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माँ की अधूरी इच्छा complete

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नीतू: पर माँ अगर पापा बुआ से प्यार करने लगे तो।

सरला: ऐसा कुछ नहीं होगा मुझे अपनी जान पे पूरा भरोसा है।

मेरा मतलब अरुन पे।

नीतू: हाँ हाँ समझ गयी आप की जान यानि मेरे पापा पे

और हँस देती है।

सरला: तू न बहुत बदमाश हो गई है।

नीतू: बनाया आपने और पापा ने है।

सरला: मैं तो ठीक पर अरुन ने कैसे।

नीतू: अपना दिखा कर।

सरला: क्या दिखा कर।

नीतू: आप समझ रही हो।

सरला: नहीं समझ रही तू बता।।

नीतू: अरुन के लंड ने और शरमा जाती है।

सरला: पक्का बेशरम हो गई है अपने माँ के सामने उसके पति के लंड की बात कर रही है।

नीतू: वो मेरे पापा का भी है तो बाप की प्रॉपर्टी पे उनके बच्चो का भी हक़ होता है और लड़कियों का भी बराबर हक़ होता है।

सरला: बड़ी आई हक़ वाली वो सिर्फ मेरे है।

नीतू: नहीं मुझे भी मेरा पूरा हाफ शेयर चाहिये।

सरला: बेशरम दे दूंगी अब ठीक।

नीतू: हाँ नहीं तो छीन लेती।

सरल: बड़ी आई छिनने वाली।वो तो तू मेरी बेटी है इस लिए शेयर कर लुंगी।

और दोनों हँसने लगती है।

कुछ देर ऐसे ही बात करते हुए।

अरून की कॉल आती है।

सरला:;नीतू बात कर।

नीतू: माँ पापा का है।

सरला: हाँ तो बात कर क्या बोल रहे है।

और नीतू कॉल पिक्क करती है।

नीतु के हेलो बोल्ने से पहले।

अरुण: क्या हुआ रांड क्या कर रही थी जो कॉल उठाने में इतना टाइम लगा दिया

नीतु चुप हो जाती है ।

अरुण: क्या हुआ रांड बोल न।

हलो।

और नीतू सरला को मोबाइल दे देती है।

सरला: हेलो।

अरुण ; क्या हुआ रांड जवाब नहीं दिया मुह में अभी भी दर्द है क्या।

सरला: बोलो मेरे राजा क्या बोल रहे हो ।

अरुण: सुना नहीं क्या ।

पूछ रहा हूँ मेरी रांड क्या कर रही है जो कॉल पिक्क करने में इतनी देर लगा दी।

सरला: आप ने क्या बोला।

अरुण: हाँ रांड कितनी बार बोलु।

सरला: पहले आप की कॉल नीतू ने उठाई थी।

अरुण: क्या , मतलब पहले नीतू थी।

सरला: हाँ।

अरुण: इसका मतलब नीतू ने सब सुन लिया।

सरला: हाँ।

अरुण: वो क्या सोचेगी।

सरला: कोई बात नहीं । मैं बात कर लुंगी आप बताओ क्या हो रहा है।

अरुण: बस ऐसे ही ये बुआ कब जायेगी।

सरला: क्यों आप को क्या करना है।

अरुण: तुम्हारी गाण्ड और चुत मारनी है।

सरला: बताओ कब मेरी जान ।

जब कहोगे तब मिलेगी ।
 
अरुण: ये हुई न बात मेरी पर्सनल रांड।

आज कॉलेज से आने के बाद तुम्हारी चुत लूँगा।

सरला: ओके मैं तैयार रहुंगी।

अरुण: पर बुआ और नीतू ।

सरला: आप उनकी चिंता मत करो मैं मैनेज कर लुंगी।

बस अब कस कर चोद देना मेरी चूत में भी खुजली हो रही है ।

अरुण: कहाँ चुत या गाण्ड में या दोनो में।

सरला: दोनों नहीं तीनो जगह बस आप आ जाओ।

और किस करके कॉल डिसकनेक्ट कर देती है।

नीतु वही किचन में खड़ी थी और सारी बात सुन रही थी।

नीतू: माँ आप न एकदम ।

सरला: क्या एकदम।

नीतू: सच में एक नंबर की।

सरला: क्या एक नंबर कि।

नीतू: वो वो जो पापा आप को बोलते है।

सरला: क्या रांड ।

नीतू: वो हां माँ।

सरला: बेशरम भाई बोलने दे जो बोलता है अब तू भी बोल रही है अपनी माँ को रांड तो सुन।

हा मैं एक नंबर की रांड हो अपने अरुन की और मुझे उसकी रंडी कहलाने में कोई शरम नहीं है।

और तुझे भी तो उसकी रांड बनने का शॉक चढा है।

नीतू: ऐसा नहीं है और आँख झुका लेती है।

सरला: मेरी आँखों मैं देख कर बोल। नहीं है अपने भाई की रांड बनने की इच्छा।

नीतू: हाँ हाँ बनूँगी मैं अपने भाई की रांड रखेल जो वो बोलेगा वो बनूँगी तुम्हे कोई प्रोब्लम।
 
