• Hello Friends You can Register on the Forum and by posting you can earn money too.

पाप पुण्य complete

  • Thread starter Thread starter StoryPublisher
  • Start date Start date
रिशू दीदी को इस तरह पड़े देख पागल हो गया और वहीं पलंग के पास नीचे बैठ गया.

फिर उसने दीदी की दोनों टांगो को फ़ैला कर उसने अपना मुंह दीदी की चूत में लगा दिया. अब रिशू ने दीदी की चूत को चूसना शुरु कर दिया. उसके मुंह से चप चप चपड चपड की अवाज आने लगती है. दीदी के मुंह से उत्तेजना के मारे आह निकलने लगा और वो अपना सर पलंग में इधर उधर घुमाने लगी और अपने दोनों हाथों को उपर कर के दीदी ने तकिये के कोनों को जोर से पकड़ लिया और उसे मसलने लगी.

रिशू अपने दोनों हाथ दीदी की गांड़ के नीचे ले गया और थोड़ा जोर लगा कर उसने दीदी के चूतरो को उपर उठा दिया. अब दीदी की चूत और भी असानी से उसके मुंह मे आ गयी ,रिशू ने अपने मुंह में ढेर सारा थूक भर कर रश्मि दीदी की चूत में उंड़ेल दिया जिससे उनकी चूत और भी चिकनी हो गयी.
 
अब वो दीदी की चिकनी चूत की फ़ांको पर अपनी जीभ रगड़ने लगा और चूत के अंदर के गुलाबी भाग को अपनी जीभ से सहलाने लगा.

रश्मि दीदी मारे उत्तेजना के पागल हो गयी और अपनी चूत जोर जोर से हिलाने लगी. अब रिशू के लिये उसकी चूत मे मुंह लगाये रखना कठिन हो रहा था तो उसने और भी ताकत से अपना मुंह दीदी की चूत में लगा दिया और अपनी जीभ दीदी की जवान चूत के छेद में ड़ाल कर अंदर बाहर करने लगा.

इस तरह जीभ के अंदर बाहर होने से दीदी थरथराने लगती और वो बुरी तरह से उत्तेजित हो गयीं. वो आंखे बंद किये अपना सर तेजी से इधर उधर पटकने लगी. दीदी की बदहवासी ने रिशू को और भी ज्यादा उत्तेजित कर दिया अब वो और भी अधिक जोश से दीदी की बुर को चूसने लगा.

चूत के इस बुरी तरह से चूसे जाने के कारण रश्मि दीदी का खुद से नियंत्रण पूरी तरह से खतम हो गया था और उनकी चूत से उत्तेजना के मारे चिकना पानी निकलने लगा और दीदी झड गयी. दीदी के बुर के मादक पानी ने रिशू की उत्तेजना को और भी अधिक बढा दिया. उसके लिये अब अपना लंड़ रश्मि की चूत से बाहर रखना संभव नहीं था.

उसका लंड अब बुरी तरह से झटके मार रहा था और बुरी तरह से दुखने भी लगा था.
 
रिशू दीदी की जवान बुर के रस का अभी और मजा लेना चाहता था और उसका मन अभी उनकी चूत चूसने से भरा नहीं था.

वो दीदी की चूत और भी कुछ देर तक चूसना चाहता था लेकिन वो भी अपने लंड़ की बगावत के आगे मजबूर हो गया और ना चाहते हुए भी रिशू ने अपना मुंह दीदी की रसीली चूत से अलग कर दिया.

अब रिशू पलंग पर चढ़ गया और लाल सुर्ख आंखों से अपने सामने पड़ी नंगी पड़ी अपने दोस्त की बेहेन के जिस्म को कामुक निगाहों से देखने लगा. उसके देखने का अंदाज ऐसा था मानो वो उसे अपनी नजरों से ही उसे चोद देना चाहता हो.

दीदी के संपूर्ण शरीर पर भरपूर निगाह ड़ालने के बाद उसकी निगाहें अब उनकी उभरी हुई चूत पर जा टिकी. बिना बालों वाली दीदी की चिकनी सलोनी चूत जिसे अभी कुछ ही क्षणों पहले रिशू ने चूस चूस कर मेरी बहन की जवानी का रस पिया था चूसे जाने के कारण फूल कर बाहर की तरफ उभर आई थी और उसकी दरार साफ़ दिख रही थी.
 
रश्मि दीदी की चूत अभी भी गीली थी और उनके मन की कामवासना चिकने पानी के रुप में उसकी चूत से बाहर आ रही थी.

रिशू ने जैसे ही चूत चूसना बंद किया दीदी को अपनी चूत में एक अजीब सा खालीपन महसूस होने लगा. उन्हें महसूस होने लगा कि मेरी चूत में कुछ होना चाहिये जो इस वक्त नहीं है, चूत के इस खालीपन को भरने के लिये दीदी की चूत में एक अजीब सी खुजली होने लगी और उसकी वजह से दीदी की चूत अपने आप झटके मारने लगी.

