस पर बैठ ने लगी

जब पूरा लंड चूत मे समा गया तो फिर वो खुल के मैन्दान मे आ गई और मेरी चेस्ट पर अपने हाथ मजबूती से रखते हुए अपनी गान्ड को हिलान लगी उसकी गान्ड की थिरकन से मेरा लंड और भी ज़्यादा उत्तेजित हो गया मैने अपने हाथ से उसके कुल्हो को थाम लिया और चुदाई का मज़ा लेने लगा पद्मिहनी के मोटे मोटे चुतड़ों को मसल्ते हुए मैं पूरा मज़ा ले रहा था और वो भी पूरे जोश से मेरे लंड पर कूद रही थी फिर वो थोड़ा सा आगे को झुकी तो मैने उसकी झूलती हुवी चूची को अपने मुँह मे ले लिया जैसे ही उसके निप्पल्स पर मेरी जीभ टच हुई पद्मिकनी और भी ज़्यादा गरम हो गयी और बेहद तेज़ी से लंड पर कूदने लगी दूसरी ओर मैं अपने हाथो से उसके कुल्हो पर दबाव डाल रहा था पद्मि नी काफ़ी देर से मेरी लंड पर झूल रही थी तो उसको थकान होने लगी थी तो वो उपर से उतर गयी और मैं उसके उपर चढ़ गया और अब मेरी बारी थी उसकी चूत पर धक्के लगा ने की पद्मिढनी ने अपनी टाँगे मेरी कमर के चारो ओर लपेट ली और मेरे होंठो को चूमते चूमते अपनी चूत मुझे दे रही थी मैं तेज तेज धक्के मारता वो अपने बदन को उतना ही टाइट कर रही थी मेरे बदन मे भी अब झड़ने का सिग्नल आ रहा था तो मैने कहा डार्लिंग मैं जाने वाला हू तो वो बोली कि कुछ देर और सर्वाइव करो मैं भी समझो पहुच ही गयी पर मैं तो किनारे पर ही आ गया था तो मेरे लंड से वीर्य छूट गया पर फिर भी मैने कुछ धक्के और मारे और फिर पद्मि नी भी झाड़ गयी तो उसने मुझे धक्का देते हुए अपने उपर से उतार दिया और मेरे सीने से लग कर आहे भरने लगी फिर कुछ देर बाद हम ने कपड़े पहने और फिर मैने नाश्ता रूम मे ही मंगवा लिया और वही खाने लगे नाश्ते के बाद मैने कहा भाभी आप पॅकिंग को चेक कर लो कहीं कुछ रह ना जाए तो वो बोली कि सब सामान रख लिया बस शाम को चलना ही है तो मैने कहा कि मुंबई के ट्रॅफिक का कोई भरोसा नही है तो थोड़ा पहले ही निकलेंगे तो वो बोली हम पर अभी तो पूरा दिन ही पड़ा है तो मैं उनके चुतड़ों पर चिकोटी काट ते हुए बोला कि पूरा दिन पड़ा है तो …. वो कहने लगी कि अभी थोड़ी देर पहले ही तो किया है थोड़ा रेस्ट करते है फिर चलने से पहले एक बार और तुमको खुश करूँगी तो मैने कहा ओके फिर वो टीवी देखने लगी और मैं आँखे बंद कर के लेट गया एक बार सोया तो फिर सीधा शाम को 6 बजे ही आँख खुली तो मैं उनको बोला आपने दुपहर मे मुझे जगाया क्यो नही तो वो बोली कि अरे तुम गहरी नींद मे थे तो मैने तुम्हे डिस्टर्ब नही किया और फिर सेक्स तो हम ट्रेन मे भी कर लेंगे तो मैने कहा ठीक है अब जल्दी से एक बार सामान को चेक कर्लो फिर हम निकल जाएँगे

 


