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फ्लॅशबॅक 870
जयसिंघ और शालिनी की शादी फिक्स हो गयी
सब तैयारी मे लग गये
नेहा नीता छोटू इस शादी से ज़्यादा ही उतेज़ित थे
वो तो अभी से बहुत कुछ सोचने लगे
पिताजी ने पूजा और अपने दामाद को भी बता दिया जयसिंघ के शादी के बारे मे
पूजा को ये पता चलते ही वो बिना एक पल रुके रमेश के साथ गाँव आ गयी
पूजा कैसे रिक्ट करेगी ये पिताजी को पता था
पूजा ने घर मे पैर रखते पिताजी को आवाज़ दी
पूजा- मेरी शादी हो गयी है तो मैं क्या आपकी कुछ नही हूँ
पिताजी- नेहा नीता देखो तुम्हारी दीदी और जीजाजी आए है
पूजा- मैं बस इतना बताने आई हूँ कि मैं शादी मे नही आने वाली
पित्स्जी- दामाद जी तो आएँगे
पूजा- कोई नही आएगा , आप मेरे साथ ऐसा कैसे कर सकते है
पिताजी- दामाद जी को अंदर तो आने दो
रमेश- पूजा बहुत गुस्से मे है
जयसिंघ- पूजा ,, तुम आ गयी अच्छा हुआ तुम आ गयी , देखो नेहा नीता मुझे कितना परेशान कर रही है
पूजा- आप तो बात ही मत करो
जयसोंघ- क्या हुआ
पूजा- मुझे बिना बताए , बिना मिलाए भाभी से शादी कैसे तय की
जयांघ- मुझे भी नही पता था
पूजा- क्या मतलब आपको भी नही पता
जयसिंघ- मुझे पिताजी ने उल्लू बनाया
नेहा- पूजा दीदी आप भी सुंनेगी तो आप गुस्सा थूक दोगि
नीता- जीजाजी आप वहाँ होते ना तो पेट पकड़ कर हँसते
पूजा- क्या हुआ था
पिताजी- जो घर के अंदर आएगा उसे ही बताएँगे
रमेश- पूजा तुम मत आओ मैं तो घर के अंदर जा रहा हूँ , मुझे सुनना है कि जयसिंघ के साथ क्या हुआ
और रमेश अंदर आ गया
नेहा- जीजाजी लीजिए पानी
रमेश ,- तो नेहा क्या हुआ था
नीता-मैं बताती हूँ जीजा जी को
पिताजी- पूजा सुन ले वरना तू क्या मिस करेगी तू सोच भी नही सकती
पूजा- मुझे कुछ नही सुनना
रमेश- मुझे बताओ फिर मैं भी तुम्हे एक खुशख़बरी बताउन्गा
नेहा- क्या है खुशख़बरी
रमेश- पहले तुम बताओ
नीता- तो शुरू ऐसे हुआ था कि
पूजा - रुक
नेहा- क्या हुआ दीदी
पूजा- मैं भी सुनुगि , फिर वापस चली जाउन्गी
पिताजी- जैसा तुम ठीक समझो
और पूजा अंदर तो आ गयी पर उसका गुस्सा कम नही हुआ
फिर नेहा नीता ने कहानी शुरू की
जैसे जैसे नेहा नीता कहानी बता रही थी पूजा ज़्यादा इंटेरेस्ट ले रही थी
कहानी सुनकर तो रमेश को हँसी आ रही थी
पूजा भी अंदर ही अंदर हंस रही थी
पूरी कहानी सुनने तक पूजा का गुस्सा कम हो गया
नेहा- तो ऐसे मिली हमे भाभी
रमेश- पूजा ये तो हमसे भी अच्छी लव स्टोरी है
पूजा- पिताजी आपने ऐसा क्यूँ किया
पिताजी- सब कुछ बहुत जल्दी मे करना पड़ा
पूजा- बता तो देते
पिताजी- लास्ट दिन तक मुझे खुद नही पता था , और जैसे सब तय हुआ तुम्हे पहले तार किया
पूजा- एक बार तो मिला देते भाभी से
पिताजी- वो शादी के बाद आएगी तो तब मिल लेना
पूजा- मुझे अभी मिलना है
पिताजी- ठीक है , तुम रमेश और जयसिंघ मिल कर आ जाओ
नीता- और हम
नेहा- हम ने तो मिल लिया ना अब दीदी को मिलना है
