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मैं और मेरा परिवार

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चॅप्टर 898

टूर मे सबने बहुत एंजाय किया.

ये फॅमिली टूर सबको याद रहेगा.

स्वेता दीदी और सीतल दीदी को रोहन सोहन को फॅमिली के साथ अड्जस्ट करने का अच्छा मोका मिला.

गाओं आकर भी हम टूर की बातें करने लगे.

लेकिन अपने रूम मे अपने बेड पे जो नींद आती है वो और कही आ नही सकती.

सब टूर के सपने देखते हुए सो गये.

नेक्स्ट डे से सबके लिए वही रूटीन शुरू हो गया.

सुबह होते ही चाचा ने पहले एक चक्कर खेतो की तरफ मार कर आ गये.

चाची भी अपने काम मे लग गयी. मैं तो देर तक सोता रहा.

मुझे रानी को छोड़ने जाना था पर कोमल खुद रानी को छोड़ने चली गयी.

मैं जाता तो थोड़ी मस्ती कर लेता पर कोमल गयी तो वो अपने क्लासस भी करके आ जाएगी.

क्यूँ कि टूर 2 दिन का डिसाइड किया था पर हो गया 4 दिन का. मतलब कोमल को अपनी बची हुई पढ़ाई भी करनी थी.

वो उनका डिसिशन होगा कि वो क्लासस जाएँगे कि नही पर दोनो सुबह जल्दी शहर चली गयी.

मुझे तो सीमा चाची ने उठाया.

म चाची-अवी उठो

अवी-सोने दो ना चाची.

म चाची-टूर ख़तम हो गया है .

अवी-आज मैं छुट्टी लेना चाहता हूँ.

म चाची-आज छुट्टी नही मिल सकती, पंचायत बुलाई गयी है आज

अवी-पंचायत ,किस लिए

म चाची-अभी सरपंच आ कर गये है. आज रणजीतसिंघ को ठाकुर और कामिनी को ठकुराइन बनाया जाएगा.

अवी-आज पर मुझे तो किसी ने बताया नही.

म चाची-हम टूर पे गये थे . चलो उठो जल्दी. तुम्हें सरपंच बुलाने आया था

रणजीतसिंघ ठाकुर बनेगा , फिर तो मुझे जाना पड़ेगा.

कामिनी को तो ठकुराइन बनाने की पार्टी माँगनी होगी.

फिर आज तो कुवर और रेशमा भी गाओं मे आएँगे.

मुझे जल्दी तैयार हो गया

चाचा तो पहले ही पंचायत मे चले गये .

मैं तो चाची और बुआ के साथ पंचायत मे चला गया.

मेरे आते ही रणजीतसिंघ ने मुझे अपने पास बुलाया.

रणजीतसिंघ-कहाँ थे तुम ,तुम्हारी कोई खबर ही नही थी.

अवी-दादाजी से मिलने गया था.

रणजीतसिंघ-मैं ने तो सुना कि तुम फॅमिली टूर पे गये थे.

अवी-दोनो एक साथ प्लान किया था. तुम बताओ क्या चल रहा है.

रणजीतसिंघ-आज मुझे ठाकुर बनाया जा रहा है. अब गाओं का ठाकुर हूँ मैं

अवी-मैं ने तुम्हें ठाकुर बनाया है भूलना मत

रणजीतसिंघ-वो कैसे भूल सकता हूँ. तुम्हारी वजह से बिना खून ख़राबे के ठाकुर बन गया. जिस से मेरी इमेज अच्छे ठाकुर की हो गयी.

अवी-अपनी इमेज बनाए रखना. और गाओं का ध्यान रखना

रणजीतसिंघ-मेरी इमेज को मैं कुछ नही होने दूँगा.और मेरे ठाकुर बनने से तुम्हारा भी फ़ायदा होगा

अवी-वो कैसे(इसी लिए तो तुम्हें ठाकुर बनाया है)

रणजीतसिंघ-मेरे पिताजी ठाकुर थे तो तुम्हारे दादाजी को फ़ायदा होता था क्यूँ कि वो दोस्त थे. वैसे हम भी दोस्त है.

अवी-ये बात तो याद है .वरना मुझे लगा पवर आते ही दोस्त को भूल जाओगे

रणजीतसिंघ-दोस्तों को मैं भूलता नही.

अवी-तो ठाकुर बनने की पार्टी देने वाले हो कि नही.

रणजीतसिंघ-तुम्हारे लिए रात मे फार्महाउस पे पार्टी रखी है. और बाकियो के लिए हवेली पे पार्टी है.

अवी-मेरी पार्टी मे कामिनी और पुरानी ठकुराइन होगी.

रणजीतसिंघ-नही. पर वर्जिन लड़कियो का इंतज़ाम किया है. तुम्हें मज़ा आएगा.

अवी-एक से मेरा क्या होगा.

रणजीतसिंघ-तुम जितनी चाहोगे उतनी वहाँ मिल जाएगी.

अवी-फिर मिलते है रात मे ,फार्महाउस पे

रणजीतसिंघ-कहाँ जा रहे हो. तुम मेरे पास बैठने वाले हो

अवी-मैं यहाँ बैठ के क्या करूँगा. ये सब तुम्हारे लिए है.

रणजीतसिंघ-ये सब तुम्हारी वजह से मिला है बैठो चुप चाप यहाँ.

मैं स्टेज पे रणजीतसिंघ के बाजू मे बैठ गया.

होने वाले ठाकुर के साथ बैठने से मेरी इमेज बढ़ गयी. और ये देख कर चाची और बुआ खुश हो गयी.

फिर स्टेज पे होने वाली ठकुराइन आ गयी.

कामिनी के स्टेज पे आते ही मेरे उपर नज़र पड़ते ही वो मेरे पास रुक गयी.

कामिनी के आते ही ठाकुरजी ने रणजीतसिंघ को कुछ बताने के लिए अपने पास बुला लिया.

रंजीत के जाते ही मैं कामिनी के साथ बातें करने लगा.

अवी-गाओं की होने वाली ठकुराइन को मेरा नमस्ते

कामिनी-गाओं की ठकुराइन बनाने वाले को मेरा दिल से नमस्ते

अवी-आप तो आज ठकुराइन बन जाएगी.

कामिनी-सब तुम्हारी मेहनत और दिमाग़ की वजह से होपाया है

अवी-फिर तो मुझे इनाम मिलना चाहिए

कामिनी-वो तो तुम्हें दे चुकी हूँ

अवी-आप तो ऐसे बोल रही हो कि आपको मज़ा ना आया हो

कामिनी-वैसा मज़ा पहले कभी नही आया था.तुम जादूगर हो

अवी-इतना मज़ा आया तो दुबारा कभी मिली नही

कामिनी-तुमने बुलाया ही नही.

अवी-बुलाता तो आ जाती.

कामिनी-हाँ, रंजीत मना नही करता

अवी-तो आज ठकुराइन बनने की खुशी मे अपनी रात मुझे दे दो

कामिनी-आज की रात तो रंजीत तुम्हें पार्टी देने वाला है

अवी-तुम्हें पता है.

कामिनी-मैं ने ही रंजीत को आइडिया दिया कि तुम्हारे लिए पार्टी रखे फार्महाउस पे .जहाँ सिर्फ़ वर्जिन लड़कियाँ हों

अवी-कितनी होगी.

कामिनी-जितनी तुम एक रात मे टेस्ट करना चाहो

अवी-मैं तो तुम्हें टेस्ट करना चाहता हूँ

कामिनी-मैं तो कभी भी रेडी हूँ. जब चाहो बुला सकते हो. अब तो मैं ठकुराइन हो जाउन्गी .फिर मैं बिना किसी रोक टोक के तुम्हारे पास आ सकती हूँ

अवी-फिर तो हम दोनो को मज़ा आएगा.

कामिनी-अभी के लिए फार्महाउस की पार्टी एंजाय करो. तुम आगे से खून निकालना और रंजीत पीछे से निकालेगा.

अवी-और तुम

कामिनी-मैं हवेली मे रुकूंगी. ठकुराइन बन गयी हूँ तो ज़िम्मेदारी बढ़ गयी है.

