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पापा की दुलारी जवान बेटियाँ complete

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बंसल - अभी तो मैं तुम्हे चोदना चाहता हूँ बेटी (बंसल ने अपने लंड का स्किन नीचे की ओर खोल दिया)

शालु - (शालू अपने पापा का खड़ा लंड देखते हुए) इतने क्यों उतावले हो रहे हो पापा, आप चेंज तो कर लो पहले मैं भी वाशरूम हो कर आती हूँ।

बंसल - नहीं बेटी अपने पापा को इतना मत तडपाओ आ भी जाओ।

शालु - बिस्तर से उतर कर अपने पापा के क़रीब गई और अपनी नंगी खुली हुई चूचियों को बेशरमी से दिखाते हुए फर्श पे घुटनो के बल बैठ गई।

शालु - (पापा का लंड हाथ में लेते हुए) पापा क्या मैं आपका लंड चूस कर माल निकाल दूँ?

शालु अपने पापा का मोटा लंड मुट्ठी में लेकर सहलाने लगी। उसकी मुट्ठियों की कसावट बढ़ती जा रही थी, बंसल अपनी आँख बंद करके मज़े लेने लगा। शालु की हथेली बंसल के कम से चिपचिपी हो गई थी, वो झुक कर लंड अपने मुँह में ले लेती है।

बानसाल - ओह बेटी, तुम्हारा मुँह कितना गरम है, कितना अच्छा लंड चुसती हो तुम।

शालु तेज़ी से लंड चुसती जा रही थी, बंसल आगे झुक कर शालु की नरम चूचियां सहलाने लगता है। शालु भी अपनी चूचि आगे कर पापा के हाथ को रास्ता देती है। शालु बंसल के इस हरकत से गरम होने लगती है। बंसल अपने कपडे उतार कर पूरा नंगा हो जाता है। शालु अपने पापा का नंगा बदन देख कर खड़ी हो जाती है और उनके सीने से लग जाती है। बंसल पहली बार अपनी जवान बेटी की नरम चूचियों को अपने सीने पे महसूस करता है। वो उत्तेजना से भर उठता है और आगे बढ़ कर शालु के गरम होठो पे अपना होठ रख देता है। शालु भी उत्तेजित हो कर रिप्लाई में अपना होठ खोल देती है और दोनों बाप बेटी फ्रेंच किस करने लगते

है।बंसल अपनी बेटी के होंठो को बिलकुल इमरान हाशमी के स्टाइल में चूसने लगता है। दोनों के होठ चिपके होते है, बंसल शालु के पेंटी में हाथ अंदर डालता है और उसकी बड़ी गांड सहलाने लगता है। उसे वो बिस्तर पे पटक कर शालु के ऊपर चढ जाता है। शालु की साँसे तेज़ हो जाती है। शालु फ्रेंच किस करते हुए अपना हाथ नीचे कर अपनी पेंटी नीचे सरका देती है। उसकी गरम बुर पानी छोड़ने लगती है, वो अपने बुर को ऊपर उठा पापा के लंड पे रगड़ने लगती है।

बंसल - यह बेटी, तुम्हारी बुर इतनी गरम कैसे? (बंसल अपना लंड जोर-जोर से शालु के बुर पे रगडता है)
 
शालु - पापा चोद दिजिये मुझे प्लीज पापा, अब और मत तडपाइये। लंड डालिए न मेरी बुर में।

बंसल शालु की बात को अनसूना कर उसकी एक चूचि मुह में भर लेता है। दूसरी चूचि को वो अपनी हथेली से दबा रहा होता है। वो जोर जोर से शालु की नंगी चूचियों को बारी बारी पीने लगता है। जैसे उसे काफी दिनों से मिली न हो। वो कभी निप्पल पे अपने जीभ फेरता तो कभी उसकी पूरी मोटी चूचियों को मुह में भर लेता। कभी अपने चेहरे को अपनी बेटी के सॉफ्ट बूब्स पे रगडता तो कभी अपने दांतो से हल्का काट लेता। शालु ने आज से पहले किस्सी मरद में अपने शरीर के लिए इतनी भूख नहीं देखि थी।