7 बजते बजते हम ने होटेल छोड़ दिया और टॅक्सी लेकर स्टेशन का रास्ता पकड़ लिया ट्रेन आने मे टाइम था तो हम वेट करने लगे उन्होने कुछ पत्रिकाए खरीद ली थी पढ़ने के लिए जब ट्रेन आई तो मैने चार्ट मे अपना और उनका नाम चेक किया और फिर अपने डिब्बे की तरफ बढ़ चले एक बार फिर एक कॅबिन हमारे लिए रिज़र्व था तो कोई टेंशन की बात नही थी ट्रेन ने सीटी मारी और फिर चल पड़ी हमे लेकर जैसे ही लाइट्स डिंम हुवी मैं पद्मिटनी पर टूट पड़ा और जब तक ट्रेन देहरादून स्टेशन पर पहुचि मैं पद्मिपनी को कई बार चोद चुका था एक हफ्ते की लगातार सदाबहार चुदाई से पद्मिटनी का यौवन और भी ज़्यादा खिल गया था स्टेशन पर उतरते ही पद्मिटनी ने कहा कि मैं अभी जाउन्गी और तुम दो तीन घंटे बाद आना तो मैने कहा कि नो प्राब्लम तो मैं फिर शाम तक ही अकादमी मे एंट्री किया और रिपोर्टिंग के बाद होस्टल चला गया

मैं जिस काम के लिए मुंबई गया था वो तो हुआ नही पर पद्मिीनी ने जो प्यार दिया था वो भी भुलाए नही भूल रहा था इधर अकादमी मे आने के बाद मैं बहुत बिज़ी हो गया था बस सनडे को ही पद्मिदनी से मुलाकात होती थी बाकी सूखा ही पड़ा था एक तो हार्डकोर ट्रैनिंग ने गान्ड मार रखी थी और पद्मिहनी से भी नही मिल पा रहा था मुट्ठी मारने का भी टाइम नही था बिस्तर पर पड़ते ही नींद आ जाया करती थी और अगली सुबह फिर से वोही परेशानी सारा दिन शरीर दुख़्ता ही रहता था चिल चिलाती धूप मे युधाभ्यास की रियल टाइम ट्रैनिंग चल रही थी तो बस वॉट लगी पड़ी थी कभी कभी ऋतु मॅम का फोन आ जाता था वो भी चुदने को ही मचलती रहती थी मैने कहा था कि मॅम जैसे ही कुछ जुगाड़ होगा आप से भी मिलूँगा मैं खुद भी बड़ा ही परेशान था ट्रेनिंग के चार साल तो कट गये थे पर ये लास्ट के कुछ महीने गान्ड ही मार रहे थे पर ये टाइम भी किसी तरह से झेलना ही था हाँ बस इतना था कि दो तीन दिन मे पद्मिकनी फोन कर लिया करती थी तो थोड़ा सा आराम मिल जाया करता था एक शाम मैने मिता को फोन लगाया तो पता चला कि हिमाचल के ही सरकारी. हॉस्पिटल मे उसकी इंटेर्नशिप चल रही थी और अगले कुछ महीनो मे वो किसी ना किसी हॉस्पिटल मे जॉब के लिए अप्लाइ कर देगी वैसे वो आर्म्ड फोर्सस की मेडिकल कॉर्प के बारे मे सोच रही थी पर मैने उसको स्ट्रिक्ट्ली मना कर दिया कि तू जॉब करेगी तो सिविल एरिया मे ही करेगी मैने मिता से कहा कि यार कुछ भी करके तुझे मेरी पासिंग परेडे मे आना है तो वो बोली कि वो देखेगी अगर कोई प्राब्लम ना हुवी तो वो पक्का आएगी फिर कुछ प्यार मोहब्बत की बाते करने के बाद मैने फोन कट कर दिया तो दोस्तो एक महीना ऐसे ही गुजर गया मैं बड़ा ही परेशान था पद्मि नी को चोदने का तो दूर किस करने का सिंगल मौका भी नही मिला था एक दिन मेरे कॅंटीन वाले दोस्त का फोन आया कि यार एक गढ़वाली औरत मिली है क्लेमेनटाउन साइड मे बस तेरे लिए ही तू देख ले अगर फ्री हो तो , तो मैने कहा भाई सनडे को मीटिंग फिक्स कर्दे तो वो बोला कि यार वो कोई पैसे मे धंधा नही करती है ठीक घर की है तो मैने कहा कि फिर वो मुझसे क्यो चुदेगि तो वो बोला यार उसकी एक फ्रेंड को मैने फसाया हुआ था तो उसको पता चला तो वो भी थोड़ा एंजाय करना चाहती है अब मैं तो कर नही सकता तो तू चान्स ले ले मैने कहा थॅंक्स भाई