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मैं और मेरा परिवार

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चॅप्टर 918

किरण को उकसाने से वो मुझे प्यार करने दे रही थी.

किरण की माँ पास मे सो रही थी, किरण की बेटी भी आराम कर रही थी. और किरण मेरे साथ काम क्रीड़ा कर रही थी.

किरण को मेरा लंड चूस्ते अजीब लगा पर उसने मुझे प्यार मे इस बात को नज़रअंदाज़ किया

किरण बड़े प्यार से मेरे लंड को चूस रही थी.

जिसने उसे माँ बनाया उसको प्यार किए बिना जाने कैसे देती.

वो इतने दिनो की दूरिया मिटा कर प्यार से लंड चूस रही.

मैं उसे बिना डिस्ट्रब किए उसके कपड़े निकालने लगा.

किरण को अगर डिस्टर्ब करूँ तो वो मुझे कच्चा खा जाती.

किरण पूरा लंड मुँह मे लेकर चूसने की कॉसिश कर रही थी.

लंड का टोपा मुँह मे रख के लंड को अपने हाथ से सहलाने लगी.

अपने जीभ से मेरे लंड को चाट कर अपने प्यार से मेरा वीर्य निकालना चाहती थी.

इसी बीच मैं ने अपने भी कपड़े निकाल दिए . अब हम दोनो नंगे होकर कामक्रीड़ा करने लगे

बूब्स को नो टच रूल था.और किरण के लिप मेरे लंड को किस कर रहे थे.

ऐसे मे मैं ने किरण को 69 मे लिया और उसकी चूत को प्यार करने लगा.

डेलिवरी के वजह से चूत ढीली पढ़ गयी थी.

पर कोई बात नही ऐसी चूत का मज़ा लेना मेरे लिए नया एक्सपीरियेन्स होगा.

मैं ने किरण की चूत मे एक उंगली डालनी चाइ तो 2 घुस गयी.

चूत खुली है तो ज़्यादा धक्के मारने मिलेंगे.

चूत मे उंगली तो अंदर बाहर हो रही थी साथ मे मैं अपनी जीब से चूत को चाटने लगा.

किरण ने इस हमले से सब कुछ भूल के मुझ पे अपने प्यार की बारिश कर दी.

उधर किरण मेरा लंड चूस रही थी तो मैं अपनी जीभ से उसकी चूत चोद्ने लगा.

चूत का टेस्ट कुछ अजीब था पर मुझे पसंद आया

चूत ढीली थी पर गंद टाइट थी.

मैं ने गंद मे उंगली डाली और चूत के दाने को अपनी जीभ से चाटने लगा.

डबल हमला होते ही किरण मेरे आंडो को सहलाते हुए लंड को चूसे जा रही थी.

गंद को खोल के रखना चाहता था और चूत का पानी पहले पीना चाहता था.

गंद तो किरण की मेरे उंगली ने खोल दी और जीभ ने चूत से इतना पानी निकाला कि पूरी प्यास बुझ गयी.

इतने दिन का पानी मेरे मुँह मे जाते ही किरण को ऐसा लगा कि उसके सर से 10 केजी बोझ कम हुआ है

किरण अपना पानी मुझे पिलाके ठंडी पड़ गयी. उसने मेरा वीर्य नही निकाला.

किरण थोड़ी थक गयी थी जिस से उसको बेड पे लिटा कर मैं उसके उपर आ गया.

और लंड किरण की चूत पे सेट करते ही मेरा टोपा बिना पुश किए अंदर चला गया.

किरण-अवी पूरा एक बार मे डालना .तभी मज़ा आएगा

अवी-डाल तो दूँगा पर चीखना मत

किरण-नही चीखूँगी

किरण की बात सही थी. चूत को मेरा लंड फील करना है एक झटके मे अंदर डालना होगा.

और मैं ने अपनी एक और बीवी की चूत मे जोरदार धक्का लगाके लंड पेल दिया.

झटका जोरदार था जिस से किरण की खुली हुई चूत मे लंड ने दर्द पैदा किया.

पर किरण चीखी नही क्यूँ कि उसका ससुर आ गया तो

किरण ने हमारे प्यार के धागे से अपने मुँह को सी लिया.

मैं ने किरण की तरफ देखा तो वो मुझे धक्के लगाने को बोल रही थी.

डेलिवरी की वजह से जो खुजली हो रही थी चूत मे उसे मेरे लंड से ख़तम करना चाहती है.

मैं ने किरण की खुजली मिटाना शुरू किया.

मेरे धक्के ऐसे थे जिस से किरण को मज़ा आ रहा था और प्रिया की नींद टूटे ना इसका ध्यान रखा हुआ था.

किरण के बूब्स का साइज़ बढ़ गया था जिस देख कर मुँह मे पानी आ रहा था पर किरण ने मना किया था.

किरण के मना करने से क्या होता है ,बात मेरी बेटी की थी.मैं अपनी बेटी को भूका थोड़े रकुँगा. ये दूध मेरे बेटी के लिए है.

लेकिन किरण की चूत मेरी थी.

मैं बिना रुके धक्के लगा रहा था. किरण को खुश कर रहा था.

किरण की गर्मी शांत कर रहा था.ताकि वो ठंडी रह के मेरी बेटी का ख़याल रखे

किरण मेरे धक्को को ऐसे एंजाय कर रही थी जैसे उसका असली पति हूँ मैं

किरण की चूत ढीली होने के बाद भी मुझे अच्छी लग रही थी.

किरण के गहराई तक मेरा धक्का लग रहा था जिस से हम दोनो धक्को को एंजाय करने लगे.

किरण मेरे हर धक्के को आँख बंद करके फील करती थी.

मेरा मन हो रहा था कि किरण को अपने लंड पर बैठा दूं .पर किरण के उछलने से ,खुली चूत मे मज़ा नही आएगा.

इस पोज़िशन मे उसका पानी निकाल रहा हूँ.

किरण की चूत इतनी जल्दी पानी नही छोड़ेगी.जिस से मुझे ज़्यादा मेहनत करनी होगी.और मेहनत करने मे मैं सबसे आगे होता हूँ.

किरण तो अपनी सुहागरात को याद कर रही थी. वो सोच रही होगी कि सुहागरात मे मैं क्यूँ नही था उसके साथ

उसकी पूरी शिकायत मेरे धक्के ख़तम कर रहे थे.

किरण की कमर दुखने लगी पर चूत पानी छोड़ने को तैयार नही.

कोई बात नही .मेरा लंड बिना पानी निकाले हार नही मानेगा.

किरण की चूत जलन से लाल हो गयी . और अब तो पानी निकल जाएगा.

और मेरे कुछ लंबे शॉट मारते ही किरण ने मेरे लंड को नहला दिया.

किरण का पानी निकलते ही वो फिर से ठंडी पड़ गयी.

और अपनी माँ और बेटी की तरफ देखने लगी. उनको सोता हुआ देख कर मुझे किस किया

किरण-तुम्हारा हुआ नही

अवी-इतने दिनो बाद मिली हो इतने जल्दी प्यार करना बंद नही करूँगा.

किरण-मुझे तो अब जलन हो रही है. मैं और नही ले पाउन्गी.

अवी-मेरा भी अब जल्दी निकलेगा

किरण-मैं चूस कर निकालती हूँ

अवी-पीछे का छेद है ना.

किरण-आराम से करना .और वीर्य मुझे पीना है

अवी-पिला दूँगा. अब घोड़ी बन जाओ

किरण मेरे कहते ही बेड की मदद से घोड़ी बन गयी.