अवी-ठकुराइन बनके अच्छे काम करना

कामिनी-वो तो करने होंगे,

अवी-अपनी जगह पे बैठ जाओ वरना लोग क्या समझेंगे कि ठकुराइन आम लड़के से बात कर रही है.

कामिनी-फिर से एक बार शुक्रिया अदा कर रही हूँ .ठकुराइन बनाने के लिए

अवी-तुम अपनी सीट पे बैठो मैं पुरानी ठकुराइन से मिलके आता हूँ.

कामिनी-मेरी सौतन से मिलने जा रहे हो

अवी-रंजीत क्या तुम दोनो की साथ मे बजाता है.

कामिनी-हाँ, अब तो पायल और रेशमा के ना होने से हम ज़्यादातर साथ मे सोते है.

अवी-तभी पुरानी ठकुराइन की गंडी इतनी फुल गयी है.

कामिनी-मैं तो मेनटेन कर रही हूँ .रंजीत माजी के पीछे लगा रहा है.

कामिनी से बात करने के बाद मैं पुरानी ठकुराइन के पास चला गया.

अवी-नमस्ते ठकुराइन

ठकुराइन-नमस्ते .आखरी बार ठकुराइन बोल लो

अवी-मैं तो आगे भी ठकुराइन बोलूँगा.

ठकुराइन-जैसा तुम्हें अच्छा लगे उस नाम से बुलाना.

अवी-तो आप खुश है कामिनी के ठकुराइन बनने पे

ठकुराइन-हाँ, किसी ना किसी दिन उसे ठकुराइन बनना था .लेकिन जल्दी बन रही है.

अवी-पर आप खुश हो

ठकुराइन-मैं खुश हूँ ,क्यूँ कि कामिनी के ठकुराइन बनने से वो बिज़ी रहेंगी और मैं रंजीत के साथ ज़्यादा समय बिता पाउन्गी.

अवी-फिर तो आपके मज़े है.

ठकुराइन- हाँ, रंजीत मेरा पूरा ध्यान रखता है

अवी-ये तो अच्छी बात है .मैं तो आपके साथ वक्त बिताने का सोच रहा था.

ठकुराइन-तुम्हारे लिए तो वक्त ही वक्त है.

अवी-फिर तो मिलने आना पड़ेगा हवेली पे

ठकुराइन-कभी भी आना मेरे रूम का डोर खुला मिलेगा.

अवी-फिर तो ज़रूर आउन्गा.

ठकुराइन-जाओ अपनी जगह पे ठाकुर आ रहे है.

अवी-कौन पुराने ठाकुरजी या नये ठाकुर

ठकुराइन-क्या फरक पड़ता है. दोनो मेरे दीवाने है.

अवी-आप का जवाब नही. दोनो ठाकूरो को संभालती हैं.

ठकुराइन-कामिनी मेरी जैसी ठकुराइन नही बन सकती.

अवी-वो तो है. आप का कोई जवाब नही था, और थॅंक्स

ठकुराइन - थॅंक्स किस खुशी मे

अवी- आपकी वजह से मेरे पापा और माँ की शादी हुई थी

ठकुराइन- वो तो बहुत पुरानी बात है

अवी- पर मुझे तो अभी पता चला है

ठकुराइन-वो सब बाद मे , बाकी की बातें हवेली पे करेंगे .

अवी-ये पायल कहाँ है, कहीं दिख नही रही है.

ठकुराइन-वो आगे की पढ़ाई करने विदेश गयी है.

अवी-मुझे बताया नही.

ठकुराइन-2 दिन हो गये. तुम टूर पे गये थे ना

अवी-फोन करना होगा.

ठकुराइन-कर लेना .वो तुम्हारे बारे मे पूछ रही थी.

ठकुराइन से बात करने के बाद मैं अपनी जगह पे जाकर बैठ गया.

ठाकुर ठकुराइन बनाने का फंक्षन चालू हो गया.
 
चॅप्टर 899

और शुरू हो गया रंजीत को ठाकुर और कामिनी को ठकुराइन बनाने का फंक्षन

मंदिर के पंडितजी और पंडिताइन ने पूजा शुरू कर दी.

मैं तो रात के पार्टी का इंतज़ार कर रहा था .जल्दी ये फंक्षन ख़तम होगा उतना अच्छा होगा.

पर पंडितजी तो अपने लंबे लंबे मन्त्र बोल कर सको बोर कर रहे थे

पंडिताइन तो मुझे और रंजीत देख कर आहे भर रही थी.

2 घंटे पूजा करने के बाद ठाकुर ने अपनी पगड़ी रंजीत के सर पे पहना दी

ठकुराइन ने अपने गले का नौलक्खा हार कामिनी को पहना कर उसे गाओं की ठकुराइन बना दिया.

रंजीत और कामिनी ने ठाकुर ठकुराइन बनते ही अपने माता पिता के पैर छु कर आशीर्वाद लिया.

फिर रंजीत और कामिनी ने गाओं का शुक्रिया अदा किया .

रंजीत ने एक लंबी स्पीच दी. जिसमे गाँव के लिए अच्छे काम करने का वादा किया

फिर रंजीत ने पूरे गाओं के लिए हवेली मे जो दावत रखी वहाँ इन्वाइट किया.

फाइनाली फंक्षन ख़तम हुआ.

रंजीत और कामिनी को लोग बधाई देने लगे.

चाची और बुआ ने कामिनी को ठकुराइन बनने की बधाई दी.

पंचायत का फंक्शन मंदिर मे रखा था जिस से भगवान के दर्शन करके गाओं वाले हवेली की तरफ जाने लगे. नये ठाकुर ठकुराइन बनने की दावत का लुप्त उठाने

चाचा चाची के साथ हवेली जा रहे थे जिस से मैं कुवर और रेशमा के साथ हवेली चला गया

अवी-क्या चल रहा. कैसी है नयी जगह ,

कुवरसिंघ-यहाँ जैसा महॉल वहाँ नही है,.पर धीरे धीरे अड्जस्ट हो जाएगा.

अवी-और फॅक्टरी

कुवरसिंघ-वो भी ठीक है.

अवी-तो रेशमा भाभी कैसी है.

कुवरसिंघ-वो तो खुश है.मैं उसके साथ जो हूँ

अवी-तुम ठीक सेबता नही रहे हो भाभी से पूछता हूँ

कुवरसिंघ-पूछ लो ,मैं उसके सिवा किसी और के बारे मे सोचता भी नही

कुवरसिंघ से बात करने के बाद रेशमा भाभी के पास चला गया.

अवी-क्या बात है भाभी. आज तो आप पिंक पिंक हो गयी हो

रेशमा ने आज पिंक साड़ी पहनी थी.

रेशमा-मेरे एक देवर ने कहा है कि मुझपे पिंक अच्छा लगता है. तो पिंक पहन कर देख रही हूँ

अवी-पर उस देवर ने कुछ और पिंक पहनने को कहा था (ब्रा पैंटी)

रेशमा-आज पूरा पिंक पहना है

अवी-क्या बात है आप तो शरमाना भूल गयी.

रेशमा-अब तुमसे क्या शरमाना .

अवी-फिर तो एक बार और पिंक मे देखना पड़ेगा आपको

रेशमा-अब मुश्किल है

अवी-नामुमकिन तो नही है.

रेशमा-मेरा देवर अपनी भाभी को परेशान करना चाहता है

अवी-ऐसा हो सकता है कभी. मैं तो मज़ाक कर रहा था

रेशमा-पता है मुझे

अवी-तो कहिए अपने हाथो की टी कब पिलानी वाली है

रेशमा-तुम जब मेरे नये घर आओगे तब

अवी-उसके लिए टाइम है

रेशमा-टाइम निकालो अपनी भाभी के लिए

अवी-ज़रूर निकालूँगा. अभी के लिए हवेली मे पिला दो

रेशमा-नही .ऐसे तो तुम मेरे नये घर मे आओगे नही.

अवी-आप तो स्मार्ट बन गयी हो .कुवर का क्या हाल है

रेशमा-वो तो इतने रोमॅंटिक है कि मुझे आज तक पता ही नही चला था.

