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Guest
चॅप्टर 850 आ
मैं आराम से बीयर पी रहा था.
विद्या मेरे सामने चेयर पे बैठ कर मुझे अपनी चूत दिखा कर अपने गंद मे उंगली कर रही थी.
विद्या अपने नशीले बदन से मुझे अपनी तरफ अट्रॅक्ट कर रही थी.
उसका गुलाबी होंटो को अपने दाँतों मे दबाना ,अपने बूब्स को अपने जीभ से चाटना.
अपने पैर को खोलना बंद करना जिस से उसी उसकी चूत के दर्शन कातिल तरीके करवाना.
आज तो विद्या मेरी जान लेकर रहेगी.
मैं ने एक सीप मे बीयर ख़तम की और टेबल पे रखी हुई पैंटी अपने हाथो मे उठा कर विद्या को दिखाने लगा.
विद्या समझ गयी कि अब मैं क्या करने वाला हूँ.
विद्या चेर से उठ कर कॅट्वाक करते हुए मेरे पास आ गयी.
आज मैं पहली बार किसी को कपड़े पहना कर चुदाई करने वाला हूँ.
हर बार पैंटी निकाल कर चुदाई सुरू करता था .इस बार पैंटी पहना कर चुदाई करने वाला था.
जी स्ट्रिंग वाली पैंटी पहना कर विद्या की गंद मारने वाला हूँ.
विद्या ने मेरे पास आकर अपने पैर को मेरी चेस्ट पे रखा और मैं ने उसकी पैंटी पहना दी.
पैंटी से उसकी चूत को छुपाने के बाद मैं नेउसे अपने उपर गिरा दिया.
विद्या हवा मे लहराती हुई मेरे उपर गिर गयी और हमारे होंटो को मिलन हो गया.
विद्या इसी का इंतजार कर रही थी. उसने तो बीयर को बहुत गालियाँ दी होगी .
विद्या तो पूरी नंगी थी. पैंटी जिस से कुछ छुप नही सकता वो पहन कर मुझे किस कर रही थी.
मैं ने विद्या को किस करते हुए अपनी जीन्स विद्या की मदद से निकाल दी.
जीन्स निकालते ही मेरे लंड ने राहत की सास ली फिर भी पैंटी और अंडरवेअर चूत और लंड के मिलन के बीच मे आ रही थी
विद्या तो लंड से पहले मुझे प्यार करना चाहती थी. इसी लिए वो मेरे होंटो चूस कर इतने दिन का इंतजार का फल पूरा खाना चाहती थी.
मेरी नज़र तो विद्या की गंद पर थी.
आज तो विद्या की गंद ऐसी फाड़ुँगा कि दुबारा गंद मारते हुए वो चीखेंगी नही.
विद्या अपनी गंद को तेल लगा चुकी थी. ऐसे मे जल्दी असली गेम सुरू करने के मूड मे था.
आज पहले चूत नही मारूँगा. पहले गंद ,और सिर्फ़ गंद, अगर ज़्यादा ज़रूरती होंगी तो चूत मारूँगा
लेकिन ये क्या विद्या तो मुझसे ऐसे चिपक गयी जैसे स्नेक एक दूसरे से लिपटे है.
इतना ही नही विद्या मुझे किस करते हुए बेड पर इधर उधर अपने साथ लुड़का रही थी.
विद्या की जल्दी गंद फाडनी पड़ेंगी वरना वो मेरा रेप कर देगी.
मैं भी ना ,सोचने मे टाइम वेस्ट करता हूँ .और विद्या उस ने तो मेरी अंडरवेर फाड़ दी.
विद्या तो शेरनी की तरह मुझपे अटॅक कर रही थी.
लंड तो गोली खाने से कुछ ज़्यादा फूल गया था. लंड पे ब्लड वेन्स साफ नज़र आ रही थी.
विद्या मेरे लंड का विकराल रूप देख कर डर गयी.
पर डरने से काम कैसे चलेगा.
विद्या ने मेरे लंड कई बार प्यार किया था पर आज का लंड देख कर तो वो थोड़ी डर गयी थी.
पर विद्या ने अपनी गंद पे हाथ रख कर थोड़ा सहला दिया .और लंड को अपनी गंद के लिए चिकना बनाने लगी.
अपनी जीभ से मेरे लंड को चाटने लगी.
मेरे लंड को अपने प्यार के जाल मे फसाने लगी.
मेरे लंड को धीरे धीरे चूसने लगी.
विद्या तो मुझे कुछ करने नही दे रही है.
मैं तो यहाँ विद्या को मसल्ने आया था पर यहाँ तो विद्या मुझे खा रही थी.
