मैने कहा ठीक है और मैं दुकान से निकल गया मैं थोड़ी देर बाजार मे घुमा मैने महक के लिए कुछ मिठाई खरीद ली अगर वो कश्मीर मे ना होती तो उसके लिए गिफ्ट्स भी लेता पर चलो कोई नही तो फिर मैं उसके घर चला गया वो दरवाजे पर ही खड़ी थी मैने अगल बगल नज़र मारी और फिर उसके घर मे घुस गया महक ने किवाड़ को कुण्डी लगाई और मुझे अंदर वाले कमरे मे ले आई
हम बैठ कर बाते करने लगे मैने पूछा आपके शौहर नही आए क्या अभी तक तो वो बोली बीच मे आए थे उन्होने राजोरी मे कलीनो का काम शुरू किया है जब कुछ काम जम जाएगा तो फिर मुझे भी उधर ही बुला लेंगे मैने कहा ये तो अच्छा है पर तुम्हारी दुकान को कॉन संभालेगा तो वो बोली इसको किराए पर दे देंगे तो थोड़ा सा और पैसा आ जाएगा
इस आतंकवाद ने वहाँ लोगो का कितना जीना हराम किया था ये बात मैं अच्छी तरह से समझ सकता था फिर महक पूछने लगी कि उस दिन क्या हुआ था तो मैने बात को टालते हुवे कहा जाने दो उन बातों को हम कई दिन मे मिले है आप बताओ कैसी चल रही है ज़िंदगी मे तो वो बोली हुज़ूर हम जैसे लोग तो बस सांस ही लेते है ज़िंदगी के नाम पे मैने कहा बुरा टाइम भी बीत जाएगा होसला रखो
कुछ देर और गुफ्तगू के बाद महक ने खाना परोस दिया और हम साथ साथ खाने लगे ऐसे मस्त दम आलू मैने ज़िंदगी मे कभी नही खाए थे खाने मे बेशक आइटम कम थे पर जजबात बहुत थे महक के खाने का स्वाद आज भी कभी कभी याद आ ही जाता है तो एक बेहद ही लज़ीज़ डिन्नर के बाद वो केसर मिला दूध ले आई और दूध पीते पीते वो मेरे पास बैठ गयी
मैने दूध का गिलास साइड मे रखा और महक का हाथ अपने हाथ मे लेकर कहा कि महक लास्ट टाइम मैने जाने से पहले आपसे एक सवाल पूछा था तो क्या आज उसका जवाब मिलेगा वो अपनी हया मे सिमट सी गयी और नज़रो को झुका लिया कुछ देर खामोशी छाई रही तो मैने कहा ठीक है तो मैं अब चलता हू और खड़ा हो गया उसने कहा कुछ देर रुक जाइए
मैने कहा किस हक़ से रुकु जब आप मुझे अपना दोस्त मानती ही नही है तो वो बोली अगर मेरे दोस्त ना होते तो इस पल आप यहाँ नही होते मैने कहा फिर इक़रार करने मे क्यो देरी तो वो बोली मैने इनकार भी तो नही किया आपको और अपने चेहरे को झुका लिया मैने कहा तो आपको हमारी दोस्ती क़ुबूल है एक बार आप अपने मूह से कह देती तो हमें भी तस्सल्ली हो जाती
महक शरमाते हुवे बोली की आप भी ना बड़े वो है मैने कहा वो क्या तो उसने अपना मूह दूसरी तरफ कर लिया मैं उसके पीछे गया और उसको पीछे से अपनी बाहों मे भर लिया तो वो शरमाते हुवे बोली कि ये क्या कर रहे है छोड़िए हमें मैं उस से और भी चिपकते हुवे बोला कि ना अब नही छोड़ूँगा तुम्हे और उसके पेट को कस कर दबा दिया तो उसने एक आह सी भरी
महक के बदन की खुशबू मेरी सांसो मे समाने लगी थी मैं उस पर अपनी पकड़ और भी मजबूत करते हुवे उसकी गर्देन पर किस करने लगा महक की आँखे बंद होने लगी मैं थोड़ी देर तक उसकी गर्देन पर ही किस करता रहा पर तभी उसने खुद को मेरी गिरफ़्त से आज़ाद किया और थोड़ा सा दूर जाकर खड़ी हो गयी मैने उसको दुअबरा अपने आगोश मे भर लिया
महक काँपते हुए बोली आप हम से शरारत ना कीजिए तो मैने कहा आज आप मुझे ना रोकिए आज एक प्यासा दरिया के पास आया है तो अब दरिया कुछ घूँट पानी तो पिला ही सकता है ना तो वो बोली आप बाते बड़ी करते हो मैने कहा मैं बाते ही नही और कुछ भी बढ़िया करता हू तो वो बोली अच्छा जी मैने उसके चेहरे को थोड़ा सा उपर किया और उसके रस से लबा लब भरे हुए होंठो को अपने होंठो से जोड़ दिया
आज कई दिन बाद किसी औरत को टच कर रहा था तो बदन मे सरगर्मिया भी बढ़ गयी थी उसके होठ कश्मीरी सेब से भी ज़्यादा रसीले और मीठे थे तो मुझे उन्हे चबाने मे बड़ा मज़ा आ रहा था महक भी कुछ देर बाद मेरा साथ देने लगी तो किस का मज़ा और भी बढ़ गया था मैं अपने हाथ नीचे ले गया और महक की गान्ड को सहलाने लगा
5-7 मिनिट तक बस मैं उसके होंठो से ही चिपका रहा बड़ा ही मज़ा आया मुझे उसको किस करने मे कसम से बड़ा ही लाजवाब टेस्ट था उसके होंठो का मैने महक को अपनी गोद मे उठाया और बेड की ओर ले चला और उसके उपर लेट कर दुबारा से उसको किस करने लगा और उसके बोबो को कपड़ो के उपर से मसल्ने लगा महक भी धीरे धीरे गरम होने लगी
मैं उसको चूमते चूमते अपना एक हाथ उसके सूट के अंदर ले गया और उसके पेट को सहलाते सहलाते उपर की ओर ले जाने लगा मैने अपने होठ उसके होंठो से अलग किए और उसके सुर्ख गालो को खाने लगा मैने अपना हाथ उसकी चूची पर रखा और उनको कस कर दबा दिया तो महक ने एक सिसकी ली और बोली आहिस्ता से दबाइए दर्द होता है मैने कहा इस दर्द का भी तो अपना ही मज़ा है ना
मैने उसके सूट को उतार दिया गुलाबी ब्रा मे क़ैद उसके गोरे गोरे बूब्स ब्रा की क़ैद से बाहर आने को मचल रहे थे मैने महक को थोड़ा सा टेढ़ा किया और उसकी ब्रा के हुको को खोल कर उसकी मस्तानी चूचियों को ब्रा की क़ैद से आज़ाद कर दिया उसकी नंगी चूचियो के दीदार करते ही मेरा लंड पॅंट को फाड़ कर बाहर आने को बेताब हो गया