पर मैं सनडे को ही मिल सकता हू तो वो बोला ओके मैं बात करके बता ता हूँ मैने सोचा चलो यार याडी ने ये काम सही किया थोड़ी गर्मी शांत हो जाएगी पर पंगा कॅंपस से बाहर जाने का था तो मैने मूर्ति सर को कहा कि सर मुझे कुछ काम है आउट पास का इंतज़ाम कर वा दो तो वो बोले कि नो प्राब्लम मैं लेटर इश्यू कर दूँगा तुम शाम तक घूम फिर आना मैं खुश हो गया अब मुझे इंतज़ार था सनडे का और लंड को एक नयी चूत का दो दिन और गुजर गये अगले दिन सनडे था मैने पद्मिननी को फोन करके बता दिया था कि मैं आज बाहर जा रहा हू कुछ ज़रूरी काम से तो वो नाराज़ हो गयी और फोन कट कर दिया मैने सोचा कि इसको बाद मे पटा लूँगा फिर मैं अपने याडी के साथ निकल पड़ा उसने किसी को फोन किया तो करीब पंद्रह मिनट बाद जहाँ हम खड़े थे एक कार आके रुकी उसमे दो लॅडीस थी हम दोनो भी बैठ गये और आधे घंटे बाद कार एक बंगले मे एंटर कर गयी मैं सोच रहा था कि इस कमिने ने इतने मस्त और अमीर माल पर कैसे हाथ सॉफ कर दिया अंदर जाते ही हमारा इंट्रोडक्षन हुआ तो पता चला कि जो औरत आज मेरी पार्ट्नर बन ने वाली थी उसका नाम था सरिता उमर 26-27 साल हाइट थोड़ी छोटी शरीर ना ज़्यादा पतला ना ज़्यादा मोटा था तो सरिता ने बिना किसी भूमिका के डाइरेक्ट्ली कहा कि देखो हम सब यहाँ पर फुल एंजाय करने के लिए आए है तो हमे उस पर ही कॉन्सेंट्रेट करना चाहिए और मेरा हाथ पकड़ कर मुझे उपर के कमरे मे ले आई वो दोनो नीचे ही रह गये सरिता मुझे कुछ ज़्यादा ही बोल्ड लगी कमरे मे आते ही उसने गेट को लॉक किया और मुझसे कहने लगी कि क्या तुमने पहले कभी सेक्स किया है मैं मन ही मन हँसा और कहा कि अब ये सुनारों के आगे सुई बेचेगी वो बोली की देखो मुझे बस वाइल्ड सेक्स की ही हसरत है मैने कुछ नही कहा मैने सोच लिया था इसको कुछ ज़्यादा ही घमंड है या ये कुछ ज़्यादा शो-ऑफ कर रही है तो मैने उसको पकड़ा और उसके होंठो पर अपने प्यासे लब रख दिए और कस कस के उसके होंठो चूसने लगा

 
मैने भी सोच लिया था कि आज इसके बदन पर अपनी जवानी का सिग्नेचर ज़रूर करना है और कुछ इस तरह से करना है कि ये भी हमेशा याद रखे की मिला था कोई कुछ देर बाद मेरी गरम सांसो से उसके होंठो जलने लगे पर मैं उसको नही छोड़ रहा था जब तक कि उसके निचले होंठो से खून ना निकला मैं उसके होंठो को निचोड़ता ही रहा जब वो मुझसे अलग हुई तो वो अपने होंठो से रिस्ते खून को जीभ से चाट ती हुई मुझे बड़े ही गौर से देखने लगी फिर वो मेरे पास आई और पॅंट के उपर से ही मेरे लंड को पकड़ते हुए कहा कि तुम्हारे साथ मज़ा आएगा और फिर मेरी पॅंट को खोल के मेरे लंड को हिलाने लगी मैने भी अपने हाथ उसकी चूचियो पर रख दिए और उनको दबा दिया उसकी एक आह निकली तो मैने और भी कस के चूची को दबा दिया अब वो मेरी टाँगो के बीच मे बैठी और मेरे लंड को अपने मुँह मे भर लिया और उस पर जीभ फेरते हुए मेरी तरफ देखने लगी

उफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफ्फ़ बड़ी ही खुरदरी थी उसकी जीभ मेरे सुपाडे को जैसे छील ही गयी मैने एक आह भरी तो उसने आधे लंड को अपने मुँह मे लिया और दिलकश निगाहो से मुझे देखती हुवी लंड पर काटने लगी लंड मे भी तनाव आना शुरू हो गया था तो वो भी अब फड़कने लगा था कुछ ही देर मे वो पूरे साइज़ मे आ गया सरिता की आँखो मे भी नशा भरने लगा था वो अब तेज तेज लंड पर चुप्पे लगाने लगी थी 8-10 मिनट तक उसने जी भर कर मेरे लंड को चूसा फिर वो खड़ी हुवी तो मैने उसको अपने सीने से लगा लिया और थोड़ा झुक कर उसको फिर से किस करते हुए उसकी स्कर्ट को उतार दिया अंदर उसने पैंटी नही डाली हुई थी शायद जान बुझ कर छोटे छोटे बालों से भरी उसकी चूत अच्छी दिख रही थी तो मैने उसको बेड पर पट का और उसकी चूत पर अपना मुँह लगा दिया चूत किसी भट्टी की तरह गरम तप रही थी जैसे ही मेरे होंठो ने चोट को छुआ सरिता जैसे पिघल सी गयी अब उसको किसी का डर तो था नही तो उसने कमरी को सर पर उठा लिया कुछ ज़्यादा ही ज़ोर ज़ोर से वो आहे भरते हुए अपनी चूत को चुस्वा रही थी बार बार वो अपनी टाँगों को भीचती कभी खोलती कभी कुल्हो को मतकाती हुई वो चूत पर मेरी रेंगती हुवी जीभ का मज़ा ले रही थी कुछ टाइम ऐसे ही करने के बाद मैने लंड पर कॉंडम लगाया और उसने अपनी टाँगो को फैलाते हुए मुझे चूत तक आने का रास्ता दिया जैसे ही मैने लंड को अंदर घुसाया उसका चेहरा लाल हो गया उसने अपनी मुत्ठिया बंद कर ली और आँखो को बंद कर लिया तो मैने पूरी ताक़त लगाते हुए धक्का मारा और लंड को उसकी बच्चेदानी तक अड़ा दिया सरिता दोहरी हो गयी और मैं उस पर झुकता चला गया वो किसी गुड़िया की तरह से मुझसे चिपक गयी थी तो मैं अपने लंड को आहिस्ता आहिस्ता से अंदर बाहर करने लगा तो सरिता मेरी गर्दन पर अपने दाँतों से काट ती हुई बोली कि ज़ोर ज़ोर से करो तो मैने अपनी स्पीड को बढ़ा दिया और उस गढ़वालन को चुदाई का असली सुख देने लगा इस छोटी सी जिंदगी मे मैं कई तरह की औरतो से मिल चुका था कइयो से दोस्ती थी कइयो को चोद चुका था पर सरिता जैसी चुड़दकड़ से कभी पाला नही पड़ा था वो बार बार मुझे तेज तेज करने को कह रही थी जब कि मैं पूरी स्पीड पकड़ चुका था तो मुझे खीज होने लगी मैने अपना लंड बाहर निकाला और साइड मे बैठ गया मैने कहा जा जो तेज तेज करे उस से चुदवा मैं अभी नही चोदता तुझे सरिता की चूत मे आग लगी थी तो वो बोली अरे वो तो मैं तुम्हारा जोश बढ़ने के लिए कह रही थी तो मैने कहा कि मुझे मेरे जोश पर भरोसा है तुझे चुदना है तो इज़्ज़त से चुद वरना मैं चला तो सरिता मेरी गोदी मे चढ़ गयी और बोली कि अरे आप तो बुरा मान गये और मुझे लीप किस करने लगी अब लंड तो मेरा भी खड़ा था तो मैने उसे गोदी मे ही लंड पर बिठा लिया और झूला झुलाने लगा मेरा लंड सरिता की बच्चेदानी से टकराने लगा था मैं मजबूती से उसके कुल्हो को थामे था और वो बड़े मज़े से उछल रही थी मेरी गोद मे उसकी चूत से पानी रिस्ते