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Guest
रानी रूम से बाहर चली गयी….मैं उठ कर रूम से बाहर आया…और बाथरूम की तरफ जाने लगा तो, मुझे रानी बाथरूम से बाहर निकल कर सीढ़ियों की तरफ जाती हुई नज़र आई…..जैसे ही रानी सीढ़ियों के पास पहुँची….मैं फूर्ति से उसकी तरफ बढ़ा…..और उसका हाथ पकड़ लिया….छत पर एक दम अंधेरा हो चुका था… सीढ़ियों के ऊपेर भी छत थी…और सीढ़ियों पर डोर भी था…मेने रानी को पकड़ कर सीढ़ियों के डोर के साथ लगा दिया….
रानी: ख़ान सहाब क्या कर रहे हो….मुझे आपके इरादे ठीक नही लग रहे….
मैं: तुम्हारी फुद्दि में जो आग लगी है…उसको बुझाने की कॉसिश कर रहा हूँ…
रानी: अगर कोई ऊपेर आ गया तो,
मैं: कोई नही आएगा…..अगर आएगा भी तो, आवाज़ आ जाएगी…..
रानी ने एक हाथ नीचे लेजा कर शलवार के ऊपेर से मेरे लंड को पकड़ कर दबाया तो, उसकी आँखे हैरत से फैल गयी…..”तोबा ये तो तैयार खड़ा है….जंग लड़ने के लिए….”
ये कहते हुए, रानी ने मेरे फेस को अपने हाथो से पकड़ा, और मुझे उस स्टोर रूम में ले गयी….जो उसके सोने के लिए दिया गया था….अंदर आते ही उसने अपने गुलाबी होंठो को मेरे होंठो पर लगा दिया…..मैं भी जैसे इसी पल के लिए तरस रहा था..मेने रानी के होंठो को अपने होंठो में दबा-2 कर चूसना शुरू कर दिया…जब होंठो से दिल भरा तो, मेने रानी के दोनो मम्मो को अपने हाथो से पकड़ लिया..और कमीज़ के ऊपेर से ही दबाने लगा….
रानी भी गरम हो चुकी थी….उसकी साँसे अब तेज चलने लगी…मेरी ये हरकत उसे और गरम करने लगी… जिस तरह से मैं रानी के मम्मो को मसल रहा था…उससे उसकी उतेजना सॉफ झलक रही थी. वो मेरे हाथ की सख्ती को अपने मम्मो पर महसूस कर सकती थी..ऐसी सख्ती, जो एक भरपूर मर्द के हाथो में होती है….
उसने मुझ को अपने से अलग किया…. फिर मेरी तरफ पीठ करते हुए, अपनी कमीज़ के पल्ले के अंदर हाथ डालते हुए, सलवार का नाडा खोला, और वहाँ पड़े सिंगल बेड पर लेटते हुए अपनी सलवार को घुटनो तक उतार दिया….
रानी: आ जाओ सबाश ख़ान सहाब….
जैसे जी रानी ने अपनी सलवार को उतार कर घुटनो तक किया, और अपनी टांगो को घुटनो से मोड़ कर ऊपेर उठा लिया….मेने भी जल्दी से अपनी शलवार ढीली कर नीचे सरका दी….और अपने तने हुए लंड को हाथ में पकड़ कर रानी की खुली हुई टाँगो के दरमियान आ गया….रानी ने अपने दोनो हाथों को नीचे लेजा कर अपनी फुद्दि के लिप्स को खोल कर मुझे अपनी फुद्दि का गुलाबी सूराख दिखाया….
मेरे लंड ने एक झटका खाया, और अगले पल मेने अपने लंड की कॅप को रानी की फुद्दि के सूराख पर सेट कर दिया….जैसे ही मेरे लंड का कॅप रानी की फुद्दि के सूराख पर लगा….रानी ने अपने हाथों को अपनी फुद्दि के लिप्स से हटा लिया….और मेरी ओर देखते हुए मुस्कुराते हुए बोली….