सरला: मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं ।क्या तू उसका मुसल ले पायेगी ।

नीतू: जब आप ले सकती हो तो मैं क्यों नहीं शुरु में थोड़ी प्रॉब्लम होगी पर मेरा भाई मेरी आराम से लेंगा।

सरला: क्यों तू कोई राजकुमारी है।

मेरी तो वो बड़ी बेरहमी से लेता है और मुझे तो बड़े मज़े आते है।

नीतू: मैं भी अपने भाई को उसकी मर्ज़ी से दूंगी जैसे वो लेगा वैसे दूँगी।

बस आप एक बार सेटिंग करा दो।

सरला: हाँ रे बेशरम कैसे अपने भाई के लंड की दीवानी हो गई है पति यही पे है और इसे भाई का मूसल चाहिये।

नीतू: क्यों आप के पति नहीं है आप क्यों लेती हो बेटे का वो भी अपनी बेटी के सामने।

सरला: लुंगी क्या कर लेगी

नीतू ; मैं भी लुंगी ।

और दोनों हँस पड़ती है।

थोड़ी देर बाद

सरला: नीतू

नीतू: हाँ माँ।

सरला: तेरे पापा आने वाले है।

और तुझे पता है वो आज नहीं माननेवाले।

नीतू: फिर ।

सरला: कुछ कर न अपनी बुआ का।

नीतू : पर क्या करूं वो कही जाने वाली तो है नही।

सरला: कुछ तो सोच।

नीतू: माँ तुम कितनी बेशरम हो गई हो अपनी बेटी से

बोल रही हो मेरे चूदने का इन्तज़ाम करवा दे मेरे बेटे से।

सरला: प्लीज नीतू अभी मज़ाक़ नहीं अगर उन्हें मेरी चूत नहीं मिली तो वो ग़ुस्सा हो जाएंगे।

नीतू: ओके बाबा कुछ करती हूँ।

पर मेरा क्या होगा।

सरला: मतलब ।

नीतू: मेरा नंबर कब आयेगा।

सरला: पहले मेरी जुगाड़ लगा फिर मैं तेरा करती हूँ।

क्या समय आ गया है अपने पति का लंड लेने के लिए जुगाड़ लगवानी पड़ रही है।

और दोनों हँस पडते है।

तभी प्रीति आ जाती है।

किस बात पे हँस रहे हो दोनो।

नीतू;यही सोच रहे थे की अगर भाई आप को सेट कर लेता है तो क्या होगा।

प्रीति: पहले तो वो ऐसे करेगा नहीं और करेगा भी तो क्या हुआ बुआ हु थोड़ा तो उस की हेल्प कर सकती हुँ।

बेचारे की कोई गर्ल फ्रेंड नहीं है ।

मेरे साथ ही मन बहला लेगा थोड़ी बहुत मस्ती कर लेगा अपनी बुआ के साथ।

और तीनो हँसने लगते है।

प्रीति: वैसे कब आएगा हमारा लवर बॉय।

सरला: वो आने वाले है।

प्रीति: क्या बोली।

आने वाले है।

सरला: मतलब आप के होने वाले बॉय फ्रेंड को तो रेस्पेक्ट देनी पडेगी।

नीतू: आखिर हमारे फुफा जी जो है।

प्रीति: रुक अभी बड़ी आयी फुफा जी की बच्ची

और नीतू भाग जाती है और प्रीति भी उसके पिछे

और दोनों अरुन के रूम में।

प्रीति: बड़ी बदमाश हो गई है तो शादी के बाद।

नीतू: नहीं बुआ ऐसा नहीं है।

मै इसलिए बोल रही हूँ मेरे भाई का भला हो जायेगा आप जैसे गर्ल फ्रेंड को पा कर।

प्रीति: तो बन जाऊँ उसकी गर्ल फ्रेंड।

नीतू: मैं बन जाती पर वो मेरा भाई है और आप का भतीजा।

प्रीति: पर ये गलत है नीतू।

नीतु: ऐसा नहीं है बुआ किसी को पता नहीं चलेगा जब तक आप यहाँ हो तब तक बना लो। भाई का भी भला हो जायेगा और आप का भी टाइम पास हो जाएगा।

प्रीति: पर बोलूँगी क्या उससे।

नीतू: क्या बुआ आप इतनी समझदार हो आप को क्या समझाना ।

प्रीति: चल आने दे उसे जितना हो सकता है हेल्प कर दूंगी उसकी।

नीतु मन ही मन एक बार अरुन के निचे आ गई न फिर पता चलेगा की तुम उसकी हेल्प करोगी या वो तुझे भी रांड बना के चोद देगा फिर उसके पीछे २ अपनी चुत और गाण्ड लेके घुमति रहना और वो तुम्हे अपने पीछे पीछे घूमाता रहेगा।