आज अपने पापा की वासना देख वो पागल हुई जा रही थी। वो बंसल का लंड हाथ में पकड़ अपने बुर के मुह पे सटा देती है। उसके बुर से अबतक इतना सारा चिपचिपा पानी निकला होता है की जैसे ही वो लंड को बुर के मुह पे रखती है, बंसल के शरीर के दबाव से उनका मोटा 9 इंच का लंड अपने आप ही शालु के बुर में अंदर फिसल जाता है।

बंसल को यकीन नहीं होता है की उसका लंड इतनी आसानी से शालु के बुर के अंदर फिसल जाता है। वो आनन्द से भरा अपने लंड को बूर में अंदर बाहर करने लगता है। शालु नीचे लेटी अपने कमर को ऊपर उठाये पापा को चुदाई में पूरा पूरा साथ देती है।

शालु - आह पापा और चोदीये मुझे, और अंदर डालिए अपना मोटा लंड़।

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बंसल - शालु मेरी रंडी बेटी, तुझे चोदने में आज बहुत मजा आ रहा है। तुम कितनी गिली हो गई हो, बुर से फच-फच की आवाज़ आ रही है। लगता है तुम चुदाई के लिए बहुत दिनों से वेट कर रही थी।

शालु - हाँ पापा, आपसे चुदने के लिए ही तो मैंने सेक्सी कपडे पहनने शुरू किये। मैं साड़ी भी नवेल के नीचे बाँधती ताकि आपको अपनी नाभि दिखा कर सेड्यूस कर सकूँ। मैं आपसे काफी दिनों से चुदना चाहती थी।

बंसल - (बंसल अपनी बेटी की बात सुन कर तेज़ी से लंड अंदर बाहर करने लगता है) ओह बेटी मुझे नहीं मालूम था तुम मुझसे चुदने के लिए इतनी बेक़रार थी। तुम्हे साड़ी में देख कर कई बार मुट्ठ मारता था, तुम्हारी साड़ी में कसी गांड देख कर ना जाने कितने लोग रोज मुट्ठ मारते होंगे।

शालु - सच पापा?

बंसल - हाँ बेटी, तुम्हे पता है ऑफिस में मेरे बॉस गुप्ता जी भी तुम्हे चोदना चाहते थे। उस दिन गुप्ता जी के घर पे जब तुम शराब के नशे मे थी तब वो टेबल पे तुम्हारे सामने ही मुट्ठ गिराये थे।

शालु - (शालू पापा की बातें सुकर बहुत उत्तेजित हो रही थी) पापा।।। आआह्ह्ह।। और चोदीये पापाआआ।। अपनी प्यारी रंडी बेटी को चोदीये।।। आप इस दुनिये के सबसे अच्छे पापा हो।
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बंसल अपना लंड शालु की बुर से बाहर निकाल कर उसकी जांघो को पकड़ कर बेड पे पलट देता है। शालु की खुली गांड देख उससे रहा नही जाता और वो आगे बढ़ कर शालु के गांड के भूरे छेद पर अपना लंड रख देता है।

शालू-क्या कर रहे हो पापा।अपना लंड मेरी गांड से क्यों रगड़ रहे हो।

बंसल-बेटी आज तेरी मोटी गांड मारने का बहुत मन कर रहा है। बेटी ठीक से घोड़ी बन जाओ ताकि तुम गाण्ड भी मरवा सको।

शालू- नहीं पापा मेरी गांड अभी कुँवारी है।आपका इतना मोटा लंड उसमे नहीं घुस पायेगा।.. लाइए आपके लौड़े को चूस कर गीला तो कर दूँ ताकि आराम से अन्दर चला जाए।

बंसल- अरे नहीं बेटी थूक से काम नहीं चलेगा.. गाण्ड में लौड़ा ऐसे नहीं जाता। तेरी गाण्ड तो में क्रीम लौड़े पर लगा कर मारूँगा.. बस 2 मिनट रुक मैं अभी लाया..

