चॅप्टर 915
मैं प्रिन्सिपल सर के साथ उनके घर आ गया.
काफ़ी दिन हो गये यहाँ आकर. किरण से भी मिले हुए काफ़ी दिन हो गये.
किरण , किरण तो माँ बनने वाली थी.
मैं इतनी बड़ी बात कैसे भूल गया.वो तो मेरे बच्चे की माँ बन गयी थी.
मैं ये बात कैसे भूल गया.मैं अपने बच्चे के बारे मे भूल गया.
किरण को मुझे बताना चाहिए था. मैं दूसरे कामो मे इतना डूब गया कि किरण के बारे मे भूल ही गया.
किरण मेरे बच्चे की माँ है .उसने मुझे एक फोन तो कर दिया होता.
ग़लती मेरी भी है मुझे बात नोट करके रखनी चाहिए थी. आज के बाद इम्पोर्टेंट बातों को मोबाइल मे नोट करके रखूँगा.
किरण से मिलके माफी माँग लूँगा. पहले देख तो लूँ मुझे बेटी हुई या बेटा हुआ है.
किरण से संदर क्यूट बेटी हुई तो अच्छा रहेगा.
प्रिन्सिपल-अवी क्या सोच रहे हो
अवी-कुछ नही
प्रिन्सिपल-चलो अंदर तुम्हें एक खूसखबरी सुनाता हूँ
और मैं प्रिन्सिपल सर के साथ अंदर चला गया.
घर मे जाते ही मेरी आँख किरण को ढूँढने लगी. मेरे बच्चे को देखने के लिए मेरा दिल धड़क रहा था.
अवी-सर ,किरण भाभी नही दिखाई दे रही.
प्रिन्सिपल-तुम्हे याद है मुझे लगा तुम भूल गये होगे.
अवी-आप दादा बन गये ये बात मैं कैसे भूल सकता हूँ. आपने मेले मे बताई थी.
प्रिन्सिपल-किरण को बेटी हुई है. मैं दादा बन गया.
मैं जो चाहता था वही हुआ ,किरण को बेटी हुई है. मैं एक और बेटी का बाप बन गया .
किरण जैसी क्यूट होगी और मेरी तरह स्मार्ट बनेगी.
परी जैसी होगी किरण की बेटी. परी की तरह क्यूट
कितना अच्छा होता अगर मैं किरण के पास होता ,उसे कितनी खुशी मिलती.
प्रिन्सिपल-अवी ,क्या हुआ दिन मे सपने देख रहे हो
अवी-मुबारक हो सर आप दादा बन गये
प्रिन्सिपल-थॅंक यू, मैं तो कब से दादा बनना चाहता था पर आज कल फॅमिली प्लॅनिंग ज़्यादा करते है
अवी-(मुझे पहले बता देते तो अब तक पूरी हॉकी टीम बना देता इस घर को) चलो आपकी इच्छा पूरी हो गयी.
प्रिन्सिपल-भगवान ने मेरी सुन ली.
अवी-सिर भाभी कहाँ है.
प्रिन्सिपल-रूको अभी बुलाता हूँ.
प्रिन्सिपल-सम्धन जी किरण को बाहर लेकर आना ,मेहमान आए है.
सांदन-जी ,
अवी-सम्धन, भाभी की माँ आई है.
प्रिन्सिपल-हाँ, यहाँ कोई औरत नही है बहू की देखभाल करने को तो सम्धन को बुला लिया
अवी-उनका भी तो घर होगा.
प्रिन्सिपल-समधी जी 1 साल पहले भगवान के पास चले गये ,जिस से उनके यहाँ सम्धन और उनको बेटा रहता है. तो मैं ने यहाँ बुला लिया
अवी-अच्छा किया. भाभी की माँ अच्छे से देखभाल कर पाएँगी.
प्रिन्सिपल-इसी लिए बुलाया है. मुझे तो इसमे का कुछ पता नही. औरतों के काम औरतों को आते है.
अवी-सही कहा आपने
किरण-पिताजी आपने बुला मुझे
बात करते हुए जैसे ही किरण की नज़र मुझपे पड़ी तो वो चुप हो गयी.
किरण को एक पल के लिए लगा होगा कि भाग कर मेरे गले लग जाए और मुझसे शिकायत करे इतने दिन बाद आने से
पर दूसरे पल किरण को गुस्सा आया कि मैं ने उसके बारे मे सोचा भी नही. इतने दिनो बाद मिलने आया हूँ.
किरण के गाल गुस्से से लाल हो गये
किरण ने मेरी तरफ देख कर मुँह टेडा किया.
