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महेश ने पूरी तरह से नीलम को अपने बस में कर लिया तब उसने नीलम को कुतिया बना के पेलना शुरू कर दिया।जब महेश की नज़र नीलम की गांड के भूरे छेद पर पड़ी तो उसका लंड अपनी बहु की संकरी गांड के छेद में घूसने को मचलने लगा।
वैसे भी महेश सोच चूका था की अपनी बहु नीलम की
गांड की सील खोल देगा या उसे प्रेग्नेंट कर देगा ताकि आगे बच्चा होने तक अपनी बहु से एक दिन की भी जुदाई न हो।
अब महेश ने अपनी ऊँगली में थूक लगाकर अपनी बहु के गांड में अपनी एक ऊँगली पेलने लगा।साथ में अपना लंड भी अपनी बहु की चूत में घचाघच पेल रहा था।बहु भी पूरी मस्ती में अपनी गांड पीछे धकेल रही थी।अब धीरे धीरे महेश नीलम की गांड में दो ऊँगली आराम से पेल रहा था।
नीलम -क्या कर रहे हो पिताजी।
महेश ने अपना लंड बहु की गांड के छेद से अड़ा दिया।
“धत्त, वहाँ मैंने कभी नहीं करवाया.”
“तो आज करवा के देखो. वहाँ भी बहुत मज़ा आता है बिल्कुल चूत की तरह!”
“नहीं बाबा वहाँ नहीं. बहुत मोटा है आपका, मैं वहाँ नहीं सह पाऊँगी.”
“अरे एक बार ट्राई तो कर लो बेटी, मज़ा नहीं आये तो मत करने देना.”
“अच्छा, एक बार घुसाने के बाद आप क्या मान जाओगे?”
“सच में नीलम बेटी, बहुत दिनों से मन में था तेरी गांड मारने का. आज मत रोक मुझे!”
“पर पिता जी मुझे बहुत बहुत डर लग रहा है वहाँ नहीं. आप चूत में जितना चाहो कर लो !”
“कुछ नहीं होता बेटी, वहाँ और ज्यादा मज़ा आता है और अपना माल तुम्हारी चूत में ही डालूंगा प्लीज बहु”
“अच्छा करो धीरे से, लेकिन दर्द होगा तो निकाल लेना जल्दी से अगर मैं कहूँ तो!”
“ठीक है बेटी तू चिंता मत कर अब.”
महेश ने पास रखे तेल से लंड को अच्छे से चुपड़ लिया और बहू के दोनों हाथ सामने बेड पर रख दिए और उसे झुका कर कमर पकड़ कर पीछे की तरफ खींच लिया जिससे बहु का पिछवाड़ा अच्छी पोजीशन में उसके लंड के सामने आ गया.
वैसे भी महेश सोच चूका था की अपनी बहु नीलम की
गांड की सील खोल देगा या उसे प्रेग्नेंट कर देगा ताकि आगे बच्चा होने तक अपनी बहु से एक दिन की भी जुदाई न हो।
अब महेश ने अपनी ऊँगली में थूक लगाकर अपनी बहु के गांड में अपनी एक ऊँगली पेलने लगा।साथ में अपना लंड भी अपनी बहु की चूत में घचाघच पेल रहा था।बहु भी पूरी मस्ती में अपनी गांड पीछे धकेल रही थी।अब धीरे धीरे महेश नीलम की गांड में दो ऊँगली आराम से पेल रहा था।
नीलम -क्या कर रहे हो पिताजी।
महेश ने अपना लंड बहु की गांड के छेद से अड़ा दिया।
“धत्त, वहाँ मैंने कभी नहीं करवाया.”
“तो आज करवा के देखो. वहाँ भी बहुत मज़ा आता है बिल्कुल चूत की तरह!”
“नहीं बाबा वहाँ नहीं. बहुत मोटा है आपका, मैं वहाँ नहीं सह पाऊँगी.”
“अरे एक बार ट्राई तो कर लो बेटी, मज़ा नहीं आये तो मत करने देना.”
“अच्छा, एक बार घुसाने के बाद आप क्या मान जाओगे?”
“सच में नीलम बेटी, बहुत दिनों से मन में था तेरी गांड मारने का. आज मत रोक मुझे!”
“पर पिता जी मुझे बहुत बहुत डर लग रहा है वहाँ नहीं. आप चूत में जितना चाहो कर लो !”
“कुछ नहीं होता बेटी, वहाँ और ज्यादा मज़ा आता है और अपना माल तुम्हारी चूत में ही डालूंगा प्लीज बहु”
“अच्छा करो धीरे से, लेकिन दर्द होगा तो निकाल लेना जल्दी से अगर मैं कहूँ तो!”
“ठीक है बेटी तू चिंता मत कर अब.”
महेश ने पास रखे तेल से लंड को अच्छे से चुपड़ लिया और बहू के दोनों हाथ सामने बेड पर रख दिए और उसे झुका कर कमर पकड़ कर पीछे की तरफ खींच लिया जिससे बहु का पिछवाड़ा अच्छी पोजीशन में उसके लंड के सामने आ गया.