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मेरी कमसिन जवानी की आग complete

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तब मैं बोली- सच में अंकल क्या ऐसा हो सकता है? तब तो मेरे लिए बहुत अच्छा हो जाएगा, आपका यह एहसान मैं कभी भी नहीं भूलूंगी.. क्योंकि इससे मेरी आगे की लाइफ में थोड़ा क्या.. मुझे पूरी आजादी मिल जाएगी.तब राज अंकल बोले- चल तेरे लिए यह मैं करवा दूंगा और तुझे कभी भी अगर कुछ दिक्कत आई या तेरी मम्मी जान भी गई तो कुछ नहीं बोल पाएगी.

अब मैं बिल्कुल राज अंकल से लिपट गई- तू बहुत मस्त है राज.. तेरा कोई जवाब नहीं.. तू मेरी चूत को आज फाड़ दे! और हाँ, यह मम्मी वाला जो आइडिया दिया है, इस काम को जरूर करवा देना. मेरी मम्मी को एक बार मैं भी सामने से चुदते हुए देख लूं.. उनके बारे में सुनी तो बहुत है.. एक बार देखना भी चाहती हूं.राज अंकल बोले- आह.. सोनू लगता है अब मेरा काम तमाम होने वाला है. मैं झड़ने वाला हूं.. तेरे को बहुत चोदने का मन है.. तेरी चूत बहुत टाइट है. मैंने तेरी गांड को भी बहुत चोदा और अब लगता है कि तेरी चूत की रगड़ और गर्मी मेरा लौड़ा बर्दाश्त नहीं कर पाएगा. अब मेरा रस निकलने वाला है, सोनू तू यह बता कि मेरा लंड रस चूत में लेगी या अपने मुँह में लेगी.. तू जैसा बोल?

मैं बोली- राज मैं बहुत प्यासी हूं.. तुझे जहाँ मन पड़े, वहीं बौछार कर दे.. आह.. राज बहुत मस्त चोदता है.. मैं आज तेरे लौड़े की दीवानी हो गई हूं. तू ऐसा कर कि मेरी चूत में ही रस भर दे. मेरी चूत में पूरा जड़ तक लंड घुसा दे. अब मुझे भी बहुत कुछ अन्दर होने लगा है.

इतने में मेरे दोनों दूध जम के पकड़ कर राज अंकल जोर जोर से मेरी चूत में अपने लंड के धक्का मारने लगे और फिर देखते ही देखते दो मिनट के अन्दर राज के लंड से बहुत ज्यादा गर्म गर्म लावा मेरी चूत में भरने लगा. उधर मुन्ना अंकल भी मेरे मुँह में अपना लंड डाल कर पूरा अन्दर बाहर जोर से डालने लगे और करीब दस मिनट तक मेरे मुँह में मेरे अन्दर बाहर लंड करके मेरे मुँह को फ्रेंच स्टाइल में चोदता रहे.

मुन्ना अंकल बोले- संध्या, मैं भी अब झड़ने वाला हूं.. मेरे लंड का रस निकलने वाला है.फिर मेरे बाल पकड़ कर मुन्ना अंकल बोले- अरे साली कुतिया रंडी.. तू मुँह में क्या मस्त चुसाई करती है.. गजब लंड चूसती है, आह.. ले संध्या और ले.बस मेरे मुँह से फच फच की आवाज निकल रही थी. तभी मुँह में उनका भी गर्म गर्म लावा की तरह लंड रस आ गया.

मुझसे मुन्ना अंकल बोले- संध्या तू पूरा इसे पी जा.. आह.. लंड का माल बहुत टेस्टी और पौष्टिक होता है.. आह.. भैन की लौड़ी.. लंड जोर से चूस ले साली.. बहुत मजा आएगा.. और ले और चूस संध्या..

मुन्ना अंकल ने पूरा लंड रस गर्म गर्म मेरे मुँह में छोड़ दिया, सच में मेरा बहुत मन कर रहा था और यह आज पहली बार लंड का रस मुँह में निकला था जिसे मैं चाटने लगी, लंड चूसने लगी और पूरा माल पी गयी.मेरे मुँह में मुन्ना अंकल ने अपना लंड का रस छोड़ दिया था इसलिए वे ढीले पड़ गए. जब उनका लंड बिल्कुल छोटा हो गया तो मेरे मुँह से निकाल कर बाहर कर लिया और उठ कर अलग खड़े हो गए.

इधर राज अंकल मेरे ऊपर बिल्कुल मस्त होकर थक कर मेरे ऊपर लेटे पड़े हुए थे. उनका लंड अभी भी मेरी चूत में घुसा हुआ था. मैं कस के उनको पकड़े हुए उनके होंठों को चूसने लगी, चाटने लगी. मैं बोली- राज चोद साले.. और चोद.. क्या हुआ तुझे राज.. अभी मेरा मन बहुत कर रहा है.

तभी मुन्ना अंकल उधर पीछे दरवाजे के पास चौकीदार की तरह खड़े अंकित को बोले- अबे साले अंकित, उधर क्या ताक झांक कर रहा है.. कोई नहीं आएगा बेफ्रिक रह.. दो बजे रात को कौन आएगा बे, चल अब इधर आजा हम चार-पांच लोग भी इस चुदासी सेक्सी तेरी रिश्ते में बहन संध्या की प्यास नहीं बुझा पाए, तू जवान लड़का है.. उसको चोद ले जमके.. नहीं हम क्या मुँह दिखाएंगे कि तेरे सहित 6 मर्द तेरी बहन को संतुष्ट नहीं कर पाए. चल जल्दी से संध्या की चूत के मैदान में आजा.. और इसे चोद कर तू बहनचोद बन जा.

 
तब अंकित बोला- मैं संध्या को चुदते हुए देख कर एक बार मुठ मार चुका हूं.. इसका चेहरे का एक्सप्रेशन बहुत गजब का है. मैंने आज तक कोई ऐसी ब्लू फिल्म में चुदाई नहीं देखी, जैसे यह संध्या चुदवाती है. मैं आ रहा हूं अंकल.राज अंकल बोले- हां आजा अंकित बेटा.. तू तो टेबलेट भी खाता है और लंड बड़ा करने की क्रीम भी लगाता है.. सुना है मैंने तेरा लंड बहुत मोटा और लम्बा है. जरा सोनू पर जोर आजमा, हम लोग भी देखें तेरे लौड़े में कितना दम है.

तभी अंकित ने अपने पूरे कपड़े मेरे सामने खोल दिए और नंगा हो गया. जैसे ही मैंने अंकित का लौड़ा देखा, मैं एकदम से चौंक गई. सच में बहुत ही बड़ा लंड था. वैसे तो मुझे पटा ही था कि अंकित का लंड बहुत बड़ा है. मुझे दो तीन महीने पहले एक बार लाल जी ने बताया था कि अंकित का लंड बहुत मोटा और बड़ा है. अंकित का लंड मेरे हाथ के बराबर मोटा और हाथ के बराबर ही लंबा था. और उस दिन बाथरूम में भी चूसा था. लेकिन खुल कर अभी देखा था.

पहले तो मैं एकदम से हिचक गई, पर मेरा बहुत मन कर रहा था तो मैंने अंकित को बोला- अंकित, तू बहुत मस्त है.. उस दिन तूने सुबह जो किया था, जो आग मेरे बदन में लगायी थी.. बस आज उसे बुझा दे, आज पूरी कर ले तू अपने मन की चाहत.. मेरा भी बहुत मन कर रहा है. अंकित आजा मेरे ऊपर.. मेरी बांहों में आके मेरे जिस्म में समा जा, ये जो अंकल लोग बोल रहे हैं कि अपनी बहन को चोद दे, लालजी मेरी सगी मौसी का बेटा है और तू उसके सगे बड़े पापा का बेटा है.. तो रियल भाई का ही रिश्ता हुआ.. आजा अंकित.. आज फाड़ दे अपनी बहन की चूत.. तू तो मेरा मस्त भाई है.

