सरला: मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं ।क्या तू उसका मुसल ले पायेगी ।
नीतू: जब आप ले सकती हो तो मैं क्यों नहीं शुरु में थोड़ी प्रॉब्लम होगी पर मेरा भाई मेरी आराम से लेंगा।
सरला: क्यों तू कोई राजकुमारी है।
मेरी तो वो बड़ी बेरहमी से लेता है और मुझे तो बड़े मज़े आते है।
नीतू: मैं भी अपने भाई को उसकी मर्ज़ी से दूंगी जैसे वो लेगा वैसे दूँगी।
बस आप एक बार सेटिंग करा दो।
सरला: हाँ रे बेशरम कैसे अपने भाई के लंड की दीवानी हो गई है पति यही पे है और इसे भाई का मूसल चाहिये।
नीतू: क्यों आप के पति नहीं है आप क्यों लेती हो बेटे का वो भी अपनी बेटी के सामने।
सरला: लुंगी क्या कर लेगी
नीतू ; मैं भी लुंगी ।
और दोनों हँस पड़ती है।
थोड़ी देर बाद
सरला: नीतू
नीतू: हाँ माँ।
सरला: तेरे पापा आने वाले है।
और तुझे पता है वो आज नहीं माननेवाले।
नीतू: फिर ।
सरला: कुछ कर न अपनी बुआ का।
नीतू : पर क्या करूं वो कही जाने वाली तो है नही।
सरला: कुछ तो सोच।
नीतू: माँ तुम कितनी बेशरम हो गई हो अपनी बेटी से
बोल रही हो मेरे चूदने का इन्तज़ाम करवा दे मेरे बेटे से।
सरला: प्लीज नीतू अभी मज़ाक़ नहीं अगर उन्हें मेरी चूत नहीं मिली तो वो ग़ुस्सा हो जाएंगे।
नीतू: ओके बाबा कुछ करती हूँ।
पर मेरा क्या होगा।
सरला: मतलब ।
नीतू: मेरा नंबर कब आयेगा।
सरला: पहले मेरी जुगाड़ लगा फिर मैं तेरा करती हूँ।
क्या समय आ गया है अपने पति का लंड लेने के लिए जुगाड़ लगवानी पड़ रही है।
और दोनों हँस पडते है।
तभी प्रीति आ जाती है।
किस बात पे हँस रहे हो दोनो।
नीतू;यही सोच रहे थे की अगर भाई आप को सेट कर लेता है तो क्या होगा।
प्रीति: पहले तो वो ऐसे करेगा नहीं और करेगा भी तो क्या हुआ बुआ हु थोड़ा तो उस की हेल्प कर सकती हुँ।
बेचारे की कोई गर्ल फ्रेंड नहीं है ।
मेरे साथ ही मन बहला लेगा थोड़ी बहुत मस्ती कर लेगा अपनी बुआ के साथ।
और तीनो हँसने लगते है।
प्रीति: वैसे कब आएगा हमारा लवर बॉय।
सरला: वो आने वाले है।
प्रीति: क्या बोली।
आने वाले है।
सरला: मतलब आप के होने वाले बॉय फ्रेंड को तो रेस्पेक्ट देनी पडेगी।
नीतू: आखिर हमारे फुफा जी जो है।
प्रीति: रुक अभी बड़ी आयी फुफा जी की बच्ची
और नीतू भाग जाती है और प्रीति भी उसके पिछे
और दोनों अरुन के रूम में।
प्रीति: बड़ी बदमाश हो गई है तो शादी के बाद।
नीतू: नहीं बुआ ऐसा नहीं है।
मै इसलिए बोल रही हूँ मेरे भाई का भला हो जायेगा आप जैसे गर्ल फ्रेंड को पा कर।
प्रीति: तो बन जाऊँ उसकी गर्ल फ्रेंड।
नीतू: मैं बन जाती पर वो मेरा भाई है और आप का भतीजा।
प्रीति: पर ये गलत है नीतू।
नीतु: ऐसा नहीं है बुआ किसी को पता नहीं चलेगा जब तक आप यहाँ हो तब तक बना लो। भाई का भी भला हो जायेगा और आप का भी टाइम पास हो जाएगा।