मैं बिना देर किए महक के स्तनो पर झुक गया और उसकी एक चूची को अपने दाँतों से काटने लगा और दूसरी को अपने हाथ से दबा कर उसमे हवा भरने लगा महक की साँसे अब उबलने लगी थी वो अपनी टाँगो को लगातार इधर उधर पटक रही थी बड़ी ही बेसब्री से मैं उसकी चूचियो को पिए जा रहा था मुझे तो कई दिन बाद औरत को भोगने का मोका मिला था
तो मैं इस मोके को अच्छे से कॅश करना चाहता था तो उसके बोबो से छेड़खानी करते हुए मैं अपने हाथ को नीचे की ओर ले गया और उसकी सलवार के नाडे को पकड़ लिया और उसको खोल ही रहा था कि महक ने मेरा हाथ पकड़ लिया और शरमाते हुवे बोली कि बत्ती बुझा दीजिए पर मैने कहा अगर बत्ती बुझा दूँगा तो आपके इस शोलो से दहक्ते हुए हुश्न का दीदार कैसे कर पाउन्गा
ये सुनकर महक ने अपना हाथ हटा लिया और मैने उसके नाडे को अपनी उंगलियो मे फसाया और खोल दिया मैने अपना हाथ अंदर सरकया तो मेरी उंगलिया उसके अन्द्रुनि हिस्से से जा टकराई तो पता चला कि उसने अंदर कच्छि नही पहनी हुई थी मैं अपने हाथ को उसके गद्देदार कुल्हो पर फिराने लगा और उनको दबाने लगा महक की साँसे पल पल भारी और भारी होती जा रही थी
अब मैं उठा और सलवार को खीच लिया और साइड मे रख दिया महक पूरी तरह से नंगी मेरी आँखो के सामने थी उसने अपने आप को समेट सा लिया शरम के मारे तो मैने भी जल्दी से अपने कपड़ो को जिस्म से जुदा कर दिया महक अपनी आँखे बंद किए छुई-मुई सी बैठी थी मैं उसके पास गया और उसके हाथ को अपने मचलते हुवे लंड पर रख दिया तो उसने उसको हल्का सा दबा दिया
मैने कहा इसको अपने कोमल कोमल हाथो से सहलाओ तो महक अपना हाथ मेरे लंड पर फिराने लगी मुझे बड़ा ही अच्छा लग रहा था कुछ दर तक ऐसे ही करने के बाद मैने उसको अपनी जाँघो पर बिठा लिया और उस के लबों का फिर से शिकार करने लगा महक जाँघो से थोड़ा सा उपर को सरक आई तो मेरा लंड उसकी गान्ड की दरार से रगड़ खाने लगा दो जिस्मो की गर्मी मिली तो करंट की तरंगे उठने लगी
मैं उसके निचले होठ को चबाए जा रहा था उसको हल्का हल्का सा दर्द भी हो रहा था पर वो अपनी गोरी बाहें मेरे गले मे डाले बस उस पल को जैसे जी रही थी मैं अपने हाथो से उसकी पीठ और निचले हिस्से को सहलाए जा रहा था उसके चेहरे का नूर जैसे अब चमकने को ही था मुझ पर भी उसकी रवानी अब हद से ज़्यादा चढ़ने लगी थी
मैने उसको बेड पर घोड़ी बना दिया और उसके मोटे मोटे चौड़े कुल्हो पर अपनी जीभ फिराने लगा महक आहें भरने लगी मैं उसकी पीठ उसके कुल्हो और मोटी मोटी जाँघो के कुछ हिस्से को लगातार चाटे जा रहा था मेरा थूक से उसके चूतड़ बेहद ही चिकने चिकने हो गये थे फिर मैने उसके कुल्हो को थोड़ा सा फैलाया तो उसकी चूत के दर्शन किए हल्के हल्के घुंघराले बालो से धकि
बड़ी ही खूब सूरत सी चूत थी उसकी मैने अपनी उंगलियो से उसकी फांको को फैलाया तो अंदर से गुलाबी हिस्सा बड़ा ही मनमोहक सा लगा मुझे और उपर से जो काले बालो की घटा छाई थी उस ने उसकी सुंदरता मे चार चाँद लगा दिए थे मुझ से रुका ही नही गया तो मैने अपनी एक उगली चूत के छेद पर रखी तो वो एक पल मे ही महक के रस से भीग गयी
मैं अपनी उंगली को अंदर बाहर करने लगा तो महक हल्की हल्की सिसकारिया लेने लगी अब मैं एक हाथ से उसके उभारों को दबाए जा रहा था और दूसरे हाथ से चूत मे उंगली कर रहा था महक का शरीर किसी गरम भट्टी की तरह से सुलग रहा था उसकी आँखे वासना के ज्वर से लाल सुर्ख हो गयी थी जैसे किसी नशे से भरी हुवी बोतल हो वो
अब वो भी पूरी तरह से गरम हो गयी थी तो शर्मो हया सब कही खो सी गयी थी वो भी अपने हुस्न का जाम आज मुझे पिलाने को आतुर हो गयी थी तो मैने उसको पटका और उसके कुल्हो के नीचे तकिया लगाते हुवे उसकी जाँघो को चौड़ा कर दिया किला मेरे सामने था बस फ़तेह करने की देर थी मैं उसकी जाँघो के बीच आया और अपने लंड को उसकी चूत की घाटी मे रगड़ने लगा
जैसे ही लिंग का स्पर्श योनि पर हुआ तो महक डार्लिंग के बदन मे जैसे चींटिया सी रेंगने लगी वो अपनी चूचियो को दबाते हुवे बोली कि आप यू ना हमे तडपाइये खुदा कसम आपने हमें छूकर इस बदन मे आग भर दी है बस अब आपसे इल्तीज़ा है कि हम पर आप मुहब्बत की बारिश करके हमे इस कदर भिगो दें कि बस रंग सा चढ़ जाए इस नाचीज़ पर
आप आज इस तरह हम मे समा जाएँ कि फिर सदियो सदियो तक मेरी रूह आपकी छुवन से गुलज़ार रहे आज इशाक़्क़्क़्क़ मुझ पे यू बरसा दी जीएएए की मेरी रूह बस फन्ना ही हो जाए मैने लंड पर थोड़ा सा थूक लगा कर उसको गीला किया और महक की चूत से सटा दिया महक ने एक झुरजुरी सी ली और मेरा सुपाडा उसकी चूत की फांको को अलग अलग करता हुवा अंदर जाने लगा
उसकी छूट बेहद ही चिकनी हो रखी थी तो लंड को कुछ खास परेशानी ना हुवी महक ने एक मस्ती से भरपूर आह भरी और अपनी बाहें मेरी पीठ पर कस दी दो जिस्म एक जान हो गये थे दो –तीन झटको मे मैने पूरा लंड उसकी चूत की जड़ तक पहुच गया था महक की चूत मुझे बड़ी मस्त लगी वो मेरे लंड पर कस्ति चली गयी मैने उसके माथे को हल्का सा चूमा