पिताजी- कल चली जाना
पूजा- दुबारा ऐसा किया तो
पिताजी- नही होगा , अब गुस्सा ख़तम कर दे
रमेश- पूजा अब जाने दे ,
पूजा- कल मैं भाभी से मिलुगी
पिताजी- जयसिंघ कल अपने जीजाजी को लेकर जाना
जयसिंघ- जी पिताजी
नेहा- जीजाजी अब आप खुशख़बरी सुना दीजिए
रमेश- अपने दीदी से पूछ लो
पूजा - तुम मौसी बन ने वाली हो
नेहा- सच
पिताजी- मैं नाना बनूंगा
नीता- माँ जल्दी बाहर आओ
माजी- क्या हुआ
पूजा- माँ आप नानी बनने वाली हो
माजी- सच
पूजा- हाँ
और माँ ने पूजा की नज़र उतार दी
पिताजी- पूजा गुस्सा तो मुझे होना चाहिए तुझ पे कि तूने मुझे बताया नही कि मैं नाना बनने वाला हूँ
पोस्टमॅन- तार है
पूजा- मेरा ही तार होगा ,
नेहा- तार से पहले खबर मिल गयी
पिताजी- जयसिंघ लड्डू लेकर आओ ,,पूरे गाँव मे लड्डू बाटेंगे आज
पूजा- अभी टाइम है
पिताजी- तो क्या हुआ
माजी- शालिनी के इस घर मे आने की बात ही हुई कि ये खुश खबरी मिल गयी ,बहू घर मे आएगी तो खुशिया ही ख़ुसीया आएगी
पूजा- आप तो अभी से भाभी की तारीफ कर रही है
नेहा- दीदी आप मिलेगी ना भाभी से तो हमे भूल जाएगी
पूजा- इतनी अच्छी है भाभी
नीता- मिल तो लो ,
पूजा को तो अब मिलना ही था अपनी भाभी से
पिताजी को एक साथ दो ख़ुसीया मिल गयी
पूजा माँ बनने वाली थी
पिताजी ने गाँव मे लड्डू बाँट दिए और दामाद जी और पूजा को शालिनी से मिलने भेज दिया
जैसा पूजा ने सुना वैसा ही पाया शालिनी को
पूजा की तो बेस्ट फ्रेंड बन गयी एक ही दिन मे
शालिनी को दिल जितना अच्छे से आता था
शालिनी की ये खांसियत थी , सब उसको प्यार करने लग जाते
पूजा को अपनी भाभी बहुत पसंद आई
पूजा तो गयी एक दिन के लिए थी पर 2 दिन रुक कर आई
पूजा और शालिनी सहेली की तरह रही
पूजा अपनी भाभी का नाम ही ले रही थी दिन भर
शालिनी को जो चाहिए था ससुराल मे वो सब मिल रहा था
जितना उसने सोचा था उस से ज़्यादा पाया
शालिनी ने मामी बनाने के लिए पूजा को अच्छा गिफ्ट दिया
अब तो पूजा गाँव मे रहेगी जिस से शालिनी को उसका साथ भी मिल जाएगा
पूजा का गुस्सा ख़तम होते वो भी तैयारी मे लग गयी
जयसिंघ शहर3 को तो भूल गया
कुमार का गुस्सा सातवे आसमान पर चला गया था
पर वो कर भी क्या सकता था
अजीत उधर इस बात का फ़ायदा उठा रहा था और जयसिंघ के बारे मे कुमार के कान भर रहा था
ठाकुर जी की कंपनी को जयसिंघ की कंपनी बता कर अजीत ने कुमार और जयसिंघ के बीच मे आग लगा दी
पर जयसिंघ को इस बात से ज़्यादा फ़र्क नही पड़ा
जयसिंघ को तो बस शालिनी ही शालिनी दिख रही थी
घर मे तो जयसिंघ के शादी के वजह से दीवाली जैसा महॉल था
नेहा नीता पूजा को फिर से मस्ती करना का मोका मिला
छोटू तो शादी की तय्यारी मे लगा हुआ था
जयसिंघ अपने जीजा के साथ ही रहता
पिताजी ने शादी का सारा काम अपनी बेटियो को दिया
पूजा नेहा नीता ही शादी करवा रही थी
सबको शालिनी के घर मे आने का इंतज़ार था
माँ के कलेजे को जयसिंघ को खुश देख कर सुकून मिला