राज अंकल तभी मेरे ऊपर से उठ गए और अंकित को बोले कि अंकित आ सम्हाल अपनी बहन की चूत को.

अंकित मेरे पैरों तरफ से आया और सबसे पहले मेरे मेरे पैर के अंगूठे को अपने मुँह में भर कर चूसने लगा और फिर उसने मेरी टांगों को चूमना शुरू किया. अंकित का ये एक अलग ही अंदाज निकला. वो ऊपर की ओर बढ़ा, तो मेरी जांघों को जीभ से चाटने सहलाने लगा.

मैं गुदगुदी के मारे तड़प उठी, फिर मेरी चूत को जैसे किस किया.. मेरे मुँह से निकल उठा- उहहह अंकित … बहुत मस्त है तू..

अंकित ने कहा- संध्या … मेरी बहना … मैं तेरी चूत की खुशबू से मस्त हो गया हूँ. इसकी महक बहुत ही मदहोश करने वाली है, मैं अब तक मैं ज्यादा तो नहीं, पर दस बारह लड़कियों को ही चोद चुका हूं. मैंने उन सबकी चूत चाटी थी. कुछ तो तेरे से भी छोटी उम्र की लड़की के संग भी मजा किया था.. पर ऐसी चूत की खुशबू और महक.. किसी की भी नहीं थी.

इतना कहते ही अंकित मेरी चूत को फैला कर ऐसे चाटने लगा कि मैं उत्तेजित हो कर उछल पड़ी. तभी समाली अंकल और तेजी से मेरी गांड में अपना लंड अन्दर बाहर करने लगे.

 
मेरी चूत चुदाई कहानी में आपने पढ़ा कि मेरा मौसेरा भाई अंकित मेरी चूत में जीभ पेल कर चूस रहा था और समाली अंकल मेरी गांड में लंड पेल कर पिल पड़े थे.अब आगे..

समाली अंकल बोलने लगे- साली कितना चुदवाती है संध्या.. अभी कमसिन उम्र में तू ऐसी है.. तो बीस इक्कीस साल में तो पूरी दुनिया तेरी गुलाम हो जाएगी.

अंकित ने मेरी चूत में भरा राज अंकल के लंड रस और उसी में मिला मेरी चूत रस को चाट चाट कर साफ़ कर दिया. वो बोला- आह.. कितना मस्त रस है तेरी चूत का.. मेरी जान संध्या.

फिर वो चूत छोड़कर मेरे नंगे पेट को चूमने लगा और मेरी नाभि में उंगली डाल कर ऐसा चूमा कि मुझसे रहा नहीं गया. मैंने चुदास से भर कर अंकित के बाल पकड़ लिए और बोली- और ऊपर आ अंकित मेरे होंठों को चूम यार.

अंकित बोला- जरा सब्र रख संध्या … तू इतनी खूबसूरत और सेक्सी है कि कोई तुझे सामने बैठा कर सारी उम्र बस देखता रहे.. तो उसे जन्नत का अहसास मिलेगा. और अगर तुझे कोई नंगी देख ले तो, फिर उसका कहना ही क्या.. और कहीं तेरे जिस्म को छूने को मिल जाए, चूमने को मिले.. मतलब जिंदगी में उसे और कुछ चाहिए ही नहीं.. और कहीं तू किसी मर्द को साथ में सोने को मिल जाए मतलब चोदने को मिल जाए तो उन मर्दों को फिर जीवन का असली मजा मिल गया.. और समझो उनको यहीं जन्नत मिल गई.. और उन मर्दों का जीवन सफल हो गया. तेरे जैसी खूबसूरत लड़की इतनी सेक्सी भी है, यह मैंने आज जाना है. तू बहुत बहुत सेक्सी है संध्या.. तेरा कोई जवाब नहीं. मैंने आज जब से तुझे चुदते देखा है, तब से मैं बिल्कुल तेरा दीवाना हो गया हूं. लालजी ने मुझे बताया था, पर मैंने उस पर यकीन नहीं किया था. आज देख कर जान गया कि लालजी ने जो बोला था, वह भी कम बोला था. तू तो उससे भी कहीं ज्यादा सेक्सी है.. बहुत स्टेमिना तेरे अन्दर है. अभी तेरे को पांच लोगों ने चोदा, फिर भी तू सेटिस्फाइड नहीं हुई. तू गजब है यार.. आज मुझे जन्नत मिल जाएगी.

यह कहते हुए सीधे मेरे दूधों को पकड़ कर अंकित जोर जोर से दबाने लगा. वो अपनी दोनों हथेलियों से मेरे दोनों दूध पकड़ के कस कर दबाता तो मेरी चीख निकल जा रही थी. फिर वो मेरे एक-एक दूध को पकड़ कर चूसने लगा. अंकित के दूध चूसने का ऐसा मस्त स्टाइल था कि मैं सी सी आहह आहह करने लगी. दूध चुसवाना हर लड़की को बहुत अच्छा लगता है.

जब अंकित दूध चूस रहा था तो उसकी छाती मेरे पेट से चिपक गई थी. उसका लंड मेरी जांघों के आसपास छू जा रहा था. कई बार तो अंकित का लंड मेरी चूत में छू जाता तो मैं बिल्कुल चहक उठती.

मैंने फिर अंकित को जोर से अपनी ओर खींच लिया और बोली- बहुत कमीना है तू.. साले मेरी जान लेगा क्या.. इतना तड़पा रहा है.. जल्दी अन्दर आ जा.

मैं जमके अंकित के होंठों को चूसने लगी चाटने लगी. अंकित भी मेरे होंठों को काटने लगा चाटने लगा और अपनी जीभ मेरे मुँह में डाल कर मेरी जीभ को चूसने लगा और चाटने लगा.

मैं बिल्कुल पागल हो गई और बोली- अंकित, अब नहीं रहा जा रहा.. तू डाल दे अपना मस्त लंड मेरी चूत में.. मुझे चाहे जितना दर्द हो.. तुम पूरा लंड घुसाना और मुझे जम के चोदना.तब अंकित बोला- तुझे निराश नहीं करूंगा संध्या.. तू बिल्कुल चिंता नहीं कर.. तेरे पूरे सेक्सी खूबसूरत बदन में सबसे खूबसूरत सेक्सी तेरी यह प्यारी सी नाक है.. तेरी यह नाक बहुत ही हॉट लगती है. पहले जरा इसे चूस लूं चाट लूं. वो लिपटकर पकड़कर मेरी नाक को चाटने लगा, चूसने लगा. अंकित बहुत देर तक मेरी नाक को चूसता रहा, चाटता रहा.

अंकित ने समाली अंकल को कहा- अंकल जी, मेरी बहन संध्या की गांड और जोर जोर से चोदो.. मारो इसकी गांड.. जोर से डालो अपना पूरा का पूरा लौड़ा इसकी गांड में.. और जल्दी-जल्दी तेजी से अन्दर-बाहर करो.तब समाली अंकल बोले- हां.. बहुत मस्त गांड है तेरी बहन की यार.. साली को कब से चोद रहा हूं.. लेकिन मजा कम नहीं हो रहा है. आज मैं बताऊं पहली बार गोली खाकर चुदाई कर रहा हूं.. तभी तो 15 मिनट हो गए इसकी गांड चोदते, यह तो क्या चीज है.. साली थकती नहीं.. बस गांड रगड़वाए जा रही है. अब थोड़ी देर में मेरा बस होने वाला ही होगा क्योंकि इस टेबलेट का असर 20 मिनट तक ही रहता है.

तब अंकित ने मेरी टांगों को चौड़ा किया और चूत में अपने हाथ से थपकी दी और उंगली से फैला कर अपने लंड को जैसे ही रखा, तो इतना मोटा लंड बिल्कुल फिट नहीं हो रहा था.