मैने लंड अंदर डाल दिया था पर मैं अभी धक्के नही लगा रहा था कुछ देर मैं बस ऐसे ही उसके उपर पड़ा रहा तो महक से बर्दाश्त नही हुवा और उसने अपनी कमर को उचका कर मुझे जताया कि वो क्या चाहती है तो मैने तुरंत अपने लंड को बाहर की ओर खीचा और पूरी ताक़त से दुबारा अंदर ठेल दिया महक चीख पड़ी उसी पल मैने उसके लबों को पीना शुरू कर दिया
मैं अपनी कमर को मचकाते हुवे उसको चोदने लगा उपर उसकी साँसे अब मेरे मूह मे चाशनी की तरह से घुल रही थी आज की रात महक ने मेरे लिए यादगार बना दी थी महक ने अपनी जीभ मेरे मूह मे सरका दी जिसे मैं लोली पोप की तरह से चूसने लगा तो उसकी जिस्म की आग मे जैसे घी डल गया वो वो कभी मेरी पीठ को सहलाती तो कभी मेरे कुल्हो को
मैं महक को रोन्दे जा रहा था और वो भी हर एक धक्के से जैसे बस टूटके बिखरने को ही थी कई दिनो बाद चूत मिली थी नसों मे खून कुछ ज़्यादा ही ज़ोर मार रहा था अब मैने महक को घोड़ी बनाया और पीछे से लंड डाल कर उसकी चुदाई करने ल्गा महक भी पूरी तरह से चुदाई हो रही थी तो मज़ा मैने उसके जुड़े को खोल दिया और उसकी ज़ुल्फो को आज़ाद कर दिया
मैं उसके मांसल कुल्हो को थामे लगातार तेज गति से अपने लंड को चूत के अंदर बाहर किए जा रहा था महक भी अपनी गाड़ को मटका मटका कर पूरा मज़ा ले रही थी और मुझे भी दे रही थी महक की चूत अब बहुत ही ज़्यादा पानी चोद रही थी और उसकी उफनती साँसे चीख चीख कर कह रही थी कि वो बस अब झड़ने ही वाली है तो मैने उसको लिटा दिया
और उसके उपर आके चोदने लगा उसकी बड़ी बड़ी चूचिया मेरे हर धक्के के प्रहार से झूल रही थी महक ने अब अपनी टाँगो को टाइट कर लिया था और आपनी आँखो को बंद कर लिया था मैं समझ गया था कि बस ये करीब ही आ गयी है तो मैने अपनी रफत्तार और भी बढ़ा दी पसीना हम दोनो के बदन से टॅप टॅप करके टपक रहा था चूत के पानी से मेरे टटटे भी भीग गये थे
लगभग 12-13 तूफ़ानी झटके और मारे मैने और महक की चूत मे बाढ़ आ गयी एक तेज चीख मारते हुवे महक निढाल हो गयी उसकी चूत से जैसे झेलम का पानी बह चला था शायद वो भी कई दिनो बाद झड़ी थी तो काफ़ी पानी निकाला था महक मीठी मीठी सिसकारिया लेटे हुए अपने झड़ने का आनंद ले रही थी आज कश्मीर की कली का रस भी पी लिया था इस भंवरे ने
पर मैं लगा हुआ था तो महक टूट ती हुवी आवाज़ मे बोली बस कीजिए मुझे ज़रा दम लेने दीजिए मैने कहा बस दो पल की और बात है होने ही वाला है तो पूरा दम लगाते हुए शॉट लगा ने लगा मुझे कसम से बड़ा ही मज़ा आ रहा था मैने कुछ देर और उसको छोडा फिर अपने लंड को बाहर निकाला और उसके कुल्हो पर अपना वीर्य छोड़ दिया एक के बाद एक कई धारें उसके पेट पा गिरती ही चली गयी
कई दिन बाद सेक्स करके आत्मा प्रसन्न हो गयी थी और दम भी निकल गया था तो मैंन उसके बगल मे लेट गया महक मेरी ओर मूडी और अपनी टाँग को मेरी टाँग पर चढ़ा लिया और मुझसे लिपट गयी मैने महक की छाती पर चुंबन अंकित किया और पूछा कि मज़ा आया तो वो शरमाते हुए बोली कि बहुत और अपने सुंदर मुखड़े को मेरे सीने मे छुपा लिया
मेरे हाथ उसकी पीठ पर कस गये कुछ देर हम एक दूसरे से यू ही लिपटे पड़े रहे फिर महक मुझ से अलग हो गयी और बेड पर बैठ गयी मैं भी बैठ गया मैने महक की आँखो मे झाँक कर देखा और फिर महक को अपने लंड पर झुका दिया उसने कुछ पल मेरे लंड को सूँघा और अपने मूह को खोलकर उसको अंदर ले लिया उसकी गरम खुरदरी जीभ का स्पर्श पाते ही लंड मे सुरसूराहट होनी शुरू हो गयी
और वो उस हसीना के मूह मे फूलने लगा महक को लंड को अपने मुँह लेने मे परेशानी होने लगी फिर भी वो उसे जैसे तैसे चूस्ति ही रही उसके थूक से लंड बड़ा ही चिकना हो गया था और उसकी नसे फूल कर बड़ी ख़तरनाक लग ने लगी थी महक अब जोश ख़रोश से लंड पे अपना मूह उपर नीचे चला रही थी वो मेरा लंड चूस रही थी
तो मैंन अपना हाथ उसके चुतड़ों पर फिरने लगा बड़ी ही कसी हुई गान्ड थी उस हसीना की तो मैं उसकी गान्ड को सहलाने लगा जैसे ही मैने अपनी उंगली से उसकी गान्ड के छेद को सहलाया महक ने मेरे लंड को अपने मूह में कस के दबा लिया मैने उसके कुल्हो को फैलाया और अपनी दो उंगलिया चूत के अंदर सरका दी महक ने अपनी जाँघो को भीच लिया
जितनी ज़ोर से मैं चूत मे उंगली करता उतनी ज़ोर से ही महक लंड को चूस्ती मैने उसके चुतड़ों को अच्छे से फैला दिया और मज़े से उंगलियो को अंदर बाहर करने लगा महक की टाँगे काँपने लगी थरथराती हुई उसकी मोटी मोटी टाँगे बड़ी ही प्यारी लग रही थी कुछ देर बाद उसने लंड को अपने मूह से निकाल दिया और मुझे हल्का सा धक्का देते हुवे मेरी छाती पर चढ़ गई
वो मेरे सीने पर झुक कर मुझे किस करने लगी तो मेरा लंड उसकी चूत से रगड़ खाने लगा लंड भी थूक से पूरी तरह गीला था और मशाल्लाह चूत के तो कहने ही क्या थे वो तो आज दरिया बनी हुवी थी तो महक अपना हट नीचे ले गयी और लंड को चूत के छेद पर सेट करते हुवे उस पर अपना बोझ डालने लगी महक ने एक तेज आह भरी और लंड को जड़ तक चूत मे ले लिया