 
नीतु प्रीति से

आप यहाँ अराम कर लो अरुन आएगा तो। बता दुँगी।

प्रीति: चलती हूँ उसी के रूम मैं वेट करती ही तेरे फुफाजी का और हँस देती है।

नीतू: अच्छा जी फुफा जी ।

प्रीति: हाँ जब बॉय फ्रेंड बनाना है तो तेरे फुफाजी हुए ना।

और नीतू बाहर आ जाती है और प्रीति अरुन के बेड पे लेट जाती है।

और सोचती है अरुन कितना हॅंडसम है काश ये मेरा पति होता।

चलो बॉय फ्रेंड बना कर ही मज़े लेती हु उनके बस का तो कुछ है नहीं ५० साल के हो गये है अब तो उनका खड़ा भी नहीं होता।

कितने साल हो गये चुत में लुंड लिए हुए और

सोचते २ सो जाती है।

बाहर नीतू आकर सरला को प्लान समझाती है।

और दोनों अरुन के आने का वेट करते है।

अपने टाइम पे अरुन गेट पे

नीतू: माँ पापा आ गये आप जाओ अपने रूम में और सरला चलि जाती है।

और नीतू गेट खोलती है ।

अरुन नीतू से नज़र नहीं मिलाता।

माँ कहा है।

नीतू : आप के रूम में।

अरून सीधे अपने रूम में आ जाता है।

और रूम की लाइट ऑफ़ थी इसलिए वो ये नहीं देख पता बेड पे सरला है या प्रीति है।

और यही प्लान था नीतू और सरला का।

और अरुन धीरे से बेड के पास जाता है और प्रीति के पीछे लेट जाता है और अपना हाथ से प्रीति के मम्मे मसलने लगता है ।

मम्मे मसलने की बजह से प्रीति की आँख खुल जाती है।

पर प्रीति कुछ बोलति नहीं है।

तभी अरुन को एहसास होता है ये सरला नहीं है

और वो पीछे है जाता है।

अरुन के रुकने की बजह से प्रीति भी परेशान हो जाती है इसे क्या हुआ।

अरून बेड से उठता है तब प्रीति अरुन को आवाज़ देती है।

प्रीति: अरुन ।

अरुण कुछ नहीं बोलता।

प्रीति: अरुन क्या हुआ।

अरुण: कुछ नहीं बुआ।

प्रीति: ये क्या कर रहे थे।

अरुण: वो सॉरी बुआ मैं वो ।

प्रीति:मैं वो क्या तू किसी का वेट कर रहे थे।

अरुण: नहीं ऐसी बात नहीं है।

प्रीति: तो जो तुम ने शुरु किया उसे रोक क्यों दिया।

अरुण: वो मुझसे गलती हो गई।

प्रीति: मैंने कहा क्या की गलती हो गई

अरुण: पर आप मेरी बुआ हो।

प्रीति: मैंने कुछ कहा क्या ।

और अरुन के सर को पकड़ कर अपनी ओर खींचती है और अपने होठ अरुन के होंठो पे रख देती है।

और किस करने लगती है।

और बाहर सरला और नीतू सब देख रही थी।

सरला को पूरा यकीन था की उसका पति उसे धोखा नहीं देगा पर ये सब को देख कर सरला का ट्रस्ट हिलने लगता है और सोचती है जैसे प्रीति ने रमेश को उससे शुरु में अलग किया था अब उसके बेटे को भी छीन लेगी।

और उसकी आँखों में ऑंसू आ जाते है।

नीतू: सरला को देख कर- माँ क्या आप को भाई पे यकीं नहीं है।

सरला: है पर अपनी किस्मत पे नहीं ।

नीतू: पर माँ आप तो यही चाहती थी

सरला: चाहती थी पर अपने तरीके से ना की प्रीति की मर्ज़ी से।

 
और अंदर

अरुन एक झटके से प्रीति से अलग होता है।

ये गलत है बुआ और बोल कर एकदम से रूम से बाहर आ जाता है ।

और दोनों सरला और नीतू साइड हो जाती है।

और अरुन बहार आकर सरला को आवाज़ देता है।

माँ माँ कहा हो।

सरला अपने रूम में हैं और अरुन सरला के रूम में आ जाता है और नीतू अरुन के रूम में।

नीतु प्रीति से

नीतू: क्या हुआ बुआ फुफा के साथ मज़े आए।

प्रीति: चुप कर कुछ नहीं हुआ

तूने भेजा था अरुन को ।

नीतू: हाँ

क्या हुआ क्या बोले।

प्रीति: कुछ नहीं पहले तो किस किया मेरे बूब्स दबाये और बाद में एकदम उठ के बाहर चला गया।