रानी: चलो ख़ान सहाब अब डाल दो अपनी इस रखेल की फुददी में लंड…
ये सुनते ही, मेने अपनी कमर को ज़ोर से आगे की तरफ हिलाया…मेरे लंड का कॅप रानी की फुद्दि की दीवारो को फैलाता हुआ अंदर जा घुसा.. रानी के मूह से मस्ती भरी सिसकारी निकल गयी..उसने मेरे कंधो को ज़ोर से पकड़ा, और मेरी आँखो में अपनी अध खुली आँखो से देखते हुए बोली…
रानी: सीईईई आह ख़ान शहाब आपका लौडा तो फुद्दि को ऐसे रगड़ता है…कि दिल करता है…कि दिन रात आपके लंड को फुद्दि में लेकर ऐसे ही चुदवाती रहूं…चोदो ना अपनी रखेल की फुद्दि को….
मेने अपने लंड को रानी की फुद्दि के अंदर बाहर करना शुरू कर दिया.. रानी की आँखे मस्ती मे बंद होने लगी….वो अपने होंठो को दाँतों से काटते हुए, मस्ती में सिसकारियाँ भरने लगी…
रानी: आहह फाड़ डालो मेरी फुददी आहह और ज़ोर से आहह सीईईईई मेरी फुद्दि आह चोद ना और ज़ोर से मारो…..
रानी इतनी गरम थी कि,. रानी अपनी फुद्दि को अंदर की ओर दबा रही थी….ताकि मेरा लंड उसकी फुद्दि की दीवारो से रगड़ खा-2 कर अंदर जाए….मैं भी मस्ती के दरिया में डूबता हुआ, तेज़ी से अपने लंड को रानी की फुद्दि के अंदर बाहर कर रहा था…मेने देखा कि, रानी अब एक दम मस्त हो कर चुदवा रही थी….मेने धक्के लगाने बंद कर दिए….रानी ने अपनी आँखें खोल कर मेरी तरफ देखा…
रानी: क्या हुआ ख़ान सहाब….रुक क्यों गये…
मैं: घोड़ी बनो …..
मेरे बात सुन कर रानी के होंठो पर मुस्कान आ गयी… मेरी बात सुन कर रानी एक दम से खुश हो गयी….और मेरी ओर देखते हुए बोली.
रानी: मुझे कुतिया बना कर मेरी फुद्दि मारोगे….
में: हां अब मूह बंद कर और कुतिया की तरह होकर अपनी फुद्दि बाहर निकाल…..
रानी: अच्छा चलो अपना लंड मेरी फुद्दि से बाहर निकालो….
मेने अपना लंड रानी की फुद्दि से बाहर निकाला….रानी बेड से उठ कर खड़ी हुई, रानी बेड पर चढ़ गयी, और बिल्कुल कुतिया की तरह अपनी कोहानियों को बेड पर टिका कर पीछे से अपनी बुन्द ऊपेर उठा दी…फिर उसने अपनी कमर को अंदर की तरफ बेंड किया…जिससे रानी की बुन्द ऊपेर की ओर उठ गयी….और उसकी फुद्दि बिल्कुल किसी कुत्ति की तरह ही दोनो टाँगो के बाहर आ गयी….
मेने बेड पर चढ़ते हुए, अपने लंड के कॅप को रानी की फुद्दि के सूराख पर टिकाया, और अपने दोनो हाथों से रानी की मोटी गोलमटोल बुन्द को पकड़ कर ज़ोर दार झटका मारा….रानी की फुद्दि उसके कामरस से एक दम गीली हो चुकी थी…मेरा लंड फिसलता हुआ, अंधेर जा घुसा….रानी का बदन मस्ती से सिहर उठा…उसने अपने फेस को पीछे घुमा कर मेरी ओर देखा..
रानी: आहह ख़ान शहाब हाआँ ऐसे ही ज़ोर-2 से घस्से मारो….फाड़ दो मेरी फुद्दि…..