रश्मि दीदी ने आंखे खोल कर रिशू की तरफ़ देखा तो उसे अपनी चूत को घूरते हुए पाया , रिशू को इस तरह अपनी चूत को घूरते और अपनी चूत के लगातार झटके मारने के कारण वो शर्मा गयी.

दीदी का चेहरा मारे शर्म के लाल सुर्ख हो गया और उन्होंने फ़िर से अपनी आंखों को बंद कर अपना चेहरा घुमा लिया.
 
रश्मि दीदी की शर्म भले ही ना खतम हुई हो लेकिन लगातार देर तक रिशू के सामने नंगी पड़ी रहने से उनकी झिझक खतम हो चुकी थी और अब वो अपने दोनों पैर बिस्तर पर इधर उधर बार बार फ़ैला रही थी इससे उसके नग्न शरीर की मादकता और भी बढ़ रही थी जो रिशू को और भी उत्तेजित कर रही थी.

अब रिशू ने दीदी के बिस्तर पर फ़ैले दोनो पैरों को अपने दोनों हाथों से पकड़ लिया और उसे उसे दांए बांए फ़ैला दिया अब मुझे बाहर से भी दीदी की चूत साफ़ दिखाई देने लगी.

रिशू अब अपनी कमर को दीदी की जांघो के बीच में ले गया और अपना लंड़ दीदी की धड़कती चूत पर रगड़्ने लगा.

रिशू का गरम लंड़ अपनी चूत से टकराते ही दीदी के दिल की धड़्कन तेज हो गयी क्योंकि उन्हें फिर से रिशू के लंड़ का स्वाद जो मिलने वाला था.

अपना लंड़ रश्मि की चूत में ड़ालने से पहले रिशू अपना मुंह रश्मि दीदी के गालों के पास ले गया और उन्हें बेतहाशा चूमने लगा और फ़िर काम की उत्तेजना में बोला...रश्मि मेरी जान आज से तुम सदा सदा के लिये मेंरी हो गइ हो, आज मैं तुम्हें ऐसे चोदुंगा की तुम बार बार चुदवाने मेरे पास आओगी. तुम्हे आज इस बात का अफ़सोस होगा कि तुम आज तक इस सुख से वंचित क्यों रही?
 
ये कहकर उसने दीदी के गालों को चूम लिया. उसके बाद रिशू उठा और फ़िर से अपना लंड़ दीदी की चूत में रगड़्ने लगा.

उसका एक हाथ रश्मि दीदी की जांघो और उनकी गांड़ को सहला रहे थे और दूसरे हाथ से वो दीदी की छातियों को मसल रहा था. अब रिशू के सहन शक्ति दे रही थी और उसने अपना लंड़ रश्मि दीदी की चूत के मुहाने में लगा दिया.

लंड़ के चूत में लगते ही दीदी सतर्क हो गयी और आगे होने वाली घटना का अनुभव करते हुए अपनी आंख और होठों को बुरी तरह से भींच लिया. इधर रिशू भी बेहद उत्तेजित और खुश था आखिर पिछले कई महिनों की उसकी हसरत आज पूरी जो हो गयी थी.

रिशू ने अपने लंड़ में थोड़ा सा दबाव डालकर हल्का सा धक्का दिया और अपने लंड़ का सुपाड़ा दीदी की चूत में घुसेड़ दिया.

लंड़ के अंदर जाते ही रश्मि दीदी की चूत के अंदर एक खलबली मच गयी और दर्द से उसके मुंह से एक आह निकल गयी. अभी दीदी की चूत में पहली चुदाई का दर्द बरक़रार था और रिशू ने दुबारा दीदी को चोदना शूरू कर दिया.
 
फिर कुछ क्षणों तक दीदी को दर्द से कराहते देख रिशू ने उसका मजा लिया फ़िर थोड़ा और धक्का उसने अपने लंड़ मे लगाया तो लंड लगभग आधा दीदी की चूत में चला गया.

लंड़ के आधा अंदर जाते ही रश्मि दर्द से बिलबिलाने लगी और कराहने लगी आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह उईईईईई मां , मर गई मै तो , मांऽऽऽऽऽऽऽऽऽऽऽऽ, बस करो रिशू सहन नहीं हो रहा है, प्लीज छोड़ दो मुझे, निकालो न उसे बाहर. दीदी को इस तरफ़ फ़ड़्फ़ड़ाते हुए देख रिशू को मजा आ रहा था.