वो अब आहिस्ता आहिस्ता से अपनी गंद को लचकते हुवे चुदाई का मज़ा लेते हुए मुझे किस कर रही थी चूत बेहद चिकनी होने की वजह से लंड बार बार फिसल रहा था पर मज़ा भी बहुत आ रहा था दो सुलगते हुवे जिस्मो मे अब शोले भड़कने ही लगे थे मैने उसके कुल्हो को थाम लिया और उसको अपनी सवारी करवाने लगा उसको कोई जल्दी नही थी वो बेहद आराम से लंड पर झूल रही थी
वो पूरे जोश से मेरी गोद मे बैठी हुवी अपनी गान्ड को मटका मटका कर चुदाई का सुख ले रही थी और मैं उसके शराबी होंठो को पीए जा रहा था महक की हर सांस मेरे अंदर घुले जा रही थी वो अब मंझधार तक पहुच गयी ती तो मैने उसको अपने उपर से उतार दिया और उसकी टाँगो को फैलाते हुवे अपने मूह को चूत पर लगा दिया महक इस हरकत से पागल हो गयी
उसकी चूत का दाना फूल गया था तो मैने उसको अपने दाँतों मे दबा लिया तो महक किसी पागल हिरनी की तरह बेड पर मचलने लगी कभी वो अपने बोबो को दबाए कभी मेरे सर को अपनी चूत पर दबाए कभी अपने बालो को नोचे सेक्स आज उसके सर चढ़ कर बोल रहा था जब उसका बस ना चला तो उसने अपनी जाँघो को मेरे मूह पर कस कर लपेट दिया और मस्त मस्त आहे भरने लगी
उसकी चूत से निरंतर खारा पानी बहे जा रहा था महक मस्ती के सागर मे आज डूब ही गयी थी अब मैने दाने को छोड़ा और चूत मे अपनी जीभ को सरका दिया महक की आँखे वासना से लाल सुर्ख हो गयी थी उसका बुरा हाल हो गया था वो एक ऐसी आग मे जले जा रही थी जिसमे जलने को हर कोई बेकरार रहता है महक की चूत का सारा पानी मैं चाट चाट कर सॉफ करने लगा
महक बोली रहम करो मुझ पर मैं बस फ़ना होने ही वाली हू आप मुझे यू ना तडपाइये और मेरी इस प्यास का कुछ इलाज कीजिए तो मैं खड़ा हुआ और उसकी टाँगो को उठा कर अपने कंधे पर रख लिया और उसको चोदने लगा महक हर पल पागल होती जा रही थी उफफफफफफफफफफफफफ्फ़ उफफफफफफफफफफफफफफफफफफफ्फ़ हाईईईईईईईईईईईई हिय्ाआआईयईईईईईईईईईईईईईईई करती हुई वो मेरे शक्तिशाली प्रहारो को झेल रही थी मैं लंड को सुपाडे तक बाहर खीचता और फिर झट से अंदर डालता तो उसकी चूत का छेद फैल जाता
जिस से उसको दुगना मज़ा मिला रहा था महक मेरा जोश बढ़ाते हुवे बोल रही थी कि ऐसे ही कीजिए ऐसे ही कीजिए मैने कहा मेरी जान तुम फिकर ना करो बस मेर साथ बनी रहो महक की शानदार चुदाई चल रही थी मैं हर धक्के पर उसको पूरा मज़ा दे रहा था आलम ये था कि अब ऐसा लम्हा आ गया था कि हम दोनो ही पागल हो गये थे मेरे लंड की नस नस अकड़ गयी थी
तो बस अब हम दोनो टूट कर बिखरने ही वाले थे चुदाई तो मैने बहुत की थी पर इस कश्मीर की कली की बात थोड़ी जुदा जुदा सी थी उसने ऐसा मज़ा दिया था कि फिर बाकी सब बेकार सा लगने लगा था अब मेरा पानी निकलने को ही था तो मैं अब उसके उपर छा गया और तेज तेज धक्के लगाने लगा महक भी लास्ट मोमेंट पर आ गयी थी फिर कुछ देर बाद हम दोनो ने एक मज़े से भरपूर आह भरी और साथ साथ ही झड़ने लगे
कुछ देर मैं उस से चिपका पड़ा रहा फिर जब हवस की खुमारी उतरी तो मैं महक से अलग हुआ महक ने चादर से अपने नंगे जिस्म को धक लिया तभी मुझे ध्यान आया कि मुझे तो पोस्ट पर होना चाहिए था तो मैने जल्दी से अपने कपड़े पहने और महक को एक किस करके कहा कि अभी मैं चलता हू तो वो लेटे लेटे ही बोली कि फिर कब आओगे तो मैने कहा जल्दी ही और वहाँ से निकल गया
इस घनघोर चुदाई ने जिस्म से ताक़त का कतरा कतरा निचोड़ डाला था तो थकान महसूस लगी थी मैं पोस्ट पर पहुचा तो साथियो ने कहा कि सर आप कहाँ लापता थे थोड़ी देर का बोल कर गये थे और अब आ रहे हो तो मैने कहा यार कुछ अर्जेंट काम हो गया था वो बोले सर शूकर है कि चेकिंग नही आई वरना प्राब्लम हो जाती मैने थोड़ा पानी पिया
कुछ गहरी सांस ली और कहा कि यारो मैं बहुत तक गया हू अगर आप कहो तो मैं थोड़ी देर सो जाउ मैं कल डबल ड्यूटी कर दूँगा तो वो बोले अरे सर इसमे डबल ड्यूटी की क्या बात है आप आराम करे तो मैं सो गया अगले दिन मुझे बेस कॅंप जाना पड़ा कुछ काम से तो मैने सीओ से फिर पूछा कि सर छुट्टी का अड्जस्टमेंट करवा दो तो वो बोले कि शाम तक तेरी पर्मिशन सॅंक्षन हो जाएगी
तू जाकर अपनी पॅकिंग वग़ैरा कर ले और घर जाने की तैयारी कर ये सुनके मैं खुश हो गया समान के नाम पे तो अपने को बस एक बॅग ही ले जाना था दोपहर तक ही मुझे पर्मिशन मिल गयी और कुछ ज़रूरी प्रोटकोल्स के बाद उसी शाम मैं बेस कॅंप से घर के लिए निकल पड़ा दिल मे बड़ी खुशी थी इतने दिनो के बाद घर जाने की रिज़र्वेशन था नही
तो ट्रेन के जनरल बोगी मे ही धक्के खाते खाते अपने शहर को पहुच ही गये जब मैं स्टेशन पर उतरा तो रात के 2 बज रहे थे इस टाइम गाँव के लिए कोई साधन मिलना मुश्किल था तो अपने बॅग को कंधे पर लट काया और मैं पैदल पैदल ही गाँव की ओर चल पड़ा रास्ता जाना पहचाना और फिर दिल मे जल्दी से घर पहुचने की उमंग तो आधे पोने घंटे बाद मैं आख़िर गाँव की हद मे आ ही गया
अब रुकना मुश्किल हो रहा था तो मैं तेज तेज चलते हुवे गलियों को पार करते हुए अपने घर के दरवाजे तक आ गया दिल कुछ अजीब सा हो गया था मैने कुण्डी खड़काई दो-तीन बार पर अंदर से कोई नही आया तो मैने घड़ी मे टाइम देखा तीन का टाइम हो रहा था लगभग तो मैने सोचा अभी सभी गहरी नींद मे सो रहे होंगे शायद मैं भी थका हुआ तो था ही तो मैं घर के बाहर बने चबूतरे पर सो गया
