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मैं और मेरा परिवार

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813आ

चाची अमित के पपास चली गयी

और मैं बेड पे लेट कर सोचने लगा

चाची की कहानी सुनकर मेरे चेहरे पे स्माइल आ गयी

चाची आज भी मुझे बच्चा ही समझती है

मुझे 2 साल वाला अवी समझती है

अब मैं वो अवी नही रहा जो रात मे निकले हुए चाँद को सूरज समझ लूँ

जैसे चाची मुझे समझती है वैसे मैं भी उनको समझने लगा हूँ

चाची ने जो कहानी बताई है वो सब सच है

चाची बिना वजह मुझे कहानी नही बताएँगी

चाची एक तीर से कई शिकार करती है

और वो मेरा शिकार करना चाहती थी

पर वो भूल गयी कि उनका स्टूडेंट अब उनसे बहुत कुछ सीख गया है

मैं ने बड़ी चाची को पूछा कि नेहा बुआ ऐसा क्यूँ करती है

तो बड़ी चाची ने मुझे बता दिया पर छोटी चाची तब चुप थी

इसका ये मतलब है छोटी चाची को मेरा बड़ी चाची से पूछना अच्छा नही लगा

पर बड़ी चाची ने छोटी चाची को बताया कि मुझे संभाल ले

इस लिए चाची ने मुझे कहानी बताई नेहा बुआ की

चाची ने जिस तरह कहानी बताई उस से कभी भी नही लगा कि चाची ने झूठ बोला होगा

नेहा और नीता बचपन मे शरारती थी ये कविता और लीना को देख कर पता चल ही जाता है , और पूजा बुआ भी कभी कभी कविता लीना को मस्ती करते हुए देखती है तो कहती है अपनी माँ जैसी है दोनो , नटखट , शरारती

माँ के गुण बच्चों को आ जाते है

नीता बुआ अबी भी बीच बीच मे सीमा चाची जैसी बाते करती है

चाचा को छोटू कहना , तभी तो मैं सोचु चाचा पूजा बुआ को नाम से क्यू बुलाते है , ये बचपन से चलता आ रहा है , जिस से आदत पड़ गयी

नीता बुआ को राजेश खाना पसंद है ये भी मुझे पता है

थियेटर के सामने मॉडर्न स्कूल था ये चाची को कैसे पता होगा , वो थियेटर तो सालो पहले हटा दिया गया था, तब तो मैं भी पैदा नही हुआ था , और छोटी चाची तो यहाँ से बहुत दूर रहती थी उनका मायका बहुत दूर है

आम का बगीचा इस तरह बनाया था ये मुझे पता ही नही था

कोमल ने उस स्कूल के पेड़ के बारे मे बताया था मुझे

दादाजी और ठाकुरजी के दोस्ती के बारे मे भी मुझे पता है मेले मे पता चल गया था

दादाजी को कुश्ती मे मिली हुई गदा घर मे रखी हुई है

मेरे पापा मेद्स मे अच्छे थे ,

पापा की बाते जो चाची ने बताई है वो माँ ने मुझे बताया था

पापा के सपने के बारे मे मैं ने माँ से सुना था पर याद नही आ रहा

सब कुछ तो रियल था

सब कुछ सच था

मेरे पापा की बाते भी सच थी

मेरे पापा बीच मे छोड़ कर गये थे अपने भाई बहनों को वो भी सच ही होगा ,चाची बिना वजह कुछ कहती

तभी चाची मुझे इतना ज़ोर देती है कि मैं अपने भाई बहनों का ख़याल रखू उनको ख़ुसीया दूं

दादाजी जैसी कसरत करने को बोलती है

दादाजी ने मुझे अपना वारिस बनाया था

शायद मेरे वजह से झगड़ा हुआ होगा पापा और दादाजी मे

मुझे गाओं मे रखना या शहर3 मे रखने पे झगड़ा हुआ होगा

यही वजह होगी जिस से हम शहर 3 मे रहते थे

और मैं दादाजी को इतना प्यारा था फिर भी मिलने नही आते थे

दादाजी चाहते होंगे कि हम गाओं मे आएँ

पर ये तो आधी कहानी है

पर चाची ने मुझे ये कहानी क्यूँ बताई

चाची ने कहा था कि अगर उनको ठाकुर के बारे मे पहले पता होता तो वो मुझे ठाकुर के साथ ऐसा कुछ करने नही देती , शायद वो ठाकुरजी और दादाजी के दोस्ती की वजह से बोल रही होंगी , पर मेरे काम से छोटी चाची खुश थी

ठाकुरजी और दादाजी मे और भी कुछ होगा

मेरे पापा के साथ शहर3 मे क्या हुआ होगा ये भी पता नही है

बाद मे नेहा बुआ नीता बुआ और पूजा बुआ का क्या हुआ ,

क्यू पूजा बुआ ने पापा से पहले शादी की

नेहा बुआ के साथ ऐसा क्या हुआ होगा जो अपनी हँसी भूल गयी है

मुझे ये पता लगाना होगा

वो तो छोटी चाची एक दिन बता देंगी

फिर चाची ने ये आधी अधूरी कहानी क्यूँ बताई होंगी

शायद छोटी चाची चाहती होंगी कि मैं नेहा बुआ की खुशी वापस लेकर आ जाउ

अपने भाई बहनों को और खुशी दूं ,उनके साथ रहूं , उनको अकेला नही छोड़ू

कोमल को हमेशा खुश रखूं जिस से नेहा बुआ खुश रहे

यही बात होगी

मेरी सोच बदलना चाहती थी छोटी चाची

मैं समझता था कि नेहा बुआ सिर्फ़ नफ़रत करना जानती है

पर छोटी चाची की कहानी से पता चल गया कि नेहा बुआ का एक और दिल है जो सिर्फ़ हँसना जानता है ,प्यार बाहर निकलना चाहता है , मुझे उस छुपे हुए दिल को नफ़रत की दीवार से बाहर निकालना होगा

यही बात है

छोटी चाची मेरी सोच बदलना चाहती थी

नेहा बुआ के लिए जो मेरे दिमाग़ मे बुरी बाते है वो निकालना चाहती है

इसलिए तो चाची ने कहा कि ये सिर्फ़ एक कहानी थी

ये सब झूठ था

पर नेहा बुआ की बात सच थी ऐसा छोटी चाची ने कहा है

मतलब चाची चाहती थी कि मैं सिर्फ़ नेहा बुआ के बारे मे सोचु

छोटी चाची जैसा चाहती है मैं वैसा ही करूँगा

मेरे पापा के बारे मे मुझे छोटी चाची ही बता सकती है और कोई नही

मुझे छोटी चाची को खुश करना होगा ताकि वो मुझे मेरे पापा के बारे मे बता दे

और छोटी चाची तबी खुश होंगी जब मैं उनकी कहानी की नेहा बुआ को रियल लाइफ मे वापस लेकर आउ

ये मुश्किल है

पर छोटी चाची ने मुझे सेलेक्ट किया है तो उनको मुझ पे विश्वास हॉंगा कि ये सिर्फ़ मैं कर सकता हूँ

मैं जितनी हो सके उतनी कॉसिश करूँगा

पर मुझे और पता करना होगा नेहा बुआ के बारे मे

और छोटी चाची अब बताएँगी नही

तो

कौन बता सकता है

नीता बुआ

नेहा बुआ की जान

नीता बुआ नेहा बुआ के साथ साथ रहती थी तो उनको सबसे ज़्यादा पता होगा

वैसे भी कल नीता बुआ ने मुझे बुलाया है

मैं कल नीता से पूछ लूँगा

और बाकी की बाते भूल जाउन्गा

क्यूँ कि मुझे लगता है कि मेरे पापा ऐसा नही कर सकते

मैं कितनी भी कॉसिश करूँगा मुझे पता नही चलेगा ,क्यू कि कोई बात ही नही करता मेरे पापा के बारे मे ,तो मुझे पता कैसे चलेगा , और जहाँ तक मुझे लगता है , सिर्फ़ छोटी चाची को सारा सच पता है ,

मुझे थोड़ा थोड़ा याद है कि पापा अपने कमरे मे बैठे कर माँ को कहते थे कि हम गाओं कब जाएँगे

