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फॅमिली में मोहब्बत और सेक्स --51
कुशल का लंड ऐसे होंठो के बीच था कि जो चाहे कितनी भी बार इस लंड को चूसे ये लंड बोर नही होने वाला था. और आज की रात तो जैसे ख़तम ही नही होने वाली थी क्यूंकी स्मृति भी फुल मूड मे थी और कुशल तो हमेशा ही एवरग्रीन रहा है.
स्मृति ऐसे ही उसका लंड चूसे जा रही थी और कुशल के मूँह से सिसकारियाँ निकलना शुरू हो गयी थी.
“उफफफफफ्फ़………….. ओूऊऊऊऊओ…आआहहह……….. “ कुशल ऐसी ही सिसकारियो के साथ अपने हाथ स्मृति की पीठ की तरफ बढ़ाता है. स्मृति आधे से ज़्यादा लंड अपने मूँह मे ले चुकी थी. कुशल अपना हाथ पीठ से और नीचे ले जाना चाह रहा था जहाँ स्मृति की गान्ड थी लेकिन वो ऐसा कर नही पाया.
कुशल की हालत और भी खराब होती जा रही थी. जवान खून था और पूरी रात बाकी थी.
“ आअहह……… मेडम आज तो दिखा दो अपने उस छेद को…….. जिसके लिए मैं दीवाना हू……….. उफफफफफफफ्फ़ मेरी जाआअन्न्नणणन्….. ओह…….” कुशल की हालत बहुत ही ज़्यादा खराब हो रही थी.
कुशल की ये बात सुन कर स्मृति अपने होंठ उसके लंड से हटा लेती है और बेड पे लेटने की तैयारी करने लगती है. कुशल को ये उम्मीद थी कि आज तो उसका सपना पूरा होने जा रहा है लेकिन स्मृति अपनी दोनो टांगे फैलाती है और अपनी चूत के छेद को खोल कर कुशल को दिखाती है. ये भी एक बेहद एरॉटिक सीन था लेकिन कुशल तो जैसे स्मृति की गान्ड का दीवाना था.
“ आज तो कुच्छ स्पेशल हो जाए………” कुशल का इशारा शायद उसकी गान्ड की तरफ ही था.
“ स्पेशल ही तो है ये…………..” स्मृति फिर से अपनी चूत पर हाथ लगाते हुए बोलती है.
“ लेकिन आपने तो प्रॉमिस किया था कि मैं अपनी हर इच्छा पूरी कर सकता हू……” कुशल थोड़ा सा रूखे स्वर मे बोलता है.
“ लाइयन….. चिंता क्यू करता है….. मैने तो उस रात भी पूरा मौका दिया था लेकिन तू ही नीचे नही आया. लेकिन आज फिर से वोही से सिचुयेशन है पहले मेरी टर्न और फिर तेरा टर्न………..” स्मृति फिर से उसे खुला मौका देती है.
कुशल ये सुनते ही आगे बढ़ता है और झुक कर स्मृति की चूत पर एक स्ट्रॉंग किस करता है. ऐसे लगता है कि जैसे वो उसकी चूत खा जाने के मूड मे था. स्मृति उसकी इस मर्दानगी भरी स्टाइल से और भी इंप्रेस हो जाती है लेकिन फिर भी अपनी सिसकी को नही रोक पाती……
“ उफफफफफफफफफफफफफफ्फ़…….. लाइयन………… कोई फॉर्मॅलेटीस नही…….. प्लीज़ बुझा दे इसकी प्याआसस्स्स्स्सस्स………….” स्मृति शायद उसका लंड अंदर जल्दी लेना चाहती थी.
कुशल भी वेट ना करते हुए लंड का मूँह चूत पर टिकाता है और धकककककक से अंदर घुसा देता है. स्मृति को तो जैसे दुनिया की सबसे बड़ी खुशी मिल जाती है.
“ उफफफफ्फ़……….ओह….आआहहह………आहहहहहः……………” स्मृति अपनी चूत मे लगते हुए झटको के साथ और भी मस्त हो जा रही थी. जैसे जैसे झटके लग रहे थे वैसे वैसे स्मृति अपनी टांगे और फैलाती जा रही थी.
जब वो इतना बड़ा लंड बाहर आ रहा था और जिस स्पीड के साथ अंदर जा रहा था तो सीन देखने लायक था. जैसे कोई समुद्रा मंथन से खास चीज निकलना चाह रहा हो लेकिन यहाँ पर तो कुशल सिर्फ़ स्मृति की चूत से पानी ही पानी निकाल रहा था जिसे खुद कुशल भी देख कर पागल हो रहा था.
