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पाप पुण्य complete

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दीदी ने दर्द की उम्मीद में अपने होठो को अपने दांतों से काट लिया. थोडी देर पहले मुझे अफ़सोस हो रहा था की मैं सो क्यों गया और दीदी की गांड चुदाई नहीं देख पाया. अब मेरा अफ़सोस गायब हो गया और उसकी जगह उत्तेजना ने ले ली. अब मैं बेसब्री से इंतज़ार कर रहा था की रिशू अपना हलब्बी लंड दीदी की गांड के छल्ले के पार कर दे.

रिशू ने दीदी के चूतरो को पकड़ कर फैलाया और अपना लंड दीदी की गांड के छेद पर रख दिया. मेरा दिल धक् धक् करने लगा और तो दीदी का क्या हाल होगा. रिशू ने दीदी की गांड के छेद को फैलाते हुए अपना लंड उनकी गांड में ठूस दिया. दीदी का मुह तकिया से दबा होने के बावजूद उनके मुह से एक चीख निकल गयी.

उईई माँ मर्र्रर्र्र्रर्र्र गयीईईईइ.....

रिशू ने अगले धक्के के साथ ही अपने लंड को जड़ तक दीदी की गांड में पेल दिया. दीदी का शरीर कापने लगा. रिशू फिर से रेप वाले मोड़ में आकर दीदी के बाल पकड़ कर बोला...

बोल साली रंडी...दिखाएगी फिर से मुझे नखरे...हरामजादी....भोसड़ी वाली...कुतिया...

दीदी को गलिया देने के साथ ही उसके धक्को का जोर बढता जा रहा था. पर दीदी तो रिशू की खरीदी हुई रांड की तरह चुप चाप सब सुन रही थी और अपनी गांड में लंड पिलवा रही थी.

गांड की चुदाई में रिशू को इस बात का मज़ा आता था की गांड के छेद का कोई अंत नहीं होता. जहा तक चाहे पेलते जाओ. रिशू ने दीदी को पेट के बल लिटा दिया और उनकी चून्चियों को दबा दबा कर उनकी गांड मारने लगा.
 
शुरू में तो दीदी के मुह से केवल चीखे ही निकल रही थी पर धीरे धीरे उनको भी मज़ा आने लगा. अब रिशू ने अपनी तीन उंगलिया गचाक से दीदी के चूत में पेल दी और उनके गांड में धक्को की स्पीड और बड़ा दी. दीदी के एक छेद में रिशू की उंगलिया और दुसरे छेद में लंड अन्दर बाहर हो रहे थे. एक साथ दोनों छेद में रिशू को पाकर दीदी पूरी तरह मदमस्त हो गयी और झड़ने लगी. रिशू भी अब कगार पर था तो उसने अपने धक्को की रफ़्तार और बड़ा दी और दीदी की गांड में ही झड गया.

दीदी: अहह जान निकाल दी तुमने मेरी आअज

रिशू: अरे यार आदत नहीं हुई तुम्हारी अभी तक.

दीदी: आदत? अरे मैं कोई रंडी हूँ जो रोज़ १० बार चुदती हूँ और गांड मरवाती हूँ. पहली बार आज तुम्हारा ही लिया है आगे और पीछे भी. समझे. अब हटो मुझे बाथरूम जाना है.

रिशू: रुको. मैं भी चलता हूँ. तुम्हे मूतते देखना मुझे बहुत अच्छा लगता है.

मैं समझ गया की दोनों बाहर आने वाले है तो मैं जल्दी से ऊपर आ गया और अपने कमरे में आ कर लेट गया पर मेरी आँखों में नींद नहीं थी. करीब आधे घंटे बाद रिशू भी कमरे में आया और मुझे जगा हुआ देख कर बोला

क्यों बे गांडू, सोया नहीं...हा वैसे भी जिसकी बहन चुद रही हो उसे नींद कहा आती है. हा हा हा. रिशू मेरा मजाक उडाता हुआ बोला. पर एक बात तो है मैंने आज तक जितनी भी लडकिया चोदी है रश्मि को चोदने का मज़ा सबसे ज्यादा है. क्या झटके देती है चुदते हुए. तीन बार चूत मारी और दो बार तेरी बहन की कोरी गांड पर अभी भी इच्छा हो रही है की फिर से चट्टान पर रख चोद दू साली को.
 
अब मेरे मुह से निकल गया. ५ बार किया तुमने. सुबह भी तो ३ बार किया था. कैसे?