मतलब पापा को गाओं जाना था

माँ ने कहा था कि हम मेले मे जाएँगे गाओं और दादाजी से मिलेंगे

मतलब पापा तो गाओं आना चाहते थे

ज़रूर कुछ और बात होंगी

ये सिर्फ़ छोटी चाची बता सकती है

सिर्फ़ छोटी चाची को पता होगा कि पूरा सच क्या है

बाकियो को पूरा सच पता नही है

चाची ने कहा कि मेरे पापा ग़लत भी थे और सही भी थे

पर बाकी सब ती ग़लत ही समझते है

मतलब पूरा सच चाची को पता है

मतलब मुझे रुकना होगा

और छोटी चाची कहती है ज़्यादा सोचना मत , जितना ज़्यादा सोचेगा उतना फँसता जाउन्गा

मैं ये सब छोटी चाची पे छोड़ देता हूँ

वही बताएँगी मेरे पापा के बारे मे

मैं बस नेहा बुआ पे फोकस करता हूँ

अब ये बात निकाल देता हूँ अपने दिमाग़ से

क्यू कि मुझे प्रेज़ेंट मे रहना पसंद है

पास्ट के लिए छोटी चाची है मेरे पास

छोटी चाची भी यही चाहती कि मैं इस पे ज़्यादा सोचु ना इस लिए ये कहा कि ये झूठ था

और वो कसम खाने की बात , छोटी चाची को पता था कि मैं उनके कहने से ऐसा नही कहूँगा

चाची यही चाहती है तो यही सही

वैसे भी मुझे बहुत कुछ पता चला है

और एक दिन मे मैं इस से ज़्यादा बात हजम नही कर पाउन्गा

पर चाचा को नेहा बुआ छोटू कहती थी

चाचा का कितना मज़ाक उड़ाती थी , बिचारे चाचा इसीलिए चाचा बुआ से ठीक से बात नही करते , पर छोटू था बहुत प्यारा , माँ माँ कहने वाला

ये तो हो गया

अब मुझे चाची को राजेश के बारे मे बताना है

चाची को आने दो

और मैं राजेश की क्लिप देखने लगा

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चाची मेरे कमरे से बाहर चली गयी

चाची- अच्छा हुआ अमित रोने लगा

वरना अवी मुझे सवाल पूछ कर जवाब बताने पर मज़बूर करता

अब जाउन्गी तो टॉपिक चेंज करूँगी

राजेश के बारे मे पूछूंगी

अवी को कुछ देर सोचने के लिए अकेला छोड़ देती हूँ

अवी अब ये सोचेगा कि मैं उसे अभी तक बच्चा समझती हूँ

2 साल पहले वाला भोला भाला अवी समझती हूँ

ये सोचेगा अवी कि मैं उसे नादान समझती हूँ जो उसको कहानी बताने के बाद ये कहा कि ये झूठ था

अवी खुद को स्मार्ट समझेगा

पर अवी भूल रहा है कि मैं उसकी गुरु हूँ

स्टूडेंट कितना भी बड़ा क्यूँ ना हो जाए अपने गुरु से जीत नही सकता

मैं ने अवी को स्मार्ट बनाया है उस से 1 कदम आगे ही रहूंगी

मैं ने ही जानबूझ कर कहा है कि कहानी मे सब झूठ है

सिर्फ़ नेहा की बात सच थी

अब अवी ये सोचेगा कि मैं इतनी बड़ी कहानी बिना वजह नही बताउन्गी

सब कुछ सच था ऐसा उसे लगेगा ऐसा ही बताया है मैं ने

वो नेहा के बारे मे ही सोचेगा

अपने पापा के बारे मे सोचेंगा ही नही , उसे पता है वो सिर्फ़ मैं बता सकती हूँ

क्यू की सारा सच मुझे पता है ऐसा अवी सोचेगा

अवी अपने पापा के बारे मे किसी को पूछेगा नही क्यू कि उसके हिसाब से सब उसके पापा के बारे मे ग़लत सोचते है

जैसा मैं ने अवी को सोचने के लिए लगा दिया है अवी वही सोच रहा होगा

अवी नेहा के बारे मे सोचेगा

अवी अपने भाई बहनों के बारे मे सोचेगा

और बाकी बात मुझे पे छोड़ देगा

जैसा सुमन दीदी से बात हुई वैसा ही किया मैं ने

अब सुमन दीदी को अवी तंग नही करेगा

और आधा सच

अवी को पता चल गया होगा कि आधा सच कैसा होता है

और नेहा की दाल मे कुछ काला था इस से भी पता चल गया होगा

नेहा सच मे कितनी प्यारी थी बचपन मे

अवी के दादाजी पूजा दीदी और बड़ी चाची ने जो मुझे नेहा के बारे मे बताया वो सुनकर तो ऐसा लगता है कि मेरा बचपन भी काश ऐसा ही होता

मैं भी बचपन वाली नेहा बना चाहूँगी

पर उस के बाद जो हुआ

इस बात के लिए टाइम है

अवी को कभी ना कभी बताना पड़ेगा

बस मुझे ऐसे सिचुयेशन मिल जाए जब अवी नेहा के दर्द के समझ सकेगा

पर अब लगता है वो समय जल्दी आ जाएगा

अवी और नेहा का आमना सामना बहुत हो रहा है

जब दो ख़ास टकराते है तो टूटेंगे ज़रूर

बस मुझे अवी को मज़बूत बनाना है उस दिन के लिए

और नेहा को कमज़ोर बनाना है ताकि वो फिर से टूट जाए और अवी अपने प्यार से नेहा के दिल को जोड़ दे

बस

इस से ज़्यादा सोचना बेकार होगा

देखो अमित भी सो गया

थोड़ी रुक कर जाती हूँ

और अवी के पपास जाते कहानी के बारे मे बोलूँगी भी नही

चाहे कुछ भी हो जाए

राजेश के बारे मे पूछ कर टॉपिक चेंज कर दूँगी

थोड़ी हँसी मज़ाक से अवी का ध्यान भटका दूँगी
 
813ब

चाची ने मुझे एक छोटी सी कहानी बता दी

उस कहानी से छोटी चाची मुझे जो कहना चाहती थी वो मैं समझ गया

अब उस कहानी को भूल जाना ही ठीक रहेगा

वरना आधा सच मेरी जान ले लेगा

चाची भी अमित को दूध पिला कर आ गयी

चाची अब कहानी के बारे मे बात नही करेंगी ये मुझे पता है , और मैं भी नही करूँगा

क्यू कि हमे प्रेज़ेंट के साथ चलना है

चाची को राजेश के बारे मे जानना है

मैं ने राजेश के सारे प्राब्लम सॉल्व करके नीता बुआ को उनकी खुशिया दिला दी ,

राजेश अब अपनी मर्ज़ी से ज़िंदगी जी सकता है. बिना किसी डर के बिना किसी रोक टोक के

राजेश को पता चल गया कि मैं क्या चीज़ हूँ , वो जिस गेम का खुद को खिलाड़ी समझता है मैं उस गेम सबसस बड़ा खिलाड़ी हूँ ये वो समझ गया ,

पर अगर राजेश मुझसे जलने लगा तो , मुझसे आगे निकलना चाहता होगा तो , उसको तो अब मैं हॅंडल करूँगा

उस से एक बात अच्छी हुई कि लीना को भी राजेश का प्यार मिल जाएगा ,भाई के साथ खेलते हुए उसके दिन भी अच्छे से बीत जाएँगे.

नीता बुआ को भी पता चल गया कि वो क्या कर रही थी.

नीता बुआ को भी राजेश के बदलने से, उसके घर रहने से नीता बुआ राजेश के दिल की बात समझ जाएँगी.

मैं सोच रहा था कि छोटी चाची कमरे मे आ गयी

सी चाची-क्या बात है बड़े बड़े काम कर रहे हो

जैसा सोचा था वैसा ही पाया , चाची ने आते बात बदल दी

चाची ने आते ही राजेश की बात छेड़ दी ताकि मैं कहानी के बारे मे कुछ पुच्छू ना

अवी-मैं ने क्या किया.

सी चाची-इतना कुछ किया और कहते हो कुछ नही किया

अवी-वो सब तो अपने भाई और बुआ के लिए किया

सी चाची-अब बता क्या किया कैसे किया.