कुछ ही देर सोया था कि तभी किसी ने जगा दिया मैने आँखे मलते हुए देखा कि शीला थी जो दूध लेने जा रही थी मैने कहा क्या भाभी सोने भी नही दिया बड़ी नींद आ रही थी तो वो बोली देवर जी आप कब आए तो मैने कहा रात3 बजे वो बोले घर के अंदर नही गये तो मैने कहा किसी ने दरवाजा ही नही खोला वो बोली सुबह हो गयी है अब जागने ही वाले होंगे
मैने घड़ी देखी तो सवा पाँच हो रहे थे गाँव मे आज भी लोग अक्सर जल्दी ही उठ जाया करते थे तो मैं लगा फिर से दरवाजा पीटने तो थोड़ी देर बाद पापा आए और दरवाजा खोला मुझे खड़ा देख कर उनकी नींद एक दम से गायब सी हो गयी मैने उनके पैर छुए और घर के अंदर चला गया और जाते ही सबको जगा दिया हम जगन और तुम मज़े से सोओ
मम्मी बोली आ गयी तुझे हमारी याद कितने दिनो बाद आया है तू मैने कहा मम्मी अब आप अपना नाटक चालू मत करो पहले कुछ चाइ-पानी तो दो कल से कुछ नही खाया है तो वो उन्होने चाची को आवाज़ लगाई और नाश्ता तैयार करने को कहा कुछ देर बात चित करने के बाद मैं बाथरूम मे घुस गया और फिर नाश्ता करके सीधा सोने के लिए अपने कमरे मे चला गया
जैसे ही कमरे का दरवाजा खोल कर मैं अंदर हुआ मेरी नज़र दीवार पर बनी निशा की तस्वीर पर गयी तो दिल साला तड़प सा गया ना चाहते हुए भी मैं थोड़ा सा दुखी सा हो गया घर आते ही उसकी यादो ने आ घेरा बड़ी मुश्किल से उसको कुछ टाइम के लिए भूला था पर फिर से आज उसकी याद आ गयी थी मुझे उसपर बड़ा गुस्सा आता था ना जाने कहाँ गायब हो गयी थी वो मुझे कैसे भूल गयी थी वो
दिमाग़ बोझिल सा होने लगा तो मैं वापिस नीचे आ गया और बैठक मे ही सो गया एक बार आँख लगी तो फिर मैं घोड़े बेच कर ही सोया होश जब आया जब शाम को अनिता भाभी ने मुझे उठाया वो मुझे झींझोड़ते हुए बोली उठो भी अब शाम होने को आई है कितना सोओगे अधखुली आँखो से मैने भाभी को देखा और अपनी ओर खीच लिया तो वो बोली क्या करते हो जल्दी से उठो
मैने कहा भाभी थोड़ा सा पानी पिलाना तो वो बोली अभी लाती हूँ पर तुम जल्दी से उठ जाओ मैने पानी पिया और फिर भाभी के साथ हॉल मे आ गया तो सारे घर वाले उधर ही थे मैने साक्षी को अपनी गोदी मे लिया और खिलाने लगा कुछ देर उसको खिलाने के बाद मैने चाची के बेटे को भी गोद मे लिया मैने कहा चाची ये तो बिल्कुल आप पर ही गया है
तो बस हँस पड़ी भाभी ने चाइ पकड़ा दी तो उसकी चुस्किया लेने लगा फिर मैने कहा कि मम्मी मैं ज़रा घूम फिर के आता हू और अपनी बाइक को बाहर निकाल कर धूल सॉफ करने लगा तो मम्मी बोली कि घूमने बाद मे जाना पहले तू तेरी भाभी के साथ ज़रा खेतों की तरफ हो आ दो दिन हो गये है उधर जाना ही नही हो पाया है मेरा बिल्कुल मूड नही था पर भाभी साथ जा रही थी तो मैने हाँ कर दी
मैने बाइक स्टार्ट की और भाभी को लेकर चल पड़ा खेतो की ओर गाँव की हद से बाहर निकलते ही भाभी मुझसे चिपक कर बैठ गयी उनकी चूचियाँ जो अब पहले से कही ज़्यादा बड़ी हो चुकी थी मेरी पीठ मे चुभने लगी कच्चे रास्ते पर जब मैं ब्रेक लगाता तो भाभी पूरी तरह से अपना पूरा बोझ मेरी पीठ पर डाल रही थी वो भी मुझसे चुहलबाजी के मूड मे थी
कोई 15 मिनिट बाद हम खेतो मे पहुच गये मैं बाइक खड़ी करने लगा और भाभी कुँए पे बने कमरे का ताला खोलने लगी भाभी बोली खेत सूखे पड़े है तो मोटर चला देती हू मैने खाट बाहर निकाली और टीन के नीचे बिछा दी नीली साड़ी मे भाभी जबरदस्त दिख रही थी और फिर कुँए पर हम दोनो अकेले भी थे तो मैने शरारत करने की सोची
वो अभी कमरे के अंदर ही थी तो मैं वहाँ गया और उनको पीछे से पकड़ लिया और उनकी चूचियो को ब्लाउज के उपर से ही मसल्ने लगा तो भाभी मुझसे छूटने का प्रयास करती हुवी बोली कि क्या तुम भी आते ही शुरू हो गये हो अभी टाइम तो देखो मैने कहा भाभी आपसे प्यार करने मे टाइम क्या देखना हम तो आपके हुस्न के दीवाने बचपन से ही है
भाभी ने अपनी गान्ड को पीछे की ओर कर लिया जिसे से मेरा लंड वहाँ पर दबाव बनाने लगा वो बोली अगर मेरे इतने ही दीवाने हो तो ड्यूटी पे से कभी फोन क्यू नही करते मैने कहा भाभी जब भी फ़ुर्सत मिलती है तो करता ही हूँ ना और फिर पिछला डेढ़ महीना तो बड़ा ही भारी था मुझ पे वो बोली ऐसा क्या हुआ तो मैने बात टालते हुवे कहा कुछ नही भाभी ड्यूटी थोड़ी सख़्त थी
मैने कहा भाभी आप तो अब और भी जबरदस्त हो गयी हो तो वो हँसते हुवे बोली कहाँ मैं तो अब बुढ्ढि होती जा रही हू मैने कहा अरे अभी तो आपकी जवानी गदराई है और आप अभी से बुढ़ापे की सोच रही हो वो बोली क्यू मुझे चने के पेड़ पर चढ़ा रहे हो मैने कहा हद है भाभी अब मैने उनको अपनी ओर किया और बिना कुछ कहे चुप चाप अपने होंठो को उनके होंठो से मिला लिया
अनिता भाभी के होठ आज भी शहद से ज़्यादा मीठे थे मुझे वो दिन याद आ गया जब मैने पहली बार उनके नरम गुलाबी होतो का चुंबन लिया था भाभी धीरे धीरे गरम होने लगी थी उनकी सांसो ने एक सरगम सी छेड़ दी थी उन्होने अपनी आँखो को बंद कर लिया और खुद को मेरी बाहों मे ढीला छोड़ दिया काफ़ी दिन बाद भाभी के साथ अकेला था इसी अहसास से मैं बेताब होने लगा
