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नमिता भी प्यार से मुस्कुराती हुई बोली: आऽऽह बदमाश , अपना लौड़ा डाल अपनी माँ की बुर में । आह्ह्ह्ह्ह
राज ने शॉट लगाया और नमिता हाय्य्य्य्य्य्य धीरेएएएएएए से बेटाआऽऽऽऽऽ। तेरा बहुत बड़ा है।
राज: आऽऽह माँ आपकी बुर कितनी टाइट है, आऽऽहहह मज़ा आ गया।
राज ने फिर से धक्का लगाया और इस बार पूरा लौड़ा उसने जड़ तक अंदर कर दिया।
नमिता की सिसकारियाँ गूँजने लगी।
राज: आऽऽहहह माँ बहुत मज़ा आ रहा है आपको चोदने में आऽऽह क्या मक्खन सी बुर है आऽऽहहह।
अब राज उसके ऊपर आकर उसकी चूचियाँ पीते हुए धक्के मारने लगा। नमिता भी गरम होकर नीचे से अपनी कमर उछाल कर चुदवाने लगी।
नमिता: आऽऽऽह बेटा तू बहुत अच्छा चोद रहाआऽऽऽऽ है। हाय्य्य्य्य मेरी प्यास ऐसे ही बुझाते रहना आऽऽऽऽऽहहह।
राज के पोवेरफ़ुल धक्कों से नमिता बहुत मस्ती से भर गयी और उसकी बुर से फ़च फ़च की आवाज़ आने लगी। पलंग भी चूँ चूँ कर उठा। अचानक नमिता को लगा कि वह अब और नहीं रुक सकती तो वह राज के चूतरों को अपनी तरफ़ दबाने लगी जैसे उसके आँड भी अंदर घुसा लेगी। वह चिल्लायी: आऽऽऽऽहहह चोद हाऽऽऽऽयहय फाड़ दे मेरीइइइइइइइइइ बुर । मरीइइइइइइइइइइ मैं तो ह्म्म्म्म्म्म्म्म्म उइइइइइइइइ मैं गयीइइइइइइइइइइइइइ बेटाआऽऽऽऽऽऽऽऽऽ।
राज भी उसकी आवाज़ों से गरम हो गया और ज़ोर ज़ोर से धक्के लगाकर झड़ने लगा। उसने अपना वीर्य उस बुर के अंदर छोड़ा जहाँ से वह जन्म लिया था।
फिर वह हाँफते हुए उसकी बग़ल में लेट गया।
अब नमिता भी उसकी तरफ़ करवट लेकर उससे चिपक गयी ।
राज उसकी कमर सहला रहा था और उसकी चूचि चूस रहा था। नमिता ने भी हाथ नीचे लेज़ाकर उसके लौड़े को सहलाया और देखा कि वह अभी भी आधा खड़ा ही है। उसके हाथ में दोनों का कामरस लगा जिसे वह अपने मुँह में लेकर चाट ली। राज अपनी माँ की इस हरकत से मस्ती से भर गया। अब वह नमिता के बड़े चूतरों को दबाने लगा। फिर उसकी उँगलियाँ उसके गाँड़ के छेद से खिलवाड़ करने लगी। वह बोला: माँ आपकी गाँड़ भी मारनी है। आह्ह्ह्ह्ह कितनी मखमली है । ये कहते हुए उसने एक ऊँगली डाल दी उसकी गाँड़ में।
नमिता: आह मार लेना अब तो मैं पूरी तेरी हूँ ना। जो करना है मेरे साथ कर ले।रात को सोते समय आख़री चुदाई गाँड़ मारकर ही करना। तेरा बहुत मोटा है ना इसलिए दुखेगा और एक बार सो जाऊँगी तो सुबह तक ठीक हो जाएगा ।
