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Guest
पहले मैंने रश्मि दीदी के नीचे से निकल कर मनीष के लिए ज्यादा स्पेस बनाया, जिससे की वो ज्यादा आजाद होकर अपने लंड को दीदी के चूतड़ों में पेल सके.
मेरा सोचना बिल्कुल सही था और मेरे हटते ही मनीष ने शहंशाही अंदाज में अपने रुस्तम लंड को मेरी दीदी के चूतड़ों में पेल दिया. सिसकारियाँ भरते हुए रश्मि दीदी ने अपने चूतड़ स्थिर रखते हुए मूसल लंड के पूरा अन्दर घुस जाने का इंतजार किया और फिर जब मनीष ने हल्के-2 धक्कों से धीरे-2 चोदना शुरू कर दिया तो मैंने भी अपनी दीदी के चूतड़ों के पीछे जाकर अपने लंड से दीदी की गांड को कुरेदना शुरू किया जो पहले से ही मनीष के लंड से पूरी तरह भरी थी.
काफी मशक्कत के बाद आखिर मैंने भी अपने झटके मारते हुए लंड को मनीष के लंड के समान्तर रश्मि दीदी की गांड में घुसेड़ दिया तो उनके मुह से एक गगनभेदी चीख निकल गयी... दर्द तो मुझे भी हुआ पर यह वाकयी गजब का अनुभव था..
मैं रश्मि दीदी की चुदती हुई गांड के अन्दर पहुँच चुका था जहाँ पहले से ही मनीष के लंड ने ग़दर मचाते हुए तबाही ला रखी थी..
और अब दो लंडों के मिल जाने से दुगनी रफ़्तार से चुदाई जरूरी थी और हम दोनों भाइयों ने हमारी बहन की गांड के परखच्चे उड़ाते हुए चुदाई शुरू कर दी.
मेरा सोचना बिल्कुल सही था और मेरे हटते ही मनीष ने शहंशाही अंदाज में अपने रुस्तम लंड को मेरी दीदी के चूतड़ों में पेल दिया. सिसकारियाँ भरते हुए रश्मि दीदी ने अपने चूतड़ स्थिर रखते हुए मूसल लंड के पूरा अन्दर घुस जाने का इंतजार किया और फिर जब मनीष ने हल्के-2 धक्कों से धीरे-2 चोदना शुरू कर दिया तो मैंने भी अपनी दीदी के चूतड़ों के पीछे जाकर अपने लंड से दीदी की गांड को कुरेदना शुरू किया जो पहले से ही मनीष के लंड से पूरी तरह भरी थी.
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मैं रश्मि दीदी की चुदती हुई गांड के अन्दर पहुँच चुका था जहाँ पहले से ही मनीष के लंड ने ग़दर मचाते हुए तबाही ला रखी थी..
और अब दो लंडों के मिल जाने से दुगनी रफ़्तार से चुदाई जरूरी थी और हम दोनों भाइयों ने हमारी बहन की गांड के परखच्चे उड़ाते हुए चुदाई शुरू कर दी.