मैं भी रानी की बातें सुन कर जोश में आ गया….और अपना पूरा लंड निकाल-2 कर अपनी रानी की फुद्दि में शॉट लगाने लगा…रानी एक दम मस्त हो गयी….और अपनी बुन्द को पीछे की ओर धकेलने लगी….
रानी:उम्ह्ह्ह्ह्ह अहह ओह्ह्ह ख़ान शहाब उम्ह्ह्ह्ह सीईईई सीयी अहह अह्ह्ह्ह मारो और ज़ोर से माररो मेरीए फुददी अह्ह्ह्ह हाई ओई…
मैं अब पूरी ताक़त से अपने लंड को रानी की फुद्दि के अंदर बाहर कर रहा था….रानी की सिसकारियाँ पूरे रूम में गूँज रही थी…रानी की फुद्दि में अब तूफान सा उठने लगा था….उसने अपनी बुन्द को और तेज़ी से पीछे पुश शुरू कर दिया…..
रानी: आह ख़ान शहाब देखो मेरी फुद्दि पानी छोड़ने वाली है….देखो अब मेरी फुद्दि आहह ओह आपके लंड पर अह्ह्ह्ह सीईईई पानी छोड़ने वाली है अहह हाई ओईईए सीईईईई आह अहह मैं गयी आहह आहह अहह….
रानी और मैं दोनो एक साथ फारिघ् होने लगे…रानी धीरे-2 बेड पर पेट के बल लेट गयी…थोड़ी देर में ही मेरा लंड सिकुड कर बाहर आ गया. और मैं रानी के ऊपेर कुछ देर ऐसे ही लेटा रहा….फिर मेने रानी की चिन को पकड़ कर उसके फेस को पीछे की तरफ घुमाया….
रानी ने अपने फेस को पीछे की ओर घूमाते हुए अपनी नशीली आँखे खोल कर मेरी ओर देखा…और मेने अपने होंठो को रानी के होंठो पर रख दिया…..रानी ने भी अपने होंठो को खोल कर मुझसे चुसवाना शुरू कर दिया…हम दोनो काफ़ी देर तक ऐसे लेटे हुए, किस करते रहे….फिर जब रानी को वक़्त का ख़याल आया तो उसने मुझ को अपने ऊपेर से हटने को कहा. फिर मेने और रानी दोनो ने अपने कपड़े ठीक किए….और रानी शलवार का नाडा बाँधते हुए ही बाहर चली गयी….
रानी: ख़ान सहाब क्या कर रहे हो….मुझे आपके इरादे ठीक नही लग रहे….
मैं: तुम्हारी फुद्दि में जो आग लगी है…उसको बुझाने की कॉसिश कर रहा हूँ…
रानी: अगर कोई ऊपेर आ गया तो,
मैं: कोई नही आएगा…..अगर आएगा भी तो, आवाज़ आ जाएगी…..
रानी ने एक हाथ नीचे लेजा कर शलवार के ऊपेर से मेरे लंड को पकड़ कर दबाया तो, उसकी आँखे हैरत से फैल गयी…..”तोबा ये तो तैयार खड़ा है….जंग लड़ने के लिए….”
ये कहते हुए, रानी ने मेरे फेस को अपने हाथो से पकड़ा, और मुझे उस स्टोर रूम में ले गयी….जो उसके सोने के लिए दिया गया था….अंदर आते ही उसने अपने गुलाबी होंठो को मेरे होंठो पर लगा दिया…..मैं भी जैसे इसी पल के लिए तरस रहा था..मेने रानी के होंठो को अपने होंठो में दबा-2 कर चूसना शुरू कर दिया…जब होंठो से दिल भरा तो, मेने रानी के दोनो मम्मो को अपने हाथो से पकड़ लिया..और कमीज़ के ऊपेर से ही दबाने लगा….
रानी भी गरम हो चुकी थी….उसकी साँसे अब तेज चलने लगी…मेरी ये हरकत उसे और गरम करने लगी… जिस तरह से मैं रानी के मम्मो को मसल रहा था…उससे उसकी उतेजना सॉफ झलक रही थी. वो मेरे हाथ की सख्ती को अपने मम्मो पर महसूस कर सकती थी..ऐसी सख्ती, जो एक भरपूर मर्द के हाथो में होती है….