किरण-पिताजी आपने मुझे बुलाया
प्रिन्सिपल-बहू देखो तुमसे मिलने कौन आया है.अवी आया है
किरण-मैं इससे मिलके क्या करूँ.
प्रिन्सिपल-बहू ऐसे क्यूँ बोल रही हो. अवी ने मंदिर मे दर्शन करवाए थे जिस से हमारे घर मे लक्ष्मी पैदा हुई है.
किरण-तो अब टाइम मिला आने का
प्रिन्सिपल-बहू तुम्हें आज क्या हुआ है.कैसी बातें कर रही हो
किरण-पिताजी मेरा सर दर्द कर रहा है .मुझे आराम करना है
किरण तो मुझ पे कुछ ज़्यादा ही गुस्सा है.
प्रिन्सिपल-तुम आराम करो ,मेरी पोती कहाँ है
किरण-प्रिया सो रही है
अवी-प्रिया ,प्यारा नाम रखा है
मेरी बात सुनते ही किरण ने फिर अपना मुँह टेडा किया .
प्रिन्सिपल-सोने दो उसे. अवी का मुँह मीठा करने के लिए मिठाई लाना
किरण-इतने दिन बाद मुँह मीठा नही किया जाता
किरण तो थर्ममीटर तोड़ देंगी इतनी गरम है.
प्रिन्सिपल-तुम भी आराम करो .लगता है तुम्हारा सर ज़्यादा दर्द कर रहा है.
किरण ने एक बार मेरी तरफ देखा और पैर पटकते हुए अपने कमरे मे चली गयी.
पर वापस दीवार के पीछे छुप कर हमारी बातें सुनने लगी.
प्रिन्सिपल-अवी बहू की बात का बुरा मत मान लेना,पता नही आज उसे क्या हुआ
अवी-इसमे बुरा क्या मानना है. सही तो कहा इतने दिनो बाद मिठाई नही मिलती
प्रिन्सिपल-मैं तो तुम्हें उसी दिन मिठाई देने आया था जिस दिन मैं दादा बन गया था
अवी-कब
प्रिन्सिपल-मई महीने की बात है. पर तुम घर पे नही थे.
अवी-मैं तो हमेशा घर पे होता हूँ
प्रिन्सिपल- तुम्हारी चाची ने कहा कि तुम अपने फ्रेंड के साथ हॉलिडे पे गये हो
अवी-हाँ, तब आप आए थे. तब तो मैं मेंटली बीमार था.
प्रिन्सिपल-क्या हुआ था तुम्हें
अवी-मेले के काम के वजह से पढ़ाई नही हुई .और रिज़ल्ट इतना खराब आया कि मैं 1 हफ़्ता ठीक से सो नही पाया. मैं मेंटली बीमार हो गया था.
मेरी बात सुनते किरण ने अपने सर पे हाथ रखा .उसने बिना वजह मुझपे गुस्सा किया. मैं मिरर मे किरण को देख रहा था.
प्रिन्सिपल-इतना टेन्षन मत लिया करो. पढ़ाई इस साल नही की तो अगले साल अच्छी हो जाती है. इतना प्रेसर नही लेना चाहिए.सेहत के लिए अच्छा नही होता.
अवी-हाँ, इसी लिए दिमाग़ को आराम देने के लिए घूमने चला गया.
प्रिन्सिपल-अच्छा किया .घूमने से दिमाग़ को शांति मिलती है
अवी-उसी समय आप आ गये .तब मैं यहाँ गाओं मे होता तो ज़रूर मिलने आता
प्रिन्सिपल-तुम ने इतना कहा यही काफ़ी है. वैसे बाद मे मैं भूल गया था तुम्हें बताने को.
अवी-आज हम मिल गये .वरना पता नही मुझे कब पता चलता.
प्रिन्सिपल-चलो जाने दो. मैं तुम्हारे लिए मिठाई लाता हूँ
अवी-मिठाई. मुझे तो लगा आप पार्टी दोगे
प्रिन्सिपल-तुम पीते तो मैं पार्टी देता.
अवी-बीयर पीनी शुरू की है.
प्रिन्सिपल-चलो मेरे रूम मे .वहाँ बैठक लगाते है
अवी-हाँ चलिए बीयर के साथ गुस्सा भी पी जाउन्गा
प्रिन्सिपल-क्या कहा
किरण मेरी बात सुनते अपने कमरे मे चली गयी.
अवी-कुछ नही.
और हम प्रिन्सिपल सर के कमरे मे चले गये.
सर ने अपने लिए रूम और मेरे लिए बीयर निकाल ली.