बंसल जल्दी से एक क्रीम ले आया।

बंसल- बस बेटी अब सही पोज़ में आ जाओ.. मुझसे सबर नहीं हो रहा.. तेरी मक्खन जैसी गाण्ड मुझे पागल बना रही है।

शालू ठीक से घोड़ी बन गई और अपनी गांड को पीछे कर दी।

बंसल- हाँ बस ऐसे ही रहना बेटी.. आज तेरी गाण्ड में लौड़ा घुसा कर मैं धन्य हो जाऊँगा।

बंसल ने ऊँगली में क्रीम लगाकर शालू की गाण्ड के सुराख पे रख दी और धीरे-धीरे उसमें घुसाने लगा।

शालू- आ आ आह्ह.. पापा.. आईईइ आह्ह.. आराम से.. कुँवारी गाण्ड है मेरी…

बंसल- अरे बेटी अभी तो ऊँगली से क्रीम तेरी गाण्ड में भर रहा हूँ ताकि लौड़ा आराम से अन्दर चला जाए।

शालू- ऊँगली से ही हल्का दर्द हो रहा है.. लौड़ा डालोगे तो मेरी जान ही निकल जाएगी।

बंसल-अरे कुछ नहीं होगा बेटी।मैं आराम आराम से पेलूँगा।

बंसल ऊँगली से शालू की गाण्ड को चोदने लगा.. उसको मज़ा देने के लिए दूसरे हाथ से उसकी चूत में भी ऊँगली करने लगा।

अब शालू को बड़ा मज़ा आ रहा था..

बंसल ने क्रीम शालू की गाण्ड में अच्छे से लगा दिया था।

अब उसका लौड़ा झटके खाने लगा था।

उसने शालू की गाण्ड पर एक चुम्बन किया और लौड़े पर अच्छे से क्रीम लगा लिया।

अब बंसल ने लौड़ा अपनी बेटी की गाण्ड के सुराख पे रखा.. दोनों हाथों से उसको थोड़ा खोला और टोपी को उसमें फँसा दिया।

शालू दर्द के मारे सिहर उठी..
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बंसल ने उसकी कमर को कस कर पकड़ा और जोरदार धक्का मारा.. आधा लंड गाण्ड में घुस गया।

यह तो क्रीम का कमाल था.. वरना गाण्ड इतनी टाइट थी की टोपी भी नहीं घुसती।

शालू- आआआअ आआआ उूउउ…माँ

बंसल का लौड़ा एकदम फँस सा गया था.. इतना चिकना होने के बाद भी अब आगे नहीं जा रहा था।

बंसल- आह उफ़फ्फ़.. साली रंडी तेरी गाण्ड है या आग की भट्टी.. कैसी गर्म हो रही है.. उफ़फ्फ़ लौड़ा जलने लगा है और टाइट भी बहुत है.. साला लौड़ा तो एकदम फँस गया है।

बंसल आधे लौड़े को ही अन्दर-बाहर करने लगा.. उसको बड़ा मज़ा आ रहा था…

अब गाण्ड में आधा लौड़ा ‘फॅक..फॅक.. फॅक’ की आवाज़ से अन्दर-बाहर होने लगा।

तभी बंसल ने पूरा लौड़ा टोपी तक बाहर निकाला और ज़ोर से झटका मारा पूरा लौड़ा गाण्ड में जड़ तक घुस गया।

इसी के साथ शालू झटके के साथ ही बिस्तर पर गिर गई।

बंसल भी उसकी पीठ के ऊपर उसके साथ ही नीचे गिर गया।शालू अब दर्द से चीखने लगी थी।

बंसल वैसे ही पड़ा-पड़ा लौड़े को आगे-पीछे करता रहा।

दो मिनट में ही उसने ना जाने कितने शॉट मार दिए थे।

शालू- पापा प्लीज़ उठो मेरी जाँघों में बहुत दर्द हो रहा है उफ़फ्फ़.. उठो भी यार…

बंसल ने लौड़ा गाण्ड से निकाल लिया और उकडूँ बैठ गया.. तब जाकर कहीं शालू की जान में जान आई और वो एक तरफ सीधी लेट गई।