अवी-पूरी कहानी बतानी पड़ेगी

सी चाची-हाँ

अवी-तो सुनिए, मैं ने कहा था ना कि मिसेज़ वर्मा के घर की एक बात बाद मे बताउन्गा.

सी चाची-हाँ ,तो वो राजेश की बात थी

अवी-हाँ.मिसेज़ वर्मा के घर पे मुझे एक लड़की मिली करीना ,जो राजेश की क्लास मे पढ़ती है.

सी चाची-उस से राजेश के बारे मे पता चला.

अवी-हाँ, मुझे पता चला कि राजेश 2 लाइफ जीता है.

सी चाची-वो तो तूने कल बताया था पर ये नही बताया कि दूसरी लाइफ वो कैसे जीता है

अवी-मेरी तरह एंजाय करता है,

सी चाची-ठीक से बता

अवी-वो स्कूल मे इतना फेमस है कि लड़की उस से चुदवाना चाहती है. और राजेश जमकर उनकी चुदाई करता है.

सी चाची-राजेश, तभी सोचु वो स्कूल जाने की इतनी जल्दी मे क्यू रहता है

अवी-वो अपनी स्कूल की लड़कियो ,टीचर और प्रिन्सिपल की भी चुदाई करता है.

सी चाची-तो तूने राजेश के साथ क्या किया

अवी-राजेश को एंजाय कर ने से रोक नही सकते, ऐसे मे उसको यहाँ गाओं मे रहने के लिए कुछ सोचना था.

सी चाची-बोलता जा

अवी-मैं ने राजेश को फ्रेंड बनाया. और उसको पोपट पंछी बनाया

सी चाची-फ्रेंड कैसे बन गया .जो अपने राज़ बता दिया

अवी-मैं ने अपना वीडियो उसे दिखाया और उसके राज़ जान गया.एक राज़ बता कर सभी राज़ पता कर लिए ,

सी चाची-तो स्कूल मे राजेश चुदाई करता है. फिर तो तूने राजेश को यहा एंजाय करना सिखाया होगा

अवी-हाँ, मैं ने उसके राज़ से पता लगा लिया कि उसको चंपू जैसा रहना पसंद नही है. तो मैं ने राजेश को हीरो बनाने का फ़ैसला किया.

सी चाची-फिर

अवी-फिर क्या था मैं ने राजेश को रिया से मिलाया

सी चाची-गाओं मे एंजाय करना रिया से सीख लेगा. मतलब करेगा

अवी-हाँ, रिया राजेश को पसंद आई इस लिए उसकी चुदाई करने शहर चले गये.

सी चाची-फिर तो राजेश बहुत खुश हुआ होगा.

अवी-हाँ, हम ने मिलकर रिया की चुदाई की. और राजेश ने तो रिया की ऐसी चुदाई की कि वो रोने लगी.

सी चाची-फिर तो रिया राजेश की दीवानी हुई होगी

अवी-हाँ, पर राजेश के रुलाने से वो थक गयी. फिर मैं ने मिसेज़ दूबे और मिसेज़ पवार को राजेश के सामने नंगा किया

सी चाची-उनके साथ राजेश को मज़ा नही आया होगा.

अवी-वो मिसेज़ दूबे थी. राजेश ने उनकी पूरी रात चुदाई की. उसका वीडियो है आप देख लेना.

सी चाची-फिर क्या हुआ

अवी-फिर राजेश को हीरो बना कर यहाँ लाया .

सी चाची-आगे बोल

अवी-राजेश का ऐसा शहर जैसा लुक नीता बुआ को पसंद नही था.

सी चाची-उसको राजेश खन्ना पसंद है

अवी-मैं ने उनको बताया कि ये राजेश खन्ना का जमाना गया ,अब सलमान का जमाना है

सी चाची-ये नेहा का क्या चक्कर है.

अवी-नेहा बुआ ने नीता बुआ और मेरी बात सुन ली.

सी चाची-तभी वो ऐसी बात कह रही थी

अवी-पर नेहा बुआ ने ऐसा क्यू किया.ये मुझे कुछ कुछ आपकी कहानी से पता चल गया है ,अगर और कुछ बताना चाहती हो तो बता सकती हो

सी चाची-क्यू की नेहा और नीता एक दूसरे की जान है.

अवी-एक लाइन मे जवाब दे दिया

सी चाची-कुछ जवाब ऐसे होते है

अवी-हो गये आपके सवाल

सी चाची-जवाब तो पूरा कर

अवी-राजेश को समझ मे आया कि फॅमिली क्या होती है, एंजाय कही भी किया जा सकता है.लीना को उसका भाई मिला, नीता बुआ को अपनी ग़लती का अहसास हुआ, नीता बुआ को उनका बेटा वापस मिला

सी चाची-तुझे क्या मिला.

अवी-मुझे बड़ी चाची के चेहरे पे खुशी मिली, फॅमिली की खुशी मिली, और

सी चाची-और क्या

अवी-राजेश ने अपने स्कूल आने का इन्विटेशन दिया.

सी चाची-फिर तो तेरे मज़े मज़े होगे

अवी-हाँ,

सी चाची-चल अब वीडियो दिखा.

अवी-ऐसे नही. मेरी गोद मे बैठ कर देखना होगा.

सी चाची-ब्लॅकमेल करता है

अवी-बैठिए ना,

सी चाची-चल ठीक है,आज मैं खुश हूँ

छोटी चाची मेरी गोद मे आकर बैठ गयी.

और मैं ने वीडियो प्ले किया. अभी प्ले किया था कि रानी का कॉल आ गया.

मैं ने कॉल कट किया और वीडियो वापस प्ले किया.

सी चाची-फोन क्यू नही पिक किया

अवी-बाद मे करूँगा. आप वीडियो देखिए

छोटी चाची वीडियो देखने लगी कि फिर से रानी का कॉल आया ,मैं ने वापस कट किया और मेसेज किया कि बिज़ी हूँ

छोटी चाची वापस वीडियो देखने लगी.

और मैं उनके बदन के साथ खेलने लगा.

अपने हाथों को उनके जाँघो पर सहलाने लगा.

सी चाची-क्या कर रहा है

अवी-वीडियो दिखा रहा हूँ

सी चाची-तो इसलिए रानी का फोन कट किया

अवी-आप 1स्ट रानी 2न्ड

सी चाची-(तू ऐसे मुझे वीडियो देखने नही देगा. अवी के साथ मज़ाक करती हूँ ,देखती हूँ अवी मुझे कितना प्यार करता है, ) अवी

मैं चाची की नाभि मे उंगली से खेलने लगा.

अवी-हाँ,

सी चाची-थ्रीसम मे तो बहुत मज़ा आया होगा.

अवी-हाँ, बहुत मज़ा आया, सबने एंजाय किया.

सी चाची-मुझे भी ऐसा थ्रीसम करना है. मुझे कब करवाएगा

चाची के इतना कहते मेरा हाथ जो नाभि पे था वो रुक गया.

और चाची के हाथ से मोबाइल लेकर ज़मीन पर पटक दिया.

मोबाइल के नीचे फैंकते ही चाची शॉक्ड हो गयी

चाचा कुछ कहती उस से पहले उनको धक्का दे कर खुद से दूर किया .

चाची को मैं इतना कुछ करूँगा इसकी उम्मीद नही थी

ये तो कुछ नही था

चाची की बात से मुझे गुस्सा आ गया

और टेबल पे रखा हुआ चाकू उठा कर अपने गले पे रख दिया.

मेरे हाथ मे चाकू देखते चाची के पसीने निकलने लगे

वो तो डर ही गयी मेरे हाथ मे चाकू देख कर

सी चाची-अवईीईईईईईई

अवी-पहले मुझे मार दीजिए फिर जो करना है करते रहना.

सी चाची-वो चाकू फेक दो

अवी-आपको थ्रीसम करना हैना ,मैं मर जाता हूँ बाद मे करती रहना जो करना है ,

सी चाची-मैं तो मज़ाक कर रही थी, चाकू फेक दे

अवी-आप झूठ बोल रही हो

सी चाची-तेरी कसम ,चाकू फेक दे ,कही लग जाएगा.

