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653 ब
कुवरसिंघ वहीं पर बैठ कर रोने लगा.
उसने कुवरसिंघ को माफ़ नही किया.
मैं ने कुवरसिंघ को सहारा दिया.
अवी-रोना बंद करो
कुवरसिंघ-मैं और क्या करूँ ,वो मेरी बात सुनने को तय्यार नही है.
अवी-उसने सब सुन लिया.
कुवरसिंघ-सुन लिया तो मुझे माफ़ नही किया.
अवी-उसने तुम्हे माफ़ कर दिया है.
कुवरसिंघ-नही किया,
अवी-मैं कह रहा हूँ ना उसने तुम्हे माफ़ कर दिया है.
कुवरसिंघ-उसने कुछ नही कहा
अवी-कैसे कहेगी,उसके साथ जो हुआ उसके बाद वो किस मुँह से बोलेगी.
कुवरसिंघ-फिर तुम कैसे कह रहे हो कि उसने मुझे माफ़ किया
अवी-वो रो रही थी. यही तुम्हे माफ़ करना का सबूत था.
कुवरसिंघ-पर उसने तो कहा कि
अवी-उसके बोलने पे ध्यान मत दो, उसका रोना नही देखा तुम ने ,
कुवरसिंघ-तुम सच बोल रहे हो
अवी-हाँ, चलो फ्रेश हो जाओ , हमे निकलना है.मैं उस को देख कर आता हूँ
और मैं कुवरसिंघ को सहारा दे कर बाथरूम मे ले गया .
कुवरसिंघ को फर्स्ट एड बॉक्स दिया .ताकि वो आपने जख्म साफ कर सके.
कुवरसिंघ को उसकी हालत पर छोड़ते ही मैं उस लड़की के पास चला गया
वो लड़की अपनी माँ के पास नही थी .तो मैं बगीचे मे चला गया.
वो बगीचे मे बैठ कर रो रही थी.
अवी-क्या हुआ ,रो क्यूँ रही हो
लड़की -पता नही.
अवी-क्या?
लड़की -आज मुझे खुश होना चाहिए था पर मेरी आँखो से पानी निकल रहा है
अवी-यही तो तुम चाहती थी. मैं ने वही किया जिस से तुम उसको सज़ा दो.और तुम सज़ा दिए भीना भाग निकली.
लड़की -पता नही क्यूँ पर उसकी हालत देख कर मुझे क्या हुआ .मैं करना तो बहुत कुछ चाहती थी पर ऐसा लगा उसे उसकी सज़ा मिल गयी है.
अवी-मुझे लगा ही था कि ऐसा होने वाला है, इसी लिए मैं ने पहले ही उसे सज़ा दे दी है.
लड़की -क्या किया तुम ने
अवी-वो 2 3 दिन बाद बताऊँगा ,अब ये रोना बंद करो
उस ने अपनी आँखे साफ की.
लड़की -थॅंक्स
अवी-थॅंक्स के लिए टाइम है. मैं फिर मिलूँगा 2 3 दिन बाद तब तक कहीं जाना मत
लड़की -नही जाउन्गी.
अवी-और हाँ, मेरे बारे मे किसी को कुछ मत बताना,
लड़की -मैं किसी को कुछ नही बताऊँगी.
उस लड़की के हाथो कुवरसिंघ को सज़ा दे कर दिल से बड़ा बोझ हल्का हो गया.
मुझे पता था कि वो कुवरसिंघ को सज़ा नही दे पाएगी.
गुस्से मे हम बोल तो देते है पर करना मुश्किल होता है.
फिर भी उसका एक एक थप्पड़ लाखों सज़ा के बराबर था.
कभी कभी एक थप्पड़ फासी की सज़ा से काफ़ी दर्दनाक होता है.