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परिवार में सामूहिक चुदाई

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में रोने लगी भाई ने एक जोर से धक्का मारा लण्ड चूत को चीरता हुआ अंदर चला गया पूरा मेरी हालत ख़राब हो गयी दर्द दे हाथ पैर पटकने लगी लण्ड चूत में पूरा फिट हो गया मेने कहा भाई मर जाउंगी निकाल दो इसे दर्द सहन नहीं हो रहा क्या यही प्यार है तुम्हारा बहन के लिए भाई बोला नहीं गुड़िया तू तो मेरी जान है बस जितना दर्द तुझे होना था हो लिया अब से तू मज़े करेगी जिंदगीभर कहकर मेरी चूचि चूसने लगे एक को दबाने लगे कभी चूचि चूसते कभी होठो को चूसते किस करते गालो पे फिर लण्ड चूत से थोड़ा बहार खींचा बोले अब गुड़िया में धक्के मारु भाई ने धक्के शुरू किये लण्ड चूत में जगह बनाने लगा मेरा दर्द अब कम होने लगा

मुझे मज़ा आने लगा भाई चूत में लण्ड पेलता कभी चूचि पीता कभी किस करता थूक से सारा फेस गीला कर दिया मेरी टाँगे अब अपने आप चौड़ी होने लगी लण्ड चूत में जगह बनाता गया चूत में मुझे फिसलन होने लगी 10-15 धक्के लगाए चूत में मुझे मज़ा आने लगा अब भाई ने लण्ड निकल लिया चूत से कहा गुड़िया ले चूस इसे में तेरी चूत पीता हू वो ही पहले वाली 69 में हो गये

भाई चूत को चिदौर चिदौर कर चाटने चूसने लगे चूत को अपने मुँह में भर कर काटने चूसने लगे में लण्ड को पीने लगी भाई ने फिर लण्ड मुँह से निकलवा दिया और बोला गुड़िया अब तेरी चुदाई करूँगा मस्ती से मुझे भाई पर गुस्सा आने लगा पहले तो इतना दर्द दिया चूत चटवाने में लण्ड पीने में मज़ा आने लगा तब चोदने को मर रहे है भाई बोलै गुड़िया मुझे पता है तू मुझसे गुस्सा है अभी तू मज़ा ले फिर तू जो सजा देगी दे देना कहकर दनादन धक्के शुरू कर दिए में उफ़ आ होई मर गयी uuuuuuuuuuuuu आàआआआआ भ भ ई. Siiiiiiiiiiiiiiiiiiiii भाई लण्ड पेलता बहार निकाल ता चूत अब खुलने लगी जोर जोर से भाई चोदने लगा में झाड़ गयी भाई पेलता रहा बेड पर चुदाई का रस चूत से निकला खून मिजाजुला निकलने लगा भाई की रफ़्तार बढ़ती गयी में दूसरी बार झड़ गयी भाई फिर पेलता ही रहा मेरे हाथ पैर जबाब देने लगे बदन टूटने लगा भाई रुक ही नहीं रहे थे में बोली भाई अब हो गया दो बार हो गया मेरा थक गयी हु निकाल लो अब भाई बोलै बस गुड़िया मेरा होने वाला है कुछ देर रुक जा भाई पेलता रहा पेलता रहा में तीसरी बार फिर झड़ गयी भाई का फिर होने लगा बोले गुड़िया मेरा वीर्य पीयेगी क्या थोड़ा सा पी ले अच्छा नही लगे मत पीना मेने कहा पी लुंगी भाई भाई ने और धक्के लगाए फिर लण्ड नहीं निकाला पूरा वीर्य मेरी चूत में भर दिया लण्ड को डाले मेरे ऊपर पड़ा रहा मुझे कितना मज़ा मिला बता नही सकती दर्द भी मज़ा भी भाई ने पूरी रात जमकर 5 बार चोदे लाश

की तरह पड़ी रही कब नींद आयी पता नहीं सुबह के 11 बजे नींद खुली भाई पहले ही जा चूका था पूरी रात चुदाई की खुमारी बदन का पोर पोर दर्द कर रहा था खड़े होने की शक्ति मुझमे नहीं थी ऊपर से नंगी पड़ी वो अलग में उठने लगी बदन दुखने लगा मुझे भाई पर रह रह कर गुस्सा आ रहा था में बेड पर नंगी पड़ी थी भाई रूम में आया चाय और पेन किलर गरम पानी की भरी भगोनी

साथ में थी वो भाई ने बाथरूम में रख दी में सोची भाई अब क्या करने वाला है भाई फिर मेरे पास आया मुझे सहारा दिया और मुझे अपनी गोद में बिठाकर कहा ले गुड़िया ये पेन किलर खा ले और चाय पी ले तेरा दर्द दूर हो जायेगा फिर तेरी गरम पानी से चूत की सिकाई कर दूंगा तुझे आराम मिल जायेगा उस टाइम भाई के इतने प्यार को देखकर गुस्सा भूल गयी मेने टैब खा ली चाय पी ली भाई मुझे गोद में उठाकर बाथरूम में ले गए मुझे कमोड पे बिठा दिया कहा गुड़िया तुझे पेशाब आ रहा है तो कर ले फिर तेरी चूत साफ़ कर दूंगा मुझे याद आया भाई ने मेरा पेशाब पीने की बात कही थी भाई का वो इरादा तो नहीं हे कही देखती हू में पेशाब करने लगी भाई ने अपनी पीठ मेरी और कर ली में सोच में पड़ गयी भाई कहता कुछ है करता कुछ है वीर्य पिलाने को कहा वो मेरी चूत में भर दिया पेशाब पीने को कहा पीठ कर ली मेरा मूत हो गया तब भाई ने गरम पानी से मेरी चूत साफ़ की मुझे बड़ा आराम मिला उससे फिर भाई ने मुझे नहलाया खुद भी नहाये किया कुछ नही में एकटक देखे जा रही थी फिर भाई ने मेरा बदन साफ़ किया मुझे गोद में उठाकर रूम में ले आये बोले गुड़िया तुझे ब्रा पैंटी पहनाऊ या नंगी ही आराम करेगी खाना मेने ऑर्डर किया है बस आता होगा खाकर

तू सो जाना में तेरे हाथ पैर दवा दूंगा तुझे आराम मिल जायेगा में देखे जा रही थी भाई को भाई बोलै गुड़िया

तेरे मन जो चल रहा है उसका जबाब दे दूंगा तबतक तू चुपचाप देखती जा बोले मत और गुस्सा करती रह तू बहुत प्यारी लगती है मेरी

हसी छूट गयी फिर भाई ने मुझे सिर्फ गाउन पहना दिया
 


कुछ देर बाद भाई का ऑर्डर किया हुआ खाना भी आ गया भाई किचिन में एक ही थाली में खाना ले आये

बोले मेरी गुड़िया को अपने हाथो से खाना खिलाऊंगा भाई कौर लेकर मुझे खिलाने लगे खुद भी खाने लगे

जब खाना पूरा हो गया भाई बोलै गुड़िया तू अब आराम कर में तेरे हाथ पैर दवा देता हू चल सो जा अब में सीधी लेट गयी

भाई हाथ पैरो को गाउन के ऊपर से दवाने लगे मुझे बड़ा आराम मिल रहा था फिर भाई ने कहा गुड़िया गाउन में सही से दवा नहीं पा रहा हू गाउन उतार देता हू तेरा कहकर भाई ने गाउन उतार दिया में नंगी भाई के सामने थी भाई ने मुझे उल्टा लिटा दिया फिर मेरी जांघो को दवाने लगे फिर कूल्हों को दबाया गांड के छेद को किस किया फिर कमर को दवाने लगे पीठ को दवाने लगे कुछ देर सब जगह दवाने के बाद मुझे सीधा किया जांघो पैरो को खूब दवाया फिर मेरी टांगों को चौड़ा किया मेरी चूत को एक एक जगह किस किया थोड़ा चाट भी दिया फिर मेरे हाथो को दवाया चूचि को बस प्यार किया छेड़ा नही फिर मेरे होठो को गालो को आँखों को सर को चूमा बोले गुड़िया अब तू सो जा कहकर बेड से उठने लगे मेने भाई का हाथ पकड़ा यही सोने का इशारा किया हम दोनों साथ में उठे मेरा बदन अब हल्का हो गया था में अंगड़ाई लेने लगी भाई बोला गुड़िया अब कैसी है तू मेने कहा अच्छी हू भैया सारा काम पड़ा है घर का खाना भी बनाना है भाई बोला तू यही रह कुछ मत कर में कर दूंगा सब काम खाना ऑर्डर कर दूंगा तू बस रेस्ट कर में भाई को बस देखती रही मुझे पेशाब आ रहा था उठकर जाने लगी भाई बोले कहा जा रही है गुड़िया मेने कहा भाई पेशाब लगी है भाई ने कहा रुक गुड़िया में ले चलता हू तुझे भाई ने मुझे उठा लिया और जाकर कमोड पे बिठा दिया और खुद मेरी और पीठ करके खड़ा हो गया जब में मूत कर फ्री हुई भाई ने उठाकर बेड पे सुला दिया फिर भाई बोले गुड़िया तू चुप क्यों कुछ बोली नहीं है अब तक कोई बात है ज्यादा दर्द हो तो डॉक्टर को दिखा लाउ तुझे चल मेने कहा भाई में बिल्कुल सही हु अब बोली इसलिए नही आपका प्यार ही इतना था तो क्या बोलती भाई बोले कुछ तो बोल गुड़िया वैसे तू नाराज़ है मुझसे सही कहा ना मेने में बोली भाई गलत बोलते कब हो हा गुस्सा हू तुमसे बस भाई बोला क्यों गुड़िया आपको मज़ा आया मेरी जान निकाल दी मर जाती तो कौन देखभाल करता तुम्हारी भाई बोला तुझे मरने कौन देता पगली बता तू गुस्सा क्यो है मुझसे मेने कहा बता तो दिया भाई भाई बोले गुड़िया तुझे में जानता हू तू इस बात पे गुस्सा नहीं है में बोली कोई बात नहीं है ना जाने क्या सोचते हो तेरी जैसी मर्ज़ी गुड़िया मत बता अब क्या करेगी बोल मेने भाई को धक्का दिया उनका लण्ड पकड़ कर चूसने लगी में लण्ड को देखकर पागल सी हो गयी भाई देखता रहा में लण्ड चूसती चाटती मेने लण्ड तबतक नहीं छोड़ा जबतक उनके वीर्य को पी नही गयी भाई का वीर्य पीने के बाद हाफने लगी भाई भी हांफ रहा था कुछ देर बाद दोनों नार्मल हुए भाई बोला गुड़िया मेरी बहन क्या हो गया तुझे बोल बेटा में माहौल को रंगीन बनाते हुए बोली भाई मज़ा तुम ही लेना जानते हो क्या में नहीं ले सकती भाई बोलै तो बेटा तुझे बोलना था ना अच्छे से मज़ा करती रात को तू परेशान थी इसलिए में आगे नहीं बढ़ा भाई ने कहा गुड़िया ले गाउन पहन ले अपना मेने गाउन लेकर फेंक दिया कहा भाई इसकी अब क्या जरुरत है सबकुछ तो कर लिया आपने मेरे साथ भाई ने कहा गुड़िया तूने कुछ नहीं किया क्या फिर रात को भी भाई ने 4-5 बार चोदा खूब मज़ा आया