किरण की गंद देखते ही किसी का भी लंड खड़ा हो जाएगा.

प्रिन्सिपल सर ने रेगिस्तान से पानी ढूँढने जैसी बहू अपने बेटे लिए ढूंढी है

पर मेरी तो बल्ले बल्ले हो गयी.

और मैं ने बल्ले बल्ले करते हुए अपना लंड किरण की गंद मे पेलना शुरू किया.

गंद मे लंड जाते हुए किरण अपनी गंद को ढीली कर रही थी ताकि दर्द कम हो.

मैं ने प्यार से किरण की गंद मे लंड डाला क्यूँ कि अब वो मेरे बेटी की माँ थी.

किरण को दर्द हुआ तो मेरी बेटी को दर्द होगा. मेरी बेटी रोएगी तो मुझे दर्द होगा.

इस लिए अब मुझे अपनी बेटी के बारे मे सोच कर किरण का ध्यान रखना होगा.

किरण ज़्यादा दर्द ना होने से शॉक्ड हो गयी.

पर मेरे धक्के पड़ते ही वो मज़े मे अपनी गंद घुमाने लगी.

गंद मारने मे मुझे मज़ा आने लगा.

ढीली चूत के बाद अगर टाइट गंद मिले तो मज़ा आता है.

किरण अपने तीनो छेद मे मेरा लंड लेके खुश हो गयी.

पूरे साल भर की दूरी एक चुदाई मे ख़तम हो गयी.

पर मैं ज़्यादा देर रुक नही पाउन्गा.

किरण की टाइट गंद ने मेरा दम निकालना शुरू किया

किरण मेरे धक्को से थक गयी थी

मेरा लंड भी उल्टी करने को रेडी था.

और मैं ने गंद मे लास्ट के धक्के मार कर किरण के मुँह मे अपना वीर्य डाल दिया.

किरण ने इतने दिनो बाद मेरा वीर्य पीके अपनी गरमी को शांत किया.

किरण मेरा वीर्य पी कर मेरे गले लग गयी.
 
अपडेट 919

किरण मेरे साथ फिर से प्यार वाला खेल खेल कर खुश हो गयी.

इस खेल मे कुछ के फॅक्टर थे जिससे खेल मज़ेदार हो गया.

हम बहुत दिनो बाद प्यार कर रहे थे ,किरण का सुसुर दूसरे रूम मे शराब के नशे मे है और मैं किरण का नशा पी रहा हूँ.

किरण मेरे साथ जिस बेड पे नंगी होकर चुदाई कर रही थी उस बेड पे उसकी माँ सो रही थी. किरण की बेटी भी उसी कमरे मे थी.

इस वजह से किरण की खुली चूत चोद्ने मे मज़ा आया .

किरण चुदाई करने के बाद मेरी बाहों मे लेटकर आराम करते हुए बात करने लगी

अवी-किरण तुम लाखों मे एक हो

किरण-तुम भी. कितना स्टिमाना रखते हो.

अवी-तुम इतनी गरम हो कि तुम्हें हॅंडल करने के लिए रखना पड़ता है.

किरण-मेरे अलावा कितनो को हॅंडल करते हो

अवी-मैं तुमसे झूठ नही बोलूँगा. मेरी गर्लफ्रेंड की गिनती नही है

किरण-और मैं

अवी-तुम गर्लफ्रेंड की कटेगरी मे नही आती. तुम गर्लफ्रेंड+बीवी की कटेनगरी मे आती हो

किरण-मेरी रॅंक उची है.

अवी-हाँ, तुम ने मुझे इतनी क्यूट बेटी जो दी है.

किरण-थॅंक्स तो मुझे कहना चाहिए. तुम ने मुझे बेटी दी है

अवी-और कहो अब फ्यूचर के बारे मे क्या सोचा है.

किरण-मेरा फ्यूचर मेरी बेटी प्रिया है.

अवी-और नही चाहिए

किरण-अभी नही. कुछ साल बाद देखूँगी. अब हटो मुझे बाथरूम जाना है

अवी-चलो साथ मे चलते है

किरण-नही. अब तुम्हें जाना चाहिए ,पिताजी होश मे आ गये तो

अवी-तुम फ्रेश हो जाओ ,मैं अपनी बेटी को प्यार करता हूँ तब तक

किरण-ये प्रिया को गोल्ड चैन

अवी-मैं ने दी.

किरण-ऐसे ही प्यार करते रहना.

और किरण मुझे किस करके बाथरूम मे चली गयी.

और मैं प्रिया को प्यार करने लगा.

मैं ने अपने कपड़े पहन लिए और प्रिया को अपने गोद मे उठाया.

प्रिया मेरी गोद मे आते ही उठ गयी .और मेरे हाथो मे आने के बाद भी रोई नही.

प्रिया मेरी गोद मे आकर हँस रही थी.जिस से मैं किरण के आने तक उसके साथ खेलता रहा ,उसे प्यार करने लगा.

मेरी उंगली को प्रिया ने पकड़ रखा था .ऐसा लग रहा था कि प्रिया कह रही हो पापा मेरे साथ रहना मुझे छोड़ कर मत जाना.

मैं प्रिया को परी जितना प्यार दूँगा.

किरण के आते ही मैं ने दोनो को गुड बाइ किस किया और अपने घर आ गया.

आज तो मुझे लगा था कि मेरा दिन खराब जाएगा पर आज तो मुझे खुश खबरी मिली.

मैं बाप बन गया.

अमित परी सुमित प्रिया

मेरे 4 बचे ,

ये खुशख़बरी छोटी चाची को बताता हूँ.

मैं घर आ गया .

बुआ और चाची मूवी देखते हुए बातें कर रही थी.

मैं ने छोटी चाची को इशारा किया .और अपने कमरे मे बुलाया

चाची मौका देखते ही मेरे कमरे मे आ गयी.

चाची के कमरे मे आते ही मैं उनके गले लग गया.

अवी-चाची आज मैं बहुत खुश हूँ

सी चाची-अपनी खुशी मेरे साथ शेर कर लो

अवी-चाची एक खुशख़बरी है

सी चाची-तुम बाप बन गये यही ना

चाची की बात सुनते मैं हॅंग हो गया.

चाची को कैसे पता चला कि मैं बाप बन गया.

अवी-चाची आपको कैसे पता चला कि मैं बाप बन गया

सी चाची-तुझे याद रहे या ना रहे मैं सब याद रखती हूँ .तूने मेले मे बताया था कि किरण प्रेगनेंट है. तो किरण माँ बन गयी होगी.

अवी-फिर आपने मुझे बताया क्यूँ नही.

सी चाची-ऐसी बात को सर्प्राइज़्ड पता चले तो ज़्यादा अच्छा लगता है

अवी-कही प्रिन्सिपल मई महीने मे आए थे तब आपको पता चला होगा

सी चाची-नही. मुझे तो पता ही नही सर आए थे ,

अवी-पर सर ने तो कहा था कि वो आए थे मिठाई देने

सी चाची-शायद सीमा दीदी से मिले होंगे .उनको तो भूलने की आदत है,

अवी-फिर भी आपने सही अंदाज़ा लगाया.

सी चाची-मैं अपनी सौतन के बारे मे खबर रखती हूँ.

अवी-तो बताइए बेटा हुआ कि बेटी

सी चाची-वो तो नही पता .पर तू बाप बन गया इतना पक्का है

अवी-बेटी हुई है .प्रिया नाम रखा है

सी चाची-बेटी , अच्छा हुआ बेटी हुई. 2 बेटे 2 बेटियाँ

अवी-मुझे तो बेटी ही चाहिए थी.