नमिता की चूचि पीते हुआ उसका फिर से खड़ा हो गया और वह बोला: माँ मेरा तो फिर खड़ा हो गया है।
नमिता उसका लौड़ा पकड़ कर बोली: तेरी उम्र में खड़ा ज़्यादा रहता है नरम कम ही रहता है।
राज: माँ एक बार और चोदने का मन कर रहा है, प्लीज़।
नमिता: चल ठीक है लेट अब मैं चढ़ती हूँ तेरे ऊपर।
ये कहते हुए वह राज के ऊपर आ गयी और उसके लौड़े को हाथ में लेकर सहलायी और फिर उसके सुपाडे पर थूक गिरायी और उसको वहाँ मली और फिर अपनी कमर उठाकर उसके मूसल को अपनी बुर के छेद में रखी और नीचे होने लगी जिससे उसका लौड़ा उसकी बुर के अंदर घुसता चला गया। जब वह पूरा घुस गया तब वह अपनी कमर हिलाकर उसकी पूरी लम्बाई और मोटायी का अहसास अपने बुर में करने लगी।
राज भी उसकी झूलती हुई चूचियों को दबाकर मस्ती से भर गया।
अब नमिता उसके लौड़े पर ऊपर नीचे होकर चुदायी का भरपूर मज़ा ले रही थी।
राज: आऽऽऽहहह माँ क्या चोद रही हो? आह्ह्ह्ह्ह्ह मज़ाआऽऽऽऽऽऽ आऽऽऽऽऽऽ रहाआऽऽऽऽ है। मस्त बुर है आपकी, क्या पकड़ लिया है उसने मेरे लौड़े को । आऽऽऽहहहह क्या टाइट बुर है। ह्म्म्म्म्म्म कहकर वह भी नीचे कमर उछालने लगा।
अब नमिता आगे को झुक कर अपनी एक चूचि उसके मुँह में दे दी और ज़ोर ज़ोर से चूतरों को उठाकर उसकी जाँघ में पटकने लगी। राज का मस्ताना लौड़ा बुर के अंदर आग सी लगा रहा था और वह भी हाय्य्य्य्य्य्य्य किए ला रही थी।
तभी राज बोला: माँ मैं ऊपर आता हूँ और वह नमिता को लिपटाये हुए ही पलट गया और ऊपर आ कर धुआँधार चुदायी चालू किया। नमिता भी नीचे से चूतरों को उचका कर उसका पूरा साथ देने लगी। नमिता ने अपनी दोनों टाँगे राज के कंधों पर रख दी और वह बैठकर उसकी बुर फाड़ने लगा।
अब फिर से पलंग हिलने लगा और दोनों की चीख़ें और मस्ती भरी आवाज़ें कमरे में गूँजने लगी। थोड़ी देर बाद आह्ह्ह्ह्ह्ह हाय्य्य्य्य्य करके दोनों झड़ गए।
अब नमिता बिलकुल ही थक गयी थी और बोली: मुझे बाथरूम जाना है पर मैं उठ भी नहीं पा रही हूँ।
राज ने उसको गोदी में उठाया और उसको बाथरूम में ले गया और कामोड पर बिठा दिया और नमिता सी सी की आवाज़ के साथ मूतने लगी। राज बोला: माँ थोड़ी सी खड़ी हो ना आपकी सुसु देखना चाहता हूँ।
नमिता बोली: चल हट। इसने क्या देखना है?
