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कौशल्या मामी तो गजब औरत थी गोरा रंग पतला शरीर एक नाज़ुक गुड़िया सी पर सेक्सी बहुत थी एक आग थी उनमे और मैं उस आग मे झुलसना चाहता था मैं बार बार और क्योकि मेरे जिस्म को चाह थी तो बस चूत की मेरे लिए तो हर रिस्ता ख़तम था अगर कुछ था तो भूक मेरे जिस्म की
मामी बड़े प्यार से मेरे लंड को चूस रही थी मैने उसके सर को थाम रखा था उसके बालो मे उंगलिया फसि थी मेरी और मामी अपने थूक से सन रही थी मेरे लंड को कभी कभी मैं ज़ोर से पेल मार देता तो मेरा लंड मामी के गले मे आगे को हो जाता तो मामी अपनी आँखो से गुस्सा करती
करीब 5-7 मिनिट तक उन्होने खूब चूसा मेरे लंड को फिर मामी ने अपनी टाँगो मे फसि कच्छी को उतारा
और मेरी ओर अपनी गान्ड कर के घोड़ी बन गयी मामी के बदन से बहुत ही मस्त खुसबु आ रही थी शायद उसने पर्फ्यूम लगाया था मैं थोड़ी देर उसकी चुतड़ों को देखता रहा और फिर अपनी जीभ फेरने लगा मामी की गान्ड पर मामी की गान्ड की दरार मे
और हौले से उसकी गान्ड के छेद को चूम लिया मामी ने एक आह सी भरी और अपनी गान्ड को मेरे मूह पर दबाने लगी बस एक इंच नीचे मामी की चूत गीली होकर फुफ्कार रही थी बुला रही थी मेरे लंड को कि आ और मेरे छेद को चौड़ा कर दे
आ और समा जा, धज्जिया उड़ा दे मेरी मैं बारी बारी मामी की चूत और गान्ड दोनो को चूमने लगा मामी के चूतड़ मेरी जीभ की ताल पर नाचने से लगे थे और मामी के होंठो से फुट ती वो मस्त आहे कसम से कोई भी पागल ही हो जाए
मामी की उस अदा को देख कर , खुद मेरा हद से ज़्यादा बुरा हाल था मामी का नमकीन रस मेरे होंठो पर अपना स्वाद छोड़ रहा था मामी का पतला पेट काँप रहा था बुरी तरह से उत्तेजना सर पर चढ़ चुकी थी मैने मामी की चूत पर अपने गरम लंड को लगाया
और मामी खुद अपनी गान्ड पीछे करने लगी जिस से मेरा सुपाडा मामी की रस से भरी चूत मे जाने लगा मामी की चूत खुद किसी गरम भट्टी की तरफ से तप रही थी मैने अपने लंड पर चूत की गर्मी को महसूस किया
और मेरे अगले धक्के पर मेरा आधा लंड कौशल्या मामी की चूत मे घुस गया मैने अपने दोनो हाथ मामी के सुडौल कंधो पर रखे और मामी को चोदना शुरू किया अगले कुछ मिनिट्स तक बस मामी की गरम आहो का शोर ही होता रहा
मामी की चिकनी चूत जिसे जितना चोदो कम लगे, उपर से मामी भी टूट कर चुद रही थी तो बहुत मज़ा आ रहा था मैं बार बार उसकी पीठ पर चूमता उसके चुतड़ों पर थप्पड़ मारता
“ओह हाआँ ऐसे ही असीसीईईईईईईई फाद्द्द्द्द्द्द्द्द्दद्ड दीईईईई मेरे भोस्डे कूऊऊ उफफफफफफफफफ्फ़ आऐईयईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई हूंम्म्म हूंम्म्मममम धीरीईईईईईईईईई ढरीईईईईईई ”
मामी की ये मादक आहे मुझे और उत्तेजित कर रही थी चुदती तो हर औरत है पर जब औरत अपनी लाज़-शरम छोड़ कर चुदती है तो उसे भी मज़ा आता है और चोदने वाले को भी ऐसा ही हाल मेरी प्यारी मामी का था जो मुझ पर अपनी चूत की घनघोर बरसात कर रही थी
मैं- उपर आउ क्या
मामी- ना ऐसे ही चुदुन्गि मेरा होने वाला है तो बस तोड़ दो मुझे निचोड़ दो अपनी मामी को …….
