चॅप्टर 901
सम्मर की छुट्टियाँ ख़तम .और कॉलेज शुरू
ये साल काफ़ी इम्पोर्टेंट था. पूरा फ्यूचर इस साल पे डिपंड था.
पढ़ाई की तो फ्यूचर ब्राइट ,अगर नही किया तो फ्यूचर डार्क
हमारा कॉलेज मंडे से स्टार्ट होगा. मतलब कल से
राजेश का भी कॉलेज कल से स्टार्ट होने वाला था. उसकी हॉस्टिल लाइफ फिर से शुरू हो जाएगी.
राजेश इस बार कॉलेज ना जाने के बहाने बना रहा था.
हर बार राजेश जल्दी घर से स्कूल चला जाता था पर अब वो घर छोड़ने को तैयार नही था.
उसने इस सम्मर मे जो मस्ती एंजाय्मेंट की वो भूल नही पा रहा था
राजेश के कॉलेज ना जाने के बहाने देख कर नीता बुआ को समझ नही आ रहा था कि वो खुश हों कि राजेश घर रहना चाहता है या परेशान हो जाए कि वो कॉलेज नही जाना चाहता.
राजेश को काफ़ी समझाना पड़ा तब जाके वो तैयार हुआ कॉलेज जाने को
पर उसकी एक शर्त थी कि कॉलेज के फंक्षन मे मुझे आना होगा.और वो महीने मे एक बार गाओं आएगा.
नीता बुआ के कहने पे चाची को हाँ करनी पड़ी
फिर तो राजेश उछल उछल कर पॅकिंग करने लगा.
और मैं उसको शहर छोड़ने चला लगा जहाँ से वो अपनी ट्रेन पकड़ लेगा.
अवी-राजेश कैसा रहा ये सम्मर
राजेश-ये सम्मर बेस्ट था. इतना मज़ा मैं ने पहले कभी नही किया.
अवी-तो समझे फॅमिली क्या होती है
राजेश-हाँ भैया. पूरा सम्मर यादगार था और लास्ट मे वो टूर तो हमेशा याद रहेगा.
अवी-तुम जल्दी वापस आना हम अगले साल भी टूर पे जाएँगे
राजेश-इस बार पूरा प्लान मैं बनाउन्गा.
अवी-ठीक है. और हाँ अपनी गर्लफ्रेंड से मुझे मिलाना ज़रूर
राजेश-उसको तो पहले आप से मिलाउन्गा.आप बस कॉलेज आ जाना
अवी-देखते है.
राजेश-भैया कॉल करते रहना .अपनी सेट्टिंग के बारे मे बताना
अवी-तू वापस तो आ तेरे लिए बढ़िया सेट्टिंग का इंतज़ाम करूँगा.
राजेश-बाइ भैया
अवी-बाइ
राजेश तो चला गया अपनी हॉस्टिल लाइफ जीने के लिए
लास्ट मे टूर पे जाना सबके लिए अच्छा साबित हुआ .राजेश तो टोटल खुश था.
राजेश तो चला गया इस बार नीता बुआ राजेश के जाने से रोने की जगह खुश थी.उनका बेटा अपनी फॅमिली के मायने समझ गया है.
राजेश के जाते ही मैं और कोमल कल के कॉलेज की तैयारी मे लग गये
कल कॉलेज स्टार्ट होगा.
फिर से फ्रेंड मिलेंगे .जूनियर आएँगे उनकी रंगिंग होंगी.
स्टार्टिंग मे पढ़ाई के साथ मस्ती भी कर सकते है.
पर दीवाली स्टार्ट होते ही पढ़ाई के बिना कुछ सोच नही सकते
मेरे साथ तो रानी और कोमल थी जो मेरा स्ट्रॉंग हथियार थी.
चलो कल कॉलेज जाके देखते है क्या बदल गया है.
पंकज और पंकज की गर्लफ्रेंड वापस मिल गये है. करीम तो अपनी गर्लफ्रेंड के साथ खुश है. अनु तो आजकल मिलती नही वो अपनी लाइफ मे खुश है.
रिज़ल्ट के दिन कोमल और आरती मे वर्ल्ड वार 3 की शुरुआत हो गयी थी.