राज : माँ थोड़ा सा खड़ी हो ना, प्लीज़।
नमिता आधी खड़ी हुई जिससे उसे बुर से निकलती हुई धार दिख जाए। राज ने अपना हाथ उस धार पर रख दिया और गरम मूत के अहसास से भर गया और उसने उसकी बुर को उसकी मूत से रगड़ दिया। अब नमिता उठी और वह उसके सामने मूतने लगा और नमिता का हाथ पकड़कर अपने लौड़े पर रख दिया। नमिता उसको सूसू कराने लगी।
वह बोली: बेटा जब तू छोटा था तो ऐसे ही तुझे सूसू कराती थी। अब फ़र्क़ ये हो गया है कि तेरा ये नूनी से लौड़ा बन गया है। फिर वह उसके लौड़े को हिलाकर उसकी आख़िरी बूँद भी गिरायी और उसके लौड़े को पकड़कर वह हैंड शॉवर से उसके लौड़े और बॉल्ज़ के आसपास की जगह को अच्छे से साफ़ की ।
अब राज ने भी नमिता की बुर और गाँड़ साफ़ की और नमिता राज के साथ शॉवर लेकर तौलिए से राज का बदन पोंछी और राज भी नमिता का बदन पोछा । नमिता ने आलमारी से सुधाकर की बीवी का एक गाउन निकाला और पहन ली। यह एक ऐसा गाउन था जिसमें बस दो रस्सियाँ थीं सामने से बाँधने की। राज भी अपना लोअर पहना।
अब दोनों सोफ़े पर बैठे और नमिता फ़्रीज़ से कुछ खाने का समान निकाली और कोल्ड ड्रिंक भी निकाली और दोनों बातें करते हुए खाने लगे।
राज उसके गाउन से दिख रही नंगी जाँघ सहलाते हुए बोला: माँ
आज आपको चोद कर बहुत मज़ा आया। आपको कैसा लगा?
नमिता: उसके गाल चूमते हुए बोली: बेटा मैं भी बहुत मज़ा ली। तू तो चुदायी का एक्स्पर्ट हो गया है।
राज: माँ आप मुझसे हमेशा ऐसे ही चुदवाओगी ना?
नमिता: हाँ बेटा मेरा और है ही कौन तेरे सिवा?
राज: माँ एक बात पूँछुँ आप ग़ुस्सा नहीं होना?
नमिता: हाँ हाँ पूछ ले।
राज: माँ आप पहले भी इस फ़ार्म हाउस में आ चुकी हो ना?
नमिता: हाँ आ चुकी हूँ।
राज: माँ आप कल सुधाकर अंकल के साथ यहाँ आयीं थीं ना?
नमिता: तुझे कैसे पता?
राज: माँ वो आपको चाबी जो दिए हैं, इसीलिए बोला।
नमिता: हाँ कल आयी थी।
राज: माँ क्या आपको वह कल चोदे थे?
नमिता एक मिनट की चुप्पी के बाद आह भरी और बोली: हाँ चोदे थे।
राज उसका हाथ अपने हाथ मेंलेकर उसको सहलाते हुए बोला: माँ आपको अंकल अच्छे लगते हैं?
नमिता: हाँ लगते हैं। वो तो अब भी मुझसे शादी करने को तय्यार हैं। पर मैं नहीं मानती कि तुझपर और मनीष और उसकी बहन पर क्या बीतेगी?
राज: माँ मुझे कोई ऐतराज़ नहीं है अगर आप उनसे शादी करो तो, पर मेरी ये खुराक मुझे मिलती रहनी चाहिए। उसने नमिता की बुर को गाउन के अंदर हाथ डालकर दबाते हुए कहा।
नमिता: हाँ ये भी एक समस्या है किशादी के बाद तू मेरे साथ कैसे ये सब कर पाएगा?
राज: चलो माँ इसका भी हाल ढूँढ ही लेंगे। माँ वैसे खाने में क्या है? नमिता: बहुत कुछ बनाकर गया है कुक । थोड़ी देर में खाएँगे।
राज: माँ आपको अपना वादा याद है ना?
नमिता: कौन सा वादा ?
राज: आपने कहा था कि सोने से पहले आप गाँड़ मरवाओगी?
नमिता: हाँ हाँ याद है बाबा। चल अभी TV देखते हैं, राज नमिता की गोद में लेटकर TV देखने लगा और उसके हाथ गाउन के अंदर जाकर नमिता का भूगोल नापने लगे। नमिता भी लोअर के अंदर हाथ डालकर उसके लौड़े से खेलने लगी।
कोई देखता तो सोचता कि दो प्रेमी लेटे हुए प्रेम क्रीड़ा कर रहे है। कोई सोच भी नहीं सकता था कि ये माँ बेटा हैं।
खाना खाने के बाद राज और नमिता उन्हीं कपड़ों में पूल के आसपास लगे बग़ीचे में एक दूसरे को पकड़े हुए घूमते रहे। राज के हाथ बार बार नमिता के गाउन के अंदर और बाहर घूम रहे थे और उसके उभारों और गहराइयों को दबा रहे थे। नमिता भी उसे बीच बीच में चूम लेती थी। और उसके लोअर के ऊपर से उसके लौड़े को भी दबा देती थी।
राज: माँ एक बात पूँछुँ? सुधाकर अंकल से आप कब से चुदवा रही हो?