उसने मुझ को अपने से अलग किया…. फिर मेरी तरफ पीठ करते हुए, अपनी कमीज़ के पल्ले के अंदर हाथ डालते हुए, सलवार का नाडा खोला, और वहाँ पड़े सिंगल बेड पर लेटते हुए अपनी सलवार को घुटनो तक उतार दिया….
रानी: आ जाओ सबाश ख़ान सहाब….
जैसे जी रानी ने अपनी सलवार को उतार कर घुटनो तक किया, और अपनी टांगो को घुटनो से मोड़ कर ऊपेर उठा लिया….मेने भी जल्दी से अपनी शलवार ढीली कर नीचे सरका दी….और अपने तने हुए लंड को हाथ में पकड़ कर रानी की खुली हुई टाँगो के दरमियान आ गया….रानी ने अपने दोनो हाथों को नीचे लेजा कर अपनी फुद्दि के लिप्स को खोल कर मुझे अपनी फुद्दि का गुलाबी सूराख दिखाया….
मेरे लंड ने एक झटका खाया, और अगले पल मेने अपने लंड की कॅप को रानी की फुद्दि के सूराख पर सेट कर दिया….जैसे ही मेरे लंड का कॅप रानी की फुद्दि के सूराख पर लगा….रानी ने अपने हाथों को अपनी फुद्दि के लिप्स से हटा लिया….और मेरी ओर देखते हुए मुस्कुराते हुए बोली….
रानी: चलो ख़ान सहाब अब डाल दो अपनी इस रखेल की फुददी में लंड…
ये सुनते ही, मेने अपनी कमर को ज़ोर से आगे की तरफ हिलाया…मेरे लंड का कॅप रानी की फुद्दि की दीवारो को फैलाता हुआ अंदर जा घुसा.. रानी के मूह से मस्ती भरी सिसकारी निकल गयी..उसने मेरे कंधो को ज़ोर से पकड़ा, और मेरी आँखो में अपनी अध खुली आँखो से देखते हुए बोली…
रानी: सीईईई आह ख़ान शहाब आपका लौडा तो फुद्दि को ऐसे रगड़ता है…कि दिल करता है…कि दिन रात आपके लंड को फुद्दि में लेकर ऐसे ही चुदवाती रहूं…चोदो ना अपनी रखेल की फुद्दि को….
मेने अपने लंड को रानी की फुद्दि के अंदर बाहर करना शुरू कर दिया.. रानी की आँखे मस्ती मे बंद होने लगी….वो अपने होंठो को दाँतों से काटते हुए, मस्ती में सिसकारियाँ भरने लगी…
रानी: आहह फाड़ डालो मेरी फुददी आहह और ज़ोर से आहह सीईईईई मेरी फुद्दि आह चोद ना और ज़ोर से मारो…..
रानी इतनी गरम थी कि,. रानी अपनी फुद्दि को अंदर की ओर दबा रही थी….ताकि मेरा लंड उसकी फुद्दि की दीवारो से रगड़ खा-2 कर अंदर जाए….मैं भी मस्ती के दरिया में डूबता हुआ, तेज़ी से अपने लंड को रानी की फुद्दि के अंदर बाहर कर रहा था…मेने देखा कि, रानी अब एक दम मस्त हो कर चुदवा रही थी….मेने धक्के लगाने बंद कर दिए….रानी ने अपनी आँखें खोल कर मेरी तरफ देखा…
रानी: क्या हुआ ख़ान सहाब….रुक क्यों गये…
मैं: घोड़ी बनो …..
मेरे बात सुन कर रानी के होंठो पर मुस्कान आ गयी… मेरी बात सुन कर रानी एक दम से खुश हो गयी….और मेरी ओर देखते हुए बोली.
रानी: मुझे कुतिया बना कर मेरी फुद्दि मारोगे….