में और भाई अब पूरी तरह से खुल गए अगले दिन भाई और में दोनों साथ में कॉलेज गए

वहा मुझे मेरी दोस्त महक मिली वो बहार गयी हुई थी इसलिए हम दोनों नहीं मिल पाए महक बाद में मेरी भाभी बनी थी महक मेरे भाई से प्यार करती थी दिलोजान से जिसका पता मुझे बाद में लगा वैसे भाई को भी महक बहुत पसंद थी पर भाई के दिल में जो बसी थी इसलिए महक को भाव कम देते थे

महक की फेमिली में उसका छोटा भाई रजत उसकी बीबी पूजा और उसकी मम्मी पूनम और वो खुद महक थी भाई कॉलेज में है मम्मी जॉब करती है महक के पापा ने उसकी मम्मी को तलाक दे दिया था उनका कही और अफेयर था दूसरी शादी कर ली पापा ने महक और उसके भाई को मम्मी ने ही पाला था मम्मी जॉब करने लगी उसकी मम्मी भी खुले विचारो की थी वो मुझे महक ने बताया था में आपको महक की फेमिली के बारे में बता दू ये किरदार मेरी कहानी में आएंगे बाद में पहले महक की बताउंगी

महक-मेरी बेस्ट फ्रेंड उम्र 34 फिगर 34 32 36 गोरी चिट्टी है

गदराया बदन है

पूनम -महक की मम्मी उम्र 40+तलाक शुदा है गोरी चिट्टी है

गदराया बदन है फिगर 36 34 38

रजत- महक का भाई महक और पूनम की जान है प्यार से इसे राजू कहते है

हैंडसम है उम्र 32 है

लण्ड 9 इंच लम्बा 3 मोटा है

पूजा-राजू की बीबी महक का भाभी उम्र 30 फिगर 32 30 34

स्लिम छरहरी काया है ये कहानी में बाद में आएगी

महक के बारे में आपको बता दू वो भी मेरी तरह खुले विचारो की लड़की है हम आपस में गन्दी गन्दी बातें भी करती थी

महक ने मुझे भाई के साथ देखा मेरे पास आयी बोली कैसी हो राखी फिर भाई को देखकर बोली आप कैसे है भाई बोले ठीक हु महक भाई मुझसे बोले गुड़िया तू महक से बाते कर जब तुझे घर चलना हो कॉल कर देना मुझे मेने कहा ठीक है भाई फिर में और महक गार्डन में आ गए फिर में बोली कहा मर गयी थी इतने दिन तू पता है कितना मिस कर रही थी गांड मारा रही थी क्या

कही जाकर हम ऐसी बाते भी कर लेती थी महक बोली ऐसा ही समझ ले पर मरा तो तू भी रही है कही देख कितनी निखर रही है कहकर हसने लगी में बोली रुक अभी तेरी खबर लेती हू कहकर उसका हाथ पकड़कर modne नी में आएंगे बाद में पहले महक की बताउंगी

 
महक-मेरी बेस्ट फ्रेंड उम्र 34 फिगर 34 32 36 गोरी चिट्टी है

गदराया बदन है

पूनम -महक की मम्मी उम्र 40+तलाक शुदा है गोरी चिट्टी है

गदराया बदन है फिगर 36 34 38

रजत- महक का भाई महक और पूनम की जान है प्यार से इसे राजू कहते है

हैंडसम है उम्र 32 है

पूजा-राजू की बीबी महक का भाभी उम्र 30 फिगर 32 30 34

स्लिम छरहरी काया है ये कहानी में बाद में आएगी

महक के बारे में आपको बता दू वो भी मेरी तरह खुले विचारो की लड़की है हम आपस में गन्दी गन्दी बातें भी करती थी

महक ने मुझे भाई के साथ देखा मेरे पास आयी बोली कैसी हो राखी फिर भाई को देखकर बोली आप कैसे है भाई बोले ठीक हु महक भाई मुझसे बोले गुड़िया तू महक से बाते कर जब तुझे घर चलना हो कॉल कर देना मुझे मेने कहा ठीक है भाई फिर में और महक गार्डन में आ गए फिर में बोली कहा मर गयी थी इतने दिन तू पता है कितना मिस कर रही थी गांड मारा रही थी क्या

कही जाकर हम ऐसी बाते भी कर लेती थी महक बोली ऐसा ही समझ ले पर मरा तो तू भी रही है कही देख कितनी निखर रही है कहकर हसने लगी में बोली रुक अभी तेरी खबर लेती हू कहकर उसका हाथ पकड़कर मोड़ने लगी उसे दर्द हुआ बोली राखी यार दर्द हो रहा है अब नहीं कहूँगी तुझे नाराज़ करके में अपना नुकसान करुँगी में चौंकी बोली केसा nuksaan मम्मी उम्र 40+तलाक शुदा है गोरी चिट्टी है

गदराया बदन है फिगर 36 34 38

रजत- महक का भाई महक और पूनम की जान है प्यार से इसे राजू कहते है

हैंडसम है उम्र 32 है

पूजा-राजू की बीबी महक का भाभी उम्र 30 फिगर 32 30 34

स्लिम छरहरी काया है ये कहानी में बाद में आएगी

महक के बारे में आपको बता दू वो भी मेरी तरह खुले विचारो की लड़की है हम आपस में गन्दी गन्दी बातें भी करती थी

महक ने मुझे भाई के साथ देखा मेरे पास आयी बोली कैसी हो राखी फिर भाई को देखकर बोली आप कैसे है भाई बोले ठीक हु महक भाई मुझसे बोले गुड़िया तू महक से बाते कर जब तुझे घर चलना हो कॉल कर देना मुझे मेने कहा ठीक है भाई फिर में और महक गार्डन में आ गए फिर में बोली कहा मर गयी थी इतने दिन तू पता है कितना मिस कर रही थी गांड मारा रही थी क्या

कही जाकर हम ऐसी बाते भी कर लेती थी महक बोली ऐसा ही समझ ले पर मरा तो तू भी रही है कही देख कितनी निखर रही है कहकर हसने लगी में बोली रुक अभी तेरी खबर लेती हू कहकर उसका हाथ पकड़कर मोड़ने लगी उसे दर्द हुआ बोली राखी यार दर्द हो रहा है अब नहीं कहूँगी तुझे नाराज़ करके में अपना नुकसान करुँगी में चौंकी बोली केसा नुक्सान महक बता ना महक बोली अरे तेरी जैसी प्यारी दोस्त जो हाथ से निकल जाएगी बस कुछ बातें मस्ती होती रही मेने कहा महक तू घर आ ना वहा गपसप करेंगी महक बोली आउंगी यार में तो चाहती हू हमेशा तेरे घर में ही रहू

में में फिर से चौंकी महक के दिल में कुछ तो है पर कह नहीं पा रही है इससे उगलवाना पड़ेगा सब मेने कहा महक तू कुछ छुपा रही है मुझसे मत बता वैसे भी में कौन लगती हू तेरी कहकर मेने भाई को कॉल किया भाई मुझे लेने आया में भाई के साथ जाने लगी बोली महक घर आती रहकर महक सिर्फ भाई को हसरत भरी निगाहो से देख रही थी मेरी बात सुनी ही नहीं उसने मेने उसे बाजु पकड़ कर

झिंझोड़ा वो हकबकाई बोली हां राखी सॉरी मेने सुना नहीं क्या बोली तू मेने कहा घर कब आएगी अभी चल रही तो चल महक बोली कल आउंगी पक्का मेने कहा जैसी तेरी मर्ज़ी बाई चलती हू कहकर भाई के साथ घर आ गयी