कुछ क्षणों तक दीदी को इस तरह देखने के बाद अचानक रिशू ने एक जोर का धक्का लगाया और उसका पूरा का पूरा मोटा लंड़ दीदी की चूत में समा गया और रश्मि दीदी के मुंह से एक चीख निकल गयी. आईईईईईईईईई मांऽऽऽऽऽऽऽऽऽ बचाओ मुझे, दीदी की आंखो में दर्द के मारे फिर से आंसू आ गए.

लंड़ को पूरी तरह से रश्मि दीदी की चूत मे उतार देने के बाद रिशू दीदी के नंगे जिस्म पर लुड़क गया और उन्हें अपनी बाहों मे जकड़ कर अपना मुंह दीदी के होठों पर लगा दिया. अब वो अपनी कमर को हौले हौले हिलाने लगा जिससे उसका लंड़ दीदी की चूत में अंदर बाहर होने लगा.

मैं सोचने लगा अब दीदी को इतना दर्द क्यों हुआ जबकि थोड़ी देर पहले एक बार तो वो चुद चुकी है. उधर रिशू अपने मकसद में कामयाब हो गया था और उसने मुझे दिखा दिया की दीदी अपनी मर्जी से उससे चुदवा रही थी. रश्मि दीदी के बेपनाह खूबसूरत नंगे जिस्म के अपने अधिकार में होने की कल्पना से रिशू की उत्तेजना और भी बढ़ गयी और उसका लंण्ड़ लोहे के समान कड़्क हो गया.

अपने लंड के और भी कड़क हो जाने से वो और भी उत्तेजित हो गया और उसने रश्मि दीदी को बुरी तरह से अपनी बाहों में भीच लिया और जोर जोर से अपनी कमर को हिलाने लगा.
 
रिशू अपना लंड इतनी जोर जोर से दीदी की चूत में ड़ाल रहा था कि चूत और लण्ड़ की इस टक्कर में फ़च फ़च बद बद की आवजे कमरे में गूंजने लगी और हर झटके के साथ रश्मि दीदी के मुंह के एक आह निकल रही थी. आहह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह्ह उइईईईई मांम्म्म्मां बस्स्स्स्स्स ओफ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़ दीदी के मुंह के से निकलने वाली कराहों से रिशू और भी ज्यादा उत्तेजित हो गया और वो पूरी मस्ती में झूम झूम कर दीदी को चोदने लगा.

दोनों की आखें बंद थी और दोनो एक दूसरे से बुरी तरह से लिपटे हुए थे, दोनों के मुह से थोड़ी थोडी देर में उह्ह आह्ह ओफ़्फ़ की हल्की से आवाजे निकल रही थी और कमरे के वतावरण को कामुक बना रही थी. दीदी का हाथ अब रिशू के पीठ पर था और वो आहिस्ता आहिस्ता उसकी पीठ पर अपना हाथ घुमाने लगी.

तभी रिशू हौले से अपना सर उपर उठाया और धीरे से अपनी आंख खोल कर रश्मि दीदी की तरफ़ देखा, उसकी आंखे काम की उत्तेजना के कारण लाल सुर्ख थी. उसने देखा कि दीदी हौले हौले अपना सर कभी दाएं तो कभी बांए घुमा रही है. वो बार बार अपने होठों को अपने दातों से दबा लेती थी. उनके ऐसा करने का मतलब साफ़ था कि वो भी चुदाई के खेल का भरपूर मजा ले रही थी.

रश्मि दीदी को इस तरह करते हुए देख रिशू ने उत्तेजना के आवेग में दो तीन जोर के झटके उनकी चूत में लगा दिए तो दीदी के मुंह से जोर से चीख निकल गयी आह्ह्ह्ह

फिर रिशू ने दीदी को जोर से भीच कर ताबड़्तोड़ उनके गालों को चूमना शुरु कर दिया. इस तरह चूमने से दीदी भी उत्तेजित हो गयी और उन्होंने भी रिशू को जोर से भींच लिया. वो और भी तेजी से उसकी पीठ पर हाथ घुमाने लगी.

कुछ देर तक इसी तरह से दीदी को चोदने के बाद रिशू थोडा उपर उठा और अपना बांया हाथ पलंग पर रख कर उसी के सहारे थोडा उंचा हो गया. अब वो दीदी को असानी से हरकते करते हुए देख रहा था. वो उसी अवस्था में अपनी कमर लगातार हिला रहा था और अपना लंड दीदी की चूत में अंदर बाहर कर रहा था. अब वो अपना एक हाथ दीदी के नंगे जिस्म पर घुमाने लगा
 
उसके हाथ अब दीदी के चेहरे पर घुम रहे थे कभी वो अपना हाथ उनके गालों पर घुमाता तो कभी होठों पर तो कभी बालों में. इसी तरह अपने हाथों को घुमाते हुए रिशू ने अपना हाथ धीरे से दीदी की जवानी के रस से भरी हुई छातियों पर रख दिया और दीदी को दोनों चून्चियो को बारी बारी से मसलने लगा.

