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बेलगाम लंड

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ऐसे ही एक दिन जब अदा मेम क्लास ले रही थी तो उसने सबसे पूंछा कल तुम सब लोग क्या कर रही थीं ? मेरे मुंह से निकला – माँ चुदा रही थी अपनी ?

अदा मेम नाराज़ हो गयी . वह बोली खड़ी हो जा फ़िरोज़ा . तू बहन चोद आजकल बहुत गालियां बकने लगी है . तेरी तो मैं आज गांड मारूंगी , नहीं मानेगी तो माँ चोदूंगी तेरी . देखती हूँ की कब तक बदतमीजी करती है तू भोषड़ी वाली ? सबने यह महसूस किया की मेम तो ज्यादा गालियां बकती है . उस दिन जाते समय मेम ने मुझे बुलाया और कहा कल मेरे घर आना फ़िरोज़ा ? मैं पहुँच गयी .

वह बहुत खुश हुई और बोली सुनो फ़िरोज़ा आज मैं तुमसे कुछ प्राइवेट बात कह रही हूँ . मैंने कहा हां मेम कहो . वह बोली तुम लड़कों के लण्ड पकड़ती हो . मैंने कहा हां मेम पकड़ती हूँ पर मौका नहीं मिलता ? वह मुझे अंदर के कमरे में ले गयी . वहाँ दो आदमी बैठे थे . मेम बोली फ़िरोज़ा ये दोनों मेरे दोस्त है तुम इनके लण्ड पकड़ो ? मैं तो चाहती ही थी . अदा मेम ने मुझे दोनों लण्ड पकड़ाये और फिर दोनों लण्ड अपने भोषडा में पेलवाया ? दूसरी पारी में मेरी चूत में भी पेला एक एक करके दोनों लण्ड ? मैंने भी खूब मस्ती से चुदवाया, अम्मी

मैंने कहा :- अम्मी मैं चाहती हूँ की तुम भी इन दोनों से चुदवाओ ? मैं किसी दिन इन्हे बुला लूंगी .

अम्मी बोली :- और राबर्ट के लण्ड के बारे में कब बताओगी तुम मुझे ?

मैंने कहा :- अरे अम्मी अभी तो मैंने उसका लौड़ा पकड़ा ही नहीं ? जब पकडूँगी तब बताऊंगी ?

एक दिन और इसी तरह ग्रुप बन गया और सभी लड़कियां कुछ न कुछ सुनाने लगी .

सुनीता बोली :-यार कल मैं अपने पड़ोस की उमा आंटी के घर गयी थी . मैं उनसे खुल कर लण्ड चूत की बातें करती हूँ . मैंने देखा की उमा आंटी एकदम नंगी बैठी हुई है . वह शायद दरवाजा बंद करना भूल गयी थी . इतने में बाथ रूम से एक आदमी एकदम नंगा नंगा निकला . उसका लौड़ा देख कर तो मेरी गांड फट गयी ? आंटी ने अपना मुंह फैलाया और तोप जैसे लण्ड उसके मुंह में घुस गया . मेरी तो लार टपकने लगी . मेरी बुर गरमा गयी . मैं अपनी चूंची मसलने लगी . इतने में आंटी ने मुझे देख लिया . वह बोली अरी बुर चोदी सुनीता वहाँ क्या कर रही है तू . यहाँ आ न मेरे पास ? मैं पास गयी तो बोली ये है तेरे अंकल के दोस्त संजय . मुझे चोदने आया है तू भी पकड़ के देख इसका लण्ड ? अब तू २२ साल की हो गयी है चुदवाया कर अपनी बुर ? मैंने लण्ड पकड़ा तो मज़ा आ गया यार ?

प्रेमा बोली :- तो ठोकवा लेती वही लण्ड अपनी चूत में ? तू क्या कम हरामजादी है ?

शमा बोली :- यार हरामजादी तो मैं हूँ .कल मैंने अपनी माँ चुदवाई . मैं अपनी माँ को लेकर राबर्ट के घर चली गयी . माँ जब बाथ रूम गयी तो राबर्ट बोला शमा आज मैं तेरी माँ चोदूंगा .

जोया बोली :- इसका मतलब तू राबर्ट सर से चुदवाती है ?

