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Guest
"यही राजन है.....अंजलि ने उस लड़के की तरफ इशारा किया..."
"इसने हम दोनो की वीडियो बना ली थी और मुझे तरह तरह से ब्लॅकमेन्ल करने लगा....पैसे की बात तक तो मैं बर्दाश्त करती गयी..फिर यहाँ तक...कि..कि..मुझे अपने दोस्तो के साथ.......मुहब्बत कभी थी ही नहीं इसे....."अंजलि की आवाज़ आँसुओ मे भीग गयी.
आलोक का चेहरा गुस्से से लाल हो गया...तमतमाया हुआ आगे बढ़ा और उस लड़के का गिरहबान पकड़ लिया...आलोक के घूँसे की चोट नाक पर पड़ते ही वो एकदम
लड़खड़ा कर ज़मीन पर गिर पड़ा..... आलोक अपने पैरो से उसे बुरे तरह मारने लगा...अंजलि ने जल्दी से आगे बढ़कर आलोक के आगे हाथ जोड़ दिए.
"नहीं भाई, अब नहीं...प्लीज़...इसे कॅन्सर है......बस कुछ दिन हैं....." अंजलि ने रोते हुए कहा....आलोक को एका-एक जैसे ब्रेक लग गया.
उस लड़के की नाक से ब्लड निकलने लगा था...वो चुपचाप उठकर खड़ा हुआ और अपना चेहरा सॉफ कर लिया.....आलोक दुखी मन से आकर काजल के पास खड़ा हो गया.
"आगे बोलो" आलोक ने कठोर स्वर मे कहा.
अंजलि फिर से बताने लगी........
"भाई, आप इस शहर मे थे नहीं, और शायद आपसे या पापा से कहने की मेरी हिम्मत भी नहीं होती......मुझे कुछ समझ मे नहीं आ रहा था कि क्या करूँ,...एक काजल ही बची थी जिसे मैं ये बता सकती थी ..मैं हॉस्टिल पहुचि......काजल को सारी बात बताई...अपने दुख मे दुखी मैं ये भी ना समझ पाई कि काजल खुद कितने बड़े दर्द मे थी....काश मुझे पता होता काजल...क्यू नहीं बताया तूने मुझे , बता ...क्यू..?"अंजलि ने रोते हुए काजल से पुछा.
"अंजलि , जब तुम मेरे पास आई ,उस समय मेरा मन बहुत दुखी था...मेरे पास जीने की कोई वजह ना थी...लेकिन तुम्हारी बात सुनकर एक वजह मिल गयी थी...मैने उसे समय सोच लिया था कि क्या करना है..."
" अंजलि की बात सुनकर जैसे मुझे एक मकसद मिल गया था...मैने अंजलि को ये कहकर वापस भेज दिया कि मैं उसे मिलकर समझाउन्गी . इसे यकीन दिलाना आसाना ना था लेकिन मैने समझाया कि एक कोशिस करने मे क्या बुराई है, आख़िर अंजलि मान गयी.....मैने राजन का फोन नंबर लिया...बात की फोन पर, जितना मैने सोचा था ये उस से कही ज़्यादा कमीना निकला...."काजल ने एक नफ़रत भरी निगाह कुछ दूर खड़े राजन पर डाली...
“उम्मीद तो मुझे पहले भी नहीं थी लेकिन इस से बात करके यकीन हो गया था कि यो क्या चाहता है. किसी भी कीमत पर ये समझने वाला नहीं था”
"राजन ने कयि बार मुझे देखा था अंजलि के साथ, इसने खुद मुझसे कहा...इसने मुझसे भी वी चाहा जो इसने अंजलि के साथ किया था...और बदले मे इसने मुझे वो वीडियो टेप देने का वादा किया.....मैं अच्छी तरह से समझ रही थी कि अंजलि को इस दलदल से निकालने मे मैं खुद उसी दलदल मे फँसने जा रही थी...और ये भी अच्छी तरह से जानती थी कि ये सौदा सिर्फ़ एक धोखा था..वो क्लिप ये कभी मुझे नहीं देगा...”
“मेरे पास सिर्फ़ एक ही रास्ता था..... जीने की कोई वजह नहीं थी, मैने सोच लिया था कि पहले इस कुत्ते को ख़त्म करूँगी और फिर खुद को....कम से कम अपनी दोस्त के किसी काम तो आ सकूँगी....उसकी ज़िंदगी तो बच जाएगी.... बड़ी मुश्किल से एक गन का इंतज़ाम किया और इसके बताए जगह पर पहुचि......"काजल आलोक का हाथ अपने हाथो मे लिए बोलती जा रही थी.
"मुझे नहीं पता था कि मेरे अंदर इतनी हिम्मत कहाँ से आ गयी थी..........शायद जीने की ख्वाहिश ख़त्म हुई तो मरने का डर भी ख़त्म हो गया था........मैं वहाँ पहुचि........इसके साथ दो लोग और भी थे उस कमरे मे....और अब मुझे लगने लगा था कि जो मैं सोच कर आई हूँ वो कितना मुश्किल है......"
" इस से पहले ये मेरे साथ कुछ करता मैने वो क्लिप दिखाने को बोला , जो इसने मुझे देने को कहा था..., क्लिप इसने दिखाई मुझे............अब मुझे किसी भी तरह से वो क्लिप इस से लेकर उसे डेस्ट्राय करना था......मैं ये भी समझ रही थी कि अब मेरे साथ क्या होने वाला है...मैने बिना कोई देर किया इस पर गन तान दी.....और इससे वो क्लिप माँगने लगी...."