अवी-फिर तो आपके मज़े है

रेशमा-हाँ, नेक्स्ट वीक हम गोआ जा रहे है.

अवी-तभी सोचु आपके चेहरे पे इतनी चमक क्यूँ है. 2न्ड हनीमून

रेशमा-2न्ड कहाँ. ये तो पहला है. इस से पहले मुझे कहीं लेकर ही नही गये थे. अब तो हर साल हनीमून ले जानेका प्लान बनाया है.

अवी-आपकी तो भले भले हो गयी.

रेशमा-तुम्हारी वजह से हुई है. थॅंक्स

रेशमा के साथ इधर उधर की बातें करके हम हवेली की दावत का मज़ा लेने लगे.

रंजीत के बिज़्नेस फ्रेंड भी आए थे .

रंजीत ने मुझे अपने कुछ फ्रेंड्स मिलाया.

रणजीतसिंघ की दावत मे पंकज के पापा भी आए थे और हरीश के पापा भी.

हरीश के पापा आते ही पंकज के पापा पार्टी से चले गये.

ये तो होना ही था. ऋतु दीदी और विक्रांत वापस यूएसए चले गये.

उनको अभी तक पता नही था कि उनके बच्चों ने शादी कर ली

रणजीतसिंघ ने पोलिटिक्षन से लेकर गॉव के ऑफीसर से मुझे मिलवाया. जो आगे जाकर मेरे बहुत काम आ सकते थे .

गाओं वालो को दोपेहर मे दावत दी थी और शाम की पार्टी रंजीत ने अपने बिज़्नेस पार्टनर और फ्रेंड को दी.

चाची तो जल्दी घर चली गयी पर मैं आज हवेली मे रुकने वाला था.

चाची की इजाज़त ज़रूरी थी.

अवी-हेलो चाची

सी चाची-कहाँ हो तुम

अवी-हवेली

सी चाची-कब पार्टी ख़तम हो रही है.

अवी-असली पार्टी तो अब शुरू होंगी.

सी चाची-सुबह से वही हो .रात मे आने का सोचा है

अवी-चाची रंजीत ने मेरे लिए स्पेशल पार्टी रखी है फार्महाउस पे

सी चाची-स्पेशल मतलब

अवी-लड़किया मैं और रंजीत

सी चाची-समझ गयी सुमन दीदी को मैं समझा दूँगी

अवी-थॅंक यू चाची.

सी चाची-मार खाएगा अगर थॅंक यू कहा तो

अवी-चाची पता है फार्महाउस पे सारी कुवारि लड़किया होगी.

सी चाची-इतनी कुवारि लड़किया देख कर होश मत खोना .सबका मज़ा लेना.

अवी-सबका टेस्ट मैं कैसे ले सकता हूँ.

सी चाची-तुम अपने एक राउंड मे 2 3को टेस्ट करना .जिस से ज़्यादा टेस्ट कर पाएगा.

अवी-इस से तो ज़्यादा मज़ा आएगा

सी चाची-जा अच्छे से पार्टी एंजाय करना

अवी-जितनी रेकॉर्डिंग होगी उतनी करूँगा आपके लिए

सी चाची-ये तो मेरे लिए बढ़िया रहेगा.

अवी-गुड नाइट चाची

सी चाची-तुझे सोना नही ,तुझे रात भर जंग लड़नी है

अवी-जीत कर आउन्गा चाची

सी चाची-पता है मुझे .तू हार नही सकता.बाइ

चाची से बात करने के बाद मैं रंजीत के पास चला गया.

रणजीतसिंघ-चले फार्महाउस पे

अवी-चलो ,मैं तैयार हूँ

मेरे हाँ करते ही रणजीतसिंघ मुझे अपने फार्महाउस पे ले गया.

फार्महाउस मे आते ही हमे रणजीतसिंघ की सेक्रेटरी मिल गयी.

रणजीतसिंघ-पार्टी की तैयारी हो गयी.

सेक्रियेटरी-जैसा आपने कहा वैसा पूरा इंतज़ाम कर लिया. टोटल 15 लड़कियो का इंतज़ाम किया है. वर्जिन

रणजीतसिंघ-खानेपीने और नाच गाने का क्या बंदोबस्त है.

सेक्रेटरी-आपको सिकायत का मोका नही मिलेगा.

और सेक्रेटरी हमे फार्महाउस के अंदर ले गयी.

हॉल मे 4 बेड लगाए गये थे ,बीच मे लड़कियो के नाचने और खाने पीने का समान था.

हॉल को फूलो से सज़ा के रखा था ,रेड लाइट से कमरा रंगीन महॉल बना रहा था.

कुछ लड़कियो को साड़ी तो किसी को सलवार कमीज़ ,किसी कोट जीन्स तो कोई स्कर्ट ,कुछ तो ब्रा पैंटी मे नाच रही थी.

सेक्रेटरी ने रंजीत को एक बेडपे बैठा दिया और मुझे दूसरे बेड पे

और शुरू हो गयी रणजीतसिंघ के ठाकुर बनने की पार्टी

15वर्जिन चूत और गंद .और 2 लंड

देखना है कितनी चूत फटेंगी और कितनी गंद

मैं ने तो सारा ज़ोया की दी हुई गोली खा ली.

अब तो मैं सबका खून पी लूँगा.

लड़कियो को इशारा करते ही हम पे टूट पड़ी.

तीन लड़किया रंजीत के पास गयी तो तीन मेरे पास, बाकी डॅन्स करके अपनी बारी आने का इंतज़ार करने लगी.

रंजीत ने गंद फाड़ने से शुरू की तो मैं ने चूत फाड़ कर पार्टी की शुरुआत की.

मैं तो गोली खा कर सबकी फाड़ता चला गया.

सेक्रेटरी मेनेज कर रही थी कि लड़कियो को दर्द ज़्यादा ना हो .और वो रात भर चुदाई कर सके

एक की फट जाती तो दूसरी आ जाती.

एक चीख रंजीत निकालता तो एक चीख मैं निकालता.

कॉंडम हवा मे उड़ रहे थे.

लड़कियो की लगातार चीखों से फार्महाउस गूंजने लगा.

मेरा स्टॅमिना देख कर सेक्रेटरी सोचने लगी कि 15लड़किया कम पड़ जाएगी.

रणजीतसिंघ चूतिया जैसा चुदाई कर रहा था जिसकी गंद पसंद आई वो उसकी गंद ज़्यादा देर मारता रहा.

मैं तो एक बार चूत और गंद फाड़ने के बाद दुबारा उसे टच नही कर रहा था

उसका एक बार पानी निकाल कर उसकी चुदाई ख़तम कर देता.

मेरे एक बार वीर्य पे 3 चूत और 2 गंद तो फाड़ डाली

इस स्पीड से मैं ने ज़्यादा से ज़्यादा चूत फाडी और गंद भी फाड़ने मे आगे था

रणजीतसिंघ 2 राउंड करके सो गया

रंजीसिंघ ज़्यादा शराब पीने से ठंडा पड़ गया.

पर सेक्रेटरी मुझे कुवारि चूत देती गयी.

चुदाई करते हुए किसिके बूब्स दबाता तो किसी की गंद पे थप्पड़ मार देता.

किसी की चूत चाट कर अपनी प्यास बुझा देता.

तो अपना लंड सबके मुँह मे डाल कर खड़ा कर देता.

लड़किया मेरी चुदाई से खुश हो रही थी.

उनको चूत और गंद मेरे लंड से फड्वा कर मज़ा आ रहा था.

लडकयाँ डॅन्स करके अपनी गंद के लटके झटके दिखा कर मुझे अपनी चुदाई करने के लिए सिड्यूस करती.

कितनी लड़कियाँ बदली. कितनी पोज़िशन चेंज की ,कितने कॉंडम ईस्तमाल हुए कुछ पता नही था.

किसी को घोड़ी बना कर चोद रहा था. तो किसी को कुतिया बना कर अपना लंड पेल रहा था.

किसी को लेटा कर चूत फाड़ रहा था तो किसी की खड़े खड़े गंद लाल कर रहा था.

किरी को भगा भगा कर चोद रहा था तो किसी को नचा नचा कर चोद रहा था.