 
भाई और में कॉलेज से घर आये में अपने रूम में गयी सारे कपडे उतारकर गाउन पहना फिर किचिन में आके खाना बनाने की तैयारी करने लगी इतने में भाई भी सिर्फ पतला सा टॉवल लपेटे किचिन में आये मेरी हेल्प करने पर में जानती थी मेरी हेल्प क्या होगी छेड़छाड़ होगी हो सकता है चुद भी जाऊ में आटा गूँथ रही थी भाई गैस पर दाल चढ़ा रहे थे फिर मेरे गालो को काटने लगे उन्हें पता था दाल में टाइम तो लगेगा ही फिर गांड पर हाथ फेरने लगे मेने कहा भाई क्या करते हो काम करने दो भाई बोले गुड़िया काम ही तो कर रहा हू पर तू ना मुझे प्यार नहीं करती बिलकुल भी देख घर में दोनों अकेले है फिर भी गाउन पहनकर आयी है में भाई को चिढ़ाते हुए बोली तो ले आओ अपने लिए बीबी नंगी ही रखना उसे सारा दिन भाई बोले तू है तो सही मेरी बीबी में बोली ओये ओये देखो तो जरा गुड़िया गुड़िया करके तो अपनी बहन चोद दी है बहन फ्री का माल है ना फाड़ के रख दी मेरी चूत 5-5 बार बहन को ही चोद सकते हो बीबी तो भाग जाती दूसरे दिन ही भाई बोलै तू तो भागी नहीं अभी तक कहकर पीछे आ गए और लण्ड को गांड पे रगड़कर चूँची दवाने लगे में कसमसा रही थी बोली छोड़ दो भाई काम करने दो अभी भाई बोलै तू पहले ये बता तू मेरी बीबी हे की बहन है मेने कहा बीबी हू बस अब जाओ भाई बोले तू गन्दी गन्दी बात क्यों नहीं करती है अच्छा तू ये बता तू मुझे मूत करते हुए दिखाएगी ना तेरी चूत से मूत निकलता हुआ देखना है मूत पीला देगी तो कहने ही क्या तेरे में बोली भाई में तुम्हारी बहन हू दुनिया के सामने बीबी ले आओ अगर मूत पीना है तो बहन के मूत पीने में क्या मज़ा है भाई बोलै बहन अपने हाथो से अपनी भोसड़ी खोलकर मूत पिलाएगी उस मज़े को तू क्या जाने मेरी चूत पानी बहाने लगी में चूत को गाउन के ऊपर से खुजाने लगी भाई देख रहा था बोलै चूत में खुजली हो रही है गुड़िया ला में तेरी चूत चाट लेता हू कहकर गाउन उतार दिया मेरा और चूत को पीने लगे मेने सोचा खाना तो बन गया आज मेरा आज मेरी खेर नही है बहुत मूड में हे भाई आज मेने कहा भाई छोड़ो ना मुझे खाना बनाने दो नहीं तो फिर....नहीं तो फिर क्या गुड़िया भाई बोला में बोली तुम्हारा लण्ड काटकर हाथ में दे दूंगी भाई को गुस्सा आ गया गैस बंद करके मुझे ज़मीन पर पटक दिया और एक ही बार में लण्ड चूत में घुसेड़ दिया और छोड़ने लगे में छटपटाने लगी भाई दनादन धक्के पे धक्के देने लगा चूँची भींच दी मेरी जंगली रूप में चोदने लगे में रोने लगी फिर भाई भाई गाली बकने लगे चूतमारानी की भोसड़ी की लण्ड काटेगी मेरा मादरचोद साली रंडी में भाई का ये रूप देखकर डर गयी भाई ने मुझे बहुत देर तक गाली बकते हुए चोदा फिर चूत में ही झाड़कर बगल में पड़ गए में पसीने और दर्द से बेहाल थी कुछ देर बाद में उठी रोने लगी फिर खाना बनाने लग गयी भाई बोलै गुड़िया माफ़ कर दे मुझे पता नहीं क्या हो गया था मुझे में कुछ नहीं बोली चुप रही भाई डर गया सच पूछो तो मुझे इतना मजा आया बता नहीं सकती भाई गिड़गिड़ाने लगा बोलै गुड़िया प्लीज मुझे माफ़ कर दे कहकर मेरे पैर पकड़ लिए मेने सोचा भाई को तड़पाना

होगा भाई का ये रूप भी मुझे मस्ती देगा में बोली दूर हो जाओ मेरी नज़रो से खाना खा लेना जाओ यहाँ से क्योकि में नहीं चाहती थी भाई को और लिफ्ट दू भूखा ही रहना पड़ता भाई तो फिर शुरू हो जाता भाई चुपचाप चला गया फिर मेरा खाना बन गया मेने खाना लगा दिया दिया बोली भाई खाना खा लो में अपने रूम में ले जा रही हू कहकर रूम में चली गयी खाना खाकर सो गयी शाम को में रूम से आयी क्या देखी भाई हॉल में सोफे पे सो रहा है खाना वैसा ही रखा है मुझे दुःख हुआ मेरा भाई भूखा ही है अभी तक में काँप

गयी अंदर से में तो चाहती थी भाई से अपने नखरे उठ्वाओ यहाँ तो उल्टा असर हो गया मेने भाई को जगाया

भाई को मेने जगाया भाई से पूछा भाई चाय पियोगे क्या भाई कुछ बोलै उससे पहले में बोली भाई पानी लेके आउ पहले

भाई गर्दन झुका के बैठे हुए थे में किचिन में गयी मुझे शरारत सूझी क्यों ना आज भाई को अपना मूत पीला दू और चाय भी मूत की ही बनाऊ मेने गाऊन ऊपर किया पैंटी निचे करके चूत से जग लगा दिया उसमे में मूतने लगी जग पूरा भर गया फिर मेने चाय भी बना ली फिर भाई को चाय और पानी देकर बोली लो भाई पि लो पानी फिर चाय पी लेना भाई ने गिलास उठाया एक सांस में पी गया फिर मेने चाय दी कहा लो भाई चाय पी लो भाई चाय पिने लगे मुझे चाय ना पीता देख बोले तुम नहीं पी रही चाय मेने कहा भाई आपको ही बनायीं थी बस मेरा मन नहीं था पीने का भाई ने जब चाय पी ली में बोली भाई में जाऊ अपने रूम में कोई काम हो तो बताओ भाई बोलै तुम अभी तक नाराज़ हो ना मुझसे मेने कहा नहीं तो भाई में नाराज़ नहीं हू पर खाना क्यों नहीं खाया इसपे

जरूर नाराज़ हू भाई बोले भूख नहीं थी मेने कहा भाई मुझसे झूठ तो मत बोलो हा तुम्हारी गुड़िया खाना बनाती तो खाते ना ये रंडी ने बनाया था और क्या बोले थे में सोचने का नाटक करके बोली हां भोसड़ी की मादरचोद की बहन की लौड़ी ना जाने क्या क्या बोले भाई बोला माफ़ कर दो ना गलती हो गयी थी देखो दिल से मत लगाओ मेने कहा भाई आपने जो बोला था वो बता रही थी

मत बोलो गुड़िया ये सब गलती हो गयी मुझसे माफ़ कर दो में बोली माफ़ कर दूंगी अपना मूड सही करो अब कहकर मेने गाऊन और पैंटी उतार फेंकी और भाई की गोद में जाके बैठ गयी अपनी एक चूचि भाई के मुँह में देके बोली लो पियो इन्हे भाई में मुझे देखा बोले गुड़िया तू गुस्सा नहीं है मुझसे मेने कहा नहीं भाई में गुस्सा नहीं हु हां बोल देते तो तो मना थोड़ी करती भाई बोलै तुझे इतनी गन्दी गन्दी गाली दी फिर भी गुस्सा नहीं हुई में भाई आपने ही तो कहा था आपको अच्छा लगता हे सब भाई बोलै मुझे ही अच्छा लगता है तुझे नहीं लगा तू भी ये सब करे तब मुझे ज्यादा अच्छा लगता हे पर तू करती नहीं में बोली अब करुँगी आप जो कहोगे बस अब चुसो इन्हे भाई बोले गुड़िया एक काम करेगी में बोली भाई बोलो भाई बोले गुड़िया तू अपनी गांड का छेद दिखा दे अपने हाथ से खोलकर मुझे चाटने का मन कर रहा हे में उठी और गांड के छेद को खोलकर झुक गयी कहा लो भाई चाटो अब भाई लापर लपर चाटने लगे मुझे खुजली सी होने लगी में बोली भाई साथ में चूत भी चाटो ना मेरी भाई ने वैसा ही किया फिर मेरे पैर दुखने लगे भाई को बताया भाई ने कहा गुड़िया में कारपेट पे सोता हू तू अपनी चूत मेरे मुँह पे रखकर चटा मेने अपनी चूत मुँह पे रख दी भाई गांड चूत दोनों को चाटने लगे फिर में घूम गयी और भाई के लण्ड को मुँह में लेकर चूसने लगी काफी देर तक ऐसा किया फिर भाई ने मुझे मुझे वही घोड़ी बना दिया और चोदने लगे चूचियों को पकड़कर लण्ड जोर जोर से पेलने लगे फिर गाली देने लगे ले साली भोसड़ी की बहन की लौड़ी कुतिया रण्डी मुझे मज़ा आ गया बोली भाई और दम लगा चोद मुझे फाड़ दे बहनचोद भोसड़ा बना दे चूत का मस्ती सिसकारियों