में: हां अब मूह बंद कर और कुतिया की तरह होकर अपनी फुद्दि बाहर निकाल…..
रानी: अच्छा चलो अपना लंड मेरी फुद्दि से बाहर निकालो….
मेने अपना लंड रानी की फुद्दि से बाहर निकाला….रानी बेड से उठ कर खड़ी हुई, रानी बेड पर चढ़ गयी, और बिल्कुल कुतिया की तरह अपनी कोहानियों को बेड पर टिका कर पीछे से अपनी बुन्द ऊपेर उठा दी…फिर उसने अपनी कमर को अंदर की तरफ बेंड किया…जिससे रानी की बुन्द ऊपेर की ओर उठ गयी….और उसकी फुद्दि बिल्कुल किसी कुत्ति की तरह ही दोनो टाँगो के बाहर आ गयी….
मेने बेड पर चढ़ते हुए, अपने लंड के कॅप को रानी की फुद्दि के सूराख पर टिकाया, और अपने दोनो हाथों से रानी की मोटी गोलमटोल बुन्द को पकड़ कर ज़ोर दार झटका मारा….रानी की फुद्दि उसके कामरस से एक दम गीली हो चुकी थी…मेरा लंड फिसलता हुआ, अंधेर जा घुसा….रानी का बदन मस्ती से सिहर उठा…उसने अपने फेस को पीछे घुमा कर मेरी ओर देखा..
रानी: आहह ख़ान शहाब हाआँ ऐसे ही ज़ोर-2 से घस्से मारो….फाड़ दो मेरी फुद्दि…..
मैं भी रानी की बातें सुन कर जोश में आ गया….और अपना पूरा लंड निकाल-2 कर अपनी रानी की फुद्दि में शॉट लगाने लगा…रानी एक दम मस्त हो गयी….और अपनी बुन्द को पीछे की ओर धकेलने लगी….
रानी:उम्ह्ह्ह्ह्ह अहह ओह्ह्ह ख़ान शहाब उम्ह्ह्ह्ह सीईईई सीयी अहह अह्ह्ह्ह मारो और ज़ोर से माररो मेरीए फुददी अह्ह्ह्ह हाई ओई…
मैं अब पूरी ताक़त से अपने लंड को रानी की फुद्दि के अंदर बाहर कर रहा था….रानी की सिसकारियाँ पूरे रूम में गूँज रही थी…रानी की फुद्दि में अब तूफान सा उठने लगा था….उसने अपनी बुन्द को और तेज़ी से पीछे पुश शुरू कर दिया…..
रानी: आह ख़ान शहाब देखो मेरी फुद्दि पानी छोड़ने वाली है….देखो अब मेरी फुद्दि आहह ओह आपके लंड पर अह्ह्ह्ह सीईईई पानी छोड़ने वाली है अहह हाई ओईईए सीईईईई आह अहह मैं गयी आहह आहह अहह….
रानी और मैं दोनो एक साथ फारिघ् होने लगे…रानी धीरे-2 बेड पर पेट के बल लेट गयी…थोड़ी देर में ही मेरा लंड सिकुड कर बाहर आ गया. और मैं रानी के ऊपेर कुछ देर ऐसे ही लेटा रहा….फिर मेने रानी की चिन को पकड़ कर उसके फेस को पीछे की तरफ घुमाया….
रानी ने अपने फेस को पीछे की ओर घूमाते हुए अपनी नशीली आँखे खोल कर मेरी ओर देखा…और मेने अपने होंठो को रानी के होंठो पर रख दिया…..रानी ने भी अपने होंठो को खोल कर मुझसे चुसवाना शुरू कर दिया…हम दोनो काफ़ी देर तक ऐसे लेटे हुए, किस करते रहे….फिर जब रानी को वक़्त का ख़याल आया तो उसने मुझ को अपने ऊपेर से हटने को कहा. फिर मेने और रानी दोनो ने अपने कपड़े ठीक किए….और रानी शलवार का नाडा बाँधते हुए ही बाहर चली गयी….