मेरे लंड को ऐसे चूस रही थी कि इसके बाद इतना अच्छा मोका उसे मेरे लंड को प्यार करने को नही मिलेगा.
विद्या सब कुछ करेंगी तो मैं क्या करूँगा.
अवी-विद्या
विद्या-ह्म
अवी-मेरा भी थोड़ा ख़याल रखो.
विद्या-ह्म्मे
उसे तो मेरे लंड के सिवा कुछ और नही दिख रहा था.
उसे लग रहा था कि मैं उसका प्यारा खिलोना उस से छिन लूँगा.
अवी-विद्या 69
विद्या-ह्म
विद्या ने अपने मुँह से लंड बाहर नही निकाला. अपना सर हिलाके मुझे आवाज़ दी
और बिना लंड बाहर निकाले मेरे मुँह पे अपनी चूत लाकर मेरा लंड चूसने लगी.
मैं ने तो पहले उसके चूतड़ पे थप्पड़ मार कर ये देखा कि इनको कितने धक्को की ज़रूरत है.
चूतड़ मेरे थप्पड़ से हिलते हुए मुझ अपनी गंद का छेद दिखाने लगे
गंद का छेद पैंटी की स्ट्रिंग मुझसे छुपा नही पाई.
बहुत चिकना करके रखा था विद्या ने अपनी गंद को
आज तो विद्या की गंद मार कर मज़ा आ जाएगा.
गंद मारने से पहले अपनी प्यास तो बुझा दूं
मैं ने पैंटी को अपने हाथ से थोड़ा सरका दिया तो चूत से कुछ बूंदे नीचे गिर गयी.
विद्या तो पानी पानी हो रही है.
विद्या की चूत का पानी वेस्ट कैसे होने दूँगा.
मैं ने देर ना करते हुए अपनी जीभ से उसकी गीली चूत को चाट लिया.
वाउ क्या टेस्ट था. विद्या तो औरत बन गयी.विद्या का नशा मुझे सब गम भूलने मे मदद करेगा
टेस्टी पानी पीकर तो दिल खुश हो जाएगा.
मैं ने अपनी जीभ और उंगली को काम पे लगा दिया.
विद्या की चूत पे अपनी जीभ को डालने लगा.
विद्या तो इस से ज़्यादा फरक नही पड़ा.
वो तो अपने काम पे लगी हुई थी. मेरे लंड को प्यार करती रही.
हम दोनो एक दूसरे को ऐसे प्यार करने लगे कि पानी निकलने तक कोई रुकेंगा नही.
मैं तो गोली खा चुका था. ऐसे मे विद्या का पानी पहले निकल गया.
विद्या की चूत की धार सीधे मेरे मुँह आ गयी.
विद्या ने अपना पानी निकालने तक मेरा लंड अपने मुँह से बाहर निकाल दिया.
मैं ने उसका पानी पी लिया.
विद्या तो अपना पानी मुझे पिला के फिर से मेरा लंड अपने मुँह मे लेना चाहती थी पर मैं ने उसे रोक दिया.
विद्या तो मेरी तरफ गुस्से से देखने लगी.
मैं ने विद्या को शांत किया और उसको बेड पे लेटा दिया और मैं उसके पेट पे आ गया.
विद्या-मुझे चूसने दो
अवी-इतना पसंद आया है
विद्या-वो मेरा है. मुझे उसे प्यार करने दो
अवी-अलग तरह से चूसना चाहोगी.
विद्या-हाँ
मैं ने विद्या के सर को थोड़ा उपर किया
उसके बूब्स के बीच मे मेरा लंड आगया.
मैं ने विद्या को लंड को बूब्स से दबाने कोकहा.
विद्या के ऐसा करते ही मैं उसके बूब्स को चोदने लगा.
विद्या को अपने बूब्स को मेरे लंड से चुदवाने मे मज़ा आ रहा था.
मैं ने ऐसा झटका मारा कि मेरा लंड उसके मुँह के पास चला गया.
विद्या ने अपनी जीभ से मेरे लंड को चाटना सुरू किया.
मैं उसके बूब्स को चोदने लगा.
विद्या मेरे लंड को चाटने लगा.
इसमे हम दोनो को मज़ा आने लगा.
विद्या को तो डबल मज़ा आ रहा था.
इस तरह लंड चूसने विद्या को अलग मज़ा दे रहा था.
पर इसमे विद्या की जीभ दुखने लगी.
विद्या के बूब्स को मेरे लंड ने लाल कर दिया.
अब उसकी गंद लाल करने का समय आ गया था.