में मेरी चुदाई होने लगी काफी देर के बाद भाई ने लण्ड निकला मेरे मुँह में दे दिया में उनका वीर्य गटक गयी फिर हम दोनों वही लुढ़क गए फिर भाई बोले गुड़िया मज़ा आया तुझे में बोली भाई बहुत मज़ा आया में अब भाई से पूरी तरह से खुल गयी हम पुरे घर में चुदाई करते साथ साथ सोते कभी हॉल में किचिन में बाथरूम में चुदाई करते घर में अब नंगी ही रहती थी कोई बहार वाला आता तब ही कपडे पहनती दिन गुजरते गए रोज चुदाई करते हमारी पढाई भी पूरी हो गयी कुछ दिन बाद भाई की जॉब लग गयी महक का भी घर में आना जाना बहुत ही हो गया
 
भाई से चुदाई करवाके और ज्यादा निखर गयी थी दिन में भाई जॉब पर जाते शाम को आते रात में फिर चुदाई करते में पिल्स जरूर लेती थी

में महीने से होती थी भाई जॉब पे नहीं जाते थे मेरी सेवा में लगे रहते छेड़छाड़ करते रहते में भी बेशरम बेहया बन चुकी थी पूरी भाई मुझे बाथरूम ले जाते और चूत

को मुँह में भरकर मुझे मूतने को कहते और मूत पी जाते थे में भी उनका मूत पी लेती थी इस तरह हमारी लाइफ चल रही थी मस्त होकर भाई को प्रमोशन मिला कंपनी ने बड़ा घर दे दिया उसमे सारी सुविधा थी यहाँ एक किरदार और है जो मेरी कहानी का ही हिस्सा है उनका में बाद में बताउंगी हम नए घर में शिफ्ट हो गए थे भाई भी जॉब में बिजी रहने लगे जिसका हमारी चुदाई पर असर होने लगा मेरी चुदाई कम होती थी एक दिन मेने भाई से खूब झगड़ा किया बोली भाई आपको मेरी कोई परवाह नहीं है सारा दिन घर में अकेली रहती हू बोर हो जाती हू मुझे भाभी ला दो आप शादी कर लो मुझे भाभी मिल जाएगी तो मेरा मन लगा रहेगा भाई बोला तुझे कहा ना में शादी नहीं करुगा तू शादी कर ले तुझे कोई लड़का पसंद है तो बता नहीं तो में देखता हू फिर में बोली भाई तुम शादी करो पहले तब मेरी सोचूंगी भाई बोला गुड़िया देख हमारा रिश्ता ऐसा है जिसकी कोई मंजिल नहीं है तू लड़की है तेरी शादी जरुरी है भाई की बात सही थी मेने कहा भाई पहले तुम हां करो शादी का फिर ही शादी कर लुंगी भाई बोले अच्छा ठीक है शादी करूँगा रहा हमारा रिश्ता इसे वक़्त पर छोड़ देते है मेने कहा भाई एक लड़की है मेरी नज़र में पर पहले में उसके मन की जान लू फिर आपको बताउंगी भाई बोले जैसी तेरी मर्ज़ी है मुझे मंजूर है

यहाँ से कहानी नया मोड़ लेगी महक और उसकी फेमिली मेरी कहानी में अहम् भूमिका निभाएगी मुझे पता तो था महक भाई को चाहती तो है पर उसने मुझसे ये बात शेयर नहीं की कभी इस

बात का पता मुझे उस दिन लगा जब में महक के घर गयी थी महक से जो मेने सुना था सुनकर दंग रह गयी उस दिन मुझे लगा महक भाई को कितना प्यार करती है

एक दिन में महक के घर गयी महक को आवाज़ देती सोचा उसे सरप्राइज़ दू घर में नीचे कोई नहीं मिला फिर सोचा महक अपने रूम में होगी में ऊपर जाने लगी उसके कमरे के बहार मुझे कुछ बाते सुनाई दी मेरे भाई और मेरा नाम आ रहा था मेने सोचा उनकी बाते सुनती हू में खिड़की के पास जाकर खड़ी हो गयी सुनने लगी अंदर महक और उसकी मम्मी पूनम बाते कर रही थी पूनम महक से शादी की बात कर रही थी पूनम कह रही थी महक बेटी आजकल ज़माना ख़राब है तुझे शादी तो करनी पड़ेगी ना बेटा जब तू राज से इतना प्यार करती है उसके सपने देखती है तू कहती क्यों नहीं राज से महक बोली मोम मेरी हिम्मत नहीं होती राज से कहने में वैसे भी राज मुझे कोई भाव नही देते है और फिर राज हमारे घर की सच्चाई जानेगा तो मुझसे शादी कभी नहीं करेगा पूनम बोली बेटा तेरी बेस्ट फ्रेंड है राखी बहुत प्यारी बच्ची है तू उससे शेयर कर अपने दिल की बाते वो तेरी हेल्प कर दे शायद फिर वो अपने भाई से बात कर लेगी महक बोली नहीं मोम राखी मेरी हेल्प नहीं करेगी मेने उससे बहुत से राज छुपा रखे है आप तो जानती है में चुदवा चुकी हू मेरे घर के माहौल को वो एक्सेप्ट नहीं करेगी इसलिए में राखी से कुछ नहीं कहूँगी इस बारे में में राज के बिना रह लुंगी पर शादी नहीं करुँगी किसी और से आज के बाद आप मोम जिद मत करना मेरी शादी की आप मेरी माँ है दोस्त है पूनम बोली जैसी तेरी मर्ज़ी बेटा में उनकी बाते सुनकर दंग रह गयी एक तो में महक की सोची की कैसे अपनी मोम से चुदवाने की बात कर रही थी और मुझसे कोनसे राज छुपा रखे है ये पता लगाना पड़ेगा इतने में पूनम बोली महक बेटी चल नीचे चलते है में पहले वहा से खिसक गयी नीचे हॉल में आकर महक को आवाज़ देने लगी इतने में दोनों माँ बेटी नीचे आयी मेने पूनम से कहा आंटी नमस्ते पूनम बोली नमस्ते राखी बेटा कहकर मुझे गले लगाकर मेरे माथे को चूमकर बोली बेटा आज बहुत दिनों बाद आयी हो कभी आती क्यों नहीं घर में नाराज़ हू तुमसे में बोली आंटी जी कौन है मेरा इस घर में जिसके लिए आउ महक के पास तो माँ हे मेरे माँ नहीं है पूनम बोली बेटा ऐसा क्यों बोलती हो ये तेरी दोस्त है ना महक में तेरी माँ जैसी नहीं हु क्या में बोली आंटी जी आप तो मेरी माँ जैसी ही हो पर महक मेरी दोस्त नहीं है महक बोली राखी यार तू क्या बोल रही है मोम से तू मेरी बेस्ट फ्रेंड है माँ भी जानती है पूनम बोली बेटा तुम बैठो में कुछ खाने को लाती हू तुम दोनों बातें करो जबतक कहकर चली गयी महक मुझे मारने लगी बोली क्या जरुरत थी तुझे ये बोलने की माँ से बोल में बोली तू सिर्फ मुझे टाइमपास फ्रेंड ही समझती है अपने दिल की बाते शेयर कभी नहीं करती मुझसे फिर में तेरी बेस्ट फ्रेंड थोड़े ही हुई महक बोली ले में कान पकड़ती हू अबसे तुझसे हर बात शेयर करुँगी पक्का प्रॉमिस करती हु अभी माफ़ कर दे मुझे इतने में पूनम चाय नाश्ता लेकर आयी पास बैठकर चाय देने लगी में बोली आंटी जी आपने महक की शादी का कुछ सोचा है कोई लड़का

पसंद है क्या इसे पूनम बोली मेरी तो ये सुनती कहा है बोलती है शादी नहीं करुँगी अब तू समझा इसे में तो हार गयी इससे महक बोली मोम फिर शुरू हो गयी आप में जा रही हू पूनम देखा बेटा इसे शादी का नाम लेते ही गुस्सा हो जाती है फिर महक बोली तू भी तो शादी के लायक हो गयी है तूने पसंद किया कोई लड़का में बोली कोई लड़का पसंद नहीं मुझे कोई होगा तो तुझे जरूर बताउंगी फिर बाते होती रही कुछ देर रुकने के बाद में अपने घर आ गयी
 
में महक के घर से आयी आकर रूम में सोचने लगी महक जब भाई से इतना प्यार करती है मुझे

नहीं बताया कभी और महक अपनी माँ से चुदवाने की बात कितनी आसानी से बोली उसकी मोम ने ज्यादा सीरियसली

नहीं लिया आखिर महक ने चुदाई किस्से करवाई है पता लगाती हू मुझे सोचते सोचते नींद कब आयी पता नहीं लगा

शाम को भाई घर आये मेने खाने की तैयारी की रात को खाना खाकर रूम में सोने आ गए में कुछ सोच में थी

भाई बोले गुड़िया क्या हुआ क्या सोच रही है भाई कुछ नहीं फिर में बोली भाई में तुमसे कुछ मांगू तो दोगे मुझे

गुड़िया ये तू क्या बोल रही है तू जान भी मांगकर देख में बोली भाई ऐसी कोई बात नहीं है मुझे कुछ पूछना भी है आपसे