नीतू: चलो शुरुआत तो हुई।

किस कैसा था आप के बॉय फ्रेंड का।

प्रीति: ऐसा नहीं लगा कोई अनट्रेंड है ऐसा लगा जैसे अरुन को काफी एक्सपीरियंस है।

नीतु को अब प्रीति को यही उलझा कर रखना था क्यों की सरला अरुन को लेकर अपने कमरे में थी और अरुन उसे चोदे बिना मानेगा नही।

और नीतू प्रीति को आगे के लिए समझाने लगती है।

और इधर ।

अरुण: माँ तुम यहाँ थी तो नीतू ने ये क्यों बोला तुम मेरे रूम में हो।

सरला: क्या हुआ अरुन ।

अरुण प्रीति से घटी सारी बात बता देता है।

सॉरी मॉम।

सरला: अरुन को बाँहों में भर लेती है ।

मुझे अपने खसम पे पूरा यकीन है की वो मुझे कभी धोखा नहीं देगा चाहे मुझसे खूबसूरत ही कोई क्यों न हो

और अरुन के लंड को मसल देती है।

सरला: वैसे बुआ के मम्मे कैसे थे।

और अपना ब्लाउज और ब्रा उपर करके अपना एक मम्मा अरुन के मुह में दे देती है।

अरुण: कुछ नहीं बोलता और सरला का मम्मा चुसता रहता है।

सरला: बोलो न जान।

अरुण: कुछ कहा नहीं मैंने इतना गौर नहीं किया

सरला: अगर प्रीति की मिलेगी तो ले लेगा।

अरुण: नहीं मुझे किसी की ज़रूरत नहीं है आप के होते हुए।

सरला: अगर मैं परमिशन दू तो ।

अरुण: तो भी नहीं ।

सरला: अगर मैं बोलू मैं चाहती हु की तुम प्रीति की फाड़ दो तो।

अरुण: पर क्यों माँ मुझे आप के साथ मजा आता है।

सरला: कभी कभी टेस्ट बदलना चाहिये।

अरुण: कहीं आप का मेरे से मन तो नहीं भर गया।

सरला:पागल हो क्या आप से मेरा मन कभी नहीं भरेगा आप मेरे पति हो और मैं आप की पत्नी।

अरुण: फिर क्यों चाहती हो मैं बुआ के साथ ये करुं।

कहीं आप को किसी और से प्यार तो नहीं हो गया

इसलिये मुझे बुआ के पास भेज कर आप किसी और से शादी करना चाहती हो।

सरला: अरुन को देखते हुए पागल हो गये हो जान मेरे मरने तक आप ही मेरे सुब कुछ हो अब मुझे कोई छु भी नहीं सकता प्यार की बात तो बहुत दुर अब तो तुम्हारे पापा भी मेरे शरीर को छु नहीं सकते।

अरुण: फिर आप मुझे दूसरे के साथ शेयर क्यों करना चाहती हो।आप को बुरा नहीं लगेंगा।

सरला: लगेगा पर समझ लो की ये भी मेरी एक अधुरी इच्छा है जो तुम्हे पूरी करनी है ।

और प्रीति वाली सारी बात अरुन को बता देति है जो नीतू को बताइ थी।
 
अरुण: पर माँ मैं आप को किसी से शेयर नहीं कर सकता और आप मुझे बुआ से शेयर कर रही हो।

सरला; शेयर नहीं कर रही बस उसे चोदने को बोल रही हूँ किसी कुतिया की तरह ताकि मुझे ख़ुशी मिले।

प्यार तो आप मुझसे करते हो बस फिजिकल हो रहे हो उसके साथ।

पर माँ ।

सरला:मुझे भी तो आप ने प्यार किया जब की मैं आप के पापा से चूदी हुई थी ।

अरुण: पर वो तो।

सरला: आप कुछ मत बोलो आप मुझे हर रूप में मंज़ूर हो बस अपना प्यार कम मत करना ।

और जिसे चाहे चोदो पर मुझे पता होना चहिये।

अरुण: मुझे किसी को नहीं चोदना बस तुम्हारी गाण्ड और चुत फाडनी है।

सरला: तो फाडो न और घुटनो पर बैठ कर अरुन की जीन्स और अंडरवियर उतार कर अरुन का लंड मुह में लेती है।

अरुण: आआआअह्ह माँआआआआ आराम से

पर सरला कुछ नहीं सुनती और चुसती रहती है।

अरुण;मुझे लग रहा है तुम मेरे लंड को ठण्डा नहीं कर पा रही इसलिए मेरे लिए दूसरी चुत का इन्तज़ाम किया है।

सरला अरुन को देखते हुए।

लंड को मुह से निकाल कर।

सरला: हाँ मेरी जान ऐसा ही है और आगे भी करती रहुंगी।अभी तो नीतू की भी दिलाऊँगी ।

अरुण: माँ

सरला: क्या हुआ नीतू की नहीं चाहिए ।

वो भी मस्त माल है।

अरुण: पर वो मेरी बहन है।

सरला: मैं तो तेरी माँ हु और प्रीति तेरी बुआ और अगर सोनिया की लेता है तो तेरी मौसी।