शालू- आह आह उह्ह.. माँ..पापा ये आपने क्या कर दिया.. अई मेरी गाण्ड फट गई है.. आह्ह.. बहुत जलन हो रही है.. ऐसा लगता है अभी भी उसके अन्दर कुछ घुसा हुआ है।

बंसल- अरे कुछ नहीं हुआ है बेटी पहली बार गांड मरवाने में थोडा दर्द हो होगा ही.. बस थोड़ी देर की बात है.. उसके बाद आराम मिल जाएगा।

शालू- नहीं पापा.. नहीं.. आहह.. मुझे उफ़फ्फ़ नहीं मरवानी गाण्ड.. बहुत दर्द हो रहा है.. देखो बिस्तर पर भी ठीक से गाण्ड नहीं टिका पा रही हूँ।

बंसल- ओके बेटी ओके.. अब तू घोड़ी बन जा.. मैं तेरी चूत में लौड़ा डालता हूँ.. चल जल्दी कर.. मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा है।

शालू- आह्ह.. काहे का मज़ा.. उफ्फ.. लगता है मेरी गाण्ड तो फट गई..

बंसल ने शालू का हाथ पकड़ कर उसको उठा लिया।

बंसल- अरे कुछ नहीं हुआ है.. अब चल जल्दी से घोड़ी बन जा बेटी.. मेरा मज़ा खराब हो रहा है।

शालू दोबारा उसी स्थिति में आ गई ।

शालू के चेहरे पर दर्द के भाव साफ नज़र आ रहे थे, बुझे मन से वो फिर से घोड़ी बन गई।
 
इधर बंसल ने लौड़ा चूत में घुसा दिया और झटके मारने लगा।

अभी कोई 5 मिनट ही हुए थे कि शालू को अब मज़ा आने लगा और वो गाण्ड हिला-हिला कर चुदने लगी।

बंसल- आह्ह.. आह उहह.. साली कसम से आह्ह.. तू बड़ी मस्त लड़की है.. क्या गाण्ड हिला कर चुद रही है और साली तेरी चूत भी क्या मस्त है उहह उहह ले आ रानी मज़ा आ रहा है।

5 मिनट तक बंसल शालू की चूत चोदता रहा।शालू मस्त में गांड पीछे करके चुदवा रही थी।तभी बंसल ने एक झटके में अपना लंड बाहर निकाल लिया।

शालू कुछ समझ पाती, इसके पहले ही बंसल ने लौड़ा चूत से निकाल लिया और गाण्ड के छेद पर रख कर ज़ोर से झटका मारा।

इस बार बंसल ने शालू की कमर को अच्छे से पकड़ा हुआ था ताकि वो आगे ना जा पाए।

एक ही वार में लौड़ा गाण्ड के अन्दर और शालू की चीख बाहर।

शालू- आह आआह्ह..पापा प्लीज़ आराम से करो ना.. आह पापा आप बहुत गंदे हो आह्ह.. आपने एक ही झटके में मेरी गांड फाड़ डाला। उईईइ आह…

बंसल- अरे कुछ नहीं होगा.. जब चूत का दर्द नहीं रहा.. तो ये भी ठीक हो जाएगा और इसमें भी मज़ा आने लगेगा।

बंसल पागलों की तरह अपनी बेटी शालू की गाण्ड में दे-दनादन लौड़ा पेल रहा था। शालू दर्द के साथ साथ मज़े से कराह रही थी।

शालू- अई आह मार लो आह्ह.. अगर आपका मन गाण्ड मारने का हुआ है.. तो ठीक है आह्ह.. मगर मुझे अधूरा क्यों छोड़ दिया.. मेरी चूत में बड़ी खुजली हो रही है आह्ह..