किसी को रुला रहा था तो किसी को मज़ा दे रहा था.

कोई अपनी चूत की सिकाई कर रही थी कोई अपनी गंद के लिए रो रही थी.

फुल टू मज़ा मिल रहा था.

उसकी भी चूत मेरी चुदाई देख कर पानी छोड़ रही थी.

मैं ने उसका भी पानी निकाल दिया जिस से वो खुश होकर मेरा जोश बढ़ा कर एक और एक करके चूत भेजती गयी.

और इसी के साथ रंजीत और मैं ने 15 लड़कियो की चूत और गंद फाड़ दी.

रंजीत तो 1 बजे सो गया था .मैं सुबह 4 बजे सेक्रेटरी के साथ सो गया.

ये पार्टी मुझे हमेशा याद रहेगी.

इस पार्टी मे एक साथ इतनी लड़कियो का मज़ा लेना एक नया एक्सपीरियेन्स था

मैं इतनी लंबी चुदाई करके थक कर सो गया.

ये तो शुरुआत थी ,रणजीतसिंघ की दोस्ती मेरे बहुत काम आएगी.
 
चॅप्टर 900

कल गाओं को नये ठाकुर ठकुराइन मिल गये.

अब गाओं का विकास होगा. नयी सोच के ठाकुर ठकुराइन मिले है.

इसी खुशी मे रणजीतसिंघ ने मुझे ऐसी पार्टी दी जिसके सामने सारी पार्टी बेकार थी.

रात भर फार्महाउस पे चीखे गूँजती रही.

बेडशीट खून से लाल हो गयी. ऐसा लग रहा था खून की होली खेली गयी हो

सब ऐसी सो रही थी कि जैसे दुबारा उठना ना हो

कौन किसके साथ सो रहा था ,कौन किस के उपर सो रहा कुछ समझ नही आ रहा था.

मैं पेशाब करने के लिए उठा तो सबकी चूत खुली खुई दिख रही थी

ऐसा लग रहा था कि लंड पेल दूं चूत मे .पर रात मे जो नंगा नाच किया वो काफ़ी था.

मैं पेशाब करके सेक्रेटरी से चिपक कर सो गया.

जब दुबारा नींद खुली तो देखा सेक्रेटरी रंजीत को उठा रही थी.

मुझे देखते ही सेक्रेटरी मेरे पास आकर मेरे गले लग गयी.

सेक्रेटरी-सबकी फाड़ने के बाद सोए तुम

अवी-मुझे तो याद नही कि मैं ने किसे चोदा और किसे नही

सेक्रेटरी-मुझे सब पता है. और तुम ने कुवारि लड़किया होते हुए मेरी चुदाई की जिस से मैं खुश हो गयी.

अवी-तुम ने इतना मेनेज किया .इतनी अच्छी पार्टी ओरगानाइज की उसके बदले मे तुम्हें खुश करना था.

सेक्रेटरी-तुम फ्रेश हो जाओ मैं सिर को उठाती हूँ

अवी-सोने दो रंजीत को,मेरे जाने के बाद उठाना वरना फिर से चुदाई करने की बात कहेगा.

सेक्रेटरी-जैसा तुम कहो.

और सेक्रेटरी ने मेरे लंड पे एक किस किया.

मैं गरम गरम पानी से नहा कर अपनी थकान दूर की.

फ्रेश हो जाने के बाद मैं ने अपना मोबाइल लिया जिसमे रेकॉर्डिंग हो चुकी थी.

मेरे जाने की बात से रणजीतसिंघ उठ गया.

रणजीतसिंघ-इतनी जल्दी जा रहे हो. चलो आज फिर पार्टी करते है

अवी-मैं कर लेता पर मुझे घर जाना है. मेरे कॉलेज स्टार्ट हो रहे है.

रणजीतसिंघ-बची हुई लड़कियो की चुदाई तो करके जाओ

अवी-तुम तो रात मे जल्दी सो गये. मैं ने सबकी फाड़ दी है कोई नही बची.

रणजीतसिंघ-सबके साथ. मान गये तुम्हें .फिर तो तुम घर जाओ मैं आज अकेले करूँगा इनकी चुदाई

अवी-कर लेना. और हाँ तुम्हारी पार्टी मुझे पसंद आई. फिर किसी दिन ऐसी ही पार्टी करेंगे

रणजीतसिंघ-ज़रूर करेंगे. मुझे तो पार्टनर की ज़रूरत होती है जो मेरे साथ मिलके सबकी फाड़ डाले

अवी-नेक्स्ट पार्टी 2 3 दिन बाद करेंगे. अब मैं चलता हूँ

रणजीतसिंघ-छोड़ दूं तुम्हे

अवी-मैं बाइक लेकर आया हूँ .भूल गये क्या .तुम आराम करो मैं अपनी बाइक लेकर चला जाउन्गा.

रणजीतसिंघ-गुड नाइट

अवी-गुड मॉर्निंग. 1 घंटे मे गुड आफ्टर नून हो जाएगी

रणजीतसिंघ की पार्टी का मज़ा लेके मैं घर आ गया.

घर आते ही मुझे ज़्यादा सवाल नही पूछे फिर भी मैं ने बता दिया कि रणजीतसिंघ ने रोक लिया था.

बड़ी चाची को छोटी ने समझा दिया था.

मैं ने छोटी चाची को अपने कमरे मे खाना लेकर आने को कहा.

छोटी चाची इसी का इंतजार कर रही थी.

छोटी चाची ने मेरे हाथ मे खाने की प्लेट दी और मैं ने अपना मोबाइल चाची के हाथ मे दिया.

मैं खाना खा रहा था तो छोटी चाची मोबाइल पे कल की पार्टी देख रही थी.

छोटी चाची पार्टी मे मेरा नया रूप देख कर मेरी तरफ देखती रह गई.

एक के बाद एक चूत और गंद फटते हुए देख्नेलगि.

चाची ये देख कर शॉक्ड हो गयी की रंजीत के सोने के बाद भी मैं चुदाई करता रहा.

सी चाची-कल तेरे अंदर कौनसा जानवर घुस गया था.

अवी-जानवर होता तो सब रोती हुई दिखाई देती

सी चाची-तूने तो सबकी फाड़ दी

अवी-आपका आइडिया था .सबका टेस्ट कर लिया,

सी चाची-तू तो शेर बन गया तू कल .एक शेर इतनी शेरनिया

अवी-मेरी शेरनी तो आप हो

सी चाची-तो मेरे शेर ने टूर पे क्या किया वो नही बताया

अवी-टूर पे विद्या की ली .बस

सी चाची-वाव रे मेरे शेर ,टूर पे भी मुँह मार लिया.

अवी-रिसेप्षनिस्ट राजेश की सेट्टिंग थी लेकिन उसके साथ नही किया

सी चाची-अच्छा राजेश पटा कर रखा है.

अवी-चाची शिकार करने का टाइम नही है. मुझे फॅमिली और पढ़ाई मे ध्यान लगाना है

सी चाची-तो लग जाओ पढ़ाई पे. क्या पता कौनसा काम बीच मे आ जाए

अवी-एक काम के लिए बुक हो चुका हूँ

सी चाची-कौनसा काम

अवी-राजेश ने 10 15 दिन के लिए अगस्त मे अपने कॉलेज मे बुलाया है.

सी चाची-ये तो अच्छी बात है पर पढ़ाई का क्या करेगा.

अवी-अभी लग रहा हूँ पढ़ाई करने मे. 2 हफ्ते बाद कॉलेज शुरू होगा तब तक ज़्यादा से ज़्यादा पढ़ाई करूँगा.

सी चाची-इस बार अच्छे नंबर लाना

अवी-बहुत अच्छे नंबर लाउन्गा. आप देखती रह जाएगी. इन छुट्टियों मे काफ़ी पढ़ाई की है मैं ने

सी चाची-देखा है. फिर भी ओवर कॉन्फिडेन्स मत होना, और हाँ कसरत को भूलना मत

अवी-कल से कसरत करना स्टार्ट करूँगा और आज शाम से पढ़ाई

सी चाची-बेस्ट ऑफ लक

अवी-थॅंक्स मोम

सी चाची-मेरा प्यारा बेटा

चाची के साथ बातें करने के बाद मैं सो गया.