तब अंकित बोला- संध्या तेरी चूत तो बहुत टाइट है, लालजी बोल रहा था कि तू बहुत चुदक्कड़ है.. तूने बड़े-बड़े लंड लील लिए है.. भले ही तू अभी छोटी है, पर तेरी तो चूत अभी भी लगती है.. जैसे वर्जिन लड़की हो.. तुम कुंवारी लगती हो.

 
उसकी बातों से मेरा ध्यान क्या भटका कि तभी अंकित अपने लंड को मेरी चूत के मुहाने में रखकर एकदम से लंड पेल दिया. उसकी इस तरकीब से लंड घुस गया और मेरी चीख निकल गई. उसने लंड को ताकत से मेरी चूत में दबाया तो मैं चिल्ला उठी- भाई अंकित … मार डालेगा क्या साले.. भोसड़ी के बहुत दर्द हो रहा है.

जबकि उसका थोड़ा सा ही लंड का सुपारा घुसा था लेकिन मेरी हालत बहुत खराब हो गई थी. सच में अंकित का बहुत मोटा लंबा लंड था.

अंकित बोला- अभी तो साली बोल रही थी कि चाहे कुछ भी हो जाए.. जमकर चोदना.. फाड़ देना मेरी चूत को.. अब ले झेल मेरा लौड़ा खा साली.

अंकित ने पूरी ताकत लगा कि जैसे ही अपना लंड घुसाया, मैं इतनी जोर से चिल्लाने लगी और रोने लगी कि जैसे मेरी जान निकलने लगी हो. मैं गाली भी देने लगी- कुत्ते साले मादरचोद छोड़ दे कमीने भड़वे.. बहुत गंदा है, निकाल ले अपना लंड मुझे नहीं चुदवाना.. कोई बचा लो मुझे बहुत दर्द हो रहा है बचा लो कोई मुझे इस राक्षस से.. हरामी साला मार डालेगा.. बचा लो ओ गॉड.. बचा लो मुझे इस राक्षस से.. देखो न राज अंकल मेरी चूत से खून निकल रहा है क्या.. मुझे बचाओ कोई मेरी चूत फट गई लगती है.

तभी राज अंकल ने आकर देखा और बोले- अंकित थोड़ा आराम से डाल.. हल्का हल्का खून आ गया है सोनू की चूत से.यह सुनते ही मैं और जोर से रोने लगी चिल्लाने लगी- मेरी चूत को फाड़ डाला.. यह बहुत हरामी है, मम्मी बचा लो … बहुत जोर से दर्द हो रहा है.. बहुत गन्दा चोदता है.तभी अंकित ने पूरा का पूरा लंड डाल दिया और बोला- संध्या तू बहुत बड़ी छिनाल है साली.. और ले कुतिया.. आज तेरी चूत की चीथड़े उड़ा दूँगा.

उसने जोर से धक्का मारा तो बिल्कुल ऐसा लगा कि मेरी चूत फट गई हो. उधर पीछे समाली अंकल मेरी गांड में डाले जोर जोर से चोद रहे थे. मुझसे रहा नहीं जा रहा था, पर मैं क्या करती, मेरे हाथ में कुछ नहीं बचा था. इसी समय मेरे पीछे गांड में मुझे अजीब सी गुदगुदी सी होने लगी और मैं अपनी कमर को उठाकर पीछे करने लगी ताकि समाली अंकल का लौड़ा और घुस जाए.

इस बात को समाली अंकल समझ गए और बोले- संध्या, मैंने अपना पूरा लंड तेरी गांड में घुसाया हुआ है.. रुक और तेजी से तेरी गांड में अपना लंड ठोकता हूं.

अब समाली अंकल ने मेरे बालों को पकड़ लिया और थोड़ा पोजीशन बदल कर मेरी गांड को चोदने लगे. बहुत फच फच की आवाज आने लगी और अंकल गन्दी गालियां भी देने लगे- ओहहह मेरी जान संध्या … तेरी गांड को चोदे बिना अब नहीं रह पाऊंगा, तू यहीं रह जा अपने मौसी के यहाँ.. मैं हर दिन अलग अलग लंड का इंतजाम कर दिया करूंगा.. आह. साली मादरचोदी.. तू दुनिया की सबसे बड़ी माल हो चुकी है.. तुझे मैं किसी दिन कुतिया बना कर चोद करूँगा किसी दिन घोड़ी बना कर तेरी गांड मार करूँगा.मैं बोली- हां साले बुड्डे लौड़े.. तेरे लंड में बहुत जान मादरचोद..तभी अचानक से समाली अंकल बोले- ओहहहह ऊंहहह संध्या … मेरा लौड़ा अब झड़ने वाला है.

उसी समय जाने किस तरह से हुआ कि जो मेरी चूत में अंकित का बहुत मोटा लंड जाने से दर्द हो रहा था, वह दर्द एक दम से गायब होने लगा और 2 मिनट बाद बचा हुआ दर्द भी जाने कहाँ चला गया. अब मैं अब बिल्कुल एक अलग सी मदहोशी की दुनिया में थी. मेरे जिस्म में अब कोई दर्द नहीं था, सिर्फ और सिर्फ सेक्स की प्यास थी.

मैं बोली- अंकित भाई, तू बहुत मस्त लड़का है.. बहुत जोर से डाल दे मैंने तुझे बहुत गाली दी.. मुझे पता नहीं क्या हो गया था.. आह.. तू तो बहुत मस्त लड़का है, मेरा भाई है.. मेरे सगी मौसी के बड़े जेठ का बेटा है, तो मेरा भाई ही है. मेरे भाई मुझे जम के चोद.. तेरा लौड़ा बहुत मस्त है.. मैं बहुत चुदासी हूं. तू आज मुझे जम के चोद पूरा लंड घुसा दे.

साथ ही मैंने समाली अंकल को भी बोला- अंकल आप अभी झड़ने का मत बोलो.. मुझे जम के चोदो.. मेरी गांड में जितना हो सके लंड डालो.. मैं बहुत चुदासी हूं, मैं आपकी हूं अभी 15 दिन यहीं हूं, आप बहुत मस्त हो जम के चोदो.

तभी ना जाने क्या हुआ संमाली अंकल मेरी गर्दन पकड़ कर मुझे जम के चोदने लगे और बोले- संध्या, तू आने वाले दो-तीन साल में बहुत बड़ी छिनाल रंडी बनेगी.. तेरे से मस्त माल पूरे हमारे एरिया में कोई नहीं होगा. मैं तेरा हमेशा आशिक रहूंगा.. तू आज मुझे जन्नत दिखा दी.. लेकिन मेरी जान संध्या मैं अब झड़ने वाला.. हूं मेरा लंड रस निकलने वाला है.

बस इतना कहते ही मेरी गांड में समाली अंकल का बहुत गर्म गर्म लंड रस छूट गया और मेरी गांड में भर गया. मैं अजीब से नशे में चूर थी. समाली अंकल ने रगड़ रगड़ कर पूरा लंड का रस मेरी गांड में छोड़ दिया. मेरी गांड के अन्दर कोई गरम रस निकला, इस तरह का एक मस्त अहसास मुझे हुआ. मुझे ये बहुत अच्छा लगा और मैं बिल्कुल पागल सी हो गई. पहली बार मेरी गांड में मुझे सेटिस्फेक्शन मिला, पूर्ण संतुष्टि मिली.

मैंने समाली अंकल को बोला- थैंक्यू अंकल.. आज पहली बार आपने मेरी गांड को सेटिस्फाई किया.. मैं हमेशा आपकी रहूंगी और आपके पास आ जाऊंगी.. जब भी आप बुलाओगे.अब समाली अंकल मेरी गांड से अपना लंड निकाल कर उठ गए और बोले- संध्या तू दुनिया की सबसे मस्त गांड वाली लड़की है, तेरा भाई लालजी सच बोल रहा था.