भाई बोले पूछ गुड़िया में बोली भाई आपको महक कैसी लगती है भाई बोले अच्छी लड़की है सुन्दर भी है और तुझे पता है में उससे बात भी कहा करता हू मेने कहा भाई महक मेरी भाभी बन जाये तो कैसा रहे वो मेरी फ्रेंड है इसलिए आती है में चाहती हू वो मेरी भाभी बनकर हमेशा मेरे पास रहे भाई बोले तुझसे कुछ कहा क्या उसने में बोली नहीं भाई उसने नही कहा में कह रही हू भाई बोलै गुड़िया उसने तुझसे कुछ कहा ही नही तो फिर वो तेरी भाभी कैसे बन सकती और उसके दिल में क्या है हमे क्या पता और मेने तो उसे कभी नज़र उठाकर देखा भी नहीं है में बोली भाई वही तो कह रही हो आप उसे एक नज़र से देखो मेने देखा है आप घर में होते है तो कितनी देर रहती है आप जाते है तो उदास सी हो जाती है मुझे तो लगता है वो शायद आपसे प्यार करती है आप उसे कोई भाव नहीं देते तो मुझसे से भी नहीं कहती सोचती होगी वो आपको पसंद ही नहीं है तो मुझसे कहे भी क्या भाई बोले गुड़िया फिर उसके दिल की जाने बिना हम कैसे फैसला ले में बोली भाई में उससे ये उगलवा लू तो क्या आप उससे शादी करोगे मेरी भाभी बनाओगे

उसे भाई बोले जब मेरी गुड़िया ही चाहती है तो मुझे कोई ऐतराज नहीं है में बोली भाई जब आप उसे भाव दोगे उससे प्यार से पेश

आओगे उसके करीब आओगे तभी तो में कुछ उससे उगलवाउंगी भाई चल देखता हू गुड़िया छोड़ इस मेटर को चल मज़ा करते हे अब तू बोल तुझे सोना है या chudwana न जाये तो कैसा रहे वो मेरी फ्रेंड है इसलिए आती है में चाहती हू वो मेरी भाभी बनकर हमेशा मेरे पास रहे भाई बोले तुझसे कुछ कहा क्या उसने में बोली नहीं भाई उसने नही कहा में कह रही हू भाई बोलै गुड़िया उसने तुझसे कुछ कहा ही नही तो फिर वो तेरी भाभी कैसे बन सकती और उसके दिल में क्या है हमे क्या पता और मेने तो उसे कभी नज़र उठाकर देखा भी नहीं है में बोली भाई वही तो कह रही हो आप उसे एक नज़र से देखो मेने देखा है आप घर में होते है तो कितनी देर रहती है आप जाते है तो उदास सी हो जाती है मुझे तो लगता है वो शायद आपसे प्यार करती है आप उसे कोई भाव नहीं देते तो मुझसे से भी नहीं कहती सोचती होगी वो आपको पसंद ही नहीं है तो मुझसे कहे भी क्या भाई बोले गुड़िया फिर उसके दिल की जाने बिना हम कैसे फैसला ले में बोली भाई में उससे ये उगलवा लू तो क्या आप उससे शादी करोगे मेरी भाभी बनाओगे

उसे भाई बोले जब मेरी गुड़िया ही चाहती है तो मुझे कोई ऐतराज नहीं है में बोली भाई जब आप उसे भाव दोगे उससे प्यार से पेश

आओगे उसके करीब आओगे तभी तो में कुछ उससे उगलवाउंगी भाई चल देखता हू गुड़िया छोड़ इस मेटर को चल मज़ा करते हे अब तू बोल तुझे सोना है या चुदना है में बोली मेने कब मना किया चोदने को चोद लो जीभरकर कहकर दोनों नंगे हो गए मुझे चूमने लगे और बोले गुड़िया वैसे तेरी फ्रेंड महक मस्त है चोदने में मज़ा तो देगी लगती तो शरीफ है पर मुझे लगता है वो चुदी जरूर होगी

में भाई की बात सुनकर सन्न रह गयी में बोली भाई आपको कैसे पता वो चुदी होगी और अगर वो चुदी होगी तो आप उससे शादी नहीं करोगे क्या भाई बोलै मेने बस गेस किया है रहा शादी का जब खुद ही चाहती है में क्या कहु तेरी बात को में टाल सकता हू कभी

कहकर भाई ने मुझे 69कर दिया हम लण्ड चूत चाटने लगे कुछ देर बाद भाई मुझे चोदने लगे उस रात 4-5 बार चुदाई की और नंगे ही सो गए दोनों
 
अगले दिन में घर में बोर हो रही थी भाई जॉब पर चले गए सोचा महक के घर जाके आती हू

में महक के घर गयी मैं गेट से हॉल में आयी देखा वहा कोई नहीं था सोचा महक अपने रूम में तो नहीं में ऊपर जाने लगी

महक का रूम बंद था में खिड़की से देखी अंदर महारानी क्या कर रही है में जो देखी मेरे पैरो की ज़मीन खिशक गयी में देखी अंदर महक अपने बेड पर बिलकुल नंगी थी उसकी माँ पूनम उसे अपनी चूत चटवा रही थी और खुद पूनम किसी आदमी का लण्ड चूस रही थी में सोच में पड़ गयी की ये आदमी है कौन फिर गौर से देखी इसबार पूनम ने उसके लण्ड को छोड़कर महक की चूत पर लण्ड को घिसने लगी महक ने पूनम को धक्का दे दिया कहा मोम क्या कर रही हो भाई का लण्ड अंदर घुसाओ जल्दी चूत में खुजली हो रही है भाई बोलै दीदी पहले थोड़ा लण्ड चूस दे मेरी बहना बहार मेरी हालत ख़राब हो गयी ये क्या में तो समझी थी ये मेरे घर में ही हुआ हे मगर यहाँ तो महक भी अपने भाई से चुदवा रही है वो अपनी मोम के साथ मेरी साँसे फूलने लगी फिर में देखि की पूनम सीधी सो रही है और महक पूनम के ऊपर घोड़ी बनी है पीछे से उसका भाई चूत में लण्ड पेल रहा है दनादन धक्के दे रहा है महक चिल्ला रही है कुछ देर बाद महक भाई के लण्ड को चूसने लगी मेरे भाई के जैसा ही लण्ड था करीब करीब फिर में देखती हू भाई सीधा सो जाता है पूनम अपनी चूत को लण्ड पे रखकर कूदने लगी महक भाई के मुँह पे बैठकर चूत पिलाने लगी सब मस्ती में मस्त थे अचानक से पूनम की नज़र खिड़की पर गयी जहा से में देख रही थी पूनम की नज़र मुझसे मिली शर्म से झुक गयी वो लगातार मुझे देखती रही फिर में वहा से नीचे आ गयी और अपने घर आ गयी कुछ दिन में महक के घर नहीं गयी एक दो बार महक आती हमारी नार्मल बातें होती और चली जाती फिर एक दिन की बात है भाई ऑफिस गए हुए थे में अकेली घर में बोर सी हो रही थी में हॉल में बैठकर टीवी पर मूवी देख रही थी इतने में बहार बेल बजी में गेट खोली बहार पूनम थी में उनसे गले मिली बोली आंटी जी

आप मुझे बुलवा लेती आओ अंदर चलते है मेने गेट बंद किया पूनम बोली बेटी मुझे पता है तू हम सबसे नाराज़ है इसलिए तू घर भी नहीं आती तेरी नाराज़गी जायज है बेटा तुम्हारी जगह कोई और भी देखता तो उस दिन तो ऐसा ही धक्का लगता उसे भी मुझे माफ़ कर दे बेटी में तेरी माँ तो नहीं हू जो तुझे में अपने हालत समझा पाती उसकी आँखों में आंशु थे जो टप टप गिर रहे थे बोली बोल बेटा नाराज़ है ना हमसे महक को पता नहीं है अभी कुछ उसे पता लगेगा तो उसे डर भी होगा तू उससे दोस्ती ख़तम कर देगी इसलिए में अकेली आयी हू तेरे पास तू जो सजा दे मुझे दे दे बेटी महक से दोस्ती मत तोडना तेरे हाथ जोड़ती हु में बोली आंटी जी सच तो ये है की आप और महक मुझे अपना नहीं मानती महक आपकी सगी बेटी है में परायी हू में आपको अपनी माँ ही मानती हू पहले भी और उस दिन सब देखा उसके बाद भी पूनम बोली बेटी तू सच में हम सबसे नाराज़ नहीं है में तुझसे माफ़ी मांगने आयी थी साथ में महक की बात करने आयी थी तुमसे बेटी में बहुत परेशान हू उसको लेकर में बोली माँ मुझे पता है आप क्यों आयी है पूनम इस बार चौंकी बोली तुझे क्या पता है बेटी में बोली माँ आपको पता है में उस दिन आपके घर आयी थी तब आप महक की शादी मेरे भाई के बारे में

कह रही थी महक मना कर रही थी मेने सब सुना आपका महक भाई से प्यार करती है बहुत उसने मुझे बताया ना ही भाई को रहा मेरा सवाल में तो हमेशा महक को अपनी भाभी ही मानती हू मेने भाई को मना भी रखा है महक से शादी करने को वो तैयार है मेने कुछ टाइम लिया है महक मुझसे अपने दिल की बात शेयर करे और उसे अपनी भाभी बना लू पर मुझे दुःख इस बात का है उसने मुझसे कभी शेयर नहीं की ये बात पूनम सुनकर सकते में आ गयी बोली बेटी सच में बेटी तू बहुत प्यारी है मेरा बोझ तूने हल्का कर दिया पर बेटी ये बताओ तुमने उस दिन खिड़की से देखा उसके बाद भी तू महक को भाभी बनाना चाहती है और सब देख कर थोड़ा भी बिचलित नहीं हुई माँ में भी आपको एक सच बताना चाहती हू आपके दिल की बात जानना चाहती हू क्योकि आपकी बेटी की लाइफ से जुडी हुई है पूनम बोली हां हां बोल बेटी क्या बात है

में पूनम से बोली माँ आपसे कुछ नहीं छुपाउंगी आप सोच रही हे में उस दिन

जो देखि में में बिचलित क्यों नहीं हुई बात ये थी माँ मेरे और भाई के खुद ही सम्बन्ध बने हुए