फिर शाम मे एक चक्कर बुआ की तरफ लगा कर आ गया .

एक चक्कर खेत से होकर आ गया जहाँ चाचा को टूर का हिस्साब उनके बजेट के हिस्साब से दिया

और लग गया पढ़ाई करने मे

रानी के ईज़ी नोट, कोमल के सिस्मेटिक नोट्स, कोमल से डाउट क्लियर करना.

इन सब से मेरी पढ़ाई टॉप गियर मे चलने लगी.

मेरे पास 2 टीचर थी. रानी और कोमल जिनसे गाइडेन्स मे मेरी मेहनत मिला कर मेरी नॉलेज बढ़ने लगी.

बारिश के मौसम मे पकोडे खाते हुए गरम गरम टी पीते हुए पढ़ाई करने मे मज़ा आ रहा था.

रानी के साथ खट्टी मीट्टी बातें करके मूड फ्रेश करके पढ़ाई मे मन लगाने लगा.

उदार स्वेता दीदी सीतल दीदी शहर2 जाने की तैयारी मे लगी हुई थी.

स्वेता दीदी का फाइनल एअर था .इसके बाद उनकी शादी होने वाली थी.रोहन का फाइनल एअर था फिर भी वो अपने पापा के साथ फॅमिली बिज़्नेस संभाल रहा था.

सीतल दीदी का ये 2न्ड एअर था फिर भी अगले साल सीतल दीदी की शादी हो जाएगी. सोहन अपनी जॉब जल्दी जाय्न कर लेंगा इसी साल उसकी इंजिनियरिंग कंप्लीट हुई है.

स्वेता दीदी सीतल दीदी शहर2 जाने को तैयार हो गयी.

वो 1 हफ़्ता जल्दी जा रही थी .रोहन ने जल्दी बुलाया था क्यूँ कि वो फिर से टूर पे जाना चाहते थे.

ये बात स्वेता दीदी ने बुआ को नही बताई पर सेफ्टी के लिए मुझे बता दी ताकि कुछ गड़बड़ हो तो मैं संभाल लूँ

भाई हूँ ,मुझे इतना तो करना होगा.

मैं ने स्वेता दीदी सीतल दीदी को शहर2 की बस मे बैठा दिया.

स्वेता दीदी के जाते ही थोड़ा अजीब लग रहा था पर अब स्कूल कॉलेज लगते ही सब बिज़ी हो जाएँगे.

कविता और लीना का कॉलेज सब लास्ट मे स्टार्ट होगा.

राजेश भी अगले हफ्ते चला जाएगा.

राजेश कॉलेज जाने से पहले अपनी सारी सेट्टिंग की बजाने लगा. वो सबकी बजा कर जाना चाहता था
 
चॅप्टर 901

सम्मर की छुट्टियाँ ख़तम .और कॉलेज शुरू

ये साल काफ़ी इम्पोर्टेंट था. पूरा फ्यूचर इस साल पे डिपंड था.

पढ़ाई की तो फ्यूचर ब्राइट ,अगर नही किया तो फ्यूचर डार्क

हमारा कॉलेज मंडे से स्टार्ट होगा. मतलब कल से

राजेश का भी कॉलेज कल से स्टार्ट होने वाला था. उसकी हॉस्टिल लाइफ फिर से शुरू हो जाएगी.

राजेश इस बार कॉलेज ना जाने के बहाने बना रहा था.

हर बार राजेश जल्दी घर से स्कूल चला जाता था पर अब वो घर छोड़ने को तैयार नही था.

उसने इस सम्मर मे जो मस्ती एंजाय्मेंट की वो भूल नही पा रहा था

राजेश के कॉलेज ना जाने के बहाने देख कर नीता बुआ को समझ नही आ रहा था कि वो खुश हों कि राजेश घर रहना चाहता है या परेशान हो जाए कि वो कॉलेज नही जाना चाहता.

राजेश को काफ़ी समझाना पड़ा तब जाके वो तैयार हुआ कॉलेज जाने को

पर उसकी एक शर्त थी कि कॉलेज के फंक्षन मे मुझे आना होगा.और वो महीने मे एक बार गाओं आएगा.

नीता बुआ के कहने पे चाची को हाँ करनी पड़ी

फिर तो राजेश उछल उछल कर पॅकिंग करने लगा.

और मैं उसको शहर छोड़ने चला लगा जहाँ से वो अपनी ट्रेन पकड़ लेगा.

अवी-राजेश कैसा रहा ये सम्मर

राजेश-ये सम्मर बेस्ट था. इतना मज़ा मैं ने पहले कभी नही किया.

अवी-तो समझे फॅमिली क्या होती है

राजेश-हाँ भैया. पूरा सम्मर यादगार था और लास्ट मे वो टूर तो हमेशा याद रहेगा.

अवी-तुम जल्दी वापस आना हम अगले साल भी टूर पे जाएँगे

राजेश-इस बार पूरा प्लान मैं बनाउन्गा.

अवी-ठीक है. और हाँ अपनी गर्लफ्रेंड से मुझे मिलाना ज़रूर

राजेश-उसको तो पहले आप से मिलाउन्गा.आप बस कॉलेज आ जाना

अवी-देखते है.

राजेश-भैया कॉल करते रहना .अपनी सेट्टिंग के बारे मे बताना

अवी-तू वापस तो आ तेरे लिए बढ़िया सेट्टिंग का इंतज़ाम करूँगा.

राजेश-बाइ भैया

अवी-बाइ

राजेश तो चला गया अपनी हॉस्टिल लाइफ जीने के लिए

लास्ट मे टूर पे जाना सबके लिए अच्छा साबित हुआ .राजेश तो टोटल खुश था.

राजेश तो चला गया इस बार नीता बुआ राजेश के जाने से रोने की जगह खुश थी.उनका बेटा अपनी फॅमिली के मायने समझ गया है.

राजेश के जाते ही मैं और कोमल कल के कॉलेज की तैयारी मे लग गये

कल कॉलेज स्टार्ट होगा.

फिर से फ्रेंड मिलेंगे .जूनियर आएँगे उनकी रंगिंग होंगी.

स्टार्टिंग मे पढ़ाई के साथ मस्ती भी कर सकते है.

पर दीवाली स्टार्ट होते ही पढ़ाई के बिना कुछ सोच नही सकते

मेरे साथ तो रानी और कोमल थी जो मेरा स्ट्रॉंग हथियार थी.

चलो कल कॉलेज जाके देखते है क्या बदल गया है.

पंकज और पंकज की गर्लफ्रेंड वापस मिल गये है. करीम तो अपनी गर्लफ्रेंड के साथ खुश है. अनु तो आजकल मिलती नही वो अपनी लाइफ मे खुश है.

रिज़ल्ट के दिन कोमल और आरती मे वर्ल्ड वार 3 की शुरुआत हो गयी थी.

कोमल ने तो इस बात को सीरियस्ली नही लिया .कल कॉलेज जाके पता चलेगा कि आरती ने कितना सीरीयस लिया है.

मुझे क्या तैयारी करनी थी. मैं एक बुक लेके जाउन्गा. तैयारी तो कोमल कर रही थी.

अपने बुक्स, नोट्स, पूरे साल के लिए पढ़ाई का टाइम टेबल ,सब तैयार करने मे लग गयी.

मैं भी कोमल से मिलने चला गया .अब नेहा बुआ ज़्यादा रोक टोक नही करती थी मेरे साथ. कविता तो लीना के साथ कॉलेज मे क्या क्या करेंगे उसके बारे मे सोच रही थी.

मैं तो कोमल के कमरे मे चला गया.

अवी-क्या कर रही हो कोमल

कोमल-कल से कॉलेज शुरू हो जाएगा उसी की तैयारी कर रही हूँ.

अवी-कोमल इतनी सारी किताबें .तुम ने पूरी पढ़ ली.

कोमल-हाँ ,एक एक करके .तुम्हारे लिए सिस्टमॅटिक नोट्स बनाए है.