“उईईईईईईई….आआहहह….. येस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स…………..फकक्क्क्क्क्क्क्क्क्क्क्क्क्क्क………………………” स्मृति अपनी पूरी लाइफ जी रही थी. ऐसे स्ट्रॉंग स्ट्रोक्स जो कि किसी भी लड़की को स्वर्ग की सैर करा सकता था.
बेड रूम से फूच फुच्च के साउंड आने शुरू हो गये थे. कुशल की आँखे भी बंद हो गयी थी और वो मस्त होकर धक्के लगा रहा था. उसके मूँह से भी सिसकारियाँ निकल रही थी.
ऐसा करीबन कुच्छ मिनिट चला और तभी पता नही स्मृति को क्या सूझा कि वो डिफरेंट पोज़िशन मे आने की कोशिश करने लगी. कुशल को शुरू मे समझ नही आया लेकिन फिर वो समझ गया कि आख़िर स्मृति क्या चाहती है. अब स्मृति ऐसी पोज़िशन मे थी कि उसकी गान्ड का छेद भी कुशल को क्लियर दिखाई दे रहा था और लेकिन लंड अभी भी चूत मे ही था. स्मृति की गान्ड कुशल की बहुत बड़ी फॅंटेसी थी तो अब वो छेद उसके सामने था तो जैसे कुशल और भी पवरफुल सिचुयेशन मे था. कस कस के धक्के लगाने शुरू कर दिए थे और वहीं दूसरी तरफ स्मृति भी अपनी गान्ड अच्छे से उछाल रही थी. स्मृति एक एक्सपीरियेन्स्ड लेडी थी, किस मूव से कैसे लंड अंदर जाएगा उसको सब पता था और इसका वो पूरा फ़ायदा उठा रही थी.
कुशल पागल हुए जा रहा था और वहीं स्मृति भी पूरी मस्ती मे थी.
“उफफफफ्फ़…..हीईीईई………….एसस्स्स्स्स्सस्स……….फुक्कककककककक…………आआहहह…….म्ह” और कुच्छ ही देर मे स्मृति की गान्ड कुशल के लंड पर कसति चली गयी और वो मंज़िल तक पहुँच गयी थी. और इन नो टाइम कुशल भी अपनी पिचकारी उगल देता है. क्या मस्त सेक्स हुआ दोनो के बीच, दोनो उसी बेड पर लेट गये. और स्मृति कुशल के बालो मे हाथ फिराने लगी………. शायद उसे पूरा अहसास था कि ये मीटिंग पूरी रात चलेगी.
कुशल का लंड ऐसे होंठो के बीच था कि जो चाहे कितनी भी बार इस लंड को चूसे ये लंड बोर नही होने वाला था. और आज की रात तो जैसे ख़तम ही नही होने वाली थी क्यूंकी स्मृति भी फुल मूड मे थी और कुशल तो हमेशा ही एवरग्रीन रहा है.
स्मृति ऐसे ही उसका लंड चूसे जा रही थी और कुशल के मूँह से सिसकारियाँ निकलना शुरू हो गयी थी.
“उफफफफफ्फ़………….. ओूऊऊऊऊओ…आआहहह……….. “ कुशल ऐसी ही सिसकारियो के साथ अपने हाथ स्मृति की पीठ की तरफ बढ़ाता है. स्मृति आधे से ज़्यादा लंड अपने मूँह मे ले चुकी थी. कुशल अपना हाथ पीठ से और नीचे ले जाना चाह रहा था जहाँ स्मृति की गान्ड थी लेकिन वो ऐसा कर नही पाया.
कुशल की हालत और भी खराब होती जा रही थी. जवान खून था और पूरी रात बाकी थी.
“ आअहह……… मेडम आज तो दिखा दो अपने उस छेद को…….. जिसके लिए मैं दीवाना हू……….. उफफफफफफफ्फ़ मेरी जाआअन्न्नणणन्….. ओह…….” कुशल की हालत बहुत ही ज़्यादा खराब हो रही थी.
कुशल की ये बात सुन कर स्मृति अपने होंठ उसके लंड से हटा लेती है और बेड पे लेटने की तैयारी करने लगती है. कुशल को ये उम्मीद थी कि आज तो उसका सपना पूरा होने जा रहा है लेकिन स्मृति अपनी दोनो टांगे फैलाती है और अपनी चूत के छेद को खोल कर कुशल को दिखाती है. ये भी एक बेहद एरॉटिक सीन था लेकिन कुशल तो जैसे स्मृति की गान्ड का दीवाना था.
“ आज तो कुच्छ स्पेशल हो जाए………” कुशल का इशारा शायद उसकी गान्ड की तरफ ही था.
“ स्पेशल ही तो है ये…………..” स्मृति फिर से अपनी चूत पर हाथ लगाते हुए बोलती है.