नमिता: तेरे पापा के इंतक़ाल के ५/६ महीने बाद से ही।
राज: माँ क्या वह बहुत अछ्चि चुदायी करते है ?
नमिता: बेटा औरत जब किसी को पसंद करती है तो उसे उसके साथ सेक्स करने में मज़ा आता है, चाहे वह बहुत बड़ा चुदक्कड ना भी हो।
राज समझ गया कि माँ बात को गोल कर गयी है, उसने भी आगे दबाव नहीं डाला।
वह फिर बोला: माँ आप तो मनीष से भी चुदवायी हो ना?
नमिता हैरान होकर: ये क्या हो रहा है? तुम मुझे ऐसे सवाल क्यों पूछ रहे हो?
राज: माँ मुझे पता है कि आपने मनीष से भी कई बार चुदावाया है, और मुझे इस सबसे कोई परेशानी नहीं है। पर आप बोल रही थी कि आप अंकल से शादी करने की सोच रही हो तो बताओ आपके दोनों बेटे यानी मैं और नया बेटा मनीष के साथ आपके सम्बंध कैसे होंगे?
नमिता को लगा कि राज का लौड़ा ज़रा ज़्यादा ही तन गया था। वह अभी भी लोअर के ऊपर से ही उसे सहला रही थी।
नमिता: तुम ठीक कह रहे हो, ये भी एक कारण था जिसकी वजह से मैंने सुधाकर को मना किया।
राज: माँ ,मगर मेरी राय यह है कि अगर आप अंकल से शादी कर लेती हो तो हमारी ज़िंदगी ज़्यादा रोमांचक हो जाएगी।
राज ने शॉट लगाया और नमिता हाय्य्य्य्य्य्य धीरेएएएएएए से बेटाआऽऽऽऽऽ। तेरा बहुत बड़ा है।
राज: आऽऽह माँ आपकी बुर कितनी टाइट है, आऽऽहहह मज़ा आ गया।
राज ने फिर से धक्का लगाया और इस बार पूरा लौड़ा उसने जड़ तक अंदर कर दिया।
नमिता की सिसकारियाँ गूँजने लगी।
राज: आऽऽहहह माँ बहुत मज़ा आ रहा है आपको चोदने में आऽऽह क्या मक्खन सी बुर है आऽऽहहह।
अब राज उसके ऊपर आकर उसकी चूचियाँ पीते हुए धक्के मारने लगा। नमिता भी गरम होकर नीचे से अपनी कमर उछाल कर चुदवाने लगी।
नमिता: आऽऽऽह बेटा तू बहुत अच्छा चोद रहाआऽऽऽऽ है। हाय्य्य्य्य मेरी प्यास ऐसे ही बुझाते रहना आऽऽऽऽऽहहह।
राज के पोवेरफ़ुल धक्कों से नमिता बहुत मस्ती से भर गयी और उसकी बुर से फ़च फ़च की आवाज़ आने लगी। पलंग भी चूँ चूँ कर उठा। अचानक नमिता को लगा कि वह अब और नहीं रुक सकती तो वह राज के चूतरों को अपनी तरफ़ दबाने लगी जैसे उसके आँड भी अंदर घुसा लेगी। वह चिल्लायी: आऽऽऽऽहहह चोद हाऽऽऽऽयहय फाड़ दे मेरीइइइइइइइइइ बुर । मरीइइइइइइइइइइ मैं तो ह्म्म्म्म्म्म्म्म्म उइइइइइइइइ मैं गयीइइइइइइइइइइइइइ बेटाआऽऽऽऽऽऽऽऽऽ।
राज भी उसकी आवाज़ों से गरम हो गया और ज़ोर ज़ोर से धक्के लगाकर झड़ने लगा। उसने अपना वीर्य उस बुर के अंदर छोड़ा जहाँ से वह जन्म लिया था।
फिर वह हाँफते हुए उसकी बग़ल में लेट गया।
अब नमिता भी उसकी तरफ़ करवट लेकर उससे चिपक गयी ।