रिशू: अबे दवाई खाई थी मैंने. आखिर मेरे यार की बहन है, पहली चुदाई धमाकेदार होनी ही चाहिए थी. अब सो जा और मुझे भी सोने दे. बहुत थक गया हूँ.

अगले दिन भी रिशू ने दीदी को खूब चोदा और उसके बाद जब भी उसे मौका मिलता वो दीदी को अपने घर ले जाकर या मेरे घर आकर चोदता था. जब घर पर कोई नहीं होता तो दीदी खुद उसे फ़ोन करके बुला लेती थी और घंटो चुद्वाती थी. रिशू जब भी दीदी को चोदता मुझे पूरी चुदाई डिटेल में जरूर बताता पर दीदी मेरे सामने शरीफ बनी रहती थी.

मैंने कामिनी आंटी को एक दो बार चोदने का प्लान बनाया पर कुछ हो पाता उससे पहले की रिशू के पापा अपनी फॅमिली को भी अपने साथ दिल्ली ले गए. मेरे अरमान दिल में ही रह गए पर मुझे लगा की चलो रिशू अब दीदी को नहीं चोद पायेगा. एक दिन रिशू का फ़ोन आया. दीदी कहीं बहार गयी थी तो वो मुझसे बात करने लगा. उसने मुझे बताया की वो दो-तीन दिन के लिए रक्षाबंधन पर आ रहा है. उसने मुझे बोला की ३ दिन वो अपने घर पर अकेला रहेगा. उसने दीदी को यही बताने के लिए फ़ोन किया था और वो बाद में फिर से फ़ोन करके दीदी से बात कर लेगा.

मुझे अब रिशू से चिड होती जा रही थी. उधर दीदी ने अब मुझसे बात करना काफी कम कर दिया था शायद इसकी एक वजह ये थी की वो समझ गयी थी मेरी नज़रो में उनके लिए फर्क आ गया है. इसलिए मुझे दीदी की तरफ से भी कोई ऐसा मौका नहीं मिला जिसका मैं फायदा उठाता. दीदी दिन रात रिशू के ख्याल में ही खोई रहती थी.

मैंने देखा रात को वो मेरे सोने का वेट करती रहती है तो मैंने एक दो बार सोने का नाटक करके देखा की मेरे सोने के बाद वो गन्दी किताबे पढ़ती है और अपनी चूत में ऊँगली करती है. ये सब और फिर रिशू के मुह से दीदी की चुदाई की कहानिया सुन कर मेरे अन्दर दीदी को चोदने की इच्छा दिन पर दिन आग पकडती जा रही थी. मुझे लग रहा था की रिशू फिर से दीदी को चोदने आ रहा है और मैं उसे कैसे भी रोकू.
 
ऐसे में एक दिन मम्मी ने मुझे बुलाया और कहा तेरी मौसी का फ़ोन आया था, इस बार तेरे कजिन्स राखी पर नहीं आएंगे.

हर साल तो वही लोग आते है मम्मी क्यों न इस बार मैं दीदी को लेके वहां चला जाऊ. मैंने तुरंत मम्मी से कहा. मुझे लगा की जब हम यहाँ नहीं होंगे तो रिशू लंड हिलाता वापस चला जायेगा.

मम्मी: ठीक है. मैं आज ही तेरी मौसी को फ़ोन कर देती हूँ.

मोनू: नहीं मम्मी, हम उन्हें सरप्राइज देंगे.

मम्मी ने पैसे देकर मुझे बोला जाकर ट्रेन के टिकेट बुक करवा लाओ और मैं रिजर्वेशन करवाने चला गया. राखी से एक दिन पहले की टिकेट आराम से मिल गयी और जब मैं लौट कर आया तब तक दीदी को भी मम्मी ने बता दिया था. अब दीदी को तो पता नहीं था की उनका यार उनको चोदने के लिए उसी समय यहाँ आने वाला था तो वो आराम से जाने के लिए तैयार हो गयी. ट्रेन में बैठते ही दीदी मुझसे पहले ही तरह ही बातें करने लगी और मुझे लगा की हमारे लौटने तक सब नार्मल हो जायेगा. सफ़र अच्छा रहा और हम रात होने से पहले मौसी की कोठी पर पहुच गए.