सी चाची-तेरी इच्छा पूरी हुई. और नाम अच्छा रखा है. एक परी दूसरी प्रिया,

अवी-आप खुश हो

सी चाची-मैं तो बहुत खुश हूँ .मैं माँ जो बन गयी हूँ,

अवी-फिर आपको माँ बनने के फ़र्ज़ पूरे करने होंगे

सी चाची-वो तो मैं ज़रूर करूँगी. प्रिया को भी अमित जितना प्यार दूँगी

अवी-आप बहुत अच्छी है.

सी चाची-पर तू बदल गया है

अवी-मैं ,

सी चाची-अब तो तू कुछ बताता नही.क्या करता है

अवी-अब तो पढ़ाई पे ध्यान देता हूँ

सी चाची-फिर भी बताता जा

अवी-तो सुनिए

सी चाची-रूको. पहले बाप बनने की खुशी मे मुँह मीठा नही करोगे

अवी-आप का जवाब नही

छोटी चाची ने मुझे अपने मीठे होंठो का रस पिला के मेरा मुँह मीठा किया

फिर मैं और छोटी चाची काफ़ी देर तक बातें करते रहे

मैं ने छोटी चाची को अपने कॉलेज की काफ़ी बातें बताई.

कविता लीना के दूसरे कॉलेज से लेके अपने कॉलेज तक सब बता दिया.

मेरी बातें सुनकर कभी चाची खुश हो जाती तो कभी सोचने लग जाती तो कभी इतनी मज़ेदार बातें ना बताने पे गुस्सा होती.

मैं अपना ध्यान ज़्यादा पढ़ाई पे लगा रहा हूँ ये देख कर चाची को अच्छा लगा.

चाची मेरी बातें सुनकर मेरी काफ़ी खिचाई कर रही थी.

चाची के साथ जो पल बिताता हूँ वो हमेशा सुकून देते है

चाची के बाद मैं अपने बच्चों के साथ खेलने लगा.

आज की शाम मैं ने अपने बच्चों के नाम कर दी

बड़ी चाची मुझे अपने भाई के साथ खेलता हुआ देख कर मेरे साथ अमित सुमित और परी को प्यार करने लगी.

बच्चो के साथ बच्चा बनना सबको अच्छा लगता है.

चाची चाचा विद्या बुआ और मैं ,बच्चे बन गये थे.

अमित सुमित और परी को खेलने के लिए हम खिलोने बन गये

पारी प्रिया दोनो मुझे एक जैसी दिखती थी.

दोनो इतनी क्यूट थी कि प्यार करते रहूं

और मैं उनका प्यार कभी कम होने नही दूँगा.
 
अपडेट 920

किरण मेरी बेटी की माँ है. मुझे किरण और प्रिया का ख़याल रखना होगा.

छोटी चाची भी प्रिया का पूरा ध्यान रखेगी .

पता नही शीला माँ बनी की नही. उसका अड्रेस लेना चाहिए था.

कोई बात नही उसका पता लगा ही लूँगा .उसके लिए टाइम है.

अभी तो पढ़ाई टाइम है.

कल कोमल कविता लीना रानी के घर गये थी वो वही से कॉलेज आएगी.

मैं अकेला कॉलेज चला गया.

कॉलेज मे मुझे पहले करीम मिल गया.

अवी-अच्छा हुआ तू मिल गया.

करीम-साले मैं तेरे लिए रुका हूँ

अवी-मेरे लिए क्यूँ, और क्लास खाली क्यूँ है.

करीम-मिसेज़ गुप्ता ने दोनो क्लास को एक साथ लेने का फ़ैसला किया है.आज बाइयालजी वालो के साथ क्लास होगा.

अवी-फिर तो मज़ा आएगा.

करीम-चल जल्दी .तेरी वजह से लास्ट बेंच पे बैठना पड़ेगा

अवी-उसी मे मज़ा आता है. चल जल्दी वरना मेडम क्लास मे नही आने देगी.

करीम मुझे गालियाँ देते हुए क्लास की तरफ ले जाने लगा.

चलो आज फिर से रानी और कोमल के क्लास मे बैठने को मिलेगा.

मैं जब क्लास मे आए तो पूरा क्लास भर चुका था. रानी और कोमल 1स्ट बेंच पे बैटी थी .आरती भी दूसरे कॉलम की 1स्ट बेंच पे बैठी थी.

मेरे आते ही रानी और कोमल ने मेरा स्वागत स्माइल के साथ किया.

और हम हमारी रिज़र्व सीट पे जाके बैठ गये.

लास्ट बेंच पे बैठने का अपने ही फ़ायदा होता है.

1)टीचर का ज़्यादा ध्यान नही होता जिस से आराम से मस्ती कर सकते है

2)कौन सा स्टूडेंट क्या कर रहा है पता चल जाता है

3)और लास्ट मे बैठने वाली लड़की तो फॉर्वर्ड होती है तो फोकट का जुगाड़ हो जाता है.

हम अपने रिज़र्व सीट पे बैठ गये .

2 क्लास कंबाइन करने से लास्ट रो तक स्टूडेंट बैठ थे.

मैं तो लड़कियो की लाइन के साइड मे बैठा था

मेडम को क्लास मे आने मे टाइम था जिस से सब बातें कर रहे थे.

करीम अपनी गर्लफ्रेंड से दूर बैठने से मुझ गालियाँ दे रहा था.

करीम-साले तेरी वजह से लास्ट मे बैठने पड़ रहा है.

अवी-कभी तो अपनी गर्लफ्रेंड से दूर रहा कर ,रात भर उसके साथ ब्लंकेट मे घुसा होगा ,फिर भी क्लास मे गर्लफ्रेंड चाहिए

करीम-अबे साले मैं पेन लाना भूल गया हूँ. मेरी गर्लफ्रेंड के पास एक्सट्रा पेन होती है. इसलिए उसे याद कर रहा था

अवी-हर लड़की के पास एक्सट्रा पेन होता है .रुक मैं साइड वाली लड़की से पूछ के देखता हूँ.

मेरी साइड मे बाइयालजी क्लास की लड़की बैठी थी. दिखने मे हॉट थी और ड्रेस भी हॉट पहन रखा था .

अवी-हाई

बियो गर्ल-तुम ने मुझसे कुछ कहा

अवी-क्लास मे तुम ही हॉट हो तो तुमसे बात करूँगा ना.

चलो पहले उस की तारीफ कर दी ,लास्ट बेंच गर्ल को अपनी खूबसूरती की तारीफ सुना पसंद होता है और 1 बेंच गर्ल को उस की स्मार्टनेस की तारीफ सुनना पसंद होता है

बियो गर्ल-मैं और हॉट ,किस अंगल से हॉट लग रही हो.

अवी-देखो फॅन शुरू होने के बाद भी तुमसे बात करते हुए मेरे पसीने निकल रहे है.

बियो गर्ल-बातें अच्छी करते हो.

अवी-सब कुछ पर्फेक्ट करता हूँ ,आज तक किसी के तरफ से शिकायत नही आई है.

बियो गर्ल-(बिना जान पहचान के डबल मेनिंग बातें कर रहा है. इंट्रेस्टिंग बंदा है) मुझसे मुलाकात नही हुई वरना ऐसे कहते नही.

अवी-ट्राइ करके देख लो ,

बियो गर्ल-(डाइरेक्ट बोल रहा है, आज तक किसी ने डाइरेक्ट पूछा नही है. इसको मेरा नाम नही पता और ये है कि रात बिताने की बात कर रहा है) तुम कोमल के भाई हो ना

अवी-सही पहचाना

बियो गर्ल-कोमल को देख कर लगता नही उसका भाई ऐसा होगा

अवी-तुम्हें कैसा चाहिए था.