बंसल- आह्ह.. आह.. मज़ा आ रहा है साली क्या चिकनी गाण्ड है तेरी.. आह्ह.. लौड़ा खुश हो गया आह्ह.. आज तो.. हाँ जान.. रुक थोड़ी देर और गाण्ड का मज़ा लेने दे.. आह्ह.. उसके बाद तेरी चूत को भी शान्त कर दूँगा।

दस मिनट तक गाण्ड मारने के बाद बंसल ने लौड़ा चूत में डाल दिया और रफ़्तार से चोदने लगा। फिर जब शालू चूत चोदने से झड़ गई तो बंसल अपना लंड शालू की गांड में पेलने लगा।

शालु - आह पापा।। मेरी गांड बहुत कसी है। आप तो मेरी गांड फाड़ देंगे। (शालू घुटनो पे हो कर डॉगी स्टाइल में बंसल से चुदवाने लगती है)

बंसल शालु की कमर को पकडे कस के उसकी गांड मारने लगता है।

शालु - आह पापा, और अंदर डालिये। चोदिये मुझे

बंसल अपने लंड को अंदर ढकेल कर शालु को चोदता है। जब जब उसकी कमर शालु की बड़ी गांड से टकराती है तब-तब शालु के मांसल गांड से फ्लैप-फ्लैप के अव्वाज़ आती है।
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बंसल जोश में शालु को चोद रहा होता है, चोदते हुए शालु की लटकी चूचियां हवा में झूल रही होती है। बंसल शालु की चूचियां पकड़ दबाने लगता है। शालु जोर से चिल्लाने लगती है।

बंसल - बेटी इतना मत चिल्लाओ, होटल स्टाफ वालों को पता चल जाएगा।

शालु - आह पापा, क्या आपको मेरी गांड मारने में ज्यादा मजा आ रहा है?

बानसाल - हाँ बेटी बहुत ज्यादा मजा आ रहा है।

शालु - ओह पापा जब आपको मेरी गांड मारने में इतना मजा आ रहा है तो सोचिये आप रीना की गांड मारेंगे तो कितना मजा आएगा आपको?

बंसल - ओह शालु बेटी तुम फिर से शुरू हो गई।

शालु - सच तो कह रही हूँ पापा। क्या आपको रीना को चोदने का मन नहीं करता? बोलिये।

बंसल - हाँ करता है बेटी, जी करता है उसे तुम्हारी आँखों के सामने चोदुं।

शालु - आह पापा मुझे रीना समझ के चोदिये।। चोदिये न पापा।। मुझे रीना कह कर बुलाइये।

बंसल - आह रीना आ ज, आज अपने पापा के लंड को अपने गांड में ले ले। मेरी प्यारी बेटी मुझसे चुदेगी न?

शालु - हाँ पापा और चोदीये मुझे।

बंसल - आह बेटी, मेरे लंड से पानी निकलने वाला है।

शालु - निकलने दिजिये पापा, गिरा दिजिये मुट्ठ मेरी गांड में।

बंसल - आह बेटी।। मैं छूट रहा हूँ।।। ।आआआ हहह आआह्ह आआआह्ह्ह्हह।।।

बंसल ने अपना सारा मुठ शालु के गांड के अंदर ही गिरा दिया।

शालु - ओह पापा, आपका गरम-गरम मूठ मेरी गांड के अंदर बहुत अच्छा लग रहा है।

शालु - मैं तो आपके लंड की गुलाम हो गई पापा।

बंसल - सच बेटी? (बंसल ने अपना लंड शालु की गांड से बाहर निकाल लिया)

शालु - हाँ पापा, मैं क्या कोई भी लड़की आपके लंड की गुलाम हो जाएगी। कितना बड़ा और मोटा है आपका लंड़। वैसे पापा आप मुझे चोद रहे थे या रीना को।

बंसल - बेटी बुर मैंने तेरा चोदा है और गांड रीना की मारी है (बंसल कपडे पहन बेड पे बैठ जाता है, शालु भी टॉवल लपेट कर खड़ी हो जाती है)

शालु - (बिस्तर पर से अपने कपडे समेटते हुए) तो रीना की बुर भी चोद लिजीयेगा कभी?