रिस्ते मेरी जाँघो को गीला कर रहा था उसकी चूचिया जब जब मेरे सीने से रगड़ खाती तो उतना ही मेरा लंड झटके ख़ाता मैं कभी उसके होंठो चूमता कभी उसकी गर्दन को फिर मैने उसे दुबारा से लिटा दिया और सरिता की सवारी करने लगा अब वो हद से ज़्यादा गरम हो चुकी थी अब वो झड़ने के बेहद करीब आ गयी थी और मैं भी बुरी तरह से उसको चोद रहा था कुछ सेकेंड बाद ही सरिता का बदन झटके खाने लगा और वो झड़ने लगी उसकी चूत से काफ़ी पानी निकला थोड़ी देर बाद मैने भी अपना पानी से कॉंडम को भर दिया अपनी फूली हुवी सांसो को काबू मे किया और सरिता के उपर से उतर कर साइड मे बैठ गया

 
कुछ देर बाद सरिता भी उठी और बेड की चादर से ही अपनी चूत को सॉफ किया और सामने वाली कुर्सी पर ही नंगी ही बैठ गयी और मेरी तरफ नशीली आँखो से देखने लगी मैं कॉंडम उतार रहा था कि वो बोली कि इसे मुझे दे दो तो मैने उसके हाथ मे कॉंडम रख दिया उसने मेरे वीर्य को अपनी चूचियो पर किसी लोशन की तरह लगाना शुरू कर दिया मैं उसको देखता ही रहा फिर सरिता उठी और किसी कुतिया की तरह चलते हुए मेरे पाँवो तक आई और फिर अपने मुँह को मेरी जाँघो के बीच मे दे दिया और मेरे सोए पड़े लंड को अपने मुँह मे लेके जगाने लगी वो अपनी जीभ को लंड और गोलियो पर अच्छे से फिरा रही थी लंड मे भी दुबारा से सुर सुराहट होने लगी थी साली एक नंबर की एक्सपर्ट थी लंड चूसने मे कुछ ही मिंटो मे लंड को दुबारा तैयार कर दिया था मैने उसके हाथ कुर्सी पर रखवाए और उसको झुकाते हुए पीछे से लंड को चूत पर लगा दिया और रगड़ने लगा अभी मेरा इरादा नही था डालने का तो मैं कुछ देर लंड को चूत पा रगड़ता फिर सुपाडे को अंदर डाल कर तुरंत ही बाहर निकाल लेता और फिर से रगड़ ता अब सरिता तो थी ही चुदासी रांड़ ऐसी हरकतों से वो तड़पने लगी और मैं उसके मज़े लेता रहा जब उसका सबर बिल्कुल टूट गया तो वो बोली अब इतना भी मत तड़पाओ डाल भी दो ना अंदर तो मैने एक ही झटके मे पूरे लंड को चूत मे उतार दिया इस धक्के से सरिता संभाल नही पाई और आगे को हो गई तो मैने उसकी कमर खीच कर उसको अड्जस्ट किया और उसकी चूचियो को मसल्ते हुए उसकी चुदाई शुरू कर दी सरिता उउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउ ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हुउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउ

उउउउम्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म उूुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुउउफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफ

फफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफुऊऊुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुउउ की आवाज़े निकलते हुए अपनी चूत मे समाए मेरे लंड का मज़ा लूट रही थी आज एक बात तो पक्की थी कि उसकी चूत का साइज़ आज इनक्रीस होने वाला था खैर मैंन उसके सर के बालों मे हाथ डालते हुए उसके चेहरे को उपर की ओर किया और डाना दन लंड को चूत मे पेलने लगा चोद्ते चोद्ते मैने पूछा कि गान्ड भी मरवाती हो क्या तो वो बोली कि पहले ईईए कभीइ आआअहह आअहह पहले कभी तो नहियीईई आआहह आअहह मरवाई है पर तुम मारलो कुछ टाइम के लिए तुम्हारी ही हू जो चाहे कर लो पर अभी प्लीज़ मेरा पाणिीईईईईईईईईईईईईईई आआआआआआआआआआआआआआआआअहह आअहह आअहह मस्ती से सिसकारिया भरते हुए बोल रही थी कि अभी मेरा पानी निकलने दो मैने कहा हां और बेहद कस कस कर धक्के लगा ने लगा मैं दोनो हाथो से उसके बोबो को मसल रहा था तो वो भी अपने चुतड बार बार पीछे करके चुदाई का मज़ा ले रही थी उसके माथे से टपकती हुवी पसीने की बूंदे काँपति हुए टाँगो की थिरकन जैसे मुझे पागल ही करने पर तुली थी अब कमरे मे बस ठप ठप के सिवा कुछ आवाज़ नही आ रही थी सरिता की आँखे मस्ती से बंद हो गयी थी उसके लाल लाल होंठो हल्के हल्के से कांप रहे थे उसके हाव भाव से मुझे लगने लगा था कि अब बस ये जाने ही वाली है तो मैने उसे बेड पर पटक दिया और तेज तेज से चोदने लगा 5 मिनट के अंदर ही उसकी चूत लंड से हार गयी और सरिता का बदन एक दम से ढीला पड़ गया उसकी छातिया तेज़ी से उपर नीचे हो रही थी तो मैने उसे पलट दिया और उसके चुतड़ों पर ढेर सारा थूक लगाते हुए लंड को गान्ड पर लगा दिया और एक तेज शॉट मार दिया तो सुपाड़ा गान्ड को चीरते हुए आगे की ओर घुस गया सरिता दर्द से दोहरी हो गयी उसकी सांस जैसे अटक सी गयी और उसको खाँसी आ गयी आँखो से आँसू बह चले और वो रो पड़ी मेरा सुपाडा वैसे ही अटका पड़ा तो मैने उसके बदन को मजबूती से दबोचा और एक झटका और लगाया और आधा लंड गान्ड मे डाल दिया इस बार सरिता की हालत और भी ज़्यादा खराब हो गयी वो रोते रोते मुझे बोली क़ि मुझीईईईईईईई नाआआआआहियीईईईईईईईईईई मरानी है ओमम्म्मममममममम्मूऊऊुुुुुुुुुुुउउम्म्म्ममममममममममममममममममय्ययययययययययययययययययययययी तूमम्म्ममममममममममममममममममममममममम णीईीईईईईिकककककककककककककककककााआआआआआआलो इसे पर मैने उसकी बाद पर ज़्यादा ध्यान नही दिया वो अब सूबकिया लेने लगी थी मैने एक धक्का और लगाया और पूरा लंड गान्ड मे उतार दिया सरिता की हालत बहुत ही टाइट हो गयी थी वो ज़ोर ज़ोर से रोने लगी थी पर रोए तो रोए मैने दया नही दिखाई और उसकी गान्ड मारने लगा उसका बदन एक दम से तपने लगा था वो रोए जा रही थी पर अब गान्ड मरवाएगी तो दर्द तो झेलना ही पड़ेगा वैसे मैं दयावान आदमी हू पर उस टाइम मैने कोई दया नही दिखाई और उसकी गान्ड मारता ही रहा वो बार बार कह रही थी कि निकाल लो निकाल लो पर एक बार घुसने के बाद इतनी आसानी से कहाँ निकलता है तो मैं उसकी गान्ड तब तक मारता रहा जब तक कि मैं झाड़ ना गया तब कही जाके मैने लंड को उसकी गान्ड से बाहर निकाला और उसकी बगल मे पड़ गया फिर जब मेरी साँसे नियंत्रण मे आई तो मैने देखा कि उसकी गान्ड बुरी तरह से छिल गयी थी और खून निकल आया था
 
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