शमा बोली :- हां चुदवाती हूँ तो तेरी गांड क्यों फट रही है .

जोया बोली :- मेरी गांड क्यों फटेगी ? चुदवायेगी तू तो तेरी गांड फटेगी न ? तेरी माँ की गांड फटेगी बहन चोद ? और फिर मेरी गांड इतनी कमजोर नहीं है कि पिद्दी भर के लण्ड से फट जायेगी ?

मैंने कहा ;- यार शमा राबर्ट सर के लण्ड का साईज़ क्या है ?

उसने कहा :- ८” और ५” बड़ा मस्त लौड़ा है ? कड़क है और गोरा चिट्टा है .

मैंने कहा :- यार मुझे भी अपनी माँ चुदवानी है . पर तू अपनी बात तो पूरी कर ?

शमा बोली :- जब माँ वापस आयी तो सर अंदर कुछ लेने चले गए . इतने में मैंने कहा अम्मी सर का लण्ड देखोगी ? वह बोली हां देखूँगी और पसंद आया तो अपनी बुर में घुसा लूंगी . तब तक सर आ गए . मैंने कहा हां सर चोद लो मेरी माँ ? लेकिन मेरे सामने ही चोदो ? मैं माँ चुदा लूंगी अपनी ? बस मैंने वही बैठी हुई अपनी माँ चुदाने लगी . हां जब सर का लौड़ा झड़ने लगा तो मैंने भी माँ के साथ लण्ड पिया .
 
सिमरन बोली :- यार एक बात तो है की माँ चुदाने में मज़ा तो आता है . और माँ जब अपनी बेटी चुदवाती है तो और मज़ा आता है . मैंने भी एक दिन अपने बॉय फ्रेंड से अपनी माँ चुदवाई . उसके दूसरे ही दिन मेरी माँ ने अपने बॉय फ्रेंड बिल्लू का लौड़ा मेरी चूत में घुसेड़ कर मेरी बुर चुदवाई .

हबीबा बोली :- माँ तो मैं चुदवाती हूँ मस्त होकर ? जितने लण्ड बहन चोद मेरे हाथ में आते है वो सब मेरी माँ के भोषडा में घुस जाते है . मेरी दोस्ती कई अंकल से है . मैं एक एक करके अपनी माँ को उनके पास ले जाती हूँ और फिर मजे से चुदवाती हूँ माँ का भोषडा ? माँ भी बहन चोद कम नहीं है ? वह भी मेरी बुर में पेल देती है सबके लण्ड ? मज़ा तो माँ के सामने बुर चुदवाने में भी खूब आता है .

जोया बोली :- तो तू अपनी माँ का भोषडा चोदती है और तेरी माँ तेरी बुर चोदती है ?

हबीबा बोली :- हां और नहीं तो क्या ? जब चोदने और चुदाने निकली हो तो शर्म कैसी ? मेरी अम्मी कहती है कि जब चोदो तो बिंदास चोदो, जब चुदाओ तो बिंदास चुदाओ . मेरी अम्मी लण्ड खूब चोदती है .

जोया बोली :- यार मेरी भी माँ चुदवा दो प्लीज ? मुझे भी सिखा दो माँ चुदाना ? मैं भी चुदाऊंगी माँ ?

तो लड़कियों की इस तरह की बातें होती है कॉलेज में अम्मी . एक से एक हरामी लड़की है मेरे कॉलेज में जिसकी कहो उसकी माँ चोद दें ? जिसकी कहो उसकी गांड मार दें ? अम्मी ने कहा बड़ा अच्छा कॉलेज है बेटी तेरा . ये सब मेरे समय में कहाँ होता था . हम लोग तो एक एक लण्ड के तरस जाया करती थी . मैंने कहा अम्मी अब तुम नहीं तरसोगी . अब जितने लण्ड कहो उतने लण्ड पकड़ा दूं तुम्हे ?

मैं तुम्हे एक दिन की और कहानी सुनाती हूँ . जाड़े का समय था . धूप निकली हुई थी . हम कुछ लड़कियां दूर कॉलेज के कैम्पस में कड़ी बातें करने लगी .

मैंने कहा :- यार आजकल जिसको देखो वही लण्ड की बात करती है बुर चोदी ?