मैं लगातार उनको चूमे जा रहा था कि तभी बाहर कुछ आवाज़ हुई तो हम दोनो एक दूसरे से दूर हो गये भाभी अपनी साड़ी सही करने लगी और मैं बाहर निकल आया तो मैने देखा कि गीता हमारी ओर ही चली आ रही थी जैसी ही उसने मेरी ओर देखा तो उसके गालो पर लाली आ गयी मेरे पास आकर उसने खुशी भरे स्वर मे कहा कि तुम कब आए
मैने कहा आज सुबह ही आया हू वो बोली कुछ दिन रुकोगे मैने कहा डेढ़ महीने की छुट्टी है जम के मोज मारूँगा तो वो थोड़ा शर्मा गयी और बोली कि पिछली बार की तरह मैं कही इंतज़ार करती ही ना रह जाउ तो मैने कहा अब मैं आ गया हू ना तो बस आपका इंतजार भी ख़तम हम बात कर ही रहे थे कि अंदर से भाभी भी आ गयी तो गीता ने कहा
अनिता बहू तुम्हारा घी तैयार करके रखा है मैने पर दो दिन से तुम्हारे घर से कोई इधर आया ही नही आओ मेरे साथ चलो और अपना पीपा ले जाओ तो मैने कहा भाभी आप ट्यूबबेल मे पानी छोड़ दो मैं घी ले आता हू और गीता के पीछे पीछे उसके घर की तरफ चल पड़ा मेरी निगाह उसकी गान्ड पर पड़ी गीता अब थोड़ी मोटी हो गयी थी
उसके दोनो चूतड़ कुछ ज़्यादा ही चौड़े हो गये थे और घाघरा बेहद कसा हुआ था चुतड़ों वाले हिस्से पे कुछ देर में मैं उसके घर पहुच गया तो देखा कि उसने एक नया कमरा और बना लिया था और साइड मे कई भैंसे भी पाल ली थी मैने कहा गीता तुमने तो खूब तरक्की कर ली है तो वो बोली खाक तरक्की की है सारा दिन इन पशुओ मे ही लगी रहती हू
मैने कहा सही तो है तुम्हारा टाइम पास भी होता रहता है वो बोली वो तो है मैने कहा और बताओ क्या चल रहा है तो वो बोली बस जी ही रही हू तुम ऐसी लत लगा कर गये कि जीना मुश्किल हो गया है मैने कहा फिर किसी से सेट्टिंग क्यो नही कर लेती तो वो बोली तुम पर तो मुझे भरोसा है पर गाँव मे मैं बदनामी नही चाहती हू वो बोली बैठो मैं चाइ बनाती हू
मैने मना करते हुवे कहा कि नही चाइ की ज़रूरत नही है तुम अभी तो जल्दी से घी का पीपा दे दो ज़्यादा देर हो गयी तो अनिता भाभी पता नही क्या सोचेगी और फिर वैसे भी थोड़ी देर मे अंधेरा होने वाला है तो घर भी जाना है मैं एक दो दिन मे आउन्गा तुमसे मिलने फिर तसल्ली से लूँगा तुम्हारी तो शरमाते हुवे बोली क्या कुछ भी बोलते रहते हो
मैं उसके पास गया और घाघरे के उपर से ही उसकी चूत को दबा दिया ज़ोर से तो गीता के मूह से एक चीख सी निकल गयई और वो बोली तुम भी पूरे बदमाश हो ज़रा भी नही सुधरे हो मैने कहा जिसके पास तुम्हारे जैसा जबर माल हो वो सुधर के करेगा भी तो क्या मैं हँसने लगा उसने घी का पीपा मुझे दिया और कहा कि दिन मे मत आना डेरी का काम है तो लोग आते जाते रहते है
मैने कहा ठीक है वैसे भी असली मज़ा तो रात को ही आता है तो वो हँसने लगी मैने घी लिया और वापिस कुँए पर आ गया भाभी ने पानी की होदि भर दी थी और खेतो मे भी पानी छोड़ दिया था मैने कहा भाभी हमने गीता से घी क्यो लिया तो वो बोली कि अब हम लोग तो भैंस रखते नही है तो फिर इनसे ही ले ते है मैने कहा क्यो तो वो बोली कि तुम्हारी ताई जी तो अब ज्याटर खाट पर ही रहती है
और तुम्हारी मम्मी का सारा दिन खेतो को संभालने मे चला जाता है और फिर छोटी चाची पेट से थी तो वो तो रेस्ट ही करती थी और अब ऑपरेशन से बच्चा हुआ है तो 6 महीना और खाट काटेंगी फिर घर के सब मर्द काम धन्दे वाले है तो बची मैं . मैं अकेली तो बस सबकी रोटीपानी और घर के काम ही कर सकती हू तो पशुओ को कॉन संभाले इस लिए भैंसो को बेच दिया
मेरा पूरा दिन तो बस खाना बनाने मे और सॉफ सफाई मे ही चला जाता है अब तुम जल्दी से मेरी देवरानी ले आओ तो मुझे भी रिलॅक्स मिले मैने कहा भाभी जल्दी ही करता हूँ ये काम तो भाभी बोली कि चाची ने दो-तीन लड़किया भी देख ली है तुम्हारे लिए तो मैने कहा पर मैं तो मिता से ब्याह करूँगा , तो वो बोली मुझे क्या अपनी मम्मी को तो मना लो पहले
अंधेरा भी होने लगा था तो मैने कहा घर चलते है और फिर हम घर आ गये चूँकि मैं आ गया था तो रात के खाने पर सभी मोजूद थे हँसी मज़ाक चल रहा था मैने कहा कि पापा अब मेरी ट्रैनिंग भी पूरी हो गयी और पोस्टिंग भी मिल गयी है तो मैं सोच रहा हू कि क्यो ना हम लोग माता की सवामनी कर दें तो पापा ने कहा कि बेटा विचार तो अच्छा है परंतु 10 दिन बाद तेरी बुआ की जेठानी की लड़की की शादी है तो पूरे परिवार को वहाँ जाना है अब शादी है तो कुछ खर्चा भी ज़्यादा होगा बहन के ससुराल जाएँगे तो मान-तान और कपड़े वग़ैरा भी लेने पड़ेंगे तो उसके बाद ही कर पाएँगे
मैने कहा कोई ना पहले शादी मे हो आते है पर उनको भी गर्मियो मे ही शादी करनी थी तो वो बोले सब संस्कार की बात है तभी मम्मी बोली तेरा शादी का क्या विचार है मैने कहा हम अब मुझे भी शादी करनी है सोच रहा हूँ कि सर्दियो मे मैं भी घोड़ी चढ़ ही जाउ तो चाचा बोले अरे तुझे बड़ा चाव चढ़ा है झूठ-मूठ का ही मना कर देता