पूजा के शादी के समय जयसिंघ ने अपने सपने जला दिए थे
अब शालिनी के आने से जयसिंघ उन सपनो को फिर से पूरा कर पाएगा
अब जयसिंघ को शालिनी का साथ मिलेगा
दोनो मिलके इस घर को प्यार से भर देंगे
शालिनी से सबको बहुत उम्मीद थी
पिताजी को सबसे ज़्यादा
उनका वारिश आएगा
माँ को जयसिंघ के लिए जो फिकर थी वो कम हो जाएगी
नेहा नीता को एक बड़ी बहन मिल जाएगी
पूजा को अब नीता के बाद नयी सहेली मिल जाएगी शालिनी
छोटू को माँ की तरह प्यार करने वाली भाभी मिलेगी
सबने अपने अपने लिए कुछ ना कुछ सोच रखा था
शादी की डेट पास आ रही थी
नेहा नीता को सब पर्फेक्ट चाहिए था
नेहा नीता की आवाज़ सुनाई दे रही थी घर मे
पिताजी को यही चाहिए था
शालिनी के आने की खबर के वजह से सब इतने खुश है तो वो जब आएगी तो ख़ुसीया ही ख़ुसीया आएगी इस घर मे
पूरा गाँव योगेंद्रसिंघ की ख़ुसीयो मे शामिल हो रहा था
शालिनी को बहू बनाने मे ठाकुरजी ने सबसे ज़्यादा मेहनत की
बिना सोचा समझे कंपनी खोल दी ,
उधर शालिनी के घर मे भी सब खुश थे
सब खुश तो थे पर सब शालिनी के जाने से रो रहे थे
शालिनी के फॅमिली के साथ साथ पूरा गाँव रो रहा था
शालिनी को सब बहुत याद करेंगे सबकी लाडली जो थी
शालिनी ने पहले सोच रखा था कि शादी के बाद उसका सासुर उसका घर होगा
शालिनी की माँ खुश थी कि शालिनी की शादी हो रही है वरना उनको तो नींद ही नही आ रही थी
पर दुख भी था कि अब कौन उनको कल्लू पहलवान के नाम से चिडाएगा
मोंटू सोनू शालिनी बुआ की शादी से खुश थे पर वो जाने नही देंगे शालिनी को
शालिनी की भाभी अपनी ननद को सपनो का राजकुमार मिलने से खुश थी, शादी मे उनके फॅमिली नही आई क्यू की शालिनी ने रिजेक्ट जो किया था
दोनो गाँव जयसिंघ और शालिनी को आशीर्वाद देने आए थे
शादी नही कोई बड़ा त्योहार हो ऐसा लग रहा था
नेहा नीता तो नाचते हुए अपने भैया को मंडप मे ले आई
छोटू भी कहा पीछे रहता उसने तो सबसे ज़्यादा डॅन्स किया था
शालिनी को दुल्हन के रूप मे देखते ऐसा लगा कि जन्नत की परी आई है
कितनी सुंदर है शालिनी
जयसिंघ तो मूह फाडे देखता रह गया शालिनी को
शादी तो हँसी खुशी हो गयी
.नेहा नीता जहाँ हो वहाँ रोना कम ही होता है
मोंटू सोनू शादी के समय तो खुश थे
पर जैसे शालिनी के जाने का समय आ गया तो दोनो रोने लगे
कितना भी कुछ किया पर दोनो मान ही नही रहे थे
भतीजों का अपने बुआ के लिए प्यार देख कर शालिनी के गुणों का पता चल रहा था
शालिनी ने अपने स्टाइल मे मोंटू सोनू को एक कहानी बता कर चुप किया
ये देख कर पिताजी माँ नेहा नीता पूजा जयसिंघ ,शालिनी की तारीफ किए बिना नही रहे
जो जो रोया सबको शालिनी ने हंसा दिया
.शालिनी रोते हुए अलविदा नही होना चाहती थी
शालिनी ने सबको हंसा ही दिया
और जयसिंघ अपनी दुल्हन को अपने साथ अपने घर ले गया
नेहा नीता तो अपने भैया के साथ उनकी कार मे बैठी
अब तो ये साथ कभी छूटेगा नही