जब हमने बेल बजाई तो मौसी का कुत्ता राकी हमारे स्वागत के लिए भौकता हुआ बाहर आया. दीदी को राकी से बहुत डर लगता था. राकी एक कट्टा कट्टा जर्मन शेफर्ड था. वैसे दीदी को सभी कुत्तों से डर लगता था पर राकी से वो कुछ ज्यादा ही डरती थी. तब तक मनीष भी बाहर आ गया. मैं आपको बता दूं की मेरी मौसेरी बहन का नाम मोनिका है. और उसकी भी उम्र १९ साल है और मेरा कजिन मनीष उससे १ साल बड़ा है पर मेरी उससे अच्छी बनती है. हम दोस्तों की तरह ही रहते है. मेरे मौसी और मौसा दोनों डाक्टर है और शहर का सबसे बड़ा नर्सिंग होम चलाते है. कुल मिलाकर अच्छे पैसे वाले लोग है.
 
मनीष हमे देख कर बहुत खुश हुआ और दरवाजा खोलने लगा पर दीदी बोली

पहले राकी को बांध दो फिर मैं अन्दर आऊंगी. मनीष हँसते हुए राकी को पकड़ कर अन्दर ले गया और हम पीछे पीछे अन्दर आ गए. अन्दर आ कर हमने देखा की घर पर और कोई नहीं था तब मनीष ने बताया की मौसी, मौसा और मोनिका हमारे मामा के घर चले गए है और घर पर केवल मनीष ही है.

दीदी ने कहा लो सरप्राइज देने की जगह मिल गया. मोनू तुम्हे आने से पहले फ़ोन कर देना चाहिए था.

मनीष ने कहा कोई बात नही. मैं अभी उन लोगो वो वापस बुला लेता हूँ और उसने मामा के घर फ़ोन करके हमारे आने के बारे में बता दिया. तब मौसी ने फ़ोन पर मुझसे कहा की अच्छा हुआ की तुम लोग आ गए अब तुम लोग आराम करो हम कल दोपहर तक वापस आ जायेंगे.

फिर हम मनीष के साथ डिनर करने चले गए और वापस आते आते १० बज गया और रश्मि मोनिका के रूम में सोने चली गयी और मैं मनीष के रूम में उसके साथ सोने आ गया. मनीष मुझसे बोला की यार आज घर पर कोई था नहीं इसीलिए एक दोस्त से ब्लू फिल्म ले के आया था. देखेगा? मैंने कहा पर अगर टीवी रूम में रश्मी दीदी आ गयी तो. मनीष बोला यही रूम में कंप्यूटर पर लगा लेते है. और हम ब्लू फिल्म देखने लगे और उसने अलमारी से व्हिस्की की बोतल निकाली और बोला आज ऐश करवाता हूँ तुझे और दो लार्ज पेग बना दिए. मैंने इससे पहले बियर ही पी थी, ये पहली बार मैं व्हिस्की पी रहा था और हम दोनों भाई पीते पीते ब्लू फिल्म का मज़ा ले रहे थे.

पर दोस्तों हर ब्लू फिल्म की हीरोइन में मुझे रश्मि दीदी नज़र आ रही थी और उसको चोदने वाला हर आदमी रिशू... देर रात तक हम पीते रहे, हमे काफी चढ़ भी गयी थी और हम काफी गरम भी हो गए थे.

मोनू: भाई रहा नहीं जा रहा, मैं तो मुठ मारने जा रहा हूँ.

मनीष: यार कभी कोई लड़की चोदी है.

मोनू: नहीं यार, हमारी किस्मत में लौंडिया कहा. हम तो हांथो से गुजारा कर रहे है भाई. तुम्हारी तो गर्ल फ्रेंड है, तुमने तो बहुत पेला होगा.
 
मनीष: कहा यार, कुछ दिनों पहले एक दोस्त का घर कुछ दिनों के लिए खाली था तो उसने एक रात को रंडी बुलाई थी तब हम दोनों ने उसको चोदा था. उसके बाद कभी मौका नहीं मिला. गर्ल फ्रेंड है तो मगर ज्यादा कुछ करने नहीं देती. उस रंडी की उम्र ३५-३८ साल की होगी फिर भी बहुत मज़ा आया था. सोचता हूँ कोई १८-२० साल का कड़क माल हो तो लेने में कितना मज़ा आयेगा.

मोनू: भाई लौंडिया तो अब सपने में मिलेगी तो तुम जल्दी से हिला के सो जाओ.

मनीष: यार अगर बुरा न मानो तो एक बात कहूँ.