अरुण: आप ऐसा क्यों कर रही हो ।

बस मैं और आप ठीक है पति पत्नी और कोई तीसरा नही।और बाहर इन दोनों की कोई बात सुन रहा था और वो नीतू थी जो प्रीति को सुलाने के बाद सरला और अरुन की बात सुन रही थी।

सरला: हाँ जान प्यार में मैं और आप बाकि सब आप की रखैल।

पर्सनल वाली रांड जो आप को फिजिकल संतुष्टि दे

और अरुन का लंड दोबारा चुसने लगती है।

अरुण: आह आआह्ह्ह्हह्ह सीईईई क्या मस्त राँड हो तुम जो अपने मालिक को खुद भी मज़े देती है और दूसरी रांडो का भी इन्तज़ाम करती है ।

आआआआह उउउउउउउह माँआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह सीईईई आआआ अअअअअअअ ओह चुस ऐसे ही और सरला के सर को पकड़ कर आगे पीछे करने लगता है।

अरुण: नीतू की तो मैं कस कस के लुँगा ।

सरल: अरुन की ऑंखों में देखते हुए जैसे पूछ रही हो क्यु।

अरुण: बिलकुल तेरी कार्बन कॉपी है उसकी मारने में बड़ा मजा आएगा ।

पर क्या वो मुझे देगी।

बाहर नीतू :बोल तो अभी दे दू मेरे राजा मुझे भी बना ले अपनी रांड नंबर २।

और इधर सरला अरुन के लंड को चूस चूस कर बेहाल कर देती है और २० मिनट की चुसाई के बाद अरुन सरला के मुह में झड जाता है और सरला सारा माल पि जाती है और उसके साथ निचे फर्श पे बैठ जाती है और उसके सर पे हाथ फेरते हुए।

सरला: करेगा न मेरी इच्छा पूरी बनायेगा न प्रीति को अपनी रांड।

अरुण: माँ मन तो नहीं है पर आप की ख़ातिर।

सरला: तो अब मेरी गाण्ड और चुत छोड आज प्रीति की दोनों जगह का उद्घाटन कर दे।फाड़ दे साली कुतिया की चूत और गांड।
 
अरुण: पर यहाँ तो सब है।

सरला: वो मुझ पे छोड दे उसका मैं इन्तज़ाम कर दूंगी तू बस उसकी फाड़ देना जिससे की कल वो चल न पाये और जब तेरे पापा उससे पूछे क्या हुआ।

तो मैं देखना चाहती हूँ क्या जवाब देती है साली रंडी।

अरुन सरला की साडी उपर करते हुए।

सरला: क्या कर रहे हो जान।

अरुण: तुम्हारी चुत चाटने की तयारी।

सरला: अभी रहने दो जानू कोई भी आ सकती है।

अरुण: पर कल भी तुम प्यासी रह गई थी और आज भी।

सरला: कोई बात नहीं जब ये चलि जाये तो खूब मन भर के चुदवाऊँगी। फिर देखती हुँ कितना चोदोगे ।

अरुण: वादा याद नहीं है क्या जान।

अरुण: सब याद है तभी तो मना कर रही हु अभी मुझे पता है एक दिन आप को मिल जाये तो आप मेरी गाण्ड और चुत की बैंड बजा दोगे और चलने लायक भी नहीं छोडोगे।

और अरुन के लिप्स पे किस करती है।

सरला: बस एक बार प्रीति की फाड़ दो आप जैसे भी और चाल बिगाड दो ।अच्छा भला हनीमून चल रहा था आ गई पति से लड कर हमारा हनीमून ख़राब करने अब तुम इसकी चाल ख़राब कर दो।

तभी दरवाजा की बेल बजति है।

बाहर नीतू आई थी।

सरला और अरुन नीतू की आवाज़ सुन लेते है उनको ऐसा लगता है की जैसे नीतू बाहर दरवाजा पे हो और उनको देख रही हो।

सरला को तो पता था की नीतू सब देख रही होगी पर अरुन को पता नहीं था।

सरला से अरुण।

माँ रीतू गेट पे थी क्या।

सरला: शायद उसने सब देख लिया है अब तुझे उसे भी पटाना पड़ेगा नहीं तो हो सकता है तेरे पापा से बोल दे

मेरे और तेरी चुदाई के बारे में।

तभी नीतू की आवाज़ आती है ।

माँ ये आ गई।

सरला: रवि आ गया क्या शायद ।

अरुण: पर रवि के होते हुए नीतू की कैसे मारूँगा।

सरला: उसका भी मैं इन्तज़ाम कर दूंगी बस उसकी भी फाड़ देना ।

और बोल कर बाहर निकल जाती है।

थोड़ी देर में अरुन और प्रीति भी बाहर आ जाते है।

सरला किचन में सब के लिए चाय बनाने चली जाती है और नीतू भी पीछे २ पहुच जाती है।

सरला: दरवाजा से आवाज़ देना जरुरी था।

नीतू: क्या हुआ ।

सरला: अरुन को शक़ हो गया और मुझे उससे बोलना पड़ा की वो तुझे पटाकर तेरी फाड़ दे नहीं तो हो सकता है तू पापा से बोल दे।