प्रीति: पर बोलूँगी क्या उससे।
नीतू: क्या बुआ आप इतनी समझदार हो आप को क्या समझाना ।
प्रीति: चल आने दे उसे जितना हो सकता है हेल्प कर दूंगी उसकी।
नीतु मन ही मन एक बार अरुन के निचे आ गई न फिर पता चलेगा की तुम उसकी हेल्प करोगी या वो तुझे भी रांड बना के चोद देगा फिर उसके पीछे २ अपनी चुत और गाण्ड लेके घुमति रहना और वो तुम्हे अपने पीछे पीछे घूमाता रहेगा।
प्रीति: चलती हूँ उसी के रूम मैं वेट करती ही तेरे फुफाजी का और हँस देती है।
नीतू: अच्छा जी फुफा जी ।
प्रीति: हाँ जब बॉय फ्रेंड बनाना है तो तेरे फुफाजी हुए ना।
और नीतू बाहर आ जाती है और प्रीति अरुन के बेड पे लेट जाती है।
और सोचती है अरुन कितना हॅंडसम है काश ये मेरा पति होता।
चलो बॉय फ्रेंड बना कर ही मज़े लेती हु उनके बस का तो कुछ है नहीं ५० साल के हो गये है अब तो उनका खड़ा भी नहीं होता।
कितने साल हो गये चुत में लुंड लिए हुए और
सोचते २ सो जाती है।
बाहर नीतू आकर सरला को प्लान समझाती है।
और दोनों अरुन के आने का वेट करते है।
अपने टाइम पे अरुन गेट पे
नीतू: माँ पापा आ गये आप जाओ अपने रूम में और सरला चलि जाती है।
और नीतू गेट खोलती है ।
अरुन नीतू से नज़र नहीं मिलाता।
माँ कहा है।
नीतू : आप के रूम में।
अरून सीधे अपने रूम में आ जाता है।
और रूम की लाइट ऑफ़ थी इसलिए वो ये नहीं देख पता बेड पे सरला है या प्रीति है।
और यही प्लान था नीतू और सरला का।
और अरुन धीरे से बेड के पास जाता है और प्रीति के पीछे लेट जाता है और अपना हाथ से प्रीति के मम्मे मसलने लगता है ।
मम्मे मसलने की बजह से प्रीति की आँख खुल जाती है।
पर प्रीति कुछ बोलति नहीं है।
तभी अरुन को एहसास होता है ये सरला नहीं है
और वो पीछे है जाता है।
अरुन के रुकने की बजह से प्रीति भी परेशान हो जाती है इसे क्या हुआ।
अरून बेड से उठता है तब प्रीति अरुन को आवाज़ देती है।
प्रीति: अरुन ।
अरुण कुछ नहीं बोलता।
प्रीति: अरुन क्या हुआ।
अरुण: कुछ नहीं बुआ।
प्रीति: ये क्या कर रहे थे।
अरुण: वो सॉरी बुआ मैं वो ।
प्रीति:मैं वो क्या तू किसी का वेट कर रहे थे।
अरुण: नहीं ऐसी बात नहीं है।
प्रीति: तो जो तुम ने शुरु किया उसे रोक क्यों दिया।
अरुण: वो मुझसे गलती हो गई।
प्रीति: मैंने कहा क्या की गलती हो गई
अरुण: पर आप मेरी बुआ हो।
प्रीति: मैंने कुछ कहा क्या ।
और अरुन के सर को पकड़ कर अपनी ओर खींचती है और अपने होठ अरुन के होंठो पे रख देती है।
और किस करने लगती है।
और बाहर सरला और नीतू सब देख रही थी।
सरला को पूरा यकीन था की उसका पति उसे धोखा नहीं देगा पर ये सब को देख कर सरला का ट्रस्ट हिलने लगता है और सोचती है जैसे प्रीति ने रमेश को उससे शुरु में अलग किया था अब उसके बेटे को भी छीन लेगी।