भाई और में सेक्स करते है पर माँ आप भरोषा रखे में भाई और महक के बीच नहीं आउंगी वादा करती हू आपसे

पूनम चुपचाप मेरी बाते सुन रही थी खामोश थी में बोली माँ मुझे पता है माँ आप ये कभी एक्सेप्ट नहीं करोगी

आखिर आपकी बेटी का सवाल जो है फिर पूनम बोली बेटी बात वो नहीं पर तुम्हारे भाई से ये बाते करेगा कौन में कोनसे मुँह से कहूँगी तुम्हारे भाई से मेने कहा आप टेंसन मत लो जरा भी भाई को में सबकुछ बता दूंगी मेरी कोई बात नहीं टलेंगे में अभी सिर्फ महक और रजत के रिश्ते की ही बताउंगी आपके नहीं पर आप मेरी हेल्प करेंगी इस सब में पूनम चौंकी कैसी हेल्प बेटी

में बोली माँ में चाहती हु महक और भाई खुद एक दूसरे की बाते खुद ही बताये तो ज्यादा बेहतर रहेगा महक से में उगलवा लुंगी

पर आप जबतक महक को कुछ नहीं बताएगी की मुझे आप सबका पता है में महक से पूछूँगी सब मेरे हिसाब से तब तक आप चुप ही रहना वादा करो माँ मुझसे पूनम बोली वादा करती हु बेटा कुछ नहीं बताउंगी महक को

पूनम बोली तू जैसा ठीक समझे वैसा कर में बोली ठीक है माँ आप दिल पर कोई बोझ मत लो में फिर बोली में आपको हमेशा माँ कहु

आप बुरा तो नहीं मानेंगी आपसे कुछ पुछु आप बताएंगी मुझे पूनम बोली बेटी तू मुझसे माँ ही कहा कर आज से और तुझे जो पूछना है तू पूछ बताउंगी सब में बोली माँ आप कितनी अच्छी मेरी माँ की कमी पूरा कर दी आप माँ आप बताएगी आप ये कैसे शुरू की माँ आपको दुःख हो तो मत बताओ आपका दिल दुखी नहीं करुँगी पूनम बोली नहीं बेटी पूछ क्या पूछना है में बोली माँ आप मुझे दोस्त बनकर बताओ कैसे शुरू हुआ ये सब पूनम बताती हु शुरू से अब पूनम की जुवानी सुने
 
पूनम की जुवानी उसकी कहानी सुने चुदाई कैसे शुरू हुई उसके घर में

मेरा नाम पूनम है में दो बच्चो की माँ हू पति ने मुझे ठुकरा दिया तब से अपने बच्चो के साथ रहती हू

बात उन दिनों की है जब मेरे पति ने मुझे तलाक़ देकर दूसरी लड़की से शादी कर ली मेने अपने बच्चो बड़े जतन से पाला है

आपको में बता दू में एक खुले विचारो की औरत हू एक बेटे और बेटी की माँ हू मेरे बच्चे अब बड़े हो चुके है हम सब एक दूसरे को बहुत प्यार करते है अपनी हर बात मुझसे शेयर करते है में भी शेयर करती हू में जॉब करती हू बच्चे कॉलेज जाते में ऑफिस जाती ये हमारा रूटीन था ऑफिस में लोग मुझे घूर घूर कर देखते लेकिन बदनामी के डर से में ज्यादा आगे नहीं बढ़ी दिन तो जैसे तैसे निकल जाता रात मुझे काटने को दौड़ती थी में अपनी चूत को उंगलियों से शांत करती मेरी बेटी भी बहुत मस्त हो गयी थी बेटा गबरू जवान वो मुझसे माँ माँ कहकर लिपटता मेरे गालो को चुम लेता महक से भी उसका यही रवैया था दीदी दीदी करके लगा रहता में उसे नॉर्मली लेती थी कुछ दिन बाद मुझे ऐसा फील हुआ की मेरा हम माँ बेटी की और ज्यादा आकर्षित होने लगा मुझे जब पता लगा एक दिन में बाथरूम में नहाने गयी थी मुझे बच्चो का ब्रेकफास्ट बनाना था इसलिए जल्दी में ब्रा पैंटी नहीं धोयी

थोड़े देर बाद मेरा बेटा नहाने गया वहा उसने मेरी ब्रा पैंटी देखी वो पैंटी को चूत वाली जगह से सूंघ रहा था फिर उसने मुट्ठ मारी और वीर्य पैंटी में छोड़ दिया कुछ दीवाल पर छोड़ दिया फिर नहाकर वापस आया ब्रेकफास्ट करके कॉलेज चला गया में फिर बाथरूम

में गयी मेने बेटे के वीर्य को पैंटी में और दीवाल पर देखा तो दंग रह गयी सोची बेटा जवान हो रहा है उसे समझाना होगा मुझे पर कैसे फिर सोची आगे देखती हू क्या होता है दिन निकल रहे थे बेटे की उत्तेजना बढ़ती जा रही थी अब तो हाल ये था की वो महक की पैंटी अपने रूम में ले जाता और मुट्ठ मारता एक दिन तो महक भी बोली मोम मेरी पैंटी गायब हो जाती है आप रख देती हो क्या

में बोली नही बेटा देख लो यही कही होंगी अब में कैसे उसे बोलती की तेरा भाई तेरी और मेरी पैंटी ले लेता है मुट्ठ मारने को एक दिन की बात है महक अपनी दोस्त राखी के यहाँ गयी हुई थी बेटा अपने रूम में था सोचा आज मौका है उसे समझा दू में उसके रूम में गयी उसका गेट बंद था में फिर खिड़की से देखि क्या देखती हू मेरा बेटा नंगा है उसका लण्ड एक दम खड़ा है और उसे पकड़कर सहला रहा है मेरी और महक की पैंटी को सूंघ कर रहा है माँ दीदी क्या खुसबू है तुम्हारी चूतो की जी करता है लण्ड पेल दू उनमे चुदवा लो मुझसे तुम्हारी गांड भी मस्त है में सुनकर दंग रह गयी कितनी गन्दी सोच है हमारे बारे में बेटे की मुझे बेटे का लण्ड साफ़ साफ़ दिख रहा था क्या तगड़ा लण्ड था बेटे का मेरी चूत पानी बहाने लगी खुजली होने लगी मुझे लण्ड की प्यास थी एक बार तो दिल में आया बेटे को अपना बदन सौप दू बदनामी का डर भी नही मेरा बेटा भी यही चाहता है फिर दिमाग में आया में क्या उल्टा पुल्टा सोचने लग गयी मुझे बेटे को प्यार से समझाना होगा डाटने से कुछ नहीं होगा में

सोची आगे देखती हू बेटे की हरकते कितनी और आगे बढ़ती है किसी दिन रंगे हाथ पकड़ूँगी सोचकर वहा से आ गयी शाम में महक आ गयी हम आपस में नार्मल ही रहे

में बेटे को रूम में इस तरह की हरकत को करते गरम हो गयी थी मेरा अपना बेटा मेरे और अपनी बहन के बारे में इतनी गन्दी सोच रखता है मुझे भी ना जाने क्या होता जा रहा था उसका तगड़ा लण्ड मुझे साफ़ साफ़ दिख रहा था मुझे भी चुदे हुए काफी अरसा हो गया था रह रह कर मुझे लण्ड की टीस उठती थी एक बार तो मन में आया क्यों ना अपने बेटे की इच्छा पूरी कर दू आखिर वो मुझे चोदना ही तो चाहता है बहार बदनामी से तो अच्छा है मेरी उसकी दोनों की इच्छा पूरी हो जाएगी फिर मुझे कुछ होश आया अरे पूनम तू क्या सोचने लगी तुझे बेटे को डांटना चाइये तू खुद ही उल्टा पुल्टा सोचने लगी फिर मेने सोचा में मेरे बेटे को प्यार से समझाउंगी डांटने से कुछ नहीं होगा अब ये देखना हे वो और कितना आगे बढ़ता है कुछ दिन और बीत गए उसकी हरकते बढ़ती जा रही थी अब तो वो महक और मेरी पैंटी में वीर्य को छोड़ देता नंगी नहाते हुए कपडे बदलते हुए देखता यहाँ तक हमारी चूचियों और गांड को घूरता रहता मेरी बेटी को भी उसकी हरकते अच्छी लगती या नहीं ये तो नहीं पता मुझे क्योकि मुझसे कभी कहा नहीं उसने वो भी जवान थी सब समझती थी मेने सोचा बेटे से अब सीधे बात करनी ही पड़ेगी नहीं तो और ज्यादा मुश्किल होगी कॉलेज की छुट्टिया चल रही थी एक दिन की बात है में महीने से हो गयी थी में महीने से होती थी तब ऑफिस नहीं जाती थी में उस दिन घर की साफ़ सफाई में लगी थी पसीने से तरबतर थी इतने में मेरा बेटा आया बोला मम्मी क्या कर रही हो में बोली सफाई कर रही हू दीखता नहीं क्या तुझे बेटा बोला मोम आप नाराज़ हो क्या मुझसे में बोली में क्यों नाराज़ हूँगी तुझसे क्या लगती हू तेरी बेटा बोला मम्मा आप मेरी प्यारी मम्मा हो फिर ऐसा क्यों बोलते हो आपके और दीदी के सिवाहये कौन है मेरा में बोली बेटा में अगर तेरी माँ होती तो सारी बाते मेरा बेटा मुझसे शेयर करता बेटा बोला मम्मा आप बोले क्या शेयर नहीं करता आपसे ऐसा क्यों सोचती है आप फिर भी आप बताओ मुझे

