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Guest
दोस्तों आज मनीषा के घर की तरफ चलते हैं याद है न आपको मनिषा, उसकी बेटी शीला और पिंकी उसका बेटा नरेश, पति महादेव रमेश और आखरी प्राणी उसके पति का बॉस मनीषा का यार शीला और पिंकी का असल पिता सुरज।
मानिषा के घर पुहंचते ही दूसरी रात को उसका यार सूरज उससे मिलने आ गया था । मनीषा के पति को उसने फिर से किसी प्रोजेक्ट के सिलसिले में बाहर भेज दिया था।
"मानिषा डार्लिंग अब तो मेरी दोनों बेटियाँ बुहत बड़ी हो गई हैं कब दिलवा रही मुझे उनकी कमसीन वर्जिन चूत" सूरज ने मनीषा को बुहत ज़ोर से चोदते हुए कहा।
"आह्ह्ह्ह डार्लिंग तुम्हारी बड़ी बेटी की सील तो किसी ने पहले ही तोड़ी है" मनीषा ने भी अपने चूतडों को उछालकर अपने यार से चुद्वाते हुए कहा।
"क्या कहा तूने किस साले ने मेरी बेटी की सील तोड़ी?" सूरज ने मनीषा की बात सुनकर हैंरान होते हुए कहा।
"डालिंग कोई और नहीं उसके भाई नरेश ने ही शीला की जवानी लूटी है" मनीषा ने सूरज को देखते हुए कहा।
"साला बहनचोद कोई और नहीं मिली उस कुते को चोदने के लिये" सूरज ने नरेश को गाली देते हुए कहा।
"साली तेरी चूत भी कुछ खुली खुली लग रही है । किस किससे चुदवाकर आई हो" सूरज ने मनीषा की चूत में तेज़ धक्के मारते हुए कहा।
"तुमने ही तो मुझे नए लन्डों से चुदवाने की कला सिखाई थी तो मैंने भी बस अपने पिता और बेटे से चुदवा लिया" मनीषा ने सूरज को बताते हुए कहा।
"साली तुम तो बड़ी रंडी निकली अपने पिता और बेटे से चुदवा लिया" सूरज ने गुस्से और उत्तेजना के मारे मनीषा को तेज़ी के साथ चोदते हुए कहा।
"हाँ और अपने भैया से भी और भतीजे से भी चुदवा लेती अगर एक दो दिन और मिल जाता" मनीषा ने जानबूझकर सूरज को जोश दिलाते हुए कहा।
"साली कुतिया तेरी चूत है या कोई रंडी की चूत।जिसमें हर किसी ने इसमें डुबकी लगा ली" सूरज ने पागलोँ की तरह मनिषा की चूत को बुहत तेज़ी के साथ चोदते हुए कहा।
"आह्ह्ह्ह ऐसे ही मैं झरने वाली हू" मनीषा ने ज़ोर से सिसकते हुए कहा और अपनी टांगों को सूरज की कमर में डाल दिया।
"ले साली कुतिया मैं भी झरने वाला हू" सूरज ने मनीषा के ऊपर झुककर उसे तेज़ी के साथ चोदते हुए कहा।
"उई इसशहहह आह्ह" मनीषा सूरज के भयानक चुदाई से चिल्लाते हुए झरने लगी उसने झरते हुए अपनी आँखों को बंद कर दिया और अपने नाखुनो को सूरज के पीठ में गडा दिया।
मानिषा के घर पुहंचते ही दूसरी रात को उसका यार सूरज उससे मिलने आ गया था । मनीषा के पति को उसने फिर से किसी प्रोजेक्ट के सिलसिले में बाहर भेज दिया था।
"मानिषा डार्लिंग अब तो मेरी दोनों बेटियाँ बुहत बड़ी हो गई हैं कब दिलवा रही मुझे उनकी कमसीन वर्जिन चूत" सूरज ने मनीषा को बुहत ज़ोर से चोदते हुए कहा।
"आह्ह्ह्ह डार्लिंग तुम्हारी बड़ी बेटी की सील तो किसी ने पहले ही तोड़ी है" मनीषा ने भी अपने चूतडों को उछालकर अपने यार से चुद्वाते हुए कहा।
"क्या कहा तूने किस साले ने मेरी बेटी की सील तोड़ी?" सूरज ने मनीषा की बात सुनकर हैंरान होते हुए कहा।
"डालिंग कोई और नहीं उसके भाई नरेश ने ही शीला की जवानी लूटी है" मनीषा ने सूरज को देखते हुए कहा।
"साला बहनचोद कोई और नहीं मिली उस कुते को चोदने के लिये" सूरज ने नरेश को गाली देते हुए कहा।
"साली तेरी चूत भी कुछ खुली खुली लग रही है । किस किससे चुदवाकर आई हो" सूरज ने मनीषा की चूत में तेज़ धक्के मारते हुए कहा।
"तुमने ही तो मुझे नए लन्डों से चुदवाने की कला सिखाई थी तो मैंने भी बस अपने पिता और बेटे से चुदवा लिया" मनीषा ने सूरज को बताते हुए कहा।
"साली तुम तो बड़ी रंडी निकली अपने पिता और बेटे से चुदवा लिया" सूरज ने गुस्से और उत्तेजना के मारे मनीषा को तेज़ी के साथ चोदते हुए कहा।
"हाँ और अपने भैया से भी और भतीजे से भी चुदवा लेती अगर एक दो दिन और मिल जाता" मनीषा ने जानबूझकर सूरज को जोश दिलाते हुए कहा।
"साली कुतिया तेरी चूत है या कोई रंडी की चूत।जिसमें हर किसी ने इसमें डुबकी लगा ली" सूरज ने पागलोँ की तरह मनिषा की चूत को बुहत तेज़ी के साथ चोदते हुए कहा।
"आह्ह्ह्ह ऐसे ही मैं झरने वाली हू" मनीषा ने ज़ोर से सिसकते हुए कहा और अपनी टांगों को सूरज की कमर में डाल दिया।
"ले साली कुतिया मैं भी झरने वाला हू" सूरज ने मनीषा के ऊपर झुककर उसे तेज़ी के साथ चोदते हुए कहा।
"उई इसशहहह आह्ह" मनीषा सूरज के भयानक चुदाई से चिल्लाते हुए झरने लगी उसने झरते हुए अपनी आँखों को बंद कर दिया और अपने नाखुनो को सूरज के पीठ में गडा दिया।