शालिनी अपने नये घर को खुशियो से भरने को तैयार हो गयी
जयसिंघ और शालिनी की शादी फिक्स हो गयी
सब तैयारी मे लग गये
नेहा नीता छोटू इस शादी से ज़्यादा ही उतेज़ित थे
वो तो अभी से बहुत कुछ सोचने लगे
पिताजी ने पूजा और अपने दामाद को भी बता दिया जयसिंघ के शादी के बारे मे
पूजा को ये पता चलते ही वो बिना एक पल रुके रमेश के साथ गाँव आ गयी
पूजा कैसे रिक्ट करेगी ये पिताजी को पता था
पूजा ने घर मे पैर रखते पिताजी को आवाज़ दी
पूजा- मेरी शादी हो गयी है तो मैं क्या आपकी कुछ नही हूँ
पिताजी- नेहा नीता देखो तुम्हारी दीदी और जीजाजी आए है
पूजा- मैं बस इतना बताने आई हूँ कि मैं शादी मे नही आने वाली
पित्स्जी- दामाद जी तो आएँगे
पूजा- कोई नही आएगा , आप मेरे साथ ऐसा कैसे कर सकते है
पिताजी- दामाद जी को अंदर तो आने दो
रमेश- पूजा बहुत गुस्से मे है
जयसिंघ- पूजा ,, तुम आ गयी अच्छा हुआ तुम आ गयी , देखो नेहा नीता मुझे कितना परेशान कर रही है
पूजा- आप तो बात ही मत करो
जयसोंघ- क्या हुआ
पूजा- मुझे बिना बताए , बिना मिलाए भाभी से शादी कैसे तय की
जयांघ- मुझे भी नही पता था
पूजा- क्या मतलब आपको भी नही पता
जयसिंघ- मुझे पिताजी ने उल्लू बनाया
नेहा- पूजा दीदी आप भी सुंनेगी तो आप गुस्सा थूक दोगि
नीता- जीजाजी आप वहाँ होते ना तो पेट पकड़ कर हँसते
पूजा- क्या हुआ था
पिताजी- जो घर के अंदर आएगा उसे ही बताएँगे
रमेश- पूजा तुम मत आओ मैं तो घर के अंदर जा रहा हूँ , मुझे सुनना है कि जयसिंघ के साथ क्या हुआ
और रमेश अंदर आ गया
नेहा- जीजाजी लीजिए पानी
रमेश ,- तो नेहा क्या हुआ था
नीता-मैं बताती हूँ जीजा जी को
पिताजी- पूजा सुन ले वरना तू क्या मिस करेगी तू सोच भी नही सकती
पूजा- मुझे कुछ नही सुनना
रमेश- मुझे बताओ फिर मैं भी तुम्हे एक खुशख़बरी बताउन्गा
नेहा- क्या है खुशख़बरी
रमेश- पहले तुम बताओ
नीता- तो शुरू ऐसे हुआ था कि
पूजा - रुक
नेहा- क्या हुआ दीदी
पूजा- मैं भी सुनुगि , फिर वापस चली जाउन्गी
पिताजी- जैसा तुम ठीक समझो
और पूजा अंदर तो आ गयी पर उसका गुस्सा कम नही हुआ
फिर नेहा नीता ने कहानी शुरू की
जैसे जैसे नेहा नीता कहानी बता रही थी पूजा ज़्यादा इंटेरेस्ट ले रही थी
कहानी सुनकर तो रमेश को हँसी आ रही थी
पूजा भी अंदर ही अंदर हंस रही थी
पूरी कहानी सुनने तक पूजा का गुस्सा कम हो गया
नेहा- तो ऐसे मिली हमे भाभी
रमेश- पूजा ये तो हमसे भी अच्छी लव स्टोरी है
पूजा- पिताजी आपने ऐसा क्यूँ किया
पिताजी- सब कुछ बहुत जल्दी मे करना पड़ा
पूजा- बता तो देते
पिताजी- लास्ट दिन तक मुझे खुद नही पता था , और जैसे सब तय हुआ तुम्हे पहले तार किया
पूजा- एक बार तो मिला देते भाभी से
पिताजी- वो शादी के बाद आएगी तो तब मिल लेना
पूजा- मुझे अभी मिलना है
पिताजी- ठीक है , तुम रमेश और जयसिंघ मिल कर आ जाओ
नीता- और हम
नेहा- हम ने तो मिल लिया ना अब दीदी को मिलना है
पिताजी- कल चली जाना