मेने गलती की है तो आप मुझे मारो पीटो पर आप नाराज़ मत हो प्लीज मम्मा मेने कहा में जो पुछु सच सच बताएगा खा मेरे सर की कसम बेटा बोला हा मम्मा आपके सर की कसम आप पूछे जो पूछना है
 
मेने मेरे बेटे से कहा खा मेरे सर की कसम जो पुछु सच सच बताएगा बेटा बोला हा मम्मा आपके सर की कसम आपको जो पूछना है पूछो मेने कहा बेटा तू ऐसी हरकते क्यों करता है जिससे मुझे दुःख होता है बेटा बोला मम्मा आप साफ़ साफ़ बोले ना मेरी कोनसी हरकत आपको दुःख पहुंचाती है में बोली सच बोलेगा ना बेटा बोला मम्मा आपकी कसम खाई ना मेने में बोली तू बहुत गन्दी गन्दी हरकते करता है माँ हु में तेरी मेरे लिए तेरी ऐसी सोच और तो और अपनी बहन के लिए भी गन्दी सोचता है मेरी और महक की पैंटी में अपना गिराना क्या ये सही है क्या सजा दू तुम्हे इसके बदले में बेटा चुपचाप सुन रहा था में बोली कुछ बोल अब तेरी माँ मर गयी है जो बोलता नहीं है सुनकर बेटा रोने लगा में डर गयी मेने ये क्या बोल दिया गुस्से में में प्यार से बोली बोल बेटा क्यों दुखी करता है मुझे बेटा बोला मम्मा आप नहीं समझोगी ये सब आप जो सजा देना चाहते है दे सकते हो बेटा अब प्यार से पूछ रही हू बता ना बेटा बोला मम्मा जबसे मेने होश सभाला है तबसे आपको ही देखा है क्या नहीं किया आपने हम दोनों के लिए चाहती तो आप अपना घर बसा सकती थी पापा की तरह पापा ने आपको बीच रास्ते में छोड़ दिया पर आपने किसी से कोई शिकायत नहीं की रातो को तड़पते देखा है उंगली से आप अपनी जरुरत पूरी करती है आप इतनी हसीन है की जिसे आप जरा भी लिफ्ट देती तो आप अपनी शरीर की जरुरत पूरा कर लेती पर आपने ऐसा नहीं किया माँ बस आपसे इसलिए इतना प्यार हो गया की आपको में एक औरत की नज़र से देखने लग गया आपको वो सारी ख़ुशी देने की कल्पना करने लगा जो एक बीबी को देनी होती है आप मम्मा है आपसे कह तो नहीं सकता था ना की आप मुझसे सेक्स करो बस मम्मा आपकी पैंटी से ही सब करने लगा फिर आपको देखकर महक दीदी को भी गन्दी नज़र से देखने लग गया मम्मा अब आप जो सजा दे दे सकती है में बेटे की बात को सुनकर हैरान रह गयी क्या बोलती उसे

बस इतना ही बोली ये गलत हे बेटा कहकर अपने रूम में आ गयी मे े ये क्या बोल दिया गुस्से में में प्यार से बोली बोल बेटा क्यों दुखी करता है मुझे बेटा बोला मम्मा आप नहीं समझोगी ये सब आप जो सजा देना चाहते है दे सकते हो बेटा अब प्यार से पूछ रही हू बता ना बेटा बोला मम्मा जबसे मेने होश सभाला है तबसे आपको ही देखा है क्या नहीं किया आपने हम दोनों के लिए चाहती तो आप अपना घर बसा सकती थी पापा की तरह पापा ने आपको बीच रास्ते में छोड़ दिया पर आपने किसी से कोई शिकायत नहीं की रातो को तड़पते देखा है उंगली से आप अपनी जरुरत पूरी करती है आप इतनी हसीन है की जिसे आप जरा भी लिफ्ट देती तो आप अपनी शरीर की जरुरत पूरा कर लेती पर आपने ऐसा नहीं किया माँ बस आपसे इसलिए इतना प्यार हो गया की आपको में एक औरत की नज़र से देखने लग गया आपको वो सारी ख़ुशी देने की कल्पना करने लगा जो एक बीबी को देनी होती है आप मम्मा है आपसे कह तो नहीं सकता था ना की आप मुझसे सेक्स करो बस मम्मा आपकी पैंटी से ही सब करने लगा फिर आपको देखकर महक दीदी को भी गन्दी नज़र से देखने लग गया मम्मा अब आप जो सजा दे दे सकती है में बेटे की बात को सुनकर हैरान रह गयी क्या बोलती उसे

बस इतना ही बोली ये गलत हे बेटा कहकर अपने रूम में आ गयी मे सोचने लगी ये बेटे का प्यार है या हवस क्या बेटे के साथ आगे बढ़ना चाइये इसी उलझन में नींद आ गयी मुझे शाम में सोकर उठी महक घर आ गयी थी बेटा घर नहीं था रात हो गयी बेटा घर नहीं आया हम उसका इन्तजार करती रही पर घर नहीं आया महक बोली माँ भाई कहा है अब तक नहीं आये कोई बात हुई है क्या फिर मेने महक को सारी बात बता दी जो दिन में हुई थी महक बोली माँ में भी आपको रात में उंगली करते देखी हू आपको तड़पते देखा है

माँ भाई कितना प्यार करते है आपको माँ आपको आगे बढ़ने में कोई बुराई नहीं है मुझे आपके और भाई के प्यार से कोई दिक्कत नहीं है

सुबह मेरा बेटा घर आया वो चुप था मेने उससे पूछा रातभर कहा था कितना तेरा इंतज़ार किया पता है तुझे क्यों दुखी करता है मुझे

बेटा बोला मम्मा मेने काम ही ऐसा किया है आपने माफ़ किया नहीं तो सजा दे रहा था अपने आपको घर में रहता हू और ज्यादा गंदे ख़याल आते है मेरे मन में कहकर अपने रूम में चला गया में खड़ी खड़ी सोचती रही क्या करू इस लड़के का फिर में बेटे के रूम में गयी रूम लॉक था मेने डोर खटखटाया बेटे ने नहीं खोला में आवाज़ देने लगी वो अनसुना कर रहा था फिर मेने गुस्से में आकर कह दिया मत खोल तेरी माँ मर जाये तब रोने आ जाना कहकर हॉल में आ गयी और सोफे पर बैठकर रोने लगी क्या देखती हू बेटा दौड़ता हुआ मेरे पास आया रोने लगा बोला मम्मा मत बोलो ऐसा आपको कुछ हो गया तो में तो वैसे ही मर जाऊंगा देखना माँ अब कुछ नहीं करूँगा बस मम्मा आप मरने की बात कभी मत करना कहकर मुझसे लिपट गया आज मुझे पहली बार एक मर्द का अहसास हुआ तरंग सी दौड़ गयी फिर मेने कहा चुप हो जा अब और जाकर नहा ले नाश्ता तैयार करती हू तबतक फिर वो नहाने चला गया में किचिन में कुछ देर बाद वो नहा कर आया चुपचाप नाश्ता करने लगा फिर चला गया उस दिन के बाद वो काम बात करता उसकी हरकते भी बंद थी इधर मेने भी सोचा था उसे उतना तो कर लेना चाइये ज्यादा आगे तो नहीं बढ़ा वो फिर सोचा इससे वो तड़पेगा ही मेने सोचा आज फिर बात करती हू उससे कोई हल तो निकलना ही है में उसके रूम में गयी वो नंगा था अपने लण्ड को खड़ा कर खा था में तो लण्ड को देखकर काँप गयी फिर भी बात करनी थी वो आँखे बंद करके मेरा नाम लेकर अपने लण्ड सहला रहा था में बेड पे जाकर बैठ गयी उसके सर पर हाथ फेरने लगी इतने में वो हड़बड़ा गया और उठ कर बैठ गया अपने नंगे पन को छुपाने लगा मेने कहा रहने दे बेटा कोई जरुरत नहीं है छुपाने की फिर में बोली बेटा क्यों करते हो ऐसा तुमने कहा था उस दिन

बेटा बोला मम्मा अब आपकी पैंटी तो नहीं लेता ना अपने रूम में ही तो हू मुझसे रहा नहीं जाता आपकी याद आती है में रह नहीं सकता आपको ना दुखी देख सकता हू ना तड़पता हुआ क्या करू में समझ नहीं आता आप बताओ में बोली बेटा क्या चाहते हो मुझसे ऐसा क्या है मुझमे जो इतना तुम आकर्षित हो रहे हो बेटा बोला मम्मा आप बहुत सुन्दर है आपमें बहुत कुछ है जो में बता नहीं सकता में बोली बता तो में भी सुनु बेटा बोला नहीं मम्मा नहीं बता सकता आपको गन्दा लगेगा सुनकर में बोली और जो तू इस नंगा है मेरे सामने वो अच्छा है क्या बोला मम्मा आप ही तो मना किये थी में बोली तो बेटा बता ना फिर बेटा बोला मम्मा आप मेरी कसम खाओ गन्दा सुनकर नाराज़ नहीं होंगी में बोली चल बता नहीं हूँगी नाराज बेटा बोला मम्मा जब भी में आपको और दीदी को देखता हु

मेरा लण्ड मेरे बस में नहीं रहता मुझे आपकी और दीदी की गाँड़ और चूँची बहुत अच्छी लगती है और मेने आपका और दीदी का कुछ देखा नहीं आप और दीदी ब्रा पैंटी में होती है में आपकी और दीदी की गांड और चूँची की सोचकर मुट्ठ मार लेता हु बस मम्मा यही बात है प्लीज नाराज़ मत होना मुझसे प्लीज मम्मा में बेटे की बात सुनकर दंग रह गयी क्या जबाब दू में चुप रही मुझे चुप देखकर बेटा बोला मम्मा मेने कहा था ना आप नाराज़ हो जाएँगी हो गयी ना नाराज़ में बोली बेटा में नाराज़ नहीं हू बेटा बोला फिर क्या बात है मम्मा बोले
 