बियो गर्ल-(वाउ,मेरी चाय्स पे आ गया) अब तक बहुत ट्राइ किए है पर मेरी चाय्स जैसा मिला नही.

अवी-अब तक मुझसे मुलाकात नही हुई थी.

बियो गर्ल-अब हुई है तो देखते है मेरे चाय्स के हो कि नही

करीम-अबे साले ,मेरे पेन का क्या हुआ ,औरये क्या बातें कर रहा है.

अवी-तू चुप रह ,लड़की थोड़ी अलग टाइप की है.

बियो गर्ल-क्या हुआ.

अवी-मेरे फ्रेंड की पेन खराब होगयि है. तुम्हारे पास एक्सट्रा पेन है

बियो गर्ल-तुम्हारी पेन खराब नही हुई.

अवी-मेरी पेन खराब होने का चान्स नही है.

बियो गर्ल-कितने एग्ज़ॅम लिखे है तुम्हारे पेन ने

अवी-इतने कि मारक्शीट गिनते हुए पूरी रात निकल जाएगी.

बियो गर्ल-(ये फेक रहा है या सच बोल रहा है ,इसको देख कर तो लगता है सच बोल रहा होगा.) मारक्शीट पे 35 से कम मार्क मिले होंगे

अवी-इतनी घटिया मेरी पेन नही है. मेरी पेन को देखते ही 50 मार्क मिल जाते है और जब चलना शुरू करती है तो बाकी के 50 मार्क मिले बिना रुकती नही.और टोटल मार्क 35 से ज़्यादा है

बियो गर्ल-(ऐसा लड़का तो मुझे आज तक नही मिला) एग्ज़ॅम 5 मिनट का होगा. तभी इतने मार्क मिले होंगे .

अवी-टाइम का तो पूछो मत ,जब तक एग्ज़ॅम पेपर फट नही जाता तब तक मेरी पेन लिखती जाती है

बियो गर्ल-फिर अपनी पेन अपने पास रखी .और ये लो पेन

उसने करीम को पेन दे दी. करीम पेन मिलते बिज़ी हो गया.

अवी-तुम को पहले कभी क्लास मे देखा नही.

बियो गर्ल-मैं पहले दूसरे कॉलेज मे थी. पापा का ट्रान्स्फर हुआ और इस शहर मे आ गये.

अवी-ऐसे बीच मे कॉलेज जाय्न करने से पढ़ाई पे असर हुआ होगा.

बियो गर्ल-शुरुआत मे होता है बाद मे मैं कवर कर्लेति हूँ

अवी-तुम तो हॉट होने के साथ पढ़ाई मे तेज हो .जो अपनी पढ़ाई जल्दी कवर कर लेती हो

बियो गर्ल-मैं और पढ़ाई मे तेज. ऐसा होता तो 1स्ट बेंच की जगह लास्ट बेंच पे ना होती.

अवी-तो फिर बाइयालजी जैसा हार्ड सब्जेक्ट कवर कैसे करती हो

बियो गर्ल-पुराने कॉलेज के बाइयालजी सर मुझे एक्सट्रा ट्यूशन देते थे.जिस से मैं अच्छे नंबर से पास हो जाती थी.

अवी-(ये तो बहुत फॉर्वर्ड है) एक्सट्रा ट्यूशन ,कहाँ होती थी

बियो गर्ल-कॉलेज मे ओरल ,मतलब सिर्फ़ हल्का पुलका हो जाता था और उनके घर पे वो अपनी पेन से सिखाते थे

अवी-तुम को ज़्यादा मेहनत नही करनी पड़ती होगी.

बियो गर्ल-सर थे ना मेहनत करने के लिए .
 
अवी-लेकिन अब खुद तुम्हें मेहनत करनी होगी यहाँ एक्सट्रा ट्यूशन के चान्स कम है

बियो गर्ल-मुझसे मेहनत नही होती. और मैं यहाँ किसीना किसी टीचर को मना लूँगी एक्सट्रा ट्यूशन के लिए

अवी-केमिस्ट्री के सर तुम्हें एक्सट्रा ट्यूशन दे सकते है

बियो गर्ल-चेम, देखना पड़ेगा. मुझे तो ऐसे टीचर चाहिए जो पूरे सब्जेक्ट पढ़ा सके.जैसे कोई ऐसे सर हो जो हमे पढ़ाते हों और एग्ज़ॅम डिपार्टमेंट भी संभालते हो

अवी-एग्ज़ॅम डिपार्टमेंट तो मिसेज़ गुप्ता के अंडर है

बियो गर्ल-फिर तो मुझे ज़्यादा मेहनत करनी होगी. पर मैं कर लूँगी.

अवी-इतनी भी ज़्यादा मेहनत मत करना कि तुम्हारी खूबसूरती कम हो जाए

बियो गर्ल-मैं जो मेहनत करती हूँ उस से खूबसूरती निखर जाती है.

अवी-चलो अच्छा है तुम पास हो जाओगी

बियो गर्ल-मैं कभी फैल नही हुई हूँ.

अवी-और प्रेगॅनेन्सी टेस्ट मे

बियो गर्ल-(डाइरेक्ट सवाल पूछ लिया)वहाँ फैल होना पड़ता है वरना फुटबॉल लेके घूमना पड़ता है.

अवी-फुटबॉल का तो पता नही पर मैं टेनिस बॉल से अच्छा खेलता हू

मैं ने उसके बूब्स की तरफ देख कर कहा था.

बियो गर्ल-लेकिन मैं टेनिस बॉल से खेलने नही देती. वरना अब तक टेनिस बॉल फूटबाल बन जाते

अवी-तभी तो सब टेनिस बॉल की तरफ देख रहे है.

बियो गर्ल-देखने दो ,कोई कोई देखने से खुश हो जाता है.

अवी-पर मैं तो टेन्निस बॉल को अपनी हॉकी स्टिक से खेलना पसंद करता हूँ

हॉकी स्टिक बोलते हुए मैं ने अपने लंड को उसके सामने मसल दिया

बियो गर्ल-तुम्हारी हॉकी स्टिक मे दम नही दिख रहा

अवी-टेनिस बाल दिखेंगे तो हॉकी स्टिक अपने रूप मे आ जाएगी.

बियो गर्ल-लगता है तुम स्पोर्ट मे इंटेरेस्ट ज़्यादा लेते हो

अवी-इनडोर गेम मे ,वो भी वन ऑन वन गेम मे

बियो गर्ल-इनडोर गेम आउटडोर मे खेलने मे ज़्यादा मज़ा आता है.

अवी-मैं तो आउटडोर मे भी खेल लेता हूँ पर आगे वाली खेलने से मना करती नही

बियो गर्ल-आगे वाली कौन मैं

अवी-तुम खेलना चाहोगी

बियो गर्ल-मैं ,देखते है

अवी-देखने से काम नही चलता.

बियो गर्ल-मुझे तो लगा था कि छोटे शहर के कॉलेज मे मज़ा नही आएगा.

अवी-छोटे शहर मॉडर्न हो रहे है

बियो गर्ल-वो दिख रहा है.

अवी-क्या मेरा दिख रहा है. यू नॉटी

और मैं ने अपने लंड को हाथो से छुपाने का नाटक किया

मेरे इस हरकत पे वो हँसने लगी.