अवी-आपने ऐसा कहा ही क्यूँ

सी चाची- ग़लती हो गयी

अवी- आपसे ग़लती नही होती

सी चाची- तू चाकू फेक दे , फिर बात करते है

अवी- आप ने ऐसा कहा ही क्यूँ

सी चाची-ग़लती हो गयी ,

अवी- आप झूठ बोल रही है

सी चाची-मैं मज़ाक कर रही थी

अवी- फिर झूठ

सी चाची- अमित की कसम , मैं ने सिर्फ़ मज़ाक करने के लिए ऐसा कहा था

अवी-फिर ऐसा कहा क्यूँ

सी चाची-मैं देखना चाहती थी कि तू मुझे कितना प्यार करता है

अवी-रानी का फोन कट दिया फिर भी आपको ऐसा करने की ज़रूरत क्यू पड़ी

सी चाची-ग़लती हो गयी. प्लीज़ चाकू फेक दे , मैं ने ऐसा कहा तो मुझे मार दे पर तू खुद को कुछ मत कर

अवी- आपको मार दूं , उस से अच्छा है मैं.मर जाता हूँ , मैं आपके बिना नही रह सकता

सी चाची- मैं तेरे बिना कैसे जी सकती हूँ , चाकू फेक दे , मेरे लिए नही तो अमित के लिए चाकू फेक दे ,

अवी- आपको ऐसा मज़ाक नही करना चाहिए था

सी चाची- मैं कभी किसी के साथ भी मज़ाक नही करूँगा , मैं तो मज़ाक करना ही छोड़ दूँगी ,

अवी- पर आपने ऐसा कहा ही क्यू

सी चाची-चाकू फेक दे , वरना मैं खुद को कुछ कर बैठूँगी

अवी- आप वहाँ से हिली भी तो मैं

सी चाची- तू ऐसा क्यूँ कर रहा है , मुझे माफ़ कर दे , पहली और आख़िरी ग़लती समझ कर माफ़ कर दे

अवी- आख़िरी ग़लती

सी चाची- फिर ऐसा नही करूँगी

अवी- दुबारा कहा तो

सी चाची- मैं मर जाउन्गी पर ऐसा मज़ाक नही करूँगी ,

चाची की बात सुनकर मैं ने चाकू अपने गले से हटा दिया

चाकू अलग करते ही चाची भाग कर मेरे पास आ गयी

और जोरदार थप्पड़ मेरे गाल पे मार दिया
 
813 सी

चाची ने तो मुझे थप्पड़ मार दिया

थप्पड़ मारने की वजह मैं जान चुका था

चाची ने थप्पड़ तो मुझे मार दिया पर रो खुद रही थी

थप्पड़ मारने के बाद चाची.मेरे गले लग गयी

अवी- मज़ाक आपने किया और थप्पड़ मुझे मार दिया

सी चाची-और कुछ कहा तो एक और थप्पड़ पड़ेगा

अवी- मज़ाक आप करो और

सी चाची-तू क्या कर रहा था

अवी- आपने जो कहा उस का रिक्षन ऐसा ही होगा ना

सी चाची-अब तू बड़ा हो गया तो मुझे बताएगा कि रिक्षन क्या होगा

अवी-मैं तो वो

सी चाची-क्या मैं तो , तुझे कोई हक नही खुद को कुछ करने का, तेरी ज़िंदगी मेरी है उसपे मेरा हक है ,

अवी-हक

सी चाची-तेरी ज़िंदगी मेरी है , अगर दुबारा ऐसा किया ना मुझसे बुरा कोई नही होगा ,

अवी-आप बोल क्या रही है

सी चाची-तू खुद को समझता क्या है , तुझे कुछ हो जाता तो मेरा क्या होता ये नही सोचा तूने ,सुमन दीदी का क्या होता ये भी नही सोचा

अवी-क्या होता आपको अपनी मर्ज़ी से कुछ भी करने को.मिलता

सी चाची-तेरे बिना मैं एक पल.भी जिंदा नही रहती , और तू मज़े करने की बात कर रहा है

अवी-फिर आपने ऐसा कहा ही क्यू

सी चाची-एक मज़ाक ही तो किया था

अवी-आपकी मज़ाक ने मेरी जान ले ली थी , अगर मैं चाकू मार देता तो

और छोटी चाची ने फिर से मुझे एक थप्पड़ मारा

आज तो मैं सोच रहा था कि राजेश और नीता बुआ की मदद करने के बदले मे मुझे चाची इनाम देगी पर यहाँ तो थप्पड़ मिल रहे है

सी चाची-दुबारा ऐसा मत करना. अगर तुझे कुछ हुआ तो पूरी फॅमिली जीते जी मर जाएगी

अवी-फिर आपने ऐसा क्यू कहा

सी चाची-सिर्फ़ कहा था किया नही.तू तो करने जा रहा था. ऐसा कभी मज़ाक मे मत करना

अवी-सॉरी

सी चाची-क्या सॉरी , तुझे ये सब मज़ाक लग रहा होगा , मेरी तो जान निकल गयी थी

अवी-मज़ाक आपने किया था

सी चाची-किया था मज़ाक तो क्या तू कुछ भी कर लेगा

अवी-मैं तो

सी चाची-क्या मैं तो , तुझे कुछ हो जाता तो सुमन दीदी का क्या होता सोचा है कभी

अवी-मुझे बस आप चाहिए

सी चाची-मुझे बस आप चाहिए , मुझे क्या उपर जाके लेते

अवी-आप इतना गुस्सा क्यू हो रही है

सी चाची-गुस्सा ना करू तो क्या तेरी पूजा करू , तूने सोचा भी कैसे ऐसा करने का

अवी-आपने कैसे सोचा

सी चाची-मैं क्या सच मे थोड़ी करने वाली थी ,

अवी-पर मेरे लिए तो सच जैसा था ना

सी चाची-सच ये है कि तू क्या है

अवी-क्या मतलब

सी चाची-तुम एक बात समझ ले तू इस फॅमिली के लिए बहुत ज़रूर है ,मैं मर गयी तो कुछ नही होगा, पर तुझे कुछ नही होना चाहिए

अवी-क्या मतलब

सी चाची-तू इस घर का वारिस है तुझे कुछ हो गया तो हमारा क्या होगा , तेरे साथ पूरी फॅमिली मर जाएगी

अवी-सॉरी ,

सी चाची-क्या सॉरी ,मैं तो बस मज़ाक कर रही थी . और तूने तो अपने गले मे चाकू लगा लिया ,

अवी-सॉरी

चाची की बाते सुनकर मुझे बुरा लगने लगा

मज़ाक चाची ने किया और उल्टा गुस्सा मुझपे हो रही है

चाची बाते सुनकर मैं उनकी तरफ पीठ करके बैठ गया

चाची की बातों से मुझे भी बुरा लगा

मेरे उस तरह उनकी तरफ पीठ करके बैठने से चाची समझ गयी कि मुझे उनकी बात से बुरा लगा

और मैं उनसे बात करने मे इंट्रेस्टेड नही हूँ

सी चाची-(ग़लती मेरी थी , और मैं ही उल्टी अवी पे गुस्सा हो गयी ) अवी

मैं ने कोई जवाब नही दिया

सी चाची-(अवी को मेरी बतो से बुरा लग गया , मुझे मज़ाक नही करना चाहिए था , अवी ने कुछ ग़लत भी तो नही किया , पर उसे कुछ हो जाता तो मैं अवी के दादाजी को क्या मूह दिखाती , सुमन दीदी को क्या कहती) अवी

अवी-मुझे अकेला छोड़ दीजिए

सी चाची-(अवी को मनाना होगा , ग़लती मेरी है , मैं बड़ी हूँ तो मुझे समझदारी से काम लेना चाहिए था , पर मैं क्या करती अवी की गर्दन पे चाकू देखते मैं खुद की भावनाओं पे कंट्रोल रखना चाहिए था )

सी चाची-(अवी , को मनाना होगा , उसने आज इतना अच्छा काम किया , राजेश और नीता को मिला दिया , नेहा भी अवी से खुश हो गयी , उसे इनाम देने की जगह मैं उसपे गुस्सा हो गयी , उसका मूड खराब कर दिया )