कोमल ने तो इस बात को सीरियस्ली नही लिया .कल कॉलेज जाके पता चलेगा कि आरती ने कितना सीरीयस लिया है.
मुझे क्या तैयारी करनी थी. मैं एक बुक लेके जाउन्गा. तैयारी तो कोमल कर रही थी.
अपने बुक्स, नोट्स, पूरे साल के लिए पढ़ाई का टाइम टेबल ,सब तैयार करने मे लग गयी.
मैं भी कोमल से मिलने चला गया .अब नेहा बुआ ज़्यादा रोक टोक नही करती थी मेरे साथ. कविता तो लीना के साथ कॉलेज मे क्या क्या करेंगे उसके बारे मे सोच रही थी.
मैं तो कोमल के कमरे मे चला गया.
अवी-क्या कर रही हो कोमल
कोमल-कल से कॉलेज शुरू हो जाएगा उसी की तैयारी कर रही हूँ.
अवी-कोमल इतनी सारी किताबें .तुम ने पूरी पढ़ ली.
कोमल-हाँ ,एक एक करके .तुम्हारे लिए सिस्टमॅटिक नोट्स बनाए है.
अवी-थॅंक्स
कोमल-थॅंक्स रिज़ल्ट के बाद कहना .ये बताओ तुम किस समय पे मेरे साथ पढ़ाई करोगे. मुझे टाइम टेबल बनाना है.
अवी-7 से 9 ,कैसा रहेगा
कोमल-मैं भी वही सोच रही थी.चलो मेरी मदद करो किताब ठीक से लगाने के लिए
अवी-कोमल आराम से ,कॉलेज शुरू हो रहा है कुछ दिन तो क्लासस नही होंगे
कोमल-पता है.पर फिज़िक्स के क्लास जल्दी स्टार्ट होने वाले है.
अवी-किसने बताया
कोमल-आरती का मेसेज आया था.
अवी-आरती ने बताया फिर तो ज़रूर झूठ होगा.
कोमल-आरती झूठ क्यू बोलेंगी.
अवी-तुम भूल गयी. रिज़ल्ट के दिन क्या हुआ था. तुम्हारी और आरती की शर्त लगी थी.
कोमल-वो तो टाइम पास था .उसे सीरियस्ली थोड़े लेने वाली हूँ मैं
अवी-तुम सीरियस्ली नही लोगि ,पता है मुझे, पर आरती तो इसको सीरियस्ली लेंगी.
कोमल-हम फ्रेंड है
अवी-तुम फ्रेंड समझ रही हो. पर आरती तुम्हें दुश्मन समझ रही होगी.
कोमल-ऐसा कुछ नही होगा.
अवी-कल अगर फिज़िक्स का क्लास हुआ तो मैं ग़लत साबित होगा .और क्लास नही हुआ तो समझ लेना आरती तुम्हारी दुश्मन बन गयी है.
कोमल-दुश्मन हो गयी तो मैं उसको समझा दूँगी .फ्रेंड मे ऐसी बातें होती रहती है.
अवी-कल तुम्हारा भ्रम टूट जाएगा.
कोमल-जाने दो ,जो होगा देखा जाएगा.तुम ने क्या प्लान किया है नये साल के लिए
अवी-कुछ नही. बस ज़्यादा पढ़ाई करूँगा ,ज़्यादा क्लासस करूँगा.मस्ती कम करूँगा.
कोमल-मुझे तुमसे यही उम्मीद थी. मैं पढ़ाई मे तुम्हारी पूरी मदद करूँगी.
अवी-थॅंक्स
कोमल-अब नही करूँगी
अवी-क्या हुआ
कोमल-थॅंक्स क्यूँ कहा
अवी-सॉरी दुबारा नही कहूँगा.
कोमल-इस बार माफ़ करती हूँ.
फिर मैं कोमल के साथ इधर उधर की बातें करने लगा.
कोमल की थोड़ी मदद करके मैं घर आ गया.
घर आते ही मैं अपने कमरे मे जाकर अपनी जानेमन को फोन किया.