बियो गर्ल-तुम इंट्रेस्टिंग हो

अवी-तो इंटेरेस्ट लो, या इंटेरेस्ट दो

बियो गर्ल-हर बात मे पकड़ लेते हो

अवी-अभी तक पकड़ा कहाँ है

बियो गर्ल-अब बस भी करो

अवी-पहले शुरू तो करने दो

बियो गर्ल-तुमसे बात करना बंद करना होगा.तभी तुम रुकोगे

अवी-बात करना बंद करोगी तो क्या खोलने का इरादा है

बियो गर्ल-वेरी फन्नी

अवी-रियली

बियो गर्ल-अब बहुत हो गया. हँसने से मेरा पेट दुखने लगा है.

अवी-मेरे साथ इनडोर गेम खेलो कुछ और दुखना शुरू होगा.

बियो गर्ल-मैं कुछ नही बोलूँगी.

अवी-ये क्या बात हुई.

बियो गर्ल-तुम तो ऐसे बात कर रहे हो जैसे हम पुराने फ्रेंड हो.

अवी-10 मिनट हो गये. इतने पुराने फ्रेंड से फ्रीली बात करता हूँ.

बियो गर्ल-इतने फ्रीली

अवी-फ्रेंड ओपन माइंड का हो तो फ्रीली बात करने मे मज़ा आता है.

बियो गर्ल-(मैं तो इसकी डबल मीनिंग बात कर के मज़ा लेना चाहती थी .पर इसने तो मेरी ले ली) वो तो है वरना फॉर्मल ही हेलो वाली बातें बोर लगती है

अवी-वो तो है

बियो गर्ल-अब तो लगता है क्लास मैं बोर नही होउंगी.

अवी-मैं मेद्स वाला स्टूडेंट हूँ

बियो गर्ल-ये क्या बोल दिया.मतलब तुम्हारा साथ आज का रहेगा.

अवी-हाँ,

बियो गर्ल-मैं क्या क्या सोच रही थी और तुम ने बॉम्ब फोड़ दिया.

अवी-आज तो साथ मे है.

बियो गर्ल-अभी मज़ा आ रहा था ,और अब, कोई बात नही,कॉलेज मे तो मिलोगे

अवी-तुम्हारा क्लास मैं फ्री, मेरा क्लास तुम फ्री

बियो गर्ल-ये भी सही है. पर तुम ने मेद्स क्यूँ लिया .तुम्हारी बहन ने तो बाइयालजी ली है

अवी-बाइयालजी का इम्पोर्टेंट चॅप्टर मुझे पता है. फिर बाइयालजी क्यूँ लूँ

बियो गर्ल-कौन सा चॅप्टर

अवी-रिप्रोडक्टिव सिस्टम

बियो गर्ल-तुम ने तो उस चॅप्टर पे पीएच.डी की है ऐसा लग रहा था

अवी-थीसिस लिख रहा हू. मेरी पेन नये पेपर पे लिखने को बेताब है

बियो गर्ल-(थीसिस लिख रहा हूँ मतलब मुझपे ट्राइ कर रहा है, उसका पेन नये पेपर मे लिखने को बेताब है मतलब मेरे साथ वो सेक्स करना चाहता है. ये डबल मीनिंग बातों को डिकोड करना मुस्किल होता है) तुम थीसिस लिखना जारी रखो मे बी नया पेपर जल्दी मिल जाए

अवी-नया पेपर मिल गया तो अभी थीसिस लिखना शुरू करूँ

बियो गर्ल-(ये तो अभी करने की बात कर रहा है) लो मेडम आ गयी

और हमारी बातों के बीच मे मेडम ने आकर गेम खराब किया.

वो हाँ बोलने के करीब थी

अवी-हम अपनी बातें फिर कभी कंटिन्यूड करेंगे

बियो गर्ल-ज़रूर कंटिन्यूड करेंगे

और हम मेडम की तरफ ध्यान देने लगे.

उसको पूरी तरह से बॉटल मे उतार चुका था.

मैं उसका नशा करने को तैयार था.

इतना ट्राइ किया कि वो हाँ कर देती.

कॉंडम तो था ही मेरे पास

ऐसी टाइम पास आइटम इतने जल्दी मिल रही थी कि मिसेज़ गुप्ता बीच मे आ गयी.

पूरे खेल पे पानी फेर दिया मेडम ने

मैं तो मिसेज़ गुप्ता को गालियाँ दे रहा था.

मेरा रिक्षन देख कर वो चुपके चुपके हँस रही थी.
 
चॅप्टर 921

मिसेज़ गुप्ता के क्लास मे आते पूरा क्लास संत हो गया. पिन ड्रॉप स्लिएंट हो जाता है मिसेज़ गुप्ता की क्लास मे.

मैं तो अपने होंटो की ज़िप बंद करके मिसेजगुप्ता का क्लास अटेंड करता हूँ.

जब से मिसेज़ गुप्ता को एग्ज़ॅम डिपार्टमेंट का हेड बनाया है तब से मिसेज़ गुप्ता से साइन्स डिपार्टमेंट का हर एक स्टूडेंट डरने लगा है

क्या पता अगर मिसेज़ गुप्ता को गुस्सा आ गया और हमारा हॉल टिकेट नही दिया तो

मिसेज़ गुप्ता भी एग्ज़ॅम डिपार्टमेंट की हेड होते ही कुछ ज़्यादा स्ट्रिक्ट हो गयी.उनको अपने प्रिन्सिपल बनने का रास्ता साफ दिख रहा था.

वैसे मिसेज़ गुप्ता से हर स्टूडेंट डरता था सिर्फ़ कोमल रानी और आरती को छोड़ कर. वो तीनो मिसेज़ गुप्ता की बेस्ट स्टूडेंट थी

पर अब तीनो की फ्रेंडशिप मे दरार आ चुकी थी.ये बात मिसेज़ गुप्ता के कानो पर आ चुकी थी

मिसेज़ गुप्ता को लग रहा था की इस वजह से उनके रिज़ल्ट पे असर होगा.

मिसेज़ गुप्ता को उम्मीद थी कि तीनो स्टेट मे टॉप करेंगी .अगर ऐसा हुआ तो कॉलेज मेनेज़मेंट वाले मिसेज़ गुप्ता को वाइस प्रिन्सिपल बना देंगे.

सब अपने अपने फ़ायदे ढूँढ लेते है.

मिसेज़ गुप्ता अटेंडेन्स लेने लगी

करीम-क्या हुआ ,पट गयी लड़की

अवी-चुप कर. मिसेज़ गुप्ता ने सुन लिया तो क्लास से बाहर भेज देंगी

करीम तो डरपोक था और मेरे डराने से वो चुप हो गया.

मिसेज़ गुप्ता ने आतटेंडेँसे स्टार्ट की. और स्टूडेंट अपनी प्रेज़ेंट बताने लगे.

जब कोमल का नंबर आया तो

मिसेज़ गुप्ता-कोमल

कोमल-प्रेज़ेंट

कोमल के प्रेज़ेंट बोलते किसी ने ज़ोर से " लूसर" कहा

लूसर सुनते ही सब एक दूसरे की तरफ देखने लगे. पर मिसेज़ गुप्ता के क्लास मे किसी की इतनी हिम्मत नही थी कि वो हँस सके.

अगर किसी की इतनी हिम्मत नही थी तो वो कौन था या कौन थी जिसने बीच मे बोलने की हिम्मत की.

मैं रानी और कोमल एक झटके मे आवाज़ पहचान गये कि ये आरती ने कहा.

पर आरती भी थोड़ी बहुत, उस पोस्टर की वजह से मिसेज़ गुप्ता से डर गयी थी.