मैं आराम से बीयर पी रहा था.
विद्या मेरे सामने चेयर पे बैठ कर मुझे अपनी चूत दिखा कर अपने गंद मे उंगली कर रही थी.
विद्या अपने नशीले बदन से मुझे अपनी तरफ अट्रॅक्ट कर रही थी.
उसका गुलाबी होंटो को अपने दाँतों मे दबाना ,अपने बूब्स को अपने जीभ से चाटना.
अपने पैर को खोलना बंद करना जिस से उसी उसकी चूत के दर्शन कातिल तरीके करवाना.
आज तो विद्या मेरी जान लेकर रहेगी.
मैं ने एक सीप मे बीयर ख़तम की और टेबल पे रखी हुई पैंटी अपने हाथो मे उठा कर विद्या को दिखाने लगा.
विद्या समझ गयी कि अब मैं क्या करने वाला हूँ.
विद्या चेर से उठ कर कॅट्वाक करते हुए मेरे पास आ गयी.
आज मैं पहली बार किसी को कपड़े पहना कर चुदाई करने वाला हूँ.
हर बार पैंटी निकाल कर चुदाई सुरू करता था .इस बार पैंटी पहना कर चुदाई करने वाला था.
जी स्ट्रिंग वाली पैंटी पहना कर विद्या की गंद मारने वाला हूँ.
विद्या ने मेरे पास आकर अपने पैर को मेरी चेस्ट पे रखा और मैं ने उसकी पैंटी पहना दी.
पैंटी से उसकी चूत को छुपाने के बाद मैं नेउसे अपने उपर गिरा दिया.
विद्या हवा मे लहराती हुई मेरे उपर गिर गयी और हमारे होंटो को मिलन हो गया.
विद्या इसी का इंतजार कर रही थी. उसने तो बीयर को बहुत गालियाँ दी होगी .
विद्या तो पूरी नंगी थी. पैंटी जिस से कुछ छुप नही सकता वो पहन कर मुझे किस कर रही थी.
मैं ने विद्या को किस करते हुए अपनी जीन्स विद्या की मदद से निकाल दी.
जीन्स निकालते ही मेरे लंड ने राहत की सास ली फिर भी पैंटी और अंडरवेअर चूत और लंड के मिलन के बीच मे आ रही थी
विद्या तो लंड से पहले मुझे प्यार करना चाहती थी. इसी लिए वो मेरे होंटो चूस कर इतने दिन का इंतजार का फल पूरा खाना चाहती थी.
मेरी नज़र तो विद्या की गंद पर थी.
आज तो विद्या की गंद ऐसी फाड़ुँगा कि दुबारा गंद मारते हुए वो चीखेंगी नही.
विद्या अपनी गंद को तेल लगा चुकी थी. ऐसे मे जल्दी असली गेम सुरू करने के मूड मे था.
आज पहले चूत नही मारूँगा. पहले गंद ,और सिर्फ़ गंद, अगर ज़्यादा ज़रूरती होंगी तो चूत मारूँगा
लेकिन ये क्या विद्या तो मुझसे ऐसे चिपक गयी जैसे स्नेक एक दूसरे से लिपटे है.
इतना ही नही विद्या मुझे किस करते हुए बेड पर इधर उधर अपने साथ लुड़का रही थी.
विद्या की जल्दी गंद फाडनी पड़ेंगी वरना वो मेरा रेप कर देगी.
मैं भी ना ,सोचने मे टाइम वेस्ट करता हूँ .और विद्या उस ने तो मेरी अंडरवेर फाड़ दी.
विद्या तो शेरनी की तरह मुझपे अटॅक कर रही थी.
लंड तो गोली खाने से कुछ ज़्यादा फूल गया था. लंड पे ब्लड वेन्स साफ नज़र आ रही थी.
विद्या मेरे लंड का विकराल रूप देख कर डर गयी.
पर डरने से काम कैसे चलेगा.
विद्या ने मेरे लंड कई बार प्यार किया था पर आज का लंड देख कर तो वो थोड़ी डर गयी थी.
पर विद्या ने अपनी गंद पे हाथ रख कर थोड़ा सहला दिया .और लंड को अपनी गंद के लिए चिकना बनाने लगी.
अपनी जीभ से मेरे लंड को चाटने लगी.
मेरे लंड को अपने प्यार के जाल मे फसाने लगी.
मेरे लंड को धीरे धीरे चूसने लगी.
विद्या तो मुझे कुछ करने नही दे रही है.
मैं तो यहाँ विद्या को मसल्ने आया था पर यहाँ तो विद्या मुझे खा रही थी.