और सर ने पीना शुरू किया. मैं सिर्फ़ दिखने के ग्लास मुँह को लगा रहा था. मुझे आज बीयर पीने का मूड नही था.
प्रिन्सिपल-तुम क्या बोल रहे थे
अवी-मैं बोल रहा था कि आपका बेटा कहाँ है.
प्रिन्सिपल-उसे ज़्यादा दिन छुट्टी नही मिली .वो कुछ दिन के लिए आकर चला गया.
अवी-आर्मी मॅन
प्रिन्सिपल-आर्मी वालो का ऐसा ही होता है.
अवी-आपने बताया था कि आपका बेटा यहाँ पास के बेस पे ट्रान्स्फर करने वाला है
प्रिन्सिपल-कोशिस कर रहा है वो. 1 2 साल तो और लग जाएँगे . उसके यहाँ आते ही बहू खुश हो जाएगी.
अवी-वो तो है पर
सम्धन शराब के लिए चखना ले आई. और वापस चली गयी
प्रिन्सिपल-क्या कह रहे थे तुम
अवी-भाभी तो भैया के आने से खुश हो जाएगी पर
प्रिन्सिपल-पर क्या
अवी-आप कब तक अकेले रहेंगे,
प्रिन्सिपल-क्या मतलब
अवी-आपको शराब पिलाने वाली होनी चाहिए
प्रिन्सिपल-इस उमर मे तुम मुझे शादी करने को बोल रहे हो
अवी-शादी की कौन बात कर रहा है.
प्रिन्सिपल-तो रंडी रखने को बोल रहे हो
अवी-एक पार्टनर रख सकते है .उसको भी किसी के सहारे की ज़रूरत हो
प्रिन्सिपल-ऐसा पार्टनर मुझे इस उमर मे कहाँ मिलेगा.
अवी-सर आपकी उमर हुई ही क्या है
प्रिन्सिपल-मैं तो आज भी जवान हूँ
सर को शराब चढ़ गयी.
प्रिन्सिपल-पर मैं कहाँ पार्टनर ढूंढूंगा
अवी-कही और जाने की ज़रूरत क्या है.
प्रिन्सिपल-क्या मतलब
अवी-आप अकेले हो आपकी सम्धन अकेली है, दोनो को अपना अकेला पन दूर करना चाहिए
प्रिन्सिपल-सम्धन , बहू क्या कहेगी.
अवी-उसे कौन बताएगा
प्रिन्सिपल-नही मुझसे नही होगा.
अवी-क्यूँ नही होगा.
प्रिन्सिपल-वो कहाँ मैं कहाँ.
अवी-सर जवानी मे आपने कितनी लड़कियो कोपटाया है ये सम्धन क्या चीज़ है.
प्रिन्सिपल-मुझे पार्टनर की ज़रूरत नही है
अवी-पार्टनर की ज़रूरत नही है तो आपका हथियार संधान का नाम सुनते ही खड़ा क्यूँ हुआ.
प्रिन्सिपल-वो तो
अवी-आप को सम्धन अच्छी लगती है. ये आपका हथियार बोल रहा है.
प्रिन्सिपल-है तो अच्छी पर डर लगता है
अवी-कैसा डर ,डर भगाने के लिए शराब है
प्रिन्सिपल-उसने बहू को बता दिया तो
अवी-एक काम कीजिए सम्धन को सेक्स की गोलियाँ देना शुरू कर दीजिए . अपना हथियार दिखाना शुरू करो, एक दिन अपनी खुजली मिटाने खुद आपके हथियार के पास आएँगी
प्रिन्सिपल-प्लान अच्छा है.पर
अवी-पर वर छोड़िए .अपनी आँख बंद करके सम्धन के सपने देखिए .आपको जवाब मिल जाएगा
प्रिन्सिपल सर ने मेरे कहते ही आँख बंद की और आँख बंद होते ही सर लूड़क गये
सर तो अब कुछ घंटे उठेंगे नही.
सर को जल्दी सुलाने के लिए सम्धन का इस्तेमाल किया.
सर अब सपने मे अपने सम्धन की चुदाई करेंगे और मैं किरण से आराम से मिल लूँगा.
सम्धन का नाम.नही लेता तो सर मुझे पकाते रहते और मैं किरण से मिल नही पाता
किरण से मिलने के लिए सर को सम्धन के सपने दिखाने ज़रूरी थे
सर तो लूड़क गये .मैं किरण से मिलके आता हूँ. उसकी माँ को भी कुछ ना कुछ करके निपटा दूँगा. ताकि किरण से अकेले मे मिल पाउन्गा.