फिर उसने ऐसा क्यूँ किया. शायद वो कोमल को मिसेज़ गुप्ता के समान नीचा दिखाना चाहती हो

मिसेज़ गुप्ता-कौन बोलो, किसने ये हरकत की

मिसेज़ गुप्ता के गुस्सा होते ही सबके सर नीचे झुक गये

मिसेज़ गुप्ता-मैं ने पूछा किस ने बीच मे बोलने की हिम्मत की, मुझे पता ये लड़की की आवाज़ थी. जिसने कहा वो सामने आ जाए

पर कोई आगे नही आई.

मिसेज़ गुप्ता-मैं फिर से पूछ रही हूँ

आरती- मेडम ये रानी की आवाज़ थी. रानी बीच मे बोली थी

आरती की बात सुनते ही मैं तो सबसे ज़्यादा शॉक्ड हुआ.

कोमल को पता था कि ये किसने किया .और रानी तो अपना नाम सुनते ही स्टॅच्यू बन गयी.

मिसेज़ गुप्ता-रानी ये तुम ने किया

रानी-नही मेडम मैं ऐसा क्यूँ करूँगी. कोमल मेरी फ्रेंड है

मिसेज़ गुप्ता-फिर ये आरती क्या कह रही है. आरती तुम ने रानी को बोलते हुए सुना

आरती कुछ बोलने वाली थी कि कोमल ने उसको घूर के देखा. क्यूँ कि अगर आरती ने रानी पे इल्ज़ाम लगाया तो कोमल बता देंगी कि ये किसने किया .और रानी तो कोमल के पास बैटी थी उस पे शक होगा ही नही.

आरती-मेडम मुझे सिर्फ़ ऐसा लगा कि रानी ने मज़ाक मे कहा होगा.

मिसेज़ गुप्ता-ऐसा दुबारा किसी पे इल्ज़ाम मत लगाना .तुम ब्राइट स्टूडेंट हो ,तुम से इस कॉलेज को ज़्यादा उम्मीदे है,

आरती-यस मेडम ,मैं इस साल टॉप करूँगी. और कोमल को दिखा दूँगी कि उसकी औकात क्या है.खुद को समझती क्या है

भावनाओ मे बह कर आरती ने ग़लत वर्ड बोल दिया

मिसेज़ गुप्ता ने उसे ब्राइट स्टूडेंट क्या बोल दिया .वो तो हवा मे उड़ने लगी.

बाकी स्टूडेंट आरती की बात सुनते खुसुर पुसर करने लगे.

मिसेज़ गुप्ता-आरती .ये क्या बदतमीज़ी है. ब्राइट स्टूडेंट क्या बोल दिया तो तुम दूसरो को कुछ भी बोलोगि.

कोमल अपना सयम बनाए हुई थी. उसको पता था कि गुस्सा करने से सिर्फ़ लॉस होगा.

रानी भी समझ गयी कि आरती ने अपने पैर पे खुद कुल्हाड़ी (आक्स) मार दी है

मिसेज़ गुप्ता-तुम फ्रेंड हो ,फ्रेंड की तरह रहो, फालतू की बातें करके अपना फोकस मत खोना

आरती-मेडम मैं तो फ्रेंड की तरह रहती हूँ पर कोमल खुद को क्या समझती है कि मुझसे बराबरी करने निकली थी.

झूठ बोले कौआ काटे

मिसेज़ गुप्ता-आरती ये क्या बोल रही हो, तुम ने पिछले साल टॉप किया है तो ये मत समझो कि इस साल भी तुम टॉप करोगी. जिसमे काबिलियत है वो टॉप करेंगी,

रानी-यस मेडम, जो मेहनत करेगा ,पढ़ाई करेगा वो टॉप करेगा.

आरती-कोमल की चमची मुझे मत बता क्या करना है

ये बोल कर आरती ने ग़लती कर ली. अब तो मैं उसकी फाड़ कर रहूँगा.

बस इस साल का रिज़ल्ट जिस दिन लगेगा उस दिन कोमल टॉप करके इसका घमंड तोड़ेगी. और मैं इस चूत फाड़ दूँगा.

अगर आज कुछ किया तो सबको लगेगा कोमल ने अपने भाई का सहारा लिया शर्त जीतने को.

मिसेज़ गुप्ता-आरती ,मेरे क्लास मे ये सब बोलने की हिम्मत कैसे हुई. तुम घमंड मत करो कि तुम ने टॉप किया है , माफी माँगो रानी से

आरती ने कुछ नही कहा.

मिसेज़ गुप्ता-मैं ने कहा माफी माँगो रानी से

मिसेज़ गुप्ता का गुस्सा देखते ही सब डर गये.

अगर आरती ने माफी नही माँगी तो मिसेज़ गुप्ता की इन्सल्ट हो जाएगी.पूरे क्लास के सामने से

मिसेज़ गुप्ता को गुस्सा दिला कर आरती ने ग़लत किया.

आरती के एक फ्रेंड ने आरती को माफी माँगने को बोला.

आरती-रानी मुझे माफ़ कर दो

मिसेज़ गुप्ता-ज़ोर से बोलो, सबको सुनाई देना चाहिए

आरती-रानी मुझे माफ़ कर दो

मिसेज़ गुप्ता-दुबारा ऐसी हरकत की तो मैं भूल जाउन्गी कि तुम कौन हो

और मिसेज़ गुप्ता क्लास से बाहर चली गयी.

मिसेज़ गुप्ता के बाहर जाते ही स्टूडेंट आपस मे बातें करने लगे.

चलो अच्छा हुआ आरती ने सबके सामने रानी से माफी माँग कर मेरा गुस्सा कम कर दिया.

क्लास मे जो टेन्षन चल रहा था वो आरती के माफी माँगने से कम हुआ.

रानी-कोमल

कोमल-रानी ये आरती ऐसा क्यूँ कर रही है

रानी- घमंड ने उसका दिमाग़ खराब कर दिया है.

कोमल-ये कुछ ज़्यादा नही कर दिया आरती ने

रानी-ये आरती ने शर्त को कुछ ज़्यादा सीरियस्ली लिया है. ये भूलगई कि वो मिसेज़ गुप्ता के सामने बोल रही थी.

कोमल-तुम्हें क्या लगता है .अब क्या होगा.

रानी-सच कहूँ तो मिसेज़ गुप्ता की इन्सल्ट हुई है .उनका डर जो था स्टूडेंट मे वो कम हो जाएगा.

कोमल-इसका मतलब मिसेज़ गुप्ता आरती के साथ

रानी-कुछ बोल नही सकते ,मे बी कुछ भी हो सकता है आरती ने अपने पैर पे खुद कुल्हाड़ी मारी है.

कोमल-हमे आरती से बात करनी होगी

रानी-मुझे भी लग रहा है कि हमे आरती से बात करनी होगी. वरना वो कुछ ग़लत कर बैठेगी और उसका पूरा साल बर्बाद हो जाएगा.

कोमल-आज तो बात ज़्यादा नही बढ़ी वरना वो मुसीबत मे फस जाती. वो मिसेज़ गुप्ता थी ये बात तो याद रखनी चाहिए

रानी-हम क्लास ख़तम होते ही बातें करेंगे आरती से.

कोमल-अगर वो नही मानी तो हम शर्त वापस लेंगे. मैं नही चाहती कि उसका पूरा साल खराब हो

रानी-मैं आज तुम्हारी बात से सहमत हूँ . आरती बिना वजह मुसीवत मे फस जाएगी.