पूजा- दुबारा ऐसा किया तो
पिताजी- नही होगा , अब गुस्सा ख़तम कर दे
रमेश- पूजा अब जाने दे ,
पूजा- कल मैं भाभी से मिलुगी
पिताजी- जयसिंघ कल अपने जीजाजी को लेकर जाना
जयसिंघ- जी पिताजी
नेहा- जीजाजी अब आप खुशख़बरी सुना दीजिए
रमेश- अपने दीदी से पूछ लो
पूजा - तुम मौसी बन ने वाली हो
नेहा- सच
पिताजी- मैं नाना बनूंगा
नीता- माँ जल्दी बाहर आओ
माजी- क्या हुआ
पूजा- माँ आप नानी बनने वाली हो
माजी- सच
पूजा- हाँ
और माँ ने पूजा की नज़र उतार दी
पिताजी- पूजा गुस्सा तो मुझे होना चाहिए तुझ पे कि तूने मुझे बताया नही कि मैं नाना बनने वाला हूँ
पोस्टमॅन- तार है
पूजा- मेरा ही तार होगा ,
नेहा- तार से पहले खबर मिल गयी
पिताजी- जयसिंघ लड्डू लेकर आओ ,,पूरे गाँव मे लड्डू बाटेंगे आज
पूजा- अभी टाइम है
पिताजी- तो क्या हुआ
माजी- शालिनी के इस घर मे आने की बात ही हुई कि ये खुश खबरी मिल गयी ,बहू घर मे आएगी तो खुशिया ही ख़ुसीया आएगी
पूजा- आप तो अभी से भाभी की तारीफ कर रही है
नेहा- दीदी आप मिलेगी ना भाभी से तो हमे भूल जाएगी
पूजा- इतनी अच्छी है भाभी
नीता- मिल तो लो ,
पूजा को तो अब मिलना ही था अपनी भाभी से
पिताजी को एक साथ दो ख़ुसीया मिल गयी
पूजा माँ बनने वाली थी
पिताजी ने गाँव मे लड्डू बाँट दिए और दामाद जी और पूजा को शालिनी से मिलने भेज दिया
जैसा पूजा ने सुना वैसा ही पाया शालिनी को
पूजा की तो बेस्ट फ्रेंड बन गयी एक ही दिन मे
शालिनी को दिल जितना अच्छे से आता था
शालिनी की ये खांसियत थी , सब उसको प्यार करने लग जाते
पूजा को अपनी भाभी बहुत पसंद आई
पूजा तो गयी एक दिन के लिए थी पर 2 दिन रुक कर आई
पूजा और शालिनी सहेली की तरह रही
पूजा अपनी भाभी का नाम ही ले रही थी दिन भर
शालिनी को जो चाहिए था ससुराल मे वो सब मिल रहा था
जितना उसने सोचा था उस से ज़्यादा पाया
शालिनी ने मामी बनाने के लिए पूजा को अच्छा गिफ्ट दिया
अब तो पूजा गाँव मे रहेगी जिस से शालिनी को उसका साथ भी मिल जाएगा
पूजा का गुस्सा ख़तम होते वो भी तैयारी मे लग गयी
जयसिंघ शहर3 को तो भूल गया
कुमार का गुस्सा सातवे आसमान पर चला गया था
पर वो कर भी क्या सकता था
अजीत उधर इस बात का फ़ायदा उठा रहा था और जयसिंघ के बारे मे कुमार के कान भर रहा था
ठाकुर जी की कंपनी को जयसिंघ की कंपनी बता कर अजीत ने कुमार और जयसिंघ के बीच मे आग लगा दी
पर जयसिंघ को इस बात से ज़्यादा फ़र्क नही पड़ा
जयसिंघ को तो बस शालिनी ही शालिनी दिख रही थी
घर मे तो जयसिंघ के शादी के वजह से दीवाली जैसा महॉल था
नेहा नीता पूजा को फिर से मस्ती करना का मोका मिला
छोटू तो शादी की तय्यारी मे लगा हुआ था
जयसिंघ अपने जीजा के साथ ही रहता
पिताजी ने शादी का सारा काम अपनी बेटियो को दिया
पूजा नेहा नीता ही शादी करवा रही थी
सबको शालिनी के घर मे आने का इंतज़ार था
माँ के कलेजे को जयसिंघ को खुश देख कर सुकून मिला