राज उसकी कमर सहला रहा था और उसकी चूचि चूस रहा था। नमिता ने भी हाथ नीचे लेज़ाकर उसके लौड़े को सहलाया और देखा कि वह अभी भी आधा खड़ा ही है। उसके हाथ में दोनों का कामरस लगा जिसे वह अपने मुँह में लेकर चाट ली। राज अपनी माँ की इस हरकत से मस्ती से भर गया। अब वह नमिता के बड़े चूतरों को दबाने लगा। फिर उसकी उँगलियाँ उसके गाँड़ के छेद से खिलवाड़ करने लगी। वह बोला: माँ आपकी गाँड़ भी मारनी है। आह्ह्ह्ह्ह कितनी मखमली है । ये कहते हुए उसने एक ऊँगली डाल दी उसकी गाँड़ में।
नमिता: आह मार लेना अब तो मैं पूरी तेरी हूँ ना। जो करना है मेरे साथ कर ले।रात को सोते समय आख़री चुदाई गाँड़ मारकर ही करना। तेरा बहुत मोटा है ना इसलिए दुखेगा और एक बार सो जाऊँगी तो सुबह तक ठीक हो जाएगा ।
नमिता की चूचि पीते हुआ उसका फिर से खड़ा हो गया और वह बोला: माँ मेरा तो फिर खड़ा हो गया है।
नमिता उसका लौड़ा पकड़ कर बोली: तेरी उम्र में खड़ा ज़्यादा रहता है नरम कम ही रहता है।
राज: माँ एक बार और चोदने का मन कर रहा है, प्लीज़।
नमिता: चल ठीक है लेट अब मैं चढ़ती हूँ तेरे ऊपर।
ये कहते हुए वह राज के ऊपर आ गयी और उसके लौड़े को हाथ में लेकर सहलायी और फिर उसके सुपाडे पर थूक गिरायी और उसको वहाँ मली और फिर अपनी कमर उठाकर उसके मूसल को अपनी बुर के छेद में रखी और नीचे होने लगी जिससे उसका लौड़ा उसकी बुर के अंदर घुसता चला गया। जब वह पूरा घुस गया तब वह अपनी कमर हिलाकर उसकी पूरी लम्बाई और मोटायी का अहसास अपने बुर में करने लगी।
राज भी उसकी झूलती हुई चूचियों को दबाकर मस्ती से भर गया।
अब नमिता उसके लौड़े पर ऊपर नीचे होकर चुदायी का भरपूर मज़ा ले रही थी।
राज: आऽऽऽहहह माँ क्या चोद रही हो? आह्ह्ह्ह्ह्ह मज़ाआऽऽऽऽऽऽ आऽऽऽऽऽऽ रहाआऽऽऽऽ है। मस्त बुर है आपकी, क्या पकड़ लिया है उसने मेरे लौड़े को । आऽऽऽहहहह क्या टाइट बुर है। ह्म्म्म्म्म्म कहकर वह भी नीचे कमर उछालने लगा।
अब नमिता आगे को झुक कर अपनी एक चूचि उसके मुँह में दे दी और ज़ोर ज़ोर से चूतरों को उठाकर उसकी जाँघ में पटकने लगी। राज का मस्ताना लौड़ा बुर के अंदर आग सी लगा रहा था और वह भी हाय्य्य्य्य्य्य्य किए ला रही थी।
तभी राज बोला: माँ मैं ऊपर आता हूँ और वह नमिता को लिपटाये हुए ही पलट गया और ऊपर आ कर धुआँधार चुदायी चालू किया। नमिता भी नीचे से चूतरों को उचका कर उसका पूरा साथ देने लगी। नमिता ने अपनी दोनों टाँगे राज के कंधों पर रख दी और वह बैठकर उसकी बुर फाड़ने लगा।
अब फिर से पलंग हिलने लगा और दोनों की चीख़ें और मस्ती भरी आवाज़ें कमरे में गूँजने लगी। थोड़ी देर बाद आह्ह्ह्ह्ह्ह हाय्य्य्य्य्य करके दोनों झड़ गए।
अब नमिता बिलकुल ही थक गयी थी और बोली: मुझे बाथरूम जाना है पर मैं उठ भी नहीं पा रही हूँ।
राज ने उसको गोदी में उठाया और उसको बाथरूम में ले गया और कामोड पर बिठा दिया और नमिता सी सी की आवाज़ के साथ मूतने लगी। राज बोला: माँ थोड़ी सी खड़ी हो ना आपकी सुसु देखना चाहता हूँ।
नमिता बोली: चल हट। इसने क्या देखना है?