साजिया बोली :- हां यार , कल सोफिया मेम बोली साजिया मुझे मालूम है की तुम अपने अब्बू का लण्ड पकड़ती हो ? मुझे अपने अब्बू के लण्ड का साईज़ बताओ ? मैंने जब बताया की ९” है तो उसकी गांड फटने लगी और आँखे निकल आयी .

शमा बोली :- हां यार आजकल टीचरें भी लण्ड के साईज़ में दिलचस्पी रखती है . मुझेसे भी करीना मेम ने राबॅर्ट के लण्ड का साईज़ पूंछा . मैंने बताया तो वह बोली की एक दिन मुझे भी पकड़ाओ उसका लण्ड ?

पिंकी बोली :- यार विक्रम सर का लौड़ा बड़ा मोटा है बहन चोद ? तुम लोग भी कभी पकड़ के देखना ?

पद्मा बोली :- हां तुमने ठीक कहा पिंकी उसका तो सुपाड़ा गोल गोल छतरी जैसा लगता है ? मुझे तो सुपाड़ा चाटने में खूब मज़ा आया था लेकिन वह बहन चोद मेरे मुंह में ही झड़ गया .

गुंजन बोली :- यार अपने क्लास में राना है न ? उसका लण्ड बिलकुल राबर्ट सर के लण्ड की तरह है ?

मैंने कहा :- तू भोषड़ी की दोनों के लण्ड पकड़ चुकी है और मुझे बताया भी नहीं ?

वह बोली :- फ़िरोज़ा तुम्हे तो अपनी माँ चुदाने से ही फ़ुर्सत नहीं है ? मैं तुम्हे भी ले जाती लण्ड पकड़ाने पर तू कहीं माँ चुदाने गयी थी अपनी ?

तुलसी बोली :- राना का लौड़ा मैंने भी पकड़ा है .मैंने उसका सड़का मारा है और लण्ड पिया है बड़ा टेस्टी है लौड़ा ? मेरा मन बार बार पीने का होता है . कल मैं फिर पियूंगी उसका लण्ड .

मेघा बोली :- और इंग्लिश टीचर जैकब सर के लण्ड के बारे में जानती हो ? उस दिन सर मुझे अपनी कार में बैठा अपने घर ले गए थे . वह जब अपने कपडे बदल रहे थे तो मुझे उसके लण्ड की एक झलक मिल गयी . मेरे रोंगटे क्या मेरी चूत की झांटे भी खड़ी हो गयी . मेरे मुंह से निकला सर, अपना लौड़ा दिखाओ न प्लीज . उसने मुझे चिपका लिया और तब मैं उसका लौड़ा टटोलने लगी . थोड़ी देर में वह भी नंगा मैं भी नंगी . बड़ा मज़ा आया यार उसका लौड़ा पकड़ कर और पी कर ? मैं तो कहती हूँ की तुम सब लोग उसका लौड़ा पी कर देखो .

दूसरे दिन मैं राबर्ट सर के घर चली गयी . मैंने कहा भोषड़ी के राबर्ट माँ के लौड़े मादर चोद तुम सबको अपना लौड़ा पकड़ाते हो और मुझे नहीं ? मैंने क्या गुनाह किया है बहन चोद ? क्या मेरे पास चूत नहीं है ? क्या मेरी चूंचियां नहीं है ? क्या मेरी गांड नहीं है ? भोषड़ी के तुझे और क्या चाहिए ? वह बोला अरे फ़िरोज़ा तू क्यों गुस्सा कर रही है लो पकड़ लो मेरा लण्ड ? जो चाहो करो मेरे लण्ड का ? ऐसा कह कर वह अपना लण्ड खोल कर मेरे आगे खडा हो गया ? मैंने लण्ड पकड़ा और कहा सर मेरी माँ चोदोगे ? वह बोला हां चोदूंगा ? तब मैंने कहा तो फिर चलो मेरे घर और वही मेरी माँ चोदो . मुझे भी चोदो . मेरी माँ का भोषडा चोदो मेरी चोदो बुर ? इस तरह मैंने रात भर चुदवाई अपनी माँ और माँ का भोषडा ?

समाप्त
 
दोस्तो बहुत दिनों से इस कहानी को कोई रिस्पांस नही मिल रहा है इसलिये मैं यह कहानी यही समाप्त करता हु धन्यवाद.....sid4you

 
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