अवी-थॅंक्स

कोमल-थॅंक्स रिज़ल्ट के बाद कहना .ये बताओ तुम किस समय पे मेरे साथ पढ़ाई करोगे. मुझे टाइम टेबल बनाना है.

अवी-7 से 9 ,कैसा रहेगा

कोमल-मैं भी वही सोच रही थी.चलो मेरी मदद करो किताब ठीक से लगाने के लिए

अवी-कोमल आराम से ,कॉलेज शुरू हो रहा है कुछ दिन तो क्लासस नही होंगे

कोमल-पता है.पर फिज़िक्स के क्लास जल्दी स्टार्ट होने वाले है.

अवी-किसने बताया

कोमल-आरती का मेसेज आया था.

अवी-आरती ने बताया फिर तो ज़रूर झूठ होगा.

कोमल-आरती झूठ क्यू बोलेंगी.

अवी-तुम भूल गयी. रिज़ल्ट के दिन क्या हुआ था. तुम्हारी और आरती की शर्त लगी थी.

कोमल-वो तो टाइम पास था .उसे सीरियस्ली थोड़े लेने वाली हूँ मैं

अवी-तुम सीरियस्ली नही लोगि ,पता है मुझे, पर आरती तो इसको सीरियस्ली लेंगी.

कोमल-हम फ्रेंड है

अवी-तुम फ्रेंड समझ रही हो. पर आरती तुम्हें दुश्मन समझ रही होगी.

कोमल-ऐसा कुछ नही होगा.

अवी-कल अगर फिज़िक्स का क्लास हुआ तो मैं ग़लत साबित होगा .और क्लास नही हुआ तो समझ लेना आरती तुम्हारी दुश्मन बन गयी है.

कोमल-दुश्मन हो गयी तो मैं उसको समझा दूँगी .फ्रेंड मे ऐसी बातें होती रहती है.

अवी-कल तुम्हारा भ्रम टूट जाएगा.

कोमल-जाने दो ,जो होगा देखा जाएगा.तुम ने क्या प्लान किया है नये साल के लिए

अवी-कुछ नही. बस ज़्यादा पढ़ाई करूँगा ,ज़्यादा क्लासस करूँगा.मस्ती कम करूँगा.

कोमल-मुझे तुमसे यही उम्मीद थी. मैं पढ़ाई मे तुम्हारी पूरी मदद करूँगी.

अवी-थॅंक्स

कोमल-अब नही करूँगी

अवी-क्या हुआ

कोमल-थॅंक्स क्यूँ कहा

अवी-सॉरी दुबारा नही कहूँगा.

कोमल-इस बार माफ़ करती हूँ.

फिर मैं कोमल के साथ इधर उधर की बातें करने लगा.

कोमल की थोड़ी मदद करके मैं घर आ गया.

घर आते ही मैं अपने कमरे मे जाकर अपनी जानेमन को फोन किया.

अवी-हेलो जानेमन कैसी हो

रानी की मम्मी- अवी बेटा मैं रानी नही हूँ

अवी-सॉरी आंटी ,मुझे लगा रानी है.

रानी की मम्मी-रानी सो रही है.उठा दूं

अवी-सोने दीजिए ,

रानी की मम्मी-वो भी यही कह रही थी कि आज दिन भर सोउंगी कल से कॉलेज स्टार्ट होगा ,फिर चैन से सोने नही मिलेगा.

अवी-उसको बताना मत वरना मुझसे बात किए बिना सोएंगी नही.

रानी की मम्मी-ये मुश्किल होगा ,क्यूँ कि उसे पता है तुम्हारा कॉल आने वाला है

हमारी बातें सुनकर रानी उठ गयी

रानी-क्या है मम्मी किस से बात कर रही हो.

रानी की मम्मी-अवी

मेरा नाम सुनते ही रानी ने फोन छीन लिया. रानी की हरकत से आंटी हँसते हुए अपने कमरे मे चली गयी.

रानी-अवी ,

अवी-तुम सो जाओ मैं बाद मे फोन करूँगा.

रानी-सोउंगी तो भी तुम मेरे सपने मे आओगे.इस से अच्छा है मैं तुमसे बात कर लूँ

अवी-सपने देखे जा रहे थे तभी मैं सोचु मुझे हिचकी क्यूँ आ रही है.

रानी-कहो कैसे याद किया मुझे

अवी-अपनी जानेमन को याद करने के लिए किसी वजह की ज़रूरत नही है.

रानी-मैं तो पूछ रही थी कि मेरा राजा कैसा है

अवी-मैं ठीक हूँ. बस कल के बारे मे सोच रहा हूँ.

रानी-कल क्या पिक्चर दिखाने ले जाओगे

अवी-वो भी एक दिन लेकर जाउन्गा पर कॉर्नोर की सीट बुक कराने वाला हूँ.

रानी-एक काम करते है मेरे रूम मे मूवी देखते है

अवी-वो तो बढ़िया रहेगा.तुम मूवी देखना मैं तुम्हें प्यार करूँगा.

रानी-कितना प्यार करोगे ,ना तुम मुझे ठीक से खाने देते हो ,खाना खाते हुए टेबल के नीचे से पैर मारते हो .और ना ठीक से सोने देते हो

अवी-ऐसा है तो कल से प्यार करना बंद

रानी-ब्रेकप कर रहे हो

अवी-हाँ, हमे ब्रेकप करना चाहिए

रानी-करने के बारे मे तो सोचो ,फिर देखना मैं क्या करती हूँ

अवी-मेरी जान लोगि

रानी-मैं तुम्हारी जान को मार डालूंगी.

अवी-तुम मुझे मारोगी.

रानी-तुम्हारी जान मैं हूँ .मैं खुद को मार लूँगी.

अवी-तुम भूल रही हो कि हम ने 2 सीट का रिज़र्वेशन किया है जन्नत जाने वाली ट्रेन का

रानी-तो तुम वहाँ भी मेरा साथ नही छोड़ोगे

अवी-अब तो ये साथ मरने के बाद भी छूटेगा

रानी-लव यू

अवी-मुझे तो किस चाहिए

रानी-कल दूँगी,अब बताओ फोन क्यूँ किया था

अवी-आरती का चक्कर मुझे ठीक नही लग रहा

रानी-मुझे भी मेसेज आया था.

अवी-तुम्हें क्या लगता है.

रानी-उसका घमंड तोड़ना होगा .और वो कोमल तोड़ेगी.

अवी-जो भी करना उसके बारे मे मुझे बता देना

रानी-हम कुछ नही करेंगे . हमारा रिज़ल्ट उसका घमंड तोड़ेगा.

अवी-तुम कोमल का ध्यान रखना .उसे इन सब से बचा कर रखना

रानी-कोमल को मेरे रहते कुछ नही होगा. उस आरती को ज़मीन पे लाना ज़रूरी है. वो हमारी फ्रेंड है

अवी-पर वो ऐसा नही समझती.

रानी-समझा देंगे. कल मिल के बात करेंगे

अवी-बाइ

रानी-बाइ
 
चॅप्टर 902

मैं तो कसरत करके कॉलेज जाने के लिए तैयार हो गया.

विद्या ने कॉलेज जाने की मेरी पूरी तैयारी करके दी. इस बदले मे विद्या को एक स्वीट किस दिया.

विद्या को किस मिलते ही वो खुश हो गयी. अब तो वो रोज किस के लिए मेरी मदद करेगी कॉलेज जाने के लिए.

मैं ने चाची का आशीर्वाद लिया और नये साल की शुरुआत की.

मेरी तरह कोमल भी कॉलेज जाने को तैयार होके मेरा इंतज़ार कर रही थी.

आरती के मसेज के वजह से हम 1 घंटा पहले कॉलेज जा रहे थे.

मुझे पता था कि पहले दिन 1 घंटा पहले कौन सा क्लास होगा.ये आरती की चाल थी.

पर कोमल को दिखाने के लिए कि आरती क्या कर सकती, मैं कोमल को आरती ने बताए हुए टाइम पे कॉलेज ले गया.

रानी भी आरती के बताए हुए समय पर आ गयी.

हम कॉलेज मे आए तो कॉलेज मे कोई नही था.

एक मच्छर भी नही था कॉलेज मे

इसका अंदाज़ा मुझे और रानी को पहले से था.