“ लेकिन आपने तो प्रॉमिस किया था कि मैं अपनी हर इच्छा पूरी कर सकता हू……” कुशल थोड़ा सा रूखे स्वर मे बोलता है.
“ लाइयन….. चिंता क्यू करता है….. मैने तो उस रात भी पूरा मौका दिया था लेकिन तू ही नीचे नही आया. लेकिन आज फिर से वोही से सिचुयेशन है पहले मेरी टर्न और फिर तेरा टर्न………..” स्मृति फिर से उसे खुला मौका देती है.
कुशल ये सुनते ही आगे बढ़ता है और झुक कर स्मृति की चूत पर एक स्ट्रॉंग किस करता है. ऐसे लगता है कि जैसे वो उसकी चूत खा जाने के मूड मे था. स्मृति उसकी इस मर्दानगी भरी स्टाइल से और भी इंप्रेस हो जाती है लेकिन फिर भी अपनी सिसकी को नही रोक पाती……
“ उफफफफफफफफफफफफफफ्फ़…….. लाइयन………… कोई फॉर्मॅलेटीस नही…….. प्लीज़ बुझा दे इसकी प्याआसस्स्स्स्सस्स………….” स्मृति शायद उसका लंड अंदर जल्दी लेना चाहती थी.
कुशल भी वेट ना करते हुए लंड का मूँह चूत पर टिकाता है और धकककककक से अंदर घुसा देता है. स्मृति को तो जैसे दुनिया की सबसे बड़ी खुशी मिल जाती है.
“ उफफफफ्फ़……….ओह….आआहहह………आहहहहहः……………” स्मृति अपनी चूत मे लगते हुए झटको के साथ और भी मस्त हो जा रही थी. जैसे जैसे झटके लग रहे थे वैसे वैसे स्मृति अपनी टांगे और फैलाती जा रही थी.
जब वो इतना बड़ा लंड बाहर आ रहा था और जिस स्पीड के साथ अंदर जा रहा था तो सीन देखने लायक था. जैसे कोई समुद्रा मंथन से खास चीज निकलना चाह रहा हो लेकिन यहाँ पर तो कुशल सिर्फ़ स्मृति की चूत से पानी ही पानी निकाल रहा था जिसे खुद कुशल भी देख कर पागल हो रहा था.
“उईईईईईईई….आआहहह….. येस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स…………..फकक्क्क्क्क्क्क्क्क्क्क्क्क्क्क………………………” स्मृति अपनी पूरी लाइफ जी रही थी. ऐसे स्ट्रॉंग स्ट्रोक्स जो कि किसी भी लड़की को स्वर्ग की सैर करा सकता था.
बेड रूम से फूच फुच्च के साउंड आने शुरू हो गये थे. कुशल की आँखे भी बंद हो गयी थी और वो मस्त होकर धक्के लगा रहा था. उसके मूँह से भी सिसकारियाँ निकल रही थी.
ऐसा करीबन कुच्छ मिनिट चला और तभी पता नही स्मृति को क्या सूझा कि वो डिफरेंट पोज़िशन मे आने की कोशिश करने लगी. कुशल को शुरू मे समझ नही आया लेकिन फिर वो समझ गया कि आख़िर स्मृति क्या चाहती है. अब स्मृति ऐसी पोज़िशन मे थी कि उसकी गान्ड का छेद भी कुशल को क्लियर दिखाई दे रहा था और लेकिन लंड अभी भी चूत मे ही था. स्मृति की गान्ड कुशल की बहुत बड़ी फॅंटेसी थी तो अब वो छेद उसके सामने था तो जैसे कुशल और भी पवरफुल सिचुयेशन मे था. कस कस के धक्के लगाने शुरू कर दिए थे और वहीं दूसरी तरफ स्मृति भी अपनी गान्ड अच्छे से उछाल रही थी. स्मृति एक एक्सपीरियेन्स्ड लेडी थी, किस मूव से कैसे लंड अंदर जाएगा उसको सब पता था और इसका वो पूरा फ़ायदा उठा रही थी.
कुशल पागल हुए जा रहा था और वहीं स्मृति भी पूरी मस्ती मे थी.
“उफफफफ्फ़…..हीईीईई………….एसस्स्स्स्स्सस्स……….फुक्कककककककक…………आआहहह…….म्ह” और कुच्छ ही देर मे स्मृति की गान्ड कुशल के लंड पर कसति चली गयी और वो मंज़िल तक पहुँच गयी थी. और इन नो टाइम कुशल भी अपनी पिचकारी उगल देता है. क्या मस्त सेक्स हुआ दोनो के बीच, दोनो उसी बेड पर लेट गये. और स्मृति कुशल के बालो मे हाथ फिराने लगी………. शायद उसे पूरा अहसास था कि ये मीटिंग पूरी रात चलेगी.