इधर आगे तरफ चूत में अंकित जोर जोर से अपना लंड मेरी चूत में रगड़ने लगा और घुसाने लगा. अब मुझे सिर्फ अंकित ही चोद रहा था. अंकित बहुत जोर जोर से मेरी चूत में अपना लंड डालकर अपनी और मेरी हवस मिटा रहा था. मैं भी उससे लिपट गई और बोली- अंकित तू बहुत मस्त लौंडा है.. तेरा मस्त लंड है. आज तू मुझे पूरा चोद दे और मेरी चूत भी फाड़ कर चाहे टुकड़े टुकड़े कर दे.

तभी अंकित ने मेरे दोनों दूध अपने हाथों से अपने पकड़ लिए और जमकर दबाने लगा. वो बेहद गन्दी गन्दी गालियां देने लगा. वो बोला- संध्या तू बहुत मादरचोदी है बहनचोद साली कुतिया.. मैं जानता हूं तेरी मम्मी भी छिनाल है. तेरी दोनों बहन भी बहुत चुडक्कड़ हैं, जब लालजी को मैं दारू पिला देता हूं, तो लालजी नशे में मुझे सब बताता है. संध्या तू बहुत बड़ी रंडी है ले मादरचोदी मेरा पूरा लंड खा.

उसने पूरी ताकत से लंड डाला और जम के धक्के मारने लगा. वो इतनी तेजी से अपना लंड मेरी चूत में डाल रहा था कि 5 मिनट के अन्दर ही उसने मेरी चूत को और मुझे बेहाल कर दिया. मुझे कुछ होश नहीं था.. मैं हवश और चुदाई की आग में जलने लगी मदहोश हो गई.

 
अब तक इस ग्रुप सेक्स स्टोरी में आपने पढ़ा कि मेरे मौसेर भाई ने मेरी चूत में पूरी ताकत से लंड डाल दिया और जम के धक्के मारने लगा. 5 मिनट के अन्दर ही उसने मेरी चूत को और मुझे बेहाल कर दिया. मुझे कुछ होश नहीं था.. मैं हवश और चुदाई की आग में जलने लगी, मदहोश हो गई.अब आगे..

अंकित ने मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए और मेरे होंठों को जमकर चूसते हुए बोला- संध्या मां की लौड़ी साली छिनाल.. मैं जल्दी झड़ने वाला हूं तेरी चूत बहुत गर्म है और अब मेरे लौड़े का रस बस निकलने वाला है.

वो फटाफट मेरे अन्दर अपना लंड अन्दर बाहर करने लगा और दो-तीन मिनट के अन्दर ही अंकित ने अपने लंड का पूरा का पूरा गर्म गर्म लावा मेरी चूत में भर दिया. मैं अपने भाई की पीठ को नाखून से खरोंचने लगी, उसकी पीठ में अपने नाखूनों को गड़ाने लगी. इस वक्त मेरे जिस्म में एक अजीब सी हलचल मच गई थी. मेरी चूत में कुछ सरसराहट सी होने लगी थी. उस पल मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था.. बस ऐसा लगा कि मेरी चूत में जैसे भूचाल आने वाला हो. मैं पगला गयी और अंकित से जमके लिपट गई. उसकी छाती को उसके बाजुओं को अपने नाखून से नोंचने लगी.

मैंने कामुकता में अंकित के मुँह में अपनी जीभ डाल दी और अंकित के जीभ को चूसने लगी और उसके होंठों को जमके चूसते हुए काटने भी लगी.तभी अचानक मेरी चूत भी बहने लगी.. मेरी चूत से पिचकारी की तरह रस निकलने लगा.अंकित बोला- संध्या तेरा चूत रस तो आग की तरह गर्म है.. मेरा लौड़ा जला जा रहा है.

मैं बोली- अंकित, हाँ मेरी चूत बहने लगी है.. तू बहुत मस्त है, मैं तुझे जहाँ भी मिलूं तू मुझे जरूर चोदना और जैसे, जिस तरह भी तुम्हें मुझे चोदना हो या किसी मस्त तेरे जैसे लंड वाले मर्द से चुदवाना हो.. तो तुम कोई परवाह मत करना.. बस मुझे अपनी चूत समझ कर चुदवा देना या खुद तुम चोद देना. अंकित, मैं बहुत सेक्सी लड़की हूं.. सच में बोल नहीं पाती हूं, पर मेरा मन करता है कि 24 घंटे मेरी चूत में किसी न किसी मर्द का लौड़ा घुसा रहे और कोई ना कोई मर्द मेरे जिस्म को मसलता रहे. मुझे बहुत चुदवाना है, मैं जब तक यहाँ हूं तब तक तुम लोग जमकर चोदते रहना. मेरी चूत बहुत टाइट है, वो खुल नहीं रही है, तुम लोग इसे चोद चोद कर पन्द्रह दिनों में खोल देना. आज मुझे जन्नत का मज़ा आया.. आप सबको थैंक्स. अब तो अपन सब आपस में खुल ही चुके हैं.. अब कोई परवाह नहीं है.

तभी राज अंकल मेरे पास आए आए और अंकित को बोले- अब तेरा लंड सिकुड़ कर छोटा हो गया है, उठ जा संध्या के ऊपर से.. और इसकी चूत को किसी कपड़े से पौंछ दे.

अंकित ने अपनी टी-शर्ट से ही मेरी पूरी चूत को साफ किया और मेरे जिस्म पर अपने होंठों से चुंबन लेने लगा. फिर बोला कि संध्या तू अब जल्दी से कपड़े पहन ले… हम लोग यहाँ से चलते हैं.राज अंकल भी बोले- हाँ सोनू.. अंकित ठीक बोल रहा है.

मैंने उठकर अपना टॉप और स्कर्ट पहना, पर जैसे ही उठी.. मुझसे चलते नहीं बन रहा था, पता नहीं मेरी जांघों और टांगों को क्या हो गया था. मुझे चलने में बहुत दर्द हुआ और जलन होने लगी थी.

तभी राज अंकल आए और मुझे अपनी गोदी में उठा कर बोले- संध्या, तू तो बहुत हल्की है.. कितना हल्का सा वजन है तेरा?मैं बोली- हां अंकल मैं सिर्फ 39 किलो की हूँ.राज अंकल बोले- चल वहाँ तक तुझे लिए चलता हूं सोनू.. और तू चिंता मत कर कल तुझे प्रेगनेंसी वाली टेबलेट ला दूंगा, तुझे कोई दिक्कत नहीं होगी.. और जो मैंने कहा है, वह भी करूंगा. तुझे तेरी मम्मी को चुदते हुए तेरे सामने ला दूंगा.मैं चहक कर बोली- ठीक है अंकल.

मैं उनकी गोदी में ही रही और जहाँ मेरी मौसी का घर था, वहाँ तक गेट पर मैं यूं ही गोद में आ गई. गेट के सामने उतार कर राज अंकल ने अंकित को बोला- पहले तू अन्दर जाकर देख, सब सो रहे हैं या कि नहीं?तब अंकित अन्दर गया और फिर 2 मिनट में बाहर आकर बोला- राज अंकल, चुपचाप संध्या को अन्दर जाने दो, सब लोग अभी सो रहे हैं.मैं बिल्कुल लड़खड़ाती हुई अन्दर गई और अपनी जगह पर लेट गई.

सुबह जब हुई तो मुझसे उठा नहीं जा रहा था, पूरे बदन पर इतना दर्द था कि बता नहीं सकती. जब मैं नहीं उठी तो मेरे पास मम्मी आईं और बोलीं- सोनू तू उठ क्यों नहीं रही?

 
तब मैं बोली- मम्मी लगता है मुझे बुखार चढ़ गया है.. मुझे मेरी तबीयत बहुत खराब लग रही है. शायद कल पूड़ी ज्यादा खा ली थी तो तो आज रात में दर्द हुआ था, पेट में और वोमटिंग होगी ऐसा लग रहा था.. लगता है फूड प्वाइजनिंग हो गया है.मम्मी ने एक दूसरे कमरे में एक बेड लगवाया और मुझसे बोलीं- सोनू तू वहाँ आराम से लेटी रहना, मैं तेरे खाने-पीने का इंतजाम कर दूंगी.. कुछ उल्टा-पुल्टा मत खाना और ना कहीं बाहर निकलना.