बंसल - कैसे बेटी?
 
शालु - जैसे मेरी बुर चोदी आपने, वैसे आप चाहें तो मैं आपकी मदद कर सकती हूं।

बंसल - ओह बेटी, अगर तुम मेरी मदद करोगी तो मुझे रीना की बुर के दर्शन जल्दी हो जायेंगे (बंसल ने आँख मारते हुए कहा)

शालु - ठीक है पापा प्रोमिस, मैं आपको अपनी छोटी बहन का बुर दिलाऊँगी। (कहते हुए शालु बाथरूम चली जाती है)

बंसल बिस्तर पे लेटे रीना के ख्यालों में खो जाता है। उसने कभी सपने में भी नहीं सोचा था की वो कभी अपने बेटी को चोद पायेगा और खुद उसकी बेटी उसकी मदद करेगी अपनी बहन को चुदवाने में। रीना के ख्यालों में डूबा बंसल सो जाता है। शालु बाथरूम से बाहर आती है, पापा को सोता देख उन्हें बिना डिस्टर्ब किये कपडे पहन बालों में कँघी करने लगती है।

तभी थोड़ी देर बाद मोबाइल पे रिंग आती है।

शालु - हल्लो, कौन?

फोन पे - अरे दीदी मैं हूँ रीना।

शालु - ओह छोटी ये कौन से नंबर से फ़ोन कर रही है तू?

फोन पे रीना - ये घर का बीएसएनएल का नंबर है दीदी, शम को मैंने इसपे इंटरनेट भी एक्टिवट करा लिया है।

शालु - अरे वाह छोटी अच्छा किया अब तो हम दोनों हमेशा चैट कर सकेंगे ।

रीना - हाँ दीदी।। दीदी अपना लैपटॉप ऑन करो न। विडीओ चैट करते है। कितने दिन हो गए आपसे बाते किये हुये।

शालु - अच्छा रुक मैं लैपटॉप ऑन कर तुझे वीडियो चैट के लिए कॉल करती हूं।

थोड़ी देर बाद शालु पापा के बगल में बैठकर लैपटॉप ऑन करती है और वीडियो चैट के लिए रीना को कनेक्ट करती है।

शालु - हेलो रीना? क्या तू मुझे सुन पा रही है?

रीना - हाँ दीदी, सुन पा रही हू।

शालु - अच्छा तो तो अपना वेबकेम ऑन कर मैं अपना करती हूं।

शालु कैमरा ऑन करती है। उधर रीना भी कैमरा ऑन करती है। रीना सोफ़े पे बैठी एक टॉप पहनी हुई होती है।

रीना - वाह दीदी आप कितनी अच्छी लग रही हो।

शालु - धत्त पगल।। मुझसे ज्यादा तो तू अच्छी लग रही है? क्या बात है ?

रीना - कुछ नहीं दीदी आप भी ना।

शालु - हाँ हाँ अब घर पे न तो पापा हैं ही मैं, तो फिर तू तो अपने बॉयफ्रेंड के साथ घूमति होगी?

रीना - छोडो दीदी मेरा बॉयफ्रेंड कहाँ है, सारा दिन घर पे रहती हूं।

शालु - तो यहाँ आ जा न मेरे पास?

रीना - कैसे आऊँ दीदी, मुझे तो अभी डॉक्टर के लिए प्रैक्टिस करनी है। डॉक्टर बन जाऊंगी तब आउंगी।
 
शालु - तू यहाँ आ जा देख मुझे पापा के ऑफिस में नौकरी मिल गई।अच्छी सैलरी भी है। तू भी यहाँ आ जा।

रीना - दीदी नौकरी के लिए तो यहाँ हरियाणा में भी कंपनी है। लेकिन मुझे इंटरेस्ट नही।

शालु - क्यों? इंटरेस्ट क्यों नहीं?