कॉलेज के गेट के पास आरती और उसकी फ्रेंड हम देख कर हंस रही थी.

रानी-मुझे इसी की उम्मीद थी. देखा तुम ने कोमल

कोमल-वो भी तो जल्दी आ गयी है.

रानी-वो हम पे हँसने के लिए आई है.

अवी-रूको मैं देखता हूँ इसे

रानी-तुम रूको ,ये हम लड़कियो की जंग है तुम दूर रहो

कोमल-चलो ,आरती से पूछते है कि उसने ऐसा क्यूँ किया

अवी-पूछके कुछ फ़ायदा नही होगा.वो तुम पे हसेगि.

रानी-अब तो ये चलता रहेगा. कभी वो हसेगी तो कभी हम हसेन्गे

कोमल-रानी ठीक कह रही है. फिर भी हम शुरुआत नही करेंगे. पर उसने कुछ किया तो जवाब ज़रूर देंगे

अवी-कोमल पढ़ाई पहले

रानी-तुम टेन्षन मत लो, पढ़ाई पे कोई असर नही होगा

और हम आरती के पास चले गये.

आरती अपनी नयी फ्रेंड2 के साथ हम पे हंस रही थी.

कोमल-आरती ये सब क्या है

आरती-ये शुरुआत है

कोमल-हम फ्रेंड है ये भूल गयी तुम

आरती-रिज़ल्ट के दिन जो हुआ वो मैं भूल नही सकती

कोमल-वो शर्त एक टाइम पास के लिए लगाई थी

आरती-मैं टाइम पास नही करती. हार मान जाओ या लॅडो मुझसे

रानी-हम लड़ेंगे

कोमल-रानी ने कहा तो हम लड़ेंगे पर

आरती-लो चिड़िया पर वर पे आ गयी

अवी-आरती ज़बान संभाल के बात करो

रानी-तुम बीच मे मत पडो.

आरती-अवी के बिना तुम क्या हो ,कुछ भी नही.

रानी कोमल-अवी के बारे मे कुछ कहा तो मुझसे बुरा कोई नही होगा.

रानी और कोमल मेरा नाम आते ही एक साथ आरती पे बरस पड़ी

आरती-तो अकेले खेलो शर्त

कोमल-ठीक है. रिज़ल्ट का इंतजार करो तुम

रानी-अब तो शर्त मे मज़ा आएगा

आरती-रिज़ल्ट से पहले हार मान लोगि तुम

कोमल-बात सिर्फ़ 1स्ट आने की हुई थी.ये सब क्या है मेसेज भेज कर जल्दी बुलाया

आरती-लो तुम तो अभी से डर गयी.

रानी-शर्त लगाई है तो ठीक से खेलो .ये चीटिंग करके जीतना बंद करो

आरती-रानी ये चीटिंग नही खेल है. जिसमे ये सब तो होगा ही. अभी भी सोच लो शर्त वापस लेती हो या खेल खेलना है.

रानी-अब तो खेल खेलना होगा.

कोमल-आरती हम फ्रेंड है .इस बात को तुम्हें समझाने के लिए ये खेल खेलना होगा.

आरती-फ्रेंड ,हमारी फ्रेंडशिप तो रिज़ल्ट के दिन टूट गयी थी .जब तुम ने शर्त लगाई

रानी-ऐसा तुम सोचती हो ,हम तो तुम्हें आज भी फ्रेंड मानते है.

आरती-फ्रेंड की पीठ मे खंजर घोंपने का इरादा है तुम्हारा

कोमल-आरती ये नेगेटिव बातें अपने दिमाग़ से निकाल दो ,इस से तुम्हारा नुकसान होगा. एक फ्रेंड के नाते बता रही हूँ

आरती-देखते है नुकसान किसका होगा

कोमल-कोई भी जीते ,फ्रेंडशिप हारनी नही चाहिए

रानी-कोमल ,हम फ्रेंडशिप को जीतने देंगे.

आरती-पागल हो तुम दोनो,

अवी-कोमल रानी चलो यहाँ से , ये तो पागल है. तुम पागल मत बनो

रानी-चलो कॉलेज स्टार्ट होने तक कॉफी पीते है.

कोमल-आरती चलो कॉफी पीते है.

आरती-अच्छा प्लान है मुझे कॉफी पिलाती रहोगी और लियाबेरी से किताबें उठा लोगि.और मुझे किताबें ना मिले इस का प्लान है , मुझे क्या पागल समझ रखा है जो तुम्हारे साथ कॉफी पिउन्गी

रानी-तुम सच मे पागल हो गयी हो. कुछ भी सोच रही हो

अवी-चलो यहाँ से वरना हम भी पागल हो जाएँगे

और हम आरती की बेवकूफी पे हँसते हुए कॉफी पीने चले गये.

आरती अपने पैर पटकते हुए लाइब्रेरी की तरफ चली गयी.

हम कॉफी पीते हुए बातें करने लगे.

अवी-ये आरती पागल हो गयी.

रानी-मुझे पता नही था कि आरती की सोच इतनी बदल जाएगी.

अवी-तुम दोनो उस से बचके रहना अगर मेरी ज़रूरत पड़े तो बता देना

कोमल-हम संभाल लेंगे. तुम अपनी पढ़ाई करते रहो

अवी-ये आरती ज़्यादा पढ़ाई कर के साइको हो गयी है.

रानी-हम उसे नॉर्मल कर देंगे

कोमल-उसका घमंड तोड़ कर वापस फ्रेंड बना देंगे.

अवी-ये ठीक रहेगा. उसे ज़्यादा सीरियस्ली मत लेना

रानी-तुम बेफिकर रहो,हम उसे आज भी अपनी फ्रेंड मानते है.

कोमल-वो कुछ भी कर ले ,हम उससे अपनी फ्रेंडशिप नही टूटने देंगे

अवी-मुझे तुम दोनो से यही उम्मीद थी.

रानी-उम्मीद पे फ्रेंडशिप कायम रहेंगी.

कोमल-ये कॉफी हमारी फ्रेंडशिप के लिए

और हम कॉफी पीकर हस्ते हुए बातें करने लगे.

अवी-आज तो क्लास नही होंगे

रानी-आज कॉलेज मे ऐसे ही घूमेंगे

अवी-मैं तो अपने फ्रेंड से मिलूँगा.

कोमल-हम तो टीचर से मिलके टाइम पास करेंगे

अवी-अगर आज जूनियर होते तो रॅगिंग करते

रानी-जूनियर का कॉलेज 2 हफ्ते बाद शुरू होगा.

कोमल-और हम रॅगिंग नही करेंगे. न्यूज़ पेपर नही पड़ते रॅगिंग की वजह से कितने स्टूडेंट की ज़िंदगी खराब हो रही है.

रानी-हाँ, हम तो रॅगिंग नही लेंगे

अवी-फिर तो मैं भी नही लूँगा.

कोमल-किस की लोगे .कविता और लीना की

रानी-वो तो

रानी की बात मैं ने बीच मे रोक दी

अवी-वो आएँगी तो उनको फ्रेंड की तरह ट्रीट करेंगे

कोमल-उनको तो मैं अपने साथ रखूँगा. तुम्हारे साथ रही तो पढ़ाई की बजाए मस्ती करती रहेंगी.

अवी-जैसा तुम चाहोगी वैसा होगा

रानी-कविता लीना

अवी-उनको जाने दो ,देखो स्टूडेंट कॉलेज मे आ रहे है.

कोमल-चलो फ्रेंड्स से मिलते है.

अवी-पंकज करीम मैं आ रहा हूँ

रानी-लो अवी तो जा रहा है अपने फ्रेंड्स मिलने .

कोमल-हम भी चलते है .

कोमल रानी अपने फ्रेंड से मिलने गयी. और मैं कॅंटीन मे गया पंकज और करीम से मिलने
 
अपडेट 903

रानी और कोमल दोनो मिलके आरती को संभाल लेंगी .

अगर ज़्यादा ज़रूरत पड़ी तो मैं हूँ उनकी मदद करने के लिए

चलो अपने दोस्तो से मिल लेता हूँ ,काफ़ी दिन हो गये ना मैं उनसे मिला और ना फोन किया.