नीतू: वो क्या बोले।

सरला: मौका मांग रहा था।

नीतू: बोली नहीं वो तो खोल कर लेटी है जा चढ जा।

सरला: बेशरम चुप कर उसे नहीं बताना की तुझे पता है हमारे बारे में नहीं तो ग़ुस्सा होगा की मैंने उससे नहीं बताया ।

बस इस तरह पेश आना जैसे कुछ नहीं जानती।

 
ओके माँ।

और दोनों बाहर आ जाती है चाय ले कर और सब मिलकर नास्ता करते है ।

तभी रवि कहता है की उसका काम हो गया है अब वो और नीतू घर जायेंगे पर प्रीति उन दोनो को रोक लेती है

और थोड़ी देर बाद रमेश भी आ जाता है।

और सब मिलकर बात करते है और हसी मज़ाक़ और खाने की तैयारी होती है ।

और आज प्रीति और नीतू अरुन को किसी और नज़र से देख रही थी।

जैसे कह रही हो आज नहीं छोडेंगे कच्चा खा जाएंगे

और अरुन समझ नहीं पा रहा था किस को लाइन दे किसको नही।

तभी दरवाजे पे बेल बजती है अरुन दरवाजा खोलता है

और सामने सुभाष खड़ा था।

यानी अरुन के फुफा जी और प्रीति के हसबैंड।

और उनको लेके अंदर आ जाता है।

प्रीति सुभाष को देख कर उसका मूड ख़राब हो जाता है।

कहाँ वो अरुन को पटाने की सोच रही थी और कहा उसका पति आ गया अब अरुन से कैसे चुदबायेगी।

वो सब मिलकर प्रीति को समझाते है की ग़ुस्सा छोड दे और घर चली जाये।

वैसे चलि भी जाती। अरुन नहीं होता तो पर अब उसे अरुन का लंड चाहिए था।

और वो उसके बिना नहीं जाना चाहती थी। इसलिए उसने सुभाष को रुकने के लिए राजी कर लिया।

रमेश अपने परिवार को देख कर खुश था पर उसे क्या पता था की उसके घर में बेटे ने उसकी जगह ले ली है और अब वो घर की सभी औरतो का मालिक अरुन है।

और उस घर की सभी औरतें उसके एक इशारा पे उसके निचे लेटने को तैयार हो रही है।

और यही हाल प्रीति का था उसने ठान लिया था की आज अरुन से चुदवा कर रहेगी।

तभी

प्रीति: अरुन अब आई हु तो सोच रही कुछ शॉपिंग कर लूँ। फिर ये आ गए है ले जाने के लिए।

सुभाष: मैं ले चलता हूँ।

प्रीति: नहीं आप रहने दो मैं अरुन के साथ उसकी बाइक पे चली जाऊँगी।

रमेश: हाँ बेटा जा बुआ को ले जा ।

प्रीति: अरुन मैं अभी तयार हो कर आई।

अरून सरला को देखता है ,और सरला उसको परमिशन दे देती है।

अरुण: बुआ रुको मुझे भी चेंज करना है।

और दोनों साथ साथ रूम में आते है ।

और अब अरुन अपनी माँ की आज्ञा का पालन करता है और वो ये की प्रीति की फाड़नी है ।

ओर उसका दिमाग तेजी से काम कर रहा था।

अरुण: बुआ साथ चलना है तो मेरी पसंद के कपडे पहनने पडेंगे।

प्रीति: तो इस में क्या प्रॉब्लम है बता।

अरुण: इतना आसान नहीं है मेरी पसंद के कपडे।

प्रीति: बोल तो सही ।

अरुण: मुझे ब्लैक कलर पसंद है।

प्रीति: हाँ मेरे पास है ब्लैक साडी ।

अरुण: खाली साडी से नहीं होगा।

प्रीति; है ब्लाउज और पेटीकोट भी है।

अरुण: उससे भी नहीं होगा।

प्रीति: अब क्या रह गया ।

अरुण: बोलू बुरा तो नहीं मानोगी।

प्रीति: अगर दोस्ती करनी है तो बुरा क्या मानना।

अरुण: तो मुझे सब कुछ ब्लैक चाहिये।

ब्लैक साडी , ब्लाऊज, पेटीकोट , ब्लैक ब्रा और ब्लैक पेंटी।

प्रीति: मतलब।

अरुण: सब कुछ साफ़ बोला है।

प्रीति: बेशरम अपनी बुआ से कोई ऐसे बोलता है।

अरुण: मैं तो ऐसे ही बोलता हु अब आप की मर्ज़ी गर्ल फ्रेंड बनना है तो जल्दी करो।

प्रीति: अगर मैं ब्लैक ब्रा पेंटी नहीं पहनी तो तुझे कैसे पता चलेगा।।

अरुण: टाइम आएगा तो चेक कर लुँगा और अगर नहीं पहनी तो दोस्ती खतम।

प्रीति: अरे अरे मेरा बेटा नाराज हो गया अपनी बुआ से जा बाहर वेट कर मैं चेंज करके आती हुँ।