रीना - वो दीदी बहुत से कॉल आते हैं लेकिन सारे मॉडलिंग के लिए है। डॉक्टर की प्रैक्टिस के लिए नही।

शालु - तो मॉडलिंग में क्या ख़राबी है। तू सुन्दर भी है, तेरा तो अच्छा कैरियर होगा। पार्ट टाइम कर ले और अगर मन भर जाए तो छोड़ देना। कुछ पैसे तो आ जाएंगे।

रीना - हाँ आपकी बात तो ठीक है, लेकिन मुझे करना क्या होगा?

शालु - कुछ ख़ास नही, कुछ नए कपडे ले ले और कुछ फोटो खिचवा ले। और हाँ कपडे मॉडर्न लेना मॉडलिंग के लिए ग्लैमरस बनना पड़ता है। यहाँ दिल्ली में तो लड़कियां जैसे आधी नंगी ही होती है।

रीना - ओह सच दीदी?

शालु - हाँ छोटी, पापा के ऑफिस में भी कुछ लड़कियां शॉर्ट्स में आती है, कभी क्लीवेज दिखाती हैं तो कभी नवेल तो कभी जांघे।। शुरू शुरू में तो पापा के साथ ऑफिस जाने में बहुत दिक्कत होती थी। लेकिन अब नहीं होती, अब तो मैं भी ऐसे कपडे पहन लेती हूँ ।

रीना - सच में दीदी, आप तो मॉडर्न हो गई है। वैसे पापा है कहाँ?

शालु - पापा सो रहे हैं यें (शालू वेबकेम घुमा कर पापा को दिखाती है)

रीना - दीदी होटल बहुत अच्छा लग रहा है। आपका बेड तो बहुत अच्छा है। और पापा का कमरा कौन सा है?

शालु - यही बेड है छोटी, रूम खाली नहीं था तो मैं और पापा एक ही कमरे में रुके है, एक ही बेड पे सोते है।

रीना - (थोडा शॉक होते हुए) ओह दीदी फिर तो आपको परेशानी होती होगी ना।

शालु - नहीं छोटी कोई प्रॉब्लम नहीं होती है, पापा के साथ कैसी प्रोब्लम। मुझे तो पापा के साथ सोना अच्छा लगता है। बहुत ख्याल रखते हैं पापा मेरा। ऑफिस से थक जाती हूँ तो मेरी मालिश भी कर देते है। मुझे प्यार से सुला भी देते है।

रीना - अच्छा दीदी, ये तो बहुत अच्छी बात है। पापा तो मम्मी की तरह ख्याल रखते हैं आपका।
 
शालु - हाँ। अच्छा सुन, कल तू शॉपिंग कर ले कुछ अच्छे कपडे ले लेना। या फिर घर पे ले कर आना मैं बताऊँगी कौन सी अच्छी है तो तू वो खरीद लेना। समझी, तेरी कुछ फोटो हो तो भेज देना या फिर मैं वेबकेम पे तेरा फोटो खीच लूंग़ी। फिर मैं पापा से

बात करती हूं, उनके ऑफिस में एक अंकल हैं जो मॉडलिंग फील्ड में है। वो तुम्हारे मॉडलिंग के लिए शायद ट्राइ कर सकते हैं तुम्हारे लिये।

रीना - ठीक है दीदी, कल संडे है मैं शॉपिंग के लिए जाऊंगी फिर पूरे दिन आपसे बात भी करुँगी।

शालु - ठीक है।

रीना - दीदी आप क्या पहनती हो ऑफिस में?

शालु - मैं पापा की सेक्रेटरी अप्पोइंट हूँ तो वेस्टर्न पहनती हूँ। कभी कभी साड़ी भी, लेकिन थोड़ा सेक्सी लुक के साथ।

रीना - सेक्सी लुक के साथ मतलब दीदी?