दोपहर बाद राज अंकल मेरे पास आए और मुझे दो टैबलेट देकर धीरे से बोले- सोनू इन्हें खा ले.. तुझे अगले 3 महीने तक प्रेगनेंसी नहीं होगी.मैंने वे दोनों टैबलेट खा लीं, तब अंकल फिर से बहुत ही धीरे से बोले- अब तू 3 महीने तक कितनी भी चुदाई करवा ले सोनू.. तुझे प्रेगनेंसी नहीं होगी.इसके बाद अंकल तुरंत चले गए क्योंकि वहाँ लोग आते-जाते थे.

मैं लगातार दो दिनों तक कहीं नहीं गई, थोड़ा भी कहीं आऊं जांऊ.. तो चलने पर मुझे बहुत दर्द हो रहा था.

तीसरे दिन राज अंकल फिर मेरे पास आए और बोले कि सोनू मैंने सब कुछ सैट कर लिया.. बस मानिकपुर चलेंगे और तेरी मम्मी से भी बात कर ली है. तेरी मम्मी को शापिंग का बहुत बड़ा लालच दिया तो तुरंत तैयार हो गई. तुझे ले जाने के लिए तो तेरी मम्मी खुद से बोली कि क्या मैं सोनू को भी अपने साथ ले चल सकती हूं, उसे भी एक दो ड्रेस टॉप जीन्स दिलवा देना. तब मैं बोला कि हाँ ले चल वह तो मेरी छोटी बेटी जैसी है. बस तेरी मम्मी राजी हो गई हैं, सोनू जैसा प्लान हुआ था, वह सब हो जाएगा. तेरी मम्मी को भी रंगे हाथों चुदते हुए तुझे तेरे सामने ला दूंगा. तू अचानक सामने आ जाना.

फिर सच में सब वैसा ही हुआ. अब मैं आज इस सत्य घटना की पूरी सच्चाई को यहीं पर रोकती हूं. इस सत्य घटना को अभी यहीं तक लिख सकी हूं.

मौसी के यहाँ अगले पन्द्रह दिन के हर एक पल बहुत रोमांचक रहे, मैं 15 दिन तक अपनी सगी मौसी के घर पर रही. उन 15 दिन में ये इत्तेफाक की बात है कि 15 मर्द मुझे मिले, उनमें से आठ मर्द साठ साल के ऊपर के बुड्ढे थे और चार मर्द मेरे बहुत क्लोज रिश्तेदार थे, जो 40 से 60 वर्ष के बीच के थे. बस तीन लड़के जवान थे, जो 30 वर्ष के नीचे थे. उनमें मेरी सगी मौसी का लड़का लालजी भी है.

अगले पन्द्रह दिन में मुझे किस तरह से 15 मर्दों ने कहाँ कहाँ किस किस तरीके से मेरे जिस्म से खेले, किस तरह से इंज्वाय किया, सबने अपनी और मेरी हवश को जगाया और फिर कैसे खुद को और मुझे भी सेटिस्फाई किया.

यह सब कुछ किस किस ने किया और कैसे कैसे किया आप जान सकते हैं, मैं सब बता भी सकती हूं.. परन्तु यदि सभी आरएसएस के पाठक मुझे बोलेंगे कि संध्या आगे पन्द्रह दिनों की पूरी सच्चाई बताओ, तब मैं एक एक शब्द.. जो मेरे जीवन में उन 15 दिनों में घटा.. मैं गॉड की कसम, मम्मी की कसम खाकर कहती हूं कि सब सच सच बताऊंगी कि मेरे साथ सब कुछ कैसे हुआ. एक भी शब्द अगर मेरा झूठा हो, तो मुझे नर्क मिले.. मैं एक भी शब्द झूठ नहीं लिख रही हूं. उन 15 दिनों में ऐसा कोई दिन नहीं था, जिस दिन मेरे साथ सेक्स नहीं हुआ हो. शादी के दिन भी शादी के रात भी मेरे साथ इस तरह से हुआ कि आप लोग इमेजिन भी नहीं कर सकते. पर वे पन्द्रह दिन मेरे जीवन के अनमोल थे. आज भी मैं याद करती हूं तो रोमांचित हो जाती हूं. मैंने वहीं पहली बार अपनी मम्मी को भी चुदते हुए देखा था, जब दो अंकल उन्हें चोद रहे थे. मैं अचानक सामने आ गई थी. फिर किस किस तरह से सब मेरे साथ हुआ, अगर आप सब वह जानेंगे तो मैं सच बोल रही हूं आप पागल हो जायेंगे.. आप स्वयं पर कन्ट्रोल नहीं कर पायेंगे.

आज तक मुझे जिस भी मर्द ने देखा है, उनमें ऐसा कोई भी नहीं है, जिसकी नियत मेरे लिए खराब न हुई हो. ऐसे नजदीक के रिश्तेदार वो भी सत्तर सत्तर साल के बुड्ढे भी और बहुत करीब के रिलेटिव, उन तक ने मेरे साथ सोने के लिए अपनी कोशिशें करी हैं.

मेरा दावा है कि मुझे देखने के बाद कोई भी मर्द बर्दाश्त नहीं कर पाएगा ना खुद पर कंट्रोल कर पाएगा.. यह मेरा चैलेंज है और ये विश्वास भी है.

 
आगे अब आप लोग ही तय करेंगे कि मैं अपनी लाइफ का एक एक शब्द आपको बताऊं या नहीं.. और एक बात मैं हमेशा बोलती हूं कि यदि मेरी फोटो में भी मुझे कोई मर्द देखेगा न, तो वह अपने जीवन में किसी लड़की किसी और फीमेल की कल्पना भी नहीं करेगा. वह एक बार मुझसे जरूर मिलना चाहेगा. मुझे कोई परवाह नहीं, जितने दिन की जिंदगी है, मैं खुलकर जिऊंगी और जो मेरा मन करेगा वह करूंगी.

अभी मैं उन्नीस साल की युवती हूं परन्तु पिछली घटनाओं को याद करती हूं तो बहुत रोमांचित हो जाती हूं. मैं अपने जीवन में कभी भी एक शब्द भी झूठ नहीं बोली हूं.. ना ही कभी कोई संकोच किया है.. मुझसे झूठ फरेब करते नहीं बना.

इसलिए मैं अपनी कसम खाकर कहती हूं. कभी भी एक शब्द झूठ या बनावटी ना लिखा है.. और न ही कभी लिखूंगी. आप सभी पाठकों को विश्वास हो रहा हो या नहीं, मैं यह नहीं जानती. पर एक एक बात जो मैंने लिखा है वह घटना, वह सब.. मेरे साथ और मेरी जिंदगी में वैसा ही हुआ है. यह मैं गॉड की कसम और मम्मी की कसम खाकर कहती हूं.

मैं अपनी मम्मी को उनकी हर गंदी आदतों के बाद भी सबसे ज्यादा मानती हूं.. उनकी झूठी कसम नहीं खा सकती हूँ.

सच्चाई यही है जो मैं बता चुकी हूं. अगले 15 दिन मेरे कैसे गुजरे.. और मैंने किस तरह से इंज्वाय किया, शायद मेरे लाइफ के सबसे अच्छे दिन थे. इस वक्त में मैंने बहुत मस्ती की, हर पल को जिया और कई लोगों को खुश किया. उन 15 लोगों में दो-तीन छोड़कर बाकी 12-13 लोगों ने कम से कम मेरे साथ तीन, चार बार और कुछ दो-तीन लोगों ने पांच पांच छह छह बार इंज्वाय किया. बहुत मस्त दिन गुजरे और मेरा जो जिस्म है न.. वहीं से मेरा फिगर डेवलप होने लगा और बहुत अच्छे शेप पर आना शुरू हो गया था.