सी चाची-(अवी को मेरे इस तरह बात करने से कितना बुरा लगा होगा )

सी चाची-(अवी के लिए मैं तो सब कुछ हूँ , मेरे गुस्सा होने पे वो तो सो भी नही पाएगा , मुझे उसको मूड ठीक करना होगा ) अवी

अवी-मुझे अकेला छोड़ दीजिए

सी चाची-(अवी , को मनाना होगा , उसने आज इतना अच्छा काम किया , राजेश और नीता को मिला दिया , नेहा भी अवी से खुश हो गयी , उसे इनाम देने की जगा मैं उसपे गुस्सा हो गयी , उसका मूड खराब कर दिया )

सी चाची-(अवी को मेरे इस तारा बात करने से कितना बुरा लगा होगा )

सी चाची-(अवी के लिए मैं तो सब कुछ हूँ , मेरे गुस्सा होने पे वो तो सो भी नही पाएगा , मुझे उसको मूड ठीक करना होगा ) अवी

अवी-मुझे अकेला छोड़ दीजिए

सी चाची-(अवी का मूड तो कुछ ज़्यादा ही खराब जो गया है , बीवी बन के मनाती हूँ )

सी चाची-अजी सुनते हो , मुन्ना सो गया ,आज मुन्ना ने बहुत तंग किया

अवी-(चाची ये क्या बोल रही है )

सी चाची-मैं तो आज अमित को संभाल कर थक गयी हूँ , आज आपको बिना प्यार किए सोना होगा,

अवी-(चाची मेरी बीवी बन कर मुझे मना रही है )

सी चाची-ओह मेरे पातिदेव प्यार ना करने से गुस्सा हो गये ,

अवी-आप कुछ भी कर लो , मेरा मूड खराब है

सी चाची-( , लाइन पे आ रहा है ) मेरे पातिदेव का मूड तो मैं एक झटके मे ठीक कर दूँगी , अभी अपने हाथों से बनी हुई टी लेकर आती हूँ

अवी-रात को कोई टी पीता है
 
सी चाची-मैं भी ना , गंदी हूँ , क्या करूँ क्या करूँ , एक स्वीट सी किस कैसी रहेगी

अवी-कोई फ़ायदा नही होगा

सी चाची-देखते है , स्वीट किस से ट्राइ करती हूँ , क्या पता आगे बहुत कुछ मिल जाए

अवी- कोई फ़ायदा नही होगा

सी चाची-मुन्ना के पापा को किस भी नही चाहिए , तो क्या करू मेरी तो कुछ समझ नही आ रहा , कैसे अपने पातिदेव को खुश करू , एक काम करती हूँ उनके पैर दबा देती हूँ

और चाची मेरे पैर को दबाने के लिए हाथ आगे बढ़ाने लगी तो मैं दूर हो गया

अवी-ये क्या कर रही हो

सी चाची-आप ही बताओ मैं क्या करूँ जिस से तुम्हारा मूड ठीक हो जाए

इस्पे मैं क्या बोलता

सी चाची-मुन्ना के पापा को दूध पिला दूं तो कैसा रहेगा

अवी-(चाची का दूध , क्या करूँ , आज कुछ नही चलेगा चाची का )

सी चाची-टेस्टी है , अमित तो दिन मे तीन बार पीता है , टेस्ट करके देख लीजिए , आपका मूड ठीक हो जाएगा

अवी-(चाची तो ब्रह्मास्त्र इस्तेमाल कर रही है ) मुझे नही पीना

सी चाची-दूध को मना किया , लगता है आज तो पतिदेव का मूड बहुत खराब है

अवी-बहुत ज़्यादा

सी चाची-किस से भी काम नही चला , दूध पीने से भी मना किया , चलो थोड़ी और नीचे जाती हूँ , आज का बेस्ट ऑफर मेरी नाभि , जो आपको सबसे ज़्यादा पसंद है

और चाची मेरी बीवी बनके मेरे सामने खड़ी हो गयी , और अपनी साड़ी की अलग करते हुए मुझे अपनी नाभि दिखाने लगी

चाची की नाभि देख कर मेरी जीभ लपलापने लगी

अवी-(लेकिन चाची ने जो मेरे साथ मज़ाक किया उसके बदले मे सिर्फ़ नाभि , )

मैं ने अपने चेहरा दूसरी तरफ घुमा दिया

सी चाची-ये भी फैल हो गया , लगता है आज टेंपरेचर ज़्यादा बढ़ गया , बमपर ऑफर मे एक किस मेरी परी पे ,

चाची की चूत पे किस , ये सही डील है , उस से मेरा मूड ठीक हो जाएगा

मेरे चेहरे पे चाची की चूत पे किस करने की बात सुनकर चमक आ गयी

अवी-(डील तो अच्छी है , किस फिर दूध उसके बाद नाभि , और अब चूत पे किस , अगर और थोड़ा नाटक कर लूँ तो चूत को अपना बनाने का ऑफर मिल सकता है , आज चाची के साथ सुहागरात मना ने का मोका मिल सकता है ,बस थोड़ा कंट्रोल रखना होगा ) आपकी कोई चाल नही चलेगी ,

सी चाची-सब कुछ फैल हो गया , एक बीवी तो फैल हो गयी , लगता है कुछ और ट्राइ करना होगा

अवी-(चाची ये क्या बोल रही है , बीवी फैल से क्या मतलब है चाची का )

सी चाची-बीवी तो मनाने मे कामयाब नही हुई , अब तो कॅरक्टर चेंज , अब तो अवी की फ्रेंड बनना पड़ेगा

अवी-(ये क्या कर रही है चाची, किस से आगे बढ़ने की जगह तो चाची कॅरक्टर चेंज कर रही है , ये चीटिंग है , मैं तो सुहागरात मनाने का सोच रहा था और चाची ने पानी फेर दिया )

अवी-(क्या सोचा था और क्या हो गया , सोचा था कि चाची सुहागरात का ऑफर देगी पर यहाँ तो चाची ने यू टर्न ले लिया , अब कुछ बोल भी नही सकता चाची को वरना मेरा मज़ाक उड़ जाएगा )

अवी-(इतना अच्छा मोका था दूध , चूत पे किस , ज़्यादा ललच से मेरी नाव डूब गयी , जो मिल रहा था वो भी नही मिलेगा )

अवी-(चलो देखता हूँ चाची मेरी फ्रेंड बन कर क्या ऑफर देती है )

सी चाची-बीवी तो फैल हो गयी अब फ्रेंड ट्राइ करती हूँ , अवी

अवी-आप से डाइरेक्ट अवी

और चाची ने टेबल पे रखी हुई नॅपकिन उठा ली और उसको गोल घुमा कर अपने गर्दन मे लपेट ली

सी चाची-बोले तो अपुन बिंदु है , बोले तो बेस्ट फ्रेंड

अवी-आप कुछ भी कर लो , कोई फ़ायदा नही होगा

सी चाची-क्या चिकने , कायकॉ इतना भाव खा ले रहा है , खाना है तो वाडापाव खा , भाव क्या खाने की चीज़े है

अवी-(टपोरी फ्रेंड )

सी चाची-लगता है तेरे को मिर्ची लगी है , आगे से लगी है या पिच्छू से ,

और चाची हँसने लगी

चाची के हँसने से मुझे मज़ा तो आया पर मैं इतनी आसानी से चाची को माफ़ नही करूँगा , इतनी आसानी से मैं चाची को माफ़ नही करूँगा

सी चाची-बोले तो , बिद्दू के साथ मज़ाक नही करने का , चिकने को गुस्सा आ जाता है ,

अवी-ये सब क्या है

सी चाची-तू तो अबी तक समझा ही नही , तेरे को खर्चा पानी देना पड़ेगा , खरचा पानी बोले तो धिसुम ढुसूम नही रे , खर्चा पानी बोले तो एक मरीचि के साथ स्वेट किस , बोल चाहिए क्या

अवी-(किस , फ्रेंड किस क्यू करेगी , चाची का नया ड्रामा है )

सी चाची-ये चिकना तो बहुत ज़्यादा भाव खा ले रहा है , इसको तो मुन्नी चाहिए , इसके लिए मुन्नी लानी होंगी , मुन्नी के मम्मू बोलते चिकना उड़ने लग जाएगा , बोल बुलाऊ मुन्नी को