कोमल-तो हम पूरा क्लास ख़तम होते ही बात करेंगे आरती से उसको समझा देंगे कि वो जो कर रही है वो उसके लिए ठीक नही होगा

इधर रानी और कोमल आरती के इतना कुछ करने के बाद भी उसको समझाने की बात कर रहे थे

उधर आरती अपने फ्रेंड से बात कर रही थी.

फ्रेंड1-आरती डरो मत मैं तुम्हारे साथ हूँ

आरती-मैं ने कुछ ज़्यादा तो नही कर दिया.

फ्रेंड1-तुम ने सही किया. वो दोनो खुद को समझती क्या है.तुम्हारा मुकाबला कोई नही कर सकता.

आरती-सच तुम्हें ऐसा लगता है

फ्रेंड1-हाँ, देखा नही मिसेज़ गुप्ता ने तुम्हें ब्राइट स्टूडेंट कहा.

आरती-हाँ. मेडम को लगता है मैं टॉप कर सकती हूँ.

फ्रेंड1-तुम ही टॉप करोगी. वो 2 है तो क्या हुआ तुम दोनो को अकेली हरा सकती हो

आरती-मैं उनको हरा दूँगी.

फ्रेंड1-सब तुम्हारे तरफ से है. तुम अकेली और वो दोनो ,जिस से सब तुम्हारे तरफ से है. तुम्हारे जीतने से साबित होगा कि तुम अकेली दोनो पे भारी पड़ गयी.

आरती-मैं अकेली दोनो को हरा दूँगी.

फ्रेंड1-ऐसा हुआ तो तुम्हारी जीत इस कॉलेज की हर जनरेशन याद करेंगी. तुम फेमस हो जाउन्गी

आरती-मैं फेमस हो जाउन्गी.

फ्रेंड1-हाँ, जूनियर तुम्हें अपना आइडीयल मानेंगे

आरती-अब देखना मैं उनको हरा दूँगी.

फ्रेंड1-ये हुई ना बात

आरती-थॅंक्स. तुम मेरी बेस्ट फ्रेंड हो

फ्रेंड1-थॅंक्स

आरती की फ्रेंड1 आरती को ओवर कॉन्फिडेन्स बना रही थी.

आरती को हवा मे उड़ा रही थी.

आरती अपनी फ्रेंड1 की बात सुनकर ग़लत रास्ते पे जा रही थी.

आरती जिसे अपनी बेस्ट फ्रेंड कह रही थी वो उसको ग़लत रास्त पे ले जा रही थी

और आरती जिसको अपना दुश्मन(रानी और कोमल) समझ रही थी वो आरती को समझाने की बात कर रही थी.

अब देखना है आगे क्या होता है. आरती किस रास्ते पे चलती है उसके साथ क्या होगा.

कोमल आरती को समझा पाएगी या फ्रेंड1 की बात सुनकर आरती फिर कोई ग़लती करेगी.
 
चॅप्टर 922

मिसेज़ गुप्ता अपना मूड ठीक करने क्लास से बाहर चली गयी.

रानी कोमल के साथ बातें करके आरती को समझाने का डिसाइड किया.

आरती की फ्रेंड1 आरती को उकसा रही थी.

स्टूडेंट आपस मे बातें कर रहे थे. करीम तो अपनी गर्लफ्रेंड से इशारो मे बात कर रहा था.

बियो गर्ल-आरती ईडियट है जो ईडियट जैसी हरकतें कर रही है.

अवी-क्या. तुम ने मुझसे कुछ कहा.

बियो गर्ल-ये आरती ईडियट है. जो ऐसे मेडम के सामने कुछ भी बोल रही है.

अवी-तुम्हें पता नही होगा कि वो ऐसा क्यूँ बोल रही है ì.

बियो गर्ल-कॉलेज मे सब को पता है. तुम्हारी बहन और आरती मे क्या चल रहा है.

अवी-तुम क्या लगता है क्या होगा.

बियो गर्ल-आरती भावनाओ मे बह कर कुछ ग़लती करेगी जिस पे वो पछताएगी.

अवी-पर तुम अपनी भावनाओं पे कंट्रोल करो ,स्कर्ट थोड़ा और उपर हुआ तो प्राब्लम हो जाएगी

उसका स्कर्ट से जांघे दिख रही थी.

मेरी बात सुनते ही उसने अपने स्कर्ट की तरफ देखा .फिर मेरी तरफ देख कर अपने स्कर्ट को नीचे करने की जगह उपर करने लगी.

मैं ने इधर उधर देखा और उसकी स्कर्ट उपर जाते हुए उसकी जांघों को देखने लगा.

स्कर्ट यहाँ तक उपर हुई कि उसकी पनटी दिख जाए पर मिसेज़ गुप्ता क्लास मे आ गयी और हमे खड़ा होना पड़ा और उसके खड़े होते ही स्कर्ट नीचे हो गयी .और अच्छा चान्स हाथ से चला गया.

वो फिर से मन ही मन मे हँस रही थी.

मिसेज़ गुप्ता के वापस क्लास मे आते ही फिर से क्लास मे पिन ड्रॉप साइलेंट हो गया.

रानी और कोमल अपना सयम बनाए हुई थी.

मिसेज़ गुप्ता-सब स्टूडेंट ध्यान से सुन लो ,ये साल तुम्हारा फ्यूचर बनाएगा इस लिए सीरीयस हो जाओ वरना ज़िंदगी भर पछताओगे

मिसेज़ गुप्ता की बात सही थी.ये साल डिसाइड करेगा कि हम किस फील्ड मे ग्रॅजुयेशन कर पाएँगे.

मिसेज़ गुप्ता की बात सुनते ही सब सीरीयस हो गये.

और मिसेज़ गुप्ता ने फिज़िक्स पढ़ाना स्टार्ट किया.

फिज़िक्स स्टार्ट होते ही सब अपने सर खुजाने लगे. जो टॅलेंटेड स्टूडेंट थे वो आराम से मिसेज़ गुप्ता की बातें सुन रहे थे.

मिसेज़ गुप्ता चॅप्टर पढ़ाने के साथ सवाल भी पूछ रही थी

मिसेज़ गुप्ता- आंगल ऑफ बॅंकिंग के बेनेफिट कौन बताएगा.

मिसेज़ गुप्ता की बात सुनते ही हम तो अपने सर पे हाथ रख कर बैठ गये.

पर इस सवाल का जवाब देने के लिए आरती और कोमल एक साथ खड़ी हो गयी.

दोनो के खड़े होते मिसेज़ गुप्ता भी सोच मे डूब गयी कि किस से पहले जवाब पूछे

मिसेज़ गुप्ता-आरती तुम बताओ

और आरती ने जो बताना स्टार्ट किया कि रुकने का नाम नही लिया.

मिसेज़ गुप्ता-वेल डन, मैं इंप्रेस्ड हुई.

मिसेज़ गुप्ता की बात से कोमल को कोई फरक नही पड़ा पर आरती फिर से हवा मे उड़ने लगी

आरती-थॅंक यू मेडम ,

आरती अपना सर उचा करके अपनी जगह पे बैठ गयी.

मिसेज़ गुप्ता को ऐसे रिक्षन से पढ़ाने मे प्राब्लम हो रही थी.

इस लिए मेडम ने आंगल ऑफ बॅंकिंग पे प्राब्लम सिखाने लगी.

मेडम हमे ब्लॅक बोर्ड पे प्राब्लम पढ़ाने लगी.

मिसेज़ गुप्ता-तो इस प्राब्लम के लिए हमे फ़ॉर्मूला लगेगा...

मेडम बोल रही थी कि बीच मे आरती बोल पड़ी

आरती ने मेडम से पहले फ़ॉर्मूला बता दिया .