मेरी सभी सहेलियां और कुछ लेडीज सब कहने लगीं कि मौसी के यहाँ जाकर तो तू संध्या खिल गई है, तेरा सीना बड़ा हो गया.. तेरा फिगर अल्टीमेट हो गया है.. ऐसा क्या खिलाया तेरी मौसी ने या वहाँ कुछ तूने गुल खिलाया है.. कि तू माल बन गई है.

सच में उन लोगों ने मेरा बहुत ख्याल रखा और जब मैं वहाँ से आई थी तो मेरे अकाउंट में पैसे भी काफी डाल दिए थे. वापस में मैं गिफ्ट भी बहुत सारे लेकर आई थी.

यह राज सिर्फ मैं जानती हूं और थोड़ा बहुत मेरी मम्मी को शक है. मम्मी मेरी लालची बहुत हैं, यह सत्य है.. पर वह मुझे बहुत चाहती हैं. ये भी सत्य है कि मुझसे ज्यादा वह पैसों को मानती हैं. कुछ कुछ चीजें उनको समझ आ गई थीं, तब भी वह मुझे सब लोगों के साथ जाने देती थीं.

यही सच्चाई है

 
शादी से पहले पति के सामने चुत चुदाई

मेरी शादी दो साल पहले अप्रैल में मेरे ही नगर में ही हुई, मेरे पति का नाम राजन उर्फ़ राज है, उनकी उम्र 32 वर्ष है, मेरी उम्र अभी 22 वर्ष की है, जब शादी हुई थी तब मैं 20 वर्ष की थी, लालच में मेरी मम्मी उनका बंगला कार सब देखकर मेरी शादी ज्यादा उम्र के आदमी से कर दी. मेरे पति का काम अच्छा है इसलिए मम्मी ने लालच में कि मैं खुश रहूं और मेरी मम्मी को भी पैसा मिलता रहेगा और खास तौर पर उनका कच्चा गिरा हुआ घर बन जायेगा.

राज मेरे पति की एक शादी पहले हो चुकी थी और शादी के दिन से ही उन दोनों की नहीं बनी थी तो वे अलग अलग हो गए थे.

मैं दिखने में बहुत सुंदर हूं और स्लिम हूं. मेरा साइज़ है कमर-26, सीना-30 से थोड़ा ज्यादा, हिप्स-34, पर मैं सबके सामने बहुत शर्मीली स्वभाव की लड़की हूं जबकि अकेले में बहुत ही अलग खुली और बेहद सेक्सी! मैं जब किशोर अवस्था में थी तभी से मेरी मम्मी के फोन से किसी को भी फोन लगा देती थी अकेले में… और अगर वो मर्द होते थे तो फिर वो थोड़ी देर बाद मुझसे सेक्सी अजीब बात करने लगते! कई तो पचास साठ साल के बुजुर्ग होते थे और मैं उनका साथ देती थी; मुझे बहुत अच्छा लगता और मजा आता; जो मर्द गंदी बातें करते, उनका नम्बर मैं एक कापी में लिख लेती.

मेरा पढ़ने में बिल्कुल मन नहीं लगता था, बस सेक्स में ही ध्यान चला जाता. बड़ी मुश्किल से मैंने स्कूल पास किया और बार बार फेल होती रही.

हां यह सच है कि मेरी मम्मी बहुत लालची हैं, रुपयों को बहुत मानती है, वही स्वभाव मेरे में भी है, मेरी कमजोरी भी पैसा है.मम्मी कसम… मैं एक एक शब्द सही लिख रही हूं.

हमारा घर कच्चा है तो मेरी शादी के समय ही मम्मी ने मेरे होने वाले पति से बोली थी- हमारा घर पक्का बनवाने में दामाद जी मदद कर देना!उन्होंने हां कर दिया था क्योंकि वो मुझसे प्यार करते थे और मुझ पर फिदा थे.मम्मी मुझे सिखाया करती थी कि तुम्हारे ये पति जो भी बोले, वो सब करना… पर हर बात के पैसे मांगना. पैसे ही काम आते हैं, कुछ गिफ्ट भी दें तो बोलना इसके बदले मुझे पैसे दे दो. जब तुम्हें प्रेम करें… समझ रही हो न… तब भी तुम उनसे पैसे मांग लिया करना! और रुपए जोड़ना… बुरे वक्त में सिर्फ पैसा काम आता है.

और मम्मी बोली- शादी के बाद तुरंत ही मेरा घर बनवा देना, पति को पटा कर यहां एक रूम अपना भी बनवा लेना. वहां तुम्हारे पति जो बोलें, वो सब करना… कुछ गलत या सही नहीं होता, सब कर लेना, सब में हाँ करना और कुछ उल्टा पुल्टा करवायेंगे तो वो भी कर लेना, बस उसके ज्यादा पैसे ले लेना.

मैं मम्मी को बहुत मानती हूं, उन्हीं की बात मुझे सही लगती है और उन्हीं की बात मुझे समझ आती है.

अब आती हूं मेरी लालच और जिस्म की प्यास जो लगभग हर लड़की में होती है.

शादी के 45 दिन पहले ही मेरे होने वाले पति राजन मुझे एक एंड्रायड स्मार्टफोन ओप्पो का दे गये और उसे चलाना भी सिखाया, मैं बोली- इसमें वो गंदी वाली कहानियां और गंदी फ़िल्म भी आती हैं, वो मुझे बता दो कैसे आती हैं?वो मुझे बोले- तुम गूगल में जाकर सिर्फ xxx और इंडियन पोर्न टाइप करना, फिर जो वीडियो आये ध्यान से देखना, और बताया कि इसी में गंदी कहानी रहती है राजशर्मास्टोरीज टाईप करना फिर पढ़ना मज़ा आयेगा, तुम्हारा टाइम पास भी अच्छा होगा!मैंने कहा- ठीक है.

उन्होंने मुझे टाइप करके सब बता दिया. एकदम गन्दी फोटो आई, वीडियो आई तो मैं बोली- मैं देख लूंगी!और मोबाइल ले लिया.

चार दिन बाद मेरे होने वाले पति एक छोटा मोबाइल मम्मी के लिए भी लाये तो मम्मी बहुत खुश हो गई.मेरे होने वाले पति से मम्मी बोली- बेटा, आ जाया करो! तुम्हारा ही घर है!और मम्मी बोली- मैं जा रही हूं घर से बाहर काम से… आप बेटा बात कर लो सोनू से!

मेरे से मम्मी बोली- नाटक मत करना सोनू… और अच्छे से बातचीत करना, जिसमें उन्हें खुशी मिले उसके लिए मना मत करना!और मम्मी बाहर से गेट बंद कर के चली गई.

तभी मेरे होने वाले पति मेरे पास आये और बोले- मोबाइल में क्या देखा रानी?मैं बोली- कुछ नहीं!जबकि मैं सब देखने लगी थी. पोर्न वीडियो देख कर मेरी हालत खराब हो जाती है, आरएसएस पर सेक्सी कहानियां भी चार पांच पढ़ी थी.

तभी राज ने मोबाइल पर एक इंडियन पोर्न वीडियो निकाल कर लगा दिया जिसमें एक लड़की बहुत स्लिम मेरी तरह और तीन बहुत लम्बे चौड़े काले नीग्रो… तीनों ने लड़की के कपड़े उतार दिए और अपने भी मैंने आंखें बंद कर ली.तभी राज बोले- संध्या मेरी रानी, तुम्हें मेरी कसम… प्लीज पूरा वीडियो देखिए मेरे साथ!

मैं कसम कैसे तोड़ती, आंखें खोल दीं मैंने और देखने लगी, तब लड़की की उस xxx वीडियो में वो नीग्रो उसकी टांगें फैला कर चूत चाटने लगे और लड़की दो नीग्रो जो बचे थे उनके लन्ड अपने मुंह में बारी बारी से चाटने लगी. मेरी हालत अब थोड़ा बिगड़ने लगी कि तभी राज बोले- इधर तख्त पर आइये!