और अरुन बाहर आ जाता है।
 
थोड़ी देर में प्रीति और अरुन मार्किट के लिए निकल जाते है।

ओर बाइक पे बैठ कर रोड पे आ जाते है

अरुण: कहाँ चलना है।

प्रीति: जहाँ तेरा मन करे।

अरुण: लेना क्या है।

प्रीति : कुछ नहीं ,वो तो तेरे फुफा जी आ गये थे और मुझे तेरे से बात करनी थी इसलिए बाहर आई हूँ।

अरुण: ओके तो बोलो क्या बात करनी है।

प्रीति: अब क्या बात करुं अपनी मर्ज़ी के तो कपडे पहना दिए तूने और तेरी बाइक पे बैठी हु वो भी तेरी पसंद के कपडे पहन कर और आगे सरक कर बैठ जाती है जिस से उसके मम्मे अरुन की पीठ से रगडने लगते है।

अरुण: बोलो कहा चलना है या ऐसे ही अपने बूब्स मेरी पीठ पे रगडने है।

प्रीति: बड़ा बेशरम है तू , ये तो बाइक की ब्रेक लग रही है इसलिए तुझसे लग रही है।

अरुण: बुआ रहने दो पर मुझे मस्त लग रहे है

बहुत टाइट है कसे हुए।

प्रीति: चुप कर बेशरम।

और अरुन हँस पडता है

और एक मॉल के सामने बाइक रोक देता है।

और प्रीति का हाथ पकड़ कर अंदर आ जाता है।

दोनो मॉल में एक दूसरे का हाथ पकड़ कर घूमते है।

प्रीति: मेरे हाथ क्यों पकड़ रखा है।

अरुण: क्यों की गर्ल फ्रेंड और बॉय फ्रेंड ऐसे ही घूमते है।

प्रीति; मैंने कब कहा की मैं तुम्हारी गर्ल फ्रेंड हू।

अरुण: हो तभी मेरी पसंद की ब्लैक कलर की ब्रा पेंटी पहनी हो।

प्रीति: तुझे कैसे पता की ब्लैक पहनी है।

अरुण': बस बिश्वास है की मेरी गर्ल फ्रेंड मुझसे झूट नहीं बोलेंगी।

प्रीति: हाँ ब्लैक ही पहनी है तेरी पसंद की ।

अब खुश।

अरुण: जब से आप को देखा है खुश हुँ।

आप बताओ।

प्रीति: मैं बहुत खुश हु ।

शायद लाइफ में सबसे ज्यादा खुश।

और अरुन प्रीति के काँधे पे अपनी बाजु रख कर अपनी तरफ खींच लेता है और प्रीति उसके काँधे पे सर रख देती है।

थोड़ी देर ऐसे घुमने के बाद अरुन प्रीति को मॉल के अंदर मौजुद अंडरगार्मेन्ट्स की दुकान पर ले जाता है।

प्रीति: यहाँ क्यों आये है।

अरुण: रुक जाओ।

सेल्स गर्ल:मे आई हेल्प यु।

अरुण: यस इनके साइज के अंडरगारर्मेन्ट्स दिखाओ लेटेस्ट डिजाइन।

सेल्स गर्ल :सर साइज़।

अरून प्रीति की तरफ देखता है ।

साइज़ और प्रीति कुछ भी बोले बिना साइज बता देती है।और अरुन अपने पसंद की २ सेट ब्रा पेंटी के लेता है।

प्रीटी: ये मेरे को नहीं आएँगी छोटी रहेंगी ।

अरुण: एकदम फिट आएँगी डोंट वरी।

बस आज रात पहन कर दिखा देना ।ठीक

प्रीति: क्यों दिखाऊ तुम मेरे पति हो।।

एरिन: पति से ज्यादा तुम्हारा लवर और लवर हस्बैंड से ज्यादा होता है।।

सो बी रेडी फॉर नाईट।

और दोनों बाहर आ जाते है।

और अरुन कुछ खाना है या घर पर चले।

प्रीति: पहली डेट पर लाए हो और पूछ रहे हो।

अरुण: वो कहीं बाहर खाने पर आप के पति नाराज़ हो जाये।

प्रीति: उनकी टेंशन मत लो तुम वो करो जो तुम्हारा मन हो।

उस टाइम दोनों पार्किंग लोट में थे और आस पास कोई नहीं था।

और प्रीति के कहते ही अरुन प्रीति को अपनी बाँहों में खींचकर उस के लिप्स चुसने लगता है।