पूजा के शादी के समय जयसिंघ ने अपने सपने जला दिए थे
अब शालिनी के आने से जयसिंघ उन सपनो को फिर से पूरा कर पाएगा
अब जयसिंघ को शालिनी का साथ मिलेगा
दोनो मिलके इस घर को प्यार से भर देंगे
शालिनी से सबको बहुत उम्मीद थी
पिताजी को सबसे ज़्यादा
उनका वारिश आएगा
माँ को जयसिंघ के लिए जो फिकर थी वो कम हो जाएगी
नेहा नीता को एक बड़ी बहन मिल जाएगी
पूजा को अब नीता के बाद नयी सहेली मिल जाएगी शालिनी
छोटू को माँ की तरह प्यार करने वाली भाभी मिलेगी
सबने अपने अपने लिए कुछ ना कुछ सोच रखा था
शादी की डेट पास आ रही थी
नेहा नीता को सब पर्फेक्ट चाहिए था
नेहा नीता की आवाज़ सुनाई दे रही थी घर मे
पिताजी को यही चाहिए था
शालिनी के आने की खबर के वजह से सब इतने खुश है तो वो जब आएगी तो ख़ुसीया ही ख़ुसीया आएगी इस घर मे
पूरा गाँव योगेंद्रसिंघ की ख़ुसीयो मे शामिल हो रहा था
शालिनी को बहू बनाने मे ठाकुरजी ने सबसे ज़्यादा मेहनत की
बिना सोचा समझे कंपनी खोल दी ,
उधर शालिनी के घर मे भी सब खुश थे
सब खुश तो थे पर सब शालिनी के जाने से रो रहे थे
शालिनी के फॅमिली के साथ साथ पूरा गाँव रो रहा था
शालिनी को सब बहुत याद करेंगे सबकी लाडली जो थी
शालिनी ने पहले सोच रखा था कि शादी के बाद उसका सासुर उसका घर होगा
शालिनी की माँ खुश थी कि शालिनी की शादी हो रही है वरना उनको तो नींद ही नही आ रही थी
पर दुख भी था कि अब कौन उनको कल्लू पहलवान के नाम से चिडाएगा
मोंटू सोनू शालिनी बुआ की शादी से खुश थे पर वो जाने नही देंगे शालिनी को
शालिनी की भाभी अपनी ननद को सपनो का राजकुमार मिलने से खुश थी, शादी मे उनके फॅमिली नही आई क्यू की शालिनी ने रिजेक्ट जो किया था
दोनो गाँव जयसिंघ और शालिनी को आशीर्वाद देने आए थे
शादी नही कोई बड़ा त्योहार हो ऐसा लग रहा था
नेहा नीता तो नाचते हुए अपने भैया को मंडप मे ले आई
छोटू भी कहा पीछे रहता उसने तो सबसे ज़्यादा डॅन्स किया था
शालिनी को दुल्हन के रूप मे देखते ऐसा लगा कि जन्नत की परी आई है
कितनी सुंदर है शालिनी
जयसिंघ तो मूह फाडे देखता रह गया शालिनी को
शादी तो हँसी खुशी हो गयी
.नेहा नीता जहाँ हो वहाँ रोना कम ही होता है
मोंटू सोनू शादी के समय तो खुश थे
पर जैसे शालिनी के जाने का समय आ गया तो दोनो रोने लगे
कितना भी कुछ किया पर दोनो मान ही नही रहे थे
भतीजों का अपने बुआ के लिए प्यार देख कर शालिनी के गुणों का पता चल रहा था
शालिनी ने अपने स्टाइल मे मोंटू सोनू को एक कहानी बता कर चुप किया
ये देख कर पिताजी माँ नेहा नीता पूजा जयसिंघ ,शालिनी की तारीफ किए बिना नही रहे
जो जो रोया सबको शालिनी ने हंसा दिया
.शालिनी रोते हुए अलविदा नही होना चाहती थी
शालिनी ने सबको हंसा ही दिया
और जयसिंघ अपनी दुल्हन को अपने साथ अपने घर ले गया
नेहा नीता तो अपने भैया के साथ उनकी कार मे बैठी
अब तो ये साथ कभी छूटेगा नही
शालिनी अपने नये घर को खुशियो से भरने को तैयार हो गयी