मेरे लंड को ऐसे चूस रही थी कि इसके बाद इतना अच्छा मोका उसे मेरे लंड को प्यार करने को नही मिलेगा.
विद्या सब कुछ करेंगी तो मैं क्या करूँगा.
अवी-विद्या
विद्या-ह्म
अवी-मेरा भी थोड़ा ख़याल रखो.
विद्या-ह्म्मे
उसे तो मेरे लंड के सिवा कुछ और नही दिख रहा था.
उसे लग रहा था कि मैं उसका प्यारा खिलोना उस से छिन लूँगा.
अवी-विद्या 69
विद्या-ह्म
विद्या ने अपने मुँह से लंड बाहर नही निकाला. अपना सर हिलाके मुझे आवाज़ दी
और बिना लंड बाहर निकाले मेरे मुँह पे अपनी चूत लाकर मेरा लंड चूसने लगी.
मैं ने तो पहले उसके चूतड़ पे थप्पड़ मार कर ये देखा कि इनको कितने धक्को की ज़रूरत है.
चूतड़ मेरे थप्पड़ से हिलते हुए मुझ अपनी गंद का छेद दिखाने लगे
गंद का छेद पैंटी की स्ट्रिंग मुझसे छुपा नही पाई.
बहुत चिकना करके रखा था विद्या ने अपनी गंद को
आज तो विद्या की गंद मार कर मज़ा आ जाएगा.
गंद मारने से पहले अपनी प्यास तो बुझा दूं
मैं ने पैंटी को अपने हाथ से थोड़ा सरका दिया तो चूत से कुछ बूंदे नीचे गिर गयी.
विद्या तो पानी पानी हो रही है.
विद्या की चूत का पानी वेस्ट कैसे होने दूँगा.
मैं ने देर ना करते हुए अपनी जीभ से उसकी गीली चूत को चाट लिया.
वाउ क्या टेस्ट था. विद्या तो औरत बन गयी.विद्या का नशा मुझे सब गम भूलने मे मदद करेगा
टेस्टी पानी पीकर तो दिल खुश हो जाएगा.
मैं ने अपनी जीभ और उंगली को काम पे लगा दिया.
विद्या की चूत पे अपनी जीभ को डालने लगा.
विद्या तो इस से ज़्यादा फरक नही पड़ा.
वो तो अपने काम पे लगी हुई थी. मेरे लंड को प्यार करती रही.
हम दोनो एक दूसरे को ऐसे प्यार करने लगे कि पानी निकलने तक कोई रुकेंगा नही.
मैं तो गोली खा चुका था. ऐसे मे विद्या का पानी पहले निकल गया.
विद्या की चूत की धार सीधे मेरे मुँह आ गयी.
विद्या ने अपना पानी निकालने तक मेरा लंड अपने मुँह से बाहर निकाल दिया.
मैं ने उसका पानी पी लिया.
विद्या तो अपना पानी मुझे पिला के फिर से मेरा लंड अपने मुँह मे लेना चाहती थी पर मैं ने उसे रोक दिया.
विद्या तो मेरी तरफ गुस्से से देखने लगी.
मैं ने विद्या को शांत किया और उसको बेड पे लेटा दिया और मैं उसके पेट पे आ गया.
विद्या-मुझे चूसने दो
अवी-इतना पसंद आया है
विद्या-वो मेरा है. मुझे उसे प्यार करने दो
अवी-अलग तरह से चूसना चाहोगी.
विद्या-हाँ
मैं ने विद्या के सर को थोड़ा उपर किया
उसके बूब्स के बीच मे मेरा लंड आगया.
मैं ने विद्या को लंड को बूब्स से दबाने कोकहा.
विद्या के ऐसा करते ही मैं उसके बूब्स को चोदने लगा.
विद्या को अपने बूब्स को मेरे लंड से चुदवाने मे मज़ा आ रहा था.
मैं ने ऐसा झटका मारा कि मेरा लंड उसके मुँह के पास चला गया.
विद्या ने अपनी जीभ से मेरे लंड को चाटना सुरू किया.
मैं उसके बूब्स को चोदने लगा.
विद्या मेरे लंड को चाटने लगा.
इसमे हम दोनो को मज़ा आने लगा.
विद्या को तो डबल मज़ा आ रहा था.
इस तरह लंड चूसने विद्या को अलग मज़ा दे रहा था.
पर इसमे विद्या की जीभ दुखने लगी.
विद्या के बूब्स को मेरे लंड ने लाल कर दिया.
अब उसकी गंद लाल करने का समय आ गया था.