और उसकी आँखों में ऑंसू आ जाते है।
नीतू: सरला को देख कर- माँ क्या आप को भाई पे यकीं नहीं है।
सरला: है पर अपनी किस्मत पे नहीं ।
नीतू: पर माँ आप तो यही चाहती थी
सरला: चाहती थी पर अपने तरीके से ना की प्रीति की मर्ज़ी से।
ये गलत है बुआ और बोल कर एकदम से रूम से बाहर आ जाता है ।
और दोनों सरला और नीतू साइड हो जाती है।
और अरुन बहार आकर सरला को आवाज़ देता है।
माँ माँ कहा हो।
सरला अपने रूम में हैं और अरुन सरला के रूम में आ जाता है और नीतू अरुन के रूम में।
नीतु प्रीति से
नीतू: क्या हुआ बुआ फुफा के साथ मज़े आए।
प्रीति: चुप कर कुछ नहीं हुआ
तूने भेजा था अरुन को ।
नीतू: हाँ
क्या हुआ क्या बोले।
प्रीति: कुछ नहीं पहले तो किस किया मेरे बूब्स दबाये और बाद में एकदम उठ के बाहर चला गया।
नीतू: चलो शुरुआत तो हुई।
किस कैसा था आप के बॉय फ्रेंड का।
प्रीति: ऐसा नहीं लगा कोई अनट्रेंड है ऐसा लगा जैसे अरुन को काफी एक्सपीरियंस है।
नीतु को अब प्रीति को यही उलझा कर रखना था क्यों की सरला अरुन को लेकर अपने कमरे में थी और अरुन उसे चोदे बिना मानेगा नही।
और नीतू प्रीति को आगे के लिए समझाने लगती है।
और इधर ।
अरुण: माँ तुम यहाँ थी तो नीतू ने ये क्यों बोला तुम मेरे रूम में हो।
सरला: क्या हुआ अरुन ।
अरुण प्रीति से घटी सारी बात बता देता है।
सॉरी मॉम।
सरला: अरुन को बाँहों में भर लेती है ।
मुझे अपने खसम पे पूरा यकीन है की वो मुझे कभी धोखा नहीं देगा चाहे मुझसे खूबसूरत ही कोई क्यों न हो
और अरुन के लंड को मसल देती है।
सरला: वैसे बुआ के मम्मे कैसे थे।
और अपना ब्लाउज और ब्रा उपर करके अपना एक मम्मा अरुन के मुह में दे देती है।
अरुण: कुछ नहीं बोलता और सरला का मम्मा चुसता रहता है।
सरला: बोलो न जान।
अरुण: कुछ कहा नहीं मैंने इतना गौर नहीं किया
सरला: अगर प्रीति की मिलेगी तो ले लेगा।
अरुण: नहीं मुझे किसी की ज़रूरत नहीं है आप के होते हुए।
सरला: अगर मैं परमिशन दू तो ।
अरुण: तो भी नहीं ।
सरला: अगर मैं बोलू मैं चाहती हु की तुम प्रीति की फाड़ दो तो।
अरुण: पर क्यों माँ मुझे आप के साथ मजा आता है।
सरला: कभी कभी टेस्ट बदलना चाहिये।
अरुण: कहीं आप का मेरे से मन तो नहीं भर गया।
सरला:पागल हो क्या आप से मेरा मन कभी नहीं भरेगा आप मेरे पति हो और मैं आप की पत्नी।
अरुण: फिर क्यों चाहती हो मैं बुआ के साथ ये करुं।
कहीं आप को किसी और से प्यार तो नहीं हो गया
इसलिये मुझे बुआ के पास भेज कर आप किसी और से शादी करना चाहती हो।
सरला: अरुन को देखते हुए पागल हो गये हो जान मेरे मरने तक आप ही मेरे सुब कुछ हो अब मुझे कोई छु भी नहीं सकता प्यार की बात तो बहुत दुर अब तो तुम्हारे पापा भी मेरे शरीर को छु नहीं सकते।