अवी-हेलो जानेमन कैसी हो
रानी की मम्मी- अवी बेटा मैं रानी नही हूँ
अवी-सॉरी आंटी ,मुझे लगा रानी है.
रानी की मम्मी-रानी सो रही है.उठा दूं
अवी-सोने दीजिए ,
रानी की मम्मी-वो भी यही कह रही थी कि आज दिन भर सोउंगी कल से कॉलेज स्टार्ट होगा ,फिर चैन से सोने नही मिलेगा.
अवी-उसको बताना मत वरना मुझसे बात किए बिना सोएंगी नही.
रानी की मम्मी-ये मुश्किल होगा ,क्यूँ कि उसे पता है तुम्हारा कॉल आने वाला है
हमारी बातें सुनकर रानी उठ गयी
रानी-क्या है मम्मी किस से बात कर रही हो.
रानी की मम्मी-अवी
मेरा नाम सुनते ही रानी ने फोन छीन लिया. रानी की हरकत से आंटी हँसते हुए अपने कमरे मे चली गयी.
रानी-अवी ,
अवी-तुम सो जाओ मैं बाद मे फोन करूँगा.
रानी-सोउंगी तो भी तुम मेरे सपने मे आओगे.इस से अच्छा है मैं तुमसे बात कर लूँ
अवी-सपने देखे जा रहे थे तभी मैं सोचु मुझे हिचकी क्यूँ आ रही है.
रानी-कहो कैसे याद किया मुझे
अवी-अपनी जानेमन को याद करने के लिए किसी वजह की ज़रूरत नही है.
रानी-मैं तो पूछ रही थी कि मेरा राजा कैसा है
अवी-मैं ठीक हूँ. बस कल के बारे मे सोच रहा हूँ.
रानी-कल क्या पिक्चर दिखाने ले जाओगे
अवी-वो भी एक दिन लेकर जाउन्गा पर कॉर्नोर की सीट बुक कराने वाला हूँ.
रानी-एक काम करते है मेरे रूम मे मूवी देखते है
अवी-वो तो बढ़िया रहेगा.तुम मूवी देखना मैं तुम्हें प्यार करूँगा.
रानी-कितना प्यार करोगे ,ना तुम मुझे ठीक से खाने देते हो ,खाना खाते हुए टेबल के नीचे से पैर मारते हो .और ना ठीक से सोने देते हो
अवी-ऐसा है तो कल से प्यार करना बंद
रानी-ब्रेकप कर रहे हो
अवी-हाँ, हमे ब्रेकप करना चाहिए
रानी-करने के बारे मे तो सोचो ,फिर देखना मैं क्या करती हूँ
अवी-मेरी जान लोगि
रानी-मैं तुम्हारी जान को मार डालूंगी.
अवी-तुम मुझे मारोगी.
रानी-तुम्हारी जान मैं हूँ .मैं खुद को मार लूँगी.
अवी-तुम भूल रही हो कि हम ने 2 सीट का रिज़र्वेशन किया है जन्नत जाने वाली ट्रेन का
रानी-तो तुम वहाँ भी मेरा साथ नही छोड़ोगे
अवी-अब तो ये साथ मरने के बाद भी छूटेगा
रानी-लव यू
अवी-मुझे तो किस चाहिए
रानी-कल दूँगी,अब बताओ फोन क्यूँ किया था
अवी-आरती का चक्कर मुझे ठीक नही लग रहा
रानी-मुझे भी मेसेज आया था.
अवी-तुम्हें क्या लगता है.
रानी-उसका घमंड तोड़ना होगा .और वो कोमल तोड़ेगी.
अवी-जो भी करना उसके बारे मे मुझे बता देना
रानी-हम कुछ नही करेंगे . हमारा रिज़ल्ट उसका घमंड तोड़ेगा.
अवी-तुम कोमल का ध्यान रखना .उसे इन सब से बचा कर रखना
रानी-कोमल को मेरे रहते कुछ नही होगा. उस आरती को ज़मीन पे लाना ज़रूरी है. वो हमारी फ्रेंड है
अवी-पर वो ऐसा नही समझती.
रानी-समझा देंगे. कल मिल के बात करेंगे
अवी-बाइ
रानी-बाइ