कभी रिशू मेरी बहन की छाती के क्लिवेज देखने के सपने देखता था और आज उसी रश्मि की गदराई छातियां उसके सामने एकदम नंगी खुली पड़ी थी और वो उसे जोर जोर से मसले जा रहा था. ज्यादा मसले जाने के कारण रश्मि दीदी की छातिय़ां लाल हो गई थी और उसमे रिशू की उंगलियों के लाल निशान साफ़ तौर पर दिख रहे थे. अब रिशू नें थोडा निचे झुकते हुए उनके बाएं बूब्स के निप्पल को अपने मुंह में ले लिया और उसे जोर जोर से चूमने लगा और अपने दूसरे हाथ से उनका दायां दूध मसलने लगा और नीचे अपने लंड़ के धक्के उसने दीदी की चूत में लगाने जारी रखे .

इस तरह बूब्स को दबाने और चूसने और अपनी चूत में लगातार लंड़ के झटके पड़ने से रश्मि दीदी भी काम उत्तेजना में झूम गयी और अपनी कमर को हौले हौले झटके देने लगी. एक दूसरे की बाहों में नग्न रश्मि और रिशू लगातार अपनी कमर को झटके दे कर चुदाई में इतने तल्लीन हो चुके थे कि कि वो दोनों ही अपनी सुध बुध खो चुके थे.

कुछ देर तक इसी तरह अपनी सुध बुध खो देने वाली चुदाई के बाद रिशू उपर उठा और दीदी की चूंची चूसना छोड़ कर अब वो उनके उपर उकडू बैठ गया. उसका लंड अभी भी दीदी की चूत में था.

अब उसने दीदी की दोनों चून्चियो को फ़िर अपने दोनों हाथों ले लिया और बुरी तरह मसलने लगा और अपने लंड़ को और भी जोर जोर से दीदी की चूत में पेलना शुरु कर दिया. दीदी का चेहरा आनंद से खिल उठा. रिशू की इस हरकत से उन्हें इतना आनंद मिला कि उसके मुंह से आहह्ह्ह्ह आहह्ह्ह्ह आहह्ह्ह्ह आउच्च्च्च्च्च्च्च ओफ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़ की अवाज निकलने लगी और वो वासना के समुन्दर में गोते लगाने लगी.
 
रिशू दुबारा उनकी ऐसी चुदाई करेगा ऐसा दीदी ने सपने में भी नहीं सोचा था.

मैंने देखा की रश्मि दीदी अब अपनी सारी हिचक और शरम को छोड़ उन्मुक्त भाव से रिशू का साथ दे रही है और अपनी हवस शांत करने के लिये उन्होंने अपना नंगा शरीर पूरी तरह रिशू को सौंप दिया है. कहीं से कोई प्रतिरोध नहीं था और दीदी ने रिशू को अपने नंगे जिस्म के साथ मनमानी करने और उससे खिलवाड़ करने की पूरी छूट दे दी थी.

रश्मि दीदी के इस उन्मुक्त समर्पण ने रिशू को और भी हब्शी बना दिया वो और भी चुदासा हो कर दीदी को चोदने लगा. रिशू और जोरों से उनकी चूत में झटके मारने लगा. दीदी की पहाड़ के जैसी चून्चियो को उसने और भी जोरों पकड़ लिया और इस तरह नोचने लगा मानों वो दीदी की छातीयों से उखाड़ कर उनके शरीर से अलग करना चाहता है.

रश्मि दीदी अपना सर बड़ी ही तेजी से इधर उधर घुमा रही थी. शायद वो फिर से झड़ने लगी. अपनी ऐसी चुदाई से अब वो हांफ़ने लगी थी और अब लंबी लंबी सांसे ले रही थी. पर रिशू उसकी इस हालत को देख उत्तेजना के सागर में डूबता चला गया और दीदी की चून्चियो को छोड़कर अब अपने दोनों हाथ उनकी पीठ के नीचे ले जाकर उन्हें आहिस्ता से उठा कर अपनी गोद में बिठा लिया.

पूरी तरह से निढाल हो चुकी दीदी के दोनों हाथ दाएं बाएं झूलने लगे और वो रिशू की गोद में समा गयी. रिशू का लंड़ दीदी की चूत से बाहर नहीं आया और चूंकी वो उसकी गोद में बैठी थी इसलिये उनकी दोनों चून्चिया रिशू के मुंह के पास झूल रही थी. रिशू ने मारे उत्तेजना के दीदी के विशाल चून्चियो को अपने मुंह में भर लिया और उसमें भरे जवानी के रस को पीने लगा.
 
Back
Top