मेरे दोस्त भी बहुत कमिने है, गर्लफ्रेंड का साथ मिलते ही दोस्त को भूल जाते है.

फिर भी पंकज और करीम जैसे दोस्त मुश्किल से मिलते है.

मुझे पता है दोनो ने अपनी गर्लफ्रेंड के साथ सम्मर मे मज़ा ही मज़ा किया होगा.

पंकज तो अब सुधार गया है .जिस से उसकी गर्लफ्रेंड खुश है.

पंकज के साथ हमेश कुछ ना कुछ लोचा होता है .और मुझे उसको लोचे से बाहर निकालना पड़ता है.

करीम का अच्छा है. नो टेन्षन, सिर्फ़ प्यार करते रहो .और एग्ज़ॅम टाइम पे गर्लफ्रेंड के साथ पढ़ाई करना.

मैं कॅंटीन मे आके पंकज को ढूँढने लगा.

पंकज अपनी गर्लफ्रेंड के साथ कोल्ड्रींक पी रहा था.

मैं ने उनको डिस्ट्रब करते हुए उनके पास जाकर बैठ गया.

अवी-क्या बे, पूरी चूतिया कहाँ था.

पंकज-तुझे बताया था ना कि मामा मामी के घर गया था.

अवी-और उसके बाद

पंकज-अपनी गर्लफ्रेंड के साथ थोड़ा एंजाय कर रहा था.

अवी-मुझे बताता तो मैं भी आ जाता ,साथ मे एंजाय करते

पंकज-बताने वाला था...

अवी-तू तो रहने दे, तुम्हें क्या हुआ तुम तो बता सकती थी.

प्गफ-सॉरी ,वो पंकज अकेले मे मेरे साथ कुछ वक्त बिताना चाहता था.

अवी-कितना कमीना है तू, मुझे भूल गया .

पंकज-वो मैं ,

अवी-जब रोता हुआ मुझे मदद माँगने आएगा तब बताउन्गा तुझे

पंकज-सॉरी ,वो ऋतु दीदी आई थी तो मैं उनके साथ इसे बाहर घूमने ले गया था.

अवी-ऋतु दीदी ,ऋतु दीदी के वजाहह से माफ़ कर रहा हू

पंकज-ऋतु दीदी तुम्हें याद कर रही थी.

अवी-आज मिलने आ जाउन्गा

पंकज-ऋतु दीदी तो यूएसए चली गयी. अपनी आगे की पढ़ाई करने

अवी-(पढ़ाई करने नही अपने पति के साथ नयी लाइफ जीने) फिर तो अगले साल मुलाकात होगी.

पंकज-मिल लेना. और बता तूने क्या किया छुट्टियों मे

अवी-मैं तो अपनी फॅमिली के साथ था .उनके साथ छुट्टियाँ बिताई

पंकज-तेरे मज़े होते है मुझे पता है. बता गाओं मे तेरी गर्लफ्रेंड है ना

अवी-मुझे गर्लफ्रेंड की क्या ज़रूरत है तेरी गर्ल है ना. उसी से काम चला लूँगा.

पंकज-तू मुझसे ज़्यादा बड़ा कमीना है.

अवी-तेरी गर्लफ्रेंड को पूछ .वो किसी की गर्लफ्रेंड है तेरी या मेरी

पंकज की गर्लफ्रेंड-तुम दोनो की .

अवी-लो मिल गया जवाब

पंकज-तुझसे तो बात करना मुश्किल है. साला करीम होतो तो तेरी अच्छे से लेता.

अवी-करीम कहाँ है वो दिखाई नही दे रहा

पंकज-वो कॉलेज मे दिखा नही.

अवी-एक फोन तो कर लेता

पंकज-किया था पर स्विच ऑफ था.

अवी-उसकी गर्लफ्रेंड को कॉल करता

प्गफ-उसका भी फोन बंद था.

अवी-ट्राइ करते रहना

पंकज-वो तो करूँगा. पर मेरा ध्यान तो जूनियर पे है

अवी-देखो तुम्हारा बाय्फ्रेंड क्या कह रहा है

प्गफ-तुम्हें और डोस देना पड़ेगा.

पंकज-तुम तो गुस्सा हो गयी .मैं मज़ाक कर रहा था.

प्गफ-अगर तुम ने जूनियर की तरफ देखा तो समझ लेना मैं तुम्हारी ज़िंदगी मे थी ही नही.

पंकज-सॉरी .देखना तो दूर की बात , कुछ बोलूँगा भी नही.

अवी-तू तो जोरू का गुलाम बन गया

पंकज-बन ना पड़ता है.

पंकज की गर्लफ्रेंड-अवी कोमल तुम्हारी बहन है ना

अवी-हाँ ,क्यूँ क्या हुआ

प्गफ-उसके चर्चे हो रहे कॉलेज मे

अवी-किस बात पे

प्गफ-सुना है आरती और कोमल ने शर्त लगाई है 1स्ट आने की

अवी-तुम्हें किसने बताया

प्गफ-नोटीस बोर्ड पे पोस्टर लगा है.

अवी-बात तो बढ़ गयी है

प्गफ-बहुत ज़्यादा. पूरा कॉलेज इसी की बातें कर रहे है.

अवी-मुझे कुछ करना होगा

प्गफ-तुम क्यूँ बीच मे पड़ रहे हो .तुम ने कुछ किया तो कोमल बदनाम हो जाएगी कि उसने चीटिंग की

अवी-बात तो सही है. पर ये ज़्यादा हो रहा है.

पंकज-ये चल क्या रहा है

अवी-कुछ नही आरती का घमंड तोड़ना है.

पंकज-कुछ भी हो ,इस साल इनकी बातें होती रहेंगी.

अवी-मैं तो दुआ करूँगा कि सब ठीक हो

प्गफ-ये साल जंग देखने को मिलेगी.

अवी-तुम कोल्ड्रींक पियो मैं देख कर आता हूँ

पंकज-मैं भी चलता हूँ

मैं पंकज के साथ नोटीस बोर्ड के पास आ गया.

नोटीस बोर्ड के पास काफ़ी स्टूडेंट थे जो आरती और कोमल की बातें कर रहे थे .

कोमल रानी के साथ वही पर थी.

उनको आरती की ये हरकत पसंद नही आई.

आरती ने छोटी सी शर्त को इतनी बड़ी बना दी.

अब ये बात पूरे कॉलेज को पता चल गयी

आरती कुछ ज़्यादा सीरीयस थी.

मैं ने रानी को इशारे से पूछा कि ये क्या हो रहा है.

रानी भी इस हरकत से अंजान थी.

कोमल गुस्से से लाल हो गयी.

आरती कहीं दिखाई नही दे रही थी.

स्टूडेंट को तो अब टॉपिक मिल गया बातें करने का.

स्टूडेंट को एक जगह पे देख कर टीचर नोटीस बोर्ड के पास आ गये.

मिसेज़ गुप्ता ने पोस्टर देखते ही नोटीस बोर्ड से निकाल दिया.

मिसेज़ गुप्ता-किस ने किया ये.किसी की हरकत है. यहाँ पढ़ने आते हो या ये सब करने

मिसेज़ गुप्ता की बात सुनते ही सब वहाँ से भाग गये.

मिसेज़ गुप्ता-कोमल ये सब क्या है.तुम ने किया

कोमल-मेडम मुझे इसके बारे मे कुछ पता नही है. मैं ने तो बस छोटी सी शर्त लगाई थी. ताकि पढ़ाई पे ज़्यादा फोकस कर सकूँ

मिसेज़ गुप्ता-ठीक है पर ध्यान रखना कि बात ज़्यादा बढ़े ना वरना मुझे आक्षन लेना होगा.

कोमल-यस मेडम

मिसेज़ गुप्ता से बात करके कोमल थोड़ी अपसेट हो गयी.

कोमल का मूड ठीक करने के लिए हम आइस क्रीम खाने चले गये.

आइस क्रीम खाते हुए अपने जोक सुना कर कोमल का मूड ठीक किया

मूड ठीक होते ही हम गाओं चले गये.
 
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