अवी-कौन मुन्नी

सी चाची-अपनी मुन्नी , अपनी नर्स मुन्नी

अवी-विद्या

सी चाची-बुलाऊ , रात भर कब्बड़ी खेलना मुन्नी के साथ , और रात भर जादू की ज़प्पी देना , अंब्रेला तो होंगी तेरे पास ,

अवी-विद्या , नोट इंट्रेस्टेड

सी चाची-चिकने बोलना तेरे को क्या चाहिए , अखि मुंबई चाहिए तो वो भी मे ला दूँगी , बोलना , एक खोका चाहिए , कुवारि चाहिए , बोलना क्या चाहिए , पैसा लड़की बोल क्या चाहिए , तू अपना भिड़ू है इस लिए बोल रही हूँ वरना मैं तो घोड़े को मूह मे रखह के बात करती हूँ

अवी-घोड़ा

सी चाची-तेरे घोड़े की बात कर हूँ रे चिकने , बोल जल्दी

अवी-(क्या करूँ )

सी चाची-ये देख

चाची ने अपने बूब्स को हाथ मे पकड़ लिया

सी चाची-इसमे 2.5 म्ल दूध है , जब किसी के मूह मे निपल जाता है तो उसका सोता नही खड़ा हो जाता है , तेरा घोड़ा भी खड़ा हो जाएगा

अवी-(चाची की बातों से मेरी हँसी निकाल रही थी पर मैं कंट्रोल किए हुए था )

सी चाची-बोलना चिकने ,

अवी-मैं क्या बोलू

सी चाची-ये चिकने को जादू की ज़प्पी देनी होंगी

और चाची ने मुझे गले लगा किया

चाची के गले लगते मुझे सुकून मिला

सी चाची-लो फ्रेंड भी फैल हो गया

अवी-(अब क्या करेगी चाची मैं भी तो देखु )

सी चाची-टपोरी फ्रेंड तो फैल हो गया अब तो कॉलेज का फ्रेंड बनना होगा

अवी-(कॉलेज फ्रेंड )

सी चाची-क्या बे साले , आज तेरे मूड खराब क्यू है , तेरी गर्लफ्रेंड ने ब्रेक अप कर लिया क्या

अवी-(चाची तो पंकज के साथ मैं जैसे बात करता हूँ वैसे बात कर रही है )

सी चाची-या एग्ज़ॅम मे कम मार्क मिले है जिस से तेरा मूड खराब है

अवी-एक शेरनी ने पंजा मारा है

सी चाची-लड़की का मामला है ,

अवी-हाँ ,

सी चाची-लड़की की वजह से अपना मूड खराब मत करो , ये सब तो होता रहता है

अवी-आज ज़्यादा ही बोल दिया उस शेरनी ने

सी चाची-तू शेर है

अवी-तो शेरनी ने ऐसा किया क्यूँ

सी चाची-शेर को शेरनी पे गुस्सा नही करना चाहिए ,ऐसी छोटी नोक ज़ॉक तो होती है

अवी-ये छोटी बात नही थी

सी चाची-एग्ज़ॅम से ज़्यादा बड़ी बात नही होगी

अवी-मुझे अकेला छोड़ दो

सी चाची-लो तेरी की , मैं तो तेरा मूड ठीक करने का सोच रही थी और तू है कि अकेला छोड़ ने की बात कर रहा है , तो रह अकेले मैं जा रही हूँ

और चाची सच मे मेरे कमरे से बाहर चली गयी ,

मुझे अकेला छोड़ कर चाची चली गयी

चाची ज़रूर कुछ नया करने का सोच रही होंगी

बीवी फैल , टपोरी फ्रेंड फैल , कॉलेज फ्रेंड फैल अब क्या करेगी चाची
 
813 D

चाची के गुस्सा करने से मेरा मूड ऑफ हो गया

मुझे फिर से हंसाने के लिए चाची कॉसिश करने मे लग गयी

चाची की बातों से मुझे बुरा लगा तो चाची मेरी बीवी बन कर मुझे मनाने लगी

चाची के बीवी बनते ही मुझे अच्छे अच्छे ऑफर आए पर ज़्यादा लालच करने की वजह से मैं ने अच्छे चान्स गवाँ दिए

चाची ने दूध पिलाने से चूत पे किस करने तक ऑफर दिए थे

पर मन मे लालच किया और अच्छे मोके गवाँ दिए

फिर चाची मेरी टपोरी फ्रेंड बन गयी

जिस मे चाची के टपोरी डायलॉग सुनकर मेरी हँसी निकाल रही थी पर मैं ने कंट्रोल किया

एक जादू की झप्पी मिल गयी

फिर चाची कॉलेज की फ्रेंड बन गयी जिसमे कोई दम नही था

पर चाची ने अपनी तरफ से सब कुछ ट्राइ किया

अब देखते है चाची और क्या करती है

पर ये क्या चाची तो कमरे से बाहर आ चली गयी

मुझे तो लगा चाची कॅरक्टर चेंज करेगी पर यहाँ तो चाची ने सच मे मुझे अकेला छोड़ दिया

चाची मना लेती तो मैं मान जाता पर चाची के ऐसे चले जाने से मैं और अपसेट हो गया

मैं तो डोर की तरफ देख रहा था कि चाची वापस आ जाए

और चाची वापस आ गयी

पर ये क्या

चाची साड़ी की जगह सलवार कमीज़ पहन कर आ गयी

ये तो विद्या की सलवार कमीज़ है

अब क्या करना चाहती है चाची

देकना होगा चाची मुझे कैसे मनाती है

सी चाची-अवी

अवी-अब ये क्या है

सी चाची-मैं ने तुम्हे कॉल किया पर तुमने मेरा फोन कट कर दिया तो मैं खुद तुमसे मिलने चली आई

अवी-(फोन किया था , लेकिन मुझे तो रानी का फोन आया था , समझा चाची मेरी गर्लफ्रेंड बन गयी है )

सी चाची-फोन ना रिसीव करने से तो मुझे गुस्सा होना चाहिए पर यहाँ तो तुम गुस्सा हो गये

अवी-तुम , मुझे तुमसे बात नही करनी

सी चाची-क्या हुआ , अपनी गर्ल फ्रेंड पे इतना गुस्सा

अवी-गुस्सा ना करूँ तो क्या करूँ

सी चाची-गर्ल फ्रेंड का तो हक होता है मज़ाक करने का

अवी-ऐसा भी कोई मज़ाक करता है

सी चाची-तुम मेरे साथ चुपके चुपके प्यार करते हो ये चल सकता है पर मेरा मज़ाक करने पे इतना गुस्सा

अवी-मैं ने तुम्हारे जैसा मज़ाक कभी नही किया

सी चाची-अब थूक भी दो गुस्सा , मैं तुमसे इतनी दूर से मिलने आई हूँ , सुमन चाची से छुपाते छुपाते हुए यहाँ आई हूँ

अवी-तो

सी चाची-तो इतनी हसीन रात मे प्यार भरी बाते करने की जगह मूह फूला कर बैठ हो

अवी-मुझे नही करनी है बाते ,

सी चाची-मेरे राजकुमार ऐसे ना मुँह फूला कर बैठो वरना लोग कहेंगे कि बंदर आया है

और मेरा मज़ाक उड़ा कर चाची हँसने लगी

अवी-फिर मज़ाक किया

सी चाची-हँसी मज़ाक ही तो ज़िंदगी का दूसरा नाम है , हसी मज़ाक ना हो तो ज़िंदगी बेरंग हो जाती है

अवी-मज़ाक की एक लिमिट होती है

सी चाची-सॉरी बाबा , अब फिर से लिमिट क्रॉस नही होगी

अवी-ना हो यही अच्छा होगा

सी चाची-तुम मज़ाक करोगे तब बताउन्गी तुम्हे , एक मज़ाक से मेरी जान ले रहे हो

अवी-जान मेरी जा रही थी

सी चाची-वो छोड़ो, पता है आज ना मेरी सहेली कोमल ने मुझे पूछा कि कोई बाय्फ्रेंड बना लो