अब हम दोनों तख्त पर चले गये.उन्होंने बोला- लम्बा वीडियो है, चलो लेट कर देखते हैं.खुद लेट गए, मैं भी बगल से लेट गई, वीडियो में लड़की की टांगें ऊपर करके दो लोग चाट रहे थे आगे और पीछे!

तभी अचानक राज ने मेरे ऊपर एक हाथ अपना और एक टांग रख दी, मैं नहीं मना कर पाई, थोड़ी देर में उनकी सख्त चीज मेरे जांघ में चुभने लगी, मुझे पता चला कि यह राज का लंड है, इतने में पीछे से मेरी लैगी के अंदर अपना हाथ डाल दिया और मेरी पीछे कूल्हों को सहलाने लगे पैंटी के ऊपर से ही!कोई मर्द छुये तो कोई भी लड़की गर्म हो जाती है.

मोबाइल जिसमें वीडियो चालू था उसे उठा लिया और राज मुझे बोले- संध्या, सीधी लेट जाओ!मैं जैसे सीधी हुई, उनका हाथ अब मेरे सामने जांघ में पैंटी के ऊपर से ही सीधे मेरे चूत के ऊपर फूली हुई जगह में रख गया और वो मेरे वहीं पर अपना हाथ चलाने लगे. इससे मुझे कुछ कुछ होने लगा.
 
तभी एकदम से पेंटी के ऊपर से बुर की लकीर में अपनी एक उंगली डाल दी, मेरे मुंह से सिसकारी निकल गई.तब उनको शायद समझ आ गया कि मैं गर्म हो चुकी हूं, वो मेरी लैगी उतारने लगे. मैं रोकने लगी, बोली- कोई आ जायेगा. शादी के बाद खुल कर करेंगे, फिर आपकी हूं!तभी वो बोले- संध्या, वो अंदर नहीं डालूंगा, वादा! बाकी सब करने दो थोड़ी देर, जल्दी कर लूंगा, मेरी कसम आपको!

मैंने उनका हाथ छोड़ दिया, तभी सीधे मेरी लैगी उतार दी, नीचे सिर्फ पैंटी में थी मैं… मुझे देख कर वे बोले- कितना लकी हूं मैं! क्या मस्त हो यार!और पैंटी के ऊपर से ही चूत को चूमने लगे.अब जो xxx वीडियो चल रहा था, उसे बंद कर दिया और मेरे उपर चढ़ गये और मेरे मुंह में अपने मुंह को लाकर मेरे होठों को लिप किस किया. उनकी सांसों की गर्मी और मेरे सांसों की गर्मी टकरा रही थी और उनका लन्ड मेरी चूत में पैंटी के ऊपर से ही चुभ रहा था.राज का सीना मेरे सीने में रखा था.

तब करीब दस मिनट मेरे होठ चूसे और अंदर जीभ डाल कर जीभ को भी चूसा राज ने… मेरी हालत बहुत खराब हो रही थी, मैं बोली- टेलीविजन की बटन आन कर दीजिए, नहीं तो कोई कुछ आवाज सुने तो गलत ना समझे!उन्होंने टीवी आन करके म्यूजिक चैनल लगा दिया.मैं बोली- सांउड तेज कर दो!उन्होंने कर दिया.

अब वो अपना पैंट खोलने लगे, मैं बोली- आपने वादा किया है कि डालोगे नहीं!तो राज बोले- वादा निभाऊंगा… पर बाकी आज और कुछ ना छोड़ूंगा!मेरे से बोले- आज कुछ भी मन हो खुल कर गंदा से गंदा बोलूंगा, बुरा नहीं मानना और तुम भी बोलना जितना भी… इसमें खुल कर बातें करेंगे, उतना इंजवाय होता है.

मैं बोली- ठीक है, नहीं मानूंगी बुरा… बोलिए जो मन हो!आप तो जानते हो कि मुझे गालियां और गंदी बातें बहुत पसंद हैं और मुझे बहुत जोश आता है.

तभी देखते देखते राज ने अपने पूरे कपड़े उतार दिए. अब अंडरवियर भी उतार दी तो मैंने थोड़ी शरमा कर आंखें बंद कर ली.राजने में मेरा एक हाथ पकड़ कर अपने लन्ड पर रखवा दिया. उनका लंड एकदम गर्म था.

राज मुझसे बोले- संध्या मेरी जान, आंखें खोल दीजिए!मैंने आंखें खोली तो वो अपनी दोनों टांगें मेरे उपर इधर उधर किया हुए थे, सामने मेरे हाथ में लंड देख कर एकदम अलग फीलिंग आई, मैं लंड को देखे जा रही थी.तभी मेरे होने वाले पति राज बोले- क्या रानी, यही सोच रही हो न कि छोटा है? पर इंडिया के लोगों का इतना ही छोटा होता है.मैं समझ गई कि ये झूठ बोल रहे हैं, मैंने रास्ते में कई मर्दों का पेशाब करते हुए देखा था पर उनका लन्ड बड़ा है, और सीड जो मेरा ब्वाय फ्रेंड है उसका लंड बहुत बड़ा है.

राज का लंड 6 इंच से थोड़ा ज्यादा बड़ा था, पर कड़क था.वे मुझे बोले- थोड़ा इसे रगड़ो!मैं रगड़ने लगी.

तभी वो मेरी कुर्ती को धीरे धीरे उतारने लगे. जैसे ही मेरी नाभि के ऊपर कुर्ती गई, नाभि पेट नंगी हुई, वो पागल से होकर नाभि को चूमने चाटने लगे, मुझे कुछ-कुछ होने लगा और मैं उनके नाभि को किस करने के तरीके से पागल होने लगी.तभी वो बोले- संध्या, किसी हिरोइन की भी इतनी सेक्सी नाभि नहीं है. तुम्हें तो हर मर्द चोदना चाहेगा!

यह बात उनके मुंह से मुझे अच्छी लगी, मैं बोली- क्या बोले?तो वो बोले- हर लड़की का मन करता है कि अलग अलग मर्द या एक साथ दो तीन चोदें!मैं झूठ मूठ बोली- मुझे यह पसंद नहीं!

तभी राजन बोले- झिझको नहीं, मुझसे खुल जाओ, तभी बहुत लाइफ इंजॉय करोगी. अच्छा यह बताओ कि अभी जो xxx पोर्न वीडियो में एक लड़की को तीन मर्द चोद रहे थे, तुम्हें पसंद नहीं आया क्या? मेरी कसम… सच बोलना आज!मैं बोली- हर बात में कसम दे देते हो?आगे मैं बोली- हां, पसंद आया! पर ये फिल्म में होता है रियल में थोड़ी! मैंने अभी जबसे मोबाइल आपने दिया और मैंने पोर्न वीडियो देखे, ज्यादातर वीडियो में लड़की एक और मर्द चार पांच होते हैं. पर वो सभी विदेशी हैं. हां, कुछ में लड़की इंडियन जरूर थी.

तभी राज ने मेरा मोबाइल लिया और टाइप किया गूगल में ‘इंडियन एमएमएस थ्रीसम’और फिर मुझे दिखाने लगे, बोले- ये सब रियल हैं, सच में स्कूल गर्ल, कालेज गर्ल, मैरिड वुमन सब एक साथ दो, तीन, चार, पांच मर्दों से एक साथ चुदाई करवाती हैं.मैं बोली- सच में? यार ये तो गजब है! इंडिया में भी फारेन जैसे होने लगा?