थोड़ी देर के बाद प्रीति अरुन का साथ देने लगती है।
 
तभी किसी की आवाज़ आती है और दोनों अलग ही जाते है।

अरुण: कैसे लगी अपने बॉय फ्रेंड की किस।

प्रीति: गुस्से में देखते हुए बहुत अच्छी और हँस देती है।

और अरुन प्रीति को लेके रेस्टोरेंट में जाता है जहाँ दोनों प्रीति की पसंद का डिनर करते है और घर की ओर चल देते है।।

तभी रास्ते में मेडिकल स्टोर आता है।

अरून बाइक रोक देता है।

प्रीति: यहाँ क्या करना है।

आ: डॉटड कोंन्डोम।

प्रीति: सच में।

अरुण: आज तो मैं अपनी गर्ल फ्रेंड की लुँगा वो भी डॉटड कंडोम लगा कर।

प्रीति: चुप कर बदमाश और धीरे से अरुन के कान में

मुझे बिना कंडोम के अच्छा लगता है उसकी ज़रूरत नहो।

पर ये सब होगा कैसे।

अरुण: वो मुझ पर छोड दो ।

और मेडिकल स्टोर में जा कर नींद की गोलियां लेता है।

प्रीति: मना किया था न कंडोम मत लो मुझे बिना इसके पसंद है।

अरुण: क्या पसंद है।

प्रीति: मुझे भी अपनी तरफ बेशरम बनायेंगा।

बिना कंडोम के चुदना बस अब खुश।

अरुण: बहुत खुश।

और प्रीति के हाथ में नीन्द की गोलियां दे कर प्लान समझाता है।

प्रीति: ग्रेट आईडिया और इससे किसी को शक़ भी नहीं होगा। और दोनों घर आ जाते है।

घर आ कर।

सरला: क्या लाये हो ।

प्रीति: कुछ पसंद नहीं आया।

सुभाष: फिर इतनी देर।

प्रीति: गुस्से में इसीलिए मेरी तुम्हारे से नहीं पटती

सुभाष चुप हो जाता है।

और सब सोने की तैयारी करते है ।

अब सोये कैसे।

डीसाइड ये होता है।प्रीति की ज़िद की बजह से ।

प्रीति सुभाष और अरुन सरला के कमरे में।

रवि और नीतू अरुन के कमरे में।

और सरला और रमेश ड्राइंग रूम में।

पर अभी सब ड्राइंग रूम में मूवी देख रहे थे।

सरला किचन से सब के लिए कोल्ड ड्रिंक्स का और स्नैक का इन्तज़ाम करने आती है और अरुन को हेल्प के लिए आवाज़ देती है।

अब दोनों माँ बेटा या असली आशिक इस स्टोरी के किचन में अकेले।

और मौका देख कर अरुन सरला को हग करता है।

सरला: छोड़ मेरे राजा कोई देख लेगा।

अरुण: और कितने दिन जान।

सरल: बस कुछ दिन फिर मैं और आप और कोई नही।

और अरुन सरला को प्रीति के साथ हुई सारी बात बता देता है।

अरुण: माँ अब भी टाइम है।

हम ऐसा कुछ नहीं करते।

सरला: नहीं जो बोला वो करो मुझे कोई जलन नहीं हो रही ।

तूम उसके साथ एन्जॉय करो मेरी जान और बोल कर लिप्स पे किस करती है तभी नीतू भी किचन में आ जाती है।

और दोनों अलग हो जाते है।

नीतू: क्या हुआ काफी देर हो गई।

सरला: बस आ रहे है।

नीतू : तो अरुन आज बुआ के साथ सोयेगा।

सरला: हाँ वो ज़िद कर रही है।

नीतू: अरुन भी तो मना कर सकता है।

अरुण: ठीक है मना कर देता हु और तेरे साथ सो जाता हूँ।

नीतू: मना किसने किया है।

अरुण: तो बुआ के साथ प्रोग्राम कैंसिल और तेरे साथ फिट।

सरला: नहीं ऐसा कुछ नहीं होगा। अरुन तू चल मैं आती हूँ और अरुन चला जाता है।

सरला नीतू से

क्यूं मेरा और अरुन का प्लान ख़राब कर रही है।

नीतू: मुझे मेरा भाई चाहिए ।

सरला: मिल जायेगा बेटा बस आज रात की बात है।

अरून प्रीति को सुभाष के सामने चोदेगा सोच मुझे कितनी ख़ुशी मिलेगी।

नीतू: पर ये होगा कैसे।

सरला: वो तेरा भाई है और मेरा पति वो कुछ भी कर सकता है।

जान तेरे नाना और नानी से मेरा हाथ मांग सकता है

और तेरे पापा के सामने मुझसे शादी कर सकता है तो सोच वो क्या नहीं कर सकता।

नीतू : हाँ जो अपनी माँ को चोद सकता है वो क्या नहीं कर सकता।

सरला: हाँ ये तो भूल ही गई।

और दोनों हँस देते है।
 
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