राज : माँ थोड़ा सा खड़ी हो ना, प्लीज़।
नमिता आधी खड़ी हुई जिससे उसे बुर से निकलती हुई धार दिख जाए। राज ने अपना हाथ उस धार पर रख दिया और गरम मूत के अहसास से भर गया और उसने उसकी बुर को उसकी मूत से रगड़ दिया। अब नमिता उठी और वह उसके सामने मूतने लगा और नमिता का हाथ पकड़कर अपने लौड़े पर रख दिया। नमिता उसको सूसू कराने लगी।
वह बोली: बेटा जब तू छोटा था तो ऐसे ही तुझे सूसू कराती थी। अब फ़र्क़ ये हो गया है कि तेरा ये नूनी से लौड़ा बन गया है। फिर वह उसके लौड़े को हिलाकर उसकी आख़िरी बूँद भी गिरायी और उसके लौड़े को पकड़कर वह हैंड शॉवर से उसके लौड़े और बॉल्ज़ के आसपास की जगह को अच्छे से साफ़ की ।
अब राज ने भी नमिता की बुर और गाँड़ साफ़ की और नमिता राज के साथ शॉवर लेकर तौलिए से राज का बदन पोंछी और राज भी नमिता का बदन पोछा । नमिता ने आलमारी से सुधाकर की बीवी का एक गाउन निकाला और पहन ली। यह एक ऐसा गाउन था जिसमें बस दो रस्सियाँ थीं सामने से बाँधने की। राज भी अपना लोअर पहना।
अब दोनों सोफ़े पर बैठे और नमिता फ़्रीज़ से कुछ खाने का समान निकाली और कोल्ड ड्रिंक भी निकाली और दोनों बातें करते हुए खाने लगे।
राज उसके गाउन से दिख रही नंगी जाँघ सहलाते हुए बोला: माँ
आज आपको चोद कर बहुत मज़ा आया। आपको कैसा लगा?
नमिता: उसके गाल चूमते हुए बोली: बेटा मैं भी बहुत मज़ा ली। तू तो चुदायी का एक्स्पर्ट हो गया है।
राज: माँ आप मुझसे हमेशा ऐसे ही चुदवाओगी ना?
नमिता: हाँ बेटा मेरा और है ही कौन तेरे सिवा?
राज: माँ एक बात पूँछुँ आप ग़ुस्सा नहीं होना?
नमिता: हाँ हाँ पूछ ले।
राज: माँ आप पहले भी इस फ़ार्म हाउस में आ चुकी हो ना?
नमिता: हाँ आ चुकी हूँ।
राज: माँ आप कल सुधाकर अंकल के साथ यहाँ आयीं थीं ना?
नमिता: तुझे कैसे पता?
राज: माँ वो आपको चाबी जो दिए हैं, इसीलिए बोला।
नमिता: हाँ कल आयी थी।
राज: माँ क्या आपको वह कल चोदे थे?