राज बोले- अब सच बोलना, नहीं कसम दे दूंगा.मैं बोली- प्लीज कसम मत देना, हमेशा सच बोलूंगी… पर एक शर्त पर कि अगर कुछ भी खराब बोल दूं गन्दी गन्दी बातें भी… तो बुरा नहीं मानना और मुझे डांटना ना हो.राज बोले- अगर ये भी बोल दो कि तुम एक साथ पांच छः मर्दों से एक साथ कई बार चुदवा चुकी हो और आगे भी चुदवाओगी तो भी मैं बुरा नहीं मानूंगा, ना डाटूंगा और फिर भी शादी हर हाल में तुमसे ही करूंगा… कसम से मम्मी कसम!मैं बोली- ग्रेट यार… इतनी पसंद आ गयी मैं! पर आपको बता दूं आज मेरी लाइफ में आप पहले मर्द नहीं हो जिसने मुझे इस तरह छुआ है और जिसके साथ लेटी हूं. जो आप पूछना चाहते हैं तो वो भी सब बता दूं कि अभी जब से मोबाइल में ये सब देखने लगी हूं तो सच में उस तरह के पोर्न वीडियो देख कर लगता है कि तीन चार लोग मुझे भी चोदें! सच यही है.

मेरी हॉट सेक्स स्टोरी में एक एक घटना सत्य है, पागलपन से भरी है, ऐसा कि कोई सोच नहीं सकता है. जो कोई सोच नहीं सकता है, उसे मैं कर चुकी हूं. आप जानेंगे तो मदहोश होकर पागल हो जायेंगे, खुद पर कंट्रोल नहीं कर पायेंगे… और मुझे देखने के बाद तो आप रह ही नहीं पाओगे! यह दावा है मेरा! ....संध्या

कहानी जारी रहेगी

 
तभी राज ने मेरा मोबाइल लिया और टाइप किया गूगल में ‘इंडियन एमएमएस थ्रीसम’और फिर मुझे दिखाने लगे, बोले- ये सब रियल हैं, सच में स्कूल गर्ल, कालेज गर्ल, मैरिड वुमन सब एक साथ दो, तीन, चार, पांच मर्दों से एक साथ चुदाई करवाती हैं.मैं बोली- सच में? यार ये तो गजब है! इंडिया में भी फारेन जैसे होने लगा?

राज बोले- अब सच बोलना, नहीं कसम दे दूंगा.मैं बोली- प्लीज कसम मत देना, हमेशा सच बोलूंगी… पर एक शर्त पर कि अगर कुछ भी खराब बोल दूं गन्दी गन्दी बातें भी… तो बुरा नहीं मानना और मुझे डांटना ना हो.राज बोले- अगर ये भी बोल दो कि तुम एक साथ पांच छः मर्दों से एक साथ कई बार चुदवा चुकी हो और आगे भी चुदवाओगी तो भी मैं बुरा नहीं मानूंगा, ना डाटूंगा और फिर भी शादी हर हाल में तुमसे ही करूंगा… कसम से मम्मी कसम!मैं बोली- ग्रेट यार… इतनी पसंद आ गयी मैं! पर आपको बता दूं आज मेरी लाइफ में आप पहले मर्द नहीं हो जिसने मुझे इस तरह छुआ है और जिसके साथ लेटी हूं. जो आप पूछना चाहते हैं तो वो भी सब बता दूं कि अभी जब से मोबाइल में ये सब देखने लगी हूं तो सच में उस तरह के पोर्न वीडियो देख कर लगता है कि तीन चार लोग मुझे भी चोदें! सच यही है.

इतना सुनते ही राज ने मेरी कुर्ती उतार फेंकी और मुझसे लिपट गये, बोले- बहुत सेक्सी हो यार! थैंक्यू… मुझे ऐसी ही पार्टनर चाहिए! अब संध्या खुल के गन्दा बोलो! मेरा ऐसे ही साथ देना! अगर कभी तुम्हारा बहुत मन किया तो तुम तीन चार मर्द से चुदवा लेना.

मैं बोली- सच राज?वे बोले- सच में!मैं बोली- आपको बुरा तो नहीं लगेगा?राज बोले- कसम से बुरा नहीं लगेगा! आप खुश हो और मजा आये आपको… आप सेटिस्फाई हों, मुझे इसमें खुशी मिलेगी.मैं बोली- थैंक्यू… पर आपके लिए मैं कुछ भी करूंगी, पर खुद से ऐसा कुछ नहीं करूंगी; अगर किन्ही मर्दों से करवाया या करवाने का मन किया तो आपसे बता दूंगी.राज बोले- पर अपन बातों में कल्पना डाल दो… तीन मर्द को सोच के सब करेंगे तो उससे जोश बढ़ता है.मैं बोली- ओके!

अब राज ने मेरे बूब्स ब्रा को ऊपर से ही दबा दिया, मुझे मस्त लगा, मैं बोली- ये मेरे छोटे हैं अभी मेरी सहेलियों से!राज बोले- मस्त हैं सेक्सी… इन्हें मैं दबा दबा के बड़ा कर दूंगा. अभी भी बहुत मस्त हैं.

अब मैं उनके सामने ब्रा पैन्टी में लेटी थी और वो भी पूरे नंगे थे, मुझे बोले- अब तू तड़ाक में बात करो! जब भी ये पल हों जानवर बन जायेंगे दोनों! फिर सेक्स के बाद नार्मल लाइफ वही आप!मैं बोली- ओके!मुझे अब वो गंदी बातें बोलने लगे, बोले- फुल रंडी लगती हो सेक्सी!और मेरी पैंटी उतार दिये और सीधे मेरी दोनों टांगों को फैला कर चौड़ा कर दिया सबसे पहले मेरी चूत में किस किया और बोले- तेरी चूत तो बह चली है, बहुत चुदासी है तू साली! फिर मना क्यूं कर रही है?मैं बोली- मैं तेरा लौड़ा अन्दर सुहागरात में ही लेना चाहती हूं.

तभी एकदम जोश में आकर राज अपनी पूरी जीभ मेरे चूत में डाल कर जोर जोर से चूसने और चाटने लगा; मैं छटपटाने लगी और ऊं हहह वोहह हहह आहहह की आवाज जोर जोर से मेरे मुंह से अपने आप निकलने लगी. ये मेरे साथ फर्स्ट टाइम था, तब भी मेरे मुंह से अपने आप गन्दी बातें निकलने लगी, मैं बोली- ओहह हहह कुत्ते और चाट… बहुत मस्त चाटता है चूत… कितनों की चाटी है?तभी राज उठा और मेरी ब्रा को जोर से खींचा ब्रा फट गई, मैं अब पूरी नंगी हो गई.राज बोला- पूरी छिनाल लगती है तू संध्या… क्या मस्त माल है तू!

मैं बोली- अपनी रंडी को कितना दोगे?तभी राज ने पर्स निकाला और पांच सौ के करीब दस बारह नोट मेरे ऊपर फेंक दिये और बोला- यार बहुत मज़ा आयेगा अब! तुम मेरी असली रंडी लग रही हो नोटों के ऊपर… बोल अब तेरी नथ उतार दूं? बता चुदेगी ना?मैं बोली- इतना तो मुझे छूने का लगता है, बीस हजार लूंगी चुदाई का!राज बोले- वाह मेरी रंडी, बड़े भाव हैं तेरे साली?तभी मैं बोली- नथ तो मेरी दस बारह बार उतर चुकी है.

मैं बोली- अंदर से भी गेट बंद कर दो, कहीं मम्मी ना आ जायें!पर वो नहीं गये, राज बोले- मम्मी को सब पता है, वो नहीं आयेंगी.मैं बोली- अरे मम्मी ऐसे ही कुण्डी दे गई होगी, कहीं कोई और आ गया तो?राज बोले- आने दो… अब हम मियां बीवी बनने वाले हैं. क्यूं डरें किसी से?

वो नहीं गये बंद करने गेट अंदर से!

और अब सीधे मेरे चूत को फैला कर अपनी जीभ से चाटने लगे; जोर जोर से चूसने लगे और दोनों हाथों से मेरे दूध दबाने लगे. मैं बिल्कुल तड़पने लगी; मुझसे रहा नहीं जा रहा था; मेरे मुंह से अपने आप आवाज निकालने लगी- ऊंहहह आहहहह… मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा! कुत्ते क्या कर दिया!टीवी की आवाज़ तेज थी इसलिए आवाज वहीं रुक गई.

 
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