शालु - मतलब टाइट साड़ी, कमर को खुला रख के। नीचे साड़ी पहन के जिससे मेरी नाभि साफ़ दीखे।

रीना - ओह दीदी आप तो शरमाती नहीं ऐसा पहनते हुए? आपको सेक्सी दीखना जरुरी है क्या?

शालु - हाँ छोटी, बड़ी पार्टी में जाना होता है, लोगों से मिलना होता है तो इसलिए सेक्सी दीखना जरुरी है। अभी तो मुझे आदत हो गई है।

रीना - लेकिन पापा के सामने ऐसे?

शालु - ओह रीना, तुम बच्ची हो। ऑफिस में मैं और पापा बाप-बेटी नहीं है, हमदोनो बॉस सेक्रेटरी है। और पापा के लिए ये कोई नई बात नहीं है। उन्होंने तो यहाँ दिल्ली में न जाने कितनी लड़कियों को ऐसे नंगे देखा होगा। एक बात बोलूं जब मैं और पापा होटल आये थे न, उस टाइम रिसेप्शन पे होटल वाले ने हमे हस्बैंड वाइफ समझा और हमे हनीमून रूम दे दिया। रूम नहीं था तो हमने रिसेप्शन पे नहीं बोला की हम बाप बेटी हैं और चुपचाप हनीमून रूम ले लिया। रूम में जब मैं और पापा एंटर किये तो रूम काफी सजा था, अच्छी ख़ुश्बू आ रही थी। पापा ने मुझे वॉलेट ड्रावर में रखने को कहा और जब मैंने बेड के पास पड़े ड्रावर को खोला तो उसमे कंडोम के २-३ पैकेटस रखे थे। मैं पापा के सामने पूरी तरह शर्म से लाल हो गई थी। फिर मैंने वॉलेट अंदर रख तुरंत ड्रावर बंद कर दिया।

रीना - ओह माय गोड़, काफी शॉकिंग रहा होगा न?

शालु - हाँ। वो हमे अभी भी हस्बैंड वाइफ समझते है।
 
रीना - ओह।।!! होटल स्टाफ तो समझते होंगे की आप दोनों हनीमून पे आये है।

शालु - हाँ। रुक छोटी मैं जरा कपडे चेंज कर लू। (शालू बिस्तर से उठ कर कपडे चेंज करने लगती है)

रीना - ओके दीदी, पापा कहीं बाहर गए क्या?

शालु - नही, बोली न यहीं बेड पे सो रहे है।

रीना - दीदी, तो तुम वहीँ चेंज करोगी? पापा की नींद खुल गई तो?

शालु - ओह अब हर बार उनको रूम से बाहर तो नहीं भेज सकती न। अगर नींद खुल भी गई तो क्या?

(शालू अपनी ब्रा उतार कर टॉपलेस बेड पे होती है। रीना को शालु की नंगी पीठ दिखाइ देती है। वो समझ नहीं पा रही थी की दीदी कैसे पापा के सामने नंगी होकर कपडे चेंज कर रही हैं)

रीना - दीदी।। तुम तो बहुत बोल्ड हो गई हो वहां पे।

शालु - छोटी, ये सब तो छोटी छोटी बातें है। एक दिन मैं बाथरूम में केवल पेंटी पहन कर नंगी नहा रही थी और गलती से पापा ने दरवाजा खोल दिया। मैं उनके सामने बिना ब्रा के खड़ी थी। फिर उन्होंने मुह फेर लिया। इतना नहीं सोचते, तू भी मॉडलिंग ट्राई कर रही है तो थोड़ा बेशरम तो बनना ही पडेगा।

रीना - ओह माय गॉड तो क्या पापा ने आपके बूब्स को देख लिया।

शालु - हाँ छोटी, मेरे दोनों बूब्स को अच्छी तरह देख लिया। नहा रही थी तो निप्पल भी खड़े थे मेरे। वो तो थोड़ी देर तक मेरे नंगी चूचि और निप्पल देखते रहे। जब मुझे ध्यान आया तो मैंने अपनी हथेली से बूब्स को ढका।
 
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