नमिता एक मिनट की चुप्पी के बाद आह भरी और बोली: हाँ चोदे थे।
राज उसका हाथ अपने हाथ मेंलेकर उसको सहलाते हुए बोला: माँ आपको अंकल अच्छे लगते हैं?
नमिता: हाँ लगते हैं। वो तो अब भी मुझसे शादी करने को तय्यार हैं। पर मैं नहीं मानती कि तुझपर और मनीष और उसकी बहन पर क्या बीतेगी?
राज: माँ मुझे कोई ऐतराज़ नहीं है अगर आप उनसे शादी करो तो, पर मेरी ये खुराक मुझे मिलती रहनी चाहिए। उसने नमिता की बुर को गाउन के अंदर हाथ डालकर दबाते हुए कहा।
नमिता: हाँ ये भी एक समस्या है किशादी के बाद तू मेरे साथ कैसे ये सब कर पाएगा?
राज: चलो माँ इसका भी हाल ढूँढ ही लेंगे। माँ वैसे खाने में क्या है? नमिता: बहुत कुछ बनाकर गया है कुक । थोड़ी देर में खाएँगे।
राज: माँ आपको अपना वादा याद है ना?
नमिता: कौन सा वादा ?
राज: आपने कहा था कि सोने से पहले आप गाँड़ मरवाओगी?
नमिता: हाँ हाँ याद है बाबा। चल अभी TV देखते हैं, राज नमिता की गोद में लेटकर TV देखने लगा और उसके हाथ गाउन के अंदर जाकर नमिता का भूगोल नापने लगे। नमिता भी लोअर के अंदर हाथ डालकर उसके लौड़े से खेलने लगी।
कोई देखता तो सोचता कि दो प्रेमी लेटे हुए प्रेम क्रीड़ा कर रहे है। कोई सोच भी नहीं सकता था कि ये माँ बेटा हैं।
खाना खाने के बाद राज और नमिता उन्हीं कपड़ों में पूल के आसपास लगे बग़ीचे में एक दूसरे को पकड़े हुए घूमते रहे। राज के हाथ बार बार नमिता के गाउन के अंदर और बाहर घूम रहे थे और उसके उभारों और गहराइयों को दबा रहे थे। नमिता भी उसे बीच बीच में चूम लेती थी। और उसके लोअर के ऊपर से उसके लौड़े को भी दबा देती थी।
राज: माँ एक बात पूँछुँ? सुधाकर अंकल से आप कब से चुदवा रही हो?
नमिता: तेरे पापा के इंतक़ाल के ५/६ महीने बाद से ही।
राज: माँ क्या वह बहुत अछ्चि चुदायी करते है ?
नमिता: बेटा औरत जब किसी को पसंद करती है तो उसे उसके साथ सेक्स करने में मज़ा आता है, चाहे वह बहुत बड़ा चुदक्कड ना भी हो।
राज समझ गया कि माँ बात को गोल कर गयी है, उसने भी आगे दबाव नहीं डाला।
वह फिर बोला: माँ आप तो मनीष से भी चुदवायी हो ना?
नमिता हैरान होकर: ये क्या हो रहा है? तुम मुझे ऐसे सवाल क्यों पूछ रहे हो?
राज: माँ मुझे पता है कि आपने मनीष से भी कई बार चुदावाया है, और मुझे इस सबसे कोई परेशानी नहीं है। पर आप बोल रही थी कि आप अंकल से शादी करने की सोच रही हो तो बताओ आपके दोनों बेटे यानी मैं और नया बेटा मनीष के साथ आपके सम्बंध कैसे होंगे?
नमिता को लगा कि राज का लौड़ा ज़रा ज़्यादा ही तन गया था। वह अभी भी लोअर के ऊपर से ही उसे सहला रही थी।
नमिता: तुम ठीक कह रहे हो, ये भी एक कारण था जिसकी वजह से मैंने सुधाकर को मना किया।
राज: माँ ,मगर मेरी राय यह है कि अगर आप अंकल से शादी कर लेती हो तो हमारी ज़िंदगी ज़्यादा रोमांचक हो जाएगी।