मैने कहा चाचा अब जो काम करना ही है उसमे क्यो देर करे तो मम्मी बोली कि मैने दो-तीन लड़किया देखी है तू देख ले फिर बात आगे चलाती हू मैनें कहा मम्मी मैने तो लड़की पसंद कर ही रखी है आपको पिछली बार बताया तो था ना तो मम्मी बोली उस चुड़ैल का भूत अभी नही उतरा कि तेरे सर से मैने कहा मम्मी इतनी प्यारी लड़की तो है
तभी पापा ने बात संभालते हुवे कहा कि चलो अभी सब खाना खाओ फिर बाकी बात बाद मे करते है मैने पूछा रवि कहाँ है तो पता चला कि वो साइट से आते आते लेट होज़ायगा तो मैने कहा ठीक है सुबह ही मिल लूँगा और फिर मैं थोड़ी देर चाची सी बात की फिर मैं सोने चला गया दिल कर रहा था मिथ्लेश से बात करने को
तो बस सो कर ही रात गुजारी अगले दिन मैं थोड़ा सा लेट उठा पापा चाचा तब तक ऑफीस जा चुके थे चाची छोटू को हॉल मे बैठी बैठी दूध पिला रही थी मैने कहा मम्मी कहाँ है तो वो बोली बाहर तक गयी है तो मैने चाची को एक जबरदस्त किस किया और कहा कि चाची मैं तो सोच रहा था कि घर जाते ही सबसे पहले चाची के साथ थोड़ी मस्ती करूँगा पर आप ने तो सारा मूड ही खराब कर दिया
तो वो प्यार से मेरी गालो को सहलाते हुए बोली कि बेटा क्या करूँ मैं मेरी मजबूरी है डॉक्टर ने 6 महीने के सख़्त परहेज दिए है वरना मैं क्या कभी तुझे मना कर सकती हू क्या पर अभी थोड़ी मजबूरी है तो मैने कहा कोई बात नही मैं कुछ और जुगाड़ कर लूँगा आप आराम करो मम्मी आए तो नाश्ते की कह देना मैं ज़रा नहा कर आता हू और बाथरूम मे चला गया
काफ़ी देर तक मैं मल मल कर नहाया फोज मे तो इतना टाइम ही नही मिलता था तो कोई एक घंटे बाद मैं बाहर आया खाली तोलिया लपेटे हुवे अपने कमरे मे जा कर पाजामा पहना और हाथ मे क्रीम की डब्बी ले कर नीचे आ गया मैने देखा कि मम्मी रसोई मे थी और चाची हॉल मे लेटे लेटे टीवी देख रही थी आक्च्युयली क्या था कि उस हादसे के जख्म तो भर गये थे
पर उनके निशान और कुछ टाँको के निशान बदन पर रह गये थे तो डॉक्टर ने कहा था कि इस क्रीम को निशानो पर लगा ने तो वो पूरी तरह से मिटेंगे तो नही पर हम हल्के ज़रूर हो जाएँगे तो रोज मुझे वो क्रीम लगानी पड़ती थी तो मैं सोफे पर बैठ कर वो ही लगा रहा था कि मम्मी रसोई से आ गयी और मेरे शरीर पर उन ज़ख़्मो के निशानों को देख कर बोली
कि ये तेरे बदन पर क्या हुआ है तो मैने बेफिक्री से कहा कि कुछ नही थोड़ी चोट लग गयी थी तो उसी के निशान है ये सुनकर मम्मी मेरे पास आई और बोली ये छोटी सी चोट के निशान है बता ये कैसे हुआ क्या हुआ था तुझे मैने बात टालनी चाही पर माँ तो माँ होती है मम्मी ने भी ज़िद पकड़ ली तो बताना पड़ा कि कैसे मुझे इंजुरीस हुवी और डेढ़ महीना हॉस्पिटल मे कटा
ये सुनकर मम्मी की आँखो मे आँसू आ गये वो बोली तुझे फोज मे जाने ही नही देना चाहिए था मेरा एक बेटा है तुझे कुछ हो जाता तो हमारा क्या होता मैने कहा मम्मी फोजी की ज़िंदगी मे ऐसे लम्हे तो आते ही रहते है और फिर तुम तो बहादुर बेटे की माँ हो तुम कब से घबराने लगी तो वो बोली बेटा डर तो लगता है ना अगर तुझे कुछ हो जाता तो इस घर का होता
तेरे पास किस चीज़ की कमी है फालतू मे ही तू भरती हो गया कॉन सा तेरे पीछे वहाँ काम रुक रहा है मैने कहा मम्मी आप ज़्यादा ना सोचो छोटी मोटी चोट तो लगती ही रहती है ना आप अभी मुझे नाश्ता दो मैं शहर जा रहा हू मुझ फोन खरीदना है और छोटू और साक्षी के लिए खिलोने भी लाने है तो चाची बोली छोटू तो तीन महीने का ही है ये क्या खेलेगा
तभी मम्मी बोली कि अनिता भी कह रही थी शहर जाने को तू नाश्ता कर तब तक मैं उस से पूछ कर आती हू वो जाएगी तो फिर साथ ही निकल जाना मैने कहा जी और मैं नाश्ते को दबाने लगा मैने थाली सॉफ ही की थी कि मम्मी आ गई वो बोली कि थोड़ी देर रुक जा वो तैयार होके आ रही है तो मैं टीवी देखने लगा आधे घंटे बाद भाभी आ गयी साक्षी को लेके
तो मम्मी बोली कि अनिता साक्षी को इधर ही रहने दे बाजार मे ये परेशान करेगी इसको मैं संभाल लूँगी तो फिर मैं और भाभी चल पड़े गाँव से भर आते ही भाभी अपने मूड मे आ गयी तो मुझे भी मस्ती आने लगी मैने कहा भाभी अब मेरा रुकना मुश्किल है कुछ जुगाड़ करो मेरा तो वो बोली देवेर जी भला मैं क्या कर सकती हू आपका जुगाड़ तो अब घर वाले कर ही रहे है
मैने कहा भाभी आप मज़े मत लो और सीरियस्ली बताओ कि अब दोगि तो वो बोली ले लो चाहे अभी मैं कब मना कर रही हूँ तुम कहो तो अभी यही पे दे दूं मैं समझ गया कि भाभी आज मस्ती के मूड मे है और मेरी टाँग खीच रही है मैने कहा भाभी एक तो उधर लगी पड़ी रहती है और एक आप भी मज़े ले रही हो तो वो बोली अच्छा बाबा नाराज़ ना हो मोका लगते ही तुमको खुश कर दूँगी
ऐसे ही बात करते करते हम शहर पहुच गये मैने कहा भाभी पहले बॅंक चलते है तो वो बोली ठीक है मैं बॅंक गया और कुछ पैसे निकाल लिए फिर मैने मोबाइल और सिम खरीदा और जल्दी से उसको आक्टीवेट करने को कहा तो उसने कहा कि दो घंटे मे चालू कर देगा फिर मैने भाभी से पूछा कि उनको क्या लेना है तो वो बोली कि कुछ नयी साड़ियाँ और ज़रूरत का सामान