आरती के बीच मे बोलने से मिसेज़ गुप्ता को गुस्सा तो आया पर मेडम ने कुछ नही कहा.

मेडम को बीच मे डिस्ट्रब करना आरती के लिए ठीक नही होगा

मेडम फिर से प्राब्लम बतानी लगी.

मिसेज़ गुप्ता-तो ये कॅल्क्युलेशन टफ होता है इस लिए लोगटेबल का ईस्तमाल करेंगे. तो सब अपने...

मिसेज़ गुप्ता बोल रही थी कि आरती ने फिर अपनी टाँग डाली बीच मे

आरती-मेडम लॉग की जगह अगर ईक्वेशन को स्म्लिफाइड करेंगे तो अच्छा होगा.

आरती की इस बात से मिसेज़ गुप्ता की इन्सल्ट हो गयी. जैसे कि आरती उनसे ज़्यादा स्मार्ट हो.

हर क्लास मे एक शेर होता है और इस क्लास का शेर/शेरनी मिसेज़ गुप्ता थी.

आरती ऐसे बोल रही थी जैसे मेडम से वो ज़्यादा टॅलेंटेड हो.

बाकी स्टूडेंट तो अपने लॉगटेबल निकाल रहे थे पर मिसेज़ गुप्ता कंट्रोल बनाए हुई थी.

मेडम ने आरती की बात को ज़्यादा सोचा नही और फिर से हमे पढ़ाने लगी.

मिसेज़ गुप्ता-आरती ईक्वेशन सिंपल्फ़िएड किया तो भी लॉग टेबल लगेगा ही.

आरती-पर मेडम ट्यूशन मे बताया था कि

मिसेज़ गुप्ता-गुस्से से .....ये तुम्हारी ट्यूशन नही है, पर जल्दी मेडम रिलॅक्स होते हुए ....... मैं जो बता रही हू उस पे ध्यान दो

मिसेज़ गुप्ता-कोमल इस सवाल का आन्सर क्या है.

कोमल ने जवाब दे दिया

कोमल का जवाब सुनते ही आरती हँसने लगी.

आरती को हँसता हुआ देख कर मिसेज़ गुप्ता को गुस्सा आ गया.

पर आरती का पिछला रेकॉर्ड देखते हुए मेडम ने कंट्रोल रखा

और मिसेज़ गुप्ता ने बेंच पे डस्टर मार कर क्लास को शांत किया.

मिसेज़ गुप्ता-कोमल और बाकी स्टूडेंट ये आन्सर जो तुमने निकाला है वो करेक्ट है पर ये जो यूनिट है वो...

आरती-मेडम यूनिट न्यूटन चाहिए था .वरना मार्क नही मिलते, कोमल को अंडा मिलता है

इस बार तो आरती ने लिमिट क्रॉस कर ली

रानी और कोमल समझ गयी कि आरती ने मिसेज़ गुप्ता के पढ़ाते हुए बीच मे टाँग डाल कर ग़लत किया.

बाकी स्टूडेंट कूसर पुसर कर रहे थे

मिसेज़ गुप्ता ने आज कुछ नही किया तो बाकी स्टूडेंट उनके बारे मे क्या सोचेंगे.

मिसेज़ गुप्ता ने अगर आरती टॉपर है इस लिए माफ़ किया तो बाकी स्टूडेंट सर उठाने लगेंगे

मिसेज़ गुप्ता-आरती,तुम खुद को ज़्यादा स्मार्ट मत समझो,

आरती-मेडम मैं ने तो सही जवाब दिया.

मिसेज़ गुप्ता-यहाँ मैं सब स्टूडेंट को समझे ऐसी बता रही हूँ. तुम अपनी स्मार्टनेस अपने पास रखो. ये जो तुम्हारी स्मार्टनेस है 2 मिनट मे निकाल दूँगी.

आरती-मेडम मेरी ग़लती क्या है. मैं ने सही जवाब दिया.

मिसेज़ गुप्ता-तुम्हारी ग़लती ये है कि तुम अपने स्मार्टनेस के घमंड मे ये भूल गयी हो कि तुम स्टूडेंट और मैं मेडम हूँ.

मिसेज़ गुप्ता-आरती ,तुम टॉप आने के नशे मे ये भूल गयी हो कि जो जितना उपर होता है उसे गिरने पे चोट उतनी ही ज़्यादा लगती है. तुम्हें चोट लगने से बचाने के लिए तुम्हें 15 दिन के कॉलेज से सस्पेंड किया जाता है.

मेडम की बात सुनते ही क्लास मे पिन ड्रॉप सेलीयेंट हो गया.

आरती-मेडम मैं ने तो

मिसेज़ गुप्ता-तुम मेंटली बीमार होती जा रही हो. 15 दिन घर पे रह कर सोचो कि तुम्हारी ग़लती क्या है, और उसका इलाज करो

आरती-मेडम ऐसा मत कीजिए ,

मिसेज़ गुप्ता-तुम्हारे फ्यूचर के लिए यही ठीक रहेगा.

कोमल-मेडम इस से आरती की पढ़ाई पे असर होगा.आरती को माफ़ कर दीजिए

मिसेज़ गुप्ता-बिल्कुल नही. ये सबक होगा उन सभी स्टूडेंट के लिए कि वो टॉपर है तो ये ना समझे कि अपने टीचर से ज़्यादा नालेज है उनके पास. बाकी सब स्टूडेंट सुन ले कि तुम्हारी एक ग़लती तुम्हारा फ्यूचर खराब कर देगी.

आरती-मेडम प्लीज़

आरती के कुछ बोलने से पहले पीरियड बेल बज गयी.

और मिसेज़ गुप्ता क्लास से बाहर चली गयी.

रानी और कोमल आरती की तरफ देखती रह गये

आरती भाग कर मिसेज़ गुप्ता के पीछे पीछे जाने लगी.अपनी सज़ा ख़तम करने के लिए.

आरती के बाहर जाते बाकी स्टूडेंट बातें करने लगे.

मेद्स वाले स्टूडेंट बातें करते हुए अपनी क्लास मे जाने लगे.

करीम तो भाग कर अपनी गर्लफ्रेंड के साथ क्लास से बाहर चला गया.

मुझे भी मेद्स के क्लास मे जाना होगा

मैं अपनी बुक बॅग मे रखने वाला था कि वो मेरी बाजू मे बैठी हुई बियो गर्ल खड़ी हो गयी. और मेरी बुक मे कुछ लिख कर क्लास से बाहर चली गयी.

ये क्यूँ बाहर गयी. जाना तो मेद्स वालो को होता है

मैं ने उसने जो मेरी बुक मे लिखा वो पढ़ने लगा.

बुक्स मे लिखी हुई लाइन पढ़ते मेरे चेहरे पे स्माइल आ गयी.

और मैं अपना बॅग लेकर क्लास से बाहर जाने लगा.

कोमल-अवी

कोमल की आवाज़ सुनते ही मैं रुक गया.

अवी-हम बाद मे बात करेंगे

कोमल-अवी अब क्या होगा.

अवी-कुछ नही होगा. तुम दोनो शांत रहना , और पढ़ाई पे ध्यान देना हम पूरे क्लास ख़तम होते आराम से बात करेंगे

रानी-हा, अभी कुछ कहना ठीक नही होगा.

अवी-आरती कुछ भी कहे तो उस पे ध्यान मत देना. हम इस पे आराम से बात करेंगे कॅंटीन मे

कोमल-ठीक है.

और मैं क्लास से बाहर आ गया.

मेरा मैथ का क्लास था और कोमल का बाइयालजी क्लास शुरू होगा.
 
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