अवी-कोमल ने

सी चाची-हाँ , पर मैं ने कहा कि तुम खुद ढूँढ लो मेरे लिए एक अच्छा लड़का

अवी-तो तुम्हे दूसरा बाय्फ्रेंड चाहिए

सी चाची-अब क्या करे तुम इतना भाव खा रहे हो , मुझे दूसरा बॉय फ्रेंड देखना तो होगा ना

अवी-तो जाओ ना उस दूसरे बाय्फ्रेंड के पास

सी चाची-उसी के पास तो हूँ

अवी-क्या मतलब

सी चाची-कोमल ने कहा कि मेरे भाई को बाय्फ्रेंड बना लो , हाई रे मेरी किस्मत बाय्फ्रेंड को बाय्फ्रेंड बनाने को बोल रही है कोमल , उसे क्या पता तुम मेरे बाय्फ्रेंड हो , तुम्हारे भाव खाने से दूसरे बाय्फ्रेंड की तलाश मे हूँ तो कोमल ने भी तुम्हारा नाम बता दिया

अवी-(चाची की बात पे हसी आ गयी ) मुझसे पीछा नही छुड़ा सकती

सी चाची-लंगूर के मूह मे अंगूर , अब किया भी क्या जा सकता है

अवी-मुझे लंगूर कहा

सी चाची-तोबा तोबा मैं तुम्हे लंगूर कैसे कह सकती हूँ , मैं ने तो खुद को अंगूर कहा है

अवी-फिर ठीक है

अवी-व्हाट , तुम अंगूर तो मैं लंगूर हो गया

और चाची हँसने लगे

सी चाची-मेरे भोले भले बाय्फ्रेंड को लंगूर कैसे कह सकते है , वो तो राजकुमार है

अवी-राजकुमार कहाँसे तुम बच गयी वरना

सी चाची-ये तो तुम ने पूछा ही नही राजकुमार किस का , लंगूरो का राजकुमार

अवी-उड़ा लो मेरा मज़ाक

सी चाची-सॉरी

अवी-फिर सॉरी बोलके मज़ाक उड़ा लोगी

सी चाची-तो क्या करू तुम हो कि मूह फूला के बैठ हो , तुम्हे हंसाने के लिए जोक मार रही हूँ पर तुम पे तो कोई असर नही हो रहा

अवी-पहला तो मज़ाक किया उसका हॅंगओवर है ये

सी चाची-कैसे आशिक हो तुम , गर्लफ्रेंड इतनी दूर से मिलने आई है , चाँद तारे तोड़ कर लाने की बात करनी चाहिए पर तुम हो की अपना मूड ऑफ किए हुए हो

अवी-चाँद तारे , मैं मामूली सा किसान , चाँद तारे 10 जनम मे तोड़ कर नही दे सकता

सी चाची-मुझे भी नही चाहिए चाँद तारे , वो तो सब कहते है इस लिए बोल रही थी

अवी-तुम्हे क्या लगा मैं सच मे तोड़ कर लाता

सी चाची-तुम झूठ तो बोल सकते हो

अवी-झूठ बोल कर क्या करता ,अगर तुम सच मे माँग लेती तो

सी चाची-तो मार्केट से नकली ले आते , वो क्या था महँगा ना मिला तो सस्ते को महँगा बना कर ले आया , उसी तरह असली ना मिला तो नकली को असली बना कर ले आया

अवी-वो तुम ही कर सकती हो मुझे करना नही आता

सी चाची-हाअ रीए मेरी किस्मत , कैसा बाय्फ्रेंड मिला है , 2 प्यार की बाते भी नही कर सकता

अवी-2प्यार की बाते ,मैं 2 किस्स दे सकता हूँ

सी चाची-यही तो मैं कह रही थी , चाँद तो कोई दे नही सकता

अवी-हो गया तुम्हारा , अब मुझे अकेला छोड़ दो

सी चाची-ऐसे कैसे अकेला छोड़ दूं , ये तो 7 जनम का रिस्ता है

अवी-इतने लंबे सपने देख लिए

सी चाची-सपने मे तो तुम प्यारी प्यारी बाते करते हो तो लंबे सपने देख लिए

अवी-तो जाकर सो जाओ पर मुझे अकेला छोड़ दो

सी चाची-अकेला छोड़ दूं , अच्छा अपनी दूसरी गर्लफ्रेंड को कॉल करना है

अवी-कुछ भी करू तुमसे मतलब

सी चाची-बच्चू जल्दी तुम्हारी बीवी बन जाउन्गी , फिर तो हर फोन पे नज़र रखूँगी , तो अभी से प्रॅक्टीस कर रही हूँ

अवी-मोबाइल तो टूट गया

सी चाची-मोबाइल की तरह मेरा दिल मत तोड़ देना
 
अवी-तुम्हारा तो पता नही पर मेरा ज़रूर टूट जाएगा तुम्हारे मज़ाक करने के चक्केर मे

सी चाची-तुम लड़की से भी 2 कदम आगे हो , लड़की तो एक गिफ्ट देते ही मान जाती है पर तुम हो की बाइसंपार्टिगा लेकर बैठ हो कि आज किसी भी तरह से माफ़ नही करेंगो मुझे

अवी-मेरा मूड ऑफ है हम कल बात करते है

सी चाची-कल किसने देखा है ,

अवी-मुझे क्या पता

सी चाची-मेरा मतलब है 4 दिन की ज़िंदगानी है हँसते हँसाते हुए ज़ीनी चाहिए

अवी-एक दिन ख़तम हुआ , कल 2 न्ड दिन देखेंगे कैसा होता है

सी चाची-ऐसे रूखे सूखे जवाब तो ना दो

अवी-पानी पी लो जवाब गीला हो जाएगा

सी चाची-प्ज

अवी-जाओ मुझे सोना है

सी चाची-अपने पीजे पे तो हंस लो

अवी-मेरा पीजे ,मैं हसु या ना हसु तुमसे मतलब

सी चाची-कभी हंस भी लिया करो

अवी-हाहाहा खुश , अब जाओ मुझे सोना है

सी चाची-मैं भी यही सोती हूँ

अवी-तो सो जाओ पर मेरा दिमाग़ मत खाना

सी चाची-आज मंडे है , मैं नॉनवेज नही खाती

चाची के जोक पे कोई रिक्षन नही दिया

सी चाची-एक स्माइल दोगे तो कम नही हो जाएगी हसी

अवी-तुम मेरे पीछे क्यू पड़ी हो

सी चाची-एक प्यारी स्माइल कर दो मैं चली जाउन्गी

अवी-हिहिहिहीही लो कर दी

सी चाची-मैं ने डराने को नही कहा

अवी-हाहहहाहा

सी चाची-जोक नही मारा जो हंस रहे हो , एक स्वीट सी स्माइल

अवी-जाओ तुम यहाँ से

सी चाची-कोई लौटा दे मेरे बाय्फ्रेंड की खुशी ,

सी चाची-सुनो सुनो जो कोई अवी की हसी लौटा देगा उसे मेलोडी मिलेगी ,

अवी-(चाची कितने ड्रामे कर रही है ) मेरा स्वयंबर कर रही हो

सी चाची-अवी ये मेलोडी इतनी चोकॉलेटी क्यू है

अवी-मुझे क्या पता
 
सी चाची-बताओ ना तुम तो दिन भर मेलोडी खाते रहे हो

अवी-मुझे नही पता

सी चाची-बताओ ना , इसमे भी भाव खा रहे हो ,

अवी-तुम खुद खा लो मेलोडी पता चल जाएगा

सी चाची-मुझे नही पता चला , बताओ ना

अवी-मेरा दिमाग़ मत खाओ

सी चाची-मैं मेलोडी खाने की बात कर रही हो

अवी-मुझे नही पता

सी चाची-तुम तो खाते हो ना ,

अवी-तो उसका ये मतलब नही है कि मुझे पता हो मेलोडी इतनी चोकॉलेटी क्यू है

सी चाची-मैं नोन वेज बनाती हू तो मुझे तो पता है कि वो इतनी टेस्टी क्यू है , फिर तुम्हे क्यू नही पता मेलोडी इतनी चोकॉलेटी क्यू है