मोनू: ऐसी क्या बात है.

मनीष: यार लौंडिया तो यही है और बहुत करारी भी, मेरा तो बहुत दिनों से दिल है उस पर अगर तुम कहो तो मैं उसको चोद लू.

मोनू: अब इस वक़्त लौंडिया. मैं कहूँ तो चोदेगा मतलब. किसकी बात कर रहा है.

मनीष: रश्मि की.

मुझे ये सुन कर बहुत गुस्सा आया की साला पूरी दुनिया को चोदने के लिए मेरी ही बहन नज़र आती है. मैंने तो अभी तक उनको चोदा नहीं और ये साला पहले दीदी को चोद ले पर मैं उसके सामने खुलना नहीं चाहता था इसीलिए बोला

मोनू: या तो तुम्हे ज्यादा चढ़ गयी है या तुम बहुत बड़े कमीने हो. साले बहन पर ऐसी नज़र रखते हो अगर मैं तुमसे कहूँ की मैं मोनिका को चोदना चाहता हूँ तो तुम्हे कैसा लगेगा. तुमको ज्यादा चढ़ गयी है इसीलिए मैं तुमको माफ़ कर देता हूँ अगर ये बात तुमने होश में की होती तो तुम्हे बहुत मारता.
 
मनीष: यार कहा था की बुरा मत मानना. तुम तो नाराज़ हो गए. अगर तुम मोनिका को चोदने को कहोगे तो मैं कहूँगा की अगर चोद सको तो चोद लो. यार हम लोग सेक्स को अजीब तरीके से देखते है. यार एक बात बताओ रश्मी या मोनिका क्या कभी चुदेंगी नहीं. अब उनकी चूत में एक आदमी का लंड जाये दो का या तीन का क्या फरक पड़ता है.

अन्दर ही अन्दर मेरे मन में आया की बेटा मेरी बहन तो चुद भी चुकी और क्या पता तेरी बहन ने भी कितने लंड लीले होंगे. सबको लगता है की हमारी बहन तो बहुत भोली है पर जब से दीदी को रिशू से चुद्वाते देखा तब पता चला की हर जवान लड़की की जरूरत लंड है पर ऊपर से मैंने मनीष की बात का विरोध किया

मोनू: चुप रहो यार, अपनी बहनो के बारे में कोई ऐसा नहीं सोचता.

मनीष: मैं तुम्हे सगे भाई बहन की ब्लू फिल्म दिखा सकता हूँ मेरे पास है. इसमें लड़के और लड़की अपना ड्राइविंग लाइसेंस दिखाते है जिससे ये पता चला की दोनों के बाप और एड्रेस एक ही है और दोनों शकल से भी भाई बहन लगते है और फिर धुआधार चुदाई करते है.

मोनू: मुझे नहीं देखनी यार कोई फिल्म. दीदी नहीं मानेगी.

मनीष को क्या पता था की मैं अपनी सगी बेहेन की लाइव ब्लू फिल्म देख चूका हूँ और उससे ज्यादा दीदी को चोदने को मरा जा रहा हूँ. कुछ व्हिस्की का असर कुछ मनीष की बातों का मेरा लंड एक दम लोहे के राड की तरह खड़ा हो गया. इसी नशे में जब मेरे मुह से निकला की दीदी नहीं मानेगी तो मनीष समझ गया की मैं मान गया हूँ.
 
मनीष ने इसको महसूस किया और आग में घी डालते हुए बोला की सोचो ऐसा सुनेहरा मौका दुबारा नहीं मिलेगा जब रश्मि और हम दोनों के सिवा घर में कोई नहीं है. अगर आज मैंने रश्मी को चोद लिया तो तुमसे भी चुदवा दूंगा फिर जिंदगी भर के लिए तुम्हारे लिए फ्री की चूत का जुगाड़ हो जायेगा. कसम से कह रहा हूँ की अगर ऐसा मौका मुझे मोनिका के साथ मिलता तो पूरी रात नंगी करके चोदता और तुमसे भी चुद्वाता.

मैंने सोचा के ये कह तो सही रहा है और रिशू ने कैसे बेदर्दी से दीदी को चोदा था पर फिर भी वो उससे चुदवाने दौड़ी दौड़ी जाती है पर मैंने मनीष से कहा दीदी ने अगर उसने घर पर बोल दिया तो.