अरुण: फिर आप मुझे दूसरे के साथ शेयर क्यों करना चाहती हो।आप को बुरा नहीं लगेंगा।
सरला: लगेगा पर समझ लो की ये भी मेरी एक अधुरी इच्छा है जो तुम्हे पूरी करनी है ।
और प्रीति वाली सारी बात अरुन को बता देति है जो नीतू को बताइ थी।
अरुण: पर माँ मैं आप को किसी से शेयर नहीं कर सकता और आप मुझे बुआ से शेयर कर रही हो।
सरला; शेयर नहीं कर रही बस उसे चोदने को बोल रही हूँ किसी कुतिया की तरह ताकि मुझे ख़ुशी मिले।
प्यार तो आप मुझसे करते हो बस फिजिकल हो रहे हो उसके साथ।
पर माँ ।
सरला:मुझे भी तो आप ने प्यार किया जब की मैं आप के पापा से चूदी हुई थी ।
अरुण: पर वो तो।
सरला: आप कुछ मत बोलो आप मुझे हर रूप में मंज़ूर हो बस अपना प्यार कम मत करना ।
और जिसे चाहे चोदो पर मुझे पता होना चहिये।
अरुण: मुझे किसी को नहीं चोदना बस तुम्हारी गाण्ड और चुत फाडनी है।
सरला: तो फाडो न और घुटनो पर बैठ कर अरुन की जीन्स और अंडरवियर उतार कर अरुन का लंड मुह में लेती है।
अरुण: आआआअह्ह माँआआआआ आराम से
पर सरला कुछ नहीं सुनती और चुसती रहती है।
अरुण;मुझे लग रहा है तुम मेरे लंड को ठण्डा नहीं कर पा रही इसलिए मेरे लिए दूसरी चुत का इन्तज़ाम किया है।
सरला अरुन को देखते हुए।
लंड को मुह से निकाल कर।
सरला: हाँ मेरी जान ऐसा ही है और आगे भी करती रहुंगी।अभी तो नीतू की भी दिलाऊँगी ।
अरुण: माँ
सरला: क्या हुआ नीतू की नहीं चाहिए ।
वो भी मस्त माल है।
अरुण: पर वो मेरी बहन है।
सरला: मैं तो तेरी माँ हु और प्रीति तेरी बुआ और अगर सोनिया की लेता है तो तेरी मौसी।
अरुण: आप ऐसा क्यों कर रही हो ।
बस मैं और आप ठीक है पति पत्नी और कोई तीसरा नही।और बाहर इन दोनों की कोई बात सुन रहा था और वो नीतू थी जो प्रीति को सुलाने के बाद सरला और अरुन की बात सुन रही थी।
सरला: हाँ जान प्यार में मैं और आप बाकि सब आप की रखैल।
पर्सनल वाली रांड जो आप को फिजिकल संतुष्टि दे
और अरुन का लंड दोबारा चुसने लगती है।
अरुण: आह आआह्ह्ह्हह्ह सीईईई क्या मस्त राँड हो तुम जो अपने मालिक को खुद भी मज़े देती है और दूसरी रांडो का भी इन्तज़ाम करती है ।
आआआआह उउउउउउउह माँआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह सीईईई आआआ अअअअअअअ ओह चुस ऐसे ही और सरला के सर को पकड़ कर आगे पीछे करने लगता है।
अरुण: नीतू की तो मैं कस कस के लुँगा ।
सरल: अरुन की ऑंखों में देखते हुए जैसे पूछ रही हो क्यु।
अरुण: बिलकुल तेरी कार्बन कॉपी है उसकी मारने में बड़ा मजा आएगा ।
पर क्या वो मुझे देगी।
बाहर नीतू :बोल तो अभी दे दू मेरे राजा मुझे भी बना ले अपनी रांड नंबर २।
और इधर सरला अरुन के लंड को चूस चूस कर बेहाल कर देती है और २० मिनट की चुसाई के बाद अरुन सरला के मुह में झड जाता है और सरला सारा माल पि जाती है और उसके साथ निचे फर्श पे बैठ जाती है और उसके सर पे हाथ फेरते हुए।