अवी-मैं क्या मेलोडी बनाता हूँ जो मुझे पता होगा

सी चाची-मेरे हाथ का नॉनवेज जो ख़ाता है उसे भी पता है कि नोन वेज इतना टेस्टी क्यू है

अवी-मुझे नही पता मेलोडी इतनी चोकॉलेटी क्यू है

सी चाची-तुम्हे पता है , मुझे बताना नही चाहते

अवी-मेरी माँ मुझे नही पता

सी चाची-मत बताओ , पर झूठ तो मत बोलो की तुम्हे पता नही है,बताओ ना मेलोडी इतनी चोकॉलेटी क्यू है

अवी-मैं अपना सर फोड़ दूँगा ,

सी चाची-पता है मेलोडी इतनी चोकॉलेटी क्यू है ये तुम्हारे दिमाग़ मे छुपा है राज पर इसके लिए सर फोड़ने की ज़रूरत नही है

अवी-एक और बार मेलोडी का नाम लिया तो मैं यहा से चला जाउन्गा

सी चाची-बताओ ना
 
मैं बेड से उठने लगा कि चाची ने मुझे रोक लिया

सी चाची-मेलोडी पे बात नही करूँगी तुम्हे कही जाने की ज़रूरत नही है

अवी-(थॅंक गोद चाची ने बात करना बंद किया वरना मेलोडी के चक्केर मे मेरा सर फट जाता )

सी चाची-(प्यार से ट्राइ किया , हसी मज़ाक से ट्राइ किया , अब मेलोडी से परेशान करके ट्राइ किया पर अवी तो मान ही नही रहा )

सी चाची-(एक तो अवी को बहुत ज़्यादा गुस्सा आया होगा या फिर अवी मेरा मज़ा ले रहा है , वरना अब तक वो मान जाता )

अवी- (चाची क्या सोच रही है )

सी चाची-(लेकिना अवी के एक्सप्रेशन से तो कुछ पता नही चल रहा है )

अवी-(कहीं चाची को शक तो नही हो गया कि मैं उनपे गुस्सा नही हूँ )

सी चाची-(मुझे कुछ और ट्राइ करना होगा )

अवी-(चाची कुछ और ट्राइ करने का सोच रही होंगी ))

सी चाची-(क्या करूँ जिस से अवी मान जाए , गुस्सा थूक दे )

अवी-(चाची अब क्या करेगी , सब कुछ तो ट्राइ किया )

सी चाची-(सोच मीना ,अवी की ऐसे हालत मे छोड़ भी नही सकती तू , सोच मीना )

अवी-(चाची ज़रूर कुछ बड़ा सोच रही है , )

सी चाची-(अब देखती हूँ अवी को ) मेरे बाय्फ्रेंड को अकेला रहना है

अवी-हाँ ,

सी चाची-तो मैं जा रही हूँ

अवी-जाओ ना रोका किसने है

सी चाची-ब्रेक अप करके जा रही हूँ

अवी-ब्रेक अप तुम नही कर सकती

सी चाची-जाओ मैं भी तुमसे बात नही करती

अवी-मत करो ,

सी चाची-तुम बोरिंग हो

अवी-तुम चुड़ेल हो

सी चाची-तुम बंदर हो

अवी-तुम बंदरिया हो

सी चाची-मैं बंदरिया नही हूँ

अवी-दो छुट्टी वाली बंदर की साली

सी चाची-ये क्या कहा तुमने

अवी-वही जो तुमने सुना

सी चाची-तुम गंदे हो , कोई अपनी गर्लफ्रेंड को बंदरिया कहता है

अवी-मैं तो ऐसा ही हूँ

सी चाची-देखो अब तुमने मुझे रुला दिया ना अब तो हंस दो

अवी-ये ड्रामा था , झूठ मूत का रोना

सी चाची-अवी अब बस भी करो

अवी-आप ने सुरू किया है

सी चाची-माफी मांगती हूँ ,, कहो तो कान पकड़ लूँ

अवी-मुझे कुछ नही सुनना है

सी चाची-जाओ फिर ,, रहो ऐसे है , अकेले , मैं जा रही हूँ

अवी-तो जाओ ना

चाची पैर पटक कर जाने लगी

डोर के पास जाकर रुक गयी

सी चाची-अवी मैं जा रही हूँ

अवी-मैं ने रोका नही है

सी चाची-बाइ , सपने मे भी नही आउन्गि तुम्हारे

चाची तो चली गयी

चाची गयी या मेरी गर्लफ्रेंड गयी

चाची गयी होंगी तो अच्छा नही होगा

अगर मेरी गर्लफ्रेंड गयी होंगी तो चाची कुछ और सोच कर आएगी

मैं फिर से चाची के आने का इंतज़ार करने लगा

मेरी आँखों डोर की तरफ फोकस हो गयी
 
813 ए

चाची ने बीवी फ्रेंड और गर्लफ्रेंड बन कर मुझे मना कर देख लिया

गर्लफ्रेंड बन कर चाची ने हर तरह से ट्राइ किया

पहले प्यार से ट्राइ किया फिर हसी मज़ाक करके ट्राइ किया

मेलोडी वाले से परेशान किया

मेलोडी वाला पॉवेरफ़ुल्ल स्टेप था पर अगर चाची और ट्राइ करती तो मैं हार जाता

पर चाची की मेलोडी भी फैल हो गयी

और लास्ट मे चाची एक गर्ल फ्रेंड की तरह मुझसे दूर चली गयी ,

सपने मे भी नही आउन्गि

रानी की याद दिला गयी चाची

रानी भी सपने मे प्यार करने की बात करती है

अब देखता हूँ कि चाची क्या बनकर मुझे मनाती है

इस बार ज़रूर चाची कोई ब्रह्मास्त्र इस्तेमाल करेगी

लेकिन अब तो बहुत देर हो गयी

कही चाची सच मे तो अपने कमरे मे चली गयी

मैं बेड से उतर कर खड़ा हो गया

जैसे मैं डोर की तरफ जाने वाला था तो चाची कमरे मे आ गयी

और मैं वापस बेड पे बैठ गया

चाची साड़ी पहन कर आ गयी

सी चाची- बेटा सो गये

अवी-(चाची माँ बन गयी , मेरा मतलब है कि चाची माँ का कॅरक्टर प्ले कर रही है )

सी चाची- बेटा ऐसे भूके पेट नही सोते , माँ की बातों का बुरा नही मानते

अवी-आप अभी तक सोई नही

सी चाची- बेटे के सोए बिना माँ को नींद कैसे आ सकती है

अवी-आप जाइए यहाँ से मुझे अकेला छोड़ दो

सी चाची- तुम्हारे पापा ज़िंदा होते तो वो तुमसे बात करते पर माँ और पापा की ज़िम्मेदारी मुझे निभानी पड़ रही है

अवी-क्या कहा

सी चाची-जब तेरी माँ और पापा तुम्हे छोड़ कर चले गये तब तुमने तो जीने की उम्मीद ही छोड़ दी थी

अवी-( चाची तो मेरे माँ और पापा की बात कर रही है )

अवी-(मेरे माँ और पापा की आक्सिडेंट के बाद मैं तो जिंदा लाश बन गया था , हँसना रोना भूल गया था )

सी चाची- तुझे बेड पर पड़ा हुआ देख कर तुम्हारे दादाजी तो टूट गये थे , सुमन दीदी को तो बस तेरी फिकर रहती थी

अवी-(चाची तो पुरानी बतो को बता रही है )

सी चाची- तुम्हारे दादाजी तो तुम्हे ऐसे देख कर खुद को संभाल नही पाए और उनको हार्ट अटॅक आ गया ,

अवी-चाची

सी चाची- तुम्हारे दादाजी ने तुम्हारी ज़िम्मेदारी मुझे दी है , तुम्हे उनके जैसा बना दूं

अवी-चाची ये आप बोल क्या रही हो

सी चाची- सुमन और नेहा तो दिन रात तेरे पास रहते थी , मैं तो नयी नयी इस घर ने आई थी , मुझे तो खुद को इस घर मे अड्जस्ट करने से पहले तेरी ज़िम्मेदारी मिल गयी , तेरी माँ बन गयी

अवी-चाची

चाची पे तो मेरी बातों का कोई असर नही हो रहा था

वो बस बोले जा रही थी
 
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