औरतो को तो बस मोका चाहिए शॉपिंग का भाभी ने बहुत वक़्त लगा दिया साड़ियाँ लेने मे फिर हमने बच्चों के लिए ढेर सारे खिलोने खरीदे भाभी को जूस पिलाने के बाद मैने घर के लिए कुछ मिठाई खरीदी और फिर कोई ढाई बजे हम वापिस चल पड़े मैने रास्ते मे ही भाभी को समझा दिया कि जल्दी से ही मेरा काम करना और उन्होने वादा किया
शाम होते होते सिम कार्ड भी आक्टीवेट हो गया था तो मैने मिथ्लेश को कॉल किया और कहा कि मैं गाँव आ गया हू अब तू भी आजा तो पहले तो उसने जी भर कर गलिया बाकी मुझे और कहा कि कितने दिन हो गये फोन क्यो नही मिलता था तेरा मैने उसको बताया कि कैसे फोन टूटा और सारी बात ये सुनकर मिथ्लेश बहुत ज़्यादा घबरा गयी उसने कहा तो और किसी के फोन से बता देता मैने कहा यार बस तुझे परेशान नही करना चाहता था
वो बोली बड़ा आया बाते बनाने वाला अगर तू मर वर जाता तो मेरा क्या होता मैने कहा मर जाता तो भी भूत बन कर तेरे पास ही रहता वो बोली अच्छा अब बाते ना बना और एक खुशख़बरी सुन मेरी नोकरी लग गयी है वो भी सरकारी ये सुनकर मैं तो जैसे झूम ही उठा मैने कहा यार अब तो शादी करले अब तेरे बिना जीना मुश्किल हो रहा है
तो मिता बोली कि मैं तो खुद मरी जा रही हू तेरे साथ ग्रह्स्थि बसने को पर घरवालो का सामना भी करना है मुझे पता नही कैसे कर पाउन्गी और नोकरी भी नही नही लगी है 10 दिन पहले ही अजमेर आई हू मैने कहा तू अभी अजमेर है तो वो बोली हमने यहाँ के गवरमेंट. हॉस्पिटल के जच्चा-बच्चा वॉर्ड मे जाय्न किया है मैने कहा चल फिर मैं कुछ दिन मे आता हू तुमसे मिलने
तो वो बोली हाँ तू ही आजा नयी नोकरी है तो मेरा छुट्टी लेना तो इंपॉसिबल है तेरे आने से मुझे भी अच्छा लगेगा तो मैने कहा कि यार बुआ के यहाँ शादी है उसके बाद पक्का अपनी डार्लिंग के साथ रहूँगा कुछ दिन हम पर अब मैं जल्दी से जल्दी शादी करना चाहता हू बस अब मेरी दुल्हन बन जा जल्दी से तो वो बोली तू मुझे 6-7 महीने का टाइम दे मैं देखती हू
मैने कहा यार तू अब अपने घर वालो से बात कर मानें तो ठीक नही तो कोर्ट मे शादी कर लेंगे बाद मे मना लेंगे उनको वो बोली तू चुप रह मैं कभी भी भाग कर शादी नही करूँगी तुझे पता है ना तो मैने कहा तो फिर अपने घर वालो को मना मिता बोली बोला तो है ना अब की बार घर आते ही सबसे पहले ये ही काम करूँगी फिर कुछ और बातों के बाद मैने फोन रख दिया
बात तो उर्वशी से भी करना चाहता था मैं पर उसका नंबर मिला नही दो-तीन बार ट्राइ किया पर नही मिला तो मैं हताश होकर रह गया मैं घर से निकला और बाहर घूमने चल दिया मंज़िल वोही थी अपना पुराना ठिकाना गाँव का तालाब तो जाकर उसी के किनारे उगी घास मे बैठ गया और अपने बीते दिनो को याद करने लगा मुझे पता नही क्यो निशा की याद आ रही थी
मैं वहाँ बैठा पानी मे तैरती हुवी जल्मुर्गियो को निहार रहा था तभी मुझे किसी ने पुकारा मैने पीछे मूड के देखा तो ये तो सोनू भाभी थी हम वही जो हमारे घर की निचली वाली गली मे रहती थी मैं उठ कर उनके पास गया वो बोली तुम छुट्टी कब आए तोमैने कहा भाभी एक दिन हुआ है आप यहाँ कैसे तो वो बोली कि वो तालाब किनारे की चिकनी मिट्टी लेने आई है
काफ़ी देर हो गयी उनकी परात भारी है कोई उठवाने वाला मिला नही कि तभी तुम पर नज़र गयी तुम परात उठवा दो मैने खा चलो और फिर परात को उनकी सर पर रखवा दिया मैने कहा मैं भी घर जा रहा हू साथ ही चलते है तो उन्होने कहा आ जाओ और हम बाते करते हुवे साथ साथ चलने लगे मेरी निगाह उनकी सुडोल गान्ड पर ज़्यादा जा रही थी
पिछली बार भी उनकी एक दो झलक पाकर ही रह गया था और अब तो टाइम भी था मेरे पास तो मैने सोचा चान्स ज़रूर लूँगा क्या पता जुगाड़ हो ही जाए तो मैने बतो का सिलसिला आयेज बढ़ते हुवे कहा की और भाभी क्या चल रहा है आज कल तो वो बोली क्या बतौ बस सारा दिन काम मे ही लगे रहते है कुछ फ़ुर्सत ही नही मिलती है तो मैने कहा भाभी इतना काम भी ना किया करो
तो सोनू बोली देवेर जी काम तो करना ही पड़ता है अब आपकी तरह हमारी तो ऐश है नही मैने कहा भाभी मेरी कॉन सी ऐश है तो वो बोली आप तो फोज मे अफ़सर हो आपका तो बस हुकम चलता है मैने कहा ये आपसे किसने कह दिया अफसरो की ही ज़्यादा परेड होती है सोनू बोली अब तुम शादी कर लो फिर जल्दी जल्दी घर आओगे मैने कहा भाभी घर जल्दी आने के लिए क्या शादी करने की ज़रूरत है
तो वो कहने लगी कि एक दिन आपकी मम्मी कह रही थी कि अबकी बार आते ही शादी कर दूँगी तभी सुधरेगा मैने कहा भाभी मैं अभी कहा बिगड़ रहा हू और आप जैसी कोई हसीना मिले तभी तो शादी करू मैं तो चूक गया और भाई उसके पति का नाम लेते हुए और वो आपको ले उड़ा तो सोनू शरम से गढ़ गयी और हँसते हुवे बोली कि मैं कहाँ से हसीना लगी तुम्हे
तो मैने कहा भाभी आप क्या किसी से कम हो चलती फिरती बिजली हो आप तो वो बोली अब रहने भी दो ना अब दो बच्चे हो गये है अब कहाँ पहले वाली बात रही है तो मैने दाना फैंकते हुए कहा कि भाभी कभी आईने के सामने खुद को देखना फिर बताना हमारे जैसे तो आपकी एक मुस्कान पर ही मर जाए तो वो बोली अब इतनी तारीफ भी ना करो हमारी ऐसे ही बाते करते करते हम घर की तरफ आ गये वो अपनी गली मे मूड गयी और मैं अपनी मे