सरला: करेगा न मेरी इच्छा पूरी बनायेगा न प्रीति को अपनी रांड।
अरुण: माँ मन तो नहीं है पर आप की ख़ातिर।
सरला: तो अब मेरी गाण्ड और चुत छोड आज प्रीति की दोनों जगह का उद्घाटन कर दे।फाड़ दे साली कुतिया की चूत और गांड।
सरला: वो मुझ पे छोड दे उसका मैं इन्तज़ाम कर दूंगी तू बस उसकी फाड़ देना जिससे की कल वो चल न पाये और जब तेरे पापा उससे पूछे क्या हुआ।
तो मैं देखना चाहती हूँ क्या जवाब देती है साली रंडी।
अरुन सरला की साडी उपर करते हुए।
सरला: क्या कर रहे हो जान।
अरुण: तुम्हारी चुत चाटने की तयारी।
सरला: अभी रहने दो जानू कोई भी आ सकती है।
अरुण: पर कल भी तुम प्यासी रह गई थी और आज भी।
सरला: कोई बात नहीं जब ये चलि जाये तो खूब मन भर के चुदवाऊँगी। फिर देखती हुँ कितना चोदोगे ।
अरुण: वादा याद नहीं है क्या जान।
अरुण: सब याद है तभी तो मना कर रही हु अभी मुझे पता है एक दिन आप को मिल जाये तो आप मेरी गाण्ड और चुत की बैंड बजा दोगे और चलने लायक भी नहीं छोडोगे।
और अरुन के लिप्स पे किस करती है।
सरला: बस एक बार प्रीति की फाड़ दो आप जैसे भी और चाल बिगाड दो ।अच्छा भला हनीमून चल रहा था आ गई पति से लड कर हमारा हनीमून ख़राब करने अब तुम इसकी चाल ख़राब कर दो।
तभी दरवाजा की बेल बजति है।
बाहर नीतू आई थी।
सरला और अरुन नीतू की आवाज़ सुन लेते है उनको ऐसा लगता है की जैसे नीतू बाहर दरवाजा पे हो और उनको देख रही हो।
सरला को तो पता था की नीतू सब देख रही होगी पर अरुन को पता नहीं था।
सरला से अरुण।
माँ रीतू गेट पे थी क्या।
सरला: शायद उसने सब देख लिया है अब तुझे उसे भी पटाना पड़ेगा नहीं तो हो सकता है तेरे पापा से बोल दे
मेरे और तेरी चुदाई के बारे में।
तभी नीतू की आवाज़ आती है ।
माँ ये आ गई।
सरला: रवि आ गया क्या शायद ।
अरुण: पर रवि के होते हुए नीतू की कैसे मारूँगा।
सरला: उसका भी मैं इन्तज़ाम कर दूंगी बस उसकी भी फाड़ देना ।
और बोल कर बाहर निकल जाती है।
थोड़ी देर में अरुन और प्रीति भी बाहर आ जाते है।
सरला किचन में सब के लिए चाय बनाने चली जाती है और नीतू भी पीछे २ पहुच जाती है।
सरला: दरवाजा से आवाज़ देना जरुरी था।
नीतू: क्या हुआ ।
सरला: अरुन को शक़ हो गया और मुझे उससे बोलना पड़ा की वो तुझे पटाकर तेरी फाड़ दे नहीं तो हो सकता है तू पापा से बोल दे।
नीतू: वो क्या बोले।
सरला: मौका मांग रहा था।
नीतू: बोली नहीं वो तो खोल कर लेटी है जा चढ जा।
सरला: बेशरम चुप कर उसे नहीं बताना की तुझे पता है हमारे बारे में नहीं तो ग़ुस्सा होगा की मैंने उससे नहीं बताया ।
थोड़ी देर में प्रीति और अरुन मार्किट के लिए निकल जाते है।
ओर बाइक पे बैठ कर रोड पे आ जाते है