मनीष मुझे तैयार होता देख कर खुश हो गया और बोला की यार तुम मेरे साथ तो चलो और मैं जो बोलूं वो करते रहना बस. मैंने कहा तुम जाओ मैं बाद में आ जाऊँगा.

मनीष बोला यार डरो मत मेरे साथ आओ. फिर वो मोनिका के रूम की तरफ चला गया और मैं भी हिम्मत करके उसके पीछे चल दिया. दीदी ने रूम अन्दर से लॉक कर रखा था पर मनीष के पास लॉक की दूसरी चाभी थी और उसने रूम का डोर खोला और हम दोनों अन्दर आ गए. अन्दर अँधेरा था. मनीष ने नाईट लैंप ऑन किया.

हलकी पीली रौशनी कमरे में फ़ैल गयी. रश्मि दीदी बेड पर गहरी नींद में सो रही थी और उन्होंने मोनिका की नाइटी पहनी थी और वो बहुत सेक्सी लग रही थी. मनीष दीदी को हवस की नजरों से देख रहा था. उनके मम्मे जो रिशू ने दबा दबा कर बड़े कर दिए थे एक दम कच्चे आम की तरह उभरे हुए थे.
 
मुझे पता था की दीदी बहुत बड़ी चुद्दकड़ बन गयी है पर फिर भी मुझे डर लग रहा था पर मनीष के ऊपर तो दीदी की जवानी को पीने का नशा चढ़ा था तो उसने आगे बढ़कर दीदी नाइटी को ऊपर खिसका दिया.

दीदी की संगमरमर जैसी सफ़ेद जांघे देख कर मेरे लंड से जैसे पानी ही निकल गया. दीदी ने गुलाबी रंग की फ्लावर प्रिंट की पैंटी पहिनी थी. मनीष ने वही स्टडी टेबल पर राखी एक केंची उठाई और दीदी की पैंटी को दोनों तरफ से धीरे धीरे काट दिया. दीदी ने कोई हरकत नहीं की.

अब रश्मि दीदी की गुलाबी चूत हमारी आँखों के सामने थी. दीदी की चूत को इतने पास से देख कर ऐ सी कमरे में भी मेरा बदन गर्मी से जलने लगा.

रश्मि दीदी की चूत पाव रोटी की तरह फूली हुई थी और उस पर बहुत हलके से काले बाल थे. दीदी को शेव किये १-२ दिन ही हुए होंगे.

फिर मनीष ने धीरे से नाइटी को भी बीच से काट दिया. दीदी ने वाइट कलर की ब्रा पहनी थी और उनका चिकना पेट, नाभि, चूत अब हमारे सामने नंगा था.
 
अब मनीष से कण्ट्रोल नहीं हुआ और उसने ब्रा के ऊपर से ही रश्मि दीदी की चूची को दबा दिया.

दीदी फ़ौरन जाग गयी और अपनी हालत और हम दोनों को कमरे में देख कर शॉक हो गयी. उन्होंने मनीष को धक्का दिया और बेड से खड़ी को कर गुस्से से बोली की ये क्या कर रहे हो तुम मनीष और मोनू तुम खड़े हो कर देख रहे हो. मैं तुम्हारी बड़ी बेहेन हूँ.

मुझे समझ में नहीं आया की क्या कहू पर तभी मनीष बोला रश्मि आज हम एक नया अटूट रिश्ता बनायेगे जो की दुनिया का सबसे पुराना रिश्ता है. आदमी और औरत के जिस्म का रिश्ता.

रश्मि: बकवास बंद करो और दोनों रूम से बाहर निकल जाओ.

मनीष: अब हम कहीं नहीं जायेंगे. आज हमें कोई रोक नहीं सकता.

रश्मि: तुम चाहते क्या हो मनीष.

मनीष: तुम्हे चोदना चाहते है बेहना.

रश्मि: पागल हो गए हो क्या. अगर तुमने कुछ किया तो कल मौसा जी से कहके तुम्हे घर से निकलवा दूँगी और मोनू तुम कुछ तो करो क्या पुतले की तरह खड़े हो.

मनीष: कल तुम्हे जो करना है तुम करना पर आज की रात हमारी है. और सुन मोनू अब हम पीछे नहीं हट सकते. जब हम इसको एक बार चुदाई का मज़ा देंगे तब रोज खुद टांगे खोल कर हमें बुलाएगी. चल पकड़ इसे जब तक मैं अपने कपडे उतारता हूँ.
 
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