मामी बड़े प्यार से मेरे लंड को चूस रही थी मैने उसके सर को थाम रखा था उसके बालो मे उंगलिया फसि थी मेरी और मामी अपने थूक से सन रही थी मेरे लंड को कभी कभी मैं ज़ोर से पेल मार देता तो मेरा लंड मामी के गले मे आगे को हो जाता तो मामी अपनी आँखो से गुस्सा करती
करीब 5-7 मिनिट तक उन्होने खूब चूसा मेरे लंड को फिर मामी ने अपनी टाँगो मे फसि कच्छी को उतारा
और मेरी ओर अपनी गान्ड कर के घोड़ी बन गयी मामी के बदन से बहुत ही मस्त खुसबु आ रही थी शायद उसने पर्फ्यूम लगाया था मैं थोड़ी देर उसकी चुतड़ों को देखता रहा और फिर अपनी जीभ फेरने लगा मामी की गान्ड पर मामी की गान्ड की दरार मे
और हौले से उसकी गान्ड के छेद को चूम लिया मामी ने एक आह सी भरी और अपनी गान्ड को मेरे मूह पर दबाने लगी बस एक इंच नीचे मामी की चूत गीली होकर फुफ्कार रही थी बुला रही थी मेरे लंड को कि आ और मेरे छेद को चौड़ा कर दे
आ और समा जा, धज्जिया उड़ा दे मेरी मैं बारी बारी मामी की चूत और गान्ड दोनो को चूमने लगा मामी के चूतड़ मेरी जीभ की ताल पर नाचने से लगे थे और मामी के होंठो से फुट ती वो मस्त आहे कसम से कोई भी पागल ही हो जाए
मामी की उस अदा को देख कर , खुद मेरा हद से ज़्यादा बुरा हाल था मामी का नमकीन रस मेरे होंठो पर अपना स्वाद छोड़ रहा था मामी का पतला पेट काँप रहा था बुरी तरह से उत्तेजना सर पर चढ़ चुकी थी मैने मामी की चूत पर अपने गरम लंड को लगाया
और मामी खुद अपनी गान्ड पीछे करने लगी जिस से मेरा सुपाडा मामी की रस से भरी चूत मे जाने लगा मामी की चूत खुद किसी गरम भट्टी की तरफ से तप रही थी मैने अपने लंड पर चूत की गर्मी को महसूस किया
और मेरे अगले धक्के पर मेरा आधा लंड कौशल्या मामी की चूत मे घुस गया मैने अपने दोनो हाथ मामी के सुडौल कंधो पर रखे और मामी को चोदना शुरू किया अगले कुछ मिनिट्स तक बस मामी की गरम आहो का शोर ही होता रहा
मामी की चिकनी चूत जिसे जितना चोदो कम लगे, उपर से मामी भी टूट कर चुद रही थी तो बहुत मज़ा आ रहा था मैं बार बार उसकी पीठ पर चूमता उसके चुतड़ों पर थप्पड़ मारता
“ओह हाआँ ऐसे ही असीसीईईईईईईई फाद्द्द्द्द्द्द्द्द्दद्ड दीईईईई मेरे भोस्डे कूऊऊ उफफफफफफफफफ्फ़ आऐईयईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई हूंम्म्म हूंम्म्मममम धीरीईईईईईईईईई ढरीईईईईईई ”
मामी की ये मादक आहे मुझे और उत्तेजित कर रही थी चुदती तो हर औरत है पर जब औरत अपनी लाज़-शरम छोड़ कर चुदती है तो उसे भी मज़ा आता है और चोदने वाले को भी ऐसा ही हाल मेरी प्यारी मामी का था जो मुझ पर अपनी चूत की घनघोर बरसात कर रही थी
मैं- उपर आउ क्या
मामी- ना ऐसे ही चुदुन्गि मेरा होने वाला है तो बस तोड़ दो मुझे निचोड़ दो अपनी मामी को …….