अरुण: कहाँ चलना है।
प्रीति: जहाँ तेरा मन करे।
अरुण: लेना क्या है।
प्रीति : कुछ नहीं ,वो तो तेरे फुफा जी आ गये थे और मुझे तेरे से बात करनी थी इसलिए बाहर आई हूँ।
अरुण: ओके तो बोलो क्या बात करनी है।
प्रीति: अब क्या बात करुं अपनी मर्ज़ी के तो कपडे पहना दिए तूने और तेरी बाइक पे बैठी हु वो भी तेरी पसंद के कपडे पहन कर और आगे सरक कर बैठ जाती है जिस से उसके मम्मे अरुन की पीठ से रगडने लगते है।
अरुण: बोलो कहा चलना है या ऐसे ही अपने बूब्स मेरी पीठ पे रगडने है।
प्रीति: बड़ा बेशरम है तू , ये तो बाइक की ब्रेक लग रही है इसलिए तुझसे लग रही है।
अरुण: बुआ रहने दो पर मुझे मस्त लग रहे है
बहुत टाइट है कसे हुए।
प्रीति: चुप कर बेशरम।
और अरुन हँस पडता है
और एक मॉल के सामने बाइक रोक देता है।
और प्रीति का हाथ पकड़ कर अंदर आ जाता है।
दोनो मॉल में एक दूसरे का हाथ पकड़ कर घूमते है।
प्रीति: मेरे हाथ क्यों पकड़ रखा है।
अरुण: क्यों की गर्ल फ्रेंड और बॉय फ्रेंड ऐसे ही घूमते है।
प्रीति; मैंने कब कहा की मैं तुम्हारी गर्ल फ्रेंड हू।
अरुण: हो तभी मेरी पसंद की ब्लैक कलर की ब्रा पेंटी पहनी हो।
प्रीति: तुझे कैसे पता की ब्लैक पहनी है।
अरुण': बस बिश्वास है की मेरी गर्ल फ्रेंड मुझसे झूट नहीं बोलेंगी।
प्रीति: हाँ ब्लैक ही पहनी है तेरी पसंद की ।
अब खुश।
अरुण: जब से आप को देखा है खुश हुँ।
आप बताओ।
प्रीति: मैं बहुत खुश हु ।
शायद लाइफ में सबसे ज्यादा खुश।
और अरुन प्रीति के काँधे पे अपनी बाजु रख कर अपनी तरफ खींच लेता है और प्रीति उसके काँधे पे सर रख देती है।
थोड़ी देर ऐसे घुमने के बाद अरुन प्रीति को मॉल के अंदर मौजुद अंडरगार्मेन्ट्स की दुकान पर ले जाता है।
प्रीति: यहाँ क्यों आये है।
अरुण: रुक जाओ।
सेल्स गर्ल:मे आई हेल्प यु।
अरुण: यस इनके साइज के अंडरगारर्मेन्ट्स दिखाओ लेटेस्ट डिजाइन।
सेल्स गर्ल :सर साइज़।
अरून प्रीति की तरफ देखता है ।
साइज़ और प्रीति कुछ भी बोले बिना साइज बता देती है।और अरुन अपने पसंद की २ सेट ब्रा पेंटी के लेता है।
प्रीटी: ये मेरे को नहीं आएँगी छोटी रहेंगी ।
अरुण: एकदम फिट आएँगी डोंट वरी।
बस आज रात पहन कर दिखा देना ।ठीक
प्रीति: क्यों दिखाऊ तुम मेरे पति हो।।
एरिन: पति से ज्यादा तुम्हारा लवर और लवर हस्बैंड से ज्यादा होता है।।
सो बी रेडी फॉर नाईट।
और दोनों बाहर आ जाते है।
और अरुन कुछ खाना है या घर पर चले।
प्रीति: पहली डेट पर लाए हो और पूछ रहे हो।
अरुण: वो कहीं बाहर खाने पर आप के पति नाराज़ हो जाये।
प्रीति: उनकी टेंशन मत लो तुम वो करो जो तुम्हारा मन हो।
उस टाइम दोनों पार्किंग लोट में थे और आस पास कोई नहीं था।
और प्रीति के कहते ही अरुन प्रीति को अपनी बाँहों में खींचकर उस के लिप्स चुसने लगता है।