में बोली बेटा में नाराज़ नहीं हू बेटा बोला मम्मा फिर आप चुप क्यों है कुछ देर चुप्पी रही बेटा बोला मम्मा में आपसे कुछ पूछ सकता हू आप नाराज़ मत होना पहले सुनना मेरी बात आपको गलत लगे तो मुझे पीट लेना में बोली बोलो बेटा बोला मम्मा आपको पापा छोड़ के चले गए आप दूसरी शादी कर सकती थी आपने नहीं की रात में आप तड़पती है आप सेक्स के लिए तड़पती है ना सच बोलना मम्मा में मन में बोली क्या बोलू बेटा बात तो तेरी सही है इसमें जुठ क्या है फिर बेटा बोला मम्मा मेने आपको सारी बात बता दी आप मुझसे शेयर करना जरुरी नहीं समझती मुझे तो यकीन हो गया है आपकी और पापा की सिर्फ एक ही संतान है सिर्फ महक दीदी में कोई लावारिश हू दीदी से तो आप हर बात शेयर करती है और में जहातक में समझ रहा हू आज मुझे नंगा देखकर थोड़ा भी नाराज़ नहीं हुई कही ना कही दीदी की भी रज़ामंदी है क्योकि वो आपकी बेटी है ना मै गैर हू ना सुनकर मुझे जोर की हसी आ गयी

मेने बेटा तुम भी मेरे बेटे हो पर बेटा तुमसे क्या बोलू में रिश्ता माँ बेटे का जो है तुम्हारी बाते सुनकर गुस्सा भी आता है पर प्यार भी मेरे तो समझ से परे है बेटा बोला पर मम्मा आप मेरी दोस्त एक औरत बनकर सोचे ना में बेटे से मज़े लेकर बोली में तेरी औरत कब से हुई तेरे बाप ने भी कभी हक़ नहीं जताया इतना तो

बेटा बोला मेरा मतलब वो नहीं है आप एक औरत के नाते सोचे आपको भी जरुरत है खुलकर जिंदगी जीने की आपको पूरी आजादी हो में बोली तू क्या चाहता हे मुझसे बेटा बोला मम्मा में आपको दुनिया की हर ख़ुशी देना चाहता हू आपको खुश रखना चाहता हु आप को हर जगह घूमना फिरना चाहता हू आपको सेक्स का सुख देना चाहता हू इतने सालो से आप तड़प रही है अकेली उस तड़प में आपका साथ देना चाहता हू प्लीज मम्मा मान लो अपने अनाथ बेटे की बात मुझे हसी छूट गयी बोली तू अनाथ कब से है बेटा बोला पापा ने छोड़ दिया एक माँ बहन का सहारा था वो भी नहीं है मेरी तो अनाथ ही तो हू आप मेरी मम्मा है इसलिए आपकी मर्ज़ी के बिना कुछ नहीं करता नहीं तो ....नहीं तो क्या मेरा बलात्कार करता क्या में बोली फिर बेटा बोला नहीं मम्मा आपका बलात्कार नहीं आपको तो आराम से करूँगा एक दिन बिना तकलीफ दिए में बोली कुछ तो शर्म कर नालायक तेरी मम्मा हू आखिर बेटा बोला मेने कब कहा आप मेरी मम्मा नहीं है एक औरत भी तो है में बोली चल अब बस कर कपडे पहन ज्यादा तंग मत कर मुझे बेटा बोला ठीक है मम्मा में मर जाऊ तो आंसू भी मत बहाना जाओ में तंग नहीं करूँगा में उस टाइम तो आ गयी वहा से पर मेरे मन में कही न कही एक टीस जरूर थी माँ बेटे के रिश्ते की दूसरी तरफ उसके लण्ड की सोचकर चूत में खुजली सी होने लगती 2-4 दिन और निकल गए बेटा दूर दूर सा ही रहता में और परेशान होने लगी एक दिन फिर बेटा बोला मम्मा आपसे कुछ मांगू तो आप मना तो नहीं करेगी बोलों में बोली क्या वो बोला मम्मा मे आपके बिना नहीं जी सकता हू बस आप अपनी पैंटी दे दिया करे इतना तो कर दोगी ना में बोली चल दे दिया करुँगी पर इससे ज्यादा कुछ नहीं वो बोला आगे सब आपकी मर्ज़ी से होगा में बोली अब जा तू यहाँ से वो बोला मम्मा में चाहता हू आप मेरे साथ घूमने फिरने चले मुझे अच्छा लगेगा ये तो कर लोगी ना में बोली चल ठीक है

में मेरे बेटे से बोली चलूंगी तेरे साथ घूमने बेटा खुश हो गया I love you मम्मा मेरे गालो को चूमने लगा मेरी गांड पे लण्ड को रगड़ने लगा बेटा बोला मम्मा क्या पहनोगी में बोली जो मेरा बेटा पहनायेगा मुझे बेटा बोला क्या मम्मा आप भी में बोली सही तो कहा मेने जा अलमारी से कपडे ले मेरे बेटा मेरे कपडे ले आया लेकिन पैंटी ब्रा नहीं लाया बेटा बोला अभी तो आप साड़ी पहन लो

मॉल में से और कपडे लाएंगे में कपडे चेंज करके आयी और हम बहार चल दिए बेटा पहले मुझे मॉल में ले गया वहा मुझे कपडे लेने को बोला कहा मम्मा आप मेरी पसंद की लीजिये बेटा अपनी पसंद की जीन्स टीशर्ट टॉप स्कर्ट ले लिए फिर बोला मम्मा अब साड़ी लेते है वो भी लेकर बोला मम्मा अब आपको स्पेशल कपडे दिलवाता हू फिर वो मुझे लेडीज सेक्शन में ले गया वहा सेल्स गर्ल से बोला

आप इनके लिए टॉप कलेक्शन दिखाइए ब्रा पैंटी का कुछ लिंगरी भी लाओ सेल्स गर्ल चली गयी तब में बोली बेटा ये सब क्यों वो बोला मम्मा प्लीज घर कहना जो कहना है यहाँ पर आप सिर्फ एन्जॉय करो बस इतने में सेल्स गर्ल काफी 20-25 सेट ब्रा पैंटी लायी उनमे छुपता कम दिखता ज्यादा था बेटे ने सब पैक करवा ली फिर पारदर्शी गाउन नाइटी भी ली हमने पेमेंट कर दिया फिर बेटे ने

मेकअप का सामान कुछ ज्वेलरी भी ली में बोली बेटा ले लिया सब अब चले बेटा बोला मम्मा दीदी को कुछ लेना है में बोली क्या लेना है उसे बेटा फिर एक काउंटर पर गया वहा से कुछ पैकेट्स लाया मेने देखा वो विशपर के महंगे पैड्स थे बेटा बोला मम्मा कल दीदी महीने से हो जाएगी उसके लिए लाया आपका तो महीना हो गया में बोली तुझे सब पता रहता है हमारा बेटा बोला प्यार करता हू आप दोनों को में बोली चल अब नहीं तो मार खायेगा हम पार्किंग में बेटा बोला मम्मा रात को पहनकर दिखा दोगी ना दोनों मुझे प्लीज मम्मा मना मत करना में बोली तेरी दीदी की में कैसे कहुँ में रात को नहीं वो कही जाएगी तब दिखा दूंगी वादा करती हू खुश अब बेटा बोला दीदी आज रात को ही दिखाएगी मुझको देखना आप में चौंकी एकदम से बेटा बोला हा मम्मा दीदी दिखाएगी मुझे बहुत प्यार करती है मुझसे में बोली तेरे सामने नंगी भी हो जाएगी बेटा बोला हा मम्मा नंगी भी हो जाएगी प्यार करती है मुझसे में बोली में प्यार नहीं करती क्या तुझसे बेटा बोला सच कहु मम्मा आप प्यार नहीं करती मुझसे फिर हम घर आ गए घर आकर में सोफे पे पसर गयी में चुप थी बेटा बोला मम्मा आप नाराज़ हो ना अब जो सजा देनी है दे सकती हो पर आप चुप ना रहा करो में बोली में नाराज़ नहीं हू

में बोलि बेटा एकबात पूछू सच जबाब देगा क्या बेटा बोला हा मम्मा बोले में बोली तूने बताया की महक तेरे सामने नंगी भी हो जाएगी क्या तुम दोनों में कुछ है क्या बेटा बोला नहीं मम्मा दीदी से कुछ नहीं किया मेने अभी तक पर मुझे दीदी पे यकीं बहुत है वो मना नहीं करेगी मुझे में बोली मुझपे यकीन नहीं है तेरा है ना बेटा बोला मम्मा दीदी फीलिंग्स को समझती है क्योकि वो खुद इस उम्र में है एक दूसरे की जरुरत समझती है उनके इंकार करने की तो कोई वजह भी नहीं है में बोली फिर तेरी कोई नहीं लगती हू बेटा बोला आप मेरी सिर्फ मम्मा है दीदी मेरी सबकुछ है में बोली सबकुछ मतलब तेरी बीबी भी है क्या बेटा बोला हां मम्मा दीदी को बीबी बनाना मुश्किल नहीं है आपको बीबी बनाना मुश्किल है हमारी बाते चलती रही फिर महक आ गयी घर
 
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